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- 0- निकटतम बूथ की जानकारी वेबसाईट में उपलब्धदुर्ग. देश का भविष्य बचाओ, पोलियो की दवा हर बार पिलाओ के संदेश के साथ राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस पल्स पोलियो अभियान की जिले में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अभियान का संचालन कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को 28 जून 2026 को निर्धारित बूथों पर तथा 29 एवं 30 जून को घर-घर भ्रमण कर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। निकटतम बूथ की सूची वेबसाईट www.durg.gov.in में उपलब्ध कराई गई है, जिसका अवलोकन कर बच्चों को पोलियों ड्राप सुगमता से पिलाई जा सकती है।दुर्ग जिले में कुल 257134 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शत-प्रतिशत सफलता हेतु शहरी दुर्ग में 172, शहरी भिलाई 317, धमधा 196, पाटन एवं शहरी चरोदा 232 एवं निकुम में 165 बूथ बनाया गया एवं 13 चलित एवं 25 ट्रांजिट कुल 1029 टीम बनाई गई। जिले के समस्त विकासखण्डों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों की पल्स पोलियो अभियान हेतुु प्रशिक्षण पूर्ण कर लिया गया है।जिला प्रशासन द्वारा सभी जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, इंडियन पिडियाट्रिक एसोसिएशन, नगर पालिक निगम महापौर, सरपंचों, पंचों, वार्ड पार्षदों, पत्रकार बंधुओं एवं समस्त जनता से अपील कि गई है कि पिछले चक्रों की भांति ही इस इस अभियान में अपनी भागीदारी अवश्य निभाएं।
- दुर्ग. एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई 02 के अंतर्गत दो नवीन स्वीकृत आंगनबाड़ी केन्द्रों में स्वीकृत कार्यकर्ता एवं सहायिका पद तथा दो पूर्व स्वीकृत केन्द्रों में रिक्त आंगनबाडी सहायिका के पदों की पूर्ति के संबंध में इच्छुक आवेदिकाओं से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किया गया था। मूल्यांकन समिति द्वारा परीक्षण उपरांत अनंतिम मूल्यांकन पत्रक नगर पालिक निगम भिलाई-चरोदा में चस्पा कर दिया गया है। आवेदिकाओं को मूल्यांकन पत्रक के संबंध में दावा आपत्ति हो तो पर्याप्त साक्ष्य/प्रमाणित दस्तावेज के सहित 03 जुलाई 2026 तक कार्यालयीन समय में नगर पालिक निगम भिलाई-चरोदा रोड मुक्ता टाकिज के पास, में दावा आपत्ति स्वीकार किए जाएंगे।
- दुर्ग. जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आम नागरिकों को डिजिटल और ऑनलाइन सेवाएं सुलभ कराने की दिशा में राज्य शासन की गौण खनिज योजना के अंतर्गत एक बड़ी पहल की गई है।कार्यालय जिला पंचायत, दुर्ग द्वारा गौण खनिज योजना वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले के दुर्ग और पाटन विकासखंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों में 16 ’अटल डिजिटल सुविधा केंद्र’ की स्थापना के लिए कुल 80 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वीकृत किए गए सभी 16 अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के निर्माण व स्थापना के लिए प्रति केंद्र 5.00 लाख रुपए की राशि मंजूर की गई है। इस परियोजना के तहत दुर्ग विकासखंड में 9 केंद्रों के लिए 45 लाख रुपए और पाटन विकासखंड में 7 केंद्रों के लिए 35 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इन कार्यों को संपादित कराने की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायतों को कार्यकारी एजेंसी के रूप में सौंपी गई है। जिले के दुर्ग विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत पुरई, उमरपोटी, निकुम, बोरई, थनौद, चंगोरी, भटगांव, खपरी (कुटेला भाठा) और अरसनारा में इन केंद्रों की स्थापना की जाएगी। इसी प्रकार पाटन विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत औंधी, घुघवा ज., अमलीडीह, अमेरी, तर्रा, पचपेड़ी और नारधी में इस योजना के तहत् अटल डिजीटल सुविधा केन्द्र हेतु स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे इन क्षेत्रों के ग्रामीणों को सीधे तौर पर लाभ मिल सकेगा।
- दुर्ग. एकीकृत बाल विकास परियोजना अहिवारा के अंतर्गत स्वीकृत पदों की पूर्ति हेतु 11 जुलाई 2026 तक ई-भर्ती पोर्टल https://aww.e-bharti.in/ पर आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 02, वार्ड क्रमांक -13 में आंगनबाड़ी सहायिका के लिए ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किया गया है। अधिक जानकारी के लिए एकीकृत बाल विकास परियोजना अहिवारा में कार्यालयीन समय में संपर्क कर सकते हैं।
- दुर्ग. जिले में अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र हितग्राहियों को स्वरोजगार से जोड़ने हेतु अनुसूचित जाति वर्ग हेतु अभ्युदय (पीएम-अजय) योजना के अंतर्गत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना के तहत जो हितग्राही अपना स्वयं का व्यवसाय स्थापित करना चाहते हैं, उन्हें बैंकों के माध्यम से न्यूनतम 1 लाख के ऋण की स्वीकृति पर 50 हजार या ऋण राशि का 50 प्रतिशत (जो भी कम हो) अनुदान के रूप में प्रदान किया जाएगा।जिला अंत्यावसायी सहकारी समिति मर्यादित दुर्ग से प्राप्त जानकारी अनुसार इस योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के व्यवसायों जैसे किराना, मनिहारी, कपड़ा दुकान, नाई सेलून, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, फैन्सी स्टोर, मोटर मैकेनिक, सायकिल मरम्मत, टीवी-रेडियो-मोबाइल रिपेयरिंग, वाइंडिंग, मुर्गीपालन, बकरी पालन, सब्जी व्यवसाय, दोनापत्तल निर्माण, अगरबत्ती व्यवसाय, लघु/कुटीर उद्योग सहित स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य व्यवसायों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।पात्रता शर्तें-आवेदक दुर्ग जिले का मूल निवासी होना चाहिए। आवेदक अनुसूचित जाति वर्ग का हो। परिवार की वार्षिक आय 2.50 लाख तक हो। आयु सीमा न्यूनतम 18 वर्ष एवं अधिकतम 50 वर्ष निर्धारित है। आवेदक पर किसी भी शासकीय योजना का पूर्व ऋण बकाया नहीं होना चाहिए। पात्र आवेदकों को मूल निवासी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड, पेनकार्ड, बैंक पासबुक संबंधी दस्तावेज एवं अन्य आवश्यक प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा।इच्छुक एवं पात्र आवेदक दिनांक 31 जुलाई 2026 तक कार्यालयीन दिवसों में जिला अंत्यावसायी सहकारी समिति मर्यादित, दुर्ग में उपस्थित होकर अपना आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं।--
- -राज्य शासन ने जारी की अधिसूचना-उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव से डोंगरगांव के जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने मिलकर जताया आभाररायपुर।. राज्य शासन ने डोंगरगांववासियों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी करते हुए डोंगरगांव नगर पंचायत का नगर पालिका के रूप में उन्नयन कर दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। डोंगरगांव नगर पंचायत की सीमाएं ही डोंगरगांव नगर पालिका की सीमाएं होंगी। राज्य शासन के इस निर्णय से पूरे शहर में खुशी एवं उत्साह का वातावरण है।डोंगरगांव नगर पंचायत के नगर पालिका में उन्नयन के बाद वहां के जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने आज उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव से मुलाकात कर आभार व्यक्त किया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इससे डोंगरगांव के सुनियोजित विकास को नई दिशा मिलेगी तथा शहरी सुविधाओं के विस्तार के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने डोंगरगांव के जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि नगर पालिका बनने के बाद डोंगरगांव में सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, उद्यान, सामुदायिक भवन सहित विभिन्न आधारभूत सुविधाओं के विकास को गति मिलेगी। साथ ही राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से नगरवासियों तक पहुंच सकेगा। इस दौरान डोंगरगांव नगर पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती अंजू त्रिपाठी, पार्षद श्री मनबोधी पटेल, श्रीमती पदमनी ठाकुर, श्रीमती गायत्री यादव, श्रीमती लीला मंडलोई, श्री डीकेश साहू, श्री दीना पटेल और श्री रामकुमार गुप्ता भी मौजूद थे।
- -वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का शुभारंभ-50 बिस्तरों वाले अस्पताल से नवा रायपुर एवं आसपास के क्षेत्र के लोगों को मिलेगा बेहतर उपचार का लाभरायपुर ।नवा रायपुर के सेक्टर-9 में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित एक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का गुरुवार को विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी थे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किसी भी राज्य के विकास का महत्वपूर्ण आधार होता है। नवा रायपुर में इस अत्याधुनिक अस्पताल की शुरुआत से क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा और अधोसंरचना के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है, जिससे प्रदेश के लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो रहा है।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज देश के तेजी से प्रगति करने वाले राज्यों में शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा कि एक समय जिन चुनौतियों की चर्चा होती थी, आज उन्हें पीछे छोड़ते हुए राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रदेश में निवेश बढ़ रहा है, उद्योगों का विस्तार हो रहा है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी निवेश और आधुनिक अस्पतालों की स्थापना से नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार के प्रयासों और निजी क्षेत्र की सहभागिता से प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना लगातार मजबूत हो रही है, जिसका लाभ आम नागरिकों को मिल रहा है।उल्लेखनीय है कि 50 बिस्तरों वाले सरोज सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अस्पताल के संचालन से नवा रायपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं का लाभ मिलेगा तथा उपचार के लिए दूर-दराज के शहरों पर निर्भरता कम होगी। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, चिकित्सकों, अस्पताल प्रबंधन तथा बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही।
- -'कृषक उन्नति योजना' से किसानों को संबल-राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा-बलौदाबाजार में 'जिला स्तरीय तिलहन मेला सह जैविक कृषि कार्यशाला' संपन्न, किसानों और मछुआरों को बांटे गए कृषि आदानरायपुर। अगर हमें अपनी आने वाली पीढ़ी को एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य देना है, तो रासायनिक खादों की अंधी दौड़ से बाहर निकलना होगा। धरती की उर्वरा शक्ति को बचाने और इंसानी सेहत को संवारने का एकमात्र रास्ता जैविक और प्राकृतिक खेती ही है। यह विचार प्रदेश के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने भाटापारा में आयोजित 'जिला स्तरीय तिलहन मेला सह जैविक कृषि कार्यशाला' के दौरान व्यक्त किए। शासकीय गजानन्द अग्रवाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में संपन्न हुए इस समारोह में राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा और रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल भी विशेष रूप से मंच पर मौजूद रहे।कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में 1 से 30 जून तक 'खेत चलो अभियान' चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य ध्येय किसानों को पारंपरिक और प्राकृतिक खेती की ओर वापस लाना है। छत्तीसगढ़ के 'धान का कटोरा' होने के गौरव को रेखांकित करते हुए उन्होंने चिंता जताई कि अधिक उत्पादन की लालसा में रासायनिक खादों का अंधाधुंध इस्तेमाल बढ़ गया है। इससे तात्कालिक पैदावार भले बढ़ रही हो, लेकिन यह मानव स्वास्थ्य और मिट्टी, दोनों को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे सिर्फ पारंपरिक फसलों तक सीमित न रहें, बल्कि पशुपालन, मछलीपालन और बकरी पालन को जोड़कर अपनी आय के नए स्रोत बनाएं।किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कृषि मंत्री ने बताया कि सरकार ने 'कृषक उन्नति योजना' का दायरा और बढ़ा दिया है। अब खरीफ सीजन में धान के बदले दलहन (दालें) और तिलहन (तेल बीज) की खेती करने वाले किसानों को सरकार की तरफ से 15 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि (इनपुट सब्सिडी) दी जाएगी। उन्होंने क्षेत्र के किसानों से इस योजना का बढ़-चढ़कर लाभ उठाने का आग्रह किया।समारोह को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का सपना जैविक खेती के जरिए ही साकार हो सकता है। उन्होंने कहा कि पुराने समय में हमारी कृषि का मूल आधार पशुधन हुआ करता था, जिससे पर्यावरण और जमीन दोनों सुरक्षित थे। आज रासायनिक खादों के कारण पानी, हवा और भोजन सब प्रदूषित हो रहे हैं। जैविक खेती से जब हमारी जमीन की सेहत सुधरेगी, तभी हमें शुद्ध अन्न मिलेगा और हमारा समाज स्वस्थ रहेगा। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल और पूर्व विधायक श्री शिवरतन शर्मा ने भी अपने विचार साझा किए।कार्यशाला केवल विमर्श तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें शासन की कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया गया। कार्यक्रम में अतिथियों के हाथों 5 किसानों को अरहर बीज किट, 5 किसानों को नैनो यूरिया और 2 मछुआ समितियों को आधुनिक महाजाल व आइस बॉक्स का वितरण किया गया। इसके साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि और पीएम आशा योजना के तहत उत्कृष्ट काम करने वाले 5-5 किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, जिला पंचायत सीईओ, सहित भारी संख्या में प्रगतिशील किसान और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
- महासमुंद / कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री विनय लंगेह के निर्देश के परिपालन में जिला स्तरीय गठित संयुक्त टीम श्री शांति संस उद्योग, इंडस्ट्रीयल एरिया बिरकोनी महासमुन्द का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान श्रीमती दिशा शुक्ला सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा जिला-बलौदाबाजार-भाटापारा (छ०ग०), श्री प्रतीक शुक्ला जिला परिवहन अधिकारी जिला महासमुन्द, श्री डी०एन० पात्र श्रम पदाधिकारी श्रम विभाग, श्री एस. के. चौधरी पर्यावरण विभाग, श्री सिद्धार्थ दुबे निरीक्षक, विधिक मापविज्ञान विभाग, श्री अलीम अहमद नियाजी श्रम उप निरीक्षक श्रम विभाग उपस्थित रहे।औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की जांच में श्रमिकों का व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण प्रदाय नहीं किया जाना पाया गया। उचित मात्रा में अग्निशमन यंत्र नहीं पाया गया। केमिकल स्टोर एरिया में सुरक्षा उपाय लिखे हुए नहीं पाये गये। परिवहन विभाग की जांच में ट्रकों की जांच गई। सभी ट्रकों में फिटनेस इश्योरेंस परमिट सभी सही मिला। विधिक मापविज्ञान विभाग की जांच में उपयोग हो रहे टैंकर गाड़ियों व मोबाइल डिस्पेंसिंग यूनिट सत्यापन से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नही पाए गए। जिनके संबंध में संबंधित को नोटिस जारी किया जा रहा है। पर्यावरण विभाग की जांच में स्थितियां सामान्य पाई गई। श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, छ०ग० श्रम कल्याण निधि अधिनियम 1982 के अन्तर्गत जांच/निरीक्षण किया गया। सूचना बोर्ड प्रदर्शित नहीं पाया गया। अधिनियम का सारांश प्रदर्शित नहीं पाया गया। जिसके संबंध में प्रबंधक को नोटिस जारी किया जा रहा है। इसके पश्चात् वॉलप्लास्ट प्रोडक्ट प्रा०लि० बिरकोनी का जांच किया गया। जिसमें औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की जांच में श्रमिकों का व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण प्रदाय नहीं किया जाना पाया गया। उचित मात्रा में अग्निशमन यंत्र नहीं पाया गया। केमिकल स्टोर एरिया में सुरक्षा उपाय लिखे हुए नहीं पाये गये। परिवहन विभाग की जांच में फैक्ट्री में 03 ट्रैक्टर मिले। तीनो ट्रैक्टर ट्रॉली बिना रजिस्ट्रेशन के फैक्ट्री परिसर के अंदर मिले नोटिस जारी किया जा रहा है। पर्यावरण विभाग की जांच में स्थितियां सामान्य पाई गई। श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, छ०ग० श्रम कल्याण निधि अधिनियम 1982, के अन्तर्गत जांच/निरीक्षण किया गया। सूचना बोर्ड प्रदर्शित नहीं पाया गया। अधिनियम का सारांश प्रदर्शित नहीं पाया गया। ओवर टाईम लिया जाना पाया गया। ओवर टाईम के अन्तर की राशि हेतु प्रबंधक को नोटिस जारी किया जा रहा है। इसके पश्चात् ड्राई केम इंडिया प्रा०लि० बिरकोनी का जांच किया गया। जिसमें औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की जांच में श्रमिकों का व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण प्रदाय नहीं किया जाना पाया गया। उचित मात्रा में अग्निशमन यंत्र नहीं पाया गया। केमिकल स्टोर एरिया में सुरक्षा उपाय लिखे हुए नहीं पाये गये। परिवहन विभाग की जांच में फैक्ट्री में 03 ट्रैक्टर मिले। तीनो ट्रैक्टर ट्रॉली बिना रजिस्ट्रेशन के फैक्ट्री परिसर के अंदर मिले नोटिस जारी किया जा रहा है। विधिक मापविज्ञान विभाग की जांच में फैक्ट्री में स्थापित धर्मकांटे के सत्यापन संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किया जा रहा है। पर्यावरण विभाग की जांच में स्थितियां सामान्य पाई गई। श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, छ०ग० श्रम कल्याण निधि अधिनियम 1982. संविदा श्रमिक अधिनियम, 1970 के अन्तर्गत जांच / निरीक्षण किया गया। सूचना बोर्ड प्रदर्शित नहीं पाया गया। अधिनियम का सारांश प्रदर्शित नहीं पाया गया। ओवर टाईम लिया जाना पाया गया। ओवर टाईम के अन्तर की राशि हेतु प्रबंधक को नोटिस जारी किया जा रहा है। इसके पश्चात् बंजारे स्टोन एण्ड क्रेशर इण्डस्ट्रीज ग्राम घोड़ारी का जांच किया गया। जिसमें श्रम विभाग की जांच में श्रमिक का बयान का लिया गया। दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया। दस्तावेज उपलब्ध कराने हेतु नोटिस जारी किया जा रहा है। जय बजरंग स्टोन घोडारी का जांच किया गया। जिसमें श्रम विभाग की जांच में श्रमिकों का बयान लिया गया। संचालक को नोटिस जारी किया जा रहा है।हर्ष क्रेशर घोडारी की जांच में क्रेशर बंद पाया गया।
- -सहकारिता मंत्रालय के 5 वर्ष पूर्ण होने पर 29 जून से 6 जुलाई तक मनाया जाएगा सहकारी सप्ताह-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मुख्य आतिथ्य में रायपुर में होगा राज्य स्तरीय सहकारी चिंतन शिविर एवं सहकार मेलारायपुर। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक पूरे देश में सहकारी सप्ताह मनाया जाएगा। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में भी सहकारिता के माध्यम से समृद्धि, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। राज्य स्तरीय सहकारी चिंतन शिविर, सहकार मेला, अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस समारोह एवं सहकारी संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि तथा सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप अध्यक्षता करेंगे।गौरतलब है कि सहकारी सप्ताह के सफल आयोजन के लिए सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने विगत 23 जून को विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। इसके साथ ही उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की पैक्स समितियों के प्राधिकृत अधिकारियों एवं संभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री श्री कश्यप ने सभी संबंधित संस्थाओं और समितियों को आयोजन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा सहकारिता आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने के निर्देश दिए।सहकारी सप्ताह के दौरान प्रदेश की सभी 2573 पैक्स समितियों सहित दुग्ध, मत्स्य, बुनकर एवं अन्य सहकारी समितियों द्वारा विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से सहकारी ध्वजारोहण,सदस्यता अभियान,माइक्रो एटीएम, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) एवं रू-पे केसीसी कार्ड वितरण,सहकार दौड़,वृक्षारोपण अभियान,मृदा परीक्षण,कृषक संगोष्ठियां एफपीओ एवं पैक्स की भूमिका पर परिचर्चा आदि कार्यक्रम शामिल हैं। सहकारी सप्ताह के समापन अवसर पर 6 जुलाई 2026 को भारत सरकार के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री द्वारा सहकारी क्षेत्र में विकेंद्रीकृत विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत प्रदेश के 9 पैक्स में गोदाम निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया जाएगा।राज्य स्तरीय सहकारी चिंतन शिविर, सहकार मेला, अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस समारोह एवं सहकारी संगोष्ठी का आयोजन 3 एवं 4 जुलाई 2026 को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित कृषि मंडपम ऑडिटोरियम, लाभांडी (रायपुर) में किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि तथा सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप अध्यक्षता करेंगे। सहकारी संस्थाओं और राष्ट्रीय संगठनों की होगी भागीदारी कार्यक्रम में पैक्स, दुग्ध, मत्स्य, लघु वनोपज, बुनकर एवं अन्य सहकारी समितियों के साथ-साथ नाबार्ड, एनसीडीसी, एनसीसीएफ, नैफेड, सीएससी, इफको, कृभको, राज्य सहकारी संघ तथा अन्य प्रमुख संस्थाएं अपनी सहभागिता सुनिश्चित करेंगी।सहकार मेले में सहकारिता क्षेत्र की उपलब्धियों, नवाचारों और सफल मॉडलों का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही किसानों, महिला समूहों, दुग्ध उत्पादकों, मत्स्य पालकों, बुनकरों एवं ग्रामीण उद्यमियों को सहकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, सहभागिता और विभिन्न गतिविधियों के सफल संचालन पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में सभी ने सहकारिता आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाने तथा सहकारी सप्ताह को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाने का संकल्प व्यक्त किया।सहकारी सप्ताह के आयोजन को लेकर सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्या० (अपेक्स बैंक) के प्राधिकृत अधिकारी श्री केदार नाथ गुप्ता, छ०ग०राज्य सहकारी विपणन संघ मार्कफेड के अध्यक्ष श्री शशिकांत द्विवेदी, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक दुर्ग के अध्यक्ष श्री प्रीतपाल बेलचंदन, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक राजनांदगांव अध्यक्ष श्री सचिन बघेल, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक रायपुर अध्यक्ष श्री निरंजन सिन्हा, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक बिलासपुर अध्यक्ष श्री रजनीश सिंह, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक जगदलपुर श्री दिनेश कश्यप, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक अध्यक्ष अंबिकापुर श्री रामकिशुन सिंह एवं अन्य सहकारी प्रतिनिधियों अपेक्स बैंक, मार्कफेड, जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों तथा अन्य सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
- -शासन की पहल ला रही सकारात्मक बदलाव, सेवा सेतु से नागरिकों को मिल रही त्वरित सेवाएं-कार्यालयों के चक्कर से मिली मुक्ति, बिना भागदौड़ समय पर मिला आय प्रमाण पत्ररायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की सेवा सेतु पहल ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों तक शासकीय सेवाओं की सहज, त्वरित एवं पारदर्शी पहुंच सुनिश्चित कर रही है। इस व्यवस्था के माध्यम से विभिन्न प्रमाण पत्रों एवं आवश्यक सेवाओं के लिए लोगों को अब बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। समय और धन की बचत के साथ नागरिकों को निर्धारित समयावधि में सेवाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे शासन की जनहितकारी पहल के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत हो रहा है।इसी क्रम में कोरबा जिले की पाली तहसील अंतर्गत नानबांका निवासी श्री रनसिंह नेटी ने अपने पुत्र सुनील कुमार के लिए आय प्रमाण पत्र बनवाने हेतु लोक सेवा केंद्र सुतर्रा में आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन के लगभग एक सप्ताह के भीतर ही आय प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया, जिससे परिवार को आवश्यक दस्तावेज समय पर प्राप्त हो सका।आय प्रमाण पत्र प्राप्त होने पर सुनील कुमार एवं उनके पिता रनसिंह नेटी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ शासन की इस पहल की सराहना की। उन्होंने बताया कि पहले ऐसे कार्यों के लिए कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती थी। अब सेवा सेतु के माध्यम से प्रक्रिया सरल, सुगम और समयबद्ध हो गई है तथा आवश्यक दस्तावेज आसानी से प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने नागरिक सेवाओं को आमजन तक सरलता से पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा सेतु जैसी पहल ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। यह व्यवस्था शासन की सेवाओं को लोगों के द्वार तक पहुंचाने और सुशासन को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- -जलीय कृषि बीमा जागरूकता कार्यशाला संपन्न-मत्स्य पालकों को दी गई योजनाओं एवं बीमा लाभों की जानकारीरायपुर। राष्ट्रीय मात्स्यिकी कृषि विकास बोर्ड (एनएफडीबी) एवं मत्स्य पालन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त तत्वावधान में प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना अंतर्गत जलीय कृषि बीमा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित न्यू सर्किट हाउस में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य के मत्स्य पालकों को जलीय कृषि बीमा योजना की जानकारी प्रदान करना तथा उन्हें प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना के विभिन्न लाभों से अवगत कराना था। कार्यक्रम में रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से 200 से अधिक मत्स्य पालकों ने हिस्सा लिया।कार्यशाला का शुभारंभ छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ. लखन लाल धीवर द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने मत्स्य पालन क्षेत्र के सतत् विकास में बीमा सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं एवं अन्य जोखिमों से होने वाली क्षति की भरपाई के लिए जलीय कृषि बीमा योजना मत्स्य पालकों के लिए अत्यंत उपयोगी है।कार्यक्रम में मत्स्य पालन विभाग के संचालक श्री एन.एस. नाग ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना के माध्यम से मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि, आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा तथा जोखिम प्रबंधन को सुदृढ़ करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने उपस्थित मत्स्य पालकों को जलीय कृषि बीमा योजना का लाभ लेने हेतु प्रेरित किया।राष्ट्रीय मात्स्यिकी कृषि विकास बोर्ड के बीमा विशेषज्ञ श्री मो. इफ्तिखार हुसैन ने जलीय कृषि बीमा योजना के प्रावधानों, पात्रता एवं लाभों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रत्येक मत्स्य पालक को 1.00 हेक्टेयर जलक्षेत्र तक बीमा कराने पर एक बार प्रीमियम राशि का 40 प्रतिशत प्रोत्साहन अनुदान प्रदान किया जाता है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं महिला हितग्राहियों को अतिरिक्त 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि का लाभ भी दिया जाता है। इस योजना के तहत अधिकतम 1.00 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाती है।उन्होंने आगे बताया कि मत्स्य उत्पादन से संबंधित संरचनाओं जैसे पॉण्ड लाइनर, केज कल्चर, आरएएस (री-सर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम) तथा बायोफ्लॉक इकाइयों को भी बीमा सुरक्षा के दायरे में शामिल किया गया है। इन संरचनाओं के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार अधिकतम 1.00 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि तथा 1800 घनमीटर जल क्षमता तक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इससे मत्स्य पालकों को संभावित आर्थिक जोखिमों से सुरक्षा प्राप्त होती है।कार्यशाला में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के स्टेट हेड श्री जय नारायण पटेल ने शासकीय पोर्टलों पर पंजीयन की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से समझाया। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना एवं राष्ट्रीय मत्स्यिकी डिजिटल प्लेटफॉर्म (एनएफडीपी) पर पंजीयन की प्रक्रिया का प्रदर्शन कर हितग्राहियों की शंकाओं का समाधान किया। कार्यशाला में कृषि बीमा कंपनी एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के प्रतिनिधि श्री वाघमारे एवं श्री आशीष अमित टोप्पो ने जलीय कृषि बीमा योजना के विभिन्न पहलुओं, बीमा दावों की प्रक्रिया, जोखिम कवरेज तथा योजना से मिलने वाले प्रत्यक्ष लाभों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मत्स्य पालकों को समय पर बीमा कराने एवं आवश्यक दस्तावेजों के संधारण के संबंध में भी मार्गदर्शन प्रदान किया।कार्यशाला के दौरान मत्स्य पालकों के साथ संवाद सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें विशेषज्ञों एवं अधिकारियों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। प्रतिभागियों ने योजना के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे मत्स्य पालन व्यवसाय को सुरक्षित एवं लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
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रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और त्वरित जनसेवा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी दिशा में संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आम नागरिकों की समस्याओं के शीघ्र समाधान का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है। कोण्डागांव जिले में इसका एक सकारात्मक उदाहरण सामने आया है, जहां एक नागरिक को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने के मात्र 24 घंटे के भीतर विवाह प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया।
कोण्डागांव जिले के बड़ेराजपुर तहसील अंतर्गत ग्राम खालारी निवासी श्री जितेन्द्र कुमार मरकाम एवं ग्राम आमगांव निवासी श्रीमती सरिता मरकाम का विवाह 27 अप्रैल 2026 को संपन्न हुआ था। विवाह प्रमाण पत्र की आवश्यकता होने पर उन्होंने संबंधित प्रक्रिया पूर्ण की, किंतु प्रमाण पत्र प्राप्त होने में विलंब होने के कारण उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से अपनी समस्या दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होते ही जनपद पंचायत बड़ेराजपुर द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की गई और आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर 24 घंटे के भीतर विवाह प्रमाण पत्र जारी कर हितग्राहियों को उपलब्ध करा दिया गया। विवाह प्रमाण पत्र प्राप्त होने पर श्री जितेन्द्र कुमार मरकाम एवं श्रीमती सरिता मरकाम ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी समस्या का त्वरित समाधान हुआ, जिससे उन्हें काफी राहत मिली। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और जनकल्याण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का लाभ अब सीधे आम नागरिकों तक पहुंच रहा है, जिससे शासन के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हो रहा है। - -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे शुभारंभ, 29-30 जून को होगा दो दिवसीय आयोजन-अधिकारियों को समयबद्ध तैयारियां पूरी करने के निर्देशरायपुर। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने गुरुवार को सरगुजा जिले के विकासखंड उदयपुर स्थित रामवनगमन पर्यटन परिपथ एवं विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला रामगढ़ का विस्तृत स्थल निरीक्षण कर महोत्सव की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने आयोजन स्थल पर पहुंचकर विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित होने वाला यह महोत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक अस्मिता का महत्वपूर्ण उत्सव होगा, इसलिए आयोजन की प्रत्येक व्यवस्था सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं आकर्षक होनी चाहिए।निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री अग्रवाल ने सीताबेंगरा, हाथी पोल, हेलीपैड, मुख्य मंच, पार्किंग स्थल, पंडाल, बैठक व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन तथा विभिन्न विभागों द्वारा लगाए जाने वाले प्रदर्शनी एवं विभागीय स्टॉलों की तैयारियों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने विशेष रूप से सीताबेंगरा और हाथी पोल क्षेत्र में पर्यटकों की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महोत्सव में आने वाले पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा, आगंतुकों की आवाजाही, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा प्रबंधन तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए आयोजन को सफल बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें ताकि रामगढ़ महोत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप भव्य और यादगार आयोजन के रूप में स्थापित हो।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि रामगढ़ महोत्सव प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, ऐतिहासिक धरोहरों और पुरातात्विक महत्व को नई पहचान देने का अवसर है। यह आयोजन न केवल पर्यटन को नई गति देगा, बल्कि स्थानीय कला, संस्कृति, लोक परंपराओं एवं रोजगार के नए अवसरों को भी प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन से देश-विदेश के पर्यटकों का आकर्षण रामगढ़ की ओर बढ़ेगा और सरगुजा क्षेत्र पर्यटन के नए केंद्र के रूप में स्थापित होगा।उन्होने आगे कहा कि रामगढ़ महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम है। रामगढ़ की विश्वविख्यात धरोहरों, सीताबेंगरा एवं जोगीमारा गुफाओं तथा रामवनगमन पर्यटन परिपथ को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य को लेकर आगामी 29 एवं 30 जून को आयोजित होने वाले दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव की सभी तैयारियां समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण की जा रही हैं।कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने भी सभी विभागीय अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का समय पर निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार अग्रवाल, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री वीरेंद्र चौधरी, अनुविभागीय अधिकारी श्री रामराज सिंह, उदयपुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री वेद प्रकाश गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला, सीताबेंगरा और जोगीमारा गुफाओं की अनमोल धरोहर से रूबरू कराता है रामगढ़-सरगुजा की गौरवशाली विरासत का जीवंत उत्सवरायपुर। छत्तीसगढ़ का सरगुजा अंचल प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ अपनी समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पौराणिक विरासत के लिए भी विशेष पहचान रखता है। इसी विरासत का सबसे अनमोल अध्याय है सरगुजा जिले में उदयपुर विकासखंड स्थित रामगढ़, जहां हर वर्ष आयोजित होने वाला ’’रामगढ़ महोत्सव’’ प्रदेश की गौरवशाली सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत स्वरूप प्रदान करता है। यह महोत्सव केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन नहीं, बल्कि हजारों वर्षों के इतिहास, कला, पुरातत्व और आस्था से जुड़ने का अद्भुत अवसर है।रामगढ़ पर्वत की पश्चिमी ढलान पर स्थित ’’सीताबेंगरा’’ और ’’जोगीमारा’’ गुफाएं भारतीय इतिहास की अनुपम धरोहर हैं। इन गुफाओं का उल्लेख देश के प्रमुख पुरातात्विक स्थलों में किया जाता है। यहां की शिल्पकला, स्थापत्य, शिलालेख और प्राचीन चित्र भारतीय सभ्यता के उत्कर्ष की कहानी कहते हैं। यही कारण है कि यह स्थल वर्षों से इतिहासकारों, पुरातत्वविदों, शोधकर्ताओं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।रामगढ़ क्षेत्र का संबंध रामायणकालीन परंपराओं से भी जोड़ा जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण ने वनवास के दौरान यहां कुछ समय व्यतीत किया था। माना जाता है कि जिस गुफा में माता सीता ने निवास किया, वही आज सीताबेंगरा के नाम से प्रसिद्ध है। इस धार्मिक आस्था के कारण रामगढ़ केवल ऐतिहासिक धरोहर नहीं, बल्कि श्रद्धा का भी महत्वपूर्ण केंद्र है।सीताबेंगरा गुफा को भारतीय रंगमंच के इतिहास में विशेष स्थान प्राप्त है। इसकी अनूठी संरचना, बैठने की व्यवस्था और मंच जैसी आकृति के कारण अनेक विद्वान इसे विश्व की सबसे प्राचीन अथवा भारत की प्राचीनतम नाट्यशालाओं में से एक मानते हैं। लगभग 45 फीट गहरी इस गुफा में निर्मित प्राकृतिक रंगमंच आज भी प्राचीन भारतीय कला और सांस्कृतिक परंपरा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है।सीताबेंगरा के समीप स्थित जोगीमारा गुफा भारतीय चित्रकला की आरंभिक परंपरा की अमूल्य धरोहर मानी जाती है। यहां तीसरी-दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व के भित्तिचित्रों के अवशेष प्राप्त हुए हैं, जिनमें मानव आकृतियां, नृत्य, संगीत, पशु-पक्षी और सामाजिक जीवन के दृश्य अंकित थे। लाल, पीले और काले रंगों से निर्मित ये चित्र भारतीय कला के विकासक्रम की महत्वपूर्ण कड़ी माने जाते हैं।रामगढ़ की एक और विशेष पहचान ’’हाथीपोल’’ है। लगभग 180 फीट लंबी प्राकृतिक सुरंग अपनी अनोखी संरचना के कारण पर्यटकों को रोमांचित करती है। माना जाता है कि वर्षों तक जल प्रवाह के कारण इसका वर्तमान स्वरूप बना। सुरंग के दूसरे छोर पर स्थित सीताबेंगरा और जोगीमारा गुफाएं इस पूरे क्षेत्र को और अधिक आकर्षक बनाती हैं।रामगढ़ क्षेत्र में अनेक प्राचीन मंदिरों और मूर्तियों के अवशेष भी आज इतिहास की अमिट गवाही देते हैं। भगवान विष्णु, श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान और देवी की प्राचीन प्रतिमाएं, नक्काशीदार स्तंभ, मंदिरों के द्वार और स्थापत्य कला तत्कालीन शिल्पकारों की अद्भुत प्रतिभा को दर्शाते हैं। इतिहासकारों के अनुसार यह क्षेत्र प्रारंभिक कलचुरी शासनकाल के महत्वपूर्ण सांस्कृतिक केंद्रों में शामिल रहा है।आज रामगढ़ इतिहास, पुरातत्व, संस्कृति और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन चुका है। देश-विदेश से आने वाले शोधकर्ता, विद्यार्थी और पर्यटक यहां की धरोहरों का अध्ययन करने पहुंचते हैं। राज्य सरकार द्वारा आयोजित ’’रामगढ़ महोत्सव’’ इस ऐतिहासिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ-साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।रामगढ़ केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि सरगुजा की हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक चेतना, कला, आस्था और गौरवशाली इतिहास का जीवंत प्रतीक है। सीताबेंगरा की पौराणिक मान्यताएं, जोगीमारा की प्राचीन चित्रकला, हाथीपोल की अद्भुत प्राकृतिक संरचना और यहां बिखरे पुरातात्विक अवशेष मिलकर यह संदेश देते हैं कि सरगुजा का इतिहास जितना प्राचीन है, उतना ही समृद्ध और प्रेरणादायी भी। यही कारण है कि रामगढ़ महोत्सव आज इस विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और विश्व पटल पर स्थापित करने का प्रभावी माध्यम बन चुका है।
- -वित्त मंत्री ओपी चौधरी एवं मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने दिखाई हरी झंडी, अब तक 52 महिलाओं को मिला ई-ऑटो-महिलाएं हुई आत्मनिर्भर, हो रही 25 से 30 हजार रुपए प्रतिमाह आयरायपुर । ई-आटो परिवहन सेवा प्रोजेक्ट ‘पिंक ऑटो’ के द्वितीय चरण का शुभारंभ गुरुवार को वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी एवं मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने ऑटो को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और स्वयं बैठक संवारी की।प्रथम फेस में 20 हजार प्रतिमाह से अधिक आय अर्जित करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया जिसमें ग्राम राखी निवासी श्रीमती चंद्रिका साहू, कोटरा भाटा निवासी श्रीमती शीतू कोशले, ग्राम बेंद्री निवासी श्रीमती रेशम साहू, ग्राम तूता निवासी श्रीमती ज्ञानी बैस शामिल हैं। प्रथम चरण में 14 ग्राम व 16 ग्राम संगठन की 40 महिलाएं एवं द्वितीय चरण में 23 ग्राम व 25 ग्राम संगठन की 52 महिलाओं को ई ऑटो प्रदान किया गया है।कार्यक्रम में 52 महिलाओं को आत्मनिर्भरता की चाबी सौंपते हुए पिंक ई-ऑटो प्रदान किए गए। प्रथम चरण में 40 ई-ऑटो प्रदान किए गए थे, जिसके बाद नवा रायपुर क्षेत्र की महिलाएं प्रति माह 25 से 30 हजार रुपए की आय अर्जित कर रही हैं। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि पिंक ऑटो योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल उनकी आय बढ़ी है, बल्कि वे सम्मान के साथ आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने सभी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने एवं उनके पिंक ऑटो के लिए शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर सचिव आवास एवं पर्यावरण श्री अंकित आनंद, एनआरडीए के सीईओ श्री चंदन कुमार, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
- राजनांदगांव । आधार पंजीयन एवं अद्यतन कार्यों को और अधिक प्रभावी एवं सुचारू बनाने के उद्देश्य से जिले के आधार संचालकों का वृहत प्रशिक्षण कार्यक्रम कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के प्रतिनिधि श्री शुभान जी द्वारा आधार संचालन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण के दौरान आधार संचालकों की शंकाओं एवं व्यावहारिक समस्याओं का विस्तारपूर्वक समाधान किया गया। साथ ही आधार नामांकन एवं अद्यतन कार्यों में निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने तथा नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने की जानकारी दी गई। अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय ने आधार सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में संचालकों को निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण के दौरान जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, सहायक प्रबंधक श्री आशीष स्वर्णकार, जिला समन्वयक आधार श्री अंकित सिंह सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी एवं आधार संचालक उपस्थित थे।
- रायपुर। आदिवासी बहुल और वनांचल क्षेत्रों में जब कोई महिला अपने जज्बे से तकदीर बदलती है, तो उसकी गूंज दूर तक सुनाई देती है। नारायणपुर जिले के छोटे से गाँव एड़का की रहने वाली श्रीमती रुक्मणी नाग की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। आज वे सिर्फ एक किसान नहीं हैं, बल्कि पूरे इलाके के लिए आत्मनिर्भरता और आधुनिक खेती की एक नई मिसाल बन चुकी हैं।कुछ समय पहले तक रुक्मणी की जिंदगी भी गांव के आम किसानों जैसी ही थी। पीढ़ी दर पीढ़ी चले आ रहे ढर्रे पर वे हर साल अपने खेतों में धान बोती थीं। सुबह से शाम तक पसीना बहाने के बाद भी जब फसल कटकर घर आती, तो हाथ में इतनी रकम भी नहीं बचती थी कि अगली फसल की लागत आसानी से निकल सके। बढ़ती महंगाई, खाद-बीज के ऊंचे दाम और मौसम के बदलते मिजाज ने धान की खेती को घाटे का सौदा बना दिया था। रुक्मणी इस बात से परेशान थीं कि मेहनत के बावजूद परिवार की आर्थिक स्थिति जस की तस बनी हुई थी। वे इस ढर्रे को तोड़ना चाहती थीं, पर रास्ता नहीं सूझ रहा था।रुक्मणी के जीवन में नया मोड़ तब आया, जब उनकी मुलाकात उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से हुई। अधिकारियों ने उनकी समस्या को समझा और उन्हें एक नया नजरिया दिया फसल विविधीकरण। विभाग ने उन्हें सलाह दी कि वे केवल धान के भरोसे न रहें, बल्कि अपने खेत के एक हिस्से में नकदी फसलें यानी सब्जियां उगाना शुरू करें। शुरुआत में थोड़ी झिझक थी, क्योंकि नई पद्धति से खेती करने का कोई पुराना अनुभव नहीं था। लेकिन उद्यानिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और अधिकारियों के भरोसे ने रुक्मणी के भीतर एक नया साहस फूंक दिया।विभागीय सलाह को अमली जामा पहनाते हुए रुक्मणी ने अपने खेत में वैज्ञानिक पद्धति से टमाटर, करेला और मिर्च की बुवाई कर दी। इस नई शुरुआत में उन्होंने तकरीबन 15 हजार रुपये की पूंजी लगाई। इसके बाद शुरू हुआ उनकी कड़ी मेहनत और विभाग की देखरेख का दौर। वे रोज सुबह अपने सपनों को खेतों में फलते-फूलते देखतीं।जल्द ही उनकी यह मेहनत रंग लाई। खेतों में लाल टमाटर और हरे-भरे करेले लहलहाने लगे। जब वे इस उपज को लेकर स्थानीय बाजार में पहुंचीं, तो उन्हें अपनी उम्मीद से कहीं बेहतर दाम मिले। महज कुछ महीनों की इस फसल से रुक्मणी को 30 से 40 हजार रुपये की आमदनी हुई। यानी लागत निकालने के बाद भी मुनाफा दोगुने से ज्यादा था।इस मुनाफे ने न केवल रुक्मणी की जेब को मजबूती दी, बल्कि उनके आत्मसम्मान को भी सातवें आसमान पर पहुंचा दिया। परिवार की आर्थिक तंगी दूर हो गई और घर में खुशहाली ने दस्तक दी। रुक्मणी की इस चमत्कारी सफलता की महक धीरे-धीरे पूरे एड़का गांव और आसपास के इलाकों में फैल गई। जो किसान पहले सब्जियों की खेती को जोखिम भरा मानते थे, वे अब रुक्मणी के पास आकर उन्नत खेती के गुर सीख रहे हैं। वे आसपास के गांवों के लिए एक श्रोल मॉडलश् बन चुकी हैं।अपनी इस कामयाबी पर चेहरे पर एक संतोषजनक मुस्कान लिए रुक्मणी नाग कहती हैं कि धान की पारंपरिक खेती से हमारी लागत भी नहीं निकल पा रही थी। लेकिन जब से मैंने उद्यानिकी फसलों को अपनाया, मेरी जिंदगी बदल गई। मैं किसानों के हित में सोचने वाली हमारी सरकार और किसान हितैषी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का दिल से आभार मानती हूँ, जिनकी योजनाओं और विभागीय सहयोग के कारण मुझ जैसी एक आम महिला आज अपने पैरों पर खड़ी हो सकी है। मेरा तो यही मानना है कि अगर हम अपनी सोच बदलें और नई तकनीक अपनाएं, तो हमारी धरती वाकई सोना उगल सकती है।उद्यानिकी विभाग की इस मुहिम और रुक्मणी के अटूट जज्बे ने यह साबित कर दिया है कि बस्तर का किसान अब सिर्फ अन्नदाता नहीं, बल्कि नए दौर का आत्मनिर्भर और प्रगतिशील व्यवसाई भी बन रहा है।
- -लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को मुख्यमंत्री का नमन: संविधान हत्या दिवस पर साझा किया विशेष वीडियो-कांग्रेस सरकार ने बंद की थी सम्मान निधि, हमारी सरकार ने बहाल कर लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान को दी नई गरिमा - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 25 जून को संविधान हत्या दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताया। वीडियो में आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों पर हुए प्रतिबंध, बड़े पैमाने पर हुई गिरफ्तारियों, प्रेस सेंसरशिप, लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष तथा संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के संदेश को प्रमुखता से दर्शाया गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने सत्ता के अहंकार में संविधान की आत्मा को कुचलते हुए पूरे देश पर आपातकाल थोप दिया था। आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों पर गंभीर प्रहार हुआ। MISA जैसे दमनकारी कानूनों के तहत हजारों लोकतंत्र सेनानियों, पत्रकारों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को जेलों में बंद कर उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया गया, लेकिन लोकतंत्र के रक्षकों का साहस और संकल्प अडिग रहा।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 25 जून को "संविधान हत्या दिवस" घोषित किया जाना उन सभी लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है। इससे नई पीढ़ी भारतीय लोकतंत्र के उस काले अध्याय को जान सकेगी और संविधान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के प्रति अधिक जागरूक होगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने भी लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान को पुनर्स्थापित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा बंद की गई सम्मान निधि को पुनः प्रारंभ करते हुए बकाया राशि का भुगतान किया गया तथा लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक-2025 पारित कर उनके सम्मान को कानूनी संरक्षण प्रदान किया गया।मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से लोकतंत्र सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण करते हुए संविधान की रक्षा तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
- -भूपेश के पास कोई मुद्दा नहीं, किसानों को फसल परिवर्तन के लिए प्रति हेक्टेयर 15 हजार रुपये दे रही साय सरकार-स्वास्थ्य सेवाओं पर कांग्रेस को बोलने का नैतिक अधिकार नहींरायपुर। वनमंत्री केदार कश्यप ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास जनता से जुड़े कोई ठोस मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए वह निराधार आरोप लगाकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।आपातकाल और लोकतंत्र के मुद्दे पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बेशर्म वह पार्टी है, जो इतिहास की सच्चाई स्वीकार नहीं कर पाती। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राष्ट्र है, इसलिए देश की नई पीढ़ी को यह जानना भी आवश्यक है कि इसी देश में कांग्रेस ने लोकतंत्र का गला घोंटते हुए आपातकाल थोपा था। उस दौर में लोकतंत्र की आवाज़ उठाने वाले हजारों लोगों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेलों में डालकर प्रताड़ित किया गया। उन्होंने कहा कि यह इतिहास केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नई पीढ़ी को लोकतंत्र के संघर्ष, उसके महत्व और उसकी रक्षा के दायित्व को भी समझना चाहिए। लोकतांत्रिक मूल्यों को व्यवहारिक जीवन में उतारना ही सच्चे लोकतंत्र की पहचान है।वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए फसल परिवर्तन को प्रोत्साहित कर रही है। इसके तहत दलहन और तिलहन जैसी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रति हेक्टेयर 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। सरकार इन फसलों की खरीद की भी प्रभावी व्यवस्था कर रही है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कांग्रेस के दावों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज बड़े-बड़े दावे करती है, जबकि उनके शासनकाल में स्वास्थ्य व्यवस्था घोटालों और अव्यवस्थाओं का प्रतीक रही। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है और आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह संवेदनशील है और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने, घोटालों और जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ करने का रहा है। इसके विपरीत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता, किसानों के कल्याण और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए काम कर रही है। जनता अब तथ्यों और काम के आधार पर निर्णय ले रही है, इसलिए कांग्रेस के निराधार आरोपों का कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला।
- -'सत्ता के अहंकार में किया गया था लोकतंत्र का कत्ल, कांग्रेस की तानाशाही और अमानवीय क्रूरता का प्रतीकरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने 25 जून 1975 को देश में लगाए गए आपातकाल को स्वाधीन भारत के इतिहास का सबसे कलंकित और काला अध्याय बताया है। श्री देव ने कहा कि आज से ठीक 51 वर्ष पहले, आज ही के दिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अपनी सत्ता बचाने और अहंकार की तुष्टि के लिए देश के लोकतंत्र का गला घोंट दिया था।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि 25 जून की वह काली रात कोई भी भूल नहीं सकता, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश को एक विशाल कारागार में तब्दील कर दिया था। सत्ता के मद में चूर कांग्रेस ने रातो-रात देश के नागरिकों के मौलिक अधिकार छीन लिए। न्यायपालिका के पर कतर दिए गए और अभिव्यक्ति की आजादी को पूरी तरह कुचलकर मीडिया पर सेंसरशिप लगा दी गई। कांग्रेस की तानाशाही का विरोध करने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों, जनसंघ व विपक्ष के नेताओं सहित देश के लाखों राष्ट्रभक्तों को 'मीसा' और 'डीआईआर' जैसे काले कानूनों के तहत जेलों में ठूंस दिया गया। श्री देव ने कहा कि प्रतिपक्ष के दिग्गज नेताओं सहित लाखों निर्दोष नागरिकों को महीनों तक जेल की काल कोठरियों में बंद रखकर अमानवीय यातनाएँ दी गईं। परिवारों को तबाह कर दिया गया, लेकिन मां भारती के सच्चे सपूतों ने घुटने नहीं टेके।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो कांग्रेस आज राजनीतिक ढोंग रचते हुए संविधान बचाने की दुहाई देती है, वास्तव में संविधान की आत्मा की हत्या करने का असली पाप उसी कांग्रेस ने किया है। कांग्रेस का इतिहास सदैव बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के बनाए संविधान को कमजोर करने और तानाशाही थोपने का रहा है। श्री देव ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र के उन सभी प्रहरियों और सेनानियों को कोटि-कोटि नमन करती है, जिन्होंने अमानवीय यातनाएँ सहकर भी देश में लोकतंत्र को पुनर्जीवित करने के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।
- -परिवहन सचिव ने ली बस संचालको एवं अधिकृत वेंडरों की बैठकरायपुर / छत्तीसगढ़ में यात्री सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए परिवहन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब सभी यात्री बसों में वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) लगाना और उसे सक्रिय रखना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय सीमा के भीतर नियम का पालन नहीं करने वाले बस संचालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत कार्रवाई की जाएगी।परिवहन सचिव एवं परिवहन आयुक्त श्री एस. प्रकाश ने आज इंद्रावती भवन नवा रायपुर स्थित परिवहन कार्यालय में सभी बस संचालकों एवं विभाग द्वारा वीएलटीडी लगाने हेतु अधिकृत वेंडरों की संयुक्त बैठक लेकर यात्री बसो में स्थापित वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा है कि जिन बसों में अभी तक वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) नहीं लगी है, उनमें 15 दिनों के भीतर इसे अनिवार्य रूप से स्थापित किया जाए। वहीं जिन बसों में यह उपकरण लगा हुआ है लेकिन संचालित नहीं है, उन्हें तत्काल चालू किया जाए।परिवहन विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में राजस्थान के फलोदी और तेलंगाना के रंगारेड्डी में हुए भीषण सड़क हादसों के बाद सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों और भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप यह निर्णय लिया गया है। सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करने वाली महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लागू की जा रही है।विभाग ने बताया कि राज्य मुख्यालय के कमांड एवं नियंत्रण केंद्र से सभी बसों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। उपग्रह आधारित ट्रैकिंग प्रणाली के माध्यम से यह पता लगाया जा सकेगा कि बस निर्धारित मार्ग पर चल रही है या नहीं तथा समय पर संचालन हो रहा है या नहीं। यात्रियों को भी संगवारी ऐप के जरिए बसों की वास्तविक समय की लोकेशन की जानकारी मिल सकेगी।अतिरिक्त परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में स्वचालित नंबर प्लेट पहचान कैमरे और बुद्धिमान यातायात प्रबंधन प्रणाली स्थापित की जा रही है। इससे नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की तत्काल पहचान कर कार्रवाई की जा सकेगी।उल्लेखनीय है कि वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस एक ऐसी उपग्रह आधारित प्रणाली है, जो वाहन की हर पल की स्थिति और लोकेशन की जानकारी नियंत्रण केंद्र तक पहुंचाती है। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने में यह तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि 15 दिन की मोहलत समाप्त होने के बाद नियमों की अनदेखी करने वाले बस संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- -लखनपुर में शाला प्रवेश उत्सव में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत-मंत्री राजेश अग्रवाल ने साझा किए विद्यार्थी जीवन के अनुभव, लक्ष्य तय कर मन लगाकर पढ़ाई करने की दी प्रेरणारायपुर । पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल आज लखनपुर में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का पुष्प एवं तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया तथा उन्हें अध्ययन सामग्री प्रदान कर नए शैक्षणिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी अतिथियों का स्वागत किया, जिससे पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से भर गया।अपने संबोधन में मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने विद्यार्थियों के साथ अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियां साझा करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। नियमित अध्ययन, अनुशासन, शिक्षकों का सम्मान और माता-पिता का आशीर्वाद ही जीवन में आगे बढ़ने का सबसे मजबूत मार्ग है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को बड़े सपने देखने चाहिए और उन्हें साकार करने के लिए पूरी निष्ठा एवं लगन से प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के वैज्ञानिक, चिकित्सक, शिक्षक, प्रशासक और जनप्रतिनिधि बनकर देश एवं समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा, ज्ञान और संस्कार ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। यही तीनों किसी भी विद्यार्थी की सफलता का मजबूत आधार बनते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासन का पालन करने, अपने लक्ष्य स्पष्ट रखने तथा निरंतर मेहनत के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों का भी विकास करें, जबकि अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई में निरंतर सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण पाठशाला है।मंत्री श्री अग्रवाल ने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को नवीन शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सभी विद्यार्थी पूरे मनोयोग से अध्ययन कर अपने विद्यालय, परिवार, क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। कार्यक्रम में लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, शिक्षकगण, अभिभावक, बड़ी संख्या में विद्यार्थी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, नवप्रवेशी विद्यार्थियों के सम्मान और सामूहिक सहभागिता ने शाला प्रवेश उत्सव को उत्साहपूर्ण बना दिया।
- -गांधी स्टेडियम में जिला स्तरीय बास्केटबॉल लीग चैम्पियनशिप का हुआ समापन- पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने विजेता एवं उपविजेता टीमों को किया सम्मानित, खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साहरायपुर । पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल गांधी स्टेडियम, अंबिकापुर में सरगुजा जिला बास्केटबॉल संघ के तत्वावधान में आयोजित जिला स्तरीय बास्केटबॉल लीग चैम्पियनशिप -2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पदक एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया तथा सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी।इस अवसर पर मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि खेल केवल जीत और हार का माध्यम नहीं हैं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और संघर्ष करने का जज्बा भी सिखाते हैं। खेलों से बच्चे शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनते हैं तथा जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि खेल युवा शक्ति के व्यक्तित्व विकास का सबसे प्रभावी माध्यम हैं और प्रत्येक खिलाड़ी को पूरे समर्पण, ईमानदारी और खेल भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा का वास्तविक उद्देश्य प्रतिभा को निखारना और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है। ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने के साथ-साथ बड़े मंचों तक पहुंचने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से नियमित अभ्यास जारी रखने और प्रदेश व देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।समापन समारोह में फाइनल मुकाबलों के बाद विजेता एवं उपविजेता टीमों को पदक और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को जिला स्तरीय सहभागिता प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। बालिका वर्ग के फाइनल में सरगुजा बॉयलर्स ने सरगुजा फाइटर्स को पराजित कर खिताब अपने नाम किया, जबकि बालक वर्ग के फाइनल में सरगुजा लायंस ने सरगुजा ब्लैक पैंथर्स को हराकर चौम्पियन बनने का गौरव प्राप्त किया।जिला स्तरीय बास्केटबॉल लीग चौम्पियनशिप का आयोजन खिलाड़ियों को अधिक से अधिक प्रतिस्पर्धात्मक मैचों का अनुभव उपलब्ध कराने और जिले में बास्केटबॉल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रीय बास्केटबॉल कोच श्री राजेश प्रताप सिंह, पूर्व खिलाड़ी एवं समाजसेवी श्री संजय अग्रवाल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्री निशांत सिंह गोयल सहित खेल प्रेमी, खिलाड़ी, प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में आयोजन समिति एवं जिला बास्केटबॉल संघ के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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रायपुर। : छत्तीसगढ़ सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी बद्रीनारायण मीणा (बैच 2004) को बस्तर रेंज का नया पुलिस महानिरीक्षक (IG) नियुक्त किया है। उनकी नई पदस्थापना के आदेश जारी कर दिए गए हैं।जारी आदेश के अनुसार, बद्रीनारायण मीणा अब बस्तर रेंज में अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। इससे पहले वे पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर में पुलिस महानिरीक्षक के पद पर कार्यरत थे।
उनकी नियुक्ति को बस्तर क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले IPS बद्रीनारायण मीणा दुर्ग रेंज के आईजी और एसएसपी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। 2004 बैच के इस आईपीएस अधिकारी ने बिलासपुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) के रूप में भी सेवाएं दी हैं।



























