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बिलासपुर/आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों हेतु पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कक्षा 12वीं से उच्चतर) के लिए ऑनलाइन आवेदन, स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। पात्र विद्यार्थी विभाग की वेबसाइट https://postmatric-scholarship.cg.nic.in/ पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग बिलासपुर ने बताया कि जिले के शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, मेडिकल, नर्सिंग, आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ दिया जाएगा। छात्रवृत्ति पोर्टल नवीनीकरण आवेदन के लिए 20 जून 2026 तथा नवीन आवेदन के लिए 1 अगस्त 2026 से प्रारंभ किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नवीनकरण आवेदन 30 जून, 30 सितंबर, 30 नवंबर एवं 30 दिसंबर 2026 तक तथा नवीन आवेदन 30 अगस्त, 30 सितंबर, 30 अक्टूबर एवं 30 दिसंबर 2026 तक किए जा सकेंगे। छात्रवृत्ति की राशि पात्र विद्यार्थियों के आधार सीडेड बैंक खातों में पीएफएमएस के माध्यम से सीधे जमा की जाएगी।विभाग ने विद्यार्थियों से आवेदन करते समय सक्रिय एवं आधार से जुड़े बैंक खाते की जानकारी दर्ज करने तथा आवश्यक दस्तावेज जैसे आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र एवं पिछली परीक्षा की अंकसूची संलग्न करने की अपील की है। वर्ष 2025-26 से संबंधित विद्यार्थियों के लिए एनएसपी पोर्टल पर ओटीआर (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) प्राप्त करना भी आवश्यक होगा। साथ ही नवीन संस्थाओं के संस्था प्रमुख एवं छात्रवृत्ति प्रभारी का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य किया गया है। - -नियद नेल्लानार मॉडल का राज्यव्यापी विस्तार: 23 जिलों में 31 जनकल्याणकारी योजनाओं का होगा संतृप्तिकरण’-तकनीक आधारित निगरानी, विभागीय अभिसरण और जन-केंद्रित सेवा प्रदाय से मजबूत होगा विकसित छत्तीसगढ़ का आधार-जन-जन तक सुशासन, घर-घर तक विकास: सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान होगा प्रारंभ-जनकल्याणकारी योजनाओं के संतृप्तिकरण का प्रदेशव्यापी अभियान: सुघ्घर छत्तीसगढ़रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने और प्रत्येक पात्र परिवार को शासन की योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। इसी उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। यह अभियान प्रदेश के 23 जिलों में 31 प्रमुख हितग्राहीमूलक योजनाओं के संतृप्तिकरण का व्यापक कार्यक्रम होगा, जिसके माध्यम से योजनाओं की पहुंच, प्रभावशीलता और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आधार केवल अधोसंरचना का विकास नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार तक शासन की योजनाओं की प्रभावी और समयबद्ध पहुंच सुनिश्चित करना है। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं संचालित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनके सकारात्मक परिणाम प्रत्येक परिवार के जीवन में दिखाई दें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता ऐसी शासन व्यवस्था स्थापित करना है, जिसमें नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए अनावश्यक भटकना न पड़े, बल्कि शासन स्वयं पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे और उन्हें योजनाओं से जोड़े। 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' इसी सोच का विस्तार है।वर्ष 2024 से बस्तर संभाग में संचालित ’नियद नेल्लानार' योजना ने शासन और जनता के बीच विश्वास का नया सेतु निर्मित किया है।अभिसरण आधारित सेवा प्रदाय के माध्यम से इस योजना ने दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में शासन की उपस्थिति को मजबूत किया तथा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की। योजना की सफलता को देखते हुए इसे नियद नेल्लानार 2.0 के रूप में 10 जिलों तक विस्तारित किया गया। अब इसी सफल मॉडल को प्रदेश के शेष 23 जिलों में लागू करते हुए सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान प्रारंभ किया जा रहा है।यह अभियान रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभाग के 23 जिलों में संचालित होगा और ग्रामीण परिवारों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य करेगा। सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान अंतर्गत रायपुर संभाग के रायपुर, बलौदाबाजार- भाटापारा, धमतरी एवं महासमुंद जिले; बिलासपुर संभाग के बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर- चांपा, मुंगेली, रायगढ़, सक्ती, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले; दुर्ग संभाग के दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम (कवर्धा) एवं राजनांदगांव जिले तथा सरगुजा संभाग के सरगुजा, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, जशपुर एवं मनेंद्रगढ़- चिरमिरी-भरतपुर जिले शामिल हैं।सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान का मूल उद्देश्य विभिन्न विभागों की योजनाओं को एक साझा मंच पर लाकर पात्र हितग्राहियों तक उनका शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करना है। सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान विभिन्न विभागों के बीच अभिसरण स्थापित करते हुए एक ऐसी व्यवस्था विकसित करेगा, जिसमें योजनाओं की जानकारी, पात्रता, प्रगति और संतृप्तिकरण की स्थिति एकीकृत रूप से उपलब्ध होगी।अभियान के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा, आवास, रोजगार, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कृषि, कौशल विकास तथा बुनियादी नागरिक सेवाओं से जुड़ी 31 प्रमुख योजनाओं को शामिल किया गया है। इनमें मनरेगा जॉब कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, जल जीवन मिशन, राशन कार्ड एवं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, आयुष्मान भारत योजना, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जननी सुरक्षा योजना, मिशन इंद्रधनुष, महतारी वंदन योजना, जन-धन योजना, कौशल विकास योजनाएं, श्रम कार्ड, वनाधिकार पट्टा, आधार कार्ड तथा विभिन्न प्रमाण-पत्र सेवाएं शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य परिवारों को सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और जीवन स्तर में सुधार के अवसर उपलब्ध कराना है।अभियान की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था होगी। छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (CHiPS) द्वारा एक एकीकृत 'सुघ्घर छत्तीसगढ़ डैशबोर्ड' विकसित किया जाएगा। यह डैशबोर्ड राज्य, संभाग, जिला, विकासखंड, ग्राम पंचायत और ग्राम स्तर तक योजनाओं की प्रगति को रियल-टाइम में प्रस्तुत करेगा। डैशबोर्ड पर प्रत्येक योजना की संतृप्तिकरण स्थिति, शेष हितग्राहियों की संख्या तथा प्रगति का प्रतिशत उपलब्ध रहेगा। इससे निर्णय प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनेगी।अभियान का क्रियान्वयन सुव्यवस्थित रूप से तीन चरणों में किया जाएगा।पहले चरण में ग्रामवार आधारभूत सर्वेक्षण एवं डेटा मानचित्रण किया जाएगा। PDS डेटाबेस और विभागीय आंकड़ों के आधार पर संभावित परिवारों की पहचान कर योजनावार बेसलाइन तैयार की जाएगी। दूसरे चरण में ग्राम, क्लस्टर एवं विकासखंड स्तर पर विशेष संतृप्तिकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा तथा आवश्यक दस्तावेजों एवं सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। तीसरे चरण में सतत निगरानी, समीक्षा और मूल्यांकन की प्रक्रिया के माध्यम से योजनाओं की प्रगति का आकलन किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। जिला कलेक्टर जिला स्तरीय क्रियान्वयन के प्रमुख अधिकारी होंगे और आधारभूत सर्वेक्षण, शिविरों के आयोजन तथा संतृप्तिकरण की संपूर्ण प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। संभागायुक्त संभाग स्तर पर त्रैमासिक समीक्षा करेंगे, जबकि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति अभियान की प्रगति का नियमित मूल्यांकन करेगी। सुघ्घर छत्तीसगढ़ एक अभिसरण आधारित कार्यक्रम है। इसके लिए पृथक बजट शीर्ष निर्मित करने की आवश्यकता नहीं होगी। संबंधित विभाग अपनी स्वीकृत योजनागत निधियों का उपयोग करेंगे। इसके अतिरिक्त CSR, जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) तथा अन्य संस्थागत स्रोतों के माध्यम से भी आवश्यक संसाधनों का अभिसरण किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुघ्घर छत्तीसगढ़ नागरिक-केंद्रित सुशासन की एक व्यापक पहल है। इसका उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक विकास, सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि के अवसरों की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जब शासन की प्रत्येक योजना अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी, जब प्रत्येक पात्र परिवार योजनाओं के लाभ से जुड़कर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अनुभव करेगा, तभी सच्चे अर्थों में सुघ्घर छत्तीसगढ़ और विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प साकार होगा। यह अभियान प्रदेश में सुशासन के नए मानक स्थापित करते हुए विकास की यात्रा को और अधिक समावेशी, प्रभावी और जन-केंद्रित बनाएगा।
- -छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था, किसान हितैषी योजनाओं और कृषि विकास मॉडल का किया अध्ययन-छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था की प्रतिनिधिमंडल ने की सराहनारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था, किसानों के हित में संचालित योजनाओं, कृषि क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है और यहां की बड़ी आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को बस्तर की समृद्ध आदिवासी कला एवं संस्कृति के प्रतीक बस्तर आर्ट का स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और राज्य सरकार किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं। छत्तीसगढ़ में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के साथ-साथ कृषि निवेश में सहायता, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक तकनीकों का उपयोग और फसल विविधीकरण को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष में लगभग 141 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है, जो देश में धान खरीदी के सबसे बड़े अभियानों में से एक है। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में लगभग 2700 धान उपार्जन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित तरीके से धान की खरीदी की जाती है। धान के सुरक्षित भंडारण के लिए संग्रहण केंद्रों और गोदामों का व्यापक नेटवर्क विकसित किया गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए पंजीयन से लेकर धान तौल, परिवहन और भुगतान तक की प्रक्रिया को तकनीक आधारित और सरल बनाया गया है। किसानों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के साथ ही विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री ने कृषक उन्नति योजना सहित राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार खेती को अधिक लाभकारी बनाने तथा किसानों की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आमदनी में वृद्धि हो रही है।चर्चा के दौरान महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बताया कि छत्तीसगढ़ से लगे महाराष्ट्र के चार जिलों में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था, किसानों को मिलने वाला समर्थन और प्रशासनिक प्रबंधन अत्यंत प्रभावी एवं अनुकरणीय है। राज्य में किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य उपलब्ध कराने तथा खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए किए गए प्रयास सराहनीय हैं। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि छत्तीसगढ़ का धान खरीदी मॉडल किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण का सफल उदाहरण है। उन्होंने इस मॉडल के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर महाराष्ट्र के धान उत्पादक क्षेत्रों में भी ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाने की बात कही।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्यों के बीच अनुभवों और सफल मॉडलों का आदान-प्रदान देश के कृषि क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण से राज्यों को एक-दूसरे के सफल अनुभवों से सीखने और उन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अपनाने का अवसर मिलता है। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, महाराष्ट्र के विधायक डॉ. परिणय फुके, श्री विनोद अग्रवाल, श्री राजू कारेमोरे एवं श्री संजय पुराम, छत्तीसगढ़ मार्कफेड के अध्यक्ष श्री शशिकांत द्विवेदी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री संजय अग्रवाल को छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं गौरवशाली परंपरा का अभिन्न अंग है, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने प्रदेश में योग को जन-जन तक पहुंचाने तथा युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को योग से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। मुलाकात के दौरान योग के संवर्धन तथा प्रदेश में योग संबंधी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री अग्रवाल के नेतृत्व में प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार, जनजागरूकता तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के प्रयासों को नई गति मिलेगी।
- मुंगेली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे विशेष जनसंपर्क अभियान के तहत केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू ने मुंगेली नगर के विशिष्ट एवं वरिष्ठ नागरिकों से सौजन्य भेंट कर जनसंपर्क किया।इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री ने केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और विभिन्न उपलब्धियों की जानकारी देते हुए नागरिकों से संवाद स्थापित किया। उन्होंने सरकार की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और जनसहभागिता बढ़ाने पर भी जोर दिया।जनसंपर्क अभियान के तहत पूर्व प्राचार्य एवं वरिष्ठ नागरिक पदाधिकारी डी.के. सोलंकी, वरिष्ठ नागरिक संगठन के पदाधिकारी प्रमोद पाठक, लवबीर गुप्ता, रामसहाय श्रीवास्तव, स्वर्गीय जानकी दास वैष्णव के परिजनों, मिलालाल कुलमित्र, ज्योतिषाचार्य पंडित दीनानाथ उपाध्याय, जैन समाज के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ व्यवसायी अनूप चंद बैद, प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. संजय अग्रवाल एवं डॉ. सुषमा अग्रवाल, महामाई मंदिर के पुजारी भरतनाथ जोगी तथा कमल कोठारी से मुलाकात की गई।इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने महामाई मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना भी की।जनसंपर्क अभियान में भाजपा जिला अध्यक्ष दीनानाथ केशरवानी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य शैलेष पाठक, जिला उपाध्यक्ष सुनील पाठक, वरिष्ठ नेता संजय वर्मा सहित भारतीय जनता पार्टी के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- -माॅ के साथ भावुकता पूर्ण व्यवहार करने लच्छनी के बेटे-बहु को दी सलाहमहासमुंद / नालसा द्वारा चलाए जा रहे अभियान ’’करूणा’’ तथा वृद्धजनों के लिए विशेष अभियान वरिष्ठजन अधिकार सशक्तिकरण और गरिमा एवं न्याय तक उनकी पहुच पर अधारित अभियान चलाया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रभारी सचिव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री चेतना ठाकुर उक्त अभियान को प्रभावी बनाने तथा वरिष्ठजनों के अधिकार, संरक्षण एवं उनकी गरिमा व महत्वों की जानकारी के संबंध में विगत दिनों विधिक जागरूकता शिविर आयोजित कर उपस्थित वरिष्ठजनों के साथ चर्चा भी किया गया। इस दौरान सभी वरिष्ठजनों के बारे में आश्रम में आने के कारण, पुत्रों एवं निवास व संपत्ति के संबंध में जानकारी ली गई। तभी वहा मौजूद पिथौरा थानांर्गत ग्राम सेवईया निवासी लच्छनी बाई द्वारा अपने और अपने पुत्रों के बारे में बताया। विदित है कि 70 वर्षाीय लच्छनी बाई विगत दो-तीन वर्षो से आशियाना वृद्धाश्रम में रह रही है। लच्छनी बाई का कहना है कि उनके तीन पुत्र है। पहले घर परिवार अच्छे से चल रहा था। तीनों पुत्रों के साथ अनबन होने के कारण घर का महौल खराब हो गया, जिससे वह परेशान थी। तब वह स्वयं घर में ना रहने व कही निकल जाने का निर्णय लिया। कुछ दिन बाद लच्छनी बाई घर से निकल गया और किसी माध्यम से आश्रम के बारे में पता चलने पर वहां पहुंच गया।उक्त संबंध में जब प्राधिकरण की प्रभारी सचिव को जानकारी हुई तो तत्परता पूर्वक आरक्षी केन्द्र में पदस्थ अधिकार मित्र जितेन्द्र पटेल द्वारा उनके बताए हुए पते पर उनके पुत्रों की पतासाजी कर प्राधिकरण के कार्यालय में उपस्थित होने की सूचना दी गई। उपस्थिति उपरांत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रभारी सचिव सुश्री चेतना ठाकुर द्वारा लच्छनी बाई के पुत्र और पुत्रवधु को समझाइश देते हुए अपनी माॅ को वापस घर ले जाने तथा अच्छे से आलन-पालन व भावुकतापूर्ण व्यवहार करने की सलाह दी गई। इस प्रकार अब लच्छनी बाई के पुत्र-पुत्रवधु द्वारा उसे अच्छे से देखभाल करने हेतु वापस अपने साथ घर ले गया है। इस अवसर उसके पुत्र के साथ आए ठाकुर राम दीवान, अधिकार मित्र हरिचंद साहू, आशियाना वृद्धाश्रम से रूचि ठाकुर, भुमिका धु्रव, साध्या तांडी एवं लीगल एड डिफौस के स्टाफ खेलसिंग पटेल उपस्थित थे।
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- शासकीय योजनाओं में अच्छा कार्य करने वाले पंचायतों को 60 लाख रूपए की सौगात
- कलेक्टर ने सरपंचों से ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन और मूलभूत सुविधाओं के संबंध में ली प्रतिक्रिया
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव गुरुवार को डोंगरगांव जनपद पंचायत के सभाकक्ष में ग्राम पंचायतों के सरपंचों एवं सचिवों के साथ बैठक कर शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह उपस्थित रही। कलेक्टर ने शासन की विभिन्न योजनाओं, निर्माण कार्यों, मनरेगा, स्वच्छता अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, फसल चक्र परिवर्तन तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि ग्राम पंचायते शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और ग्रामीण विकास में सरपंचों एवं सचिवों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सरपंचों से ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित योजनाओं, मूलभूत सुविधाओं तथा स्थानीय समस्याओं के संबंध में जानकारी लेते हुए उनके सुझाव एवं प्रतिक्रिया ली। जिन ग्राम पंचायतों द्वारा शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट कार्य किया जाएगा, उन्हें मूलभूत सुविधाओं एवं विकास कार्यों के लिए 60 लाख रूपए तक की स्वीकृति प्रदान की जाएगी। उन्होंने नाली निर्माण, स्कूलों में निर्मित शौचालयों की मरम्मत एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही स्कूलों में नए शौचालयों की आवश्यकता का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा स्वच्छता अभियान के अंतर्गत माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए टैक्स संग्रहण बढ़ाने तथा सामुदायिक भवनों एवं व्यावसायिक परिसरों के निर्माण जैसे आय सृजन के उपाय अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इन परिसंपत्तियों से प्राप्त किराया पंचायतों की नियमित आय का स्रोत बन सकता है। समर्थ पोर्टल के माध्यम से कर वसूली को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए उन्होंने बताया कि सर्वाधिक कर मांग ऑनलाइन जनरेट करने वाली ग्राम पंचायत कोकपुर एवं अर्जुनी के सरपंचों और सचिवों ने उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने उन्हें बधाई देते हुए अन्य पंचायतों को भी इसी प्रकार कार्य करने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने सभी सरपंचों एवं सचिवों को ग्रामीणों को अधिक से अधिक संख्या में सोलर कनेक्शन स्थापित कराने के लिए प्रेरित करने तथा गांवों को सोलर विलेज के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। इस दौरान बताया गया कि ग्राम पंचायत अर्जुनी में योजना के अंतर्गत सर्वाधिक 43 सोलर कनेक्शन स्थापित किए गए हैं। कलेक्टर ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर ग्राम पंचायत अर्जुनी की सरपंच श्रीमती ललिता साहू को सम्मानित करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। साथ ही ग्राम पंचायत खुज्जी, तुमड़ीबोड़ एवं दीवानभेड़ी द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए किए गए प्रयासों की भी प्रशंसा की गई।
कलेक्टर ने सरपंचों से खेती-किसानी के संबंध में जानकारी ली। धान के स्थान पर दलहन, तिलहन एवं अन्य लाभकारी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फसल चक्र परिवर्तन से किसानों की लागत कम होगी और आय में वृद्धि होगी। इस दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्राम पंचायत खुज्जी के सरपंच श्री अजय कुमार पंसारी तथा ग्राम पंचायत बडग़ांव चारभांठा की सरपंच श्रीमती ज्योति साहू को सम्मानित किया। दोनों पंचायतों में किसानों को प्रेरित कर ग्रीष्मकालीन धान के रकबे को गत वर्ष की तुलना में शून्य कर अन्य फसलों की बुआई सुनिश्चित की गई है। कलेक्टर ने कहा कि सभी सरपंच एवं सचिव आपसी समन्वय और सक्रिय सहभागिता के साथ कार्य करें, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ समय पर प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंच सके और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिल सके। इस अवसर पर सीईओ जनपद पंचायत श्रीमती रोशनी भगत सहित सभी डोंगरगांव जनपद पंचायत के ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव उपस्थित थे। - -बिलासपुर जिले के 99,906 किसान परिवारों को मिलेंगे लगभग 19.98 करोड़ रुपये-कृषि विज्ञान केंद्र, सरकंडा में प्रधानमंत्री के संबोधन के लाइव प्रसारण की व्यवस्थाबिलासपुर/ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के अंतर्गत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की दिशा में 20 जून 2026 को 23वीं किस्त जारी की जाएगी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से दोपहर 3:45 बजे देशभर के पात्र किसानों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से राशि हस्तांतरित करेंगे।इस अवसर पर बिलासपुर जिले के 99 हजार 906 किसान परिवारों को लगभग 19 करोड़ 98 लाख रुपये की राशि प्राप्त होगी। यह सहायता खरीफ सीजन के दौरान किसानों को बीज, उर्वरक एवं अन्य कृषि आदानों की व्यवस्था करने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की सहायता तीन समान किस्तों में प्रदान की जाती है। प्रत्येक चार माह के अंतराल पर 2 हजार रुपये की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है। इससे पहले 22वीं किस्त मार्च 2026 में जारी की गई थी। योजना के सफल क्रियान्वयन एवं प्रधानमंत्री के संबोधन के लाइव प्रसारण के लिए कृषि विज्ञान केंद्र, सरकंडा में विशेष व्यवस्था की गई है। यहां जिले के किसान कार्यक्रम से जुड़कर प्रधानमंत्री का संबोधन सुन सकेंगे तथा योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी ई-केवाईसी, एग्रीस्टैक फार्मर्स आईडी, आधार सत्यापन तथा बैंक खाते की जानकारी अद्यतन रखें, ताकि किस्त की राशि प्राप्त करने में किसी प्रकार की समस्या न हो।
- बालोद। राष्ट्रीय स्तर पर संचालित “खेत बचाओ अभियान” अंतर्गत तथा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल के 12वें वर्ष के अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र बालोद में ’’प्राकृतिक एवं जैविक कृषि’’ विषय पर एक दिवसीय जिलास्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन तथा छत्तीसगढ़ महतारी एवं भगवान बलराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के विभिन्न विभागों तथा कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा स्टॉल प्रदर्शनी लगाई गई। जिसमें किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, प्राकृतिक एवं जैविक खेती से संबंधित विभिन्न अवयव, आधुनिक कृषि उपकरणों तथा विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के प्रारंभ में कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख डॉ. के. आर. साहू ने प्राकृतिक एवं जैविक कृषि तथा केंद्र में संचालित विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों से अवगत कराया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग के अध्यक्ष श्री प्रीतपाल बेलचंदन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक दुर्ग के उपाध्यक्ष श्री श्री नरेश यदु, कृषि स्थायी समिति के सभापति श्री तेजराम साहू, जनपद पंचायत बालोद की अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती टेमरिया, जनपद पंचायत गुरूर के उपाध्यक्ष श्री दुर्गानंद साहू सहित पूर्व विधायक श्री विरेन्द्र साहू, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री राकेश यादव, श्री चेमन देशमुख, श्री पवन साहू, श्री कृष्णकांत पवार, श्री सुरेन्द्र देशमुख, श्री पुष्पेन्द्र तिवारी, श्री प्रेम साहू, श्री कमलेश राजपूत, श्री दिनेश साहू, श्री पवन सोनबरसा एवं श्री आनंद प्रकाश मिरी आदि उपस्थित थे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग के अध्यक्ष श्री प्रीतपाल बेलचंदन ने प्राकृतिक खेती के महत्व को बताते हुए किसान भाईयों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस दौरान सभी अतिथियों ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती करने हेतु प्रोत्साहित किया और उसके महत्व के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती से प्राप्त उत्पादों का बाजार मूल्य सामान्य उत्पादों की अपेक्षा दो से तीन गुना अधिक प्राप्त होता है। वक्ताओं ने कहा कि मिट्टी हमारी मां के समान है तथा यदि हम उसकी रक्षा और सम्मान करेंगे तो वह हमें उत्तम उत्पादन के रूप में फल अवश्य देगी। कार्यक्रम में प्रीतपाल बेलचंदन एवं श्री नरेश यदु ने बताया कि जिले की 144 समितियों से जुड़े एक लाख से अधिक किसानों के माध्यम से इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है तथा प्रत्येक समिति द्वारा 100-100 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक एवं जैविक खेती का लक्ष्य निर्धारित किया जाना चाहिए। वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री पवन साहू ने किसानों से कम से कम 50-50 डिसमिल क्षेत्र में प्राकृतिक खेती अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। श्री चेमन देशमुख ने कहा कि वर्तमान समय में रासायनिक खेती से उत्पन्न कई उत्पाद स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सिद्ध हो रहे हैं, इसलिए कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव हेतु जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाना आवश्यक है।कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक श्री ए. आर. गौर ने प्राकृतिक खेती एवं जैविक खेती के मध्य अंतर स्पष्ट करते हुए प्राकृतिक खेती की अवधारणा और उसके लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके साथ ही प्राकृतिक खेती के मुख्य अवयव जैसे जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र, ब्रम्हास्त्र आदि बनाने तथा इनके उपयोग के संबंध में जानकारी दी। वैज्ञानिक डॉ. भिमेश्वरी साहू ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती में बीजोपचार की वैज्ञानिक विधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की विभिन्न समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी विशेषज्ञों द्वारा किया गया। उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केन्द्र बालोद के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें जिले भर के 1009 से अधिक किसानों की सहभागिता रही। इस अवसर पर जैविक खेती करने वाले किसानों का पुष्प एवं पौधा भेंट कर सम्मान किया गया। साथ ही किसानों को अरहर बीज का वितरण किया गया तथा मत्स्य विभाग द्वारा विभिन्न आदान सामग्रियों का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर अतिथियों का मोमेंटो, शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन कृषि विभाग के उपसंचालक श्री आशीष चंद्राकर ने किया। कार्यक्रम का सफल संचालन कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. के. आर. साहू, वैज्ञानिक डॉ. बलदेव अग्रवाल, श्री ए. आर. गौर, श्री सचिन कुमार, श्री गीतेश सिन्हा, डॉ. भिमेश्वरी साहू, डॉ. दीपशिखा मनु चंद्राकर एवं श्री विनोद कुमार द्वारा किया गया।
- बालोद । शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुरूर में संचालित कोपा व्यवसाय में सत्र 2026-27 के उपलब्ध सीटों में मेरिट सूची के प्रकाशन के उपरांत पात्र उम्मीदवार 23 से 25 जून 2026 तक प्रवेश ले सकते हैं। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुरूर के प्राचार्य ने बताया कि चयनित उम्मीदवार निर्धारित तिथि में अपने समस्त शैक्षणिक प्रमाण पत्र, ऑनलाइन रजिस्टेªशन काॅपी व अलॉटमेंट लेटर के साथ टी.सी., जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो व बैंक पासबुक आदि के मूल प्रति व 02 छायाप्रतियों के साथ संस्था में प्रवेश ले सकते है।
- - नगर निगम रायपुर के पहले महतारी सदन को संचालित करने वाले महाराष्ट्र मंडल का आयोजनरायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा वार्ड क्रमांक 21 शहीद भगत सिंह वार्ड टाटीबंध में निर्मित आधुनिक आंगनबाड़ी- प्ले स्कूल का विधिवत उद्घाटन शनिवार, 20 जून को सुबह 10 बजे किया जाएगा। 91 वर्षीय सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक संस्था महाराष्ट्र मंडल इसका संचालन करेगा। उद्घाटन समारोह भी मंडल की ओर से आयोजित किया जा रहा है।आधुनिक आंगनबाड़ी प्रभारी डॉ. शुचिता देशमुख ने बताया कि शनिवार को उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश मूणत होंगे। वहीं महापौर मीनल चौबे और शहीद भगत सिंह वार्ड की पार्षद गायत्री सुनील चंद्राकर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी। उद्घाटन समारोह की तैयारियां जारी हैं। 20 जून से मोहल्ले के बच्चों को वहां पढ़ना, खेलना, लघु व्यायाम, खाना आदि कार्य के साथ बच्चों में संस्कार रोपित करने की दिशा में भी कार्य किए जाएंगे। इसके लिए शासन के नियमानुसार रूपरेखा तैयार की जा रही है।बताते चलें कि तीन से छह साल के बच्चों के अभिभावक आवश्यक कागजात जमा करवा कर अपने बच्चों को टाटीबंध में आधुनिक आंगनबाड़ी में प्रवेश करवा रहे हैं। आंगनबाडी में बच्चों की गतिविधियां सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित की जाएंगी।
- -विद्यार्थियों को तनावमुक्त रखने और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए विशेषज्ञ परामर्श की व्यवस्थाबिलासपुर / नीट यूजी 2026 परीक्षा परिणाम एवं प्रवेश प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों में बढ़ते मानसिक तनाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर ने अभ्यर्थियों के लिए 24×7 मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन सेवा प्रारंभ की है। चिकित्सा शिक्षा आयुक्त, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार सिम्स के मनोरोग विभाग के माध्यम से यह विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे विद्यार्थियों को समय पर मनोवैज्ञानिक परामर्श और भावनात्मक सहयोग मिल सके। सिम्स अधिष्ठाता कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार मोबाइल नंबर 9425502353 को 18 जून 2026 से आगामी दो सप्ताह तक हेल्पलाइन नंबर के रूप में संचालित किया जाएगा। इस दौरान विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम, काउंसिलिंग, प्रवेश प्रक्रिया एवं भविष्य को लेकर होने वाली चिंता, तनाव, घबराहट अथवा अन्य मानसिक समस्याओं के संबंध में विशेषज्ञ चिकित्सकों से मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
- बालोद । प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में “विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” अभियान के अंतर्गत 18 जून से 20 जून तक आयोजित 03 दिवसीय वृहद पंजीकरण शिविर का शुभारंभ किया गया। शिविर का उद्देश्य केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा पात्र हितग्राहियों का पंजीयन एवं समस्याओं का त्वरित निराकरण करना है।कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व विधायक वीरेंद्र साहू, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन, एसडीएम प्रतिमा ठाकरे झा, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी, नगर पंचायत उपाध्यक्ष विजय सोनकर, मुख्य नगर पालिका अधिकारी कोमल ठाकुर, जनपद पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी, पार्षद पोषण बन्नूराम निषाद, संतोष नेताम, लोकेश्वरी शंकर यादव, रामबती सोनकर, हेमंत सोनकर, सुल्ताना तिगाला, सलीम खान, हेमलता सोहन सोनी, पूजा बिंझेकर, शैल महोबिया, फैज बख्श, सेवक महिपाल एवं रोमलाल यादव सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई तथा हितग्राहियों का पंजीयन किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को पोषण किट वितरित कर उनके स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक किया गया।इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रमोद जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ आज समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का मूल मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” है, जिसके माध्यम से देश आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर का लाभ उठाने और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने शिविर के सफल संचालन तथा अधिकाधिक हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने का संकल्प लिया।
- रेत एवं मिट्टी के अवैध परिवहन करते पाए जाने पर 03 वाहन को किया गया जप्तबालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। जिसके अंतर्गत खनिज विभाग के द्वारा 17 जून 2026 को गुरूर विकासखण्ड का औचक निरीक्षण किया गया। जिला खनि अधिकारी ने बताया कि खनिज विभाग द्वारा निरीक्षण के दौरान रेत एवं मिट्टी के अवैध परिवहन करते पाए जाने पर 02 हाइवा सीजी 08 बीडी 3887 एवं सीजी 08 एजे 0767 तथा 01 ट्रेक्टर मय ट्राॅली महिन्द्रा 475 डीआई को जप्त कर थाना/आरक्षी केन्द्र गुण्डरदेही व बालोद के अभिरक्षा में रखा गया है। प्रकरण में नियमानुसार खान व खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 के तहत कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी खनिज जांच दल द्वारा खनिज के अवैध परिवहन, उत्खनन व भण्डारणकर्ताओं के विरूध्द निरंतर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
- बालोद। शिक्षा सत्र 2026-27 हेतु कक्षा 12वीं से उच्चतर कक्षाओं के लिए ऑनलाइन' पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का पंजीयन की कार्यवाही वेबसाइट पोस्ट मैट्रिक-स्काॅलरशीप डाॅट सीजी डाॅट एनआईसी डाॅट इन पर की जाएगी। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों द्वारा ऑनलाइन' नवीनीकरण हेतु 30 जून तथा नवीन पंजीयन की अंतिम तिथि 30 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। उन्होेंने बताया कि विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति आवेदन नवीनीकरण के लिए 20 जून 2026 तथा नवीन पंजीयन हेतु 01 अगस्त 2026 से छात्रवृत्ति पोर्टल प्रारंभ किए जाएंगे। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को ऑनलाइन' आवेदन करते समय आधार सीडेड बैंक खाता नंबर की प्रविष्टि सुनिश्चित करने को कहा है। इसके साथ ही सत्र 2025-26 अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से एनएसपी पोर्टल से ओटीआर प्राप्त करना आवश्यक है। ओटीआर के संबंध में अधिक जानकारी छात्रवृत्ति पोर्टल से प्राप्त की जा सकती है।
- -दुर्लभ पांडुलिपियां सहेजने की दिशा में महासमुंद जिला अव्वलरायपुर। दुर्लभ पांडुलिपियों को सहेजने की दिशा में डिजिटलीकरण (Digitization) और वैज्ञानिक संरक्षण सबसे प्रभावी कदम हैं। भारत सरकार और राज्य के संस्कृति विभाग 'ज्ञान भारतम्' (ज्ञान भारत) जैसे अभियानों के तहत ताड़पत्रों और भोजपत्रों पर लिखे सैकड़ों वर्ष पुराने ग्रंथों को सहेजने का कार्य कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और बौद्धिक विरासत को सहेजने की दिशा में एक बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी हासिल हुई है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित ज्ञान भारतम् मिशन के तहत राज्य में चले तीन महीने के सघन सर्वेक्षण में कुल 11 हजार 808 दुर्लभ पांडुलिपियों का दस्तावेजीकरण किया गया है। 15 मार्च से 15 जून 2026 तक चले इस अभियान के जरिए सदियों पुराना प्राचीन ज्ञान अब डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित हो सकेगा।इस राज्यव्यापी सर्वेक्षण को छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग के समन्वय से ज्ञान भारतम् मोबाइल ऐप के जरिए पूरा किया गया। इस दौरान निजी संग्रहों, प्राचीन मंदिरों, आश्रमों और पारिवारिक धरोहरों में छिपी ताड़पत्र व कागज की अमूल्य पांडुलिपियां सामने आईं, जिनमें ताड़पत्रों की संख्या सर्वाधिक है।सर्वेक्षण के आंकड़ों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के विभिन्न अंचलों में साहित्य और ज्ञान की समृद्ध परंपरा बिखरी हुई थी। इसमें महासमुंद जिले से 3,498 पांडुलिपियों की संख्या सर्वाधिक के साथ राज्य में प्रथम स्थान पर रहा। रायपुर जिले में 1,770 पांडुलिपियां मिली, जिससे दूसरे स्थान पर रहा। बस्तर जिले में 1,610 पांडुलिपियों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। रायगढ़ जिले में 1,553 पांडुलिपियां पंजीबद्ध की गईं। इसके अलावा कोरबा, सारंगढ़-बिलाईगढ़, राजनांदगांव, मुंगेली और कोरिया जिलों से भी भारी मात्रा में दुर्लभ दस्तावेज मिले हैं।ज्ञान भारतम् मिशन के राज्य नोडल अधिकारी श्री प्रभात सिंह ने बताया कि इन पांडुलिपियों में धर्म, आध्यात्म, कर्मकांड, वैदिक चिकित्सा (आयुर्वेद), ज्योतिष, दर्शन, इतिहास तथा स्थापत्य कला से जुड़ी बहुमूल्य जानकारियां दर्ज हैं। जांच में पाया गया कि ताड़पत्रों पर मुख्य रूप से उड़िया भाषा और उड़िया लिपि का प्रयोग हुआ है, जबकि कागज पर लिखित पांडुलिपियों में देवनागरी लिपि के साथ ब्रज भाषा और अवधी भाषा देखने को मिलती है। यह विविधता छत्तीसगढ़ के प्राचीन सांस्कृतिक संपर्कों और ऐतिहासिक आदान-प्रदान को प्रमाणित करती है।प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ. रमेंद्रनाथ मिश्र ने इसे भारतीय ज्ञान परंपरा का पुनर्जागरण बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन द्वारा केवल इन पांडुलिपियों का पंजीयन और दस्तावेजीकरण किया गया है। ये दुर्लभ पांडुलिपियां मूल रूप से जिन व्यक्तियों या संस्थाओं की हैं, उन्हीं के पास सुरक्षित रहेंगी। इस रिकॉर्डिंग का उद्देश्य भविष्य में शोध और व्यवस्थित अध्ययन को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे विषय जिनके अब तक सिर्फ किस्से सुने जाते थे, उनके मूल दस्तावेज पहली बार दुनिया के सामने आए हैं।यह अभियान महज कागजों की गिनती नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता के बिखरे हुए ज्ञान को समेटने का एक बड़ा राष्ट्रीय अनुष्ठान है। जिस तरह इतिहास में नालंदा विश्वविद्यालय के नष्ट होने से ज्ञान का बड़ा भंडार खो गया था, यह मिशन वैसी ही विलुप्त हो रही ज्ञान परंपराओं को नया जीवन दे रहा है। इन 11 हजार 808 पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण आने वाली पीढ़ियों को उनके गौरवशाली अतीत से जोड़ेगा।
- -जहाँ जहां गए भूपेश तिहाँ तिहाँ कांग्रेस का बंटाधार - ठोकनेरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने ने कहा कि झारखण्ड में एनडीए समर्थित प्रत्याशी परिमल नथवानी की शानदार जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जनता का विश्वास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए के साथ है।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठोकने ने छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को इस ऐतिहासिक सफलता के लिए कोटि-कोटि बधाई देते हुए कहा कि यह चुनाव छत्तीसगढ़ के लिहाज से बेहद दिलचस्प था, क्योंकि यहाँ के दो धुर राजनीतिक चेहरे झारखण्ड में अपने-अपने दलों के प्रभारी के रूप में तैनात थे। एक तरफ भाजपा और एनडीए प्रत्याशी को जिताने की कमान उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा के हाथों में थी, तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी की नैया पार लगाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को मोर्चे पर उतारा था। नतीजों ने साफ कर दिया कि श्री शर्मा के कुशल नेतृत्व में एनडीए का कुनबा और मजबूत हुआ है और भूपेश के नेतृत्व में कांग्रेस का हर जगह बंटाधार हुआ हैं।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठोकने ने कहा कि भूपेश बघेल अपन नेता राहुल गांधी के पद चिह्नों पर सबसे तेज चल रहे हैं और विश्व ने जिस प्रकार राहुल गांधी के नाम पर 99 चुनाव हारने का कीर्तिमान हैं ठीक उसी परिपाटी का बखूबी पालन करते हुए भूपेश बघेल जब जब जहां जहां चुनाव प्रभारी बन कर गए तब तब तिहाँ तिहाँ कांग्रेस का बांधादार हुआ अर्थात चुनाव में करारी हार मिली। ठोकने ने भूपेश के चुनावी हार के ट्रैक रिकॉर्ड रिकॉर्ड को राहुल गांधी के समतुल्य बताते हुए उनकी सराहना की कहा अपने नेता का अनुशरण ऐसे ही किया जाता हैं। बघेल चाहे मुख्यमंत्री रहते हुए किसी राज्य में चुनाव प्रचार या प्रबंधन में गए हों, या फिर पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर; जहाँ-जहाँ उनके कदम पड़े हैं, वहाँ-वहाँ कांग्रेस का पूरी तरह से बंटाधार हुआ है। झारखण्ड के राज्यसभा चुनाव में भी कांग्रेस के प्रभारी के रूप में उन्हें सिर्फ और सिर्फ हार का सामना करना पड़ा है।श्री ठोकने ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस द्वारा जल्द ही आयोजित किए जाने वाले प्रशिक्षण शिविर (ट्रेनिंग कैंप) को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस को इस शिविर के एजेंडे में एक नया विषय समाहित कर 'लगातार चुनाव कैसे हारा जाता है' जोड़ना चाहिए और इस विषय पर क्लास लेने के लिए बघेल को मुख्य वक्ता बनाया जाए और राहुल गांधी आ रहे हैं तो उनका 99 चुनाव हारने का अनुभव भी साझा कर कार्यकर्ताओं और नेताओं का ज्ञानवर्धन करना चाहिए। बघेल अपने इस अनूठे 'अनुभव और हुनर' से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भली-भाँति अवगत करा सकते हैं कि मेहनत करके भी जीत को हार में कैसे बदला जाता है?
- रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने अपने सेवा और सुशासन के 12 वर्ष में देश के हर वर्ग को सशक्त बनाया है। भारतीय जनता पार्टी के सभी मोर्चों के प्रदेश अध्यक्षों ने कहा है कि विगत 12 वर्षों का यह कार्यकाल देश से गरीबी मिटाने और 25 करोड़ से अधिक लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकालने का साक्षी रहा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपए का मुफ्त स्वास्थ्य कवर और 80 करोड़ से अधिक नागरिकों को मुफ्त राशन ने देश के सामाजिक सुरक्षा ढाँचे को वैश्विक स्तर पर मिसाल बना दिया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज "विकसित भारत @2047" के संकल्प को सिद्ध करने के लिए तेज गति से आगे बढ़ रहा है।भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा ने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बना। आज देश में 2.2 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स हैं, जिन्होंने 23 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा किए हैं। 'प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना' और 'पीएम-सेतु' योजना (जिसके तहत 1,000 आईटीआईज के आधुनिकीकरण के लिए 60 हजार करोड़ रुपए आवंटित किए गए) के माध्यम से युवाओं को उद्योग-अनुकूल कौशल प्रदान किया गया। 'पीएम मुद्रा योजना' के तहत करोड़ों युवाओं को बिना गारंटी के लोन देकर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। 'रोजगार मेलों' के माध्यम से पारदर्शी तरीके से 12 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र सौंपे गए।भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने नारी शक्ति वंदन और आत्मनिर्भरता के जरिए महिला सशक्तीकरण की दिशा में किए गए कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पारित कर लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया। 'लखपति दीदी' योजना के माध्यम से 3 करोड़ से अधिक ग्रामीण महिलाओं को कुशल उद्यमी बनाया जा रहा है। साथ ही 'नमो ड्रोन दीदी' योजना से महिलाओं को कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया है। 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण कर महिलाओं को गरिमा दी गई। 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' के तहत 10 करोड़ से अधिक मुफ्त गैस कनेक्शन देकर महिलाओं को धुएँ से मुक्ति दिलाई गई। 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान से लिंगानुपात में सुधार आया और 'मातृ वंदना योजना' के जरिए गर्भवती महिलाओं को सीधे वित्तीय सहायता दी गई।भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आलोकसिंह ठाकुर ने कहा कि 'पीएम-किसान सम्मान निधि' के माध्यम से देश के 11 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में बिना किसी बिचौलिये के सीधे 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई। 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' ने किसानों की फसलों को प्राकृतिक आपदाओं के नुकसान से सुरक्षित किया। 'पीएम कृषि सिंचाई योजना', 'सॉइल हेल्थ कार्ड' और नीम कोटेड यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। साथ ही 1 लाख करोड़ रुपए के 'कृषि अवसंरचना कोष' से गाँवों में कोल्ड स्टोरेज और सप्लाई चेन को मजबूत किया गया।भाजपा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक साहू ने कहा कि मोदी सरकार ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देकर ओबीसी समाज के अधिकारों को सुरक्षित किया। केंद्रीय शिक्षा संस्थानों, नवोदय विद्यालयों, केंद्रीय विद्यालयों और चिकित्सा शिक्षा के अखिल भारतीय कोटे में ओबीसी वर्ग के छात्रों को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया गया। 'पीएम-विश्वकर्मा योजना' के तहत 13 हजार करोड़ रुपए के बजटीय प्रावधान के साथ ओबीसी वर्ग के पारंपरिक कारीगरों (लोहार, सुनार, कुम्हार, दर्जी आदि) को वित्तीय सहायता और आधुनिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण सिंह ने कहा कि आदिवासी कल्याण के बजट में ऐतिहासिक वृद्धि की गई। भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती को 'जनजातीय गौरव दिवस' के रूप में घोषित किया गया। विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के समग्र विकास के लिए 24 हजार करोड़ रुपए से अधिक की 'पीएम-जनमन' योजना शुरू की गई, जो सुदूर जंगलों में बुनियादी सुविधाएं पहुँचा रही है। आदिवासी युवाओं के लिए देश भर में 700 से अधिक एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की स्थापना की जा रही है। 'वन धन विकास केंद्रों' के माध्यम से वनोपज का सही मूल्य सुनिश्चित किया गया।भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सनम जांगड़े ने कहा कि 'स्टैंड-अप इंडिया' और 'वेंचर कैपिटल फंड फॉर शेड्यूल कास्ट' जैसी योजनाओं के माध्यम से अजा वर्ग के युवाओं को जॉब सीकर की जगह 'जॉब गिवर' (उद्यमी) बनाया गया। अजा छात्रों के लिए 'पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप' योजना को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाया गया, जिससे उच्च शिक्षा तक उनकी पहुँच आसान हुई। 'प्रधानमंत्री आवास योजना' और 'हर घर जल' (जल जीवन मिशन) के तहत सबसे अधिक लाभ अजा बहुल बस्तियों और परिवारों को मिला है।भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मखमूर इकबाल खान ने कहा कि 'तीन तलाक' जैसी कुप्रथा को कानूनी रूप से समाप्त कर मुस्लिम महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया गया। राष्ट्रीय छात्रवृत्ति' और 'सीखो और कमाओ' जैसी योजनाओं के माध्यम से अल्पसंख्यक युवाओं, विशेषकर युवतियों को शिक्षा और रोजगार से जोड़ा गया।
- -संकट की घड़ी में सहारा बना प्रशासन-त्वरित कार्रवाई से संभले हालात, क्षतिग्रस्त मकानों और सार्वजनिक संपत्तियों के पुनर्निर्माण का कार्य शुरूरायपुर। प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य एक महत्वपूर्ण और समन्वित प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य आपदा (बाढ़, भूकंप, चक्रवात) के दौरान जीवन बचाना, तत्काल सहायता प्रदान करना और प्रभावित समुदायों को फिर से अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद करना है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार सुकमा जिले में हाल ही में आए भीषण आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की घटना के बाद जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाई। प्राकृतिक आपदा की सूचना मिलते ही कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन में प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिए गए।राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के प्रावधानों के तहत आपदा प्रभावित नागरिकों को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाकर जिले के 474 प्रभावित हितग्राहियों को कुल 69 लाख 32 हजार 700 रुपये की राहत राशि वितरित की गई। सबसे अधिक प्रभावित तोंगपाल क्षेत्र के परिवारों को प्राथमिकता देते हुए लगभग 36 लाख रुपये की तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की गई, जिससे संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत मिली।आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार भ्रमण कर प्रभावित परिवारों की स्थिति का जायजा लिया। जनहानि और पशुधन हानि से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए गए। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी जरूरतमंद परिवार राहत और सहायता से वंचित न रहे। प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया गया कि संकट की इस घड़ी में शासन और प्रशासन उनके साथ खड़ा है। आंधी-तूफान से जिले में 1,407 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रशासन द्वारा क्षति का सर्वेक्षण कर पुनर्निर्माण और मरम्मत की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसके साथ ही लगभग 2.5 करोड़ रुपये मूल्य की क्षतिग्रस्त सार्वजनिक संपत्तियों के सुधार और बहाली के लिए भी आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, सतत निगरानी और मानवीय दृष्टिकोण के कारण प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन तेजी से सामान्य हो रहा है। राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि प्रभावित परिवार जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौट सकें। सुकमा जिला प्रशासन की यह पहल दर्शाती है कि आपदा की कठिन घड़ी में संवेदनशील शासन और त्वरित राहत व्यवस्था लोगों के लिए भरोसे और संबल का मजबूत आधार बन सकती है।
- रायपुर। पं. माधवराव सप्रे जयंती समारोह पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन महाराष्ट्र मंडल में शुक्रवार, 19 जून को शाम चार बजे होगा। इस अवसर पर ‘अनुस्वार’ दिल्ली के संपादक डॉ. संजीव कुमार को छत्तीसगढ़ मित्र पं. माधव राव सप्रे पत्रकारिता सम्मान 2026 से सम्मानित किया जाएगा। इसी तरह हिंदी साहित्य की सेवा कर रहे मराठी भाषी साहित्यकारों डॉ. साधना राहटगांवकर भिलाई, अनिल पुसदकर रायपुर, वरदा जोशी भिलाई, लतिका भावे रायपुर और प्रशांत कानस्कर भिलाई को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।पं. माधवराव सप्रे शोध केंद्र के सचिव डॉ. सुधीर शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा व विशेष अतिथि छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्र और वरिष्ठ साहित्यकार गिरीश पंकज होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता परदेशी राम वर्मा करेंगे। इस अवसर पर शकुंतला तरार लिखित ‘हॉं मैं अबूझमाड हूँ’ और डॉ. सुधीर शर्मा की पुस्तक ‘व्यक्तित्व विकास में पं. माधव राव सप्रे की भूमिका’ का विमोचन किया जाएगा।साहित्य समिति की अध्यक्ष कुमुद लाड के अनुसार महाराष्ट्र मंडल, छत्तीसगढ़ मित्र और छत्तीसगढ़ साहित्य व संस्कृति संस्थान रायपुर ने संयुक्त तत्वावधान में मंडल के य.गो. जोगलेकर स्मृति छत्रपति शिवाजी सभागृह में पं. माधव राव सप्रे जयंती समारोह आयोजित किया जाएगा। मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले व जय जोहार साहित्य व संस्कृति संस्थान की अध्यक्ष डॉ. सीमा निगम ने प्रबुद्ध जनों से कार्यक्रम में उपस्थित रहने का आग्रह किया है।
- रायपुर। नवीन शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ अवसर पर गुरुवार को दुर्ग के बघेरा हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि-विधायी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय में स्थापित स्मार्ट क्लास एवं प्रिंट रिच वातावरण का लोकार्पण कर विद्यार्थियों को आधुनिक, रचनात्मक एवं तकनीक आधारित शिक्षण सुविधाओं की सौगात दी।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री यादव ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीक, नवाचार और व्यवहारिक ज्ञान के माध्यम से विद्यार्थियों के समग्र विकास का आधार बन रही है। स्मार्ट क्लास के माध्यम से विद्यार्थियों को डिजिटल सामग्री, वीडियो, चित्र एवं इंटरैक्टिव शिक्षण संसाधनों का लाभ मिलेगा, जिससे अध्ययन अधिक सरल, रोचक एवं प्रभावी बनेगा। उन्होंने कहा कि विद्यालय में विकसित किया गया प्रिंट रिच वातावरण बच्चों में पढ़ने-लिखने की रुचि बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। कक्षा एवं विद्यालय परिसर में शैक्षणिक चार्ट, शब्द भंडार, प्रेरणादायी संदेश, भाषा एवं गणित आधारित सामग्री तथा ज्ञानवर्धक प्रदर्शनों के माध्यम से विद्यार्थियों को निरंतर सीखने का अवसर प्राप्त होगा। इससे उनकी भाषा दक्षता, रचनात्मकता एवं सीखने की क्षमता में सकारात्मक वृद्धि होगी।प्रवेश उत्सव के दौरान मंत्री श्री यादव दुर्ग विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में भी शामिल हुए। दुर्ग के सरदार वल्लभभाई पटेल प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल में उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं मिठाई खिलाकर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों एवं गणवेश का वितरण भी किया गया। उन्होंने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत बच्चों के जीवन में नए अवसरों और संभावनाओं का द्वार खोलती है तथा विद्यालय का सकारात्मक वातावरण उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन एवं सीखने की प्रेरणा विकसित करता है।प्रवेश उत्सव कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री गजेन्द्र यादव विद्यार्थियों के साथ प्रार्थना सभा में भी शामिल हुए। उन्होंने बच्चों के साथ राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, सरस्वती वंदना एवं गुरुमंत्र का सामूहिक उच्चारण किया। विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्होंने नियमित अध्ययन, अच्छे संस्कार, अनुशासित जीवनशैली तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी।मंत्री श्री यादव ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में सफलता प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार, संस्कारित एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले नागरिक तैयार करना है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को नवीन शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर श्री श्याम शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविन्द मिश्रा, पार्षद श्री ललित ढीमर, प्राचार्य श्री नितिन, प्राचार्य श्री बंछोर, शाला विकास समिति के सदस्य, शिक्षकगण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
- -कलेक्टर ने पैदल तय किया दुर्गम सफर, वनांचल के ग्रामीणों से किया सीधा संवाद-भिरसापारा और पालोडी में जानी योजनाओं की जमीनी हकीकत, राशन, स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल सुविधाओं का लिया जायजारायपुर। छत्तीसगढ़ में अबूझमाड़ और बीजापुर के अति-दुर्गम इलाकों में प्रशासन की ऐतिहासिक पहुंच हुई है, जहां इंद्रावती नदी को पार करके अधिकारी और स्वास्थ्य टीमें मूलभूत सुविधाएं, राशन और चिकित्सा सेवाएं ग्रामीणों तक पहुंचा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाने और ग्रामीणों की समस्याओं को मौके पर समझने के उद्देश्य से दंतेवाड़ा कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने विकासखंड गीदम के अतिदुर्गम वनांचल क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने ग्राम पंचायत गुमलनार के आश्रित ग्राम भिरसापारा और पालोडी पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं की जमीनी स्थिति का अवलोकन किया।कलेक्टर श्री ध्रुव अधिकारियों के साथ काउरगांव के बिंगूपारा से लगभग 6 से 8 किलोमीटर तक दुर्गम पहाड़ी और वन मार्गों से पैदल चलकर भिरसापारा पहुंचे। उनके इस दौरे ने ग्रामीणों में उत्साह और विश्वास का माहौल पैदा किया। गांव पहुंचने पर उन्होंने किसी औपचारिक बैठक के बजाय ग्रामीणों के बीच बैठकर आत्मीय चर्चा की और उनकी समस्याएं सुनीं।भिरसापारा में कलेक्टर ने ग्रामीणों से आवागमन, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, राशन वितरण तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए आवश्यक राशन सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। दौरे के दौरान कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर बच्चों को मिलने वाले पूरक पोषण आहार, शिक्षा गतिविधियों और अन्य सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मितानिनों और स्वास्थ्य कर्मियों से चर्चा कर गर्भवती महिलाओं की जांच, टीकाकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। भिरसापारा के बाद कलेक्टर पैदल यात्रा कर पालोडी पहुंचे। वहां भी उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। दौरे की विशेषता यह रही कि कलेक्टर ने दुर्गम रास्तों से पैदल यात्रा करते हुए वापसी में इंद्रावती नदी पार कर ग्राम पंचायत गुमलनार पहुंचकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी चर्चा की।ग्राम पंचायत गुमलनार की सरपंच श्रीमती मालती इस्तामी ने वर्षा ऋतु में इंद्रावती नदी के कारण आवागमन बाधित होने की समस्या से अवगत कराया। इस पर कलेक्टर ने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया। कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए अधिकारियों को नियमित रूप से दूरस्थ क्षेत्रों का दौरा कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायतों के माध्यम से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार और जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। यह दौरा केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासन और ग्रामीणों के बीच विश्वास, संवाद और सहभागिता को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ।
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-सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पात्रता जांच शुरू
रायपुर। समग्र शिक्षा के अंतर्गत संविदा व मानदेय पर कार्यरत 155 ब्लॉक रिसोर्स पर्सन (बीआरपी) और 85 विशेष शिक्षकों के दस्तावेजों का परीक्षण किया जाएगा। इसके लिए आगामी 22 एवं 23 जून 2026 को नवा रायपुर के अटल नगर स्थित इंद्रावती भवन के तृतीय तल (मीटिंग हॉल) में प्रातः 10 बजे से एक विशेष दस्तावेज़ सत्यापन शिविर का आयोजन किया गया है। माननीय सर्वाेच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्यवाही शुरू की है।दस्तावेजों के परीक्षण की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा संभागवार तिथियां निर्धारित की गई हैं। 22 जून 2026 को बिलासपुर, रायपुर एवं दुर्ग संभाग के अंतर्गत कार्यरत बीआरपी और विशेष शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच होगी। 23 जून 2026 को बस्तर एवं सरगुजा संभाग के बीआरपी और विशेष शिक्षकों के दस्तावेजों का सत्यापन प्रातः 10 बजे से इंद्रावती भवन, अटल नगर, नवा रायपुर स्थित मीटिंग हॉल (तृतीय तल) में किया जाएगा।लोक शिक्षण संचालनालय के उप संचालक श्री अशोक नारायण बंजारा ने बताया कि इस सत्यापन प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद केवल पात्र अभ्यर्थियों का पूरा विवरण स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राज्य स्तरीय स्क्रीनिंग समिति को भेजा जाएगा। इसके बाद यह समिति गहन परीक्षण कर उनकी नियुक्ति के संबंध में अंतिम और आवश्यक निर्णय लेगी।विभाग ने शिविर में शामिल होने वाले कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि सभी संबंधित बीआरपी और विशेष शिक्षकों को समग्र शिक्षा द्वारा जारी दस्तावेज़ सत्यापन प्रपत्र में सभी जानकारियां सावधानीपूर्वक भरनी होंगी। प्रपत्र के साथ आवश्यक मूल अभिलेखों की स्वप्रमाणित फोटोकॉपी संलग्न करना अनिवार्य है। सत्यापन के समय समिति के समक्ष सभी शैक्षणिक एवं अन्य योग्यताओं से संबंधित मूल प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। विभाग ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि यह दस्तावेज़ सत्यापन प्रक्रिया केवल समग्र शिक्षा के अंतर्गत वर्तमान में कार्यरत संविदा/मानदेय कर्मचारियों के लिए ही है। इनके अलावा किसी भी अन्य बाहरी अभ्यर्थी को इस शिविर या प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। - रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के माध्यम से हजयात्रा पर गए हजयात्रियों की सऊदी अरब से वतन वापसी प्रारंभ हो गई है। छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मिर्ज़ा एजाज़ बेग ने बताया है कि 18 जून को राज्य के 122 हाजियों की नागपुर सकुशल वापसी हुई है। हाजियों का पहला जत्था नागपुर एयरपोर्ट पर पहुंचा। श्री बेग ने बताया कि नागपुर एयरपोर्ट पर समस्त हाजियों को 5-5 लीटर मक्का का पवित्र जल श् आबे ज़म-ज़मश् प्रदान किया गया । नागपुर एयरपोर्ट पर हज कमेटी के चेयरमैन मिर्जा एजाज़ बेग सहित हज कमेटी के अन्य लोगों ने हाजियों का इस्तेकबाल किया और उनकी गुलपोशी की । सऊदी अरब से स्वदेश वापसी पर समस्त हाजियों के चेहरों पर सुकून और खुशी नज़र आई। हाजियों ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री माननीय विष्णुदेव साय जी , देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी और भारत सरकार द्वारा की गई बेहतर व्यवस्था हेतु आभार व्यक्त किया है। इस अवसर पर राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मिर्ज़ा एजाज़ बेग, सदस्य मौलाना अमीर बेग, मौलाना हसन अब्बास, हज कमेटी ऑफिस सहायक सैय्यद सलीम उपस्थित रहे।
- रायपुर ।किसानों के हित में केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए चना, मसूर और सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी की अवधि को 15 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। यह निर्णय प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के अंतर्गत प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSM) के तहत लिया गया है।यह महत्वपूर्ण फैसला गुरुवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित सभी राज्यों के कृषि मंत्रियों की उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में लिया गया। इस वर्चुअल बैठक में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व राज्य के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी तथा कृषि संचालक श्री राहुल देव ने किया।बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि किसानों को अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए। इस फैसले से उन किसानों को बड़ी राहत मिलेगी, जो किन्हीं कारणों से तय समय-सीमा के भीतर अपनी फसलों का विक्रय नहीं कर पाए थे। अब अतिरिक्त समय मिलने से किसान बाजार के उतार-चढ़ाव या कम दाम पर फसल बेचने की मजबूरी से बच सकेंगे और सीधे एमएसपी (MSP) का लाभ उठा पाएंगे।केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने प्रदेश के किसानों से विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि रबी फसलों के विक्रय की अवधि 15 दिन बढ़ा दी गई है। राज्य के सभी किसान भाई इस बढ़ी हुई समय-सीमा का अधिकतम लाभ उठाएं और अपनी निकटतम सहकारी समिति में जाकर चना, मसूर एवं सरसों का विक्रय सुनिश्चित करें।कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसानों को खरीदी प्रक्रिया या तिथि विस्तार के संबंध में कोई भी दुविधा या जानकारी चाहिए, तो वे सीधे अपनी स्थानीय सहकारी समिति के प्रबंधक से मिल सकते हैं। कृषि विभाग के मैदानी अमले (आरएईओ आदि) से सहायता ले सकते हैं। संबंधित जिले के उप संचालक कृषि (DDA) कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।केंद्र सरकार और राज्य सरकार का यह समन्वित कदम किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने, उनकी आय बढ़ाने और फसलों का सही मूल्य दिलाने की दिशा में बेहद अहम साबित होगा।








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