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- -एम्स में 77वां स्वतंत्रता दिवस समारोह देशभक्तिपूर्ण कार्यक्रमों के साथ संपन्नरायपुर। चिकित्सा क्षेत्र में नए शोध और अनुसंधान के प्रतिमान स्थापित करने के आह्वान के साथ अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में 77वां स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाया गया। इस अवसर पर आजादी के अमृत महोत्सव पर आधारित एक सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया जहां एम्स के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्रों ने सेल्फी भी ली।मुख्य कार्यक्रम में झंडारोहण अधिष्ठाता (अकादमिक) प्रो. आलोक चंद्र अग्रवाल ने किया। उन्होंने आजादी में स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को रेखांकित करते हुए शिक्षकों का आह्वान किया कि वे निरंतर शोध और अनुसंधान के माध्यम से समाज को स्वस्थ रखने की दिशा में कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि भारत खेल, विज्ञान और तकनीक सहित सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। इससे देश शीघ्र ही विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में पहुंच जाएगा।उन्होंने कहा कि एम्स में निरंतर नई सुविधाएं प्रारंभ हो रही हैं। बोन मेरो और रीनल ट्रांसप्लांट भी शीघ्र ही प्रारंभ किए जाएंगे। उन्होंने विभिन्न प्रकार के वायरस से पैदा हो रही स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया। इस अवसर पर उप-निदेशक अंशुमान गुप्ता और चिकित्सा अधीक्षक प्रो. मनीषा रूइकर सहित बड़ी संख्या में चिकित्सा शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और छात्र उपस्थित थे।इस अवसर पर केंद्रीय संचार ब्यूरो की ओर से एक सेल्फी प्वाइंट भी स्थापित किया गया। इसका उद्घाटन प्रो. अग्रवाल और श्री गुप्ता ने किया। इसमें वैक्सीन और यूपीआई सहित देश की प्रमुख उपलब्धियों को परिलक्षित किया गया है।
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रायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कम्पनी मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में पावर कंपनी के चेयरमेन श्री अंकित आनंद (आई.ए.एस.) ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने उदबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 23वें वर्ष में तेज गति से तरक्की की दिशा में अग्रसर है। ऐसे में राज्य शासन की उत्कृष्ट ऊर्जा नीतियों से न केवल लोगों के जीवन में बदलाव आ रहा है, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी तेजी से बढ़ रही है। इस बात की पुष्टि प्रदेश में बिजली की बढ़ती हुई मांग से होती है। इस वर्ष अप्रैल में बिजली की अधिकतम मांग 5878 मेगावाट के रिकार्ड स्तर तक पहुंची। जनरेशन कंपनी, ट्रांसमिशन कंपनी और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने व बिजली की इस मांग को बिना किसी व्यवधान के पूरा किया। उन्होंने कंपनीज के कर्मियों की प्रशंसा करते हुए बधाई दी।
समारोह में ट्रांसमिशन कंपनी की प्रबंध निदेशक श्रीमती उज्ज्वला बघेल, डिस्टीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री मनोज खरे एवं जनरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री एस.के.कटियार, निदेशक श्री के.एस. रामाकृष्णा, कार्यपालक निदेशक मानव संसाधन श्री अशोक कुमार वर्मा, मुख्य सुरक्षा अधिकारी विंग कमाण्डर श्री ए. के. श्रीनिवास राव सहित कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य अभियंतागण उपस्थित थे।समारोह में सतर्कता एवं सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी आर. के.साहू, सुरक्षा निरीक्षक प्रभुशरण सिंह एवं बैन्ड दल के ताराचंद बेन के नेतृत्व में परेड की प्रस्तुति दी गई। समारोह का संचालन प्रबंधक (जनसंपर्क) श्री गोविंद पटेल ने किया। - -अमलीडीह, चंदखुरी और हिर्री गौठान के प्रबंधन समितियों के अध्यक्ष हुए सम्मानितरायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां राजधानी के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित स्वतंत्रता दिवस मुख्य समारोह में राज्य में सुराजी गांव योजना के तहत संचालित किए जा रहे तीन गौठानों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कृत किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर गौठान प्रबंधन समिति के अध्यक्षों को शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।पुरस्कृत गौठान प्रबंधन समितियों में राजनांदगांव जिले के ग्राम अमलीडीह, दुर्ग जिले के ग्राम चंदखुरी और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम हिर्री गौठान प्रबंधन समितियां शामिल हैं। गौरतलब है कि सुराजी गांव योजनांतर्गत गांव में बनाए गए गौठानों में पुशओं के डे-केयर के साथ-साथ गौठानों में स्व-सहायता समूहों के द्वारा वर्मी कपोस्ट निर्माण, मत्स्य पालन, कुक्कुट पालन, सब्जी उत्पादन सहित विभिन्न प्रकार की आर्थिक गतिविधियां संचालित की जा रही है। इन गौठानों का संचालन प्रबंधन, गौठान समिति एवं ग्राम पंचायत के माध्यम से किया जा रहा है।
- दुर्ग । दुर्ग जिले के खेल ग्राम पुरी में खिलाड़ियों ने अनोखे ढंग से स्वतंत्रता दिवस सेलिब्रेट किया है। तैरते हुए हाथों में तिरंगा लिए इन राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बनता है।फ्लोटिंग स्विमिंग एकेडमी के कोच ओम कुमार ओझा ने बताया कि खिलाड़ियों ने तैरते हुए तिरंगा फहरा कर आज अनूठा प्रदर्शन किया है। इससे बच्चों में देश प्रेम की भावना भी जागृत होगी तथा उनका यह अभिनव प्रयोग भी हमेशा उनकी यादों में शामिल रहेगा।
- -राज्य सूचना आयुक्त मनोज त्रिवेदी ने किया ध्वजारोहणरायपुर / देश की आजादी की 76वीं वर्षगांठ पर नवा रायपुर में स्थित छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में आयोजित समारोह में राज्य सूचना आयुक्त श्री मनोज त्रिवेदी के द्वारा ध्वजारोहण किया गया और स्वतंत्रता दिवस की 76वीं वर्षगांठ पर आयोग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। इस मौके पर राज्य सूचना आयुक्त श्री धनवेंद्र जायसवाल और सचिव श्री जी.आर. चुरेन्द्र सहित आयोग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। इस अवसर पर आयोग परिसर में आयुक्तों, सचिव, अधिकारियों और कर्मचारियों के द्वारा वृक्षारोपण भी किया गया। आयोग भवन में देशभक्ति की भावनाओं पर आधारित चन्द्रयान मिशन और राष्ट्रीय पक्षी मोर सहित अन्य खूबसूरत रंगोली भी आकर्षण का केन्द्र रही।
- रायपुर /स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जनसंपर्क संचालनालय में संचालक जनसम्पर्क श्री सौमिल रंजन चौबे ने ध्वजारोहण किया। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। श्री चौबे ने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर अपर संचालक श्री जे.एल. दरियो, श्री उमेश मिश्रा एवं श्री संजीव तिवारी सहित सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- रायपुर, 15 अगस्त 2023/ राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज सुबह राजभवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया एवं सलामी ली तथा परेड का निरीक्षण किया।राज्यपाल ने राजभवन सचिवालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने राजभवन के कर्मचारियों के परिजनों एवं बच्चों से आत्मीयता से मुलाकात की और बच्चों को टॉफी-मिठाई वितरित की। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव श्री अमृत कुमार खलखो, विधिक सलाहकार श्री राजेश श्रीवास्तव, उप सचिव श्री दीपक कुमार अग्रवाल सहित राजभवन के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।राजभवन में आयोजित परेड का नेतृत्व सुश्री मोनिका श्याम उप पुलिस अधीक्षक ने किया।
- रायपुर / स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विभागाध्यक्ष कार्यालय इंद्रावती भवन अटल नगर नवा रायपुर में सचिव राजस्व आपदा प्रबंधक, जनशिकायत निवारण तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग श्री नीलम महादेव एक्का ने ध्वजारोहण किया। उन्होंने सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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बिलासपुर . बंद मुरम (मिट्टी की एक किस्म) खदान के पानी से भरे गड्ढे में डूबकर दो बच्चों की मौत हो गई है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि शहर के सरकंडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बहतराई से बिजौर मार्ग के मध्य रविवार शाम बंद मुरुम खदान के पानी से भरे गड्ढे में डूबकर 12 वर्षीय दो बच्चों अभिषेक अहिरवार और ईशान अहिरवार की मौत हो गई। सरकंडा के थाना प्रभारी जेपी गुप्ता ने बताया कि तारबाहर थाना क्षेत्र के टिकरापारा में रहने वाले रवि अहिरवार का बेटा अभिषेक रविवार शाम अपने रिश्तेदार के घर लिंगियाडीह गया था। वहां से वह दिलीप अहिरवार के बेटे ईशान के साथ घूमने के लिए चला गया। गुप्ता ने बताया कि दोनों बच्चे कुछ देर बाद बहतराई-बिजौर मार्ग पर पानी से भरे एक मुरम खदान के गड्ढे में नहाने के लिए उतर गए। कुछ देर बाद दोनों बच्चे डूबने लगे। आसपास के लोगों ने जब बच्चों को डूबते देखा तब उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी और एंबुलेंस को बुलवाया। वहीं कुछ देर बाद बच्चों के परिजन भी घटनास्थल पहुंच गए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि परिजनों और आसपास के लोगों की मदद से बच्चों को गड्ढे से बाहर निकाला गया तथा उन्हें अस्पताल भेजा गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि रविवार देर रात जब पुलिस को घटना की जानकारी मिली तब पुलिस ने मामला दर्ज कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उन्होंने बताया कि सोमवार को शवों का पोस्टमार्टम कराया गया तथा उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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- - श्री बघेल जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के लोकार्पण एवं भूमिपूजन में हुए शामिलदुर्ग / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने सोमवार को बटन दबाकर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्यालय भवन के निर्माण का आज भूमिपूजन किया गया। इससे सहकारी बैंकों का कामकाज ज्यादा व्यवस्थित तरीके संचालित हो सकेगा। 25 आरआईडीएफ गोदामों के लोकार्पण के साथ ही जिले की भंडारण क्षमता में वृद्धि होगी। 7 एटीएम के लोकार्पण से बैंकिंग के क्षेत्र में जन-सुविधाओं का विस्तार होगा। बीते पौने पांच वर्षों में छत्तीसगढ़ में कृषि और ग्रामीण विकास के मामले में सहकारिता क्षेत्र का बड़ा योगदान रहा है। श्री बघेल ने कहा कि परम्परागत व्यवसाय को लाभकारी बनाना है, चाहे वह शिक्षा, रोजगार एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो सभी क्षेत्रों में कार्य किया जा रहा है।सहकारी बैंकों की भागीदारी और सहकारिता की ताकत से केवल पौने पांच वर्षों में हमने जो परिणाम हासिल किए हैं, आज वे देश में उदाहरण बन रहे हैं। चाहे वह किसानों के विकास की बात हो, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण का विषय हो, हर क्षेत्र में सफलता मिली है। सहकारिता के माध्यम से ही हम छत्तीसगढ़ में ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर निर्मित करने में सफल रहे हैं।राज्य में किसानों को सीधा लाभ पहुंचाने वाली राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत पौने पांच वर्षों में हमने 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की इनपुट सब्सिडी का भुगतान सहकारी बैंकों के माध्यम से किया है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना लागू होने से हर साल धान का उत्पादन और खेती का रकबा बढ़ा है। हर साल हमने धान खरीदी का नया रिकॉर्ड बनाया है। पिछले साल हम लोगों ने 107 लाख 53 हजार मीटिरक टन धान की खरीदी की। धान खरीदी की सीमा 15 क्विंटल प्रति एकड़ से बढ़ाकर 20 क्विंटल प्रति एकड़ कर दी गई है। कोदो-कुटकी-रागी को भी राजीव गांधी किसान न्याय योजना के दायरे में शामिल करते हुए, उनकी भी खरीदी वनोपज सहकारी संघ के माध्यम से की जा रही है।छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जिसने गोधन न्याय योजना के माध्यम से 2 रुपए किलो में गोबर की खरीदी शुरु की और महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से उससे जैविक खाद का निर्माण शुरु किया। हम 04 रुपए लीटर में गौमूत्र भी खरीद रहे हैं। प्रतिदिन दूध उत्पादन बढ़ता जा रहा है। पशुधन के संरक्षण और संवर्धन के लिए छत्तीसगढ़ के गांव-गांव में गौठानों का निर्माण किया गया है। गोधन न्याय योजना का संचालन इन्हीं गौठानों के माध्यम से किया जा रहा है।मछली पालन और लाख पालन को भी कृषि का दर्जा दे दिया है। आम किसानों की तरह मछली पालक और लाख पालक किसान भी अब शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण और रियायती बिजली जैसी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं। हमने सहकारिता के माध्यम से अपनी अर्थव्यवस्था की दिशा में बदलाव लाने में भी सफलता प्राप्त की है। जो अर्थव्यवस्था पहले शहरों से गांवों की ओर बहती थी, आज वह गांवों से शहरों की ओर बह रही है। दूध का उत्पदान बढ़ाने से लेकर धान का उत्पादन बढ़ाने और नये रिकार्ड कायम करने में हमें सफलता मिली है।बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार और ग्रामीण विकास एक दूसरे से सीधे जुड़े हुए हैं। पौने पांच सालों में हमने लगातार बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार किया है। किसान भाइयों को उनके घर और गांव के करीब ही आहरण और भुगतान की सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की है। इससे किसान भाइयों के समय और पैसे की बचत हो रही है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने दुर्ग जिले के सभी निवासियों को स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएं दी।इस अवसर पर स्कूल शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि यह खुशी की बात है कि जिले में बैंक मुख्यालय भवन का निर्माण हो रहा है। बैंक के माध्यम से किसानों का काम हो रहा है। बैंक के माध्यम से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया। उनका स्वाभिमान उठा है। पांच सालों में किसानों के थैले में एक लाख 75 हजार करोड़ रूपए किसानों की थैली में डाले हैं।कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग प्राधिकृत अधिकारी श्री राजेन्द्र साहू एवं अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
- -157 करोड़ 13 लाख रुपये के विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन-साजा के हार्टिकल्चर एवं कृषि महाविद्यालय में दो-दो स्नातकोत्तर विषय संचालित करने की घोषणा की-योजनाओं से लोगों के जीवन में आ रहा परिवर्तन - मुख्यमंत्री श्री बघेलरायपुर /मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां बेमेतरा जिले के विकासखण्ड साजा के ग्राम मौहाभाठा में कुमारी देवी चौबे कृषि महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन और बालक-बालिका छात्रावास का लोकार्पण किया। उन्होंने इस मौके पर स्वर्गीय श्रीमती कुमारी देवी चौबे के प्रतिमा का अनावरण भी किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री बघेल ने जिले के 157 करोड 13 लाख रुपये के विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने साजा के हार्टिकल्चर कॉलेज में वेजिटेबल साइंस, फ्रूट साइंस की पीजी क्लास प्रारंभ करने और कृषि में एंटोंमोलॉजी एवं एग्रोनोमी की पीजी कक्षा संचालित करने की घोषणा की। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, संसदीय सचिव व विधायक श्री गुरुदयाल सिंह बंजारे, विधायक बेमेतरा श्री आशीष छाबड़ा, कुलपति इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय डॉ. गिरीश चंदेल उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कृषक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बीते साढ़े चार साल में छत्तीसगढ़ में किसानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित की गई है। इन योजनाओं से किसानों के जेब में पैसा पहुंच रहा है। किसानों की कर्ज माफी से लेकर राजीव गांधी किसान न्याय योजना से भी हितग्राही लाभांवित हो रहे हैं। गोधन न्याय योजना के बारे में बात करते हुए कहा कि अब गौठानों में रीपा स्थापित होने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को रोजगार के और अवसर मिले हैं। रीपा की तर्ज पर नगरीय निकायों में महात्मा गांधी अर्बन इंडस्ट्रियल पार्क का निर्माण भी किया जा रहा है। रीपा में उत्पादित सामग्री स्थानीय बाजार के साथ-साथ सी-मार्ट जरिए भी विक्रय हो रही है।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से धान के साथ ही अन्य खाद्यान्न, उद्यानिकी वृक्षारोपण आदि के लिए नगद राशि भी किसानों के खाते में पहुंची है। सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर कोदो कुटकी और रागी की खरीदी की जा रही है। उन्होने कहा कि पहली बार प्रदेश में 94 हजार क्विंटल मिलेट फसलों का उपार्जन किया गया है। गोबर खरीदी से पशुपालकों और चरवाहों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है। कोई सोंच भी नहीं सकता था कि गोबर के विक्रय से लोग अपनी आर्थिक स्थिति बेहतर कर सकेंगे, लेकिन छत्तीसगढ़ में यह संभव हुआ है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि हमारे पूरखों ने जो सपना देखा वो आज साकार हो रहा है। राज्य सरकार की योजनाओं से लोगों के जीवन में परिवर्तन आ रहा है और वे आर्थिक रुप से मजबूत हो रहे हैं।कृषि मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के सभी क्षेत्रों का दौरा किया है, उनके इन्ही दीर्घ अनुभव का परिणाम है कि आज छत्तीसगढ़ के वातावरण परिस्थिति के अनुरुप कृषि और उद्यानिकी महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल स्वयं कृषक हैं और उन्होंने इस क्षेत्र में विकास के लिए लगातार कार्य किए हैं जिससे कृषि के क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन हुआ है।पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री चौबे ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल किसानों के विकास के लिए समर्पित हैं। उन्होने बजट के लगभग एक तिहाई से अधिक 01 लाख 75 हजार करोड़ रुपये की राशि किसानों के खाते में डाली है। इस वर्ष 107 लाख मीट्रिकटन धान की खरीदी की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो कहते हैं वो करते हैं। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में अनेक योजनाओं का लाभ किसानों और नागरिकों को मिल रहा है। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री पी.एस.एल्मा, पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती लीना मण्डावी, अपर कलेक्टर डॉ. अनिल बाजपेयी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पंकज पटेल, अनुविभागीय अधिकारी (रा.) साजा विश्वास राव मस्के सहित अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल सोमवार को अपने कार्यक्रम के बाद मंत्री श्री रवीन्द्र चौबे के गृह ग्राम निवास पहुंचे। वहां उन्होने श्री चौबे के परिजनों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री का परिजनों ने पारंपरिक रुप से आत्मीय स्वागत किया, मुख्यमंत्री ने परिजनों के साथ भोजन ग्रहण किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, संसदीय सचिव व विधायक श्री गुरुदयाल सिंह बंजारे, विधायक बेमेतरा श्री आशीष छाबड़ा भी उपस्थित थे।
- -श्री बघेल जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्यालय भवन के भूमिपूजन में हुए शामिल, 25 गोदामों का भी हुआ लोकार्पणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज दुर्ग में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्यालय भूमिपूजन किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्यालय भवन बन जाने से सहकारी बैंकों का कामकाज ज्यादा व्यवस्थित तरीके संचालित हो सकेगा। 25 आरआईडीएफ गोदामों के लोकार्पण से जिले की भंडारण क्षमता में वृद्धि होगी। 7 एटीएम के लोकार्पण से बैंकिंग के क्षेत्र में जन-सुविधाओं का विस्तार होगा। बीते पौने पांच वर्षों में छत्तीसगढ़ में कृषि और ग्रामीण विकास के मामले में सहकारिता क्षेत्र का बड़ा योगदान रहा है। श्री बघेल ने कहा कि परम्परागत व्यवसाय को लाभकारी बनाना है, चाहे वह शिक्षा, रोजगार एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो, सभी क्षेत्रों में कार्य किया जा रहा है।सहकारी बैंकों की भागीदारी और सहकारिता की ताकत से केवल पौने पांच वर्षों में हमने जो परिणाम हासिल किए हैं, आज वे देश में उदाहरण बन रहे हैं। चाहे वह किसानों के विकास की बात हो, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण का विषय हो, हर क्षेत्र में सफलता मिली है। सहकारिता के माध्यम से ही हम छत्तीसगढ़ में ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर निर्मित करने में सफल रहे हैं।राज्य में किसानों को सीधा लाभ पहुंचाने वाली राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत पौने पांच वर्षों में हमने 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की इनपुट सब्सिडी का भुगतान सहकारी बैंकों के माध्यम से किया है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना लागू होने से हर साल धान का उत्पादन और खेती का रकबा बढ़ा है। हर साल हमने धान खरीदी का नया रिकॉर्ड बनाया है। पिछले साल हम लोगों ने 107 लाख 53 हजार मीटिरक टन धान की खरीदी की। धान खरीदी की सीमा 15 क्विंटल प्रति एकड़ से बढ़ाकर 20 क्विंटल प्रति एकड़ कर दी गई है। कोदो-कुटकी-रागी को भी राजीव गांधी किसान न्याय योजना के दायरे में शामिल करते हुए, उनकी भी खरीदी वनोपज सहकारी संघ के माध्यम से की जा रही है।मछली पालन और लाख पालन को भी कृषि का दर्जा दे दिया है। आम किसानों की तरह मछली पालक और लाख पालक किसान भी अब शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण और रियायती बिजली जैसी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं। हमने सहकारिता के माध्यम से अपनी अर्थव्यवस्था की दिशा में बदलाव लाने में भी सफलता प्राप्त की है। जो अर्थव्यवस्था पहले शहरों से गांवों की ओर बहती थी, आज वह गांवों से शहरों की ओर बह रही है। दूध का उत्पादन बढ़ाने से लेकर धान का उत्पादन बढ़ाने और नये रिकार्ड कायम करने में हमें सफलता मिली है।बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार और ग्रामीण विकास एक दूसरे से सीधे जुड़े हुए हैं। पौने पांच सालों में हमने लगातार बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार किया है। किसान भाइयों को उनके घर और गांव के करीब ही आहरण और भुगतान की सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की है। इससे किसान भाइयों के समय और पैसे की बचत हो रही है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने दुर्ग जिले के सभी निवासियों को स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएं दी।इस अवसर पर स्कूल शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि यह खुशी की बात है कि जिले में बैंक मुख्यालय भवन का निर्माण हो रहा है। बैंक के माध्यम से किसानों का काम हो रहा है। बैंक के माध्यम से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया। उनका स्वाभिमान उठा है। पांच सालों में किसानों के थैले में एक लाख 75 हजार करोड़ रूपए डाले हैं।कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग प्राधिकृत अधिकारी श्री राजेन्द्र साहू एवं अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
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-नेहरू नगर चौक भिलाई से मिनीमाता चौक पुलगांव तक मार्ग का नामकरण ‘स्वर्गीय श्री मोतीलाल वोरा‘ के नाम पर करने की घोषणारायपुर, / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज बस स्टैण्ड दुर्ग पर स्थापित छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीरनारायण सिंह और राजेन्द्र पार्क चौक पर स्थापित अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्रद्धेय स्वर्गीय श्री मोतीलाल वोरा की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर वन मंत्री मोहम्मद अकबर, पंचायत मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, कृषि मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू भी मौजूद थे।कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज के दिन को अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि वोरा जी ऐसे शख्स थे, जिनकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती। वे अपने कर्त्तव्य के प्रति सदैव समर्पित और तत्पर रहते थे। वे आजीवन सक्रिय रहे। नगरीय निकाय की राजनीति से शुरुआत कर उन्होनें मंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल पदों को सुशोभित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। वोरा जी के अनेक यादगार संस्मरण हैं। विभिन्न पदों को सुशोभित करने वाले उनके जैसे व्यक्ति बिरले ही होंगे। मुख्यमंत्री ने वोरा जी के व्यक्तित्व को विस्तार पूर्वक रेखांकित किया। वोरा जी के साथ हम सबके संस्मरण रहे है। वोरा जी की यादें बहुत है उन यादों को लेकर आगे बढ़े तो सफल रहेंगे। उन्होंने कहा कि वोरा जी के विचार को सार्वजनिक जीवन में आत्मसात करने की आवश्यकता है।गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि बाबू जी अपने आप में एक पाठशाला की तरह हैं, जितने लोग उनके सम्पर्क में आये सभी ने उनसे सीखने का प्रयास किया। मंत्री श्री साहू ने वोरा जी से अपनी नजदीकी संबंध से अवगत कराते हुए कहा कि सुख के समय को मिल कर व्यतीत करें। इसी प्रकार दुख के समय को मिल बाट कर भोगे, ऐसा उनका विचार था।विधायक श्री अरुण वोरा ने स्वागत भाषण में स्वर्गीय श्री मोतीलाल वोरा की राजनीतिक विरासत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वे भी उनके पद चिन्हों पर चलने का प्रयास कर रहे है। विधायक श्री अरूण वोरा ने प्रतिमा अनावरण के लिए मुख्यमंत्री जी को हार्दिक धन्यवाद दिया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण और नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। - -उपमुख्यमंत्री श्री सिंहदेव सरगुजा और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. महंत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में करेंगेे ध्वजारोहण-जिला मुख्यालयों में आयोजित मुख्य समारोह में मंत्रीगण, संसदीय सचिव और विधायक फहराएंगे तिरंगारायपुर / प्रदेश में 15 अगस्त 2023 को स्वतंत्रता दिवस पूरी गरिमा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव सरगुजा और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला मुख्यालय में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। अन्य जिला मुख्यालयों में मंत्रीगण और संसदीय सचिव राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और मुख्यमंत्री का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन करेंगे।इसी तरह पंचायत, ग्रामीण विकास एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री रविन्द्र चौबे बेमेतरा, गृह एवं लोक निर्माण मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू दुर्ग, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर कबीरधाम, खाद्य एवं संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत राजनांदगांव, राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया बालोद, उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल रायगढ़, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री मोहन मरकाम कोण्डागांव, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा सुकमा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री गुरू रूद्रकुमार मुंगेली, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया जांजगीर-चांपा और सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत द्वारा कोरबा में ध्वजारोहण किया जाएगा।इसी तरह संसदीय सचिव श्री रेखचंद जैन दंतेवाड़ा, संसदीय सचिव श्री विनोद सेवनलाल चन्द्राकर महासमुंद, संसदीय सचिव डॉ. श्रीमती रश्मि आशीष सिंह बिलासपुर, संसदीय सचिव श्री शिशुपाल सोरी कांकेर, संसदीय सचिव श्री यू.डी.मिंज जशपुर, संसदीय सचिव श्री चन्द्रदेव प्रसाद राय बलौदाबाजार-भाटापारा, संसदीय सचिव श्री विकास उपाध्याय गरियाबंद, संसदीय सचिव श्री पारसनाथ राजवाड़े कोरिया, संसदीय सचिव श्री इन्द्रशाह मण्डावी मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, संसदीय सचिव श्री द्वारिकाधीश यादव बस्तर, राज्य योजना आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम सूरजपुर, विधायक श्री बृहस्पत सिंह बलरामपुर, विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव धमतरी, विधायक श्री चंदन कश्यप नारायणपुर, विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई, विधायक श्री रामकुमार यादव सक्ती, विधायक श्रीमती उत्तरी गनपत जांगड़े सारंगढ़-बिलाईगढ़ और विधायक श्री विक्रम मंडावी बीजापुर में ध्वजारोहण करेंगे।
- -मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल, गृह मंत्री एवं पुलिस महानिदेशक ने सभी को दी शुभकामनाएंरायपुर । भारत सरकार के गृह मंत्रालय, नई दिल्ली से प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वतंत्रता दिवस, 2023 के अवसर पर महामहिम राष्ट्रपति द्वारा छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के 35 अधिकारियों व कर्मचारियों को पुलिस वीरता पदक, विशिष्ट सेवा पदक एवं सराहनीय सेवा पदक से विभूषित किये जाने की घोषणा की गई है।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल, गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू तथा पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा ने पदक से विभूषित सभी पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों एवं उनके परिजनों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।पुलिस वीरता पदक- 24श्री लक्ष्मण केंवट, निरीक्षक, हाल जिला कांकेर, श्री मोहित गर्ग, भापुसे, हाल सेनानी, 19वीं वाहिनी, छसबल, जगदलपुर, श्री पिल्लू राम मण्डावी, उप निरीक्षक, हाल जिला बिलासपुर, श्री जोगीराम पोडियाम, सउनि, हाल जिला कांकेर, श्री हिडमा पोडियाम, प्र.आरक्षक, जिला बीजापुर, श्री प्रमोद काडियाम, प्र.आरक्षक, जिला बीजापुर, श्री बलराम कश्यप, प्र.आरक्षक, जिला बीजापुर, श्री बीज्जूराम मज्जी, आरक्षक, जिला बीजापुर, स्व.श्री बुधराम हपका, आरक्षक, जिला बीजापुर, श्री लक्ष्मीनारायण मरपल्ली, आरक्षक, जिला बीजापुर, श्री मगलू, कुडियाम, आरक्षक, जिला बीजापुर, श्री शेरबहादुर सिंह ठाकुर, उप पुलिस अधीक्षक हाल उपुअ ऑपरेशन, जिला जशपुर, श्री छत्रपाल साहू, आरक्षक, जिला बीजापुर, श्री सुरेश जब्बा, सउनि, जिला बीजापुर, श्री सुशील जेट्टी, प्र.आरक्षक, जिला बीजापुर, श्री बरदी धरमईया, प्र.आरक्षक, जिला बीजापुर, श्री मगलू, कोवासी, आरक्षक, जिला बीजापुर, श्री मुकेश कलमू, आरक्षक, जिला बीजापुर, श्री रमेश पेरे, आरक्षक, जिला बीजापुर, श्री अरूण मरकाम, उप निरीक्षक, हाल जिला रायपुर, श्री मनोज मिश्रा, प्र.आरक्षक हाल जिला कोरबा, श्री लछीन्दर कुरूद, प्र.आरक्षक, जिला बीजापुर, श्री लीलाम्बर भोई, आरक्षक, जिला बीजापुर, श्री अजय बघेल, आरक्षक, जिला बीजापुरविशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदकः-01श्री कमलोचन कश्यप, पुलिस उप महानिरीक्षक, डी.आई.जी. रेंज, दंतेवाड़ासराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक:-10श्रीमती नेहा चंपावत, पुलिस उप महानिरीक्षक, एन.सी.आर.बी. नई दिल्ली, श्री सुरजन राम भगत, हाल सेनानी, 22वीं वाहिनी छसबल, कांकेर, श्रीमती भावना पाण्डेय, जोनल पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, भिलाई, श्री प्रकाश टोप्पो, उप सेनानी, 15वीं वाहिनी, छसबल, बीजापुर, श्री राजेश कुमार शर्मा, सहायक सेनानी, 9वीं वाहिनी, छसबल, दंतेवाड़ा, श्री टेलोस्फोर मिंज, कंपनी कमाण्डर, 2री वाहिनी, छसबल, सकरी, जिला बिलासपुर, श्री गणपत प्रसाद पाण्डेय, हाल उप निरीक्षक, जिला गौरेल पेन्ड्रा मारवाही, श्री थाक बहादुर सोनी, प्लाटून कमाण्डर, प्रथम वाहिनी, छसबल, भिलाई, श्री वेद कुमार मण्डावी, प्रधान आरक्षक, यातायात, जिला कांकेर, श्री शैलेन्द्र सिंह, आरक्षक, यातायात, जिला बिलासपुर
- रायपुर /स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन ने प्रदेशवासियों सहित पूरे देशवासियों, सेना के जवानों और स्वतंत्रता सेनानियों को शुभकामनाएं दी हैं।राज्यपाल श्री हरिचंदन ने अपने संदेश में कहा कि 15 अगस्त को भारत गौरवशाली आजादी के 77 वर्ष पूरा कर रहा है। हमारी आजादी की लड़ाई लंबी और कठिन थी और इसमें असंख्य बहादुर लोगों ने अपना बलिदान दिया। उन समस्त महापुरूषों और बलिदानियों को नमन करते हैं। महात्मा गांधी, सुभाष चन्द्र बोस और अनेक सेनानियों ने अपने-अपने तरीकों से भारत को ब्रिटिश शासन से मुक्ति दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हमें उन असंख्य सेनानियों के बलिदान को नहीं भूलना चाहिए। इस आजादी को कायम रखने के लिए हमारी सेना के वीर जवानों और पुलिस कर्मियों ने भी अपनी शहादत दी है। उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है।राज्यपाल ने कहा कि भारत की आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने और यहां के लोगों, संस्कृति और उपलब्धियों के गौरव शाली इतिहास को याद करने और जश्न मनाने के लिए हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। यह महोत्सव असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों को हमारी श्रद्धांजलि है। हम सभी आजादी के इस पावन पर्व पर देश को विघटनकारी और असामाजिक तत्वोें से मुक्ति दिलाने का संकल्प लें। राज्यपाल श्री हरिचंदन ने युवा पीढ़ी से भी आहवान किया कि भारत की एकता और अखण्डता को मजबूत करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभायें।
- -23 वें वसुंधरा सम्मान से सम्मानित हुए साहित्यकार पत्रकार श्री सुधीर सक्सेना-कीर्तिशेष देवीप्रसाद चौबे की स्मृति में आयोजित वसुंधरा समारोह में मुख्यमंत्री हुए शामिलरायपुर / जो स्वांतः सुखाय और जनहित में लिखते हैं, उन्हें अपनी कलम कभी रोकनी नहीं चाहिए। उन्हें नियमित लिखना चाहिए। जब इनके द्वारा लिखी प्रामाणिक और सच्ची सामग्री पहुंचेगी तो प्रायोजित रूप से फैलाये जा रहे झूठ को लोग स्वतः ही जान जाएंगे। यह बात मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कीर्तिशेष श्री देवीप्रसाद चौबे की स्मृति में मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आज आयोजित वसुंधरा सम्मान समारोह के मौके पर कही। यह सम्मान वरिष्ठ साहित्यकार- पत्रकार श्री सुधीर सक्सेना को मुख्यमंत्री ने प्रदान किया।मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि शब्दों को संजोना एक कठिन विधा है। उसमें भावनाएं पिरोना और भी कठिन है। छत्तीसगढ़ी समाज बहुत सरल सहज है लेकिन यह सहजता आसान नहीं है। बहुत प्रयत्न से यह सफलता मिलती है। यह सरलता लोगों को इतनी भाती है कि जो भी एक बार छत्तीसगढ़ आता है छत्तीसगढ़ उसे अपना लेता है। यह छत्तीसगढ़िया भोलापन है, जो सबको अच्छा लगता है। यही हमारी पूंजी है, हमारी थाती है। यही सरलता श्री देवीप्रसाद चौबे में थी। यही सरलता कबीर, घासीदास में मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवीप्रसाद चौबे जी गांधीवादी थे। गांधी जी में अहिंसा की पराकाष्ठा मिलती है। आलोचना को सहने की गहरी शक्ति उनके पास थी। जब उनकी हत्या हुई तो भी उन्होंने हे राम कहा।मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर कोई आपसे असहमत है और आप उग्र नहीं हो रहे तो समझिये कि आप गांधी जी के रास्ते पर चल रहे हैं। इस मौके पर अपने संबोधन में श्री सुधीर सक्सेना ने कहा कि किसी भी पुरस्कार की महत्ता का आंकलन इस बात से होता है कि वो निरंतरता रचती है या नहीं। इसका निर्धारण इस बात से भी होता है कि यह पुरस्कार किन लोगों को पूर्व में सम्मानित किया जा चुका है। इस दृष्टि से यह पुरस्कार मेरे लिए संतोष का विषय है। पुश्किन का कहना है कि कोई भी सम्मान कवि के हृदय में होता है। मेरे लिए यह मेरे सरोकारों का सम्मान है। छत्तीसगढ़ में मुझे जो प्रेम मिला है। वो अद्वितीय है। जो भी प्यार से मिला, हम उसी के हो लिए, यह छत्तीसगढ़ की खासियत है।छत्तीसगढ़ से अपने जुड़ाव के संबंध में बताते हुए श्री सक्सेना ने बताया कि उनकी पत्नी रायपुर की ही बेटी है। आज उनकी स्मृतियां ही बाकी हैं लेकिन इस मौके पर वे होती तो उन्हें बहुत खुशी होती। उन्होंने कहा कि 1978 में पहली बार यहां आया, तभी से हर साल यहां आता रहा हूँ। इसने मुझे मोहपाश में बांध लिया है। मैं जब भी यहां आता हूँ तो लगता है मैं घर लौटा हूँ। इस सम्मान से बड़ी जिम्मेदारी भी आई है। निरंतर सरोकारों से जुड़े रहने की जिम्मेदारी है।इस अवसर पर मुख्य वक्ता पत्रकार श्री राजेश बादल ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने आंचलिक पत्रकारिता की चुनौतियों तथा इनके महत्व के विषय में विस्तार से अपनी बात की। साथ ही वर्तमान परिदृश्य में पत्रकारिता के समक्ष चुनौतियों पर भी अपनी बात रखी।इस मौके पर गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा स्कूल शिक्षा मंत्री श्री रवींद्र चौबे, संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत, विधायक श्री अमितेश शुक्ला, पद्मश्री तथा इंदिरा संगीत एवं कला विवि खैरागढ़ की कुलपति श्रीमती मोक्षदा चंद्राकर, गौसेवा आयोग के अध्यक्ष महंत राजेश्री श्री रामसुंदर दास, पूर्व विधायक श्री प्रदीप चौबे एवं अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद थे। इस दौरान वसुंधरा सम्मान के संयोजक श्री विनोद मिश्र, निर्णायक समिति के अध्यक्ष श्री दिवाकर मुक्तिबोध, आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव तथा आयोजन समिति के सचिव श्री मुमताज एवं अन्य अतिथि मौजूद रहे।
- रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने देश की आजादी की 76वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा है कि पुरखों के कठिन संघर्ष, त्याग और बलिदान से हमें आजादी मिली है। आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले उन सभी अनाम योद्धाओं, शहीदों और वीर जवानों को नमन है, जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से स्वतंत्रता संग्राम में अपना योगदान दिया। उनकी बदौलत हम आजाद वातावरण में सांस ले पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि आजादी के वास्तविक मायने और मूल्यों को समझने के लिए हमें इतिहास का संजीदगी से पुनरावलोकन करना होगा। हमारे पूर्वजों के कठिन परिश्रम और दूरदृष्टि का परिणाम है कि अनेक चुनौतियों के बावजूद भारत आज पूरे विश्व में सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में अपनी पहचान बना चुका है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पुरखों ने आजादी के बाद जिस लोकतंत्रात्मक गणराज्य का सपना देखा था, उसे पूरा करना हम सब की जिम्मेदारी है। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए राज्य सरकार ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़‘ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार की प्राथमिकता समाज के सबसे कमजोर वर्ग का सशक्तिकरण, बुनियादी मजबूती, गांवों का आर्थिक सुदृढ़ीकरण, हर व्यक्ति तक मूलभूत सुविधाओं की पहुंच और विकास के साथ अपनी पुरातन सभ्यता-संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन है। इसके लिए गांधीवादी सोच के साथ सुराजी गांव योजना, ’राजीव गांधी किसान न्याय योजना‘, गोधन न्याय योजना, गौ-मूत्र खरीदी, भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना जैसी कई लोक हितैषी योजनाएं शुरू की गई हैं। बुनियादी स्तर पर गांवों को मजबूत करने के लिए किसानों और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की पहल की गई है।राज्य सरकार ने बीते पौने पांच सालों में छत्तीसगढ़ के विकास को एक नई ऊंचाई दी है। जनता से किए वायदे को एक-एक कर पूरा किया है। किसानों की कर्जमाफी, 2500 क्विंटल में धान खरीदी, बिजली बिल हाफ, शिक्षा कर्मियों का नियमितिकरण, महिला समूहों की ऋण माफी, चिटफंड कम्पनियों से निवेशकों का पैसा वापसी, पुरानी पेंशन योजना लागू करने जैसे कई महत्वपूर्ण फैसले राज्य सरकार ने लिए हैं। आदिवासियों को वनाधिकार पट्टा और वनोपज का वाजिब दाम दिलाकर उन्हें सक्षम बनाया है। परंपरागत तीज-त्यौहारों के साथ लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन से छत्तीसगढ़ियों में नया आत्मविश्वास आया है। पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना और माटी पूजन दिवस की शुरूआत की गई है। पोषण और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी लगातार काम कर प्रदेश ने उपलब्धियां हासिल की हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की जनहितैषी नीतियों और निर्णयों से गरिमा, न्याय, विश्वास और बराबरी का नया वातावरण छत्तीसगढ़ में बना है। इसे आगे ले जाने की जिम्मेदारी हम सबकी है। उम्मीद है कि ‘‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़‘‘ के संकल्प को पूरा करने में सब परस्पर सहयोग से आगे बढ़ेंगे।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल से शहरी क्षेत्र के स्लम बस्तियों में रहने वाले गरीब परिवारों को निःशुल्क उपचार की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के माध्यम से अब तक 54 लाख 40 हजार 633 लोगों का इलाज मोबाइल मेडिकल यूनिट के चिकित्सा दल द्वारा स्लम बस्तियों में लोगों के घरों के पास ही पहुंचकर किया गया है। योजना के तहत अब पूरे राज्य के नगरीय क्षेत्रों के स्लम बस्तियों में चिकित्सक, पैरामेडिकल टीम, मेडिकल उपकरण एवं दवाओं से लैस मोबाइल मेडिकल यूनिट पहुंचकर लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करा रही है। इस योजना के माध्यम से अब तक 14 लाख 60 हजार 851 मरीजों की पैथालॉजी टेस्ट की जा चुकी है। साथ ही 46 लाख 87 हजार 757 से अधिक मरीजों को निःशुल्क दवाएं भी दी गई हैं।छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत अब तक राज्य के 169 नगरीय निकायों की स्लम बस्तियों में 71 हजार 539 कैम्प लगाकर लोगों की निःशुल्क जांच व उपचार कर दवाईयां दी गई हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नगरीय क्षेत्रों की तंग बस्तियों के एवं अन्य जरूरत मंद लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निशुल्क दवायें उपलब्ध कराया जाए।गौरतलब है कि राज्य के 14 नगर निगम क्षेत्रों की स्लम बस्तियों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के प्रथम चरण की शुरूआत 01 नवम्बर 2020 को की थी। इसके तहत 60 मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा स्लम बस्तियों में जाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार एवं दवा वितरण की शुरूआत की गई थी। 31 मार्च 2022 को इसका विस्तार पूरे राज्य के नगरीय निकाय क्षेत्रों में किया गया तथा 60 और नई मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू की गई। मुख्यमंत्री द्वारा एक जुलाई 2023 को 5 मोबाइल मेडिकल यूनिट स्लम बस्तियों में लोगों के ईलाज के लिए शुरू की है। शहरों में स्लम बस्तियों सहित अन्य जरूरतमंद लोगों को इलाज के लिए और मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू की जाएगी।
- रायपुर, / मुख्यमंत्री दाई-दीदी मोबाइल क्लीनिकों के माध्यम से अब तक करीब 2465 कैम्प लगाएं जा चुके हैं। दाई-दीदी क्लीनिक के माध्यम से रायपुर, बिलासपुर एवं भिलाई नगर निगम क्षेत्र की झुग्गी बहुल बस्तियों में रहने वाली एक लाख 84 हजार 911 महिलाओं एवं बालिकाओं का उनके घर के पास ही दाई-दीदी क्लीनिक कैंप के माध्यम से इलाज किया गया है।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा मुख्यमंत्री दाई-दीदी क्लिनिक योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत मोबाइल मेडिकल यूनिट के वाहन में महिला चिकित्सकों और महिला स्टॉफ की टीम पहुंचती है तथा जरूरतमंद महिलाओं एवं बालिकाओं की विभिन्न बीमारियों का निःशुल्क जांच एवं इलाज करती है।इन मोबाइल मेडिकल यूनिट के द्वारा 39 हजार 69 महिलाओं का लैब टेस्ट किया गया तथा एक लाख 74 हजार 874 महिलाओं को निःशुल्क दवाईयां दी गई। पहले गरीब स्लम क्षेत्र में रहने वाली तथा मेहनत मजदूरी करने वाली ऐसी महिलाएं जो समयाभाव या अन्य कई कारणों से अपना इलाज नहीं करा पा रही थी परन्तु अब दाई-दीदी क्लीनिक से उन्हें इलाज की सुविधा घर के पास ही महिला चिकित्सकों और चिकित्सा स्टाफ के माध्यम से मिल रही है और वे अपना इलाज बिना संकोच के महिला स्टॉफ के माध्यम से करा पा रही है।
- -कलेक्टरों को गोठानों कांजी हाउस में पशुओं को रखने के लिए उचित प्रबंध करने के निर्देश-समझाईश के बाद भी सड़कों पर पशु पाए जाने पर पशु मालिकों पर लगेगा अर्थदण्डरायपुर /अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू ने सड़कों पर आवारा पशुओं के कारण हो रहे दुर्घटनाओं में जानमाल की क्षति को रोकने के लिए सभी जिला कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को प्रभावी व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला पंचायत, जनपद पंचायत तथा ग्राम पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों की बैठक लेकर इस समस्या की ओर उनका ध्यान आकृष्ट कराने और इस समस्या के निदान पर उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चिित करने कहा है।पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार सभी ग्राम पंचायतों में और विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग तथा अन्य मुख्य राजमार्ग के पास स्थित कांजी हाउस अथवा गोठान में सड़क पर घूमते हुए आवारा पशुओं और मवेशियों को पकड़कर, कांजी हाऊस अथवा गोठानों में रखा जाये। पशुओं और मवेशियों के चारा-पानी एवं सुरक्षा का ध्यान भी रखा जाये। इन कार्याे में आवश्यकतानुसार पशु चिकित्सा विभाग से समन्वय कर जरूरी मदद ली जाए। कांजी हाउस और गौठान में जल निकास की समुचित व्यवस्था की जाए। गौठान परिसर में पशुओं के बैठने हेतु कीचड, आदि से मुक्त स्थान की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इस हेतु नरेगा या स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध अन्य मदों की राशि का. उपयोग किया जा सकता है।दिशा निर्देश में यह भी कहा गया है सड़क पर आवारा पशुओं का स्थानीय आकलन, बसाहटवार कराते हुए निकटतम कांजी हाउस, गौशाला या गौठानों में पशुओं को रखने की क्षमता का भी आकलन कर लिया जाये। ऐसे आंकलन पश्चात् आवश्यकतानुसार नये कांजी हाउस की स्थापना के संबंध में नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित की जाए। यदि कोई पशु बाहर घूमता हुआ पकड़ा जाता है, तो उन पशुओं के मालिक के ऊपर पशु अतिचार अधिनियम 1871 के प्रावधान अनुसार दण्ड अधिरोपित किया जाए।राष्ट्रीय राजमार्ग एवं मुख्य राजमार्ग के पास वाले ग्राम पंचायत जहां से ज्यादातर पशुओं की मुख्य सड़क में जाने की संभावना हो उस ग्राम पंचायत में व्यवहार परिवर्तन का कार्यक्रम चलाया जाये। जिससे पशु और मवेशी मालिक मवेशियों को बांध कर रखे तथा सड़कों में जाने से रोके। सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशियों की जानकारी देने हेतु नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा संचालित टोल फ्री नंबर 1100 पर शिकायत की जा सकती है। इस हेतु ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी, नगरीय प्रशासन विभाग से सामंजस्य स्थापित कर इस विभाग के अधिकारियों के नाम पोर्टल में अपलोड करे, ताकि उनसे आसानी से संपर्क किया जा सकें।डेयरी उद्योग और पशु पालकों द्वारा पशुओं को सड़कों एवं आवागमन क्षेत्र में नहीं छोड़े जाने के संबंध में समझाईश दी जाए। इसके बाद भी सड़कों पर पशु पाए जाने पर नियमानुसार अर्थदण्ड एवं अन्य सुसंगत कार्यवाही करना सुनिश्चित की जाए। ग्राम पंचायत में स्थित कांजी हाउस और गोठान की जानकारी से समस्त नागरिकों को अवगत कराया जाये। घूमते पाये जाने वाले आवारा पशुओं हेतु पंचायत द्वारा निर्धारित दण्ड की जानकारी का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। यदि नेशनल हाइवे अथॉरिटी के द्वारा नेशनल हाइवे में केटल ले एण्ड बे उपलब्ध होने पर इसके आस-पास वाले गौठानों में या कांजीहाउस में ले जाने की व्यवस्था की जाए।
- -स्वर्णप्राशन के प्रति लोगों को जागरूक करने पाम्पलेट वितरण, आईक्यू मूल्यांकन, स्वास्थ्य परीक्षण के साथ निःशुल्क औषधि वितरित की गई-आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में हर पुष्य नक्षत्र तिथि में 0-16 वर्ष के बच्चों को कराया जाता है स्वर्णप्राशनरायपुर। बच्चों के व्याधिक्षमत्व, पाचन शक्ति, स्मरण शक्ति, शारीरिक शक्ति वर्धन एवं रोगों से बचाव के लिए शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय रायपुर में आज 1188 बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय के कौमारभृत्य विभाग द्वारा हर पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाता है। जनसामान्य को इसके प्रति जागरूक करने आज पाम्पलेट वितरण, आईक्यू मूल्यांकन (IQ Assessment) और बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ निःशुल्क औषधि का वितरण भी किया गया।शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय परिसर में प्राचार्य प्रो. डॉ. जी.आर. चतुर्वेदी, चिकित्सालय अधीक्षक प्रो. डॉ. प्रवीण कुमार जोशी और कौमारभृत्य विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. नीरज अग्रवाल के निर्देशन में स्वर्णप्राशन कराया गया। स्वर्णप्राशन समन्वयक डॉ. लवकेश चन्द्रवंशी ने बताया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए यह काफी लाभदायक है। महाविद्यालय के स्नातकोत्तर एवं स्नातक छात्र-छात्रएं हर महीने इसमें महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय द्वारा इस वर्ष की अन्य पुष्य नक्षत्र तिथियों 9 जनवरी को 831, 4 फरवरी को 1124, 3 मार्च को 1137, 29 मार्च को 1290, 27 अप्रैल को 860, 24 मई को 835, 20 जून को 1012 तथा 18 जुलाई को 1145 बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया था।
- - पशुओं को सड़कों पर आने से रोकने के लिए किए जा रहे है विशेष प्रयासरायपुर /पशुओं को सड़कों पर आने से रोकने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष कदम उठाये जा रहे है। राज्य की विभिन्न सड़कों के आस-पास के शहरों एवं गांवों की गौशालाओं, गौठानों और कांजी हाऊस की ऑनलाईन मैपिंग कार्य किया जा रहा है। इससे नगरीय प्रशासन एवं पंचायत विभाग सहित अन्य विभागों के समन्वय से दुर्घटना जन्य स्थलों पर विशेष निगरानी की जा रही है। गौशालाओं, कांजी हाऊस और गौठान की गूगल मैप तैयार होने पर सड़क पर आने वाले पशुओं को यहां पर रखने के लिए गूगल मैप सर्च करने में आसानी होगी। गौरतलब है कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में पशुओं के कारण हो रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पशुओं को सड़क पर नहीं आने देने के कार्यों की विस्तृत समीक्षा मुख्य सचिव ने की। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे पशुओं को सड़कों पर आने से रोकने के कार्य की लगातार समीक्षा करें। उन्होंने अधिकारियों को इसके लिए विभागीय नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश भी दिए है।बैठक में नगरीय प्रशासन एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्य सचिव के निर्देशानुसार चिन्हांकित गौशालाओं, गौठान एवं कांजी हाऊस का गूगल मैप पर मैपिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जिसे गूगल मैप में सर्च करने पर आसानी से निकटस्थ कांजी-हाऊस एवं गौशाला के लोकेशन का पता चल जाता है, उन्होंने बताया कि लेयरिंग का कार्य पूर्ण किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा चिन्हांकित 51 पाइंट्स को को-आर्डिनेट के साथ-साथ ग्रामों एवं नगरीय निकायों में भी मैपिंग कार्य किया गया है। दुर्घटना जन्य पाईंट को ध्यान में रखते हुए उसके निकट ही लोकेशन मैपिंग किया गया है, जिससे शीघ्र ही पशुओं को उनके लोकेशन में सुरक्षित पहुंचाया जा सके। मुख्य सचिव ने गूगल मैप के उपयोग हेतु अपनाई जाने वाली प्रक्रिया को ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों, राजस्व विभाग, पुलिस सहित अन्य संबंधितों को उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए है।राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न चयनित सड़कों पर करीब 51 स्थानों में 102 कर्मचारियों अधिकारियों की ड्यूटी पर तैनात कर दिया गया है तथा इन लोकेशन की पूर्ण जानकारी ग्रामवार मैपिंग हेतु उपलब्ध करा दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि आम लोगों द्वारा पशुओं के सड़क पर होने की जानकारी हेल्प लाइन नंबर 1033 पर दी जा सकती है। हाईवे पेट्रोलिंग के संबंध में एसओपी भी जारी कर दी गई है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि पशुओं की टैगिंग और रेडियम बेल्ट बांधने के कार्य में और तेजी लायी जाए। अंतर्विभागीय लीड ऐजेंसी सड़क सुरक्षा के अध्यक्ष श्री संजय शर्मा ने बताया कि पुलिस और पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों की टीम बनाकर विभिन्न प्रदेशों की सड़कों पर पशुओं को सड़कों पर आने से रोकने के लिए किया जा रहा प्रबंधन का अध्ययन किया गया है। टीम के अधिकारी सहायक पशु चिकित्सक डॉ. अविनाश शुक्ला और पुलिस विभाग के श्री नीलकंठ वर्मा द्वारा भोपाल, जबलपुर, रायपुर से नागपुर और प्रयागराज से लखनऊ मार्ग पर पशुओं को सड़क पर आने से रोकने की व्यवस्थाओं की जानकारी हासिल की है। टीम के सदस्यों ने बताया कि प्रयागराज से लखनऊ मार्ग पर बेहतर व्यवस्था है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस बैठक में कृषि एवं पशुपालन विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सचिव श्री प्रसन्ना आर., नगरीय प्रशासन विभाग के विशेष सचिव डॉ. अयाज तम्बोली, संचालक पंचायत श्री कार्तिकेय गोयल, पशु चिकित्सा सेवायें की संचालक श्रीमती चंदन त्रिपाठी सहित पुलिस विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग सहित अन्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए।
- -शहर के पास ठगड़ा बांध के किनारे सबसे बड़ी बायोडायवर्सिटी वाला एरिया, मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण-वन विभाग की पक्षी मार्गदर्शिका और हरियर दुर्ग पुस्तिका का विमोचनरायपुर / दुर्ग और भिलाई के बीच किसी जंगल की कल्पना करना भी कठिन है, लेकिन यह कल्पना नहीं है। दुर्ग शहर से लगे ठगड़ा बांध के किनारे मुख्यमंत्री ने ऐसे ही एक जंगल का लोकार्पण किया है। 300 एकड़ में बने इस तालपुरी नगरवन में बायोडायवर्सिटी के लिए बड़ी संभावनाएं हैं। यहां 103 तरह की वनस्पति और 295 तरह के पशु-पक्षी हैं। सबसे खास आकर्षण 108 एकड़ में फैला एक जलाशय है। मुख्यमंत्री ने आज ओपन जीप से 3 एकड़ में फैले इस रूट का अवलोकन किया और यहां की संपन्न जैव विविधता को नजदीक से देखा।मुख्यमंत्री ने इस मौके पर अधिकारियों को कहा कि इसका ट्रैक काफी लंबा है और सुबह शाम सैर के लिए आने वाले लोगों के लिए यह जगह जन्नत जैसी महसूस होगी। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस जलाशय में प्रवासी पक्षी भी आते हैं। जलाशय के पास थोड़ा दलदली क्षेत्र होने की वजह से पक्षियों के रहवास के लिए यह आदर्श स्थल है। इसके अनुरूप ही यहां पर जैव विविधता के लिए अनेक वनस्पति लगाई गई है। बीते दो-तीन बरसों में यहां बड़े पैमाने पर प्लांटेशन का कार्य हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि पहले भी यहां काफी पौधे थे और बाद में भी पौधे लगाये गये। लगभग सत्तर हजार पौधों का रोपण यहां किया गया है।उल्लेखनीय है कि इसका साइक्लिंग ट्रैक ही 3 किलोमीटर का है। बीच-बीच में बैठने के लिए बेंच लगाये गये हैं। पक्षियों की चह-चहाहट सुनते हुए मेडिटेशन करने के लिए यह जगह आदर्श होगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के बच्चों के साथ फोटो भी खिंचवाये। साथ ही लोकार्पण की स्मृति में कदंब का एक पौधा भी रोपा। उन्होंने वन विभाग की पक्षी मार्गदर्शिका और हरियर दुर्ग पुस्तिका का विमोचन भी किया। इस मौके पर वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, पंचायत एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री रविंद्र चौबे, पीडब्ल्यूडी मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू भी मौजूद रहे।इंडियन रोलर, ग्रीन बी ईटर जैसे कई तरह के पक्षी- तालपुरी नगर वन में विभिन्न प्रकार के वृक्ष एवं जीव जन्तुओं की एक विशाल विविधता है, जिसमें विभिन्न प्रकार के घास, पौधे, पक्षी, तितलियाँ, स्तनधारी, सरीसृप और जलीय प्रजातियों के समूह भी शामिल हैं। यहां विभिन्न प्रकार के वृक्ष प्रजातियां जैसे सागौन, आंवला, शीशु, करंज, आम, जाम, कटहल, बादाम, गुलमोहर, पेल्ट्राफार्म, रेन ट्री आदि के लगभग 70 हजार पौधों का रोपण किया गया है।इस क्षेत्र में जैव विविधता सर्वेक्षण किया गया है जिसके परिणामस्वरूप वनस्पतियों की कुल 103 प्रजातियों और जीव जन्तुओं की 295 प्रजातियों की पहचान की गई, जिनमें दुर्ग जिले अंतर्गत कुछ दुर्लभ और नए जीवों की पहचान की गई है। यहां पर कोयल, तोता, मैना, सारस, बतख, ग्रे हेडड स्वैम इंडियन रोलर, ग्रीन बी इटर, पर्पल हेरेन, एशियन ओपनबील, लेसर विसलिंग डक, इंडियन स्पॉट बिल डक, कॉम्बे डक कॉटन टेल, किंगफीशर कॉमन क्विल, ग्रे फेल्कन आदि क्षेत्रीय पक्षी एवं फैल्केटेड डक बार हेडेड गूस, रेड क्रेस्टेड पोचार्ड, गॉडविल, नॉर्दन पिनटेल, ग्रे हेडेड स्वामहेन आदि प्रवासी पक्षी पाए जाते हैं। इस क्षेत्र में तिलियों की भी कई प्रजातियां पाई जाती है।मेमोरियल कार्नर तथा ओपन थियेटर भी- दुर्ग शहर के निवासियों के लिए यह मनोरंजन, स्वास्थ्य एवं प्राकृतिक सौंदर्ययुक्त एक मनोरम स्थल है। यहां योगा जोन एवं ओपन थिएटर का निर्माण किया गया है। यहां एक मेमोरियल कॉर्नर स्थापित किया गया है जिसका उद्देश्य लोगों को अपने प्रियजनों की याद में जन्मदिन तथा किसी अन्य अवसर पर वृक्षारोपण करने हेतु प्रोत्साहित करना है। लोगों को प्रकृति के साथ भावनात्मक रूप से जोड़ने की इस पहल को स्थानीय लोगों द्वारा अत्यधिक पसंद किया जा रहा है। इस योजना से जुड़ते हुए अब तक 100 से अधिक लोगों ने इस स्थान पर 200 से अधिक पौधों का रोपण किया है तथा उनके द्वारा समय-समय पर अपने द्वारा लगाए गये पौधों की देखभाल भी की जाती है।















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