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नयी दिल्ली/ कैमरून के याउंडे में होने वाली विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की चार दिवसीय मंत्रिस्तरीय बैठक में 166 देशों के व्यापार मंत्री डब्ल्यूटीओ सुधारों, कृषि संबंधी मामलों, विवाद निपटान और ई-कॉमर्स कर स्थगन जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि मत्स्य पालन सब्सिडी, चीन के नेतृत्व वाला 'विकास के लिए निवेश सुविधा' (आईएफडी) समझौता, ई-कॉमर्स कार्य से जुड़ा कार्यक्रम और कर स्थगन, विकास एवं एसएंडडीटी (विशेष और विभेदक व्यवहार), और समान अवसर जैसे मुद्दे भी संगठन के 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के दौरान चर्चा में शामिल हो सकते हैं। चौदहवां डब्ल्यूटीओ मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (एमसी14) 26 से 29 मार्च, 2026 तक कैमरून के याउंडे में आयोजित किया जाएगा। मंत्रिस्तरीय सम्मेलन जिनेवा स्थित डब्ल्यूटीओ का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय है, जिसकी बैठक हर दो साल में होती है। अधिकारी ने बताया कि भारतीय दल का नेतृत्व वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल करेंगे।
यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वैश्विक व्यापार पहले अमेरिका द्वारा लगाए गए व्यापक शुल्क और अब पश्चिम एशिया संकट के कारण बाधित हुआ है, जिससे पोत परिवहन मार्ग और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। भारत सार्वजनिक स्टॉक होल्डिंग (पीएसएच) के मुद्दों पर स्थायी समाधान की मांग कर रहा है, जो एक दशक से अधिक समय से लंबित है। भारत ने बार-बार पीएसएच और विशेष सुरक्षा तंत्र (एसएसएम) पर निर्णय में तेजी लाने का आग्रह किया है। एसएसएम विकासशील और अल्पविकसित देशों (एलडीसी) की पुरानी मांग है, जो उन्हें आयात में अचानक उछाल या कीमतों में गिरावट से निपटने के लिए अस्थायी रूप से शुल्क बढ़ाने की अनुमति देता है। ऑस्ट्रेलिया और ब्राजील जैसे 'केर्न्स समूह' के देशों का दावा है कि पीएसएच बाजार को विकृत करता है और कोई निर्यात प्रतिबंध नहीं होने चाहिए। जबकि अमेरिका अपने कृषि उत्पादों के लिए बाजार पहुंच चाहता है और यूरोपीय संघ सब्सिडी में कटौती का पक्षधर है। अमेरिका डब्ल्यूटीओ के विवाद निपटान प्रणाली में सुधार की मांग कर रहा है। वर्तमान में इसकी अपीलीय संस्था (एबी) दिसंबर 2019 से निष्क्रिय है क्योंकि अमेरिका ने सदस्यों की नियुक्ति को रोक रखा है। डब्ल्यूटीओ इस प्रणाली में सुधार पर चर्चा कर रहा है, जिसे संगठन का "क्राउन ज्वेल" कहा जाता है। विवाद निपटान निकाय (डीएसबी) इस वैश्विक व्यापार पर नजर रखने वाले निकाय के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। विवादों को सुलझाने के दो मुख्य तरीके हैं, आपसी सहमति से समाधान या न्यायिक निर्णय। न्यायिक निर्णय के तहत पैनल का फैसला आता है, जिसे अपीलीय संस्था में चुनौती दी जा सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका इस द्वि-स्तरीय प्रणाली को कमजोर करना चाहता है और अपीलीय संस्था को बहाल करने का इच्छुक नहीं है। इसके विपरीत, विकासशील देश इसे तंत्र के सुचारू संचालन के लिए अनिवार्य मानते हैं। भारत ने डिजिटल विभाजन और अवसंरचना की कमी पर चिंता जताई है, जो विकासशील देशों की ई-कॉमर्स में भागीदारी को रोकता है। भारत इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होने वाली आपूर्ति पर सीमा शुल्क नहीं लगाने के स्थगन (मोरटोरियम) को लेकर भी लगातार विरोध दर्ज करा रहा है। दिसंबर 2025 की बैठक में भारत ने स्पष्ट किया था कि वह इस स्थगन को आगे बढ़ाने का समर्थन नहीं करता है, क्योंकि यह घरेलू औद्योगीकरण की राह में बाधा है। इस स्थगन के कारण विकासशील देशों को सालाना लगभग 10 अरब डॉलर के राजस्व का नुकसान होता है, जिसमें भारत का हिस्सा 50 करोड़ डॉलर से अधिक हो सकता है। विश्व व्यापार संगठन के सदस्य 1998 से इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होने वाली आपूर्ति पर सीमा शुल्क नहीं लगाने पर सहमत हुए हैं और तब से हर मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में इस कर स्थगन को समय-समय पर बढ़ाया जाता रहा है। भारत ने अबू धाबी में 13वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के दौरान चीन के नेतृत्व वाले निवेश सुविधा प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया था। चीन समर्थित 128 देशों का यह समूह आईएफडी को केवल हस्ताक्षर करने वाले सदस्यों के लिए बाध्यकारी बनाने पर जोर दे रहा है। इस प्रस्ताव पर सदस्यों के बीच गहरे मतभेद बने हुए हैं। एसएंडडीटी प्रावधान गरीब और विकासशील देशों को समझौतों को लागू करने के लिए अधिक समय और व्यापारिक लाभ देते हैं। विकसित देशों का कहना है कि 'स्व-घोषणा' के आधार पर विकासशील दर्जा हासिल करना नियमों को दरकिनार करने जैसा है, जबकि भारत जैसे देश इसे अपना अधिकार मानते हैं। विकसित देश प्रस्तावित समझौते के तहत मत्स्य सब्सिडी को खत्म करने का दबाव बना रहे हैं। भारत का रुख है कि जो विकसित देश गैर-विशिष्ट ईंधन सब्सिडी देते हैं, उन्हें पहले कड़े अनुशासन के दायरे में लाया जाना चाहिए। -
नयी दिल्ली. वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अदम्य साहस दिखाने वाले वीर चक्र से सम्मानित लांस हवलदार के.जी. जॉर्ज (सेवानिवृत्त) का 95 वर्ष की आयु में केरल में निधन हो गया। उनके परिवार ने रविवार को यह जानकारी दी। के.जी. जॉर्ज (सेवानिवृत्त) के पोते रेमो जॉन ने कहा, ''मेरे दादाजी का शनिवार की सुबह निधन हो गया। उनका जन्म फरवरी 1931 में हुआ था और उन्होंने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भाग लिया था। '' जॉन (21) ने बताया कि जॉर्ज का जन्म केरल में हुआ था और वह वृद्धावस्था के कारण होने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से पीड़ित थे। उन्होंने कोट्टयम स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। जॉर्ज ने भारतीय सेना के सिग्नल कोर में सेवा की थी, जो 1911 में स्थापित एक महत्वपूर्ण इकाई है।
जॉर्ज को मिले वीर चक्र के प्रशस्ति पत्र में 1965 के युद्ध के दौरान उनके वीरतापूर्ण कार्य का वर्णन किया गया है और इसमें लिखा है कि उन्होंने ''उच्च कोटि का साहस और कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन किया।'' जॉर्ज को मिले वीर चक्र के प्रशस्ति पत्र के मुताबिक, '' छह से 10 सितंबर 1965 की अवधि के दौरान, दुश्मन की लगातार गोलाबारी और हवाई हमलों के बीच, लांस हवलदार (लाइनमैन फील्ड) के.जी. जॉर्ज ने पाकिस्तान के वाघा सेक्टर में बाधित संचार व्यवस्था को बहाल करने के लिए अपनी टुकड़ी का नेतृत्व करना जारी रखा। आठ और नौ सितंबर, 1965 की रात को अपनी जान को खतरे में डालकर भी, उन्होंने दुश्मन के हमले के दौरान ब्रिगेड मुख्यालय से अग्रिम बटालियनों तक संचार की एक लाइन स्थापित की। ऐसा करके लांस हवलदार के. जी. जॉर्ज ने उच्च कोटि का साहस और कर्तव्यनिष्ठा प्रदर्शित की और उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया। -
नयी दिल्ली. ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा है कि विकसित भारत - रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण)अधिनियम (वीबी - जी राम जी) के लिए 'लोगो' डिजाइन प्रतियोगिता शुरू की गई है। मंत्रालय ने शनिवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि यह प्रतियोगिता सरकार के नागरिक सहभागिता मंच 'मायजीओवी' पर शुरू हो चुकी है, और लोगों को ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन की दृष्टि को दर्शाने वाले रचनात्मक डिजाइन प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि वह कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार में जनभागीदारी को बढ़ावा देना चाहता है।
मंत्रालय के मुताबिक, प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तिथि 20 मार्च है, और विजेता को 50,000 रुपये का नकद पुरस्कार मिलेगा। मंत्रालय ने कहा कि 'लोगो' डिजाइन में विकसित भारत की परिकल्पना झलकनी चाहिए। -
नयी दिल्ली. संसद के बजट सत्र के सोमवार से शुरू होने वाले दूसरे चरण के हंगामेदार रहने की संभावना है। इस दौरान लोकसभा में विपक्ष द्वारा प्रायोजित उस प्रस्ताव पर चर्चा होनी है, जिसमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने की मांग की गई है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जा सकता है, क्योंकि विपक्ष पहले से ही ईरान के प्रति सरकार के रुख, भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने पर अमेरिका द्वारा दी गई "छूट" और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार पर हमला कर रहा है। इसके अलावा, चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के परिणाम, जिसके कारण लगभग 60 लाख नाम हटा दिए गए, का भी संसदीय कार्यवाही पर असर पड़ने की आशंका है। बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव कई विपक्षी नेताओं द्वारा लाया गया है, जिन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने सदन में "स्पष्ट रूप से पक्षपातपूर्ण" तरीके से काम किया। उन्होंने अध्यक्ष पर लोकसभा में कुछ "अप्रत्याशित कार्रवाई" की बात करते हुए कांग्रेस सदस्यों के खिलाफ कुछ झूठे दावे कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देने के लिए सदन में न आने का अनुरोध करने का भी आरोप लगाया था। बिरला ने नोटिस प्रस्तुत किए जाने की तारीख से सदन की कार्यवाही से खुद को अलग कर लिया था, लोकसभा सचिवालय ने कहा था कि वह एजेंडा के निपटारे के बाद ही लौटेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को बिरला का समर्थन करते हुए कहा कि वह सभी सांसदों को साथ लेकर चले हैं और संविधान व संसदीय लोकतंत्र के सिद्धांतों के लिये प्रतिबद्ध हैं। अविश्वास प्रस्ताव के अलावा, ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, जिसके कारण कच्चे तेल की आपूर्ति में व्यवधान और कीमतों में वृद्धि हुई है, पर भी सत्र के दौरान चर्चा होने की संभावना है। विपक्ष द्वारा इस मामले पर सरकार की नीति पर सवाल उठाने की संभावना है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद सदन में एसआईआर मामले को उठाने के लिए तैयार हैं, जबकि भाजपा शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की पश्चिम बंगाल की यात्रा के दौरान "प्रोटोकॉल उल्लंघन" के मुद्दे को उठा सकती है। बजट सत्र के शेष भाग में सरकार द्वारा विद्युत संशोधन विधेयक को भी पेश किए जाने की उम्मीद है, साथ ही सत्र के पहले भाग से लंबित अन्य विधायी कार्यों पर भी विचार किया जाएगा। सोमवार की कार्य सूची के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव ही लोकसभा के दिन की कार्यसूची में सूचीबद्ध एकमात्र विषय है। सत्ताधारी भाजपा और प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने लोकसभा सदस्यों को इस मुद्दे पर विचार-विमर्श के दौरान सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है। आंकड़े सरकार के पक्ष में हैं, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि प्रस्ताव खारिज हो जाएगा। कांग्रेस ने 118 सांसदों द्वारा दिए गए नोटिस पर बहस का आह्वान किया है। तृणमूल कांग्रेस ने भी कहा है कि वह बिरला के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करेगी।
संभव है सोमवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच लोकसभा में प्रश्नकाल न हो, क्योंकि कार्यवाही को शिलांग से वर्तमान सदस्य रिकी सिंग्कॉन को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए स्थगित किया जा सकता है, जिनका 19 फरवरी को निधन हो गया था। तीन लोकसभा अध्यक्षों - जी.वी. मावलंकर (1954), हुकम सिंह (1966) और बलराम जाखड़ (1987) - को अतीत में अविश्वास प्रस्तावों का सामना करना पड़ा था, जिन्हें खारिज कर दिया गया था। - नयी दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को भारतीय क्रिकेट टीम को आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप जीतने पर बधाई दी और कहा कि इस सामूहिक जीत के लिए टीम का हर खिलाड़ी, पूरा प्रबंधन और सहयोगी स्टाफ तारीफ का हकदार है। राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय टीम को तीन बार टी20 विश्व कप जीतने वाला एकमात्र देश बनने का गौरव प्राप्त हुआ और भारत लगातार दो खिताब जीतने वाली भी एकमात्र टीम है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर किए गए पोस्ट में राष्ट्रपति ने कहा, ''इससे हमारे क्रिकेट के प्रति जुनूनी देशवासियों को अपार खुशी और गर्व की अनुभूति हुई है। यह हमारे युवाओं में विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद समृद्ध प्रतिभा का भी प्रमाण है। '' राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ''टी20 विश्व कप जीतकर टीम इंडिया ने इतिहास की कई ऊंचाइयां छुई हैं। टीम के हर खिलाड़ी, पूरे प्रबंधन और सहयोगी स्टाफ को इस सामूहिक जीत के लिए प्रशंसा मिलनी चाहिए। मैं हमारी क्रिकेट टीम के भविष्य में भी निरंतर गौरव हासिल करने की कामना करती हूं। ''
- नयी दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को टी20 विश्व कप में शानदार जीत दर्ज करने के लिए भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई दी और कहा कि इस जीत ने ''हर भारतीय को गौरवान्वित किया है।'' गृहमंत्री शाह ने 'एक्स' पर अपने संदेश में कहा, "क्या शानदार जीत है! विश्व चैंपियन टीम इंडिया को सलाम।'' उन्होंने कहा, ''पूरे टूर्नामेंट में आपके असाधारण प्रदर्शन और जुझारू जज्बे ने देश का गौरव और सम्मान बढ़ाया है। हर भारतीय को गर्व का अनुभव कराने के लिए पूरी टीम को बधाई।''वहीं भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई दी और इसे दृढ़ संकल्प, अनुशासन और उत्कृष्ट 'टीम वर्क' पर आधारित "शानदार" जीत बताया। नवीन ने कहा कि यह जीत उस जुझारूपन और जीतने की भावना को दर्शाती है जो देशभर में लाखों लोगों को प्रेरित करती है। भाजपा अध्यक्ष नवीन ने पोस्ट किया, ''टी20 विश्व कप चैंपियन बनने पर टीम इंडिया को बधाई...। पूरा देश इस ऐतिहासिक क्षण का जश्न आपके साथ मना रहा है। दृढ़ संकल्प, अनुशासन और उत्कृष्ट 'टीम वर्क' पर आधारित एक शानदार जीत। खिलाड़ियों ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है।" भारत ने अहमदाबाद में हुए फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर लगातार दूसरी बार आईसीसी टी20 विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम की जो उसका तीसरा टी20 विश्व कप खिताब है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को लगातार दूसरा आईसीसी टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम को बधाई दी। भारत ने अहमदाबाद में हुए फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर लगातार दूसरी आईसीसी टी20 विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम की जो उसका तीसरा टी20 विश्व कप खिताब है। मोदी ने 'एक्स' पर लिखा, ''चैंपियंस! आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप जीतने पर भारतीय टीम को हार्दिक बधाई। '' उन्होंने लिखा, ''यह शानदार जीत उनके असाधारण कौशल, दृढ़ संकल्प और टीमवर्क को दर्शाती है। पूरे टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने बेहतरीन जज्बा दिखाया। '' उन्होंने लिखा, ''इस जीत ने हर भारतीय के दिल को गर्व और खुशी से भर दिया है। शाबास, टीम इंडिया। ''
- नयी दिल्ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल में केरल में छात्राओं से बातचीत के दौरान कहा कि वह एक ऐसे परिवार में पले-बढ़े हैं जहां महिलाएं ही प्रमुख हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि महिलाएं आम तौर पर पुरुषों से अधिक बुद्धिमान होती हैं। राहुल गांधी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अपने यूट्यूब चैनल पर छात्राओं के साथ हुई बातचीत का एक वीडियो रविवार को पोस्ट किया और बताया कि कुछ दिन पहले केरल में दोपहर के भोजन के दौरान उनकी कुछ छात्राओं से मुलाकात हुई और उनसे बहुत ही रोचक बातचीत हुई।लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, ''मैं प्रत्येक छात्रा के सपनों, जिज्ञासा और आत्मविश्वास से बहुत प्रभावित हुआ। ऐसी बातचीत हमें याद दिलाती है कि जब महिलाएं अपनी क्षमता को पहचानती हैं और खुले दिमाग से आगे बढ़ती हैं, तो वे असाधारण बदलाव ला सकती हैं।'' राहुल ने वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, ''हर महिला अद्वितीय है। उनकी संवेदनशीलता, समझ और भावनात्मक बुद्धिमत्ता समाज को संतुलन व दिशा प्रदान करती है। महिलाएं धैर्य, दूरदर्शिता और सहानुभूति के साथ अपने अनूठे तरीकों से शक्ति का प्रयोग करती हैं।'' उन्होंने कहा, ''इसलिए, उन्हें समाज के प्रतिबंधात्मक मानदंडों से बंधे रहने के बजाय अपनी पहचान, व्यक्तित्व और आकांक्षाओं के अनुसार आगे बढ़ने का पूरा अधिकार होना चाहिए।'' राहुल ने कहा, ''अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सभी महिलाओं को हार्दिक शुभकामनाएं। आपकी शक्ति, साहस और सपने समाज को एक सकारात्मक भविष्य की ओर आगे बढ़ाते रहें।'' उन्होंने कहा कि केरल की कुछ छात्राओं से बातचीत बेहद प्रेरणादायक रही।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ''उनका (छात्राओं का) आत्मविश्वास और अपने सपनों पर विश्वास यह दर्शाता है कि महिलाएं ही बदलाव की असली ताकत हैं।'' राहुल वीडियो में छात्राओं के साथ बेबाक बातचीत करते नजर आ रहे हैं। राहुल ने छात्राओं से कहा, ''मैं ऐसे परिवार में पला-बढ़ा हूं जहां महिलाएं ही घर की प्रमुख थीं। मेरे परिवार की मुखिया मेरी दादी थीं और मेरे परिवार में, जैसे इस मेज की तरह हमेशा महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही है।'' उन्होंने कहा, ''महिलाएं आमतौर पर पुरुषों से ज्यादा बुद्धिमान होती हैं। पुरुष जल्दबाजी में रहते हैं और छोटी-छोटी बातों में उलझ जाते हैं। महिलाएं दूरगामी सोच रखती हैं, वे प्रत्यक्ष शक्ति का प्रयोग नहीं करतीं बल्कि अप्रत्यक्ष शक्ति का प्रयोग करती हैं, जो अधिक प्रभावी होती है।'' कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 'एक्स' पर बी.आर. आंबेडकर का लैंगिक समानता पर एक कथन साझा किया, ''आप दुख सहने के लिए पैदा नहीं हुई हैं।आपने उत्थान के लिए जन्म लिया है।'' खरगे ने कहा, ''महिलाएं केवल विकास में भागीदार नहीं हैं। वे इसकी प्रेरक शक्ति हैं। अपनी बुद्धिमत्ता, करुणा और दृढ़ संकल्प के माध्यम से महिलाएं समुदायों को सशक्त बनाती हैं और मजबूत राष्ट्रों का निर्माण करती हैं।'' कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ''अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हम विश्व भर की महिलाओं के साहस, नेतृत्व और अनगिनत योगदानों का सम्मान करते हैं। सच्ची प्रगति तब आएगी जब समानता एक आकांक्षा नहीं, बल्कि प्रत्येक महिला के लिए एक जीती-जागती वास्तविकता होगी।'' कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने 'एक्स' पर कहा, ''इस महिला दिवस पर, हर महिला अपनी ताकत, अपने अधिकारों और भविष्य को आकार देने की अपनी क्षमता को पहचाने। आप मायने रखती हैं। आपकी आवाज मायने रखती है। आपके सपने मायने रखते हैं।''
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में एक साल पहले भाजपा सरकार के गठन के बाद से दिल्ली में चौतरफा विकास की गति तेज हुई है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी सरकार (आप) के शासनकाल में बहानेबाजी के कारण काम रुका रहा और परियोजनाएं ''फाइलों में ही दम तोड़ती रहीं''। दो नये मेट्रो कॉरिडोर समेत 33,500 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं का उद्घाटन और शुरुआत करने के बाद बुराड़ी मैदान में एक सभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि दिल्ली न केवल देश की राजधानी है, बल्कि भारत की पहचान और उसकी ऊर्जा का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब दिल्ली की अक्षम परिवहन व्यवस्था के लिए अक्सर आलोचना की जाती थी।उन्होंने कहा, ''शहर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक आने-जाने में घंटों लग जाते थे और महिलाओं को अक्सर बस या ऑटो-रिक्शा पकड़ने की उम्मीद में लंबे समय तक बस स्टॉप पर इंतजार करना पड़ता था। हालांकि, दिल्ली में स्थिति तेजी से बदल रही है।'' मोदी ने कहा कि कुछ ही दिन पहले, शहर को 'नमो भारत' ट्रेन के माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जोड़ा गया था, जिससे दोनों क्षेत्रों के बीच यात्रा काफी आसान हो गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मेट्रो के चौथे चरण की शुरुआत के साथ, दिल्ली मेट्रो नेटवर्क का विस्तार अब 375 किलोमीटर से अधिक हो गया है, जिससे निवासियों के लिए कनेक्टिविटी और सुविधा में और सुधार हुआ है। उन्होंने कहा, ''जब भी दुनिया में, कोई भारत के बारे में सोचता है, तो अक्सर दिल्ली की छवि दिमाग में आती है... दिल्ली न केवल भारत की राजधानी है, बल्कि यह भारत की पहचान और उसकी ऊर्जा का प्रतीक भी है।'' उन्होंने कहा कि दिल्ली का विकास केवल एक शहर का विकास नहीं है, बल्कि यह पूरे देश की छवि से जुड़ा हुआ है। मोदी ने कहा, ''एक साल पहले जिस नयी उम्मीद और दृढ़ संकल्प के साथ आपने दिल्ली में भाजपा सरकार का गठन किया था, उसका परिणाम आज यहां दिखाई दे रहा है। मैं दिल्ली के सभी नागरिकों को विकास की इस निरंतर धारा के लिए हार्दिक बधाई देता हूं।'' प्रधानमंत्री ने आम आदमी पार्टी (आप) की पूर्व सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि ''आपदा सरकार'' ने दिल्ली में 10 वर्षों तक सभी विकास कार्यों को रोक दिया था। उन्होंने कहा, ''उनका तरीका था कम काम करना और ज्यादा बहाने बनाना। आज दिल्ली में विकास का एक आदर्श मॉडल है - बहानेबाजी बंद हो गई है और काम शुरू हो गया है।'' उन्होंने कहा, ''पहले परियोजनाएं फाइलों में दम तोड़ती थीं। आज परियोजनाएं जमीन पर उतरती हैं।''प्रधानमंत्री मोदी ने सामान्य पूल आवासीय आवास (जीपीआरए) पुनर्विकास योजना के तहत 15,200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। मोदी ने केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ सरोजिनी नगर स्थित जीपीआरए टाइप-5 क्वार्टर का दौरा किया और महिला लाभार्थियों को चाबियां सौंपीं। उन्होंने कुछ महिला श्रमिकों से भी बातचीत की। मोदी ने पिंक लाइन के 12.3 किलोमीटर लंबे मजलिस पार्क-मौजपुर-बाबरपुर कॉरिडोर और मैजेंटा लाइन के 9.9 किलोमीटर लंबे दीपाली चौक-मजलिस पार्क कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इन कॉरिडोर से बुराड़ी, जगतपुर-वजीराबाद, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार, मधुबन चौक, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा और मजलिस पार्क समेत दिल्ली के कई इलाकों को फायदा होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने विस्तार योजना के चरण 5-ए के तहत तीन नए दिल्ली मेट्रो कॉरिडोर की आधारशिला भी रखी जिनकी कुल लंबाई लगभग 16.1 किलोमीटर होगी। इसमें रामकृष्ण आश्रम मार्ग-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर, एयरोसिटी-इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा टर्मिनल-1 कॉरिडोर और तुगलकाबाद-कालिंदी कुंज कॉरिडोर शामिल हैं, जिनसे मध्य दिल्ली, दक्षिण दिल्ली, नोएडा और हवाई अड्डे के बीच संपर्क सुविधा में सुधार होगा।मोदी ने कहा कि इन परियोजनाओं का दायरा व्यापक है, जिसमें मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से लेकर हजारों सरकारी कर्मचारियों के लिए आधुनिक आवासीय परिसरों की स्थापना तक शामिल है। उन्होंने कहा, ''दिल्ली की जनता ने नयी उम्मीद और नए संकल्प के साथ एक साल पहले यहां 'डबल इंजन' सरकार का गठन किया था, और इसका परिणाम आज इन विकास कार्यों में दिखाई दे रहा है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि 'डबल-इंजन' शासन मॉडल के तहत, राष्ट्रीय राजधानी में प्रत्येक परिवहन सुविधा को व्यवस्थित रूप से उन्नत किया जा रहा है ताकि प्रतिदिन बस सेवाओं पर निर्भर रहने वाले लाखों नागरिकों के लिए स्वच्छ, आरामदायक और आधुनिक यात्रा सुनिश्चित की जा सके। मोदी ने कहा, ''केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई चार हजार से अधिक इलेक्ट्रिक बस पहले से ही परिचालन में हैं, वहीं पिछले एक वर्ष में ही 1,800 नयी बस लाई गई हैं, जिनमें दिल्ली की कॉलोनियों और मोहल्लों में संपर्क को बेहतर बनाने के लिए तैयार की गई सैकड़ों 'देवी बसें' शामिल हैं।
- नयी दिल्ली. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने रविवार को उन महिलाओं के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनके जीवन और सफर को संवारा है। उन्होंने कहा कि उनकी सफलता की नींव उन मूल्यों और समर्थन पर टिकी है, जो उन्हें अपने परिवार से मिला।लिंक्डइन पर लिखे एक लेख में अदाणी ने अपनी मां शांताबेन अदाणी के प्रभाव को याद किया। उन्होंने बताया कि कैसे बचपन में मां द्वारा सुनाई गई रामायण जैसे महाकाव्यों की कहानियों ने उनमें साहस, त्याग और कर्तव्य के मूल्यों को स्थापित किया। उन्होंने कहा कि उन सीखों की गहराई उन्हें तब समझ आई, जब 16 साल की उम्र में उन्होंने अपना करियर बनाने के लिए मुंबई जाने के लिए घर छोड़ा था। अदाणी ने उस मानसिक शक्ति को याद किया जो उनकी मां ने उन्हें एक अनिश्चित भविष्य की ओर कदम बढ़ाने की अनुमति देते समय दिखाई होगी। अदाणी ने अपनी पत्नी प्रीति अदाणी की भूमिका की भी सराहना की, जिन्होंने दंत चिकित्सा का करियर छोड़कर 'अदाणी फाउंडेशन' का नेतृत्व संभाला।उन्होंने बताया कि 'अदानी फाउंडेशन' आज देश के 22 राज्यों में शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका जैसे क्षेत्रों में सक्रिय है और अब तक एक करोड़ से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला चुका है। अदाणी ने अपनी बहुओं, परिधि अदाणी (करण अदाणी की पत्नी) और दीवा अदाणी (जीत अदाणी की पत्नी) की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे परिवार में "नया दृष्टिकोण और नयी ऊर्जा" लेकर आई हैं। साथ ही उन्होंने अपनी पोतियों से मिलने वाली खुशी का भी उल्लेख किया। अपनी व्यावसायिक यात्रा को याद करते हुए उन्होंने कहा कि भले ही उद्यमी बड़ी कंपनियों और संपत्तियों के निर्माण में दशकों लगा देते हैं, लेकिन इसका अंतिम उद्देश्य अगली पीढ़ी के लिए एक बेहतर भविष्य बनाना होता है। अदाणी ने कहा, "मैं हमेशा दो दुनिया... काम और परिवार के बीच रहा हूं। मैंने अपनी पहली दुनिया में जो कुछ भी बनाया है, वह मुझे दूसरी दुनिया से मिलने वाली ताकत के कारण ही संभव हो पाया है।" उन्होंने कहा कि जीवन की सबसे मजबूत नींव कंक्रीट या स्टील से नहीं, बल्कि उन लोगों से बनती है जो हमें एक व्यक्तित्व प्रदान करते हैं। अदाणी ने अपनी मां को संस्कार देने के लिए, पत्नी प्रीति को उनका पथ-प्रदर्शक (विवेक) बनने के लिए, अपनी दोनों बहुओं परिधि और दीवा को परिवार में शक्ति, प्रतिभा और नया दृष्टिकोण लाने के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होंने अपनी पोतियों का जिक्र करते हुए कहा कि वे हर दिन यह याद दिलाती हैं कि हमारा भविष्य अगली पीढ़ी के योग्य होना चाहिए।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रविवार को ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ के अवसर पर देश की नारी शक्ति को अपनी शुभकामनाएं दीं और भारत की प्रगति को दिशा देने में उनकी बढ़ती भूमिका को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में महिलाएं अपने दृढ़ संकल्प, रचनात्मकता और उत्साह के साथ भारत की प्रगति को आकार दे रही हैं।पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, “अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मैं देश की ‘नारी शक्ति’ को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। हर क्षेत्र में महिलाएं अपने दृढ़ संकल्प, रचनात्मकता और अद्वितीय उत्साह के साथ भारत की प्रगति को आकार दे रही हैं। उनकी उपलब्धियां हमारे देश को प्रेरित करती हैं और ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए हमारे सामूहिक संकल्प को और मजबूत बनाती हैं।”उन्होंने लिखा, “महिला सशक्तिकरण हमारी अलग-अलग योजनाओं और पहलों के केंद्र में है। हम ऐसे अवसर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिनसे हर महिला अपनी पूरी क्षमता का एहसास कर सके और भारत की विकास यात्रा में योगदान दे सके।”एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, “भारत की नारी शक्ति की उपलब्धियां गर्व का विषय हैं और राष्ट्र निर्माण में बदलाव लाने वाली भूमिका की एक मजबूत याद दिलाती हैं। जैसे-जैसे भारत आगे बढ़ेगा, महिलाओं की उम्मीदें और योगदान एक मजबूत और समृद्ध राष्ट्र की ओर हमारी सामूहिक यात्रा का मार्गदर्शन करते रहेंगे।”प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी बताया कि पिछले एक दशक में जमीनी स्तर पर महिलाओं के जीवन में किस प्रकार परिवर्तन आया है। उन्होंने देशभर में महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई पहलों के प्रभाव का भी जिक्र किया।वहीं ‘माईगव’ इंडिया से किए गए ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा है, “कभी समाज की धारणाएं भारतीय महिलाओं की भूमिका तय करती थीं, लेकिन आज वही महिलाएं विज्ञान, तकनीक, उद्यमिता, रक्षा और जनसेवा जैसे हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण अब केवल सहायता तक सीमित नहीं, बल्कि महिला-नेतृत्व विकास के माध्यम से भारत की विकास यात्रा में महिलाओं के नेतृत्व को सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।”पोस्ट में बताया गया कि 10.5 करोड़ से अधिक ‘उज्ज्वला’ कनेक्शन्स ने धुएं से भरे रसोईघर की मुश्किलों को पीछे छोड़ते हुए महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य और हर दिन लगभग 3 घंटे का अतिरिक्त समय देकर उनके जीवन को आसान बनाया है। ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत बने 12 करोड़ से अधिक शौचालयों ने लाखों महिलाओं के जीवन में सुरक्षा, स्वच्छता और गरिमा की नई शुरुआत सुनिश्चित की है। ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ के 72 प्रतिशत घर महिलाओं के एकल या संयुक्त स्वामित्व में, जो उन्हें सुरक्षित आवास के साथ आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव दे रहे हैं।‘माईगव’ इंडिया के अनुसार, 28 करोड़ से अधिक जन धन खातों के माध्यम से महिलाएं औपचारिक बैंकिंग से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रही हैं। ‘जीईएम’ के माध्यम से 2 लाख महिला-नेतृत्व वाले एमएसई 80 हजार करोड़ रुपए से अधिक के ऑर्डर प्राप्त कर उद्यमिता में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूत कर रहे हैं। 3 करोड़ से अधिक ‘लखपति दीदी’ अपने परिवारों को सशक्त बनाते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति दे रही हैं और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को नई ताकत दे रही हैं।इसके अलावा, पंचायती राज संस्थाओं में 14.5 लाख निर्वाचित महिला प्रतिनिधि, कुल प्रतिनिधियों का लगभग 46 प्रतिशत, निर्णय-निर्माण में महिलाओं की मजबूत भागीदारी और सशक्त लोकतंत्र की मिसाल हैं। file photo
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नई दिल्ली। चाहे वह वोट का अधिकार हो या नारी को अंबा, दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी देवी का स्वरूप मानना, भारत में महिलाओं के अधिकार और सम्मान हमेशा से सर्वोपरि रहे हैं। ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ के अवसर पर आज रविवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक पुराना वीडियो भी वायरल है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत ने ऐतिहासिक रूप से नारी को छोटा या दोयम दर्जे का नहीं, बल्कि सबसे ऊपर का रूप माना है।
‘मोदी आर्काइव’ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री मोदी का पुराना वीडियो शेयर किया है। यह 2003 की एक सभा का है, जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “दुनिया की कुछ सबसे पुरानी डेमोक्रेसी (अमेरिका) को महिलाओं को वोट देने का अधिकार देने में एक सदी से ज्यादा लग गया, जबकि भारत ने 1947 में ही महिलाओं को वोट देने का अधिकार दे दिया था।”पोस्ट में लिखा, “यह उस कानून, राष्ट्रीय मिशन, नीतिगत ढांचे और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लागू होने से पहले की बात थी, जिसने संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की थीं। बीस साल पहले, एक मुख्यमंत्री पहले ही सवाल कर रहे थे कि महिलाओं की शक्ति सिर्फ परिवार तक क्यों सीमित रहे? क्यों न यह ग्राम सभा, जिला या हर उस कमरे तक पहुंचे, जहां निर्णय लिए जाते हैं?”एक अन्य पोस्ट में कहा गया, “2003 में नरेंद्र मोदी ने एक सभ्यता का नजरिया पेश किया, जिसमें कहा गया कि भारत ने ऐतिहासिक रूप से महिलाओं को छोटा या दोयम दर्जे का नहीं, बल्कि सबसे ऊपर का रूप माना है। उन्होंने कहा कि दुनिया की किसी भी परंपरा ने स्त्री को भगवान का रूप नहीं दिया है।”‘मोदी आर्काइव’ के पोस्ट में आगे लिखा गया है, “महिला को अंबा, दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी के रूप में दिखाया गया है, हर एक को भगवान का रूप माना जाता है। समाज में महिलाओं की भूमिका के बारे में आज की बहस से सदियों पहले, भारत ने यह नियम बना लिया था कि नारी शक्ति, या स्त्री शक्ति का आदर और सम्मान किया जाना चाहिए।”इससे पहले, आज रविवार को पीएम मोदी ने ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ को लेकर कहा, “हर क्षेत्र में महिलाएं अपने दृढ़ संकल्प, रचनात्मकता और अद्वितीय उत्साह के साथ भारत की प्रगति को आकार दे रही हैं। उनकी उपलब्धियां हमारे देश को प्रेरित करती हैं और ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए हमारे सामूहिक संकल्प को और मजबूत बनाती हैं।” -
नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एमएमआरसी) ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष पहल की है। इस पहल के तहत मुंबई मेट्रो लाइन-3, जिसे एक्वा लाइन के नाम से जाना जाता है, इसमें दो प्रमुख स्टेशनों मरोल नाका और सीएसएमटी मेट्रो स्टेशन का संचालन पूरी तरह से महिला कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है।
एमएमआरसी के अनुसार, इन दोनों स्टेशनों पर कुल 85 महिला कर्मचारी विभिन्न शिफ्टों में अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। ये कर्मचारी स्टेशन कंट्रोल, टिकटिंग, यात्री सहायता, सुरक्षा, मेंटेनेंस सपोर्ट और हाउसकीपिंग जैसे कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल कार्यों को संभाल रही हैं। स्टेशन के रोजमर्रा के संचालन से लेकर यात्रियों को सहायता प्रदान करने तक सभी कार्य महिलाओं के हाथों में हैं, जो उनकी दक्षता और पेशेवर क्षमता को दर्शाता है।बता दें कि महिलाएं केवल स्टेशन संचालन ही नहीं, बल्कि ट्रेन संचालन में भी महिलाओं की सक्रिय भूमिका देखने को मिल रही है। मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन में इस समय 27 महिला ट्रेन ऑपरेटर कार्यरत हैं, जो एक्वा लाइन पर मेट्रो ट्रेनों को चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उनकी उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि महिलाएं तकनीकी और जिम्मेदारी भरे क्षेत्रों में भी सफलतापूर्वक अपनी भूमिका निभा सकती हैं।एमएमआरसी में वर्तमान समय में कुल 1,388 महिला कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें प्रशासनिक और ऑफिस स्टाफ के अलावा ऑपरेशन, टिकटिंग, हाउसकीपिंग और सुरक्षा सेवाओं में काम करने वाली महिलाएं भी शामिल हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि संस्था में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में समान अवसर दिए जा रहे हैं।मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य न केवल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को खास बनाना है, बल्कि समाज को यह संदेश देना भी है कि महिलाएं हर क्षेत्र में सक्षम हैं और उन्हें समान अवसर मिलना चाहिए। इस तरह की पहल से जेंडर इक्वालिटी को बढ़ावा मिलेगा और शहरी परिवहन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी और अधिक मजबूत होगी। महिलाओं को सशक्त होना चाहिए।एमएमआरसी की यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है, जो आने वाले समय में अन्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सरोजनी नगर में जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन (जीपीआरए) कॉलोनियों का दौरा किया और महिला लाभार्थियों को टाइप-5 के नए घरों की चाबियां सौंपी। इस अवसर पर पीएम मोदी ने श्रमजीवी महिलाओं के साथ संवाद भी किया।
सरोजिनी नगर, नेताजी नगर, कस्तूरबा नगर और श्रीनिवासपुरी जैसे प्रमुख स्थानों पर जीपीआरए पुनर्विकास परियोजनाएं, कॉलोनियों के आधुनिकीकरण और सरकारी कर्मचारियों तथा प्रशासनिक कार्यालयों के लिए विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का हिस्सा हैं।जीपीआरए प्लान के तहत 15,200 करोड़ रुपए की इन परियोजनाओं का पुनर्विकास एक नवोन्मेषी आत्मनिर्भर वित्तीय मॉडल के माध्यम से किया गया है, जो यह सुनिश्चित करता है कि पुनर्विकास सरकारी खजाने पर बोझ डाले बिना किया जाए। इस मॉडल के तहत सरकार परियोजना क्षेत्र के एक सीमित हिस्से को वाणिज्यिक और आवासीय स्थान के लिए विकसित और मुद्रीकृत कर रही है, ताकि पूरी परियोजना का वित्तपोषण किया जा सके। इससे प्राप्त राजस्व का इस्तेमाल आधुनिक सरकारी आवास, संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर और सार्वजनिक सुविधाओं के पुनर्विकास के लिए किया जा रहा है।पुनर्विकास योजना के तहत सरकारी कर्मचारियों के लिए 9,350 से अधिक आधुनिक फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे, साथ ही लगभग 48 लाख वर्ग फुट कार्यालय स्थान का निर्माण किया जाएगा, जिससे प्रशासनिक दक्षता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी और मुद्रीकरण की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।रविवार को दिल्ली में पीएम मोदी लगभग 18,300 करोड़ रुपए के दिल्ली मेट्रो प्रोजेक्ट्स का भी उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। इनमें लगभग 12.3 किमी का मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर (पिंक लाइन) कॉरिडोर और लगभग 9.9 किमी का दीपाली चौक-मजलिस पार्क (मैजेंटा लाइन) कॉरिडोर शामिल है। नई कनेक्टिविटी से बुराड़ी, जगतपुर-वजीराबाद, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार, मधुबन चौक, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा, मजलिस पार्क समेत दिल्ली के कई इलाकों को फायदा होगा।प्रधानमंत्री दिल्ली मेट्रो के चरण 4 के अंतर्गत लगभग 16.10 किलोमीटर लंबे तीन नए कॉरिडोर की आधारशिला भी रखेंगे। ये तीन नए कॉरिडोर हैं, आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ, एयरोसिटी से इंदिरा गांधी हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज। ये कॉरिडोर राष्ट्रीय राजधानी के कई महत्वपूर्ण स्थानों को सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेंगे और नोएडा, दक्षिण दिल्ली और हवाई अड्डे के बीच यात्रा करने वाले निवासियों के लिए कनेक्टिविटी में सुधार करेंगे। -
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि वित्तीय सेवाओं तक पहुंच ने महिलाओं को असली आजादी तक पहुंचने में मदद की है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि जनधन खाता और “लखपति दीदियों” जैसी सरकारी योजनाएं महिलाओं को वित्तीय रूप से मजबूत कर रही हैं और पूरे भारत में घरों और समुदायों को नया आकार दे रही हैं।वहीं, लखपति दीदी योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं को ट्रेनिंग, फाइनेंस और अन्य संसाधनों की मदद दी जाती है। इसका लक्ष्य महिलाओं को इतना सक्षम बनाना है कि वे सालाना एक लाख रुपए या उससे ज्यादा की आय अर्जित कर सकें। इससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भर बनने का मौका मिलता है। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, “जब महिलाओं को वित्तीय सहायता मिलती है, तो उन्हें स्वतंत्रता मिलती है। महिलाओं के पास अब 28 करोड़ से अधिक जन धन खाते हैं, जो पूरे भारत में घरों तक वित्तीय सेवाएं पहुंचा रहे हैं और उनकी वित्तीय स्वतंत्रता को मजबूत कर रहे हैं।”अपने संदेश में उन्होंने कहा कि “नारी शक्ति” नए भारत के निर्माण का आधार है और देश के विकास के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण आवश्यक है।उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में महिलाओं के लिए अवसर सृजित करने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।गोयल ने आगे कहा कि महिलाएं दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के साथ भारत के परिवर्तन का नेतृत्व कर रही हैं, चाहे वह उद्यमशीलता हो, खेल, रक्षा, विज्ञान या ग्रामीण विकास। इस दिन को मनाते हुए, उन्होंने महिलाओं की शक्ति और आकांक्षाओं का समर्थन करने और एक मजबूत और समृद्ध भारत के भविष्य को आकार देने में उनकी भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए नए सिरे से प्रतिबद्धता का आह्वान किया। -
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हापानिया में इंटरनेशनल ट्रेन एंड फेयर सेंटर में महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की सदस्यों से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने जमीनी स्तर पर विकास और महिलाओं के सशक्तिकरण में इन समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत में महिलाओं की भूमिका में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। देश अब केवल महिला विकास की अवधारणा से आगे बढ़कर महिला नेतृत्व वाले विकास के दौर में प्रवेश कर चुका है।उपराष्ट्रपति राधाकृष्ण ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी शिक्षा, उद्यमिता और सामाजिक विकास के विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही है, जो देश की प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में कई लखपति दीदी आगे बढ़कर करोड़पति दीदी बनेंगी, जिससे न केवल उनके परिवार बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं मेला केंद्र में लगाए गए महिला स्वयं सहायता समूहों के स्टॉलों का भी दौरा किया। इस दौरान उन्हें त्रिपुरा के विभिन्न जिलों से आए एसएचजी समूहों द्वारा प्रदर्शित स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प के बारे में जानकारी दी गई। उपराष्ट्रपति ने इन उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।इस कार्यक्रम में इंद्रसेन रेड्डी नल्लू, माणिक साहा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने महिला स्वयं सहायता समूहों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। इससे पहले, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, “इंटरनेशनल विमेंस डे पर हम उन महिलाओं की ताकत, हिम्मत और कामयाबियों का जश्न मनाते हैं जो हमारे परिवारों, समाज और हमारे देश की किस्मत को आकार देती रहती हैं। भारत के लंबे और शानदार इतिहास में हमारी पुरानी ज्ञान परंपराओं की रखवाली करने वाली से लेकर हमारे आजादी के आंदोलन के बहादुर नेताओं और मॉडर्न भारत की तरक्की की अगुआ तक, महिलाएं हिम्मत, समझदारी और दया की मिसाल रही हैं। आज, महिलाएं साइंस, एजुकेशन, एंटरप्रेन्योरशिप, गवर्नेंस, डिफेंस, स्पोर्ट्स और स्पेस जैसे हर क्षेत्र में बेहतरीन काम कर रही हैं, और भारत को एक मज़बूत, सबको साथ लेकर चलने वाला और डेवलप्ड देश बनाने की दिशा में बहुत बड़ा योगदान दे रही हैं। हम एक ऐसा समाज बनाते रहें जहां हर लड़की आज़ादी से सपने देख सके और हर महिला अपनी पूरी काबिलियत को पहचान सके। इंटरनेशनल विमेंस डे पर सभी महिलाओं को दिल से बधाई और शुभकामनाएं।” - हैदराबाद. तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी के समक्ष शनिवार को 130 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण प्रक्रिया के तहत, माओवादियों ने एके-47 राइफलों समेत 124 आग्नेयास्त्र और 5,200 से अधिक कारतूस सौंपे, जो हाल के समय में देश में पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) द्वारा आत्मसमर्पण किए गए हथियारों की गुणवत्ता और संख्या के मामले में सबसे अधिक है। तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बी शिवधर रेड्डी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले 130 माओवादियों में से 125 छत्तीसगढ़ के, चार तेलंगाना के और एक आंध्र प्रदेश से है। डीजीपी ने पत्रकारों से कहा, ''अब तेलंगाना राज्य में माओवादियों की कोई कमेटी नहीं है। यह पूरी तरह से समाप्त हो गई है।'' डीजीपी ने कहा कि हथियारों के आत्मसमर्पण से क्षेत्र में भाकपा (माओवादी) की परिचालन और संघर्ष क्षमता काफी कमजोर हो गई है। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने प्रतीकात्मक रूप से अपने हथियार मुख्यमंत्री को सौंप दिए।डीजीपी ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) से संबंधित थे, जिसका अब पूरी तरह से अस्तित्व समाप्त हो चुका है। मुख्यमंत्री रेड्डी ने भूमिगत माओवादियों से मुख्यधारा में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि जनवरी 2024 से तेलंगाना में 721 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने तेलंगाना को आत्मसमर्पण करने वालों के लिए स्वास्थ्य सेवा, वित्तीय सहायता और आवास प्रदान करने की स्वतंत्रता दी है। उन्होंने कहा, ''मैं भूमिगत हो चुके गणपति और अन्य माओवादियों से आत्मसमर्पण करने का आह्वान करता हूं। सार्वजनिक जीवन की मुख्यधारा में शामिल हों और तेलंगाना के पुनर्निर्माण में भागीदार बनें।
- धार. मध्यप्रदेश के धार जिले में शनिवार को एक बंदर ने नायब तहसीलदार और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एक उप संभागीय अधिकारी समेत पांच लोगों को काट लिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि यह घटना जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर बदनावर में हुई।अधिकारी ने बताया कि नायब तहसीलदार साहदेव मोरे को रतलाम के एक अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि अन्य चार लोगों का इलाज बदनावर के सिविल अस्पताल में किया गया। वन विभाग के डिप्टी रेंजर विक्रम सिंह निनामा ने बताया कि बंदर ने सबसे पहले विजय नामक व्यक्ति पर हमला किया और इसके बाद नायब तहसीलदार एवं पीडब्ल्यूडी के एसडीओ सहित अन्य लोगों को काट लिया। उन्होंने बताया कि वन विभाग की टीम ने करीब दो घंटे के अभियान के बाद केले का लालच देकर बंदर को पिंजरे में फंसाकर पकड़ लिया। उन्होंने बताया कि बंदर को किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाएगा।
- सूरत. गुजरात के सूरत शहर में एक मंदिर के स्नानघर के अंदर 18 से 20 आयु वर्ग की दो महिलाएं मृत मिलीं। पुलिस ने शनिवार को बताया कि उन्हें घटनास्थल से बेहोशी के इंजेक्शन मिले हैं और दोनों ने ''एआई-संचालित चैटजीपीटी'' से जानकारी मांगी थी कि ''आत्महत्या कैसे करें"। सहायक पुलिस आयुक्त एनपी गोहिल ने बताया कि कॉलेज की दोनों छात्राएं शुक्रवार दोपहर से लापता थीं और बाद में उसी रात सानिया गांव के स्वामीनारायण मंदिर के स्नानघर में मृत मिलीं। उन्होंने बताया, "छात्राओं के परिजनों ने उनके लापता होने के बाद दिंडोली पुलिस थाने को सूचना दी थी। उनके फोन चालू थे, लेकिन वे दोनों फोन कॉल का जवाब नहीं दे रही थीं। फोन की लोकेशन का पता चलने के बाद, पुलिस की एक टीम सानिया गांव गई। हमें उनका स्कूटर मंदिर के पास मिला।" अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में दोनों को मंदिर के स्नानघर की ओर जाते हुए देखा गया, जिसका दरवाजा बाद में तोड़ दिया गया। उन्होंने कहा, "दोनों बेहोश मिलीं। उनमें से एक को सिविल अस्पताल और दूसरी को एसएमआईएमईआर अस्पताल ले जाया गया। दोनों अस्पतालों के चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।" अधिकारी ने बताया कि स्नानघर की तलाशी में बेहोशी के कुछ इंजेक्शन मिले, जबकि उनमें से एक के फोन में आत्महत्या से संबंधित कुछ तस्वीरें मिलीं। पुलिस ने बताया कि दोनों अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ती थीं और स्कूल से ही अच्छी दोस्त थीं। पुलिस ने बताया कि दोनों ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी जांच चल रही है।
- कोरापुट. ओडिशा के कोरापुट और मयूरभंज जिलों में शनिवार को अलग-अलग घटनाओं में दो लड़कियों सहित पांच स्कूली छात्र डूब गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि दोपहर में स्कूल के पास स्थित कोलाब जलाशय के पश्च जल (बैकवाटर) में कक्षा 10 के तीन छात्र डूब गए। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्होंने अपनी कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा पूरी कर ली थी और अपने माता-पिता के आने और उन्हें घर ले जाने का इंतजार कर रहे थे। परीक्षा पूरी होने की खुशी जाहिर करने के लिए वे पानी में खेलने गए और डूब गए। स्थानीय लोगों ने छात्रों को बचाया और उन्हें कोरापुट के शहीद लक्ष्मण नायक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कोरापुट के उप मंडलीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) संजय मंडल ने बताया, "छात्र हॉस्टल में रहते थे और घटना दोपहर तीन बजे से 3:30 बजे के बीच घटी होगी। आगे की जांच जारी है।" पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान लिंगराज खिल (16), स्वास्तिक (15) और ओम प्रकाश (16) के रूप में हुई है, ये सभी कक्षा 10 के छात्र थे। मृतक के परिवार के सदस्यों ने संस्थान पर लापरवाही का आरोप लगाया है और घटना की गहन जांच की मांग की है। हालांकि स्कूल अधिकारियों से तत्काल टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं हो सका। मयूरभंज में एक अन्य घटना में, कप्टीपाड़ा पुलिस थाना क्षेत्र के नछीपुर गांव के पास एक तालाब में नहाते समय दूसरी कक्षा की दो छात्राएं डूब गईं। छात्राओं की पहचान सात वर्षीय सुभासंध्या नायक और आठ वर्षीय राजलक्ष्मी संखुअल के रूप में हुई है, जो सहपाठी थीं। परिवार के सदस्यों ने बताया कि दोनों सहपाठी स्कूल से लौटने के बाद तालाब में नहाने गई थीं। कप्टीपाड़ा पुलिस थाने की प्रभारी निरीक्षक मधुमिता मोहंती ने बताया कि लड़कियों के डूबने की खबर मिलते ही परिवार के सदस्य तालाब की ओर दौड़े और उन्हें बाहर निकालकर कप्टीपाड़ा अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
- नयी दिल्ली. दिल्ली के नांगलोई इलाके में शनिवार शाम को अचार बनाने की एक फैक्टरी में कुएं में गिरने से फैक्टरी मालिक और उनके बेटे की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। विनिर्माण इकाई एक आवासीय इमारत के भूतल से संचालित होती थी, जबकि इसके 60 वर्षीय मालिक अनिल अपने परिवार के साथ पहली मंजिल पर रहते थे। पुलिस ने बताया कि जांच में पता चला कि फैक्टरी में करीब 10 फुट गहरे चार से पांच कुएं थे, जहां अचार बनाकर रखा जाता था। एक अधिकारी ने कहा, "शनिवार को, एक मजदूर काम के लिए एक कुएं में उतरा था, लेकिन कथित तौर पर दम घुटने के कारण बेहोश हो गया।" अधिकारी ने बताया कि मजदूर को गिरते देख फैक्टरी मालिक और 32 साल और 28 साल के उनके दो बेटे नीरज और संदीप भी उसे बचाने के लिए कुएं में उतर गए। अधिकारी ने कहा, हालांकि, ऑक्सीजन की कमी के कारण वे भी बेहोश हो गए। अधिकारी ने बताया कि शोर-शराबा होने पर अनिल के भाई सुभाष और अन्य स्थानीय लोग पहुंचे और सभी को कुएं से बाहर निकाला। पुलिस ने बताया कि मजदूर और संदीप को होश आ गया, जबकि अनिल और उनके बेटे नीरज को होश नहीं आया और उन्हें संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि दम घुटने के सही कारण और फैक्टरी में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं, इसका पता लगाने के लिए एक जांच शुरू कर दी गई है।
- सागर (मप्र) . भारतीय सेना ने शनिवार को मध्यप्रदेश के सागर सैन्य स्टेशन में 'सागर ट्रेल रन 2026' का आयोजन किया, जिसमें करीब 800 सैनिकों और नागरिकों ने भाग लिया। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि सेना की शाहबाज डिवीजन द्वारा 'शौर्य रन 2026' विषय के तहत आयोजित इस दौड़ का उद्देश्य तंदुरुस्ती, एकता और देशभक्ति को बढ़ावा देना था। विज्ञप्ति के अनुसार इस दौड़ का मार्ग विंध्याचल पर्वत श्रृंखला और सैन्य स्टेशन के प्रशिक्षण मैदानों से होकर गुजरा। इसके अनुसार पांच किलोमीटर महिला वर्ग में अंजिली अहिरवार ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि महिलाओं की 12 किलोमीटर दौड़ में शीतल कुशवाहा विजेता रहीं। विज्ञप्ति के अनुसार पुरुष वर्ग (35 वर्ष से कम) की 12 किलोमीटर दौड़ में सनी प्रजापति पहले स्थान पर रहे, जबकि 35 से 50 वर्ष आयु वर्ग के लिए 12 किलोमीटर की दौड़ में एस. सेहजाद रजा ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया। इसके अनुसार नागरिक वर्ग में 50 वर्ष से अधिक आयु श्रेणी में सुरेंद्र ने पहला स्थान हासिल किया। विज्ञप्ति में बताया गया कि कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। विज्ञप्ति में बताया गया कि यह दौड़ अब हर वर्ष नवंबर-दिसंबर के दौरान आयोजित की जाएगी।
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अलाप्पुझा। केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने शनिवार को पेरुम्बालम द्वीप के निवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए इस तटीय जिले में पेरुम्बालम पुल का उद्घाटन किया, जिससे मुख्य भूमि से सीधे सड़क संपर्क के लिए पीढ़ियों से चले आ रहे इंतजार का अंत हुआ। सुरम्य वेम्बनाड झील के ऊपर निर्मित, पेरुम्बालम पुल दक्षिणी राज्य में बैकवाटर (पश्च जल) क्षेत्र पर निर्मित सबसे लंबा पुल है। अधिकारियों ने कहा कि पुल के खुलने से, झील से चारों ओर से घिरे पेरुम्बालम के निवासियों को दशकों से झेलनी पड़ रही यात्रा संबंधी कठिनाइयों का अंत होने की उम्मीद है। यह पुल अलाप्पुझा जिले के अरूर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली अरुकुट्टी पंचायत को पेरुम्बालम द्वीप से जोड़ता है। इस पुल को जनता को समर्पित करते हुए मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि वामपंथी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि राज्य का कोई भी स्थान विकास से "अछूता" न रह जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पिछले दशक में कई ऐसी विकास परियोजनाएं पूरी की गई हैं जिन्हें पूरा होने में सामान्यतः 50 से 100 वर्ष लगते हैं। उनके अनुसार, पेरुम्बालम पुल महज एक विकास परियोजना नहीं है, बल्कि उनकी सरकार के दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति का प्रतीक है।
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मुजफ्फरपुर (बिहार)। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में चौथा स्थान हासिल करने वाले राघव झुनझुनवाला ने शनिवार को कहा कि उनके माता-पिता, शिक्षकों के सहयोग और कड़ी मेहनत ने उन्हें परीक्षा पास करने में मदद की। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शुक्रवार को सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम घोषित किए। आयोग ने बताया कि कुल 958 उम्मीदवार परीक्षा में सफल हुए हैं और उन्हें विभिन्न केंद्रीय लोक सेवाओं में नियुक्ति के लिए अनुशंसित किया गया है। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के निवासी राघव ने अपने तीसरे प्रयास में परीक्षा उत्तीर्ण की और चौथा स्थान प्राप्त किया। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। राघव ने अपने पहले प्रयास में प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की, जबकि दूसरे प्रयास में वह व्यक्तित्व परीक्षण साक्षात्कार तक तो पहुंचे, लेकिन उत्तीर्ण नहीं हो सके। राघव ने पत्रकारों को बताया, "यह यूपीएससी सीएसई में मेरा तीसरा प्रयास था। उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली जाने से पहले मैंने अपनी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा मुजफ्फरपुर में पूरी की।" उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों के सहयोग के साथ-साथ परीक्षा के लिए की गई निरंतर कड़ी मेहनत को दिया। परिवार के सदस्यों के अनुसार, दिल्ली पब्लिक स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद, राघव ने मुजफ्फरपुर के जीडी मदर स्कूल से कक्षा 12वीं की पढ़ाई पूरी की, जहां वह सीबीएसई बिहार के टॉपर के रूप में उभरे। राघव के मामा अरुण कुमार ने कहा, "उन्होंने 2022 में यूपीएससी सीएसई की तैयारी शुरू की थी, उसी साल उन्होंने अर्थशास्त्र में ऑनर्स विषय के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की थी।" उन्होंने बताया कि राघव दिन में 12-14 घंटे पढ़ाई करता था। कुमार ने बताया कि वह (राघव) बचपन से ही पढ़ाई में होशियार थे और सिविल सेवाओं में शामिल होने के अपने लक्ष्य पर पूरी तरह से केंद्रित रहे। कुमार ने बताया कि पढ़ाई के अलावा राघव को फोटोग्राफी और बैडमिंटन जैसे शौक भी हैं।
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नयी दिल्ली। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष विजया किशोर राहटकर ने शनिवार को कहा कि महिलाओं का सच्चा सशक्तिकरण भय, आत्मसंदेह और लंबे समय से चली आ रही सामाजिक रूढ़ियों द्वारा निर्मित मानसिक बाधाओं को तोड़ने से शुरू होता है। विज्ञान भवन में महिला विचारकों के एक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए, राहटकर ने कहा कि भारतीय सभ्यता ने परंपरागत रूप से महिलाओं को केवल व्यक्तियों या सामाजिक भूमिकाओं के रूप में नहीं, बल्कि शक्ति, सृजन और चेतना के प्रतीक के रूप में देखा है। देवी सरस्वती, लक्ष्मी और दुर्गा के सांस्कृतिक प्रतीकवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय समाज ने ऐतिहासिक रूप से महिलाओं को परिवार के दायरे तक सीमित रखने के बजाय उन्हें ज्ञान, समृद्धि और शक्ति की नींव के रूप में मान्यता दी है। उन्होंने कहा, "जब एक महिला यह पहचान लेती है कि वह केवल परिस्थितियों की शिकार नहीं बल्कि बदलाव की वाहक है तो वह आत्मविश्वास से भर जाती है और समाज में परिवर्तन की शक्ति बन जाती है।" एनसीडब्ल्यू प्रमुख ने इस बात पर भी जोर दिया कि माताओं को सशक्त बनाना एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण की कुंजी है, क्योंकि आत्मविश्वासी माताएं आत्मविश्वासी बच्चों का पालन-पोषण करती हैं, जो बदले में समाज और देश को मजबूत बनाते हैं। "भारती - नारी से नारायणी" नामक दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन भारतीय विद्वत परिषद ने राष्ट्र सेविका समिति और शरण्या के सहयोग से यहां विज्ञान भवन में किया है।





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