- Home
- छत्तीसगढ़
- रायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने, मिट्टी की सेहत सुधारने और लोगों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के लिए प्राकृतिक खेती और मिलेट्स (मोटे अनाजों) की खेती को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। यह मिट्टी की उर्वरता को लंबे समय तक बनाए रखती है, पानी बचाती है और उपभोक्ता को जहरीले-मुक्त रसायन वाले खाद्य उत्पाद देती है। इसमें बाहर से महंगी खाद या कीटनाशक खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे किसानों की खेती की लागत काफी कम हो जाती है और मुनाफा बढ़ता है।दंतेवाड़ा जिले में “खेत बचाओ अभियान”प्रारंभकृषि भूमि की उर्वरता को संरक्षित करने, किसानों की लागत कम करने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दंतेवाड़ा जिले में “खेत बचाओ अभियान”प्रारंभ किया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा तैयार इस रणनीतिक कार्ययोजना का उद्देश्य मिट्टी के स्वास्थ्य का पुनर्जीवन, जल संरक्षण, पारंपरिक बीजों का संरक्षण तथा प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को जन-आंदोलन के रूप में स्थापित करना है। “खेत बचाओ अभियान” दंतेवाड़ा को प्राकृतिक कृषि, जैव विविधता संरक्षण और किसान समृद्धि की नई पहचान देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है।मिलेट्स को 'श्री अन्न' का दर्जाजिले की भौगोलिक परिस्थितियों, समृद्ध आदिवासी परंपराओं और जैव विविधता को ध्यान में रखते हुए तैयार इस अभियान को दंतेवाड़ा के चारों विकासखंडों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। अभियान की मूल भावना यह है कि “मिट्टी केवल उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि एक जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र है, जिसकी सुरक्षा भविष्य की खाद्य सुरक्षा और किसान समृद्धि की गारंटी है।” ज्वार, बाजरा, रागी (मड़िया), कोदो और कुटकी जैसी फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं, इन्हें 'सुपरफूड' और 'श्री अन्न' का दर्जा दिया गया है। मिलेट्स सामान्य अनाजों की तुलना में बहुत कम पानी और खाद में उग जाते हैं, और सूखा-रोधी होते हैं।अभियान के प्रमुख लक्ष्यअभियान के तहत मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार, प्राकृतिक खेती का विस्तार, पारंपरिक बीजों का संरक्षण तथा जल एवं नमी संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। किसानों को रासायनिक खेती से धीरे-धीरे प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर प्रेरित किया जाएगा, जिससे खेती की लागत कम होने के साथ पर्यावरणीय संतुलन भी मजबूत होगा।पांच चरणों में होगा क्रियान्वयनयोजना के तहत सबसे पहले जिले में मृदा स्वास्थ्य मैपिंग और सॉयल हेल्थ कार्ड को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके बाद रागी, कोदो, कुटकी जैसे पौष्टिक मिलेट्स एवं स्थानीय फसलों को प्रोत्साहित किया जाएगा। तीसरे चरण में किसानों को जैविक खाद, ब्लू-ग्रीन एल्गी और वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन का प्रशिक्षण देकर बाहरी कृषि आदानों पर निर्भरता कम करने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही पारंपरिक बीज मंडियों और सामुदायिक बीज बैंकों की स्थापना कर स्थानीय बीजों के संरक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा। अंतिम चरण में खेतों की मेड़ों पर ग्लिरिसिडिया जैसे हरित खाद देने वाले पौधों का बड़े पैमाने पर रोपण किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत एक लाख पौधों के वितरण और रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।जिले में तय किए गए लक्ष्यवित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जिले के 135 ग्राम पंचायतों में अभियान लागू किया जाएगा। इसके तहत 4,600 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती, 4,300 हेक्टेयर में मिलेट्स उत्पादन तथा 40 सामुदायिक बीज बैंकों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। सरकार मिलेट्स की खेती के तहत क्षेत्र को बढ़ाने, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से इन पौष्टिक अनाजों को वितरित करने और मिलेट्स आधारित उत्पादों के साथ काम करने वाले उद्यमियों का समर्थन करने के लिए एक ठोस प्रयास कर रही है।किसानों को होंगे कई लाभअभियान के सफल क्रियान्वयन से अगले तीन वर्षों में खेतों के जैविक कार्बन स्तर में वृद्धि होने की संभावना है। रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम होने से किसानों की उत्पादन लागत में 35 से 40 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। वहीं, दंतेवाड़ा के मिलेट्स को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में भी नए अवसर खुलेंगे। ये स्थूल एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत हैं। ये हृदय के लिए फायदेमंद हैं, हड्डियों के स्वास्थ्य में सुधार करते हैं, एनीमिया को रोकते हैं, मधुमेह की शुरुआत को रोकते हैं (ये ग्लाइसेमिक इंडेक्स पर कम हैं), स्वस्थ वज़न बनाए रखते हैं और आँत की सूजन में सुधार करते हैं।कृषि क्षेत्र में नई पहलदंतेवाड़ा जिले में रागी के साथ-साथ कोदो-कुटकी, ज्वार, बाजरा, मक्का, दलहन और तिलहन जैसी अन्य फसलों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि विभाग किसानों को बहुफसली प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है, ताकि उनकी आय के स्रोत बढ़ सकें और खेती अधिक टिकाऊ बन सके। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान केवल खेती की पद्धति में बदलाव नहीं, बल्कि मिट्टी, जल, जैव विविधता और किसान की आजीविका को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि योजना निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप सफल होती है, तो दंतेवाड़ा प्राकृतिक खेती और टिकाऊ कृषि मॉडल के रूप में पूरे प्रदेश के लिए उदाहरण बन सकता है।
- रायपुर / मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के सभी विभागों के सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को शासन के सर्वाेच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को वरीयता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मानिटरिंग करने के निर्देश दिए है। बैठक में ई-ऑफिस, ई अटेंडेंस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डेसबोर्ड, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, टीबी मुक्त भारत, सेवा सेतु, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को विभागों के अंतर्गत रिक्त पदों की अद्यतन जानकारी रखने एवं कर्मचारी चयन मंडल के कार्यों की प्रगति की जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से ली।बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं खनिज विभाग के सचिव श्री पी.दयानंद, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, सामान्य प्रशासन, जनशिकायत निवारण एवं उच्च शिक्षा विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उभोक्ता संरक्षण एवं वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस., जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव सुश्री ईफ्फत आरा सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के सचिव मौजूद थे।
- -निर्धारित मानकों के अनुरूप तेज गति से हो रहे निर्माण कार्य की सराहनारायपुर /जशपुर जिले के प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने आज जशपुर में निर्माणाधीन जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल भवन के निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप एवं तेज गति से संचालित किए जाने पर संबंधित एजेंसी और अधिकारियों की सराहना की।निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने कहा कि अस्पताल के पूर्ण होने के बाद यह क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगा तथा स्थानीय लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यहां मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार, एसडीएम जशपुर श्री विश्वास राव मस्के, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के कार्यपालन अभियंता श्री प्रफुल्ल चौरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि इस अत्याधुनिक चिकित्सालय का निर्माण एनटीपीसी लारा के सीएसआर मद से लगभग 35 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है। अस्पताल का भूमिपूजन 7 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा किया गया था। वर्तमान में छह मंजिला भवन के ग्राउंड फ्लोर सहित चार मंजिलों की ढलाई का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है।प्रस्तावित अस्पताल में ग्राउंड फ्लोर पर इमरजेंसी सेवाएं, प्रथम तल पर ओपीडी, द्वितीय एवं तृतीय तल पर वार्ड, चतुर्थ तल पर आईसीयू तथा पंचम तल पर ऑपरेशन थियेटर की व्यवस्था होगी। 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में 15 ओपीडी कक्ष, 4 आईसीयू, 4 ऑपरेशन थियेटर, फिजियोथेरेपी यूनिट, पैथोलॉजी लैब, सीटी स्कैन, डायलिसिस, एक्स-रे, एमआरआई, ईसीजी, इमरजेंसी वार्ड सहित अन्य आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अस्पताल के शुरू होने से जशपुर जिले और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
- -दुलदुला विकासखंड में मानसून पूर्व तैयार किए जा रहे 80 हजार सीड बॉल, ग्रामीणों और महिलाओं की सक्रिय भागीदारीरायपुर / पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण में वृद्धि के उद्देश्य से जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड में सीड बॉल निर्माण अभियान की शुरुआत की गई है। आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों, युवाओं एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की सहभागिता से बड़े पैमाने पर सीड बॉल तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें मानसून के दौरान बंजर, पहाड़ी एवं वन क्षेत्रों में वितरित किया जाएगा।सीड बॉल मिट्टी, गोबर खाद तथा स्थानीय वृक्ष प्रजातियों के बीजों से तैयार की जाती है। वर्षा होने पर ये बीज प्राकृतिक रूप से अंकुरित होकर पौधों का रूप ले लेते हैं, जिससे हरित क्षेत्र का विस्तार होता है और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है। यह तकनीक कम लागत में अधिक क्षेत्र में वनीकरण का प्रभावी माध्यम मानी जाती है।जनपद पंचायत दुलदुला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करना भी है। अभियान के अंतर्गत आम, जामुन, करंज, नीम, इमली सहित विभिन्न स्थानीय प्रजातियों के लगभग 80 हजार सीड बॉल तैयार किए जा चुके हैं।ग्रामीणों एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक इस अभियान में भाग लेते हुए सीड बॉल निर्माण को प्रकृति संरक्षण का सरल, प्रभावी और सामुदायिक प्रयास बताया। तैयार सीड बॉल्स को वर्षा ऋतु के दौरान उन क्षेत्रों में फैलाया जाएगा, जहां प्राकृतिक रूप से हरियाली बढ़ाने की आवश्यकता है।मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक कुमार ने जिलेवासियों से इस पर्यावरणीय अभियान में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से हरित, समृद्ध और खुशहाल जशपुर का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व भी है। इस अभियान में स्थानीय ग्रामीणों, युवाओं, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ-साथ हाई इम्पैक्ट मेगा वाटरशेड प्रोजेक्ट के अंतर्गत हर्षा ट्रस्ट एवं बिहान के बीपीएम की भी सक्रिय सहभागिता रही, जिससे अभियान को व्यापक जनसमर्थन और गति मिल रही है।
- -कसेकेरा के सरस्वती ग्राम गंगा विद्या मन्दिर में 10 दिवसीय 'नवीन आचार्य संकल्पना वर्ग' चल रहाबागबाहरा। सरस्वती ग्राम शिक्षा समिति द्वारा प्रदेश भर में संचालित सरस्वती शिशु मन्दिर ग्रामीण विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण और गुणात्मक सुधार के लिए जिला स्तर पर 'नवीन आचार्य संकल्पना वर्ग' का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में महासमुन्द जिला के ग्राम कसेकेरा स्थित सरस्वती ग्राम गंगा विद्या मन्दिर में नवीन आचार्यों के लिए प्रशिक्षण वर्ग संचालित है। इस वर्ग के तहत रविवार को आयोजित सत्र में ग्राम भारती जिला समिति के सदस्य अनिल पुरोहित मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने 'विद्यालय के विकास में आचार्यों की भूमिका' विषय पर केंद्रित अपना सारगर्भित उद्बोधन दिया।श्री पुरोहित ने कहा आचार्य केवल किताबी ज्ञान देने वाले शिक्षक नहीं हैं, बल्कि वे ग्रामीण अंचलों में संस्कृति और संस्कारों के संवाहक हैं। एक सुदृढ़ और समृद्ध विद्यालय की नींव आचार्यों के समर्पण, नवाचार और उनके उच्च नैतिक आचरण पर टिकी होती है। श्री पुरोहित ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ना आचार्यों का प्राथमिक कर्तव्य है। विद्यालय के विकास के लिए आचार्यों को ग्रामीणों और अभिभावकों के साथ निरंतर संवाद स्थापित कर एक आत्मीय संबंध बनाना चाहिए। श्री पुरोहित ने कहा कि नवीन आचार्यों को शिक्षण की नई पद्धतियों को अपनाकर स्वयं को लगातार अद्यतन (अपडेट) रखना होगा, जिसका सीधा लाभ ग्रामीण छात्र-छात्राओं को मिलेगा।इस मौके पर वर्ग अधिकारी व विद्यालय के प्राचार्य वीरेन्द्र साहू मंचस्थ थे। इससे पहले प्रथम सत्र में जिला समन्वयक जयलाल प्रधान ने स्वदेशी, स्वावलम्बन, स्वास्थ्य और संस्कृति विषयों पर मार्गदर्शन किया। विदित रहे, प्रशिक्षण वर्ग में जिले के विभिन्न ग्रामीण अंचलों से 62 प्रशिक्षार्थी आचार्य-दीदीजी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।
- रागम तानम पल्लवी- सीजन 4 का शानदार आयोजन-टी सहदेवभिलाई नगर। पद्मश्री घंटसाला चैतन्य वेदिका के तत्वावधान में रविवार को बालाजी मंदिर के आंध्र भवन में तेलुगु संगीत प्रेमियों के लिए विशेष सांस्कृतिक संध्या 'रागम तानम पल्लवी–सीजन 4' का शानदार आयोजन किया गया। यह सुरमयी संध्या महान पार्श्वगायक पद्मविभूषण डॉ. एस. पी. बालासुब्रह्मण्यम की 80वीं जयंती की स्मृति में आयोजित की गई थी, जिसमें भिलाई और आसपास के क्षेत्रों के प्रतिभाशाली गायकों और गायिकाओं ने उनके अमर गीतों को उन्हीं के अंदाज में गाकर श्रद्धांजलि दी। इस कार्यक्रम में उस समय पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा जब बालू के मानस पुत्र एवं पाडुता तीयगा फेम सेलिब्रिटी एन परमेश्वरी ने दिल को छूने वाले सुर में क्लासिकल फिल्म शंकराभरणम का गीत शंकरा नाद शरीरापरा गीत प्रस्तुत किया। आध्यात्मिक अनुभूति से सराबोर श्रोताओं को उनके दो और गीतों के रसास्वादन का भी अवसर मिला।तीस से ज्यादा फिल्मी गाने सुरों से सजेसंगीत प्रेमियों के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए इस कार्यक्रम में संगीत, स्मृतियों और सांस्कृतिक गौरव का सुंदर संगम देखने को मिला। इसी कड़ी में संगीत प्रेमियों को तेलुगु फ़िल्मों स्वाति किरणम, पवित्र बंधम, अल्लुडु मजाका, स्वराभिषेकम, वेटगाडु, गीतांजलि, मुठा मेस्त्री, प्रेमाभिषेकम, अनुबंधम सहित तीस से ज्यादा फिल्मी नगमे सुनने को मिले। अपनी गायकी से महफ़िल लूटने वालों में जी वेणुगोपाल, बी रामू, लक्ष्मण मूर्ति, विद्याशंकर श्रीनिवास, जोशना, प्रकाश, लक्ष्मीरानी, के राजू, सिरीषा, कुसुमा, शेखर, गीता, डी लता, एन चंदू, जी वेंकट, गीता और दिलीप शामिल हैं। कार्यक्रम में सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े व्यक्तियों में स्वास्थ्य, खाद्य एवं स्वच्छता विभाग के अध्यक्ष लक्ष्मीपति राजू, आंध्र साहित्य समिति के अध्यक्ष पीवी राव, सचिव पीएस राव, अखिल भारतीय तेलुगु सेना के प्रदेशाध्यक्ष नीलम चन्ना केशवलु समेत विभिन्न समाज प्रमुखों की मौजूदगी भी रही।संगीत की विरासत नई पीढ़ी को सौंपीवेदिका के अध्यक्ष एएस शर्मा और महासचिव के लक्ष्मीनारायण का कहना है कि यह आयोजन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि तेलुगु भाषा, संगीत और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के बाद गणेश वंदना से हुई, जिसे वेदिका के डायरेक्टर जी वेणुगोपाल ने सुरों से सजाया। इस मौके पर सेलिब्रिटी एन परमेश्वरी, अखिल भारतीय पंचायत परिषद के छत्तीसगढ़ प्रदेश संयोजक बीवीएस राजकुमार और रायपुर थोक सब्जी मंडी के अध्यक्ष श्रीनिवास रेड्डी को शॉल तथा स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
- उप मुख्यमंत्री कर्मा महोत्सव में हुए शामिल, तैलीय सदन का किया लोकार्पणबिलासपुर/ उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव किरंदुल में तहसील साहू संघ द्वारा आयोजित कर्मा महोत्सव, नवीन सामाजिक भवन नामकरण एवं लोकार्पण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने सामाजिक पदाधिकारियों के साथ एक करोड़ रुपए की लागत से निर्मित भव्य तैलीय सदन का लोकार्पण किया। छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू, दंतेवाड़ा के विधायक श्री चैतराम अटामी और किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती रुबी शैलेन्द्र सिंह भी महोत्सव में शामिल हुईं।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कर्मा महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि किरंदुल में छत्तीसगढ़ का सबसे भव्य साहू समाज का भवन बना है। इस भवन का रोज उपयोग हो, ऐसी व्यवस्था बनाएं। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और मेहनत साहू समाज की ताकत और विशेषता है। हमारी इस पहचान को बनाकर रखना है।श्री साव ने कहा कि सभी समाजों के साथ साहू समाज का आत्मीय संबंध है। यह सभी के साथ मिलकर चलने वाला समाज है। साहू समाज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। देश-विदेश में समाज के युवा अनेक क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। भक्त माता कर्मा के बताए मार्ग पर चलकर हमें समाज को ऊंचाईयों पर पहुंचाना है।छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू ने अपने संबोधन में कहा कि साहू समाज का तेल निकालने का पुश्तैनी काम रहा है। हमारे इस पुश्तैनी व्यवसाय को पुनर्स्थापित करना चाहिए। उन्होंने समाज के लोगों को तेल निकालने की मशीन लगाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि तेल निकालने की मशीनों पर सरकार द्वारा 35 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है। समाज के लोग इसका लाभ लेकर तेल निकालने का उद्यम कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।विधायक श्री चैतराम अटामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि साहू समाज के लोग किरंदुल में सक्रियता से काम कर रहे हैं। समाज के 300 परिवार यहां रहते हैं। उन्होंने समाज की मांग पर शैक्षणिक कार्य के लिए कमरा बनाने की घोषणा की। किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती रुबी शैलेन्द्र सिंह, किरंदुल तहसील साहू समाज के अध्यक्ष श्री टीकमचंद साहू और छत्तीसगढ़ साहू समाज के संगठन सचिव श्री ओमप्रकाश साहू ने भी कर्मा महोत्सव को संबोधित किया।कार्यक्रम में उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए श्री लालाराम साहू को समाजरत्न सम्मान दिया गया। माता कर्मा प्रांगण में दीवारों कर कलाकृति बनाने वाले कलाकार श्री कामता राम कोर्राम को भी सम्मानित किया गया। भगवताचार्य श्रीमती यामिनी देवी साहू, लोक गायिका सुश्री आरू साहू, पार्षद श्री विनोद साहू और तहसील साहू समाज के संरक्षक श्री ओम साहू सहित साहू समाज के प्रदेशभर के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
- महिलाओं और किशोरियों में माहवारी संबंधी जागरूकता बढ़ाने का प्रयास, विशेषज्ञ डॉक्टर देंगी मार्गदर्शनबिलासपुर/ महिलाओं और किशोरियों में मासिक धर्म (माहवारी) को लेकर जागरूकता बढ़ाने तथा इससे जुड़े मिथकों एवं संकोच को दूर करने के उद्देश्य से "जागरूक नारी" नामक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन मंगलवार 9 जून को शाम 4 बजे प्रार्थना भवन, जल संसाधन विभाग, बिलासपुर में किया जाएगा।आर्यन फिल्म्स द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य माहवारी को लेकर समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना, महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी उपलब्ध कराना तथा इस विषय पर खुलकर संवाद को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम का संदेश है कि "माहवारी कोई शर्म की बात नहीं, यह गर्व की बात है।"कार्यक्रम में शहर की प्रतिष्ठित महिला चिकित्सक उपस्थित रहकर मासिक धर्म से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी देंगी तथा प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करेंगी। आयोजन के दौरान माहवारी स्वच्छता, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों, किशोरियों की समस्याओं तथा सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. एल.सी. मढ़रिया करेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल शामिल होंगे। विशिष्ट अतिथियों में एसएसपी श्री रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल उपस्थित रहेंगे।आयोजकों ने जिले की महिलाओं, युवतियों, छात्राओं तथा आम नागरिकों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर माहवारी के प्रति सकारात्मक और जागरूक समाज निर्माण में सहभागिता निभाने की अपील की है। कार्यक्रम में बिना झिझक संवाद, विशेषज्ञों से सीधा मार्गदर्शन और जागरूकता संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जाएगी।
- उप मुख्यमंत्री ने 7.19 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजननगर पालिका की मांग पर 3.72 करोड़ के कार्यों को दी मंजूरी, नए कार्यों के लिए भी 2 करोड़ देने की घोषणा कीरायपुर/ उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने अपने चार दिवसीय बस्तर प्रवास के तीसरे दिन किरंदुल में 7 करोड़ 19 लाख रुपये की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 4 करोड़ 14 लाख 85 हजार रुपये के कार्यों का लोकार्पण और 3 करोड़ 4 लाख 9 हजार रुपये के कार्यों के भूमिपूजन शामिल हैं। श्री साव ने आक्सीजोन में बस्तर के टाइगर ब्वाय चेंदरू की प्रतिमा का अनावरण भी किया। विधायक श्री चैतराम अटामी और छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू भी कार्यक्रम में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने किरंदुल में जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) से 3 करोड़ 26 लाख रुपये से अधिक की लागत से विकसित ऑक्सीजोन पार्क का लोकार्पण किया। उन्होंने 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत खरीदी गई बैक हो लोडर मशीन, सक्शन मशीन सह मेला टैंकर, ट्रैक्टर इंजन एवं पानी टैंकर को नगर पालिका को सौंपा। उन्होंने कहा कि इन संसाधनों से नगर की स्वच्छता व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने ऑक्सीजोन पार्क की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल एक पार्क नहीं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और मनोरंजन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।श्री साव ने किरंदुल में नाला निर्माण, मुक्तिधाम निर्माण तथा अधोसंरचना मद से विभिन्न वार्डों में सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि इन कार्यों के पूर्ण होने से नगर की आधारभूत सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा तथा नागरिकों को बेहतर आवागमन और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध होगा।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में बस पार्किंग एवं स्टेज-स्टैंड के पास सीसी रोड तथा विद्युत व्यवस्था के लिए 1 करोड़ 58 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने सीसी रोड के लिए 27 लाख रुपये की भी घोषणा की। उन्होंने नगर पालिका की मांग पर 3 करोड़ 72 लाख रुपये के प्रस्तावित विकास कार्यों को स्वीकृत करने के साथ ही नए कार्यों के लिए अलग से दो करोड़ रुपये देने की भी घोषणा की।उप मुख्यमंत्री ने मलंगीर जलप्रपात से किरंदुल और बचेली में पेयजल आपूर्ति की योजना की संभावनाओं पर भी सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। क्षेत्रीय विधायक, जनप्रतिनिधियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर तकनीकी एवं व्यवहारिक पहलुओं का परीक्षण कर स्थायी व प्रभावी पेयजल व्यवस्था विकसित करने की कार्ययोजना बनाई जाएगी।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में किरंदुल नगर पालिका में 16 करोड़ 43 लाख रुपये से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत एवं संचालित किए गए हैं। राज्य सरकार नगरों के सुनियोजित विकास के लिए सिटी डेवलपमेंट प्लान के अनुरूप कार्य कर रही है। स्वच्छता, पेयजल, सड़क, अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने लगातार काम किये जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प तेजी से साकार हो रहा है। इसी उद्देश्य से वे लगातार बस्तर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण सहित विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में सड़क, पेयजल एवं शहरी अधोसंरचना के विकास को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है।उप मुख्यमंत्री ने किरंदुल की प्राकृतिक सुंदरता की तारीफ करते हुए कहा कि बैलाडीला पर्वतमालाओं की गोद में बसा किरंदुल प्राकृतिक दृष्टि से प्रदेश के सबसे सुंदर नगरों में से एक है। चारों ओर हरियाली, पर्वतीय सौंदर्य और स्वच्छ वातावरण इस नगर को विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए किरंदुल को एक आदर्श एवं आधुनिक नगर के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार कार्य कर रही है।किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती रूबी शैलेन्द्र सिंह, बचेली नगर पालिका के अध्यक्ष श्री राजू जायसवाल, दंतेवाड़ा नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, श्री शैलेन्द्र सिंह और श्री संतोष गुप्ता सहित पार्षदगण, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
- - विधानसभा अध्यक्ष छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के प्रतिभावान विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य हेतु आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिल- लक्ष्य बनाकर चलें और मेहनत एवं लगन से करें पढ़ाई- विधानसभा अध्यक्ष ने छात्र-छात्राओं का बढ़ाया हौसला- विभिन्न क्षेत्रों में सेवा देते हुए देश के विकास में दें अपना योगदान- बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए दी शुभकामनाएंराजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह रविवार को स्पीकर हाऊस राजनांदगांव में छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के प्रतिभावान विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य हेतु आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आज यहां दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों से आए वनांचल क्षेत्रों के प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित किया गया है, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त किया है। ऐसे बच्चों को मंच में सुनकर यह महसूस होता है कि एक आत्मविश्वास कैसे जाग्रत होता है। दूरस्थ वनाचंल क्षेत्रों में उनके अभिभावक तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य करते हैं। जहां सुविधाओं की कुछ कमी के बावजूद ये अपने परिश्रम से उत्कृष्ट अंक लेकर आते है और अध्ययन के क्षेत्र में शहर के बच्चों को चुनौती देते हंै तथा आगे बढ़ते हैं। जो उनकी नैसर्गिक क्षमता, प्रतिभा एवं आत्मविश्वास को अभिव्यक्त करती है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि लक्ष्य बनाकर चलें और मेहनत एवं लगन से पढ़ाई करें। उन्होंने कहा कि केवल डॉक्टर व इंजीनियरिंग ही नहीं बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में प्रोफेसर, वकील, शिक्षक एवं समाज के अन्य क्षेत्रों में सेवा करते हुए देश के विकास में अपना योगदान दें। उन्होंने बताया कि वनवासी भाई-बहनों के तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान कंकड़ के चुभने से संक्रमण फैल जाता था। इससे बचाव के लिए चरण पादुका योजना लायी गई। जंगल में निवास करने वाले वनवासियों को चप्पल दिए गए। उन्होंने बताया कि प्रयास विद्यालय दंतेवाड़ा में प्रारंभ किया गया था एवं एजुकेशन हब के माध्यम से बड़ी संख्या में बच्चे विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हुए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा तेंदूपत्ता की दर में वृद्धि की गई है। प्रतिमानक दर 1000 रूपए से बढ़ाकर 5500 रूपए की गई है। उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि सफलता के नए आयाम प्राप्त करें। विधानसभा अध्यक्ष ने इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं से बातचीत की। उन्होंने बालिका नम्रता नेताम एवं प्रेरणा साहू को नि:संकोच होकर आत्मविश्वास के साथ अपनी बात कहने के लिए हौसला बढ़ाया। बालिकाओं ने बताया कि वे डॉक्टर बनना चाहती हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि डॉक्टर बनने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर अपनी सेवाएं दें। विधानसभा अध्यक्ष ने हितेश को लकी क्वाईन दिया और अच्छे से मन लगाकर पढऩे के लिए कहा।महापौर श्री मधुसूदन यादव ने कहा कि तेंदूपत्ता के लाभांश की राशि छात्रवृत्ति की राशि का सदुपयोग करते हुए बच्चे अध्ययन कर रहे हैं। शासन की योजना अंतर्गत चरण पादुका, साड़ी वितरण, शिक्षा प्रोत्साहन योजना, प्रयास आवासीय विद्यालय के माध्यम से वनवासियों के जीवन स्तर को बेहतर करने के लिए कार्य किया गया। वही बच्चों की शिक्षा के लिए भी कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार जनमानस के जीवन स्तर को अच्छा बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बच्चों से कहा कि अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति से आगे बढ़ें और विभिन्न क्षेत्रों में सेवा देकर देश सेवा का कार्य करें। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव ने कहा कि वनांचल क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा देने के लिए छात्रवृत्ति हेतु शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत अच्छी पहल की गई है। जिससे शैक्षणिक कार्य में बच्चों को मदद मिल रही है। आर्थिक तौर पर कमजोर तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार के लिए यह राशि मददगार है।वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन ने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के लिए शिक्षा प्रोत्साहन योजना के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लघु वनोपज तेंदूपत्ता, जिसे हरा सोना भी कहा जाता है। ग्रामीण परिवारों की आजीविका का महत्वपूर्ण स्रोत है। वर्ष 2026 के तेंदूपत्ता संग्रहण सत्र में जिले में कुल 16517.502 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया है। संग्रहण कार्य में कुल 18412 संग्राहक परिवार भाग लिया। जिसके अंतर्गत संग्रहण परिश्रामिक भुगतान योग्य 9 करोड़ 8 लाख 46 हजार 360 रूपए निर्धारित की गई है। तेन्दूपत्ता संग्रहकों को संग्रहण पारिश्रमिक के साथ-साथ विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। जिसमें संग्राहक परिवार के बच्चों को शिक्षा में प्रोत्साहन देने के लिए छात्रवृत्ति योजना संचालित है। जिला यूनियन राजनांदगांव अंतर्गत वर्ष 2025 में 448 छात्र-छात्राओं को 60 लाख 81 हजार रूपए का भुगतान किया गया है। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती किरण साहू, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित के अध्यक्ष श्री सचिन बघेल, राजगामी संपदा न्यास की अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री खूबचंद पारख, श्रीमती रेखा मेश्राम, कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा, जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, एसडीएम राजनांदगांव श्री गौतम पाटिल, एसडीओपी वन विभाग श्री योगेश साहू, डिप्टी कलेक्टर श्री अनिकेत साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, हितग्राही बच्चे एवं नागरिक उपस्थित थे।
- - तीर्थयात्रा से वापस आए दर्शनार्थियों एवं श्रद्धालुओं में रहा अभूतपूर्व उल्लास एवं आनंद- जय श्रीराम के जयकारे की मंगल ध्वनि से गँूज उठा परिसर- सभी अयोध्या धाम से वापस आए तीर्थयात्रियों को रामचरित मानस, शॉल-श्रीफल प्रदान कर किया गया सम्मानित- श्रद्धालुओं ने अपनी सुखद यात्रा के अनुभव किए साझा- रामायण मंडली के सभी समितियों को 3000 रूपए प्रदान करने की घोषणा की- तीर्थयात्रियों ने यात्रा के दौरान मिली सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की प्रशंसा कीराजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह रविवार को पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम राजनांदगांव में आयोजित श्री रामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के यात्रियों के सम्मान समारोह में शामिल हुए। तीर्थयात्रा से वापस आए दर्शनार्थियों एवं श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उल्लास एवं आनंद रहा और जय श्रीराम के जयकारे की मंगल ध्वनि से परिसर गूॅँज उठा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आज का दिन सौभाग्य का दिन है। अयोध्या धाम से श्री रामलला के दर्शन कर आए दर्शनार्थी जिन पैरों से चलकर वापस आए है, उन्हें छूने और धोने का अवसर एवं आशीर्वाद मिला है। भगवान श्रीराम का आशीष एवं पुण्य हम सभी को मिले। श्री रामलला का आशीर्वाद छत्तीसगढ़ पर बना रहे और सुख-समृद्धि एवं खुशहाली आए। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम को छत्तीसगढ़ का भांचा कहते है। अयोध्या धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र है। जिले के लगभग 1000 से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम की यात्रा कर वापस आए हैं। उन्होंने स्मरण करते हुए बताया कि पहले मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना अंतर्गत 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बुजुर्गों को तीर्थयात्रा का लाभ दिया जाता था। जिससे बुजुर्गों को तीर्थाटन का लाभ मिला। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्री रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण किया गया है। वर्षों के बाद यह परिकल्पना साकार हुई है और भव्य एवं शानदार मंदिर का निर्माण हुआ है। उन्होंने सभी रामायण मंडली की समितियों को स्वेच्छानुदान से 3000 रूपए प्रदान करने की घोषणा की। सभी तीर्थयात्रियों को श्री रामलला की फोटोफ्रेम उपहार में दी जाएगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ धर्म एवं आध्यात्म से जुड़ा हुआ प्रदेश है। यहां धर्म, स्वभाव, चिंतन एवं सोच, कबीर से जुड़ी हुई है। छत्तीसगढ़ में शांति, समृद्धि, प्रेम एवं सौहाद्र्र, भगवान राम का आशीर्वाद है। रामजन्म भूमि अयोध्या मंदिर निर्माण के हम सभी साक्षी रहे हंै। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्री रामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजना के तहत सभी श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों को छाता, कंबल एवं अन्य व्यवस्था कर उनकी यात्रा एवं आवागमन का अच्छा प्रबंध किया है और इस योजना अंतर्गत आगे भी दर्शनार्थी लाभान्वित होंगे।कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने बताया कि श्री रामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजना अंतर्गत राजनांदगांव रेलवे स्टेशन से 5950 श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम की यात्रा कराई गई है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल, छत्तीसगढ़ शासन आईआरसीटीसी एवं जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजन किया जा रहा है। जिला प्रशासन राजनांदगांव द्वारा दुर्ग एवं बस्तर संभाग के यात्री एक दिन पहले राजनांदगांव पहुंचते है। उनके ठहरने, स्वास्थ्य, भोजन की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की जाती है। नगर पालिक निगम, समाज कल्याण विभाग सभी की समन्वित सहभागिता रही है।इस दौरान अयोध्या धाम एवं काशी विश्वनाथ का दर्शन कर लौटे हुए सभी श्रद्धालुओं ने अपनी सुखद यात्रा के अनुभव साझा किए। श्री रामगोपाल गौराहा ने बताया कि अयोध्या धाम की उनकी यात्रा अविस्मरणीय रही। श्री रामलला के दर्शन करने से आनंद की अनुभूति हुई। सरकार द्वारा ट्रेन में नाश्ते एवं भोजन की बहुत अच्छी व्यवस्था थी। श्री हरिहारनों एवं श्रीमती ललिता वैष्णव ने श्री रामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि अंतिम व्यक्ति तक इस योजना का लाभ मिले। इस दौरान श्री रामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजना अंतर्गत उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। राम-सिया-राम... एवं राम से चल के राम को आए... की समधुर गीतों से परिसर गूंज उठा। सभी अयोध्या धाम से वापस आए तीर्थयात्रियों को रामचरितमानस, शॉल-श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान महापौर मधुसूदन यादव, श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेशदत्त शर्मा, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित के अध्यक्ष श्री सचिन बघेल, राजगामी संपदा न्यास की अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री खूबचंद पारख, श्री रमेश पटेल, श्री संतोष अग्रवाल, श्री शिव वर्मा, श्री राजेश श्यामकर, वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन, जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, डिप्टी कलेक्टर श्री अनिकेत साहू, उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती वैशाली मरड़वार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, हितग्राही एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
- -राष्ट्रीय बागवानी बनी आर्थिक समृद्धि का आधाररायपुर। कभी पारंपरिक धान की खेती तक सीमित रहने वाले किसान दीपक आज अपने क्षेत्र में उद्यानिकी खेती की नई मिसाल बन चुके हैं। राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत मिली तकनीकी सहायता और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर उन्होंने न केवल अपनी आय में कई गुना वृद्धि की है, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बने हैं।जिले के महासमुंद जिले के बसना विकासखंड अंतर्गत ग्राम बंसुलीडीह निवासी प्रगतिशील किसान दीपक ने वर्ष 2025-26 में उन्होंने राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत सब्जी क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम से जुड़कर करेला उत्पादन की शुरुआत की। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी एक हेक्टेयर सिंचित भूमि पर आधुनिक तकनीकों के साथ खेती की नई राह चुनी।दीपक बताते हैं कि करेला उत्पादन में ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से उन्हें अपेक्षा से बेहतर परिणाम मिले। इन तकनीकों के कारण फसल की गुणवत्ता सुधरी, उत्पादन लागत नियंत्रित रही और उपज में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।पहले वे अपनी भूमि पर धान की खेती करते थे, जिससे सालाना लगभग 42 हजार रुपये का लाभ प्राप्त होता था। उन्होंने करेला की व्यावसायिक खेती अपनाई। उन्हें प्रति एकड़ लगभग 18 टन करेला उत्पादन प्राप्त हुआ। बाजार में करेला का औसत मूल्य 30 रुपये प्रति किलोग्राम मिलने से उनकी आय में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई। बेहतर उत्पादन और अनुकूल बाजार मूल्य के कारण उन्हें करीब 2.95 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। यह आय उनकी पूर्व की खेती से कई गुना अधिक है। दीपक का कहना है कि उद्यानिकी खेती ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। बढ़ी हुई आमदनी से परिवार का जीवन स्तर बेहतर हुआ है।
- -समय पर खाद उपलब्धता से किसानों में बढ़ा भरोसा, खरीफ की तैयारी में जुटे किसानरायपुर। राज्य सरकार द्वारा खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के लिए किए गए इंतजामों का सकारात्मक असर अब गांवों में दिखाई देने लगा है। किसानों को कृषि कार्यों में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए समितियों और वितरण केंद्रों के माध्यम से उर्वरकों की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही किसानों को नैनो डीएपी, नैनो यूरिया जैसे आधुनिक उर्वरकों के उपयोग और लाभ की जानकारी भी दी जा रही है, जिससे किसान नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।इसी व्यवस्था से लाभान्वित किसानों में विकासखंड कवर्धा के ग्राम धरमपुरा निवासी किसान श्री अवध राम ठाकुर भी शामिल हैं। उन्होंने समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार के प्रति संतोष व्यक्त किया। श्री ठाकुर ने बताया कि उनके पास लगभग 4 एकड़ कृषि भूमि है। इनमें वे एक एकड़ में धान तथा तीन एकड़ में गन्ने की खेती करते हैं। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ खेतों की तैयारी शुरू हो चुकी है और इसी तैयारी के तहत वे खाद लेने समिति पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि समिति में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उनकी जरूरत के अनुसार एसएसपी, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी खाद आसानी से उपलब्ध हो गया। साथ ही उर्वरकों के उपयोग और उनसे होने वाले लाभ की जानकारी भी दी गई। श्री अवध राम ठाकुर ने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने एक एकड़ धान उत्पादन से लगभग 18.40 क्विंटल धान का विक्रय किया, जिसके अंतर की राशि का लाभ भी उन्हें प्राप्त हुआ। वहीं तीन एकड़ में गन्ना उत्पादन से लगभग 3 लाख 50 हजार रुपये का विक्रय किया, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई।ग्राम धरमपुरा सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक श्री शिव कुमार चंद्रवंशी ने बताया कि समिति के अंतर्गत धरमपुरा और मानिकचौरी गांव शामिल हैं। यहां कुल 888 किसान खाद और बीज प्राप्त करते हैं। अब तक लगभग 590 से अधिक किसानों को खाद का वितरण किया जा चुका है तथा शेष किसानों को भी लगातार खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। समय पर खाद उपलब्धता और आधुनिक उर्वरकों की जानकारी से किसानों का भरोसा बढ़ा है और वे खरीफ सीजन की तैयारियों में पूरे उत्साह के साथ जुटे हुए हैं।
- -उप मुख्यमंत्री कर्मा महोत्सव में हुए शामिल, तैलीय सदन का किया लोकार्पणरायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव किरंदुल में तहसील साहू संघ द्वारा आयोजित कर्मा महोत्सव, नवीन सामाजिक भवन नामकरण एवं लोकार्पण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने सामाजिक पदाधिकारियों के साथ एक करोड़ रुपए की लागत से निर्मित भव्य तैलीय सदन का लोकार्पण किया। छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू, दंतेवाड़ा के विधायक श्री चौतराम अटामी और किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती रुबी शैलेन्द्र सिंह भी महोत्सव में शामिल हुईं।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कर्मा महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि किरंदुल में छत्तीसगढ़ का सबसे भव्य साहू समाज का भवन बना है। इस भवन का रोज उपयोग हो, ऐसी व्यवस्था बनाएं। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और मेहनत साहू समाज की ताकत और विशेषता है। हमारी इस पहचान को बनाकर रखना है।श्री साव ने कहा कि सभी समाजों के साथ साहू समाज का आत्मीय संबंध है। यह सभी के साथ मिलकर चलने वाला समाज है। साहू समाज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। देश-विदेश में समाज के युवा अनेक क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। भक्त माता कर्मा के बताए मार्ग पर चलकर हमें समाज को ऊंचाईयों पर पहुंचाना है।छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू ने अपने संबोधन में कहा कि साहू समाज का तेल निकालने का पुश्तैनी काम रहा है। हमारे इस पुश्तैनी व्यवसाय को पुनर्स्थापित करना चाहिए। उन्होंने समाज के लोगों को तेल निकालने की मशीन लगाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि तेल निकालने की मशीनों पर सरकार द्वारा 35 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है। समाज के लोग इसका लाभ लेकर तेल निकालने का उद्यम कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।विधायक श्री चौतराम अटामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि साहू समाज के लोग किरंदुल में सक्रियता से काम कर रहे हैं। समाज के 300 परिवार यहां रहते हैं। उन्होंने समाज की मांग पर शैक्षणिक कार्य के लिए कमरा बनाने की घोषणा की। किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती रुबी शैलेन्द्र सिंह, किरंदुल तहसील साहू समाज के अध्यक्ष श्री टीकमचंद साहू और छत्तीसगढ़ साहू समाज के संगठन सचिव श्री ओमप्रकाश साहू ने भी कर्मा महोत्सव को संबोधित किया।कार्यक्रम में उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए श्री लालाराम साहू को समाजरत्न सम्मान दिया गया। माता कर्मा प्रांगण में दीवारों कर कलाकृति बनाने वाले कलाकार श्री कामता राम कोर्राम को भी सम्मानित किया गया। भगवताचार्य श्रीमती यामिनी देवी साहू, लोक गायिका सुश्री आरू साहू, पार्षद श्री विनोद साहू और तहसील साहू समाज के संरक्षक श्री ओम साहू सहित साहू समाज के प्रदेशभर के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
- रायपुर - छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साथ के मार्गदर्शन में नगरीय निकाय क्षेत्र अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम के सभी 10 जोनों के विभिन्न 10 स्थानों पर सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर लगाये जा रहे है। इस हेतु छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और रायपुर जिला प्रशासन के मार्गनिर्देशन में रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र अंतर्गत सभी 10 जोनों में सुशासन विहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर आयोजन की प्रशासनिक कार्यवाही जोनवार निरन्तर प्रगति पर है।रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र अंतर्गत सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के अंतर्गत रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में रायपुर नगर पालिक निगम जोन 7 अंतर्गत वार्ड कमांक 22, 23, 24, 25, 36, 37 एवं 38 क्षेत्र हेतु दिनांक 8 जून 2026 को रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में अंतिम और दसवां जनसमस्या निवारण शिविर पंडित दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में लगाया जायेगा।रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में जोनवार जनसमस्या निवारण शिविर आयोजन हेतु संबंधित जोन क्षेत्र के जोन कमिश्नर को सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जोन कमिश्नर नोडल अधिकारी शिविर के आयोजन हेतु उत्तरदायी होंगे। आम जनता से उनकी समस्याओं के संबंध में शिविर स्थलों में प्रातः 11 बजे से अपरान्ह 1 बजे तक आवेदन प्राप्त किये जायेंगे। जनसमस्या निवारण शिविर में रायपुर नगर पालिक निगम सहित ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, राजस्व, विद्युत, खाद्य, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशु धन विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, महिला एवं बाल विकास, ईडीएम, श्रम विभाग आदि हितग्राहीमूलक योजनाओं से संबंधित सर्व विभाग भी उपस्थित रहेंगे।निर्देश दिये गये है कि सुशासन तिहार के सफाई और सुव्यवस्थित संचालन हेतु आवश्यक अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाये और अभियान को जन आंदोलन का रूप देते हुए अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित की जाये। जिससे शासन की योजनाओं का व्यापक लाभ नागरिको को प्राप्त हो सके। विभिन्न शासकीय योजनाओं के संबंध में व्यापक जनजागरूकता सुनिश्चित करने शिविर में पात्र हितग्राहियों को लाभवितरण किये जाने, शिविरों में प्राप्त आवेदन पत्रों का अधिकतम 1 माह में निराकरण सुनिश्चित किये जाने, प्रत्येक आवेदक को उनके आवेदन के निराकरण की सूचना अनिवार्य रूप से प्रदान किया जाना सुनिश्चित करने संबंधित शिविर से जुड़े क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों को आवश्यक सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने, शिविर स्थल पर अनुशांगिक व्यवस्था जैसे छाया, कुर्सी टेबल, पेयजल हेतु घडे आदि की व्यवस्था एवं पानी पिलाने वाले कर्मचारी सहित अन्य की व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने, सुशासन तिहार अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविरो का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये है।
- रायपुर - रायपुर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय श्री नर सिंह मण्डल को उनकी पुण्यतिथि पर सादर नमन करने रायपुर नगर निगम संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर निगम जोन क्रमांक 10 के सहयोग से राजधानी शहर रायपुर के गुरू घासीदास कॉलोनी में सतनामी समाज के सांस्कृतिक भवन प्रांगण में स्थित स्वर्गीय श्री नर सिंह मण्डल की प्रतिमा स्थल के समक्ष रखे गए संक्षिप्त पुष्पांजलि आयोजन में पहुंचकर रायपुर नगर निगम संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी ने नगर निगम संस्कृति विभाग की ओर से रायपुर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय श्री नर सिंह मण्डल को उनकी पुण्यतिथि पर सादर नमन किया. प्रमुख रूप से पुष्पांजलि आयोजन में पहुंचकर प्रतिमा स्थल पर रायपुर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय श्री नर सिंह मण्डल को रायपुर नगर निगम के पूर्व पार्षद श्री सुन्दर जोगी, वरिष्ठ पत्रकार श्री सुखनन्दन बंजारे, सतनामी समाज के पदाधिकारी सर्वश्री मनीष कोसरिया, नंदू मार्कण्डेय, तुलाराम टंडन, पं.अंजोर दास बंजारे, सुखदास बंजारे, नरेश कुमार, मान सिंग गिलहरे, प्रकाश बन्दे, चेतन चंदेल सहित रायपुर नगर पालिक निगम जोन 10 के उपअभियंता श्री राहुल थारानी ने सादर नमन किया.
- दुर्ग / जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक 6 जून को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष दुर्ग में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। कलेक्टर श्री सिंह ने विभिन्न शासकीय विभागीय योजनाओं का विभागवार एवं बैंकवार समीक्षा की। उन्होंने समीक्षा के दौरान जिन विभागों की योजनाओं के प्रगति में कमी पायी गई उन्हंे वित्तीय वर्ष में पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया। साथ ही विभागों एवं बैंक के मध्य उचित समन्वय स्थापित कर दुर्ग जिले में चल रहे विभिन्न योजनाओं के लक्ष्य पूर्ति हेतु निर्देशित किया। बैठक में बैंकों की सीडी रेशियों, प्राथमिकता क्षेत्र अंतर्गत दिए जाने वाले लोन, जनसुरक्षा योजना बीमा, पेंशन तथा विभिन्न विभागों के शासकीय योजनाओं की बैंकों में लंबित आवेदनों की विस्तृत चर्चा कर समीक्षा की गई, जिसमें चारों नगर निगम दुर्ग, भिलाई, रिसाली, भिलाई चरौदा के कमिश्नर की उपस्थिति में कलेक्टर द्वारा पीएम स्वनिधि योजना की बैंकवार समीक्षा करते हुए 15 जून तक सारे लंबित आवेदन को निराकृत कर पोर्टल में अपडेट करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पीएम सूर्य घर मुक्त बिजली योजना पीएम एफएमई, पीएम ईजीपी, खादी ग्रामोद्योग व पीएम अजय योजना अंत्यावसायी विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, मछली पालन, पशु पालन अंतर्गत बैंकों में लंबित आवेदनों की प्रगति व शिकायतों की समीक्षा किया गया। बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक रायपुर से एलडीओ श्री सदानंद बास्की, जिला पंचायत मुख्यकार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग दुबे, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री संजय गर्ग, नाबार्ड से श्रीमती अंशु गोयल, बैंक ऑफ बड़ौदा आरसेटी निदेशक श्री गुलशन कुमार, एफएलसी दुर्ग श्री लेखराम ध्रुव, सीईओ अंत्यावसायी श्री आदर्श साव, डीपीएम एनआरएलएम श्री सागर पंसारी तथा बैंकों के जिला समन्वयक, शाखा प्रबंधक, विभागीय जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
- रायपुर । मौसम वैज्ञानिकों द्वारा वर्ष 2026 के मानसून को लेकर जारी पूर्वानुमानों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान देश में वर्षा दीर्घकालिक औसत के लगभग 90 प्रतिशत रहने की संभावना है। एल-नीनो के प्रभाव के कारण मानसून सामान्य से कमजोर रहने और जून माह में भी अपेक्षाकृत कम बारिश होने के संकेत हैं। ऐसे में कृषि विशेषज्ञ किसानों को जल संरक्षण आधारित वैज्ञानिक खेती अपनाने की सलाह दे रहे हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि कम वर्षा की स्थिति में धान की सीड ड्रिल से कतार बोनी किसानों के लिए लाभकारी विकल्प साबित हो सकती है। इस पद्धति में बीज निर्धारित गहराई और समान दूरी पर बोए जाते हैं, जिससे अंकुरण बेहतर होता है तथा पौधों की जड़ें अधिक गहराई तक विकसित होती हैं। मजबूत जड़ प्रणाली मिट्टी में उपलब्ध सीमित नमी का प्रभावी उपयोग करती है, जिससे सूखे जैसी परिस्थितियों में भी फसल अपेक्षाकृत सुरक्षित रहती है।कतार बोनी का एक अन्य महत्वपूर्ण लाभ यह है कि पौधों के बीच प्रतिस्पर्धा कम होती है। परिणामस्वरूप उपलब्ध पानी, पोषक तत्व और सूर्य प्रकाश का संतुलित उपयोग होता है। साथ ही निराई-गुड़ाई और खरपतवार नियंत्रण भी आसान हो जाता है, जिससे मिट्टी की नमी लंबे समय तक बनी रहती है।कृषि विभाग किसानों को नैनो डीएपी के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है। इसमें मौजूद फास्फोरस के सूक्ष्म कण पौधों द्वारा आसानी से अवशोषित किए जाते हैं। इससे जड़ों का विकास तेज होता है, प्रारंभिक वृद्धि बेहतर होती है और पोषक तत्वों के उपयोग की दक्षता बढ़ती है। कम नमी की स्थिति में भी पौधे उपलब्ध पोषक तत्वों का बेहतर उपयोग कर पाते हैं।कृषि विभाग ने किसानों से खरीफ 2026 में कतार बोनी, मेड़बंदी, वर्षा जल संरक्षण तथा नैनो डीएपी, नैनो यूरिया और जैव उर्वरकों के संतुलित उपयोग को अपनाने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक तकनीकों का समन्वित प्रयोग कम वर्षा के बावजूद उत्पादन को स्थिर और लाभकारी बनाए रखने की कुंजी है।
- -रायपुर में गूंजेगा राष्ट्रीय जल क्रीड़ा महाकुंभ: खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच देना सरकार की प्राथमिकता - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता के मस्कट ‘पहाड़ी मैना’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास का सशक्त आधार हैं। प्रदेश में खेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने के साथ-साथ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को नई प्रेरणा देगी और राज्य की खेल पहचान को और मजबूत बनाएगी।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कायाकिंग-केनोईंग एसोसिएशन द्वारा भारतीय कायाकिंग-केनोईंग संघ एवं छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के संयुक्त तत्वावधान में 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 12 से 14 जून 2026 तक नवा रायपुर स्थित सेंध लेक में आयोजित होगी।कायाकिंग-केनोईंग एक ओलम्पिक खेल है, जिसमें छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए अनेक पदक अर्जित किए हैं। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी राज्य की राजधानी में होना प्रदेश के खेल इतिहास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया, भारतीय कायाकिंग-केनोईंग महासंघ एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कायाकिंग-केनोईंग एसोसिएशन के सहसचिव श्री प्रशांत सिंह रघुवंशी सहित छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
- -राष्ट्रीय सीए छात्र सम्मेलन में कहा श्री डेका ने- भरोसा और गोपनीयता ही इस पेशे की सबसे बड़ी पूंजीरायपुर / छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा है कि चार्टर्ड अकाउंटेंट केवल खातों और कर संबंधी सलाह देने वाले पेशेवर नहीं हैं, बल्कि वे व्यवसायों को सही दिशा दिखाने वाले भरोसेमंद मार्गदर्शक भी हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यवसाय की सफलता में लेखांकन की भूमिका रीढ़ की हड्डी की तरह होती है और बदलते समय के साथ इसकी जिम्मेदारियां पहले से कहीं अधिक व्यापक हो गई हैं।राज्यपाल रविवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सीए छात्र सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन का आयोजन भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) की रायपुर शाखा और सेंट्रल इंडिया चार्टर्ड एकाउंटेंट्स स्टूडेंट्स एसोसिएशन (सिकासा) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। देशभर से आए एक हजार से अधिक सीए विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। राज्यपाल ने कहा कि देश के विकास और सुचारु प्रशासन के लिए कर राजस्व अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से अपील की कि वे पात्र नागरिकों को कर भुगतान के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि अधिकांश लोग कर चुकाना चाहते हैं, लेकिन कई बार जटिल प्रक्रियाएं उनके सामने कठिनाई पैदा करती हैं। विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कर प्रणाली को अधिक सरल और सुगम बनाया जाना चाहिए।राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि भारत में रोजगार सृजन का सबसे बड़ा आधार छोटे व्यवसाय और उद्यमी हैं। इसलिए व्यापार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लघु और मध्यम उद्योग देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि तकनीक का उपयोग सकारात्मक और रचनात्मक उद्देश्यों के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एआई मानव मस्तिष्क की जगह नहीं ले सकता, बल्कि उसे बेहतर बनाने और कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से करने का माध्यम बन सकता है।युवाओं को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि डिजिटल लत व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित करती है। उन्होंने बताया कि दुनिया के कई देशों में 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के मोबाइल उपयोग को लेकर विशेष प्रतिबंध और दिशानिर्देश बनाए गए हैं।सीए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने कहा कि इस पेशे की सबसे बड़ी ताकत विश्वास और गोपनीयता है। ग्राहक का भरोसा केवल पेशेवर की कार्यशैली, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों पर निर्भर करता है। यही विश्वास एक चार्टर्ड अकाउंटेंट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सीए बनने के बाद उनके सामने अनेक अवसर होंगे। इसलिए उन्हें पूरे उत्साह और समर्पण के साथ अपने क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। साथ ही जीवन में कम से कम एक ऐसा कार्य अवश्य करना चाहिए, जो किसी व्यक्तिगत लाभ या लेन-देन से जुड़ा न हो, बल्कि समाज के हित में हो।कार्यक्रम के दौरान एक स्मारिका का भी विमोचन किया गया। सम्मेलन में आईसीएआई बोर्ड ऑफ स्टडीज के अध्यक्ष सीए राजेश शर्मा, उपाध्यक्ष सीए ज्ञान चंद्र मिश्रा, रायपुर आईसीएआई मैनेजिंग कमेटी की चेयरपर्सन सीए रश्मि वर्मा सहित विभिन्न पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य और बड़ी संख्या में सीए विद्यार्थी उपस्थित रहे।
- -युवाओं को मिलेगा लोक कलाओं का प्रशिक्षणरायपुर / संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के निर्देश पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक कलाओं और पारंपरिक शिल्प के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से संस्कृति विभाग द्वारा “आकार-2026” पारंपरिक शिल्प एवं विविध कला प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 8 जून से 14 जून 2026 तक सरगुजा संभाग के उदयपुर और लखनपुर में आयोजित होगा। कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को प्रदेश की लोक कला परंपराओं से जोड़ना तथा उनमें पारंपरिक शिल्प और कला के प्रति रुचि विकसित करना है।संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों को नृत्य, नाटक, वाद्ययंत्र, चित्रकला, क्ले आर्ट, म्यूरल आर्ट, हस्तकढ़ाई, ड्राई फ्लावर आर्ट, कोरिया कला, रजवार मिट्टी चित्र, मेहंदी, मृदा शिल्प, गोदना कला और बांस शिल्प सहित कुल 14 पारंपरिक कला विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन विधाओं में प्रदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकारों और पारंगत कला गुरुओं द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे प्रतिभागियों को कला के व्यावहारिक एवं तकनीकी पक्षों की जानकारी मिल सके।शिविर के अंतर्गत उदयपुर में प्रशिक्षण प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 11 बजे तक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित होगा, जबकि लखनपुर में पीएमश्री स्कूल परिसर में शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए पंजीयन प्रक्रिया 6 जून से प्रारंभ हो चुकी है और इच्छुक प्रतिभागी निर्धारित शुल्क जमा कर इसमें भाग ले सकते हैं।“आकार-2026” का उद्देश्य केवल पारंपरिक कलाओं का प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि प्रदेश की विलुप्तप्राय और लोक जीवन से जुड़ी कला विधाओं को संरक्षित करना भी है। प्रशिक्षण के माध्यम से युवा कलाकारों को अनुभवी गुरुओं के मार्गदर्शन में सीखने का अवसर मिलेगा, जिससे वे अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे और भविष्य में स्वरोजगार के नए अवसर भी प्राप्त कर सकेंगे। प्रशिक्षण शिविर के लिए पंजीयन शुल्क मात्र 100 रुपये निर्धारित किया गया है। दिव्यांग एवं अनाथ बच्चों को शुल्क में विशेष छूट प्रदान की जाएगी।प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रतिभागियों द्वारा तैयार कलाकृतियों की प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी तथा उन्हें प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। इस प्रकार के आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ-साथ युवा पीढ़ी में लोक कला और शिल्प परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। “आकार-2026” न केवल कला प्रशिक्षण का मंच बनेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊर्जा और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम भी साबित होगा।वेबसाइट www.cgculture.in से आवेदन पत्र का प्रारूप डाउनलोड किया जा सकता है। ई-मेल sanskriti.rajbhasha@ gmail.com एवं वेबसाइट www.cgculture.in से प्रशिक्षण से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है। अन्य जानकारी हेतु श्री अनूप किंडो प्रभारी अधिकारी आकार से मोबाइल नंबर 77730-49560 और संचालनालय संस्कृति विभाग रायपुर के टेलीफोन नंबर 0771-2995629 और 0771-2537404 पर कार्यालयीन समय पर संपर्क कर सकते हैं।
- -रायपुर में 8 से 12 जून तक विशेष प्रदर्शनी-महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय की आर्ट गैलरी में लगेगी दुर्लभ अभिलेखों की प्रदर्शनी, 9 जून को होगा विशेष व्याख्यानरायपुर / संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय अभिलेखागार सप्ताह के अवसर पर 8 से 12 जून 2026 तक राजधानी रायपुर में विशेष प्रदर्शनी एवं व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय स्थित आर्ट गैलरी में होगा, जहां आम नागरिकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और इतिहास प्रेमियों को ऐतिहासिक अभिलेखों और दस्तावेजों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। प्रदर्शनी में नीति, नियम और शासन संबंधी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेजों के छायाचित्र प्रदर्शित किए जाएंगे। इन अभिलेखों के माध्यम से प्रदेश और देश के प्रशासनिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक इतिहास की महत्वपूर्ण झलक देखने को मिलेगी। प्रदर्शनी प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से अपराह्न 5 बजे तक आमजन के लिए खुली रहेगी।अंतर्राष्ट्रीय अभिलेखागार सप्ताह के अंतर्गत 9 जून 2026 को विशेष व्याख्यान कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। न्याय के लिए अभिलेखागार, अधिकार, स्मृति और भविष्य विषय पर आयोजित इस व्याख्यान में अभिलेखों के महत्व, उनके संरक्षण और लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अभिलेखागार, नई दिल्ली के विशेषज्ञ श्री दीपक तथा भुवनेश्वर, (ओडिशा) के श्री सत्यनारायण मिश्र विषय विशेषज्ञ के रूप में अपने विचार साझा करेंगे। दोनों विशेषज्ञ अभिलेखागारों की उपयोगिता, ऐतिहासिक दस्तावेजों के संरक्षण की चुनौतियों तथा भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डालेंगे।आयोजकों के अनुसार यह प्रदर्शनी और व्याख्यान कार्यक्रम विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, इतिहासकारों तथा अभिलेख संरक्षण में रुचि रखने वाले नागरिकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगा। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को अभिलेखागारों की भूमिका, ऐतिहासिक दस्तावेजों के महत्व तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय, रायपुर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में आम नागरिकों को आमंत्रित किया गया है। आयोजन का उद्देश्य ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा अभिलेखागारों के महत्व को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाना है। नागरिक 8 से 12 जून तक आर्ट गैलरी, महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय, रायपुर पहुंचकर इस विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन कर सकते हैं।
- - पावर ट्रांसफॉर्मर सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत, क्षमता बढ़कर 160 एमवीए हुईरायपुर, । छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीटीसीएल) ने राजधानी सहित दुर्ग की विद्युत पारेषण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। 220/132 केवी उपकेंद्र, भिलाई में 160 एमवीए क्षमता के पावर ट्रांसफॉर्मर की स्थापना की गई। इसे छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने बटन दबाकर ऊर्जीकृत कर दिया।इस अवसर पर प्रबंध निदेशक श्री शुक्ला ने परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों, अभियंताओं एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि सीएसपीटीसीएल राज्य की विद्युत पारेषण प्रणाली को आधुनिक, सुदृढ़ एवं विश्वसनीय बनाने के लिए निरंतर कार्यरत है तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।इस अवसर पर मुख्य अभियंता (सब-स्टेशन) श्री अब्राहम वर्गीज, मुख्य अभियंता (सिविल) श्री संजय तिवारी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री आर. के. तिवारी सहित सीएसपीटीसीएल एवं सीएसपीडीसीएल के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।उल्लेखनीय है कि उपकेंद्र की क्षमता वृद्धि योजना के अंतर्गत पूर्व स्थापित 125 एमवीए पावर ट्रांसफॉर्मर की क्षमता को बढ़ाकर 160 एमवीए किया गया है। इस क्षमता वृद्धि से भिलाई एवं आसपास के औद्योगिक, वाणिज्यिक तथा घरेलू उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। परियोजना के पूर्ण होने से राजधनी रायपुर सहित दुर्ग, भिलाई, गुरूर, बालोद तथा आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती विद्युत मांग की पूर्ति करने में सहायता मिलेगी। साथ ही विद्युत तंत्र की विश्वसनीयता में वृद्धि, वोल्टेज प्रोफाइल में सुधार तथा पारेषण तंत्र पर भार के बेहतर वितरण के कारण ओवरलोडिंग की संभावनाओं में भी कमी आएगी। यह क्षमता वृद्धि भविष्य की औद्योगिक एवं शहरी विकास आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु पर्याप्त पारेषण अधोसंरचना उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
- -पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए 27 हजार बूथों तक पहुँचेंगे भाजपा कार्यकर्ता’रायपुर।’ भारतीय जनता पार्टी द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए एक वृहद और ऐतिहासिक पौधारोपण अभियान की शुरुआत की जा रही है। इस महा-अभियान के तहत पूरे प्रदेश में 21 लाख पौधे रोपने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं बारह साल विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के अभियान के प्रदेश प्रभारी अखिलेश सोनी ने इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना के बारे में बताया।भाजपा प्रदेश महामंत्री श्री सोनी ने कहा कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना और धरती को हरा-भरा करना भाजपा की वैचारिक और सामाजिक प्राथमिकताओं में शीर्ष पर है। इसी के मद्देनजर पार्टी ने इस बार प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को एक जन-आंदोलन का रूप देने का निर्णय लिया है। यह अभियान केवल शहरों या प्रमुख स्थानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे सीधे तौर पर संगठन की सबसे मजबूत इकाई श्बूथश् से जोड़ा गया है। प्रदेश के सभी बूथों में अनिवार्य रूप से पौधारोपण का कार्य किया जाएगा। श्री सोनी ने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता इस अभियान में श्पर्यावरण प्रहरीश् की भूमिका निभाएगा। हमारा उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनके जीवित रहने और उनके संवर्धन की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। हर बूथ स्तर पर इसके लिए विशेष टोलियों का गठन किया जा रहा है। समाज के सभी वर्गों, पर्यावरण प्रेमियों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों से इस पुनीत कार्य में जुड़ने का आह्वान किया गया है। श्री सोनी ने कहा कि बदलते मौसम चक्र और बढ़ते तापमान से निपटने का एकमात्र जरिया हरित आवरण को बढ़ाना है। पार्टी के सभी जन-प्रतिनिधि, पदाधिकारी और कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में इस अभियान का नेतृत्व करेंगे।
- बालोद । नैनो उर्वरक का उपयोग कर बालोद जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम नंगुटोला के किसान श्री जाहिद अंसारी अब अपनी खेती को बेहतर उत्पादन एवं मुनाफेदार बना रहे हैं। वे नैनो उर्वरक का वैज्ञानिक पद्धति से उपयोग कर अपने फसल उत्पादन में वृद्धि कर रहे है। किसान श्री जाहिद अंसारी ने बताया कि वे लगभग 07 एकड़ भूमि पर कृषि कार्य करते हैं। वे खरीफ सीजन में धान की फसल तथा रबी सीजन में मुख्य रूप से चना और गेहूं की खेती करते हैं। इसके लिए वे प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति रेंगाडबरी से उन्नत बीज और खाद प्राप्त करते हैं। जाहिद ने बताया कि इस वर्ष भी उन्होंने समय पर सहकारी समिति से पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज का उठाव कर लिया है। नैनो उर्वरक के उपयोग के संबंध में अपने अनुभव साझा करते हुए श्री जाहिद अंसारी ने कहा कि उसने कृषि विभाग के अधिकारियों के तकनीकी मार्गदर्शन में अपने खेतों में नैनो उर्वरक का छिड़काव किया है। इसका परिणाम बेहद ही प्रभावी रहा है। नैनो खाद के उपयोग से न केवल धान, चना, गेहूं की फसल की गुणवत्ता सुधरी है तथा बल्कि प्रति एकड़ उत्पादन में भी बेहतरीन वृद्धि हुई है। उन्होंने जिले के अन्य किसानों से भी अपील की है कि वे पारंपरिक खादों पर निर्भरता कम कर नैनो उर्वरक को अपनाएं, जिससे कम लागत में बेहतर और पौष्टिक फसल का उत्पादन किया जा सके। श्री जाहिद अंसारी ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा चलाई जा रही कृषक उन्नति योजना की सराहना करते हुए बताया कि इस योजना के तहत धान का बढ़ा हुआ मूल्य मिलने से हम किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है। योजना से मिली अतिरिक्त राशि का उपयोग वे अपने खेती-किसानी के कार्यों को बेहतर बनाने में कर रहे हैं। किसान हितैषी योजनाओं के निरंतर संचालन और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए किसान श्री जाहिद अंसारी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति सहर्ष आभार व्यक्त किया है।



























