- Home
- छत्तीसगढ़
- 0- उच्च अधिकारियों की निगरानी में हो रहा काम0- रात्रिकालीन शिफ्ट में भी हो रहा कार्य0- यातायात व सुरक्षा का रखा जा रहा विशेष ध्यानरायपुर। राजधानी के मुख्य मार्गों पर पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए फुट ओवर ब्रिज (स्काईवॉक ब्रिज) का शेष निर्माण कार्य अब तेजी से पूरा किया जा रहा है। वर्ष 2017 में प्रारंभ यह निर्माण कार्य शासन के आदेशानुसार 2018 से 2025 तक लगभग 6 वर्षों तक बंद रहा था। उक्त जानकारी लोक निर्माण विभाग सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री एस के कोरी ने दी।श्री कोरी ने कहा कि शासन के आदेश दिनांक 19.07.2024 के परिपालन में शेष निर्माण कार्य के लिए 21.05.2025 को पी.एस.ए.ए. कंस्ट्रक्शन कम्पनी प्रा.लि. को कार्यादेश जारी किया गया। वर्तमान में उच्च अधिकारियों एवं मैदानी स्तर के अभियंताओं द्वारा कार्य की सतत् निगरानी की जा रही है।स्काईवॉक के खराब हुए भागों में आवश्यकतानुसार सुधार एवं प्रतिस्थापन का कार्य भी साथ-साथ किया जा रहा है। चूंकि यह निर्माण कार्य शहर के मध्य अत्यधिक यातायात वाले क्षेत्र में हो रहा है, इसलिए नागरिकों की सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए ज्यादातर कार्य रात्रिकालीन समय में कराया जा रहा है।स्काईवॉक ब्रिज का शेष कार्य शासन के निर्देशानुसार प्राथमिकता से कराया जा रहा है। गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखते हुए कार्य में तेजी लाई गई है। विगत वर्षों में प्रभावित हुए हिस्सों की मरम्मत कर निर्माण किया जा रहा है। रात्रिकालीन शिफ्ट में कार्य कराने से आम जनता को यातायात में असुविधा नहीं होगी। कार्य पूर्ण होने पर शहरवासियों को पैदल आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।
- रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रतिबद्धता के अनुरूप रायपुर जिला प्रशासन द्वारा “प्रोजेक्ट ग्रीन पालना” अभियान को प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस अभिनव पहल के तहत शासकीय अस्पतालों में प्रसव उपरांत माताओं को फलदार पौधे भेंट स्वरूप दिए जा रहे हैं, ताकि एक नई ज़िंदगी के आगमन के साथ एक नया वृक्ष भी धरती पर जन्म ले।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में इस अभियान के तहत आज ग्रीन पालना में एमसीएच कालीबाड़ी में 03, धरसीवां में 02, सिलतरा में 01, आज दिनांक में कुल 06 प्रसुताओं को 30 पौधे भेंट किए गए।यह प्रयास मातृत्व के साथ प्रकृति से जुड़ाव को भी बढ़ावा देता है। प्रोजेक्ट ग्रीन पालना न सिर्फ नवजात के जीवन की शुरुआत को यादगार बनाता है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए हरियाली और शुद्ध वातावरण की नींव भी रखता है।
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर। जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में सचिवालय सहायक सीएमएचओ ऑफिस श्री राज यदु ने आंगनबाड़ी केंद्र सरस्वती नगर में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- 0- लापरवाही पर त्वरित कार्रवाई : बाबू निलंबित, प्राचार्य को शोकॉज नोटिस जारीरायपुर। कैंसर से जूझ रही एक महिला व्याख्याता द्वारा सुनवाई न होने की शिकायत पर त्वरित कार्यवाही करते हुए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सिर्फ दो दिनों के भीतर लगभग 2 लाख रुपये की चिकित्सा प्रतिपूर्ति राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। आर्थिक तंगी और इलाज में आ रही बाधाओं को लेकर व्याख्याता ने हाल ही में कलेक्टर से मुलाकात कर सहायता की गुहार लगाई थी, जिस पर कलेक्टर ने तुरंत संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही मामले में लापरवाही बरतने पर ग्रेड 3 बाबू का निलंबन आदेश जारी करते हुए प्रधानाचार्य को कारण-बताओ नोटिस भी जारी किया।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने मामले को प्राथमिकता में रखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए कि पीड़िता को बिना विलंब चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए। कलेक्टर के निर्देशों के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्परता दिखाते हुए संचालनालय लोक शिक्षण को मांग पत्र भेजा और महज दो दिनों में राशि आबंटित करवा दी। यह राशि संबंधित डीडीओ को भुगतान के लिए जारी कर दी गई है।लापरवाही पर कलेक्टर की सख्तीमामले की जांच में सामने आया कि पीड़िता ने अपने विद्यालय में चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन दिया था, लेकिन संबंधित सहायक ग्रेड-03 (बाबू) द्वारा आवेदन उच्च कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कलेक्टर के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई की गई। संबंधित बाबू को निलंबित कर विकासखंड शिक्षा अधिकारी, धरसींवा कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। वहीं, विद्यालय के प्राचार्य को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।--
- बिलासपुर. विकासखंड तखतपुर के विभिन्न वार्डों से आज डॉग बाइट के कुल 17 मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तखतपुर पहुंचे, जहां सभी का त्वरित और समुचित उपचार किया गया। मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के साथ ही एंटी-रैबीज वैक्सीन एवं इम्यूनोग्लोबिन लगाया गया। उपचार के बाद सभी मरीजों की स्थिति सामान्य पाई गई, जिसके बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल ने बताया कि मरीज अलग-अलग समय पर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जिससे प्रत्येक मरीज को पर्याप्त समय देकर इलाज किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्षा को भी तत्काल सूचना दी गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने सभी मरीजों को रैबीज के निर्धारित पांचों टीके समय पर लगवाने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने बताया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी-रैबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सभी मरीज पूरी तरह सुरक्षित हैं। घर पर रहकर उपचार ले रहे हैं तथा क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
- 0- श्रमदान कर सोख्ता गड्ढा के निर्माण कार्य में सहभागिता निभाईबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम खुरसुनी प्रवास के दौरान आज मुख्य मार्ग के किनारे ग्रीष्म ऋतु के दौरान आम लोगों के लिए शीतल पेजयल की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु फीता काटकर एवं पूजा-अर्चना कर प्याऊ घर का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने मौके पर उपस्थित ग्रामीणों से बातचीत की एवं उनके ग्राम में प्याऊ घर का शुभारंभ होने पर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी।इस दौरान उन्होंने ग्राम खुरसुनी में सामुदायिक नल के किनारे जिला प्रशासन के नीर चेतना अभियान के अंतर्गत निर्मित किए जा रहे सोख्ता गड्ढा में श्रमदान कर जल संरक्षण के कार्य में अपनी सहभागिता निभाई। इस मौके पर ग्राम खुरसुनी आगमन पर ग्रामीणों एवं स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा कलेक्टर एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों को आत्मीय अभिनंदन एवं स्वागत भी किया गया।इस दौरान महिला कमाण्डों एवं स्व सहायता समूह की महिलाओं ने जल संरक्षण के उपायों के संबंध में नारे लगाकर आम लोगों को पानी के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ-साथ इनका सदुपयोग करने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, एसडीएम श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीण जन उपस्थित थे।
- 0- प्रगतिरत निर्माण कार्यों की गई विस्तृत समीक्षाबालोद. जिला स्तरीय संचार एवं संकर्म समिति की बैठक बुधवार 22 अप्रैल 2026 को जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में संचार एवं संकर्म समिति की सभापति श्रीमती चंद्रिका यशवंत गंजीर की अध्यक्षता में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्रगतिरत निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत सदस्य श्री गुलशन चंद्राकर, श्री राजा राम तारम, श्रीमती प्रभा रामलाल नामक, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्रीमती पूर्णिमा चंद्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे। बैठक में संचार एवं संकर्म समिति की सभापति ने जिले में प्रगतिरत निर्माण कार्यों के संबंध में विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी निर्माणाधीन कार्यों को गुणवत्तायुक्त ढंग से निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिए।
- 0- ग्राम झीकाटोला में प्राप्त हुए ऐतिहासिक दस्तावेजबालोद. ज्ञान भारतम् राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य के अंतर्गत बुधवार 22 अप्रैल को डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम झीकाटोला में सर्वेक्षण कार्य के दौरान श्री बलीराम हूपेंडी के पास अत्यंत महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज प्राप्त हुए। डिप्टी कलेक्टर एवं सहायक नोडल अधिकारी श्रीमती प्राची ठाकुर ने बताया कि दस्तावेजों में गोंड शासकों के मुकद्दम वंशावली स्व. सोनकर सिंह हूपेंडी के पिता स्व. बुधियार सिंह हूपेंडी मुकद्दम (पटेल) के भी पूर्व अंग्रेजों के समय के लगभग 1890 ई. के आस-पास के संग्रह स्टाम्प पेपर 07 प्रति प्राप्त किए गए। जिसे सुरक्षित लेमिनेशन कर श्री बलीराम हूपेंडी द्वारा रखा गया है। उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण के दौरान प्राप्त पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण एवं संरक्षण किया जाएगा जिससे कि आने वाली पीढ़ी अपने समृद्ध इतिहास से परिचित हो सके। इस अवसर पर एबीईओ श्री एके साहू, बीआरसीसी श्री दिनेश मलेकर, सहायक नोडल श्री विजय यादव, श्री भागवत इंदौरिया एवं प्रधान पाठक श्री भगवान सिंह सलामे उपस्थित थे।
- 0- मौके पर 929 आवेदनों का किया गया निराकरण0- विधायक, कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत, अपर कलेक्टर सहित जनप्रतिनिधि हुए शामिलबालोद. जिला प्रशासन द्वारा आज गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम खुरसुनी में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर ग्राम खुरसुनी एवं अंचल वासियों के लिए सौगातों भरा रहा। खुरसुनी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में आज ग्राम खुरसुनी सहित शिविर में शामिल अंचल के 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को पात्रतानुसार शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इस दौरान शिविर में प्राप्त सभी 929 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित किया गया। इस मौके पर विधायक गुण्डरदेही श्री कुंवर सिंह निषाद, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, एडीशनल एसपी श्रीमती मोनिका ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, एसडीएम श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा सहित जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के उपाध्यक्ष श्री नरेश यदु, नगर पंचायत गुण्डरदेही के अध्यक्ष श्री प्रमोद जैन, नगर पंचायत अर्जुंदा के अध्यक्ष श्री प्रणेश जैन, जिला पंचायत सदस्य श्री गुलशन चंद्राकर, श्रीमती मीना उमा साहू, नगर पंचायत अर्जुंदा के उपाध्यक्ष श्री अनुभव शर्मा, जनपद सदस्य श्री गुलशन साहू, ललिता भुआर्य, श्री आशीष गहलोत, श्री पवन सोनबरसा, श्री जीतू गुप्ता, जिला सरपंच संघ के अध्यक्ष श्री कांति भूषण साहू, सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।खुरसुनी जनसमस्या निवारण शिविर में आज स्वामित्व योजना अंतर्गत 461 हितग्राहियों को अधिकार पत्र, वीबी जी राम जी योजना अंतर्गत 30 हितग्राहियों को नवीन जाॅब कार्ड के वितरण के अलावा समाज कल्याण विभाग द्वारा 05-05 हितग्राहियों को छड़ी एव श्रवण यंत्र, 01 हितग्राही को बैटरी चलित ट्राय सायकल एवं 01 हितग्राही को व्हील चेयर प्रदान किया गया। इसके अलावा 05 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास निर्माण का पूर्णता प्रमाण पत्र, 10 हितग्राहियों को नवीन राशन कार्ड, 05 हितग्राहियों को आयुष्मान एवं वय वंदन कार्ड के अलावा मछली पालन विभाग के द्वारा 02 हितग्राहियों को मछली जाल एवं ग्रोथ प्रमोटर प्रदान किया गया। इसी तरह कृषि विभाग के द्वारा 08 कृषकों को आदान सामग्री के अंतर्गत बैटरी चलित स्प्रेयर तथा राष्ट्रीय आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत 04 महिला स्व सहायता समूहों को डेमो चेक का भी वितरण किया गया। इसके अलावा अंचल के ग्रामीण क्षेत्रों के सांस्कृतिक मण्डलियों को स्वेच्छा अनुदान का चेक भी वितरण किया गया। इस मौके पर अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार करने के अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंट कर उनके गोदभराई रस्म को पूरा किया गया। इस मौके पर विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों में शिविर में उपस्थित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनके मांगों एवं समस्याओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब कर आम जनता के मांगों एवं समस्याओं के त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।शिविर को संबोधित करते हुए विधायक श्री कंुवर सिंह निषाद ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को जनसमस्या निवारण शिविर के महत्व एवं उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने शिविर में उपस्थित अधिकारियों को आम जनता के मांगों एवं समस्याओं का पूरी संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। जिससे कि आम नागरिकों को शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके। इस अवसर पर उन्होंने पानी के महत्व के संबंध में प्रकाश डालते हुए आम नागरिकों से जल संरक्षण के कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की। इस मौके पर विधायक श्री निषाद ने अंचल के प्रमुख मांगों एवं समस्याओं की ओर जिला प्रशासन के आला अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट भी कराया। इस अवसर पर विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद ने पानी को अत्यंत अनमोल बताते हुए शिविर में उपस्थित लोगों को पानी के प्रत्येक बुंदों का सदुपयोग करने तथा जल संरक्षण के महत्व कार्य में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की शपथ भी दिलाई।कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने ग्राम खुरसुनी में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में प्राप्त सभी 929 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि शिविर में आज मांग से संबंधित 902 एवं 27 शिकायत संबंधी आवेदन प्राप्त हुए थे। संबंधित विभागों के द्वारा इन सभी आवेदनों का मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित किया गया है। श्रीमती मिश्रा ने सभी विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को तत्परता से कार्य करते हुए शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित करने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसके लिए उन्हें बधाई दी। श्रीमती मिश्रा ने शिविर में आज लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं विद्युत विभाग से अधिक आवेदन प्राप्त हुए है। ये सभी आवेदन निस्तारी एवं पेयजल हेतु पानी के प्रबंध से संबंधित है। उन्होंने कहा कि ये समस्याएं हम सभी लोगों के द्वारा भूजल के अत्यधिक दोहन एवं पानी के संरक्षण पर ध्यान नही देने के फलस्वरूप उत्पन्न हुआ है। इन सभी हम सभी को पानी के महत्व को समझते हुए इसके संरक्षण, संवर्धन एवं इसके विवेकपूर्ण उपयोग पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हम सभी को आने वाले भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए अभी से पानी के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में कार्य करना होगा। उन्होंने किसानों को ग्रीष्मकालीन धान के बदले दलहन, तिलहन, कुसुम इत्यादि फसलों का उत्पादन करने की भी सलाह दी। इस अवसर पर कलेक्टर ने ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों की मांग पर खुरसुल, देवरी, खुरसुनी, सिंगारपुर आदि अंचल के जलाशयों को मरम्मत कराने का आश्वासन दिया। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि दुर्ग जिले के ग्राम अण्डा में स्थापित 132/33 के.व्ही.के. का सब स्टेशन एक माह में प्रारंभ होने के बाद लो वोल्टेज की भी समस्या दूर हो जाएगी। इस मौके पर उन्होंने ग्रामीणों को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत अपने घरों में सोलर पैनल लगाकर बिजली की बचत करने के कार्य में सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने राज्य शासन द्वारा खाद, बीज का समुचित संग्रहण के संबंध में पोर्टल बनाए जाने की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पोर्टल शुरू होने के पश्चात् 01 सप्ताह में किसानों के लिए खाद, बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने किसानों को शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए एग्रीस्टेक पोर्टल में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने की भी सलाह दी। इस अवसर पर श्रीमती मिश्रा ने ग्राम खुरसुनी के सरपंच के पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य में उल्लेखनीय भूमिका एवं जिले में चलाए जा रहे वृहद वृक्षारोपण कार्य के अंतर्गत गुण्डरदेही क्षेत्र में सर्वाधिक पौध रोपण कार्य की भी सराहना की। इस मौके पर कलेक्टर ने बाल विवाह को सामाजिक बुराई के साथ-साथ अपराध भी बताते हुए इसके रोकथाम के कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु उपस्थित लोगों को शपथ भी दिलाई।इस मौके पर एडीशनल एसपी श्रीमती मोनिका ठाकुर ने सड़क दुर्घटना के संबंध में प्रकाश डालते हुए इसका मुख्य कारण वाहन चालक के द्वारा नशा का सेवन एवं तेज गति से ड्राइविंग को बताया। श्रीमती ठाकुर ने बताया कि नशापान, तेज गति एवं बिना हेलमेट के ड्राइविंग पर यदि रोकथाम सुनिश्चित की जाती है तो सड़क दुर्घटना में बहुत कुछ कमी लाई जा सकती है। इस अवसर पर उन्होंने वर्तमान में हो रहे डिजिटल धोखाधड़ी के संबंध में भी प्रकाश डालते हुए इससे बचने के उपायों के संबंध में भी जानकारी दी। कार्यक्रम को नगर पंचायत गुण्डरदेही के अध्यक्ष श्री प्रमोद जैन, जिला पंचायत सदस्य श्री गुलशन चंद्राकर एवं अन्य अतिथियों ने भी संबोधित किया। उन्होंने आम जनता से शिविर में उपस्थित होकर शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने को कहा। शिविर में ग्राम पंचायत खुरसुनी के सरपंच एवं अंचल के जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ विशाल संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि पिछले जनसमस्या निवारण शिविर की भाँति कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ बस में सवार होकर ग्राम खुरसुनी पहुँचे। जिला प्रशासन के प्रमुख अधिकारियों के ग्राम खुरसुनी पहुँचने पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा एवं अधिकारियों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। शिविर में स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के स्टाॅल में चिकित्सकों के द्वारा ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की गई। खुरसुनी में आयोजित शिविर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 578 आवेदन, राजस्व विभाग के 86 आवेदन, समाज कल्याण विभाग के 80, सहकारिता विभाग के 03, खाद्य विभाग के 13, वन विभाग के 02, कृषि विभाग के 14, लोक निर्माण विभाग के 07, स्वास्थ्य विभाग के 13, पशु चिकित्सालय विभाग के 09, जल संसाधन विभाग के 14, ऊर्जा विभाग एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के 02-02 आवेदन, शिक्षा विभाग के 03, महिला एवं बाल विकास विभाग के 15, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 22, विद्युत विभाग के 55, मछली पालन विभाग के 02 आवेदनों का मौके पर निराकरण किया गया।--
-
- महिला आरक्षण पर होगी चर्चा
रायपुर/ छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा, जिसमें महिला आरक्षण और सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। विधानसभा सचिवालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य की षष्ठम विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल, 2026 को होगा और इसमें सरकारी कामकाज के लिए एक ही बैठक आयोजित की जाएगी। इससे पहले, 20 अप्रैल को महिला आरक्षण विधेयक के समर्थन में आयोजित 'जन आक्रोश पदयात्रा' के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा था कि उनकी सरकार इस मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाएगी। उन्होंने यह भी कहा था कि सत्र के दौरान विपक्ष के रुख की निंदा करने वाला प्रस्ताव पारित किया जाएगा। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 20 अप्रैल को रायपुर में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पैदल मार्च निकाला था और आरोप लगाया था कि ये दल विधायी निकायों में महिलाओं के आरक्षण संबंधी कानून के क्रियान्वयन में बाधा डाल रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 17 अप्रैल को लोकसभा में एक संविधान संशोधन विधेयक आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण पारित नहीं हो सका, जिसका उद्देश्य 2029 से विधायिकाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करना और लोकसभा की सदस्य संख्या बढ़ाना था। - 0- जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों में सुविधा उपलब्धरायपुर. जिले में किशोरी बालिकाओं के लिए निःशुल्क एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरूआत की गई है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में यह जिले के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों- अभनपुर, गोबरा नवापारा, आरंग, मंदिर हसौद, धरसींवा, तिल्दा, खरोरा सहित मातृ एवं शिशु अस्पताल कालीबाड़ी, डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल तथा एम्स में 17 मार्च 2026 से नियमित रूप से (अवकाश दिवस को छोड़कर) लगाया जा रहा है।यह टीकाकरण विशेष रूप से उन किशोरियों के लिए है, जिन्होंने 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है, लेकिन 15 वर्ष की आयु पूरी नहीं हुई है। टीकाकरण के लिए आधार कार्ड या जन्मतिथि अंकित अन्य फोटो पहचान पत्र मान्य होगा। टीकाकरण उपरांत लाभार्थियों का पंजीयन U-WIN पोर्टल पर किया जाएगा तथा उन्हें डिजिटल प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी पात्र पुत्रियों का HPV टीकाकरण अवश्य कराएं, जिससे उन्हें गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल कैंसर) जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके। यह अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम को सुदृढ़ करना है।--
- 0- अब तक 4500 से अधिक शासकीय कर्मचारियों को मिल चुका तकनीकि ज्ञानरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में प्रोजेक्ट दक्ष का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत अब तक कुल 265 बैचों में 4500 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग के कुल 34 सहायक शिक्षक एवं प्रधान पाठकों ने प्रोजेक्ट दक्ष के तहत ट्रेनिंग ली।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शासकीय कार्यप्रणाली को डिजिटल रूप से सशक्त, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को कंप्यूटर एवं मोबाइल के मूलभूत उपयोग, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, डिजिटल दस्तावेज़ प्रबंधन तथा ई-मेल जैसे आधुनिक डिजिटल टूल्स की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।प्रोजेक्ट दक्ष से शासकीय कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता में वृद्धि हुई है, जिससे ई-गवर्नेंस को मजबूती मिल रही है और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता व गति में भी सुधार हो रहा है। यह पहल शासन की डिजिटल इंडिया और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।--
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रतिबद्धता के अनुरूप रायपुर जिला प्रशासन द्वारा “प्रोजेक्ट ग्रीन पालना” अभियान को प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस अभिनव पहल के तहत शासकीय अस्पतालों में प्रसव उपरांत माताओं को फलदार पौधे भेंट स्वरूप दिए जा रहे हैं, ताकि एक नई ज़िंदगी के आगमन के साथ एक नया वृक्ष भी धरती पर जन्म ले।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में इस अभियान के तहत आज ग्रीन पालना में , अभनपुर में 01, एमसीएच कालीबाड़ी में 03, धरसीवां में 03, सिलयरी में 02, बिरगांव में 01 आज दिनांक में कुल 10 प्रसुताओं को 50 पौधे भेंट किए गए।यह प्रयास मातृत्व के साथ प्रकृति से जुड़ाव को भी बढ़ावा देता है। प्रोजेक्ट ग्रीन पालना न सिर्फ नवजात के जीवन की शुरुआत को यादगार बनाता है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए हरियाली और शुद्ध वातावरण की नींव भी रखता है।--
- 0- अब तक 96 हजार से अधिक बच्चों की हो चुकी स्क्रीनिंगरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना "प्रोजेक्ट धड़कन" के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से आज अभनपुर टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 एवं 2 झांकी में 95 बच्चों की स्क्रीनिंग, धरसीवां टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 2 काठाडीह में 107 बच्चों की स्क्रीनिंग, तिल्दा टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र महामाया पारा में 104 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम ए द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 फोकटपारा एवं कालीनगर में 102 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र रायपुरा में 123 बच्चों की स्क्रीनिंग एवं अर्बन टीम डी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 07 एवं 09 उरला में 103 बच्चों की स्क्रीनिंग हुई व पूरे जिले में आज कुल 634 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक जिले में कुल 96 हजार से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग, 14 बच्चों का मेडिकल उपचार व प्रबंधन एवं 18 बच्चों का निःशुल्क ऑपरेशन किया जा चुका है।
- 0- 104 केंद्रों में 34,168 अभ्यर्थी होंगे शामिलरायपुर। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड के अंतर्गत उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा (MBSI26) का आयोजन 26 अप्रैल 2026, रविवार को किया जाएगा।परीक्षा रायपुर जिले के 104 परीक्षा केंद्रों में प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक आयोजित होगी। इसमें कुल 34,168 अभ्यर्थी शामिल होंगे। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश प्रातः 9:30 बजे तक ही दिया जाएगा। इसके बाद प्रवेश पूर्णतः बंद कर दिया जाएगा।व्यापमं द्वारा अभ्यर्थियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा से एक दिन पूर्व अपने परीक्षा केंद्र का अवलोकन कर लें तथा परीक्षा दिवस पर निर्धारित समय से कम से कम 2 घंटे पूर्व केंद्र पर उपस्थित हों। प्रवेश से पहले प्रत्येक अभ्यर्थी की पुलिस द्वारा फ्रिस्किंग की जाएगी।परीक्षा के लिए ड्रेस कोड निर्धारित किया गया है। अभ्यर्थियों को हल्के रंग के आधी बांह के कपड़े पहनकर आना अनिवार्य है। काले, गहरे नीले, हरे रंग के कपड़े तथा जूते, मोजे, स्कार्फ, बेल्ट आदि पहनना प्रतिबंधित रहेगा। केवल चप्पल पहनकर आने की अनुमति होगी। कान के आभूषण भी वर्जित हैं।परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन, घड़ी, कैलकुलेटर सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। अनुचित साधनों का प्रयोग करते पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभ्यर्थियों को केवल काले या नीले बॉल प्वाइंट पेन के साथ ही केंद्र में प्रवेश की अनुमति होगी।
- 0- ज्ञान भारतम् सर्वे को मिली रफ्तार: 31 मई तक पूरा करने के निर्देश0- समिति गठन, प्रशिक्षण और “पांडुलिपि ट्रेजर हंट” जैसे नवाचारों पर जोररायपुर. मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में ‘ज्ञान भारतम्’ राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वेक्षण अभियान समिति के सदस्य तथा जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। इस दौरान अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सर्वेक्षण कार्य 31 मई तक पूर्ण किया जाए।मुख्य सचिव ने कहा कि यह सर्वे केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण का महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने कहा कि जिलों में उपलब्ध पांडुलिपियों की पहचान, दस्तावेजीकरण, डिजिटलीकरण और संरक्षण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए है। साथ ही प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय समिति का गठन, नोडल अधिकारी की नियुक्ति तथा सर्वेक्षण दलों के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया।मुख्य सचिव ने शासकीय संस्थानों, मंदिरों, मठों, पुस्तकालयों, महाविद्यालयों एवं निजी संस्थानों में संरक्षित पांडुलिपियों के सर्वेक्षण के लिए सक्रिय प्रयास करने को कहा है। उन्होंने कहा कि परंपरागत समुदायों और पुरातात्विक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पांडुलिपियां और ज्ञान-संपदा मिल सकती है, इसलिए इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए। जनभागीदारी बढ़ाने के लिए “पांडुलिपि ट्रेजर हंट” जैसे नवाचारों के आयोजन का सुझाव दिया गया, जिससे आम नागरिक भी इस अभियान से जुड़ सकें।बैठक में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय पत्रकारों, साहित्यकारों, इतिहासकारों और जनप्रतिनिधियों को अभियान से जोड़ने पर बल दिया गया। साथ ही पर्यटन एवं संस्कृति एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से ज्ञानभारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत रूपरेखा, उद्देश्य और महत्व की जानकारी दी।पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति ने कहा कि शोधकर्ताओं के सहयोग से सुदूर अंचलों से भी पांडुलिपियों की महत्वपूर्ण जानकारी एकत्रित की जा सकती है, जिससे इस अभियान को और अधिक सशक्त और प्रभावी बनाया जा सकेगा।इस अवसर पर कलेक्टर डॉ गौरव सिंह, धमतरी कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा, गरियाबंद कलेक्टर श्री बीएस उइके, बलौदाबाजार-भाटापारा कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा एवं महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, स्कूल शिक्षा विभाग की संयुक्त सचिव डॉ. फरिहा आलम सिद्दीकी, संचालक संस्कृति श्री विवेक आचार्य सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।--
- बिलासपुर. प्राचार्य शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला बिलासपुर द्वारा आगामी लेखा प्रशिक्षण सत्र जुलाई से अक्टूबर 2026 तक के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन पत्र 1 मई से 31 मई 2026 तक निर्धारित कार्यालयीन समय में शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला, न्यू कम्पोजिट बिल्डिंग तृतीय तल बिलासपुर में जमा किए जा सकेंगे। बिलासपुर संभाग के सभी शासकीय, अर्द्धशासकीय, अशासकीय कार्यालय प्रमुखों से अपेक्षा की गई है कि उनके विभाग एवं कार्यालय में पदस्थ वे लिपिक कर्मचारी, जिन्होंने तीन वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण कर ली है, इच्छुक होने पर निर्धारित प्रपत्र में आवेदन प्रस्तुत करें। पूर्व में आवेदन कर चुके सभी कर्मचारियों को भी इस सूचना के प्रकाशन उपरांत प्रवेश के लिए पुनः आवेदन करना अनिवार्य होगा।--
- 0- 5 मई से 20 मई तक किसानों को मिलेगी उन्नत तकनीकों की जानकारीबिलासपुर. कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले में 5 मई से 20 मई 2026 तक “विकसित कृषि संकल्प अभियान” संचालित किया जाएगा, जिसके माध्यम से किसानों को खरीफ सीजन की तैयारी एवं शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। अभियान के सफल आयोजन के लिए टीम गठित कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए है। यह टीम सभी विकासखण्डों में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक उपयोग एवं शासन की विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरूक करेगी।इस अभियान के सफल संचालन के लिए विभाग ने अलग-अलग विकासखंडों के लिए विशेषज्ञों की दो-दो टीम गठित की है। बिल्हा विकासखंड में कृषि विज्ञान केंद्र की विशेषज्ञ डॉ. शिल्पा कौशिक, डॉ. स्वाति शर्मा, एडीओ श्री डी.पी. दिवाकर और श्री सी.पी. धु्रवे को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। मस्तूरी क्षेत्र में जानकारी प्रदान करने के लिए विशेषज्ञ श्रीमती हेमकांति बंजारे, डॉ. निवेदिता पाठक, एडीओ श्री के.एस. मार्काे और श्रीमती अनामिका वर्मा की ड्यूटी लगाई गई है। इसी प्रकार तखतपुर विकासखंड में विशेषज्ञ डॉ. एकता ताम्रकार, डॉ. चंचला रानी पटेल, एडीओ श्रीमती शिल्पा श्रीवास्तव और श्रीमती उषा बैराहा खाण्डे किसानों का मार्गदर्शन करेंगे। कोटा विकासखंड के लिए गठित टीमों में विशेषज्ञ डॉ. अमित कुमार शुक्ला, डॉ. विनोद निर्मलकर, एडीओ श्री डी.के. रात्रे और श्री मनोज कुमार सिंह अपनी सेवाएं देंगे। इन टीमों के साथ कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य और पशुपालन विभाग के अधिकारी भी तैनात रहेंगे। यह अभियान सीधे तौर पर किसानों को उन्नत बीज, पशुपालन और मछली पालन की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराएगा।
- 0- पत्थलगांव-झारखंड सीमा तक सड़क निर्माण ने पकड़ी गति0- रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा अब धरातल परबिलासपुर. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य की रजत जयंती पर रखी गई आधारशिला अब धरातल पर उतर आई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने पत्थलगांव-कुनकुरी से छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा (NH-43) तक 3147 करोड़ रूपये की लागत वाले मेगा परियोजना का निर्माण कार्य जमीनी स्तर पर शुरू कर दिया है।छत्तीसगढ़ में सबसे लंबा विस्तार627 किलोमीटर लंबे रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर का सबसे महत्वपूर्ण और विशाल हिस्सा छत्तीसगढ़ से होकर गुजरता है। कुल लंबाई का लगभग 384 किलोमीटर हिस्सा छत्तीसगढ़ में है। वर्तमान में 104.250 किलोमीटर लंबे पत्थलगांव-झारखंड सीमा खंड पर निर्माण कार्य ने गति पकड़ ली है।382 छोटी-बड़ी संरचनाएंइस खंड में कुल 382 छोटी-बड़ी संरचनाएं (पुल, अंडरपास आदि) बनाई जाएंगी, जो इस मार्ग को बाधारहित (Hassle-free) बनाएंगी। जिसमें 7 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 6 फ्लाईओवर और एक एलीवेटेड वायडक्ट स्ट्रक्चर, 10 वेहिकुलर अंडरपास (VUP), 18 लाइट वेहिकुलर अंडरपास (LVUP), 26 स्मॉल वेहिकुलर अंडरपास (SVUP), 11 ईओपी, 21 मवेशी एवं पैदल यात्री अंडरपास (PUP) और 278 बॉक्स पुलिया (Culverts) का निर्माण किया जा रहा हैइंटर-स्टेट कनेक्टिविटी होगी मजबूतकोरबा परियोजना इकाई के परियोजना निदेशक श्री डी.डी. पार्लावर ने बताया कि यह खंड रायपुर-धनबाद कॉरिडोर की रीढ़ है जिसका निर्माण कार्य शुरू हो गया है। हमारा लक्ष्य इसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करना है। यह राजमार्ग छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी और व्यापारिक परिवहन को नई मजबूती देगा।जशपुर जिले की बदलेगी तकदीरयह कॉरिडोर जशपुर जिले के लिए केवल सड़क नहीं, बल्कि लाइफलाइन साबित होगा। इसे इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि यह अंचल के महत्वपूर्ण नगरों- पत्थलगांव, कांसाबेल, कुनकुरी, दुलदुला और जशपुर को एक सूत्र में पिरोएगा। साथ ही, यह राजमार्ग रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ और कोरबा जैसे औद्योगिक शहरों को सीधे झारखंड के धनबाद से जोड़कर व्यापारिक सुगमता प्रदान करेगा।तेज और सुरक्षित कनेक्टिविटीतेज और सुरक्षित कनेक्टिविटी के परिणामस्वरूप ईंधन, यात्रा समय और कुल परिवहन लागत में बचत होगी। छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच कोयला खदानों एवं कोरबा, रायगढ़, जशपुर, रांची और जमशेदपुर में स्थित प्रमुख इस्पात संयंत्रों के लिए बेहतर अंतर-राज्यीय कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। यातायात में सुगम आवागमन एवं दुर्घटनाओं और प्रदूषण में कमी होगी। वस्तुओं और खनिजों के कुशल परिवहन से आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार व व्यावसायिक अवसरों का सृजन होगा।--
- बालोद. बालोद जिले मे 21 दिवसीय ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर के सफल क्रियान्वयन हेतु 24 अप्रैल 2026 को बैठक आयोजित की गई है। अपर कलेक्टर एवं प्रभारी जिला खेल अधिकारी श्री चंद्रकांत कौशिक ने बताया कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी माह अप्रैल-मई 2026 में जिला मुख्यालय बालोद में 21 दिवसीय ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर 2026 का आयोजन किया जाएगा। जिसके सफल क्रियान्वयन हेतु 24 अप्रैल 2026 को संयुक्त जिला कार्यालय स्थित अपर कलेक्टर के कक्ष में सुबह 11 बजे आयोजित की गई है। उन्होंने बताया कि ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर महत्वपूर्ण आयोजन है। प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से इच्छुक खिलाड़ी खेल विधाओं की जानकारियों से अवगत होंगे, जो उनके खेल कौशल में सहायक होगी। जिले में खेल का वातावरण बनेगा और नए खिलाड़ियों की रूझान खेलों की ओर बढ़ाने एवं नवोदित खिलाड़ियों में खेल के प्रति जागरूकता लाने हेतु आयोजन किया जाना है।
- बालोद. छत्तीसगढ़ शासन के गृह (सामान्य) विभाग के निर्देशानुसार बालोद जिले में भारत की डिजिटल जनगणना 2027 हेतु जिला स्तरीय जनगणना प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। जिसके अंतर्गत कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी जिला स्तरीय जनगणना प्रकोष्ठ के अध्यक्ष होंगे। इसी तरह जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अपर कलेक्टर (जिला जनगणना अधिकारी), संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर और जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी (अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी), जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग, सहायक संचालक जनसंपर्क, जिला खाद्य अधिकारी, महिला एवं बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी, ईडीएम, जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा और श्रम पदाधिकारी जिला स्तरीय जनगणना प्रकोष्ठ के सदस्य होंगे।
- 0- सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुँचकर प्रशासनिक अमला के द्वारा वर-वधु एवं परिजनों को दी गई समझाईश0- विवाह को शून्य घोषित करने के लिए डीपीओ राजनांदगांव को लिखा गया पत्र0- बाल विवाह संपन्न कराने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वालों के विरूद्ध दर्ज कराया गया एफ.आई.आर.बालोद. जिला प्रशासन की मुस्तैदी से बालोद जिले में आज स्कूल के दाखिल-खारिज पंजी के आधार पर 21 वर्ष पूर्ण होने में 02 माह शेष होने वाले जिले के डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम भर्रीटोला निवासी योगेन्द्र धनकर का विवाह संपन्न होने के पूर्व इसकी रोकथाम सुनिश्चित की गई। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार प्रशासनिक अमले के द्वारा सूचना मिलने के बाद तत्काल ग्राम भर्रीटोला 43 में पहुँचकर वर, वधु एवं उनके परिजनों को समझाईश देकर युवक के 21 वर्ष की आयु पूर्ण नही होने तक विवाह नही करने के लिए राजी भी किया गया।इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री समीर पाण्डेय द्वारा कन्या के गृह जिला राजनांदगांव के जिला कार्यक्रम अधिकारी को ग्राम साल्हेटोला जिला राजनांदगांव में 21 अप्रैल को संपन्न विवाह को तत्काल शून्य घोषित करने हेतु पत्र भी प्रेषित किया गया है। उल्लेखनीय है कि ग्राम भर्रीटोला 43 विकासखण्ड डौण्डी निवासी योगेन्द्र पिता हेमलाल धनकर का विवाह ग्राम साल्हेटोला जिला राजनांदगांव निवासी आशा के साथ उनके गृह ग्राम साल्हेटोला में 21 अप्रैल को संपन्न हुआ है। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री समीर पाण्डेय ने बताया कि चुंकि विवाह राजनांदगांव जिले में संपन्न हुआ है। इसके आधार पर विवाह का पंजीयन भी राजनांदगांव जिले में होगा। अतः जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग राजनांदगांव को इस विवाह को शून्य घोषित करने हेतु पत्र प्रेषित किया गया है। श्री पाण्डेय ने बताया कि वर, वधु एवं उनके परिजनों को समझाईश देकर वधु आशा को महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग के संयुक्त टीम एवं उनके परिजनों के साथ ससम्मान उनके गृह ग्राम साल्हेटोला जिला राजनांदगांव पहुँचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।ज्ञातव्य हो कि कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार इस मामले की सूचना मिलने के तत्काल बाद राजस्व, महिला एवं बाल विकास, पुलिस, शिक्षा एवं अन्य संबंधित विभाग के संयुक्त टीम द्वारा ग्राम भर्रीटोला 43 में वर योगेन्द्र धनकर के निवास में पहुँचकर बाल विवाह की रोकथाम सुनिश्चित की गई। इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री समीर पाण्डेय ने वर, वधु एवं उनके परिजनों को बाल विवाह के दुष्प्रभाव एवं इसकी रोकथाम हेतु कानूनी प्रावधानों के संबंध में भी जानकारी दी। इस मौके पर अधिकारियों ने वर योगेन्द्र के कुछ माह बाद 21 वर्ष की आयु पूरा होनेे के पश्चात दोनों परिवारों की सहमति से विवाह संपन्न करने की समझाईश भी दी गई। उल्लेखनीय है कि आधार कार्ड के आधार पर वर योगेन्द्र की आयु 23 वर्ष 10 माह 09 दिन पूरा हो गया है। लेकिन स्कूल के दाखिल-खाजिर पंजी के अनुसार योगेन्द्र की आयु 20 वर्ष 10 माह 09 दिन हुआ है तथा वधु आशा वर्तमान में पूरी तरह बालिग है। इस दौरान तहसीलदार श्री देवेन्द्र नेताम तथा पुलिस विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों के अलावा ग्राम पंचायत के सरपंच एवं अन्य ग्रामीणों की उपस्थिति में वर योगेन्द्र के पिता श्री हेमलाल धनकर को अपने पुत्र का बाल विवाह नही करने के संबंध में घोषणा पत्र भी भरवा कर इसका पंचनामा भी किया गया। इसके साथ ही वर, वधु एवं उनके माता-पिता, उनके परिजनों तथा इस दौरान उपस्थित लोगों से विवाह शून्य घोषित करने के संबंध में इनकी सहमति भी ली गई है। इस मौके पर एसडीएम श्री सुरेश साहू एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।श्री पाण्डेय ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा बाल विवाह के इस प्रकरण के संबंध में जानकारी होने के उपरांत भी इसकी सूचना को गोपनीय रखते हुए बाल विवाह संपन्न कराने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वालों के विरूद्ध कड़ा एक्शन लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कुछ लोगों को बाल विवाह के पूरे मामले के संबंध में जानकारी होने के बावजूद उनके द्वारा तथ्यों को छुपाया गया एवं बाल विवाह के रोकथाम के संबंध में अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन नही किया गया। अतः इनके विरूद्ध बाल विवाह अधिनियम के अंतर्गत दल्लीराजहरा थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।--
- 0- समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित सियान गुड़ी में पहुंचीं डा. कमल वर्मा ने बुजुर्गों को दिए स्वास्थ्य टिप्स0- जीवन में ध्यान और योग के महत्व के बारे में बोलीं महाराष्ट्र मंडल की सभासद मालती मिश्रारायपुर। भीषण गर्मी में दोपहर 11 बजे के बाद घरों से निकलना लोगों को मुश्किल हो गया है। ऐसे में समता काॅलोनी स्थित सियान गुड़ी में 21 अप्रैल को पहुंचीं डाॅ. कमल वर्मा वहां आने वाले बुजुर्गों को हीट स्ट्रोक से बचने के लिए अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने को कहा। उन्होंने कहा कि इस गर्मी में अगर आपको प्यास नहीं भी लग रही है, तो भी नियमित समय के अंतराल में पानी, नींबू पानी या छाछ का सेवन अवश्य करें। बताते चलें कि समाज कल्याण विभाग की ओर से अनुदानित और महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित सियान गुड़ी का संचालन समता कालोनी में किया जा रहा है।डाॅ. कलम वर्मा ने बुजुर्गों के सवालों पर कहा कि गर्मी के दिनों में आप लोगों को घर में खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। भोजन में खीरा, ककड़ी, तरबूज जैसे पानी से भरपूर फलों का सेवन बढ़ा देना चाहिए। यदि शरीर का तापमान बहुत ज्यादा (103°F से ऊपर) है, त्वचा सूखी, तेज नब्ज या भ्रम की स्थिति हो, तो यह हीट स्ट्रोक हो सकता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।सियान गुड़ी पहुंची मंडल की कार्यकारिणी सदस्य मालती मिश्रा ने सभी बुजुर्गों से अपने रूटीन में ध्यान और योग को महत्व देने को कहा। उन्होंने सभी से प्रतिदिन सुबह कम से कम एक मिनट का ध्यान करने को कहा। इसके लिए सभी को एक आडियो मैसेज भी दिया। उन्होंने बुजुर्गों को बताया कि पहले आराम से बैठें, आंखें बद करें और शरीर को ढीला छोड़ दें। फिर अपना सारा ध्यान परमात्मा पर लगाएं। एक-दो मिनट के बाद अपनी आंखें खोलें और सकारात्मक सोच के साथ अपने रूटीन काम में लग जाएं। शुरू में आपको इसका लाभ समझ में नहीं आएगा, लेकिन अगर आप इसे अपने रूटीन में लाएंगे, तो यह आपको काफी रिलैक्स महसूस कराएगा।पहली बार सियान गुड़ी पहुंचे योगेश शर्मा ने कहा कि यहां आकर उन्हें काफी अच्छा लगा। जिन स्वास्थ्य़ सलाह के लिए लोगों को घंटों लाइन में लगते हैं और न जाने कितने पैसे बर्बाद करते हैं, वह सलाह यहां हमें निःशुल्क मिल रही है। यह लोगों के लिए लाभकारी है। इस अवसर पर केके पाठक, डॉ. ओसी बिसेन, डॉ. ओपी सोनी, राजेश शर्मा, राजेंद्र चौहान, लखन लाल साहू, और योगेश सेंगर उपस्थित थे।--
- 0- अमलीडीह, अवंती विहार, रोहिणीपुरम, चौबे कालोनी सहित अनेक केंद्रों में सामूहिक पाठ के साथ जयघोष के नारे भीरायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से प्रत्येक महिला केंद्रों में हर हफ्ते होने वाला राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ इस सप्ताह भी जारी रहा। इस सप्ताह मंडल के अमलीडीह, अवंती विहार, रोहिणीपुरम, चौबे काॅलोनी सहित अनेक केंद्रों ने समीपस्थ मंदिरों अथवा अपने- अपने वरिष्ठ सभासदों के घर पर पाठ किया।आध्यात्मिक समिति की प्रभारी सृष्टि दंडवते ने बताया कि अमलीडीह केंद्र की महिलाओं ने सभासद अपर्णा देशमुख के घर पर एकत्रित होकर हनुमान चालीसा और रामरक्षा स्तोत्र का एक साथ पाठ किया। इस अवसर पर विशाखा तोपखनेवाले, अपर्णा देशमुख, अर्चना भाकरे, अक्षरा भगाडे़, नीता डुमरे, रेणू सिंह, प्रेरणा मोरे, मेघा जोशी, शोभा सोनाये, प्रीति टोमे, प्रिया काडु, प्रेरणा सप्रे, संध्या फुलझेले और अर्चना धर्माधिकारी उपस्थित थीं।वहीं अवंती विहार केंद्र की महिलाओं ने उत्साह के साथ पाठ किया। इस दौरान महिलाओं ने हल्दी-कुमकुम भी मनाया। इस अवसर पर संयोजिका सुदेष्णा मेने, सह संयोजिका जागृति भाकरे, शुभदा चौधरी, पूजा भंडारी, गीता दलाल, अनिता नलगुंडवार, शालिनी जोशी, गीता हाटे, अनुजा बोराडे, भारती कुर्वे, निशा उमाठे, अनुया तुंबडे, शीला चौधरी, सविता महाजन, भारती देवरनकर, छाया भवालकर, लक्ष्मी जिल्हारे, प्रीति गुर्जर, अनघा आसवले, नीतू वोडितेलवार, जयश्री ब्राहमणकर, आनंदी ब्राह्मणकर, कामिनी भंडारी, मंजू सुतवणे, मीना इंगलीकर उपस्थित थीं।आध्यात्मिक समिति की प्रमुख आकांक्षा गद्रे ने बताया कि चौबे कॉलोनी केंद्र ने स्वाति डबली के घर पर हनुमान चालीसा का सभी ने मिलकर पाठ किया। इस दौरान मनीषा वरवंडकर, रोहिणी नेने, प्रमोदिनी देशमुख, माधुरी डबली, सीमा गनोदवाले, सुषमा आपटे, रंजना काठोटे, प्राची डोनगांवकर, अक्षता पंडित, प्रियंका डबली, स्वाति डबली, अवंती अग्निहोत्री, गौरी क्षीरसागर और आकांक्षा गद्रे पहुंचीं थीं। वहीं रोहिणीपुरम केंद्र द्वारा किए गए सामूहिक पाठ के दौरान साधना बहिरट, अपर्णा जोशी, चित्रा बल्की, वनिता गनोदवाले, प्राची गनोदवाले, अलका कुलकर्णी, मंगला पुराणकर, प्रांजल बल्लाल, स्वाति अग्रवाल, प्राची जोशी, राजेश्री वैद्य और अपर्णा वराडपांडे सहित अनेक महिला सभासद उपस्थित रहीं।--
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने एवं सड़कों को अतिक्रमण मुक्त रखने के उद्देश्य से पावर हाउस चौक पर दूसरे दिन भी सख्त कार्रवाई की गई। निगम की टीम ने उन व्यापारियों एवं ठेला संचालकों पर कार्रवाई की, जो सड़क के बीचों-बीच सामान रखकर या फल-ठेला लगाकर व्यवसाय कर रहे थे। ऐसे अतिक्रमण के कारण मार्ग अवरुद्ध हो रहा था, जिससे आए दिन जाम की स्थिति बनती है और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।कार्रवाई के दौरान निगम अमले ने सड़क पर रखे सामान को हटवाया तथा संबंधित लोगों को सख्त हिदायत दी गई कि वे निर्धारित स्थानों पर ही अपना व्यवसाय करें। साथ ही चेतावनी दी गई कि भविष्य में पुनः अतिक्रमण पाए जाने पर जुर्माना एवं कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निगम अधिकारियों ने बताया कि पावर हाउस चौक शहर का अत्यंत व्यस्त मार्ग है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है। ऐसे में सड़क पर अतिक्रमण से आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। नगर निगम ने नागरिकों एवं व्यापारियों से अपील की है कि वे यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और सड़क पर अतिक्रमण न करें, ताकि शहर को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाया जा सके।--



























