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- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ व बधाई दी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि 26 जनवरी वही खास दिन है, जब भारत का संविधान लागू हुआ था। यह दिन भारत को एक स्वतंत्र, लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित करने का प्रतीक है। गणतंत्र दिवस भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों का त्योहार है, जो हमें याद दिलाता है कि हम सब बराबर हैं और देश के शासन में हमारी भी भागीदारी है। यह दिन देश की कई जातियों, संस्कृतियों और धर्मों को एकजुट होने का अवसर देता है। गणतंत्र दिवस हमें हमारे संविधान के महत्व की याद दिलाता है, जो हमारे अधिकारों और कर्तव्यों को परिभाषित करता है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने अपने संदेश में कहा कि हमारे पूर्वजों ने कड़ी मेहनत और पूरी जिम्मेदारी के साथ संविधान के रूप में सभी नागरिकों की गरिमा और स्वतंत्रता सुनिश्चित करते हुए उनके लिए सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक न्याय व समता की राह तैयार की है। नागरिकों के लोकतंत्र में भरोसे और सक्रिय भागीदारी से ही देश-प्रदेश विकास की राह में आगे बढ़ सकता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी भारत के संविधान को पवित्र ग्रंथ मानकर उसके सम्मान व गौरव की रक्षा करने के लिए अपनी प्रतिक्षण तत्परता और प्रतिबद्धता व्यक्त करती है।
- –संभागायुक्त श्री राठौर ने दिलाई मतदाता शपथदुर्ग /16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन कला मंदिर सिविक सेंटर भिलाई में किया गया। कार्यक्रम में संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं बड़ी संख्या में मौजूद विद्यार्थियों को मतदाता शपथ दिलाई।कार्यक्रम के दौरान नवीन मतदाताओं द्वारा अधिकारियों को प्रतीकात्मक रूप से बैच लगाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संभागायुक्त श्री राठौर ने कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उद्देश्य देश में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाकर लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग करे। एक-एक वोट देश की दिशा तय करता है, इसलिए जागरूक होकर ऐसे प्रतिनिधियों का चयन करें जो देश को विकास और प्रगति के पथ पर ले जाएं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मतदाता सूची का शुद्धिकरण किया जा रहा है तथा पात्र मतदाताओं को सूची में जोड़ा जा रहा है। जिन नागरिकों का नाम मतदाता सूची में नहीं है, वे फार्म-6 के माध्यम से ऑफलाइन या ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। साथ ही युवाओं से अपील की गई कि वे स्वयं के साथ-साथ अपने मित्रों और पड़ोसियों को भी मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सभी बीएलओ को बधाई दी।उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री वीरेन्द्र सिंह ने एसआईआर 2026 के दौरान शत-प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरण, संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण करने वाले बीएलओ की सराहना की।विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर 2026) के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले के 18 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर सम्मानित किया गया। जिले के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से चयनित तीन-तीन बीएलओ को प्रशस्ति पत्र एवं 5000 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।सम्मानित बीएलओ में विधानसभा क्षेत्र 62 पाटन से श्रीमती निर्मला बघेल, सुश्री चमेली साहू एवं श्री नेपाल यादव; 63 दुर्ग ग्रामीण से श्रीमती सुनीता चन्द्राकर, श्रीमती हिमानी देवांगन एवं श्रीमती जयन्ती; 64 दुर्ग शहर से श्रीमती मधु नामदेव, श्रीमती योगिता कनौजे एवं श्रीमती सरिता साहू; 65 भिलाई नगर से श्री खिलेश दास, श्रीमती सरस्वती साहू एवं श्रीमती यशोदा साहू; 66 वैशाली नगर से श्री अनुज श्रीवास्तव, श्री भागवती निर्मलकर एवं श्रीमती अंजना शर्मा तथा 67 अहिवारा से श्रीमती संतोषी साहू, श्रीमती सुशीला वर्मा एवं श्रीमती योगमाया वर्मा शामिल हैं। कार्यक्रम के अंत में जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग दुबे ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, वनमंडलाधिकारी श्री दीपेश कपिल, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश मिरी, एसडीएम श्री हितेश पिस्दा व श्री उत्तम ध्रुव सहित स्कूल, कॉलेज, एनसीसी, स्काउट-गाइड के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
- दुर्ग, / प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी जिले में 26 जनवरी 2026 गणतंत्र दिवस पूरी गरिमा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। गणतंत्र दिवस के मौके पर जिला मुख्यालय दुर्ग के रविशंकर स्टेडियम में मुख्य समारोह आयोजित होगा। समारोह में केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। जिला स्तरीय मुख्य समारोह में केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण करेंगे। ध्वजारोहण के पश्चात् परेड की सलामी लेंगे और परेड का निरीक्षण करेंगे। समारोह में 10 बजे शहीद परिवारों का सम्मान होगा। स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम व झाँकियों का प्रदर्शन होगा और पुरस्कार वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।
- दुर्ग, /राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर 24 जनवरी को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान अंतर्गत शासकीय चन्द्रशेखर आज़ाद हायर सेकेंडरी स्कूल, पंचशील नगर दुर्ग में जिला स्तरीय कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार यह कार्यक्रम जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री आर.के. जाम्बुलकर एवं जिला महिला बाल विकास अधिकारी श्री अजय कुमार साहू के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव तथा विशिष्ट अतिथि महापौर श्रीमती अलका बाघमार रहीं।कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात अतिथियों ने अपने उद्बोधन में बालिकाओं के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सशक्तिकरण पर प्रकाश डालते हुए समाज में बालिकाओं के महत्व को रेखांकित किया।कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों के लिए चम्मच बॉल, कुर्सी दौड़, बलून फुलाना जैसी खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। साथ ही थीम आधारित निबंध, पेंटिंग एवं रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर शाला में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की कड़ी में साइबर एक्सपर्ट श्री आरिफ़ ख़ान द्वारा बच्चों एवं उपस्थित अभिभावकों को साइबर क्राइम की जानकारी दी गई तथा इससे बचाव के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई।स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बच्चों, किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यकतानुसार आयरन, फोलिक एसिड एवं कैल्शियम की टेबलेट्स वितरित की गईं। साथ ही एनीमिया के लक्षण, कारण एवं रोकथाम के उपायों की जानकारी दी गई। इसके पश्चात बच्चों द्वारा तैयार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं एवं बाल विवाह विषय पर आधारित नाटक का मंचन किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को जागरूक करने का प्रभावी संदेश दिया। इस दौरान अतिथियों द्वारा उपस्थित सभी को बाल विवाह मुक्त भारत/छत्तीसगढ़ हेतु शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के समस्त अधिकारी-कर्मचारी, शाला परिवार के प्राचार्य , शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी व अभिभावक उपस्थित थे।
- दुर्ग / जिले में गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के पावन पर्व पर जिला प्रशासन द्वारा पंडित रविशंकर स्टेडियम में 'जिलाधीश एकादश' और 'नागरिक एकादश' के मध्य एक मैत्रीपूर्ण हॉकी और रस्सा-खींच मैच का भव्य आयोजन किया जाएगा। विगत 77 वर्षों की गरिमामयी विरासत को अक्षुण्ण रखते हुए, यह आयोजन शाम 4:00 बजे से शुरू होगा, जिसमें 'जिलाधीश एकादश' की टीम में जिले के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी मैदान पर अपना दमखम दिखाएंगे। टीम की अगुवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री विनोद के. कुजूर करेंगे, जिनके साथ दुर्ग संभाग के आयुक्त श्री सत्य नारायण राठौर (आई.ए.एस.), पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिषेक शांडिल्य (आई.पी.एस.), और दुर्ग कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह (आई.ए.एस.) प्रमुख खिलाड़ी के रूप में शामिल होंगे। प्रशासनिक टीम की मजबूती बढ़ाते हुए इसमें पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल (आई.पी.एस.), सी.एस.पी. श्री हर्षित मेहर (आई.पी.एस.), और वनमण्डल अधिकारी श्री दीपेश कपिल (आई.एफ.एस.) भी अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। टीम में अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के रूप में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल, जिला पंचायत सी.ई.ओ. श्री बजरंग कुमार दुबे, और अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंह सहित नगर निगम आयुक्त और विभिन्न विभागों के जिला प्रमुखों को भी स्थान दिया गया है। कुल 26 शीर्ष अधिकारियों की यह सूची प्रशासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय और खेल भावना का संदेश देने के लिए तैयार की गई है। इस ऐतिहासिक आयोजन में जिलेवासियों को उपस्थित होने और खेल का आनंद लेने के लिए सादर आमंत्रित किया गया है।
- दुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार जिले में अवैध मदिरा के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दुर्ग जिले में आबकारी विभाग को बड़ी सफलता मिली है। सहायक आयुक्त आबकारी श्री सीआर साहू के मार्गदर्शन में विभाग ने अवैध शराब के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की है।मिली जानकारी के अनुसार, 24 जनवरी 2026 को गश्त के दौरान आबकारी वृत्त धमधा की टीम को पथरिया क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री की गुप्त सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर त्वरित और विधिवत कार्रवाई करते हुए टीम ने संदिग्ध स्थान पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गोविन्द साहू (64 वर्ष), निवासी पथरिया को हिरासत में लिया। तलाशी लेने पर आरोपी के कब्जे से 40 नग पाव देसी मदिरा मसाला (प्रत्येक 180 एम.एल.) बरामद की गई। जब्त शराब की कुल मात्रा 7.2 बल्क लीटर बताई जा रही है, जिसका बाजार मूल्य लगभग 4,000 रुपये आँका गया है।आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34 (1) ख एवं 34(2) के तहत गैर-जमानती प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। इस पूरी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने में विवेचना अधिकारी भोजराम रत्नाकर (आबकारी उपनिरीक्षक), मुख्य आरक्षक प्रलाद सिंह राजपूत और वाहन चालक दुर्गा प्रसाद साहू का महत्वपूर्ण योगदान रहा।आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और विक्रय पर आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
- दुर्ग, / राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर रविवार को रायपुर में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता जागरूकता एवं निर्वाचन कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को सम्मानित किया गया। इस क्रम में राज्य के दुर्ग जिले का चयन प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण श्रेणी के अंतर्गत राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह सम्मान दुर्ग जिले को निर्वाचन संबंधी कार्यों में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया है। राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन इंदिरा गांधी कृषि महाविद्यालय परिसर, रायपुर स्थित विवेकानंद सभागार में किया गया, जिसमें दुर्ग जिले की ओर से कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने सम्मान ग्रहण किया। राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उद्देश्य मतदाताओं में जागरूकता बढ़ाना तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
- - पुराने और नए युग की पत्रकारिता, टीवी और अखबार में अंतर, और पत्रकारों के लिए सीखरायपुर । प्रेस क्लब में शुक्रवार को एक विशेष पत्रकारिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रसार भारती के सलाहकार उमेश चतुर्वेदी (नई दिल्ली) और स्वदेश के संपादक जयप्रकाश मिश्रा पत्रकार साथियों से रूबरू हुए। दोनों अतिथियों ने पत्रकारिता के अपने पुराने अनुभव साझा किए और टीवी व अखबार की पत्रकारिता में अंतर को समझाया। इस अवसर पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु और संयुक्त सचिव निवेदिता साहू ,भूपेश जांगड़े के साथ सभी सदस्य उपस्थित थे।टीवी और सोशल मीडिया समाचार,तेजी और भूलने की समस्याउमेश चतुर्वेदी ने बताया कि टीवी और सोशल मीडिया पर समाचार बहुत तेजी से फैलते हैं, लेकिन लोग उन्हें जल्दी भूल जाते हैं। उनका कहना था कि टीवी पर ब्रेकिंग न्यूज में अधिकतर विज्ञापनों का कब्जा रहता है और वास्तविक समाचार का असर कम हो जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि टीवी पर लोग आधा-एक घंटा समाचार देखकर भूल जाते हैं, जबकि अखबार की खबरों को लोग काटकर सुरक्षित रखते हैं।अखबार की पत्रकारिता का महत्वचतुर्वेदी ने कहा कि अखबार में समाचार अधिक स्थायी और भरोसेमंद होते हैं। लोग अखबार की खबरों को पढक़र समझते हैं और उनके पास इसका रिकॉर्ड रहता है। उन्होंने पत्रकारों को यह सलाह दी कि समाचार लिखते समय हेडिंग और वलाइनर पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि यही पाठकों का ध्यान आकर्षित करता है। अखबार में पत्रकारिता का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह गहराई से खबर पेश करता है, जबकि टीवी और सोशल मीडिया केवल त्वरित और सतही जानकारी देते हैं।पुराने और नए युग की पत्रकारिताउमेश चतुर्वेदी ने पत्रकारिता के पुराने और नए युग की तुलना भी की। उन्होंने बताया कि पुराने समय में पत्रकारिता में खबरों की गहराई और जांच पर ज्यादा ध्यान दिया जाता था। वहीं, नए युग में तेजी, वायरल खबरें और डिजिटल मीडिया ने पत्रकारिता की प्रकृति बदल दी है। दोनों माध्यमों के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।व्यक्तिगत अनुभव और सीखस्वदेश के संपादक जयप्रकाश मिश्रा ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि पत्रकारिता केवल खबरें देने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को सचेत करने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए और सतही या अफवाह पर आधारित खबरों से बचना चाहिए।सम्मान और प्रतीक चिन्हइस अवसर पर प्रेस क्लब ने दोनों अतिथियों को उनके योगदान और अनुभव साझा करने के लिए प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। पत्रकार साथियों ने उनके विचारों को ध्यान से सुना और उन्हें सीखने योग्य बताया।
- रायपुर। भारतीय गणतंत्र की 76वीं वर्षगाँठ के अवसर पर 26 जनवरी को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में सुबह 8.30 बजे और एकात्म परिसर में सुबह 09 बजे भाजपा क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल तथा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे।
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रायपुर। बस्तर क्षेत्र में माओवादी प्रभाव से मुक्त हुए 41 गांवों में गणतंत्र दिवस के अवसर पर पहली बार तिरंगा फहराया जाएगा। यह कदम 'लाल आतंक' के अंत की लड़ाई में मिली सफलता को स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है और शांति एवं विकास का संकेत देता है।
पुलिस महानिरीक्षक (बस्तर रेंज) सुंदरराज पी ने बताया कि इनमें से 13 गांव बीजापुर जिले में, 18 नारायणपुर में और 10 सुकमा में हैं। उन्होंने कहा, ''बस्तर मंडल के 41 गांवों में पहली बार 77वां गणतंत्र दिवस पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। ये गांव दशकों से ऐसे राष्ट्रीय समारोहों से दूर रहे थे, लेकिन अब देश की लोकतांत्रिक और संवैधानिक भावना में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में इन स्थानों पर सुरक्षा शिविरों की स्थापना ने स्थानीय आबादी के बीच विश्वास, सुशासन और अपनेपन की भावना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पुलिस महानिरीक्षक ने कहा, ''सुरक्षा बलों के निरंतर प्रयासों और स्थानीय समुदायों के सहयोग से यह सकारात्मक परिवर्तन संभव हो पाया है।
पिछले वर्ष 13 गांवों में 15 अगस्त को पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया था। अब, इन 13 गांवों सहित कुल 54 गांव पहली बार गणतंत्र दिवस मनाएंगे।" सुंदरराज ने कहा कि अबूझमाड़, राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र आदि में बसवराजु, के रामचंद्र रेड्डी, सुधाकर, कट्टा सत्यनारायण रेड्डी और अन्य माओवादी कैडर को निष्क्रिय करने से क्षेत्र में चरमपंथी प्रभाव काफी कमजोर हो गया है, जिसके परिणामस्वरूप भय और धमकी की जगह धीरे-धीरे शांति, विकास और प्रशासनिक संपर्क स्थापित हो रहे हैं। इस बीच, एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि राज्य भर में गणतंत्र दिवस समारोह की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि राज्यपाल रमन डेका सोमवार सुबह रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और विभिन्न सुरक्षा इकाइयों से 'गार्ड ऑफ ऑनर' (सलामी गारद) लेंगे, जबकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साई बिलासपुर जिले में तिरंगा फहराएंगे।
- -साहित्य सृजन कर रहे पूर्व अधिकारियों ने 'शासन और साहित्य' के अंतर्संबंधों पर रखी अपनी रायरायपुर।रायपुर साहित्य उत्सव के तीसरे दिन आज वर्तमान में साहित्य सृजन में लगे भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारियों ने 'शासन और साहित्य' के अंतर्संबंधों पर गहरा विमर्श किया। लाला जगदलपुरी मंडप में आयोजित यह सत्र मूर्धन्य छत्तीसगढ़ी साहित्यकार और पूर्व सांसद स्वर्गीय श्री केयूर भूषण को समर्पित रहा। रायपुर के कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह इस सत्र में सूत्रधार की भूमिका में थे।परिचर्चा में यह बात प्रमुखता से उभरी कि शासन और साहित्य एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। जहाँ शासन नीतियों के जरिए समाज को व्यवस्थित करता है, वहीं साहित्य मानवीय संवेदनाओं को जीवित रखकर शासन को आइना दिखाने का काम करता है।परिचर्चा की शुरुआत करते हुए सूत्रधार रायपुर के कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं में साहित्य सदैव शामिल रहता है और रायपुर साहित्य उत्सव का यह आयोजन इस बात का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि साहित्य शासन के लिए दर्पण की तरह है जो व्यवस्था को सही रास्ता दिखाने और समाज में संवेदना जगाने का काम करता है।वरिष्ठ साहित्यकार और सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. सुशील त्रिवेदी ने शासन की भूमिका को स्पष्ट करते हुए कहा कि शासन का मूल काम स्वतंत्रता, समता और न्याय की स्थापना करना है, जबकि साहित्य आम आदमी के संघर्ष और भावनाओं की अभिव्यक्ति है। उन्होंने बेहद सारगर्भित बात कही कि जब 'स्वांत: सुखाय' के भाव से लिखा गया शब्द 'बहुजन सुखाय और बहुजन हिताय' बन जाता है, तब वह साहित्य बन जाता है। उन्होंने साहित्य को मनुष्य का 'स्थायी लोकतंत्र' करार दिया।चर्चा को आगे बढ़ाते हुए साहित्यकार एवं सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. संजय अलंग ने वैश्विक क्रांतियों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि रूस और फ्रांस जैसी बड़ी क्रांतियां साहित्य की कोख से ही जन्मी हैं। शासन लगातार साहित्य से सीखता है और सत्ता में आने के बाद भी उसे साहित्य से ही दृष्टि मिलती है। डॉ. अलंग ने कहा कि चाहे शासन हो या साहित्य, यदि आप जनता के पक्ष में खड़े नहीं हैं, तो आप विपक्ष में खड़े हैं।साहित्यकार एवं सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. इंदिरा मिश्रा ने परिचर्चा में शासन की व्यावहारिक चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शासन सार्वभौमिक और सशक्त होता है, जिसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कभी-कभी कड़े निर्णय लेने पड़ते हैं। कई बार ऐसी रचनाओं पर प्रतिबंध लगाना पड़ता है जो व्यवस्था के लिए चुनौती बनती हैं।साहित्यकार एवं सेवानिवृत्त आईएएस श्री बी.के.एस. रे ने एक अच्छे प्रशासक की परिभाषा गढ़ते हुए कहा कि वही व्यक्ति सफल शासक है जो मनुष्यता को समझता है। उन्होंने साहित्यकारों को आह्वान किया कि यदि शासन कभी रास्ता भटक जाए, तो यह साहित्य का ही दायित्व है कि वह उसे सही मार्ग पर लाए।
- -एक मॉडल सामुदायिक पर्यटन स्थल के रूप में ग्राम केरे को किया जाएगा विकसित-होमस्टेज़ ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ शासन और जशपुर जिला प्रशासन के बीच एमओयूरायपुर / जशपुर जिले को एक प्रमुख इको-पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में आयोजित कार्यक्रम में भारत के अग्रणी होमस्टे प्लेटफॉर्म होमस्टेज़ ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ शासन और जशपुर जिला प्रशासन के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। इसके अंतर्गत ग्राम केरे को एक मॉडल सामुदायिक पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ग्राम केरे में तैयार किए गए होमस्टे का शुभारंभ किया गया।एमओयू के अंतर्गत जशपुर का पहला संगठित होमस्टे ग्राम बनाने की दिशा में कार्य होगा। एक सुव्यवस्थित एवं विस्तार योग्य होमस्टे-आधारित ग्रामीण पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र की स्थापना होगी। इस पहल के माध्यम से स्थानीय परिवारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, सतत आजीविका को सुदृढ़ किया जाएगा तथा क्षमता निर्माण और कौशल विकास के जरिए युवाओं एवं महिलाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इस परियोजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, परंपराओं एवं प्राकृतिक विरासत का संरक्षण एवं संवर्धन करना है, ताकि पर्यटन विकास समावेशी, समुदाय-स्वामित्व वाला और पर्यावरण की दृष्टि से सतत बना रहे तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रहे।मुख्यमंत्री श्री साय की उपस्थिति में हुए इस समझौता का ज्ञापन पर कलेक्टर जशपुर श्री रोहित व्यास तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनोद वर्मा और होमस्टेज़ ऑफ इंडिया प्रा. लि. के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए। अधिकारियों ने बताया कि यह पहल राज्य सरकार की इको-पर्यटन, समावेशी विकास एवं समुदाय-नेतृत्व वाले आर्थिक विकास की परिकल्पना के अनुरूप है। स्थानीय संस्कृति और प्रकृति पर आधारित प्रामाणिक पर्यटन अनुभवों के माध्यम से यह परियोजना जशपुर की पहचान को सशक्त करेगी और उसे राष्ट्रीय स्तर पर मुख्य पर्यटन मानचित्र में स्थापित करने में सहायक होगी।
- -महिलाओं द्वारा बांस, छिंद, मिट्टी एवं लकड़ी से बनाए उत्पाद मिलेंगे देश के विभिन्न एयरपोर्ट पर-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के समक्ष रेयर प्लेनेट संस्था से हुआ ऐतिहासिक एमओयू-महिला स्वावलंबन को मिला नया बाजाररायपुर /वन विभाग की पहल पर जशपुर जिले में महिला सशक्तिकरण और वन आधारित आजीविका को नई दिशा देने वाला एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में विगत दिवस बगिया में रेयर प्लेनेट संस्था तथा जशपुर जिले की स्व-सहायता समूह—जागरण, स्माईल आरती, राखी एवं मुस्कान समूह—के मध्य जशक्राफ्ट ब्रांड के उत्पादों के विपणन हेतु अनुबंध समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।इस महत्वपूर्ण समझौते के अंतर्गत अब जशपुर की जनजातीय महिलाओं द्वारा बांस, छिंद, मिट्टी एवं लकड़ी से निर्मित हस्तशिल्प, आभूषण एवं सजावटी उत्पाद देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर संचालित रेयर प्लेनेट के बिक्री केंद्रों के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध होंगे। इससे स्थानीय स्व-सहायता समूहों को स्थायी बाजार, उचित मूल्य तथा नियमित आय के अवसर प्राप्त होंगे।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एमओयू को जशपुर की महिलाओं के लिए एक निर्णायक उपलब्धि बताते हुए कहा कि जशक्राफ्ट जैसे ब्रांड के माध्यम से हमारी आदिवासी बहनों की कला अब देशभर के लोगों तक पहुँचेगी। यह पहल केवल उत्पादों की बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान, आर्थिक स्वतंत्रता और स्वावलंबन की मजबूत नींव रखती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का निरंतर प्रयास है कि वन एवं परंपरागत ज्ञान आधारित आजीविका को बाजार से जोड़ा जाए, ताकि महिलाएं अपने गांव में रहकर सम्मानजनक जीवन यापन कर सकें।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह एमओयू ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ की अवधारणा को साकार करता है तथा जशपुर की जनजातीय महिलाओं को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में एक ठोस और दूरगामी पहल है।इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, पत्थलगांव क्षेत्र की विधायक श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार सहित स्व-सहायता समूह की महिलाएं एवं रेयर प्लेनेट संस्था के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।पुस्तक विमोचन और जशक्राफ्ट उत्पादों की सराहनाकार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा “जशक्राफ्ट” पर आधारित विशेष पुस्तक का विमोचन किया गया। उन्होंने जशक्राफ्ट के अंतर्गत तैयार किए गए आभूषणों एवं हस्तनिर्मित उत्पादों का अवलोकन करते हुए उनकी गुणवत्ता, कलात्मकता और नवाचार की सराहना की।स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी एवं विधायक श्रीमती गोमती साय का जशक्राफ्ट ब्रांड के पारंपरिक आभूषण पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया, जो महिला सशक्तिकरण और स्थानीय संस्कृति के सम्मान का सशक्त प्रतीक बना।इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री द्वारा जशक्राफ्ट ब्रांड के प्रचार-प्रसार हेतु तैयार वीडियो का भी विमोचन किया गया, जिससे जशक्राफ्ट को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है।जशक्राफ्ट: जशपुर की सांस्कृतिक विरासत से जन्मा सशक्त ब्रांडउल्लेखनीय है कि जशक्राफ्ट जशपुर जिले की समृद्ध जनजातीय सांस्कृतिक विरासत की सजीव अभिव्यक्ति है। जिले की लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या जनजातीय समुदायों से आती है, जहाँ पीढ़ियों से बाँस, कांसा घास, छिंद पत्ते, लकड़ी एवं मिट्टी से हस्तनिर्मित कलाकृतियाँ तैयार की जाती रही हैं। पूर्व में संगठित व्यवस्था और बाजार की कमी के कारण कारीगरों की प्रतिभा सीमित रह जाती थी।जिला प्रशासन की पहल से जशक्राफ्ट के रूप में ऐसा सशक्त मंच विकसित हुआ है, जो जशपुर जिले के आठों विकासखंडों के कारीगरों को एकजुट कर उनकी कला को पहचान, संरक्षण और बाजार उपलब्ध करा रहा है।इस पहल के केंद्र में आदिवासी महिला कारीगर हैं, जिनके हाथों से बिना मशीनों के बने उत्पाद परंपरा, प्रकृति और आत्मनिर्भरता का संदेश देते हैं। जशक्राफ्ट आज स्वदेशी ज्ञान से आकार लेते हुए एक टिकाऊ और सम्मानजनक आजीविका मॉडल के रूप में उभर रहा है।वन विभाग द्वारा संचालित यह पहल महिला स्वावलंबन, वन आधारित आजीविका और स्थानीय उत्पादों के राष्ट्रीय बाजारीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध हो रही है, जो आने वाले समय में जशपुर को हस्तशिल्प के राष्ट्रीय मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाएगी।
- -मुख्यमंत्री श्री साय ने कांसाबेल में किया स्मार्ट क्लास रूम का शुभारंभ-शासकीय विद्यालयों में 206 इंटरएक्टिव पैनल लगाए जाएंगेरायपुर /जशपुर जिले के स्कूली बच्चे अब स्मार्ट क्लास रूम के जरिए पढ़ाई करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कांसाबेल के सरस्वती शिशु मंदिर में स्मार्ट क्लास रूम का शुभारंभ किया। इस परियोजना के लिए एसईसीएल द्वारा सीएसआर मद से 5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसके अंतर्गत जिले के शासकीय विद्यालयों में 206 इंटरएक्टिव पैनल लगाए जाएंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षा को रोचक एवं प्रभावी बनाना समय की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी शहरों के समान बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों में नवाचार, जिज्ञासा एवं तकनीकी दक्षता का विकास होगा, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगा। इस अवसर पर कार्यक्रम में विधायक श्रीमती गोमती साय सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।अधिकारियों ने बताया कि एमओयू के तहत जशपुर जिले के चयनित शासकीय विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से इंटरएक्टिव पैनल स्थापित किए जाएंगे। इन उपकरणों के माध्यम से शिक्षक डिजिटल कंटेंट, वीडियो, प्रेजेंटेशन एवं ई-लर्निंग संसाधनों का उपयोग कर कक्षाओं को अधिक रोचक, सरल एवं प्रभावी बना सकेंगे। इस पहल से जिले के सैकड़ों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा की बेहतर सुविधा प्राप्त होगी।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की पहल पर जशपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की दृष्टिकोण से विगत माह जिला प्रशासन एसईसीएल एवं ईडूसीआईएल के मध्य त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे।
- -शासन और साहित्य विषय पर पूर्व आईएएएस अधिकारियों के साथ सूत्रधार कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने की चर्चा-प्रेमचंद, शरद जोशी, सार्त्र और वाक्लाव हैवेल जैसे साहित्यकारों विचारकों के उद्दरणों के साथ सार्थक चर्चा का हुआ आयोजन-लाला जगदलपुरी मंडप में हुआ आयोजन, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय केयूर भूषण को किया गया नमनरायपुर, । शासन और साहित्य विषय पर आज लाला जगदलपुरी मंडप में दिलचस्प चर्चा हुई। सूत्रधार थे कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और अतिथि वक्ता थे पूर्व आईएएस अधिकारी श्री बीकेएस रे, श्रीमती इंदिरा मिश्रा, डॉ. सुशील त्रिवेदी और डॉ. संजय अलंग। साहित्य में गहरी दिलचस्पी रखने वाले और अपनी प्रशासनिक क्षमता से प्रदेश में पहचान छोड़ने वाले अधिकारियों ने सूत्र बताए कि किस तरह साहित्य शासन-प्रशासन को जनकल्याण के लिए लगातार सकारात्मक दिशा में लेकर जाता है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि साहित्य समाज को जगाता है। डॉ. सिंह ने कहा कि अगर साहित्य केवल प्रशंसा करता है तो वो कमजोर हो जाता है और शासन यदि केवल नियंत्रण करता है तो वो कठोर हो जाता है इसलिए लोकतंत्र की असली ताकत यही है कि आलोचना को सुना जाए और संवेदना को नीति में बदला जाए। उन्होंने हिंदी साहित्य के इतिहास के प्रसंग बताते हुए कहा कि किस प्रकार वीरगाथा काल में कवियों ने राष्ट्रबोध जगाया और भक्तिकाल में उन्होंने वो मानक बताये जिससे शासन को चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि साहित्य हमेशा केंद्र में रहा है और साहित्यकारों ने अपने प्रखर विचारों को हमेशा रखा। इस मौके पर डॉ. सुशील त्रिवेदी ने कहा कि साहित्य की शक्ति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्वतंत्रता संग्राम में हमारे अनेक नेता साहित्यकार रहे। उस दौर में अंग्रेजों की आलोचना करने वाले साहित्यकारों की किताबों पर बैन लगाया गया। यह साहित्य की शक्ति है। उन्होंने दिनकर को उद्धृत करते हुए कहा कि जब राजनीति फिसलती है तो साहित्य उसे संभालता है। यह साहित्य की बड़ी शक्ति है। डॉ. संजय अलंग ने कहा कि साहित्यकार जो देखते हैं उसे लिख देते हैं यह आलोचना भी होती है और प्रशंसा भी होती है। नमक का दरोगा कहानी पढ़े तो ये ईमानदार अधिकारी की कहानी है और इस कहानी ने न जाने कितने लोगों के भीतर ईमानदारी के भाव भरे लेकिन सिस्टम में विसंगतियों को भी अनेक कहानियां अथवा निबंध सामने लाते हैं। उन्होंने शरद जोशी के लिखे व्यंग्य लेख जीप पर सवार इल्लियां का जिक्र किया। श्रीमती इंदिरा मिश्रा ने लेखिका तसलीमा नसरीन का जिक्र किया कि उन्होंने सच्चाई को सामने लाने की हिम्मत दिखाई और उन्हें निर्वासन सहना पड़ा। साहित्य सच को सामने लाता है और समाज को आइना दिखाता है। साहित्य संवेदनशीलता लाता है और जनकल्याणकारी शासन की नींव तैयार करता है। इस मौके पर बीकेएस रे ने कहा कि साहित्य हमारे मनोविज्ञान को बदलता है और एक संवेदनशील मनुष्य बेहतर प्रशासक बनता है। श्री रे ने फ्रांस के स्टूडेंट मूवमेंट का उदाहरण बताते हुए कहा कि नोबल पुरस्कार प्राप्त जीन पाल सार्त्र के नेतृत्व में हो रहे मूवमेंट को रोकने कैबिनेट के बैठक में चर्चा चली। जब किसी ने सार्त्र को गिरफ्तार करने की बात कही तो चार्ल्स डी गाव ने कहा कि हम इस सदी के वाल्तेयर को गिरफ्तार करने का जोखिम नहीं उठा सकते। यह साहित्य की शक्ति है। श्री रे ने वाक्लाव हैवल जैसे विचारकों के प्रमुख उद्दरणों को रखा और इसके माध्यम से अपनी बात कही। सूत्रधार डॉ. गौरव सिंह ने अंत में चर्चा के निष्कर्ष के रूप में कहा कि साहित्य संवेदनशीलता प्रदान करता है समझ प्रदान करता है इसलिए हर युग में वो केंद्र में रहा है। उन्होंने कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव जैसे आयोजनों से साहित्य के प्रति लोगों की जागरकूता बढ़ाने में मदद मिलती है।इस अवसर पर उप संचालक श्री सौरभ शर्मा ने शासकीय गमछा पहनाकर स्वागत किया एवं संयुक्त संचालक श्री हीरा देवांगन ने प्रतीक चिन्ह प्रदान किया। साथ ही कुछ नवोदित साहित्यकारों के पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
- रायपुर। भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री तेजस्वी सूर्या जी के निर्देशानुसार राष्ट्रीय मतदाता दिवस कार्यक्रम के होटल वेंकटेश इंटरनेशनल, फूल चौक, रायपुर में नव मतदाता जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरुप्रकाश पासवान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मतदाताओं का सम्मान करने, युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने, लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने और सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार को बढ़ावा देने के लिए पूरे भारत में 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 की थीम "मेरा भारत, मेरा वोट" है और इसकी टैगलाइन भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में नागरिक है। यह लोकतंत्र का वह उत्सव है जो प्रत्येक नागरिक को चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए सशक्त बनाता है। यह दिन भारत निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस का प्रतीक है, जिसकी स्थापना 25 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत की गई थी।भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा ने कहा कि नव मतदाता जागरुकता कार्यक्रम के माध्यम से ऐसे मतदाता जो पहली मतदान उन्हें मतदान के महत्व को बताना है। यह कार्यक्रम नागरिकों को उनके संवैधानिक मतदान अधिकार, मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया, नैतिक मतदान और लोकतंत्र को मजबूत करने में जागरूक मतदाताओं की भूमिका के बारे में शिक्षित करने पर केंद्रित है। संवादात्मक सत्रों, पोस्टरों, नारों और चर्चाओं के माध्यम से चुनावों में सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करते हैं और स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी मतदान को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य मतदान के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना, नए मतदाताओं के पंजीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए, विशेषकर युवाओं के बीच पहुंच कर उन्हें मतदान के महत्व को बताना। नागरिकों को चुनावी अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में शिक्षित करना। नैतिक और जानकारी पूर्ण मतदान को बढ़ावा देना। समाज में लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना है।इस दौरान कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष रायपुर शहर रमेश सिंह ठाकुर, जिला महामंत्री अमित मैशेरी, जितेंद्र देवांगन, विशाल पांडेय, वासु शर्मा, शुभम जायसवाल, अंकित द्विवेदी मौजूद थे।
- -47 गांवों में पहली बार मनाया जाएगा गणतंत्र दिवसरायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में दशकों तक चले नक्सल हिंसा के अंधकार के बाद अब शांति, विश्वास और लोकतंत्र का उजास दिखाई देने लगा है। लंबे समय तक माओवादी उग्रवाद से प्रभावित रहे बस्तर संभाग के बीजापुर, नारायणपुर और सुकमा जिले के 47 ऐसे गांव, जहां अब तक राष्ट्रीय पर्व मनाना संभव नहीं था, वहां इस वर्ष 26 जनवरी को पहली बार गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। यह अवसर बस्तर के इतिहास में लोकतांत्रिक पुनर्स्थापना का साक्षी होगा।बीते दो वर्षों में केंद्र एवं राज्य सरकार की समन्वित रणनीति, सुरक्षाबलों की सतत कार्रवाई और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से बस्तर संभाग में हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 59 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं, जिससे उन गांवों में सुरक्षा और प्रशासन की प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित हुई है। इन्हीं प्रयासों के परिणामस्वरूप बस्तर के 53 गांवों में बीते वर्ष 76वां गणतंत्र दिवस समारोह धूम-धाम से मनाया गया था, अब इस कड़ी में 47 और नये ऐसे गांव जुड़ गए हैं जहां इस साल पहली बार गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा।बीजापुर जिले के जिन गांवों में पहली बार गणतंत्र पर्व मनाया जाएगा, उनमें पुजारीकांकेर, गुंजेपर्ती, भीमाराम, कस्तुरीपाड, ताड़पाला हिल्स, उलूर, चिल्लामरका, काड़पर्ती, पिल्लूर, डोडीमरका, संगमेटा, तोडका, कुप्पागुड़ा, गौतपल्ली, पल्लेवाया एवं बेलनार गांव शामिल है। इसी तरह नारायणपुर जिले के गांव एडजूम, इदवाया, आदेर, कुडमेल, कोंगे, सितराम, तोके, जटलूर, धोबे, डोडीमार्का, पदमेटा, लंका, परीयादी, काकुर, बालेबेडा, कोडेनार, कोडनार, अदिंगपार, मांदोडा, जटवार तथा वाडापेंदा गांव तथा सुकमा जिले के गांव गोगुंडा, नागाराम, बंजलवाही, वीरागंगरेल, तुमालभट्टी, माहेता, पेददाबोडकेल, उरसांगल, गुंडराजगुंडेम तथा पालीगुड़ा में पहली बार गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा।यह परिवर्तन उन दूरस्थ अंचलों में ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक है, जहां कभी नक्सली हिंसा के कारण सामान्य जनजीवन और लोकतांत्रिक गतिविधियां बाधित थीं। बस्तर क्षेत्र में 100 से अधिक सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा चुके हैं। इन कैंपों ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया है, बल्कि विकास कार्यों का मार्ग भी प्रशस्त किया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार और बैंकिंग जैसी मूलभूत सुविधाएं अब धीरे-धीरे ग्रामीणों तक पहुंच रही हैं।सुरक्षा बलों और प्रशासन की निरंतर मौजूदगी से स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा की भावना सुदृढ़ हुई है। जिन क्षेत्रों में पहले राष्ट्रीय पर्व मनाने पर प्रतिबंध था, वहां आज ग्रामीण स्वयं उत्साह के साथ तिरंगा फहराने और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए आगे आ रहे हैं। यह बदलाव बस्तर को माओवाद के भय से बाहर निकालने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।सुरक्षा के साथ-साथ राज्य सरकार का ध्यान अब क्षेत्र में स्थायी विकास सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। स्कूलों और आंगनबाड़ियों का संचालन, बैंकों की स्थापना, मोबाइल टावरों की स्थापना, सड़कों का निर्माण तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाया जा रहा है। हाल ही में नक्सल प्रभावित क्षेत्र जगरगुंडा में बैंकिंग सुविधा फिर से शुरू हुई है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि जहां कभी नक्सली हिंसा के कारण विकास अवरुद्ध था, वहीं आज सुशासन की सरकार बस्तर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर को माओवाद के भय से मुक्त कर विकास और विश्वास के नए युग की ओर ले जा रही है। गणतंत्र दिवस 2026 पर बस्तर के उक्त 47 गांवों में पहली बार फहरने वाला तिरंगा न केवल राष्ट्रीय पर्व का उत्सव होगा, बल्कि यह शांति, लोकतंत्र और विकास के विजय का सशक्त संदेश भी देगा।
- -बस्तर की ‘बड़ी दीदी’ बुधरी ताती एवं दंतेवाड़ा के सेवा समर्पित चिकित्सक दंपत्ति डॉ. रामचंद्र त्रयम्बक गोडबोले-सुनीता गोडबोले को पद्मश्री-मुख्यमंत्री-विष्णु देव साय ने तीनों विभूतियों को दी बधाईरायपुर /केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। छत्तीसगढ़ के लिए यह अत्यंत गौरवपूर्ण का क्षण है कि राज्य की तीन विशिष्ट हस्तियों का चयन पद्मश्री सम्मान हेतु किया गया है। समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दंतेवाड़ा की समाजसेविका बुधरी ताती तथा चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में दशकों से निस्वार्थ कार्य कर रहे डॉ. रामचंद्र त्रयम्बक गोडबोले एवं सुनीता गोडबोले को पद्मश्री पुरस्कार से अलंकृत किया जाएगा। डॉ. गोडबोले दंपत्ति को यह सम्मान संयुक्त रूप से प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उक्त तीनों विभिूतियों को पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित होने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है। तीनों विभूतियों ने अपने सेवा भावना, मानवीय संवेदना और सामाजिक प्रतिबद्धता से छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है।गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषित पद्म पुरस्कारों की सूची में छत्तीसगढ़ की इन तीनों विभूतियों का नाम शामिल होना राज्य के लिए सम्मान और गौरव का विषय है। विशेष रूप से यह उल्लेखनीय है कि सम्मानित सभी हस्तियां बस्तर अंचल के दूरस्थ एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों से सेवा कार्य कर रही हैं।बस्तर की ‘बड़ी दीदी’ बुधरी ताती को पद्मश्रीदंतेवाड़ा जिले के हीरानार ग्राम की निवासी बुधरी ताती को महिला सशक्तिकरण, आदिवासी उत्थान एवं समाजसेवा के लिए पद्मश्री सम्मान प्रदान किया जाएगा। वर्ष 1984 से वे निरंतर वनांचल क्षेत्रों में नशामुक्ति, साक्षरता अभियान, सामाजिक जागरूकता तथा महिलाओं एवं बालिका शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। बुधरी ताती अभी तक 500 से ज्यादा महिलाओं को आत्मनिर्भर बना चुकी हैं। बुधरी ताती को छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन आदिवासी बच्चियों की शिक्षा, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा वृद्धजनों की सेवा के लिए समर्पित कर दिया है। उनके समर्पण और स्नेहभाव के कारण स्थानीय लोग उन्हें सम्मानपूर्वक ‘बड़ी दीदी’ कहकर संबोधित करते हैं।दुर्गम अंचलों में निःशुल्क चिकित्सा सेवा देने वाले गोडबोले दंपत्ति सम्मानितचिकित्सा सेवा के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान के लिए डॉ. रामचंद्र त्रयम्बक गोडबोले एवं उनकी धर्मपत्नी सुनीता गोडबोले को संयुक्त रूप से पद्मश्री सम्मान से नवाजा जाएगा। आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. गोडबोले और उनकी पत्नी पिछले 37 वर्षों से अधिक समय से बस्तर एवं अबूझमाड़ जैसे अत्यंत दुर्गम आदिवासी क्षेत्रों में निःशुल्क चिकित्सा सेवा प्रदान कर रहे हैं।स्वास्थ्य जागरूकता, कुपोषण उन्मूलन और प्राथमिक उपचार को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से दोनों ने ‘ट्रस्ट फॉर हेल्थ’ के माध्यम से ऐसे गांवों तक इलाज पहुंचाया है, जहां सड़क, बिजली और मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। वे स्वयं पैदल अथवा सीमित साधनों के सहारे इन क्षेत्रों में पहुंचकर नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करते हैं और मरीजों का उपचार करते हैं।पद्मश्री सम्मान के लिए छत्तीसगढ़ की इन विभूतियों का चयन राज्य की सेवा भावना, मानवीय संवेदना और सामाजिक प्रतिबद्धता को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। यह सम्मान न केवल संबंधित व्यक्तियों के लिए, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ विशेषकर बस्तर अंचल के लिए गर्व का विषय है और समाजसेवा के क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए प्रेरणास्रोत भी है।
- बिलासपुर /जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया गया। अपर कलेक्टर श्री एस.एस.दुबे ने उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को मतदाता शपथ दिलाई। इस वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम मेरा भारत, मेरा वोट रहा, जिसकी टैगलाइन ‘‘इंडियन सिटीजन एट द हार्ट ऑफ इंडियन डेमोक्रेसी थी। सभी ने देश की लोकतांत्रिक परम्पराओं की मर्यादा बनाए रखने तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए, निर्भीक होकर, धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा अथवा अन्य किसी भी प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार का प्रयोग करने की शपथ ली। इस अवसर पर जिला के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
- -प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जिला पंचायत सीईओ एवं अन्य अधिकारी हुए शामिल-प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सभी प्रकार के निर्वाचनों में अनिवार्य रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग करने की दिलाई शपथबालोद । स्वामी आत्मनांद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय बालोद में आज 25 जनवरी को 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आज 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बालोद जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री श्याम लाल नवरत्न उपस्थित थे। इस अवसर पर परिवार न्यायालय के न्यायाधीश श्री योगेश पारिक, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री संजय कुमार सोनी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री चन्द्रकांत कौशिक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव भारती कुलदीप, एसडीएम श्री नूतन कंवर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर अतिथियों के द्वारा देश के प्रत्येक नागरिकों एवं मतदाताओं के लिए मतदान को अधिकार ही नही अपितु कर्तव्य बताते हुए सभी प्रकार के निर्वाचनों में अनिवार्य रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की गई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री श्याम लाल नवरत्न ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में मताधिकार के महत्व के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसके अंतर्गत देश के प्रत्येक नागरिकांे को शासन व्यवस्था के संचालन में भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु मताधिकार के रूप में महत्वपूर्ण अस्त्र प्रदान किया गया है। श्री नवरत्न ने कहा कि प्रत्येक मतदाताओं को सभी प्रकार के निर्वाचनों में अनिवार्य रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र को सशक्त एवं सुदृढ़ बनाने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए। श्री नवरत्न ने 18 वर्ष की आयु पूरी करने के उपरांत मतदान के लिए अधिकार प्राप्त करने वाले नए मतदाताओं को भी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी। इस अवसर पर उन्होंने देश के प्रत्येक नागरिकों को 18 वर्ष की आयु पूरा करने के उपरांत मिलने वाले मताधिकार के अलावा अन्य अधिकारों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने कहा कि 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले देश के प्रत्येक नागरिकों को मतदान का अधिकार मिलने के साथ-साथ कर्तव्य भी जुड़ा हुआ है। इसलिए हम सभी मतदाताओं को सभी प्रकार के निर्वाचनों में अनिवार्य रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए।कार्यक्रम का प्रतिवेदन वाचन करते हुए उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री चंद्रकांत कौशिक ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस के आयोजन के संबंध में प्रकाश डाला। श्री कौशिक ने जिले वासियों को राष्ट्रीय मतदाता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। उन्होंने जिले के सभी मतदाताओं को आगामी सभी प्रकार के निर्वाचन के दौरान अनिवार्य रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र को सशक्त बनाने में महती भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। श्री कौशिक ने निर्वाचन के कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में शासन-प्रशासन के लोगों के अलावा आम जनता की भागीदारी पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सभी के समवेत प्रयासों से ही निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो पाता है।इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री श्याम लाल नवरत्न ने जिले के सभी मतदाताओं को लोकतंत्र में अपनी पूर्ण आस्था रखते हुए तथा देश की लोकतांत्रिक परंपराओं की मर्यादा को बनाए रखने हेतु सभी प्रकार के निर्वाचनों में अनिवार्य रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग करने की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्ष्क्षूण बनाए रखते हुए निर्भिक होकर धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा अथवा अन्य किसी प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना सभी प्रकार के निर्वाचनों में अपने मताधिकार का प्रयोग करने की शपथ ली।इस अवसर पर अतिथियों के द्वारा 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नये मतदाताओं को बैच लगाकर तथा मतदाता जागरूकता के कार्य एवं निर्वाचन के दौरान उल्लेखनीय कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों, बीएलओ आदि को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नये मतदाताओं ने भी अपना विचार रखते हुए उन्हें मत देने का अधिकार प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। समारोह में तहसीलदार श्री आशुतोष शर्मा सहित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय बालोद के शिक्षक-शिक्षिकाओं के अलावा अन्य अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- -“मेरा भारत, मेरा वोट” थीम पर आयोजित हुआ जिला स्तरीय कार्यक्रम-मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने उत्कृष्ट निर्वाचन कार्य के लिए अधिकारी, कर्मचारियों को किया सम्मानितरायपुर / जिले में आज 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस उत्साह और लोकतांत्रिक गरिमा के साथ मनाया गया। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम की थीम “मेरा भारत, मेरा वोट” तथा टैगलाइन “भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में नागरिक” रही।जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन सेमिनार हॉल, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, जोरा, रायपुर में किया गया, जिसमें मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ श्री यशवंत कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।इस अवसर पर श्री कुमार ने मताधिकार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हर एक वोट अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने एक प्रेरक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार मतदान में भाग न लेने का प्रभाव भविष्य के निर्णयों पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि यदि नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं करते हैं, तो उन्हें ऐसे निर्णय स्वीकार करने पड़ते हैं जिनमें उनकी कोई भागीदारी नहीं होती। उन्होंने सभी नागरिकों से संवेदनशीलता, निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ मतदान करने का आह्वान किया।मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने नवपंजीकृत युवा मतदाताओं को बधाई देते हुए कहा कि वे अब लोकतंत्र की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा बन गए हैं। उन्होंने जिले द्वारा निर्वाचन कार्यों में किए गए उत्कृष्ट प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर भी कार्यों की सराहना हुई है, जिसके लिए पूरी टीम बधाई की पात्र है।कार्यक्रम में श्री कुमार द्वारा युवा मतदाताओं को फोटो पहचान पत्र वितरित किए गए। साथ ही जिले की सातों विधानसभाओं से 21 बी.एल.ओ., निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के कार्यालय में कार्यरत 54 कर्मियों तथा जिला निर्वाचन कार्यालय के 30 अधिकारी-कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।इस दौरान कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है। लोकतंत्र में हर एक वोट कीमती होता है और यही वोट देश की दिशा व दशा तय करता है। उन्होंने सभी मतदाताओं से आग्रह किया कि वे अपने मताधिकार का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें तथा निष्पक्ष, स्वतंत्र और सशक्त लोकतंत्र के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। मतदान न केवल अधिकार है, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य भी है।इस अवसर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री कुमार ने सभी अधिकारी, कर्मचारियों को लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन तथा किसी भी प्रकार के प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना मतदान करने की शपथ भी दिलाई गई।कार्यक्रम में निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री नवीन कुमार ठाकुर, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक अधिकारी सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -कवियों ने छत्तीसगढ़ी भाषा की गरिमा और पारिवारिक मूल्यों को काव्य के माध्यम से किया उजागररायपुर /रायपुर साहित्य उत्सव के अंतर्गत श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में रविवार को तृतीय सत्र के दौरान “छत्तीसगढ़ी काव्य पाठ” का आयोजन किया गया। यह सत्र प्रख्यात साहित्यकार पवन दीवान जी को समर्पित रहा। कार्यक्रम के सूत्रधार श्री भरत द्विवेदी रहे।काव्य पाठ में श्री रामेश्वर वैष्णव, श्री रामेश्वर शर्मा, श्री मीर अली मीर, श्रीमती शशि सुरेंद्र दुबे तथा श्रीमती श्रद्धा संतोषी महंत ने सहभागिता की।कार्यक्रम की शुरुआत श्रीमती श्रद्धा संतोषी महंत के काव्य पाठ से हुई। कवि मीर अली मीर ने“महानदी संगम में राजिम”,“नई पटियावय दाई कोई…”,“नंदा जाहि का रे…”जैसी रचनाओं का पाठ कर छत्तीसगढ़ी लोकभावना को स्वर दिया।हास्य कवयित्री श्रीमती शशि सुरेंद्र दुबे ने छत्तीसगढ़ी भाषा की महिमा पर आधारित कविता का पाठ किया, जिसे श्रोताओं ने सराहना के साथ ग्रहण किया।कवि रामेश्वर शर्मा ने श्यामलाल चतुर्वेदी और पवन दीवान जी को समर्पित रचनाओं का पाठ किया। उन्होंने “मोर गंवई गांव है…” कविता के माध्यम से ग्रामीण जीवन और संस्कृति का सजीव चित्रण किया।कवि एवं गीतकार रामेश्वर वैष्णव ने छत्तीसगढ़ की धरती को काव्य की जननी बताते हुए कहा कि आदि कवि वाल्मीकि की लेखनी की प्रेरणा भी इसी भूमि से उपजी मानी जाती है। उन्होंने अपने प्रसिद्ध गीत “झन बुलव मां-बाप ल…” की प्रस्तुति दी तथा विवाह पर आधारित हास्य कविता “ओ तो अच्छा हुआ मैं नई गेव बरात मा…” का भी पाठ किया, जिस पर श्रोताओं ने तालियों से स्वागत किया।कार्यक्रम के सूत्रधार श्री भरत द्विवेदी ने अपने चिरपरिचित अंदाज में “अटकन-बटकन दही-चटाकन” जैसी पंक्तियों से सत्र का संचालन करते हुए वातावरण को रोचक बनाए रखा। काव्य पाठ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी भाषा की सांस्कृतिक गरिमा, पारिवारिक मूल्यों और लोकजीवन की संवेदनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। उपस्थित श्रोताओं ने कवियों की रचनाओं की मुक्त कंठ से सराहना की।
- -बच्चों से लेकर बुजुर्गों ने भारी उत्साह के साथ आयोजन में लिया हिस्सारायपुर ।रायपुर साहित्य उत्सव में पद्मश्री डॉ सुरेंद्र दुबे को समर्पित ओपन माइक मंच तीनों दिन आकर्षक प्रस्तुतियों से गुलजार रहा ।गीत,संगीत,नृत्य,कहानियों,कविताओं से गुलजार रहा।प्रदेश भर से आए युवा कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। इस मंच की खास बात यह रही कि 5 साल के नन्हे बच्चों से लेकर 70 वर्ष के बुजुर्गों ने उत्साह से हिस्सा लिया।कुछ प्रस्तुतियां बेहद खास रहीं जिनमें आकर्ष दीवान ने नवाब सादिक जंग बहादुर “हिल्म” द्वारा रचित लोकप्रिय कव्वाली “कन्हैया याद है कुछ भी हमारी” गाकर माहौल में सूफी रंग भर दिया। वहीं जब 5 साल के अविरल ने “चोला माटी के राम”गीत गाया तो दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी और लोग अपने मोबाइल लेकर अविरल का गीत रिकॉर्ड करने लगे।6 साल की तान्या संगोई ने हारमोनियम के साथ मीर अली मीर जी के गीत “नंदा जाही का रे” गीत प्रस्तुत किया और दर्शकों की तालियाँ बटोरी। रायपुर के ओमकार कोसले ने रामधारी सिंह दिनकर जी की कविता “रश्मि रथी” का धारा प्रवाह पाठन कर दर्शकों का दिल जीत लिया।राजनांदगांव से आई शीतल जैन पारख ने अपनी कहानी में सब्ज़ियों के माध्यम से स्त्री के जीवन के विभिन्न पड़ावों को समझाने के लिए माँ और बेटी के संवाद को रेखांकित किया। रायपुर की रोली साहू ने जब दीप जले आना गाकर ख़ूब तालियाँ बटोरी बिलासपुर से आई 13 वर्षीय नन्ही कथक “नृत्यांगना अनिका बाजपेयी ने श्री कृष्ण की माखन चोरी पर आधारित प्रस्तुति दी। वहीं रुचि देवांगन ने कथक में ही श्री कृष्ण की आराधना पर आधारित प्रस्तुति दी। कुशल मोहता ने अपनी बांसुरी से राग देस की सुमधुर प्रस्तुति दी। इसके अलावा प्रदेश भर से आए कवियों ने विभिन्न विषयों पर काव्य पाठ किया।
- -‘संविधान और भारतीय मूल्य’ विषय पर हुआ गहन बौद्धिक विमर्श-बच्चू जांजगीरी को समर्पित संवाद में वरिष्ठ चिंतकों ने रखे सारगर्भित विचाररायपुर / रायपुर साहित्य उत्सव 2026 के अंतिम दिन साहित्यकार बच्चू जांजगीरी को समर्पित एक अत्यंत विचारोत्तेजक संवाद का आयोजन किया गया। ‘संविधान और भारतीय मूल्य’ विषय पर आयोजित इस परिचर्चा में वरिष्ठ चिंतक शिव प्रकाश, हितेश शंकर तथा वरिष्ठ साहित्यकार गुरुप्रकाश ने भारतीय संविधान की आत्मा, उसकी सांस्कृतिक जड़ों और समकालीन चुनौतियों पर विस्तार से अपने विचार रखे। संवाद के सूत्रधार डॉ. भूपेंद्र करवंदे रहे।भारतीय सहिष्णुता केवल स्वीकार नहीं, समावेश का भाव है – शिव प्रकाशवरिष्ठ चिंतक श्री शिव प्रकाश ने कहा कि यदि सहिष्णुता को केवल एक-दूसरे को स्वीकार करना माना जाए, तो भारतीय मूल्य उससे कहीं आगे जाते हैं। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के धर्म संसद (शिकागो) के ऐतिहासिक वक्तव्य का उल्लेख करते हुए कहा कि सनातन परंपरा यह मानती है कि सभी धर्म अपने-अपने मार्ग से उसी एक सत्य तक पहुंचते हैं।उन्होंने रामकृष्ण परमहंस के जीवन से उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय दृष्टि में पूजा-पद्धतियों को लेकर विवाद का स्थान नहीं है। शास्त्रार्थ की परंपरा को उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्राचीन स्वरूप बताया, जो ज्ञान को परिष्कृत करने का माध्यम रही है।कोरोना काल में भारत द्वारा 57 देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ केवल विचार नहीं, बल्कि व्यवहार में उतरा हुआ भारतीय मूल्य है। पर्यावरण संरक्षण पर बोलते हुए उन्होंने तुलसी, पीपल और बरगद की पूजा को भारतीय जीवन-दृष्टि का प्रतीक बताया।संविधान का मंदिर संसद है, गर्भगृह उसका भाव – गुरुप्रकाशवरिष्ठ साहित्यकार श्री गुरुप्रकाश ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि संविधान ठीक से कार्य नहीं करता, तो दोष संविधान का नहीं बल्कि उसे लागू करने वालों का होता है। उन्होंने कहा कि संविधान की मूल प्रति में राम, महावीर और गौतम बुद्ध के चित्र यह दर्शाते हैं कि संविधान भारतीय परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों से प्रेरित है।उन्होंने मौलिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता पर जोर देते हुए कहा कि राष्ट्र के प्रति निष्ठा किसी भी भाषा, क्षेत्र या जाति से ऊपर होनी चाहिए। संविधान को केवल दिखावे का दस्तावेज नहीं, बल्कि जीवन मूल्य के रूप में अपनाने की आवश्यकता है।संविधान का राजनीतिक उपकरण बनना चिंता का विषय – हितेश शंकरवरिष्ठ साहित्यकार श्री हितेश शंकर ने कहा कि आज संविधान का कई बार राजनीतिक औजार के रूप में उपयोग किया जा रहा है, जबकि उसका मूल उद्देश्य समाज और राष्ट्र को दिशा देना है। उन्होंने डॉ. अंबेडकर के विराट व्यक्तित्व के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए उनके जीवन से जुड़े प्रसंग साझा किए।उन्होंने 42वें संविधान संशोधन, हिन्दू कोड बिल और स्वतंत्रता के बाद के राजनीतिक घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीयता का भाव ही संविधान की आत्मा है, जो सभी को साथ लेकर चलने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर दो पुस्तकों का विमोचन किया गया। जिसमें डॉ. लुनेश कुमार वर्मा द्वारा लिखित कविता संग्रह ‘एक लोटा पानी’ एवं चंचल विजय शुक्ला द्वारा लिखी गयी ‘माटी के लाल: शहीदों को श्रद्धांजलि’ शामिल थीं।
- -मेरा भारत, मेरा वोट” थीम के साथ मनाया गया 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस-“भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में नागरिक” टैगलाइन के माध्यम से मतदाता की भूमिका को मिलेगा नया आयाम-मतदाता शपथ एवं उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान-रायपुर। 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर स्थित विवेकानंद सभागार में भव्य राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति श्री इंदर सिंह उबोवेजा, प्रमुख लोकायुक्त, छत्तीसगढ़ लोक आयोग द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित मतदाता जागरूकता प्रदर्शनी का उद्घाटन कर उसका अवलोकन भी किया।कार्यक्रम में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री यशवंत कुमार, अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री भास्कर विलास संदीपन, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री पी. एस. ध्रुव, रायपुर कलेक्टर डॉ गौरव कुमार, दुर्ग कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, सूरजपुर कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन,उपस्थित रहे।मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति श्री इंदर सिंह उबोवेजा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मतदाता दिवस का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को अपने मताधिकार के प्रयोग हेतु जागरूक एवं प्रेरित करना है।उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रावधान किए गए हैं। इसी उद्देश्य से आज ही के दिन निर्वाचन आयोग की स्थापना की गई थी। न्यायमूर्ति श्री उबोवेजा ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है, मतदान एक नागरिक का अधिकार और कर्तव्य दोनों है। मतदान के माध्यम से हम अपने देश के भविष्य को आकार देते हैं और विकास की दिशा को तय करते है। इसलिए सभी नागरिकों को अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए और देश के समग्र विकास में योगदान देना चाहिए। राष्ट्रीय मतदाता दिवस हमें यह याद दिलाता है कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए प्रत्येक मतदाता का मत महत्वपूर्ण है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री यशवंत कुमार ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में मतदाताओं की जितनी अधिक भागीदारी सुनिश्चित होती है, लोकतंत्र उतना ही अधिक सशक्त, समावेशी एवं प्रभावी बनता है।उन्होंने कहा कि इस वर्ष हमारे 16 वे राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम मेरा भारत, मेरा वोट” निर्धारित की गई है, जबकि इसकी टैगलाइन “भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में नागरिक” रखी गई है।सीईओ श्री कुमार ने कहा कि “मेरा भारत, मेरा वोट” थीम यह संदेश देती है कि लोकतंत्र की मजबूती नागरिकों की सक्रिय सहभागिता पर निर्भर करती है। प्रत्येक मतदाता का वोट देश के विकास और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाता है। वहीं, टैगलाइन “भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में नागरिक” यह दर्शाती है कि निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं पारदर्शी चुनावों की पूरी प्रक्रिया नागरिकों के विश्वास और सहभागिता पर आधारित है। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एक महत्वाकांक्षी पहल के अंतर्गत विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता पंजीकरण से वंचित न रहे तथा कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में पंजीकृत न रहे।राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को मतदाता शपथ दिलाई गई।कार्यक्रम में नव मतदाताओं और निर्वाचन कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को और वर्ष 2025 के लिए सर्वश्रेष्ठ जिला निर्वाचन पुरस्कार अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों को सम्मानित किया गया। जिसमें ‘नवाचार आधारित मतदाता जागरूकता पहल’ के लिए दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले को, ‘निर्वाचन प्रबंधन एवं व्यवस्थापन (लॉजिस्टिक्स)’ के लिए सूरजपुर जिले को, ‘प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण’ के लिए दुर्ग जिले को तथा ‘निर्वाचन में प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग’ के लिए जशपुर जिले को सम्मानित किया।इसी प्रकार उत्कृष्ट उप जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में श्रीमती निष्ठा पांडेय तिवारी, जिला मुंगेली को प्रशस्ति पत्र , चेक और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। इसी तरह उत्कृष्ट निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी पुरस्कार हेतु श्रीमती प्रतिमा ठाकरे, जिला बालोद, श्री हरि शंकर पैकरा, जिला महासमुंद, श्री गगन शर्मा जिला बस्तर, श्रीमती चांदनी कंवर जिला सूरजपुर तथा श्री देवेंद्र कुमार चौधरी जिला जांजगीर-चांपा को प्रशस्ति पत्र, चेक और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।इसके अतिरिक्त उत्कृष्ट सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी श्रेणी में श्री ढालसिंह विसेन जिला दुर्ग, सुश्री ख्याति नेताम जिला रायपुर, श्री पंचराम सलामे जिला बीजापुर, श्री दानिश परवेज जिला बलरामपुर एवं श्री शिव कुमार डनसेना जिला रायगढ़ को भी पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।इसके अलावा स्टेट आइकन श्री विजय शर्मा को, निर्वाचन पर्यवेक्षक के लिए श्री हरीश भाटिया राजनांदगांव को, स्पेशल अवार्ड श्रेणी के लिए श्री विनोद कुमार आगलावे और श्री विनोद कुमार सोनकेसरिया रायपुर को सम्मानित किया गया।इसी के साथ नव मतदाताओं को एपिक कार्ड प्रदान किए गए और संभागवार उत्कृष्ट कार्य करने हेतु 10 बीएलओ में श्री रमेश टोप्पो, सहायक शिक्षक, जिला रायगढ़, श्री अंबिका प्रकाश उपाध्याय, जिला जांजगीर–चांपा, श्री लोकनाथ प्रधान, सहायक शिक्षक, जिला सुकमा, श्री राजकुमार कोण्ड्रा, जिला बीजापुर, श्रीमती अनुपम राय, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, जिला सरगुजा, श्रीमती अनिता तिवारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, जिला सरगुजा, श्रीमती उमेश्वरी वर्मा, रोजगार सहायिका, जिला खैरागढ़–छुईखदान–गंडई, श्रीमती अनिता सोनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, जिला दुर्ग, श्रीमती दुर्गा बघेल, बी.एल.ओ., जिला गरियाबंद तथा श्री विरेन्द्र कुमार जायसवाल, सहायक शिक्षक , जिला बलौदाबाजार–भाटापारा के साथ ही 05 सहायक प्रोग्रामर, 05 डाटा एंट्री ऑपरेटर प्रशस्ति पत्र, चेक और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती तरुणा साहू ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभिन्न जिलों के अधिकारी-कर्मचारी एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।





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