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- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) परीक्षा-2024 में सफलता प्राप्त करने वाले सभी प्रतिभागियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि युवा शक्ति की कड़ी मेहनत, अनुशासन, निरंतर तैयारी और समर्पित प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को प्रदेश की सेवा में एक नई शुरुआत के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की युवा पीढ़ी ने हमेशा उत्कृष्टता, साहस और लगन का परिचय दिया है। इस परीक्षा में सफल हुए सभी प्रतिभागियों ने अपने धैर्य और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता से यह सिद्ध किया है कि प्रदेश की नई पीढ़ी प्रशासनिक सेवाओं में एक सशक्त स्थान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि निरंतर मेहनत और दृढ़ निश्चय से प्राप्त यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि ये नवचयनित अधिकारी सुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशील प्रशासन की नई ऊँचाइयों को स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को जनोन्मुखी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, और इन नई नियुक्तियों से शासन-प्रशासन में नई ऊर्जा का संचार होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी युवा अधिकारी छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, सामाजिक न्याय, गरीबी उन्मूलन, महिला-शिक्षा सशक्तिकरण और ग्रामीण उन्नति जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि इन सफल प्रतिभागियों की उपलब्धि प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उन्होंने कहा कि यह सफलता संदेश देती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, परिश्रम और अनुशासन के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे निरंतर सीखते रहें, स्वयं को बेहतर बनाते रहें और जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं।मुख्यमंत्री ने सभी सफल अभ्यर्थियों को उज्ज्वल, सुखद एवं सफल जीवन की मंगलकामनाएँ देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार उनके साथ है और हर स्तर पर एक संवेदनशील, पारदर्शी और सक्षम प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करने में उनका सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
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भिलाई नगर । नगर पालिक निगम भिलाई आयुक्त राजीव कुमार पांडेय के निर्देशानुसार, निगम क्षेत्र में अवैध रूप से लगाए गए प्रचार सामग्री के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है।
यह कार्रवाई जोन क्रमांक 01 अंतर्गत वार्ड क्रमांक 17, सुपेला के घड़ी चौक से चंद्रा मौर्या तक ओवर ब्रिज के पिलर्स पर केंद्रित थी। इस क्षेत्र में विभिन्न प्रतिष्ठानों द्वारा अवैध रूप से लगाए गए होर्डिंग, बैनर और पोस्टर को हटाने का अभियान चलाया गया।ओवर ब्रिज के पिलर्स पर लगे विभिन्न प्रतिष्ठानों के सभी अवैध विज्ञापन सामग्री को हटाया गया, जिससे सार्वजनिक सौंदर्य और यातायात सुरक्षा में सुधार हुआ। अवैध विज्ञापन लगाने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार चालानी कार्यवाही की गई। कुल चालानी कार्यवाही 1500 रुपए का किया गया है। जिसमें इंटीरियल पोस्टर्स रमन सिंह से 500 रुपए, सुधीर एक्सरे से 1000 रुपए चालानी कार्यवाही की गई है।संबंधित प्रतिष्ठानों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि वे भविष्य में किसी भी प्रकार के अवैध बैनर, पोस्टर या होर्डिंग का उपयोग न करें, अन्यथा उनके विरुद्ध और सख्त कार्रवाई की जाएगी।इस अभियान को सफल बनाने में स्वच्छता विभाग एवं राजस्व टीम का विशेष योगदान है। कार्यवाही के दौरान सहायक राजस्व अधिकारी प्रसून तिवारी, स्वच्छता निरीक्षक कमलेश द्विवेदी, स्वच्छता निरीक्षक अंजनी सिंह, क्रिस्टोफर पॉल एवं जी प्रमोद उपस्थित रहे।निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि भिलाई नगर निगम क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर अवैध विज्ञापन सामग्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा। - रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज देश में चार श्रम संहिताओं के ऐतिहासिक क्रियान्वयन पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया जी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना की है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रम सुधारों का यह महत्वपूर्ण निर्णय देश के 40 करोड़ से अधिक श्रमिकों के अधिकार, सुरक्षा, सामाजिक सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण की एक अभूतपूर्व गारंटी है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का दिन भारत के श्रम क्षेत्र के इतिहास में एक मील का पत्थर है। चारों श्रम संहिताओं के लागू होने से न्यूनतम वेतन का अधिकार, महिलाओं को समान वेतन का प्रावधान, फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को ग्रेच्युटी, प्रत्येक श्रमिक के लिए सामाजिक सुरक्षा, मुफ्त स्वास्थ्य जांच की सुविधा और ओवरटाइम पर डबल वेतन जैसी व्यवस्थाएँ पूरे देश में सुनिश्चित होंगी। उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों से न केवल श्रमिक वर्ग को लाभ मिलेगा, बल्कि औद्योगिक वातावरण अधिक पारदर्शी, संतुलित और श्रमिक-हितैषी होगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जिस समावेशी और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लिया है, श्रम संहिताओं का लागू होना उस दिशा में एक बड़ा परिवर्तनकारी कदम है। उन्होंने कहा कि भारत की कार्यशील जनसंख्या राष्ट्र की उत्पादन शक्ति और आर्थिक समृद्धि की आधारशिला है, और उनके अधिकारों का संरक्षण किसी भी सशक्त राष्ट्र की प्राथमिकता है। यह संहिताएँ देश की श्रम शक्ति को अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और सशक्त वातावरण प्रदान करेंगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, उनके कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले इस निर्णय के लिए वह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया जी के प्रति आभार प्रकट करते हैं। उन्होंने कहा कि यह सुधार नई अर्थव्यवस्था, बेहतर औद्योगिक संबंधों और मजबूत श्रम बाजार का आधार साबित होगा।मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन से देशभर में रोजगार, उत्पादन, निवेश और औद्योगिक विकास की गति और अधिक मजबूत होगी, जिससे भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी।
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भिलाई । अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक और शोध सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई (आईआईटी भिलाई) और ग्राज़ यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी (टेक्निशे यूनिवर्सिटैट ग्राज़), ऑस्ट्रिया ने अनुसंधान, नवाचार और सतत विकास के क्षेत्र में व्यापक साझेदारी स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह सहयोग शिक्षा, अनुसंधान तथा प्रौद्योगिकी विकास के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर संयुक्त प्रयासों को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
समझौते के अंतर्गत दोनों संस्थान शैक्षणिक अनुसंधान और विकास के प्रमुख क्षेत्रों में संयुक्त पहलों को विकसित करेंगे। सहयोग का उद्देश्य आपसी रुचि के क्षेत्रों में बहु-विषयक शोध गतिविधियों को प्रोत्साहित करना, नवाचार और प्रौद्योगिकी अंतरण को सशक्त बनाना तथा श्रेष्ठ प्रथाओं और विशेषज्ञता के आदान–प्रदान को बढ़ावा देना है।यह साझेदारी संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रति भी समर्पित है, विशेष रूप से स्वच्छ ऊर्जा, जिम्मेदार उपभोग और जलवायु संरक्षण जैसे क्षेत्रों में साझा प्रयासों के माध्यम से। इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए छात्र विनिमय, विशिष्ट पाठ्यक्रम, समर स्कूल, कार्यशालाएँ तथा संयुक्त या द्वैध डिग्री कार्यक्रमों जैसी पहलें भी शामिल होंगी।इस सहयोग से दोनों संस्थानों को शैक्षणिक उत्कृष्टता के नए आयाम स्थापित करने, सतत प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने तथा वैश्विक दृष्टिकोण वाले शोधकर्ताओं और नवप्रवर्तकों को तैयार करने में महत्वपूर्ण प्रोत्साहन मिलने की अपेक्षा है। समझौता न केवल प्रभावी शोध परिणामों का मार्ग प्रशस्त करेगा, बल्कि भारत और ऑस्ट्रिया के बीच गहन सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक आदान–प्रदान को भी सुदृढ़ करेगा। -
बालोद/ कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार बालोद जिला प्रशासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के अंतर्गत धान की अवैध खरीदी बिक्री पर रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु पूरी मुस्तैदी के साथ सतत निगरानी की जा रही है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज डौंडीलोहारा विकासखंड के प्रवास के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी एवं अधिकारियों के साथ ग्राम भीम कन्हार में अनाज के थोक व्यापारी श्री गौतम चंद जैन एवं सुभाष ट्रेडर्स के संचालक श्री सुभाष बाफना के अनाज गोदामों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कलेक्टर ने गोदाम में रखे गए धान बोरियों की गणना कर उसे स्टॉक पंजी से मिलान करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने दोनों व्यापारियों के गोदाम में रखे गए धान की मात्रा स्टॉक पंजी से कम या अधिक पाए जाने पर इन दोनों व्यापारियों के विरुद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस मौके पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधु हर्ष, एसडीएम श्री शिवनाथ बघेल, अप पंचायत सहकारी संस्थाएं श्री आर राठिया, जिला खाद्य अधिकारी श्री तुलसी ठाकुर सहित जिला विपणन अधिकारी, कृषि उपज मंडी के सचिव, तहसीलदार सहित संबंधित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
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बिलासपुर/कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल ने बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के मतदान केन्द्र सेंवार की बीएलओ रोहिणी वैष्णव को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। उनके द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में उत्कृष्ट कार्य किया गया है। रोहिणी इस गांव में आंगनबाडी कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने 21 नवम्बर तक कुल 1032 मतदाताओं में से 993 मतदाताओं को गणना पत्र प्रदान करने के साथ ही गणना पत्रों के डिजिटाईजेशन का कार्य पूर्ण कर लिया है। जबकि अभियान के संपन्न होने में अभी 13 दिन बचे हुए हैं। मालूम हो कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, रायपुर द्वारा रोहिणी को जिले की बेस्ट बीएलओ के रूप में चिन्हित किया गया है। कलेक्टर ने इस अवसर पर इलाके के सुपरवाईजर एवं महिला पटवारी कविता भानु को भी गुलदस्ता भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर कलेक्टर शिवकुमार बनर्जी भी उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में अच्छे कार्य करने वाले बीएलओ एवं सुपरवाईजरों को जिला स्तर पर भी सम्मानित किया जायेगा।
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रायपुर निवासी शहीद अरुण केशव सप्रे का दिनांक 21'नवम्बर 1971 को वायुसेना के युद्धक विमान मारूत को भारत - पाकिस्तान युद्ध हेतु तैयार करने के दौरान हुई आकस्मिक दुर्घटना में देवलोकगमन हुआ
रायपुर - आज भारतीय वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर टेस्टिंग पायलट रायपुर निवासी शहीद अरुण केशव सप्रे का उनकी 54वीं पुण्यतिथि पर रायपुर नगर पालिक निगम मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन के चतुर्थ तल पर स्थित नगर निगम सामान्य सभा सभागार में उनके तैल चित्र के समक्ष सादर नमन करने संक्षिप्त एवं गरिमामयी पुष्पांजलि आयोजन रखा गया. रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर निगम जोन क्रमांक 4 के सहयोग से रखे गए पुष्पांजलि आयोजन में पहुंचकर रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी ने रायपुर निवासी शहीद अरुण केशव सप्रे के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें सादर नमन किया. शहीद अरुण केशव सप्रे के सुपुत्र श्री मुनेश सप्रे ने शहीद का सादर नमन किया.
यहां यह उल्लेखनीय है कि दिनांक 21 नवम्बर 1971 को भारतीय वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर टेस्टिंग पायलट रायपुर निवासी शहीद अरुण केशव सप्रे का आकस्मिक देवलोक गमन भारत और पाकिस्तान के युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना की युद्ध अभ्यास तैयारियों की सैन्य ड्यूटी के दौरान भारतीय वायुसेना के तत्कालीन युद्धक विमान *मारूत* को युद्ध के लिए तैयार करने के दौरान आकस्मिक दुर्घटना घटित होने से हुआ. भारतीय वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर टेस्टिंग पायलट रायपुर निवासी शहीद अरुण केशव सप्रे की पुण्य मधुर स्मृतियाँ चिरस्थायी बनाने रायपुर नगर पालिक निगम के मुख्यालय भवन में रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा सादर उनका तैल चित्र लगाया गया और हर वर्ष उनकी जयन्ती 23 अप्रैल और पुण्यतिथि 21 नवम्बर को उनके तैल चित्र के समक्ष उनका सादर नमन करने नगर निगम संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नियमित पुष्पांजलि आयोजन रखा जाता है. -
व्यवसायी को रायपुर को स्वच्छ रखने भागीदार बनने शपथ दिलवाई गयी
रायपुर/आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर रायपुर नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणीग्रही के दिशा - निर्देशन और जोन 10 प्रभारी जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री अमित बेहरा, मुख्यालय स्वास्थ्य विभाग स्वच्छता निरीक्षक श्री गिरिजेश तिवारी की उपस्थिति में जोन 10 क्षेत्र अंतर्गत लालपुर चौक में नगर निगम रायपुर को प्राप्त जनशिकायत की वस्तुस्थिति की जानकारी लेने आर जे 21 रेस्टोरेंट ढाबा की स्वच्छता व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान प्राप्त जनशिकायत सही मिली और ढाबा की आउटलेट नाली जाम मिली और उसमें गन्दगी मिली. स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देश पर जोन 10 जोन स्वास्थ्य अधिकारी ने तत्काल आर जे 21 रेस्टोरेंट ढाबा के सम्बंधित संचालक पर 10 हजार रूपये का जुर्माना भविष्य के लिए कड़ी कार्यवाही की चेतावनी देते हुए किया और प्राप्त जनशिकायत का त्वरित निदान किया गया.सम्बंधित व्यवसायी को रायपुर शहर को स्वच्छ बनाने भागीदार बनने की शपथ दिलवाई गयी. - जगदलपुर । नीति आयोग द्वारा नियुक्त बस्तर जिले के नोडल अधिकारी एवं संयुक्त सचिव शोभित जैन ने गुरुवार की शाम बस्तर आकांक्षी जिला और ब्लॉक कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा बैठक जिला कार्यालय में ली। बैठक में कलेक्टर हरिस एस ने जिले और ब्लॉक में आकांक्षी कार्यक्रम के अंतर्गत योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी और दिक्कतों के संबंध में भी अवगत करवाया।संयुक्त सचिव श्री जैन ने आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत निर्धारित जिला एवं ब्लॉक स्तरीय चयनित इंडिकेटर्स की वर्तमान स्थिति, क्रियान्वयन और प्रगति पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, आधारभूत संरचना और वित्तीय समावेशन सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों के लक्ष्यों की समीक्षा की।उन्होंने ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि इंडिकेटर्स की प्रगति में तेजी लाते हुए जमीनी स्तर पर योजनाओं का अधिक प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही डेटा की जानकारी देते समय आंकड़ों का आंकलन और जांच कर भरा जाए। उन्होंने कहा कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम का उद्देश्य विकास कार्यों को गति देते हुए नागरिकों तक योजनाओं व सेवाओं को पहुंचाना है, इसलिए विभागीय समन्वय और नियमित निगरानी अत्यंत महत्वपूर्ण है।बैठक में ब्लॉक स्तर पर चल रही गतिविधियों, उपलब्धियों, चुनौतियों तथा सुधार की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को लक्ष्य आधारित कार्यवाही करने और प्रत्येक इंडिकेटर की प्रगति रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करने निर्देश दिए। इस दौरान अति. मुख्य कार्यपालन अधिकारी बीरेन्द्र बहादुर, आकांक्षी कार्यक्रम से संबंधित विभागों के अधिकारी, शाखा प्रभारी उपस्थित रहे ।
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- विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित
महासमुंद / विकासखंड सरायपाली के समस्त संकुल समन्वयकों का विभागीय समीक्षा बैठक का आयोजन जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा श्री रेखराज शर्मा के द्वारा विकासखंड स्रोत केंद्र समन्वयक कार्यालय सरायपाली में किया गया। उक्त बैठक में शिक्षा विभाग के समस्त बिंदुओं पर विस्तार पूर्वक चर्चा किया गया। जिसमें छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्धारित 19 बिंदुओं एवं 14 बिंदुओं पर शिक्षा सचिव कार्यालय से जारी पत्र पर विस्तार पूर्वक चर्चा कर समीक्षा किया गया एवं जिला मिशन समन्वयक द्वारा संकुल समन्वयकों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए यह बताया गया कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में जब वार्षिक परीक्षा का आयोजन कर बच्चों का अंतिम परीक्षा परिणाम घोषित किया जायेगा तो उक्त परीक्षाफल में कक्षा पहली से चौथी एवं कक्षा छठवीं से सातवीं हेतु त्रैमासिक परीक्षा का 20 प्रतिशत का अधिभार एवं अर्धवार्षिक परीक्षा का 20 प्रतिशत का अधिभार तथा वार्षिक परीक्षा का 60 प्रतिशत का अधिभार निश्चित होगा। वहीं 5 वीं 8 वीं बोर्ड परीक्षा में अर्धवार्षिक परीक्षा का 20 प्रतिशत तथा वार्षिक परीक्षा परिणाम का 80 प्रतिशत का अधिभार निश्चित होगा।बैठक में संकुल समन्वयकों को आगामी 31 दिसंबर 2025 तक शालाओं में दर्ज शत प्रतिशत बच्चों का अपार आईडी बनाने हेतु निर्देशित किया गया वहीं जाति प्रमाण पत्र हेतु भी पात्र विद्यार्थियों का जाति प्रमाण पत्र हेतु फॉर्म संकलन कर संकुल आईडी पर अपलोड करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। विकासखंड स्त्रोत केंद्र समन्वयक देवानंद नायक के द्वारा संकुल समन्वयकों को अपने संकुल अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्य की समीक्षा, अपार आईडी, शैक्षिक गुणवत्ता, दिव्यांग छात्रों के प्रशिक्षण तथा शिक्षकों के ऑनलाइन पंजीयन, उपस्थिति आदि पर विस्तारपूर्वक चर्चा किया गया। उक्त बैठक में संजय ध्रुव एपीसी महासमुंद, डी एन दीवान सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी सरायपाली, अनिल सिंह साव विकासखंड स्त्रोत केंद्र समन्वयक बसना एवं समस्त संकुल समन्वयक सरायपाली उपस्थित रहे। - रायगढ़, । रायगढ़ पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल के दिशा-निर्देशन पर शहर में यातायात नियमों के अनुपालन को लेकर चल रही सख्त मुहिम के बीच शुक्रवार को यातायात पुलिस ने मॉडिफाई साइलेंसरों पर की गई कार्रवाई का नष्टीकरण कार्यक्रम आयोजित किया। गत माह एडिशनल एसपी श्री आकाश मरकाम और डीएसपी ट्रैफिक श्री उत्तम प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चलाकर उन बाइक चालकों पर चालानी कार्रवाई की गई थी, जिन्होंने मानक साइलेंसर हटाकर तेज और कर्कश ध्वनि वाले मॉडिफाई साइलेंसर लगाकर वाहन चलाए। नियम उल्लंघन करने वालों से समन शुल्क वसूलते हुए उनके वाहनों में लगे गैर-मानक साइलेंसर हटवाकर पुनः मानक साइलेंसर लगवाए गए थे। इसी कार्रवाई में जब्त किए गए करीब 200 मॉडिफाई साइलेंसरों को आज पुलिस सामुदायिक भवन के सामने सीसी रोड पर पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल की मौजूदगी में रोड़ रोलर चलवाकर नष्ट किया गया।मीडिया से चर्चा में पुलिस अधीक्षक श्री पटेल ने बताया कि इस वर्ष अब तक मोटर व्हीकल एक्ट के विभिन्न प्रावधानों के तहत 35 हजार वाहनों पर चालानी कार्रवाई की गई है, जिससे लगभग 3.45 करोड़ रुपये समन शुल्क शासन के खाते में जमा कराया गया है। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के साथ सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना पुलिस की प्राथमिकता है और मॉडिफाई साइलेंसरों के विरुद्ध यह कदम सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है। एसपी ने शहरवासियों से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एएसआई राजेन्द्र पटेल, हेड कांस्टेबल मुकेश चौहान, जितेन्द्र जोशी, शीतल पाण्डेय, कांस्टेबल दिनेश डनसेना, बलवंत राठिया, जक्शन बघेल, संतोष पाण्डेय, विजय सिदार, प्रमोद सागर, सैनिक धनेश सिदार एवं अन्य स्टाफ उपस्थित रहे।
- -गनेकेरा बसना में शिविर का आयोजन 24 नवम्बर कोमहासमुंद / जिला अंतर्गत दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत अधिसूचित 21 प्रकार के दिव्यांगता के आधार पर दिव्यांगता धारक व्यक्तियों का प्रमाणीकरण करने, पूर्व में जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के नवीनीकरण एवं यूडीआईडी कार्ड बनाने हेतु जिला प्रशासन के निर्देश पर एवं उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती संगीता सिंह के मार्गदर्शन में तथा जिला चिकित्सालय महासमुंद के मेडिकल बोर्ड के समन्वय से विकासखण्ड स्तर शिविर का आयोजन किया जा रहा है।इसी तारतम्य में 20 नवम्बर को विकासखण्ड सरायपाली के ग्राम पंचायत जोगनीपाली में शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 600 व्यक्ति सम्मिलित हुए। जिसमें 265 लोगों का पंजीयन, प्रमाणीकरण 99, नवीनीकरण 38, विभिन्न उपकरण चिन्हांकन 10 तथा यूडीआईडी कार्ड के लिए कुल 135 फार्म संकलन किया गया।इस दौरान श्री लोकनाथ बारिक सभापति, समाज कल्याण, श्री उद्धव नंद, मतस्य पालन समिति, जनपद पंचायत सरायपाली, श्रीमती अनिता चौधरी, जोगनीपाली, श्रीमती कुमारी भास्कर, सभापति स्वास्थ्य विभाग, जिला पंचायत महासमुंद, ग्राम पंचायत जोगनीपाली सरपंच श्रीमती शिवकुमारी चौधरी, श्री प्रकाश मेश्राम, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सरायपाली, श्री जयलाल भोई समाज शिक्षा संगठन जनपद पंचायत सरायपाली एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे। आगामी शिविर 24 नवम्बर 2025 को विकासखण्ड बसना के ग्राम पंचायत गनेकेरा में आयोजित किया जाएगा।
- दंतेवाड़ा । मत्स्य पालन कृषकों के लिए सदैव अतिरिक्त आर्थिक लाभ की दृष्टि से लोकप्रिय कार्यक्षेत्र रहा है। चाहे समूह में अथवा व्यक्तिगत हो, अगर मत्स्य पालन को वैज्ञानिक एवं व्यवसायिक दृष्टिकोण एवं विभागीय मार्गदर्शन से अपनाया जाए तो यह कृषकों के लिए फायदे का सौदा साबित होता है। इस तारतम्य में अब मत्स्य विभाग कृषकों को मत्स्य पालन के साथ-साथ झींगा उत्पादन के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। ज्ञातव्य है कि मत्स्य से जुड़े पोखरों, स्वनिर्मित तालाबों में झींगा पालन आसानी से किया जा सकता है। इसके पालन उत्पादन एवं मार्केटिंग के लिए विभागीय कार्ययोजना भी बनाई गई है। इस क्रम में मत्स्य विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि जिले के कृषक शासन के नवीन योजना पॉलिकल्चर अंतर्गत मत्स्य उत्पादन के साथ-साथ झींगा उत्पादन भी करेंगे। इस योजना अन्तर्गत जिले के 09 हितग्राही सधाम, सन्तुराम, (ग्राम फुलनार), नाहरूराम कवासी (ग्राम नागुल), अजय कष्यप (ग्राम मड़स)े, रविद्र नेगी (ग्राम बारसूर), ताती पोदिया (ग्राम टिकनपाल), राजेश राना (ग्राम हल्बारास), राजू नाग (ग्राम मैलावाड़ा), सोनाराम मंडावी, (ग्राम मारहराकरका) चयनित है। योजना के सफल कियान्वयन हेतु विभाग द्वारा सर्वप्रथम इन हितग्राहियों को कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से तकनीकी प्रशिक्षण प्रदाय किया गया। शासन की योजना अनुसार इन्हें दिए गए अनुदान में मेजर कार्प प्रजाति का मछली बीज रोहु, कतला, ग्रास कार्प, के साथ ही झींगा बीज जुवेनाईल प्रदाय किया गया। इसके साथ ही इन्हें कृषकों को उत्पादन बढ़ाने परिपूरक आहार भी दिया गया।
- - एकटकन्हार धान उपार्जन केंद्र में 120 क्विंटल धान का किया विक्रय, पारदर्शी धान खरीदी प्रक्रिया की सराहनामोहला । जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अभियान सुगम, पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से जारी है। शासन द्वारा लागू की गई डिजिटल प्रणाली और उपार्जन केंद्रों की सुदृढ़ व्यवस्था से किसानों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। वही जिले में धान खरीदी में तेजी आयी है।विकासखण्ड मोहला के ग्राम काड़े निवासी किसान श्री सियाराम आज एकटकन्हार धान उपार्जन केंद्र पहुंचे थे। उन्होने बताया कि समर्थन मूल्य पर धान विक्रय के लिए घर बैठे ही किसान-तुंहर टोकन ऐप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन प्राप्त किया। जिससे धान विक्रय की प्रक्रिया आसान और सुविधाजनक हो गई। वही ऐप के माध्यम से टोकन मिलने से उपार्जन केन्द्र जाने में लगने वाले समय एवं कतार में लगने वाले श्रम दोनों की बचत हो रही है।श्री सियाराम ने बताया कि एकटकन्हार धान उपार्जन केंद्र में 120 क्विंटल धान लेकर विक्रय करने पहुंचे है। यहां सभी प्रकार की समुचित व्यवस्था के साथ ही पर्याप्त बारदाना, पारदर्शी प्रक्रिया तथा उपस्थित कर्मचारियों के सहयोगात्मक व्यवहार सराहनीय रहा। जिससे धान विक्रय सुविधाजनक हो गई। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा समर्थन मूल्य में धान खरीदी से किसानों को बेहतर आमदनी हो रही है। इस वर्ष की फसल पिछले वर्ष की तुलना में काफी बेहतर हुई है। जिससे आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने धान का उचित समर्थन मूल्य एवं पारदर्शी प्रक्रिया उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया।
- -अब 123 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी शुरू, 01 लाख 44 हजार 506 क्विंटल धान खरीदा गया-उत्साह पूर्वक धान बेचने पहुंच रहे हैं किसानमहासमुंद / राज्य शासन के मंशानुरूप खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत कृषक उन्नति योजना के तहत जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी बिना किसी रुकावट के तेजी से जारी है। जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का आज 7वां दिन हैं। जिले के 130 समितियों के 182 उपार्जन केन्द्रों में से 123 केन्द्रों में आज दिनांक तक एक लाख 44 हजार 506.80 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में जिन केन्द्रों में धान खरीदी की शुरुआत नहीं हुई है लगभग उन सभी उपार्जन केंद्रों में किसानों से निर्बाध रूप से धान खरीदने की पूरी तैयारी की गई है।जिले में किसान उत्साह से धान खरीदी केंद्रों में धान लेकर पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में आज प्राथमिक सहकारी समिति बेमचा में धान बेचने आए कृषक श्री प्रहलाद चंद्राकर एवं श्री देवेन्द्र साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में किसानों के हित में उठाए गए कदमों से हमें भरोसा मिल रहा है कि हमारा धान उचित मूल्य पर सुरक्षित तरीके से खरीदी जाएगा। उन्होंने बताया कि खरीदी केन्द्र में व्यवस्था बेहतर और खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी है। वे बताते है कि बिना किसी परेशानी के उन्होंने धान का विक्रय किया। उन्होंने सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं और सहयोग के लिए शासन एवं प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित किया।उत्साह पूर्वक धान बेचने पहुंच रहे हैं किसानटोकन तुहर हाथ मोबाइल एप से आसानी से कट रहा है टोकन- किसान प्रहलाद एवं देवेन्द्रग्राम कौंदकेरा के किसान प्रह्लाद चंद्राकर ने कहा कि सरकार धान खरीदी में किसानों का पूरा ध्यान रख रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जारी मोबाइल ऐप द्वारा घर में टोकन काटा गया। उन्होंने बताया कि आज 550 कट्टा धान बेमचा मंडी में लाया हूं। धान की तौलाई अच्छे से हो रही है। उन्होंने कहा कि बारदाना भी आसानी से मिल रहा है। हम सरकार की व्यवस्था से खुश है। इसी तरह किसान देवेंद्र साहू ने भी बताया कि उनका 25 एकड़ खेत है और आज लगभग 60 क्विंटल धान बेचने आए है। मुस्कुराते हुए कहा कि धान खरीदी हम लोगों का त्यौहार है। आसानी से धान बिक जाए तो ये हमारे लिए बहुत बड़ी खुशी की बात है। बेमचा सहकारी समिति में अब तक 34 किसानों का टोकन काटा गया है। यहां 5 पंचायत के 12 गांव के किसान धान बेचने आते हैं।
- - अपर कलेक्टर श्री मरकाम ने ली उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा एवं आदिवासी विकास विभाग की संयुक्त बैठक,दिए आवश्यक दिशा-निर्देशमोहला । कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्री जी.आर. मरकाम ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा एवं आदिवासी विकास विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों तथा प्राचार्यों की संयुक्त बैठक ली। इस अवसर पर श्री डीआर ध्रुव सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।अपर कलेक्टर श्री जी.आर. मरकाम ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति से जुड़े प्रकरण में पात्र विद्यार्थियों की संख्या, पूर्ण पंजीकरण, संस्थागत स्वीकृतियां तथा विद्यार्थियों के खातों में राशि हस्तांतरण को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए। साथ ही राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान (रूसा) की प्रगति रिपोर्ट अद्यतन कर प्रस्तुत करने तथा महाविद्यालय एवं आईटीआई संस्थानों के इन्फ्रास्ट्रक्चर संबंधी आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए गए।अपर कलेक्टर श्री मरकाम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत, रिक्त एवं भरे पदों की सटीक जानकारी, विषयवार सीटों एवं दर्ज विद्यार्थियों का अद्यतन डेटा तथा संस्थानों की मूलभूत सुविधाओं से संबंधित कमी को तत्काल दूर करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त छात्रों के जाति प्रमाण पत्र, ग्रंथालय में अध्ययन सामग्री, नेट/सेट एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु अनुकूल वातावरण निर्मित तथा गत वर्ष के परीक्षा परिणामों की समीक्षा संबंधी कार्यों को भी समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए।
- - पिछले वर्ष धान विक्रय की राशि से किसान श्री गोपाल साहू ने खरीदा मोटरसाईकल- विगत वर्ष धान बिक्री की प्राप्त राशि से किसान शांतनुराम ने खेत में लगवाया स्प्रिंकलर, ले रहे डबल फसल- किसानों को उनकी मेहनत का मिल रहा फल- शासन की कृषक उन्नति योजना और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किसानों के घर आ रही समृद्धि- धान खरीदी केन्द्र सांकरा में किसानों ने उपलब्ध सुविधाओं की प्रशंसा कीराजनांदगांव । जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। जिले के 96 धान उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत धान खरीदी का कार्य तेज गति से जारी है। किसानों की सुविधा के लिए खरीदी केन्द्रों में पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध है। किसानों को धान विक्रय करने में किसी प्रकार की समस्या नहीं हो रही है। धान उपार्जन केन्द्र सांकरा में किसानों में धान उत्सव को लेकर हर्ष व्याप्त है। ग्राम सांकरा से आए किसान श्री गोपाल साहू ने कहा कि वे 350 कट्टा धान बिक्री के लिए लेकर आए हैं। उनके पास 8 एकड़ 50 डिसमिल खेती जमीन है। उन्होंने कहा कि ऑनलाईन के माध्यम से टोकन कटवाया था और धान खरीदी केन्द्र आने के बाद उनके धान की तौलाई इलेक्ट्रानिक मशीन के माध्यम से पादर्शितापूर्वक शीघ्र किया गया। उन्होंने धान खरीदी केन्द्र सांकरा में किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की प्रशंसा की। किसान श्री गोपाल ने कहा कि पिछले वर्ष धान की बिक्री से प्राप्त राशि से वे अपनी आजीविका के साथ ही खेती-किसानों के कार्य में मददगार साबित हुई है। धान विक्रय की प्राप्त राशि का उपयोग अपने खेती-किसानी को बढ़ाने के लिए खेत में बोर करवाया और आने जाने के लिए एक मोटरसाईकल खरीदी है। जिससे उन्हें कही पर भी आना-जाना सुगम हो गया है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा सही दर पर धान खरीदी की जा रही है। शासन की धान खरीदी नीति से वे बहुत संतुष्ट है। इसके लिए वे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को कृतज्ञता ज्ञापित किया है।ग्राम सांकरा के किसान श्री शांतनुराम साहू ने बताया कि उनके पास पौने 2 एकड़ खेती जमीन है और 24 क्ंिवटल धान बिक्री के लिए लेकर आए थे। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र सांकरा में ऑनलाईन टोकन और इलेक्ट्रानिक कांटा बाट के माध्यम से धान की तौलाई की जा रही है। किसानों के वास्तविक उपज का सही दाम मिलने से खेती-किसानी की ओर रूझान बढ़ा है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा 3100 रूपए प्रति क्विंटल धान खरीदी से किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ हो रही है। किसान शांतनुराम ने बताया कि वे पिछले वर्ष धान बिक्री से मिली राशि का उन्होंने खेती-किसानी को बढ़ाने के लिए खेत में स्प्रिंकलर खरीदे हैं। उन्होंने बताया कि रबी सीजन में सब्जी की खेती करते हैं, लेकिन इस वर्ष सब्जी के साथ गेंहू की फसल लेने का सोच रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत का फल मिल रहा है। शासन की कृषक उन्नति योजना और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किसानों के लिए बहुत लाभकारी साबित हो रही है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया। उल्लेखनीय है कि राजनांदगांव विकासखंड के धान उपार्जन केन्द्र सांकरा के अंतर्गत इंदावनी, धीरी, सांकरा और ईरा ग्राम शामिल है। धान उपार्जन केन्द्र सांकरा में 1174 पंजीकृत किसान है। खरीदी केन्द्र में ऑनलाईन टोकन तुंहर हाथ के माध्यम से टोकन कटवाकर किसान धान विक्रय करने आ रहे हैं। किसानों को यह जानकारी दी जा रही है कि किसान अपनी टोकन पर्ची, ऋण पुस्तिका, आधार कार्ड, बैंक का पासबुक की प्रति लेकर आए। धान उपार्जन केन्द्रों में मोटा, सरना एवं पतला धान की खरीदी की जा रही है।
- - राजनांदगांव जिले में लगभग 8 लाख 35 हजार मतदाता, लगभग 1 लाख 75 हजार मतदाताओं का फॉर्म प्राप्त कर किया गया डिजिटाइजेशन- मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 9 दिसम्बर 2025 कोराजनांदगांव भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 का कार्य किया जा रहा है। राजनांदगांव जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण वर्ष 2025 की मतदाता सूची के आधार पर सभी मतदाताओं को गणना पत्रक का वितरण बीएलओ के माध्यम से घर-घर जाकर किया जा रहा है। यह गणना पत्रक सभी मतदाताओं को भरना अनिवार्य है। जिला निर्वाचन कार्यालय राजनांदगांव में मतदाता हेल्पलाइन 1950 एवं हेल्पडेस्क की सहायता से मतदाताओं को 2003 की मतदाता सूची में नाम खोजने की सुविधा दी जा रही है। नगरीय क्षेत्र में शिविर का आयोजन कर मतदाताओं से गणना फॉर्म भरवाया जा रहा है। जिले में लगभग 8 लाख 35 हजार मतदाता है। अब तक जिले में लगभग 1 लाख 75 हजार मतदाताओं का फॉर्म प्राप्त कर डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। मतदाता गणना पत्रक को पूर्ण रूप से भरकर 4 दिसम्बर 2025 के पूर्व बीएलओ के पास जमा करना होगा। बीएलओ द्वारा गणना पत्रक भरने में मतदाताओं की सहायता की जा रही है। बीएलओ 4 नवम्बर से 4 दिसंबर 2025 के बीच प्रत्येक मतदाता के पास अधिकतम तीन बार मतदाता द्वारा भरे गणना पत्रक प्राप्त करने के लिए जाएगे। गणना पत्रक ऑनलाईन पोर्टल voters.eci.gov.in के माध्यम से भी भरा जा सकता है। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान वर्ष 2025 में दर्ज मतदाताओं की जानकारी वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान किया जायेगा। इस दौरान मतदाता के स्वयं तथा उनके माता, पिता, दादा व दादी के नाम का मिलान 2003 की मतदाता सूची से हो जाता है, तो ऐसे मतदाताओं को किसी भी प्रकार के दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। विशेष गहन पुनरीक्षण वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम ऑनलाईन पोर्टल voters.eci.gov.inपर सर्च करने के लिए उपयोग कर सकते है। इसके अतिरिक्त मतदाता वोटर हेल्प लाईन टोल फ्री नम्बर 1950 में संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते है। मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 9 दिसम्बर 2025 को किया जायेगा। प्रारंभिक प्रकाशन में उन्ही मतदाताओं के नाम शामिल किए जाएगे, जिनके गणना पत्रक बीएलओ या ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त होंगे। प्रारंभिक प्रकाशन उपरांत प्रकाशित मतदाता सूची हेतु दावा आपत्ति 8 जनवरी 2026 तक प्राप्त की जाएगी। दावा आपत्ति के निराकरण उपरांत अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 फरवरी 2025 को किया जाएगा।
- - कलेक्टर ने जिले में संचालित पोषण पुनर्वास केन्द्र के संबंध में स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश- पोषण पुनर्वास केन्द्र में कुपोषित बच्चों को सुपोषित करने के लिए नि:शुल्क उपचार के साथ मिल रहा समृद्ध आहार- वर्ष 2024-2025 में एनआरसी में 484 कुपोषित बच्चों का किया गया सफल उपचार- एनआरसी में गंभीर कुपोषित बच्चों को 15 दिन तक नि:शुल्क उपचार, प्रोटीन-विटामिन-समृद्ध आहार और आवश्यक दवाएं दी जा रहीराजनांदगांव । जिले के पोषण पुनर्वास केन्द्रों में गंभीर कुपोषण से ग्रस्त बच्चों को सुपोषण की श्रेणी में लाने के लिए विशेष तौर पर कार्य किया जा रहा है। पोषण पुर्नवास केन्द्र में किए जा रहे कार्यों के कारगर परिणाम प्राप्त हो रहे है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने जिले में संचालित पोषण पुनर्वास केन्द्र के संबंध में स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए है। कलेक्टर ने कहा कि पोषण पुनर्वास केन्द्र कार्यक्रम शासन की महत्वाकांक्षी योजना है। कार्यक्रम का उद्देश्य कुपोषण मुक्त समाज का निर्माण करना तथा जिले में कुपोषण की दर को कम करना है। जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को विभिन्न स्तरों पर समन्वित तरीके से कार्य करने के लिए कहा। जिला अस्पताल राजनांदगांव एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डोंगरगढ़ में संचालित पोषण पुनर्वास केन्द्र में कुपोषित बच्चों को भर्ती कर नि:शुल्क उपचार, प्रोटीन-विटामिन-समृद्ध आहार और आवश्यक दवाएं प्रदान की जा रही है, ताकि कुपोषित बच्चे सुपोषण की श्रेणी में आ सके। प्रक्रिया में नोडल अधिकारी द्वारा रेफर किए गये गंभीर कुपोषित बच्चों के परामर्श और भर्ती में फीडिंग डेमोंस्ट्रेटर द्वारा सहायता प्रदान करने हेतु निर्देश दिए गए है।गौरतलब है कि एनआरसी में कार्यरत स्टॉफ नर्स और फीडिंग डेमोंस्ट्रेटर नियमित रूप से ओपीडी, आईपीडी और इन्फैंट एण्ड यंग चाइल्ड फीडिंग कांउसलिंग सेंटर पर आने वाले कुपोषित बच्चों को प्रोटोकॉल के अनुसार एनआरसी में भर्ती कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित कर रहे हैं। पोषण पुनर्वास केन्द्र में बच्चों के खेल-कूद हेतु व्यवस्था कर बच्चों को स्वस्थ माहौल प्रदान कराया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिन से समन्वय स्थापित कर गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर इलाज हेतु पोषण पुनर्वास केन्द्र जिला चिकित्सालय राजनांदगांव एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डोंगरगढ़ में भर्ती कराया जा रहा है। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा एनआरएलएम के सहयोग से जिले में पोट्ठ लईका कार्यक्रम का संचालन भी किया जा रहा है। पोषण पुनर्वास केन्द्र के ओपीडी में स्क्रिनिंग से आने वाले बच्चों का डेटा संधारित किया जाएगा और इसकी नियमित समीक्षा की जायेगी। जिला अस्पताल राजनांदगांव एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डोंगरगढ़ में एनआरसी, कुपोषित बच्चों के लिए 10-बेड वाला विशेष वार्ड है। यहां गंभीर कुपोषित बच्चों को 15 दिन तक नि:शुल्क उपचार, प्रोटीन-विटामिन-समृद्ध आहार और आवश्यक दवाएं दी जाती हैं। अप्रैल 2024-अक्टूबर 2025 के 1 साल में इन केन्द्र ने 484 कुपोषित बच्चों का सफल उपचार किया है।
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- किसान गेंदलाल चंद्राकर ने विगत वर्ष धान विक्रय से प्राप्त राशि से परिवार के लिए कार खरीदकर दिया उपहार
- सरकार द्वारा धान खरीदी से किसानों के जीवन में आई समृद्धि : किसान श्री गेंदलाल चंद्राकर
- उम्मीद संजोए मेहनतकश किसान नए उत्साह और जज्बे के साथ धान खरीदी केंद्रों में पहुंच रहे
- धान उपार्जन समिति सुरगी में पेयजल, छांव, बारदाना, श्रमिकों की पर्याप्त व्यवस्था
- किसानों ने समर्थन मूल्य में धान खरीदी तथा धान उपार्जन केन्द्रों में अच्छी सुविधा मिलने पर शासन को दिया धन्यवाद
राजनांदगांव । खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में शासन की धान खरीदी का यह महोत्सव किसानों के चेहरों पर मुस्कान लेकर आया है। उम्मीद संजोए मेहनतकश किसान नए उत्साह और जज्बे के साथ धान खरीदी केंद्रों में अपना धान बिक्री के लिए पहुंच रहे हैं। यह समय है जब खुशियों की गुल्लक से किसानों को सौगात मिलेगी। किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल रहा है और उनके खातों में राशि प्राप्त हो रही है। खेत-खलिहानों से अपने धान को संग्रहित कर किसान धान उपार्जन केन्द्र पहुंच रहे हैं। ग्राम बुचीभरदा के किसान श्री गेंदलाल चंद्राकर धान उपार्जन केन्द्र सुरगी धान बिक्री के लिए पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उनके पास 50 एकड़ कृषि भूमि है और आज वे 190 क्विंटल धान बिक्री के लिए लेकर आए है। उन्होंने टोकन तुंहर हाथ मोबाईल एप के माध्यम से टोकन कटवाया था। उन्होंने कहा कि सरकार धान का अच्छा मूल्य दे रही है। समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान खरीदी होने से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। उन्होंने बताया कि विगत वर्ष धान विक्रय से प्राप्त राशि से परिवार के लिए कार खरीदकर उपहार में दिया है। इसके साथ ही उन्होंने दो ट्रेक्टर, थ्रेसर मशीन एवं अन्य कृषि यंत्र खरीदे है। उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को हर 3 माह में 2000 रूपए के हिसाब से वर्ष में 6000 रूपए की आर्थिक सहायता भी मिल रही है। किसान श्री गेंदलाल चंद्राकर ने धान उपार्जन समिति सुरगी में पेयजल, छांव, पर्याप्त संख्या में बारदाना, श्रमिकों की व्यवस्था के लिए खुशी जाहिर की। इलेक्ट्रानिक मशीन से धान की तौलाई आसानी से हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा धान खरीदी से किसानों के जीवन में समृद्धि आयी है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को बहुत धन्यवाद दिया।
गौरतलब है कि धान उपार्जन केन्द्र सुरगी अंतर्गत ग्राम कुम्हालोरी, बेलटिकरी, आरला, बुचिभरदा, सुरगी, कोटराभाटा, मुड़पार म, मलपुरी ग्राम के किसान धान बिक्री के लिए पहुंचते है। धान उपार्जन केन्द्र सुरगी में 1768 किसान पंजीकृत है और वे ऑनलाईन टोकन कटाकर अपने धान की बिक्री बारी-बारी से कर रहे है। ग्राम मुड़पार के किसान श्री परमेश्वर साहू धान बिक्री के लिए सुरगी पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उनके पास लगभग 9 एकड़ जमीन है। जिसमें उन्होंने धान की खेती की है। धान उपार्जन केन्द्र सुरगी में सुचारू रूप से धान की खरीदी हो रही है। आसानी से टोकन प्राप्त हो गया है। पहले किसानों को खेती करने के लिए मार्केट से ऋण लेना पड़ता था। अब किसानों को साहूकार, बिचौलियों से मुक्ति मिल गयी है। सरकार की समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना से अब किसानों को इतनी बचत हो रही है कि अब किसान आसानी से कृषि कर पा रहे है। - -विभिन्न नवाचारी योजनाओं से आर्थिक उन्नति की दिशा में कारगर पहलमहासमुंद / महासमुंद जिले में कृषि विकास को गतिशील एवं लाभकारी बनाने के लिए केन्द्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। आधुनिक सिंचाई तकनीकों के विस्तार से लेकर किसानों को प्रत्यक्ष लाभ पहुँचाने वाली योजनाओं तक, जिले ने लक्ष्य प्राप्ति में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के सफल क्रियान्वयन ने कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के साथ जल संरक्षण, फसल उत्पादकता वृद्धि और किसानों की आर्थिक उन्नति की दिशा में विशेष योगदान दिया है।जिले में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। निर्धारित 151 हेक्टेयर सिंचाई लक्ष्य के विरुद्ध 84 कृषकों के खेतों में 149.66 हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर के माध्यम से सिंचाई व्यवस्था स्थापित की गई। लक्ष्य के लगभग पूर्ण होने से किसानों को आधुनिक सिंचाई सुविधाओं का महत्वाकांक्षी लाभ मिला है। वर्ष 2025-26 के लिए कृषि विभाग ने कुल 264 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली विस्तार का लक्ष्य रखा है, जिसमें 235 हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप सिंचाई तथा 29 हेक्टेयर क्षेत्र में स्प्रिंकलर सिंचाई स्थापित की जाएगी। इस योजना से जल संरक्षण, फसलों की उत्पादकता वृद्धि और कृषि लागत में कमी की दिशा में प्रगति होगी।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत जिले में 1,26,234 किसानों को योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है और पात्र किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया निरंतर जारी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त के तहत जिले में 25.25 करोड़ रूपए की राशि किसानों को उनके खाते में प्राप्त हुई है। जिले में 1,39,063 किसानों का लैंड सीडिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इसी प्रकार 1,37,835 किसानों की आधार सीडिंग तथा 1,40,733 किसानों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। जिले में 1,461 पात्र पीव्हीटीजी हितग्राही इस योजना के अंतर्गत पंजीकृत हैं।इसी तरह राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 1,920 हेक्टेयर क्षेत्र में मिलेट्स रागी फसल प्रदर्शन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा 1,320 हेक्टेयर में मक्का, 260 हेक्टेयर में उड़द एवं मूंग, 50 हेक्टेयर में मूंगफली तथा 20-20 हेक्टेयर में सूरजमुखी एवं तिल फसल प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही 250 हेक्टेयर क्षेत्र में शैलो ट्यूबवेल सब्सिडी प्रदान करने का लक्ष्य भी रखा गया है।
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- मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से अब तक लगभग पौने दो लाख मरीजों का इलाज
महासमुंद / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के मार्गदर्शन में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना को प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। योजना का मुख्य लक्ष्य शहरी स्लम क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद नागरिकों को निःशुल्क, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशन में नगर पालिका परिषद महासमुंद के विभिन्न वार्डों में नियमित स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्री अशोक सलामे की देखरेख में शिविरों का संचालन सुचारू रूप से किया जा रहा है।प्रोजेक्ट मैनेजर धर्मेन्द्र भारद्वाज ने बताया कि महासमुंद जिले के शहरी क्षेत्रों में संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से अब तक लगभग पौने दो लाख मरीजों का इलाज किया जा चुका है। इनमें से 50 हजार से अधिक नागरिकों के मुफ्त लैब टेस्ट कराए गए हैं तथा डेढ़ लाख से अधिक मरीजों को निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं। शिविरों में डॉक्टर, फार्मासिस्ट, नर्स और प्रशिक्षित लैब टेक्नीशियन की टीम द्वारा मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श और जांच की सुविधा दी जाती है। योजना के अंतर्गत 170 प्रकार की आवश्यक दवाइयां तथा 41 प्रकार की लैब जांच पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके साथ ही नगर के सफाई मित्रों के लिए भी प्रति माह नियमित स्वास्थ्य जांच की विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे उनके स्वास्थ्य संरक्षण को सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत मोबाइल चिकित्सा दल शहर के विभिन्न वार्डों में पहुंचकर नागरिकों को उनके घर के पास ही उच्चतम स्वास्थ्य परामर्श, जांच और दवाइयों की सुविधा प्रदान कर रहा है। - मनेंद्रगढ़/ मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर उपलब्ध करवाते हुए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र द्वारा 27 नवंबर 2025 को भव्य रोजगार मेला/प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार यह रोजगार मेला युवाओं को निजी क्षेत्र में सीधी नियुक्ति का अवसर प्रदान करेगा। प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन मनेंद्रगढ़ के लालपुर स्थित शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था में सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक किया जाएगा, जिसके लिए जिलेभर से युवाओं के बड़ी संख्या में पहुंचने की उम्मीद है। इस कैंप में शामिल होने के लिए प्रतिष्ठित निजी संस्थान योकोहामा इंडिया प्रा. लि. (ATC Tires), दहेज, गुजरात ने महिला अभ्यर्थियों के लिए मशीन ऑपरेटर के 50 रिक्त पदों की जानकारी रोजगार कार्यालय को प्रदान की है। इन पदों के लिए बीए, बीएससी, बीकॉम, आईटीआई और डिप्लोमा उत्तीर्ण युवा महिलाएं आवेदन कर सकती हैं। चयनित अभ्यर्थियों को प्रति माह 17,500 रुपये का वेतनमान प्राप्त होगा तथा कार्य स्थल दहेज, गुजरात होगा। रोजगार मेला पूर्णतः निःशुल्क है और इसमें भाग लेने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।प्लेसमेंट कैम्प में सम्मिलित होने के लिए इच्छुक अभ्यर्थियों का ई-रोजगार पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य किया गया है। इसके लिए अभ्यर्थीhttps://erojgar.cg.gov.in/पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं या गूगल प्ले स्टोर में उपलब्ध ‘सीजी रोजगार पंजीयन एप’ के माध्यम से भी पंजीकरण संभव है। केवल वही आवेदक प्लेसमेंट कैम्प में शामिल किए जाएंगे, जिनका पोर्टल में वैध पंजीयन उपलब्ध होगा। जिला रोजगार केंद्र ने अभ्यर्थियों से आग्रह किया है कि वे प्लेसमेंट कैम्प में उपस्थित होने के समय अपने साथ सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे-शैक्षणिक एवं तकनीकी योग्यता प्रमाण-पत्र, निवास एवं जाति प्रमाण-पत्र, रोजगार कार्यालय का पंजीयन प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड तथा पासपोर्ट आकार के फोटोग्राफ अवश्य लेकर आएं।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं को कौशल विकास से जोड़कर जैव-विविधता संरक्षण को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसी उद्देश्य से बोर्ड ने वन मंत्री श्री केदार कश्यप की पहल पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सहयोग से हरित कौशल विकास कार्यक्रम शुरू किया है। यह विशेष प्रशिक्षण इसलिए तैयार किया गया है ताकि जंगलों में रहने वाले युवाओं को जैव विविधता संरक्षण से जुड़ी जानकारी, व्यवहारिक प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिल सकें।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार का यह प्रयास आदिवासी युवाओं को कौशल, ज्ञान और रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ जैव विविधता संरक्षण को भी सशक्त बना रहा है।गौरतलब है कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आजीविका के नए अवसर प्रदान करना, पर्यावरण मित्र करियर की ओर प्रेरित करना तथा उन्हें स्थानीय संसाधनों के संरक्षण में सक्षम बनाना है। प्रशिक्षण में युवाओं को राष्ट्रीय उद्यान गाइड, पर्यटक गाइड, प्राकृतिक इतिहास प्रदर्शक, वन संसाधन सहायक, पारंपरिक वन संरक्षण तकनीकों, और वन आधारित आजीविका से जुड़े विभिन्न कौशल सिखाए गए।इसी कड़ी में राज्य के जांजगीर, कटघोरा, कोरबा, जगदलपुर, बीजापुर, सुकमा आदि कई जिले से कुल 105 युवाओं ने प्रथम चरण में भाग लिया। प्रशिक्षण 10 से 30 दिनों तक चला और इसमें युवाओं को बिना किसी शुल्क के फील्ड भ्रमण, जैव विविधता पहचान, पारिस्थितिक संवेदनशीलता, वन संपदा का संरक्षण, औषधीय पौधों की पहचान और दस्तावेजीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों का ज्ञान दिया गया। विशेष रूप से आकांक्षी सुकमा जिले के 65 युवाओं ने जंगलों में पाए जाने वाले 153 प्रजातियों के पौधों और 47 पक्षी प्रजातियों की पहचान की। वन विभाग के विशेषज्ञों ने उन्हें हर्बेरियम बनाने, जैव-विविधता सर्वे तथा उपकरणों के उपयोग का भी प्रशिक्षण दिया। इस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण भाग यह भी है कि युवाओं को वैज्ञानिक तरीके से परंपरागत ज्ञान का संरक्षण करना सिखाया जा रहा है। इससे स्थानीय समुदायों में जैव-विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में ग्रामीणों की भागीदारी भी मजबूत हो रही है। इस प्रशिक्षण का मुख्य प्रभाव यह रहा कि अब युवा अपने क्षेत्र में पाए जाने वाले दुर्लभ पौधों और जीवों की पहचान कर पा रहे हैं। कई प्रशिक्षण प्राप्त युवा ईको-गाइड, नेचर गाइड, बैचलर सर्वे टीम और ईको-टूरिज्म गतिविधियों से जुड़ कर रोजगार प्राप्त कर रहे हैं।
- रायपुर /वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य आद्रभूमि प्राधिकरण द्वारा राज्य में वेटलैंड संरक्षण के लिए “वेटलैंड मित्र” बनाने का अभियान शुरू किया गया है। वेटलैंड मित्र स्थानीय आद्रभूमियों के संरक्षण में समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।वेटलैंड मित्र बनने के लिए इच्छुक व्यक्ति QR कोड स्कैन करके निर्धारित फॉर्म में आवश्यक जानकारी भरकर अपने निकटतम आद्रभूमि क्षेत्र से जुड़ सकते हैं। पंजीकृत वेटलैंड मित्रों को वेटलैंड संरक्षण से संबंधित जानकारी, प्रशिक्षण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। साथ ही वे वेटलैंड क्षेत्र में होने वाले परिवर्तनों की पहचान, अवैध गतिविधियों की सूचना देने तथा स्थानीय समुदाय तक आवश्यक जानकारी पहुँचाने में सहयोग करेंगे।उल्लेखनीय है कि इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि पूरे राज्य में अब तक 500 से अधिक वेटलैंड मित्र पंजीकृत किए जा चुके हैं। यह संख्या न केवल जन-जागरूकता के बढ़ते स्तर को दर्शाती है, बल्कि आद्रभूमि संरक्षण के प्रति नागरिकों की जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करती है। वेटलैंड मित्र स्थानीय स्तर पर आद्रभूमि के स्वास्थ्य, संरक्षण गतिविधियों में भागीदारी तथा वैज्ञानिक जानकारी के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। कोरबा जिले में लगभग 200 वेटलैंड मित्र अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रूप से संरक्षण कार्यों में सहयोग कर रहे हैं।राज्य में जागरूक और समर्पित वेटलैंड मित्रों का मजबूत नेटवर्क विकसित किया गया है, जो विभाग और आम जनता के बीच एक प्रभावी सेतु का कार्य कर रहा है। इनके सहयोग से आद्रभूमि के जैव-विविधता मूल्य, पारिस्थितिक महत्व और सतत उपयोग की अवधारणाओं का व्यापक प्रसार हो रहा है।वेटलैंड मित्र अभियान ने समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देते हुए राज्य की दीर्घकालिक संरक्षण योजनाओं को मजबूत आधार प्रदान किया है। यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा की रक्षा कर रही है, बल्कि जनता और प्रशासन को वेटलैंड संरक्षण से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।



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