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- 0- निगम जोन 4 स्वास्थ्य विभाग ने निगम मुख्यालय महात्मा गाँधी सदन के सामने निगम उद्यान परिसर स्थित मिग 21 और उसके आसपास स्वच्छता अभियानरायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम जोन 4 जोन कमिश्नर डॉ दिव्या चंद्रवंशी के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री वीरेन्द्र चंद्राकर के मार्गनिर्देशन में नगर निगम जोन क्रमांक 4 स्वास्थ्य विभाग की टीम के सफाई मित्रों ने जोन 4 क्षेत्र अंतर्गत राजधानी शहर रायपुर के नगर निगम मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन के सामने नगर निगम के शहीद पण्डित विद्याचरण शुक्ल उद्यान परिसर स्थित भारतीय वायुसेना के युद्धक विमान मिग 21 और उसके आसपास के क्षेत्र की विशेष अभियान चलाकर कचरा एकत्र कर तत्काल उठवाकर वहाँ स्वच्छता कायम की और इस सम्बन्ध में आज नगर निगम जोन 4 स्वास्थ्य विभाग में प्राप्त स्वच्छता से सम्बंधित जनशिकायत का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया. जोन 4 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा भारतीय वायुसेना के युद्धक विमान मिग 21 के आसपास के क्षेत्र में दुकानदारों और आमजनों और राहगीरों के मध्य उक्त स्थल को स्वच्छ बनाये रखने सहयोग देने और वहाँ कदापि कचरा ना फैलाने को लेकर सघन जनजागरण अभियान चलाया.
- 0- आम जनता की सुविधाओं पर फोकस, बिजली-पानी-आवास को प्राथमिकता0- जनहित के कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देशदुर्ग. स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने आज पीडब्ल्यूडी के सभाकक्ष में जिले में सुशासन तिहार की तैयारियों एवं विभागवार समीक्षा बैठक ली। बैठक में प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास, राशन कार्ड, खाद-बीज भंडारण, शिक्षा, स्वास्थ्य सिंचाई, विद्युत एवं पेयजल जैसी जनजीवन से जुड़ी योजनाओं की प्रगति का विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने कहा कि प्रत्येक योजना का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी रूप से अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना सुनिश्चित किया जाए।स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव ने आगामी 01 मई से प्रारंभ होने वाले सुशासन तिहार की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सुशासन तिहार में प्राप्त सभी आवेदनों का त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जनता को शासन की योजनाओं का लाभ बिना किसी विलंब के प्राप्त हो सके। साथ ही सभी अधिकारियों को पूर्ण जवाबदेही के साथ कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया। जिले में प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने और जनहितकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने के उद्देश्य से आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री श्री यादव ने सभी विभागों के अधिकारियों को विस्तार से दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री श्री यादव ने जानकारी दी कि सुशासन तिहार को देखते हुए मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक और वरिष्ठ सचिव समय-समय पर शिविरों में शामिल होंगे। इसके साथ ही विकास कार्यों का औचक निरीक्षण कर सीधे जनता से फीडबैक लिया जाएगा। प्रत्येक जिला मुख्यालय पर समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिसमें प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति की बिंदुवार समीक्षा होगी।राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोरमंत्री ने राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले में लंबित सभी राजस्व प्रकरणों का शीघ्रता से निराकरण किया जाए। विशेष रूप से जो प्रकरण निर्धारित समय सीमा से बाहर हो चुके हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाए।शिक्षा क्षेत्र में मॉडल स्कूल और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारीशिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए जिले में एक स्कूल को “मॉडल स्कूल” के रूप में विकसित करने की योजना पर काम करने को कहा गया। इसके अलावा आदर्श कन्या स्कूल में विद्यार्थियों को जेईई और नेट जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के निर्देश दिए गए, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी बेहतर अवसर मिल सके।छात्रावासों का निरीक्षण और सुधारजिले में संचालित 34 छात्रावासों की स्थिति को लेकर मंत्री ने चिंता जताई और आदिवासी विकास आयुक्त को सभी छात्रावासों का व्यापक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में भोजन, स्वच्छता, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए और जहां भी कमी पाई जाए, उसे तत्काल दूर किया जाए।उचित मूल्य दुकानों में पारदर्शिता और राशन की उपलब्धताखाद्य विभाग को निर्देश देते हुए मंत्री ने कहा कि जिन उचित मूल्य दुकानों का संचालन लंबे समय से एक ही व्यक्ति के पास है, उन्हें बदलकर पात्र नए लोगों को अवसर दिया जाए। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संचालित सभी दुकानों का नियमित निरीक्षण किया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी दुकान में तीन महीने का राशन स्टॉक से कम न हो, और यदि कहीं कमी है तो तत्काल पूर्ति की जाए।स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के निर्देशस्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में मंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हों, इसके लिए विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही जनपद सीईओ को निर्देश दिए गए कि गांवों में बीपी (ब्लड प्रेशर) और शुगर की नियमित जांच के लिए अभियान चलाया जाए, जिससे समय रहते बीमारियों की पहचान हो सके।मनरेगा के तहत व्यापक पौधारोपण अभियानमनरेगा योजना के अंतर्गत मंत्री ने जून माह से पहले अधिक से अधिक पौधारोपण करने के निर्देश दिए। इसके लिए वनमण्डाधिकारी को भूमि चिन्हांकित कर तैयारी शुरू करने को कहा गया। उन्होंने बताया कि यह अभियान भविष्य में जल संकट से निपटने में सहायक होगा और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।कृषि क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने पर जोरकृषि विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने सोसायटियों में खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने किसानों को अरहर, तिवरा और चना जैसी कम पानी में होने वाली फसलों की खेती के लिए प्रेरित करने और इसके लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। तालाबों और मेड़ों के किनारे अरहर लगाने को बढ़ावा देने की बात कही गई। साथ ही किसानों को आधुनिक खेती तकनीकों का प्रशिक्षण देने और सब्जी उत्पादन को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि जिले की 19 नई सोसायटियों में बीज की कोई कमी नहीं होनी चाहिए।विद्युत व्यवस्था के विस्तार के निर्देशऊर्जा विभाग को निर्देशित करते हुए मंत्री ने मुख्यमंत्री शहरी विद्युतीकरण योजना के तहत सर्वे कराने को कहा। जहां भी बिजली के पोल या अन्य अधोसंरचना की आवश्यकता है, वहां तत्काल व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए, ताकि सभी क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।मंत्री श्री यादव ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि योजनाओं का क्रियान्वयन केवल कागजों या आंकड़ों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर योजना का असर जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए। किसी भी प्रकार की लापरवाही से विकट स्थिति उत्पन्न हो सकती है, इसलिए सभी अधिकारी जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।बैठक में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, जिपं. अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे, दुर्ग जनपद अध्यक्ष श्रीमती कुलेश्वरी देवांगन, नपा अध्यक्ष, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री विरेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश मिरी, एसडीएम पाटन श्री लवकेश ध्रुव, एसडीएम भिलाई-3 श्री महेश राजपूत, एसडीएम धमधा श्री सोनल डेविड, एसडीएम श्री उत्तम धु्रव, नगर निगम भिलाई आयुक्त श्री राजीव पाण्डेय, नगर निगम दुर्ग आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल, नगर निगम भिलाई चरोदा आयुक्त श्री दशरथ राजपूत, नगर निगम रिसाली आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, वनमंडलाधिकारी श्री दीपेश कपिल, सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारी, सीईओ सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- 12,500 पौधों के संरक्षण का जिम्मा संभाल रहीं हैं महिला समूहभिलाईनगर। केंद्र सरकार एवं शासन की महत्वाकांक्षी योजना 'वूमेन फॉर ट्री' के अंतर्गत नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। इस योजना के तहत निगम क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर 12,500 पौधों का रोपण किया गया है। इन पौधों के उचित रखरखाव, सुरक्षा और संवर्धन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निगम मुख्यालय में एक विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई।योजना का मुख्य उद्देश्य वृक्षारोपण को महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संचालित करना है, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं को स्वरोजगार और प्रबंधन से जोड़ा जा सके। रोपे गए 12,500 पौधों की उत्तरजीविता सुनिश्चित करने के लिए नियमित खाद, पानी और सुरक्षा घेरे की व्यवस्था पर जोर दिया गया। प्रत्येक क्षेत्र के समूहों को उनके द्वारा लगाए गए पौधों की देखरेख के लिए तकनीकी मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए गए।बैठक में निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्य योजना की बारीकियों पर चर्चा की ।अजीत कुमार तिग्गा मुख्य अभियंता ने पौधों की शत-प्रतिशत सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश दिए। वेशराम सिन्हा अधीक्षण अभियंता ने आधारभूत संरचना और सिंचाई की व्यवस्थाओं पर मार्गदर्शन दिया। तिलेश्वर साहू उद्यान अधिकारी ने तकनीकी पहलुओं और पौधों की किस्मों के अनुसार देखभाल के तरीके बताए। श्वेता महेश्वर उप अभियंता ने क्षेत्रवार महिला समूहों के समन्वय और डेटा प्रबंधन की जानकारी साझा की। मुख्य अभियंता श्री तिग्गा ने बैठक में स्पष्ट किया कि यह योजना केवल पौधा लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इन्हें वृक्ष बनाने की जिम्मेदारी हम सबकी है। महिला स्वयं सहायता समूहों को सक्रिय कर इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा।--
- -हॉकी और एथलेटिक्स खिलाड़ियों के लिए चयन ट्रायल 30 अप्रैल और 1 मई कोबिलासपुर । खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय खेल अकादमी में प्रवेश के लिए आज रायपुर के कोटा स्थित स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में तीरंदाजी, फुटबॉल और वेटलिफ्टिंग के 204 खिलाड़ियों के खेल कौशल का परीक्षण किया गया। आवासीय खेल अकादमी में प्रशिक्षण के लिए खिलाड़ियों का चयन मोटर एबिलिटी एवं खेल कौशल के आधार पर किया जाता है।चयन ट्रायल के तीसरे दिन 30 अप्रैल को हॉकी और एथलेटिक्स अकादमी में चयन के लिए खिलाड़ियों का पंजीयन, दस्तावेज सत्यापन, मेडिकल और दक्षता परीक्षण किया जाएगा। अगले दिन 1 मई को मापदंडों पर खरे उतरने वाले खिलाड़ियों के खेल कौशल का परीक्षण किया जाएगा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा चयन ट्रायल में भाग लेेने वाले खिलाड़ियों की सुविधा के लिए आवास, भोजन व मेडिकल सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
- बिलासपुर.। अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग टूर्नामेंट आईबीएफसी यूनिवर्सल कप-2026 में ज्ञानेश्वरी यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 53 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। समोआ के एपिया स्थित तुआनाईमाटो स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 25 अप्रैल से 2 मई तक अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता में 70 देशों के लगभग 500 खिलाड़ी एवं 200 अधिकारी शामिल हो रहे है। ज्ञानेश्वरी ने शानदार प्रदर्शन के साथ अपने ग्रुप में प्रथम स्थान हासिल कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। यह कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 के लिए क्वालीफिकेशन के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। ज्ञानेश्वरी इससे पहले जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल और सीनियर कॉमनवेल्थ में गोल्ड मेडल जीत चुकी है। गौरवशाली और प्रदेश का नाम रोशन करने वाली उपलब्धियों के लिए राज्य शासन द्वारा उन्हें गुण्डाधुर पुरस्कार प्रदान किया गया है। ज्ञानेश्वरी अभी छत्तीसगढ़ पुलिस में राजनांदगांव में कार्यरत है। अपने कोच श्री अजय लोहार विश्वकर्मा के प्रशिक्षण और मार्गदर्शन से ज्ञानेश्वरी इस मुकाम तक पहुंची है।
- -प्रयास विद्यालयों के विद्यार्थियों का सीजी बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन-10वीं एवं 12वीं में शत-प्रतिशत सफलता, मेरिट सूची में उल्लेखनीय स्थान-10वीं की छात्रा कु. दीपांशी ने 98.83 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया-प्रयास विद्यालयों के 13 विद्यार्थियों ने टॉप-10 में बनाई जगह-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और मंत्री श्री रामविचार नेताम ने दी बधाई और शुभकामनाएं-छत्तीसगढ़ के ‘प्रयास’ विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सीमित संसाधनों में रचा उत्कृष्टता का इतिहास: प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरारायपुर / छत्तीसगढ़ के आदिम जाति, अनुसूचित जाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग द्वारा संचालित ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालयों ने इस वर्ष छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में अभूतपूर्व सफलता हासिल कर न केवल प्रदेश बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी एक मिसाल कायम की है। विभाग के निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन में सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद इन विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट परिणाम देते हुए बड़े निजी स्कूलों को कड़ी टक्कर दी है। प्रयास विद्यालयों के 13 बच्चों ने सीजी बोर्ड परीक्षा के टॉप-10 में जगह बनाने में सफलता हासिल की है।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कुल 17 प्रयास विद्यालय संचालित है। जिसमें नक्सल प्रभावित बच्चों से लेकर सभी वर्गों के बच्चें अध्ययनरत है। प्रयास आवासीय विद्यालय के माध्यम से बच्चों को एक नई हौसला मिला है, जो उनके सपनों को साकार करने में सार्थक हो रही है। बतादें कि प्रयास विद्यालय के माध्यम से बच्चों को पूरी तरह निःशुल्क शिक्षा दी जाति है। साथ ही उच्चस्तर के कोचिंग संस्थाओं से प्रतियोगी परीक्षाओं एनआईटी, आईआईटी, नीट, जेईई एवं अन्य राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है।प्रयास विद्यालय के इस सफलता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने, आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, पिछड़ा वर्ग एवं अल्प कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रयास आवासीय विद्यालयों की अवधारणा की सार्थकता को प्रमाणित करती है। आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु किए गए सतत प्रयास की सराहना की हैं। प्रयास आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की यह उपलब्धि राज्य के लिए गौरव का विषय है तथा यह अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगी।प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद प्रयास विद्यालय के बच्चों ने सीजी बोर्ड की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। विभाग हमेशा बच्चों के शिक्षा के साथ-साथ नैतिक और व्यवहारिक शिक्षा देने के लिए प्रोत्साहित करती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे जनजाति बहुल राज्य के लिए यह उपलब्धि न केवल गौरव का विषय है, बल्कि यह दर्शाती है कि सही दिशा, समर्पण और अवसर मिलने पर प्रतिभा किसी भी बाधा को पार कर सकती है। यह सफलता शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रही है, जिसकी सराहना पूरे देश में हो रही है।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को बताया कि प्रदेश के 50 मेरिट छात्रों में से 13 विद्यार्थी प्रयास विद्यालय के है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस बात के लिए प्रसन्नता जाहिर करते हुए भविष्य में और बेहतर कार्य करने को कहा।श्री बोरा ने बताया कि हायर सेकेंडरी परीक्षा (कक्षा 12वीं) में प्रयास आवासीय विद्यालय के कुल 128 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। रायपुर स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय, गुडियारी की 19 छात्राओं ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। कोरबा जिले की छात्रा कु. रागिनी कंवर ने 95 प्रतिशत अंक अर्जित कर विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया। जीव विज्ञान विषय में दो छात्राओं द्वारा 100 में 100 अंक अर्जित किया जाना विशेष उपलब्धि है।हाईस्कूल परीक्षा (कक्षा 10वीं) में भी विद्यार्थियों का प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय रहा। कुल 119 छात्राओं में से 48 छात्राओं ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। गणित विषय में 6 विद्यार्थियों ने शत-प्रतिशत अंक अर्जित किए। कु. दीपांशी ने 98.83 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। अनुसूचित जाति वर्ग के प्रयास आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी टॉप 10 मेरिट सूची में 97.5 प्रतिशत अंकों के साथ स्थान अर्जित किया। उल्लेखनीय है कि हाईस्कूल परीक्षा की प्रावीण्य सूची में कुल 42 विद्यार्थियों में से 21 विद्यार्थी आदिम जाति विकास विभाग द्वारा संचालित एकलव्य एवं प्रयास आवासीय विद्यालयों के हैं। इनमें प्रयास आवासीय विद्यालय के 11 विद्यार्थियों ने स्थान प्राप्त किया है, जो विभागीय प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।
- दुर्ग। दुर्ग जिले के धमधा स्थित बजरंग चौक की रहने वाली छात्रा नम्रता यादव ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और दृढ़ संकल्प के आगे आर्थिक कठिनाइयाँ भी छोटी पड़ जाती हैं। सरस्वती शिशु मंदिर, धमधा की इस मेधावी छात्रा ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाई स्कूल परीक्षा 2026 में 92 प्रतिशत अंक (कुल 552) प्राप्त कर प्रथम श्रेणी में सफलता हासिल की और पूरे नगर का नाम रोशन किया।नम्रता के विषयवार अंक इस प्रकार हैं—हिंदी: 97,अंग्रेज़ी: 89,संस्कृत: 87,गणित: 97,विज्ञान: 86,सामाजिक विज्ञान: 96 अंकगणित और हिंदी में उनके उत्कृष्ट अंक उनकी मजबूत शैक्षणिक पकड़ को दर्शाते हैं।नम्रता का परिवार साधारण आय वर्ग से जुड़ा है। उनके पिता श्री धन्नुलाल यादव साइकिल से गांव-गांव जाकर छोटा व्यापार करते हैं, जबकि दादा जी श्री संतु यादव गाय चराकर एवं दूध बेचकर परिवार के भरण-पोषण में सहयोग करते हैं।सीमित संसाधनों के बावजूद नम्रता ने अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित रखा। परिवार के सहयोग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अपनी निरंतर मेहनत के बल पर उन्होंने यह सफलता अर्जित की।नम्रता की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय बन गई है। यह सफलता उन विद्यार्थियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदार हो, तो किसी भी परिस्थिति में सफलता प्राप्त की जा सकती है।उनके चाचा श्री राजू लाल यादव फोटोग्राफी के क्षेत्र में कार्यरत हैं, वहीं दूसरे चाचा श्री अनिल यादव ‘बबलू हिंद एथलेटिक्स क्लब’ के माध्यम से युवाओं को सेना में भर्ती के लिए निशुल्क प्रशिक्षण देकर समाज सेवा का कार्य कर रहे हैं।
- - खचाखच भरे संत ज्ञानेश्वर सभागृह में आयोजित संगीतमय कार्यक्रम में दो घंटे तक दर्शकों ने हर गाने पर बजाई तालियांरायपुर। आशा भोसले कितनी वर्सेटाइल गायिका थी, इसका उदाहरण आज फिर देखने को मिला, जब दर्शकों से खचाखच भरे महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में संगीत की हर विधा के गाने सुनने को मिले। हिंदी और मराठी के गाने ऐसे कि तालियों की गड़गड़ाहट आने वाली गायिकाओं को और भी प्रोत्साहित करती रही।कार्यक्रम में सुप्रिया शेष की ‘कजरा मोहब्बत वाला’ और अस्मिता कुसरे के ‘दो लफ्जों की है दिल की कहानी’ की सुरीली प्रस्तुतियों ने ऐसा माहौल बनाया कि करीब दो घंटे तक दर्शक अपनी सीटों पर जमे रहे। अंजलि कान्हे की मराठी गानों की प्रस्तुति ‘सांज ये गोकुळी’ और वैशाली जोशी की ‘रूपेरी वारूळ’ ने कार्यक्रम को नई ऊंचाई दी।आशा भोसले के गानों की बात हो और ‘जब छाए मेरा जादू’ (मंजिरी बक्षी) ‘जवानी जानेमन, हसीन दिलररूबा’ (अंकिता किरवई), ‘ये मेरा दिल प्यार का दिवाना’ (भारती पलसोदकर), ‘प्यार करने वाले प्यार करते हैं शान से’ (सुमिता रायजादा), दम मारो दम (मीना सोनी) का जिक्र न हो, ये कैसे हो सकता है। उमराव जान के गीत ‘दिल चीज क्या है आप मेरी जान लीजिए’ को मंडल के स्व. कुमुदिनी वरवंडकर रंगमंच पर आशीष शुक्ला ने प्रस्तुत कर वाहवाही बटोरी।इस तरह 21 गानों की 21 गायिकाओं की ओर से दी गई सुमधुर प्रस्तुतियों के इस कार्यक्रम को संगीतप्रेमी दर्शक लंबे समय तक याद रखेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत सफेद फूलों से सजे आशा भोसले की तस्वीर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ज्योति बाला नारापाराजू व विशिष्टि अतिथि चांदनी दुबे, सरिता नासरे, कुमुद लाड और कार्यक्रम के अध्यक्ष चेतन दंडवते ने माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन किया। साथी सभी वक्ताओं ने कार्यक्रम के आयोजन की सराहना करते हुए कहा ऐसे आयोजनों से नई प्रतिभाओं को आगे आने का मौका मिलता है और उनका आत्मविश्वास बढ़ता है।
- रायपुर। महिला मोर्चा की राष्ट्रीय मंत्री डॉ. अलका गुर्जर अपने एक दिवसीय प्रवास पर बुधवार को छत्तीसगढ़ पहुँचीं। इस दौरान स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने डॉ. अलका गुर्जर का स्वागत किया।
- रायपुर। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर बुधवार को अपने एक दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ पहुँचीं। इस दौरान राजधानी रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद विमानतल में महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती विभा अवस्थी ने उनका स्वागत किया। बिलासपुर की महापौर श्रीमती पूजा विधानी, प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रियंका गिरी एवं प्रदेश सह-संयोजक (प्रोटोकॉल) पुष्पेंद्र सिंह सहित भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता इस मौके पर मौजूद रहीं।
- -महिला उत्पीड़न मामलों की समीक्षा बैठक में प्रशासन और पुलिस को दिए सख्त निर्देशबिलासपुर / राष्ट्रीय महिला आयोग नई दिल्ली की अध्यक्षा श्रीमती विजया रहटकर ने आज बिलासपुर प्रवास के दौरान महिला सुरक्षा, उत्पीड़न और शिकायतों के निराकरण को लेकर समीक्षा बैठक ली। मंथन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह सहित महिला एवं बाल विकास, पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा और समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में जिले में महिलाओं से संबंधित अपराध, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, बाल विवाह, मानव तस्करी, टोनही प्रथा और सामाजिक बहिष्कार, साइबर अपराध और महिला हेल्पलाइन से जुड़े मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई। राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज के संवेदनशील और सुरक्षित वातावरण से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने महिला उत्पीड़न के मामलों में त्वरित कार्रवाई, समयबद्ध जांच और पीड़िताओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। श्रीमती रहटकर ने अधिकारियों से कहा कि महिला शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। थानों और संबंधित विभागों में महिला प्रकरणों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने तथा पीड़ित महिलाओं को कानूनी एवं मनोवैज्ञानिक सहयोग उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जिले में महिला सुरक्षा हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं, वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन, मिशन शक्ति और जागरूकता अभियानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत हर माह मिलने वाली राशि से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने बताया कि महिला अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस द्वारा नियमित निगरानी, त्वरित शिकायत पंजीयन और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष गश्त की जा रही है।बैठक के अंत में राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष ने अधिकारियों को महिला सुरक्षा के प्रति और अधिक सजग एवं उत्तरदायी होकर कार्य करने के निर्देश दिए तथा कहा कि महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और न्यायपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना शासन-प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पुलिस विभाग द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग चेतना अभियान पर आधारित लघु फिल्म का अवलोकन किया और इसकी प्रशंसा की। श्रीमती रहटकर ने आयोग की तेरे मेरे सपने योजना को जिले में लागू करने का सुझाव दिया। इसके तहत एक केंद्र में बैठकर विवाह पूर्व युवक युवतियों के आपसी समझ को बढ़ाने के लिए परामर्श दिया जाएगा। आयोग द्वारा पूरे देश में ऐसे 100 सेंटर पिछले एक साल में खोले गए हैं। श्रीमती रहटकर ने जिले की बिहान समूह की चुनिंदा लखपति दीदियों और सफल महिला उद्यमियों से चर्चा की और उनका हौसला बढ़ाया। निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल,जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेश सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
- - ‘यशोदा एआई’ प्रशिक्षण से स्व सहायता समूह की महिलाओं को डिजिटल दक्षता की मिलेगी नई दिशा- दीदियों ने कहा प्रशिक्षण से खुलेंगे अवसरों के नए रास्तेबिलासपुर /राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा जल संसाधन विभाग के प्रार्थना सभाकक्ष में स्व सहायता समूह की महिलाओं (दीदियों) को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से ‘यशोदा एआई’ प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल के माध्यम से महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती पूजा विधानी एवं एडिशनल एसपी सुश्री रश्मित कौर चावला, आयोग के डिप्टी डायरेक्टर श्री रामअवतार सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में स्व सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं।इस अवसर पर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर ने समूह की दीदियों को संबोधित करते हुए कहा कि महिला आयोग द्वारा अब तक 31 कार्यशालाओं का आयोजन किया जा चुका है, जिनमें हजारों स्व सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं स्व सहायता समूहों के माध्यम से लगातार आगे बढ़ रही हैं और अपने परिवार की जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही हैं। यह कार्यक्रम केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि सतत संवाद और महिला सशक्तिकरण का एक सशक्त माध्यम है। अध्यक्ष ने कहा कि डिजिटल युग में महिलाओं का तकनीक से जुड़ना अत्यंत आवश्यक है। डिजिटलाइजेशन के माध्यम से महिलाएं अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाकर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकती हैं। ‘यशोदा एआई’ प्रशिक्षण के जरिए उन्हें उत्पादों की मार्केटिंग, टैगलाइन और डिजाइन तैयार करने सहित तकनीकी जानकारी प्रदान की जा रही है, जिससे उनके व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी।कार्यक्रम में समूह की दीदियों ने अपने विचार एवं अनुभव साझा किए तथा प्रशिक्षण के दौरान अपनी जिज्ञासाओं को भी रखा, जिनका विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया। प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें डिजिटल माध्यमों के उपयोग की व्यावहारिक जानकारी मिली है, जो उनके कार्यों में सहायक होगी। कार्यशाला में प्रशिक्षकों द्वारा ‘यशोदा एआई’ का प्रशिक्षण बारीकी से प्रदान किया गया, जिससे प्रतिभागियों को विषय की गहन समझ मिल सकी। महिलाओं को डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में प्रेरित करते हुए उन्हें तकनीक के प्रभावी उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया।
- -58 प्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देशबिलासपुर / राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर की उपस्थिति में आज जल संसाधन विभाग परिसर स्थित प्रार्थना सभा कक्ष में महिला जनसुनवाई का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।जनसुनवाई के दौरान घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर उत्पीड़न, दहेज प्रताड़ना, संपत्ति विवाद, साइबर अपराध, पारिवारिक विवाद तथा सामाजिक उत्पीड़न से जुड़े कुल 58 प्रकरण प्राप्त हुए। राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष ने पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित मामलों में शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्राप्त प्रकरणों को आवश्यक कार्रवाई हेतु संबंधित विभागों, पुलिस विभाग, नवा बिहान, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महिला थाना एवं सखी वन स्टॉप सेंटर को हस्तांतरित किया गया। साथ ही सभी प्रकरणों में की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन तैयार कर राष्ट्रीय महिला आयोग को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए गए। श्रीमती रहाटकर ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान किया जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।
- - सड़क दुर्घटना में युवक की मौत, परिजनों ने सहायता राशि की लगाई गुहार- जनदर्शन में प्राप्त हुए 117 आवेदनदुर्ग / जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुँचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुँचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन एवं डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव भी उपस्थित थे। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 117 आवेदन प्राप्त हुए।इसी कड़ी में जिले के निजी स्कूलों की बढ़ती फीस और गर्मी छुट्टी का भी शुल्क लिए जाने के कारण अभिभावकों ने शिकायत की। अभिभावकों ने बताया कि निजी स्कूल बिना स्पष्ट कारण हर साल 700 से 1000 रुपये प्रतिमाह तक फीस बढ़ा देते हैं, जिससे सालाना बोझ 10 से 12 हजार रुपये तक बढ़ जाता है। इससे मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। निजी स्कूलों द्वारा हर साल फीस बढ़ाने की प्रक्रिया से सभी अभिभावक परेशान है। अभिभावकों ने मांग की है कि निजी स्कूलों को फीस बढ़ाने से पहले शासन से अनुमति लेना अनिवार्य किया जाए और शुल्क वृद्धि के स्पष्ट कारण बताए जाएं। साथ ही, अवकाश अवधि में फीस वसूली पर रोक लगाने की मांग भी की। इस पर कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।ग्राम पंचायत अमलीडीह की सरपंच ने जल संकट से निदान पाने के लिए खारून नदी पानी लाने की मांग की। उन्होंने बताया कि जिले के ग्राम पंचायत अमलीडीह में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। गांव में पानी टंकी का निर्माण होने के बावजूद बोरवेल से पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र की जमीन सूखी होने के कारण जल उपलब्धता नहीं हो पा रही है, जिससे पूरे गांव में पानी की समस्या बनी हुई है। उन्होंने खारून नदी से पाइपलाइन के माध्यम से पानी लाकर पंचायत की टंकी में आपूर्ति कराने की मांग की, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। इस पर कलेक्टर ने पीएचई को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।बोरसी निवासी पिता ने अपने पुत्र की सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने के बाद आर्थिक सहायता की मांग की। पिता ने बताया कि उनके पुत्र की मोटरसाइकिल दुर्घटना में मौके पर ही मृत्यु हो गई। एक वाहन चालक ने उनके पुत्र को टक्कर मार दी। गंभीर चोट लगने के कारण युवक ने घटना स्थल पर ही दम तोड़ दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गया है, जिससे परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है। इस पर कलेक्टर ने एसडीएम दुर्ग को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
- - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक सम्पन्नरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास को लेकर व्यापक चर्चा की गई और अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर, जो भौगोलिक रूप से केरल से भी बड़ा क्षेत्र है, दशकों तक विकास से वंचित रहा, लेकिन अब वहां योजनाओं का तीव्र विस्तार हो रहा है और विकास की नई धारा स्थापित हो रही है।मुख्यमंत्री ने जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देवगुड़ी और सरना स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अवैध अतिक्रमण को रोकने के लिए प्रभावी और कड़े कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि “धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना” के माध्यम से प्रदेश के 6600 गांवों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ की जा रही हैं, जबकि पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 32 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।बैठक में “नियद नेल्ला नार योजना” की उल्लेखनीय सफलता पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने इसके अगले चरण के रूप में “नियद नेल्ला नार 2.0” को शीघ्र लागू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस उन्नत पहल के माध्यम से सुदूर अंचलों में बिजली, पानी, सड़क और राशन जैसी मूलभूत सुविधाओं का और अधिक विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना” के तहत 36 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच का कार्य निरंतर प्रगति पर है।मुख्यमंत्री श्री साय ने जनजातीय भूमि के दीर्घकालीन लीज पर दोहन के मामलों की जांच के निर्देश दिए। साथ ही कोरवा और संसारी उरांव जातियों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल किए जाने के प्रस्ताव को शीघ्र केंद्र सरकार को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए।शिक्षा और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री साय ने छात्रावासों की सीट वृद्धि, उनके बेहतर रखरखाव तथा शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने नक्सल मुक्त क्षेत्रों में बच्चों के लिए त्वरित शिक्षण व्यवस्था विकसित करने और खुले में कक्षाएं संचालित न करने के स्पष्ट निर्देश दिए।अम्बिकापुर नेशनल हाईवे के निर्माण में हो रही धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही बरसात के दौरान कटने वाले मार्गों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया।आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री एवं परिषद के उपाध्यक्ष रामविचार नेताम ने कहा कि बस्तर, सरगुजा सहित प्रदेश के दूरस्थ जनजातीय अंचलों में लंबे समय तक नक्सलवाद विकास की सबसे बड़ी बाधा बना रहा। बीते चार दशकों की इस चुनौती से मुक्ति मिलने के बाद अब इन क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी एवं तेज क्रियान्वयन संभव हो सका है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि अब जनजातीय समुदाय तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है और उन्हें आगे बढ़ने के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।श्री नेताम ने यह भी बताया कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद योजनाओं का जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ है। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए स्वीकृत योजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से संवेदनशील मुद्दों का त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने पर विशेष बल दिया।उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के बसाहटों तक अब बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच रही हैं। साथ ही नए छात्रावासों के निर्माण से दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिल रहा है, जिससे उनके समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वनमंत्री श्री केदार कश्यप, बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी, सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री प्रणव मरपच्ची, विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, विधायक श्री चैतराम अटामी, विधायक श्री विक्रम उसेंडी, विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा, विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, विधायक श्री आशाराम नेताम, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम सहित विभिन्न विभागों के सचिव एवं परिषद के सदस्य उपस्थित थे।
- -राज्यसभा सांसद श्रीमती वर्मा ने साधा निशाना : कांग्रेस का ‘लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ’ का नारा सिर्फ चुनावी ढोंग-‘बिलासपुर जिले की ब्लॉक कमेटियों में महिलाओं की उपेक्षा से कांग्रेस का राजनीतिक पाखण्ड उजागर’रायपुर। राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने बिलासपुर जिले में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी के गठन पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस नेतृत्व को आड़े हाथों लिया है। श्रीमती वर्मा ने कहा कि जो पार्टी अपने संगठन के भीतर महिलाओं को तय मापदण्ड के अनुसार जगह नहीं दे सकती, वह देश और प्रदेश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी क्या सुनिश्चित करेगी?राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि बिलासपुर जिले के 11 ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों की सूची कांग्रेस के दोहरे चरित्र का प्रमाण है। कांग्रेस ने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि संगठन में 30 प्रतिशत पदों पर महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, लेकिन वास्तविकता यह है कि महिलाओं को मात्र 13 प्रतिशत पदों पर ही सीमित कर दिया गया है। 341 पदाधिकारियों की सूची में केवल 43 महिलाओं को स्थान मिलना यह दर्शाता है कि कांग्रेस की कथनी और करनी में कितना बड़ा अंतर है! श्रीमती वर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी मंचों से महिलाओं के सशक्तीकरण की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं और ‘लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ’ जैसे लुभावने नारे देते हैं; लेकिन जब संगठन में जिम्मेदारी देने की बारी आती है, तो महिलाओं को हाशिए पर धकेल दिया जाता है। जो पार्टी अपने संगठन में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण नहीं दे पा रही, वह लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के प्रति कितनी ईमानदार होगी, यह प्रदेश की जनता देख रही है।राज्यसभा सांसद श्रीमती वर्मा ने कहा कि यह और भी दुर्भाग्यपूर्ण है कि सूची में जिन महिलाओं को स्थान मिला है, उन्हें भी केवल कार्यकारिणी सदस्य के तौर पर पर रखा गया है, प्रभावशाली और निर्णायक भूमिका वाले पदों से महिलाओं को दूर रखकर कांग्रेस ने साबित कर दिया है कि वह महिलाओं को केवल ‘वोट बैंक’ समझती है, नेतृत्व का अवसर देने में उसकी कोई दिलचस्पी नहीं है। श्रीमती वर्मा ने कहा कि कांग्रेस का यह महिला विरोधी दृष्टिकोण छत्तीसगढ़ की माताएँ-बहनें देख रही हैं। पंचायती राज में महिलाओं को आगे बढ़ाने का श्रेय लेने वाली कांग्रेस आज खुद अपने संगठन में महिलाओं को अपमानित कर रही है। आने वाले समय में प्रदेश की महिलाएँ कांग्रेस के इस राजनीतिक पाखण्ड और छलावे का मुँहतोड़ जवाब देंगीं।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में बेहतर और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अतिउच्चदाब उपकेंद्रों में निरंतर क्षमता विस्तार का कार्य कर रही है। इसी कड़ी में छूरीखुर्द 132 केव्ही उपकेंद्र में 40 एमवीए क्षमता का अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया गया है। लगभग 4.31 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण इस कार्य से क्षेत्र की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।इस ट्रांसफार्मर के शुरू होने से कोरबा जिले के कटघोरा-पाली स्थित छुरीखुर्द 132 केव्ही उपकेंद्र से जुड़े करीब 50 गांवों के उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। अब किसानों को सिंचाई के समय बेहतर वोल्टेज मिलेगा, घरेलू उपभोक्ताओं को बार-बार होने वाले वोल्टेज उतार-चढ़ाव और बाधित आपूर्ति से राहत मिलेगी, वहीं छोटे व्यवसायों को भी सुचारु रूप से संचालन में सुविधा होगी।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने स्विच दबाकर ट्रांसफार्मर का शुभारंभ किया। उन्होंने ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप कंपनी ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए विश्वसनीय बिजली आपूर्ति अत्यंत आवश्यक है। किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं और छोटे उद्यमियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लगातार उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। आने वाले समय में भी इसी तरह के कार्यों के माध्यम से बिजली आपूर्ति को और सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली मिल सके। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (उपकेंद्र) श्रीमती कल्पना घाटे, अधीक्षण अभियंता श्री व्ही.बी.एस. कंवर, श्री रवि चंद्राकर, श्री डी.एस. पटेल, कार्यपालन अभियंता श्री एस.सी. भगत, श्री नवीन केरकेट्टा, श्री प्रवीण कुमार ठाकुर, श्री अजय कंवर, श्री जी.आर. जायसवाल, सहायक अभियंता श्री असीम मिश्रा, श्री विजय पात्रे, श्री बसंत टोप्पो सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -साय सरकार की 'बिजली बिल समाधान योजना' बनी अनाथ बेटी का संबलरायपुर / बस्तर के घने जंगलों के बीच बसे छोटे से गांव बालेंगा में रहने वाली पद्मा कश्यप के लिए बीते कुछ साल अंधेरे और अनिश्चितता से भरे थे। लेकिन आज पद्मा के चेहरे पर मुस्कान है और उसके छोटे से घर में उम्मीदों का उजाला है। यह बदलाव आया है मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की ‘बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026’ से।पद्मा की कहानी संघर्ष और धैर्य की दास्तां है। कम उम्र में ही माता-पिता का साया सिर से उठ जाने के बाद पद्मा घर में अकेली रह गईं। आय का कोई स्थायी जरिया नहीं था और जीवन की बुनियादी जरूरतें पूरी करना ही एक बड़ी चुनौती थी। इसी तंगहाली के बीच घर का बिजली बिल बकाया होते-होते 9,000 रुपये तक जा पहुँचा। एक अनाथ बेटी के लिए, जिसे दो वक्त की रोटी के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा हो, इतनी बड़ी राशि चुकाना नामुमकिन था। बिल न पटा पाने के कारण घर की बिजली कटने की कगार पर थी और पद्मा का भविष्य अंधेरे की ओर बढ़ रहा था।जब पद्मा को राज्य सरकार की बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के बारे में पता चला, तो उसे उम्मीद की एक किरण दिखाई दी। योजना के तहत पद्मा के मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उन्हें बकाया बिल पर 4,000 रुपये की सीधी राहत प्रदान की गई। यह केवल पैसों की छूट नहीं थी, बल्कि एक अनाथ बेटी को यह अहसास कराना था कि उसकी सरकार उसके साथ खड़ी है। इस सहायता के बाद पद्मा अपना शेष बकाया चुकाने में सक्षम हुईं और उनके घर की बिजली कटने से बच गई।अपनी खुशी साझा करते हुए पद्मा कहती हैं— "जब बिल 9 हजार हो गया था, तो मुझे लगा अब कभी घर में उजाला नहीं होगा। लेकिन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की योजना ने मुझे सहारा दिया। 4 हजार की छूट मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। आज मेरा घर फिर से रोशन है और इसके लिए मैं मुख्यमंत्री जी को दिल से धन्यवाद देती हूँ।"पद्मा कश्यप की यह कहानी छत्तीसगढ़ के उन हजारों परिवारों का प्रतिनिधित्व करती है, जो आर्थिक तंगी के कारण बुनियादी सुविधाओं से वंचित हो रहे थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की यह नीति दर्शाती है कि शासन का लक्ष्य केवल विकास नहीं, बल्कि 'अंत्योदय' यानी अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की सेवा है।बस्तर के सुदूर वनांचल में जलता पद्मा के घर का वह बल्ब आज केवल बिजली से नहीं, बल्कि सरकार के प्रति अटूट विश्वास से चमक रहा है।
- -17 मरीज रेफर, 14 आयुष्मान कार्ड, 11 को मुफ्त चश्मा, स्वास्थ्य बस्तर अभियान की बड़ी सफलतारायपुर / स्वास्थ्य बस्तर अभियान के तहत सुकमा जिले में एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है, जहां दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्र के मरीज को बेहतर इलाज दिलाने के लिए स्वास्थ्य टीम ने सराहनीय प्रयास किया। कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन तथा मार्गदर्शन में पोटकपल्ली स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुटेपढ़ गांव से मरीज को पहले किस्टाराम और फिर जिला अस्पताल सुकमा तक पहुंचाया। इस दौरान मरीज ने कुल 310 किलोमीटर का लंबा सफर तय किया, जिससे समय पर उपचार संभव हो सका।यह सफलता सतत स्क्रीनिंग, प्रभावी काउंसलिंग, समय पर रेफरल और मजबूत फॉलो-अप व्यवस्था के कारण संभव हो पाई। सेक्टर मेडिकल ऑफिसर के समन्वय और स्वास्थ्य कर्मियों की मेहनत ने इस अभियान को और अधिक प्रभावी बना दिया। दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।अभियान के अंतर्गत किस्टाराम और मरईगुड़ा के अंदरूनी गांवों से कुल 17 मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। इनमें से 14 मरीजों के आयुष्मान कार्ड मौके पर बनाकर प्रिंट किए गए, ताकि इलाज के दौरान आर्थिक परेशानी न हो। वहीं 2 अस्थमा और 2 पैरों में सूजन से पीड़ित मरीजों को विशेष जांच और उपचार के लिए भेजा गया।इसके साथ ही कोंटा क्षेत्र से आए मरीजों की आंखों की जांच कर 11 मरीजों को निःशुल्क चश्मा वितरित किया गया, जबकि मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों को ऑपरेशन की सलाह दी गई। मरईगुड़ा सेक्टर और पोटकपल्ली टीम के स्वास्थ्य कर्मियों के प्रयासों ने यह साबित कर दिया कि स्वास्थ्य बस्तर अभियान दूरस्थ क्षेत्रों के लिए वास्तव में जीवनदायी पहल बनकर उभर रहा है।
- -प्रतिमाह कमा रहीं 8 से 10 हजार रूपये-सुकमा में 4 सेवा एक्सप्रेस के माध्यम से 5500 से अधिक महिलाएं बनी लखपति दीदीरायपुर /जिले के कोंटा विकासखंड अंतर्गत नियद नेल्लानार ग्राम पोलमपल्ली की श्रीमती करतम सविता ने यह साबित कर दिया है कि यदि मेहनत को शासन की सही योजनाओं का साथ मिल जाए, तो ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का रास्ता आसान हो जाता है। जिला सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में संचालित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और ‘लखपति दीदी’ अभियान से जुड़कर सविता ने मजदूरी के जीवन से बाहर निकलते हुए अपने परिवार के लिए सम्मानजनक और स्थायी आय का साधन तैयार किया है।करतम सविता बताती हैं कि पहले उनका परिवार मजदूरी और छोटे-मोटे कामों पर निर्भर था, जिससे आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर बनी रहती थी। लेकिन ‘प्रिया स्व-सहायता समूह’ से जुड़ने के बाद उन्हें नई दिशा मिली। समूह के माध्यम से 60 हजार रुपये का ऋण लेकर उन्होंने ‘कृति किराना स्टोर’ की शुरुआत की, जिससे आज उनका परिवार आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है और गांव में उनकी पहचान एक सफल महिला उद्यमी के रूप में बन गई है।आज सविता की किराना दुकान से सालाना 1 से 2 लाख रुपये तक की शुद्ध आय अर्जित कर रही हैं। यह आय केवल आर्थिक लाभ नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और परिवार की खुशहाली का आधार बन गई है। सविता बताती हैं कि अब उन्हें रोज़गार के लिए भटकना नहीं पड़ता, बल्कि दुकान से नियमित आमदनी होती है और परिवार में सुख-शांति के साथ समृद्धि आई है। उनके व्यवसाय में परिवार के सभी सदस्य सहयोग करते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई और भविष्य भी सुरक्षित हो रहा है।कलेक्टर श्री अमित कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं ‘लखपति दीदी’ अभियान के माध्यम से जिले की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में नवाचार पहल के तहत दूरस्थ अंचलों की महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ने के लिए 4 सेवा एक्सप्रेस संचालित की जा रही है, जिसके माध्यम से अब तक लगभग साढ़े 5 हजार महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ के रूप में आत्मनिर्भर बनाया गया है, जो जिले के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि है। लखपति दीदी योजना महिलाओं को केवल आर्थिक संबल ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और एक नई पहचान भी प्रदान कर रही हैं।अपनी सफलता पर खुशी जताते हुए श्रीमती सविता ने कहा कि शासन की योजनाओं ने ग्रामीण महिलाओं के सपनों को पंख दिए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और ‘लखपति दीदी’ अभियान जैसी पहल ने उन्हें मजदूरी छोड़कर अपना व्यवसाय स्थापित करने का अवसर दिया। आज वे गर्व से कहती हैं कि वे आत्मनिर्भर हैं और उनके जैसे अनेक ग्रामीण महिलाएं शासन की योजनाओं से नई पहचान बना रही हैं।
- -पैदल और हाथों से उठाकर नेटवर्क क्षेत्र तक लाया गया, 108 एम्बुलेंस से पखांजूर, फिर जीएमसी कांकेर रेफररायपुर। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कांकेर की रिपोर्ट के अनुसार, एक गंभीर रूप से बीमार मरीज को अत्यंत दुर्गम क्षेत्र बिनागुंडा से कठिन परिस्थितियों में निकालकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। बिनागुंडा गांव अत्यंत दूरस्थ क्षेत्र में स्थित है, जहां न तो सड़क संपर्क उपलब्ध है और न ही मोबाइल नेटवर्क की सुविधा। यह इलाका हाल ही में कैंप स्थापित होने के बाद पहुंच में आया है और कांकेर जिले की सीमा से लगा हुआ है।रिपोर्ट के अनुसार, मरीज की तबीयत अचानक 22 अप्रैल 2026 को बिगड़ गई थी। प्रारंभ में परिजनों ने स्थानीय बैगा (पारंपरिक वैद्य) से उपचार कराया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं होने पर मरीज को अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया गया।गांव में सड़क और संचार सुविधा के अभाव के चलते परिजनों ने मरीज को पैदल और हाथों से उठाकर उस स्थान तक पहुंचाया, जहां मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध था। वहां से 108 एम्बुलेंस सेवा को सूचना दी गई। इसके बाद मरीज को पहले नजदीकी कैंप तक लाया गया और फिर 108 एम्बुलेंस के माध्यम से पाखांजूर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने मरीज की स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर जांच एवं इलाज के लिए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय (GMC) कांकेर रेफर किया है।स्वास्थ्य विभाग तथा जिला प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश जारी किए हैं।
- रायपुर । उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने कवर्धा की होनहार छात्रा रिया केशरवानी को कक्षा दसवीं बोर्ड परीक्षा में प्रदेश स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर दूरभाष के माध्यम से बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने रिया की इस उत्कृष्ट उपलब्धि को पूरे जिले के लिए गर्व का विषय बताया।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने छात्रा रिया केशरवानी के साथ-साथ उनके माता-पिता, परिजनों तथा विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी इस सफलता के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि रिया की यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करेगी।उल्लेखनीय है कि स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, कवर्धा की छात्रा रिया केशरवानी ने 600 में से 593 अंक प्राप्त कर 98.83 प्रतिशत के साथ प्रदेश की मेरिट सूची में द्वितीय स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि उनकी मेहनत, लगन और समर्पण का परिणाम है।उप मुख्यमंत्री ने रिया के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली छात्र-छात्राएं प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं और शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छूने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
- -ड्रोन निगरानी से अवैध खनन पर हुआ कड़ा प्रहार-हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरा, नाइट विजन और एआई प्रणाली से लैस ड्रोन से होती है व्यापक और सटीक निगरानी-ड्रोन तकनीक ने बढ़ाई कार्रवाई की गति और सटीकता-ड्रोन की मदद से कांकेर जिले में हुई बड़ी कार्रवाई, पोकलेन मशीन और हाईवा जप्तरायपुर // मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर लगाम कसने के लिए तकनीक और नवाचार का सहारा लेते हुए एक बड़ी और निर्णायक पहल की है। इसी कड़ी में अब खनन क्षेत्रों में ड्रोन से निगरानी की शुरुआत कर दी गई है, जो राज्य में कानून व्यवस्था, खनिज संसाधन की सुरक्षा तथा राजस्व संरक्षण की दिशा में अहम कदम साबित हो रहा है।राज्य सरकार की स्पष्ट मंशा है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को जड़ से खत्म किया जाए। आधुनिक तकनीकों के उपयोग से अब खनन क्षेत्रों में रियल टाइम निगरानी संभव हो सकेगी, जिससे अवैध उत्खनन, परिवहन और संबंधित गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। यह कदम न केवल राजस्व हानि को रोकेगा, बल्कि अवैध कारोबार में लिप्त तत्वों के लिए कड़ा संदेश भी साबित होगा। खनिज विभाग का मैदानी अमला पहले से ही अवैध खनन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर रहा था, लेकिन अब ड्रोन तकनीक के जुड़ने से इस कार्रवाई की गति और सटीकता दोनों बढ़ेंगी। ड्रोन से लगभग 5 किलोमीटर तक की रेंज और 120 मीटर तक ऊंचाई से निगरानी की क्षमता के चलते बड़े और दुर्गम भौगोलिक क्षेत्रों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। ड्रोन के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पहचान कर मौके पर कार्रवाई की जा सकेगी, जिससे अवैध गतिविधियों में संलिप्तों के बच निकलने की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी।खनिज विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन में उच्च-रिज़ॉल्यूशन कैमरा, नाइट विजन और एआई आधारित विश्लेषण प्रणाली जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं, जो व्यापक और सटीक निगरानी सुनिश्चित करती हैं। इसके जरिए बड़े और दुर्गम खनन क्षेत्रों पर भी आसानी से नजर रखी जा सकती है।यह पहल स्पष्ट संकेत देती है कि राज्य सरकार अवैध खनन के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। सरकार का यह साहसिक निर्णय न केवल कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेगा, बल्कि खनिज संसाधनों के संरक्षण और पारदर्शी राजस्व व्यवस्था को भी मजबूत करेगा। ड्रोन निगरानी की यह नई व्यवस्था राज्य में सुशासन और तकनीकी नवाचार का मजबूत उदाहरण बनकर उभर रही है।इसी कड़ी में 29 अप्रैल 2026 को जिला कांकेर के तहकापार रेत खदान क्षेत्र में ड्रोन तकनीक का उपयोग करते हुए सघन निगरानी और छापामार कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान अवैध उत्खनन और परिवहन में संलिप्त वाहनों एवं उपकरणों की पहचान की गई। ड्रोन निगरानी शुरू होते ही अवैध गतिविधियों में शामिल लोग अपने वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए।इसके बाद केंद्रीय उड़नदस्ता दल और कलेक्टर (खनिज शाखा) के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए महानदी के किनारे भूईगांव की सीमा पर विशेष अभियान चलाकर एक चेन माउंटेन पोकलेन मशीन जेसीबी (215 एलसी) तथा एक हाईवा (क्रमांक CG08AV0975) जब्त किया गया।
- रायपुर । राष्ट्रीय महत्व का व्यापक अभियान जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का फील्ड कार्य 01 मई से 30 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस संबंध में तैयारियों, व्यवस्थाओं एवं क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा जनगणना निदेशक श्री कार्तिकेय गोयल द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला कलेक्टरों, नगर निगम आयुक्तों एवं प्रमुख जनगणना अधिकारियों के साथ की गई।बैठक में गृह विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के अधिकारी भी उपस्थित रहे। जनगणना निदेशक श्री कार्तिकेय गोयल ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का व्यापक अभियान है, जिसके माध्यम से देश की जनसंख्या, आवासीय स्थिति एवं सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों का सटीक आकलन किया जाता है, तथा मकान सूचीकरण एवं गणना इसकी आधारशिला है।जनगणना निदेशक श्री कार्तिकेय गोयल ने निर्देशित किया कि सभी जिलों में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का समुचित प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए। फील्ड कार्य के दौरान डेटा संग्रहण की विधि, डिजिटल उपकरणों के उपयोग तथा संभावित चुनौतियों के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी क्षेत्र गणना कार्य से न छूटे और न ही किसी क्षेत्र का दोहराव हो।बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को फोटोयुक्त पहचान-पत्र जारी किए जाएं, ताकि आम नागरिकों में किसी प्रकार का भ्रम न रहे। इसके अतिरिक्त नगरीय निकायों एवं उनसे सटे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित बड़ी आवासीय कॉलोनियों एवं अपार्टमेंट्स में जनगणना कार्य के सुचारू संचालन हेतु आवासीय कल्याण समितियों को आवश्यक निर्देश जारी करने पर भी बल दिया गया।जनगणना निदेशक श्री कार्तिकेय गोयल ने कहा कि इस बार जनगणना के आंकड़े मोबाइल एप के माध्यम से एकत्र किए जा रहे हैं, अतः प्रत्येक प्रविष्टि को अत्यंत सावधानीपूर्वक दर्ज किया जाए। किसी भी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही भविष्य की नीतियों एवं योजनाओं को प्रभावित कर सकती है, इसलिए इस कार्य में उच्च स्तर की जिम्मेदारी एवं सतर्कता आवश्यक है।मॉनिटरिंग एवं त्वरित समस्या समाधानकार्य की नियमित निगरानी हेतु प्रभावी मॉनिटरिंग तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए गए तथा यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या या बाधा उत्पन्न होने पर उसका त्वरित समाधान किया जाए।जनजागरूकता के महत्व पर बल देते जीहुए जनगणना निदेशक श्री कार्तिकेय गोयल ने निर्देशित किया कि स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया एवं जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से आम नागरिकों को जनगणना के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि वे स्वेच्छा से सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें। साथ ही सोशल मीडिया की सतत निगरानी कर किसी भी प्रकार की जाभ्रामक सूचना या फेक न्यूज का तत्काल खंडन किया जाए। नागरिकों की सुविधा के लिए टोलफ्री नंबर 1855 पर संपर्क की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है।अंत में, जनगणना निदेशक श्री कार्तिकेय गोयल ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे पूर्ण समर्पण, समन्वय एवं उत्तरदायित्व के साथ इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व का निर्वहन करें तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य को सफलतापूर्वक पूर्ण करें।
- -आवेदन की अंतिम तिथि 29 मई तकरायपुर /संचालनालय कोष, लेखा एवं पेंशन के आदेशानुसार आगामी लेखा प्रशिक्षण सत्र जुलाई 2026 से अक्टूबर 2026 के लिये 01 मई 2026 से 29 मई 2026 के मध्य की अवधि में आवेदन पत्र स्वीकार किये जायेंगें।इस तिथि के पूर्व एवं पश्चात प्राप्त आवेदन- पत्रों पर विचार नही किया जाएगा। निर्धारित प्रपत्र में आवेदन पत्र ही मान्य होगा। प्राचार्य शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला से मिली जानकारी के अनुसार लेखा प्रशिक्षण सत्र जुलाई 2026 से अक्टूबर 2026 के लिए 3 वर्ष की नियमित सेवा पूरी कर चुके लिपिक वर्गीय कर्मचारी अपने कार्यालय प्रमुख के माध्यम से निर्धारित प्रपत्र में के आवेदन पत्र भेज सकते है। यह आवेदन शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला,नगर घड़ी चौक रायपुर को 29 मई 2026 तक कार्यालयीन समय में प्राप्त हो जाना चाहिए।मानक आवेदन पत्र पर ही आवेदन स्वीकार किये जायेंगें। आवेदन जिस सत्र के प्रशिक्षण हेतु किया गया है, उस सत्र के लिये ही मान्य होगा। पूर्व प्रचलित आवदेन पत्र स्वीकार नही किये जायेगें। आवेदन पत्र के साथ अन्य आवश्यक सुसंगत दस्तावेज संलग्न होना चाहिए। आवेदन का निर्धारित प्रारूप एवं निर्देश रायपुर संभाग के समस्त जिला कोषालयों के सूचना पटल पर अवलोकन किये जा सकते हैं।





















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