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- बिलासपुर. एकीकृत बाल विकास परियोजना मस्तुरी अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र बहतरा 01 में सहायिका के रिक्त एक पद पर प्राप्त आवेदनों की जांच उपरांत अंनतिम सूची दावा-आपत्ति हेतु परियोजना कार्यालय एवं जनपद पंचायत मस्तुरी के सूचना पटल पर चस्पा किया गया है। दावा आपत्ति 23 मार्च 2026 शाम 5.30 बजे तक किये जा सकते है। निर्धारित समय के पश्चात दावा आपत्ति स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- 0- जनपद पंचायतों में फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार करने अधिकारी नियुक्तदुर्ग. दुर्ग जिले में त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2026 की तैयारी प्रारंभ कर दी गई है। इसके तहत जिले के संबंधित जनपद पंचायतों की मतदाता सूचियों को 1 अप्रैल 2026 को संदर्भ तिथि मानते हुए तैयार एवं पुनरीक्षित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ पंचायत निर्वाचन नियम 1995 के नियम 18 के अनुसार जनपद पंचायत दुर्ग, धमधा और पाटन के लिए फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार की जाएगी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) के आदेशानुसार अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) दुर्ग, धमधा और पाटन को संबंधित जनपद पंचायतों के लिए रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं तहसीलदार दुर्ग, तहसीलदार धमधा तथा तहसीलदार पाटन को सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी दुर्ग को अपीलीय प्राधिकारी नियुक्त किया गया है।उप निर्वाचन के अंतर्गत जनपद पंचायत दुर्ग, धमधा और पाटन क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों और वार्डों में मतदाता सूची तैयार एवं पुनरीक्षण का कार्य किया जाएगा। जनपद पंचायत दुर्ग अंतर्गत 5 ग्राम पंचायत भोथली, तिरगा, बोरई, कोटनी, उमरपोटी शामिल है। इसी प्रकार जनपद पंचायत धमधा के 5 ग्राम पंचायत रुहा, पथरिया (डो.), लहंगा, नंदवाय, करेली एवं जनपद पंचायत पाटन के 7 ग्राम पंचायत सुरपा, तुलसी, मानिकचौरी, कसही, गोडपेन्ड्री, मनसुली, गातापार वार्ड सहित पाहंदा(अ) सांकरा शामिल हैं।
- 0- मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए अधिकारियों की लगाई गई ड्यूटीदुर्ग. छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग नवा रायपुर के निर्देशानुसार दुर्ग जिले में नगरीय निकाय उप निर्वाचन 2026 की तैयारी शुरू कर दी गई है। नगर पालिक निगम भिलाई और नगर पालिक निगम रिसाली निकायों की मतदाता सूचियों का 1 अप्रैल 2026 की संदर्भ तिथि के आधार पर तैयार एवं पुनरीक्षण किया जाएगा।नगरीय निकायों की मतदाता सूची तैयार करने के लिए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा छत्तीसगढ़ नगरपालिका निर्वाचन अधिनियम 1961 की धारा 32(1) तथा नियम 1994 के नियम 8 के उप नियम 2 के तहत संबंधित अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इसके तहत अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) दुर्ग को रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त किया गया है। अतिरिक्त तहसीलदार भिलाईनगर तथा अतिरिक्त तहसीलदार दुर्ग को सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी बनाया गया है। अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी दुर्ग को अपीलीय प्राधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नगर पालिक निगम भिलाई के वार्ड क्रमांक 01 तथा नगर पालिक निगम रिसाली के वार्ड क्रमांक 02 और 39 में होने वाले उप निर्वाचन के लिए मतदाता सूचियों का तैयार एवं पुनरीक्षण कार्य किया जाएगा।
- 0- निर्धारित प्रपत्र में आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026दुर्ग. जिले के नगरीय निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में गौधाम संचालन के लिए इच्छुक संस्थाओं से रूचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) आमंत्रित की गई है। गौपालन, गौसंवर्धन एवं गौसेवा हेतु रूचि रखने वाली संस्थाएं छ.ग. राज्य गौसेवा आयोग में पंजीकृत संचालित गौपालन की समिति, स्वयं सेवी संस्था, एनजीओ ट्रस्ट तथा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी सहकारी समिति, शहरी, नगरीय निकाय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में गौधाम संचालन हेतु आवेदन कर सकते हैं।उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं से प्राप्त जानकारी अनुसार निर्धारित प्रपत्र में आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 को दोपहर 3 बजे तक तय की गई है। इच्छुक संस्थाएं अपना आवेदन कार्यालय उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, गौरव पथ पद्मनाभपुर, दुर्ग में कार्यालयीन दिवसों में जमा कर सकते हैं।जिले के नगरीय निकायों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित किए जाने वाले गौधामों में निराश्रित एवं घुमंतू गौवंशीय पशुओं के साथ-साथ गृह विभाग द्वारा कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 (संशोधित 2011) तथा छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण नियम 2014 के अंतर्गत जप्त गौवंशीय पशुओं को रखा जाएगा। गौधाम स्थापना के लिए भूमि, संचालन का उद्देश्य, क्रियान्वयन, नियंत्रण, अनुश्रवण एवं अनुशीलन, संचालन हेतु पात्र संस्थाओं की पात्रता, कार्यकाल, चयनित संस्था के दायित्व, मानव संसाधन, योजना के वित्त पोषण एवं शास्ति संबंधी विस्तृत जानकारी कार्यालय उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, गौरव पथ पद्मनाभपुर, दुर्ग से कार्यालयीन समय सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक प्राप्त की जा सकती है।
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0- जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक संपन्न
दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में विगत 15 मार्च को जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्री सिंह ने समस्त 14 से 15 वर्ष के बीच की बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन का शत प्रतिशत लाभ दिलवाने के निर्देश दिये हैं। साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज दानी और जिला अस्पताल दुर्ग सिविल सर्जन डॉ आशीष कुमार मिंज को टीकाकरण वाले जगह उचित व्यवस्था बनाने कहा गया है। सीविल सर्जन डॉ. मिंज ने बताया कि यह सर्विक्स कैंसर 6 कैंसर पीड़ित महिलाओं में से 1 महिला इस सर्विक्स कैंसर से पीड़ित होती है। भारत सरकार के इस पहल से सर्विक्स कैंसर की बीमारी से बचाए जा सकेंगे, यह एक इंजेक्शन 4000₹ से 4200₹ तक आता है। बैठक में डीएचओ डॉ. संजीव ग्लैड, डीआईओ डॉ. दिव्या श्रीवास्तव और जिला शिक्षा विभाग, जिला कार्यक्रम विभाग, जिला महिला और बाल विकास विभाग के अधिकारीगण मौजूद थे।
- दुर्ग. महिला एवं बाल विकास विभाग, महिला सशक्तिकरण केन्द्र दुर्ग द्वारा परियोजना दुर्ग ग्रामीण के सेक्टर रसमड़ा में शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी पहल का सकारात्मक परिणाम ग्राम सिलोदा, ग्राम पंचायत खपरी की निवासी गीतांजली साहू के जीवन में देखने को मिला। गीतांजली साहू पति देवेंद्र कुमार साहू ने बताया कि जब वह गर्भवती थीं, तब महिला सशक्तिकरण केन्द्र की टीम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे में जानकारी दी और उनका पंजीयन कराया गया।गर्भावस्था के पांचवें माह में उन्हें योजना के तहत पहली किस्त के रूप में 3000 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। प्रारंभ में गीतांजली का वजन मात्र 38 किलोग्राम था और उनका हीमोग्लोबिन स्तर 10 ग्राम था। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सलाह पर उन्होंने इस राशि का उपयोग अपने पोषण के लिए किया। उन्होंने अपने आहार में अंकुरित अनाज, सलाद, फल और दूध को शामिल किया। संतुलित आहार और नियमित देखभाल के कारण गर्भावस्था के नौवें माह तक उनका वजन लगभग 8 किलोग्राम बढ़ गया और हीमोग्लोबिन स्तर बढ़कर 11 ग्राम हो गया। 23 नवंबर 2025 को गीतांजली ने एक स्वस्थ बालक को जन्म दिया, जिसका वजन 2.50 किलोग्राम था। जन्म के बाद भी उन्होंने बच्चे को नियमित स्तनपान कराया, जिससे एक माह में बच्चे का वजन बढ़कर लगभग 3.5 किलोग्राम हो गया। गीतांजली साहू ने गर्भवती महिलाओं के लिए शासन द्वारा दी जा रही इस सहायता राशि और योजनाओं के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहती है कि समय पर मिली जानकारी और पोषण सहायता से उन्हें स्वस्थ मातृत्व प्राप्त हुआ।
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रायपुर में विकसित होगा आधुनिक पर्यटन केंद्र
रायपुर। राजधानी रायपुर की जीवनदायिनी खारून नदी के तट को विकसित करने के लिए ‘खारून रिवर फ्रंट’ परियोजना को नई गति मिली है। छत्तीसगढ़ शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण, विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य के लिए ₹84.15 करोड़ की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
रायपुर पश्चिम क्षेत्र के विधायक श्री राजेश मूणत ने इस स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से रायपुर में विकास की नई दिशा स्थापित होगी तथा यह क्षेत्र आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा।
परियोजना के क्रियान्वयन में तकनीकी गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही निविदा प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। साथ ही कार्य की ड्राइंग एवं डिजाइन का परीक्षण कर उसे अनुमोदित किया जाएगा।
परियोजना के लिए आवश्यक भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए निर्माण कार्य को बाधारहित रूप से पूर्ण किया जाएगा। भू-अर्जन की स्थिति में संबंधित विभागों के समन्वय से आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।
खारून रिवर फ्रंट के निर्माण से नदी तट पर व्यवस्थित घाटों का विकास होगा, जिससे श्रद्धालुओं को धार्मिक गतिविधियों में सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही उद्यान, प्रकाश व्यवस्था एवं वॉकिंग ट्रैक जैसी सुविधाएं विकसित होने से यह क्षेत्र नागरिकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
परियोजना से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा तथा नदी तट के सुदृढ़ीकरण से मिट्टी के कटाव पर नियंत्रण होगा। साथ ही पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
यह परियोजना रायपुर के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और आने वाले समय में शहर की पहचान को नई ऊंचाई प्रदान करेगी। -
रायपुर। कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश एवं एसडीएम रायपुर के मार्गदर्शन में आज तहसील रायपुर अंतर्गत विभिन्न ग्रामों में अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध कार्रवाई की गई। प्रशासन द्वारा बिना वैध अनुमति के की जा रही प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माणों को हटाया गया।
ग्राम मठपुरैना में आज अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई। तहसीलदार श्री प्रकाश सोनी के नेतृत्व में राजस्व एवं नगर निगम की संयुक्त टीम ने कार्यवाही की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार खसरा नंबर 15002/136 एवं 15002/28 की लगभग 0.365 हेक्टेयर एवं 0.0789 हेक्टेयर भूमि, तथा खसरा नंबर 196/2 की लगभग 0.204 हेक्टेयर भूमि पर अवैध रूप से प्लाटिंग कर मार्ग निर्माण एवं अन्य तैयार की जा रही थीं। प्रशासन द्वारा इन अवैध निर्माणों को हटाते हुए संबंधित स्थल पर कार्रवाई की गई।
साथ ही नगर निगम द्वारा उक्त भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण किया जा सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। -
कलेक्टर की सख्ती : शासकीय योजनाओं के लंबित प्रकरण एक सप्ताह में निपटाने के निर्देश
रायपुर। जिला कार्यालय में आज कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में सरकार प्रायोजित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न बैंकों के जिला संयोजक एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में एंटरप्राइजेस फाइनेंस, एसएचजी-एनआरएलएम, पीएम अजय, पीएमईजीपी (डीआईसी/केवीआईबी/केवीआईसी), पीएमएफएमई, पीएम स्वनिधि, केसीसी-फिशरीज, केसीसी-वेटरनरी, पीएम सूर्यघर तथा एनयूएलएम योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत एवं लंबित प्रकरणों की बैंकवार समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने योजनाओं की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी बैंकों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि सरकार प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत लंबित प्रकरणों का अधिकतम एक सप्ताह के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके।
कलेक्टर ने कहा कि बैंकों द्वारा प्राप्त आवेदनों पर समयबद्ध एवं सकारात्मक कार्रवाई की जाए तथा अनावश्यक रूप से प्रकरण लंबित न रखे जाएं। बैठक में विभागों एवं बैंकों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।
साथ ही सभी बैंकों से योजना-वार अद्यतन प्रगति की जानकारी प्रस्तुत करने तथा आगामी अवधि में निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना प्रशासन एवं बैंकों की संयुक्त जिम्मेदारी है, जिसके लिए सभी संबंधित संस्थाओं को गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना आवश्यक है।
इस अवसर पर जिला कोषालय अधिकारी श्री गजानन पटेल, एलडीएम श्री मोहम्मद मोफिज सहित अन्य अधिकारी एवं बैंक के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। -
विभिन्न कार्यक्रमों में करेंगे शिरकत
रायपुर। मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री (लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री) राजेन्द्र शुक्ल अपने दो दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। अपने निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक श्री शुक्ल कल 17 मार्च को शाम 06ः15 बजे राजधानी रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद विमानतल पहुंचेंगे। शाम 07ः15 बजे वीआईपी रोड स्थित भगवान श्रीराम मंदिर में दर्शन करने के पश्चात शाम 07ः30 बजे विंध्य समाज के क्वींस क्लब में आयोजित सम्मान समारोह में शामिल होंगे एवं रात्रि विश्राम सेल्स टैक्स कॉलोनी में ई-5 में संजीव तिवारी के निवास में करेंगे। श्री शुक्ल 18 मार्च को प्रातः 10ः15 बजे नालंदा परिसर का अवलोकन करने के बाद सुबह 11ः15 बजे शंकर नगर स्थित स्पीकर हाउस में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह जी से मुलाकात करेंगे। दोपहर 12ः05 बजे पहुना गेस्ट हाउस रायपुर में विंध्य क्षेत्र के नागरिकों से भेंट करने के पश्चात श्री शुक्ल दोपहर 03ः15 बजे भोपाल रवाना होंगे। -
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व विधायक सुश्री लता उसेंडी ने एक बार फिर राजनीति के क्षेत्र में अपनी प्रभावी भूमिका दर्ज की है। ओडिशा विधानसभा और लोकसभा चुनावों के बाद, अब राज्यसभा में उनकी सक्रियता ने उन्हें देश के प्रभावी सांसदों की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया है।
राज्यसभा की सीटों के समीकरण में सुश्री उसेंडी की प्रबंधन क्षमता का लोहा माना गया है। 4 में से 3 महत्वपूर्ण सीटें भाजपा की झोली में सुनिश्चित करने में उनकी जमीनी पकड़ और रणनीतिक सूझबूझ का विशेष योगदान रहा है। कार्यकर्ताओं के बीच 'दीदी' के नाम से लोकप्रिय सुश्री उसेंडी ने अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की है। अपनी राजनीतिक यात्रा में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर आसीन रहीं सुश्री उसेंडी का करियर सार्वजनिक सेवा के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। उनके पास शासन और संगठन के बीच संतुलन बनाने का अद्भुत कौशल है। -
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के बिहार से राज्यसभा चुनाव में शानदार जीत दर्ज करने पर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं। श्री देव ने कहा कि श्री नवीन का राज्यसभा के लिए चुना जाना संगठन के प्रति उनके समर्पण, कुशल रणनीति और अटूट कर्तव्यनिष्ठा का परिणाम है। उनके व्यापक राजनैतिक अनुभव और ओजस्वी नेतृत्व का लाभ अब उच्च सदन (राज्यसभा) को प्राप्त होगा, जिससे न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के विकास को नई गति मिलेगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि श्री नबीन ने छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी के रूप में अपनी सांगठनिक कुशलता का लोहा मनवाया है। उनकी सक्रियता ने कार्यकर्ताओं में सदैव नई ऊर्जा का संचार किया है। श्री नवीन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प को सिद्ध करने में सदन के भीतर एक सशक्त आवाज बनेंगे। उनके निर्वाचित होने पर छत्तीसगढ़ भाजपा के समस्त पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में हर्ष की लहर है।
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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक्स पोस्ट पर कहा कि बिहार से राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं ऊर्जावान जननेता नितिन नबीन को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। संगठन में आपका दीर्घ अनुभव, वैचारिक स्पष्टता और कार्यकर्ताओं से आत्मीय जुड़ाव सदैव प्रेरणादायी रहा है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि राज्यसभा में आपका नेतृत्व राष्ट्रहित के मुद्दों को और सशक्त स्वर देगा तथा सुशासन, विकास और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि आप निरंतर राष्ट्रसेवा के पथ पर सफलतापूर्वक अग्रसर रहें और आपके मार्गदर्शन में राष्ट्र एवं संगठन दोनों मजबूती की नित नई ऊँचाइयों को प्राप्त करें।
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- वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम
नारायणपुर,। नवा रायपुर स्थित आदिवासी संग्रहालय में 13 एवं 14 मार्च 2026 को आयोजित ‘आदि पर्व 2026’ में छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की भव्य झलक देखने को मिली। इस आयोजन में प्रदेश की विभिन्न जनजातियों के प्रतिभागियों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा, लोक नृत्य, गीत और सांस्कृतिक परंपराओं की आकर्षक प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम में नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र से शामिल हुई प्रतिभागी वनिता नेताम ने पारंपरिक जनजातीय वेशभूषा में मंच पर अपनी संस्कृति की शानदार प्रस्तुति दी। उनकी पारंपरिक पोशाक और आभूषणों ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया और उपस्थित दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा।कार्यक्रम के दौरान आयोजित ट्राइबल अटायर शो को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि में भाग लेकर वनिता नेताम ने भी अपना नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया, जो नारायणपुर जिले और अबूझमाड़ क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। आदि पर्व 2026 का आयोजन आदिवासी संस्कृति, परंपरा और विरासत को संरक्षित करने तथा उसे देश-दुनिया तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया। इस मंच के माध्यम से जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को व्यापक पहचान मिल रही है। - -अनुसूचित जाति विकास विभाग के लिए 573 करोड़ रूपए की अनुदान मांग पारित-अनुसूचित जाति उपयोजना में 12 हजार 970 करोड़ का प्रावधान, छात्रों और आजीविका पर जोर-सीजी एसीई, यूपीएससी, सीजीपीएससी सहित बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उड़ान, शिखर और मंजिल’ से मिलेगा युवाओं को विशेष अवसर-छात्रावास नहीं मिलने वाले विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना: ढाई करोड़ रूपए का प्रावधान-विभिन्न जिलों में छात्रावास भवनों के लिए 25 करोड़ का प्रावधान-सतनाम पंथ के तीर्थ स्थलों का होगा विकास, गिरौदपुरी-भण्डारपुरी क्षेत्र में नई सुविधाएंरायपुर / अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के विभाग के लिए 12 हजार 970 करोड़ रूपए की अनुदान मांगें विधानसभा में आज पारित कर दी गई है।मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 के लिए अनुसूचित जाति विकास विभाग के अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में कहा कि हमारी सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े अनुसूचित जाति वर्गों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार प्रातः स्मरणीय, विश्ववंदनीय परम् पूज्य बाबा गुरु घासीदास बाबा जी के मनखे-मनखे एक समान के संदेश पर चल रही है। इसी कड़ी में सरकार अनुसूचित जातियों की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करते हुए उनके समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है।मंत्री श्री साहेब ने बताया कि अनुसूचित जाति कल्याण हेतु 7 करोड़ 15 लाख 39 हजार रुपये तथा अनुसूचित जाति उपयोजना हेतु 565 करोड़ 89 लाख 8 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार कुल बजट 573 करोड़ 4 लाख 47 हजार रुपये बजट का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष के मुख्य बजट 531 करोड़ 17 लाख 64 हजार रुपये की तुलना में 7.88 प्रतिशत अधिक है।अनुसूचित जाति उपयोजना में बड़ा प्रावधानमंत्री श्री गुरू खुशवंत साहेब ने बताया कि राज्य के मुख्य बजट में अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों के माध्यम से 12,970 करोड़ 2 लाख 45 हजार रुपए का समेकित बजट प्रावधान किया गया है। यह राशि विकास और अधोसंरचना से जुड़ी योजनाओं पर खर्च की जाएगी।नई योजनाओं पर विशेष ध्यान देते हुएगुरु खुशवंत साहेब ने सदन में बताया कि बजट में कई नई योजनाओं के लिए प्रावधान किया गया है। इनमें अनुसूचित जाति विकास संचालनालय की स्थापना के लिए 30 नए पदों के सृजन हेतु 2 करोड़ 26 लाख 4 हजार रुपये का प्रावधान शामिल है। परंपरागत चर्म शिल्प व्यवसाय से जुड़े लोगों की आजीविका सुधारने के लिए प्रशिक्षण और सामग्री उपलब्ध कराने हेतु 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।छात्रावास और शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तारमंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 342 प्री-मैट्रिक छात्रावास, 92 पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास और 51 आश्रम संचालित हैं, जिनमें कुल 25 हजार 927 सीटें स्वीकृत हैं। उन्होंने बताया कि भवन विहीन संस्थाओं के लिए नए भवनों के निर्माण हेतु 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत बिलासपुर, मुंगेली, रायपुर, जशपुर और बेमेतरा जिलों में छात्रावास, क्रीड़ा परिसर और आवासीय विद्यालय बनाए जाएंगे। प्रदेश के बड़े शहरों छात्रावासों में प्रवेश नहीं मिल पाने पर विद्यार्थियों को सहायता देने के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना के अंतर्गत 2 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही विद्यार्थियों के शैक्षणिक अध्ययन भ्रमण के लिए एक करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नई योजना के तहतअनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को उच्च प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने हेतु सीजी-अस्सिटेंस फॉर कम्पेटीटिव एक्जामिनेशन योजना शुरू किया जाएगा। इसके तीन घटक क्रमशः ‘उड़ान’, ‘शिखर’ और ‘मंजिल’ के लिए कुल 7 करोड़ 47 लाख 70 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के माध्यम से इंजीनियरिंग, मेडिकल, यूपीएससी, सीजीपीएससी, एसएससी, रेलवे और बैंकिंग परीक्षाओं की तैयारी हमारे युवा प्रतिभागी कर सकेंगे।धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों का विकासमंत्री श्री साहेब ने बताया कि सतनाम पंथ के प्रवर्तक गुरु घासीदास से जुड़े तीर्थ स्थलों के विकास के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। गिरौदपुरी-भण्डारपुरी क्षेत्र में सोलर स्ट्रीट लाइट, सतनाम मार्ग के विकास और सामुदायिक भवन निर्माण के लिए राशि का प्रावधान की गई है। इसके लिए कुल 2.50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण को बढ़ी राशिसरकार ने अनुसूचित जाति बाहुल्य जिलों के विकास के लिए गठित प्राधिकरण के बजट में 25 करोड़ रुपये की वृद्धि करते हुए इसे 75 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। मंत्री श्री साहेब ने कहा कि सामाजिक समरसता के संदेश “मनखे-मनखे एक समान” को आधार बनाकर सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के उत्थान और विकास के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
- एमसीबी/ मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र मनेन्द्रगढ़ के तत्वावधान में 23 मार्च 2026 को रोजगार मेला एवं प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जाएगा। यह प्लेसमेंट कैंप जिला रोजगार कार्यालय मनेन्द्रगढ़ में सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित होगा, जहां निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।इस रोजगार मेले में परिशराम ह्यूमन रिसोर्सेस प्राइवेट लिमिटेड, गुरुग्राम (हरियाणा) द्वारा आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए मीटर इंस्टॉलेशन के 50 पदों पर भर्ती की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को 15 हजार से 20 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन प्रदान किया जाएगा तथा उनका कार्यक्षेत्र छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में रहेगा। इस पहल से जिले के आईटीआई योग्य युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार प्राप्त करने का एक बेहतर और सशक्त अवसर मिलेगा।जिला रोजगार कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह रोजगार मेला पूरी तरह निःशुल्क है। इसमें भाग लेने के इच्छुक आवेदकों के लिए ई-रोजगार पोर्टलhttps://erojgar.cg.gov.in/अथवा गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध ÞCG Rojgar पंजीयन ऐप” के माध्यम से पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। केवल पंजीकृत आवेदकों को ही प्लेसमेंट कैंप में शामिल होने की पात्रता प्रदान की जाएगी।जिला प्रशासन ने जिले के योग्य और इच्छुक युवाओं से अपील की है कि वे इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाते हुए रोजगार मेले में सहभागिता करें और निजी क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार संभावनाओं का लाभ प्राप्त कर अपने भविष्य को सशक्त बनाएं।
- -प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य हेतु अधिकारी कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षणअम्बिकापुर । भारत सरकार द्वारा आयोजित होने वाली जनगणना 2027 के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य राज्य में 1 मई से 30 मई 2026 तक किया जाना है। जिसके सम्बन्ध में सोमवार को जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में अधिकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में जनगणना की रूपरेखा, कानूनी प्रावधान, डिजिटल उपकरणों के उपयोग तथा डेटा प्रबंधन की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस दौरान जनगणना के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य के सम्बन्ध में विस्तारपूर्वक बताया गया। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री सुनील नायक, नगर निगम कमिश्नर श्री डी एन कश्यप,सर्व एसडीएम, राजस्व अमला सहित अन्य विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -एहतियातन एफ आई आर दर्ज कर जांच प्रारंभरायपुर । छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा दिनांक 14 मार्च 2026 को कक्षा 12 वीं की हिन्दी विषय की बोर्ड परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई। इस संबंध में मण्डल को दिनांक 15 मार्च 2026 को सायं 05 बजे सोशल मीडिया (व्हाट्सएप) तथा दिनांक 16 मार्च 2026 को मीडिया के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त हुई कि छात्र संगठन द्वारा यह दावा किया गया है कि उक्त परीक्षा के एक दिन पूर्व दिनांक 13 मार्च 2026 को सोशल मीडिया पर हिन्दी विषय से संबंधित प्रश्नों का एक हस्तलिखित पर्चा वायरल हुआ था।समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार वायरल पर्चे में अंकित प्रश्नों तथा परीक्षा में पूछे गए हिन्दी विषय के बी-सेट प्रश्नपत्र के प्रश्नों में समानता होने का दावा किया जा रहा है। तथापि, सोशल मीडिया में वायरल तथा समाचार पत्रों में प्रकाशित उक्त पर्चा स्पष्ट एवं पठनीय नहीं है, जिससे उसकी सत्यता का प्रत्यक्ष परीक्षण संभव नहीं हो पा रहा है।सचिव माध्यमिक शिक्षा मण्डल यह भी स्पष्ट करता है कि संबंधित वीडियो/सामग्री परीक्षा सम्पन्न होने के बाद सामने आई है, अतः प्रथम दृष्टया इसे प्रश्नपत्र लीक की घटना के रूप में नहीं माना जा सकता। फिर भी परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील कार्य को दृष्टिगत रखते हुए मण्डल द्वारा इस मामले को गंभीरतापूर्वक संज्ञान में लिया गया है और एहतियात के तौर पर संबंधित प्रकरण में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराते हुए पुलिस एवं साइबर सेल से विस्तृत जांच कराने की कार्रवाई की जा रही है, ताकि तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट हो सके।सचिव माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने कहा है कि परीक्षाओं की गोपनीयता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- -स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा, छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति के लिए 5 करोड़ का प्रावधान-नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा का विस्तार, जगरगुंडा और ओरछा में नए आईटीआई-145 शासकीय आईटीआई में आधुनिक मशीन और उपकरणों के लिए 25 करोड़ रुपये-35 आईटीआई में भवन निर्माण और मरम्मत कार्यों के लिए 25 करोड़ का प्रावधान-लाईवलीहुड कॉलेज योजना के लिए 33 करोड़, युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण-नवा रायपुर में बनेगा अंतर्राष्ट्रीय स्तर का लाईवलीहुड सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी, छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण को 38 करोड़ का बजटरायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र फरवरी-मार्च 2026 में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने विभागीय बजट प्रस्तुत किया। मंत्री ने कहा कि राज्य के आर्थिक विकास के लिए कृषि, उद्योग, शिक्षा, सेवाएं और प्रौद्योगिकी प्रमुख क्षेत्र हैं। इन क्षेत्रों के विकास के लिए कुशल इंजीनियरों और तकनीकी कौशल से युक्त मानव संसाधन का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। राज्य सरकार तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के समुचित विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि प्रदेश के 33 जिलों में वर्तमान में 4 छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, 2 शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय, 1 सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी रायपुर, 1 विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग (छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई) तथा 20 निजी इंजीनियरिंग महाविद्यालय संचालित हैं। वहीं पॉलीटेक्निक क्षेत्र में 3 सीजीआईटी (पॉलीटेक्निक), 35 शासकीय पॉलीटेक्निक, 1 विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग तथा 14 निजी पॉलीटेक्निक संस्थान संचालित हैं। इंजीनियरिंग महाविद्यालयों में 11 हजार 528 तथा पॉलीटेक्निक संस्थानों में 8,408 सीटें उपलब्ध हैं। तकनीकी शिक्षा विभाग का बजट वर्ष 2018 में 265.49 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर वर्ष 2026-27 में 372.35 करोड़ रुपये हो गया है।मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि राज्य में विश्वस्तरीय तकनीकी मानव संसाधन तैयार करने के उद्देश्य से रायगढ़, जगदलपुर, कबीरधाम, जशपुर, रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की स्थापना के लिए 12.02 करोड़ रुपये तथा मशीन और उपकरणों की खरीद के लिए 98 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि सीजीआईटी रायगढ़ में अतिरिक्त कक्ष निर्माण और ऑडिटोरियम जीर्णाेद्धार के लिए 2.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।नया रायपुर स्थित अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के लिए स्थापना अनुदान के रूप में 15 करोड़ रुपये तथा 18 नए पदों के सृजन के लिए 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। श्री गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई के अधोसंरचना विकास हेतु 41.90 करोड़ रुपये की परियोजना में से वर्ष 2026-27 में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त मशीन एवं उपकरण क्रय के लिए 10 करोड़ रुपये तथा स्थापना अनुदान के लिए 20 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। शासकीय पॉलीटेक्निक संस्थान रायपुर (कन्या), दुर्ग, रायगढ़ और धमतरी में मशीन एवं उपकरणों की खरीद के लिए 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। शासकीय कन्या पॉलीटेक्निक रायपुर में 150 सीटर छात्रावास और वाहन स्टैंड निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को 4 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण पर ब्याज में राहत प्रदान की जाएगी। इसके लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। छात्र स्टार्टअप और नवाचार नीति के क्रियान्वयन के लिए 5 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिससे छात्रों को स्टार्टअप और नवाचार गतिविधियों में सहायता मिलेगी। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल रायपुर के स्थापना अनुदान एवं परीक्षा प्रतिपूर्ति के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।राज्य में वर्तमान में 201 शासकीय तथा 113 निजी आईटीआई संचालित हैं, जिनमें लगभग 61 हजार प्रशिक्षण सीटें उपलब्ध हैं। वर्ष 2025-26 में आईटीआई में प्रवेश के लिए लगभग 76 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिससे युवाओं में व्यावसायिक प्रशिक्षण के प्रति बढ़ती रुचि स्पष्ट होती है। नक्सल प्रभावित ओरछा विकासखंड में नवीन आईटीआई की स्थापना की गई है, जिससे अब राज्य के सभी विकासखंडों में आईटीआई संचालित हो रहे हैं। आईटीआई में मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर टेक्नीशियन तथा ड्रोन टेक्नीशियन जैसे आधुनिक और रोजगारोन्मुख कोर्स शुरू किए जा रहे हैं।जगरगुंडा (सुकमा) और ओरछा (नारायणपुर) में एजुकेशन सिटी के अंतर्गत नवीन आईटीआई स्थापना, पद सृजन, छात्रावास एवं भवन निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 145 शासकीय आईटीआई में मशीन, औजार और उपकरणों की व्यवस्था के लिए 25 करोड़ रुपये तथा 35 आईटीआई में भवन निर्माण एवं विशेष मरम्मत कार्यों के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि प्रदेश के 33 जिलों में जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र संचालित हैं। वर्ष 2025-26 में 372 प्लेसमेंट कैम्प आयोजित कर 9 हजार 756 युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। वर्ष 2026-27 में रोजगार मेलों के आयोजन के लिए 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण के लिए वर्ष 2026-27 में 38 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत अब तक 4 लाख 91 हजार 543 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 2 लाख 72 हजार 754 युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। वर्तमान में 366 संस्थाएं कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रही हैं, जिनमें 212 लघु अवधि के कोर्स संचालित हैं। युवाओं को आधुनिक क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण देने के लिए महिंद्रा एंड महिंद्रा, साइरोनिक्स टेक्नोलॉजी, नांदी फाउंडेशन, द लॉन्ड्री बैग तथा श्री सत्य साई हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ अनुबंध किए गए हैं।राज्य परियोजना लाईवलीहुड कॉलेज सोसायटी के लिए वर्ष 2026-27 में 33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत अब तक 67 हजार 118 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। नवा रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कौशल प्रशिक्षण संस्थान के रूप में लाईवलीहुड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी, जिसके लिए भूमि लीज अनुबंध हेतु 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि राज्य सरकार तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक सुधार एवं विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। इन योजनाओं और बजट प्रावधानों से प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक कौशल प्रशिक्षण और बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
- -स्वास्थ्य मंत्री का मनेन्द्रगढ़ सिविल अस्पताल में औचक निरीक्षणरायपुर ।प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने रविवार को शासकीय सिविल अस्पताल मनेन्द्रगढ़ का औचक निरीक्षण कर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में उपचार व्यवस्था, दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई तथा अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने डॉक्टरों एवं अस्पताल प्रबंधन से आवश्यक जानकारी लेते हुए मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि मरीजों को समय पर इलाज और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल का औपचारिक निरीक्षण किया। रविवार होने के कारण ओपीडी बंद थी, इसके बावजूद उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और साफ-सफाई को लेकर संतोष व्यक्त किया।सीएचएमओ डॉ. खरे ने बताया कि अस्पताल परिसर में अनावश्यक रूप से आने वाले अवांछनीय तत्वों की रोकथाम के लिए सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। ऐसे लोगों पर निगरानी रखने के लिए अस्पताल में सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था की गई है, जो दो शिफ्टों में तैनात रहते हैं। उन्होंने बताया कि भविष्य में जब मेडिकल कॉलेज प्रारंभ होगा, तब सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा। इस दौरान सीएचएमओ डॉ. अविनाश खरे, स्वप्निल तिवारी, मंडल अध्यक्ष रवि वर्मा सहित अस्पताल के चिकित्सक, अधिकारी एवं स्टाफ उपस्थित रहे।
- -बलरामपुर की श्रीमती शशि को मिला पोषण और स्वास्थ्य जांच का सहारारायपुर। गर्भावस्था के दौरान माताओं को पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना प्रभावी साबित हो रही है। योजना के माध्यम से प्रदेश की हजारों महिलाओं को सहायता मिल रही है, जिससे सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा मिल रहा है।इसी कड़ी में बलरामपुर जिले के विकासखंड राजपुर अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र कोडाकुपारा की निवासी श्रीमती शशि को योजना से बड़ी राहत मिली। सीमित आय वाले परिवार से संबंध रखने वाली श्रीमती शशी के लिए गर्भावस्था के दौरान पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करना आसान नहीं था। मजदूरी पर निर्भर रहने के कारण अतिरिक्त खर्च की चिंता बनी रहती थी।प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत उन्हें कुल 5000 रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई, जिसमें पहली किश्त के रूप में 3000 रुपये और दूसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये उनके खाते में जमा किए गए। इस सहायता राशि से उन्होंने पौष्टिक आहार लिया और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन और बेहतर देखभाल के परिणामस्वरूप उन्होंने एक स्वस्थ बालिका को जन्म दिया, जिसका जन्म के समय वजन 2.8 किलोग्राम रहा। वर्तमान में नियमित स्तनपान और संतुलित देखभाल से शिशु का विकास स्वस्थ रूप से हो रहा है और परिवार में खुशी का माहौल है।प्रदेश में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि फरवरी 2026 की स्टेट-वाइज राष्ट्रीय रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने बड़े राज्यों की श्रेणी में देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। जारी आंकड़ों के अनुसार राज्य ने 93.37 प्रतिशत नामांकन, 83.87 प्रतिशत स्वीकृति दर और 93.95 प्रतिशत शिकायतों के त्वरित समाधान के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक राज्य में 1 लाख 86 हजार 586 गर्भवती महिलाओं का पंजीयन किया जा चुका है और 72 करोड़ 24 लाख 89 हजार रुपये की राशि सीधे हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है।
- जगदलपुर। बस्तर जिले की बेटियों को भविष्य की गंभीर बीमारियों से सुरक्षित करने की दिशा में सोमवार को एक ऐतिहासिक और आधुनिक अध्याय जुड़ गया। जिला चिकित्सालय महारानी अस्पताल में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। शहर के प्रथम नागरिक और महापौर श्री संजय पांडेय ने मुख्य अतिथि के रूप में इस अभियान की शुरुआत की, जहाँ कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के कुशल मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम ने इस मिशन को धरातल पर क्रियान्वयन शुरू किया। यह अभियान न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि तकनीकी रूप से भी बेहद उन्नत है, क्योंकि इसमें यू-विन पोर्टल का व्यापक उपयोग किया जा रहा है।इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह और किशोरियों को संबोधित करते हुए महापौर श्री संजय पांडेय ने कहा कि यह दिन बस्तर की बेटियों के उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव का यह टीका बाजार में महंगा है, इसके बावजूद बेटियों के अनमोल स्वास्थ्य की रक्षा हेतु शासन द्वारा इसे पूरी तरह से निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि यह टीका हमारी बेटियों के लिए एक अभेद्य सुरक्षा कवच है क्योंकि सरकार और प्रशासन का लक्ष्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि बीमारी को जड़ से रोकना है। महापौर ने सभी अभिभावकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे अपनी 14 से 15 वर्ष की बेटियों का टीकाकरण अवश्य कराएं, क्योंकि यह न केवल एक स्वास्थ्य अभियान है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक डिजिटल क्रांति भी है, जहाँ टीकाकरण के तुरंत बाद उन्हें ई-सर्टिफिकेट प्राप्त हो रहा है। उन्होंने शासन के इस महत्वपूर्ण योजना की जानकारी घर-घर तक उपलब्ध कराने पर जोर दिया।शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान किशोरियों का सफलतापूर्वक टीकाकरण किया गया, जिसमें पूरी प्रक्रिया का डिजिटल प्रबंधन यू-विन पोर्टल के माध्यम से किया गया। पंजीकरण से लेकर टीकाकरण के पश्चात डिजिटल ई-सर्टिफिकेट प्रदान करने तक की पारदर्शी व्यवस्था ने इस अभियान को और भी प्रभावी बना दिया है। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने इस मिशन की गंभीरता को और पुख्ता किया। कार्यक्रम में नगर निगम सभापति श्री खेमसिंह देवांगन, महापौर परिषद के सदस्य श्री निर्मल पाणीग्राही, पार्षद स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. महेश सांडिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक, सिविल सर्जन डॉ. संजय प्रसाद, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रीना लक्ष्मी, शहरी स्वास्थ्य मिशन के पीडी बस्तिया मौजूद रहे। साथ ही अन्य समर्पित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं पैरामेडिकल कर्मचारियों की देखरेख में टीकाकरण प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हुई। प्रशासन का अब यह साझा संकल्प है कि जिले की हर पात्र किशोरी तक इस जीवन रक्षक और बहुमूल्य टीके को पहुँचाकर बस्तर की बेटियों को सर्वाइकल कैंसर मुक्त बनाया जाए।
- -ग्राम मटका की ज्योति वैष्णव बनीं ‘लखपति दीदी’रायपुर । मेहनत, आत्मविश्वास और सही मार्गदर्शन मिलने पर साधारण परिस्थितियों में जी रही महिलाएं भी सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती हैं। कबीरधाम जिले के जनपद पंचायत कवर्धा अंतर्गत ग्राम मटका की निवासी श्रीमती ज्योति वैष्णव ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर दोना-पत्तल निर्माण का व्यवसाय शुरू किया और आज अपने परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि स्व-सहायता समूह से जुड़कर महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकती हैं।श्रीमती ज्योति वैष्णव पहले गांव में मजदूरी का कार्य करती थीं। परिवार की आय का कोई स्थायी साधन नहीं होने के कारण उन्हें कई प्रकार की आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और घर के खर्च को संभालना भी मुश्किल हो जाता था। इसी दौरान उन्हें गांव में संचालित “जय माँ वैभव लक्ष्मी महिला स्व-सहायता समूह” के बारे में जानकारी मिली। समूह की गतिविधियों और महिलाओं को मिल रहे आर्थिक अवसरों को देखकर उन्होंने समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने नियमित बचत करना शुरू किया और आजीविका गतिविधियों के लिए उन्हें विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता भी मिली। समूह को चक्रीय निधि के रूप में 4 हजार रुपये तथा सामुदायिक निवेश कोष के रूप में 15 हजार रुपये की सहायता प्राप्त हुई। इसके अलावा बैंक से 1 लाख ऋण सुविधा मिलने से उन्हें स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिला।ज्योति वैष्णव ने प्राप्त राशि का उपयोग करते हुए दोना-पत्तल निर्माण और किराना दुकान का कार्य शुरू किया। आज दोना-पत्तल निर्माण उनका प्रमुख व्यवसाय बन चुका है। धीरे-धीरे उनका व्यवसाय बढ़ने लगा और गांव के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी उनके उत्पादों की मांग बढ़ गई। मेहनत और लगन के बल पर उन्होंने अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया। समूह से जुड़ने से पहले उनके परिवार की आय सीमित थी, लेकिन आज उनके परिवार की वार्षिक आय में वृद्धि हुई है। खेती, दोना-पत्तल निर्माण, किराना दुकान और मजदूरी जैसे विभिन्न स्रोतों से उनकी कुल वार्षिक आय लगभग 1 लाख 35 हजार रुपये तक पहुंच गई है। ज्योति वैष्णव बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अब उन्हें अपने व्यवसाय के साथ-साथ परिवार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। आत्मविश्वास बढ़ा है और गांव में उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। आज श्रीमती ज्योति वैष्णव न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी श्री रामजीवन देवांगन ने आज माना कैम्प, रायपुर स्थित कार्यालय में राज्य आयुक्त दिव्यांगजन, छत्तीसगढ़ के पद का कार्यभार ग्रहण किया।श्री देवांगन न्यायिक क्षेत्र में लंबे समय तक विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं और उन्हें प्रशासनिक तथा न्यायिक कार्यों का व्यापक अनुभव है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने न्यायिक दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करते हुए न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात श्री देवांगन ने कहा कि राज्य में दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा, सम्मान और उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा तथा दिव्यांगजनों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाएगा।उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए राज्य आयुक्त कार्यालय सक्रिय रूप से कार्य करेगा। साथ ही दिव्यांगजनों से प्राप्त शिकायतों और समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए भी विशेष पहल की जाएगी।कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात श्री देवांगन ने छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव तथा संचालक समाज कल्याण श्रीमती रोक्तिमा यादव से भेंट कर दिव्यांगजन हित से संबंधित योजनाओं और विभागीय गतिविधियों पर चर्चा की। इस अवसर पर कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व में दिव्यांगजन हित से जुड़े कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने का विश्वास व्यक्त किया।
- -चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने मुख्यमंत्री का सम्मान कर जताया आभार-छत्तीसगढ़ को मिली डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट, लोगों को मिलेगा बेहतर इलाज का लाभ--चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने मुख्यमंत्री का सम्मान कर जताया आभाररायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने सौजन्य मुलाकात की और प्रदेश को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट मिलने पर उनका आभार व्यक्त किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारी सरकार लगातार प्राथमिकता के साथ बेहतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेशवासियों को सहज और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, जिसमें लगभग 100 से 150 सीटें थीं। आज प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 14 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं, जिनमें लगभग 1400 सीटें उपलब्ध हैं। इसके साथ ही फिजियोथेरेपी, नर्सिंग सहित अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थान भी स्थापित हुए हैं, जिनका लाभ प्रदेश के विद्यार्थियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में मेडिको सिटी की स्थापना की जा रही है, जहां बड़े-बड़े सुपरस्पेशलिटी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के लोगों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट प्रदान किए जाने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रति भी आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर श्री तुलसी कौशिक, डॉ. देवेंद्र कश्यप सहित जूडो और मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।















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