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रायपुर. आरंग के ग्राम परसकोल में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ गौरव सिंह गांव के मत्स्य पालक किसान श्रीं दीनदयाल ध्रुव से मिले।
श्री ध्रुव ने बताया कि साल 2020 से उन्होंने इसकी शुरुआत की है। नौ लाख रुपये के लागत से उन्होंने सवा दो एकड़ में तालाब निर्माण कराया और मत्स्य पालन कर रहे है।श्री ध्रुव ने बताया कि उन्हें राज्य सरकार द्वारा दो लाख बीस हज़ार रुपये का सब्सिडी प्राप्त है जिससे उन्हें मत्स्य पालन करने में काफी सुविधा मिली। वह तालाब में मछली पालन कर रायपुर के बाज़ार में विक्रय करते है।कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने फ़ार्म का निरीक्षण कर मछली उत्पादन एवं बाज़ार उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर डॉ. सिंह ने श्री ध्रुव को गाँव के अन्य किसानों को मछली व्यवसाय को अपनाने प्रोत्साहित करने कहा।इस दौरान ज़िला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) श्री पुष्पेन्द्र शर्मा सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहें। -
रायपुर . कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने आरंग के ग्राम गुल्लू में आयुष्मान आरोग्य मंदिर के औचक निरीक्षण पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं एवं चिकित्सक के अलावा केंद्र में पदस्त स्वास्थ्य कर्मचारी के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने इलाज के लिए आई श्रीमती मुन्नी यादव से भी चर्चा कर स्वास्थ्य केंद्र में मिलने वाले सुविधाओं के बारे में जाना। निरीक्षण के दौरान ज़िला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप, अनुविभागीय अधिकारी(राजस्व) श्री पुष्पेन्द्र शर्मा, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। - -खेती किसानी से जुड़े अपनें अनुभव साझा करते हुए उत्पादकता बढ़ाने दिए आवश्यक निर्देश-वर्षा काल में पशुधन को बिमारियों से बचाने के लिए व्यापक स्तर पर टीकाकरण करने कहा-गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए सभी संभागों में बनेगा एक एक गौ अभ्यारण्य-देवभोग के दुग्ध उत्पादों की बिक्री बढ़ाने अच्छी ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर जोर: आईआईएम अध्ययन कर देगा सलाह-केज कल्चर, बॉयोफ्लाक जैसे नवाचारों से मछली पालन को मिलेगा बढ़ावारायपुर, / आचार सहिंता की अवधि समाप्त होने के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य के विकास की गति तेज करने के लिए आज से विभिन्न विभागों की मैराथन समीक्षा बैठकें लेनी शुरू कर दी। आज उन्होंने कृषि से संबंधित विभागों से इसकी शुरूआत करते हुए अधिकरियों से उनकी तैयारियों के संबंध में जानकारी ली और खेती किसानी से जुड़े स्वयं के व्यवहारिक अनुभवों को भी साझा किया। श्री साय स्वयं भी कृषक है और उनका परिवार अपनी आजीविका के लिए मुख्य रूप से खेती किसानी पर ही निर्भर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे परिणाम के लिए पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ काम किया जाना अनिवार्य है।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि हमें इस तरह के कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, जो किसानों को उनकी उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रेरित करें। परंपरागत खेती में हर आवश्यक सहायता उन तक तत्परता से पहुंचाने के साथ-साथ आधुनिक खेती और देश भर में हो रहे नवाचारों से भी उन्हें अवगत कराने की आवश्यकता है। राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठकों में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि किसानों, पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों की आय में बढ़ोत्तरी हो। अधिकारियों को अपने अनुभव बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा काल में पशुओं को होने वाली बिमारियों की रोकथाम के लिए मुस्तैदी के साथ काम किया जाना आवश्यक है। श्री साय ने पशुधन विकास विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ और मछली पालन विभाग के कार्यो की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पशुपालन, मछली पालन एवं दुग्ध उत्पादन जैसे व्यवसाय किसानों और पशुपालकों के आय का बड़ा स्त्रोत हैं, इनसे जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से निश्चित रूप से किसानों की आय में बढ़ोत्तरी होगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने पशुधन विकास विभाग की समीक्षा के दौरान के कहा कि प्रदेश में गौवंश की रक्षा और संवर्धन के लिए सभी संभागों के एक-एक जिले में गौ अभ्यारण्य की स्थापना की जाएगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों से प्रदेश में पशुधनों की संख्या और वार्षिक दुग्ध, अंडा एवं मांस उत्पादन एवं उपलब्धता की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रति वर्ष प्रति व्यक्ति अंडा, दुग्ध और मांस की आवश्यकता को पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाने जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने वर्षा काल में पशुओं को संक्रामक बिमारियों से बचाने के लिए व्यापक स्तर पर टीकाकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुओं के नस्ल सुधार के लिए चलाई जा रही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी बल दिया। साथ ही पशुधन विभाग की राज्य और केन्द्र के प्रवर्तित योजनाओं का लाभ भी अधिक से अधिक पशुपालकों तक पहुंचाने को कहा। पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों ने विभाग की आगामी कार्ययोजना और लक्ष्यों के बारे में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के कार्यो की समीक्षा करते हुए कहा कि दूध और दुग्ध उत्पादों की बिक्री एवं दूध उत्पादन करने वाले किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए समुचित उपाए किए जाएं। उन्होंने दुग्ध महासंघ के ब्रांड देवभोग की बिक्री और आमदनी बढ़ाने के लिए आउटलेट की संख्या में वृद्धि और अन्य विकल्पों के लिए भारतीय प्रबंध संस्थान से विस्तृत अध्ययन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए अच्छी मार्केटिंग और ब्रांडिंग जैसी व्यवसायिक पद्धतियों का सहारा भी लिया जाए। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रोसेस फ्लो चार्ट के माध्यम से दुग्ध संकलन से लेकर उपभोक्ता तक पहुंचने तक की पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मछलीपालन विभाग के अधिकारियों के साथ विभागीय कार्यो एवं योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें और ग्रामीण इलाकों में किसानों को जानकारी एवं प्रशिक्षण देें। श्री साय ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से तालाबों का निर्माण कराया जाता है और गर्मियों में तालाब सूखने के कारण अनुपयोगी हो जाते हैं। ऐसे किसानों को चिन्हित कर इन तालाबों में पानी की आपूर्ति के लिए सोलर पंप की व्यवस्था की जाए ताकि सभी मौसमों में मछली पालन किया जा सके। मुख्यमंत्री श्री साय ने मछली उत्पादन के लिए केज कल्चर जैसे बॉयोफ्लाक जैसे नवाचारों का बढ़ावा देने और किसानों को प्रशिक्षित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, डॉ. बसव राजु एस और श्री राहुल भगत, संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला, सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहें।
- -मुख्यमंत्री श्री साय एवं सचिव श्री दयानंद ने सराहारायपुर । मानसून के पहले आए आंधी तूफान से बाधित हुई विद्युत आपूर्ति को सुधारने के लिए प्रदेशभर में बिजली कर्मी जी-जान लगाकर जुटे हुए हैं। राजधानी से 250 किलोमीटर दूर देवभोग के घने जंगल में आंधी तूफान के कारण 11 जून को पेड़ गिरने से बिजली तार टूट गए, जिसे विद्युत अमले ने त्वरित गति से कार्य करते हुए आधी रात को ही सुधारकर उपभोक्ताओं तक विद्युत आपूर्ति बहाल की।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय व्दारा जनसेवा के कार्यों को प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने मौसम की चुनौतियों का सामना कर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने वाले विद्युतकर्मियों की सराहना की है। पॉवर कंपनी के अध्यक्ष श्री पी. दयानंद ने भी कर्मियों के साहस और समर्पण की प्रशंसा की और उन्हें इसके लिए बधाई दी, वहीं धैर्य रखने के लिए आम जनता को धन्यवाद प्रेषित किया है।रायपुर ग्रामीण क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री संदीप वर्मा ने बताया कि रात 11 जून को तेज आंधी तूफान और बारिश के कारण शाम साढे छह बजे 33 केवी देवभोग फीडर लाइन फॉल्ट(बंद) हो गई। जिसे शीघ्र ही देवभोग के अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा पेट्रोलिंग कार्य प्रारंभ किया गया। घने व लंबी दूरी तक के जंगल, सीमित मानव संसाधनों, हाथी व नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के बावजूद विद्युत कर्मियों ने रात में ही पेट्रोलिंग कार्य जारी रखा। कार्यपालन अभियंता गरियाबंद ने अधिकारियों-कर्मचारियों को सुरक्षित रहते हुए, सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिये तथा सुधार कार्यों की निरतंर जानकारी लेते रहे। कार्यपालक निदेशक श्री वर्मा फ़ोन पर व व्हाट्सएप्प संदेश के माध्यम से विद्युत बहाली हेतु रात्रि में जारी विद्युत कर्मियों के लगातार संपर्क में रहे।विद्युत कर्मचारियों व्दारा नक्सल प्रभावित व हिंसक वन्य प्राणियों की मौजूदगी वाला क्षेत्र होने के बाद भी गाड़ियों और पैदल पेट्रोलिंग करते हुए, घुप्प अंधेरे में टार्च की रोशनी तथा बरसते पानी के बीच लगातार अपनी जान की परवाह किये बगैर सुधार कार्य जारी रखा। रात 10.43 बजे नाला एबी स्विच के पास पहला फाल्ट, रात 10.51 बजे बुडगेलटप्पा के पास दूसरा फाल्ट इसी प्रकार धुरवागुड़ी नाला एबी स्विच के पास रात 12.22 बजे तीसरा फाल्ट मिला। लाइनों में गिरे पेड़ों और पेड़ों की डालियों को काटकर लाइनों से अलग किया गया। 50 किमी लंबी लाइन की पेट्रोलिंग और 5 से 6 घंटे की अथक मेहनत से किये गए सुधार कार्य के बदौलत रात 12.48 बजे 179 ग्रामों की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह बहाल कर ली गई। इस प्रकार पूरी रात आपूर्ति दुरूस्त करते हुए बीती। उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व होने के कारण रखरखाव कार्य की अपनी सीमाएं हैं,बाध्यताओं को देखते हुए टहनियों की कटाई-छंटाई हो पाती है। इसलिए प्रिवेंटिव मेंटेनेंस का कार्य कठिन होता है,लेकिन ब्रेकडाउन मेंटेनेंस की जरूरत को विद्युतकर्मियों ने जोखिम लेते हुए पूर्ण किया।
- -वन विभाग द्वारा चालू वर्ष के दौरान 4 करोड़ पौधे के वृक्षारोपण का लक्ष्य-वृहद वृक्षारोपण अभियान के लिए तैयारियां जोरों पररायपुर/ छत्तीसगढ़ में हरियाली को बढ़ाने एवं वन संवर्धन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप तथा वन एवं जलवायु परितर्वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार वन विभाग द्वारा तैयारियां जोरों पर है। इसके तहत राज्य में वर्ष 2024 वर्षा ऋतु में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत वृहद पैमाने पर 03 करोड़ 93 लाख 28 हजार पौधों के रोपण एवं वितरण का कार्य किया जाएगा।प्रधान मुख्य वनसंरक्षक एवं वनबल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने बताया कि इसके तहत विभागीय योजनांतर्गत 3927 हेक्टेयर तथा 57 किलोमीटर में 38 लाख 68 हजार पौधे, मनरेगा योजना के अंतर्गत 11 किलोमीटर में 4 हजार 900 पौधे, कैम्पा मद के अंतर्गत 2251 हेक्टेयर में 19 लाख 18 हजार पौधे तथा अन्य योजनांतर्गत 238 हेक्टेयर में 8 लाख 63 हजार पौधों के रोपण से राज्य हरितिमा से आच्छादित होगा।उल्लेखनीय है कि इस वृहद वृक्षारोपण अंतर्गत 28 लाख 51 हजार फलदार पौधे, जिसमें आम, जामुन, बेल, कटहल, सीताफल, अनार, शहतूत, बादाम, बेर, तेंदू, गंगा ईमली आदि प्रजाति के पौधों का रोपण किया जाएगा, जिससे वनों में रहने वाले वन्यप्राणियों को सुलभता से आहार प्राप्त हो सके तथा वन्यप्राणी एवं मानव-द्वंद पर नियंत्रण किया जा सके। इसी क्रम में 49 लाख 36 हजार लघु वनोपज एवं वनौषधि पौधे जैसे पुत्राजीवा, काला सिरस, सिंदूरी, गरूड़, रीठा, चित्राक, एलोविरा, गिलोय, अडूसा, अश्वगंधा, सर्पगंधा, तुलसी, छोटा करोंदा आदि प्रजाति तथा 24 लाख 71 हजार बांस के पौधों का रोपण एवं वितरण किया जाएगा, जिससे वनों पर आश्रित आदिवासियों एवं आमजनों को इससे सुलभ रोजगार उपलब्ध हो सके।इसी तरह नदी तट रोपण के तहत विगत वर्षों की भांति आगामी वर्षाऋतु में भी प्रदेश की हसदेव, महानदी, कुशमाहा, सासू, तेतरिया, बाकी, बोडा झरिया, चनान, रेड़, कोखवा, कन्हर, बनास, जमाड़ नदियों के तटों पर 534 हेक्टेयर रकबा में लगभग 5 लाख 87 हजार पौधों का रोपण किया जाएगा, जो न सिर्फ मृदा कटाव को रोकेगा साथ ही छायादार, फलदार एवं अन्य बहुउद्देश्यों की पूर्ति भी भविष्य में स्थानीय नागरिकों की आवश्यकता के अनुरूप करेगा। वहीं प्रदेश के मार्गों के किनारे हरियाली को बढ़ाने की दृष्टि से सड़क किनारे वृक्षारोपण अंतर्गत 121 किलोमीटर लम्बाई में 72 हजार 100 पौधों का रोपण भी किया जाएगा। यह वृहद वृक्षारोपण न सिर्फ वनक्षेत्र के अंदर होंगे अपितु वनक्षेत्र के बाहर निजी एवं शासकीय भूमियों जैसे- आंगनबाड़ी, पुलिस चौंकी, उद्यान, अस्पताल, शमशान, शासकीय परिसर, आदि स्थानों में भी किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री कश्यप के निर्देशों पर विभाग द्वारा अनूठी पहल करते हुए किसान वृक्ष मित्र योजना अंतर्गत हितग्राहियों के निजी भूमि पर वाणिज्यिक प्रजातियों के वृक्षारोपण, आई.टी.सी. आधारित पेपर मिल, सहयोगी संस्था, निजी कम्पनियों की सहभागिता की स्थिति में उक्त प्रजातियों के वृक्षों का वापस खरीद सुनिश्चित करना है। साथ ही चयनित प्रजातियों के लिए प्रति वर्ष न्यूनतम क्रय मूल्य का निर्धारण करते हुए उनकी आय में बढ़ोत्तरी करना, काष्ठ एवं प्लाईवुड आधारित उद्योगों को बढ़ावा देते हुए अतिरिक्त कर के रूप में शासन के राजस्व में वृद्धि लाना, रोजगार सृजन करना, वृक्षारोपण कार्य में सहयोगी संस्थाओं की सहभागिता से शासन के वित्तीय भार को कम करना है।राज्य में किसान वृक्ष मित्र योजनांतर्गत कुल 28921 कृषकों की निजी भूमियों पर 43423 एकड़ रकबा में 2 करोड़ 77 लाख 66 हजार 611 पौधों का रोपण किया जाएगा जिसमें से प्रदेश में 29051 एकड़ क्षेत्र में 2 लाख 30 क्लोनल नीलगिरी एवं 367 एकड़ क्षेत्र में 1 लाख 54 हजार 973 टिश्यू कल्चर बांस एवं 390 एकड़ 2 लाख 37 हजार 798 साधारण बांस, 4073 एकड़ में 9 लाख 82 हजार 207 टिश्यू कल्चर सागौन, 7944 एकड़ में 29 लाख 12 हजार 474 साधारण सागौन, 1090 एकड़ में 1 लाख 73 हजार 165 चन्दन पौधे, 385 एकड़ में 1 लाख 58 हजार 667 मिलिया डूबिया पौधों का रोपण किया जाएगा।वन एवं जलवायु परितर्वन मंत्री श्री केदार कश्यप द्वारा प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, श्री व्ही. श्रीनिवास राव को वृक्षारोपणों के सतत् अनुश्रवण एवं मूल्यांकन के निर्देश दिए गए हैं। रोपित किये गये पौधों की सतत सुरक्षा कड़ाई से करने के निर्देश प्रसारित किये गये हैं तथा भविष्य में इन रोपणों का अंतरवृत्तीय मूल्यांकन किया जाकर आवश्यक कार्यवाही विभाग द्वारा की जाएगी।इस प्रकार वन विभाग विभिन्न संस्थानों, गैर सरकारी संगठनों, ग्राम पंचायतों, स्वयं सेवी संस्थानों, स्कूल एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं, एवं गणमान्य नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से आगामी वर्षाऋतु में हरियाली को बढ़ावा देने के लिए वृहद वृक्षारोपण प्रदेशभर में किया ही जाएगा, भविष्य में वन आधारित निजी जरूरतों की पूर्ति और वनोपज की बिक्री से अतिरिक्त आय का साधन भी प्रदेशभर के निवासियों को प्राप्त होगा।
- -पोर्टल के जरिए किसानों को सामयिक सलाह से बाजार उपलब्ध कराने तक मिलेगी सहायता-मास्टरों ट्रेनरों का हुआ प्रशिक्षणरायपुर /छत्तीसगढ़ में फसल आच्छादन का अब डिजिटल सर्वे होगा। सर्वे में किसानों की फसलों की सभी जानकारियां एग्री स्टैक पोर्टल में दर्ज होंगी। किसानों को फसल उत्पादकता के लिए जरूरी इनपुट जैसे फसल ऋण, विशेषज्ञो की सलाह से लेकर बाजार उपलब्ध कराने में भारत सरकार का एग्री स्टैक पोर्टल से मदद मिलेगी।कृषि विभाग दिल्ली से आये अधिकारियों ने नया रायपुर इंद्रावती भवन में राजस्व विभाग के मास्टर ट्रेनरों को डिजिटल क्रॉप सर्वे 2024 प्रशिक्षण देते हुए बताया कि जिओ रेफ्रेंसिंग तकनीक के माध्यम से इस वर्ष से डिजिटल क्रॉप सर्वे किया जाना है। डिजिटल सर्वे की जानकारी एग्री स्टैक पोर्टल में ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी।एग्री स्टैक पोर्टल में किसानों का पंजीयन होने के बाद उन्हें एक फार्मर आईडी दी जाएगी। इस पोर्टल में किसानों द्वारा लगाई गई फसल के साथ-साथ उन्हें आवश्यक खाद और पानी की मात्रा की भी जानकारी मिलेगी। इस पोर्टल के माध्यम से राज्य के किसानों को अब न केवल जमीन अपितु जमीन में लगाये फसल और उत्पादन के लिए आवश्यक बाज़ार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।संचालक भू-अभिलेख श्री रमेश शर्मा ने प्रशिक्षण में कहा कि इस पोर्टल के जरिए किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। इस पोर्टल का उद्देश्य कृषि उत्पादकों (किसानों) और नीति निर्माताओं-केंद्र सरकार और राज्य सरकार को एक डिजिटल छतरी के नीचे लाना है।अपर आयुक्त भू-अभिलेख डॉ. संतोष देवांगन ने बताया कि इस प्रशिक्षण से राज्य के किसानों को लाभ मिलेगा। एग्री स्टेक में किसान का पंजीयन हो जाने से उन्हें जरूरत का खाद और बीज मिल सकेगा। इसके साथ ही किसानों को आवश्यकतानुसार बैंक ऋण लेने की भी सुविधा मिलेगी। प्रशिक्षण में सभी जिलों के भू-अभिलेख अधिकारी और भू-अभिलेख अधीक्षक शामिल हुए।
- -क्षतिग्रस्त वाहनों की बीमा क्लेम के लिए जनसुविधा केन्द्र स्थापितरायपुर, / बलौदाबाजार कलेक्टोरेट में सामान्य दिनों की तरह काम-काज फिर से शुरू हो गया है। सभी विभागों के अधिकारी आम दिनों की तरह ही अपने-अपने विभागों का काम-काज कर रहे हैं। जिला प्रशासन की पहल पर बलौदाबाजार स्थित कलेक्टर परिसर स्थित संयुक्त कार्यालय में गत दिनों हुई आगजनी और तोड़फोड़ की घटना में क्षतिग्रस्त वाहनों के बीमा क्लेम दिलाने के लिए जनसुविधा केन्द्र स्थापित किया गया है। इस केन्द्र में बीमा क्लेम प्राप्त करने के लिए कोई भी आम नागरिक और शासकीय अधिकारी-कर्मचारी जिनका स्वयं का वाहन इस घटना में क्षतिग्रस्त हुआ है, इस जन सुविधा केन्द्र में आवेदन जमा कर सकते हैं।नवनियुक्त कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा घटना में क्षतिग्रस्त हुए वाहन के स्वामियों को बीमा क्लेम दिलाने में सहयोग दिया जा रहा है, ताकि क्षतिग्रस्त वाहन स्वामियों को बीमा की राशि प्राप्त करने में आसानी हो। उन्होंने बताया कि जनसुविधा केन्द्र में बीमा क्लेम के लिए प्राप्त होने वाले आवेदनों का परीक्षण कर संबंधित बीमा कंपनियों को भेजा जाएगा, जिससे क्षतिग्रस्त वाहनों के स्वामियों को बीमा राशि मिल सके। उन्होंने बताया कि कलेक्टोरेट कार्यालय के कक्ष क्रमांक-07 में जनसुविधा केन्द्र स्थापित किया गया है। बीमा क्लेम प्राप्त करने के लिए वाहन मालिकों को आवश्यक दस्तावेज आवेदन के साथ जमा करना होगा। जनसुविधा केन्द्र के नोडल अधिकारी जिला कोषालय अधिकारी को नोडल अधिकारी और जिला परिवहन अधिकारी तथा लीड बैंक मैनेजर को सदस्य बनाया है।कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने बताया कलेक्टोरेट में काम-काज सामान्य दिनों की तरह चालू हो गया है। सभी विभागों के अधिकारी अपने-अपने विभागों का काम-काज सुचारू रूप से कर रहे हैं। आम जनता की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की है कि जिले में शांति, सदभाव बनाये रखने में जिला प्रशासन को सहयोग करें।
- -लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण के निर्देशरायपुर / बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के नवनियुक्त कलेक्टर ने सभी विभागों के अधिकारियों से कहा है कि आमजनता की सेवा के लिए अधिकारी-कर्मचारी तत्पर रहें। ग्रामीणों और आम नागरिकों को शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के संबंध में आवेदन देने के लिए भटकना नहीं पड़े इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि लोगों के आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की जाए तथा उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए। मैदानी स्तर पर निराकरण नहीं हो सकने वाले आवेदनों को तत्काल जिला स्तर पर विभागीय अधिकारियों के पास भेजा जाए।कलेक्टर श्री सोनी ने कहा है कि जिन क्षेत्रों में अधिक समस्याएं प्राप्त होंगी वहां अभियान चलाकर समस्याओं का निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि मौसमी बीमारी की रोकथाम पर विशेष ध्यान रखा जाए, पहले से एहतियात कदम उठाएं जाए। पेयजल स्त्रोतों का शुद्धिकरण कर लिया जाए। बरसात के पूर्व सभी नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों में नालियों की साफ-सफाई आदि के कार्य किए जाए। जिले के जिन-जिन क्षेत्रों में समस्या प्राप्त होगी वहां का भ्रमण कर समस्या का त्वरित निराकरण किया जायेगा। उन्होनें कहा कि सभी जिला अधिकारी मैदानी क्षेत्रों का सतत भ्रमण करे और अपने विभागीय योजनाओं से ग्रामीणजनों को लाभान्वित करना सुनिश्चित करें।बगैर अनुमति के मुख्यालय छोड़ने पर होगी कार्रवाईकलेक्टर श्री दीपक सोनी ने कहा है कि विभागों के मैदानी अमले मुख्यालय में रहकर कार्य करना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी विभागों के जिला अधिकारियों को इस संबंध में सख्त दिशा-निर्देश देते हुए कहा है कि बगैर अनुमति के मुख्यालय से बाहर रहने वाले अधिकारी एवं कर्मचारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- -बारहवीं में पढ़ रहे रायपुर प्रयास विद्यालय के 32 बच्चों ने किया है इस साल जेईई एडवांस्ड क्वालीफाई-पिछले पांच सालों में 51 बच्चों का आईआईटी और 94 बच्चों का एनआईटी में चयन-नामी कोचिंग संस्थानों को टक्कर दे रहा प्रयास विद्यालयरायपुर.। राजधानी रायपुर का प्रयास विद्यालय नामी कोचिंग संस्थानों को टक्कर दे रहा है। बारहवीं में पढ़ रहे यहां के 32 बच्चों ने जेईई (Joint Entrance Examination) एडवांस्ड क्वालीफाई कर देश की विभिन्न आईआईटी (Indian Institute of Technology) और समकक्ष राष्ट्रीय संस्थानों में प्रवेश के लिए पात्रता हासिल की है। देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों (आईआईटी एवं समकक्ष) में प्रवेश पाने वाले ज्यादातर विद्यार्थी बारहवीं के बाद एक-दो वर्ष की तैयारी वाले होते हैं। लेकिन प्रयास विद्यालय के 32 बच्चों ने बारहवीं की पढ़ाई के साथ-साथ ही देश के श्रेष्ठ एवं प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में प्रवेश का अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है। राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली जेईई की कठिन प्रतियोगी परीक्षा में देशभर के लाखों बच्चे बैठते हैं।हाल ही में 9 जून को घोषित जेईई एडवांस्ड के नतीजों में रायपुर प्रयास विद्यालय के कुलदीप कुमार ने ऑल इंडिया केटेगरी रैंक 459 हासिल किया है। वहीं ओमप्रकाश नेताम को ऑल इंडिया केटेगरी रैंक 473 और रुद्राक्ष भगत को ऑल इंडिया केटेगरी रैंक 825 मिला है। ये तीनों बच्चे राज्य के सुदूर मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, कोंडागांव और सरगुजा के गरीब आदिवासी परिवारों से आते हैं। इनके साथ पढ़ने वाले त्रिलोक पैंकरा ने ऑल इंडिया केटेगरी रैंक 1123, लीलाधर ठाकुर ने 1174, पंकज रावटे ने 1592, गैंद लाल ने 1638, आदर्श राज पैंकरा ने 1661 और शुभम कश्यप ने 1801 ऑल इंडिया केटेगरी रैंक हासिल की है। ये सभी भी राज्य के सुदूर अधिसूचित विकासखंडों के कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों के बच्चे हैं। प्रयास विद्यालय के शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन में इन बच्चों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है।रायपुर का प्रयास विद्यालय कक्षा नवमीं से बारहवीं तक की पढ़ाई के साथ ही होनहार आदिवासी नौनिहालों का आईआईटी, एनआईटी एवं समकक्ष श्रेष्ठ तकनीकी संस्थानों में पढ़ने का सपना पूरा कर रहा है। विगत अप्रैल में यहां के 64 बच्चों ने जेईई मेन्स (JEE Mains) क्वालीफाई कर जेईई एडवांस्ड के लिए पात्रता हासिल की थी जिनमें से 32 बच्चों ने अब जेईई एडवांस्ड भी क्वालीफाई कर लिया है। जेईई एडवांस्ड क्वालीफाई करने वाले बच्चे जहां देश की विभिन्न आईआईटी एवं समकक्ष संस्थानों में प्रवेश ले सकेंगे, वहीं जेईई मेन्स क्वालीफाई करने वाले बच्चे एनआईटी (National Institute of Technology) एवं समकक्ष संस्थानों में पढ़ने का अपना सपना पूरा करेंगे। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली जेईई की कठिन प्रतियोगी परीक्षा क्वालीफाई कर पिछले पांच वर्षों में प्रयास विद्यालय रायपुर के 51 छात्रों ने देश की विभिन्न आईआईटी में प्रवेश प्राप्त किया है। वहीं राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NITs) में 94 बच्चों का चयन हुआ है।रायपुर के सड्डू स्थित प्रयास विद्यालय में राज्य के वनांचल और दूरस्थ अधिसूचित क्षेत्रों के बच्चे पढ़ रहे हैं। कक्षा नवमीं से बारहवीं तक यहां करीब 700 बच्चे अध्ययनरत हैं। शिक्षण सत्र 2023-24 में गणित विषय (PCM) लेकर 166 छात्र पढ़ रहे थे। प्रयास विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती मंजुला तिवारी बताती हैं कि ग्यारहवीं और बारहवीं के बच्चों को यहां बोर्ड परीक्षाओं के साथ ही जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दृष्टिकोण से अध्यापन किया जाता है। स्कूल में ही दोनों तरह की पढ़ाई के कारण बच्चे बोर्ड परीक्षाओं के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं में भी अच्छा प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों के बौद्धिक स्तर और कक्षा में प्रदर्शन के अनुसार अलग-अलग समूहों में बांटकर अध्ययन संबंधी उनकी समस्याओं को दूर किया जाता है। आईआईटी और एनआईटी जैसे संस्थानों के साथ ही प्रयास विद्यालय के बहुत से बच्चे हर साल अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी चयनित होते हैं।
- -नूतन गुरूकुल का भूमिपूजन संपन्नरायपुर / गुरुकुल परंपरा, शिक्षा का एक प्राचीन भारतीय दर्शन रहा है, जो ज्ञान और चरित्र निर्माण पर केंद्रित हैं। गुरुकुल परंपरा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदाय करना ही नहीं था, बल्कि छात्रों को आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों का भी शिक्षा देना था। गुरुकुल शिक्षा प्रणाली ने सदियों से ज्ञान का संरक्षण और प्रसार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह बात शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज महादेव घाट रोड स्थित मोतीपुर अमलीडीह में सहजानंद अंतरराष्ट्रीय गुरुकुल रायपुर छत्तीसगढ़ के नूतन गुरुकुल के भूमिपूजन के अवसर पर कही। श्री अग्रवाल ने नूतन गुरूकुल का भूमिपूजन कर परिसर में वृक्षारोपण किया।शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए हमे शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य करने की आवश्यकता है। जिसमें गुरुकुल परंपरा अहम भूमिका निभायेगी। भारत की गुरुकुल प्रणाली शिक्षा और संस्कृति का एक अनूठा संगम रहा हैं। जिसके कारण विश्व में भारत की एक अलग पहचान है। गुरुकुल परंपरा से ही संस्कार, संस्कृति, शिष्टाचार, समाजिक जागरुकता, मौलिक व्यक्तित्व, बौद्धिक विकास जैसे अमूल्य गुणों को अपनी आने वाली पीढ़ियों को विरासत में दे सकते हैं।शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ वासियों के लिए सौभाग्य की बात है कि भारत की इस दिव्य विरासत जीवित रखने के लिए यहां गुरुकुल की स्थापना की जा रही है। उन्होंने इस कार्य में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए शास्त्री श्री घनश्याम प्रकाश दासजी एवं श्री कृष्णवल्लभ दासजी के प्रति आभार प्रकट किया।
- रायपुर, / भारत सरकार के नीति आयोग की सलाहकार श्रीमती निधि छिब्बर ने आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ में बनाए जा रहे विजन डॉक्यूमेंट 2047 के संबंध में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। राज्य नीति आयोग के अधिकारियों ने उन्हें विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए लघु, मध्यम और दीर्घ अवधि के सुझाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए छत्तीसगढ़ विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है। विजन डॉक्यूमेंट बनाने का दायित्व राज्य नीति आयोग को सौंपा गया है। राज्य नीति आयोग द्वारा पिछले लगभग एक माह से लगातार विषय विशेषज्ञों के साथ बैठकों का आयोजन कर विस्तृत विचार विमर्श किया जा रहा है। विशेषज्ञों के सुझाव को एकत्र किया जा रहा है। राज्य नीति आयोग द्वारा विजन डॉक्यूमेंट बनाने के लिए 8 वर्किंग ग्रुप बनाए गए हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर हाल में ही रायपुर के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैंनेजमेंट में सुशासन और विकसित छत्तीसगढ़ को लेकर देश के जाने माने विशेषज्ञों के साथ बौद्धिक विचार-विमर्श किया। छत्तीसगढ़ के परिस्थितियों के मद्देनजर विशेषज्ञों और छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्रिमंडल के सदस्यों के बीच विकसित छत्तीसगढ़ और सुशासन के लिए विचारों का आदान-प्रदान हुआ।बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने छत्तीसगढ़ के विजन डॉक्यूमेंट को लेकर राज्य के सभी विधायकों और मंत्रिगणों से भी अपने सुझाव देने का आग्रह किया है। यह भी बताया कि विजन डॉक्यूमेंट को लेकर नागरिकों और स्वयंसेवी संस्थाओं से सुझाव लेने की भी पहल की जाएगी। इसके लिए जनसंवाद का भी आयोजन करने की योजना है।बैठक में योजना आयोग और सांख्यिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद सहित राज्य नीति आयोग की सलाहकार संस्थाओं के प्रतिनिधि और राज्य नीति आयोग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- -निर्माण कार्य समय सीमा में पूरा करें, प्रगति की सतत् समीक्षा हो: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय-विधानसभा भवन का निर्माण आने वाली पीढ़ियों को ध्यान में रखकर करें: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह-छत्तीसगढ़ की इस बड़ी पंचायत की छटा पूरे देश में दिखनी चाहिए: श्री बृजमोहन अग्रवाल-परिसर में लगाए जायेंगे कुसुम, साल और सागौन जैसे वृक्ष-नवा रायपुर में नवीन विधानसभा, विधायक विश्रामगृह एवं विधानसभा के अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए आवास का हो रहा निर्माणरायपुर, /विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज यहाँ अपने निवास कार्यालय में नवा रायपुर में निर्माणाधीन नवीन विधानसभा भवन, विधायक विश्रामगृह एवं विधानसभा के अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए बन रहे आवासों की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि निर्माण कार्य अच्छी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करें। समय-समय पर प्रगति की समीक्षा की जाए। बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, संसदीय कार्य मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन भी उपस्थित थे।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बैठक में कहा कि विधानसभा भवन का निर्माण आने वाली पीढ़ियों को ध्यान में रखकर किया जाना है। हमारा प्रयास यह हो कि पूरा विधानसभा सौर ऊर्जा से संचालित हो। यह पूरे देश के लिए एक उदाहरण बने। उन्होंने कहा कि पूरा परिसर हरित वातावरण से सुसज्जित हो इसलिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जाना चाहिए। उन्होंने परिसर में बागवानी के पौधों के अलावा छत्तीसगढ़ के मुख्य वृक्षों महुआ, कुसुम, साल और सागौन जैसे वृक्षों का रोपण किया जाए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग के साथ ही ऐसी व्यवस्था अपनाने की बात कही जिससे पानी का पुनः उपयोग सिंचाई में भी किया जा सके। उन्होंने परिसर में एक प्राकृतिक तालाब भी निर्मित करने की बात कही जिससे पानी की उपलब्धता बनी रहे। निर्माण कार्य में तीव्रता और कसावट लाने के लिए अध्यक्ष डॉ. सिंह ने मुख्य सचिव को प्रति माह बैठक आयोजित कर समीक्षा करने की भी बात कही।संसदीय कार्य मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि निर्माण में उच्च एवं आधुनिक गुणवत्ता के सामान का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि यह विधानसभा देश भर में अनूठा बने इसका ध्यान रखते हुए निर्माण करें क्योंकि देश भर से लोग विधानसभा भ्रमण के लिए आते हैं। यह छत्तीसगढ़ की बड़ी पंचायत है तो इसकी छटा पूरे देश में दिखाई पड़नी चाहिए। छत्तीसगढ़ की संस्कृति की झलक के साथ ही सिरपुर जैसे धरोहरों की रेप्लीका भी दिखाई पड़नी चाहिए।गौरतलब है कि नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-19 में लगभग 20.78 हेक्टेयर भूमि पर 217.12 करोड़ की लागत से नवीन विधानसभा भवन का निर्माण किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत नवीन विधानसभा भवन, विधायक विश्रामगृह एवं विधानसभा के अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए आवास का निर्माण हो रहा है।लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दिसम्बर 2024 तक सिविल कार्य और जून 2025 तक इंटीरियर से संबंधित कार्य पूर्ण कर लिए जायेंगे। नवीन विधानसभा भवन 200 विधायकों की क्षमता के हिसाब से निर्मित किया जा रहा है। यह भवन विधानसभा सचिवालय, 03 मीटिंग हॉल, कैंटीन, सेन्ट्रल हॉल, दर्शक दीर्घा, मीडिया लाऊंज, 1 सभागृह, आर्ट गैलरी, चिकित्सालय, बैंक और पोस्ट ऑफिस जैसी मूलभूत अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। नवीन भवन में संसद भवन के तर्ज पर कैबिनेट मीटिंग हॉल का भी निर्माण किया जा रहा है। भवन को छत्तीसगढ़ की संस्कृति बस्तर आर्ट, जशपुर आर्ट के साथ ही कंटेम्पररी अर्बन आर्ट से भी सुसज्जित किया जायेगा।मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, विधानसभा सचिव श्री दिनेश शर्मा, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, वित्त सचिव श्री रजत बंसल, वन एवं पर्यावरण सचिव श्रीमती संगीता आर. सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।
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-आम की विभिन्न किस्मों को देखने उमड़ पड़े लोग
-तीन दिवसीय आम महोत्सव का कल होगा समापन
रायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, छत्तीसगढ़ शासन तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में 12 से 14 जून तक आयोजित राष्ट्रीय आम महोत्सव में आम की 325 से ज्यादा किस्में प्रदर्शनी हेतु लगाई गई है। महोत्सव में सुगंधित और रसीले आमों की जो प्रदर्शनी लगाई गई है उसे प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों से और देश के विभिन्न हिस्सों से लाया गया है। इनमें दशहरी, लंगड़ा, हापुस, केशर, नीलम, चौसा, माल्दा, फजली, सुंदरजा, नूरजहां, हिमसागर, बॉम्बे ग्रीन, गुलाब खास, जंबो रेड, अल्फांजो, कोकोनट क्रीम, बैगनफली जैसे अन्य देसी किस्मों के आम शामिल हैं। इसके अलावा मियाजाकी, थाई बनाना, रैड पामर जैसी आम की विदेशी किस्में भी शामिल हैं। प्रदर्शनी में हाथीझूल किस्म की आम ने लोगों का आकर्षण खींचा। यह सामान्य आम से लगभग 5 गुना बड़ा होता है। इस किस्म के एक आम का वजन ही लगभग तीन किलो तक होता है। इसका उत्पादन ज्यादातर बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर में होता है। इसकी कीमत 150 से 200 रूपये प्रति किलो होती है। इसके अतिरिक्त आम की अनेक देशी किस्मों को भी प्रदर्शित किया गया है। राष्ट्रीय आम महोत्सव में निर्मित सेल्फी जोन युवाओं के लिए आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।
राष्ट्रीय आम महोत्सव में 56 प्रकार के आम से बने व्यंजनों की भी प्रदर्शनी लगाई गई है। इनमें आम सेवई, आम मिलेट खीर, आम मफिन्नस, आम-नारियल का लड्डू, आम पापड़, आम का आचार, आम का कराची हल्वा, कुल्फी, फिरनी, चटनी, लौंजी, कैंडी, आम-साबूदाना की खीर आदि व्यंजन बनाए गए हैं। सजावट प्रतियोगिता में छात्रों ने आम को रोबोट, फूल, घड़ी आदि के रूप में सजाया गया है। कुकिंग प्रतियोगिता में महिला प्रतिभागियों ने आम से कैरी, कटलेट और मैंगो पुडिंग सहित अन्य व्यंजन बनाए। आम महोत्सव में एक आम जिसने हर किसी का ध्यान खींचा वो है मियाजाकी। इसका उत्पादन जापान में होता है, जिसकी कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 2 लाख 70 हजार रूपये प्रति किलो है। मियाजाकी आम का वजन करीब 350 ग्राम होता है। इसमें शरीर के लिए जरूरी एंटी आक्सीडेंट, फोलिक एसिड, बीटा-केरोटिन जैसे तत्व पाए जाते हैं। कापोरेट वर्ल्ड में इसका उपयोग भेंट करने में ज्यादा होता है। महोत्सव में थाई बनाना, रैड पामर जैसी आम की विदेशी किस्में भी प्रदर्शनी में रखी गई है।
महोत्सव के दूसरे दिन गुरूवार को आम उगाने वाले कृषक और आम की खेती में रूचि रखने वालों के लिए 12 बजे से 4 बजे तक तकनीकी कार्यशाला एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया था। कार्यशाला में आम की उन्नत खेती की तकनीक, आम उत्पादन में आने वाली समस्याओं तथा उनके निराकरण के संबंध में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा जानकारी दी गई तथा किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। इस तीन राष्ट्रीय आम महोत्सव का कल समापन किया जाएगा।
- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ममता देवांगन ने युवाओं को नशा के खिलाफ किया प्रोत्साहितरायपुर:। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में रायपुर जिले के गायत्री परिजनों द्वारा ग्रीष्माकालीन अवकाश का सदुपयोग करते हुए युवाओं एवं बच्चों में उनकी प्रतिभा को विकसित करने, व्यक्तित्व निर्माण करने, चरित्रवान-संस्कारवान बनाने, समाज को नशामुक्त करने, पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु जागरुकता के उद्देश्य से निरंतर अलग-अलग स्थानों पर तीन से पांच दिवस का आवासीय वयक्तित्व निर्माण शिविर का आयोजन किया जा रहा है।युवा शिविर आयोजक प्रमुख श्रीमती उर्मिला नेताम ने बताया कि दिनांक 10 से 14 जून तक गायत्री प्रज्ञापीठ कुशालपुर रायपुर में आयोजित शिविर में बुधवार को बच्चों एवं युवाओं को नशा करने से समाज एवं राष्ट्र को होने वाली हानी के बारे में बताया गया। शिविर में पुलिस प्रशासन की ओर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ममता देवांगन ने उपस्थित बच्चों एवं युवाओं कों पुलिस प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे ’’निजात’’ अभियान के तहत निजात-नशा के विरुद्ध प्रोत्साहित करते हुए सुरक्षित जीवन जीने हेतु ’’नशे को ना-जिंदगी को हां’’ के संबंध में बताया। साथ ही पुलिस को अपना मित्र मानकर पुलिस को आपराधिक बातों की जानकारी देने कहा गया। उनके द्वारा कहा गया कि आज महिलाएं भी सशक्त हैं एवं हर स्तर पर पुरुष वर्ग की भांती ही कार्य कर रहीं है। शिविर में उपस्थित कन्याओं को महिलाओं से संबंधित अपराध एवं सुरक्षा के उपाय बताते हुए कहा कि यदि किसी भी तरह का अपराध महिलाओं पर किया जाता है तो वे तुरंत इसकी जानकारी अपने परिजनों को एवं पुलिस को देवें। । शिविराशिर्थयों के द्वारा सांयकाल कुशालपुर क्षेत्र में समाज को नशामुक्त बनाने हेतु रैली निकालकर नशे के विरुद्ध संदेश दिया गया। उपस्थित सभी बच्चों एवं युवाओं ने नशामुक्त जीवन जीने का संकल्प लिया। शिविर के संचालन में श्री जी.एस. मंडावी, कमल सिंह पैकरा, टी.आर. साहू, रघुराज सिंह राय, इंदिरा ठाकुर,आशीष राय, ललेश प्रधान, सनमान सिंह, उदय बिसेन, पूर्णिमा साहू, माधुरी साहू, मृत्यंजय प्रजापति, हीरालाल निषाद, पूर्णिमा कश्यप सहित क्षेत्रवासियों की प्रमुख भूमिका है।विधायक श्री मोतीलाल साहू ने कांदुल बोरियाखुर्द में 12 जून से चलने वाले आवासीय शिविर का किया शुभारंभ12 जून से दुर्गा मंदिर परिसर, कांदुल बोरियाखुर्द, संतोषीनगर में गायत्री परिवार जिला समन्वय समिति रायपुर एवं प्रज्ञापीठ सन्तोषीनगर द्वारा आयोजित व्यक्तित्व निर्माण शिविर का शुभारंभ रायपुर ग्रामीण के विधायक श्री मोतीलाल साहू के मुख्य आतिथ्य व पूर्व विधायक नंदकुमार साहू, पार्षद श्रीमती उमा चन्द्रहास चंद्राकर, गायत्री परिवार के संरक्षक सदस्य श्री दिलीप पाणीग्रही, जिला समन्वयक श्री लच्छुराम निषाद, भाजपा मंडल अध्यक्ष श्री जितेन्द्र धुरंधर, सरपंच श्री अश्विन लहरे, पूर्व सरपंच श्रीमती तिलेश्वरी धुरंधर,प्रेमशंकर गौटिया,कामराज साहू सरपंच दतरेगा के विशिष्ट आतिथ्य में संपन्न हुआ। आयोजन समिति में हरिराम साहू, रामकृष्ण साहू, हीरालाल साहू, लेखराम युवराज,एवं बहुत से परिजन एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे। शिविर में 120 बच्चो एवं युवाओं ने पंजीयन करवाया व सम्मिलित हुए।इस अवसर पर विधायक श्री साहू ने कहा कि शिविर के माध्यम से गायत्री परिवार द्वारा श्रेष्ठ समाज एवं सुनहरे राष्ट्र के निर्माण हेतु नई पीढ़ी के बच्चों को सुसंस्कृत, सभ्य व शालीन, चरित्रवान, उर्जावान, ज्ञानवान, बनाया जा रहा है, जो अभिनंनदीय एवं वंदनीय है। गायत्री परिवार के संस्थापक पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा दिया गया नारा ’’हम बदलेंगे-युग बदलेगा मूर्त रुप ले रहा है।’’
- -तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का शुभारंभ-आम की 325 से अधिक किस्में एवं 56 व्यंजनों को प्रदर्शित किया गया-बीजापुर का हाथीझूल एवं जापान का मियाजाकी आम बने आकर्षण का केन्द्ररायपुर, । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, छत्तीसगढ़ शासन तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 12 से 14 जून तक कृषि महाविद्यालय परिसर रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय आम महोत्सव का बुधवार को शुभारंभ हुआ। छत्तीसगढ़ के कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग मंत्री श्री रामविचार नेताम ने तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री अनुज शर्मा, विधायक, धरसींवा, श्री मोतीलाल साहू, विधायक, रायपुर ग्रामीण एवं संचालक उद्यानिकी श्री एस. जगदीशन उपस्थित थे।आम महोत्सव का शुभारंभ करते हुए कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी और जलवायु सभी प्रकार की फसलों के उत्पादन के लिए उपयुक्त है। यहां अनाज, दलहन, तिलहन, फल, फूल, मसाले तथा औषधीय फसलों की खेती आसानी से की जा सकती है। आज प्रदेश में बहुत से किसान परंपरागत फसलों की बजाय उद्यानिकी, औषधीय एवं मसाला फसलों की खेती के आगे आ रहे हैं, उन्हें राज्य सरकार द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है। श्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में किसान आम की खेती कर रहे हैं। आम महोत्सव में आकर पता चला कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में विविध प्रकार के आमों का उत्पादन हो रहा है, जिनमें दशहरी, लंगड़ा, हापुस, केशर, नीलम, चौसा, नूरजहां, हिमसागर जैसी उन्नत किस्मों के साथ ही आम की बहुत सी देशी किस्में तथा मियाजाकी, थाई बनाना, रैड पामर जैसी विदेशी किस्में भी आसानी से उगाई जा रहीं है। श्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जापान से आयातित मियाजाकी किस्म का उत्पादन भी हो रहा है जिसकी अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत ढ़ाई लाख रूपये प्रति किलो है। उन्होंने विशेष रूप से बीजापुर की मूल किस्म हाथीझूल की तारीफ करते हुए कहा कि आम की इस किस्म का एक फल तीन से चार किलो वजन का होता है। उन्होंने संचालक उद्यानिकी को निर्देश दिये कि हाथीझूल किस्म को बीजापुर के अलावा अन्य जिलों में विस्तारित करें तथा इसके उत्पादन को बढ़ावा दें। समारोह को श्री अनुज शर्मा विधायक धरसींवा तथा श्री मोतीलाल साहू विधायक रायपुर ग्रामीण ने भी संबोधित किया।समारोह की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव में छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों की 327 किस्मों के आमों का प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके साथ ही कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों तथा छात्रों द्वारा निर्मित आम के 56 व्यंजनों का प्रदर्शन भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आम महोत्सव के दौरान आम के उत्पादन की उन्नत तकनीक तथा आम उत्पादन में आने वाली समस्याओं के निराकरण हेतु कृषक पाठशाला का आयोजन भी किया जा रहा है। समारोह में छत्तीगसढ़ के विभिन्न जिलों में आम का उत्पादन करने वाले प्रगतिशील कृषकों - श्री बजरंग केडिया बिलासपुर, श्री दीपक पाण्डेय बागबाहरा, श्री आत्मबोध अग्रवाल रायपुर, डॉ. नारायण भाई चावड़ा दुर्ग, श्री गुप्ता अम्बिकापुर और अखिल जैन खैरागढ़ को सम्मानित किया गया। समारोह में लखनऊ प्रशिद्ध आम उत्पादक कृषक श्री राजकुमार गुप्ता को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अतिथियों ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित आम उत्पादन एवं परिरक्षण नामक पुस्तिका तथा विश्वविद्यालय न्यूज लेटर ‘‘आई.जी.के.वी. वार्ता’’ का विमोचन भी किया।राष्ट्रीय आम महोत्सव में आम की 325 से अधिक किस्मों एवं आम से बने 56 व्यंजनों का प्रदर्शन किया जा रही है। इस कार्यक्रम में आम की विभिन्न किस्मों की प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है जिसमें छत्तीसगढ़ एवं देश के विभिन्न राज्यों के आम उत्पादक शामिल हुए हैं। अवसर पर आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिता भी आयोजित की गई है। इसके अतिरिक्त आम की सजावट प्रतियोगिता भी आयोजित की जा रही है इस प्रतियोगिता में प्रवेश पूर्णतया निःशुल्क है। सामान्यजनों के लिए प्रदर्शनी दोपहर 12 बजे से रात्रि 9 बजे तक खुली रहेगी। इस प्रदर्शनी में आम की विभिन्न किस्मों के फल, आम के विभिन्न उत्पाद एवं आम के पौधे भी सामान्यजनों हेतु विक्रय के लिए उपलब्ध हैं। आयोजन के द्वितीय दिवस आम उगाने वाले कृषकों एवं जिज्ञासुओं के लिए 13 जून को 12 बजे से 4 बजे तक तकनीकी मार्गदर्शन एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ में उच्च गुणवत्ता के आम की विभिन्न किस्मों का उत्पादन, आम के विभिन्न उत्पाद एवं उनके विपणन के साथ ही आम उत्पादन हेतु छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की जायेगी, जिससे नयी पीढ़ी के लोग आम उत्पादन की ओर बढ़ सके। आम उत्पादन को पर्यावरण के संरक्षण के साथ एक स्वास्थ्यवर्धक व्यवसाय के रूप में अपनाने की जानकारी आम लोगों को प्रदान की जा जाएगी। राष्ट्रीय आम महोत्सव के अंतिम दिन प्रदर्शनी के अवलोकन के साथ ही प्रतिभागियों के लिए पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह का आयोजन भी किया जायेगा।
- -विष्णु सरकार के 6 महीने पूरे होने पर भाजपा ने सोशल मीडिया में चलाया अभियान, मिल रहा अपार जनसमर्थनरायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार के आज 6 महीने पूरे हुए। इस पर भारतीय जनता पार्टी, छत्तीसगढ़ का सोशल मीडिया में हैशटैग अभियान #संवर_रहा_छत्तीसगढ़ टॉप ट्रेंडिंग कर रहा है। समूचे छत्तीसगढ़ से आम लोगों का इसे भरपूर समर्थन मिल रहा है। लोग उत्सुकतापूर्वक विष्णु सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की फोटो, वीडियो, ग्राफिक्स को सोशल मीडिया के सारे प्लेटफॉर्म में पोस्ट और शेयर कर रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक इस हैशटैग पर X में अब तक मात्र दो घंटे में 30 हजार से ज्यादा पोस्ट हो चुके हैं।गौरतलब है कि इस ट्रेंड के जरिये भाजपा कार्यकर्ता विष्णु सरकार के 6 महीने के कामकाज का जमकर प्रचार-प्रसार कर कर रहे हैं। सरकार की योजनाओं पर आधारित फोटो, वीडियो और ग्राफिक्स को जम कर शेयर कर कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि मात्र 6 महीने की विष्णु सरकार में मोदी की गारंटी के सभी प्रमुख वादों को सरकार ने प्राथमिकता से पूरा किया है। इससे प्रदेश के हर वर्ग में खुशहाली आई है। सरकार की महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना, तेंदूपत्ता के दाम बढ़ाए जाने, 18 लाख पीएम आवास की स्वीकृति पर आधारित फोटो, वीडियो और ग्राफिक्स को लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। सुशासन की सरकार में छत्तीसगढ़ संवर रहा है, आगे बढ़ रहा है।
- रायपुर /शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल की अनुशंसा पर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) में सदस्यों की नियुक्ति कर दी गई। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, अटल नगर नवा रायपुर से आदेश जारी कर दिया गया है। मंडल में मान्यता प्राप्त संस्थाओं के प्राचार्यों, प्राध्यापकों और निजी संस्थाओं के सदस्यों के साथ ही पांच विधायकों को शामिल किया गया है। सदस्यों की नियुक्ति अवधि 3 वर्ष की है।नई सरकार के गठन के साथ ही पूर्व मंडल सदस्यों की नियुक्ति स्वमेव समाप्त हो गई थी। बिना सदस्यों के माशिमं के निर्णय लेने में परेशानी हो रही है। मंडल सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया तो फरवरी से ही शुरू हो गई थी, किन्तु आचार संहिता की वजह से नियुक्ति आदेश जारी नहीं हो पाया था। स्कूल शिक्षा विभाग ने 20 मंडल सदस्यों की नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया है। सदस्यों में विधानसभा के प्रतिनिधित्व के रूप में पांच विधायक शामिल किए गए हैं, इनमें अहिवारा विधायक श्री डोमन सिंह कोर्सेवाड़ा, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, सीतापुर विधायक श्री रामकुमार टोप्पो और कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम शामिल हैं। इसके अलावा मान्यता प्राप्त संस्थाओं से प्राचार्य वर्ग में श्री प्रकाश यादव राजनांदगांव, श्री प्रफुल्ल शर्मा जांजगीर-चांपा और श्रीमती इंदु अग्रवाल कोरबा को माध्यमिक शिक्षा मण्डल में सदस्य बनाया गया है।प्रशिक्षण महाविद्यालयों से श्रीमती श्रद्धा मिश्रा अंबिकापुर को शामिल किया गया है। मान्यता प्राप्त संस्थाओं से 6 प्राध्यापक माशिमं के सदस्यों के रूप में शामिल किया गया है। जिसमें मान्यता प्राप्त संस्थाओं से 6 प्राध्यापकों की भी नियुक्ति की गई है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्राध्यापकों में श्री संजय ठाकुर दंतेवाड़ा, श्री ऋषि कश्यप बिलासपुर, श्री जितेन्द्र कुमार सिंह कबीरधाम, श्री ओंकार सिंह ठाकुर बलरामपुर, डॉ. हितेश कुमार दीवान रायपुर, श्रीमती दीक्षा गंगराड़े रायपुर शामिल हैं। इसी तरह तीन स्थानीय निकायों द्वारा संचालित संस्थाओं के प्रतिनिधि के रूप में श्री अनिल दास गुप्ता कबीरधाम, श्री चंद्रकांत तिवारी पामगढ़, श्री कीर्ति व्यास रायपुर के अलावा श्री एल. डी. दुबे और श्री सुनील पंडया को माध्यमिक शिक्षा मण्डल का सदस्य बनाया गया है।
- रायपुर / सामान्य प्रशासन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, मंत्रालय महानदी भवन द्वारा रायपुर एवं नवा रायपुर अटल नगर के लिए स्थानीय अवकाश 09 अगस्त 2024 के स्थान पर 12 नवंबर 2024 को घोषित की गई है। इस आशय का संशोधन आदेश 10 जून 2024 को जारी कर दिया गया है। कलैण्डर वर्ष में 03 स्थानीय अवकाश की घोषणा सामान्य पुस्तक परिपत्र के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों के तहत् जिला स्तर पर कलेक्टर द्वारा की जाती है। किन्तु नवा रायपुर अटल नगर तथा रायपुर शहर के संबंध में यह घोषणा सामान्य प्रशासन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, मंत्रालय महानदी भवन द्वारा की जाती है।सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 09 अगस्त 2024 को प्रदेश में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर पूर्व से ही सामान्य अवकाश घोषित है। उल्लेखनीय है कि दिनांक 09 अगस्त 2024 को पूरे प्रदेश में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर अवकाश रहेगा।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य कर (जीएसटी) विभाग द्वारा सूचना एवं प्रौद्योगिकी का उपयोग कर नई पहल करते हुए “ई-संवीक्षा” पोर्टल लाँच किया गया है। यह पोर्टल श्री रजत बंसल, आयुक्त, राज्य कर, छत्तीसगढ़ की पहल पर राज्य कर मुख्यालय, नवा रायपुर के डायरी कक्ष एवं कम्प्यूटर कक्ष द्वारा तैयार किया गया है जिसके अंतर्गत मैदानी कार्यालयों के समुचित अधिकारियों द्वारा जीएसटी अधिनियम की धारा 61 एवं धारा 73 और/ अथवा धारा 74 के अंतर्गत की जाने वाली कार्यवाहियों की रिपोर्टिंग आनलाईन की जानी है। प्रारंभिक चरण में “ई-संवीक्षा” के अंतर्गत “स्क्रूटनी माड्यूल” बनकर तैयार है एवं लाईव किया जा चुका है तथा “एड्जुडिकेशन माड्यूल” तैयार किया जा रहा है। इससे न केवल विभागीय अधिकारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की मानिटरिंग की जा सकेगी बल्कि ऐसे अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली मासिक डायरी भी आनलाईन होगी और एनालीटिक्स में इससे प्राप्त होने वाले आँकड़ों का राजस्व हित में उपयोग किया जाएगा।इसके अलावा राज्य के व्यापारियों को होने वाली व्यवहारिक परेशानियों का निराकरण करने मे भी “ई-संवीक्षा” माड्यूल कारगर साबित होगा।गौरतलब है कि, राज्य कर आयुक्त के ध्यान में कुछ ऐसे प्रकरण आये थे जिनमें एक ही व्यवसायी की एक ही अवधि के प्रकरण में एक से अधिक अधिकारियों द्वारा अलग-अलग समय पर नोटिस जारी किए गये थे, जिसके बाद आयुक्त द्वारा “ई-संवीक्षा” माड्यूल की आवश्यकता को ध्यान मे रखते हुए इसे तत्काल प्रभाव से लागू करवाया गया है।
- -मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर राजस्व प्रशासन में नवाचार के लिए तैयार की जा रही रणनीतिरायपुर / छत्तीसगढ़ में आगामी कुछ दिनों में राजस्व प्रशासन काफी चुस्त-दुरूस्त नजर आएगा। राजस्व प्रशासन में नई-नई तकनीकों के माध्यम से नवाचार करने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। छत्तीसगढ़ में भूमि संबंधी विवादों को दूर करने के मद्देनजर राजस्व प्रशासन में नई तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इस नई तकनीक का नाम जिओ रिफ्रेंसिंग है। इस तकनीक के माध्यम से भूमि के नक्शों के लिए खसरा के स्थान पर यू.एल.पिन नंबर दिया जाएगा। साथ ही भूमिधारक को भू-आधार कार्ड मिलेगा। राजस्व प्रशासन को सुदृढ़ करने के लिए बजट में 150 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस नई तकनीक के इस्तेमाल को अपनी मंजूरी दे दी है, इसके लिए बजट में प्रावधान भी कर दिया गया है। जिओ रिफ्रेंसिंग तकनीक के उपयोग के लिए राजस्व से जुड़े अमलों की व्यवस्था के साथ ही इनके प्रशिक्षण के लिए रणनीति बनाई जा रही है। जिओ रिफ्रेंसिंग के काम को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार के नवीन पदों का सृजन किया जा रहा है।जिओ रिफ्रेंसिंग तकनीक में छोटी से छोटी भूमि का लॉन्गीट्यूड और एटीट्यूड के माध्यम से वास्तविक भूमि चिन्हांकित करना आसान हो जाएगा। नगरीय क्षेत्रों में भूमि संबंधी आने वाली दिक्कतों के मद्देनजर भूमि का नवीन सर्वेक्षण किया जाएगा। नगरीय क्षेत्रों में भूमि स्केल का पैमाना 1ः500 रखा जाएगा। इससे नगरीय क्षेत्रों में घनी आबादी होने पर ही छोटे से छोटे भूखण्ड को भू नक्शे में आसानी से दर्ज किया जा सकता है। राजस्व प्रशासन में सुधार की दृष्टि से भूमि के डायवर्सन कराने की प्रक्रिया को भी ऑनलाईन करने की योजना है।राजस्व संबंधी दिक्कतें लोगों को उनके क्षेत्र में ही सुलझाने के लिए नये स्थानों परं उप तहसील कार्यालय शुरू करने के भी पहल की जा रही है। इसी प्रकार नवगठित अनुविभागों में भी तहसील कार्यालय शुरू होंगे। राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने मुंगेली जिले के चकरभाठा और बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के सकर्रा में उप तहसील कार्यालय शुरू करने की घोषणा की गई है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना शुरू करने के भी आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
- -60 वर्ष पूर्ण कर चुके आठ और श्रमिकों के पेंशन पर श्रम मंत्री सह छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष लखन लाल देवांगन के निर्देश पर पेंशन जारी-प्रतिमाह 1500 रूपए पेंशन हुआ जारीरायपुर / प्रदेश में मुख्यमंत्री श्रमिक पेंशन योजना के तहत 60 वर्ष पूर्ण कर चुके आठ और श्रमिकों के पेंशन को श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने निर्देश पर जारी किए गए। श्रमिकों के हित और उनके बेहतर जीवन यापन के लिए छत्तीसगढ़ में निर्माण श्रमिकों के पेंशन योजना की शुरूआत 29 मार्च को की गई थी। इस योजना के तहत पात्र निर्माण श्रमिकों को पेंशन राशि सीधे उनके खाते में भेजी जा रही है। इसके अलावा भी कई सारे लाभ मिलेंगे। बुधवार को श्रम मंत्री और छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष लखन लाल देवांगन ने आठ और श्रमिकों का पेंशन जारी किया।श्रमिक हितैषी विष्णुदेव सरकारइस अवसर पर मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि प्रदेश की विष्णुदेव सरकार श्रमिकों की हितेषी है। सरकार की पूरी मंशा है की श्रमिकों को योजना का अधिक से अधिक लाभ मिल सके। श्रमिकों के हित एवं उनके बेहतर जीवन यापन के लिए निर्माण श्रमिकों के पेंशन योजना का लाभ श्रमिको को दिया जा रहा है। जिसमें पात्र निर्माण श्रमिकों को पेंशन राशि सीधे उनके खाते में भेजी जाएगी। इस योजना के तहत् ऐसे पंजीकृत निर्माण श्रमिक जिनकी आयु 60 साल पूरी चुकी है, उन श्रमिकों को हर महीने 1500 रुपये पेंशन के रूप में दिए जाएंगे। अगर पेंशनधारी निर्माण श्रमिक की मृत्यु हो जाती है तो निर्माण श्रमिक के आश्रित (पति/पत्नी) को 750 रूपए मासिक पेंशन दिए जाने का प्रावधान है। इन जिलों के श्रमिकों को राशि हुई जारी महासमुंद के 2 श्रमिक, बेमेतरा के 4 श्रमिकों को, राजनांदगांव और दुर्ग के एक-एक श्रमिक को पेंशन जारी किया गया है।
- -अरण्य भवन रायपुर में कंट्रोल रूम: टॉल फ्री नम्बर 18002337000 स्थापितरायपुर / वनों का अग्नि से बचाव अत्यंत आवश्यक है। इसके मद्देनजर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा प्रदेश के वन क्षेत्रों में आग से बचाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इसके तहत 15 जून 2024 तक वनों को अग्नि से बचाव वन विभाग की प्राथमिकता में है।वन विभाग द्वारा इसके अंतर्गत प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय अरण्य भवन रायपुर में कन्ट्रोल रूम में टॉल फ्री नम्बर 18002337000 स्थापित किया गया है, जिस पर कोई भी व्यक्ति अग्नि घटनाओं की सूचना दे सकते हैं। इसी तरह समस्त वनमंडलों में भी वनमंडल कार्यालयों में अग्नि सुरक्षा हेतु कन्ट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से अग्नि घटनाओं की सतत् निगरानी की जा रही है।वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अग्नि सीजन 15 फरवरी से प्रारंभ हो गया है तथा 15 जून 2024 तक वनों को अग्नि से बचाना विभाग की प्राथमिकता में है। अग्नि से जहां एक ओर प्राकृतिक पुनरूत्पादन के पौधे नष्ट हो जाते हैं वहीं दूसरी ओर वृक्षों की काष्ठ की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। अतएव वनों को अग्नि से बचाव अत्यंत आवश्यक है। अग्नि सुरक्षा हेतु समस्त वनमंडलों में अग्नि रेखाओं की कटाई, सफाई, जलाई की जा चुकी है। वन क्षेत्रों में अग्नि से सुरक्षा हेतु कैम्पा मद से समस्त बीटो में एक-एक अग्नि रक्षक की नियुक्ति की गई है। वनों में लगने वाली आग को बुझाने हेतु कर्मचारियों को आधुनिक उपकरण फायर ब्लोअर उपलब्ध कराया गया है।इसी तरह फारेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया (एफसीआई) से फायर एलर्ट रजिस्टर कराए गए हैं। कर्मचारियों के मोबाइल नम्बरों पर एसएमएस के माध्यम से अग्नि घटना स्थल का जीपीएस निर्देशांक सीधे प्राप्त होता है। इस सूचना का उपयोग अग्नि नियंत्रण में प्रभावी रूप से किया जा रहा है। एफएमआईएस अरण्य भवन रायपुर द्वारा भी प्रतिदिन समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों को एसएमस के माध्यम से अग्नि घटना स्थल का जीपीएस निर्देशांक सूचित किया जा रहा है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव द्वारा विभाग के समस्त अधिकारियों को अग्नि सुरक्षा हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।इसके तहत उन्होंने निर्देशित किया है कि समस्त अधिकारी, कर्मचारी एवं वन सुरक्षा समितियां, वन सुरक्षा श्रमिक, लगाये गये अग्नि प्रहरी वनों की अग्नि से सुरक्षा हेतु सतत् रूप से निरंतर सक्रिय रहेंगे। सुरक्षा में लगे अग्नि प्रहरियों तथा सुरक्षा श्रमिको को वनक्षेत्रों में जहां कहीं भी अग्नि या धुंआ दृष्टिगोचर हो तत्परता से वहां पहुंच कर सुलग रही अग्नि को तत्काल बुझाने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। वन प्रबंधन समितियों को वनों की अग्नि सुरक्षा में सक्रिय जवाबदारी दी जाये। (फारेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया (एफसीआई) देहरादून एवं एफएमआईएस अरण्य भवन रायपुर से प्राप्त अग्नि स्थलो की सूचना के आधार पर तत्काल अग्नि स्थल का निरीक्षण कर आग को बुझाया जाये। आमजनों के बीच वनों की अग्नि से सुरक्षा का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। यह ध्यान में रखें कि लोगों की जागरूकता अग्नि सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।उन्होंने निर्देशित किया है यदि कतिपय प्रकरणों में ऐसा पाया जाता है कि वन क्षेत्रों में आग जानबूझकर अथवा शिकार करने के उद्देश्य से लगाई गई है तो अपराधी का पता लगाकर सम्यक विधिक कार्यवाही कर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया जाये। तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन 2024 में शाखाकर्तन तथा तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान फड़ो के वनक्षेत्रो में अग्नि घटनाऐं होने पर क्रेता करारनामा की शर्तों के तहत कार्यवाही की जाये। इस वर्ष अग्नि प्रकरणों की संख्या एवं अग्नि से प्रभावित रकबे को न्यूनतम रखने का पूर्ण प्रयास किया जाये।
- =महिलाओं को पात्रतानुसार शासन की योजनाओं का शत प्रतिशत मिले लाभ=श्रीमती शम्मी आबिदी ने नियद नेल्लानार के तहत किए जा रहे विभागीय कार्यों की समीक्षा कीरायपुर, / महिला बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने बुधवार को इंद्रावती भवन में नियद नेल्लानार योजना के क्रियान्वयन वाले जिलों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर धरातल पर हो रही प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को मिशन मोड पर कार्य करके क्षेत्र को कुपोषण मुक्त बनाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि माताओं बहनों को शासन की सभी योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ मिले यह सुनिश्चित करें।श्रीमती आबिदी ने नियद नेल्लानार योजना के क्रियान्वयन के बारे में कहा कि निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार बस्तर संभाग के कांकेर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों में शासन की कल्याणकारी योजनाओं से क्षेत्र के लोगों को योजनाबद्ध तरीके से लाभ पहुंचाया जाना है। सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिला बाल विकास विभाग की महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना,रेडी टू ईट, नोनी सुरक्षा योजना का लाभ सभी हितग्राहियों को मिले। गर्भवती, शिशुवती माताओं, बच्चों, किशोरी बालिकाओं का समय पर स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण करने और वजन लेने कहा।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा बस्तर अंचल के सुदूर वनांचल विशेषकर नक्सल प्रभावित गांवों में बुनियादी सुविधाएं और वनवासियों को सरकार की योजनाओं का बिना किसी व्यवधान के लाभ पहुंचाने के प्रयास सफल होने लगे हैं। शासन की नियद नेल्लानार से सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित गांवों में अब यह सुविधाएं तेजी से पहुंचने लगी है।बैठक में महिला बाल विकास विभाग की संचालक सुश्री तुलिका प्रजापति और महिला बाल विकास विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मंत्रालय महानदी भवन में बुधवार को मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, विशेष सचिव, संयुक्त सचिव, उप सचिव तथा अवर सचिव की निजी स्थापना में पदस्थ स्टेनो संवर्ग, स्टाफ ऑफिसर, निज सचिव, निज सहायक, शीघ्रलेखक, स्टेनो टायपिस्ट सहित अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों को सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।प्रशिक्षण के शुभारंभ अवसर पर सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी. ने सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 विषय पर प्रशिक्षण की आवश्यकता एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज सूचना क्रांति के दौर में नित नई-नई सूचनाएं हमें मिलती रहती है। उन्होंने कहा कि शासन के नियमों और अधिनियमों की जानकारी सभी शासकीय सेवकों को मिलनी चाहिए। निजी स्टाफ को शासन-प्रशासन की महत्वपूर्ण जानकारी के रूप में सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 से परिचित होना जरूरी है। उन्हें जन सूचना अधिकारी व अपीलीय अधिकारी के नाम व विभाग में किस पद पर कार्यरत है, उसकी जानकारी होना चाहिए ताकि वह सीधे संबंधित अधिकारी से पत्राचार कर सके। निजी स्टाफ जितना जानकार होगा, शासन-प्रशासन के कार्यों में और अधिक पारदर्शी व तेजी से कार्य का संचालन संभव होगा। सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 शासन-प्रशासन की पारदर्शिता एवं जवाबदेही हेतु मुख्यालय से लेकर हर स्तर पर शासकीय कार्यालय में लागू किया गया है, जिसे जानना हर एक शासकीय सेवक का दायित्व एवं कर्तव्य है।छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग से प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित डॉ. गीता दीवान, श्री अतुल वर्मा, श्री जे. अग्रवाल व श्री लोकेश के द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत् प्राप्त होने वाले पत्रों की जानकारी, उस पर कार्यवाही तथा जनसूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारी के दायित्वों व कर्तव्यों से संबंधित विषय पर विभिन्न विभागों के उदाहरण के साथ विस्तार से जानकारी दी गयी। सामान्य प्रशासन विभाग की अवर सचिव श्रीमती अंशिका ऋषि पाण्डेय के द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की विभिन्न धाराओं की जानकारी के बारे में प्रशिक्षणाथियों से सवाल-जवाब किया गया। साथ ही प्रशिक्षण के बारे में फीडबैक भी प्रदान करने कहा गया ताकि आने वाले समय में और अधिक प्रभावी रूप से अधिकारियों-कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके।प्रशिक्षण सत्र के अंत में श्री देवलाल भारती, अवर सचिव इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के द्वारा राज्य सूचना आयोग के प्रशिक्षकों के साथ ही सभी उपस्थित अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षण में भाग लेने तथा सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा अधिक सजग एवं जागरूक करने के उद्देश्य से सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 विषय पर प्रशिक्षण कार्यकम आयोजन करने के लिए आभार व्यक्त किया गया। साथ ही ऐसे प्रशिक्षण हर एक स्तर पर शासकीय सेवकों को दिए जाने के लिए कहा गया।
- -राजस्व अधिकारी नामांतरण सीमांकन के प्रकरणों की समीक्षा कर बरसात के पहले निराकरण की करें कार्यवाही-लोगों के छोटे-छोटे कार्यों को अधिकारी दें प्राथमिकता : श्री जायसवालरायपुर। , लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा एवं बीस सूत्रीय कार्यान्वयन मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बुधवार को मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले के कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक कर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली।स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में कहा कि जिला कलेक्टर प्रत्येक साप्ताहिक समय सीमा की बैठक में विभागीय योजनाओं की नियमित समीक्षा करें। राजस्व अधिकारी नामांतरण सीमांकन के प्रकरणों की समीक्षा कर बरसात के पहले निराकरण की कार्यवाही करें। लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाएं, जिससे आमजन को लाभ हो। आमाखेरवा में जो भी कार्यालय बनने वाले हैं उनका जिला अधिकारी संयुक्त सर्वे कर जल्द से जल्द प्रस्ताव भेजे।उन्होंने विभिन्न विभागों को अनुपूरक बजट में कार्य जोड़ने के लिए प्रस्ताव जल्द से जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने राजस्व अमला से कहा कि जिले में जहां भी सामुदायिक उपयोग के जमीन पर अतिक्रमण हो रहा है। उसको पहले सख्ती से रोके। उन्होंने जिले में जितने भी वन अधिकार पत्र के पट्टे बटने है। उनका निराकरण यथाशीघ्र करने के निर्देश दिये।स्वास्थ्य मंत्री ने चिरमिरी नगर निगम आयुक्त को पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने नगर पंचायत लेदरी, खोंगापानी, मनेंद्रगढ़ तथा झगराखाड़ में पानी एवं बरसात से पहले छोटे मोटे नालों की साफ-सफाई करने के लिए पीएचई, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग तथा एसईसीएल के अधिकारियों की संयुक्त बैठक कर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने सहकारिता एवं कृषि विभाग को संयुक्त रूप जिले में खाद एवं बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। इसके साथ ही उन्होंने किसानों कम मात्रा में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में मिलेट बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। मिलेट्स के तहत कोदो- कुटकी, रागी, ज्वार, दलहन, तिलहन आदि फसलों के रकबा को बढ़ाने के निर्देश दिए तथा किसानों को प्रोत्साहित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों को समय पर मानक बीज, खाद, कीटनाशक दवाई आदि वितरण सुनिश्चित हो।श्री जायसवाल ने जल संसाधन विभाग को साजाखाड़, सलका, अंजनी जलाशय, सिंघत, बरदर जलाशय के नहर लाइन को ठीक करने के निर्देश दिये। उन्होंने जिले में आय, जाति, निवास, आधार, आयुष्मान कार्ड के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में माह में एक-एक शिविर आयोजित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा की दीर्घकालीन रूप से आप जो भी कार्य करें उसे अच्छे से करें। लोगों के छोटे-छोटे कार्यों को प्राथमिकता से करें। जिलाधिकारी ऐसे लोगों के लिए प्रत्येक ब्लॉक में कैम्प लगाकर उनके कार्यों को कराना सुनिश्चित करें। इसी तरह उन्होंने लोक निर्माण विभाग, खनिज, श्रम, उद्योग, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, पंचायत सहित विभिन्न शासकीय विभागों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

















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