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- जल संरक्षण से लेकर सड़क, स्कूल, पंचायत भवन, आजीविका, कृषि, पशुपालन और आपदा प्रबंधन के कार्य शामिलछत्तीसगढ़ के बजट में 4 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को मिलेगा विस्ताररायपुर/छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास को रोजगार, आजीविका और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण से जोड़ने की दिशा में विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जीरामजी) का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। मिशन के अंतर्गत अनुमेय कार्यों की संख्या अब 318 से बढ़ाकर 375 कर दी गई है।उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने अनुमेय कार्यों की संख्या में वृद्धि पर हर्ष जताते हुए कहा कि वीबी-जीरामजी के अंतर्गत अनुमेय कार्यों की संख्या 318 से बढ़कर 375 होने से विकास कार्यों को गति प्राप्त होगी और ग्रामीण विकास सुदृढ होगा। छत्तीसगढ़ शासन ने मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 4 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रावधान का लाभ केवल मजदूरी भुगतान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके माध्यम से गांवों में ऐसी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा, जो आने वाले वर्षों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करेंगी।श्री शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए वीबी-जीरामजी के तहत 3,354.85 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन प्रदान किया गया है। मिशन के अंतर्गत अकुशल श्रमिकों की मजदूरी दर 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन की गई है। रोजगार के दिनों में वृद्धि, मजदूरी दर में सुधार और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण का यह समन्वय ग्रामीण परिवारों की आर्थिक सुरक्षा तथा गांवों के समग्र विकास को नई गति देगा।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत/2047 की परिकल्पना में गांवों को विकास की केंद्रीय इकाई के रूप में महत्व दिया है। वीबी-जीरामजी के माध्यम से रोजगार, आजीविका, जल संरक्षण, कृषि उत्पादकता, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अधोसंरचना को एक साथ जोड़ने का प्रयास इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन तथा केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में ग्रामीण विकास को नई दिशा मिली है।क्यूआर कोड से मिलेगी अनुमेय कार्यों की जानकारीउप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि वीबी-जीरामजी के अंतर्गत 375 अनुमेय कार्यों को 4 मुख्य श्रेणियों और 30 उप-श्रेणियों में व्यवस्थित किया गया है। इनमें 68 प्रकार के व्यक्तिगत कार्य, 99 प्रकार के मरम्मत एवं रखरखाव संबंधी कार्य तथा समूह और सामुदायिक उपयोगिता से जुड़े कार्य शामिल हैं। अनुमेय कार्यों की जानकारी प्रत्येक ग्रामीण तक आसानी से पहुंचे, इसके लिए राज्य में क्यूआर कोड भी जारी किया गया है, जिसके माध्यम से ग्रामीण अनुमेय कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।2027 तक हर बालिका के लिए स्कूलों में शौचालय का लक्ष्यवीबी-जीरामजी की कार्य-सूची में शासकीय विद्यालयों की अधोसंरचना को विशेष महत्व दिया गया है। विद्यालयों में शौचालयों की मरम्मत, अतिरिक्त कक्षों का निर्माण, प्रयोगशालाएं, रसोई शेड, परिसर की दीवार और खेल मैदान जैसे कार्य इसके अंतर्गत किए जा सकेंगे।इसी दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 26 जनवरी 2027 तक ग्रामीण क्षेत्रों के शासकीय विद्यालयों में 6,671 बालिका शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। यह पहल बालिकाओं की गरिमा, स्वच्छता और विद्यालयों में बेहतर सुविधाजनक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।हर गांव में मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय की दिशा में आगे बढ़ रहा राज्यग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक सामुदायिक अधोसंरचना के विस्तार के लिए राज्य सरकार द्वारा हर गांव में मुक्तिधाम निर्माण का संकल्प लिया गया है। 6,524 गांवों में प्रतीक्षालय सहित मुक्तिधाम के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। वीबी-जीरामजी में श्मशान घाट तथा अन्य सामुदायिक अधोसंरचना से संबंधित निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को भी अनुमेय बनाया गया है। इसके अतिरिक्त जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए राज्य के 10 हजार से अधिक बंद अथवा डिफंक्ट बोरवेलों में सैंड फिल्टर एवं रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण कराया जाएगा।जल सुरक्षा से लेकर भूजल पुनर्भरण तकअनुमेय कार्यों की पहली मुख्य श्रेणी में जल संरक्षण और जल सुरक्षा से जुड़े कार्य शामिल हैं। इनमें नहर, बाढ़ नियंत्रण चौनल, चेकडैम, गली प्लग, भूमिगत डाइक, तालाबों का पुनर्जीवन, परकोलेशन टैंक, रिचार्ज पिट और रिचार्ज शाफ्ट, इंजेक्शन वेल, सिंचाई कुएं, माइक्रो एवं ड्रिप सिंचाई चौनल, वाटरशेड भूमि का पुनरुद्धार, वनीकरण एवं पौधरोपण, मृदा-नमी संरक्षण तथा रूफटॉप वर्षाजल संचयन जैसे कार्य शामिल हैं।इन कार्यों से गांवों में जल संचयन क्षमता बढ़ाने, भूजल पुनर्भरण, सिंचाई सुविधा के विस्तार और कृषि भूमि की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। व्यक्तिगत और सामुदायिक दोनों स्तरों पर जल संरक्षण से जुड़ी संरचनाओं के निर्माण एवं रखरखाव को भी इसमें स्थान दिया गया है।सड़क, स्कूल, पंचायत भवन और स्वच्छता सहित मजबूत होगी ग्रामीण अधोसंरचनाकार्यों की दूसरी मुख्य श्रेणी में ग्रामीण अधोसंरचना से संबंधित है। इसमें ग्रामीण सड़कें, पुलिया एवं क्रॉस-ड्रेनेज संरचनाएं, ग्राम संपर्क सुविधाएं, ग्राम पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, ग्रामीण पुस्तकालय, सार्वजनिक भवन, स्कूल अधोसंरचना, रसोई शेड, अतिरिक्त कक्ष, प्रयोगशालाएं, स्कूल परिसर की दीवारें और खेल मैदान जैसे कार्य शामिल हैं।इसके साथ श्मशान घाट, कब्रिस्तान, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता परिसर, अपशिष्ट पृथक्करण एवं संग्रहण केंद्र, सौर प्रकाश व्यवस्था, बायोगैस प्लांट, पार्किंग एवं परिवहन शेड सहित अन्य सामुदायिक सुविधाओं के निर्माण और विकास को भी अनुमेय कार्यों में शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत अनुमेय ग्रामीण आवास कार्य तथा जल जीवन मिशन के तहत निर्मित जलापूर्ति परिसंपत्तियों की मरम्मत एवं रखरखाव भी इस श्रेणी में शामिल हैं।आजीविका के साथ स्थानीय स्तर पर आय के अवसरकार्यों की तीसरी मुख्य श्रेणी आजीविका संबंधी अधोसंरचना की है। इसके अंतर्गत प्रशिक्षण-सह-कौशल विकास केंद्र, स्वयं सहायता समूहों के लिए वर्कशेड, ग्रामीण हाट एवं साप्ताहिक बाजार, खाद्यान्न एवं कृषि उपज भंडारण, कोल्ड स्टोरेज, कृषि मूल्य श्रृंखला से जुड़ी संरचनाएं, स्वयं सहायता समूह एवं फेडरेशन स्तर के भवन, वर्मी कम्पोस्ट एवं नाडेप इकाइयां, सिल्विपास्चर, डेयरी एवं दुग्ध संग्रहण केंद्र, पशु आश्रय, मत्स्य पालन अधोसंरचना, नर्सरी एवं पौधरोपण तथा भवन निर्माण सामग्री के उत्पादन से जुड़े कार्य शामिल हैं।कृषि आधारित प्रसंस्करण को भी इस श्रेणी में स्थान दिया गया है। मिनी फ्लोर मिल, खाद्य प्रसंस्करण, तेल प्रसंस्करण, एकीकृत कृषि प्रसंस्करण, वन उत्पाद प्रसंस्करण, हस्तशिल्प प्रसंस्करण, जैव-अवक्रमणीय उत्पाद प्रसंस्करण तथा बांस शिल्प जैसी गतिविधियों के लिए अधोसंरचना विकसित की जा सकेगी। इससे स्थानीय संसाधनों के स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन की संभावनाएं बढ़ेंगी।महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमिता को मिलेगा आधारस्व-सहायता समूहों के लिए वर्कशेड और समूह स्तर की गतिविधियों के लिए अधोसंरचना को अनुमेय कार्यों में शामिल किए जाने से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों को आवश्यक स्थान और सुविधाएं उपलब्ध कराने के अवसर बढ़ेंगे। वर्मी कम्पोस्ट, नाडेप, नर्सरी, कृषि उत्पाद भंडारण, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन से जुड़ी परिसंपत्तियां ग्रामीण परिवारों के लिए आय के विविध स्रोत विकसित करने में सहायक होंगी।आपदा और चरम मौसम से निपटने के लिए भी होंगे कार्यचौथी मुख्य श्रेणी में अति विषम मौसमी घटनाओं के न्यूनीकरण और आपदा सजगता से संबंधित कार्य शामिल हैं। इनमें चक्रवात आश्रय, बाढ़ आश्रय, तटबंध, मिट्टी एवं गेबियन संरचनाएं, रिटेनिंग वॉल, बाढ़ सुरक्षा दीवार, लेवल बेंच टेरेस, अपलैंड बेंच टेरेस, स्थिरीकरण तालाब, आपदा के बाद ग्रामीण सड़कों एवं सामुदायिक परिसंपत्तियों का पुनर्स्थापन, विंडब्रेक एवं शेल्टरबेल्ट पौधरोपण तथा वन अग्नि प्रबंधन से जुड़े कार्य शामिल हैं।वन अग्नि प्रबंधन के अंतर्गत फायर ब्रेक हेज, वन अग्नि रेखा और फ्यूल बफर जोन सहित अन्य सहायक कार्य भी अनुमेय हैं। इससे प्राकृतिक आपदाओं और चरम मौसमी परिस्थितियों के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा तथा सार्वजनिक और सामुदायिक परिसंपत्तियों की संरक्षण क्षमता को मजबूत करने में सहायता मिलेगी।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि वीबी-जीरामजी केवल ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह गांवों की आर्थिक क्षमता बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, स्थानीय आजीविका को मजबूत करने और टिकाऊ ग्रामीण अधोसंरचना विकसित करने का व्यापक अवसर है। 375 अनुमेय कार्यों के माध्यम से रोजगार को परिसंपत्ति निर्माण और परिसंपत्तियों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए विकसित गांव की दिशा में ठोस आधार तैयार किया जा रहा है।
- रायपुर/ शहरों की तस्वीर बदलने के लिए हमेशा बड़ी और लंबी परियोजनाओं की जरूरत नहीं होती। कई बार कुछ सौ मीटर की सड़क भी हजारों लोगों की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला देती है। अभनपुर में उरला चौक से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय तक बना 690 मीटर लंबा गौरव पथ इसी बदलाव की कहानी कह रहा है।राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के बायपास निर्माण के बाद अभनपुर के प्रमुख प्रशासनिक परिसरों तक सीधी पहुंच की आवश्यकता महसूस हो रही थी। एसडीएम कार्यालय, तहसील कार्यालय, उप-पंजीयक कार्यालय, विद्युत विभाग, विश्राम गृह, ब्लॉक कॉलोनी और साप्ताहिक हाट-बाजार जैसे महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंचने के लिए लोगों को शहर के अंदरूनी और संकरे मार्गों का सहारा लेना पड़ता था।गौरव पथ के निर्माण से उरला चौक से प्रशासनिक क्षेत्र तक सीधी कनेक्टिविटी स्थापित हुई है। इसका सबसे बड़ा असर शहर की अंदरूनी सड़कों पर दिख रहा है। करीब 20 हजार की आबादी को इस मार्ग का सीधा लाभ मिल रहा है। वाहनों का दबाव कम होने से शहर की आंतरिक सड़कों पर यातायात और जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आई है।इस मार्ग का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि बाजार क्षेत्र तक पहले केवल एक कच्चा वैकल्पिक रास्ता था, जो बरसात में बंद हो जाता था। गौरव पथ के साथ पुल-पुलियों के निर्माण से जलभराव और मार्ग अवरुद्ध होने की समस्या का स्थायी समाधान हुआ है। अब ब्लॉक कॉलोनी, विश्राम गृह और साप्ताहिक हाट-बाजार तक सालभर सुगम आवाजाही संभव है।बेहतर सड़क संपर्क का सीधा असर स्थानीय व्यापार पर पड़ा है। बाजार और हाट-बाजार तक लोगों की पहुंच आसान होने से व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी आई है।690 मीटर की यह सड़क लंबाई में छोटी जरूर है, लेकिन यह अभनपुर के प्रशासनिक क्षेत्र, आवासीय इलाकों और बाजार को जोड़ने वाली नई लाइफलाइन बन गई है। यह मार्ग प्रशासनिक सुगमता, शहरी यातायात प्रबंधन और आम जनता के जीवन को सरल बनाने वाली एक जनोपयोगी विकास परियोजना के रूप में सामने आया है।
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रायपुर। फिट इंडिया अभियान के तहत रविवार को आयोजित ‘संडे ऑन साइकिल’ पहल में रायपुर प्रेस क्लब के पत्रकार साथियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की, पत्रकारों ने साइकिल रैली के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, नियमित व्यायाम और फिटनेस के प्रति जागरूकता का संदेश दिया
‘खबरों के साथ फिटनेस का संदेश’ देने के उद्देश्य से आयोजित इस पहल में पत्रकार साथियों ने साइकिल चलाकर यह संदेश दिया कि लगातार व्यस्त और चुनौतीपूर्ण पत्रकारिता के बीच अपने स्वास्थ्य और फिटनेस के लिए समय निकालना भी जरूरी है। साइकिलिंग स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और बेहतर जीवनशैली का भी प्रभावी माध्यम है।
रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू एवं भूपेश जांगड़े, वरिष्ठ पत्रकार इमरान खान, दीपक विश्वकर्मा सहित पत्रकार साथियों ने साइकिल रैली में सहभागिता की
इस अवसर पर पत्रकारों ने कहा कि पत्रकार समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में स्वयं स्वस्थ और सक्रिय रहते हुए समाज तक स्वास्थ्य, फिटनेस और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश पहुंचाना भी पत्रकारिता की सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है
‘संडे ऑन साइकिल’ जैसी पहल लोगों को अपने नियमित जीवन में शारीरिक गतिविधियों को शामिल करने के लिए प्रेरित करती है रायपुर प्रेस क्लब की ओर से पत्रकार साथियों से अपील की गई कि वे अपने व्यस्त कार्यक्षेत्र के बीच स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दें और फिटनेस को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। -
रायपुर/रायपुर प्रेस क्लब एवं महावीर इंटरनेशनल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन (MISO), रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में जनहितार्थ एक दिवसीय निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम विवरण:
* दिनांक: 21 सितम्बर
* समय: प्रातः 10:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक
* स्थान: रायपुर प्रेस क्लब, मोतीबाग, रायपुर
शिविर में मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं:
* मीसो (MISO) की अत्याधुनिक वातानुकूलित (AC) एम्बुलेंस में आंखों की विस्तृत जांच
* आवश्यकतानुसार निःशुल्क चश्मा वितरण
* निःशुल्क दवाइयों का वितरण
* मोतियाबिंद पाए जाने पर संस्था द्वारा निःशुल्क ऑपरेशन की व्यवस्था
विशेष अपील:
रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी, महासचिव श्री गौरव शर्मा (भारतीय), उपाध्यक्ष श्री दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष श्री दिनेश यादव, संयुक्त सचिव श्रीमती निवेदिता साहू व श्री भूपेश जांगड़े, एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त श्री लोकेश कांवड़िया ने सभी पत्रकार साथियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस निःशुल्क नेत्र शिविर का लाभ उठाने का सादर अनुरोध किया है।
> स्वास्थ्य ही सेवा है — आएं और अपनी आंखों की जांच कराएं! -
समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वालों का किया सम्मान
रायपुर। जिंदगी ना मिलेगी दोबारा सेवा संस्था द्वारा रायपुर के वृंदावन हॉल में संस्था का 10वां स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में समाजसेवा, शिक्षा, साहित्य, स्वास्थ्य, खेल एवं अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं सामाजिक संस्थाओं का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में संस्था द्वारा ऐसे परिवारों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने दिवंगत परिजनों की पार्थिव देह लोककल्याण के लिए दान की तथा नेत्रदान एवं रक्तदान जैसे पुनीत कार्यों के माध्यम से समाज को प्रेरणा दी। संस्था की ओर से चिकित्सा उपकरण बैंक में सहयोग करने वाले नागरिकों एवं नियमित रूप से गो सेवा से जुड़े सदस्यों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती वर्णिका शर्मा अध्यक्ष बाल संरक्षण आयोग, श्विशिष्ठ अतिथि श्रीमती ममता साहू अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग सहित वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार श्रीमती सविता पाठक, विप्र प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा , एवं विद्युत मंडल के से.नि. मुख्य अभियंता श्री महेन्द्र धर बडगैया, आभा मिश्रा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
संस्था की संस्थापक अध्यक्ष श्रीमती सुषमा तिवारी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में संस्था की गतिविधियों एवं समाजसेवा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्था पिछले लगभग दो दशकों से समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय है तथा पिछले दस वर्षों से संगठित रूप से कार्य करते हुए लगभग 350 महिलाओं एवं पुरुषों की टीम के माध्यम से विभिन्न सामाजिक गतिविधियां संचालित कर रही है।
डॉ. शोभा निगम को मिला भूमिजा पुरस्कार
स्थापना दिवस समारोह में संस्था द्वारा प्रतिवर्ष प्रदान किए जाने वाले रमा भारती स्मृति भूमिजा पुरस्कार से वर्ष 2026 के लिए दर्शनशास्त्र की प्राध्यापक तथा आरंग महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्य डॉ. शोभा निगम को सम्मानित किया गया।
यह पुरस्कार स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. कमलनारायण शर्मा की पत्नी स्व. रमा शर्मा एवं उनकी पुत्री भारती पांडेय की स्मृति में उनके परिजनों द्वारा स्थापित किया गया है। पुरस्कार का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की महिला शिक्षाविदों, साहित्यकारों, लेखिकाओं एवं कवयित्रियों को प्रोत्साहित करना है।
डॉ. संजय द्विवेदी को कृषि रत्न सम्मान
'सम्मान समारोह के अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक एवं उद्यानशास्त्री स्वर्गीय डॉ. मणिशंकर शर्मा की स्मृति में उनके परिजनों द्वारा कृषि शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिवर्ष दिए जाने वाले प्रतिष्ठित कृषि रत्न सम्मान इस वर्ष इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के शस्य विज्ञान विभाग के प्रमुख वैज्ञानिक एवं प्राध्यापक डॉ. संजय द्विवेदी को प्रदान किया गया ।
समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में बिहारी लाल शर्मा , स्वास्थ्य के क्षेत्र में डॉ रश्मि चांवरे , खेल के क्षेत्र में संतोष सोनी , पत्रकारिता के क्षेत्र में संजय दीवान, लेखन के क्षेत्र में पूजा अग्रवाल एवं अन्य सामाजिक क्षेत्रों में योगदान देने वाले व्यक्तियों तथा समाजसेवी संस्थाओं में आंध्रा एसोसियेशन महिला विंग, चक्रव्यूह वेलफेयर सोसायटी, शांति मैत्री ग्रामीण विकास संस्थान , कैट महिला विंग रायपुर को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने संस्था के सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में जब व्यक्ति-केंद्रित सोच बढ़ रही है, ऐसे में जिंदगी ना मिलेगी दोबारा सेवा संस्था जैसी संस्थाओं द्वारा सेवा और मानवता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी हैं।
संस्था की सचिव श्रीमती ममता शर्मा ने सभी अतिथियों, सम्मानित व्यक्तियों, सहयोगियों एवं सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था भविष्य में भी जरूरतमंदों की सेवा और समाज में मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
कार्यक्रम में संस्था के संरक्षक अजय शर्मा, अध्यक्ष सुषमा तिवारी, सचिव ममता शर्मा, सलाहकार ममता बड़गैया , सुमन शर्मा सहित चन्द्रसेना दीवान , सीमा अग्रवाल, स्वाति सोनी , लता साहू, कौशिल्या कश्यप, कान्हा ठाकुर, संतोष साहू , केशव सोनकर सूरज दीवान, …. तथा अन्य सदस्यगण उपस्थित रहे ।
मंच संचालन अमृतांशु शुक्ला ने किया । - 0- नगर निगम जोन 3 क्षेत्र में गुरू घासीदास वार्ड अंतर्गत काशीराम नगर में सुलभ के समीप श्रमदान0- सफाई कर कचरा उठाया गया और सुन्दर रंगोली उकेरकर दिया गया सकारात्मक स्वच्छता सन्देशरायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निर्देश पर रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में महापौर श्रीमती मीनल चौबे और स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री चंद्राकर औऱ आयुक्त shr संबित मिश्रा के मार्गनिर्देशन में दिनांक 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलाये जा रहे सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा अभियान दिनांक 17 सितम्बर 2026 से 2 अक्टूबर 2026 अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 3 अंतर्गत गुरू घासीदास वार्ड क्रमांक 48 के क्षेत्र में काशीराम नगर में सुलभ के समीप श्रमदान से सफाई करते हुए कचरा उठवाकर जनहित में जनस्वास्थ्य सुरक्षा बाबत स्वच्छता कायम की गयीस्वच्छता दीदियों ने वहाँ सुन्दर रंगोली उकेरकर जन - जन को सकारात्मक स्वच्छता सन्देश नगर निगम जोन 3 स्वास्थ्य विभाग की ओर से जोन 3 जोन कमिश्नर श्रीमती प्रीति सिंह और जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री उमेश नामदेव सहित स्वच्छता निरीक्षक प्रवीन चंद्राकर, झनेंद्र कुमार साहू , स्वच्छता दीदी, रामकी सुपरवाइजर और वार्ड क्षेत्र के जागरूक रहवासियों के साथ मिलकर गुरु घासीदास वार्ड क्रमांक 48 स्क्षेत्र अंतर्गत वच्छता लक्षित इकाई (सीटीयू ) काशीराम नगर सुलभ के पास श्रमदान कर कचरे की सफाई की गयी और स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत सुंदर रंगोली बनाकर सकारात्मक स्वच्छता सन्देश दिया गया और साथ ही रहवासियों को जीवन में स्वच्छता और स्वच्छ स्थल का महत्व बताते हुए घर का सूखा और गीला कचरा पृथक - पृथक डस्टबिन में रखकर सफाई मित्र को सफाई वाहन में देकर वार्ड और शहर को स्वच्छ बनाने हेतु समझाइश देकर जागरूक बनाया गया.
- 0- वाद-विवाद स्पर्धाः सोशल मीडिया ने मानव संचार को बेहतर तो बनायारायपुर। ‘सोशल मीडिया ने मानव संचार को बेहतर बनाया’ विषय पर हुई वाद विवाद स्पर्धा में पक्ष के वक्ताओं ने कहा कि सोशल प्लेटफार्म आने के बाद सूचनाओं का आदान-प्रदान काफी कम समय यानी चंद सेकंड में सिमट कर रह गया, इससे सुविधाएं काफी बढ़ गई हैं। वहीं विपक्ष के प्रतिभागियों ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल से दूर होती आत्मीयता पर सवाल खड़े किए। विपक्ष ने कहा कि आज हर घर की यही स्थिति है कि एक कमरे में घर के चार सदस्य बैठे हैं और सभी अपने- अपने मोबाइल स्क्रॉल कर रहे हैं, ऐसे में बच्चों की माता-पिता के साथ आत्मीयता ही खत्म होते जा रही है।महाराष्ट्र मंडल के शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव के चौथे दिन शालेय स्तरीय ‘सोशल मीडिया ने मानव संचार को बेहतर बनाया’ विषय पर वाद विवाद स्पर्धा में प्रतिभागियों ने दमदारी से अपने पक्ष तटस्थता से रखे। स्पर्धा में संत ज्ञानेश्वर विद्यालय, लक्ष्मी नारायण विद्यालय, गुजराती स्कूल के बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। निर्णायक सेवानिवृत्त प्राचार्य श्यामल जोशी, सेवानिवृत्त शिक्षिका कुमुद लाड और वरिष्ठ पत्रकार रविंद्र ठेंगड़ी के अनुसार वाद-विवाद प्रतियोगिता में पक्ष में विजेता गुजराती स्कूल की पायल साहू और विपक्ष से संत ज्ञानेश्वर स्कूल के तन्मय भगाड़े रहे। संत ज्ञानेश्वर की डिंपल अवधिया और लक्ष्मी नारायण विद्यालय की पीहू सोना संयुक्त रूप से उप विजता रहीं।युवा समिति की समन्वयक डा. शुचिता देशमुख ने बताया कि कार्यक्रम का संचालन युवा समिति के उदित बक्षी ने किया। कार्यक्रम में महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल, कार्यकारिणी सदस्य मालती मिश्रा, सहसचिव अजय पोतदार, प्रवीण क्षीरसागर, युवा समिति की प्रमुख श्रावणी मुकादम, अक्षदा मातुरकर सहित युवा समिति की टीम उपस्थित रही।--
- 0- महाराष्ट्र मंडल के मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव में प्रकल्पों ने दी बेहतरीन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां0- मराठी, हिंदी, पंजाबी, तमिल गीतों पर प्रस्तुतियों से बना सामाजिक समरसता का माहौलरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के दिव्यांग बालिका विकास गृह की मूक- बधिर बच्चियों ने संत ज्ञानेश्वर सभागृह के स्व. कुमुदिनी वरवंडकर रंगमंच पर गणेशोत्सव में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में गणेश वंदना की बेहतरीन प्रस्तुति दी। जिसे दर्शकों ने खूब तालियां बजाकर प्रतिसाद दिया। शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव के पांचवें दिन महाराष्ट्र मंडल सामाजिक समरसता का केंद्र बन गया। मंडल के प्रकल्पों संत ज्ञानेश्वर स्कूल (एसडीवी), सखी निवास (कामकाजी महिला वसती गृह व छात्रावास) और दिव्यांग बालिका विकास गृह की बच्चियों ने हिंदी, मराठी और पंजाबी के साथ दक्षिण भारतीय भाषाओं के गीतों की प्रस्तुति देकर तालियां बटोरी। मंडल के प्रकल्पों की टीमों ने एकल और समूह नृत्य के साथ गाने की सुमधुर प्रस्तुतियां दीं।महाराष्ट्र मंडल के दिव्यांग बालिका विकास गृह की प्रभारी मालती मिश्रा ने बताया कि मंडल के सभी प्रकल्पों की टीमों ने सांस्कृतिक रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ सदस्य दीपक पात्रीकर और विनय मधुकर काले थे। कार्यक्रम में विशेष अतिथि से युवा आईएफएस पुष्कर काले भी उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत संत ज्ञानेश्वर की छात्रा दिव्या साहू, दिव्यांशी साहू और हेमाक्षी साहू ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया।मंडल के सखी निवास में रहने वाली पूर्णिमा रात्रे अपनी सुमधुर आवाज में ‘तेरी है जमीं, तेरा आसमां’ गीत गाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं प्रेमा कुम्हार ने ‘हे गौरीनंदन’ गाया। दिव्यांग बालिका विकास गृह की सीमा सारथी ने ‘जब कोई बात बिगड़ जाए’ की मीठी आवाज में प्रस्तुति दी। वहीं महाराष्ट्र मंडल की ओर से कम्लेश्वरी साहू ने ‘सांसों की माला में सिमरू मैं शिव का नाम’ की सुमधुर प्रस्तुति दी।संत ज्ञानेश्वर स्कूल (एसडीवी) के बच्चों ने एक से एक नौ प्रस्तुतियां देकर माहौल को एक तरह से अपने पक्ष में कर लिया। तीसरी की दिव्या साहू, दिव्यांशी साहू और हेमाक्षी साहू रिमिक्स गीत में प्रस्तुति दी। वहीं हर्षिता श्रीवास, नैनसी साहू, अभिज्ञा शुक्ला और पावना लास्या ने एकल नृत्य की प्रस्तुतियां दी। पावना और अभिज्ञा ने क्लासिकल नृत्य की प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरी। खुशी त्रिपाठी, स्नेहा मथानी, रिद्धी साहू और शिवानी गोस्वामी ने भांगड़ा प्रस्तुत किया।कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति के रूप में दिव्यांग बालिका विकास गृह में निवासरत श्रवण बाधित गंगा निषाद, किरण साहू और शशि ने मनमोहक गणपति वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन संत ज्ञानेश्वर विद्यालय की शिक्षिका आराधना लाल और आभार प्रदर्शन परितोष डोनगांवकर ने किया।
- 0- गौरी समूह ने पानी पाउच निर्माण से गढ़ी आत्मनिर्भरता की नई गाथादुर्ग. प्रधानमंत्री जी के 25 वर्षों के निस्वार्थ सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के संकल्पों को समर्पित ’सेवा संकल्प’ अभियान आज ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन का नया माध्यम बन रहा है। शासन की कल्याणकारी योजनाओं और वित्तीय सहयोग के बल पर दुर्ग विकासखंड की ग्रामीण महिलाएं संगठित होकर न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी बन रही हैं। इसी कड़ी में ’गौरी महिला स्व-सहायता समूह’ ने सामूहिक प्रयास और आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की एक मिसाल कायम की है।दुर्ग विकासखंड के अंतर्गत रिसामा के 12 ग्रामीण महिलाओं को जोड़कर ’गौरी महिला स्व-सहायता समूह’ का गठन किया गया था। नियमित बचत और छोटे स्तर पर आर्थिक गतिविधियों की शुरुआत करने के बाद समूह ने अपने कदम आगे बढ़ाए। आजीविका को विस्तार देने के उद्देश्य से समूह ने क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) से लगभग ₹60,000 की वित्तीय सहायता प्राप्त की और पानी पाउच निर्माण मशीन की खरीदी की। समूह की महिलाओं ने स्वयं उत्पादन, पैकिंग और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालते हुए व्यवसाय का सफल संचालन शुरू किया। शुरुआती दौर में समूह की मासिक आय लगभग ₹10,000 थी। और आज समूह की मासिक आय बढ़कर लगभग ₹20,000 तथा वार्षिक आय ₹2.40 लाख से अधिक तक पहुँच गई है। गौरी महिला स्व-सहायता समूह की यह सफलता दर्शाती है कि श्सेवा संकल्पश् और सुशासन की नीतियां किस प्रकार ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। अपने श्रम, दृढ़ इच्छाशक्ति और सामूहिक निर्णय क्षमता के बल पर आजीविका को मजबूती देने वाली इन 12 महिलाओं की यह प्रेरक यात्रा आज पूरे गांव के लिए स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुकी है।
- दुर्ग. आमजन के जीवन को सुगम बनाने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाने के ध्येय के साथ, देश के प्रधानमंत्री जी के 25 वर्षों के निस्वार्थ सेवा, सुशासन एवं समर्पण की भावना को रेखांकित करता ’सेवा संकल्प अभियान’ आज जन-जन के लिए उम्मीद की नई किरण बन चुका है। इसी पहल के तहत संचालित ’प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)’ ने दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत पुरदा निवासी हरीप्रसाद साहू की ज़िंदगी की तस्वीर ही बदल दी है। बरसों से एक मजबूत और सुरक्षित छत का इंतज़ार कर रहे इस परिवार के लिए यह योजना खुशहाली का नया सवेरा लेकर आई।सीमित आमदनी के कारण हरीप्रसाद के लिए स्वयं के बलबूते पक्का घर बनाना असंभव था। उनका परिवार मिट्टी की दीवारों और खपरैल वाली कच्ची झोपड़ी में रहने को मजबूर था। बारिश के दिनों में छत से टपकते पानी के कारण उन्हें पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ती थी। इसी दौरान ग्राम पंचायत से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की जानकारी मिलने पर उन्होंने आवेदन किया। स्वीकृति मिलते ही मकान निर्माण की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में हस्तांतरित हो गई, जिससे उनका पक्का घर बनने का रास्ता साफ हुआ। इस सरकारी इमदाद के बल पर उन्होंने लगन के साथ अपना मजबूत, सुंदर और सुरक्षित पक्का आशियाना तैयार कर लिया।आज हरीप्रसाद साहू का परिवार अपने नए पक्के घर में गरिमा और सुकून के साथ जीवन व्यतीत कर रहा है। अब न तो उन्हें बारिश में पानी टपकने की चिंता सताती है और न ही रातों की नींद खराब होती है। शासन की इस लोककल्याणकारी नीति के प्रति दिल से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए हरीप्रसाद कहते हैं कि प्रधानमंत्री जी की सुशासन नीति और गरीब कल्याण के संकल्प की बदौलत ही मुझ जैसे हर ज़रूरतमंद को अपना आशियाना बनाने का संबल और साहस मिला है।
- दुर्ग. केंद्र व राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने और जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक 'सेवा संकल्प अभियान' का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार एवं जिला प्रशासन के मार्गदर्शन से जिले के समस्त नगरी निकाय एवं जनपद पंचायतों में चिन्हित स्थलों पर 'छत्तीसगढ़ लोक धरोहर' सांस्कृतिक दल द्वारा 'नमो सेवा-अनकही कहानियां' एवं 'नमो सेवा गाथा' विषय पर आधारित आकर्षक नुक्कड़ नाटकों तथा नृत्य-नाटिकाओं की प्रस्तुतियां दी जा रही है। इन नुक्कड़ नाटकों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के नागरिकों को मनोरंजन के माध्यम से शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूक करना है।निर्धारित कार्यक्रमानुसार, विभिन्न विकासखंडों एवं नगरीय निकायों के अंतर्गत चिन्हित स्थलों पर नुक्कड़ नाटकों की प्रस्तुतियां की जा रही है। जिसके तहत 18 सितंबर को नगर पंचायत धमधा में, जनपद पंचायत धमधा के ग्राम बिरझापुर में कार्यक्रम का आयोजन हो गया है। जनपद पंचायत दुर्ग के ग्राम पेंड्रावन में तथा 19 सितंबर को ग्राम नगपुरा में, ग्राम अंजोरा में तथा ग्राम रसमड़ा में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। इसी प्रकार जनपद पंचायत पाटन के ग्राम सेलूद, ग्राम गाड़ाडीह एवं ग्राम जामगांव (आर) में 20 सितंबर को प्रदर्शन होगा। नगरीय क्षेत्रों में नगर पालिक निगम भिलाई-चरोदा के बाजार चौक भिलाई-3 में, नगर पालिक निगम भिलाई के श्रीराम चौक खुर्सीपार भिलाई में तथा मंगल बाजार छावनी भिलाई में 21 सितंबर को नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया जाएगा। इसके आगामी चरण में नगर पालिका परिषद जामुल में, नगर पालिका परिषद अहिवारा के बस स्टैंड अहिवारा में और जनपद पंचायत धमधा के नंदनी-खुदनी में 06 अक्टूबर को तथा नगर पालिक निगम भिलाई के जलेबी चौक कैंप-1 भिलाई, गदा चौक सुपेला भिलाई एवं कुरूद चौक कुरूद भिलाई में 07 अक्टूबर 2026 को नुक्कड़ नाटकों का आयोजन कर नागरिकों को जनकल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराया जाएगा।--
- बिलासपुर. छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2016 के तहत नगर पालिका निगम बिलासपुर अंतर्गत चार वार्डों में उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए संबंधित वार्ड में पंजीकृत महिला स्व-सहायता समूह एवं प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडारों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।कार्यालय कलेक्टर (खाद्य शाखा) द्वारा जारी उद्घोषणा के अनुसार वार्ड क्रमांक 17 नेहरू नगर, वार्ड क्रमांक 27 विनोबा नगर, वार्ड क्रमांक 39 शहीद भगत सिंह नगर तथा वार्ड क्रमांक 64 महामाया नगर के लिए निर्धारित प्रारूप में आवेदन 30 सितंबर 2026 तक सीलबंद लिफाफे में जमा किए जा सकते हैं।आवेदन पत्र कार्यालय कलेक्टर, खाद्य शाखा, बिलासपुर में जमा किए जाएंगे।शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए महिला स्व-सहायता समूह अथवा प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार का उद्घोषणा की तिथि से कम से कम तीन माह पूर्व पंजीकृत होना अनिवार्य है। निजी व्यक्तियों के आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। पंजीयन प्रमाण-पत्र में उल्लेखित कार्यक्षेत्र के अनुसार ही संबंधित वार्ड के लिए आवेदन स्वीकार होगा। अन्य वार्ड के लिए किया गया आवेदन पात्र नहीं होगा तथा अपूर्ण दस्तावेजों वाले आवेदन भी स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
- 0- सेवा सेतु से आसान हुई छात्रवृत्ति की राह, डिजिटल सुविधा से जानकी साहू के परिवार को मिली राहतबिलासपुर. किसी विद्यार्थी के लिए छात्रवृत्ति केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आगे की पढ़ाई जारी रखने का महत्वपूर्ण माध्यम होती है। छात्रवृत्ति के लिए आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध होना भी उतना ही जरूरी है। शासन की डिजिटल सेवाओं ने इस प्रक्रिया को अब पहले की तुलना में अधिक सरल और सुविधाजनक बनाया है। इसी बदलाव की एक मिसाल मस्तुरी विकासखंड के ग्राम बेलटुकरी निवासी ’’जानकी साहू’’ के परिवार की कहानी है।जानकी साहू को छात्रवृत्ति योजना का लाभ लेने के लिए आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। इसके लिए उन्हें आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने थे। पहले इस तरह के प्रमाण पत्र बनवाने के लिए संबंधित कार्यालय में जाकर आवेदन करने, दस्तावेज जमा करने तथा प्रमाण पत्र प्राप्त करने में समय और मेहनत लगती थी। ग्रामीण क्षेत्र के परिवारों के लिए बार-बार कार्यालय जाना अतिरिक्त परेशानी का कारण भी बन सकता था। जानकी साहू के परिवार ने इस समस्या के समाधान के लिए सेवा सेतु केंद्र में आवेदन किया। सेवा सेतु के माध्यम से उनके पिता ’’श्री रामप्रसाद साहू’’ के आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी की गई। आवेदन के बाद आय प्रमाण पत्र ’’सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से प्राप्त हो गया’’। इससे जानकी साहू के लिए छात्रवृत्ति योजना का लाभ लेने हेतु आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हो गया।आय प्रमाण पत्र मिलने के बाद परिवार को दस्तावेज बनवाने के लिए बार-बार कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। ऑनलाइन माध्यम से प्रमाण पत्र उपलब्ध होने से प्रक्रिया में सुविधा और समय की बचत हुई। इससे जानकी साहू की छात्रवृत्ति से जुड़ी आगे की प्रक्रिया को पूरा करना भी आसान हुआ। जानकी साहू के परिवार के लिए यह सुविधा डिजिटल शासन की उपयोगिता का प्रत्यक्ष अनुभव लेकर आई। ’’जहां पहले शासकीय प्रमाण पत्र के लिए कार्यालयीन प्रक्रिया में समय और आने-जाने की परेशानी होती थी, वहीं सेवा सेतु के माध्यम से आवेदन और प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक आसान हुई।’’ यह बदलाव विशेष रूप से उन परिवारों के लिए उपयोगी है, जो दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं और जिन्हें छोटी-छोटी शासकीय प्रक्रियाओं के लिए भी कार्यालयों तक पहुंचना पड़ता है।
- 0- चित्रों में उकेरे सपनों का भारत, भाषण में गूंजी विकसित भारत की कल्पनाबिलासपुर. सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले के 2,447 स्कूलों में आयोजित स्कूल स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों के लिए आज संकुल स्तर पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। संकुल स्तर की प्रतियोगिता में डेढ़ हजार से अधिक बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने चित्रों और अपने विचारों के माध्यम से भारत की उपलब्धियों, वर्तमान चुनौतियों और भविष्य के सपनों को जीवंत रूप दिया।प्रतियोगिता दो श्रेणियों में आयोजित की गई। प्रथम श्रेणी में विगत 25 वर्षों की उपलब्धियों और महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया। इसमें स्वच्छ भारत, डिजिटल इंडिया, सेना का शौर्य, नया कश्मीर और नक्सलवाद जैसे विषयों पर बच्चों ने चित्र बनाए और भाषण प्रस्तुत किए। चित्रकला में बच्चों ने अपने रचनात्मक कौशल के माध्यम से इन विषयों को प्रभावी ढंग से उकेरा, वहीं भाषण के माध्यम से उन्होंने बीते 25 वर्षों की उपलब्धियों और चुनौतियों पर अपने विचार व्यक्त किए।द्वितीय श्रेणी आगामी 25 वर्षों के ‘सपनों के भारत’ पर केंद्रित रही। इसमें सपनों का भारत, विकसित भारत 2047, नक्सल मुक्त भारत, महिला सशक्तिकरण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रभाव जैसे विषय शामिल किए गए। बच्चों ने चित्रों और भाषणों के माध्यम से विकसित और सशक्त भारत की अपनी कल्पना को सामने रखा। संकुल स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले बच्चे अब विकासखंड स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेंगे। इसके बाद चयनित प्रतिभागियों को जिला स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता बच्चों के लिए अपनी रचनात्मकता, विचारों और अभिव्यक्ति कौशल को मंच देने का माध्यम बन रही है।आयोजन में जिला शिक्षा अधिकारी श्री संदीप पांडेय, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों सहित जिले के अधिकारियों का मार्गदर्शन रहा। अधिकारियों ने बच्चों की प्रतिभा और प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। संकुल स्तर पर चयनित बच्चे आगामी चरणों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
- 0- शासन की योजना से मिली तकनीक, शिक्षा और आत्मनिर्भरता की राह हुई आसानबिलासपुर. शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंदों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही उनके जीवन को आसान बनाने का जरिया बन रही है। ऐसे ही बदलाव की कहानी शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ विद्यालय तिफरा में कक्षा 12वीं में अध्ययनरत कुमारी ललिता यादव की है।समाज कल्याण विभाग द्वारा ललिता को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की एडीआईपी योजना के तहत स्मार्ट फोन एवं स्मार्ट केन (छड़ी) का लाभ मिला। इन सुविधाओं ने उनकी पढ़ाई के साथ-साथ आवागमन को भी आसान बनाया है। पहले की स्थिति में विषय-वस्तु से संबंधित ऑडियो एवं वीडियो सामग्री आसानी से उपलब्ध नहीं होने के कारण ललिता को अध्ययन में कठिनाई होती थी। आवश्यक अध्ययन सामग्री तक सीमित पहुंच के कारण विषयों को समझने और सीखने के लिए उन्हें अतिरिक्त प्रयास करना पड़ता था। वहीं आवागमन के दौरान भी उन्हें सुविधा की आवश्यकता महसूस होती थी।अब की स्थिति में स्मार्ट फोन उनके अध्ययन का महत्वपूर्ण साधन बन गया है। वे स्मार्ट फोन के माध्यम से स्क्रीन रीडर, दीक्षा ऐप, ई-पुस्तकालय और यू-ट्यूब जैसे डिजिटल संसाधनों का उपयोग कर रही हैं। ऑडियो एवं डिजिटल माध्यमों से अध्ययन सामग्री आसानी से उपलब्ध होने के कारण उनकी पढ़ाई अधिक सुगम हुई है। वहीं स्मार्ट केन के उपयोग से चलने-फिरने और आवागमन में सुविधा मिली है। ललिता के लिए यह बदलाव केवल एक स्मार्ट फोन और स्मार्ट केन मिलने तक सीमित नहीं है। इन सुविधाओं ने उन्हें ’’शिक्षा से जुड़ने, तकनीक का उपयोग करने, अपने कौशल को विकसित करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर’’ दिया है। शासन की योजना से मिली सहायता उनके लिए शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का माध्यम बनी है। ललिता कहती हैं कि स्मार्ट फोन एवं स्मार्ट केन के प्रयोग से उनका जीवन ही बदल गया है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई आयुक्त सुरुचि सिंह के निर्देशानुसार एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में सेवा ही संकल्प एवं स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत निगम क्षेत्र में स्वच्छता, सौंदर्यीकरण एवं जनजागरूकता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। अभियान के तहत 19 सितंबर को जोन क्रमांक-3 क्षेत्र में दो स्थानों को पूर्ण रूप से GVP (गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट) मुक्त करते हुए वहां सौंदर्यीकरण कार्य कराया गया। कचरा एकत्रित होने वाले इन स्थानों की साफ-सफाई कर क्षेत्र को व्यवस्थित एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान किया गया। साथ ही क्षेत्र में स्थित जर्जर सुलभ शौचालय के कायाकल्प का कार्य भी किया जा रहा है। निगम द्वारा सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता एवं बेहतर नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए ऐसे स्थानों को व्यवस्थित किया जा रहा है।इसी क्रम में जोन क्रमांक-1 अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोसानगर में सेवा ही संकल्प अभियान के अंतर्गत “मेरे सपनों का भारत” विषय पर विद्यालय स्तरीय ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी कल्पनाओं और रचनात्मकता को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया।बच्चों ने अपनी सुंदर कलाकृतियों के माध्यम से “स्वच्छ भारत” एवं “विकसित भारत” के सपनों को अभिव्यक्त किया। विद्यार्थियों की चित्रकारी में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, विकास एवं देश के उज्ज्वल भविष्य की कल्पना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।नगर निगम भिलाई द्वारा सेवा ही संकल्प एवं स्वच्छता ही सेवा अभियान के माध्यम से स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा बच्चों एवं नागरिकों में स्वच्छता और जिम्मेदार नागरिकता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
- बिलासपुर. युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए संभाग स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन 30 सितंबर 2026 को शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कोनी, बिलासपुर में किया जाएगा।रोजगार मेले में सर्विस, फाइनेंस, इंश्योरेंस, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग एवं सिक्योरिटी सहित विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित 17 निजी नियोजकों द्वारा लगभग 1650 विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी। रोजगार मेले में 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, बी.ई., बी.टेक आदि शैक्षणिक योग्यता वाले आवेदक भाग ले सकते हैं।योग्य उम्मीदवारों को अपने दो पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड तथा समस्त शैक्षणिक योग्यताओं की अंकसूची/प्रमाण-पत्र की मूल प्रति एवं छायाप्रति के साथ उपस्थित होना होगा। रोजगार मेले में शामिल होने के लिए E-Rojgar Portal (erojgar.cg.gov.in) / Chhattisgarh Rojgar App में मेला पंजीयन तथा रोजगार पंजीयन प्रमाण-पत्र लाना अनिवार्य है। रोजगार मेले से संबंधित अधिक जानकारी के लिए E-Rojgar Portal/Chhattisgarh Rojgar App एवं जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, कोनी, बिलासपुर से संपर्क किया जा सकता है।
- 0- समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ स्वच्छ, समृद्ध एवं विकसित भारत की कल्पनादुर्ग. शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुर्ग की छात्रा काजल प्रजापति ने ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर अपने विचार साझा करते हुए ऐसे भारत की कल्पना प्रस्तुत की, जहां प्रत्येक बच्चे को समान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से बच्चों और युवाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए। काजल ने अपने विचारों में स्वच्छ एवं समृद्ध समाज की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि गांव और शहर स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक सुविधाओं से युक्त हों। इसके साथ ही बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए पढ़ाई के साथ खेल, कला और अन्य रचनात्मक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करने किया जाना चाहिए।
- दुर्ग. देश के प्रधानमंत्री जी की अनवरत 25 वर्षों की सेवा एवं समर्पण अंतर्गत संचालित महत्वकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना से खेदी बाई के घर बनाने का सपना साकार हुआ है। घर बनने से जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आया है। दुर्ग शहर के पंचशील नगर वार्ड क्रमांक 1 में रहने वाली श्रीमती खेदी बाई सिन्हा के पति की मृत्यु एक सड़क दुर्घटना में हो गई। उन्होंने अपने तीन बच्चों का भरण-पोषण व जीवनयापन के लिए दैनिक मजदूरी के कार्य को अपनाया। बच्चों कीे शिक्षा एवं विवाह कार्य में उनकी जमा पूंजी खर्च हो जाने के कारण खेदीबाई के पक्के घर का सपना अधूरा रह गया। प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने भी निगम कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया। योजनांतर्गत मकान निर्माण की स्वीकृति मिलने पर श्रीमती खेदीबाई के बैंक खाते में सीधे राशि हस्तांतरित की गई है। शासन से प्राप्त राशि पक्के मकान बनाने में सहायक रही। उन्होंने प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार पूर्व की तरह स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य की सेवाएं तो बहुत सालों से देती आ रही है परन्तु पक्का आवास वाला यह योजना अपने-आप ही बहुत ही अलग एवं महत्वपूर्ण है।
- दुर्ग. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष- सेवा, सुशासन, समर्पण और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में उल्लेखित किए जाते हैं। प्रधानमंत्री की मंशानुरूप समाज के हर वर्ग के विकास और कल्याण के प्रयासों की इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आम नागरिकों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसी सेवा संकल्प के तहत संचालित ’प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ से दुर्ग जिले के ग्राम धनोरा निवासी वरुणी साहू के जीवन में भी बड़ा बदलाव आया है।दुर्ग जिले के ग्राम धनोरा में रहने वाली वरुणी साहू एक आम गृहिणी हैं। उनका परिवार काफी बड़ा है, और बड़े परिवार के साथ बिजली का बिल भी बड़ा ही आता था। वरुणी जी बताती हैं कि हर महीने आने वाला भारी-भरकम बिजली का बिल उनके घर के बजट पर एक बड़ा बोझ था। उनकी चिंता जायज थी, आखिर इतनी बिजली की खपत का खर्च उठाना किसी के लिए भी आसान नहीं होता। वरुणी जी को ’प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के बारे में पता चला। यह योजना उन जैसे लाखों परिवारों के लिए एक उम्मीद की किरण बनकर आई है, जो बिजली के बढ़ते खर्च से परेशान हैं। बिना देर किए, उन्होंने इस योजना के तहत अपने घर की छत पर रूफ टॉप सोलर पैनल लगवाने का फैसला किया। जनवरी 2025 में यह सपना साकार हुआ और उनके घर की छत पर सूरज की रोशनी को बिजली में बदलने वाले पैनल स्थापित हो गए।सोलर पैनल लगने के बाद वरुणी जी के घर का बिजली का बिल लगभग आधा हो गया है। पहले जहां उन्हें पूरी बिजली के लिए भुगतान करना पड़ता था, अब तस्वीर बदल चुकी है। उन्होंने बताया कि उनके यहाँ कुल 2662 यूनिट बिजली की खपत हुई, जबकि उनके सोलर पैनल से 1283 यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ। जिससे अब उन्हें केवल शेष 1379 यूनिट बिजली का ही भुगतान करना पड़ता है। 2.5 लाख रुपये की लागत से लगे इस सोलर पैनल के लिए उन्हें सरकार से 78 हजार रुपये की सब्सिडी भी मिली है, जिससे यह निवेश उनके लिए और भी आसान हो गया। वरुणी साहू कहती हैं, ’’यह मेरे लिए सिर्फ पैसों की बचत नहीं, बल्कि एक नई आजादी है। प्रधानमंत्री जी के 25 वर्षों के सेवा, सुशासन और समर्पण का ही नतीजा है कि आज हम जैसे साधारण परिवार भी सौर ऊर्जा से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं।’’ ’प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ सिर्फ बिजली का बिल कम करने की योजना नहीं है, यह परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने और पर्यावरण को बचाने की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। वरुणी जी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि इस योजना ने उनके जीवन में सचमुच रोशनी भर दी है।
- भिलाई नगर। सेक्टर 07 स्थित कुर्मी भवन में शनिवार को छत्तीसगढ़ शिक्षक सहयोग समिति भिलाई-दुर्ग के तत्वावधान में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले छत्तीसगढ़ के विभिन्न समाजों के सेवानिवृत्त शिक्षकों और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के सम्मान में भव्य समारोह आयोजित किया गया। समिति ने जहां सेवानिवृत्त शिक्षकों का शॉल, श्रीफल और स्मृतिचिह्न भेंटकर सम्मान किया, वहीं विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का स्मृतिचिह्न और प्रशस्तिपत्र प्रदान कर सम्मान किया। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को दो-दो हजार रुपए नगर पुरस्कार भी दिए गए। समारोह में राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गौतम, संगीतकार एवं फिल्म निर्माता-निर्देशक नवीन कुमार देशमुख तथा कुर्मी क्षत्रिय समाज के अध्यक्ष संतोष पाटनवार का अभिनंदन भी किया गया।सोलह छात्रों व बीस सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मानदसवीं के मेधावी विद्यार्थियों में फागेशवरी, नूपुर साहू तथा चिराग नागवंशी शामिल हैं। वहीं बारहवीं के अनिकेत, भूमिका तथा हर्षिता वर्मा को सम्मानित किया गया। निर्धन वर्ग के सम्मानित होने वाले मेधावी विद्यार्थियों में दसवीं से हिना, चेतना, डुमरिका ठाकुर, भाविका यादव एवं खिलेश कुमार साहू शामिल हैं, जबकि बारहवीं के निर्धन वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों में सेजल, राकेश साहू, शिवानी साहू, यशस्वी तथा मोनिका को सम्मानित किया गया। ये सभी विद्यार्थी अपनी-अपनी कक्षा के टॉपर्स हैं, जिन्होंने 82 से 96 फीसदी अंक अर्जित कर अपने विद्यालय का गौरव बढ़ाया है। सम्मानित सेवानिवृत्त शिक्षकों में रोहित कुमार चंद्राकर, हेमंत कुमार वरदानिक, मिथलेश सिंह बनाफर, कुंती बंछोर, लीलसिंह वर्मा, बेगनलाल साहू, स्नेहलता पांडेय, देवेंद्र कुमार तिवारी, नेमराज वर्मा, नंदलाल साहू, मानिकलाल चंदेल, प्रह्लाद कुमार वर्मा, ओमप्रकाश शुक्ला, तृप्ता कश्यप, गोविंद साव, भरतलाल साहू, स्वर्गवालिनी मिंज, पुरुषोत्तम लाल देवांगन, रीना तथा इंदुबाला वरदानिक शुमार हैं।समारोह का उद्देश्य प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करनासमारोह में विशेष प्रतिभा सम्मान के तहत विवेक कुमार साहू को नीट में चयनित होने तथा चिराग नागवंशी को बॉक्सिंग में स्वर्ण पदक हासिल करने पर सम्मानित किया गया। समिति के अध्यक्ष जेआर देशमुख, सचिव दिलीप कुमार देशमुख एवं कोषाध्यक्ष घनश्याम पटेल ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं देने वाले शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करना है। समारोह में संरक्षक ओपी शुक्ला, सेवानिवृत्त व्याख्याता कुबेर राम देशमुख, सलाहकार मंडल के सदस्य डीके निर्मल, एलएस वर्मा, धनऊराम कोसरे, ठाकुर राम यादव, सुरेश कुमार चंद्राकर, बीके दास समेत बड़ी तादाद में लोग मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन कामता साहू, विनोद साहू एवं शीला चंद्रा ने किया।टी सहदेव
- ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’ थीम पर विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, विजेताओं को वितरित किए प्रमाण पत्ररायपुर, / सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जीपीएम जिले में विभिन्न रचनात्मक एवं जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में जिले के विभिन्न संकुलों में ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’ थीम पर चित्रकला, रंगोली एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा, विचारों तथा राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त किया।शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवसा, विकासखंड गौरेला में संकुल स्तरीय चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें संकुल केंद्र नेवसा के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों से चयनित छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य श्री पवन पैकरा रहे। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री शिवनाथ बघेल, ग्राम पंचायत नेवसा की सरपंच श्रीमती समरिया नागेश, पूर्व जनपद अध्यक्ष सुश्री ममता पैकरा, पूर्व सरपंच श्री दीनदयाल नागेश एवं शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष श्रीमती अनीता यादव सहित संकुल के शिक्षकगण उपस्थित रहे।पूर्व माध्यमिक एवं माध्यमिक स्तर की भाषण प्रतियोगिता में करण ने प्रथम, देवानंद ने द्वितीय तथा कुमारी रीता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। चित्रकला प्रतियोगिता में कुमारी पार्वती प्रथम, कुमारी नेहा सारीवान द्वितीय तथा वीरेंद्र तृतीय स्थान पर रहे।हायर सेकेंडरी स्तर की भाषण प्रतियोगिता में कुमारी साक्षी यादव ने प्रथम, कुमारी आयुषी विश्वकर्मा ने द्वितीय तथा कुमारी शिवानी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसी स्तर की चित्रकला प्रतियोगिता में विकास कुमार प्रथम, अमित धुर्वे द्वितीय तथा कुमारी पुष्पा परस्ते तृतीय स्थान पर रहीं।मुख्य अतिथि श्री पवन पैकरा ने सभी विजेता एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के साथ उनमें संस्कार, सामाजिक जिम्मेदारी एवं राष्ट्र सेवा की भावना को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान कर रहा है। प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।हायर सेकेंडरी स्कूल सरकारी पारा पेंड्रा में न्योता भोज का आयोजनसेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत हायर सेकेंडरी स्कूल सरकारी पारा पेंड्रा में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत न्योता भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए।न्योता भोज के माध्यम से विद्यार्थियों के साथ सहभागिता और सामुदायिक जुड़ाव को बढ़ावा दिया गया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने बच्चों के साथ सहभागिता करते हुए शिक्षा, पोषण एवं संस्कार के महत्व को रेखांकित किया।जीपीएम में आयोजित इन गतिविधियों के माध्यम से सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी से जोड़ते हुए विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता, सामाजिक जागरूकता एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति उनके संकल्प को प्रोत्साहित किया गया।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किसानों की आर्थिक समृद्धि और जोखिम प्रबंधन के लिए संचालित योजनाएं धरातल पर सार्थक परिणाम दे रही हैं। नारायणपुर जिले के ग्राम बिंजली निवासी कृषक तरुण चंदेल की कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि कैसे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना विपरीत परिस्थितियों में किसानों के लिए सुरक्षा कवच और आर्थिक संबल बनकर उभरी है।तरुण चंदेल अपने परिवार के पालन-पोषण के लिए पूर्णतः कृषि कार्य पर निर्भर हैं। उनके पास लगभग 4 एकड़ कृषि भूमि है, जिस पर वे प्रतिवर्ष पारंपरिक एवं आधुनिक तकनीक से खेती-किसानी करते हैं। खेती ही उनकी आजीविका का एकमात्र मुख्य जरिया होने के कारण फसल क्षति का सीधा असर उनके पारिवारिक बजट और दैनिक जीवन पर पड़ता था। मौसम की अनिश्चितता, कीट प्रकोप एवं प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल खराब होने का जोखिम हमेशा बना रहता था। जोखिम से बचाव के लिए तरुण चंदेल ने वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसल का बीमा कराया था। जब आपदा के कारण उनकी फसल को क्षति पहुंची, तो उन्होंने तत्काल नियमानुसार दावा प्रस्तुत किया। विभागीय प्रक्रिया और पारदर्शी आकलन के उपरांत उन्हें 28 हजार रूपए की बीमा दावा राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई।लाभान्वित किसान तरुण चंदेल बताते हैं कि खेती में मौसम का कोई भरोसा नहीं रहता। फसल नष्ट होने पर बीज, खाद, श्रम और पारिवारिक खर्च निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे कठिन समय में मिली 28 हजार रुपए की बीमा राशि ने मेरे ऊपर से आर्थिक दबाव कम कर दिया और मुझे अगली फसल की तैयारी का संबल प्रदान किया।राज्य में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित किए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से किसानों को कृषि जोखिमों से बचाव और बीमा सुरक्षा से जोडने का सघन कार्य जारी है। फसल क्षति के बाद मिली सहायता राशि से न केवल तरुण चंदेल का आर्थिक नुकसान कम हुआ, बल्कि उनका कृषि कार्य के प्रति आत्मविश्वास भी पुनर्गठित हुआ है। वे कहते हैं कि शासन की इस योजना ने उन्हें खेती जारी रखने का भरोसा दिया है। तरुण चंदेल ने इस आर्थिक संबल और त्वरित सहायता के लिए शासन-प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
- रायपुर। समय पर ली गई एक सही स्वास्थ्य जांच किसी मासूम का पूरा भविष्य संवार सकती है, इसका जीवंत उदाहरण धमतरी के नन्हें भाव्यांश साहू की यह सफलता की कहानी है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत संचालित 'चिरायु योजना' ने जन्मजात हृदयरोग से जूझ रहे इस बच्चे को न केवल समय पर सही इलाज दिलाया, बल्कि उसके परिवार के जीवन में खुशियों की एक नई रोशनी भी बिखेर दी।कहानी की शुरुआत फरवरी 2026 में हुई, जब शहरी चिरायु टीम धमतरी ने जालमपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-01 में बच्चों के स्वास्थ्य का नियमित परीक्षण किया। जांच के दौरान डॉक्टरों की सजग नजरों ने भाव्यांश में जन्मजात हृदयरोग के लक्षणों को तुरंत पहचान लिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए टीम ने बिना कोई समय गंवाए बच्चे को आगे के उच्च स्तरीय उपचार के लिए श्री सत्य साईं अस्पताल, नया रायपुर रेफर किया और पूरे मार्गदर्शन तथा सहयोग के साथ परिजनों की हिम्मत बढ़ाई।अस्पताल में विशेषज्ञों की गहन जांच और परामर्श के बाद सर्जरी का निर्णय लिया गया। 31 अगस्त 2026 को भाव्यांश को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 2 सितंबर को विशेषज्ञ कार्डियाक सर्जनों की टीम द्वारा उसकी सफल हृदय सर्जरी संपन्न हुई। चिकित्सकों की निरंतर देखरेख और सही देखभाल का ही परिणाम था कि मासूम के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार आया और 9 सितंबर को उसे पूर्णतः स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज कर दिया गया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का मुख्य ध्येय जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों में जन्मजात विकृतियों, गंभीर बीमारियों और पोषण संबंधी कमियों की समय रहते पहचान कर उन्हें निःशुल्क और सर्वश्रेष्ठ उपचार उपलब्ध कराना है। चिरायु टीम की तत्परता और विशेषज्ञ चिकित्सकों के इस समन्वय से आज भाव्यांश पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने सामान्य जीवन में लौट आया है। उसकी खिलखिलाती मुस्कान इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि सरकार की यह संवेदनशील योजना प्रदेश के जरूरतमंद बच्चों के लिए नवजीवन का वरदान साबित हो रही है।
- -वन मंत्री केदार कश्यप ने बढ़ाया बच्चों का उत्साह-विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण : वन मंत्री श्री कश्यपरायपुर / सेवा संकल्प अभियान के तहत नारायणपुर के बालक हायर सेकेंडरी विद्यालय में ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन किया और भाषण प्रतियोगिता में शामिल बच्चों का उत्साहवर्धन किया।वन मंत्री श्री कश्यप ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। देश के विकास की मजबूत नींव बच्चों और युवाओं से तैयार होती है। युवा पीढ़ी पर शिक्षा, संस्कार और अनुशासन के माध्यम से स्वयं को बेहतर बनाने के साथ परिवार, समाज और देश की प्रगति में सक्रिय भागीदारी की जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में प्रतिभा और ऊर्जा की कमी नहीं है। उन्हें सही दिशा, उचित मार्गदर्शन और प्रतिभा प्रदर्शन के अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। ऐसे आयोजन बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों के प्रति उनकी जागरूकता बढ़ाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से गुरुजनों के मार्गदर्शन में आगे बढ़ने, स्वच्छता अपनाने, नशे से दूर रहने और समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने का आह्वान किया।विद्यालय परिसर में आयोजित चित्रकला प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने विकसित भारत, स्वच्छ भारत, नशामुक्त समाज, देशभक्ति और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों को रंगों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। श्री कश्यप ने विद्यार्थियों से उनके चित्रों के विषय और उनके पीछे की कल्पना के बारे में चर्चा की तथा उनकी रचनात्मकता की सराहना की।भाषण प्रतियोगिता में छात्र डेविड नेताम ने ‘विकसित भारत’, विद्या सोनवानी ने ‘नशा मुक्ति’ और सूरज पोटाई ने ‘स्वच्छ भारत-सुंदर भारत’ विषय पर अपने विचार रखे। विद्यार्थियों ने नशे के दुष्प्रभाव, स्वच्छता की आवश्यकता और देश के विकास में युवाओं की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवा पीढ़ी को अभी से जागरूक और जिम्मेदार बनना होगा। शिक्षा, अनुशासन, मेहनत, स्वच्छता, नशामुक्ति और आपसी एकता जैसे मूल्यों को अपनाकर युवा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष श्री इंद्र प्रसाद बघेल, चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री मनोज जैन, कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चित्रकांत चार्ली ठाकुर सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और शिक्षक उपस्थित थे।




























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