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- टिपरी (भद्रवाह)। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में करीब 200 प्रगतिशील किसानों ने मक्के की पारंपरिक खेती छोड़ पहाडिय़ों के ढलान पर खुशबूदार लैवेंडर के फूल की खेती शुरू की है जो उनके लिए अपेक्षाकृत अधिक फायदेमंद होने के साथ जिले में बैंगनी क्रांति की भी शुरुआत है।केंद्र सरकार की सुगंध मिशन योजना के तहत लैवेंडर के फूल की खेती करने वाले किसानों ने कहा कि गैर पारंपरिक सुगंधित पौधों की खेती शुरू कर वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार कर रहे हैं।उल्लेखनीय है कि प्राकृतिक उत्पादों से दवा पर शोध करने की प्राथमिक जिम्मेदारी के साथ वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ने छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने के लिए पूरे देश में सुंगध वाली फसलों के उत्पादन को लोकप्रिय करने और मूल्य संवर्धन उपाय के लिए प्रौद्योगिकी देने के लिए सुगंध मिशन की शुरुआत की है।मूल रूप से यूरोप की प्रजाति लैवेंडर की खेती को भारतीय समवेत औषध संस्थान (आईआईआईएम)ने सीएसआईआर के सुगंध मिशन के तहत 2018 में डोडा, किश्तवाड़ और राजौरी जिले में लोकप्रिय करने की शुरुआत की थी। ठंडी जलवायु और सहायत परिस्थितियों के मद्देनजर डोडा जिले स्थित भद्रवाह क्षेत्र के 200 सीमांत किसानों ने लैवेंडर की खेती शुरू की।सीएसआईआर-आईआईआईएम जम्मू के वरिष्ठ वैज्ञानिक सुमित गैरोला ने बताया, मार्च 2020 तक सीएसआईआर के सुगंध मिशन के तहत 500 किसानों को 100 एकड़ जमीन में लैवेंडर की खेती के लिए आठ लाख पौधे मुफ्त में दिए है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा उन्हें लैवेंडर का तेल निकालने सहित अन्य तकनीकी सुविधा भी दी गई और किसानों ने 2018 से 2020 के बीच 800 लीटर लैवेंडर तेल का उत्पादन किया जिसकी कीमत 80 लाख रुपये है। गैरोला ने बताया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की पहल के बाद स्थानीय उद्यमी भी उन्हें प्रोत्साहित कर रहे हैं।--
- नई दिल्ली। कोविड-19 के प्रकोप के चलते शुरू हुए लॉकडाउन के कारण स्कूलों की पढ़ाई और परीक्षाओं पर असर पडऩे के साथ-साथ छात्रों को अब गर्मियों की छुट्टियां भी घर में बंद रहकर बितानी पड़ रही हैं।भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा शुरू की जा रही ऑनलाइन प्रतियोगिताएं स्कूली छात्रों की इस एकरसता को तोडऩे का अवसर लेकर आयी हैं। इसरो साइबरस्पेस प्रतियोगिता (आईसीसी)-2020 नामक इस पहल के अंतर्गत स्कूली छात्रों के लिए चार वर्गों में अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर केंद्रित प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।इन प्रतियोगिताओं के पहले वर्ग में पहली से तीसरी कक्षा के छात्रों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। दूसरे वर्ग में चौथी से आठवीं कक्षा के छात्र विज्ञान शिल्प या मॉडल्स में अपने हाथ आजमा सकते हैं। इसी तरह, नौवीं और दसवीं के छात्रों को निबंध प्रतियोगिता में शामिल होने का अवसर मिल सकता है। जबकि, ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के छात्र निबंध लेखन के साथ-साथ प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में भी हिस्सा ले सकते हैं। इन प्रतियोगिताओं में शामिल होने के लिए 24 जून 2020 से पहले इसरो की वेबसाइट https://www.isro.gov.in/icc-2020 पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा।यह प्रतियोगिता भारत में पढ़ रहे स्कूली छात्रों के लिए है। चारों वर्गों में शामिल सभी प्रतियोगिताएं अलग-अलग रूप से आयोजित की जाएंगी। किसी वर्ग विशेष की श्रेणी के लिए छात्रों की संबद्धता शैक्षणिक वर्ष 2020-21 के दौरान उनके नामांकन पर आधारित होगी। जिन छात्रों के शैक्षणिक वर्ष 2019-20 के परिणाम अभी नहीं आए हैं, उन्हें भी यह मानकर प्रतियोगिता में शामिल किया जा सकता है कि उन्होंने परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है और शैक्षणिक वर्ष 2020-21 में दाखिला ले लिया है। हालाँकि, यह शर्त केवल ऑनलाइन माध्यम से आईसीसी-2020 प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए है और इसे किसी अन्य उद्देश्य के लिए समर्थन के रूप में नहीं लिया जा सकता है।सफल पंजीकरण के लिए एक विशिष्ट पंजीकरण संख्या प्रतियोगियों को प्राप्त होगी। चित्रकला, मॉडल मेकिंग व विज्ञान शिल्प और निबंध प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों को पेपर पर अपनी रचनात्मकता को उकेरना है और फिर उसकी फोटो लेकर या स्कैन करके इसरो की वेबसाइट पर अपलोड करना है। प्रतियोगिता का विषय पंजीकृत ईमेल पर भेजा जाएगा और इसरो की वेबसाइट पर भी प्रदर्शित किया जाएगा। स्कैन की हुई फोटो जेपीईजी या फिर पीडीएफ फॉर्मेट में भेजनी होगी। अपलोड की जाने वाली फाइल का नाम प्रतिभागी की पंजीकरण संख्या के नाम पर होगा।चित्रकला प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों को ए-3 आकार के पेपर का प्रयोग करना होगा और ड्राइंग के लिए उन्हें वाटर कलर, वैक्स या पेंसिल रंगों का उपयोग करना है। मॉडल-मेकिंग या विज्ञान शिल्प प्रतियोगिता में कार्डबोर्ड, कागज, कपड़े, चिपकाने वाले टेप, रंग और गोंद का उपयोग करके मॉडल बनाना होगा। मॉडल बनाने के लिए किसी अन्य सामग्री के उपयोग की अनुमति नहीं है। इस तरह बनाए गए मॉडल को भी स्कैन करके या फोटो खींचकर इसरो की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा।निबंध लेखन प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों को पंजीकरण के दौरान चयनित भाषा में एक हजार शब्दों में अपने हाथ से निबंध लिखकर वेबसाइट पर अपलोड करना है। निबंध लिखने के लिए ए-4 आकार के पेपर का उपयोग कर सकते हैं। निबंध लिखने के लिए सिर्फ नीली या काली स्याही का उपयोग करना है। टाइप किए हुए निबंध स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इंटरनेट से सामग्री कॉपी की हुई पायी गई तो प्रतियोगी का पंजीकरण निरस्त किया जा सकता है। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के बारे में इसरो के पोर्टल पर तौर-तरीकों का विस्तार से उल्लेख किया जाएगा।प्रतियोगिता में शामिल शीर्ष 500 प्रतिभागियों के नाम की घोषणा इसरो की वेबसाइट पर की जाएगी और उन्हें मेरिट प्रमाण-पत्र ईमेल या फिर पोस्ट के माध्यम से भेजे जाएंगे। अन्य सभी प्रतिभागियों को ईमेल के माध्यम से भागीदारी प्रमाण पत्र दिया जाएगा।----
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-सीआईएमएपी ने औषधीय और सुगंधित पौधों पर फोटोग्राफी प्रतियोगिता की घोषणा की
नई दिल्ली। औषधीय और सुगंधित पौधों ने हमेशा से लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। इनमें से कुछ पौधे अविश्वसनीय रूप से सुंदर होते हैं जबकि कुछ विशेष स्थानों पर ही पाए जाते हैं। मानव और पशुओं के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए उनके महत्व व मूल्य को लोगों की स्वीकार्यता मिली है। लेकिन बहुत से लोग इन पौधों में से अधिकांश की उपयोगिता और औषधीय महत्व से पूरी तरह परिचित नहीं हैं। इन पौधों की उपयोगिता के बारे में जागरूकता पैदा करने के प्रयास के तहत, केंद्रीय औषधीय और सुगंध पौधा संस्थान (सीआईएमएपी) ने औषधीय और सुगंधित पौधों पर एक फोटोग्राफी प्रतियोगिता की घोषणा की है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से, सीआईएमएपी इन औषधीय पौधों के संरक्षण का संदेश भी देना चाहता है।प्रतियोगिता का विषय है - अपने औषधीय और सुगंधित पौधे (एमएपी) को जानें। पहले, दूसरे और तीसरे स्थान के विजेताओं को नकद पुरस्कार के रूप में क्रमश: 5000 रुपये, 3000 रुपये और 2000 रुपये दिए जायेंगे। इसके अलावा,1000 रुपये के 10 सांत्वना पुरस्कार भी होंगे।प्रतियोगिता सभी भारतीय शौकिया (ऐमचर) और पेशेवर फोटोग्राफरों के लिए खुली है। प्रत्येक प्रविष्टि के लिए अधिकतम तीन फोटोग्राफ प्रस्तुत किए जा सकते हैं। स्वदेशी पौधों को प्राथमिकता दी जायेगी और संस्थान ने बागवानी या सजावट के सामान्य पौधों की तस्वीरों से बचने का अनुरोध किया है। प्रत्येक तस्वीर में पौधे का सही लैटिन और स्थानीय भाषा में नाम होना चाहिए और 20-30 शब्दों में इसके औषधीय और सुगंधित महत्व के बारे लिखा होना चाहिए। केवल मौलिक व डिजिटल तस्वीरों को ही स्वीकार किया जाएगा, लेकिन प्रविष्टियों को ए4 पृष्ठ पर रंग के साथ छपा होना चाहिए। डिजिटल इमेज, एंट्री 300 डीपीआई के न्यूनतम रिज़ॉल्यूशन के साथ 3 एमबी आकार से कम का नहीं होना चाहिए। तस्वीर जेपीईजी या टीआईएफएफ प्रारूप में होनी चाहिए, डिस्प्ले रिज़ॉल्यूशन 1086 & 768 होना चाहिए और लम्बवत आकार 1086 से अधिक नहीं होना चाहिए। रॉ फ़ाइलों को बाद की तारीख में जमा करने के लिए कहा जा सकता है यदि तस्वीर को पुरस्कार के लिए चुना जाता है।प्रतिभागी को स्व-घोषणा करनी होगी कि फोटो को प्रतियोगिता में प्रवेश पाने के लिए मेल भेजने वाले व्यक्ति द्वारा स्वयं शूट किया गया है। विजेता फोटो का कॉपीराइट फोटोग्राफर के पास रहेगा, लेकिन सीआईएमएपीको प्रविष्टियों को प्रदर्शित करने और औषधीय व सुगंधित पौधों के प्रचार के लिए प्रचार सामग्री के रूप में उपयोग करने का अधिकार होगा।सीएसआईआर-सीआईएमएपी, लखनऊ के निदेशक द्वारा नामित जजों द्वारा विजेताओं को चुना जाएगा। जजों का फैसला अंतिम होगा। विजेताओं की घोषणा सीएसआईआर-सीआईएमएपी के वार्षिक दिवस के अवसर पर की जाएगी। डिजिटल चित्र [email protected] पर ई-मेल किए जाने चाहिए। प्रविष्टि जमा करने की अंतिम तिथि 30 जून, 2020 है। प्रतियोगिता से सम्बंधित अन्य विवरण www.cimap.res.in पर उपलब्ध हैं। - नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के निधन पर शोक व्यक्त किया है।प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा, सुशांत सिंह राजपूत ... एक प्रतिभाशाली युवा अभिनेता ने बहुत जल्द दुनिया को अलविदा कह दिया। उन्होंने टीवी सीरियलों और फिल्मों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। मनोरंजन की दुनिया में उनके अभ्युदय ने कई लोगों को प्रेरित किया और वह अपनी कई यादगार भूमिकाओं के लिए सदैव याद किए जाएंगे। उनके निधन से स्तब्ध हूं। मेरी गहरी संवदेनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।

- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से आग्रह किया है कि वे इस महीने प्रसारित होने वाले आकाशवाणी से मन की बात कार्यक्रम के लिए अपने विचार भेजें।उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि मन की बात कार्यक्रम एक ऐसा जीवंत माध्यम है जो 130 करोड़ भारतीयों की शक्ति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हालांकि यह कार्यक्रम दो हफ्ते बाद प्रसारित किया जाना है लेकिन लोग अपने विचार फोन पर रिकार्ड करा सकते हैं। नम्बर है 1 8 0 0 1 1 7 8 0 0, लिखित रूप में विचार नमो ऐप पर भी भेजे जा सकते हैं।---
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बिलासपुर। सीपत क्षेत्र के जांजी निवासी वृद्ध की साइकिल से गिरकर मौत हो गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सीपत पुलिस के अनुसार ग्राम जांजी निवासी 70 वर्षीय कलीराम लहरे पिता स्व. घुरउ लहरे शनिवार को अपनी साइकिल से जिला सहकारी केंद्रीय बैंक पेंशन लेने गए थे। वह दोपहर में वापस घर लौट रहे थे। रास्ते में वह अचानक साइकिल से गिर गए। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना की सूचना पर पुलिस मर्ग कायम कर जांच कर रही है।
- जम्मू। पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। शनिवार देर रात जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के कस्बा और किरनी इलाके में पाकिस्तान ने संघर्ष विराम का उल्लंघन कर गोलीबारी शुरू कर दी। इस दौरान एक जवान शहीद हो गया, जबकि पुंछ में नियंत्रण रेखा के पास तीन अन्य जवान घायल हो गए हैं। तीनों घायलों को उधमपुर स्थित आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुंछ और राजौरी जिलों में इस महीने अग्रिम चौकियों और गांवों पर पाकिस्तानी गोलीबारी में हुई यह तीसरी मौत है। अधिकारियों ने बताया कि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि जवाबी कार्रवाई में कोई पाकिस्तानी सैनिक हताहत हुआ है या नहीं।पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर शनिवार शाम को भी कीरनी और कस्बा में सेना की चौकियों के साथ रिहायशी इलाकों में गोलाबारी की थी। इसका सेना ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। गोलाबारी के चलते नियंत्रण रेखा से सटे क्षेत्रों में दहशत का माहौल बना हुआ है। जो लोग खेतों में काम कर रहे थे वे सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। जानकारी के अनुसार शनिवार शाम 6 बजे पाकिस्तानी सेना ने कीरनी और कस्बा सेक्टर में पहले हल्के और फिर बड़े हथियारों से गोलाबारी शुरू कर दी। इस दौरान सेना की चौकियों के साथ ही रिहायशी क्षेत्र को निशाना बनाया गया। इससे नियंत्रण गांव कस्बा, कीरनी, मंधारा, दिगवार तेडवां, डोकरी आदि में मोर्टार गिरने और उनके धमकों का शोर सुनाई देने लगा। पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी का सेना ने भी की जवाब दिया। गौरतलब है कि शुक्रवार को भी पाकिस्तानी सेना ने इन्हीं क्षेत्रों में गोलीबारी की थी, जिसका सेना ने जवाब देते हुए पाकिस्तानी सेना की कई चौकियां तबाह करते हुए उनके पांच जवानों को ढेर किया था। उस नुकसान के बावजूद शनिवार को फिर गोलीबारी शुरू कर दी।
- होशियारपुर। पंजाब के होशियारपुर-चिंतपूर्णी मार्ग पर टांडा बाइपास पर सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई। थाना मॉडल टाउन के एसएचओ बलविंदर सिंह ने बताया कि उनको सूचना मिली कि एक महिला ट्राले की चपेट में आकर घायल हो गई है। इसके बाद वह मौके पर पहुंचे, लेकिन महिला की मौत हो चुकी थी। महिला की पहचान गांव बैंस तानी की निर्मल कौर के रूप में हुई है।पुलिस ने बताया कि महिला अस्पताल से दवाई लेकर एक लड़की के साथ स्कूटी पर गांव लौट रही थी। जैसे ही वह टांडा बाइपास के पास पहुंचीं तो सड़क पर बिखरी बजरी में स्कूटी स्लिप कर गई। इससे पीछे बैठी महिला गिरने से जख्मी हो गई। इस दौरान पीछे से आ रहा ट्राला महिला के ऊपर चढ़ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में घायल स्कूटी चला रही लड़की को सिविल अस्पताल होशियारपुर में दाखिल करवाया गया है। एसएचओ बलविंदर सिंह ने बताया कि ट्राला चालक मौके से फरार हो गया है, लेकिन वाहन को जब्त कर लिया गया है।
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नई दिल्ली। वीडियो ब्लॉगिंग प्रतियोगिता माई लाइफ, माई योग के लिए प्रविष्टि जमा करने की अंतिम तारीख 21 जून तक के लिए बढ़ा दी गई है। आयुष मंत्रालय और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) ने छठे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस वैश्विक प्रतियोगिता का आयोजन किया है। इससे पहले प्रविष्टि जमा करवाने की अंतिम तिथि 15 जून थी। आयुष मंत्रालय ने कहा कि भारत और दूसरे देशों से तारीख बढ़ाने की मांग हो रही थी ताकि योग से जुड़े लोगों को वीडियो बनाने के लिए और समय मिल जाए। सरकार पहले ही कह चुकी है कि इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मनाया जाएगा और कोई सामूहिक आयोजन नहीं होगा।
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भुवनेश्वर। ओडिशा में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून शनिवार को सभी 30 जिलों में पहुंच गया। यह जानकारी यहां मौसम विज्ञान केंद्र ने दी। इसने कहा कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुमान के मुताबिक मॉनसून ने गुरुवार को ओडिशा में दस्तक दी और शुक्रवार को प्रदेश के अधिकतर इलाकों में पहुंचा, जिससे छह जिलों को छोड़कर अधिकतर इलाकों में बारिश हुई। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मॉनसून के आगे बढऩे की अनुकूल स्थितियों को देखते हुए यह शनिवार को ओडिशा के शेष इलाकों तक पहुंच गया और इस प्रकार अब यह पूरे राज्य में पहुंच चुका है। मॉनसून अब सभी 30 जिलों में पहुंच गया है जबकि शुक्रवार तक यह बारगढ़, झारसुगुडा, सुंदरगढ़, संबलपुर, क्योंझर और मयूरभंज जिलों में नहीं पहुंचा था। मौसम विज्ञान विभाग के अनुमान के मुताबिक इस बार मॉनसून मध्य भारत में सामान्य रहेगा। ओडिशा मध्य भारत में स्थित है और मॉनसून सामान्य रहने से कृषि कार्यों को बढ़ावा मिलेगा। -
पुणे। मध्य रेलवे की रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) इकाई ने नोवेल कोरोना वायरस के प्रकोप के मद्देनजर महाराष्ट्र के पुणे स्टेशन पर यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग और उनके शरीर का तापमान पता लगाने के लिये एक रोबोट तैनात किया है। मध्य रेलवे की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि अर्जुन नामक यह रोबोट 0.5 सेकंड में ही शरीर का तापमान बता देता है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि अगर यात्री के शरीर सामान्य से अधिक है तो यह रोबोट अलार्म बजा देता है। यह ध्वनि और वीडियो के जरिये संवाद करता है। साथ ही यह स्थानीय भाषा में भी बात कर सकता है। मध्य रेलवे की आरपीएफ के उप महानिरीक्षक आलोक बोहरा ने कहा कि संक्रमण के मामले बढऩे की वजह से बल को रोबोट के जरिये स्क्रींनिंग कराने पर विचार करना पड़ा।
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मुंबई। महाराष्ट्र के अधिकतर इलाकों में मानसून की आमद हो गई है और मुंबई समेत राज्य के कई इलाकों में बारिश हुई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि मानसून के अगले 24 घंटों में महाराष्ट्र के अन्य इलाकों में भी पहुंच जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के अधिकतर इलाकों में मानसून पहुंच चुका है। शनिवार को कोंकण के हरनई (रत्नागिरी में), मध्य महाराष्ट्र के अहमदनगर, मराठवाड़ा के औरंगाबाद और विदर्भ के गोंदिया में बारिश हुई। अगले 24 घंटों में महाराष्ट्र के अन्य इलाकों में भी बारिश की संभावना है। उन्होंने कहा कि रत्नागिरी में सुबह साढ़े आठ बजे और तटीय जिले सिंधुदुर्ग में भी कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश दर्ज की गई। अधिकारी ने कहा कि अगले चार-पांच दिनों में कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ में भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इस बीच मुंबई स्थित क्षेत्रीय मौसम केंद्र ने चेतावनी जारी कर मुंबई, पालघर, हिंगोली, परभणी और जालना में अगले कुछ घंटों में गरज-चमक के साथ बौछार और तेज हवाओं के साथ बारिश की आशंका जताई है।
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नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कृषि क्षेत्र में निजी निवेश बढ़ाने की जरूरत पर जोर देते हुये कृषि वैज्ञानिकों से क्षेत्र मे उत्पादकता बढ़ाने व कठिनाइयां कम करने पर ध्यान केन्द्रित करने का आह्वान किया। दो वेबिनार में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि देश के वैज्ञानिकों के समक्ष आने वाले समय में बढ़ती आबादी को पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराने की चुनौती रहेगी। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आयोजन में मुख्य अतिथि के तौर पर भाग लिया। सरकारी विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है। विज्ञप्ति के मुताबिक तोमर ने मेरठ की ई-संगोष्ठी में कहा कि खाद्यान्न के मामले में भारत न केवल आत्मनिर्भर है, बल्कि अधिशेष उत्पादन की स्थिति में है। किसानों ने साबित किया है कि वे किसी भी कठिन चुनौती का सामना करने में सक्षम है। हमारे सामने आबादी बढऩे की चुनौती है, वर्ष 2050 में देश की जनसंख्या 160 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इस तथ्य के मद्देनजर भारतीय प्लांट ब्रीडर्स के समक्ष गुणवत्तायुक्त खाद्यान्न का उत्पादन बढ़ाने की विशेष चुनौती नजर आती है, वहीं बढ़ती आबादी को समुचित पोषणयुक्त भरपेट भोजन उपलब्ध कराना वैज्ञानिकों के सामने बड़ी चुनौती है। तोमर ने कहा कि खेती क्षेत्र में बड़ा निवेश लाने के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि आधाररभूत संरचना के लिए एक लाख करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। इसके साथ ही मत्स्य पालन, पशुपालन, हर्बल खेती, मधुमक्खी पालन, फूड प्रोसेसिंग आदि सब क्षेत्रों में भारत एक बड़ी छलांग लगाए, इस बात का प्रबंध करोड़ों रू. के पैकेज के माध्यम से करने की कोशिश की है। नए सुधारों व नया निवेश आएगा तो कृषि के क्षेत्र में सभी चुनौतियों से पार पाने में सफल होंगे। नए सुधारों का फायदा भी ग्रामीण क्षेत्र को मिलेगा। कृषक सबसे बड़ा उत्पादनकर्ता है, जिससे निजी क्षेत्र का निवेश आने पर खेती का क्षेत्र बुलंदियों पर होगा। तोमर ने मृदा स्वास्थ्य परीक्षण का महत्व प्रतिपादित करते हुए मृदा परीक्षण कराने पर जोर दिया व इस बारे में जागरूकता लाने की अपील की। संगोष्ठी चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.एन.के.तनेजा, अध्यक्ष प्रो.प्रदीप कुमार शर्मा, संयोजक एवं विभागाध्यक्ष प्रो.एस.एस. गौरव, वैज्ञानिक तथा अन्य प्रतिभागी उपस्थित थे। जूनागढ़ वि.वि. के वेबिनार में कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि खेती के क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए किसानों के साथ ही वैज्ञानिकों ने बहुत अच्छा प्रयत्न किया है। आधुनिक प्रौद्योगिकी अपनाकर, बदलती जलवायु के अनुरूप खेती के श्रेष्ठ तरीके अपनाए जाएं। कम पानी में अधिक, गुणवत्तापूर्ण उपज की पैदावार पर ध्यान देने की जरूरत है। सभी प्रतिनिधि यह देखे कि छोटी-छोटी फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स कैसी खड़ी हो सकती है, इनमें कृषि छात्रों की भी भूमिका हो सकती है। कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि कोविड संकट में, जब दुनिया का पहिया थम गया है, तब ऐसी स्थिति में भी भारत के किसानों ने गांवों में उपलब्ध साधनों से ही बंपर पैदावार की, लाकडाउन में फसल कटाई का काम ठीक से हुआ और पिछली बार से उपार्जन भी अधिक हो गया, ग्रीष्मकालीन फसलें भी पिछली बार से 45 प्रतिशत अधिक बोई गई है। कोरोना वायरस के सामुदायिक विस्तार को भी होने नहीं दिया। ये सब किसानों व हमारे गांवों की ताकत को प्रदर्शित करता है। आजादी के बाद से यह पहली महामारी है, जिसमें हमारी गांवों की व्यवस्था पूरी तरह सफल हुई है। इस व्यवस्था को और ताकतवर कैसे बनाना, इस पर विचार करना चाहिए। तोमर ने इस वेबिनार में भी निजी निवेश पर विस्तृत चर्चा कर सहयोग का आव्हान किया। उन्होंने नए बनने वाले 10 हजार किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) में ज्यादा से ज्यादा छोटे किसानों को जोडऩे पर भी जोर दिया। वेबिनार में गुजरात के कृषि, ग्रामीण विकास एवं परिवहन मंत्री आर.सी. फलदू, कुलपति डा. वी.पी. चोवटिया, कुलसचिव डा. पुष्पेंद्र सिंह चौहान, गुजरात व देश के अन्य कृषि वि.वि. के कुलपतिगण, संकायों के अधिष्ठाता, उच्च शिक्षा संस्थाओं के शिक्षाविद्, देश की अग्रिम कृषि व्यापारी संस्थाओं के प्रतिनिधि, कृषि वैज्ञानिक, प्राध्यापक, किसान तथा कृषि व्यवसायी, छात्र एवं अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे। -
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने घरेलू यात्रियों के लिए अगले सप्ताह से राज्य के राष्ट्रीय उद्यानों को फिर से खोलने का फैसला किया है। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड (एमपीटीबी) ने एक बयान में कहा कि राज्य के वन विभाग ने 15 जून से राष्ट्रीय उद्यानों को फिर से खोलने के लिए एक परिपत्र जारी किया है और उद्यानों का बफर जोन मानसून के दौरान खुला रहेगा। राज्य सरकार ने पर्यटन स्थलों पर पर्यटन विकास निगम के होटलों, रिसॉर्ट और कई निजी संपत्तियों को फिर से खोल दिया है। बयान में कहा गया कि पर्यटन के लिए काफी प्रचार किया जा रहा है और पर्यटन को खोलने से सामान्य स्थिति में लौटने का एहसास मिलेगा। एमपीटीबी की अतिरिक्त प्रबंध निदेशक सोनिया मीणा ने कहा क िहम वन्यजीव, विरासत, तीर्थयात्रा, छुट्टियां और साहसिक पर्यटन जैसे स्थलों को खोलने के बाद काफी संभावनाएं देख रहे हैं। इस दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा और स्वच्छता के संबंध में गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एमपीटीबी मुख्य रूप से मध्य प्रदेश और पड़ोसी राज्यों के लोगों को आकर्षित करना चाहता है। मीणा ने कहा कि मध्य प्रदेश पांच राज्यों से घिरा हुआ है और उन राज्यों के लोगों के लिए कार से यात्रा करना बहुत आसान है। मध्य प्रदेश के अलावा, राजस्थान जैसे राज्यों ने घरेलू आगंतुकों के लिए पर्यटन स्थलों को फिर से खोल दिया है, जबकि उत्तराखंड ने पर्यटकों के लिए सीमित स्थानों पर अनुमति दी है। कर्नाटक, केरल और उत्तर प्रदेश सहित कई अन्य राज्य भी घरेलू पर्यटन की इजाजत देने के लिए कदम उठा रहे हैं। - नई दिल्ली। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोविड-19 के इलाज के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सूंघने और स्वाद की क्षमता का खत्म होने को कोरोना वायरस के संक्रमण के नए लक्षण में शामिल किया गया है।मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि दवा रेमडेसिविर, कन्वालेसेंट, प्लाज्मा थेरेपी, टूसिलूजिमाब तथा हाइड्रोक्सी-क्लोरोक्वीन का इस्तेमाल कोविड-19 के मरीजों की स्थिति को देखते हुए ही किया जाना चाहिए। मंत्रालय ने सलाह दी है कि रेमडेसिविर उन रोगियों को दी जा सकती है जो संक्रमण से माध्यम स्तर पर संक्रमित हैं और ऑक्सीजन पर हैं। कन्वालेसेंट प्लाज्मा उन रोगियों को दिया जाना चाहिए जो ऑक्सीजन पर हैं और स्टेरॉयड के इस्तेमाल के बावजूद उनकी ऑक्सीजन की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। हाइड्रोक्सी-क्लोरोक्वीन का इस्तेमाल संक्रमण की शुरूआत में किया जाना चाहिए और गंभीर रूप से पीडि़त मरीजों को यह नहीं दी जानी चाहिए।सामान्य तौर पर दवा देने से पहले मरीज की ई सी जी की जानी चाहिए।
- नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य देखभाल संबंधी सामग्री की आपूर्ति के लिए एक पोर्टल आरोग्य-पथ बनाया गया है जो कोविड-19 महामारी से प्रभावी तरीके से निपटने में विनिर्माताओं, वितरकों और उपभोक्ताओं के लिए सहायक होगा। यह पोर्टल आपूर्ति श्रृंखला में आ रही बाधाओं को दूर करने में मदद करेगा।इस पोर्टल का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर देखभाल संबंधी सामग्री के संबंध में सूचना प्रबंधन और भविष्य की जरूरतों का आकलन करना है। इस पर स्वास्थ्य देखभाल संबंधी वस्तुओं की मांग और आपूर्ति की जानकारी दर्ज होगी। इससे अस्पतालों, प्रयोगशालाओं, शोध संस्थानों, चिकित्सा कॉलेजों और रोगियों को मदद मिलेगी। यह पोर्टल वितरकों, विनिर्माताओं और आयातकों को चिकित्सा उपकरणों, दवा, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण और अन्य वस्तुओं की मांग का आकलन करने में मदद करेगा।वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद ने कहा है कि आने वाले वर्षों में आरोग्य पथ स्वास्थ्य देखभाल की सूचना देने वाला प्रमुख केंद्र होगा। इससे उपभोक्ताओं और आपूर्तिकताओं के बीच दूरी घटेगी तथा उचित दरों पर चिकित्सा उपकरण उपलब्ध हो सकेंगे।
- ऋषिकेश। लगभग ढाई महीने के अंतराल के बाद कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की बिजरानी, ढेला और झिरना सहित लोकप्रिय रेंज शनिवार को पर्यटकों के लिए खोल दी गई।कॉर्बेट टाइगर रिजर्व को मार्च में कोविड-19 महामारी के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के बाद पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया था। हालांकि, ढिकाला जोन को पर्यटकों के लिए नहीं खोला गया है क्योंकि यह आमतौर पर मानसून के दौरान 15 जून से बंद कर दिया जाता है।कॉर्बेट की उप निदेशक कल्याणी नेगी ने कहा कि सामाजिक दूरी के दिशानिर्देशों का अनुपालन करते हुए पशु सफारी के लिए जाने वाले वाहन में लोगों की संख्या को चालक सहित छह से घटाकर चार कर दी गई है। सामान्यत:, छह-छह सवारियों को लेकर इस तरह के 60 वाहनों को दिन और रात की सफारी के लिए जाने की अनुमति थी।
- नई दिल्ली। वीडियो ब्लॉगिंग प्रतियोगिता माई लाइफ माई योगा की प्रविष्टियां भेजने की अंतिम तारीख 21 तक बढ़ा दी गई है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सिलसिले में इस प्रतियोगिता का आयोजन केंद्रीय आयुष मंत्रालय और भारतीय संस्कृति संबंध परिषद ने संयुक्त रूप से किया है। पहले इस प्रतियोगिता की अंतिम तिथि 15 जून थी।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 31 मई को प्रसारित अपने मन की बात कार्यक्रम में सभी लोगों से इस प्रतियोगिता में भाग लेने का आहवान किया था। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए तीन योग क्रियाओं का तीन मिनट का एक वीडियो किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करना होगा। एक संक्षिप्त वीडियो मैसेज भी डालना होगा, जिसमें यह बताया गया हो कि योग क्रियाओं से प्रतियोगिता में भाग लेने वाले को कैसे लाभ पहुंचा है। प्रतियोगिता के संबंध में विस्तृत जानकारी आयुष मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।तीन कैटेगिरी में होगी प्रतियोगिता1.महिला औऱ पुरुष2.युवा (18 साल तक)3.व्यस्क और योग प्रोफेशनल्स (18 साल से ऊपर)इतनी है प्रतियोगिता की राशि-पहले स्थान के लिए 1 लाख रुपए का नाम- दूसरे स्थान के लिए 50 हजार रुपए का इनाम-तीसरे स्थान के लिए 25 हजार रुपए का इनाम- यह इनाम राशि हर कैटेगिरी के लिए है। वैश्विक प्रतियोगिता के लिए इनाम राशि की घोषणा बहुत जल्द की जाएगी।---
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मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार की सुबह जिले में बड़ा हादसा हुआ। इसमें एक होमगार्ड जवान और एक ट्रक ड्राइवर की मौत हो गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सुबह एक ट्रक ने कांटी थाना क्षेत्र के एनएच-28 छपरा काली मंदिर के समीप खड़े ट्रक को टक्कर मार दी। जिसके बाद पीछे से आ रही पुलिस गश्ती दल के वाहन से भी टकरा गई। इस हादसे में एक होमगार्ड जवान और ट्रक चालक की मौत हो गई। हादसे में तीन अन्य जवान घायल हो गए।
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मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार की सुबह जिले में बड़ा हादसा हुआ। इसमें एक होमगार्ड जवान और एक ट्रक ड्राइवर की मौत हो गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सुबह एक ट्रक ने कांटी थाना क्षेत्र के एनएच-28 छपरा काली मंदिर के समीप खड़े ट्रक को टक्कर मार दी। जिसके बाद पीछे से आ रही पुलिस गश्ती दल के वाहन से भी टकरा गई। इस हादसे में एक होमगार्ड जवान और ट्रक चालक की मौत हो गई। हादसे में तीन अन्य जवान घायल हो गए।
- नई दिल्ली। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 को फैलने से रोकने के उपायों के बारे में कार्यालयों के लिए दिशा-निर्देश जारी किये है।केवल ऐसे कर्मचारियों या आगंतुकों को ही कार्यालय में प्रवेश की अनुमति होगी, जिनमें कोविड-19 के लक्षण नहीं होंगे। प्रवेश द्वार या कक्ष में सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग का प्रावधान अनिवार्य होगा। कर्मचारियों और आगंतुकों के लिए प्रवेश और निकास द्वार अलग-अलग होंगे। पार्किंग स्थलों और कार्यालय परिसरों के बाहर भीड़ से बचने के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए। समय-समय पर प्रभावी, स्वच्छता और नियमित साफ-सफाई भी की जानी चाहिए। फेसकवर, मास्क, दस्तानों के सुरक्षित निपटान की व्यवस्था होनी चाहिए। कोविड-19 को फैलने से रोकने के उपायों के बारे में हर समय प्रचार-प्रसार की व्यवस्था होनी चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि धार्मिक स्थलों में जाते समय जूते-चप्पल अपने वाहन के अंदर रखने चाहिए। मूर्तियों, धार्मिक ग्रन्थों या पुस्तकों को स्पर्श करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। समूह में पूजा या भजन अथवा मंत्रोच्चारण की अनुमति नहीं होनी चाहिए। इसके बजाय रिकॉर्ड किये गये भजन और आरती की व्यवस्था होनी चाहिए।शॉपिंग मॉल में डिलीवरी करने वाले कर्मचारियों की थर्मल स्क्रीनिंग होनी चाहिए। मॉल, दुकानों के बाहर, एलिवेटर, कैफे जैसी जगहों पर सुरक्षित दूरी रखी जानी चाहिए। - नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश से राज्यसभा की एकमात्र सीट के लिए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नबाम रेबिया को निर्विरोध चुन लिया गया है। राजधानी ईटानगर में, राज्य विधानसभा के अध्यक्ष पी.डी. सोना, मुख्यमंत्री पेमा खांडू, मंत्रिमंडल के सहयोगियों और विधायकों की मौजूदगी में, श्री रेबिया को निर्वाचन प्रमाणपत्र सौंपा गया।मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने श्री रेबिया को निर्वाचन पर बधाई देते हुए कहा कि यह भाजपा के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है क्योंकि यह पहला मौक़ा है जब राज्य से तीनों सांसद भाजपा के हैं। इनमें से दो सांसद लोकसभा के जबकि एक सांसद राज्यसभा के हैं।वहीं कर्नाटक से पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खडग़े, दो भाजपा उम्मीदवार तथा अरुणाचल से भाजपा के ही एक उम्मीदवार को राज्यसभा के लिए शुक्रवार (12 जून) को सर्वसम्मति से निर्वाचित घोषित कर दिया गया। कर्नाटक में राज्यसभा चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी विधासभा सचिव एम.के. विशालाक्षी ने जद (एस) और कांग्रेस से क्रमश: देवेगौड़ा और खडग़े तथा भाजपा से इरन्ना कडाडी और अशोक गस्ती को सर्वसम्मति से निर्वाचित घोषित कर दिया क्योंकि कोई अतिरिक्त उम्मीदवार चुनाव मैदान में नहीं था।अधिकारियों ने कहा, वैध रूप से नामांकित चारों उम्मीदवारों में से किसी के नामांकन वापस न लेने के साथ ही उन्हें सर्वसम्मति से निर्वाचित घोषित कर दिया गया। 77 वर्षीय श्री खडग़े राज्यसभा के लिए पहली बार निर्वाचित हुए हैं। इससे पहले वह अपने चार दशक से अधिक समय के राजनीतिक करियर में लोगों द्वारा सीधे चुने जाते रहे हैं।वहीं 87 वर्षीय श्री देवेगौड़ा दूसरी बार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। पहली बार वह 1996 में निर्वाचित हुए थे जब वे प्रधानमंत्री थे। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में श्री खडग़े और श्री देवेगौड़ा दोनों ही गुलबर्गा तथा तुमकुर निर्वाचन क्षेत्रों से हार गए थे। भाजपा के इरन्ना कडाडी और अशोक गस्ती कम जाने-पहचाने चेहरे हैं और यह उनके राजनीतिक कॅरिअर की पहली बड़ी छलांग है। भगवा दल के केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश भाजपा की सिफारिश को खारिज करते हुए कडाडी तथा गस्ती को राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाकर सबको आश्चर्यचकित कर दिया था।
- नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को देशभर के राजमार्गों पर आवश्यक वस्तुओं का निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने को कहा है। मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में रात नौ से सुबह पांच बजे तक राष्ट्रव्यापी कफ्र्यू का हवाला देते हुए श्री भल्ला ने कहा कि ये दिशा-निर्देश देशभर में व्यक्तियों के अनावश्यक आवागमन को सख्ती से रोकने के लिए है। उन्होंने कहा कि आपूर्ति श्रृंखला के रूप में आवश्यक वस्तुओं के लदान और उतारने पर ये प्रतिबंध लागू नहीं है। यात्रियों को ले जा रही बसों के आवागमन पर कोई प्रतिबंध नहीं है।श्री भल्ला ने कहा कि राज्य सरकारों को राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर ट्रकों और मालवाहनों का आवागमन सुगम बनाना चाहिए। बसों, रेलगाडिय़ों और विमानों से उतरने के बाद यात्रियों को अपने गन्तव्य स्थलों तक जाने की अनुमति होनी चाहिए।गृह सचिव ने कहा कि रात के कफ्र्यू के दौरान व्यक्तियों के आवागमन पर प्रतिबंध केवल भीड़भाड़ से बचने और देशभर में आवश्यक वस्तुओं के आवागमन में बाधा पहुंचाए बिना सुरक्षित दूरी बनाये रखने के इरादे से लगाया गया है।
- नई दिल्ली। कोविड-19 महामारी की मौजूदा स्थिति को देखते हुए केरल सरकार ने सबरीमला अयप्पा मंदिर में श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं देने का निर्णय लिया है। ये फैसला मंदिर के ट्रस्ट के साथ हुई बैठक में लिया गया। 19 जून से शुरू होने वाले सबरीमाला मंदिर का दस दिन का वार्षिक उत्सव रद्द कर दिया गया है, लेकिन केवल अनुष्ठान सम्पन्न करने का फैसला किया गया है। पहले ऑनलाइन आरक्षण के जरिए मंदिर खोलने का निर्णय लिया गया था। अधिकारियों ने बताया प्रसिद्ध तीर्थस्थल सबरीमला में विभिन्न राज्यों से भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आने को देखते हुए संक्रमण का खतरा काफी अधिक था।मार्च में शुरू हुए लॉकडाउन के दौरान ही मंदिर को बंद किया गया था। अभी दो दिन पहले ही मंदिर के मुख्य पुजारी ने ट्रस्ट को पत्र लिखकर मंदिर न खोलने का अनुरोध किया था। ये फैसला कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए लिया गया है।---
- नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने विदेशी प्रजातियों के जीव-जंतुओं के आयात और उन्हें पालने की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए परामर्श जारी किया है।ये ऐसी प्रजातियों के जीव-जंतु हैं जो अपने मूल स्थान से देश में लाए गए हैं। भारत के अनेक नागरिकों के पास लुप्त हो रही प्रजातियों के व्यापार से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय संधि के अंतर्गत सूचीबद्ध विदेशी जीव-जंतु की प्रजातियां हैं, लेकिन देश में केंद्र या राज्यों के स्तर पर कोई एकीकृत सूचना प्रणाली उपलब्ध नहीं है, जिसमें इन प्रजातियों के बारे में जानकारी उपलब्ध हो।पर्यावरण मंत्रालय ने इस तरह की प्रजातियों के मालिकों से अगले छह महीनों में स्वैच्छिक घोषणा के जरिए जानकारी एकत्र करने का फैसला किया है। इसके अंतर्गत जीव-जंतुओं, उनसे उत्पन्न जीवों तथा उनके आयात और अदला-बदली का पंजीकरण करने का फैसला किया गया है। इससे इन प्रजातियों का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा और उनके मालिकों को इस तरह के जीव-जंतुओं की देखभाल, उनको ठीक से रखने और उनके कल्याण तथा अन्य बातों के बारे में निर्देश दिए जा सकेंगे। विदेशी प्रजातियों के जीव-जंतुओं के डेटाबेस से पशुओं की बीमारियों की रोकथाम और प्रबंधन में भी मदद मिलेगी और उनसे मनुष्यों तथा जानवरों में फैलने वाली बीमारियों को रोका जा सकेगा।विदेशी प्रजातियों के बारे में घोषणा करने वालों को पंजीकरण के लिए इस परामर्श के जारी होने के छह महीने तक कोई दस्तावेज नहीं देना होगा। छह महीने बीत जाने के बाद उन्हें दस्तावेज संबंधी जरूरतों को पूरा करना होगा। विदेश प्रजातियों के जीव-जंतुओं के मालिकों को वेबसाइट 222.श्चड्डह्म्द्ब1द्गह्यद्ध.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठपर जाकर निर्धारित फॉर्म भरना होगा और जीवों के पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।--


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