- Home
- छत्तीसगढ़
- -नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रखा विकसित छत्तीसगढ़ का विजन-बस्तर में आमदनी दोगुनी करने का बड़ा संकल्प: तीन साल में हर परिवार की आय 30 हजार रुपये प्रतिमाह तक पहुंचाने का लक्ष्यरायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में नक्सलवाद से मुक्त बस्तर की नई तस्वीर देश के सामने रखी। उन्होंने कहा कि दशकों तक हिंसा की मार झेलने वाला बस्तर अब आर्थिक पुनरुत्थान, रोजगार, शिक्षा, पर्यटन और कृषि आधारित विकास का मॉडल बनेगा।मुख्यमंत्री ने बैठक में बस्तर के आदिवासी परिवारों की आय दोगुनी करने, दुग्ध क्रांति लाने, 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने, पर्यटन को बड़े उद्योग के रूप में विकसित करने तथा एआई और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की व्यापक कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस बैठक में केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर अब नई पहचान की ओर बढ़ रहा है। वहां दूध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है, खेतों तक पानी पहुंचाने की योजनाएं बनाई जा रही हैं, गांवों में डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच रही हैं और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।उन्होंने बताया कि अगले तीन वर्षों में बस्तर के परिवारों की मासिक आय बढ़ाकर 30 हजार रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में बस्तर के लगभग 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। सरकार खेती, पशुपालन, वन उपज, छोटे उद्योग और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर काम कर रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में “डेयरी मॉडल” को तेजी से लागू किया जा रहा है। इसके तहत आदिवासी परिवारों को दुधारू गाय और भैंस उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य गांवों में स्थायी आय का स्रोत तैयार करना है। इस पहल से महिलाओं और युवाओं को रोजगार मिलेगा तथा गांवों में डेयरी केंद्र, दूध संग्रहण, परिवहन और स्थानीय बाजार जैसी नई आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।उन्होंने बताया कि सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले दो बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इंद्रावती नदी क्षेत्र में सालभर पानी उपलब्ध होने से खेती बेहतर होगी, उत्पादन बढ़ेगा और किसान धान के साथ-साथ सब्जियां, फल तथा अन्य नकदी फसलें भी उगा सकेंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगभग 36 लाख लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की जा रही है। इससे मरीजों के इलाज, बीमारी और दवाओं का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा तथा डॉक्टरों को समय पर सही जानकारी मिल सकेगी। इसका सबसे अधिक लाभ ग्रामीण क्षेत्रों, महिलाओं और बुजुर्गों को मिलेगा।उन्होंने बताया कि बस्तर में बने लगभग 200 सुरक्षा शिविरों को अब “सेवा डेरा” के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को राशन, पेंशन, आयुष्मान कार्ड, बैंकिंग, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की 371 योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चित्रकोट और बौद्ध धर्म से जुड़े तीर्थस्थल सिरपुर को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित कर रही है। बस्तर में वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स और जंगल सफारी जैसी गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है, जबकि सिरपुर में ग्लोबल मेडिटेशन सेंटर, संग्रहालय और महानदी तट के विकास पर कार्य जारी है।उन्होंने कहा कि पर्यटन रोजगार का बड़ा माध्यम बन सकता है। पर्यटकों के आने से होटल, परिवहन, गाइड, हस्तशिल्प, दुकानदारों और स्थानीय उद्यमियों को रोजगार मिलता है। बस्तर को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने से हजारों युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार निवेश, सुशासन और तकनीक आधारित विकास को तेजी से आगे बढ़ा रही है। राज्य में 435 सुधार लागू किए गए हैं और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत बनाकर निवेश के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की दो आधुनिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं।उन्होंने कहा कि बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और डिजिटल तकनीक के जरिए विकास का नया मॉडल तैयार किया जा रहा है। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 100 करोड़ रुपये की लागत से एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। इसके साथ ही 341 पीएमश्री स्कूल, 5,857 स्मार्ट क्लासरूम और 16 स्थानीय भाषाओं में द्विभाषी पुस्तकों के माध्यम से बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।मुख्यमंत्री ने बताया कि एग्रीस्टैक योजना के तहत 33 लाख से अधिक किसानों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ा गया है। डिजिटल द्वार प्लेटफॉर्म और अटल मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सरल बनाया गया है।उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार ने एआई मिशन, पर्यटन मिशन, खेल मिशन, अधोसंरचना मिशन और स्टार्टअप-निपुण मिशन शुरू किए हैं। इन मिशनों से युवाओं को रोजगार, तकनीक और उद्यमिता के नए अवसर मिलेंगे तथा छत्तीसगढ़ को नवाचार और निवेश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के तहत छत्तीसगढ़ में उद्योग, निवेश और निर्यात को नई गति मिली है। खेल सामग्री, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायो-एथेनॉल, गारमेंट और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्रीन इंडस्ट्रीज को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना से राज्य के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में फरवरी 2026 तक 761.76 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ, जिसमें खुशबूदार चावल का सबसे बड़ा योगदान रहा। इससे किसानों, कारीगरों और उद्यमियों की आय में वृद्धि हो रही है।
-
*ग्राम बेलपान की महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की लिखी नई इबारत*
बिलासपुर/जिले के तखतपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत बेलपान की राधा कृष्ण महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं आज ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी हैं। कभी केवल घरेलू कार्यों और कृषि गतिविधियों तक सीमित रहने वाली समूह की पांच महिलाओं ने संगठित प्रयास, मेहनत और आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपनी पहचान बनाई और लखपति दीदी बनने का गौरव हासिल किया। समूह से जुड़ने के बाद सदस्यों ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। इसके लिए समूह को आरएफ राशि 15,000 रुपये, सीआईएफ राशि 60,000 रुपये तथा बैंक से 6 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ।
प्राप्त वित्तीय सहायता का उपयोग करते हुए समूह की महिलाओं ने हल्दी, मिर्च एवं मसाला निर्माण के साथ-साथ मुरकु और पापड़ निर्माण का कार्य शुरू किया। गुणवत्तापूर्ण उत्पादों और निरंतर मेहनत के बल पर व्यवसाय तेजी से आगे बढ़ा और समूह को नियमित आय मिलने लगी। आज समूह की प्रत्येक सदस्य को प्रतिमाह लगभग 45,000 से 50,000 रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है। इस प्रकार समूह की वार्षिक आय लगभग 5 लाख 40 हजार रुपये तक पहुंच गई है। बढ़ी हुई आय से सदस्यों के परिवारों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब वे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यकताओं की बेहतर ढंग से पूर्ति कर पा रही हैं। समूह की महिलाएं बताती हैं कि पहले गांव में उनकी कोई विशेष पहचान नहीं थी, लेकिन आज वे आत्मनिर्भर उद्यमी के रूप में जानी जाती हैं। उनकी सफलता ने गांव की अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूहों से जुड़कर आजीविका गतिविधियां अपनाने के लिए प्रेरित किया है। राधा कृष्ण महिला स्व-सहायता समूह की यह उपलब्धि दर्शाती है कि यदि महिलाओं को अवसर, संसाधन और सही मार्गदर्शन मिले तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। -
*ग्राम विकास की प्राथमिकताओं, स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पर हुई विस्तृत चर्चा*
बिलासपुर/पंचायती राज संस्थाओं को अधिक सशक्त एवं विकासोन्मुख बनाने के उद्देश्य से आज क्षेत्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण-सह-समीक्षा बैठक में पंचायत विकास योजना (PDP) एवं पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पंचायत सचिवों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता की |बैठक के दौरान ग्राम पंचायतों में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं के निर्माण, प्राथमिकताओं के निर्धारण तथा पंचायत उन्नति सूचकांक के विभिन्न मानकों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि पंचायत विकास योजना के माध्यम से ग्राम स्तर पर आधारभूत सुविधाओं के विकास, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी एवं परिणाममूलक बनाया जा सकता है।प्रशिक्षण कार्यक्रम में एसएलडब्ल्यूएम (SLWM) 2026 नियमों के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने समस्त ग्राम पंचायतों में नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक पहल करने पर जोर दिया। साथ ही “स्वच्छ गांव-स्वस्थ गांव” अभियान के अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक मुक्त ग्राम निर्माण तथा जनसहभागिता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। प्रशिक्षण सत्र में पंचायत उन्नति सूचकांक के विभिन्न संकेतकों की जानकारी देते हुए बताया गया कि बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को विकास कार्यों में अतिरिक्त अवसर एवं प्रोत्साहन प्राप्त हो सकते हैं। अधिकारियों ने पंचायत प्रतिनिधियों से योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, नियमित मॉनिटरिंग तथा ग्राम विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।बैठक के अंत में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा ग्राम विकास एवं पंचायत सशक्तिकरण से संबंधित सुझावों पर विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर जनपद पंचायत बिल्हा एवं मस्तूरी के जनप्रतिनिधि, पंचायत सचिव, अधिकारी-कर्मचारी तथा संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। -
*सभी अवैध नल कनेक्शन धारकों को सूचना देकर अवैध नल नियमित करवाने 15 दिन का समय देने और नियमित नहीं कराने पर समयसीमा के बाद कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश*
*किसी एक वार्ड में घरेलू नल कलेक्शनों के मीटर में रीडिंग का सैंपलिंग का रेंडम कार्य करवाकर रिपोर्ट देने के दिए निर्देश**सभी अवैध निर्माणों पर नियमानुसार प्रक्रिया के अंतर्गत कार्यवाही करने, राजीनामा योग्य आवेदनों पर अगले 15 दिनों में नियमानुसार निर्णय लेने, नियमों का उल्लंघन करने वाले सम्बंधितों पर ई चालान कार्यवाही करने के दिए निर्देश*रायपुर/आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने रायपुर नगर पालिक निगम मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन के तृतीय तल सभाकक्ष में साप्ताहिक टीएल समयसीमा की बैठक लेकर विभिन्न विषयों पर कार्यों की समीक्षा कर सम्बंधित निगम अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए.साप्ताहिक टी एल समयसीमा की बैठक में नगर निगम अपर आयुक्त श्री लोकेश्वर साहू, श्री पंकज के. शर्मा, श्री विनोद पाण्डेय, श्रीमती कृष्णा खटीक, मुख्य अभियंता श्री संजय बागड़े, अधीक्षण अभियंता श्री राजेश राठौर, श्री इमरान खान, श्री प्रदीप यादव, जोन कमिश्नरों, उपायुक्तगणों, कार्यपालन अभियंताओं, सहायक अभियंताओं की उपस्थिति रही.आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने सभी जोन कमिश्नरों को नगर निगम रायपुर के सभी बड़े बकायादारों को नोटिस जारी कर उनसे सम्पूर्ण बकाया राजस्व वसूलने नियमानुसार कड़ी कार्यवाही करने के पुनः निर्देश दिए हैँ. आयुक्त ने सभी 10 जोनों को मिलाकर प्रतिदिन एक करोड़ रूपये का राजस्व वसूलने का लक्ष्य पुनः निर्धारित कर इसका निगम हित में कड़ाई से पालन करने निर्देशित किया है.आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने दिनांक 30 जून 2026 तक सम्पतिकर की वर्ष 2026-27 हेतु पूर्ण अदायगी किये जाने पर सम्बंधित सम्पति करदाताओं को नियमानुसार 6.25 प्रतिशत की सम्पतिकर में छूट का पूर्ण लाभ प्रदान करते हुए अधिकाधिक राजस्व वसूलने नगर निगम हित में करने के सख्त निर्देश पुनः सभी जोन कमिश्नरों को दिए हैँ.आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने सभी जोन कमिश्नरों को रायपुर नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत वार्डों में समस्त अवैध नल कनेक्शनधारकों को नगर निगम जल विभाग और राजस्व विभाग के साथ मिलकर नियमानुसार सूचना देकर 15 दिनों का समय अपने अवैध नल को नियमित करने देने और इस समयावधि के बाद अवैध नल कनेक्शन को नियमित नहीं करवाने की स्थिति में सम्बंधित अवैध नल कनेक्शन धारकों पर नियमानुसार प्रक्रिया के अंतर्गत कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश सभी जोन कमिश्नरों को दिए हैँ.आयुक्त ने कार्यपालन अभियंता जल श्री नर सिंह फरेन्द्र को किसी एक वार्ड या स्थान मोहल्ला चिन्हित करके वहाँ निगम के घरेलू नल कनेक्शनों में मीटर रीडिंग कार्य करवाकर उनकी सेम्पल रेंडम रिपोर्ट देने निर्देशित किया है, ताकि इसकी समीक्षा कर शेष वार्डों में घरेलू नल कनेक्शनों में मीटर रीडिंग करने के कार्य का प्रस्ताव नीतिगत निर्णय हेतु तैयार किया जा सके.आयुक्त ने सभी अवैध निर्माणों पर नियमानुसार प्रक्रिया के अंतर्गत नोटिस देकर कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैँ और राजीनामा योग्य आवेदनों पर अगले 15 दिनों के भीतर नियमानुसार आवश्यक निर्णय लेने के निर्देश दिए हैँ, आयुक्त ने निगम अधिनियम अनुसार सीएंड डी वेस्ट मिलने, नियमानुसार निर्माण कार्य स्थल पर ग्रीन नेट नहीं लगाने एवं नियमों का उल्लंधन पाए जाने पर नियमानुसार ई जुर्माना लगाने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैँ.आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने सभी विकास और निर्माण योजनाओं में कार्यों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग करने सिस्टम को ऑनलाइन करने शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैँ और नगर निगम रायपुर के सभी कार्यों को ई ऑफिस कार्यप्रणाली के माध्यम से करने की व्यवस्था राज्य शासन के निर्देश अनुसार करने के सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश दिए हैँ. -
0- कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर सराहना व्यक्त करते हुए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी
बालोद. जिले के डौंडी विकासखंड के ग्राम ढोर्रीठेमा निवासी और असम राइफल्स के जवान श्री भोजराम साहू को उनकी अदम्य वीरता और कर्तव्यपरायणता के लिए देश के प्रतिष्ठित नागरिक सैन्य सम्मान ‘शौर्य चक्र’ से नवाजा गया है। राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में 08 जून को आयोजित गरिमामय समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के वीर जवान श्री भोजराम साहू की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर सराहना व्यक्त की है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए जवान श्री भोजराम साहू की उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें और उनके परिवार को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि वीर जवान श्री भोजराम साहू के द्वारा वर्ष 2025 में मणिपुर के टेंगनौपाल क्षेत्र में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान मातृभूमि की रक्षा के लिए जो अदम्य साहस एवं वीरता का परिचय दिया है वह वास्तव में काबिले-तारीफ एवं अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि श्री साहू द्वारा मातृभूमि की रक्षा के लिए एवं कर्तव्य परायणता के अतुलनीय कार्यों के फलस्वरूप उन्हें राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के हाथों प्रतिष्ठित शौर्य चक्र से सम्मानित होने का गौरव प्राप्त हुआ है। उसके इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से संपूर्ण बालोद जिला गौरवान्वित हुआ है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या मिश्रा ने कहा कि जवान श्री भोजराम ने अपनी बहादुरी से न सिर्फ छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है, बल्कि युवाओं के लिए देशभक्ति और प्रेरणा की एक मिसाल पेश की है।उल्लेखनीय है कि असम राइफल्स के जवान श्री भोजराम साहू को यह सम्मान वर्ष 2025 में मणिपुर के टेंगनौपाल क्षेत्र में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन में दिखाए गए अदम्य साहस के लिए मिला है। अभियान के दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर घात लगाकर अचानक हमला कर दिया था। ऐसी अत्यधिक चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच श्री भोजराम ने अपनी जान की परवाह न करते हुए आगे बढ़कर मोर्चा संभाला। उन्होंने बेहद नजदीक से आतंकियों पर जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान उन्हें एक गोली भी लगी, लेकिन घायल होने के बावजूद वे पीछे नहीं हटे और अपनी जिम्मेदारी पर डटे रहे। उनके इस अदम्य साहस ने अभियान को सफल बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई। बालोद जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर देश के राष्ट्रपति भवन में शौर्य चक्र हासिल करने वाले श्री भोजराम साहू की इस सफलता से पूरे जिले और छत्तीसगढ़ राज्य में हर्ष का माहौल है। - बालोद. सुप्रीम कोर्ट एवं राज्य शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायतों द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु ग्राम स्तर पर व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, स्वच्छता के महत्व तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत भवन, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक भवन, हाट-बाजार, बस स्टॉप तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों की दीवारों पर स्वच्छता संबंधी प्रेरणादायक नारों का लेखन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दीवार लेखन के माध्यम से ग्रामीणों को घरों से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में पृथक कर निर्धारित डस्टबिन में डालने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ ही ’स्वच्छ गांव-स्वस्थ गांव’, ’कचरा अलग करें, पर्यावरण सुरक्षित करें’, गीला-सूखा कचरा अलग रखें जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।जनजागरूकता अभियान के दौरान 04 रंग के डस्टबिन की उपयोगिता के संबंध में भी जानकारी दी जा रही है। हरे रंग के डस्टबिन में गीला एवं जैविक कचरा, नीले रंग के डस्टबिन में सूखा एवं पुनर्चक्रण योग्य कचरा, लाल रंग के डस्टबिन में सैनिटरी एवं घरेलू चिकित्सा अपशिष्ट तथा पीले रंग के डस्टबिन में विशेष अथवा हानिकारक कचरा संग्रहित करने की जानकारी ग्रामीणों को दी जा रही है। इससे कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन, पुनर्चक्रण एवं सुरक्षित निपटान को बढ़ावा मिलेगा। स्वच्छता दीदियों, महिला स्व-सहायता समूहों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्राम स्तरीय कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर संपर्क कर लोगों को कचरा पृथक्करण की प्रक्रिया समझाई जा रही है। साथ ही ग्राम सभाओं, स्कूलों एवं सामुदायिक बैठकों के माध्यम से स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों की जानकारी प्रदान की जा रही है।जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपने घरों एवं प्रतिष्ठानों में कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित करें तथा निर्धारित डस्टबिन का ही उपयोग करें। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही स्वच्छ, सुंदर एवं प्रदूषण मुक्त ग्रामों का निर्माण संभव है। जिससे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के सफल क्रियान्वयन से ग्रामों में स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ होगी, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा जनस्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार आएगा।
- 0- जिले के अंतिम जनसमस्या निवारण शिविर का किया गया रंगारंग समापन, शिविर में 56 आवेदनों का किया गया निराकरणबालोद. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप राज्य में जन शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने तथा आम जनता को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाओं का उपलब्धता सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से 01 मई 2026 से प्रारंभ की गई सुशासन तिहार 2026 बालोद जिले में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सुशासन तिहार के तहत 04 मई से जिले के प्रत्येक विकासखण्डों के अलग-अलग स्थानों पर आयोजित किए जाने वाले जनसमस्या निवारण शिविरों के अंतर्गत आज जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के सुदूर वनांचल के ग्राम कोडेकसा में आयोजित जिले के अंतिम जनसमस्या निवारण शिविर का रंगारंग समापान किया गया। ग्राम कोडेकसा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर कोडेकसा सहित आसपास के 14 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों एवं हितग्राहियों के लिए सौगातों भरा रहा।शासकीय हायर सेण्डरी स्कूल मैदान कोडेकसा में आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में उपस्थित अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा, जनपद अध्यक्ष श्रीमती कांति सोनबरसा, जनपद उपाध्यक्ष श्री जयलाल मालेकर, जिला पंचायत सदस्य श्री राजाराम तारम, जनपद सदस्य श्री जागेश्वर कौड़ो, राजेश्वरी टेकाम, श्रीमती दुलारी देवांगन, ग्राम पंचायत कोडेकसा के सरपंच श्री ऐन सिंह भुआर्य सहित अन्य अतिथियों के द्वारा हितग्राहियों को स्वामीत्व योजना अंतर्गत अधिकार अभिलेख का वितरण, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत आवास पूर्णता प्रमाण पत्र, मनरेगा जाॅब कार्ड, आयुष्मान कार्ड, नया राशन कार्ड, मत्स्य पालन प्रसार योजना अंतर्गत हितग्राहियों को जाल एवं आईस बाॅक्स वितरण के अलावा शासन के अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इसके अलावा शिविर में राज्य शासन के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु मेडिकल बोर्ड लगाया गया था। इस दौरान मेडिकल बोर्ड में शामिल विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा शिविर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने पहुँचे दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनाया गया। शिविर में अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इसके अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंटकर उनके गोदभराई के रस्म को पूरा किया गया।इस मौके पर विभिन्न विभागों के द्वारा शिविर में आज अपने-अपने विभागों से संबंधित कुल आवेदन एवं उनके निराकरण की स्थिति के अलावा आम नागरिकों को शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी दी। ग्राम कोडेकसा में आयोजित शिविर में आज विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 188 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें से 56 आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया गया। इस अवसर पर स्थानीय लोक कलाकारों के द्वारा केन्द्र व राज्य सरकार के विकास कार्यों पर आधारित एवं सुमधुर नैनाभिराम सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति से जिले के अंतिम जनसमस्या निवारण शिविर को यादगार एवं चिरस्मरणीय बना दिया।जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए जनपद अध्यक्ष श्रीमती कांति सोनबरसा ने सुशासन तिहार एवं जनसमस्या निवारण शिविर के उद्देश्यों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। श्रीमती सोनबरसा ने कहा कि राज्य शासन के निर्देशानुसार सुशासन तिहार के दौरान प्रशासनिक अमले के द्वारा आम जनता के बीच पहुँचकर उनके मांगों एवं वास्तविक समस्याओं से रूबरू होेकर उनका समुचित निराकरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। जनपद अध्यक्ष श्रीमती सोनबरसा ने राज्य शासन द्वारा आयोजित इस सुशासन तिहार की भूरी-भूरी सराहना करते हुए आम जनता को विभिन्न विभागों के स्टालों में पहुँचकर शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ लेने को कहा। जनपद उपाध्यक्ष श्री जयलाल मालेकर ने इस भीषण गर्मी के उपरांत भी जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों की बड़ी संख्या में उपस्थिति पर सराहना व्यक्त की। इसके अलावा उन्होंने प्रशासन द्वारा शिविर के सफल आयोजन हेतु की गई चाक-चैबंद व्यवस्था की भी भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से लेकर प्रदेश के मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा संपूर्ण प्रशासनिक अमला आम जनता के बीच पहुँचकर शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं की क्रियान्वयन की स्थिति का पड़ताल कर रहे हैं। इसके अलावा शासन-प्रशासन के लोगों के द्वारा आम जनता के वास्तवित मांगों एवं समस्याओं से वाकिफ भी हो रहे हैं। निश्चित रूप से इसका बेहतर परिणाम हम सभी के सामने आएगा। इस अवसर पर उन्होंने बालोद जिला प्रशासन द्वारा तेजी से घटते भूजल स्तर की रोकथाम के अलावा पानी के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु चलाए जा रहे नीर चेतना अभियान की भी सराहना की। जिला पंचायत सदस्य श्री राजाराम तारम ने कहा कि भीषण गर्मी के उपरांत भी शिविर में ग्रामीणों की उपस्थिति बहुत ही सराहनीय है। श्री तारम ने सुशासन तिहार के आयोजन की सराहना करते हुए अंचल के प्रमुख मांगों एवं आवश्यकताओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने शिविर में उपस्थित सभी विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को आम जनता से प्राप्त आवेदनों के समुचित निराकरण हेतु त्वरित कार्यवाही करने को कहा। जनसमस्या निवारण शिविर को जनपद सदस्य दुलारी बाई देवांगन, श्रीमती रामेश्वरी टेकाम एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। उन्होंने शिविर में उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को सुशासन तिहार के अंतर्गत आम जनता से प्राप्त आवेदनों का पूरी संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के द्वारा अपने-अपने विभागों में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं तथा शिविर में अपने विभागों से संबंधित कुल आवेदन एवं उनके निराकरण की स्थिति के संबंध में भी जानकारी दी।उल्लेखनीय है कि ग्राम कोडेकसा में आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम कोडेकसा, गैंजी, जाटादाह, कमकापार, हितापठार, बड़ाजुंगेरा, पीपरखार, चिखली, किल्लेकोड़ा, झरनटोला, सहगांव, खड़बत्तर, सिवनी और बटेरा ग्राम पंचायतों के ग्रामीण जन शामिल हुए थे। शिविर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को 61 आवेदन, खाद्य विभाग को 32, राजस्व विभाग को 23 एवं वन विभाग को 15 आवेदन सहित विभिन्न विभागों से कुल 188 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें से 56 आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया गया। शिविर में आज डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर, तहसीलदार श्री हिंसाराम नायक, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पंकज देव, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री गोविंद चंद्राकर, श्री प्रकाश सोनबरसा के अलावा आसपास के 14 ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं अन्य अतिथियों व विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- बालोद. जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक 17 जून 2026 को सुबह 11 बजे से जिला पंचायत बालोद के सभाकक्ष में आयोजित की गई है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने बैठक में सर्व संबंधितो को निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर उपस्थित होने को कहा है।
- बालोद. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार प्रदेश के नागरिकों को शासकीय सेवाओं तक सरल पहुँच और उनकी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा ’सीएम हेल्पलाइन 1076’ प्रारंभ कर दी गई है। इसका उद्देश्य नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने, शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराने तथा समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए एकीकृत, सुलभ और विश्वसनीय मंच प्रदान करना है। उल्लेखनीय है कि सीएम हेल्पलाइन एक केंद्रीकृत और तकनीक आधारित शिकायत निवारण प्रणाली है, जिसके माध्यम से नागरिक फोन, व्हाट्सऐप, वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और लिखित आवेदन के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। प्रत्येक शिकायत को एक विशिष्ट टोकन नंबर प्रदान किया जाएगा, जिससे उसकी रियल-टाइम ट्रैकिंग संभव होगी।शिकायतों के समाधान के लिए चार स्तरीय तंत्र विकसित किया गया है। इसमें एल-1 पर ब्लॉक स्तर, एल-2 पर जिला स्तर, एल-3 पर संभागीय अथवा निदेशालय स्तर तथा एल-4 पर सचिव स्तर पर शिकायतों का निराकरण किया जाएगा। निर्धारित समयसीमा में समाधान नहीं होने की स्थिति में शिकायत स्वतः अगले स्तर पर प्रेषित हो जाएगी। सीएम हेल्पलाइन कॉल सेंटर वर्ष के 365 दिन, सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे संचालित रहेगा। नागरिक टोल फ्री नंबर 1076 पर कॉल कर, ऑनलाइन पोर्टल, व्हाट्सऐप या लिखित आवेदन के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे तथा उसकी स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। यह प्रणाली राज्य में पारदर्शी, जवाबदेह और जनकेंद्रित प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन को मजबूत करने और आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लगातार कार्य कर रही है।
- 0- सुशासन तिहार में जन-प्रतिनिधियो से ’खुशियो की चाबी’ पाकर लाभार्थी हुए खुश0- जिले में निर्माणाधीन आवासों के लिए कुल 10.12 करोड़ रूपए के एफटीओ जारीबालोद. हर गरीब का सपना होता है खुद का पक्का मकान, और बालोद जिले में यह सपना अब तेजी से हकीकत में तब्दील हो रहा है। सुशासन तिहार 2026 के अवसर पर जिले में आयोजित शिविरांे में आवास लाभार्थियो को समय-सीमा में आवास पूर्ण करने पर जन-प्रतिनिधियो के हाथों अपने सपनों के आशियानें ’खुशियों की चाबी’ पाकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वे मंच के माध्यम से अपने अनुभव को साझा कर अन्य आवास लाभार्थियों को समय पर आवास पूर्ण करने एवं आवासो में जल संरक्षण एवं संवर्धन हेतु सोकपीट का निर्माण पूर्ण करने अपील की। पीएम आवास योजना से न सिर्फ लोगों के जीवन स्तर में सुधार आ रहा है, बल्कि ग्रामीण अंचलो की तस्वीर भी तेजी से बदल रही है।जिला पंचायत बालोद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार तथा कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत जिले में कुल स्वीकृत 54 हजार 151 आवासो के विरूद्ध में 48 हजार 421 (89.42 प्रतिशत) पूर्णता पश्चात् कुल 5730 आवास लंबित, निर्माणाधीन, प्रगतिरत आवासों को यथाशीघ्र शत-प्रतिशत पूर्ण कराने लाभार्थियों से संपर्क कर समन्वय स्थापित करते हुए उन्हे प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके साथ ही पूर्ण आवासो के विरूद्ध में जन सहयोग एवं जनभागीदारी के माध्यम से सोकपीट का निर्माण पूर्ण करने प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार के माध्यम से प्रत्येक शिविर में औसतन 05-07 आवास लाभार्थियों को पूर्णता प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित करते हुए उनको ’खुशियों की चाबी’ जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्रदान किया गया। जहां वे अपने अनुभव को साझा करते हुए अन्य आवास लाभार्थियों एवं ग्रामीणजनों को प्रोत्साहित तथा शासन-प्रशासन के द्वारा योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवासो के निर्माण में किसी भी प्रकार की आर्थिक बाधा न आए, इसके लिए शासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सभी जिलो को कुल 2677.1 करोड़ रूपये जारी किए गए है। यह राशि केन्द्रांश और राज्यांश मद एसएनए स्पर्श माॅड्यूल के माध्यम से आबंटित की गई है। इसी क्रम में बालोद जिले में कुल 3278 लाभार्थियो हेतु 10.12 करोड़ के अंतरण हेतु एसएनए स्पर्श माॅड्यूल पर एफटीओ साइन किया गया है। बहुत जल्द ही यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर होंगे जिससे समय-सीमा में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ आवासों का निर्माण पूर्ण किया जा सकेगा।
- 0- जल के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु नुक्कड़ नाटक एवं रैली के माध्यम से नागरिकों को कर रही जागरूकबालोद. जल संचयन जनभागीदारी 2.0 अंतर्गत जिले में नीर चेतना अभियान अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में नीर चेतना अभियान के तहत जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्यों के साथ ही जनजागरूकता कार्यक्रम जारी है। जिले के सभी विकासखंडो के ग्रामों में आयोजित शिविर में स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा जल संरक्षण, जल संचयन के संबंध में नुक्कड नाटक एवं रैली के माध्यम से नागरिकों को जागरूक किया गया साथ ही नुक्कड नाटक के माध्यम से नलों को खुला न छोड़ने, वर्षा जल संचयन अपनाने घरों एवं खेतो में सीमित उपयोग, जल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाने, जिले के सभी नागरिकों को ’जल है तो कल है’ के संदेश को अपनाते हुए जल संरक्षण के कार्यों में सहभागिता निभाने का संदेश दिया गया, साथ ही प्रत्येक नागरिक को अपने घर में सोखता गढ्ढे के निर्माण के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई।उल्लेखनीय है कि नीर चेतना अभियान के तहत जिले में वृहद स्तर पर अधोसंरचना का निर्माण कराया जा रहा है। जिसमें सोकपीट, स्ट्रेगर ट्रैच, रिचार्ज पीट, रूफ टाप, वाटर हार्वेस्टिंग आदि सम्मिलित है। साथ ही जिला प्रशासन की पहल से जन जागरूकता के विभिन्न कार्यक्रम यथा, रैली, सभा, मानव श्रृंखला, शपथ आदि कराया जा रहा है। नीर चेतना अभियान के तहत विकासखंड डौण्डीलोहारा के ग्राम चिल्हाटीकला में ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती हुमलेश्वरी भुआर्य एवं जनप्रतिनिधि के सहयोग से 350 घरों में सोखता गढ्ढा का निर्माण किया गया है और सभी नागरिकों को पानी की उपयोगिता के बारे में बताया गया और भविष्य में जल स्तर को बनाये जाने हेतु प्रेरित किया गया। इसी क्रम में विकासखण्ड गुण्डरदेही, ग्राम पंचायत मोखा की श्रीमती अमलेश्वरी साहू जो कि तानिया स्व-सहायता समूह से जुड़कर एफएलसीआरपी का कार्य कर रही है। ग्राम की महिलाओं को समूह में जोड़ने के साथ-साथ वित्तीय साक्षरता के बारे में जानकारी देती है।नीर चेतना अभियान के अन्तर्गत ग्राम पंचायत मोखा में ग्रामीण सहभागिता और जल संरक्षण को बनाए रखने छत्तीसगढ़ शासन के ’नीर चेतना अभियान के तहत ग्रामीणों से जल संरक्षण एवं जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोखता गढ़वा एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग बनवाया गया। जिसमें श्रीमती अमलेश्वरी साहू द्वारा स्वयं के घर एवं ग्राम के अन्य 15 से 20 घरों में सोखता गढ़ढा एवं रैन वाटर हार्वेस्टिंग बनवाया गया। तथा लोगो को वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित कर रही है। इसी प्रकार विकासखंड बालोद के ग्राम मटिया से बिहान की कार्यकर्ता श्रीमती बबीता साहू बताती है, कि जिला प्रशासन के नीर चेतना अभियान से प्रभावित होकर मैनें सर्वप्रथम अपने घर में सोखता गढ्ढ़ा बनवाया तत्पश्चात इसके लाम को देखते हुए हमने हमारे ग्राम के सभी समूह के बैठक कर प्रत्येक घर में जलसंरक्षण के इस भागीरथी प्रयास को मूर्त रूप देने का संकल्प किया 08 स्व-सहायता समूह के 92 परिवारों से निरंतर संपर्क कर सोखता गढ्ढ़ा एवं पानी बचाने के अन्य संरचनाओं का निर्माण हम कर रहे है। ग्रामीणो को जल के महत्य और उसके उचित उपयोग के बारे में जागरूक कर रहीं है। इनके निरंतर प्रयासो से भूजल स्तर में अवश्य सुधार होगा तथा भविष्य में जल संकट की समस्या दूर होगी।
- बालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। जिसके अंतर्गत खनिज विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम के द्वारा 10 जून 2026 को गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम सिकोसा, रेंगाकठेरा, चन्दनबिहरी, देवरी ख का औचक निरीक्षण किया गया। जिला खनि अधिकारी ने बताया कि खनिज विभाग द्वारा निरीक्षण के दौरान रेत के अवैध भण्डारण के 06 मामलों में खनिज रेत को जप्त कर ग्राम पंचायत एवं कोटवार को सुपुर्द किया गया है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी खनिज जांच दल द्वारा खनिज के अवैध परिवहन, उत्खनन व भण्डारणकर्ताओं के विरूध्द निरंतर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
- 0- अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूरा कराने के दिए निर्देशबालोद. जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चन्द्रवंशी ने आज जनपद पंचायत कार्यालय गुण्डरदेही के सभाकक्ष में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत समीक्षा आबंटित लक्ष्य के विरूद्ध में शासन की मंशानुसार लंबित आवासों को 30 जून 2026 तक पूर्ण कराये जाने के संबंध में गहन चर्चा करते हुए आवास पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत 90 मानव दिवस सृजन की प्रगति की भी समीक्षा की गई तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप मानव दिवस सृजन सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु आवासों में रैन वाटर हार्वेस्टिंग संरचना निर्माण कराने तथा हितग्राहियों को इसके महत्व के संबंध में जागरूक करने के निर्देश भी दिये।बैठक में सीईओ जनपद पंचायत को ग्राम पंचायत बोड़ेना एवं कसौंदा के सचिव को कार्य में लापरवाही बरतने के कारण निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ग्राम पंचायत जरवाय के सचिव द्वारा बिना किसी सूचना के अनुपस्थिति के चलते कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। ग्राम पंचायत भिलाई एवं ईरागुड़ा के द्वारा शत-प्रतिशत पूर्ण किये जाने पर उनकी सराहना की गई। बैठक में जनपद पंचायत सीईओ उमेश रात्रे, जिला पंचायत जिला समन्वयक प्रधानमंत्री आवास प्रभात साहू, आवास समन्वयक चैन कुमार पटेल, जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन प्रवीण ठाकुर, अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा घनश्याम सिन्हा, विकासखण्ड समन्वयक नीलम चन्द्राकर, कार्यक्रम अधिकारी प्रतिज्ञा चन्द्राकर सहित जनपद पचंायत गुण्डरदेही अंतर्गत ग्राम पंचायतो के सचिव, रोजगार सहायक व अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- 0- जिले के शासकीय एवं निजी विद्यालयों के प्राचार्यों और प्रबंधकों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देशदुर्ग. नए शैक्षणिक सत्र को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में शंकराचार्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग, हुडको भिलाई में जिले के शासकीय एवं निजी विद्यालयों के प्राचार्यों और प्रबंधकों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने स्कूल खुलने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।कलेक्टर ने पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए बताया कि शासकीय हाई स्कूलों में पुस्तकें पहुंच चुकी हैं, जबकि सेजस एवं निजी विद्यालयों में अगले तीन-चार दिनों में उपलब्ध हो जाएगी। उन्होंने स्कूल परिसरों की साफ-सफाई, पेयजल, वॉटर फिल्टर, शौचालय, पाठ्यपुस्तक, गणवेश एवं साइकिल वितरण की व्यवस्था समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जर्जर भवनों को अनुमति लेकर डिस्मेंटल करने और मरम्मत योग्य भवनों की शीघ्र मरम्मत कराने को कहा।बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता बताई। उन्होंने स्कूल बसों की नियमित जांच और चालकों की मॉनिटरिंग करने, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा स्कूलों में नशामुक्ति अभियान चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना की रोकथाम के लिए सुरक्षा मानकों का पालन आवश्यक है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में दुपहिया वाहन चालकों को हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के लिए विशेष रूप से प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने सभी को हेलमेट पहनने, कार चलाते समय सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, आपातकालीन वाहनों को रास्ता देने, वैध ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने एवं वाहन के सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण रखने की अपील की, जिससे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कर ही दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।कलेक्टर श्री सिंह ने स्कूलों में 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी एवं 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण हेतु बच्चों एवं अभिभावकों को प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभिभावकों की सहमति प्राप्त कर अधिक से अधिक बालिकाओं का टीकाकरण सुनिश्चित करने को कहा। स्वास्थ्य विभाग की टीकाकरण अधिकारी ने बताया कि यह टीका सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में प्रभावी है और केवल एक बार लगाया जाएगा।बैठक में विद्यार्थियों के बायोमेट्रिक अपडेट कार्य की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने बताया कि जिले में 96 प्रतिशत बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट हो चुका है। शेष बच्चों का कार्य पूरा करने के लिए स्कूलों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने सभी प्राचार्यों को समन्वय बनाकर सितंबर तक शत-प्रतिशत बायोमेट्रिक अपडेट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि स्कूल खुलने के बाद विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।स्कूलों में फायर सेफ्टी के लिए मॉकड्रिल कराने के निर्देशसमीक्षा बैठक में जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी, नगर सेना ने विद्यालयों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में आगजनी की घटनाओं की आशंका को देखते हुए सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए फायर सेफ्टी मॉकड्रिल आयोजित की जाए। इससे बच्चों को आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित निकासी और बचाव के तरीकों की जानकारी मिलेगी तथा संभावित अग्नि दुर्घटनाओं के दौरान जनहानि और नुकसान को कम किया जा सकेगा। कलेक्टर श्री सिंह ने स्कूल प्रबंधन को अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और उनकी नियमित जांच सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में विभागीय अधिकारी सहित बड़ी संख्या में प्राचार्य एवं प्रबंधक उपस्थित थे।
- दुर्ग. आगामी नीट-2026 परीक्षा की तैयारियों को लेकर कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने शंकराचार्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग, हुडको भिलाई में परीक्षा केन्द्रों के प्राचार्यों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिले के 19 परीक्षा केन्द्रों में 21 जून को आयोजित होने वाली परीक्षा को लेकर व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।कलेक्टर ने कहा कि परीक्षा जैसे संवेदनशील कार्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। एसओपी का कड़ाई से पालन करते हुए पूरी गंभीरता एवं सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने सभी परीक्षा केन्द्रों में पेयजल, पंखे, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा केन्द्रों के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का कोचिंग सेंटर संचालित नहीं होना चाहिए तथा केन्द्र परिसर में टेंट, एलईडी या अन्य अनावश्यक व्यवस्थाएं नहीं लगाई जाएं। परीक्षार्थियों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए सभी केन्द्रों में स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती भी की जाएगी।कलेक्टर ने कहा कि परीक्षा संचालन के दौरान किसी भी प्रकार की शिकायत या अव्यवस्था की स्थिति नहीं बननी चाहिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल सहित जिले के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों के प्राचार्य उपस्थित थे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम, भिलाई पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी कटिबद्धता दोहराते हुए सभी सम्मानित भिलाई वासियों से आग्रह करता है कि वे अपने शहर को प्रदूषण मुक्त और सुंदर बनाने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। आपका एक छोटा सा कदम हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए एक सुरक्षित भविष्य की नींव रख सकता है। निगम प्रशासन द्वारा पर्यावरण सुरक्षा हेतु नागरिकों का सहयोग अपेक्षित है।सिंगल-यूज प्लास्टिक को कहें 'ना' पॉलीथीन बैग, प्लास्टिक कप और डिस्पोजल बर्तनों का उपयोग पूरी तरह बंद करें। खरीदारी के लिए हमेशा कपड़े या जूट के थैलों का उपयोग करें। कचरा प्रबंधन (गीला और सूखा कचरा अलग करें) अंतर्गत अपने घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कचरे को दो अलग-अलग डस्टबिन में रखें—हरे डस्टबिन में गीला कचरा और नीले डस्टबिन में सूखा कचरा। कचरा हमेशा निगम की कचरा गाड़ी में ही डालें।'एक पेड़ मां के नाम' और वृक्षारोपण अंतर्गत मानसून के इस आगमन पर प्रत्येक नागरिक कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और न केवल उसे रोपे, बल्कि उसके बड़े होने तक उसकी सुरक्षा और देखरेख की जिम्मेदारी भी लें।जल संरक्षण को विशेष प्राथमिकता देते हुए कार्य करना है, पानी की हर बूंद कीमती है। घरों में पानी की बर्बादी रोकें और रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली को अपनाएं।सार्वजनिक स्थलों, उद्यानों और सड़कों पर गंदगी न फैलाएं। भिलाई हमारा घर है, इसे साफ रखना हम सबका सामूहिक कर्तव्य है।"स्वच्छ भिलाई, हरित भिलाई, स्वस्थ भिलाई"आइए, हम सब मिलकर एक जिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभाएं और भिलाई को देश का सबसे स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाएं।
- 0- पथ विक्रेताओं (स्ट्रीट वेंडर्स) को मिलेगा सीधा लाभ, मौके पर ही स्वीकृत होंगे ऋणभिलाई नगर । निगम के आयुक्त राजीव पांडेय ने की शहर के छोटे व्यवसायियों से मेले में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की, मुख्य रूप से नोडल अधिकारी अनिल सिंह द्वारा बैठक लेकर क्षेत्रीय परियोजना प्रबंधक ईशान शर्मा और सुश्री भावना सिंह को कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए निर्देशित किया गया। इस विशेष मेले का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना का लाभ शहर के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और छोटे फुटपाथ व्यवसायियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।मेले में नगर निगम भिलाई के अधिकारियों सहित विभिन्न राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। यहाँ पथ विक्रेताओं (स्ट्रीट वेंडर्स) को आसान प्रक्रिया के तहत ऋण उपलब्ध कराने, डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षित करने और उनके आवेदनों का ऑन-द-स्पॉट (मौके पर ही) निराकरण करने की व्यवस्था की गई है।पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों और उनके परिवारों के समग्र विकास के लिए इस मेले में 'स्वनिधि से समृद्धि' कार्यक्रम के अंतर्गत अन्य कल्याणकारी योजनाओं (जैसे- आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना) से भी जोड़ने का काम किया जाएगा।आवश्यक दस्तावेजनिगम प्रशासन ने अपील की है कि मेले में आने वाले हितग्राही अपने साथ निम्नलिखित दस्तावेज अवश्य लाएँ:आधार कार्ड, मोबाइल नंबर (जो आधार से लिंक हो)बैंक पासबुक की छायाप्रतिपहचान पत्र (Vending Certificate/LOI) यदि उपलब्ध हो ।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने जोन-3 मदर टेरेसा नगर अंतर्गत तेल्हा नाला, अवैध रूप से संचालित चिकन दुकान, सामुदायिक भवन, मंच सहित अम्बेडकर भवन का बारिकी से निरीक्षण किये। उपस्थित अधिकारियों को निर्माण कार्य शीध्र पूर्ण कराने, साफ-सफाई व्यवस्था दुरूस्त करने एवं अवैध संचालित दुकान को बेदखल करने निर्देशित किये हैं।निगम आयुक्त ने तेल्हा नाला निर्माण कार्य का निरीक्षण किये और निर्माणकर्ता एजेंसी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्य जल्द से जल्द पूर्ण कराने कहा गया है, जिससे बरसात में जलभराव की स्थिति निर्मित न हो। निरीक्षण के दौरान दुर्गा पारा केम्प-2 में नाली के उपर अवैध रूप से खुले में मांस-मटन विक्रय किया जा रहा था, संबंधित दुकानदार पर कार्यवाही करते हुए दुकान को शीध्र हटाने निर्देशित किये है, जिससे नाली सफाई में किसी प्रकार की परेशानी न हो। आयुक्त ने संतोषी पारा में नवीन सामुदायिक भवन के कार्य का अवलोकन किये, कार्य जल्द पूर्ण कराने कहा गया है, जिससे नागरिको को सामाजिक कार्यक्रम कराने में सुविधा मिल सके। दुर्गा पंडाल के स्टेज, शेड का निरीक्षण करते हुए प्रकाश व्यवस्था एवं साफ-सफाई कराने निर्देशित किये है।आयुक्त ने बैकुण्ठधाम स्थित अम्बेडकर भवन का जायजा लिए, आगामी 12 जून को शासन की योजना का लाभ दिलाने शिविर आयोजित किया जाना है। उससे पहले साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा गया है। निरीक्षण के दौरान जोन आयुक्त कुलदीप गुप्ता, कार्यपालन अभियंता अनिल सिंह, सहायक अभियंता नितेश मेश्राम, उप अभियंता दीपक देवांगन, पार्षद शैलजा राजू उपस्थित रहे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक और सख्त कार्रवाई करते हुए जोन-2 वैशाली नगर क्षेत्र में शेड और झुग्गी-झोपड़ी बनाकर किए गए कब्जे को हटाया। यह कार्रवाई कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें बताया गया था कि अतिक्रमण के कारण सड़क बाधित हो रही है और आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देश पर जोन-2 के राजस्व विभाग एवं बेदखली दल ने वार्ड क्रमांक-22 स्थित कुरूद ढांचा भवन के समीप सांई मंदिर के पास पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि बाउंड्रीवाल से सटे क्षेत्र में अवैध रूप से शेड एवं झुग्गी-झोपड़ी बनाकर शासकीय भूमि पर कब्जा किया गया है, जिससे सड़क का हिस्सा प्रभावित हो रहा था। स्थिति स्पष्ट होने के बाद निगम की टीम ने तत्काल बेदखली अभियान चलाते हुए अवैध निर्माण को हटाया और कब्जे वाली भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मार्ग, शासकीय भूमि एवं नागरिक सुविधाओं में बाधा उत्पन्न करने वाले अतिक्रमण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा न करें। साथ ही कहा गया है कि जनहित में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी तथा शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए अभियान लगातार चलाया जाएगा।
- भिलाईनगर। राज्य शासन के निर्देशानुसार संचालित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत प्राप्त मांग, शिकायत एवं हितग्राहीमूलक योजनाओं से संबंधित आवेदनों के त्वरित निराकरण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने सभी जोन अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर उनका शीघ्र एवं सकारात्मक निराकरण सुनिश्चित किया जाए।आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि शिकायतों और मांगों के निराकरण के साथ-साथ पात्र हितग्राहियों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए निगम के सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सुशासन तिहार के तहत नागरिकों की समस्याओं के समाधान एवं योजनाओं के लाभ वितरण के उद्देश्य से 12 जून 2026, शुक्रवार को डा. भीमराव अम्बेडकर सर्व समाज मांगलिक भवन में समाधान शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे और आवेदकों की समस्याओं का मौके पर निराकरण किया जाएगा।निगम प्रशासन द्वारा शिविर में अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक आवेदक को दूरभाष, लिखित सूचना अथवा अन्य माध्यमों से पूर्व सूचना प्रदान की जाएगी। आवेदकों एवं हितग्राहियों से निर्धारित तिथि पर समाधान शिविर में उपस्थित होकर अपनी समस्याओं के निराकरण एवं योजनाओं के लाभ प्राप्त करने की अपील की गई है। निगम आयुक्त ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और आम नागरिकों के बीच संवाद को मजबूत करना तथा जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। इसी कड़ी में सभी आवेदनों के निराकरण की नियमित समीक्षा भी की जा रही है, ताकि नागरिकों को समय पर राहत मिल सके।
- राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार खनिज विभाग द्वारा जिले में खनिज का अवैध उत्खनन, भण्डारण एवं परिवहन करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में खनिज विभाग की टीम द्वारा राजनांदगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम तुमडीबोड़, किरगी, भानपुरी, डुमरडीहकला, घुमका, कलेवा, पटेवा, झुरलाखुर्द, भटगांव का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्राम झुरलाखुर्द एवं तुमड़ीबोड में मुरूम, रेत, चूना पत्थर गिट्टी का अवैध उत्खनन एवं परिवहन करने पर 5 वाहनों को जप्त किया गया। इसके तहत ग्राम झुरलाखुर्द में खैरागढ़ निवासी बब्बू खान के स्वामित्व की जेसीबी सीजी 08 एएन 3872 से ग्राम सण्डी निवासी वाहन चालक दिनेश वर्मा, हाईवा सीजी 08 एल 3263 से ग्राम कुहकाबोड निवासी वाहन चालक हुलास वर्मा एवं माजदा क्रमांक सीजी 08 एएच 0546 से ग्राम मानपुर निवासी वाहन चालक समदखान द्वारा मुरूम का अवैध उत्खनन एवं परिवहन करने पर कार्रवाई करते हुए जप्त कर थाना घुमका को सुपुर्द किया गया।इसी तरह ग्राम सोनबरसा में ग्राम पटेवा निवासी ललित धनकर के स्वामित्व की माजदा क्रमांक सीजी 08 एएक्स 2371 से ग्राम अवेली निवासी वाहन चालक रूपचंद द्वारा रेत का अवैध परिवहन करने पर कार्रवाई करते हुए जप्त कर थाना घुमका को सुपुर्द किया गया। ग्राम तुमड़ीबोड में डोंगरगांव निवासी पिन्टू गुप्ता के स्वामित्व की हाईवा क्रमांक सीजी 07 बीएफ 8125 से ग्राम अरसीटोला निवासी वाहन चालक अमित यादव द्वारा चूना पत्थर गिट्टी का अवैध परिवहन करने पर कार्रवाई करते हुए जप्त कर थाना तुमड़ीबोड को सुपुर्द किया गया। प्रकरणों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण की रोकथाम के लिए लगातार गस्त व निगरानी की जा रही है।
- राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 (एसडब्ल्यूएम रूल 2026) के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जिले में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर ने कहा कि स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण सतत विकास के महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने सभी विभागों, नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों को नियमों के अनुरूप कार्य करते हुए स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन तथा जनभागीदारी को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने बल्क वेस्ट जनरेटरों के शत-प्रतिशत पंजीयन एवं सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने कहा। कलेक्टर ने जैविक कचरे के स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण, रिसाइक्लिंग को बढ़ावा देने, स्वच्छता संबंधी जनजागरूकता गतिविधियों के विस्तार तथा ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में नियमित मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए।अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर उसके प्रभावी क्रियान्वयन करने के लिए कहा।कलेक्टर ने जिले के नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की वर्तमान स्थिति, स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, डोर-टू-डोर संग्रहण, बल्क वेस्ट जनरेटर पंजीयन, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, कम्पोस्टिंग, रिसाइक्लिंग तथा अपशिष्ट के वैज्ञानिक निपटान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के विभिन्न प्रावधानों के प्रभावी अनुपालन हेतु आवश्यक कार्ययोजना पर चर्चा की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेमप्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम डोंगरढ़ श्री एम भार्गव, एसडीएम राजनांदगांव श्री गौतम पाटिल, एसडीएम डोंगरगांव श्री श्रीकांत कोराम सहित स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण एवं शहरी) अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत सामग्री एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर किया गया लाभान्वितराजनांदगांव। सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत धुसेरा में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्राम पंचायत धुसेरा, ठाकुरटोला, कोलेन्द्रा, नागतराई, बेलगांव, हरणसिंघी, अछोली, करवारी, माड़ीतराई, जटकन्हार एवं कुसमी सहित कुल 11 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों की सहभागिता रही। शिविर में ग्रामीणों द्वारा मांग संबंधी कुल 1179 आवेदन प्रस्तुत किए गए। प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण की कार्रवाई संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है। शिविर में राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण, जल संसाधन, कृषि, उद्यानिकी, विद्युत, सहकारिता, स्वास्थ्य, परिवहन, वन, मत्स्य, खाद्य, पशुधन विकास तथा प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित 17 विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।जनसमस्या निवारण शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। शिविर में 6 हितग्राहियों को नवीन राशन कार्ड वितरित किए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास निर्माण पूर्ण करने वाले 5 हितग्राहियों को उनके आवास की चाबी सौंपी गई। बिहान योजना की 5 महिलाओं को लखपति दीदी प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचपीवी वैक्सीन लगवाने वाली 2 बालिकाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा 7 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए। कृषि विभाग द्वारा 4 किसानों को हरी खाद के लिए मूंग बीज वितरित किया गया। सेवा सहकारी समिति बेलगांव द्वारा 12 हितग्राहियों को किसान के्रडिट कार्ड (केसीसी) ऋण स्वीकृति के चेक प्रदान किए गए। शिक्षा विभाग द्वारा कक्षा 10वीं एवं 12वीं के 6 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर प्रमाण पत्र वितरित किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती माताओं की गोदभराई तथा नन्हे शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया। शिविर स्थल पर विशाल रक्तदान तिहार का भी आयोजन किया गया, जिसमें 15 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया। सभी रक्तदाताओं को हेलमेट एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती किरण साहू, जनपद पंचायत डोंगरगढ़ की अध्यक्ष श्रीमती लता सिन्हा, उपाध्यक्ष श्री हीराराम वर्मा, जनपद पंचायत सदस्य श्री तामेश्वर साहू, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती प्रतिमा खरे, श्री अनिल सिन्हा, एसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम भार्गव, तहसीलदार, सीईओ जनपद पंचायत डोंगरगढ़, नायब तहसीलदार, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, वरिष्ठ करारोपण अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
- -मोबाइल और ड्रग्स की बढ़ती लत, बेरोजगारी तथा सामाजिक चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार होगा विशेष कार्ययोजना-उपाध्यक्ष श्री मिश्रा ने यूएनडीपी को ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण परियोजना तैयार करने के दिए निर्देशरायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा ने कहा है कि राज्य के सामने वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में ग्रामीण युवाओं की बेरोजगारी, मोबाइल एडिक्शन, ड्रग्स की बढ़ती लत, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और बढ़ती आपराधिक गतिविधियां शामिल हैं। इन चुनौतियों का समाधान केवल रोजगार सृजन और कौशल विकास के माध्यम से ही संभव है।छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग नवा रायपुर में में आयोजित एसएसएम पीआईयू एवं एम एंड ई यूनिट्स के इंडक्शन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री मिश्रा ने कहा कि आज गांवों में बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं जो खेती-किसानी से जुड़ना नहीं चाहते, लेकिन उनके पास रोजगार के पर्याप्त अवसर भी नहीं हैं। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार का लक्ष्य 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।उपाध्यक्ष श्री जी एस मिश्रा ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की अब तक की सबसे बड़ी टीम छत्तीसगढ़ में कार्य कर रही है और अगले छह महीनों में युवाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने यूएनडीपी के विशेषज्ञों को निर्देश दिए कि ग्रामीण युवाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप प्लंबर, गार्डनर, कारपेंटर, इलेक्ट्रीशियन, टी.वी. मैकेनिक, मोबाईल रिपेयरिंग तथा अन्य रोजगारपरक व्यवसायों में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए व्यापक परियोजना तैयार की जाए।श्री मिश्रा ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को केवल कौशल तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि ऐसा मॉडल विकसित किया जाएगा जिससे प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को तत्काल रोजगार के अवसर मिल सकें। इसके लिए उद्योगों, निजी संस्थानों और सिविल सोसायटी संगठनों के सहयोग से प्रत्येक जिले में विशेष रोजगार आयोजन किए जाएंगे, जहां प्रशिक्षित युवाओं को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सम्मानजनक आजीविका से जोड़ना है। इससे न केवल बेरोजगारी दर में कमी आएगी, बल्कि युवाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, सामाजिक चुनौतियों पर नियंत्रण मिलेगा और राज्य के समग्र विकास को नई गति प्राप्त होगी। उपाध्यक्ष श्री मिश्रा ने विश्वास व्यक्त किया कि कौशल विकास, उद्योगों की सहभागिता और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से छत्तीसगढ़ देश में युवा सशक्तिकरण का एक सफल मॉडल बनकर उभरेगा।
- -अंजोर विजन-2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु विभागीय समन्वय, डेटा आधारित नीति निर्माण और प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर-बस्तर अंजोर के माध्यम से बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने की दिशा में होंगे नवाचारपूर्ण प्रयासरायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ‘‘अंजोर विजन-2047’’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ को विकसित राज्यों की अग्रिम पंक्ति में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण केवल योजनाओं के निर्माण से नहीं, बल्कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय, सटीक आंकड़ों पर आधारित नीति निर्माण और परिणामोन्मुखी कार्यसंस्कृति से संभव होगा।नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग में आयोजित स्टेट सपोर्ट मिशन (SSM), प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (PIU) एवं मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन (M&E) यूनिट्स के इंडक्शन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री मिश्रा ने कहा कि राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार ‘‘अंजोर विजन-2047’’ राज्य के दीर्घकालिक विकास का व्यापक रोडमैप है, जिसमें आर्थिक विकास, सुशासन, सामाजिक प्रगति, निवेश संवर्धन और मानव विकास से जुड़े स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।उन्होंने कहा कि सतत विकास लक्ष्य (SDGs) और अंजोर विजन-2047 एक-दूसरे के पूरक हैं तथा दोनों का मूल उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी विभागों को अपनी योजनाओं और कार्यक्रमों को इन लक्ष्यों के अनुरूप क्रियान्वित करना होगा। इस दिशा में राज्य नीति आयोग के अंतर्गत गठित SSM, PIU एवं M&E इकाइयां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।श्री मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने नीति आयोग के SDG इंडिया इंडेक्स 2023-24 में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। अब राज्य का लक्ष्य केवल सूचकांकों में सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन लाना है। उन्होंने कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में निर्धारित लक्ष्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि कृषि उत्पादकता, औद्योगिक विकास, महिला श्रम भागीदारी, डिजिटल अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाना हमारी प्राथमिकता है।उन्होंने कहा कि राज्य नीति आयोग के साथ कार्य कर रही विशेषज्ञ टीमों को विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर KPI आधारित समीक्षा, नीति विश्लेषण, निगरानी एवं मूल्यांकन तथा साक्ष्य आधारित सुझावों के माध्यम से विकास की गति को और तेज करना होगा। उन्होंने अधिकारियों एवं विशेषज्ञों से नवाचार, जवाबदेही और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली अपनाने का आह्वान किया।उपाध्यक्ष श्री मिश्रा ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और राज्य नीति आयोग के संयुक्त प्रयासों से अंजोर विजन-2047 के लक्ष्य निर्धारित समयावधि में प्राप्त किए जा सकेंगे तथा छत्तीसगढ़ समावेशी, सतत और विकसित राज्य के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा।उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा, जब छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त हुआ। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के उस संकल्प का उल्लेख किया, जिसमें बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने की बात कही गई थी। श्री मिश्रा ने कहा कि बस्तर संभाग राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और ‘‘बस्तर अंजोर’’ पहल के तहत सात प्रमुख नवाचारों के माध्यम से क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को मूर्त रूप दिया जाएगा। इससे बस्तर विकास, सुशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा। इस दौरान राज्य नीति आयोग के सदस्य सचिव श्री आशीष कुमार भट्ट, सदस्य डॉ के सुब्रह्मण्यम सहित यूएनडीपी के विभिन्न क्षेत्र के विशेषज्ञ उपस्थित थे।


.jpg)
.jpg)























