- Home
- देश
- नई दिल्ली। भारत के लिए पेट्रोलियम लेकर जा रहा एक तेल टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है। यह जानकारी समुद्री यातायात पर नजर रखने वाली कई वेबसाइटों से मिली है। ‘निसोस केरोस’ नाम का यह जहाज विशाखापत्तनम जा रहा है और इसके 3 जून तक वहां पहुंचने की उम्मीद है। मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला यह जहाज 21 मई को शारजाह से रवाना हुआ था। शुक्रवार सुबह 6 बजे भारतीय समय के अनुसार इसे भारत के पश्चिमी तट के पास उत्तरी अरब सागर में देखा गया।ईरान की समाचार एजेंसी आईआरएनए ने गुरुवार को बताया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने पिछले 24 घंटों में 23 वाणिज्यिक जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी, जिनमें तेल टैंकर और कंटेनर जहाज शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि ईरानी सेना के अनुसार, सभी जहाजों की आवाजाही इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स नौसेना अधिकारियों के साथ औपचारिक समन्वय के बाद हुई। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए जहाजों को कोई शुल्क देना पड़ा या नहीं।ईरान पहले ही कह चुका है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए शुल्क ले सकता है। इसी महीने ईरान ने समुद्री यातायात को नियंत्रित करने के लिए ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ नाम की एजेंसी बनाने की घोषणा की थी। संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने के लिए शुल्क वसूलने को अवैध बताया है।अमेरिका ने ईरान से मांग की है कि वह जलडमरूमध्य में स्वतंत्र आवाजाही बहाल करे। फरवरी में अमेरिका द्वारा इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर बमबारी करने के बाद ईरान ने इस मार्ग में बारूदी सुरंगें बिछा दी थीं और जहाजों पर हमले किए थे। होर्मुज जलडमरूमध्य में स्वतंत्र आवाजाही बहाल करना ईरान युद्ध खत्म करने की बातचीत में सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा, ‘यह जलडमरूमध्य सभी के लिए खुला रहेगा।’ ईरान की कार्रवाई से दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत गैस और तेल सप्लाई प्रभावित हुई है जो इसी रास्ते से गुजरती है।इससे वैश्विक ऊर्जा और आर्थिक संकट गहरा गया है।बुधवार को अचानक ट्रंप ने धमकी दी कि अगर ओमान ने ईरान के साथ जलडमरूमध्य से गुजरने पर शुल्क वसूलने को लेकर कोई समझौता किया, तो अमेरिका ओमान पर हमला कर सकता है। ओमान, ईरान के सामने जलडमरूमध्य के दूसरी ओर स्थित है। जहाजों की जानकारी रखने वाली संस्था ऑकविसर के अनुसार, ‘विशाखापत्तनम की ओर आ रहे जहाज निसोस केरोस’ का मालिक अरेथुसा शिपिंग कॉरपोरेशन है और इसका संचालन किक्लेड्स मैरीटाइम कॉरपोरेशन कर रही है। हुंडई द्वारा निर्मित यह जहाज 333 मीटर लंबा है और इसकी क्षमता 3,18,744 टन या 3,38,648 घन मीटर है।
- नई दिल्ली। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और किसानों के मसीहा कहे जाने वाले चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अन्य भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने श्रद्धांजलि दी है। इसके साथ ही चौधरी चरण सिंह को किसानों का मसीहा बताते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही है। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी ने एक्स पर लिखा, “किसानों, मजदूरों और ग्रामीण भारत की आवाज को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में स्थापित करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री, ‘भारत रत्न’ चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। उनका सादगीपूर्ण जीवन, किसानों के प्रति समर्पण और जनकल्याण की राजनीति हम सभी को सदैव प्रेरणा देती रहेगी।”दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा, “देश के पूर्व प्रधानमंत्री, किसानों और वंचितों की मुखर आवाज़, चौधरी चरण सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। कृषि और ग्रामीण भारत के उत्थान के लिए समर्पित उनके ऐतिहासिक निर्णय और जन-कल्याणकारी नीतियां सदैव हमारा मार्गदर्शन करती रहेंगी। राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।”उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर लिखा, किसान कल्याण हेतु आजीवन समर्पित, पूर्व प्रधानमंत्री “भारत रत्न” चौधरी चरण सिंह जी की पुण्यतिथि पर कोटिशः नमन। कृषक और गरीब कल्याण को समर्पित आपका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।”राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने चौधरी चरण सिंह को विनम्र श्रदांजिल देते हुए एक्स पर लिखा, “किसानों के कल्याण व उत्थान के लिए समर्पित नेता, ग्रामीण भारत की सशक्त आवाज, पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न चौधरी चरण सिंह का समर्पित जीवन किसानों, ग्रामीण भारत और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के उत्थान के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। किसानों के अधिकारों और आत्मसम्मान के लिए किए गए उनके प्रयास राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान के रूप में सदैव स्मरणीय रहेंगे।”बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट सिंह चौधरी ने एक्स पर लिखा, “भारत रत्न से अलंकृत, देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसानों के हितों की प्रबल आवाज जननेता स्व. चौधरी चरण सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। किसानों, ग्रामीण भारत और सामाजिक न्याय के प्रति उनका समर्पण सदैव राष्ट्र को प्रेरित करता रहेगा।”मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने एक्स पर लिखा, “महान किसान नेता एवं स्वतंत्रता सेनानी, पूर्व प्रधानमंत्री, ‘भारत रत्न’ चौधरी चरण सिंह जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। उनका पूरा जीवन किसान कल्याण, ग्रामीण भारत के पुनरुत्थान और वंचितों के सशक्तिकरण के लिए समर्पित रहा। राष्ट्रहित और ईमानदारी को लेकर उनकी प्रतिबद्धता हम सभी के लिए प्रेरणापुंज है।”असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर लिखा, “चौधरी चरण सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन। देश के शीर्ष नेतृत्व में रहते हुए भी उन्होंने कभी किसान को नहीं भुलाया। खेत की मिट्टी से जुड़ा उनका नाता केवल राजनीतिक नहीं था, वह उनकी आत्मा में था। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि सादगी और दृढ़ता मिलकर इतिहास बनाती है।”हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक्स पर लिखा, “किसानों के कल्याण के लिए आजीवन समर्पित रहे भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न चौधरी चरण सिंह को उनकी पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। राष्ट्र निर्माण के प्रति आपका त्याग, संघर्ष एवं किसानों के कल्याण और उत्थान के लिए समर्पित आपका सम्पूर्ण जीवन हमारे लिए प्रेरणा का पर्याय है।”वहीं, राष्ट्रीय लोकदल ने एक पर कई पोस्ट के जरिए श्रद्धांजलि अर्पित की है। आरएलडी ने लिखा, “भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की अमर स्मृतियों को सादर नमन। उनके विचार और किसान हित का संकल्प सदैव जीवंत रहेगा।”एक अन्य पोस्ट में लिखा, “भारत की विकास यात्रा को समझना हो तो चौधरी चरण सिंह के विचारों को समझना होगा। उनका दृढ़ विश्वास था कि राष्ट्र की समृद्धि का मार्ग गांवों, खेतों और खलिहानों से होकर गुजरता है। उन्होंने किसान को केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक और सामाजिक शक्ति का केंद्र भी माना। किसान मसीहा, भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन।”आरएलडी ने आगे कहा, “चौधरी साहब ने भारतीय राजनीति को सत्ता के गलियारों से निकालकर खेत-खलिहानों, गांवों और किसानों की चौपाल तक पहुंचाने का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने किसान को केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि राष्ट्र की अर्थव्यवस्था और लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव माना। उनका जीवन सादगी, सिद्धांत और किसान हितों के प्रति अडिग समर्पण का जीवंत प्रतीक रहा। उनके विचार सदैव देश के किसान-कमेरे वर्ग को अधिकार, सम्मान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहेंगे।”--
- नई दिल्ली। अफ्रीका के कुछ हिस्सों में इबोला वायरस के प्रकोप के बीच अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और यात्रा संबंधी उपायों पर एक संयुक्त त्रिपक्षीय बयान जारी किया है।संयुक्त बयान में कहा गया कि तीनों देशों ने इबोला वायरस से सर्वाधिक प्रभावित अफ्रीकी क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों के लिए समन्वित सार्वजनिक स्वास्थ्य यात्रा उपाय लागू करने का निर्णय लिया है।बयान में कहा गया, “यह समन्वित पहल हमारे नागरिकों तथा फीफा विश्व कप 2026 के दौरान आने वाले लाखों आगंतुकों, प्रशंसकों, खिलाड़ियों और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। साथ ही हमारे देशों के बीच यात्रा और व्यापार गतिविधियों को भी सुचारु बनाए रखा जाएगा।”तीनों देशों ने कहा कि उत्तरी अमेरिका में विश्वभर के लोगों का स्वागत करते समय क्षेत्र के प्रत्येक व्यक्ति का स्वास्थ्य और सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।इससे पहले बुधवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा था कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन इबोला के मामलों को अमेरिका में प्रवेश करने से रोकने के लिए आक्रामक रणनीति पर काम कर रहा है।व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान रुबियो ने कहा कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता अमेरिकी नागरिकों को वायरस के संभावित प्रसार से सुरक्षित रखना है।उन्होंने कहा, “हम किसी भी स्थिति में इबोला के मामलों को अमेरिका में प्रवेश नहीं करने देंगे।”रुबियो ने बताया कि अमेरिकी विदेश विभाग, रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC), स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग (HHS) और अन्य कई संघीय एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों, विशेषकर कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, में प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए समन्वित प्रयास कर रही हैं।उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में वायरस को नियंत्रित करने के लिए सहायता बढ़ाई गई है और अमेरिकी एजेंसियां यात्रियों तथा सीमा गतिविधियों की भी निगरानी कर रही हैं, ताकि संक्रमित व्यक्ति अमेरिका में प्रवेश न कर सकें।इस बीच, युगांडा ने इबोला के प्रसार को रोकने के लिए बड़े सार्वजनिक आयोजनों पर प्रतिबंध लगा दिया है। युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा बुधवार देर रात जारी परिपत्र के अनुसार, संगीत कार्यक्रम, सांस्कृतिक उत्सव, सार्वजनिक रैलियां, राजनीतिक सभाएं, मैराथन और सीमा पार विपणन गतिविधियों सहित बड़ी भीड़ जुटाने वाले सभी कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई है।
-
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में नवगठित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी के काम को मजबूत करने के लिए सात दिनों के भीतर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को 600 हेक्टेयर भूमि सौंप दी है।
गांधीनगर जिले के सोनीपुर गांव में 340 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास समारोह के दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भाजपा ने राज्य में सीमा पर बाड़ लगाने के काम में तेजी लाने के अपने चुनावी वादे को पूरा किया है।अमित शाह ने कहा, “हमने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था कि यदि आप हमें सत्ता सौंपते हैं तो हम कुछ ही दिनों के भीतर बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने का काम शुरू कर देंगे।” उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को बधाई देते हुए कहा, “मैं पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को महज सात दिनों के भीतर बीएसएफ को 600 हेक्टेयर भूमि सौंपने के लिए बधाई देना चाहता हूं। चिकन नेक क्षेत्र में 121 हेक्टेयर भूमि भी केंद्र सरकार को सौंप दी गई है।”अमित शाह ने इस कदम को भाजपा के व्यापक राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंडे से जोड़ा और दावा किया कि बंगाल में सरकार परिवर्तन के बाद बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ पहले ही कम हो गई है। उन्होंने कहा, “पहले ममता के शासनकाल में हर दिन घुसपैठ होती थी, लेकिन अब घुसपैठिए खुद ही वापस लौटने लगे हैं।”केंद्रीय गृह मंत्री ने ये टिप्पणियां भाजपा के देश भर में बढ़ते राजनीतिक प्रभाव को उजागर करते हुए कीं। उन्होंने हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार को निर्णायक रूप से हराया था। उन्होंने कहा, “आज भाजपा देश के 80 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में शासन कर रही है। हाल ही में बंगाल में चुनाव हुए, जहां दीदी की सरकार पूरी तरह से साफ हो गई।”गृह मंत्री अमित शाह ने यह भी कहा कि भाजपा का ‘भगवा झंडा’ अब पूरे गंगा क्षेत्र में ‘उत्तराखंड से गंगासागर तक लहरा रहा है। यह भाषण अमित शाह के गांधीनगर दौरे के दौरान दिया गया, जहां वे कई विकास कार्यक्रमों में भाग लेने आए थे, जिनमें कलोल और गांधीनगर उत्तर विधानसभा क्षेत्रों में पेयजल सुविधाओं का उद्घाटन, सौंदर्याकृती आंगनबाड़ी केंद्र और ग्राम विकास परियोजनाएं शामिल थीं। उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों के भीतर दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में 1,200 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का उद्घाटन या शुभारंभ किया गया है। उन्होंने इन परियोजनाओं का श्रेय राज्य सरकार, केंद्र सरकार और निजी औद्योगिक समूहों से प्राप्त कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी निधि को दिया। -
नई दिल्ली। उर्दू अदब का एक नरम लहजा हमेशा के लिए खामोश हो गया। अपनी सादगी भरी शायरी से करोड़ों दिलों में जगह बनाने वाले शायर बशीर बद्र अब इस दुनिया में नहीं रहे। पद्मश्री से सम्मानित बशीर बद्र ने गुरुवार को भोपाल स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन के साथ ही उर्दू शायरी का एक ऐसा खूबसूरत और नरम लहजा खामोश हो गया, जिसने आम आदमी की भावनाओं को बेहद आसान शब्दों में दुनिया के सामने रखा। उनके निधन से प्रशंसक कसक के साथ बस इतना ही कह पाए “फिर से खुदा बनाएगा कोई नया जहां, दुनिया को यूं मिटाएगी इक्कीसवीं सदी…।”
उनके जाने के साथ ही उर्दू शायरी का वह दौर भी जैसे थम गया, जिसने रिश्तों, तन्हाई, मोहब्बत और जिंदगी की सच्चाइयों को बेहद आसान शब्दों में लोगों तक पहुंचाया। उनके शब्दों में ऐसा जादू था कि आज भी पाठक कहने को विवश हैं “न जी भर के देखा, न कुछ बात की… बड़ी आरजू थी मुलाकात की…।” 91 वर्षीय बशीर बद्र लंबे समय से डिमेंशिया के साथ ही उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। पिछले कुछ सालों से उनकी याददाश्त कमजोर हो गई थी। जानकारी के अनुसार, वह लोगों को पहचान भी नहीं पा रहे थे।बशीर बद्र का जन्म 15 फरवरी 1935 को अयोध्या में हुआ था। उनका असली नाम सैयद मोहम्मद बशीर था। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से पढ़ाई की और बाद में मेरठ कॉलेज में उर्दू के प्रोफेसर बने। अध्यापन के साथ-साथ उनकी शायरी भी लोगों के दिलों तक पहुंचती गई। 1970 और 80 के दशक में उनकी गजलों ने देश-दुनिया में खास छाप छोड़ी।बद्र की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि उन्होंने उर्दू शायरी को मुश्किल अल्फाज से निकालकर आम बोलचाल की भाषा में ढाल दिया। उनकी गजलों में जिंदगी की सच्चाई, रिश्तों की नर्मी और उलझन, मोहब्बत का रस, दर्द और इंसानी एहसास साफ दिखाई देते थे। यही वजह रही कि उनके एक-एक शब्द आम लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन गए।उनके मशहूर शेर पर नजर डालें तो कई हैं, यहां कुछ चुनिंद शेर हैं- “कुछ तो मजबूरियां रही होंगी, यूं कोई बेवफा नहीं होता…” आज भी अधूरी मोहब्बत और टूटे रिश्तों का सबसे सादा और गहरा बयान माना जाता है। वहीं, बदलते समाज और रिश्तों में बढ़ती दूरियों को बेहद खूबसूरती से बयां करती है “कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से, ये नए मिजाज का शहर है, जरा फासले से मिला करो…।”उनकी शायरी सिर्फ प्रेम तक सीमित नहीं थी। शेर “लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में, तुम तरस नहीं खाते बस्तियां जलाने में…” समाज की बेरुखी पर गहरी चोट करती है। बशीर बद्र ने जिंदगी की तन्हाई और उसकी सच्चाइयों को भी अपने अंदाज में पेश किया, “उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो, न जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाए…” और “जिंदगी तू ने मुझे कब्र से कम दी है जमीं, पांव फैलाऊं तो दीवार में सर लगता है…।”ऐसे शेर आम लोगों से आसानी जुड़ जाते हैं और कहते हैं कि ये तो हमारी ही कहानी है। रिश्तों में नरमी और इंसानियत का संदेश देने वाले उनके शेर आज भी लोगों को खासा भाते हैं जैसे “दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे, जब कभी हम दोस्त हो जाएं तो शर्मिंदा न हों…।”साल 1999 में उन्हें पद्मश्री से नवाजा गया। लेकिन उनकी सबसे बड़ी पहचान यह रही कि उन्होंने उर्दू शायरी को आम लोगों तक पहुंचाया। उनके निधन से साहित्य जगत में शोक की लहर है। लोग यही कह रहे हैं कि आज उर्दू थोड़ी गरीब हो गई है। -
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत 12 राज्यों को 10,021.42 करोड़ रुपए की ‘मूल स्वीकृति’ जारी की, जो मार्च 2029 तक ‘सभी के लिए आवास’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश राज्यों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यह मंजूरी जारी की गई। शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि योजना के तहत 4.95 करोड़ घरों के लक्ष्य के मुकाबले 3.91 करोड़ घरों के लिए पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है और 3.05 करोड़ से अधिक घरों का निर्माण पूरा हो चुका है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव रोहित कंसल ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 11,121 करोड़ रुपए की मंजूरी पहले ही जारी की जा चुकी है और अब 10,021 करोड़ रुपए से अधिक की अतिरिक्त मंजूरी भी जारी कर दी गई है।
उन्होंने आगे कहा कि चालू वर्ष के लिए आवास लक्ष्य पिछले वर्ष की तुलना में तीन गुना अधिक है और केंद्र एवं राज्यों के समन्वित प्रयासों से इसे समयबद्ध तरीकों से हासिल कर लिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि देश में कोई भी गरीब व्यक्ति कच्चे मकान में न रहे। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण 2016 में शुरू की गई थी।”उन्होंने कहा, “जब घर अच्छा होता है तो जीवन आसान हो जाता है। हम केवल घर नहीं बना रहे हैं, बल्कि बुनियादी सुविधाएं जैसे सड़कें, बिजली, पीने का पानी, एलपीजी कनेक्शन और शौचालय आदि से सुसज्जित घर बना रहे हैं।” शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों द्वारा किए जा रहे नवाचारों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने मानसून पहल की हैं, जैसे हेल्पलाइन, शिकायत निवारण प्रणाली, वर्षा जल संचयन, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका संवर्धन और राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम, उनसे योजना के लक्ष्यों की प्राप्ति में तेजी आई है।महिला सशक्तिकरण पर मंत्री ने कहा कि पीएमएवाई-जी के तहत स्वीकृत लगभग 75 प्रतिशत घर या तो महिलाओं के नाम पर हैं या संयुक्त स्वामित्व में हैं, जिससे महिलाओं की गरिमा, आत्मसम्मान और सामाजिक सुरक्षा मजबूत होती है।शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा कि जिन मामलों में गरीब परिवारों के पास जमीन नहीं होती, वहां आवास निर्माण प्रभावित होता है। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे ऐसे पौधों को जमीन उपलब्ध कराने और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने के लिए विशेष पहल करें। उन्होंने राज्यों से आवंटन प्रतिबंधों का समय पर निपटान सुनिश्चित करने, समेकित घरों के निर्माण में तेजी से लाने और स्वीकृत पूर्णता का शीघ्र उपयोग सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया।उन्होंने आगे कहा कि कुछ राज्य अभी भी अपने 2024-25 और 2025-26 के लक्ष्यों के अनुरूप आधारित प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं और उन्होंने उनसे 30 जून, 2026 तक इस प्रक्रिया को पूरा करने का आग्रह किया। मंत्री ने पीएमएवाई-जी योजना के प्रत्येक लाभार्थी से 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की। -
नई दिल्ली। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस इस्तीफे से कर्नाटक कांग्रेस में लंबे समय से चली आ रही खींचतान लगभग खत्म हो गई है। पार्टी के कई नेताओं ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि राज्य के अगले मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार होंगे।पहले से तय समय के अनुसार, सिद्दारमैया अपने सरकारी आवास से निकले और राजभवन पहुंचे, जहां उन्होंने राजभवन में अपना इस्तीफा अधिकारियों को सौंप दिया। राज्यपाल प्रदेश से बाहर हैं, ऐसे में सिद्धारमैया ने अपना इस्तीफा राजभवन के अधिकारियों को सौंपा है।
सिद्दारमैया ने अपने इस्तीफे के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया, जिसमें उन्होंने कहा कि “मैंने अपना इस्तीफा राज्यपाल के कार्यालय में सौंप दिया है। राज्यपाल यहां नहीं हैं, वे आज रात लौट रहे हैं। इसलिए, मैंने इस्तीफा उनके कार्यालय में जमा कर दिया।” उन्होंने आगे कहा कि मैंने पहले भी कहा है कि जब भी हाईकमान मुझे निर्देश देगा, मैं इस्तीफा दे दूंगा। इसलिए, मैं आज ही अपना इस्तीफा सौंप रहा हूं। ऐसा समझा जा रहा है कि अगले मुख्यमंत्री के लिए रास्ता बनाया जा रहा है। हमारे प्रति और हमारे कल्याण के प्रति उनकी जिम्मेदारी बनी रहेगी। इसमें कोई निराशा नहीं है। हमारी पार्टी ने 135+1 सीटों के साथ जीत हासिल की। इसके साथ ही, दो निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी हमारी सरकार का समर्थन किया।”सिद्दारमैया ने कहा कि संविधान सर्वोच्च है, और हमने उसके दिखाए रास्ते पर चलने की कोशिश की है। हमने संविधान में तय किए गए सिद्धांतों के अनुसार बात करने की कोशिश की है। हमने उन संवैधानिक सिद्धांतों के अनुसार बोलने की कोशिश की है। लोगों ने हमें समर्पित अनुयायियों की तरह माना। हमारे समर्थक और प्रशंसक हमारे साथ खड़े रहे। मुझे कर्नाटक के सात करोड़ लोगों की सेवा करने का अवसर मिला है। मुझे दो बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर भी मिला है। मुझे दो बार विपक्ष का नेता बनने का अवसर मिला। मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और हमारे अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को ये अवसर देने के लिए धन्यवाद देता हूं।उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के पास बहुमत है, और सभी विधायकों का डीके शिवकुमार को समर्थन है। उन्होंने कहा कि मैं 2 बार सीएम और 2 बार नेता विपक्ष रहा। विधायकों और सांसदों ने समर्थन दिया, इसके लिए उन्हें धन्यवाद है। गुरुवार सुबह ही सिद्दारमैया के सरकारी आवास पर एक बैठक बुलाई गई थी, जिसमें डीके शिवकुमार भी शामिल हुए थे। इसी बैठक में सिद्दारमैया ने इस्तीफे की बात कही। बैठक के बारे में बताते हुए कर्नाटक के आबकारी मंत्री आर.बी. तिम्मापुर भावुक हो गए, उन्हें सिद्दारमैया का करीबी माना जाता है।आर.बी. तिम्मापुर ने कहा कि जब सिद्दारमैया ने इस्तीफा देने की बात कही तो सभी कैबिनेट सदस्य भावुक हो गए। अधिकांश मंत्री खुद को संभाल नहीं पाए और रो पड़े। मंत्रियों को भावुक होकर रोते देख मुख्यमंत्री सिद्दारमैया भी भावुक हो गए। सुबह सीएम आवास पर हुई बैठक में जब डीके शिवकुमार पहुंचे थे, तो उन्होंने सिद्दारमैया के पैर छूकर आशीर्वाद लिया था। इसके बाद दोनों गले मिले थे, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। -
नई दिल्ली। भारत में हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन अब तेजी से एक बड़े स्वास्थ्य संकट का रूप लेता जा रहा है। चिंता की बात यह है कि अब यह बीमारी केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बड़ी संख्या में युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। दिल्ली एम्स के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते जागरूकता, नियमित जांच और जीवनशैली में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में देश में दिल और दिमाग से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा और बढ़ सकता है। JACC में प्रकाशित नई रिपोर्ट के अनुसार भारत में करीब 30 करोड़ लोग हाई ब्लड प्रेशर से प्रभावित हैं। हालांकि, इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जिन्हें यह तक पता नहीं कि वे हाइपरटेंशन के मरीज हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हाई ब्लड प्रेशर एक “साइलेंट एपिडेमिक” बन चुका है, क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण अक्सर नजर नहीं आते और लोग लंबे समय तक बिना जांच के रहते हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि ग्रामीण इलाकों में बहुत कम लोगों का ब्लड प्रेशर नियंत्रण में है, जबकि शहरी क्षेत्रों में भी स्थिति पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। करोड़ों लोग या तो इलाज शुरू ही नहीं करते या फिर बीच में दवाइयां छोड़ देते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक यही लापरवाही आगे चलकर हार्ट अटैक, स्ट्रोक, हार्ट फेलियर और किडनी फेलियर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बनती है।दिल्ली और आसपास के इलाकों को लेकर भी रिपोर्ट में चिंता जताई गई है। पिछले दो दशकों में राजधानी और उसके आसपास हाई ब्लड प्रेशर के मामलों में दो से तीन गुना तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञ इसके पीछे खराब जीवनशैली, अत्यधिक नमक का सेवन, तनाव, नींद की कमी और शारीरिक गतिविधियों में कमी को प्रमुख कारण मानते हैं।AIIMS के डॉक्टरों का कहना है कि युवाओं में बढ़ता हाइपरटेंशन बेहद चिंताजनक संकेत है। तेजी से बदलती जीवनशैली, लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठना, फास्ट फूड का बढ़ता चलन और शारीरिक श्रम में कमी युवाओं को इस बीमारी की ओर धकेल रही है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच कराना, संतुलित आहार लेना, नमक कम करना, रोजाना व्यायाम करना और तनाव को नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है।रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत में हाई ब्लड प्रेशर का इलाज संभव और अपेक्षाकृत सुलभ है, लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था की कमजोरियां बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक दवाइयों और नियमित फॉलोअप की पहुंच अब भी सीमित है। ऐसे में बड़े स्तर पर स्क्रीनिंग अभियान, डिजिटल हेल्थ टेक्नोलॉजी और आसान इलाज प्रोटोकॉल अपनाने की जरूरत पर जोर दिया गया है।विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अभी से व्यापक जागरूकता अभियान नहीं चलाए गए तो आने वाले समय में भारत में हृदय और मस्तिष्क संबंधी बीमारियों का बोझ और तेजी से बढ़ सकता है। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि हाई ब्लड प्रेशर को सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज न करें, क्योंकि समय रहते जांच, सही इलाज और जीवनशैली में बदलाव ही इस “खामोश बीमारी” से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। -
अमेठी (उप्र). पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं अमेठी की पूर्व सांसद स्मृति ईरानी बुधवार को एक दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचीं तथा उन्होंने मुसाफिरखाना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महा अभियान कार्यक्रम में भाग लिया । इस कार्यक्रम में मीडिया के प्रवेश पर रोक रही। भाजपा नेताओं के अनुसार, प्रशिक्षण अभियान में संगठन को बूथ स्तर तक और मजबूत बनाने, केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने तथा आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। भाजपा सूत्रों ने बताया कि स्मृति ईरानी ने जिला भाजपा कार्यालय गौरीगंज में जिला कमेटी, सभी मंडल अध्यक्षों, संबंधित संगठनों के अध्यक्षों एवं अन्य पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में विधानसभा और पंचायत चुनाव की तैयारियों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। इससे पहले पूर्व सांसद स्मृति ईरानी गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र के जूठीपुर गांव पहुंचीं। वहां उन्होंने भाजपा के दिवंगत बूथ अध्यक्ष पवन पासी के परिजनों से मुलाकात की और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इसके बाद स्मृति ईरानी तिलोई विधानसभा क्षेत्र के ठकुराइन करन गांव पहुंचीं। वहां उन्होंने भाजपा के दिवंगत बूथ अध्यक्ष स्वर्गीय बृजेश चंद्र तिवारी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की और पार्टी संगठन में दिवंगत कार्यकर्ताओं के योगदान को याद किया। दौरे के दौरान स्मृति ईरानी गौरीगंज के मेदन मवई गांव में अपने आवास पर भी गईं, जहां वह करीब एक घंटे तक रुकीं।
-
नयी दिल्ली. 'रेड बैलून एयरोस्पेस' ने बुधवार को देश का पहला स्वदेशी 'सुपर-प्रेशर बैलून' (एसपीबी) छोड़ा, जिसमें देश-विदेश के सात साझेदारों के वाणिज्यिक उपकरण लगे हुए हैं। एसपीबी अत्यधिक ऊंचाई पर जाने वाले गुब्बारे होते हैं जिन्हें आसपास के वायुमंडलीय दबाव से अधिक आंतरिक दबाव बनाये रखने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे वे लंबे समय तक भार वहन कर सकते हैं। विजयवाड़ा के इंदिरा गांधी स्टेडियम से छोड़ा गया 'विस्टा' नाम का एसपीबी लगभग 25 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचा। रेड बैलून एयरोस्पेस के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सीवीएस किरण ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''यह मिशन सुपर-प्रेशर बैलून की क्षमता को साबित करने के लिए है, जो भारत में पहले कभी नहीं किया गया है। इसमें गुब्बारे के डिजाइन और सामग्री को साबित करना शामिल है।'' बुधवार को छोड़े गए गुब्बारे के 24 घंटे तक आसमान में रहने की उम्मीद है, लेकिन कंपनी का मुख्य लक्ष्य ऐसे एसपीबी विकसित करना है जो महीनों तक हवा में रह सके। यह मिशन इसलिए महत्वपूर्ण है कि एसपीबी उपग्रहों की तुलना में कई फायदे प्रदान करते हैं। उदाहरण के लिए, एसपीबी बहुत सस्ते होते हैं और उपग्रहों द्वारा किये जाने वाले सभी कार्यों को करने में सक्षम होते हैं। कंपनी के अनुसार, एसपीबी आमतौर पर पृथ्वी की सतह से 20 से 40 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित समताप मंडल की एक उच्च-स्तरीय क्षेत्र में स्थापित किए जाते हैं। कंपनी ने बताया कि इससे वे दूरसंचार कवरेज प्रदान कर सकते हैं, सैकड़ों किलोमीटर तक फैले बड़े औद्योगिक नेटवर्क की निगरानी कर सकते हैं और पूरे राज्यों में आपदा प्रबंधन कार्यों में सहायता कर सकते हैं। साथ ही, रणनीतिक अनुप्रयोगों के लिए निरंतर स्थानिक अवलोकन को सक्षम बना सकते हैं। कंपनी की योजना चालू वित्त वर्ष के दौरान ऐसे 12 से 16 गुब्बारे छोड़ने की है।
-
नागपुर. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को 69वां जन्मदिन मनाया और इस मौके पर सैकड़ों शुभचिंतकों, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उन्हें बधाई दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री को बधाई दी।
गडकरी के नागपुर स्थित आवास पर सुबह से ही लगातार लोगों का तांता लगा हुआ है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता गडकरी नागपुर लोकसभा क्षेत्र से तीसरी बार निर्वाचित हुए हैं। फूल, गुलदस्ते, मालाएं, मंत्री की तस्वीरें लेकर लोग शहर के वर्धा रोड इलाके में गडकरी के आवास पर जमा हुए। गडकरी ने शुभचिंतकों का अभिवादन किया और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं।
प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''मेरे सहयोगी मंत्री नितिन गडकरी को उनके जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। वह भारत की अगली पीढ़ी को बुनियादी ढांचे और बेहतर संपर्क दिलाने के लिए किए जा रहे अनेक प्रयासों में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।'' आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी गडकरी को शुभकामनाएं दीं।
केजरीवाल ने कहा, ''केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। आपके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं।'' मंत्री के परिवार ने 'औक्षण' नाम का एक पारंपरिक अनुष्ठान किया, जिसमें आरती कर व्यक्ति के दीर्घायु और कल्याण की कामना की जाती है। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को मजबूत बनाने के उद्देश्य से 'सार्थक-पीडीएस' योजना को पांच साल के लिए मार्च, 2031 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी। इस योजना के लिए 25,530 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में 'राशन परिवहन और प्रबंधन में सहायता - सार्वजनिक वितरण में स्वचालन के साथ आय' (सार्थक-पीडीएस) को 16वें वित्त आयोग चक्र की अवधि (अप्रैल 2026 से मार्च 2031) के दौरान एक 'छतरी योजना' के रूप में लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को राज्य के भीतर खाद्यान्नों के परिवहन एवं प्रबंधन और उचित मूल्य की दुकानों (एफपीएस) के वितरकों के मार्जिन के लिए दी जाने वाली केंद्रीय सहायता के मानकों में संशोधन को भी मंजूरी दी। हालांकि, वित्तपोषण का मौजूदा ढांचा पहले की तरह कायम रखा गया है। सार्थक-पीडीएस योजना में दो मौजूदा योजनाओं- 'राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत राज्य एजेंसियों को खाद्यान्न के राज्य के भीतर परिवहन और एफपीएस वितरक मार्जिन के लिए सहायता' तथा 'स्मार्ट पीडीएस' को समाहित किया गया है। दोनों योजनाओं को मिलाने का उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली में वित्तीय सहायता और तकनीकी सुधारों को एकीकृत ढांचे में लाना है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल के इस फैसले पर संवाददादाताओं से कहा कि यह योजना पीडीएस की समूची शृंखला को समाहित करती है। उन्होंने कहा, "लाभार्थियों के चयन से लेकर खाद्यान्न के परिवहन, नागरिकों से मिलने वाली टिप्पणियां और परिवहन दूरी कम करने तक सभी गतिविधियों को पांच वर्षों के लिए 25,530 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ मंजूरी दी गई है।" वैष्णव ने कहा कि राज्यों को सरकारी राशन की दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाने की लागत उठाने में मुश्किल हो रही थी लेकिन अब इस योजना के तहत उन्हें सहायता दी जाएगी। साथ ही एफपीएस वितरकों का पारिश्रमिक भी बढ़ाया जाएगा। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह योजना मौजूदा पीडीएस ढांचे को प्रतिस्थापित नहीं करती है, बल्कि यह वितरण, लॉजिस्टिक, परिवहन, साज-संभाल और शिकायत निवारण व्यवस्था में संरचनात्मक सुधार लाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसका मकसद अंतिम छोर तक सेवाएं सुनिश्चित करना और नुकसान को कम करना है। तकनीकी मोर्चे पर इस योजना के तहत कृत्रिम मेधा (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल), प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण (एनएलपी) और ब्लॉकचेन जैसी प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल का प्रस्ताव है। इसके तहत वास्तविक समय में निगरानी के लिए एकीकृत डेटाबेस, एआई आधारित शिकायत निवारण प्रणाली और राज्यों में नियंत्रण एवं निगरानी केंद्र स्थापित किए जाएंगे। यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत सरकार की प्रतिबद्धता से जुड़ी है, जिसके अंतर्गत लगभग 81.35 करोड़ लोगों को शामिल किया जाता है। सरकार ने एक बयान में कहा कि इसका उद्देश्य सभी नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराकर खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पीडीएस की व्यवस्था में पिछले एक दशक में कंप्यूटरीकरण, 'पीडीएस का एकीकृत प्रबंधन' और 'स्मार्ट पीडीएस' जैसी पहलों के जरिए तकनीकी सुधार किए गए हैं, जिनके आधार पर 'सार्थक-पीडीएस' को आगे बढ़ाया जाएगा।
-
नयी दिल्ली. संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने बुधवार को सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा, 2026 की अनंतिम उत्तर कुंजी जारी की। प्रारंभिक परीक्षा के बाद, यूपीएससी द्वारा पहली बार अनंतिम उत्तर कुंजी जारी की गई है। यूपीएससी ने एक बयान में कहा कि अभ्यर्थी 31 मई शाम 6 बजे तक इसकी वेबसाइट पर उपलब्ध ''ऑनलाइन प्रश्न पत्र आपत्ति पोर्टल'' पर अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। बयान के अनुसार, अभ्यर्थियों को अपनी समझ के अनुसार सही उत्तर बताते हुए, संक्षिप्त विवरण और तीन प्रामाणिक स्रोतों से सहायक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। बयान में कहा गया है, ''अनंतिम उत्तर कुंजी जारी किया जाना परीक्षा प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता, निष्पक्षता और सत्यनिष्ठा के प्रति यूपीएससी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह अभ्यर्थियों को सृजनात्मक भागीदारी का अवसर प्रदान करता है।'' इस साल की यूपीएसएसी प्रारंभिक परीक्षा 24 मई को आयोजित की गई थी।
यूपीएससी ने कहा कि अभ्यर्थियों से प्राप्त सभी अभ्यावेदन को व्यापक और सावधानीपूर्वक समीक्षा के लिए विषय विशेषज्ञों की टीम के समक्ष रखा जाएगा। बयान के अनुसार, विषय विशेषज्ञ प्रत्येक अभ्यावेदन की सावधानीपूर्वक जांच करेंगे, सहायक दस्तावेजों की पड़ताल करेंगे और संबंधित प्रश्नों की उत्तर कुंजी की शुद्धता के संबंध में अपने विचार व्यक्त करेंगे। बयान में कहा गया है कि हालांकि, यूपीएससी की मौजूदा व्यवस्था के अनुसार, अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद ही अंतिम उत्तर कुंजी जारी की जाएगी। यूपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षाओं के प्रश्न पत्र देशभर के विषय विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए जाते हैं। बयान के अनुसार, हाल ही में आयोजित प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रश्न प्रामाणिक और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित हैं, उनके संदर्भ और उत्तर - मानक पाठ्यपुस्तकों, पत्रिकाओं, सरकारी वेबसाइट, सरकारी प्रेस विज्ञप्तियों और प्रमुख समाचार पत्रों आदि से प्राप्त किए जा सकते हैं। -
नयी दिल्ली. देश में भीषण गर्मी के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से ज्यादा से ज्यादा सावधानी बरतने की अपील करते हुए बुधवार को कहा कि इस मौसम में पर्याप्त पानी पीते रहना सबसे जरूरी है। प्रधानमंत्री ने 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ''बच्चे, बुजुर्ग और धूप में काम करने वाले लोग इस भीषण गर्मी में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। समय रहते ध्यान न देने पर यह स्थिति 'लू लगने' (हीटस्ट्रोक) जैसी गंभीर समस्या का रूप ले सकती है। ऐसे समय में आपकी सतर्कता और देखभाल किसी का जीवन बचा सकती है।'' उन्होंने कहा, ''देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ही दैनिक जीवन में गर्मी से होने वाली कई कठिनाइयां भी बढ़ रही हैं। मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि जितनी अधिक सावधानी बरत सकें, अवश्य बरतें। कृपया पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें। ऐसे मौसम में आपकी संवेदनशीलता भी बहुत बड़ा सहारा बन जाती है।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ''अत्यधिक गर्मी से होने वाली परेशानी, जैसे चक्कर आना, मतली या ज्यादा थकान लगे तो उसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। यदि आपके आसपास किसी व्यक्ति को अचानक बेहोशी जैसा लगे, वह कमजोरी महसूस करे या फिर अस्वस्थ दिखाई दे, तो उसे तुरंत किसी ठंडी और छायादार जगह पर ले जाएं। उसे पानी, ओआरएस या अन्य तरल पदार्थ दें, जिससे शरीर को राहत मिल सके। '' उन्होंने कहा, '' ऐसे समय में आपकी सतर्कता और देखभाल किसी का जीवन बचा सकती है।"
मोदी ने कहा, ''यदि संभव हो, तो किसी प्यासे व्यक्ति को एक गिलास पानी अवश्य दें। मैं ऐसे लोगों की भी सराहना करूंगा जो अपने घरों के और दुकानों के बाहर मटके में जल रखते हैं ताकि कोई भी उनसे पानी पी सके।'' उन्होंने कहा, ''जब भी संभव हो, अपने माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी और अन्य प्रियजनों को फोन कर उनका हालचाल अवश्य पूछें। उन्हें पर्याप्त पानी पीने, दोपहर की तेज धूप में बाहर न निकलने और जितना हो सके, आराम करने की सलाह दें।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि इस प्रचंड गर्मी में पशु-पक्षियों को भी नहीं भूलना चाहिए।
उन्होंने कहा, ''अपने घर, बालकनी, छत, दुकान या ऑफिस के बाहर पानी से भरा एक छोटा-सा बर्तन रखना भी किसी प्यासे पक्षी के लिए जीवनदान बन सकता है। आइए, इन कठिन दिनों में पूरी संवेदनशीलता और करुणा के साथ एक-दूसरे का ध्यान रखें।'' भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, देश के कई हिस्सों में इस समय भीषण लू का प्रकोप है। मंगलवार को उत्तर प्रदेश के बांदा में सर्वाधिक 47.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मैदानी इलाकों में 45 डिग्री से अधिक तापमान पर उष्णलहर घोषित की जाती है, जबकि 47 डिग्री से अधिक तापमान को भीषण लू की श्रेणी में रखा जाता है। -
अयोध्या (उप्र) . गंगा दशहरा के अवसर पर मंगलवार को अयोध्या के सरयू घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। लगभग 125 वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुरूप सरयू तट पर संत समागम, भव्य आरती और फूल बंगले का आयोजन किया गया और शाम को 11,000 दीपों से सरयू की महाआरती की गई। पूरा घाट रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया था और वैदिक मंत्रों और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण आध्यात्मिक हो उठा। अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने बताया कि गंगा दशहरा पर लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए घाटों पर स्वच्छता, सुरक्षा और प्रकाश की विशेष व्यवस्था की गई थी। सरयू आरती स्थल के अध्यक्ष शशिकांत दास ने बताया कि इस अवसर पर सरयू नदी की विशेष झांकी बनाई गई। फूल बंगला सजाया गया और संतों ने मां सरयू की महिमा का गुणगान किया। धार्मिक मान्यता है कि ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं, इसलिए इस दिन का विशेष महत्व है।
-
नयी दिल्ली. पूर्व भारतीय तीरंदाज श्याम लाल मीणा का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 61 वर्ष के थे। उन्होंने रविवार रात अस्पताल में अंतिम सांस ली। मीणा ने 1988 के सियोल ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
भारतीय तीरंदाजी संघ ने पूर्व तीरंदाज की तस्वीर के साथ पोस्ट किया, "1988 के सियोल ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार विजेता स्वर्गीय श्याम लाल मीणा को श्रद्धांजलि।" उन्होंने कहा, "भारतीय तीरंदाजी में उनके योगदान और विरासत को सदैव सम्मान के साथ याद किया जाएगा।"
केवडिया गांव में जन्में मीणा, लिम्बा राम और रजत हलदर के साथ भारतीय पुरुष रिकर्व टीम का हिस्सा थे, जिसने 1987 में कोलकाता में आयोजित एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। इस जीत ने भारत को 1988 के सियोल ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने में मदद की थी। यह ग्रीष्मकालीन खेलों में देश की तीरंदाजी की पहली भागीदारी थी। मीणा को खेल में उनके योगदान के लिए 1989 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राष्ट्र के प्रति समर्पित ''दूरदर्शी'' नेता बताया और कहा कि उन्होंने अपने 35 वर्षों के जुड़ाव के दौरान उन्हें ''हर पल'' देश के लिए जीते हुए देखा है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने मोदी के साथ अपने लंबे संबंधों का वर्णन करने वाली अपनी पुस्तक 'अपनापन' के विमोचन के अवसर पर कहा कि राष्ट्र के विकास के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता और लोगों के साथ उनका भावनात्मक जुड़ाव उन्हें गहराई से प्रभावित करता है। मंत्री ने कहा, ''जीवन में कभी-कभी आपको ऐसे व्यक्ति के साथ काम करने का अवसर मिलता है जिसे दुनिया नेता कहती है, लेकिन वास्तव में वह एक साधक और सरल हृदय मनुष्य होता है। नरेन्द्र मोदी ऐसे ही एक व्यक्ति हैं।'' चौहान ने कहा, ''उनके साथ मेरा जुड़ाव 35 वर्ष पुराना है और इन वर्षों के दौरान, मैंने उन्हें हर पल राष्ट्र के लिए जीते हुए देखा है।'' उन्होंने कहा, ''मैंने उनके (मोदी) हृदय को राष्ट्र की प्रगति और विकास के लिए धड़कते हुए देखा है। इस देश की जनता उनकी हर सांस में बसती है।'' मोदी के प्रौद्योगिकी प्रेम पर प्रकाश डालते हुए चौहान ने कहा कि भाजपा नेता ने ईमेल और डिजिटल संचार के बारे में उस दौर में बात की थी, जब कई दिग्गज राजनीतिक नेता इनसे पूरी तरह अपरिचित थे। चौहान ने कहा कि मोदी जानते थे कि यदि भारत को अपने भाग्य का निर्माण करना है और एक विकसित राष्ट्र बनना है, तो प्रौद्योगिकी अनिवार्य होगी। मोदी को दूरदर्शी नेता बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कई अन्य लोगों से बहुत पहले सोशल मीडिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के महत्व को समझ लिया था। चौहान ने कहा, ''वह (मोदी) दूरदृष्टि रखते हैं तथा भविष्य का अनुमान लगा सकते हैं, और समय से पहले ही तैयारियां कर लेते हैं। बाद में, हमने न केवल ईमेल आईडी और कंप्यूटरों का महत्व देखा, बल्कि यह भी देखा कि वह प्रौद्योगिकी का उपयोग कैसे करते हैं और सोशल मीडिया के महत्व को समझते हैं, जबकि मेरे जैसे कार्यकर्ता सोशल मीडिया को अर्थहीन मानते थे।'' चौहान ने कहा कि मोदी ने एक बार उनसे कहा था कि वह मध्यप्रदेश के हर विधायक और सांसद को सूचित करें कि यदि सोशल मीडिया पर उनके 50,000 से कम 'फॉलोअर्स' हैं, तो उनका चुनाव टिकट खतरे में पड़ सकता है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ''एआई के क्षेत्र में भी नरेन्द्र भाई एक दूरदर्शी और कल्पनाशील व्यक्ति हैं। उन्होंने एआई शिखर सम्मेलन आयोजित किया और दुनिया भर के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया।'' उन्होंने कहा, ''मैंने उनमें (मोदी) प्रौद्योगिकी के माध्यम से देश को बदलने का जुनून देखा है।''
कोविड-19 महामारी को याद करते हुए चौहान ने कहा कि मोदी में संकटों को अवसरों में बदलने की क्षमता है।
उन्होंने कहा, ''कुछ लोग आपदाओं में अवसर तलाशते हैं, लेकिन नरेन्द्र भाई आपदाओं को अवसरों में बदल देते हैं।'' चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहने के दौरान जब वह कोरोना वायरस से संक्रमित हुए, तो प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें फोन किया था। कृषि मंत्री ने कहा, ''उन्होंने (मोदी) स्नेहपूर्वक मुझसे अपने परिवार और स्वयं का ध्यान रखने को कहा, मुझसे पूछा कि मैं कौन सी दवाइयां ले रहा हूं और प्राणायाम जारी रखने की सलाह दी। भला कौन इतना सबकुछ करता है?'' चौहान ने एक अन्य घटना को याद करते हुए कहा कि मोदी प्रशंसा से ज्यादा काम को महत्व देते हैं।
उन्होंने कहा, ''एक बार एक बैठक के दौरान मैंने यूं ही उनके काम की प्रशंसा की थी। मैंने उनसे कहा था कि पहले लोग उनका सम्मान करते थे, लेकिन अब देश के लिए किए जा रहे उनके काम ने उनके प्रति गहरी श्रद्धा पैदा कर दी है।'' कृषि मंत्री ने कहा, ''मोदी जी ने तुरंत मुझसे कहा: 'शिवराज, मैं नेताओं की तरह तारीफ़ से खुश नहीं होता। मैं सिर्फ काम से खुश होता हूं।'' उन्होंने कहा कि वह सिर्फ देश के लिए काम करना चाहते हैं।''
-
नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को यहां राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक अलंकरण समारोह में हिंदी फिल्मों के अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत और शास्त्रीय संगीतकार एवं वायलिन वादक एन राजम को पद्म विभूषण से सम्मानित किया। धर्मेंद्र को कला के क्षेत्र में असाधारण और उत्कृष्ट सेवा के लिए यह पुरस्कार दिया गया जिसे उनकी पत्नी और सांसद हेमा मालिनी ने ग्रहण किया। राजम को भारतीय शास्त्रीय संगीत में उनके अहम योगदान के लिए, खासकर 'गायकी अंग' शैली के माध्यम से वायलिन प्रस्तुति को नया स्वरूप प्रदान करने के लिए दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया। राजम ने पंडित ओंकारनाथ ठाकुर से संगीत के गुर सीखे थे। मुर्मू ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी; चुनौतियों का सामना कर रहे पारंपरिक भारतीय कला 'अवधान'को पुनर्जीवित करने वाले शतावधानी आर गणेश; कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय सुरेश कुमार कोटक; और उदर रोग विशेषज्ञ कल्लीपट्टी रामासामी पलानीस्वामी को पद्म भूषण से सम्मानित किया। राष्ट्रपति ने विज्ञापन गुरु पीयूष पांडे और पूर्व सांसद विजय कुमार मल्होत्रा को भी मरणोपरांत इस सम्मान से नवाजा। पांडे की पत्नी और मल्होत्रा के बेटे ने सम्मान प्राप्त किया। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर भुल्लर, अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी, पैरा एथलीट प्रवीण कुमार और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के पूर्व महानिदेशक के. विजय कुमार को पद्मश्री से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में हुए इस समारोह की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम के गायन से हुई, जिसके बाद राष्ट्रगान 'जन गण मन' गाया गया। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए। राष्ट्रपति ने वर्ष 2026 के लिए 131 पद्म पुरस्कार देने की मंजूरी दी है। इनमें पांच पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं। ये पुरस्कार दो अलग-अलग अलंकरण समारोहों में प्रदान किये जाने हैं। पद्म पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस के मौके पर की जाती है। ये प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक मामले, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल और सिविल सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रदान किये जाते हैं।
-
नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अगले दो हफ्तों के भीतर देश के सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा करेंगे। इस दौरान शाह स्थानीय अधिकारियों तथा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करके सुरक्षा स्थिति का जायजा लेंगे। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। शाह सोमवार को बीकानेर पहुंचेंगे, जहां वह मंगलवार को सांचू स्थित बीएसएफ की सीमा चौकी का दौरा करेंगे। वह 'प्रहरी सम्मेलन' में भाग लेंगे और महिला कर्मियों के लिए बैरकों का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। दिन में इसके बाद वह बीकानेर में बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सीमा सुरक्षा की समीक्षा करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि और पाकिस्तान से सटी सीमा वाले पांच जिलों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। गृह मंत्री 29 मई को गुजरात के भुज जाएंगे, जहां वह एक अन्य बीएसएफ सीमा चौकी का दौरा करेंगे। उनके जून में बांग्लादेश से लगी देश की पूर्वी सीमाओं का दौरा करने की संभावना है, जिसकी शुरुआत पांच जून को त्रिपुरा की यात्रा से होगी। इसके बाद वह पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे।
-
मुंबई. महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में एक 'स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल' (एसयूवी) के खाई में गिर जाने से आठ लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह हादसा पोलादपुर-महाबलेश्वर मार्ग पर अंबेनली घाट इलाके में रविवार को हुआ। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हादसे का शिकार हुए लोग सातारा के रहने वाले थे। वे दापोली से सातारा जा रहे थे, तभी उनका वाहन खाई में गिर गया।
-
नयी दिल्ली. अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने रविवार को कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष को समाप्त करने के लिए ईरान के साथ वार्ता में अमेरिका ने महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिसमें वाणिज्यिक जहाजों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोलना भी शामिल है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ व्यापक वार्ता करने के बाद रूबियो ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अगले कुछ घंटों में ''अच्छी खबर'' आने की संभावना है। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कोई घोषणा की जा सकती है। रूबियो ने एक सवाल के जवाब में कहा, "ईरान की स्थिति के बारे में, मेरा मानना है कि इस विषय पर आज थोड़ी देर बाद और खबरें आ सकती हैं, और इस संबंध में घोषणाएं राष्ट्रपति ही करेंगे।" अमेरिकी विदेश मंत्री ने इस संबंध में विस्तार से बताए बिना कहा कि पिछले 48 घंटों में संघर्ष को सुलझाने की रूपरेखा पर बातचीत में प्रगति हुई है। अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में मुख्य अड़चनें ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर हैं। अमेरिका और इजराइल के गत 28 फरवरी को संयुक्त हमले शुरू करने और ईरान के पलटवार के परिणामस्वरूप जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। ट्रंप ने शनिवार को अपनी पोस्ट में कहा, ''समझौते के कई अन्य पहलुओं के अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य को खोल दिया जाएगा।'' उन्होंने कहा, ''मैं सभी को याद दिलाता हूं कि हमारा अंतिम लक्ष्य यह है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। ईरान कभी परमाणु हथियार विकसित करने की प्रक्रिया में शामिल न हो सके।'' रूबियो ने कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है, और वे अभी जो कर रहे हैं वह मूल रूप से एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग का उपयोग करने वाले वाणिज्यिक जहाजों को नष्ट करने की धमकी देना है जो अंतरराष्ट्रीय कानून की किसी भी अवधारणा के तहत अवैध है।" उन्होंने कहा, "पिछले 48 घंटों में खाड़ी क्षेत्र में हमारे साझेदारों के साथ मिलकर एक रूपरेखा तैयार करने में कुछ प्रगति हुई है, जो अगर सफल होती है, तो अंततः हमें न केवल पूरी तरह से खुला होर्मुज जलडमरूमध्य प्रदान कर सकती है।" जयशंकर ने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों की ही इस बात में काफी रुचि है कि सुरक्षित और निर्बाध समुद्री व्यापार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा, ''वैश्विक ऊर्जा कीमतों को कम रखने और ऊर्जा स्रोतों की अधिक उपलब्धता सुनिश्चित करने में भी हमारी बहुत गहरी रुचि है।'' विदेश मंत्री ने कहा कि भारत द्वारा अमेरिका से ऊर्जा आयात में काफी महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, ''होर्मुज में मौजूदा स्थिति से निपटने का हमारा तरीका और स्पष्ट रूप से कहें तो, भविष्य में भी, अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना है, क्योंकि यही हमारी ऊर्जा सुरक्षा का मूल आधार है और इसीलिए हम दृढ़ता से मानते हैं कि ऊर्जा बाजार को सीमित नहीं किया जाना चाहिए।'' उन्होंने कहा, ''वैश्विक विकास के लिए ऊर्जा की कीमतों को कम रखना महत्वपूर्ण है।''
पिछले महीने पाकिस्तान ने दोनों पक्षों के वरिष्ठ नेताओं की वार्ता की मेजबानी की थी, जो 1979 के बाद अपनी तरह की पहली वार्ता थी, लेकिन दोनों पक्ष किसी शांति समझौते पर पहुंचने में विफल रहे थे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रविवार को कहा कि इस्लामाबाद को उम्मीद है कि वह ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता के अगले दौर की मेजबानी बहुत जल्द करेगा। उनकी यह टिप्पणी ट्रंप द्वारा शनिवार को सऊदी अरब, कतर, तुर्किये, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, बहरीन और पाकिस्तान के नेताओं के साथ क्षेत्रीय स्थिति और जारी शांति प्रयासों पर चर्चा करने के लिए किए गए फोन कॉल के बाद आई है। -
उमरिया. मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (बीटीआर) के पास रविवार तड़के बाघ के हमले में एक महिला की मौत हो गई तथा तीन अन्य लोगों को घायल हो गए। बचाव अभियान के दौरान बाघ की भी मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। घटना रविवार तड़के करीब तीन बजे रिजर्व के निकट पनपथा गांव के खेरवा टोला इलाके में हुई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने क्षेत्र में बार-बार हो रहे बाघ के हमलों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और कथित तौर पर एक वन परिक्षेत्र अधिकारी की पिटाई की तथा एक महिला वनकर्मी से दुर्व्यवहार किया। रिजर्व के क्षेत्र निदेशक अनुपम सहाय ने बताया कि बाघ गांव में घुसा और ग्रामीणों पर हमला कर दिया, जिसमें फूल बाई पाल (40) की मौत हो गई जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। उन्होंने बताया कि बाद में बाघ मृतका के घर में घुस गया, जहां बचाव अभियान के दौरान उसकी मौत हो गई।
सहाय ने कहा, ''जब हमने बाघ को बेहोश करने के लिए इंजेक्शन लगाया तो उसमें कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई, जिससे संकेत मिला कि उसकी पहले ही मौत हो चुकी थी।'' उन्होंने इस बात से इनकार किया कि बाघ की मौत बेहोशी के इंजेक्शन (ट्रैंक्विलाइजर) की अधिक मात्रा के कारण हुई। उन्होंने कहा कि बाघ की मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए उसका पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
अधिकारी ने बताया कि आक्रोशित ग्रामीणों ने क्षेत्र में लगातार हो रहे बाघ के हमलों के विरोध में कथित तौर पर वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव की पिटाई की, जिससे वह घायल हो गए। ग्रामीणों ने एक महिला वनकर्मी से भी दुर्व्यवहार किया। ग्रामीणों ने बताया कि बाघ के बस्ती में घुसने के बाद बार-बार सूचना देने के बावजूद वन विभाग के अधिकारी समय पर नहीं पहुंचे। विरोध प्रदर्शन के कारण बचाव अभियान प्रभावित हुआ और अधिकारियों को महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से कथित तौर पर दो घंटे से अधिक समय तक रोके रखा गया। सहाय ने कहा कि घायलों का नि:शुल्क इलाज कराया जाएगा और अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उन्हें प्रतिदिन 500 रुपये दिए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, बाद में कांग्रेस नेता एवं जनपद पंचायत सदस्य रोशनी सिंह धुर्वे गांव पहुंचीं और प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को समझाया। अधिकारियों ने बताया कि एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में मृतका के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने घायलों के लिए नि:शुल्क उपचार और मुआवजा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक अन्य हालिया घटना में महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में शुक्रवार सुबह तेंदूपत्ता एकत्र करने गईं चार महिलाओं की बाघ के हमले में मौत हो गई थी। -
पहलगाम (जम्मू-कश्मीर). राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा पहलगाम आतंकी हमले के संबंध में विस्तृत आरोपपत्र दाखिल करने के बावजूद, जांचकर्ता उस वैश्विक आपूर्ति शृंखला का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि चीन को भेजा गया अमेरिका निर्मित 'गोप्रो कैमरा' आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के हाथों में कैसे पहुंचा। वरिष्ठ अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। पिछले साल जुलाई में दाचीगाम के जंगलों में मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादियों से बरामद उच्च तकनीक वाले कैमरे ने जम्मू-कश्मीर में आतंकी संगठनों का समर्थन करने के लिए साजो-सामान उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क की जांच की एक महत्वपूर्ण नयी दिशा खोल दी है। जम्मू-कश्मीर में आतंकी समूह दुष्प्रचार और मनोवैज्ञानिक युद्ध में बढ़त हासिल करने के मद्देनजर हमलों को रिकॉर्ड करने के लिए कैमरों का इस्तेमाल तेजी से कर रहे हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि इस विशिष्ट आपूर्ति शृंखला का पता लगाने से उन भूमिगत नेटवर्क की मिलीभगत का खुलासा हो सकता है, जो भारत विरोधी संगठनों को सीमाओं के पार धन, साजो-सामान और सामरिक उपकरण पहुंचाते हैं। अधिकारियों के अनुसार, उपकरण के स्रोत का पता लगाने के लिए एनआईए ने आधिकारिक तौर पर अमेरिकी निर्माता 'गोप्रो इंक' से संपर्क किया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कैमरा कहां बेचा गया था। अपने औपचारिक जवाब में, अमेरिकी कंपनी ने बताया कि यह उपकरण मूल रूप से चीन में एक अधिकृत वाणिज्यिक वितरक को भेजा गया था। घटनाक्रम से परिचित अधिकारियों ने बताया कि जांच अब इस बात पर केंद्रित हो गई है कि चीनी वितरक से प्राप्त कैमरा लश्कर-ए-तैयबा के आकाओं के हाथों में कैसे पहुंचा, और इस बात की प्रबल संभावना है कि ये कैमरे पाकिस्तानी सेना द्वारा खरीदे गए हों और बाद में आतंकी संगठनों को पहुंचाए गए हों। भारत की चीन के साथ कोई पारस्परिक कानूनी सहायता संधि नहीं है और ऐसे मामले राजनयिक माध्यमों से उठाए जाते हैं। नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा, ''आरोपपत्र में पहलगाम हमले के तात्कालिक परिचालन विवरण स्थापित किए गए हैं, लेकिन व्यापक जांच अब भी जारी है।'' उन्होंने कहा, ''हम खरीद माध्यमों की सक्रिय रूप से जांच कर रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि चीन से आयातित एक व्यावसायिक उपकरण जम्मू-कश्मीर में सक्रिय एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन तक कैसे पहुंचाया गया।'' पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में पर्यटकों सहित 26 लोग मारे गए थे। इसके बाद सरकार ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान-नियंत्रित क्षेत्रों में स्थित आतंकी संगठनों को निशाना बनाया गया, जिनमें प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के मुख्य ठिकाने भी शामिल थे।
-
गुरुवायूर (केरल) . केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने रविवार को यहां के प्रसिद्ध गुरुवायूर श्री कृष्ण मंदिर में पूजा-अर्चना की। गुरुवायूर देवस्वोम द्वारा फेसबुक पर साझा की गई एक पोस्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने मक्खन चढ़ाकर पारंपरिक 'तुलाभारम' अनुष्ठान भी किया। पोस्ट में कहा गया है कि पदभार ग्रहण करने के बाद मुख्यमंत्री की यह मंदिर की पहली यात्रा थी।
सतीशन सुबह करीब सात बजे मंदिर पहुंचे, जहां देवस्वोम के अध्यक्ष ए वी गोपीनाथ और प्रशासक ओ बी अरुण कुमार ने उनका स्वागत किया। देवस्वोम के अध्यक्ष ने शॉल भेंट करके उनका अभिनंदन किया। पोस्ट में बताया गया है कि तुलाभारम के लिए लगभग 71 किलोग्राम मक्खन का इस्तेमाल किया गया।
मुख्यमंत्री हर महीने एक बार मंदिर आते हैं।
बाद में, सतीशन ने मंदिर परिसर में राजस्व मंत्री ए पी अनिल कुमार के बेटे के विवाह समारोह में भी भाग लिया। -
नयी दिल्ली. इस साल के संसद रत्न पुरस्कारों के लिए 12 सांसदों और चार संसदीय समितियों का चयन किया गया है। निजी संगठन 'प्राइम प्वाइंट फाउंडेशन' ने एक बयान में बताया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जगदंबिका पाल (उत्तर प्रदेश), पी. पी. चौधरी (राजस्थान), निशिकांत दुबे (झारखंड) और शिवसेना के श्रीकांत एकनाथ शिंदे (महाराष्ट्र) पुरस्कारों के लिए व्यक्तिगत श्रेणी में चुने गए सांसदों में शामिल हैं। बयान के अनुसार, प्रवीण पटेल (उत्तर प्रदेश), विद्युत बरन महतो (झारखंड), लुम्बाराम चौधरी (राजस्थान), हेमंत विष्णु सवरा (महाराष्ट्र), स्मिता उदय वाघ (महाराष्ट्र), नरेश गणपत म्हस्के (महाराष्ट्र), मेधा विश्राम कुलकर्णी (महाराष्ट्र) और नरहरि अमीन (गुजरात) को इस साल बजट सत्र के अंत तक संसद में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा। चार संसदीय समितियों को भी उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण पुरस्कार के लिए चुना गया है।
इनमें चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता वाली कृषि समिति, भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता वाली वित्त समिति, सप्तगिरि शंकर उलाका की अध्यक्षता वाली ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज समिति और अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता वाली कोयला एवं खान समिति शामिल हैं।




























.jpg)