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- पंडित संतोष राव को किया गया सम्मानितरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के आह्वान पर ज्ञानभारतम् मिशन के अंतर्गत जिले में प्राचीन एवं दुर्लभ पाण्डुलिपियों के संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण का कार्य किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना है।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में विभिन्न ऐतिहासिक पाण्डुलिपियों का संग्रहण कर उन्हें ज्ञानभारतम् पोर्टल में दर्ज किया जा रहा है। इसी क्रम में रायपुर जिले के नगर पंचायत खरोरा निवासी 76 वर्षीय पंडित संतोष राव द्वारा संरक्षित दो दुर्लभ पांडुलिपियों को ज्ञानभारतम् पोर्टल में दर्ज किया गया है।पंडित संतोष राव के पास माता परमेश्वरी से संबंधित श्री देवांग पुराण की दो पांडुलिपियां सुरक्षित हैं। इनमें एक लगभग 350 वर्ष पुरानी भोजपत्र पर लिखित पांडुलिपि है, जिसमें 101 पृष्ठ हैं, वहीं दूसरी लगभग 100 वर्ष पुरानी पांडुलिपि है, जिसमें 151 पृष्ठ शामिल हैं।प्रशासनिक अधिकारियों की टीम पंडित संतोष राव के निवास पहुंची एवं दोनों पांडुलिपियों का अवलोकन करते हुए उनकी फोटो, विवरण ज्ञान भारतम ऐप में अपलोड की। एसडीएम श्री आशुतोष कुमार देवांगन ने पंडित संतोष राव को शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।पंडित संतोष राव ने बताया कि उनके पूर्वजों द्वारा इन ग्रंथों को पीढ़ियों से संरक्षित किया गया है। शासन की इस पहल से अब इन पांडुलिपियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।इस अवसर पर तहसीलदार खरोरा श्री चंद्रशेखर मंडई, अतिरिक्त तहसीलदार श्री सूर्यकांत कुंभकार एवं सीएमओ खरोरा श्री ओमप्रकाश सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- नगरीय निकायों के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सुविधाओं का स्थल निरीक्षण एवं ऑडिट कर उनकी कार्यप्रणाली, तकनीकी और पर्यावरणीय स्थिति के परीक्षण के दिए निर्देशबिलासपुर। राज्य शासन ने सभी कलेक्टरों को केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 का क्रियान्वयन सभी नगरीय निकायों में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने मंत्रालय से परिपत्र जारी कर कलेक्टरों को स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अन्तर्गत परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए गठित जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष होने के नाते इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा है।नगरीय प्रशासन विभाग ने कलेक्टरों को अपने जिले के सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों व अन्य संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की वर्तमान स्थिति के सूक्ष्म आकलन के निर्देश दिए हैं। सभी निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सुविधाओं जैसे मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF), कंपोस्टिंग फैसिलिटी, अपशिष्ट प्रसंस्करण एवं पुनर्चक्रण इकाईयाँ, ट्रांसफर स्टेशन, सैनिटरी लैंडफिल तथा लिगेसी वेस्ट डम्प-साइट्स का स्थल निरीक्षण एवं ऑडिट करते हुए उनकी कार्यप्रणाली, तकनीकी और पर्यावरणीय स्थिति के परीक्षण के लिए भी निर्देशित किया गया है।विभाग ने कलेक्टरों को नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्य के लिए स्वीकृत सभी परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए निकायों में क्रियान्वित परियोजनाओं के जियो-टैग्ड फोटोग्राफ्स हर महीने ई-मेल के माध्यम से मंगाकर परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक में जियो-टैग्ड फोटोग्राफ्स का परीक्षण करने को कहा है। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं का चिन्हांकन कर उनके समयबद्ध निराकरण के निर्देश कलेक्टरों को दिए गए हैं।नगरीय प्रशासन विभाग ने निकायों में उत्सर्जित हो रहे ठोस अपशिष्ट के संग्रहण, परिवहन एवं प्रसंस्करण की अद्यतन स्थिति, दर्शनीय स्वच्छता, जलाशयों की सफाई, बैकलेन की स्वच्छता, नालियों एवं नालों की नियमित सफाई तथा निर्माण एवं विध्वंस (C&D) अपशिष्ट के प्रसंस्करण की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए हैं। विभाग ने इन कार्यों की सतत निगरानी के लिए निकायों द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के स्वच्छतम पोर्टल पर स्वीकृत परियोजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति एवं स्वच्छता गतिविधियों से संबंधित प्रविष्टियों की भी जिला स्तर पर नियमित समीक्षा करने को कहा है। विभाग द्वारा इन कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कलेक्टरों को अपेक्षित कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है।
- उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से संवर रहा किसानों का जीवनबिलासपुर/बिल्हा के कछार निवासी श्री महेश कश्यप क्षेत्र के एक प्रगतिशील किसान हैं। वे पूर्व में परंपरागत खेती करते थे, जिसमें लागत अधिक और लाभ कम प्राप्त होता था। उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित समेकित उद्यानिकी विकास योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने आधुनिक तकनीकों को अपनाने का निर्णय लिया। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में श्री कश्यप ने अपने खेत में ड्रिप सिंचाई, प्लास्टिक मल्चिंग तथा वर्मी कम्पोस्ट खाद का उपयोग करते हुए बैंगन एवं अन्य सब्जियों की उन्नत खेती प्रारंभ की। विभाग द्वारा उन्हें लगभग 2.00 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण एवं फेंसिंग हेतु अनुदान भी प्रदान किया गया।किसान श्री महेश ने अंतरवर्ती फसल के रूप में कद्दू एवं अन्य सब्जियों की खेती की, जिससे अतिरिक्त आय प्राप्त हुई। ड्रिप सिंचाई तकनीक अपनाने से पानी की बचत हुई तथा फसल में रोग एवं खरपतवार की समस्या भी कम हुई। मल्चिंग के उपयोग से मिट्टी में नमी बनी रही और उत्पादन में वृद्धि हुई। श्री महेश कश्यप ने लगभग 4.5 एकड़ क्षेत्र में खेती कर अनुमानित 900 से 1100 क्विंटल उत्पादन प्राप्त किया। इस खेती में लगभग 7 से 8 लाख रुपये की लागत आई, जबकि बिक्री से उन्हें लगभग 14 से 15 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई। इस प्रकार उन्हें अच्छी आमदनी हुई और उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया। आज श्री महेश कश्यप अपने क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। वे आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग कर कम लागत में अधिक लाभ अर्जित करने का संदेश दे रहे हैं।
- स्मृति पुस्तकालय योजनाआप भी इस पहल से जुड़कर ज्ञान के दान में बनें भागीदाररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले में संचालित स्मृति पुस्तकालय योजना जनभागीदारी का प्रेरक उदाहरण बनती जा रही है। इस पहल के माध्यम से लोग स्वेच्छा से पुस्तकें और इलेक्ट्रोनिक्स गैजेट दान कर युवाओं के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में योगदान दे रहे हैं।जिला प्रशासन का नवाचार ‘प्रोजेक्ट छाँव’ के तहत आयोजित स्वास्थ्य शिविर के अवसर पर अपर मुख्य सचिव एवं जिले की प्रभारी सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने इस सराहनीय योगदान की सराहना करते हुए संयुक्त संचालक वित्त श्री बी. के. नायक को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। श्री नायक ने क्विक रिवीजन एवं जनमन सार की 50 पुस्तकें जिला प्रशासन को दान कीं।श्री नायक ने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी विभागीय बैठक के माध्यम से मिली। उन्होंने कहा कि समाज के लिए कुछ सकारात्मक करने की भावना से उन्होंने पुस्तक दान का निर्णय लिया। उन्हें खुशी है कि इन पुस्तकों से जरूरतमंद विद्यार्थियों को पढ़ने और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।उल्लेखनीय है कि स्मृति पुस्तकालय योजना के तहत अब तक 11 हजार से अधिक पुस्तकें पुस्तकें और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स दान किए जा चुके हैं। इन संसाधनों का लाभ लेकर अनेक विद्यार्थी अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को नई दिशा दे रहे हैं।जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे भी इस पुनीत पहल से जुड़कर ज्ञान के दान में भागीदार बनें और युवाओं के सपनों को साकार करने में सहयोग दें। पुस्तक अथवा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट दान करने के इच्छुक नागरिक श्री प्रभात सक्सेना (94060 49000) एवं श्री केदार पटेल (94255 02970) से संपर्क कर सकते हैं।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- -मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की पहल पर सूरजपुर जिला प्रशासन ने वितरित की मुआवजा राशिरायपुर। महिला बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के निर्देशों पर जिला प्रशासन और वन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए सूरजपुर जिला के कल्याणपुर में हाथी हमले के शिकार हुए हितग्राहियों के परिजनों को मुआवजा राशि का वितरण कर दिया है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया था कि पीड़ित परिवारों को बिना किसी विलंब के सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए।सूरजपुर जिले के कल्याणपुर निवासी दो ग्रामीणों की हाथी हमले में मृत्यु होने के पश्चात, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग (सूरजपुर मंडल) द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत त्वरित कार्रवाई की गई। विभागीय दस्तावेजों के अनुसार, दोनों प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजा राशि स्वीकृत कर वितरित की गई है, जिनमें हितग्राही श्रीमती कांति भोई को डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में 5 लाख 50 हजार रूपए एवं श्रीमती राजेश्वरी सिंह श्याम को डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में 5 लाख 50 हजार रूपए भेज दी गई है। साथ ही डिविजनल फारेस्ट ऑफिसर सूरजपुर को 50-50 हजार रूपए डीबीटी के माध्यम से प्रदान किया गया है।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े जी ने कहा कि क्षेत्र की जनता की सुरक्षा और संकट की घड़ी में उनके साथ खड़ा होना सुशासन सरकार की प्राथमिकता है। हाथी-मानव द्वंद्व को कम करने के लिए प्रशासन सजग है और प्रभावितों को हर संभव मदद दी जाएगी। इस त्वरित कार्रवाई से पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल मिला है, जिसके लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मंत्री श्रीमती राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त किया है।
- -शहरी क्षेत्र के परिवहन नगर जोन के सुशासन तिहार में शामिल हुए उद्योग मंत्री-हितग्राहियों को योजनाओं से किया लाभान्वित, सामग्री का किया वितरणरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में जिले में सुशासन तिहार मनाया जा रहा है। इस कड़ी में सोमवार को परिवहन नगर वार्ड के नगर अंतर्गत शहरी वार्डो की समस्याओं के निराकरण के लिए जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन ट्रांसपोर्ट नगर में किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कोरबा के विधायक और प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने स्टॉल का अवलोकन कर हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया।नगर पालिक निगम अंतर्गत ट्रांसपोर्ट नगर जोन कार्यालय में वार्ड के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि मंत्री श्री देवांगन ने अपने सम्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव् साय के निर्देशन में प्रदेश में एक मई से 10 जून तक सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सुशासन तिहार अन्तर्गत अलग अलग शिविर लगाए जा रहे है। गर्मी और धूप होने के बाद भी आमनागरिको की समस्याओं को सुनने और निराकरण के लिए शासन-प्रशासन का पूरा अमला ही नहीं लगा है, प्रदेश के मुख्यमंत्री और मंत्री सहित सभी बड़े अधिकारी भी दूरस्थ क्षेत्र में जा रहे हैं। मुख्यमंत्री अचानक से किसी भी गाँव का दौरा कर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की वस्तुस्थिति जानने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तिहार का आयोजन के लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का विशेष धन्यवाद दूंगा कि उनकी इस पहल का लाभ शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरत मंद लोग उठा पाते हैं।मंत्री श्री देवांगन ने आगे कहा कि देश के प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश का तेजी से विकास हो रहा है। उन्होंने गरीब कल्याण के लिए योजनाएं बनाई है। पीएम आवास योजना से गरीब वर्ग को लाभ मिला है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। मंत्री श्री देवांगन ने कोरबा के विकास के लिए डीएमएफ से भी बड़ी राशि स्वीकृत होने और बुनियादी आवश्यकता बिजली, पानी, सड़क, आंगनबाड़ी, स्कूल,अस्पताल बनने की बात कही। मंत्री श्री देवांगन ने सुशासन तिहार का लाभ उठाने और आमनागरिको को जागरूक करते हुए उन्हें योजनाओं से लाभान्वित करने की अपील की।महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव् साय के मार्गदर्शन में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री को लोगों की बड़ी चिंता है वे उनको योजनाओं से लाभान्वित करने के साथ ही उनकी समस्याओं का निराकरण भी कर रहे हैं। सुशासन तिहार भी एक जरिया है जिसमें हर वार्ड के लोगो की समस्याओं को सुनकर उनका निराकरण की कोशिश कर रहे हैं। वार्ड में जो भी मूलभूत आवश्यकता है उसे पूरा किया जा रहा है। जिला प्रशासन के अधिकारी भी शिविर में है। आम नागरिक इस शिविर का लाभ जरूर उठाये।निगमायुक्त श्री आशुतोष पांडेय ने नगर पालिक निगम द्वारा किये जा रहे प्रयासों को विस्तार से बताया। उन्होंने गत वर्ष प्राप्त आवेदनों के निराकरण के संबंध में जानकारी दी और कहा कि सुशासन तिहार में जो भी शिकायत और मांग है उसे सूचीबद्ध कर निराकरण किया जाएगा। उन्होंने परिवहन नगर वार्ड के गतिविधियों, विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं से सम्बंधित बड़े महत्वपूर्ण कार्यों को भी बताया। इससे पूर्व मुख्य अतिथि मंत्री श्री देवांगन ने शिविर में लगाये गए स्टॉल का अवलोकन किया। इस अवसर पर वार्ड के पार्षद श्रीमती प्रेमलता बंजारे,श्री रामकुमार साहू, पार्षद श्री नरेन्द्र देवांगन आदि उपस्थित रहे।परिवहन नगर जोन के जनसमस्या निवारण शिविर में हितग्राहियों को पीएम आवास शहरी के हितग्राहियों को आवास की चाबी, भवन अनुज्ञा स्वीकृति, नवीन राशनकार्ड, वृद्धापेंशन,श्रदांजलि योजना की राशि और हितग्राही झमोल बाई, सीडी महंत ट्रायसिकल तथा राजेन्द्र दास को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया।
- रायपुर। कोरबा जिले के ग्राम पंचायत बैरा में सोमवार को सुशासन तिहार का गरिमामय आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना रहा। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती माधुरी देवी तवर जनपद अध्यक्ष रहीं। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांति देवी मरावी, जनपद उपाध्यक्ष श्री प्रकाश चन्द्र जाखड़, जनपद सदस्य श्री तिवारी सिंह मरावी और श्री आनंद आयाम, एसडीएम मनोज बंजारे सहित ग्राम पंचायत बैरा के सरपंच श्री सहदेव अरमो एवं आसपास की विभिन्न पंचायतों के सरपंच उपस्थित रहे।आयोजन के दौरान विभिन्न विभागों के माध्यम से हितग्राहियों को सामग्री एवं लाभ का वितरण किया गया। मनरेगा योजना के अंतर्गत 13 हितग्राहियों को जॉब कार्ड प्रदान किए गए, जबकि खाद्य विभाग द्वारा 20 हितग्राहियों को राशन कार्ड वितरित किए गए। प्रधानमंत्री सूर्य घर बिजली योजना के तहत श्री गोपाल सिंह को लाभान्वित किया गया और उद्यानिकी विभाग द्वारा सब्जी बीज किट का वितरण श्री ओम प्रकाश, श्री रामप्रसाद, श्री प्रिंस मित्तल, श्रीमती जुग्गी बाई, श्री सेडू राम और श्री अंगद सिंह को किया गया।मत्स्य विभाग की ओर से जय लक्ष्मी स्व सहायता समूह, पसान को मछली जाल प्रदान किया गया। कृषि एवं सहकारिता विभाग द्वारा 10 हितग्राहियों को किसान क्रेडिट कार्ड और 13 हितग्राहियों को फार्मर आईडी का वितरण किया गया। स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुष्मान भारत योजना के तहत हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड सौंपे गए तथा अन्य विभागों द्वारा 4 हितग्राहियों को ऋण चेक वितरित किए गए।मुख्य अतिथि श्रीमती माधुरी देवी तवर जनपद अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में शासन की योजनाओं की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए ताकि ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। शिविर के दौरान कुल 628 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 57 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया। यह कार्यक्रम ग्रामीण विकास और सुशासन की दिशा में एक प्रभावी कदम सिद्ध हुआ।
- -ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा एवं पंचायत प्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों से करेंगे संवादरायपुर। भारत सरकार के ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान 13 एवं 14 मई 2026 को छत्तीसगढ़ प्रवास पर रहेंगे। अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान वे ग्रामीण विकास मंत्रालय अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे तथा ग्रामीण विकास से जुड़े जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं हितग्राहियों से संवाद करेंगे।श्री पासवान 13 मई को राज्य स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेंगे। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई), महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयू-जीकेवाई), राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) सहित ग्रामीण विकास मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।इसके साथ ही वे वीबी-जी राम जी से संबंधित तैयारियों एवं ग्राम पंचायतों में संचालित ग्रामीण विकास गतिविधियों की भी जानकारी लेंगे। श्री पासवान प्रवास के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ संगोष्ठी एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन भी प्रस्तावित है, जिसमें ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री पासवान 14 मई को ग्रामीण विकास योजनाओं के सफल क्रियान्वयन एवं नवाचारों का अवलोकन कर लाभार्थियों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे स्व-सहायता समूहों की महिलाओं एवं विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से सीधे संवाद करेंगेे।
- -महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्मस्थली के रूप में विश्वविख्यात है राजिम के समीप स्थित चंपारण्य धामरायपुर। चंपारण्य धाम छत्तीसगढ़ की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा का एक ऐसा पावन केंद्र है, जहां भक्ति, इतिहास और प्रकृति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। धार्मिक नगरी राजिम के समीप स्थित यह धाम महान वैष्णव संत महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्मस्थली के रूप में पूरे देश में प्रसिद्ध है। आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर यह स्थान वर्षभर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।महाप्रभु वल्लभाचार्य वैष्णव संप्रदाय और विशेष रूप से गुजरात के श्रद्धालुओं के लिए चंपारण्य का अत्यंत विशेष महत्व है। महाप्रभु वल्लभाचार्य पुष्टिमार्ग के प्रवर्तक माने जाते हैं और गुजरात में उनके अनुयायियों की संख्या बहुत अधिक है। श्रीनाथजी और कृष्ण भक्ति से जुड़े वैष्णव समाज के लिए चंपारण्य तीर्थ के समान माना जाता है। यही कारण है कि गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और देश के अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। कई वैष्णव परिवार अपने जीवन में कम से कम एक बार चंपारण्य धाम की यात्रा को अत्यंत शुभ मानते हैं।महाप्रभु वल्लभाचार्य के जन्म से जुड़ी कथा भी अत्यंत रोचक और आस्था से परिपूर्ण है। मान्यता के अनुसार उनके माता-पिता दक्षिण भारत से काशी की यात्रा पर निकले थे। उस समय देश में राजनीतिक अस्थिरता और आक्रमणों का दौर था। यात्रा के दौरान वे वर्तमान चंपारण्य क्षेत्र में पहुंचे, जहां घने जंगल और शांत वातावरण था। इसी स्थान पर उनकी माता को प्रसव पीड़ा हुई और एक शमी वृक्ष के नीचे बालक का जन्म हुआ। कहा जाता है कि बालक जन्म के समय निश्चेष्ट प्रतीत हो रहा था, इसलिए माता-पिता ने उसे ईश्वर की इच्छा मानकर वहीं सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया। बाद में रात्रि में उन्हें स्वप्न में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन हुए और बताया गया कि बालक दिव्य स्वरूप है। जब वे वापस लौटे तो उन्होंने देखा कि बालक अग्नि मंडल से सुरक्षित घिरा हुआ है। यही बालक आगे चलकर महाप्रभु वल्लभाचार्य के रूप में प्रसिद्ध हुए और उन्होंने भक्ति आंदोलन को नई दिशा प्रदान की।महाप्रभु वल्लभाचार्य ने वैष्णव भक्ति परंपरा में “पुष्टिमार्ग” की स्थापना की। उनके उपदेशों में प्रेम, सेवा, समर्पण और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अनन्य भक्ति का संदेश निहित है। उन्होंने समाज को सहज भक्ति और मानवता का मार्ग दिखाया। यही कारण है कि चंपारण्य धाम आज भी वैष्णव संप्रदाय के अनुयायियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थस्थल माना जाता है।चंपारण्य नाम के पीछे भी एक ऐतिहासिक मान्यता जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि प्राचीन समय में यह क्षेत्र चंपा के वृक्षों से आच्छादित था, जिसके कारण इसका नाम “चंपारण्य” पड़ा। आज भी यहां का हरित और शांत वातावरण श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है। चंपारण्यचंपारण्य स्थित मंदिर अपनी प्राचीन वास्तुकला और धार्मिक महत्व के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र है। मंदिर परिसर में महाप्रभु वल्लभाचार्य की प्रतिमा स्थापित है। यहां भगवान श्रीकृष्ण, श्रीनाथजी और वैष्णव परंपरा से जुड़े अन्य पूजनीय स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। मंदिर परिसर में महाप्रभु की बैठक, चरणचिह्न, साधना स्थल और यज्ञशाला श्रद्धालुओं के लिए विशेष श्रद्धा के केंद्र हैं। यहां प्रतिदिन पूजा-अर्चना, आरती, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। देशभर से आने वाले श्रद्धालु यहां दर्शन कर आत्मिक शांति और आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त करते हैं।महाप्रभु वल्लभाचार्य जयंती के अवसर पर चंपारण्य धाम में विशेष धार्मिक उत्सव आयोजित किए जाते हैं। इस दौरान हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और पूरा वातावरण भक्ति एवं श्रद्धा से सराबोर हो उठता है। भजन, संकीर्तन, कथा और धार्मिक प्रवचनों के साथ यहां छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और पारंपरिक जीवन शैली की सुंदर झलक भी देखने को मिलती है।चंपारण्य धाम केवल धार्मिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक पहचान का भी जीवंत प्रतीक है। राजिम, सिरपुर और अन्य धार्मिक स्थलों के साथ यह स्थान प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यहां आने वाले पर्यटक छत्तीसगढ़ की सादगी, लोक संस्कृति, ग्रामीण जीवन और आतिथ्य का अनुभव भी करते हैं।रायपुर से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित चंपारण्य सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। रायपुर, अभनपुर और राजिम से यहां नियमित बस एवं निजी वाहन सुविधा उपलब्ध है। निकटतम रेलवे स्टेशन रायपुर तथा निकटतम हवाई अड्डा स्वामी विवेकानंद विमानतल है। ऐतिहासिक महत्व से समृद्ध चंपारण्य धाम आज भी श्रद्धालुओं को सेवा, समर्पण और भक्ति का संदेश दे रहा है। यह पावन स्थल छत्तीसगढ़ की धार्मिक पहचान, सांस्कृतिक गौरव और आध्यात्मिक चेतना का एक महत्वपूर्ण प्रतीक बना हुआ है।
- -’मुख्यमंत्री श्री साय की मंशा के अनुरूप सूखते तालाबों को’ जीवनदान देने जल संसाधन विभाग का विशेष अभियान’रायपुर। वर्तमान में भीषण गर्मी के दौरान तालाबों में पानी की कमी से जूझ रहे लोगों को राहत पहुंचाने के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश में सूख रहे 4 हजार 755 तालाबों को अब तक विभाग द्वारा त्वरित पहल करते हुए नहरों के माध्यम से भरा जा चुका है और जरूरत के मुताबिक शेष तालाबों में भी पानी भरने का कार्य तेजी से जारी है।उल्लेखनीय है कि वर्तमान में भीषण गर्मी नेे पूरे देश को अपने चपेट में ले रखा है, इससे छत्तीसगढ़ भी अछूता नहीं है। इससे जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है और ग्रामीण क्षेत्र में पानी का प्रमुख स्त्रोत तालाब भी जलविहीन हो रहे हैं। ऐसे हालात में लोगों को राहत पहुंचाने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप जल संसाधन विभाग द्वारा राज्य में सूख रहे तालाबों में जल भराव का कार्य तेजी से चलाया जा रहा है।जल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमें सर्वाधिक रायपुर जिला के अंतर्गत निस्तारी हेतु प्रस्तावित कुल 783 तालाबों में से अब तक 663 तालाबों में जल भराव हेतु नहर से पानी दिया जा चुका है। इसी तरह बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के 586 तालाबों में से 504 तालाबों, धमतरी जिले के 508 तालाबों में से 329 तालाबों में पानी भरा जा चुका है। इस तरह प्रदेश के अमूमन सभी जिलों के तालाबों में पानी भराव का कार्य किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में लोगों के निस्तारी आदि की समस्या का तत्काल समाधान हो सके।उल्लेखनीय है कि जल संसाधन विभाग द्वारा विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के तहत नहरों के माध्यम से पानी को तालाबों तक पहुंचाने के लिए यह योजना जल संरक्षण और वाटर रिचार्ज की दिशा में एक दूरदर्शी और प्रभावी कदम साबित हो रही है। यह पहल केेवल सरकारी योजना नहीं बल्कि जल संरक्षण की सामूहिक सोच को मजबूत करती है। जब गांवों के तालाब भरते हैं और लोगों को उनका प्रत्यक्ष लाभ मिलता है, तब समाज में जल बचाने और जल-स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है।जल संसाधन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ में जल दोहन सहित अन्य कारणों से सूखते तालाबों के लिए नहरों से पानी का पहुंचाया जाना अत्यंत लाभकारी साबित हो रहा है। इसके माध्यम से तालाबों के भू-जल स्तर में वृद्धि अहम साबित होगी। नहरों से तालाबों में छोड़ा गया पानी धीरे-धीरे जमीन में रिसता है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में भू-जल का पुर्नभरण होता है। इससे कुएं, हैण्डपम्प लम्बे समय तक जलयुक्त बने रहते हैं। इस तरह तालाबों के भरने से जहां ग्रामीणों को गर्मी के मौसम में पानी के कमी से राहत मिल रही है, वहीं आसपास के क्षेत्रों में भू-जल स्तर बढ़ाने में भी मदद मिल रही है।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया उत्सव पोस्टर का विमोचन, सफल आयोजन की दी शुभकामनाएंरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से सोमवार को उनके निवास कार्यालय में रायपुर प्रेस क्लब के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आगामी 30 मई को आयोजित “पत्रकारिता मार्तण्ड उत्सव” में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण के लिए प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त करते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने “पत्रकारिता मार्तण्ड उत्सव” के पोस्टर का विमोचन भी किया।प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी ने बताया कि यह आयोजन हिंदी पत्रकारिता की गौरवशाली परंपरा, लोकतंत्र में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका तथा पत्रकारिता के योगदान को सम्मानित और स्मरणीय बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।उन्होंने जानकारी दी कि कार्यक्रम में प्रदेश एवं देश के वरिष्ठ पत्रकारों, संपादकों, मीडिया विशेषज्ञों, साहित्यकारों तथा विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों की विशिष्ट हस्तियों की सहभागिता रहेगी। आयोजन के अंतर्गत पत्रकार सम्मान, विचार गोष्ठी, विशेष व्याख्यान एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, प्रेस क्लब के महासचिव श्री गौरव शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर । कभी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रहे ‘सुशासन तिहार’ अभियान ने शासन को सीधे गाँवों तक पहुँचा दिया है। इसका असर अब ग्रामीणों की जिंदगी में साफ दिखाई देने लगा है।सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड के नर्मदापुर गाँव में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में एक ऐसा ही दृश्य देखने को मिला, जब ग्रामीण केदारनाथ यादव के चेहरे पर राहत और संतोष साफ झलक रहा था। वर्षों से आयुष्मान कार्ड बनवाने की सोच रहे केदारनाथ को यह उम्मीद नहीं थी कि उनके गाँव में लगे शिविर में कुछ ही मिनटों में उनका कार्ड बन जाएगा।केदारनाथ बताते हैं कि पहले उन्हें लगता था कि आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए शहर जाना पड़ेगा, कई दफ्तरों के चक्कर लगाने होंगे और प्रक्रिया भी काफी कठिन होगी। जानकारी के अभाव में वे लंबे समय तक इससे वंचित रहे। लेकिन ‘सुशासन तिहार’ के शिविर ने उनकी यह चिंता दूर कर दी। शिविर में पहुँचते ही अधिकारियों ने उनकी प्रक्रिया पूरी कराई और कुछ ही देर में उनका आयुष्मान कार्ड तैयार हो गया। कार्ड हाथ में आते ही केदारनाथ के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। अब उन्हें विश्वास है कि बीमारी की स्थिति में आर्थिक तंगी उनके इलाज में बाधा नहीं बनेगी।आयुष्मान कार्ड के जरिए अब केदारनाथ और उनका परिवार सूचीबद्ध अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज करा सकेगा। ग्रामीण परिवेश में रहने वाले परिवारों के लिए यह सुविधा किसी सुरक्षा कवच से कम नहीं है। केदारनाथ यादव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि गाँव में शिविर लगाकर योजनाओं का लाभ देना बहुत सराहनीय पहल है। इससे गरीब और जरूरतमंद लोगों का काम आसान हुआ है।दरअसल, राज्य सरकार का उद्देश्य यही है कि कोई भी पात्र हितग्राही सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। ‘सुशासन तिहार’ अभियान के जरिए प्रशासन गाँव-गाँव पहुँचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है और योजनाओं का लाभ सीधे उनके घर तक पहुँचा रहा है। यही वजह है कि अब ग्रामीणों के मन में शासन के प्रति भरोसा और मजबूत होता दिखाई दे रहा है।
- -सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं, अनुशासन, मेहनत और स्वस्थ दिनचर्या ही उपलब्धि की असली कुंजी - मुख्यमंत्री श्री साय-मुख्यमंत्री निवास में टॉपर्स से संवाद : संघर्ष, शिक्षा, स्वास्थ्य और सपनों पर हुई खुलकर चर्चा-पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य, योग और अनुशासित जीवन भी उतना ही जरूरी – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव सायरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन्स रायपुर में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों के साथ बेहद सहज और प्रेरणादायी संवाद करते हुए उनके सपनों, पढ़ाई की दिनचर्या, सफलता के अनुभव और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री निवास का वातावरण इस दौरान उत्साह, प्रेरणा और आत्मीयता से भर उठा।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली सबसे बड़ी शक्ति है। शिक्षा ही व्यक्ति और समाज के विकास का मूल आधार है।मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से एक-एक कर परिचय प्राप्त किया और उनसे पूछा कि वे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं। इस दौरान विद्यार्थियों ने डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस और अन्य क्षेत्रों में जाकर देशसेवा करने की अपनी इच्छा व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की आकांक्षाओं की सराहना करते हुए कहा कि बड़े सपने देखने वाले ही जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल करते हैं।संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई की दिनचर्या और सफलता के अनुभव भी साझा करवाए। उन्होंने कहा कि नियमित दिनचर्या, समय का सही प्रबंधन और निरंतर अभ्यास सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं भी अपने जीवन में अनुशासित दिनचर्या का पालन करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि पढ़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखें, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों को योग, नियमित व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि योग व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं प्रतिदिन योग करते हैं और अत्यधिक व्यस्त दिनचर्या के बावजूद स्वास्थ्य के लिए समय निकालते हैं।विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन की यात्रा भी साझा की। उन्होंने बताया कि बचपन में ही उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारियां कम उम्र में ही उनके कंधों पर आ गईं। खेती-किसानी, छोटे भाइयों की पढ़ाई और परिवार की देखभाल के बीच उन्होंने जीवन का संघर्ष देखा।मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि वे राजनीति में इतने बड़े दायित्व तक पहुंचेंगे, लेकिन जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाते गए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जीवन में परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि व्यक्ति मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ता है, तो सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि संघर्ष ही व्यक्ति को मजबूत बनाता है और चुनौतियां ही जीवन की सबसे बड़ी शिक्षक होती हैं।मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को बताया कि सार्वजनिक जीवन में समय प्रबंधन और जिम्मेदारी का महत्व बहुत अधिक होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें प्रदेश के सभी विभागों और जनसमस्याओं पर लगातार ध्यान देना होता है। सुशासन तिहार के माध्यम से वे लगातार गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं और योजनाओं की वास्तविक स्थिति का फीडबैक ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता के बीच रहने से ही ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यदि वे राजनीति में नहीं आते, तो एक अच्छे किसान बनकर खेती और कृषि नवाचार के क्षेत्र में कार्य करते। उन्होंने कहा कि आज कृषि के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं हैं और पढ़े-लिखे युवा आधुनिक खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य कृषि आधारित गतिविधियों के माध्यम से रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों को अपने माता-पिता और शिक्षकों के प्रति सम्मान बनाए रखने की सीख देते हुए कहा कि जीवन की पहली शिक्षा परिवार और गुरु से ही प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि माता-पिता और शिक्षक ही विद्यार्थियों की सफलता के सबसे बड़े आधार होते हैं।मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के ये मेधावी विद्यार्थी आने वाले समय में प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों से संवाद के दौरान कहा कि आज का छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब गांवों में प्राथमिक शिक्षा तक की सुविधाएं सीमित थीं, लेकिन आज प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक स्कूल, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों का विस्तार हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के अनेक प्रतिष्ठित संस्थान उपलब्ध हैं, जिससे प्रदेश के विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के नए अवसर मिल रहे हैं।स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने इस अवसर पर प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि ये मेधावी छात्र-छात्राएं छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता, आधुनिक संसाधनों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने और प्रदेश तथा देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मेधावी विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री आवास परिसर का भ्रमण किया, वहां की व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा तथा शासन-प्रशासन के संचालन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। इस दौरान बच्चों ने आवास परिसर में आम भी तोड़े और आत्मीय वातावरण में आनंदपूर्ण क्षण बिताए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बच्चों से बेहद सहजता और अपनत्व के साथ संवाद किया, जिससे विद्यार्थी अत्यंत प्रफुल्लित और प्रेरित नजर आए। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री निवास के अनुभव को अपने जीवन का यादगार और प्रेरणादायी क्षण बताया।उल्लेखनीय है कि प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले इन मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप राज्य शासन की पहल पर एक दिन पूर्व नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आईपीएल क्रिकेट मैच देखने का अवसर भी प्रदान किया गया था। विद्यार्थियों ने इस अविस्मरणीय अनुभव के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
- -जांच के लिए भेजे गए तरबूज के सैंपल-स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में कर रही अन्य लोगों के स्वास्थ्य की जांचरायपुर जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम धुरकोट में तरबूज खाने के बाद एक बच्चे की मृत्यु तथा 3 अन्य बच्चों के बीमार होने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने तत्काल संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम एवं संबंधित एसडीएम को जिला चिकित्सालय जांजगीर भेजा , कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम जांजगीर ने मेडिकल टीम को गांव में संबंधित परिवार के सभी लोगों के स्वास्थ्य जांच के लिए रवाना किया तथा तहसीलदार को गांव में इस बाबत पूरे मामले पर लगातार निगरानी रखने हेतु निर्देशित किया गया।सिविल सर्जन श्री एस. कुजूर ने बताया बच्चों के तरबूज और चिकन खाने बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। एक बच्चे की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत्यु हो गई, जबकि 3 अन्य बीमार बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है जिनकी हालत अब सामान्य है ।कलेक्टर के निर्देश पर संबंधित तरबूज के सैंपल जांच हेतु भेज दिए गए हैं। साथ ही मृत बच्चे का पोस्टमार्टम कराया गया है और विसरा सुरक्षित रखा गया है ताकि मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। जिला प्रशासन द्वारा पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में अन्य लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर निगरानी भी कर रही है।
- -ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों के नागरिकों को मिलेगा समस्याओं के त्वरित समाधान का लाभरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जशपुर जिले में “सुशासन तिहार 2026” के तहत जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकायों में जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन लगातार जारी है। इसी क्रम में 13 मई 2026 को कुनकुरी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम बोडोकछार, कांसाबेल जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत चोंगरीबहार, नगर पंचायत बगीचा तथा नगर पंचायत कोतबा में शिविर आयोजित किए जाएंगे।बोडोकछार शिविर में बोडोकछार, खण्डसा, रायकेरा, धुमाडांड, कण्डोरा, बेमताटोली, लोधमा, भण्डरी, जोकारी, कमतरा, दाराखरिका, नारायणपुर, रानीकोम्बो, खूटगांव, खरवाटोली, कुडूकेला एवं सेन्द्रीमुण्डा के ग्रामीण अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।इसी प्रकार चोंगरीबहार शिविर में बगिया, बांसबहार, चोंगरीबहार, कोरंगा, कटंगखार, देवरी, दोकड़ा, पतरापाली, नक्टीमुण्डा, शब्दमुण्डा, कोटानपानी, तिलंगा और सेमरकछार के ग्रामीण भाग ले सकेंगे। वहीं नगर पंचायत बगीचा और कोतबा के वार्ड क्रमांक 1 से 15 तक के नागरिक भी शिविरों में अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे।सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। यह अभियान प्रशासन को आमजन के और अधिक निकट लाने तथा समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहा है। जिला कलेक्टर ने शिविरों के सफल संचालन के लिए नोडल एवं विभागीय अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के निर्धारित शिविर में उपस्थित होकर आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि उनकी समस्याओं का शीघ्र एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
- रायपुर । प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत खैरागढ़ छुईखदान गंडई जिले के ग्राम राहूद निवासी श्री जयलाल वर्मा ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित कर स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में प्रेरणादायक कदम उठाया है। जयलाल वर्मा क्षेत्र के उन जागरूक उपभोक्ताओं में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने शासन की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ लेकर बिजली बचत और पर्यावरण संरक्षण दोनों को अपनाया है।जयलाल वर्मा के घर की मासिक बिजली खपत लगभग 400 यूनिट है। 3 किलोवाट सोलर प्लांट स्थापित होने के बाद अब उन्हें योजना के तहत 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा। इससे उनके मासिक बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आएगी और भविष्य में आर्थिक बचत भी सुनिश्चित होगी।इस सोलर रूफटॉप सिस्टम की स्थापना पर शासन की ओर से उन्हें ₹1,08,000 की सब्सिडी स्वीकृत हुई है, जिससे प्लांट लगाने की लागत काफी कम हो गई है। इससे आम उपभोक्ताओं के लिए भी सौर ऊर्जा अपनाना आसान और किफायती बन रहा है।जयलाल वर्मा ने बताया कि योजना की पूरी प्रक्रिया सरल और पारदर्शी रही। उन्होंने कहा कि सोलर सिस्टम लगने के बाद वे गांव के अन्य लोगों को भी प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। बिजली विभाग (CSPDCL) द्वारा नेट-मीटरिंग प्रक्रिया पूर्ण होते ही उन्हें मुफ्त बिजली का सीधा लाभ मिलना प्रारंभ हो जाएगा।सौर ऊर्जा अपनाकर जयलाल वर्मा ने न केवल अपने परिवार के लिए आर्थिक राहत का मार्ग प्रशस्त किया है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
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धमतरी. धमतरी शहर में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) के 35 वर्षीय आरक्षक ने अपने किराये के मकान में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरक्षक जागेश्वर प्रसाद ठाकुर का शव सोमवार तड़के सपना पिंक सिटी कॉलोनी में उसके किराये के मकान में कमरे की छत से लटका हुआ मिला। नगर कोतवाली थाना प्रभारी राजेश जगत ने बताया कि ठाकुर 2009 से सीएएफ की 10वीं बटालियन में सेवा दे रहा था और हाल ही में पश्चिम बंगाल में चुनाव ड्यूटी से लौटा था। उन्होंने बताया कि चुनाव ड्यूटी से लौटने के बाद ठाकुर छुट्टी पर अपने घर आया हुआ था। मूल रूप से पड़ोसी बालोद जिले के भटगांव गांव का रहने वाला ठाकुर पिछले नौ वर्षों से धमतरी में अपने परिवार के साथ किराये के मकान में रह रहा था। ठाकुर के परिवार में उसकी पत्नी और तीन बच्चे हैं। ठाकुर के छोटे भाई त्रिभुवन ने संवाददाताओं को बताया कि रविवार शाम को ठाकुर और उसकी पत्नी के बीच कहा-सुनी हुई थी, जिसके बाद उसकी पत्नी घर छोड़कर चली गई। उसने बताया कि बाद में उसने परिवार के सदस्यों को इस स्थिति के बारे में जानकारी दी। त्रिभुवन के अनुसार, उसने अपने भाई को बार-बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। कुछ अनहोनी की आशंका होने पर, परिवार के सदस्य दौड़कर घर पहुंचे और पाया कि दरवाजा अंदर से बंद है। त्रिभुवन ने बताया कि बाद में घर के पिछले हिस्से से झांकने पर परिजन ने जागेश्वर को कमरे के अंदर लटका हुआ देखा। पुलिस ने बताया कि आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उसने कहा कि मामले की जांच जारी है।
- -अवधी भाषा में रचित प्राचीन ग्रंथ का हुआ डिजिटल संरक्षण-पीढ़ियों से सुरक्षित विरासत को कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने बताया अमूल्य धरोहरगौरेला-पेंड्रा-मरवाही / भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित “ज्ञानभारतम” राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत जीपीएम जिले में इतिहास, संस्कृति और धार्मिक विरासत से जुड़ी एक अत्यंत दुर्लभ धरोहर सामने आई है। अभियान के दौरान जिले में अवधी भाषा में रचित रामचरितमानस की प्राचीन पांडुलिपि सुरक्षित रूप में प्राप्त हुई है, जिसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार यह दुर्लभ पांडुलिपि गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत धनौली में श्री ज्ञानेंद्र उपाध्याय के परिवार के पास पीढ़ियों से सुरक्षित संरक्षित रही है। बताया गया कि उनके परदादा द्वारा वर्षों पूर्व इस अमूल्य धरोहर को सुरक्षित रखा गया था और परिवार ने इसे आज तक सहेजकर रखा है।कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन की उपस्थिति में इस दुर्लभ पांडुलिपि का डिजिटल संरक्षण किया गया। कलेक्टर ने इसे जिले की ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि इस प्रकार की पांडुलिपियां केवल ग्रंथ नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति और परंपरा का जीवंत इतिहास हैं। उन्होंने कहा कि “ज्ञानभारतम” अभियान का उद्देश्य देशभर में बिखरी प्राचीन पांडुलिपियों की पहचान कर उनका दस्तावेजीकरण एवं डिजिटल संरक्षण करना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें। विशेषज्ञों के अनुसार अवधी भाषा में रचित यह प्राचीन रामचरितमानस पांडुलिपि साहित्य, धर्म और लोक संस्कृति के अध्ययन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जिले में इस प्रकार की दुर्लभ धरोहर का मिलना क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।
- धमतरी। पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स 2.0 के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली धमतरी जिले की ग्राम पंचायतों को सोमवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने ग्राम पंचायत मंदरौद और ग्राम पंचायत खम्हरिया के सरपंच एवं सचिवों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में जिला प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी में पंचायतों की उपलब्धियों की सराहना की गई।ग्राम पंचायत मंदरौद, जनपद पंचायत कुरूद ने “गरीबी मुक्त एवं उन्नत आजीविका पंचायत” श्रेणी में 94.48 (A+) अंक प्राप्त कर पूरे छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि पर सरपंच भीकम राम लहरे और सचिव डेरहू राम यादव को सम्मानित किया गया। वहीं ग्राम पंचायत खम्हरिया, जनपद पंचायत धमतरी ने “स्वस्थ पंचायत” श्रेणी में 91.33 (A+) अंक प्राप्त कर जिले का गौरव बढ़ाया। पंचायत की सरपंच प्रकृति यादव को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स केवल आंकड़ों का मूल्यांकन नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की वास्तविक स्थिति को दर्शाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि मंदरौद और खम्हरिया पंचायतों ने जनभागीदारी, पारदर्शिता और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से यह उपलब्धि हासिल की है। पंचायत स्तर पर योजनाओं के बेहतर संचालन का सीधा लाभ ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार के रूप में दिखाई देता है।मंदरौद के सरपंच भीकम राम लहरे ने बताया कि पंचायत में आजीविका संवर्धन, स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन, ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ने और पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया गया। नियमित ग्राम सभा और ग्रामीण सहभागिता से पंचायत को यह सफलता मिली। सचिव डेरहू राम यादव ने कहा कि योजनाओं की सतत मॉनिटरिंग, समय-समय पर समीक्षा और ग्रामीणों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने की रणनीति अपनाई गई। पंचायत ने गरीबी उन्मूलन और आजीविका उन्नयन को प्राथमिकता बनाकर कार्य किया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए। खम्हरिया की सरपंच प्रकृति यादव ने बताया that पंचायत में स्वच्छता, टीकाकरण, पोषण, पेयजल और स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों को लगातार प्राथमिकता दी गई। आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य विभाग और पंचायत के संयुक्त प्रयासों से ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी और बेहतर परिणाम प्राप्त हुए। कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र ठाकुर, अपर कलेक्टर इंदिरा देहारी, एसडीएम धमतरी एवं कुरूद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- -केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ कार्यक्रमकोण्डागांव । जिले के केशकाल विकासखण्ड अंतर्गत स्थित प्राचीन गोबरहीन शिव मंदिर प्रांगण में सोमवार को “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” का आयोजन श्रद्धा एवं उत्साह के साथ किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सोमनाथ मंदिर में आयोजित कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी उपस्थित जनप्रतिनिधि जनसमुदाय द्वारा देखा गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत विधायक श्री टेकाम द्वारा गोबरहीन शिव मंदिर में पूजा-अर्चना एवं क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि की कामना के साथ हुई। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का शुभारंभ अभिषेक कार्यक्रम के माध्यम से किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार पूरे जिले में भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर हमारी सांस्कृतिक विरासत और इतिहास को स्मरण किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि गढ़धनोरा स्थित गोबरहीन मंदिर छठवीं शताब्दी की अत्यंत प्राचीन धरोहर है, जहां प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर विशाल मेले का आयोजन होता है। इस आयोजन से मंदिर को नई पहचान और व्यापक ख्याति मिलेगी। विधायक ने बताया कि इस क्षेत्र को संरक्षित करने एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने हेतु कार्ययोजना तैयार कर कार्य किया जा रहा है। सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए विधायक श्री टेकाम ने कहा कि मंदिर पर कई बार आक्रमण हुए, लेकिन इसकी आस्था और परंपरा को कभी समाप्त नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में यह पर्व स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जा रहा है, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक है। इस आयोजन के माध्यम से पूरे देश को सांस्कृतिक रूप से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विधायक के मार्गदर्शन में गढ़धनोरा क्षेत्र के संरक्षण एवं सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही जिले में पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए भी योजनाबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल जिले को सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक दृष्टि से नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नंदनी पोटाई, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री बिहारी लाल शोरी, श्री संतोष कटारिया, श्री राजकिशोर राठी, श्री वीरेंद्र बघेल, जिला पंचायत सीईओ श्री अविनाश भोई, एसडीएम केशकाल सुश्री आकांक्षा नायक, तहसीलदार श्री गणेश सिदार, जनपद पंचायत सीईओ श्री अनुराग सिन्हा, सरपंच गढ़धनोरा, सरपंच बटराली सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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- सुशासन तिहार, खुशियों का द्वार
महासमुन्द / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन के संकल्प को धरातल पर उतार रही है। जहाँ एक ओर विकास की नई इबारत लिखी जा रही है, वहीं दूसरी ओर सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर आम जनता के लिए खुशियों का जरिया बन रहे हैं। इसी कड़ी में महासमुंद विकासखंड के ग्राम अछोला में आयोजित शिविर से एक बेहद सुखद तस्वीर सामने आई है।अछोला निवासी श्री देवव्रत गोलदार और उनकी पत्नी श्रीमती गायत्री गोलदार अपने 2 साल के मासूम बेटे अरनव के साथ पहुंचे थे। माता-पिता की इच्छा थी कि उनके लाडले की अपनी एक डिजिटल पहचान हो। उन्होंने समाधान शिविर में इसके लिए आवेदन किया और इसके तुरंत बाद ही पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की गई और नन्हे अरनव को उसकी नई डिजिटल पहचान मिल गई। अपने बच्चे का पहचान पत्र इतनी सहजता और शीघ्रता से बनते देख माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। भावुक और प्रसन्न मन से श्री देवव्रत और श्रीमती गायत्री ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि यह शिविर वास्तव में समाधान का सच्चा केंद्र साबित हो रहे हैं। - -छत्तीसगढ़ की बौद्धिक विरासत सहेजने वाले पाण्डुलिपि संरक्षकों का किया गया सम्मानरायपुर। शिव मंदिर देवगढ़ में आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ श्रद्धा, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव का भव्य संगम बन गया। उदयपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत देवटिकरा स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर परिसर में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से भर दिया। कार्यक्रम में प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, आस्था और आत्मगौरव का उत्सव है। उन्होंने कहा कि जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए आक्रमण के 1000 वर्ष तथा वर्ष 1951 में इसके पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होना हमारी सांस्कृतिक शक्ति, आस्था और पुनर्जागरण की अमर गाथा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति ने अनेक चुनौतियों के बावजूद अपनी पहचान और अस्तित्व को अक्षुण्ण बनाए रखा है, जो पूरे राष्ट्र के लिए गर्व का विषय है।कार्यक्रम के दौरान गुजरात में आयोजित मुख्य समारोह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लाइव प्रसारण का सामूहिक अवलोकन किया गया। प्रधानमंत्री के संदेश को सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीणजन और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मंदिर परिसर में धार्मिक आस्था और राष्ट्रभावना का अनूठा वातावरण दिखाई दिया। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को नई ऊर्जा प्रदान की, बल्कि लोगों में अपनी सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपराओं के प्रति गर्व और जागरूकता का संदेश भी दिया है। विशिष्ट अतिथि प्रबोध मिंज ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारत की गौरवशाली सभ्यता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज भारत अपनी प्राचीन परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों के साथ विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह और कलेक्टर अजीत वसंत ने इस अवसर पर संबोधित किया।कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण छत्तीसगढ़ की बौद्धिक और सांस्कृतिक धरोहर स्वरूप प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण में योगदान देने वाले संरक्षकों और सर्वेयरों का सम्मान रहा। इस अवसर पर पांडुलिपि संरक्षण एवं सर्वे कार्य में उल्लेखनीय योगदान देने वाले संरक्षक श्रीमती रश्मि मिश्रा, श्री शैलेष मिश्रा, श्री दिवाकर शर्मा, श्री रासबिहारी मिश्र, श्री महेश्वर शाह एवं श्री साहू शाह को सम्मानित किया गया। वहीं सर्वेयर के रूप में कार्य कर रहे श्री श्रीश मिश्र, श्री अनूप किण्डो, श्री गौरव पाठक, श्री दामोदर सिंह तथा श्री अजीत सिंह कंवर को भी सम्मान प्रदान किया गया। अतिथियों ने कहा कि पांडुलिपियां हमारी सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत की अमूल्य धरोहर हैं, जिनका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक है।कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती राधा रवि, जनपद अध्यक्ष श्रीमती शशिकला सिंह, कमिश्नर श्री नरेन्द्र दुग्गा, जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शारदा अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और श्रद्धालुगण उपस्थित रहे।
- महासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत प्राकृतिक आपदा से मृत्यु होने पर 3 मृतकों के निकटतम वारिसान के लिए चार-चार लाख रुपए के मान से कुल 12 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है। इनमें पानी में डूबने से मृत्यु होने पर बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम सोनापुटी के मृतक श्री नीलू सिंग दीवान की पत्नी श्रीमती देवन्तीन बाई दीवान के लिए, बिजली गिरने से मृत्यु होने पर सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम रिमजी के मृतक श्री नरोत्तम पटेल की पत्नी श्रीमती संजू पटेल एवं सांप के काटने से मृत्यु होने पर बसना विकासखण्ड के मृतक श्री ईश्वर साहू की पत्नी श्रीमती रामबाई के लिए चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
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कोरबा। गलत सीमांकन का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों आरआई-पटवारी को दो घंटे तक बंधक बनाए रखा। मामले में पटवारी की शिकायत पर बंधक बनाने वाले चार ग्रामीणों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया है.। घटना करतला थाना क्षेत्र के नोनबिर्रा गांव की है, जहां पहले तो जमीन सीमांकन के दौरान जमकर बवाल हुआ.। इसके बाद पैसा लेकर गलत सीमांकन का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने आरआई और हलका पटवारी को करीबन दो घंटे तक कार में बंधक बनाकर रखा। इसके पहले विवाद के दौरान एक ग्रामीण ने तो रस्सी लेकर खुदकुशी करने की धमकी तक दे डाली थी.।
मामले में प्रार्थी हलका नोनबिर्रा पटवारी भरत चौहान ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है. । पटवारी ने बताया कि न्यायालय नायब तहसीलदार करतला के आदेश पर राजस्व निरीक्षक जयपाल सिंह के साथ 8 मई को ग्राम नोनबिर्रा के बनियापारा में आवेदक संतराम की भूमि खसरा नंबर 643/1 रकबा 0.085 हेक्टेयर का सीमांकन करने पहुंचे थे.।विधिवत सूचना के बाद मौके पर खसरा नंबर 643 के सभी बटांकन की नाप कर आवेदक को जानकारी दी गई. लेकिन इसके बाद एक ही परिवार के सदस्य विवाद करने लगे।. मामले में चार आरोपियों के खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज किया गया है। - -36 केंद्रों पर खेल और व्यक्तित्व विकास का संगमरायपुर। धमतरी जिले के बच्चों और युवाओं की खेल प्रतिभा को तराशने तथा ग्रीष्मकालीन अवकाश को रचनात्मक बनाने के उद्देश्य से धमतरी में “समर कैम्प 2026” की शुरुआत हो गई है। जिला प्रशासन और खेल विभाग के समन्वय से आयोजित यह 30 दिवसीय शिविर 9 मई से 8 जून तक चलेगा, जिसमें खेल तकनीक के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है।समर कैम्प का उद्देश्य केवल खेल प्रशिक्षण देना नहीं है, बल्कि बच्चों को एक सकारात्मक वातावरण प्रदान कर उन्हें नशामुक्ति, स्वास्थ्य और अनुशासित जीवनशैली की ओर प्रेरित करना है।इस वर्ष समर कैम्प का दायरा बढ़ाते हुए जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 36 केंद्र बनाए गए हैं। फ्रीडम फिजिकल ट्रेनिंग सहित विभिन्न खेल संघों और क्लबों के माध्यम से बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार खेलों का चयन करने का विकल्प मिल रहा है। शिविर में मैदानी खेल में फुटबॉल, कबड्डी, एथलेटिक्स, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, रग्बी को शामिल किया गया है। मार्शल आर्ट्स में कराटे, जूडो, ताइक्वांडो, बॉक्सिंग, कुडो के साथ-साथपारंपरिक एवं अन्य में योग, शतरंज, कुश्ती, तीरंदाजी, स्केटिंग, वेटलिफ्टिंग को शामिल किया गया है ।शिविर की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ के अनुभवी प्रशिक्षक हैं, जो न केवल खेल की बारीकियां सिखा रहे हैं, बल्कि बच्चों में फिटनेस, अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता (Leadership) जैसे गुणों का संचार कर रहे हैं। इन शिविरों का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से ऐसी प्रतिभाओं की पहचान करना है, जिन्हें भविष्य में खेल अकादमियों और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा सके।बदलते दौर की चुनौतियों को देखते हुए शिविर में योग और मार्शल आर्ट्स को प्राथमिकता दी गई है। इसके माध्यम से बच्चों को आत्मरक्षा (Self-defense) के गुर सिखाने के साथ-साथ उनकी मानसिक एकाग्रता और स्वास्थ्य जागरूकता पर बल दिया जा रहा है। इस वृहद आयोजन में जिले की प्रतिष्ठित संस्थाएं अपनी सहभागिता दे रही हैं, जिनमें मुख्य रूप से सेजेस (SAGES) चर्रा और शौर्य क्रीड़ा क्लब कुण्डेल,कला केन्द्र इतवारी बाजार और नगर निगम स्पोर्ट्स एकेडमी,जिला वेटलिफ्टिंग, एथलेटिक्स, कुडो और कराटे संघ शामिल है। धमतरी जिले में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शुरू हुए इस "समर कैम्प" के लिए जिला प्रशासन ने सभी केंद्रों पर खेल सामग्री और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।























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