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- -आम जनता से जुड़ी योजनाओं की प्राथमिकता के साथ की जाएगी समीक्षा-कृषि, उद्यानिकी, पशुधन विकास, मत्स्य पालन और दुग्ध महासंघ की समीक्षा 13 जून-स्वास्थ्य सेवाएं तथा चिकित्सा शिक्षा, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की समीक्षा 14 जून को-लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा गृह एवं जेल विभाग की समीक्षा 15 जून कोरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रशासनिक काम-काज में कसावट लाने के लिए विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठकों का सिलसिला 13 जून से शुरू कर रहे हैं। इन बैठकों में आम जनता से जुड़ी योजनाओं की गहन समीक्षा की जाएगी। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण पिछले तीन माह से प्रशासनिक काम-काज की गति कुछ धीमी हो गई थी। मुख्यमंत्री श्री साय विभागों की समीक्षा कर काम-काज में गति लाने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में विभागीय सचिवों और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देंगे।मुख्यमंत्री श्री साय 13 जून को अपने निवास कार्यालय में दोपहर 01 बजे से कृषि एवं उद्यानिकी विभाग तथा अपरान्ह 03 बजे से पशुधन विकास, मत्स्य पालन और दुग्ध महासंघ के काम-काज की समीक्षा करेंगे। संबंधित विभागों के सचिवों को विभागीय गतिविधियों और संचालित योजनाओं की अद्यतन जानकारी के साथ बैठक में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में मुख्यमंत्री खरीफ फसलों की तैयारी, खाद-बीज के भण्डारण, वितरण, विभागीय योजनाओं की समीक्षा करेंगे।मुख्यमंत्री श्री साय 14 जून को मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर अटल नगर में पूर्वान्ह 11.30 बजे स्वास्थ्य सेवाएं तथा अपरान्ह 03 बजे चिकित्सा शिक्षा, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की समीक्षा करेंगे। स्वास्थ्य विभाग की बैठक में आयुष्मान भारत सहित आम जनता को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा होगी। समीक्षा बैठक में इसी क्रम में मुख्यमंत्री 15 जून को अपने निवास कार्यालय में पूर्वान्ह 11.30 बजे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा अपरान्ह 02 बजे गृह एवं जेल विभाग की समीक्षा करेंगे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान जल जीवन मिशन के कार्यों की भी समीक्षा की जाएगी।
- - रोज लगातार विभागों की समीक्षा बैठकें-शुरूआत होगी खेती-किसानी की तैयारियों से-स्वास्थ्य सुविधाओं, दवाइयों की उपलब्धता पर भी होगी बात-राज्य की कानून व्यवस्था का भी जानेंगे हालरायपुर // छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य में विकास कार्यों की रफ्तार और तेज करने के लिए विभिन्न विभागों में चल रहे कामकाज की गहन समीक्षा शुरू कर दी है। कल 13 जून से वे लगातार एक के बाद एक महत्वपूर्ण विभागों की बैठकें लेंगे और शासन की प्राथमिकताओं वाले कार्यों के संबंध में दिशा-निर्देश देंगे।मुख्यमंत्री द्वारा समीक्षा बैठकों की शुरूआत 13 जून को कृषि एवं उद्यानिकी तथा पशुधन विकास, मत्स्य पालन, दुग्ध महासंघ जैसे विभागों एवं संगठनों की समीक्षा के साथ की जाएगी। राज्य में शीघ्र ही मानसून के सक्रिय होने की संभावना है, इसे देखते हुए खेती-किसानी के काम में तेजी आ चुकी है। श्री साय किसानों को पहले ही आश्वस्त कर चुके हैं कि राज्य में गुणवत्तापूर्ण खाद एवं बीजों की अबाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। राज्य सरकार द्वारा उद्यानिकी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी तरह पशुधन विकास और दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ की पहचान देश के प्रमुख मछली उत्पादक राज्य के रूप में होती है। राज्य सरकार मछली उत्पादन को बढ़ाने के लिए भी अपनी प्रतिबद्धता जाहिर कर चुकी है।14 जून को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवाएं, चिकित्सा शिक्षा एवं औषधि प्रशासन की समीक्षा बैठकें लेंगे। इन बैठकों में वर्षा काल में होने वाली बीमारियों की रोकथाम की तैयारियों एवं दवाइयों की उपलब्धता के संबंध में वे जानकारी देंगे एवं आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे।15 जून को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, गृह एवं जेल विभाग की समीक्षा बैठक लेंगे। वर्षा काल में दूरदराज के क्षेत्रों में भी पीने के साफ पानी की उपलब्धता के संबंध में वे तैयारियों की समीक्षा करेंगे और आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। इसी तरह गृह एवं जेल विभाग की बैठक में वे राज्य की कानून व्यवस्था की समीक्षा करेंगे और आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे।
- -प्रदेश भर के 180 खिलाड़ी आजमाएंगे अपना भाग्य-आशीष शर्मा स्मृति राज्य स्तरीय शतरंज स्पर्धारायपुर। छत्तीसगढ़ के सबसे बड़ी इनामी राशि वाले स्विस लीग शतरंज प्रतियोगिता का शुभारंभ आज 13 जून को शाम 4 बजे विप्र महाविद्यालय (पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय परिसर) रायपुर में होगा।शतरंज के त्यौहार के रूप में होने वाली इस स्पर्धा का उद्घाटन नगर निगम रायपुर लोक निर्माण विभाग के अध्यक्ष श्री ज्ञानेश शर्मा , नगर निगम रायपुर के सभापति श्री प्रमोद दुबे एवम भूतपूर्व विश्वविद्यालय शिक्षण संघ के अध्यक्ष श्री अविनाश शुक्ला करेंगे।रायपुर जिला शतरंज संघ के सचिव नवीन शुक्ला ने यह जानकारी देते हुए बताया कि रायपुर जिला शतरंज द्वारा मितान ,ग्रीन आर्मी एवम विप्र महाविद्यालय के सहयोग स आयोजित इस स्पर्धा में कुल 70300/- कैश प्राइज तथा 8 मोमेंटो एवं 36 ट्रॉफी तथा 135 मेडल को मिलाकर लगभग एक लाख पच्चीस हजार रुपये इनाम के रूप में दिए जाएंगे।इस स्पर्धा में अभी तक कुल 180 प्रतिभागियों की एंट्री आ गई हंै और देर रात तक कुल 200 प्रतिभागियों के आने की संभावना है। स्पर्धा में रायपुर के अलावा बस्तर, कवर्धा,कबीरधाम, महासमुंद, दुर्ग,भिलाई, राजनांदगांव ,धमतरी,शक्ति, रायगढ़ ,बिलासपुर समेत छत्तीसगढ़ के सुदूर हिस्सों से खिलाड़ी भाग ले रहे है।मुख्य ओपन वर्ग एवम बालिका वर्ग के अलावा रायपुर जिले के अंडर 7 अंडर 9 अंडर 11 अंडर 13 वर्ग बी के प्रतियोगियों को प्रोत्साहन देने के लिए अलग से पुरुस्कार प्रदान किये जायेंगे।प्रतियोगिता 7 चक्रों में खेली जाएगी। इस स्पर्धा के प्रतियोगिता निर्देशक जिला शतरंज संघ के सचिव श्री नवीन शुक्ला एवम अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी श्री आनंद अवधिया हंै । मुख्य निर्णायक फिडे ऑर्बिटर एवं फिडे इंस्ट्रक्टर श्री रोहित यादव हंै और सहायक निर्णायक के रूप में सीनियर नेशनल ऑर्बिटर श्री दिव्यांशु उपाध्याय,श्रीमती राजेश्वरी ध्रुववंशी,श्रीमती हेमा नागेश्वर तथा श्री अनूप झा होंगे ।आयोजन समिति में आशुतोष शर्मा(अध्यक्ष मितान),मेघेश तिवारी(प्राचार्य विप्र महाविद्यालय), अमिताभ दुबे (संस्थापक ग्रीन आर्मी) नवीन शुक्ला(सचिव रायपुर जिला शतरंज संघ) एम चन्द्रशेखर, संदीप दीवान , गौरव दीवान , अजय पांडे, विवेक शर्मा, विकास शर्मा, तुषार तिवारी, शिवांश शुक्ला, सुयश शर्मा, संजय परमार, सौरभ शर्मा , नीतीश शुक्ला, कैलाश शर्मा समेत ग्रीन आर्मी , मितान ,विप्र महाविद्यालय और रायपुर जिला शतरंज संघ के सभी सदस्य शामिल है।
- -209 गांवों, सहित 80,000 उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभरायपुर, । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा विद्युत अधोसंरचना विकास कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देशों के अनुरूप छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनियों के कार्यों में तेजी दिखाई पड़ने लगी है, जिसके तहत आज पाटन जिला दुर्ग में 220/132 के.वी. विद्युत उपकेंद्र तथा 160 एम.वी.ए. का ट्रांसफार्मर प्रबंध निदेशक, पारेषण कंपनी श्री राजेश कुमार शुक्ला द्वारा ऊर्जीकृत किया गया। प्रदेश के ऊर्जा सचिव तथा छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनियों के अध्यक्ष श्री पी. दयानंद ने इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए अन्य कार्यों को भी अतिशीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए है।पाटन में इस अति उच्चदाब विद्युत उपकेंद्र के ऊर्जीकृत होने से धमतरी, दुर्ग तथा रायपुर जिलों के विद्युत उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। इस उपकेंद्र से नवनिर्मित 132/33 के.वी. उपकेंद्र अमलेश्वर को विद्युत सप्लाई दी जाएगी एवं भविष्य में 132/33 के.वी. उपकेंद्र अंडा, जामगांव, अर्जुनी, भखारा, भिलाई, रूआबांधा एवं 220/132 के.वी. उपकेंद्र डोमा को भी विद्युत प्रदाय किया जाएगा। इस उपकेंद्र के बनने से इस क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ होगी एवं विद्युत व्यवधान में कमी आएगी। यह अत्यंत महत्वपूर्ण उपकेंद्र होगा। यहाँ से 12 नग फीडर निकलेंगे जो कि रायपुर, भिलाई, दुर्ग, धमतरी जिलों को सुविधा प्रदान करेंगे। इस विद्युत उपकेंद्र के ऊर्जीकृत होने से 209 गांवों, 2 नगर पंचायतों, 2 नगरपालिका निगमों के लगभग 80,000 विद्युत उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति का लाभ मिलेगा। इस कार्य की लागत 58 करोड़ रुपये से अधिक है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत पारेषण कंपनी के कार्यपालक निदेशकगण श्री के.एस. मनोटिया, श्री राजेश चंद्र अग्रवाल, श्री एम.एस. चौहान, मुख्य अभियंतागण श्री डी.के. तुली, श्री जी. आनंदराव, श्री अविनाश सोनेकर, श्री ए.के. अंबस्थ, श्री आर.एम. जामुलकर, अतिरिक्त मुख्य अभियंतागण श्रीमती चंद्रकला गिडवानी, श्री वी.के. दीक्षित, अधीक्षण अभियंतागण श्री पी पी सिंह एस.के. लखेरा, श्री मनोज राय तथा अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के अतिरिक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क) श्री उमेश कुमार मिश्रा की सोशलमीडिया फोटो का इस्तेमाल कर उनके मित्रों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजे जा रहे हैं। अज्ञात व्यक्ति व्दारा सोशल मीडिया में श्री मिश्रा की प्रोफाइल फोटो (डीपी) लगाकर धोखाधड़ी की आशंका है। श्री मिश्रा ने इससे सावधान रहने और भ्रमित नहीं होने की अपील की है। श्री मिश्रा ने कहा कि ऐसे किसी तरह के मैसेज प्राप्त हो तो उसमें प्रतिक्रिया ना दें। ऐसे फर्जी व्यक्तियों से सावधान रहे धोखाधड़ी हो सकती है। इस संबंध में साइबर पुलिस को भी समुचित कार्रवाई करने के लिए सूचित किया गया है।
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रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज भुवनेश्वर प्रवास के दौरान केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा सरमा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव और रायपुर संसदीय क्षेत्र से नव निर्वाचित सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल भी उपस्थित थे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री साय आज ओडिशा के नए मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए भुवनेश्वर पहुंचे थे।
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रायपुर /छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं हायर सेकण्डरी की मुख्य/ अवसर परीक्षाएं वर्ष में तीन बार आयोजित होगी। प्रथम परीक्षा माह अप्रैल में, द्वितीय परीक्षा माह अगस्त में एवं तृतीय परीक्षा माह नवम्बर में आयोजित की जाएगी। वर्ष 2024 प्रथम परीक्षा माह अप्रैल की भांति द्वितीय परीक्षा एवं तृतीय परीक्षा में सामान्य, क्रेडिट, आर.टी.डी एवं अवसर के परीक्षार्थी नियमानुसार सम्मिलित हो सकते है।
राज्य ओपन स्कूल के अधिकारियों ने बताया कि अगस्त 2024 में आयोजित होने वाली द्वितीय परीक्षा हेतु सामान्य शुल्क के साथ प्रवेश की अंतिम तिथि 30 जून 2024 तक तथा 01 जुलाई से 05 जुलाई 2024 तक विलंब शुल्क के साथ अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। इसी प्रकार नवम्बर 2024 में आयोजित होने वाली तृतीय परीक्षा हेतु सामान्य शुल्क के साथ 01 सितम्बर 2024 से 05 अक्टूबर 2024 तक तथा 06 अक्टूबर 2024 से 10 अक्टूबर 2024 तक विलंब शुल्क के साथ प्रवेश की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। - -ओडिशा के नए मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी को दी शुभकामनाएं-उप मुख्यमंत्री द्वय सहित मंत्रिमंडल के सदस्यों को भी दी बधाईरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज शाम भुवनेश्वर के जनता मैदान में आयोजित ओडिशा के नये मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री माझी को पुष्प गुच्छ भेंटकर अपनी शुभकामनाएं दीं। साथ ही ओडिशा के नए उप मुख्यमंत्री द्वय के रूप में शपथ लेने वाले श्री के. वी. सिंहदेव और श्रीमती प्रवती परिदा सहित मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले सभी मंत्रिगणों को भी अपनी बधाई और शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी के कुशल नेतृत्व में ओडिशा राज्य निश्चित ही विकास के हर मानकों पर खरा उतरेगा। महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी से कामना करता हूँ कि वन संपदा, खनिज संपदा और मेहनतकश लोगों से परिपूर्ण यह राज्य उत्तरोत्तर प्रगति करे, तरक्की के नए आयाम गढ़े। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकसित भारत बनाने का जो संकल्प लिया है, उसे पूरा करने में ओडिशा राज्य भी अपनी महत्वपूर्ण और प्रभावी भूमिका निभाएगा। छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य होने के नाते ओडिशा से हमारे आत्मीय संबंध हैं। हम ओडिशा और छत्तीसगढ़ के साझा हित और परस्पर विकास की दिशा में समर्पित होकर कार्य करेंगे।
- -कहा- जीत में मुख्यमंत्री के चुनाव प्रचार का बड़ा योगदान-ओडिशा में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव सायरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बुधवार को ओडिशा राज्य के नए मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी एवं उनके मंत्रिगणों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय से ओडिशा के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से आए अनेक नवनिर्वाचित विधायकों ने भुवनेश्वर में सौजन्य मुलाकात कर उनका आभार जताया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी का अभिवादन स्वीकार करते हुए भारतीय जनता पार्टी की सरकार के गठन पर शुभकामनाएं दी।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पड़ोसी राज्य ओडिशा के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में सघन चुनाव प्रचार किया था और इन इलाकों में भाजपा प्रत्याशियों ने बड़े अंतर से जीत हासिल की है। इसी आशय के साथ ही ओडिशा के नव निर्वाचित विधायक मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त करने उनसे मिलने पहुंचे थे।मुख्यमंत्री श्री साय से विधायकों ने कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल ओडिशा का पड़ोसी राज्य है, बल्कि प्रदेश का बड़ा इलाका छत्तीसगढ़ से अपनी सीमा साझा करता हैं। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच मजबूत सांस्कृतिक, सामाजिक संबंध है। बड़े पैमाने पर व्यापारिक गतिविधियां भी दोनों राज्यों के बीच संचालित होती हैं। दोनों राज्यों के हित परस्पर जुड़े हुए हैं, जिसका प्रभाव चुनाव पर भी पड़ता है। विधायकों ने मुख्यमंत्री श्री साय से कहा कि ओडिशा से आपका स्नेह सहज ही दिखता है। छत्तीसगढ़ में चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद आपने ओडिशा सहित अन्य राज्यों में लगातार चुनाव प्रचार किया। ओडिशा राज्य में आपके द्वारा किए गए चुनाव प्रचार के परिणाम स्वरूप 24 सालों से सत्ता पर काबिज नवीन पटनायक की सरकार को दर किनारे कर विधानसभा चुनाव में पहली बार पूर्ण बहुमत हासिल करने में कामयाब रही। लोक सभा चुनाव में भी पार्टी ने ओडिशा में 20 सीटें हासिल की है। मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा कि मुझे आप सभी से और ओडिशा की जनता से उतना ही स्नेह मिलता है, जितना मेरे छत्तीसगढ़ के नागरिकों से मुझे मिलता रहा है। ओडिशा में डबल इंजन की सरकार बन गई है। महाप्रभु श्री जगन्नाथ की कृपा से निश्चय ही ओडिशा तेजी से विकसित राज्य की श्रेणी में खड़ा होगा और प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के विकसित भारत के विजन को पूरा करने में महत्वपूर्ण साझेदारी करेगा।
- रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से बुधवार को यहाँ उनके निवास कार्यालय में बस्तर लोकसभा क्षेत्र से नवनिर्वाचित सांसद श्री महेश कश्यप ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को उपहार स्वरूप काष्ठ शिल्प से निर्मित भगवान श्री राम की मूर्ति भेंट की। मुख्यमंत्री ने श्री कश्यप को लोकसभा सांसद निर्वाचित होने पर बधाई एवं शुभकामनाएँ दी।
- -श्री डोमार अपने परिवार के लिए एक पक्का घर बनाने में हुआ सक्षमदुर्ग, /प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) पूरे छत्तीसगढ़ में लाखों लोगों को किफायती दरों में आवास प्रदान करने में सहायक रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना लागू होने से लोगों को बुनियादी सुविधाओं के साथ घरों के निर्माण के लिए पात्र ग्रामीण और शहरी परिवारों को सहायता प्रदान करती है। ऐसी ही एक लाभार्थी की विशिष्ट सफलता की कहानी बताई जा रही है।जनपद पंचायत दुर्ग के एक छोटे से गांव कोड़िया के हितग्राही श्री डोमार साहू पिता श्री प्रेम साहू और उनके परिवार का आवास कुछ साल पहले तक एक जीर्ण-शीर्ण मिट्टी के घर में रहते थे, बरसात के दिनो में छत से पानी रिसाव होता था, जिससे परिवार को बहुत संर्घष का सामना पड़ता था। श्री डोमार जीवन यापन के लिए दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करता था और अपने परिवार के लिए उचित घर जुटाने के लिए संघर्ष करता था। जब श्री डोमार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के बारे में सुना तो उन्होंने आवेदन करने का फैसला किया। उन्होंने सभी आवश्यक दस्तावेज एकत्र किए और अपना आवेदन जमा करने के लिए स्थानीय सरकारी कार्यालय (ग्राम पंचायत) में आवेदन जमा किया। कुछ महीनों तक उत्सुकतापूर्वक प्रतीक्षा करने के बाद डोमार को वह समाचार मिला जिसकी वह आशा कर रहा था। उसका आवेदन स्वीकृत हो गया।प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) द्वारा प्रदान की गई वित्तीय सहायता से श्री डोमार अपने परिवार के लिए एक पक्का घर बनाने में सक्षम हुआ। नए घर में उचित दीवारें थीं, एक छत थी जो टपकती नहीं थी, और बिजली और पानी के कनेक्शन जैसी बुनियादी सुविधाएं थीं। इससे न केवल उनकी जीवन स्थितियों में सुधार हुआ बल्कि उन्हें सुरक्षा और सम्मान की भावना भी मिली। आज श्री डोमार को अब मानसून के मौसम या कठोर सर्दियों के दौरान अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता नहीं है। उनके बच्चों के पास पढ़ने के लिए एक आरामदायक जगह है, और वह अपर्याप्त आवास के निरंतर बोझ के बिना उनके भविष्य को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। श्री डोमार की कहानी इस बात के कई उदाहरणों में से एक है कि कैसे प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) पूरे छत्तीसगढ़ में लोगों के जीवन को बदल रही है, उन्हें एक अच्छा घर का निर्माण करने और अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य बनाने का अवसर प्रदान कर रही है।
- दुर्ग / जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र दुर्ग द्वारा जिले में नियोजक द्वारा उपलब्ध 30 रिक्त पदों को भरने के लिए प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन 14 जून 2024 को सुबह 10.30 बजे से जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग में किया जाएगा। प्लेसमेंट कैम्प में नियोजक गलोबल बायो साइंस बोरसी दुर्ग द्वारा सर्विस इंजीनियर के 3, अकाउंटेंट के 1 एवं क्षेत्रीय ग्रामीण फाइनेंस सर्विस प्रा.लि. द्वारा सेल्स एक्जीक्यूटिव केे कुल 60 पदों पर भर्ती की जाएगी।जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग के उपसंचालक श्री आर.के. कुर्रे के अनुसार इच्छुक आवेदक समस्त शैक्षणिक मूल प्रमाण एवं अंकसूची, पहचान पत्र (मतदाता परिचय पत्र, आधार कार्ड, पेन कार्ड, ड्रायविंग लाइसेंस, राशन कार्ड) रोजगार कार्यालय का पंजीयन पत्रक, छ.ग. निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र के साथ उपस्थित हो सकते है। पदों, योग्यता, आयु एवं अनुभव से संबंधित जानकारी आवेदक प्लेसमेंट केम्प स्थल पर प्राप्त कर सकते हैं।
- -संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित अंर्तराष्ट्रीय खेल दिवस में बच्चों, पालकों एवं समुदाय के लोगों ने ली हिस्सेदारीदुर्ग, / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अंर्तराष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर विभिन्न पारंपरिक खेलों का आयोजन किया गया। युवोदय स्वयंसेवकों के द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से ’परवरिश के चैंपियन (पालन पोषण चैंपियन) के तहत खेल के महत्व पर सभी आँगनबाड़ी केंद्रों में सत्र आयोजित किया गया। यनिसेफ इकाई दुर्ग के द्वारा आज जिला प्रशासन, समुदाय एवं पालकों के साथ संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित पहले अंर्तराष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन किया गया। यह वैश्विक अभियान बच्चों के समग्र विकास में खेल के महत्व को बताता है। इस आयोजन में आँगनबाड़ी केंद्र के बच्चों, पालकों एवं समुदाय के सहयोग से युवोदय स्वयं सेवकों के द्वारा विभिन्न खेल का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य रूप से चिड़िया उड़, गोटा, बिल्लस, नदी पहाड़, नौ गोटिया, भौरा, कुढ़ील, बाघ-बकरी, पंजा लडाई, रेसटीप, भोटकुल, तिरी पासा, इंकी पिंकी व्हाट कलर, रस्सी कूद आदि खेलो का आयोजन किया गया। खेल में बच्चों के साथ पालकों के द्वारा भी विभिन्न खेलों में हिस्सेदारी ली गई।यूनिसेफ छत्तीसगढ़ की शिक्षा विशेषज्ञ छाया कुवर ने कहा कि, “खेल हर बच्चे का मौलिक अधिकार है। यह उनके संज्ञानात्मक, शारीरिक, सामाजिक, और भावनात्मक कल्याण में योगदान देता है। खेल बौद्धिक, सामाजिक, भावनात्मक और शारीरिक क्षेत्रों में सीखने के अवसर पैदा करता है। खेल के माध्यम से बच्चे दूसरों से संबंध बनाते हैं, नेतृत्व कौशल में विकसित करते हैं, चुनौतियों का सामना करते हैं और अपने डरों को जीतते हैं।” यूनिसेफ छत्तीसगढ़ ने इस दिन को मनाने के लिए राज्य के चयनित जिलों में कई गतिविधियों का आयोजन किया है। स्कूल, ए.डब्ल्यू.सी. और सार्वजनिक स्थानों पर हंसी और आनंद का केंद्र बनाया जाएगा, जहां बच्चे विभिन्न स्थानीय खेलों और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेंगे।सामाजिक और व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ यूनिसेफ छत्तीसगढ़ श्री अभिषेक सिंह ने कहा “खेल बच्चों के जीवन में सृजनात्मकता, नवाचार, और नेतृत्व को बढ़ावा देता है। जब बच्चे खेलते हैं, तो वे आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हैं। इन उद्देश्यों के साथ, चलिए 11 जून को अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस का जश्न मनाते हैं, हमारे स्कूलों, घरों, और पड़ोस में बच्चों के साथ खेल की गतिविधि में शामिल होकर और उनके शारीरिक और मानसिक विकास का समर्थन करते हैं,”संग्या टंडन अरपा सामुदायिक रेडियो बिलासपुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सभी सामुदायिक रेडियो स्टेशन आज इस अभियान का हिस्सा हैं और समुदाय के साथ माता-पिता की भूमिका और खेल के महत्व पर संवाद कर रहे हैं। इसी कड़ी में ग्राम कोलिहापूरी युवोदय ब्लॉक समन्वयक प्रगति मोहबे एवं युवोदय स्वयं सेवको के द्वारा मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित खेल का आयोजन किया गया जिसमे लगभग 150 समुदाय के प्रतिभागियों ने हिस्सेदारी ली। कार्यक्रम के आयोजन में युवोदय स्वयं सेवक दुर्ग की विशेष भूमिका रही।
- - धान के उठाव के साथ आगामी खरीदी हेतु बारदाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें अधिकारी- वर्षा जल संचयन हेतु जिले में हो बेहतर कार्य- प्रस्तावित कार्ययोजना के तहत हो वृक्षारोपण- नये शिक्षा सत्र में शाला प्रवेश से कोई भी बच्चा न रहे वंचितदुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने कहा है कि समय-सीमा के प्रकरण निर्धारित समय अवधि में निराकरण किया जाए। लंबित प्रकरण शीघ्र निपटायें अधिकारी। उन्होंने आज समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारियों की बैठक में विभागवार समय-सीमा प्रकरण, जनचौपाल, पीजीएन और सार्थ-ई पोर्टल में लंबित आवेदनों की विभागवार गहन समीक्षा की। उन्होंने पीजीएन के एक वर्ष तक लंबित प्रकरण पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रकरण शीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने जिले के सहकारी समितियों में खाद एवं खरीफ धान बीज की भंडारण एवं वितरण की समीक्षा करते हुए कहा कि समितियों में पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही किसानों के आवश्यकता के मुताबिक खाद एवं बीज उपलब्ध करायी जाए। इसी प्रकार समितियों में शेष बचे धान का उठाव हेतु मिलर्स को प्रेरित करें। उन्हांेने आगामी धान खरीदी हेतु अभी से बारदाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने डीएमओ को निर्देशित किया। कलेक्टर ने जिले में वर्षा जल संचयन के संबंध में फाईट द बाईट और कैच द रैन की जानकारी ली। उन्होंने आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए कहा कि जिले में वर्षा जल संचयन हेतु बेहतर कार्य होना चाहिए। नगरीय निकायों में नालों की सफाई एवं रैनवॉटरहैस्टिंग सिस्टम को बढ़ावा तथा ग्राम पंचायतों में जनजागरूकता के साथ तालाबों एवं सोखपिट की सफाई पर विशेष जोर दिया जाए। लोगों को जल संरक्षण के महत्व बतायी जाए। कलेक्टर ने मानसून सत्र में वृक्षारोपण हेतु अधिकारियों को विभागवार प्रस्तावित कार्ययोजना के तहत पौधरोपण हेतु स्थान चिन्हांकित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पौधे वन विभाग एवं जनसहयोग से उपलब्ध कराए जाएंगे। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने शाला प्रवेशोत्सव की जानकारी ली। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शिक्षा सत्र प्रारंभ होने के साथ 18 जून से शाला प्रवेशोत्सव सभी शालाओं में प्रारंभ हो जाएगा। 22 एवं 23 जून को विकासखण्ड स्तरीय उत्सव तथा 25 जून को जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर ने शाला प्रवेशोत्सव में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने एवं व्यवस्था हेतु संबंधित जनपद सीईओ और एसडीएम को निर्देशित किया। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि नये शिक्षा सत्र में शाला प्रवेश से कोई भी बच्चा वंचित न रहे, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्माण कार्य एजेंसी विभागों को स्वीकृत निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के साथ जो निर्माण कार्य पूर्ण हो गये है, उन्हें संबंधित विभाग को हैण्डओवर करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार डीएमएफ के कार्यों का यूसी/सीसी उपलब्ध कराने विभागों को निर्देशित किया। कलेक्टर ने कहा कि केन्द्र सरकार की महिला लखपति योजना अंतर्गत विभागीय योजनाओं के हितग्राही महिला/समूहों को अधिक से अधिक लाभान्वित कराने आवश्यक पहल किया जाए। बैठक में सीएसपीडीसीएल द्वारा विद्युत सबस्टेशन निर्माण हेतु जमीन की उपलब्धता एवं विभागों में लंबित विद्युत देयक बिल भुगतान पर भी चर्चा की गई। बैठक में डीएफओ श्री चन्द्रशेखर परदेशी, नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री देवेश ध्रुव, जिला पंचायत के सीईओ श्री अश्वनी देवांगन, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री लोकेश चन्द्राकर, नगर निगम भिलाई-चरौदा के आयुक्त श्री दशरथ राजपूत, अपर कलेक्टर श्री बी.के. दुबे, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी सहित सभी एसडीएम, सभी जनपद सीईओ एवं समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
- - जिला स्तरीय समिति की बैठक में विभागों से सुझाव आमंत्रितदुर्ग, / भारत सरकार के नीति आयोग के अनुसार विकसित भारत @2047 तैयार किया जाना है। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ में राज्य नीति आयोग द्वारा अमृतकाल छत्तीसगढ़ विजन @2047 विजन डाक्यूमेंट तैयार करने के संबंध में जिला स्तरीय विजन संबंधी सुझाव मांगे गये हैं। इसी सिलसिले में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि जिले के विभिन्न सेक्टरों हेतु संभावनाएं, फोकस एरिया एवं लघु (पांच वर्ष), मध्यम (दस वर्ष), दीर्घकाल (25 वर्ष) के लिए एक्शन पाईंट चिन्हांकित कर जिले से संबंधित सुझाव जिला स्तरीय समिति के माध्यम से प्रेषित किया जाना है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की परिकल्पना को साकार करने में छत्तीसगढ़ राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। छत्तीसगढ़ राज्य में भी 2047 तक सभी सेक्टर्स के त्वरित विकास हो, सुनिश्चित करने के लिए राज्य नीति आयोग छत्तीसगढ़ द्वारा अमृतकाल छत्तीसगढ़ विजन @2047 विजन डाक्यूमेंट तैयार करने का कार्य संपादित किया जा रहा है। सर्व समावेशी विजन डाक्यूमेंट तैयार करने का उद्देश्य छत्तीसगढ़ राज्य के समावेशी विकास सुनिश्चित करना है। दुर्ग जिले के अंतर्गत भी जिला स्तर पर इस दिशा में कार्य किया जा रहा है। जिसके लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। समिति का संयोजक सीईओ जिला पंचायत एवं सहसंयोजक जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी है। इस समिति के सदस्य सभी सेक्टरों के अधिकारी है। जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, उर्जा, आधारभूत संरचना, पोषण, नागरिक अधिकारिता, पेयजल, सिंचाई, वन, कृषि, आजीविका आदि शामिल है। इस समिति के सदस्य अधिकारीगण अपने विभाग तथा जिले से संबंधित सुझाव/फोकस एरिया/एक्सन र्प्वाइंट-उद्योग और सेवाओं में सुधार, कृषि एवं वानिकी में सुधार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं पोषण, बुनियादी ढांचे का विस्तार, समाज कल्याण, सुशासन, स्थिरता और पुनर्योजी विकास के आधार पर दे सकते हैं। अधिकारियों को उक्त जानकारी पन्द्रह दिवस में जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय में उपलब्ध कराने कहा गया है। बैठक में डीएफओ श्री चन्द्रशेखर परदेशी, नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री देवेश ध्रुव, जिला पंचायत के सीईओ श्री अश्वनी देवांगन, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री लोकेश चन्द्राकर, नगर निगम भिलाई-चरौदा के आयुक्त श्री दशरथ राजपूत, अपर कलेक्टर श्री बी.के. दुबे, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी, जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी श्री डी.एस. वर्मा एवं समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम 1994 के अंतर्गत पीसीपीएनडीटी जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अवगत कराया गया कि अधिनियम को लागू करने का मुख्य उद्देश्य गर्भधारण से पहले या बाद में लिंग चयन तकनीकों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाना और लिंग चयन गर्भपात के लिए प्रसव पूर्व निदान तकनीक के दुरुपयोग को रोकना है। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने जिले के सभी सोनोग्राफी सेंटरों में पीसीपीएनडीटी एक्ट का पूर्णतः पालन किया जाना सुनिश्चित कराने को कहा। साथ ही सोनोग्राफी सेंटरों में डॉक्टरों की ड्यूटी लगी होनी चाहिए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ.आर.के. खण्डेलवाल, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. उज्जवला देवांगन, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. दिव्या श्रीवास्तव, प्रसूति विशेषज्ञ डॉ. संध्या नगरिया, समाज सेवी डॉ. वैशाली भगत एवं श्रीमती रश्मि लखोटिया उपस्थित थीं।
- - सभी ग्राम पंचायत और नगरीय निकायों में योगा का होगा आयोजन- दुर्ग में रविशंकर स्टेडियम एवं भिलाई में जयंती स्टेडियम मेंदुर्ग, / जिले में प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी 21 जून 2024 को दशम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन गरिमामय तरीके से किया जाएगा। इस संबंध में कलेटोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में आज आयोजित बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई। बैठक में प्रजापिता ब्रम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, आर्ट ऑफ लिविंग, पतंजली लोक संस्थान, गायत्री परिवार, योग आयोग के प्रतिनिधि, कल्याणी सोशल विधेयक एवं रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन के पदाधिकारी एवं जिले के समस्त विभागों के अधिकारी सम्मिलित हुए। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने आयोजन को बेहतर बनाने हेतु योगा से जुड़े हुए संस्थानों के प्रतिनिधियों से उनके सुझाव आमंत्रित किये। सभी ने जिले में योग दिवस के आयोजन को सफल बनाने हेतु हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाये। कलेक्टर ने अवगत कराया कि जिले के सभी ग्राम पंचायत के अलावा जिला स्तर पर मुख्य योगा कार्यक्रम का आयोजन 21 जून को प्रातः 6 बजे से 7.30 बजे तक किया जाएगा। उक्त आयोजन में सभी विभागों की सहभागिता होगी। कलेक्टर ने सभी जनपद सीईओ को संबंधित जनपद अंतर्गत स्थान चयनित करने एवं नोडल नियुक्त करने के निर्देश दिये। नगरीय निकायों में भी संबंधित अधिकारियों को नोडल एवं उपयुक्त स्थान चयनित करने कहा गया। योगा कराने के लिए प्रशिक्षित योगाचार्य की उपलब्धता हेतु उप संचालक समाज कल्याण विभाग को योग संस्थानों से समन्वय स्थापित करने तथा समस्त विभाग को आयोजन से संबंधित दायित्व सौंपने कहा गया है। दुर्ग नगर मंे यह आयोजन रविशंकर स्टेडियम तथा भिलाई नगर में जयंती स्टेडियम में किया जाएगा। बैठक में डीएफओ श्री चन्द्रशेखर परदेशी, नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री देवेश ध्रुव, जिला पंचायत के सीईओ श्री अश्वनी देवांगन, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री लोकेश चन्द्राकर, नगर निगम भिलाई-चरौदा के आयुक्त श्री दशरथ राजपूत, अपर कलेक्टर श्री बी.के. दुबे, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी, उप संचालक समाज कल्याण श्री अमित सिंह परिहार एवं समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
- -प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का किरण देव ने जताया आभार-छत्तीसगढ़ को अब तक श्री मोदी ने दिए लगभग 4 लाख करोड़रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ को वर्ष 2024-2025 से संबधित 4761.30 करोड़ रुपए की संपूर्ण राशि हस्तांतरित करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति पूरे छत्तीसगढ़ की ओर से आभार व्यक्त किया है। श्री देव ने कहा कि केंद्र से प्राप्त यह राशि छत्तीसगढ़ के विकास और जनकल्याण के भाजपा के संकल्प की पूर्ति के प्रयासों को गति प्रदान करेगी।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी सदैव छत्तीसगढ़ के प्रति अपने आत्मीय जुड़ाव का परिचय देते रहे हैं। इससे पहले श्री मोदी ने पिछले 10 वर्षों में लगभग 4 लाख करोड़ रुपए की राशि छत्तीसगढ़ को केंद्र की ओर से प्रदान की है। श्री देव ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार तेजी के साथ अपने संकल्पों और मोदी की गारंटी पर काम करके अभूतपूर्व जन विश्वास अर्जित किया है। जनता का अब केवल भाजपा और प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्त्व पर अटूट विश्वास का रिश्ता जो कायम हुआ है, वह छत्तीसगढ़ को नित नई ऊँचाइयों पर लेकर जाएगा। श्री देव ने इस बात पर भी अपनी प्रसन्नता व्यक्त की कि प्रधानमंत्री श्री मोदी छत्तीसगढ़ को लगातार महत्व दे रहे हैं। अब केंद्र सरकार के सहयोग से न केवल विकास की गति तेज होगी, अपितु हर स्तर पर सुशासन की स्थापना होगी।
- -बीज निगम के पास डिमांड से ज्यादा खरीफ फसलों के बीज-किसानों ने किया 2.41 लाख क्विंटल बीज का उठाव-कृषि मंत्री ने खेती-किसानी की तैयारियों की समीक्षा कीरायपुर, /कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज मंत्रालय महानदी भवन में कृषि एवं संबंधित विभागों के आला अधिकारियों की बैठक लेकर खरीफ 2024-25 की तैयारियों की गहन समीक्षा की। मंत्री श्री नेताम ने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण खाद एवं प्रमाणित बीज एवं अन्य कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी डिमांड के अनुरूप खाद-बीज की आपूर्ति सुनिश्चित करना विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निरंतर अपने-अपने इलाको का दौरा कर खाद-बीज के भण्डारण एवं उठाव पर निगरानी रखने के साथ ही इनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सैम्पलिंग और जांच पड़ताल जारी रखने के निर्देश दिए।बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार ने जानकारी दी कि पिछले खरीफ विपणन वर्ष 2023 में सहकारिता क्षेत्र में समग्र रुप से 4.62 लाख क्विंटल बीज का वितरण किया गया था। चालू खरीफ वर्ष 2024 में सहकारी क्षेत्र में 5.44 लाख क्विंटल बीज मांग का आंकलन किया गया है। वर्तमान में बीज निगम के पास कुल 6.31 लाख क्विंटल बीज उपलब्ध है, जो मांग का 116 प्रतिशत है। 10 जून की स्थिति में कुल 4.16 लाख क्विंटल बीज का भण्डारण विभिन्न सहकारी सोसाटियो में किया गया है, जो मांग लगभग 76 प्रतिशत है। कृषकों द्वारा अभी तक 2.41 लाख क्विंटल बीज का उठाव किया जा चुका है, जो विगत वर्ष की इसी अवधि में हुए उठाव 1.64 लाख क्विंटल की तुलना में 47 प्रतिशत अधिक है।बैठक में श्रीमती निगार ने बताया कि सहकारी क्षेत्र में उर्वरक का वर्तमान भण्डारण 6.20 लाख टन है, जो मांग का 72 प्रतिशत है। कृषकों ने अब तक 3.29 लाख टन खाद का उठाव किया है। जो मांग का 38 प्रतिशत है।मंत्री श्री नेताम ने बीज एवं उर्वरक के भंडारण की स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि संपूर्ण खरीफ सीजन में भण्डारण की इस गति को बरकरार रखा जाए, ताकि आपूर्ति बाधित न होने पाए। मंत्री श्री नेताम ने अधिकारियों को भारत सरकार के कृषि एवं रासायन मंत्रालय एवं उर्वरक प्रदाय कंपनियों से निरंतर समन्वय बनाये रखने के निर्देश दिए। उन्होंने नैनो फर्टिलाईजर को बढ़ावा देने, सीमावर्ती जिलों में उर्वरक परिवहन पर निगरानी रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अपेक्स बैंक के अधिकारियों से कहा कि समितियों में भण्डारण क्षमता का आंकलन कर लिया जाए, यदि भण्डारण हेतु अतिरिक्त गोदाम की आवश्यकता हो तो इसका प्रस्ताव तत्काल उपलब्ध कराया जाए। बैठक में संचालक कृषि डॉ सारांश मित्तर, मार्कफेड, बीज निगम, अपेक्स बैंक, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारियों सहित कृषि और उद्यानिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- - दुनियाभर में ब्लैक फंगस के उपचार और परिणाम में मिलेगी मदद- कोविड-19 के दौरान एम्स ने 300 से अधिक रोगियों का किया था उपचाररायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान को म्यूकरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) के उपचार प्रबंधन पर 'अरोड़ा-नागरकर वर्गीकरण' का कॉपीराइट प्रदान किया गया है। यह वर्गीकरण ब्लैक फंगस के बेहतर उपचार और इसके परिणामों में दुनियाभर के ईएनटी विशेषज्ञों के लिए गाइड का कार्य करेगा। इससे रोगियों को ब्लैक फंगस के प्रथम चरण में ही और अधिक बेहतर चिकित्सा प्रबंधन प्राप्त होने की उम्मीद है। एम्स में यह वर्गीकरण देश के किसी सरकारी संस्थान में सबसे अधिक 300 से ज्यादा रोगियों के ब्लैक फंगस उपचार के आधार पर किया गया।यह वर्गीकरण ईएनटी विभाग के प्रो. रिपुदमन अरोड़ा, पूर्व निदेशक प्रो. (डॉ.) नितिन एम. नागरकर, डॉ. आकाश अग्रवाल, प्रो. रेनू राजगुरु, डॉ. नील प्रभा सहित अन्य चिकित्सकों के शोध पर आधारित है। प्रो. अरोड़ा ने बताया कि इस वर्गीकरण की मदद से ईएनटी चिकित्सक ब्लैक फंगस के प्रकार, उपचार और संभावित परिणामों के बारे में पूर्वानुमान लगा सकेंगे। इससे रोगियों के उपचार प्रबंधन और उनके शीघ्र ठीक होने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में रोगियों के डेटा से कई अनुसंधान के बाद यह कॉपीराइट प्राप्त किया गया है।कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए म्यूकरमाइकोसिस के उपचार प्रबंधन में शामिल विभिन्न विभागों ईएनटी, न्यूरोसर्जरी, मैक्सीलोफेशियल सर्जरी, मेडिसिन, रेडियोडायग्नोसिस, आप्थलमोलॉजी सहित विभिन्न विभागों के चिकित्सकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि इन विभागों के संयुक्त प्रयासों से ही इतनी बड़ी संख्या में रोगियों को उपचार प्रदान किया गया।विभागाध्यक्ष प्रो. रेनू राजगुरु ने कहा है कि एम्स के ईएनटी विभाग ने म्यूकरमाइकोसिस के इलाज से न सिर्फ रोगियों को राहत प्रदान की बल्कि 10 से अधिक शोधपत्र प्रकाशित कर इसके उपचार में अमूल्य योगदान प्रदान किया। इनकी मदद से दुनियाभर के चिकित्सकों को ब्लैक फंगस के इलाज में नई जानकारियां प्राप्त हो सकेंगी। ब्लैकफंगस के उपचार में प्रो. नागरकर, प्रो. अरोड़ा के साथ डॉ. रूपा मेहता, डॉ. सतीश सतपुते और डॉ. शर्मिष्ठा चक्रवर्ती का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
- दुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जल जीवन मिशन के कार्याें की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घरों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति हमारी पहली प्राथमिकता है। कलेक्टर ने मिशन के तहत पाईप लाईन विस्तार, पानी टंकी एवं जल कर की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी निर्माण एजेंसियों को निमार्णाधीन एवं अधूरे कार्याें को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने शेष रह गए कार्यांे को शीघ्र ही पूर्ण करने को कहा। बैठक में कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, उपअभियंता, जिला समन्वयक समेत समूह योजनाओं के ठेकेदार एवं तृतीय पक्ष निरीक्षण एजेन्सी के सदस्य मौजूद थे। कलेक्टर सुश्री चौधरी द्वारा जिले में स्वीकृत 07 समूह जल प्रदाय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई एवं ठेकेदारों को बारिश से पूर्व कार्याें में प्रगति लाने एवं समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये। तृतीय पक्ष निरीक्षण एजेन्सियों को ठेकेदारों द्वारा किये जा रहे कार्य की गुणवत्ता उचित मापदण्ड का हो तथा उसमें किसी भी तरह की समझौता न किया जाए, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी उपअभियंता एवं सहायक अभियंता को जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने हेतु सतत् निगरानी करने एवं धीमी गति के कार्यों पर अंतिम नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इस संबंध में 02 ठेकेदारों मेसर्स जेड आर. कंस्ट्रक्शन, मेसर्स नंदकुमार चंद्राकर को अंतिम नोटिस जारी करने एवं कार्य में गति न लाने पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। मिशन अंतर्गत चल रहे कार्यों में आ रही रुकावटें एवं समस्याएं को दूर करने हेतु जैसे रोड कटिंग हेतु लोक निर्माण विभाग, विद्युत कनेक्शन हेतु बिजली विभाग एवं हर घर-जल प्रमाणीकरण, रख-रखाव निगरानी एवं जल स्रोतों के रिचार्ज हेतु पंचायत विभाग से समन्वय कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। कार्य पूर्ण हो चुके ग्रामों में आगामी 02 माह में हर घर-जल प्रमाणीकरण एवं हस्तातरण किये जाने के निर्देश दिए गए।
- -जमीनी स्तर पर मज़बूत करें सूचना तंत्र, आपसी समन्वय सुदृढ़ हो: कलेक्टर डॉ गौरव-किसी भी आपराधिक गतिविधि वाले सूचना पर गंभीरता से कारवाई की जाए, प्रशासन पुलिस समन्वय से सुशासन स्थापित करे: एसपी श्री संतोष सिंहरायपुर / कलेक्टर डॉ गौरव सिंह और एसपी श्री संतोष सिंह ने आज कलेक्टोरेट परिसर स्थित सभाकक्ष में कानून व्यवस्था की बैठक ली। इस दौरान कलेक्टर ने पुलिस और प्रशासन को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने को कहा। ग्रामीण एवं शहरी सभी क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।कलेक्टर डॉ सिंह ने कहा कि मैदानी स्तर पर पुलिस और प्रशासन के बीच समन्वय होना जरूरी है। चाहे तहसीलदार हो या थाना प्रभारी हो अपने अपने क्षेत्र में ज़मीनी स्तर पर पहुँच बनाओ साथ ही कड़ाई से अपराधियों पर नकेल कसी जाए। कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा किसी भी प्रकार की रैली या प्रदर्शन पर बराबर नज़र रखी जाए। दिन और रात में पुलिस व प्रशासन की मौजूदगी हर क्षेत्र में नजर आनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस अमला संजीदगी से कार्य करे, हरेक घटना पर बारीकी से नजर रखें,घटना पर सावधानी पूर्वक और त्वरित कार्रवाई किया जाए । ला एंड ऑर्डर मेंटेन रहे और समाज में एक सकारात्मक संदेश प्रसारित हो सके।एसएसपी श्री संतोष सिंह ने कहा कि प्रशासन और पुलिस को एकजुटता से कार्य करना होगा। जिले में अपराधियों पर गंभीरतापूर्वक कार्रवाई होनी चाहिए, विशेषकर क्राईसेस और लॉ एंड आर्डर के समय प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। अधिकारियों के व्यक्तिगत संबंध जनता से अच्छे होने चाहिए। इस तरह बेहतर समन्वय से लॉ एंड ऑर्डर स्थापित होगा।सूचना तंत्र मजबूत रखे,मैदानी अमला रूटीन के काम में एक दूसरे का सहयोग करे।ज़िला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप ने कहा कि पंचायती क्षेत्रों में सरपंच, सचिव, कोटवार और रोज़गार सहायक स्तर पर नाम नंबर सहित जानकारी राजस्व एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियों-कर्मचारियों के पास उपलब्ध रहें जिससे आवश्यकता पड़ने पर त्वरित रूप से संपर्क साधा जा सके। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर सहित पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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-बच्चों के विकास में खेलों के महत्व को किया गया रेखांकित
बिलासपुर/ / यूनिसेफ छत्तीसगढ़ द्वारा सरकार, समुदाय और पालकों के साथ संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित पहले अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस का आज आयोजन किया गया, जिसके तहत बिलासपुर में विभिन्न खेल गतिविधियों से बच्चों को पारंपरिक खेलों से जोड़ा गया। इस वैश्विक अभियान के माध्यम से बच्चों के समग्र विकास में खेल के महत्व को रेखांकित किया गया।
महिला और बाल विकास विभाग बिलासपुर के सहयोग से यूनिसेफ आंगनबाड़ी केंद्रों पर “परवरिश के चैंपियन (पालन पोषण चैंपियन) कार्यक्रम के तहत खेल के महत्व पर बच्चों के लिए सत्र आयोजित किया गया।
जिले के कुछ विशेष पिछड़े गाँव में बच्चों में सामाजिकता का भाव भरने के उद्देश्य से युवोदय मनोबल स्वयंसेवकों द्वारा बच्चों को विभिन्न प्रकार के खेल करवाये गये जैसे चिड़िया उड़ , गोटा , भौंवरा , नदी पहाड़ , बाग बकरी , पंजा लड़ायी , गेड़ी , तिरी पासा , पिंकी पिंकी वाट कलर , कुदौल्ला इत्यादि ।
यूनिसेफ छत्तीसगढ़ की शिक्षा विशेषज्ञ छाया कुंवर ने कहा कि, “खेल हर बच्चे का मौलिक अधिकार है। यह उनके संज्ञानात्मक, शारीरिक, सामाजिक, और भावनात्मक कल्याण में योगदान देता है। खेल बौद्धिक, सामाजिक, भावनात्मक और शारीरिक क्षेत्रों में सीखने के अवसर पैदा करता है - खेल के माध्यम से, बच्चे दूसरों से संबंध बनाते हैं, नेतृत्व कौशल विकसित करते हैं, चुनौतियों का सामना करते हैं और अपने डरों को जीतते हैं।”
खेल बच्चों के जीवन में सृजनात्मकता, नवाचार, और नेतृत्व को बढ़ावा देता है। जब बच्चे खेलते हैं, तो वे आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हैं। इन उद्देश्यों के साथ, 11 जून को अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस का जश्न मनाया गया। स्कूलों, घरों, और पड़ोस में बच्चों के साथ खेल की गतिविधि में शामिल होकर, और उनके शारीरिक और मानसिक विकास का समर्थन करते हैं,”
- अभिषेक सिंह, सामाजिक और व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ, यूनिसेफ छत्तीसगढ़।
अरपा सामुदायिक रेडियो की निदेशक श्रीमती संज्ञा टंडन ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सभी सामुदायिक रेडियो स्टेशन आज इस अभियान का हिस्सा हैं और समुदाय के साथ माता-पिता की भूमिका और खेल के महत्व पर संवाद कर रहे हैं।
एनएसएस बिलासपुर से अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय से प्रोफेसर मोना केवट द्वारा इस अवसर पर ग्राम परसदा ब्लॉक कोटा में कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमे जिला संगठक एनएसएस मनोज सिन्हा, श्रीमती कांति आँचल, जिला सलाहकार यूनिसेफ़ रुमाना ख़ान, सरपंच सन्तराम लहरे, उप सरपंच जागेश्वर यादव , पंच राकेश वस्त्रकार, पंच राम केवट सहयोगी सुभाष केवट , आशीष सूर्यवंशी उपस्थित रहे और बड़ी संख्या में बच्चे एवं ग्रामीणों ने सहभागिता की।
एनएसएस ज़िला समन्वयक श्री मनोज सिन्हा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर में स्वस्थ दिमाग़ का वास होता है और वर्तमान में बच्चों के विकास के लिए प्रतिदिन खेलकूद बहुत आवश्यक है, वर्तमान में बच्चों को मोबाइल और वर्चुअल दुनिया से अलग कर थोड़ा समय खेलों को देने की दिशा में सकारात्मक पहल की जरूरत है। - -शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और बेहतर परिणाम के लिए नवाचार अपनाने दिए निर्देश-कलेक्टर ने ली प्राचार्याें की मैराथन बैठकबिलासपुर, /कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने आज सिंचाई विभाग के प्रार्थना सभा भवन में 225 स्कूलों के प्राचार्याें की मैराथन बैठक ली। बैठक में स्कूल खुलने के पूर्व की तैयारी, शाला प्रवेश उत्सव, शैक्षणिक सत्र 2024-25 में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने विस्तार से समीक्षा की गई। बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम में बेहतर प्रदर्शन के लिए कार्ययोजना बनाकर उस पर अमल करने के निर्देश दिए। इसके लिए वर्ष भर के लिए विभिन्न मानक तय किए जाएंगे, जिसमें हर महीने बेहतर परिणाम देने वाले 10 शिक्षकों और प्राचार्यों को जिला कार्यालय द्वारा सम्मानित किया जाएगा। बैठक में नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री आरपी चौहान, जिला शिक्षा अधिकारी श्री टीआर साहू, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्री सीएल जायसवाल, विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने कहा कि जिले में शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास करते हुए नवाचार अपनाएं। बच्चों का विकास करना और उनकी क्षमता बढ़ाना प्रत्येक शिक्षक और प्राचार्य की महती जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मजबूत इच्छा शक्ति से बेहतर परिणाम मिलेंगे। बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे परिणाम देने वाले प्राचार्यो ने अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने प्राचार्यो से चर्चा कर परिणाम में कमियों का संज्ञान लिया। उन्होंने कहा संवाद सबसे अच्छा माध्यम है एक शिक्षक का संवाद जितना अच्छा होगा बच्चे और शिक्षक की दूरियां उतनी ही कम होगी। बच्चे खुलकर विषयवार अपनी समस्या बता पाएंगे। कलेक्टर ने कहा कि बच्चे स्कूल क्यो नही आ रहे है इसकी जानकारी स्कूल के प्राचार्य को होनी चाहिए। प्राचार्य और शिक्षक बच्चे के घर जाकर पालकों से इस विषय पर चर्चा करें और बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित करें। कोटा ब्लॉक के मझगांव हायर सेकेण्डरी स्कूल में 85 प्रतिशत से अधिक परीक्षा परिणाम आने पर वहां के प्राचार्य श्री शैलेष पाण्डेय ने बताया कि इस परिणाम के लिए उन्होंने किस प्रकार कार्ययोजना बनाकर उस पर अमल किया।कलेक्टर ने शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के पहले सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 18 जून को शाला प्रवेश उत्सव शत-प्रतिशत स्कूलों में मनाने कहा, इसके साथ ही स्कूलों में गणवेश एवं पाठ्यपुस्तक वितरण कराने के निर्देश दिए। नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम लाने के लिए कार्ययोजना बनाकर क्र्रियान्वयन किया जाएगा। इसकी मॉनिटरिंग के लिए एक पोर्टल तैयार किया जाएगा, जिसमें संबंधित स्कूल के सभी बच्चों एवं शिक्षकों की एन्ट्री की जाएगी। प्रश्न पत्र भी पोर्टल में अपलोड किए जाएंगे। हर टेस्ट के बाद मॉडल आन्सर भी पोर्टल में अपलोड किया जाएगा। सभी बच्चों के नम्बरों की पोर्टल में एन्ट्री होगी। दिसम्बर तक सभी स्कूलों में सिलेबस पूरा करना होगा। कार्ययोजना के मूल्यांकन के लिए जिला और ब्लॉक स्तरीय कोर कमिटी का गठन किया जाएगा।
- बिलासपुर /कलेक्टर अवनीश शरण एवं पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने संयुक्त रूप से एसडीएम एवं पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने लॉ एण्ड आर्डर के लिए चुनौती बन सकने वाले संभावित मुद्दों की पहचान कर तत्परता से उनका निदान करने के निर्देश दिए। जिले में अमन चैन बनाये रखने के लिए अधिकारियों को कई टिप्स भी दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने कर्तव्य के दौरान जनता से जीवंत सम्पर्क बनाये रखें और सौहार्दपूर्ण माहौल में उनका निराकरण कर उनका दिल जीतें। नगर निगम आयुक्त अमित कुमार एवं जिला पंचायत सीईओ रामप्रसाद चौहान सहित पुलिए एवं प्रशासन के आला अधिकारी मंथन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उपस्थित थे।कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अवनीश शरण ने कहा कि समस्याएं एकाएक बड़े आकार नहीं लेती। छोटे स्वरूप में आप हम सबके बीच जानकारी में होती हैं। यथासंभव हमें तत्काल संज्ञान में लेकर इसका पटाक्षेप करने का प्रयास करना चाहिए। अन्यथा समय बीतने पर ये अलग दिशा पकड़ लेती हैं। उन्होंने कहा कि हर छोटी-बड़ी घटना का विश्लेषण किया जाये। देखा जाये कि भविष्य में इसके क्या अंजाम हो सकते हैं। उसके अनुरूप सही दिशा में तत्काल कदम उठायें। उन्होंने पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दोनों आपस में बैठकर सूचना एवं जानकारी शेयर कर लें। दोनों के बीच आपसी समझ मजबूत होने चाहिए। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि विभिन्न सोशल मीडिया का अवलोकन करते रहें। अफवाह एवं झूठ इनके जरिए तेजी से फैलता है। समय पर हस्तक्षेप कर गलत सूचना पर कार्रवाई करें। कलेक्टर ने कहा कि अपने मातहतों पर आंख मूंदकर विश्वास न करें। यदि कोई उनकी प्रामाणिक शिकायत करता है तो उन पर ध्यान दें। निष्पक्ष तरीके से इसकी जांच कर जरूरी कार्रवाई किया जाये।पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने कहा कि पुलिस का मानवीय चेहरा के साथ-साथ अपराधियों के बीच कठोर रूख भी दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक के अलावा सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक क्षेत्र की सूचनाओं पर ध्यान दें और कार्रवाई करें। उन्होंने भी पुलिस एवं मजिस्ट्रेट की आपसी समन्वय पर ज्यादा जोर दिया। इससे समाज में अच्छा संदेश पहुंचता है। उन्होंने कहा कि आम जनता एवं विभिन्न संगठनों से जितना ज्यादा संवाद होगा, उतनी ज्यादा जानकारी मिलेगी जो उपयोगी साबित होगी। नगर निगम आयुक्त श्री अमित कुमार ने शहरी क्षेत्रों में आने वाली समस्याएं एवं जिला पंचायत सीईओ राम प्रसाद चौहान ने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनके निदान के बारे में जानकारी साझा किया। इस अवसर पर एडीएम आरए कुरूवंशी, शिवकुमार बनर्जी, एडिशनल एसपी अर्चना झा सहित सभी एसडीएम, एसडीओपी, सीएसपी उपस्थित थे।







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