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- -कोपलवाणी स्कूल के बच्चे पहुंचे लोकभवन-राज्यपाल ने संस्था को प्रदान किया ई-रिक्शारायपुर ।आज विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस के अवसर पर कोपलवाणी स्कूल के स्पीच थेरेपी सेंटर के बच्चे अपने माता-पिता एवं शिक्षकों के साथ लोक भवन पहुंचे और राज्यपाल श्री रमेन डेका से शिष्टाचार भेंट की। यह अवसर न केवल बच्चों के लिए विशेष रहा, बल्कि समाज में ऑटिज़्म के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।राज्यपाल ने बच्चे और उनके अभिभावकों तथा विशेष बच्चों के लिए समर्पित शिक्षकों से आत्मीय संवाद किया तथा उनके प्रयासों की सराहना की। इस दौरान उन्होंने ऑटिज़्म को नज़दीक से समझने का अवसर प्राप्त किया तथा विशेष बच्चों की क्षमताओं और चुनौतियों को संवेदनशीलता के साथ जाना।कार्यक्रम के दौरान श्री डेका बच्चों के साथ अत्यंत आत्मीयता से मिले और उनके साथ समय बिताया। सभी ने मिलकर नीले रंग के गुब्बारे आकाश में छोड़कर यह संदेश दिया कि समाज में हर बच्चे को समान अवसर, समझ और स्वीकार्यता मिलनी चाहिए।इस अवसर पर राज्यपाल श्री डेका ने कोपलवाणी संस्था के बच्चों के आवागमन की सुविधा के लिए अपने स्वेच्छानुदान मद से ई-रिक्शा प्रदान किए और उन्होंने ई-रिक्शा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।कोपलवाणी की डायरेक्टर श्रीमती पद्मा शर्मा ने बताया कि यह पहला अवसर है जब विशेष बच्चे लोकभवन पहुँचे हैं। अभिभावकों ने भी इसे गर्व का विषय बताया कि उनके बच्चे आज राज्यपाल से भेंट कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सही मार्गदर्शन, विशेष शिक्षकों, अभिभावकों एवं समाज के संवेदनशील लोगों के सहयोग से ये बच्चे निश्चित ही जीवन में उत्कृष्ट मुकाम प्राप्त करेंगे। कार्यक्रम में संस्था के शिक्षक, शिक्षिकाएं सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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रायपुर। राजधानी रायपुर में एक बर्खास्त पुलिसकर्मी पर पत्नी और बेटी की हत्या का आरोप है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पत्नी और बेटी को कुल्हाड़ी से काट डाला। घटना बुधवार सुबह 7 बजे की है। आरोपी गुलाब साहू ने पहले पत्नी लता साहू पर कुल्हाड़ी से हमला किया, फिर बेटी चित्रा साहू (22) को मारा। मामला विधानसभा थाना क्षेत्र के सेमरिया गांव का है। वारदात के बाद आरोपी ने खुद थाने पहुंचकर सरेंडर किया और पुलिस से कहा कि मेरी पत्नी का किराएदार से अफेयर था, मां बेटी दोनों के टॉर्चर से परेशान होकर उसने हत्या की। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पुलिस हिरासत में आरोपी गुलाब साहू ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने बताया कि लता साहू ने लगभग 4 साल साल पहले आरोपी गुलाब साहू से दूसरी शादी की थी। चित्रा, लता की पहली शादी से बेटी थी। मर्डर की सूचना पड़ोसियों ने थाने में दी थी। जिसके बाद पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों के शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
- महासमुंद. शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्री विनय लंगेह के द्वारा जिले में संचालित समस्त गैस एजेन्सियों को अपने स्टॉक की जानकारी को अद्यतन रखने का निर्देश दिया गया था, जिसके परिपेक्ष्य में खाद्य विभाग के संयुक्त जांच दल द्वारा विकासखण्ड बसना स्थित गैस एजेन्सी बंसुलीडीह इंडेन ग्रामीण वितरण की जांच किया गया। जांच में एजेन्सी में स्टॉक मूल्य बोर्ड अद्यतन नही किया जाना एवं स्टॉक पंजी संधारण नही जाना पाया गया। स्टॉक के भौतिक सत्यापन करने पर स्टॉक में सर्वर अनुसार एवं भौतिक रुप में पाये स्टॉक में अंतर पाया गया जिसके कारण संबंधित गैस एजेन्सी के द्वारा द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियम) आदेश 2000 के प्रावधानो का उल्लंघन किये जाने के कारण गैस एजेन्सी के संचालक श्री तिरिथ राम पटेल से 648 नग गैस सिलेण्डर जप्त किया गया।इसी तरह खाद्य विभाग के सयुंक्त जांच दल द्वारा महासमुन्द के होटलो, ढाबो एवं ठेलो में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानो की जांच की गई। जिसमें (1) दीपक चाट सेंटर में 02 नग घरेलु सिलेण्डर, (2) संदीप दाबेली सेंटर में 01 नग घरेलु सिलेण्डर, (3) ईडली दोसा सेंटर में 01 नग घरेलु सिलेण्डर, (4) शाही बिरयानी सेंटर में 01 नग घरेलु सिलेण्डर, (5) नवनीत पान चाय काफी में 01 नग घरेलु सिलेण्डर, (6) राजेश नाश्ता सेंटर में 01 नग घरेलु सिलेण्डर इस प्रकार कुल 06 प्रतिष्ठानो से कुल 7 नग घरेलु एलपीजी सिलेंडर का व्यवसायिक दुरुपयोग पाये जाने पर जप्त किया गया है। संबंधित गैस एजेन्सी एवं प्रतिष्ठानो के द्वारा द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियम) आदेश 2000 के प्रावधानो का उल्लंघन किये जाने के कारण घरेलु गैस सिलेण्डरो की जप्ती का प्रकरण सक्षम न्यायालय महासमुन्द में प्रस्तुत किया जा रहा है।खाद्य अधिकारी श्री अजय यादव द्वारा यह अपील किया गया है कि व्यवसायिक प्रतिष्ठानो में ईंधन के रुप में व्यवसायिक सिलेण्डरो का उपयोग करें। होटलो एवं ढाबो की नियमित जांच खाद्य विभाग द्वारा किया जाता रहेगा। घरेलु गैस सिलेण्डरो का व्यवसायिक उपयोग करते पाये जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानो के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी।--
- 0- अब तक 9078 आवेदन, 2033 घरों में सौर प्रणाली की स्थापना पूर्ण0- 1443 लाभार्थियों को सब्सिडी का भुगतानराजनांदगांव। जिले में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना को अभूतपूर्व सफलता मिल रही है। जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समन्वित प्रयासों ने इस योजना को ग्रामीण स्तर तक पहुँचाकर स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत किया है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशों एवं सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह के मार्गदर्शन में माह अक्टूबर 2025 से ही इस योजना ने तीव्र गति पकड़ी। प्रशासन द्वारा सतत मॉनिटरिंग, नियमित समीक्षा और फील्ड स्तर पर किए गए प्रयासों ने इस अभियान को जनआंदोलन का रूप दिया। जिले में अब तक कुल 9078 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 4405 लाभार्थियों ने वेंडर चयन कर लिया है, जबकि 2033 घरों में सौर प्रणाली की स्थापना पूर्ण हो चुकी है। इनमें से 1443 लाभार्थियों को सब्सिडी का भुगतान भी किया जा चुका है, जिससे उन्हें प्रत्यक्ष आर्थिक राहत मिल रही है। योजना से लाभान्वित होने के लिए प्रतिदिन औसतन 25-30 आवेदन प्राप्त हुए और 20 इंस्टॉलेशन किए गए। पिछले माह में 664 नए आवेदन और 449 इंस्टॉलेशन दर्ज किए गए, जो जिले में बढ़ती जागरूकता और जनभागीदारी का प्रमाण है।सक्रिय प्रशासनिक पहल-कलेक्टर द्वारा वेंडर्स, बैंक अधिकारियों, विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठक की गईं। इसके अलावा शहरी निकायों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, चेंबर ऑफ कॉमर्स, बिल्डर्स तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ भी विस्तृत बैठक आयोजित की गईं। शिकायतों के त्वरित समाधान और प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु विशेष निर्देश दिए गए।गांव-गांव में सूर्य सभा का आयोजनजिले के सभी विकासखंडों में बड़े पैमाने पर सूर्य सभा आयोजित की गईं। जिनमें ग्रामीणों को योजना की जानकारी दी गई और वहीं पर तत्काल पंजीयन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। इन सभाओं के माध्यम से हजारों नागरिकों ने हिस्सा लिया और बड़ी संख्या में आवेदन प्रस्तुत किए।नागरिकों को सम्मानकलेक्टर ने ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने एवं सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करने की दृष्टि से योजना में सक्रिय भागीदारी करने वाले लाभार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इससे अन्य नागरिकों में भी प्रोत्साहन बढ़ा है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक पहल का हिस्सा बनें और अपने घरों को स्वच्छ, सस्ते एवं निरंतर ऊर्जा स्रोत से सशक्त बनाएं। आने वाले महीनों में लक्ष्य है कि अधिक से अधिक परिवार इस योजना से लाभान्वित हो और जिला राजनांदगांव हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी जिले के रूप में स्थापित हो।--
- राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार खनिज विभाग द्वारा जिले में खनिज का अवैध उत्खनन एवं परिवहन करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। खनि अधिकारी ने बताया कि खनिज विभाग की टीम द्वारा आज ग्राम भर्रेगांव, खुटेरी, रवेली, कोटरासरार, अर्जुनी, भोथली, बाघमार सहित अन्य क्षेत्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खनिज अमला द्वारा खनिज मुरूव व मिट्टी एवं मुरूम व मिट्टी का अवैध उत्खनन कर परिवहन करने वालों पर कार्रवाई की गई। जिसमें ग्राम खुटेरी निवासी गोविन्द साहू के स्वामित्व की हाईवा-सीजी 07 बीएम 2500 से वाहन चालक ग्राम सिकोला निवासी टोमन यादव द्वारा मुरूम व मिट्टी का अवैध परिवहन तथा ग्राम देवरी निवासी रूपेश साहू के स्वामित्व की जेसीबी-सीजी 24 यू 4031 से वाहन चालक ग्राम केंवट नवागांव निवासी मोहित कुमार द्वारा मुरूम व मिट्टी का अवैध उत्खनन करने पर कार्रवाई करते हुए थाना सोमनी को सुपुर्द किया गया। प्रकरणों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण के रोकथाम के लिए लगातार गस्त व निगरानी की जा रही है।
- 0- राजनांदगांव जिला कोषालय में ई-चालान अनिवार्यराजनांदगांव। जिला कोषालय में भौतिक चालान प्रणाली समाप्त कर ई-चालान व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब बैंक में राशि जमा होने के बाद चालान की जानकारी सीधे ऑनलाइन कोषालय तक पहुंचेगी। नई डिजिटल व्यवस्था से प्रक्रिया पारदर्शी, आसान और रिक्ल-टाइम डेटा उपलब्ध होगा। वरिष्ठ कोषालय अधिकारी श्री दिलीप सिंह ने बताया कि सभी चालान ई-कोष पोर्टल से ऑनलाइन जनरेट होंगे। जमाकर्ता पहले पोर्टल पर पंजीकरण कर चालान बनाएंगे और प्रिंट लेकर बैंक में राशि जमा करेंगे। हर चालान पर टीआरएन (रेफरेंस नंबर) मिलेगा, जिससे ट्रैकिंग और सत्यापन आसान होगा। चालान बनने के 7 दिन के भीतर राशि जमा करना अनिवार्य है, नहीं तो चालान स्वत: निरस्त हो जाएगा। एक चालान में अधिकतम 5 हेड तक राशि दर्ज की जा सकेगी। नई व्यवस्था लागू होने से राजस्व संग्रह में पारदर्शिता बढ़ेगी, समय की बचत होगी और मैन्युअल त्रुटियां कम होंगी। जिला प्रशासन ने सभी विभागों, डीडीओ और आम नागरिकों से ई-चालान का उपयोग करने अपील की है।
- 0- उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से संवर रहा किसानों का जीवनबिलासपुर. जिले के तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम कुरेली की निवासी श्रीमती कल्पना उपाध्याय एक प्रगतिशील महिला किसान हैं। उनके पास कुल 2 हेक्टेयर कृषि भूमि है। वर्तमान में लगभग 1.5 हेक्टेयर भूमि में उद्यानिकी फसलों की खेती कर रही है। पहले उनका परिवार मुख्य रूप से केवल पारंपरिक धान की खेती पर निर्भर था। अपनी आय बढ़ाने और खेती में नयापन लाने के उद्देश्य से उन्होंने उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित समेकित उद्यानिकी विकास योजना (वर्ष 2025-26) का लाभ उठाया। योजना के अंतर्गत उन्हें 1.000 हेक्टेयर क्षेत्र में आम के पौधे लगाने और सुरक्षा हेतु फेंसिंग के लिए अनुदान प्रदान किया गया।श्रीमती कल्पना ने मुख्य फसल आम के साथ-साथ स्मार्ट खेती का परिचय देते हुए खेत में अंतर्वर्ती फसलें उगाना शुरू किया। वर्तमान में वे अपने खेत में लौकी, गोभी, बरबट्टी और अन्य साग-भाजी का भरपूर उत्पादन कर रही हैं, जिससे उन्हें धान की तुलना में कहीं अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है। कल्पना जी का मानना है कि पहले उन्हें धान की खेती के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं सूझता था, लेकिन विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और सहयोग ने उनके लिए उन्नति के नए रास्ते खोल दिए हैं। आज वे अन्य किसानों के लिए एक प्रेरणा बन चुकी हैं और भविष्य में भी पूरी तरह उद्यानिकी फसलों को अपनाने के लिए उत्साहित हैं।
- दुर्ग। प्रदेश सरकार द्वारा शासकीय स्कूलों के उन्नयन और संधारण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने दुर्ग के दीपक नगर स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल का विस्तृत निरीक्षण किये जहां विकास कार्य किया जाना है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्कूल परिसर में प्रस्तावित विकास कार्यों का बारीकी से अवलोकन किये और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बताया कि विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या और उनकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्कूल में अतिरिक्त कक्षों का निर्माण किया जाएगा, जिससे पढ़ाई का माहौल बेहतर बनेगा। इसके साथ ही स्कूल परिसर में डोमशेड का निर्माण किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को खेलकूद, प्रार्थना सभा, शैक्षणिक कार्यक्रम, सांस्कृतिक गतिविधियां और अन्य गतिविधियों के लिए सुरक्षित एवं मौसम के अनुकूल स्थान उपलब्ध होगा।शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि इन सभी निर्माण कार्यों से स्कूल का शैक्षणिक वातावरण और अधिक सुदृढ़ होगा तथा विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि दुर्ग विधानसभा क्षेत्र के 11 शासकीय स्कूलों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जबकि 10 स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा शुरू की गई है। इन स्मार्ट कक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को डिजिटल बोर्ड, ऑडियो-वीडियो सामग्री और आधुनिक तकनीक के जरिए पढ़ाई का अवसर मिल रहा है, जिससे उनकी समझ और रुचि में वृद्धि हो रही है।उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच शिक्षा के स्तर में किसी प्रकार का अंतर न रहे। हर बच्चे को समान अवसर मिले और वह आधुनिक शिक्षा से जुड़ सके, यही प्राथमिकता है।निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों से चर्चा कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं।इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष शिवेंद्र परिहार, पार्षद लीलाधर पाल, मनोज सोनी, आरईएस के इंजीनियर, स्कूल के प्राचार्य, शिक्षकगण एवं अन्य स्टाफ उपस्थित रहे।--
- 0- विशेष शिविर में 300 से अधिक लोगों का बना आयुष्मान कार्डरायपुर. कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयुष्मान कार्ड बनाने हेतु विशेष शिविरों का आयोजन लगातार किया जा रहा है। इसी क्रम में महावीर भगवान की जयंती के पावन उपलक्ष्य में जैन एडवोकेट ग्रुप द्वारा जैन मंदिर दादा बाड़ी परिसर रायपुर में तीन दिवसीय, 28 मार्च से 30 मार्च 2026 तक आयुष्मान कार्ड शिविर का आयोजन किया गया।शिविर का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाकर उन्हें शासन की स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ना था। तीन दिनों में 300 से अधिक पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाए गए, जिनमें बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक शामिल रहे।शिविर के दौरान उपस्थित नागरिकों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभ, पात्रता एवं योजना के अंतर्गत कवर बीमारियों की जानकारी भी दी गई। 70 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपना पंजीयन कराया।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, योजना के तहत पात्र वरिष्ठ नागरिकों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में 70 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के सभी पात्र नागरिकों का वय वंदना कार्ड पंजीयन कार्य निरंतर जारी है।विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि जो हितग्राही अभी तक अपना या अपने परिवार के वरिष्ठ सदस्यों का आयुष्मान कार्ड नहीं बनवा पाए हैं, वे जल्द से जल्द नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र या चॉइस सेंटर में जाकर पंजीयन कराएं।शहरी क्षेत्रों में योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए सोसाइटी एवं कॉलोनी स्तर पर भी विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इच्छुक नागरिक शिविर आयोजन हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं या दूरभाष क्रमांक 0771-4045849 पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।--
- बालोद. छत्तीसगढ़ शासन और ’ज्ञानभारतम’ के मध्य हुए एम.ओ.यू. के तहत जिले में पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के क्रियान्वयन तथा पाण्डुलिपियों की पहचान एवं दस्तावेजीकरण गतिविधियों के सफल संचालन हेतु जिला स्तरीय समिति एवं नोडल अधिकारियों का गठन किया गया है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा समिति की अध्यक्ष होंगी। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी (मोबाईल नंबर 7587202092) नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर (9630770881) सहायक नोडल अधिकारी होंगे। इसी तरह जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मधुलिका तिवारी (9425235450), जिला जनसंपर्क अधिकारी श्री चंद्रेश कुमार ठाकुर (7354584284), अधीक्षक भू-अभिलेख श्री भूपेन्द्र ताण्डेकर (8602145340) एवं सहायक प्राध्यापक नवीन काॅलेज घोटिया श्री दीपक मेश्राम (8959553921) समिति के सदस्य होंगे।उल्लेखनीय है कि समिति के द्वारा जिले के प्राचीन स्मारकों, पुरातात्विक स्थलों एवं अवशेषों की सुरक्षा, संस्कृति, कला एवं प्राचीन मुद्राओं आदि के अध्ययन में प्रोत्साहित एवं खोज में तथा संग्रहालयों में विकास में सहयोग प्रदान किया जाएगा।
- बालोद. भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती 2027 के लिये अधिसूचना जारी कर ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किया गया है। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मागदर्शन केन्द्र बालोद ने बताया कि भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती हेतु ऑनलाईन आवेदन करने की अंतिम तिथि 01 अप्रैल 2026 में वृद्धि कर 10 अप्रैल 2026 तक की गई है। उन्होंने बताया कि जिले के अविवाहित, योग्य एवं इच्छुक आवेदक जिनका जन्म 01 जुलाई 2005 से 01 जुलाई 2009 तक है, अग्निवीर भर्ती-2027 हेतु ऑनलाईन आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक अविवाहित पुरुष आवेदक भारतीय सेना की वेबसाइट https://joinindianarmy.nic.in पर अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर तकनीकी, अग्निवीर क्लर्क/स्टोर कीपर एवं अग्निवीर ट्रेडमैन (08वीं एवं 10वीं उत्तीर्ण) पदों के लिए अपनी योग्यतानुसार 10 अप्रैल 2020 तक ऑनलाईन आवदेन कर सकते हैं। इच्छुक आवेदक अग्निवीर के दो पदों के लिए अपनी योग्यतानुसार आवेदन कर सकते है।इसी तरह भारतीय थल सेना में अविवाहित युवतियों की अग्निवीर जनरल ड्यूटी पद में भर्ती हेतु ऑनलाईन आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए है। जिसके लिए आवेदक की जन्मतिथि 01 जुलाई 2005 से 01 जुलाई 2009 के मध्य होना आवश्यक है। भारतीय थल सेना में सिपाही फार्मा पदों पर अविवाहित पुरूष आवेदक हेतु आवेदक की जन्मतिथि 01 जुलाई 2002 एवं 01 जनवरी 2008 की मध्य होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन परीक्षा सीईई 01 जून 2026 से 15 जून 2026 के मध्य संभावित है। किसी भी अन्य जानकारी और समस्या के लिये सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के टेलीफोन नंबर 0771-2965212 अथवा 0771-2965214 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके साथ ही उक्त संबंध में विस्तृत जानकारी भारतीय थल सेना की वेबसाईट या जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र बालोद के सूचना पटल का अवलोकन कर सकते है।--
- दुर्ग. महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन शक्ति अंतर्गत अतिरिक्त सखी बन स्टॉप सेंटर में रिक्त पदों की पदपूर्ति हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए थे। प्राप्त आवेदन पत्रों को जिला स्तरीय चयन समिति के द्वारा स्क्रूटनी पश्चात परीक्षण कर पात्र/अपात्र की अवलोकन जिले की वेबसाईट प्रारम्भिक सूची तैयार की गई है। इस सूची का अवलोकन जिले की वेबसाईट www.durg.gov.in एवं कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग के सूचना पटल पर किया जा सकता है। संबंधित आवेदकों के द्वारा उपरोक्त सूची अनुसार 10 अप्रैल 2026 तक दावा आपत्ति प्राप्त होने पर ही स्वीकार की जाएगी। आवेदक अपनी दावा आपत्ति स्पीड पोस्ट के माध्यम से प्रस्तुत कर सकते है। किसी अन्य माध्यम ई-मेल, कोरियर या कार्यालय में उपस्थित होकर प्रस्तुत दावा आपत्ति मान्य नहीं होगी।
- दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आगजनी की घटना में मृतिका के परिजन को 04 लाख रूपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम मचान्दुर जिला दुर्ग निवासी मृतिका रूखमणी पटेल उम्र 23 वर्ष 21 नवम्बर 2023 को अपने घर में चुल्हे में खाना बनाने के लिये चूल्हा में लकड़ी लगाकर मिट्टी तेल डालकर आग लगाते समय, आग भभकने से मृतिका के पहने कपड़ों में आग लग जाने से मृतिका की शरीर बुरी तरह जल गया जिसे परिजनों द्वारा देखने पर उपचार हेतु डी.के.एस. अस्पताल रायपुर ले जाकर भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान 26 नवम्बर 2023 को मृत्यु हुई थी। कलेक्टर द्वारा शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन के प्रावधानों के अनुरूप स्व. रूखमणी पटेल की पति श्री सत्यनारायण पटेल पिता पंचू लाल पटेल को 04 लाख रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई में आज मुख्य कार्यालय सभागार कक्ष में सेवानिवृत्त होने वाले 8 कर्मचारियों को ससम्मान विदाई दी गई। निगम प्रशासन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को स्मृति चिन्ह, शाॅल एवं श्रीफल भेंट कर उनके सेवाकाल में किये गये कार्यों की सराहना की गई।इस अवसर पर निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय के निर्देशानुसार उपायुक्त डी के कोसरिया एवं सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों ने सेवानिवृत्त कर्मियों के योगदान को याद करते हुए उनके उज्जवल भविष्य, अच्छे स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की। कार्यक्रम में भावुक माहौल देखने को मिला, जहां सहकर्मियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए सेवानिवृत्त कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं। सेवानिवृत्त होने वाले मुख्य अभियंता भागीरथ वर्मा, सहायक ग्रेड-02 उत्तम कुमार साहू, कारपेन्टर अनुरूद्व सिंह यादव, सहायक मिस्त्री जंगली, सफाई कामगार जी चिनैया, जोहरिक राम, गरीबा राम देवांगन एवं बेदलाल टंडन हैं।उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण से ही निगम की कार्यप्रणाली मजबूत होती है। उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के दीर्ध सेवाकाल की सराहना करते हुए अनके आगामी जीवन के लिए मंगलकामनाएं एवं शुभकामनाएं दीं। विदाई समारोह में निगम के उद्यान सह जनसंपर्क अधिकारी तिलेश्वर साहू, सहायक अधीक्षक शालिनी गुरव, शशिभूषण मोहंती, वामन राव, राज सच्चर, नवीन साहू, उन्मेश साहू, शंकर साहनी, दशरथ ध्रुव, हेमचंद्र बंजारे, सेवानिवृत्त कर्मचारी श्रवण ठाकुर सहित निगम कर्मचारी एवं संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।--
- 0- जिला प्रशासन द्वारा उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेण्डर्स उपलब्ध कराने किए गए हैं समुचित उपायबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार पश्चिम एशियाई संकट के मद्देनजर बालोद जिले के उपभोक्ताओं को समय पर समुचित मात्रा में गैस सिलेण्डर उपलब्ध कराने हेतु चाक-चैबंद व्यवस्था की गई है। बालोद जिले के गैस एजेंसियों में पर्याप्त मात्रा में घरेलु एवं कामर्शियल गैस सिलेण्डर उपलब्ध होने से हितग्राहियों को गैस सिलेण्डर प्रबंध करने में किसी प्रकार की परेशानी नही हो रही है। उल्लेखनीय है कि बालोद जिला प्रशासन द्वारा किए गए बेहतरीन व्यवस्था के फलस्वरूप 01 अप्रैल के लिए बालोद जिले के गैस एजेंसियों के पास कुल 2633 घरेलु एवं 51 कामर्शियल गैस सिलेण्डर्स उपलब्ध रहा। इसके अंतर्गत 01 अप्रैल के लिए पूर्व इण्डेन वितरक गैस एजेंसी गुरूर के पास 140 घरेलु एवं 02 कामर्शियल, अरमरीकला ग्रामीण वितरक गुरूर के पास 169 घेरलु, बिरेतरा एचपी गैस एजेंसी गुण्डरदेही के पास 127 घरेलु, मोहंदीपाट इंडेन ग्रामीण वितरक के पास 213 घरेलु एवं 01 कामर्शियल, सौम्य एचपी गैस एजेंसी गुण्डरदेही के पास 360 घरेलु, काम्बले गैस एजेंसी दल्लीराजहरा के पास 399 घरेलु एवं 38 कामर्शियल, गोविंद इण्डेन गैस एजेंसी बालोद के पास 618 घरेलु एवं 10 कामर्शियल, ओम साई एचपी गैस एजेंसी डौण्डीलोहारा के पास 87 घरेलु, देवरी बंगला एचपी गैस एजेंसी के पास 46 घरेलु, आदिमजाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित पापरा इण्डेन ग्रामीण वितरक के पास 134 घरेलु एवं शारदा गैस एजेंसी मंगचुवा के पास 340 घरेलु गैस सिलेण्डर उपलब्ध रहा।कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार पश्चिम एशियाई संकट के कारण उत्पन्न स्थिति में बालोद जिले के उपभोक्ताओं को समय पर समुचित मात्रा में गैस सिलेण्डर उपलब्ध कराने हेतु प्रशासनिक अमले के द्वारा फील्ड विजिट कर निरंतर माॅनिटरिंग की जा रही है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने इस दौरान एलपीजी, डीजल, पेट्रोल एवं अन्य सभी आवश्यकत वस्तुओं की नियमित निगरानी एवं आपूर्ति की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा अनुभाग स्तरीय समितियों का भी गठन किया गया है। जिसके फलस्वरूप जिले के उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेण्डर एवं अन्य जरूरी चीजों की प्रबंध करने में किसी भी प्रकार की कठिनाई नही हो रही है।
- 0- राजस्व एवं नगर पालिका के अमले ने बस स्टैण्ड बालोद में चलाया अभियानबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार बालोद जिले में प्रशासनिक अमले के द्वारा शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने हेतु निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इसके अंतर्गत आज एसडीएम बालोद श्री नूतन कंवर, तहसीलदार श्री आशुतोष शर्मा एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री मोबिन अली के नेतृत्व में राजस्व एवं नगर पालिका के संयुक्त टीम के द्वारा नया बस स्टैण्ड बालोद में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। इस दौरान नया बस स्टैण्ड के अनेक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त किया गया।
- भिलाईनगर । नगर पालिक निगम प्रशासन द्वारा शहर के आवागमन को सुगम बनाने और सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के अभियान के तहत आज वार्ड क्रमांक 24, हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में बड़ी कार्यवाही की गई। उड़नदस्ता प्रभारी एवं सहायक राजस्व अधिकारी की उपस्थिति में निगम के तोड़फोड़ दस्ते ने हनुमान मंदिर के पास स्थित 'अर्बन चाय' ठेला सहित सड़क किनारे किए गए अन्य अवैध कब्जों को हटाया।कार्यवाही का मुख्य कारण मुख्य मार्ग और सार्वजनिक भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर व्यवसाय संचालन करना, जिससे यातायात बाधित हो रहा था। यह कार्यवाही उड़न दस्ता प्रभारी विनय शर्मा, सहायक राजस्व अधिकारी प्रसन्न तिवारी, हरिओम गुप्ता एवं जोन टीम सहित राजस्व कर्मचारीयो के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में संपन्न हुई। निगम के तोड़फोड़ दस्ते एवं जोन टीम ने मौके पर पहुँचकर अवैध संरचनाओं और ठेले को जब्त कर मार्ग साफ कराया। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थलों और मुख्य सड़कों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद कब्जे न हटाए जाने के कारण यह सख्त कदम उठाना पड़ा।नगर निगम प्रशासन ने समस्त व्यवसायियों और नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित सीमा के भीतर ही अपना व्यवसाय संचालित करें। भविष्य में भी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में इसी प्रकार की निरंतर कार्यवाही जारी रहेगी ताकि शहर की सुव्यवस्था बनी रहे।
- 0- अब तक 3800 से अधिक शासकीय कर्मचारियों को मिल चुका तकनीकि ज्ञानरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में प्रोजेक्ट दक्ष का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत अब तक कुल 224 बैचों में 3825 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। आज लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 45 से अधिक कर्मचारियों ने प्रोजेक्ट दक्ष के तहत ट्रेनिंग ली।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शासकीय कार्यप्रणाली को डिजिटल रूप से सशक्त, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को कंप्यूटर एवं मोबाइल के मूलभूत उपयोग, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, डिजिटल दस्तावेज़ प्रबंधन तथा ई-मेल जैसे आधुनिक डिजिटल टूल्स की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।प्रोजेक्ट दक्ष से शासकीय कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता में वृद्धि हुई है, जिससे ई-गवर्नेंस को मजबूती मिल रही है और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता व गति में भी सुधार हो रहा है। यह पहल शासन की डिजिटल इंडिया और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
- 0- लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कर्मचारियों ने सीखा प्राथमिक उपचार और सीपीआररायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में जिला प्रशासन रायपुर एवं रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के संयुक्त प्रयास से “प्रोजेक्ट सुरक्षा” कार्यक्रम के अंतर्गत महत्वपूर्ण जीवनरक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “प्रोजेक्ट सुरक्षा” कार्यक्रम के अंतर्गत आज 45 लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार किट के उपयोग और सीपीआर तकनीक का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।रेडक्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के सहायक प्रबंधक श्री देवप्रकाश कुर्रे ने प्रशिक्षण का संचालन करते हुए आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षक तकनीकों की महत्ता को समझाया। उन्होंने सीपीआर की विस्तृत विधि का व्यवहारिक प्रदर्शन किया। साथ ही यह बताया कि कैसे सांस रुकने या हृदय गति बंद होने जैसी गंभीर स्थितियों में समय रहते सही तरीके से दी गई सहायता किसी व्यक्ति की जान बचा सकती है।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशानुसार संचालित प्रोजेक्ट सुरक्षा के तहत 16 जुलाई 2025 से अब तक 17,414 लोगों को 150 बैच के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया है ।
- 0- बैंकर्स संघ के पदाधिकारियों का हेल्थ चेकअप करने के बाद डाक्टरों ने सेहतमंद रहने के दिए गए टिप्सरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के सियान गुड़ी में मंगलवार को पहुंचे बैंकर्स ग्रुप के सदस्यों ने खूब एंजाॅय किया। नियमित योग और स्वास्थ्य जांच के साथ सभी ने रोचक गेम्स खेले। योग एक्टिविटी के तहत योग की कलाओं का पासिंग पास गेम खेला गया, जिसे सभी ने खूब एंजाॅय जाय किया। वहीं खट्टी- मीठी बातों के बीच सभी ने अपना परिचय दिया और मंडल की सियान गुड़ी के बारे में जाना।महाराष्ट्र मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने बताया कि मंगलवार को सियान गुड़ी में नियमित आने वाले बुजुर्गों के अलावा कालीबाड़ी का बैंकर्स ग्रुप पहुंचा था। बैंकर्स ग्रुप को महाराष्ट्र मंडल के सेवाभावी कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें सियान गुड़ी के रूटीन कार्यक्रमों के बारे में भी बताया गया। इसके बाद बैंकर्स ग्रुप के कार्डिनेटर मोंटू बाइन ने अपने ग्रुप की जानकारी दी और सभी सदस्यों ने अपना-अपना परिचय दिया।इस अवसर पर डा. कमल वर्मा ने सभी सदस्यों को अपने-अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरुक रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि रिटायरमेंट के बाद सभी को कुछ न कुछ स्वास्थ्यगत परेशानी आती है। ऐसे में अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। अगर हमारी कुछ दवाइयां चल रही हैं, तो उसे नियमित रुप से लेना जरूरी है। वहीं फिजियोथैरेपिस्ट डा. अंकिता काले ने कहा कि मंडल द्वारा नाममात्र शुल्क पर फिजियोथैरेपी सेंटर चलाया जा रहा है। बैंकर्स को आमतौर पर कुर्सी में बैठे रहने के कारण सरवाइकल, आइब्रो पेन, बैक पैन की समस्या आती है। आपको या आपके किसी परिचित को फिजियोथैरेपी की आवश्यता पड़ती है, तो आप मंडल के फिजियोथेरेपी सेंटर में आ सकते हैं।महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक और योग समिति की समन्वयक आस्था काले ने सभी को योग, प्राणायाम और भ्रामरी के टिप्स देते हुए फायदे बताए। उन्होंने सभी से योग का पासिंग पास गेल खिलाया। जिसे सभी ने खूब एजाय किया। उन्होंने सभी बुजुर्गों को एक लाइन से खड़ा कर दिया। जिसके बाद लाइन में खड़ी प्रथम महिला को उन्होंने योग के कुछ आसन करके दिखाए। फिर उस महिला को अपने अगले प्रतिभागी को वैसा ही करके दिखाना था। यह क्रम अंतिम तक चलता रहा। अंतिम तक पहुंचते- पहुंचते योग का प्रारूप पूरी तरह बदल गया। अंत में सभी ने स्वादिष्ट व्यंजन का स्वाद लिया।इस अवसर पर संध्या खंगन, सियान गुड़ी प्रबंधक मनीष देसाई, स्वावलंबन समिति के प्रवीण क्षीरसागर, बैंकर्स ग्रुप के मोंटू बाइन, अरण बवालीर, प्रवीण सेनशर्मा, अशीष दासगुप्ता, समीर दास, स्वपन कुमार बैनर्जी, तपन भट्टाचार्य, मनोरंजन धरामी, रंजन पाल, जयंत मुखर्जी, तपन कुमार गिल, संजय भौमिक, पवित्र मुखर्जी, मल्लिका गिल, कमल भट्टाचार्य सहित अनेक बैंकर्स उपस्थित रहे।--
- 0- दादाबाड़ी में हुए भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव 2026 में किया गया अभिनंदनरायपुर। दादाबाड़ी तीर्थ में आयोजित भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव 2026 में महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष और वरिष्ठ समाजसेवी अजय मधुकर काले को जैन रत्न अलंकरण सम्मान से सम्मानित किया गया। काले को यह सम्मान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हाथों प्रदान किया गया। इस अवसर पर समाज सेवा, पत्रकारिता, शिक्षा और उच्च शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को भी “जैन रत्न अलंकरण” से सम्मानित किया गया। समारोह में रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत व समाजसेवी लोकेश कावड़िया भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।काले को समाजसेवा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया। बताते चलें कि 1989 में महाराष्ट्र मंडल की सदस्यता लेने के बाद मंडल के सभी प्रकल्पों और महाराष्ट्र मंडल ट्रस्ट के विभिन्न पदों पर समर्पण भाव से काम किया। उसी का नतीजा है कि सन 2010 से लेकर 2024 तक आठ बार निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित हुए। वे मंडल के विभिन्न प्रकल्पों के माध्यम से लगातार समाजसेवा में जुटे हैं। करीब 69 बार रक्तदान कर चुके अजय काले ने सन् 1985 में ही देहदान और नेत्रदान का फॉर्म भरकर इसकी घोषणा कर दी थी।मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि समाज सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और परमार्थ के क्षेत्र में जैन समाज का योगदान अनुकरणीय है। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने, प्रेरित करने और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- 0- महाराष्ट्र मंडल में जारी रामकथा के अंतिम दिन पुणे के आचार्य अय्यर ने जीवन जीने की आध्यात्मिक कला पर दिया जोररायपुर। स्प्रिचुअल हेल्थ को लेकर लोगों की बढ़ती जागरूकता उत्साहजनक है। कथा के बाद भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आध्यात्म से जुड़ी शंकाओं और दुविधाओं को दूर करने के लिए आते हैं। स्वस्फूर्त चर्चा करते हैं। यह उतना ही जरूरी है, जितना कि शारीरिक स्वास्थ्य के लिए हम सजग रहते हैं और थोड़ी से परेशानी आने पर डाॅक्टर के पास जाते हैं।महाराष्ट्र मंडल के शिवाजी महाराज सभागृह में जारी रामकथा के अंतिम दिन आचार्य रामनाथ रामचंद्र अय्यर ने इस आशय के विचार व्यक्त करते हुए धर्मावलंबी के रूप में हमारी जीवनशैली कैसी होनी चाहिए पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि हर घर में पूजा यजमान को ही करनी चाहिए। शाम को दीया बत्ती भी उनकी ही ओर से होना चाहिए। घर के संचालन सहित सभी बाहरी कामकाज यजमान को करना चाहिए। घर की लक्ष्मी को प्रतिदिन तुलसी में पानी डालना, हल्दी-कुंकू लगाना चाहिए। इसी तरह दरवाजे पर आने वाले भिक्षु को दान भी उसे ही देना चाहिए। घर में आने वाले अतिथि का आत्मीय स्वागत करने से लेकर उसे सुस्वाद भोजन कराने की जिम्मेदारी घर की स्त्री की होती है। वैसे भी धर्म शास्त्रों में उसे अन्नपूर्णा का दर्जा प्राप्त है, जिनके हाथ में कलछी है।आचार्य अय्यर ने जोर देकर कहा कि कभी भी पुत्र और पुत्री में भेद नहीं करना चाहिए। स्मरण रखना चाहिए कि लड़का यदि राम होता है, तो उसका रामत्व सीता से ही पूरा होता है। कबीर ने कहा कि लड़का एक वंश को चलाता है, तो लड़की दो वंशों को तारती है। उन्होंने भगवान का शाब्दिक अर्थ बताते हुए कहा कि भग का अर्थ ऐश्वर्य है अर्थात जब भी आप भगवान के दर्शन करें, तो दान स्वरूप कुछ न कुछ अर्पण करें। इसी तरह आरती लेते समय भी सिर्फ हाथ घुमाकर अपने कर्तव्य की इतिश्री न करें, बल्कि आरती की थाल में कुछ न कुछ डालें।रामनाथ रामचंद्र ने कहा कि शास्त्रों में लिखा है कि पांच वर्ष की आयु तक बच्चों को लाड़ करें। 5 से 16 वर्ष की आयु तक संस्कारवान बनाने के लिए यथासंभव प्रयत्न करें। 16 वर्ष के बाद उन्हें अपना मित्र बनाएं और बराबरी का भरोसा देने के लिए उनके कंधों पर हाथ भी रखें। अब इतना भी बराबरी का भरोसा न दें कि वह आपके कंधों पर हाथ रखे, यह अधर्म होगा। रामकथा के अंतिम दिन के यजमान अभय काले और अरुण पराडकर रहे। हरे रंग के ड्रेस कोड में बड़ी संख्या में भक्तजनों ने रामकथा का श्रवण किया।
- -140 करोड़ देशवासियों को जोड़ रहा है एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान - मुख्यमंत्री श्री साय-लोकभवन में मनाया गया विभिन्न राज्यों का स्थापना दिवसरायपुर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि यह अवसर इन राज्यों की समृद्ध विरासत, ऐतिहासिक परंपराओं और विकास यात्रा को स्मरण करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू की गई एक भारत श्रेष्ठ भारत योजना का उद्देश्य विभिन्न राज्यों की भाषा, संस्कृति और परंपराओं के माध्यम से आपसी समझ और जुड़ाव को बढ़ाना है जिससे भारत की एकता और अखंडता मजबूत होती है। राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में आज लोकभवन में 7 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय विशेष रूप से उपस्थित थे।एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस समारोह में राज्यपाल श्री डेका ने मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, दादरा एवं नगर हवेली एवं दमन दीव, बिहार, राजस्थान और ओडिशा राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। राज्यपाल ने मिजोरम और अरूणाचल प्रदेश की प्राकृतिक संुदरता और जनजातीय संस्कृति, दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन-दीव की पर्यटन एवं औद्योगिक विशेषताओं, बिहार के लोगों का अर्थव्यवस्था एवं विकास में योगदान, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत, राजस्थान के लोगों के व्यापारिक उन्नति और शौर्य परंपरा तथा ओडिशा के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बहुत समानताएं हैं। राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और ऐसे आयोजन राष्ट्रीय एकता को और अधिक मजबूत बनाते हैं।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत 140 करोड़ देशवासियों को जोड़ रहा है। भाषा, वेशभूषा, खान-पान में भले ही हम अलग अलग है लेकिन अनेकता में एकता हमारी देश की विशेषता हैं। एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम इसी भावना को दर्शाता है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच रोटी बेटी के संबंध, राजस्थान के व्यापारियों का छत्तीसगढ़ के व्यापार एवं उद्योग की उन्नति में योगदान सहित अन्य राज्यों की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत हम लोग विभिन्न राज्यों में जाकर वहां की संस्कृति से परिचित हो रहे हैं।समारोह में राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों की विशेषताओं, परंपरा, संस्कृति पर प्रकाश डाला। समारोह में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सभी राज्यों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया। राज्यों के प्रतिनिधियों ने भी राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।कार्यक्रम में राज्यपाल के विधिक सलाहकार श्री भीष्म प्रसाद पाण्डेय के सेवानिवृत्त होने के अवसर पर राज्यपाल ने उनका सम्मान किया। इसी तरह राज्यपाल की उप सचिव सुश्री निधि साहू ने देहदान का निर्णय लिया है, जिसकी सराहना करते हुए श्री डेका ने उन्हें भी सम्मानित किया।कार्यक्रम में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, अन्य जनप्रतिनिधि, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर प्रसन्ना, अन्य अधिकारी एवं इन सभी राज्यों के युवा, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- आत्मसमर्पित व नक्सल पीड़ितों को कलेक्टर ने सौंपा नियुक्ति पत्रप्रशिक्षण उपरांत रोजगार देने वाला पहला जिला बना कांकेररायपुर / मानव समाज का सबसे उत्कृष्ट पहलू सकारात्मक परिवर्तन है, जिससे जीवन में नवाचार और नए विचार जन्म लेते हैं। ऐसा ही बदलाव आत्मसमर्पित माओवादियों के जीवन में दिखाई दे रहा है। जिला प्रशासन की पहल पर उन्हें पहले प्रशिक्षित किया गया और अब कुशल होने के बाद रोजगार भी मुहैया हो रहा है। आत्मसमर्पित माओवादियों को भानुप्रतापपुर के ग्राम मुल्ला (चौगेल) के कैम्प में विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें पारंगत होने के बाद प्रशासन के प्रयासों से रोजगार भी दिलाया जा रहा है। मुख्यधारा में लौटकर प्रशिक्षण के उपरांत रोजगार प्रदान करने के मामले में उत्तर बस्तर कांकेर पहला जिला है।कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर और जिला पंचायत के सीईओ श्री हरेश मंडावी ने आज कलेक्टर कक्ष में आज सुबह 04 आत्मसमर्पित माओवादी व पीड़ितों को नियुक्ति पत्र सौंपा तथा उन्हें नई शुरूआत के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। इनमें पुनर्वासित सगनूराम आंचला एवं नक्सल पीड़ित रोशन नेताम, बीरसिंह मंडावी और संजय नेताम शामिल थे। इन सभी को निजी फर्म का नियुक्ति पत्र प्रदाय किया गया, जहां 15 हजार रूपए प्रतिमाह मानदेय और अन्य प्रकार की वित्तीय सुविधाएं प्राप्त होंगी। श्री आंचला ने बताया कि शिक्षा और सही-गलत की जानकारी के अभाव में माओवादी संगठन से जुड़ गया था। उन्हांने कहा कि मनुष्य की अहमियत मुख्यधारा में जुड़ने के बाद ही पता चली। जीवन के अलग-अलग रंगों व वास्तविक खुशियों की पहचान अब जाकर हुई। श्री आंचला ने शासन-प्रशासन का आभार मानते हुए कहा कि जीने का असली मकसद अब मिला है।इसी तरह माओवाद पीड़ित श्री बीरसिंह मंडावी ने कहा कि ग्राम मुल्ला (चौगेल) के कैम्प में पुनर्जीवन मिला है, जहां निःशुल्क प्रशिक्षण देकर उन्हें कुशल एवं पारंगत बनाया गया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद जिला प्रशासन द्वारा रोजगार भी दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर हिंसा का मार्ग छोड़ समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं। ज्ञात हो कि प्रशिक्षण देकर उन्हें नियोजित करने के मामले में कांकेर बस्तर संभाग का पहला जिला बन गया है। यह शासन की विशिष्ट पहल है, जिसके चलते उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने व तराशने तथा उसे नई दिशा देने की कवायद हो रही है। इस प्रकार शासन की सकारात्मक पहल का प्रत्यक्ष लाभ पुनर्वासितों व पीड़ितों को मिल रहा है।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीणों को मिला पेयजल संकट से मुक्ति-जल जीवन मिशन से हर घर पहुंचा नल जलरायपुर /केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन ने सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित ग्राम सालातोंग में बदलाव की नई इबारत लिख दी है। 15 अगस्त 2019 को शुरू किए गए इस मिशन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को प्रति व्यक्ति प्रतिदिन न्यूनतम 55 लीटर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में इसी लक्ष्य को साकार करते हुए नियद नेल्लानार योजना अंतर्गत कोंटा ब्लॉक के दूरस्थ ग्राम सालातोंग में अब हर घर तक नल से स्वच्छ पानी पहुंच रहा है।ग्राम सालातोंग, जो कोंटा से लगभग 100 किमी तथा जिला मुख्यालय सुकमा से 90 किमी दूर स्थित है, लंबे समय तक नक्सल समस्या और पेयजल संकट से जूझता रहा। गांव के लगभग 80 घरों के लोग पीने और घरेलू उपयोग के लिए एक छोटे नाले पर निर्भर थे। गर्मी के मौसम में जब महीनों तक बारिश नहीं होती थी, तब नाले का जलस्तर इतना घट जाता था कि ग्रामीणों को बेहद सीमित मात्रा में पानी निकालना पड़ता था। कई बार पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष परेशानी होती थी।अब जल जीवन मिशन के माध्यम से गांव में 100 नल कनेक्शन प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित कर कार्य तेजी से किया गया, जिससे ग्रामीणों को घर बैठे शुद्ध जल उपलब्ध होने लगा है। मिशन के लागू होने के बाद गांव में न केवल जल संकट दूर हुआ, बल्कि स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से स्वास्थ्य में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। जलजनित बीमारियों में कमी आई है और ग्रामीणों की जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन हुआ है।जल जीवन मिशन के तहत सालातोंग में जल संरक्षण और जल सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। गांव के जल स्रोतों सोलर आधारित सिस्टम एवं हैंडपंप का नियमित रूप से जल गुणवत्ता परीक्षण किया जा रहा है। इस कार्य में “जल बहिनियाँ” भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जिनमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और गांव की शिक्षित महिलाएं शामिल हैं। इन्हें जल गुणवत्ता परीक्षण का प्रशिक्षण देकर सशक्त बनाया गया है, ताकि वे स्वयं पानी की जांच कर ग्रामीणों को सुरक्षित जल उपलब्धता सुनिश्चित कर सकें।ग्रामीणों ने इस मिशन के लिए मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब पानी के लिए भटकना नहीं पड़ता, घर में नल से पानी मिल रहा है, जिससे हमारा जीवन आसान और सुरक्षित हुआ है। जल जीवन मिशन ने सालातोंग में स्वच्छ जल पहुंचाकर यह साबित कर दिया है कि सरकार की योजनाएं जब जमीन पर उतरती हैं, तो दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी विकास की नई रोशनी पहुंचती है।



























