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- -किसानों से संवाद कर आधुनिक कृषि उपकरणों के अधिकतम उपयोग पर दिया जोरबीजापुर। प्रदेश के कृषि, किसान कल्याण एवं संबंधित विभागों के मंत्री श्री रामविचार नेताम ने बीजापुर जिले के मांझीगुड़ा गांव का दौरा कर प्रगतिशील किसान श्री योगेश बागड़े से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की फार्म मशीनरी बैंक (कृषि यंत्र बैंक) स्थापना योजना के तहत संचालित कृषि यंत्र बैंक का निरीक्षण किया और किसानों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।मंत्री श्री नेताम ने कृषि यंत्रों की उपलब्धता, उनके उपयोग तथा योजना से किसानों को हो रहे लाभ की समीक्षा करते हुए कहा कि कृषि यंत्र बैंक योजना छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है। इससे किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण सुलभ हो रहे हैं, खेती की लागत में कमी आ रही है और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो रही है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ दिलाया जाए। साथ ही कृषि यंत्र बैंक योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर किसानों को आधुनिक तकनीक आधारित खेती के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।दौरे के दौरान मंत्री श्री नेताम ने किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है तथा किसान हितैषी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।इस दौरान जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे ।
- -यूरिया वितरण की 80 प्रतिशत सीमा समाप्त, समय पर पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देशरायपुर। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन ने यूरिया वितरण व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब किसानों को खरीफ 2025 में प्राप्त यूरिया की मात्रा के बराबर खरीफ 2026 में भी यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा। इससे पूर्व लागू 80 प्रतिशत वितरण सीमा समाप्त कर दी गई है, जिससे किसानों को खेती के लिए पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध हो सकेगा।जशपुर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने दुलदुला स्थित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति का निरीक्षण कर खाद-बीज की उपलब्धता, कृषि ऋण वितरण एवं किसानों को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने किसानों को नई व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसी समय समिति में यूरिया का स्टॉक कम होने के कारण पूरी पात्रता के अनुसार उर्वरक नहीं मिल पाता है, तो स्टॉक उपलब्ध होते ही शेष मात्रा भी किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी। इससे किसानों को उर्वरक की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सहकारी समिति में उपलब्ध खाद-बीज के भंडारण, किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से वितरित कृषि ऋण तथा किसानों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीफ सीजन में किसानों को खाद, बीज एवं कृषि ऋण समय पर उपलब्ध कराया जाए और किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो।कलेक्टर श्री व्यास ने समिति में पहुंचे किसानों से सीधे संवाद कर खेती की तैयारियों, उर्वरकों की उपलब्धता एवं कृषि संबंधी समस्याओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने किसानों से नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि इन उर्वरकों के उपयोग से फसलों को संतुलित पोषण मिलता है, लागत में कमी आती है और भूमि की उर्वरता भी संरक्षित रहती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि कर सकते हैं। कलेक्टर ने सभी सहकारी समितियों में खाद एवं बीज की उपलब्धता पर नियमित निगरानी रखने तथा किसानों को उर्वरक, बीज एवं कृषि ऋण उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की कठिनाई न होने देने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन किसानों को समय पर सभी आवश्यक कृषि संसाधन उपलब्ध कराने के लिए सतत प्रयासरत है।
- -प्रदेश के जिला जेलों में बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल को मिल रही गति-जिला जेल सूरजपुर में 12 दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम-स्वरोजगार, वित्तीय साक्षरता और उद्यमिता विकास से जोड़ा जा रहा है बंदियों कोरायपुर। राज्य में बंदियों के पुनर्वास, कौशल उन्नयन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में जिला जेल सूरजपुर में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरएसईटीआई) द्वारा 12 दिवसीय कौशल विकास एवं स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 35 बंदियों को अगरबत्ती निर्माण एवं साबुन निर्माण का व्यावहारिक, तकनीकी एवं उद्यमिता आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।प्रशिक्षण का उद्देश्य बंदियों को रोजगारपरक कौशलों से सशक्त बनाते हुए रिहाई के उपरांत सम्मानजनक आजीविका अर्जित करने के लिए सक्षम बनाना है। कार्यक्रम के माध्यम से बंदियों को उत्पादन आधारित गतिविधियों से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सकारात्मक जीवन की नई शुरुआत कर सकें।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को अगरबत्ती एवं साबुन निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है, जिसमें कच्चे माल का चयन, उत्पादन तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण, मशीनों एवं उपकरणों का सुरक्षित उपयोग, आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग, विपणन, लागत निर्धारण तथा लघु उद्योग स्थापना से संबंधित विषय शामिल हैं। इसके साथ ही बैंकिंग सेवाओं, वित्तीय साक्षरता, बचत, ऋण सुविधाओं, सरकारी स्वरोजगार योजनाओं तथा उद्यमिता विकास संबंधी पहलुओं पर भी विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है।कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों में तकनीकी दक्षता के साथ-साथ आत्मविश्वास, अनुशासन, समय प्रबंधन, टीम भावना और स्वावलंबन की भावना विकसित करना है, ताकि वे रिहाई के पश्चात स्वयं का रोजगार स्थापित कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना सकें।जेल प्रशासन के अनुसार कौशल विकास आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम बंदियों के पुनर्वास की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रहे हैं। ऐसे प्रयास बंदियों को नया जीवन प्रारंभ करने का अवसर प्रदान करते हैं तथा उन्हें समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं।आरएसईटीआई के अधिकारियों ने बताया कि संस्थान का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है। इसी उद्देश्य के अनुरूप विभिन्न रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का नियमित संचालन किया जा रहा है, जिनके माध्यम से युवाओं, महिलाओं एवं विशेष वर्गों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।
- -देवरी को 44 लाख के विकास कार्यों की सौगात-महतारी सदन और चेक डैम से बदलेगी ग्रामीण क्षेत्र की तस्वीररायपुर। राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने आज बलौदाबाजार- भाटापारा जिला के बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम पंचायत देवरी के ग्रामीणों को बड़ी सौगात देते हुए 44 लाख रुपये की लागत वाले तीन महत्वपूर्ण विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ आज गांव-गांव और घर-घर तक पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीण अंचलों में खुशहाली और समृद्धि का एक नया दौर दिखाई दे रहा है। राजस्व मंत्री ने जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ग्राम देवरी में 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित चेक डैम का लोकार्पण किया गया। इसी प्रकार महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सुदृढ़ीकरण के लिए 16 लाख रुपये की लागत से बने भव्य ‘महतारी सदन‘ भवन का उद्घाटन तथा सामुदायिक आयोजनों की सुविधा के लिए 8 लाख रुपये की लागत से बनने वाले शेड निर्माण कार्य की आधारशिला रखी गई।राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार गांवों के समग्र और चहुंमुखी विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नवनिर्मित चेक डैम से क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार होगा, जिससे हमारे किसान भाईयों को सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलेगी। वहीं दूसरी ओर महतारी सदन ग्रामीण महिलाओं के स्वावलंबन, कौशल विकास और सामुदायिक गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।इस विकास उत्सव के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सभापति सहित स्थानीय सरपंच, बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि तथा प्रबुद्ध ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
- -सहकारिता मंत्री ने 'सहकार संकल्प दौड़' को दिखाई हरी झंडी-सहकारिता, स्वास्थ्य और समृद्ध छत्तीसगढ़ का दिया संदेशरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिल रही है। इसी कड़ी में सहकारिता विभाग द्वारा राजधानी रायपुर के तेलीबांधा मरीन ड्राइव में 'सहकार संकल्प दौड़' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने हरी झंडी दिखाकर किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि सहकारिता केवल एक नारा नहीं, बल्कि जन-आंदोलन है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से किसानों, ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का निर्माण किया जा रहा है।मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए केद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सहकारिता को जन-जन तक पहुंचाने और लोगों को आर्थिक रूप से समृद्ध करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। केद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री श्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त करने जो संकल्प लिया था, उसे पूरा किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सहकारिता विभाग ने विगत ढ़ाई वर्ष में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रदेश में सहकारिता सप्ताह को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया गया है, प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) को अधिक सक्षम बनाया जा रहा है, किसानों को समय पर ऋण एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा बहुउद्देशीय सहकारी समितियों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। साथ ही सहकारिता के दायरे का विस्तार कर युवाओं, महिलाओं और ग्रामीणों को स्वरोजगार एवं आजीविका के नए अवसरों से जोड़ा जा रहा है। इस वर्ष की दौड़ "सहकारिता की भावना के साथ, एक कदम समृद्ध छत्तीसगढ़ की ओर" थीम पर आयोजित की गई। इसका उद्देश्य लोगों में सहयोग, एकता, स्वस्थ जीवनशैली और सामूहिक विकास का संदेश पहुंचाना था।सहकार संकल्प दौड़ सुबह 6 बजे तेलीबांधा मरीन ड्राइव से शुरू हुई। इसमें प्रदेशभर से युवा, विद्यार्थी, किसान, सहकारी संस्थाओं के सदस्य, महिला समूहों और विभिन्न वर्गों के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।दौड़ में पुरुष वर्ग में प्रथम स्थान बेमेतरा के श्री ओंकार वर्मा, द्वितीय अमलेश्वर के श्री करण साहू और तृतीय स्थान पर श्री खेमराज सोनकर रहे। इसी तरह महिला वर्ग में प्रथम सुश्री मीरा साहू, द्वितीय सुश्री पूर्णिमा साहू और तृतीय स्थान पर सुश्री शिबू वर्मा रही। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को क्रमशः पांच हज़ार, तीन हज़ार और दो हजार रूपए का नगद पुरस्कार प्रदान कियागया। इस पहल से युवाओं और आम नागरिकों में खेल तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी।मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि यह दौड़ केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सहकारिता, स्वास्थ्य और सामाजिक सहभागिता का जन-जागरूकता अभियान है। इसका उद्देश्य "सहकारिता से समृद्धि", "साथ चलें, साथ बढ़ें" और "स्वस्थ समाज, समृद्ध प्रदेश" के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है।सहकारिता विभाग ने प्रदेशवासियों का उत्साहपूर्ण सहभागिता के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनभागीदारी से ही सहकारिता आंदोलन और अधिक मजबूत होगा। सहकारिता की भावना को गांव-गांव तक पहुंचाकर आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का लक्ष्य तेजी से पूरा किया जाएगा।इस अवसर पर अपेक्स बैंक के प्राधिकृत अधिकारी श्री केदारनाथ गुप्ता, मार्केटिंग फेडरेशन के अध्यक्ष श्री शशिकांत द्विवेदी, राज्य सहकारी संघ के प्राधिकृत अधिकारी श्री सौरभ शर्मा, सहकारी बैंक के उपाध्यक्ष श्री अभिनेष कश्यप, अंबिकापुर बैंक के अध्यक्ष श्री रामकृष्ण सिंह, मार्कफेड के एमडी श्री जितेंद्र शुक्ला, अपेक्स बैंक के एमडी श्री के एन कांडे सहित अपेक्स बैंक, नाबार्ड, बुनकर महासंघ और विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोक भवन में जैन मुनि राष्ट्र संत डॉ. मणिभद्र महाराज के नेतृत्व में संचालित सर्वाेदय शांति पदयात्रा से जुड़े संतों ने सौजन्य भेंट की।इस अवसर पर राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ आगमन पर संतों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि संत समाज के विचार और जीवन मूल्य समाज में शांति, सद्भाव, नैतिकता तथा मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सर्वाेदय शांति पदयात्रा को सामाजिक समरसता, अहिंसा और विश्व बंधुत्व का प्रेरक अभियान बताते हुए इसकी सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।उल्लेखनीय है कि यह पदयात्रा नेपाल से प्रारंभ होकर लगभग 1,600 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए छत्तीसगढ़ पहुंची है। यात्रा का उद्देश्य शांति, सद्भाव, अहिंसा और मानवीय मूल्यों का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है।इस अवसर पर श्री श्वेतांबर स्थानकवासी जैन श्रमण संघ, रायपुर के अध्यक्ष श्री अशोक पटवा, कार्यकारिणी अध्यक्ष श्री विनय पटवा सहित संघ के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
- -उद्योग मंत्री का प्रयास रंग ला रहा, सभी वार्ड को मिली स्वीकृतिरायपुर ।हर गली पक्की बने, कहीं जलभराव न हो और कोरबा एक सुव्यवस्थित एवं विकसित शहर बनेकृ इसी संकल्प को साकार करते हुए नगर विधायक एवं प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, वाणिज्यिक कर (आबकारी) एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के सतत प्रयासों से नगर पालिक निगम कोरबा को 15वें वित्त आयोग अंतर्गत 37 करोड़ 28 लाख रूपए से अधिक राशि के 116 विकास कार्यों की स्वीकृति प्राप्त हुई है।नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा अप्रैल 2026 में विभिन्न निर्माण कार्यों की स्वीकृति हेतु राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। इन प्रस्तावों की शीघ्र स्वीकृति के लिए मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने गुरुवार को उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव से भेंट कर तत्काल स्वीकृति का आग्रह किया। उनके विशेष प्रयासों के परिणामस्वरूप सभी प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।मंत्री श्री देवांगन के नेतृत्व में कोरबा नगर के विकास के लिए लगातार विभिन्न योजनाओं एवं मदों से राशि स्वीकृत हो रही है। अब तक कोरबा शहर के लिए लगभग 1000 करोड़ रूपए के विकास कार्य स्वीकृत हो चुके हैं, जिनका लाभ अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।इस स्वीकृति के अंतर्गत शहर के सभी वार्डों में सीसी सड़क, आरसीसी नाली, जल निकासी, पेयजल प्रबंधन, सड़क निर्माण तथा अन्य मूलभूत अधोसंरचना से जुड़े 116 विकास कार्यों को स्वीकृति मिली है। इनमें वार्डवार गली-गली तक सड़क एवं नाली निर्माण के कार्य शामिल हैं, जिससे वर्षों से चली आ रही जलभराव एवं आवागमन की समस्याओं का स्थायी समाधान होगा।स्वीकृत सूची में वार्ड क्रमांक 1 से लेकर सभी वार्डों तक सड़क एवं नाली निर्माण, तालाबों के आसपास जल निकासी व्यवस्था, प्रमुख मार्गों का उन्नयन तथा मोहल्लों की आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं। यह स्वीकृति कोरबा नगर के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी।मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि डबल इंजन नहीं, अब ट्रिपल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से बड़े-बड़े अधोसंरचनात्मक कार्यों के साथ-साथ गली-मोहल्लों की छोटी-छोटी समस्याओं का भी तेजी से समाधान किया जा रहा है। उनका लक्ष्य है कि कोरबा का कोई भी वार्ड विकास से अछूता न रहे और प्रत्येक नागरिक को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों।उन्होंने प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से कोरबा तेजी से विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। आने वाले समय में भी शहर के सर्वांगीण विकास के लिए इसी प्रकार निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।15वें वित्त आयोग अंतर्गत नगर पालिक निगम कोरबा में स्वीकृत विकास कार्यवार्ड क्र. 01 रामसागर में तुलसी घर के आगे सड़क निर्माण कार्य - 20.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 01 अंतर्गत गीता ज्वेलर्स से स्वर्ण भूमि तक आर.सी.सी. नाली का निर्माण कार्य - 38.13 लाख रूपए, वार्ड क्र. 01 अंतर्गत रामसागर तालाब बस्ती साइड में आर.सी.सी. नाला निर्माण कार्य - 15.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 03 प्राथमिक स्कूल के पीछे तुलसी नगर में आर.सी.सी. नाली एवं सी.सी. रोड निर्माण कार्य - 15.80 लाख रूपए, वार्ड क्र. 04 गृहणी अनाज से पोषण किराना दुकान तक सी.सी. रोड निर्माण कार्य - 40.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 05 देवांगन पारा अंतर्गत कोरबा फाटक से गणेश स्टोर गोकुल चंद लालूमल की दुकान के सामने से होते हुए गांधी चौक तक नाली निर्माण कार्य - 10.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 05 देवांगन पारा अंतर्गत लवली केयर स्कूल से कदम पेड़ नाला तक नाला निर्माण कार्य - 10.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 06 अंतर्गत गुरुघासी से लेकर कृपाल सिंह के घर तक सी.सी. रोड निर्माण कार्य - 20.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 07 धनुहार मोहल्ला में जवरीहिन सनवाल के घर से लेकर तारा चंद्र श्रीवास के घर तक रोड निर्माण - 7.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 08 अंतर्गत मोतीसागर पारा पूर्व पार्षद बेरी महिलाओं के घर के आगे वाली गली, वृद्ध आश्रम एवं प्राथमिक शाला जाने के मुख्य मार्ग/गली निर्माण कार्य - 8.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 09 इमलीडुग्गू अंतर्गत पोखरी पारा स्थित तालाब के चारों ओर नाली निर्माण कार्य - 15.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 10 मिलाई खुर्द अंतर्गत बरबसपुर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मंदिर के समीप सी.सी. रोड निर्माण कार्य - 20.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 11 अंतर्गत मोनू सारथी के घर से राजकुमारी महंत एवं बबलू के घर से महेश दास के घर तक सी.सी. रोड एवं नाली निर्माण कार्य - 20.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 12 बंटी स्टोर के सामने गुप्ता गली में रोड एवं नाली निर्माण कार्य - 18.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 12 सिटी कोतवाली के सामने से अशोका भवन की ओर मनोकामना मंदिर तक जाने वाली रोड एवं नाली निर्माण कार्य - 15.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 13 शारदा विहार अंतर्गत पानी टंकी मोहल्ले में नाला निर्माण कार्य - 20.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 14 अंतर्गत न्यू अमरैयापारा में खान घर से विनोद श्रीवास के घर तक सी.सी. रोड एवं आर.सी.सी. नाली निर्माण कार्य - 18.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 14 अंतर्गत शारदा विहार रेलवे फाटक से चिमनी भट्ठा तक सी.सी. रोड निर्माण कार्य - 26.74 लाख रूपए, वार्ड क्र. 15 इंदिरा नगर स्कूल के पीछे इन्द्रापारा एवं 15 ब्लॉक में आर.सी.सी. नाली एवं सी.सी. रोड निर्माण कार्य - 19.63 लाख रूपए, वार्ड क्र. 16 पंप हाउस अंतर्गत आत्मानंद स्कूल के पीछे इमरी मोहल्ला में सी.सी. रोड एवं नाली निर्माण कार्य - 17.68 लाख रूपए, वार्ड क्र. 17 घाटघोरा रोड से प्रेम खटाल तक सी.सी. रोड एवं नाली निर्माण कार्य - 25.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 18 भवानी मंदिर के पास निर्मित पूर्वांचल शेड से भवन तक जाने हेतु रोड एवं नाली निर्माण कार्य - 26.30 लाख रूपए, वार्ड क्र. 19 अंतर्गत गिरिराजचंद्र घर के पास से रविशंकर दिवाकर घर तक, महंत घर से कॉलोनी तक, नीलगिरी बस्ती से श्रीवास्तव घर से दिलीप दिवान घर तक आर.सी.सी. नाली एवं सी.सी. रोड निर्माण कार्य - 10.41 लाख रूपए, वार्ड क्र. 20 नीलगिरी बस्ती में आंगनबाड़ी- 1 से आश्रम के पीछे तक नाली निर्माण कार्य - 15.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 20 सामुदायिक भवन के पीछे से आश्रम के पीछे तक नाली निर्माण कार्य - 15.00 लाख रूपए की स्वीकृति शामिल है।
- रायपुर। हिंसा की राह छोड़ जब कोई मुख्यधारा में लौटता है, तो न सिर्फ एक जीवन सुधरता है बल्कि पूरे समाज को एक नई दिशा मिलती है। नारायणपुर जिला के ओरछा विकासखंड के ग्राम पंचायत कोहकामेटा निवासी कमलू राम नुरेटी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। कभी नक्सल संगठन की कड़ियों में उलझे कमलू राम ने वर्ष 2013 में आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का बड़ा फैसला किया। आज वे न केवल खुद एक सम्मानित जीवन जी रहे हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन चुके हैं।आत्मसमर्पण के बाद कमलू राम ने समाजहित को सर्वाेपरि माना। उन्होंने न केवल अपने जीवन को नई दिशा दी, बल्कि अन्य नक्सल प्रभावित युवाओं को भी हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करने के लिए प्रेरित किया। उनके इसी सकारात्मक बदलाव और सामाजिक योगदान को देखते हुए राज्य शासन की पुनर्वास योजनाओं का सीधा लाभ उन तक पहुँचाया गया, जिससे उनके वर्षों पुराने पक्के घर का सपना साकार हो सका।कमलू राम को मुख्यधारा में पूरी तरह स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष प्रयास किए गए। वर्ष 2024-25 में विशेष परियोजना के अंतर्गत 'आत्मसमर्पित नक्सल पीड़ित योजना' के तहत उनका सर्वेक्षण किया गया, जिसके बाद उन्हें 1.20 लाख रुपए की लागत से पक्का आवास प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना से स्वीकृत हुआ।आवास निर्माण के दौरान ही उन्हें मनरेगा (वीबी-जी राम जी) के माध्यम से 23 हज़ार 490 रुपए की मजदूरी भी प्रदान की गई, जिसने निर्माण कार्य में महत्वपूर्ण आर्थिक संबल दिया। नए आशियाने के साथ-साथ उन्हें स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय और सौभाग्य योजना के माध्यम से बिजली कनेक्शन भी उपलब्ध कराया गया है। श्री कमलू राम नुरेटी ने कहा कि पहले मैं परिवार के साथ किराये के मकान में रहता था, जहाँ हर दिन नई कठिनाइयाँ सामने आती थीं। आज अपना पक्का घर, बिजली और शौचालय मिलने से पूरा परिवार बेहद खुश है। हमें एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिला है। पुनर्वास योजनाएं ला रही हैं क्षेत्र में बदलाव जिला प्रशासन का मानना है कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए संचालित योजनाएं धरातल पर बेहद सकारात्मक परिणाम दे रही हैं। कमलू राम की यह सफलता की कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि यदि शासन की नीतियां और समाज का सहयोग एक साथ मिले, तो किसी भी जीवन को संवारा जा सकता है। यह बदलाव बस्तर और आस-पास के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, विकास और अटूट विश्वास को मजबूत कर रहा है।
- -शरीर पर सफेद या सुन्न चकत्ते, सुन्नपन अथवा पलक बंद न होने जैसे लक्षण दिखने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की अपीलमहासमुंद । कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के मार्गदर्शन में जिले में संचालित राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मरीजों को समय पर उपचार और पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध कराया जा रहा हैं। इसी का परिणाम है कि अब मरीज विकलांगता से भी मुक्त होकर सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।विकासखंड बागबाहरा के एक उपचारित व्यक्ति पहले बाईं आंख में लैगोफ्थाल्मोस (पलक बंद न होना) तथा दाएं हाथ में ग्रेड-2 विकृति से पीड़ित थे। सामाजिक संकोच और भय के कारण उन्होंने लंबे समय तक जांच नहीं कराई।जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. वी. पी. सिंह एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती नीलू धृतलहरे के समन्वय में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा की टीम ने संपर्क कर उनका उपचार शुरू कराया। सीएचसी बागबाहरा के मिनिकेतन चौधरी एवं उनकी टीम ने नियमित मल्टी ड्रग थेरेपी (एमडीटी), आंखों की विशेष देखभाल, हाथों की सेल्फ-केयर प्रशिक्षण तथा निरंतर फॉलो-अप सुनिश्चित किया। नियमित दवा और स्वयं की देखभाल के कारण उनकी आंख पूरी तरह स्वस्थ हो गई तथा हाथ की विकृति में भी सुधार हुआ। अब वे बिना किसी भय के फिर से खेती-किसानी का कार्य कर रहे हैं।उपचारित व्यक्ति ने बताया कि पहले मुझे लगता था कि कुष्ठ रोग का मतलब जिंदगी खत्म हो जाना है, लेकिन डॉक्टरों और सीएचसी बागबाहरा की टीम ने मुझे हिम्मत दी। आज मेरी आंख पूरी तरह ठीक है, हाथ भी सामान्य रूप से काम कर रहा है। मैं सभी से कहना चाहता हूं कि कुष्ठ रोग लाइलाज नहीं है, समय पर इलाज जरूर कराएं।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने कहा कि समय पर पहचान, सही उपचार और नियमित सेल्फ-केयर से कुष्ठ जनित विकलांगता को रोका जा सकता है। वहीं जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. वी. पी. सिंह ने लोगों से अपील की कि यदि शरीर पर सफेद या सुन्न चकत्ते, सुन्नपन अथवा पलक बंद न होने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में कुष्ठ रोग का उपचार पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है।
- -बिहान से बनीं सफल महिला उद्यमीकांकेर। बिहान (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) से जिले के स्व-सहायता समूह की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं तथा उनके जीवन को नई दशा और दिशा दी है। भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम कराठी निवासी श्रीमती लच्छंतीन बाई दरपट्टी आज महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। वह तुलसी स्व सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं, जो महिला शक्ति संकुल संगठन कन्हारगांव से जुड़ा हुआ है। जिला मुख्यालय से लगभग 08 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में ‘बिहान’ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने उनके जीवन की दिशा बदल दी है।श्रीमती लच्छंतीन बाई ने बताया कि समूह से जुड़ने से पहले परिवार की आर्थिक स्थिति खराब थी। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में बहुत परेशानी होती थी तथा परिवार को कठिन समय में आर्थिक मदद नहीं मिल पाती थी। थोड़े से पैसे के लिए उन्हें अक्सर दूसरे लोगों से ब्याज पर ऋण लेना पड़ता था। खेती की आधुनिक तकनीकों की जानकारी का अभाव था और स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का सपना केवल सपना ही बनकर रह गया। इस दौरान उन्हें बिहान योजना के बारे में पता चला, वहां 10 दीदी मिलकर एक समूह गठन कर बचत करते हैं और जरूरत के समय वहीं से आसानी से ऋण भी मिल जाती है। गांव की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर उन्होंने स्व सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। समूह से जुड़ने के बाद नियमित बैठक एवं बचत करना शुरू किया। अब जरूरत पड़ने पर उन्हें आसानी से समूह के माध्यम से ऋण मिलने लगा, जिससे दूसरों पर निर्भरता समाप्त हो गई। उन्हें चक्रीय निधि एवं प्रोत्साहन राशि का लाभ मिला है। आजीविका गतिविधियों को बढ़ाने के लिए बैंक से 01 लाख 20 हजार रुपये का ऋण भी प्राप्त हुआ। अब मैं बैंक से लेन-देन आसानी से कर रही हूॅ। इस दौरान बिहान के बीपीएम द्वारा समय-समय पर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया गया। अधिकारियों के माध्यम से उन्हें मुद्रा ऋण की जानकारी मिली और बैंक से आवश्यक सहायता प्राप्त हुई। आज मैं चटिया मिल (लघु प्रसंस्करण इकाई), मशरूम उत्पादन, मुर्गी पालन, कृषि कार्य जैसे विभिन्न आजीविका गतिविधियों का संचालन कर रही हूॅ। इन गतिविधियों से लगभग 12 हजार रुपये प्रतिमाह तथा करीब 01 लाख 45 हजार रूपये वार्षिक आय प्राप्त हो रही है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बच्चों की शिक्षा बेहतर ढंग से हो रही है, इससे जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। लच्छंतीन बाई आज ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की प्रेरणा स्रोत बन गई है।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद् (केबिनेट) की बैठक बुधवार, 08 जुलाई को सवेरे 11.30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में होगी। file photo
- -रोजगार अवधि बढ़ने एवं मजदूरी में वृद्धि से ग्रामीण परिवारों को मिलेगा आर्थिक सशक्तिकरण, सुनीता साहू ने जताई खुशीरायपुर । ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और समग्र विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से प्रारंभ किए गए विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन से गांवों में नई उम्मीद जगी है। इस महत्वाकांक्षी पहल का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना है। योजना के तहत अब प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को प्रति वित्तीय वर्ष 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों के अकुशल श्रम आधारित रोजगार की गारंटी दी जाएगी। साथ ही मजदूरी दर में भी वृद्धि की गई है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में इजाफा होगा।मुंगेली जिले के ग्राम लिम्हा की सुनीता साहू ने योजना के प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि रोजगार के दिनों में वृद्धि ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ी राहत है। पहले 100 दिनों तक ही रोजगार उपलब्ध होता था, लेकिन अब अतिरिक्त दिनों के रोजगार से परिवार की आय बढ़ेगी और आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में आसानी होगी। उन्होंने बताया कि बढ़ी हुई मजदूरी और अतिरिक्त रोजगार के अवसर से अब परिवार को अधिक आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। इससे बच्चों की शिक्षा, घरेलू आवश्यकताओं और अन्य खर्चों को पूरा करने में भी सहूलियत होगी। सबसे बड़ी बात यह है कि अब गांव में ही अधिक समय तक रोजगार मिलने से बाहर पलायन की आवश्यकता भी कम होगी। सुनीता साहू ने कहा कि विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीणों के लिए केवल रोजगार की योजना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन का माध्यम है। इससे गांवों में जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, आधारभूत संरचना निर्माण तथा स्थानीय आजीविका को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार का यह निर्णय ग्रामीण परिवारों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। योजना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, आय में वृद्धि होगी और गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।
- -छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने संभाला पदभाररायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, संतुलित मन और अनुशासित जीवन का आधार है। उन्होंने प्रदेशवासियों से योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं।मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने श्री अग्रवाल को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में योग आयोग प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार को नई गति देगा तथा योग को गांव-गांव, विद्यालयों और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर प्रयासों से भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है। आज विश्व के 176 से अधिक देश 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाकर भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा का सम्मान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने योग और आयुर्वेद को नई दिशा देने के लिए आयुष मंत्रालय का गठन किया तथा पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को सशक्त बनाने के अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ में आयुर्वेद एम्स की स्थापना का आग्रह किया गया है। राज्य का लगभग 44 प्रतिशत वन क्षेत्र औषधीय वनस्पतियों से समृद्ध है, जिससे भविष्य में छत्तीसगढ़ आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और वेलनेस पर्यटन के क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बन सकता है।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिलाई है। उन्होंने कहा कि योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।विधायक श्री किरण सिंह देव ने विश्वास व्यक्त किया कि श्री संजय अग्रवाल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ योग आयोग प्रदेश के प्रत्येक गांव, शहर और परिवार तक योग की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी कार्य करेगा।समारोह में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक श्री किरण देव, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष श्री ध्रुव कुमार मिर्धा, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, अधिकारी, बड़ी संख्या में योग साधक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- -दिव्यांगजनों को सहायक उपकरणों की मरम्मत की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने जिला प्रशासन द्वारा खोली जाएगी रिपेयरिंग शॉपबलौदाबाजार / सोशल मीडिया के माध्यम से सीएम हेल्पलाइन 1076 की जानकारी मिलने के बाद बलौदाबाजार संजय कॉलोनी निवासी दिव्यांग दुर्गेश साहू ने नई ट्राई साइकिल प्रदान करने के लिए कॉल किया। इसके बाद 15 दिनों के भीतर उन्हें नई बैटरी संचालित ट्राइसाइकिल उपलब्ध करा दी गई। कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा ने आज दुर्गेश साहू को नई बैटरी संचालित ट्राइसाइकिल प्रदान की। इस अवसर पर उन्होंने दुर्गेश से उनका हाल-चाल जाना और ट्राइसाइकिल का अनुभव भी पूछा। इस पर दुर्गेश साहू ने बताया कि ट्राइसाइकिल की गुणवत्ता काफी अच्छी है तथा इसकी ऊंचाई भी सुविधाजनक है, जिससे इसे चलाने में आसानी होगी।कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा ने कहा कि दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल एवं अन्य सहायक उपकरणों की मरम्मत के लिए बार-बार परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा शीघ्र ही रिपेयरिंग शॉप की स्थापना की जाएगी। इससे दिव्यांगजनों को अपने सहायक उपकरणों की मरम्मत की सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010 में एक सड़क दुर्घटना के कारण दुर्गेश साहू गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दुर्घटना के बाद उनके शरीर का कमर के नीचे का हिस्सा काम करना बंद कर गया, जिससे वे पूर्णतः दिव्यांग हो गए। लंबे समय तक उन्हें आने-जाने सहित दैनिक कार्यों के लिए अपने परिवार पर निर्भर रहना पड़ता था।दुर्गेश साहू को पूर्व में भी समाज कल्याण विभाग द्वारा ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन समय के साथ उसके महत्वपूर्ण पार्ट्स खराब हो गए और उनकी मरम्मत संभव नहीं हो पा रही थी। इससे उनकी आवाजाही और आजीविका दोनों प्रभावित हो रही थीं। इसी दौरान उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से सीएम हेल्पलाइन 1076 की जानकारी मिली। उन्होंने हेल्पलाइन पर अपनी समस्या दर्ज कराई, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र 15 दिनों के भीतर समाज कल्याण विभाग द्वारा उन्हें नई बैटरी संचालित ट्राइसाइकिल उपलब्ध करा दी गई।नई बैटरी संचालित ट्राइसाइकिल मिलने से अब दुर्गेश साहू को अपने दैनिक कार्यों के साथ-साथ अपनी छोटी सी किराना दुकान के संचालन में भी काफी सुविधा मिलेगी। इससे वे पहले की तुलना में अधिक आत्मनिर्भर होकर अपना जीवनयापन कर सकेंगे। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग की उप संचालक सिनीवाली गोयल ने दुर्गेश साहू को दिव्यांग जनों के लिए संचालित ऋण योजनाओं मो जानकारी भी दी ताकि उनको अपने व्यवसाय में मदद मिल सके।दुर्गेश साहू के पुत्र रवि कुमार साहू ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि नई ट्राइसाइकिल मिलने से उनके पिता की कई समस्याएं दूर हो गई हैं। अब उन्हें आवागमन के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सीएम हेल्पलाइन 1076 वास्तव में आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने वाला प्रभावी मंच बन चुकी है। दुर्गेश की समस्या का यह त्वरित समाधान सुशासन और संवेदनशील प्रशासन का एक प्रेरक उदाहरण है।
- -योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने पर विशेष जोरबलौदाबाज़ार / देश भर में 1 जुलाई से ‘विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) – वीजी राम जी’ योजना का शुभारंभ शुरू हो चुका है। योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को अपने गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराना, ग्रामीण आधारभूत संरचना को सुदृढ़ बनाना, जल सुरक्षा एवं आजीविका के अवसरों का विस्तार करना तथा विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में योगदान देना है। इस संबंध में गुरुवार को आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को योजना की विस्तृत जानकारी दी गई।जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल ने कहा कि ‘वीबी -जी राम जी’ योजना वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से सभी ग्राम पंचायतों में बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण विकास कार्य किए जाएंगे। इससे ग्रामीण आधारभूत संरचना मजबूत होगी, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने कहा कि योजना के माध्यम से अब ग्रामीणों को 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति अपने गांव में रहकर रोजगार करना चाहता है तो उसे स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्होंने बताया कि योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। आंगनवाड़ी भवन, पंचायत भवन एवं अन्य आवश्यक सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत किया जाएगा। इसके साथ ही जल सुरक्षा, जल संरक्षण तथा आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।कलेक्टर श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के अंतर्गत प्राथमिकता के आधार पर कार्यों का चयन एवं स्वीकृति सुनिश्चित की जाए, ताकि इसका लाभ शीघ्रता से ग्रामीणों तक पहुंचे। कृषि कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए बुवाई एवं कटाई के मौसम में 60 दिनों का अंतराल रखने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्तर पर अधिकतम प्रत्यक्ष लाभ सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे ग्रामीणों की आय बढ़ेगी और गांवों का समग्र विकास होगा।जिला पंचायत सीईओ सुश्री दिव्या अग्रवाल ने विस्तार से योजना की जानकारी दी।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों के लिए क्लस्टर स्तर पर आजीविका केंद्रों के निर्माण की व्यवस्था की गई है। इन केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार एवं कौशल प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।कार्यशाला में अधिकारियों से योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक इसका लाभ पहुंचाने का आह्वान किया गया।कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष पवन साहु सहित बड़ी संख्या में जन प्रतिनिधि , स्व सहायता समूह की महिलायें मौजूद थे।
- पंजीकृत ग्रामीण परिवार को 100 दिनों के स्थान पर अब 125 दिनों का मिलेगा गारंटीशुदा रोजगारबालोद। विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबी जी राम जी) के शुभारंभ अवसर पर आज 02 जुलाई 2026 को जिला पंचायत सभाकक्ष बालोद में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारिणी पुष्पेन्द्र चन्द्राकर, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चन्द्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन लाल साहू, एथेलेटिक्स संघ के उपाध्यक्ष श्री सौरभ लुनिया एवं अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के अलावा अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू ने वीबी जी राम जी योजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, रोजगार के अवसरों का विस्तार करने तथा गांवों के समग्र विकास को गति देने वाला ऐतिहासिक कदम बताया। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबी-जी राम जी) विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत अब प्रत्येक पंजीकृत ग्रामीण परिवार को 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का मांग आधारित गारंटीशुदा रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही छत्तीसगढ़ में श्रमिकों की मजदूरी दर 261 रूपये से बढ़ाकर 300 रूपये प्रतिदिन कर दी गई है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चन्द्रवंशी ने बताया कि योजना के अंतर्गत मजदूरी का भुगतान 07 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा तथा रोजगार की मांग प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर कार्य उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए प्रशासनिक व्यय की सीमा 06 प्रतिशत से बढ़ाकर 09 प्रतिशत कर दी गई है। वीबी-जी राम जी अंतर्गत जल संरक्षण ग्रामीण अधोसंरचना विकास आजीविका संवर्धन तथा कौशल विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जीआईएस, ई-केवाईसी एवं बायोमेट्रिक प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। साथ ही राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 60 दिनों के कृषि अवकाश का प्रावधान भी रहेगा।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ में कार्यपालक निदेशकों के प्रभार में परिवर्तन किया गया है तथा दो अधिकारियों को मुख्य अभियंता के पद पर पदोन्नति प्रदान की गई है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक (संचारण एवं संधारण) [ED (O&M)] के पद पर श्री संजय खंडेलवाल की नियुक्ति की गई है। वे पूर्व में दुर्ग के कार्यपालक निदेशक के पद पर कार्यरत थे। वहीं, राजनांदगांव के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष शैलेट का स्थानांतरण दुर्ग क्षेत्रीय कार्यालय में किया गया है।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी की मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) श्रीमती रश्मि वर्मा द्वारा उक्त आदेश जारी किए गए हैं। गौरतलब है कि मुख्यालय स्थित ED (O&M) कार्यालय से पूरे प्रदेश की विद्युत वितरण व्यवस्था का संचारण एवं संधारण किया जाता है। इस पद पर पूर्व में श्री जे.एस. नेताम कार्यरत थे। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद श्री संजय खंडेलवाल को यह दायित्व सौंपा गया है।इसके साथ ही ट्रांसमिशन कंपनी के मानव संसाधन विभाग द्वारा पदोन्नति के दो आदेश भी जारी किए गए हैं। इनके तहत छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री दिलीप कुमार भोजक एवं श्री एच.के. मेश्राम को मुख्य अभियंता के पद पर पदोन्नत किया गया है। श्री भोजक को मुख्य अभियंता (सतर्कता) तथा श्री मेश्राम को मुख्य अभियंता, राजनांदगांव का प्रभार सौंपा गया है।
- रायपुर । डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर कंपनी में ई-ऑफिस प्रणाली का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा चुका है। ई-ऑफिस के माध्यम से कार्यालयीन कार्यों का अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पाॅवर कंपनी के कार्यपालक निदेशक (ऊर्जा सूचना प्रौद्योगिकी केन्द्र) कार्यालय द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए पुनः प्रशिक्षण कार्यक्रम आज से प्रारंभ किया गया । अप्रैल 2026 से पाॅवर कंपनीज़ के सभी कार्यालयों मे ई आफिस की औपचारिक शुरूआत हुई।इसी के तहत अब 2 जुलाई से 30 जुलाई कुल एक माह के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। कार्यक्रम के तहत प्रथम पाली मे प्रारंभिक प्रशिक्षण एवं द्वितीय पाली में जागरूकता एवं मध्यवर्ती स्तर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। आज प्रथम दिवस में कुल 500 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी ने आन लाईन के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त किये।प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत पाॅवर कंपनियों के मुख्यालय एवं क्षेत्रीय कार्यालयों में कार्यरत समस्त अधिकारी-कर्मचारी तथा आवक-जावक शाखा के कर्मचारियों को ई-ऑफिस के विभिन्न मॉड्यूल एवं कार्यप्रणाली की जानकारी प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षण में ई-फाइल निर्माण एवं संचालन, पत्राचार का डिजिटल निष्पादन, दस्तावेजों का ऑनलाइन प्रबंधन, फाइल ट्रैकिंग तथा अन्य महत्वपूर्ण सुविधाओं के व्यावहारिक उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आज से प्रारंभ होकर एक माह तक प्रत्येक गुरुवार आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यालय के साथ-साथ छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता करेंगे।पाॅवर कंपनी प्रबंधन ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से निर्धारित तिथि एवं समय पर प्रशिक्षण में अनिवार्य रूप से भाग लेने का आग्रह किया है। प्रबंधन का उद्देश्य ई-ऑफिस प्रणाली का शत-प्रतिशत प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना तथा कार्यालयीन कार्यों को पूर्णतः डिजिटल, पारदर्शी, दक्ष एवं पेपरलेस बनाना है। इस पहल से कार्य निष्पादन में गति आएगी, अभिलेखों का सुव्यवस्थित प्रबंधन होगा तथा शासन की डिजिटल इंडिया पहल को और अधिक मजबूती मिलेगी।
- -कलेक्टर ने की श्रमिकों से मुलाकात, दी शुभकामनाएं-श्रमिकों ने जताया शासन के प्रति आभाररायपुर / कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज वीबी जीरामजी अधिनियम के शुभारंभ के अवसर पर ग्राम बरौदा के मुक्तिधाम परिसर में कार्यरत श्रमिकों से बातचीत की और शुभकामनाएं दी। कलेक्टर ने उनसे नई मजदूरी दर के बारे में पूछा, इसपर महिला श्रमिकों ने बताया कि उन्हें अब मजदूरी दर बढ़कर 300/- रूपए प्रतिदिन मिलेंगे। श्रमिकों ने इस अधिनियम के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।गौरतलब है कि पूरे प्रदेश सहित जिले में वीबी जीरामजी अधिनियम लागू हो गया है। 'वीबी जीरामजी' असल में विकसित भारत - रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) है| यह महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह लेने वाला एक संशोधित और अधिक व्यापक कानून है| अब पात्र ग्रामीण परिवारों को हर साल 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के वैधानिक रोजगार की गारंटी मिलेगी। किसी भी राज्य में दैनिक मजदूरी ₹300 से कम नहीं होगी। राष्ट्रीय औसत मजदूरी को बढ़ाकर ₹327.4 प्रतिदिन कर दिया गया है।इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सविता चंद्राकर, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे एवं धरसींवा जनपद सीईओ श्री आशीष केशरवानी, धरसींवा तहसीलदार श्री बाबूलाल कुर्रे एवं एपीओ श्रीमती रौशनी तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- मेरिट सूची का प्रकाशन 03 जुलाई को संभावित, चयनित उम्मीदवारों को 07 जुलाई तक लेना होगा प्रवेशबालोद । शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुरूर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के अंतर्गत कोपा व्यवसाय की रिक्त सीटों पर द्वितीय चरण का प्रवेश 04 जुलाई से प्रारंभ होगी। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुरूर के प्राचार्य ने बताया कि संस्था में संचालित कोपा व्यवसाय में प्रथम चरण के प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। प्रथम चरण के उपरांत अब कोपा व्यवसाय में कुल 21 सीटें रिक्त बची हैं, जिन पर द्वितीय चरण के अंतर्गत प्रवेश लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रवेश के लिए निर्धारित समय-सारणी के अनुसार, द्वितीय चरण की मेरिट सूची का प्रकाशन 03 जुलाई 2026 को होना संभावित है। मेरिट सूची जारी होने के तत्पश्चात संस्था में द्वितीय चरण हेतु चयनित उम्मीदवारों का प्रवेश 04 जुलाई 2026 से 07 जुलाई 2026 तक किया जाएगा। पात्र उम्मीदवार अपने समस्त शैक्षणिक तथा आवश्यक प्रमाण-पत्र ऑनलाइन रजिस्टेशन कापी व अलॉटमेंट लेटर के साथ टी.सी., जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र पासपोर्ट साइज फोटो व बैंक पासबुक इत्यादि के मूल प्रति व 02 छायाप्रतियों के साथ संस्था में प्रवेश ले सकते हैं।
- स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा शिक्षा विभाग के समन्वित प्रयासों का मिला परिणाम, अब 100 प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्यबालोद ।महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) जैसी गंभीर बीमारी से बेटियों को सुरक्षित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान में बालोद जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिले ने 46 प्रतिशत टीकाकरण कवरेज प्राप्त करते हुए पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में तीसरा स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग की सतत मेहनत, जनजागरूकता और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग ने मिलकर अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया। जिले के स्वास्थ्य कर्मियों, मितानिनों, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में घर-घर संपर्क कर पालकों को जागरूक किया। वहीं विद्यालयों में विशेष टीकाकरण शिविर आयोजित कर पात्र बालिकाओं का टीकाकरण सुनिश्चित किया गया। इसी सतत प्रयास का परिणाम है कि बालोद प्रदेश के शीर्ष तीन जिलों में शामिल हो गया।ज्ञातव्य हो कि ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) संक्रमण महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। 09 से 14 वर्ष की बालिकाओं को सही समय पर एचपीवी का टीका लगाए जाने से भविष्य में इस गंभीर बीमारी से प्रभावी सुरक्षा मिलती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह टीका पूरी तरह सुरक्षित, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित और अत्यंत प्रभावी है। स्वास्थ्य विभाग ने इस उपलब्धि का श्रेय जिले के जागरूक पालकों, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों और स्वास्थ्य अमले को दिया है, जिन्होंने अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके ने बताया कि 46 प्रतिशत कवरेज हासिल करना जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन अभियान अभी निरंतर जारी है। वर्तमान में माइक्रो प्लानिंग के तहत शेष पात्र बालिकाओं तक पहुंचकर उन्हें भी टीकाकरण से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग का लक्ष्य है कि बालोद जिला जल्द ही 100 प्रतिशत एचपीवी टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त कर भविष्य में इस गंभीर बीमारी से प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
- -बस्तर प्रवास के अनुभवों के आधार पर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ली उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक-अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने, रिक्त पदों की भर्ती और बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के दिए निर्देशरायपुर । महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मंत्रालय महानदी भवन में महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने तथा जमीनी स्तर पर कार्यों में गति लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार,दोनों विभागों के संचालक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने हाल ही में बस्तर संभाग के प्रवास तथा केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी से हुई चर्चा के दौरान प्राप्त अनुभवों और सुझावों के आधार पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्थानीय भाषाओं में संवाद अत्यंत आवश्यक है। इस उद्देश्य से बस्तर संभाग में विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार गोंडी एवं हल्बी भाषा में किए जाने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं की सटीक जानकारी पहुंच सके।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बस्तर संभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं पर्यवेक्षक के रिक्त पदों को आवश्यक स्वीकृति प्राप्त कर शीघ्र भरने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में भवन, पोषण, पेयजल, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया।बैठक में उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए सभी जिलों में नियमित मॉनिटरिंग, सतत निरीक्षण और प्रभावी फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने की अपेक्षा व्यक्त की।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने पोषण पुनर्वास केंद्रों (एनआरसी) में भर्ती बच्चों एवं उनकी माताओं को गुणवत्तापूर्ण उपचार, पौष्टिक आहार तथा बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।समीक्षा बैठक के दौरान समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री ने दिव्यांगजन एवं वृद्धजन कल्याण से संबंधित योजनाओं की प्रगति का आकलन करते हुए बस्तर संभाग में दिव्यांगजनों को सहायक उपकरणों के समयबद्ध वितरण, पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने तथा नियमित शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।उन्होंने सियान गुड़ी (डे-केयर सेंटर) एवं वृद्धाश्रमों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहतर आवास, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं तथा सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।बैठक के अंत में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बस्तर संभाग के प्रवास के दौरान यह स्पष्ट रूप से अनुभव हुआ है कि क्षेत्र में विकास और विश्वास का नया वातावरण निर्मित हुआ है। ऐसे में विभाग की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि शासन की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना तीव्र गति से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसका प्रभाव धरातल पर दिखाई दे।
- -विकसित भारत-जी रामजी योजना से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति-125 दिनों का रोजगार, समयबद्ध भुगतान और ग्रामसभा आधारित कार्ययोजना से सशक्त होंगे गांव- जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं जनभागीदारी को मिलेगा बढ़ावारायपुर। विकसित भारत-जी रामजी योजना प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी एवं सतत विकास को नई दिशा प्रदान करेगी। यह योजना ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार, समयबद्ध भुगतान तथा ग्रामसभा आधारित कार्ययोजनाओं के माध्यम से गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। यह बात महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने विकसित भारत-जी रामजी योजना के शुभारंभ अवसर पर कही।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि विकसित भारत-जी रामजी योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ आजीविका संवर्धन, आधारभूत संरचना विकास तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को नई गति देगी। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी विकसित भारत के निर्माण के प्रमुख आधार हैं तथा इन क्षेत्रों में सामूहिक प्रयासों से ही स्थायी विकास के लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं।उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को पूर्व में उपलब्ध 100 दिनों के रोजगार के स्थान पर अब 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। ग्रामसभाओं के माध्यम से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों का चयन एवं अनुमोदन किए जाने से विकास कार्यों की प्रभावशीलता और पारदर्शिता में वृद्धि होगी।योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, वृक्षारोपण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, कृषि आधारित गतिविधियों तथा टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का विस्तार होने के साथ-साथ दीर्घकालिक विकास को भी मजबूती मिलेगी।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि विकसित भारत-जी रामजी योजना प्रधानमंत्री के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों एवं सभी संबंधित विभागों से योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। इस अवसर पर विकसित भारत-जी रामजी योजना तथा ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान पर आधारित प्रेरणादायी लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों ने नशा मुक्त भारत और बाल विवाह उन्मूलन के लिए सामूहिक शपथ भी ली। मनरेगा के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंचों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
- -10 जून से अब तक अवैध परिवहन के 28 प्रकरणों में 05 लाख 48 हजार 288 रूपये एवं-अवैध भण्डारण के 03 प्रकरण में 02 लाख 87 हजार 800 रूपये का अर्थदंडकांकेर। जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए खनिज विभाग द्वारा अत्याधुनिक तकनीक ड्रोन कैमरा का उपयोग की जा रही है। इस संबंध में जानकारी देते हुए खनिज अधिकारी श्री सनत साहू ने बताया कि गत दिवस बुधवार रात्रि के दरमियान चारामा से लेकर कांकेर क्षेत्र में प्रवाहित नदियों में ड्रोन कैमरे के माध्यम से औचक निगरानी रखते हुए कार्यवाही की गई। ड्रोन द्वारा मचांदुर, माहुद, भिलाई, तेलगुडा, नगर पंचायत चारामा, जैसाकर्रा, भिरौद, करिहा, सराधुनवागांव, हाराडुला, खरथा, बांडाटोला, भुईगांव, किलेपार, टांहकापार, अरौद, तारसगांव, नारा, भिरावाही, माकडी, माटवाडा, मुड़डोगरी, कोकपुर देवरी क्षेत्र का सर्वे किया गया। चारामा तहसील अंतर्गत ग्राम खस्था में 01 ट्रेक्टर न्यू महिन्द्रा, वाहन मालिक दुर्गेश पॉल एवं कांकेर तहसील अंतर्गत ग्राम माटवाड़ा कोकपुर क्षेत्र में 08 वाहन कमशः न्यू मेसी सहदेव उईके, न्यू महिन्द्रा रूपेश कोर्राम, सीजी 19 बीई 2649 अमित नेताम, सीजी 17 बीजी 7024 राकेश्वर यादव, न्यू मेसी समीर उईके, न्यू महिन्द्रा सलेश कुमार, न्यू महिन्द्रा हितेश जैन, सीजी 19 बीआर 5154 सिद्धार्थ साहू के ट्रेक्टर को उड़नदस्ता दल द्वारा जप्त कर पुलिस अभिरक्षा एवं कलेक्टर परिसर में जप्त वाहनो को सुरक्षार्थ रखा गया है।खनिज अधिकारी श्री साहू ने बताया कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध खान एव खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 एवं छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 में निहित प्रावधानों के तहत कड़ी कार्यवाही की जा रही है। निरंतर कार्यवाही से क्षेत्र में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण को नियंत्रित किया जा रहा है, साथ ही जिले में टास्क फोर्स दल द्वारा सतत निगरानी भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि 10 जून से अब तक अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भण्डारण पर कार्यवाही करते हुए अवैध परिवहन के कुल 28 प्रकरण दर्ज किया जाकर 05 लाख 48 हजार 288 रूपये एवं अवैध भण्डारण के कुल 03 प्रकरण दर्ज कर 02 लाख 87 हजार 800 रूपये अर्थदंड से आरोपित किया गया है। वर्तमान में वर्षा ऋतु में नदियों से रेत का उत्खनन 15 अक्टूबर तक प्रतिबंधित होने के कारण जिले में रेत के सुचारू एवं सुगमता पूर्वक रेत उपलब्धता हेतु जिले में कुल 16 अस्थायी भण्डारण अनुज्ञप्ति स्वीकृत है, जिनके माध्यम से आम जनों के लिए रेत की सुगमता से आपूर्ति की व्यवस्था की गई है।
- -जशपुर में जनजातीय समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक, समस्याएं और सुझाव सुने-कहा- सभी वैध प्रकरणों का नियमानुसार होगा निराकरण, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की होगी सतत निगरानीरायपुर। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने गुरुवार को जशपुर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों के साथ संवाद किया। बैठक में उन्होंने जनजातीय समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों, शिकायतों एवं सुझावों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि सभी वैध मामलों का नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।बैठक में विधायक गोमती साय एवं रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय तथा छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती उपस्थित रहे।बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. आशा लकड़ा ने कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का मूल उद्देश्य अनुसूचित जनजातियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना, उन्हें न्याय दिलाना तथा उनके हितों का संरक्षण सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि आयोग का छत्तीसगढ़ प्रवास जनजातीय क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर स्थानीय समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि आयोग केवल शिकायतों की सुनवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर जनजातीय क्षेत्रों में संचालित विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा भी करता है। जिन मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव नहीं हो पाता, उन्हें संबंधित विभागों तक पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।डॉ. लकड़ा ने आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों सिद्धू, कान्हू, चांद और भैरव के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि उनके संघर्ष ने जनजातीय अधिकारों की रक्षा की दिशा में ऐतिहासिक आधार तैयार किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, आंगनबाड़ी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव हो अथवा अनुसूचित जनजाति के लोगों के साथ अन्याय, शोषण या अत्याचार की घटनाएं सामने आती हैं, तो आयोग ऐसे मामलों में गंभीरता से सुनवाई कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करता है।उन्होंने बताया कि देश में लगभग 12 करोड़ अनुसूचित जनजाति के नागरिक और 725 से अधिक जनजातीय समुदाय निवास करते हैं। इनके अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा के लिए वर्ष 2004 में संविधान के अनुच्छेद 338(क) के अंतर्गत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन किया गया। आयोग अनुसूचित जनजातियों को प्राप्त संवैधानिक एवं कानूनी संरक्षणों के क्रियान्वयन की निगरानी, शिकायतों की जांच तथा जनजातीय विकास योजनाओं की समीक्षा कर सरकार को आवश्यक सुझाव देता है।डॉ. लकड़ा ने कहा कि आयोग को जांच के दौरान दीवानी न्यायालय जैसी शक्तियां प्राप्त हैं। आयोग आवश्यक होने पर किसी भी अधिकारी या संबंधित व्यक्ति को समन जारी कर सकता है, सार्वजनिक अभिलेख तलब कर सकता है तथा प्रकरणों की विधिवत सुनवाई कर सकता है। आयोग की अनुशंसाएं कार्रवाई प्रतिवेदन के साथ संसद के दोनों सदनों में प्रस्तुत की जाती हैं।डॉ. आशा लकड़ा ने जनजातीय समुदाय से अपनी शिकायतें एवं समस्याएं लिखित रूप में प्रस्तुत करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि आयोग के ऑनलाइन शिकायत पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन दर्ज किए जा सकते हैं। शिकायत दर्ज होने के बाद आवेदक को डायरी नंबर जारी किया जाता है, जिसके आधार पर प्रकरण की सुनवाई की जाती है। उन्होंने आवेदन करते समय पूरा पता, मोबाइल नंबर एवं पिनकोड सही ढंग से दर्ज करने की अपील की।बैठक में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के कंसल्टेंट श्री एच.आर. मीणा एवं श्री जे.पी. सिंह, सीनियर इन्वेस्टिगेटर श्रीमती सोनल राज, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्री संजय सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।



























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