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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि कोयला विकसित भारत 2047 की यात्रा में अहम भूमिका निभाना जारी रखेगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पीएम मोदी ने केंद्रीय कोयला और खनन मंत्री जी.कृष्ण रेड्डी का एक लेख साझा किया, जिसमें कहा गया था कि कैसे पिछले 11 वर्षों में भारत का कोयल क्षेत्र स्वयं को अगली पीढ़ी के ईंधन के रूप में ढाल रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि कोयला विकसित भारत 2047 की दिशा में भारत की यात्रा में योगदान देता रहेगा, और ग्रीन टेक्नोलॉजी के साथ आसानी से एकीकृत होगा।” सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, देश में साल 2024-25 में अब तक का सबसे अधिक कोयले का उत्पादन हुआ है।साल 2024-25 में पूरे भारत में कोयला उत्पादन 1,047.523 मिलियन टन रहा, जबकि साल 2023-24 में यह 997.826 मिलियन टन था, जिसमें लगभग 4.98 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। कोयले की आपूर्ति भी वित्त वर्ष 2023-24 में 973.01 मिलियन टन से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 1025.33 मिलियन टन हो गई है, जिसमें लगभग 5.38 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।देश में कुल कोयला उत्पादन में एक बड़ी छलांग देखी गई है और यह वित्त वर्ष 2013-14 में 565.77 मिलियन टन से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 1047.52 मिलियन टन हो गया है। इसके अलावा, 2025 (जनवरी-दिसंबर) के दौरान, देश ने लगभग 1,042.90 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया है, पिछले साल की इसी अवधि में लगभग 1,039.62 मिलियन टन कोयले के उत्पादन की तुलना में इसमें लगभग 0.23 प्रतिशत की वृद्धि हुई।मौजूदा समय में कोयला एनर्जी का मुख्य सोर्स है, जो भारत की प्राथमिक वाणिज्य ऊर्जा में 55 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है। कुल पावर जेनरेशन में, कोयले से चलने वाले पावर प्लांट्स का हिस्सा लगभग 72 प्रतिशत है, और कोयला भारत की एनर्जी सिक्योरिटी का एक जरूरी हिस्सा बना रहेगा।खास बात यह है कि इस दौरान उपभोक्ताओं को उनकी जरूरत के हिसाब से कोयले की भरपूर और बिना रुकावट आपूर्ति हुई है और देश में कोयले की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं आई है। -
नई दिल्ली। असम डॉन बॉस्को यूनिवर्सिटी (एडीबीयू) नॉर्थईस्ट भारत के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रही है। यूनिवर्सिटी अपने पहले सैटेलाइट मिशन के लॉन्च की तैयारी कर रही है, जिसे क्षेत्र में अंतरिक्ष अनुसंधान और इनोवेशन की दिशा में एक बड़ी छलांग के रूप में देखा जा रहा है।
इस सैटेलाइट का नाम ‘लाचित-1’ रखा गया है और इसे फैकल्टी मेंबर्स के मार्गदर्शन में पूरी तरह से यूनिवर्सिटी के छात्र विकसित कर रहे हैं। इसके साथ ही एडीबीयू नॉर्थईस्ट भारत की पहली ऐसी यूनिवर्सिटी बन जाएगी, जो इतना महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मिशन शुरू करने जा रही है।इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट की शुरुआत वर्ष 2022 में प्रोफेसर बिक्रमजीत काकती के नेतृत्व में की गई थी। मिशन को आगे बढ़ाने के लिए पांच छात्रों की एक कोर टीम गठित की गई है, जो पूरे प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रही है। इसके अलावा लगभग 20 छात्रों के अलग-अलग समूह सैटेलाइट डिजाइन, इंजीनियरिंग, डेटा सिस्टम, कम्युनिकेशन और मिशन प्लानिंग जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। यह प्रोजेक्ट छात्रों के लिए अकादमिक ज्ञान को वास्तविक तकनीकी अनुप्रयोग से जोड़ने का एक अनूठा अवसर साबित हो रहा है।प्रोजेक्ट से जुड़े छात्रों का कहना है कि यह पहल वर्षों की टीम वर्क, तकनीकी सीख और इनोवेशन का परिणाम है। उनके अनुसार, इस मिशन के जरिए उन्हें रियल-वर्ल्ड सैटेलाइट टेक्नोलॉजी का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा, जो भविष्य में अंतरिक्ष विज्ञान और उन्नत तकनीक के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए बेहद उपयोगी होगा।असम डॉन बॉस्को यूनिवर्सिटी में इंडिजिनस नॉलेज के डायरेक्टर दिनेश बैश्य ने आईएएनएस से बातचीत में इस मिशन को नॉर्थईस्ट भारत के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह इस क्षेत्र में अपनी तरह का पहला मिशन होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नॉर्थईस्ट भारत के इतिहास में यह पहली बार होगा जब किसी यूनिवर्सिटी के छात्र और शिक्षक मिलकर एक सैटेलाइट लॉन्च करेंगे, जो क्षेत्र की शैक्षणिक और तकनीकी क्षमताओं को नई पहचान देगा।सैटेलाइट ‘लाचित-1’ का नाम महान अहोम सेनापति लाचित बोरफुकन के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने मुगल सेना के खिलाफ असम की रक्षा की थी। लाचित बोरफुकन साहस, नेतृत्व और स्वदेशी गौरव के प्रतीक माने जाते हैं। यूनिवर्सिटी का उद्देश्य इन्हीं मूल्यों को युवा इनोवेटर्स में विकसित करना है, ताकि वे तकनीक के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़े रहें।लाचित-1 सैटेलाइट को भूस्खलन, बाढ़, मौसम के पैटर्न और पर्यावरणीय बदलावों की निगरानी के लिए डिजाइन किया गया है। यह सैटेलाइट नॉर्थईस्ट भारत में आपदा प्रबंधन, जलवायु अनुसंधान और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रयासों को मजबूती देने के लिए महत्वपूर्ण डेटा उपलब्ध कराएगा, जिससे समय रहते प्रभावी कदम उठाए जा सकेंगे।यूनिवर्सिटी प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस मिशन का मुख्य उद्देश्य अनुभवात्मक शिक्षा के माध्यम से छात्रों को सशक्त बनाना है। इस पहल के जरिए युवा दिमागों को अंतरिक्ष विज्ञान और सैटेलाइट टेक्नोलॉजी में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक प्रयास के साथ असम डॉन बॉस्को यूनिवर्सिटी नॉर्थईस्ट भारत को राष्ट्रीय अंतरिक्ष इनोवेशन के मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है और नई पीढ़ी को आसमान से आगे, सितारों तक पहुंचने का सपना देखने के लिए प्रेरित कर रही है। - सोमनाथ (गुजरात). सोमनाथ मंदिर के लिये रविवार को निकाली गई शौर्य यात्रा में डमरू बजाते हुए पुजारियों का एक समूह और गुजरात के विभिन्न हिस्सों से लाए गए 108 अश्व शामिल थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक खुली छत वाली गाड़ी से इस भव्य यात्रा का अवलोकन किया। यात्रा शंख सर्कल से शुरू हुई और प्रधानमंत्री ने सोमनाथ मंदिर परिसर के सामने स्थित वीर हमीरजी गोहिल सर्कल की ओर लगभग एक किलोमीटर का सफर तय किया। डमरू बजाते हुए पुजारियों का एक समूह शौर्य यात्रा का हिस्सा था और प्रधानमंत्री के वाहन के आगे क्रम से चल रहा था। मोदी के हाथ में एक ढोल था, जिसे उन्होंने यात्रा की शुरुआत में थोड़ी देर बजाया और फिर सुरक्षाकर्मियों को सौंप दिया। यात्रा के आगे बढ़ने पर दोनों ओर सड़कों पर जमा भीड़ ने जयकारे लगाए और कई लोगों ने फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं, जबकि कलाकारों ने यात्रा मार्ग पर नियमित अंतराल पर बने विभिन्न मंचों पर भारत के विभिन्न नृत्य रूपों का प्रदर्शन किया। यात्रा में 108 घोड़ों का दल सबसे अलग दिख रहा था, जिनके सवारों ने सफेद कमीज के साथ खाकी पतलून और केसरिया रंग की टोपी पहन रखी थी। पाटन जिले में पुलिस कांस्टेबल भरत कुमार जटाभाई ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया, "ये घोड़े और इनके सवार गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों से लाए गए हैं। हम गुजरात पुलिस से हैं और हमने पिछले दस दिनों में इसका अभ्यास किया है। इस शौर्य यात्रा का हिस्सा बनकर मुझे गर्व महसूस हो रहा है।" उन्होंने कहा, "पाटन जिले से लगभग दस घोड़े लाए गए हैं।"प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की शौर्य यात्रा में शामिल होकर अत्यंत गौरवान्वित हूं। इस अवसर पर मंदिर की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाली मां भारती की अनगिनत वीर संतानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उनका अदम्य साहस और पराक्रम देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।” उन्होंने ऐतिहासिक मंदिर में प्रार्थना की और फिर राजकोट जाने से पहले मंदिर के पास एक मैदान में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान सभा को संबोधित किया। शौर्य यात्रा के मार्ग पर विभिन्न नृत्य मंडलियों ने भरतनाट्यम, कथक, कच्छी, गिद्धा, मणिपुरी नृत्य जैसी नृत्य प्रस्तुतियों का प्रदर्शन किया। कृपा ढाल उन कलाकारों में शामिल थीं, जिन्होंने कच्छी नृत्य का प्रतिनिधित्व किया, जबकि उनकी बेटी वाणी ढाल भरतनाट्यम टीम का हिस्सा थीं। उन्होंने बताया, "प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आयोजित शौर्य यात्रा में प्रस्तुति देना अत्यंत आनंदमय अनुभव था। विभिन्न नृत्य शैलियों ने इस आयोजन में भारत के रंग बिखेर दिए।"
- सोमनाथ (गुजरात). सोमनाथ मंदिर परिसर में शनिवार को हजारों श्रद्धालु पहुंच गये, आधी रात को सिहरन होने के बावजूद डटे रहे और शानदार आतिशबाजी, सजावट, ड्रोन शो और धार्मिक उत्साह के गवाह बने। ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी प्राचीन तीर्थस्थल पहुंचे। उनके परिसर में पहुंचने के समय बाद ही भीड़ चरम पर पहुंच गई जिनमें स्थानीय लोगों के साथ दूर-दराज के श्रद्धालु भी शामिल थे। अरब सागर के किनारे इस मंदिर में रविवार की सुबह से ही तीर्थयात्रियों का ही रेला लगा रहा।मुंबई में रहने वाले गुजरात के दंपती रमेश रावजी वडाडोरिया और जया रमेश रविवार सुबह भगवान शिव के दर्शन करने पहुंचे। कपड़े का कारोबार करने वाले वडाडोरिया ने दर्शन करने के बाद कहा, ‘‘हम बाबा (भगवान शिव) के दर्शन करने और उनका आशीर्वाद लेने आए हैं। ठंड तो है, लेकिन उनकी दिव्य कृपा हमें मुंबई से यहां ले आई है।'' प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को ‘शौर्य यात्रा' का नेतृत्व किया। शंख गोल चक्कर से शुरू हुई यात्रा वीर हमीरजी गोहिल गोल चक्कर पर समाप्त हुई और इसमें 108 घोड़े भी शामिल थे। प्रधानमंत्री ने शनिवार शाम को सोमनाथ मंदिर में ‘ओंकार मंत्र' के जाप में हिस्सा लिया था और भगवान शिव के दर्शन किये थे। उन्होंने 3,000 ड्रोन के एक समूह द्वारा प्रस्तुत एक भव्य शो भी देखा। मुंबई से 24 अन्य महिलाओं के साथ आईं प्रीति करेलिया ने बताया कि वह केवल इस समारोह के लिए सोमनाथ आई हैं। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘‘हम आज सोमनाथ मंदिर दर्शन करने और अपने प्रधानमंत्री से मिलने आए हैं। इस उत्सव को देखना एक अद्भुत अनुभव है। आतिशबाजी, मंदिर की ओर जाने वाली सड़कों की सजावट और शानदार ड्रोन शो ने दिव्यता को और भव्य बना दिया है जिसके कारण इतने सारे लोग मात्र एक दिन में इस मंदिर में आए हैं।'' महिलाओं के इस समूह ने खुद को मुंबई की ‘भजन मंडली' बताया।शंख गोल चक्कर से वीर हमीरजी गोहिल गोल चक्कर तक मंदिर की ओर जाने वाली मुख्य सड़क को फूलों और विषयगत सजावट से सजाया गया है। त्रिशूल, ओम और डमरू के आकार में रोशनी की सजावट की गई है। साथ ही सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के पोस्टर और फूलों से बने शिवलिंग भी लगे हुए थे। पूरे शहर में बड़े-बड़े बैनरों पर पर्व का नाम और ‘अखंड सोमनाथ, अखंड भारत' जैसे नारे और ‘प्रहार से पुनरुत्थान का साक्षी, मैं स्वयंभू सोमनाथ हूं' जैसी प्रेरक पंक्तियां लिखी हुई थीं। शंख गोल चक्कर के पास स्थित अलंकृत प्रवेश द्वार को फूलों से सजाया गया था। शाम को, कर्नाटक के लोक नृत्य कलाकारों का एक समूह पारंपरिक पोशाक में वहां से गुजरा। उनके साथ लोग तस्वीरें खिंचवाने के लिए उत्सुक नजर आए। जैसे-जैसे शाम ढलती गई और अंधेरा छाता गया, भीड़ और भी बढ़ती गई।प्रधानमंत्री के आगमन के साथ ही मंदिर परिसर के मुख्य द्वारों के पास लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा, जबकि सुरक्षाकर्मी व्यवस्था बनाए रखने के लिए मश्क्कत करते रहे। शनिवार रात को आने वाले आगंतुकों में भावनगर से आए भारद्वाज गिरि जैसे धार्मिक नेता और पड़ोसी जिले जूनागढ़ से आए दिग्गज नेता गिरीश एम कोटेचा शामिल थे। वीर हमीरजी गोहिल गोल चक्कर के पास ‘पीटीआई-भाषा' से बातचीत करते हुए गिरि ने कहा कि वीर हमीरजी जैसे लोगों ने ‘‘हमारे हिंदू तीर्थस्थलों के गौरव की रक्षा'' के लिए लड़ाई लड़ी। इस गोल चक्कर पर 16वीं शताब्दी के राजपूत योद्धा की घुड़सवार प्रतिमा है, जिन्हें आक्रमणकारियों के खिलाफ सोमनाथ मंदिर की रक्षा के लिए याद किया जाता है। मंदिर परिसर के सामने स्थित इस गोलचक्कर को रंगबिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया गया था, जो एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रहा था। कोटेचा ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया, ‘‘यह सोमनाथ की भावना का उत्सव है, और इस अवसर पर लोगों के बीच खुशी देखी जा सकती है।'' दर्शन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और ड्रोन शो के बाद वहां मौजूद भीड़ छटी लेकिन कुछ पल में ही श्रद्धालुओं की अगली टोली उमड़ती नजर आई जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। परिवार के साथ शनिवार आधी रात मंदिर परिसर पहुंचे हर्ष शाह ने बताया, ‘‘सोमनाथ बाबा लोगों को आकर्षित कर रहे हैं, और हम सजावट और रोशनी देखने आए थे।'' लगभग 15 मिनट के ड्रोन शो में भगवान शिव और शिवलिंग की विशाल छवियों सहित कई विषयगत आकृतियां और सोमनाथ मंदिर का 3डी चित्रण दिखाया गया, जिसके बाद आतिशबाजी का एक शानदार प्रदर्शन हुआ। प्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय दौरे पर शनिवार शाम को मंदिर नगरी सोमनाथ पहुंचे। उन्होंने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत आयोजित इस कार्यक्रम को देखा। ड्रोन शो के दौरान सदियों से ऐतिहासिक मंदिर द्वारा झेली गई तबाही के साथ-साथ इसके उत्थान और लचीलेपन को भी दिखाया गया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को बताया कि यह पर्व महमूद गजनी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर किए गए आक्रमण के 1,000 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है। स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में 8 से 11 जनवरी तक कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।रविवार सुबह प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आयोजित ‘शौर्य यात्रा' में भाग लिया। राजकोट रवाना होने से पहले उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की और सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भी शामिल हुए।
- मुंबई. दक्षिण मुंबई में एक मंत्री के बंगले के पास रविवार को एक लावारिस बैग मिलने से दहशत फैल गई और बाद में पुलिस ने पता लगाया कि एक अमेरिकी नागरिक ने इसे छोड़ दिया था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह घटना सुबह करीब 9:30 बजे तब सामने आई, जब मरीन ड्राइव इलाके में मंत्री नितेश राणे के बंगले पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने पुलिस को पास पड़े एक लावारिस बैग के बारे में सूचना दी। एक अधिकारी ने बताया कि मरीन ड्राइव थाने के कर्मियों के साथ बम निरोधक बल की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। अधिकारी ने बताया कि तलाशी के दौरान पुलिस को बैग के अंदर एक जोड़ी जूते, कपड़े, आदि मिले। उन्होंने बताया कि इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने बैग के मालिक का पता लगाया जो करीब 40 वर्ष का एक अमेरिकी नागरिक था। उस समय तक वह गोवा पहुंच चुका था। अधिकारी ने बताया कि उस व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि वह मरीन ड्राइव इलाके के एक होटल में रुका था। रविवार तड़के गोवा जाने से पहले उसने मंत्री के बंगले के पास बैग रख दिया और उसमें एक नोट छोड़ा जिस पर लिखा था, "जूते और कपड़े मुफ्त हैं। कोई भी ले जा सकता है।"
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अहमदाबाद. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को 'वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन' (वीजीआरसी) से पहले राजकोट के मारवाड़ी विश्वविद्यालय में एक व्यापार प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उनके साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद थे। अधिकारियों ने बताया कि इस कार्यक्रम में अमेरिका और यूरोप सहित 16 देशों के 110 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदार हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान 1,500 से अधिक सहमति पत्रों (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। सम्मेलन में आयोजित 'विपरीत क्रेता-विक्रेता बैठक' (आरबीएसएम) के दौरान 1,800 से अधिक व्यावसायिक बैठकें निर्धारित की गई हैं। आमतौर पर विक्रेता अपनी दुकान या स्टॉल लगाकर बैठते हैं और ग्राहक उसके पास सामान देखने आते हैं। आरबीएसएम में खरीदार एक जगह बैठते हैं और विक्रेता उनके पास जाकर अपने उत्पाद दिखाते हैं। उन्होंने बताया कि 26,000 वर्ग मीटर में फैली इस प्रदर्शनी में टॉरेंट पावर लिमिटेड, कोसोल, अदाणी ग्रीन, एस्सार ग्रुप, नायरा एनर्जी और ज्योति सीएनसी जैसी कंपनियां भाग ले रही हैं। अधिकारियों ने कहा कि व्यापार प्रदर्शनी में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्य पालन, रक्षा, ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल, इंजीनियरिंग, बंदरगाह तथा लॉजिस्टिक जैसे विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले 400 से अधिक प्रदर्शकों ने अपने स्टॉल लगाए हैं।
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नयी दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच सोमवार को होने वाली वार्ता में व्यापार, निवेश, अहम प्रौद्योगिकियों तथा रक्षा जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाना मुख्य एजेंडा रहेगा। मर्ज की यह भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए सैन्य ताकत के खुले इस्तेमाल जैसी घटना के कारण वैश्विक भू-राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण है। ऐसे में दोनों नेता मौजूदा वैश्विक चुनौतियों पर भी चर्चा कर सकते हैं। आगामी 12–13 जनवरी को होने वाली यह यात्रा जर्मन चांसलर के रूप में मर्ज की पहली एशिया यात्रा होगी। मोदी–मर्ज वार्ता में यूक्रेन में शांति स्थापित करने पर भी चर्चा हो सकती है। अहमदाबाद में कार्यक्रमों के बाद मर्ज बेंगलुरु जाएंगे।
अधिकारियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत के अलावा मर्ज साबरमती आश्रम जाएंगे, पतंगोत्सव में हिस्सा लेंगे और अहमदाबाद में एक कौशल विकास कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। जानकारों के अनुसार बातचीत में व्यापार और निवेश संबंधों पर विशेष जोर रहेगा। भारत अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने की पृष्ठभूमि में यूरोप के साथ आर्थिक सहयोग को और प्रगाढ़ बनाना चाहता है। जर्मनी यूरोप में भारत के सबसे अहम साझेदारों में से एक है। वह यूरोपीय संघ में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। 2024–25 में दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार 51.23 अरब डॉलर तक पहुंच गया। ईयू के साथ भारत के कुल व्यापार का लगभग एक-चौथाई जर्मनी के साथ होता है। 2024–25 में सेवाओं के व्यापार में 12.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह 16.65 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। जर्मनी भारत में नौवां सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है। अप्रैल 2000 से जून 2025 के बीच भारत में जर्मनी से कुल 15.40 अरब डॉलर का एफडीआई आया है। फिलहाल भारत में 2,000 से अधिक जर्मन कंपनियां काम कर रही हैं। -
श्री विजय पुरम. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 23 जनवरी को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले समारोह में भाग लेने के लिए यहां आ सकते हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस द्वीपसमूह के अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा नेताजी स्टेडियम में राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने और सार्वजनिक संबोधन किए जाने की उम्मीद है, जहां सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर, 1943 को तिरंगा फहराया था। उस समय नेताजी स्टेडियम को जिमखाना ग्राउंड के नाम से जाना जाता था।
केंद्र सरकार नेताजी की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाती आ रही है ताकि राष्ट्र के प्रति उनकी नि:स्वार्थ सेवा के प्रति सम्मान प्रदर्शित किया जा सके। इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के 23 जनवरी को नेताजी की 129वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में भाग लेने के लिए श्री विजय पुरम जाने की संभावना है। उनके राष्ट्रीय ध्वज फहराने और सार्वजनिक भाषण देने की उम्मीद है।'' उन्होंने कहा कि मोदी यहां मरीना पार्क में नेताजी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर सकते हैं।
अधिकारी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के श्री विजय पुरम स्थित शहीद स्तंभ पर पुष्पांजलि अर्पित करने और वीर सावरकर को श्रद्धांजलि देने के लिए सेलुलर जेल जाने की संभावना है।'' उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री क्षेत्र में जारी विकास परियोजनाओं का निरीक्षण करने के लिए कैंपबेल बे का भी दौरा कर सकते हैं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के श्री विजय पुरम के संभावित दौरे की तैयारियां अभी प्रारंभिक चरण में हैं।'' अधिकारियों के अनुसार, स्टेडियम में कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय प्रशासन ‘पराक्रम दिवस' के अवसर पर स्टेडियम में प्रस्तुति देने के लिए प्रसिद्ध गायकों को आमंत्रित करने की योजना बना रहा है। प्रधानमंत्री ने नेताजी की राष्ट्र के प्रति सेवाओं को सम्मान देने के लिए दो द्वीपों- नील द्वीप का ‘शहीद' और हैवलॉक द्वीप का ‘स्वराज' के रूप में नामकरण किया था। उन्होंने 2023 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप पर बनाए जाने वाले नेताजी को समर्पित राष्ट्रीय स्मारक के मॉडल का भी अनावरण किया था। मोदी ने अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के 21 द्वीपों का नामकरण भी 21 परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर किया था। नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप (रॉस आइलैंड) पर प्रस्तावित स्मारक में संग्रहालय-सह-व्याख्या केंद्र, रोपवे, लेज़र एवं साउंड शो, थीम आधारित बच्चों का मनोरंजन पार्क और भोजन व विश्राम के लिए रेस्तरां-लाउंज शामिल होंगे। -
सोमनाथ (गुजरात). प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को ‘शौर्य यात्रा' का नेतृत्व किया। इसका आयोजन गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति देने वालों के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने के लिए किया गया। उन्होंने ऐतिहासिक मंदिर में पूजा-अर्चना भी की और सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि दी जिनकी प्रतिमा मंदिर परिसर के पास स्थापित है। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत आयोजित इस यात्रा में 108 अश्वों की झांकी निकाली गई जो वीरता और बलिदान का प्रतीक है। प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए शंख सर्कल से वीर हमीरजी गोहिल सर्कल तक यात्रा मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग और श्रद्धालु एकत्र हुए थे। प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ विशेष रूप से डिजाइन किए गए वाहन पर खड़े होकर एक किलोमीटर लंबी यात्रा के दौरान जनता का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। युवा पुजारियों का एक समूह, जिन्हें ‘ऋषि कुमार' भी कहा जाता है, मोदी के वाहन के साथ-साथ चलते हुए भगवान शिव का वाद्ययंत्र ‘डमरू' बजा रहा था। एक समय ऐसा भी आया जब मोदी ने स्वयं एक पुजारी से दो डमरू लिए और अपने वाहन पर खड़े होकर उन्हें बजाया। जम्मू कश्मीर सहित देश भर से आए कलाकारों ने मार्ग में नियमित दूरी पर बने मंचों पर अपने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए। यात्रा ‘वीर हमीरजी गोहिल सर्कल' पर समाप्त हुई, जहां से प्रसिद्ध मंदिर का मार्ग शुरू होता है।
मोदी ने चौक पर स्थित हमीरजी गोहिल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की, जिन्होंने 1299 ईस्वी में दिल्ली सल्तनत की सेना के आक्रमण के खिलाफ सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। बाद में, मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल को पुष्पांजलि अर्पित की, जिनकी प्रतिमा मंदिर परिसर के प्रवेश द्वार के पास स्थापित है। पटेल के प्रयासों के फलस्वरूप ही स्वतंत्रता के बाद सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ और इसे औपचारिक रूप से 1951 में श्रद्धालुओं के लिए खोला गया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। उन्होंने मुख्य पुजारी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर में पूजा कार्यक्रम में भाग लिया। ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' भारत के उन अनगिनत नागरिकों को याद करने के लिए मनाया जा रहा है, जिन्होंने मंदिर की रक्षा के लिए बलिदान दिया, जो आने वाली पीढ़ियों की सांस्कृतिक चेतना को प्रेरित करता रहेगा। महमूद गजनी ने करीब एक हजार साल पहले 1026 ईस्वी में सोमनाथ मंदिर पर हमला किया था और इस दौरान अपना जीवन कुर्बान करने वालों की याद में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के एक बयान के अनुसार, सदियों पहले इस मंदिर को नष्ट करने के कई बार प्रयास किए जाने के बावजूद सोमनाथ मंदिर आज विश्वास, साहस और राष्ट्रीय गर्व के एक शक्तिशाली प्रतीक के रूप में खड़ा है। यह सब इसे इसकी प्राचीन महिमा में बहाल करने के सामूहिक संकल्प और प्रयासों के कारण संभव हुआ है। -
नयी दिल्ली/ डिजिटल अरेस्ट' की वजह से 14.85 करोड़ रुपये गंवा चुके दिल्ली के रहने वाले बुजुर्ग दपंति ओम तनेजा और उनकी पत्नी को यही मलाल है कि उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी। ओम तनेजा (81) और पेशे से डॉक्टर उनकी पत्नी इंदिरा (77) को साइबर ठगों ने दूरसंचार और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारी बनकर कॉल किया और करीब 15 दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट' रखा। दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में रहने वाले बुजुर्ग दंपति ने रविवार को कहा कि पुलिस को अपनी आपबीती न बताना एक गंभीर गलती थी।
ओम तनेजा ने बताया, साइबर ठगों ने हमें बार-बार गिरफ्तारी और गंभीर परिणामों की धमकी दी।'' पुलिस ने बताया कि यह धोखाधड़ी 24 दिसंबर से 9 जनवरी के बीच की गई और इस दौरान दंपति को लगातार ऑडियो और वीडियो कॉल पर रहने के लिए मजबूर किया गया और सत्यापन के नाम पर कई बैंक खातों में बड़ी रकम अंतरण करने के लिए दबाव डाला गया। इस मामले में ई-प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और दिल्ली पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि यह दंपति दशकों तक अमेरिका में काम करने के बाद भारत लौट आए थे और 2016 से ग्रेटर कैलाश में रह रहे थे। उनके बच्चे विदेश में बसे हुए हैं। आरोपियों ने दंपति के एकांतवास, उम्र और चिकित्सा मुद्दों जैसी परिस्थितियों का फायदा उठाकर उन्हें डराया-धमकाया।
इंदिरा तनेजा ने बताया कि 24 दिसंबर को दोपहर के आसपास उन्हें एक ऑडियो कॉल आया, जिसमें एक व्यक्ति ने खुद को भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राइ) का अधिकारी बताया। उन्होंने बताया, ‘‘कॉल करने वाले ने मुझे बताया कि मेरा टेलीफोन नंबर बंद किया जा रहा है क्योंकि उससे अश्लील कॉल आ रहे थे और 26 लोगों ने शिकायत दर्ज कराई है।'' इंदिरा के मुताबिक साइबर अपराधियों ने हम पर धनशोधन में शामिल होने का भी आरोप लगाया। इंदिरा के मुताबिक उन्होंने फोन करने वाले को बताया कि जिस नंबर का जिक्र किया जा रहा है वह उनका नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘इसके बावजूद, उसने कहा कि मेरे खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं और महाराष्ट्र में प्राथमिकी दर्ज की गई है।'' फोन करने वाले ने यह भी दावा किया कि मामला मुंबई के कोलाबा पुलिस थाने को स्थानांतरित किया जा रहा है एवं इसके तुरंत बाद कॉल को वीडियो कॉल में तब्दील कर दिया। बुजुर्ग महिला ने बताया, ‘‘स्क्रीन पर विक्रांत सिंह राजपूत नाम का एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी पहने हुए दिखाई दिया। मुझे उसके पीछे पुलिस का चिह्न भी दिखाई दिया। उसने मुझसे कहा कि मैं धनशोधन में संलिप्त हूं।'' इंदिरा ने बताया कि उस व्यक्ति ने दावा किया कि मुंबई में केनेरा बैंक की एक शाखा में उनके नाम से एक बैंक खाता खोला गया था और उस खाते से भारी मात्रा में धनराशि का लेन-देन हुआ है। उन्होंने बताया कि उसने मुझे नरेश गोयल नाम के एक व्यक्ति की तस्वीर दिखाई और पूछा कि क्या मैं उसे जानती हूं। मैंने उससे कहा कि मैंने इस व्यक्ति को अपने जीवन में कभी नहीं देखा। इंदिरा ने कहा कि जालसाजों ने बार-बार दावा किया कि कथित बैंक खाता खोलते समय उसके उंगलियों के निशान और अंगूठे के निशान लिए गए थे और इस बात पर जोर दिया कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। महिला ने बताया, उन्होंने कहा कि 500 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है और चूंकि मैं देश की सेवा करने के लिए अमेरिका से लौटी हूं, इसलिए यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बन गया है।'' आरोपी ने उन्हें तुरंत मुंबई आने के लिए कहा और चेतावनी दी कि गिरफ्तारी अपरिहार्य है। इसके बाद तनेजा दंपति को सत्यापन के लिए अपने बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर करने का निर्देश दिया गया।
महिला ने बताया, वे लगातार पैसे की मांग करते रहे - 2 करोड़ रुपये, 2.1 करोड़ रुपये, 2.5 करोड़ रुपये। फोन या वीडियो कॉल लगभग पूरे दिन चालू रहे। 24 दिसंबर की दोपहर से लेकर 9 जनवरी की सुबह तक मुझे डिजिटल रूप से गिरफ्तार कर लिया गया था।'' पुलिस के मुताबिक ठगों ने दंपति को यह भी सिखाया कि संदेह से बचने के लिए बैंक अधिकारियों को क्या बताना है। उन्होंने दंपति को निर्देश दिया कि वे बताएं कि राशि निवेश की जा रही है या किसी संस्था के न्यासी बन रहे हैं। कभी उन्होंने चेक जमा करने का विवरण भेजा, तो कभी चेक की तस्वीरें। कुल मिलाकर, दंपति ने आठ बार धन हस्तांतरण किया। दिल्ली के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के पूर्व छात्र ओम तनेजा ने संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका की संघीय सरकार के साथ काम करने सहित 48 वर्षों तक अमेरिका में काम किया। -
नई दिल्ली। देश के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर आज रविवार को देशभर के प्रमुख नेताओं ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। शास्त्री जी का ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा राष्ट्र में एकता और स्वावलंबन की भावना जगाने वाला साबित हुआ था। उनकी पुण्यतिथि पर तमाम नेताओं ने उनकी सादगी, ईमानदारी, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रहित सर्वोपरि की नीति को याद किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “पूर्व प्रधानमंत्री एवं ‘भारत रत्न’ लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। संकट के समय ‘जय जवान, जय किसान’ का उद्घोष कर शास्त्री जी ने देश के स्वावलंबन व सुरक्षा का सुंदर समन्वय बनाया। एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले गुदड़ी के लाल शास्त्री जी ने अपने दृढ़ संकल्प और मजबूत नेतृत्व से 1965 के युद्ध में भारत को विजय दिलाई। उनका सादगीपूर्ण जीवन हर एक समाजसेवी के लिए प्रेरणा है।”केंद्रीय मंत्री नीतीन गड़करी ने लिखा, “देश के पूर्व प्रधानमंत्री ‘जय जवान जय किसान’ के प्रणेता भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र अभिवादन।”केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लिखा, “जय जवान, जय किसान के उद्घोष से राष्ट्र में नव चेतना का संचार करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री, ‘भारत रत्न’ लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।”बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लिखा, “पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि।”उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिखा, “जय जवान, जय किसान का उद्घोष करने वाले, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ श्रद्धेय लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर कोटिशः नमन। आपके सादगी, दृढ़ संकल्प और देशभक्ति से परिपूर्ण नेतृत्व हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।”यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पोस्ट में लिखा, “सादगी, शुचिता, सत्यनिष्ठा और कर्तव्यपरायणता के अद्वितीय प्रतीक, पूर्व प्रधानमंत्री, ‘भारत रत्न’ लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। राष्ट्रहित सर्वोपरि के भाव से ओतप्रोत उनका संपूर्ण जीवन मर्यादा और अनुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण है।” -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को गुजरात के राजकोट में मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘जब वाइब्रेंट गुजरात समिट का मंच सजता है, तो मुझे यह सिर्फ समिट नहीं दिखती। मुझे यह 21वीं सदी के आधुनिक भारत की वह यात्रा नजर आती है, जो एक सपने से शुरू हुई और आज एक अटूट भरोसे तक पहुंच चुकी है।’
पीएम मोदी ने कहा कि दो दशकों में वाइब्रेंट गुजरात की यह यात्रा ग्लोबल बेंचमार्क बन गई है। वाइब्रेंट गुजरात समिट के विजन के साथ मैं पहले दिन से जुड़ा रहा हूं। सोमनाथ दादा के चरणों में सिर झुकाकर यह सफर शुरू हुआ है। मुझे वाइब्रेंट समिट में कोई समिट नहीं दिख रहा है। अब वाइब्रेंट समिट आगे बढ़ गया है। इसके 10 एडिशन हो चुके हैं। ग्लोबल पार्टनर्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह समिट ग्लोबल ग्रोथ का एक बड़ा उदाहरण बन गया है।उन्होंने कहा कि ग्लोबल ग्रोथ पार्टनरशिप का एक प्लेटफॉर्म बन गया है। अब वाइब्रेंट समिट इन्वेस्टमेंट से आगे बढ़ गया है। गुजरात का मतलब डेवलपमेंट के साथ-साथ हेरिटेज भी है। पिछले दो दशकों में वाइब्रेंट समिट में बहुत कुछ नया हुआ है। यह समिट पोटेंशियल को रियलिटी में बदलता है।पीएम मोदी ने कहा कि हम संभावनाओं पर फोकस करके आगे बढ़ रहे हैं। गुजरात में कोऑपरेटिव सेक्टर भी एक्टिव है। हम हर सेक्टर की संभावनाओं को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रहे हैं। भारत दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी बनने की ओर बढ़ रहा है। आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग देश है। आज भारत के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा इकोसिस्टम है। भारत ने पिछले कुछ सालों में बहुत तरक्की की है। आज ग्लोबल इंस्टीट्यूशन भारत को लेकर बुलिश हैं। आईएमएफ भारत को ग्लोबल ग्रोथ के इंजन के तौर पर दिखाता है।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत से दुनिया की उम्मीदें बढ़ रही हैं। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है। इंफ्लेशन काबू में है। एग्रीकल्चर प्रोडक्शन में नए रिकॉर्ड बना रहा है। मिल्क प्रोडक्शन में नंबर वन है। जेनेरिक मेडिसिन प्रोडक्शन में नंबर वन है। दुनिया में जो सबसे ज्यादा वैक्सीन बनाता है, वो भारत है।पीएम मोदी ने आगे कहा कि सौराष्ट्र और कच्छ गुजरात के वो इलाके हैं जो हमें सिखाते हैं कि चुनौती कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अगर आप ईमानदारी और मेहनत से काम करते हैं, तो आपको सफलता जरूर मिलेगी। इसी कच्छ ने भूकंप देखे हैं। सौराष्ट्र में सूखा पड़ा था। लोगों को पानी के लिए किलोमीटरों दूर जाना पड़ता था। हर तरफ मुश्किलें थीं। आज युवाओं ने सिर्फ़ उस समय की कहानियां सुनी हैं। लोग कच्छ और सौराष्ट्र में ज्यादा समय तक रहने को तैयार नहीं थे। लेकिन, इतिहास गवाह है और समय बदलता है। सौराष्ट्र और कच्छ के लोग मेहनत से अपनी किस्मत बदलते हैं। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रविवार को गिर सोमनाथ में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के हिस्से के तौर पर आयोजित एक प्रतीकात्मक यात्रा ‘शौर्य यात्रा’ में हिस्सा लिया। इस मौक़े पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी भी मौजूद थे। पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। शौर्य यात्रा साहस, बलिदान और उस अदम्य भावना का प्रतीक है, जिसने सदियों की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सोमनाथ की आस्था और गौरव को संरक्षित रखा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर कहा, “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर रोड शो के दौरान जगह-जगह शिवभक्तों का जोश और उल्लास आनंद से भर देने वाला था। इसमें नारीशक्ति ने जिस तरह से बढ़-चढ़कर भागादारी की, उसने पूरे वातावरण को और अधिक गरिमामयी बना दिया। भारतीय संस्कृति और स्वाभिमान के लिए उनका समर्पण भाव देखकर अभिभूत हूं।”प्रधानमंत्री मोदी के सोमनाथ मंदिर के द्वार पर पहुंचते ही 10,000 महिलाओं ने पारंपरिक नृत्य से उनका स्वागत किया। पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में पूजा की और उसके बाद वहां मौजूद कलाकारों से बातचीत की। उन्होंने एक्स पर कहा कि पावन और दिव्य सोमनाथ धाम में दर्शन-पूजन का सौभाग्य मिला। यह अनुभव मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा से भर देने वाला रहा। भगवान सोमनाथ की कृपा सभी देशवासियों पर सदा बनी रहे, यही कामना है। पवित्र मंदिर में प्रार्थना करने के बाद सद्भावना मैदान में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस बार का वातावरण और उत्सव अद्भुत है। एक ओर देवों के देव महादेव, दूसरी ओर समुद्र की विशाल लहरें, सूर्य की किरणें, मंत्रों की गूंज, आस्था का प्रवाह और इस दिव्य वातावरण में भगवान सोमनाथ के भक्तों की उपस्थिति इस अवसर को दिव्य और भव्य बना रही है। -
नयी दिल्ली. संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों का परीक्षा स्थलों पर चेहरा प्रमाणीकरण किया जाएगा। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि इससे परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता और अधिक मजबूत होगी।
आयोग की वेबसाइट पर जारी एक नोट में कहा गया, ‘‘यूपीएससी परीक्षा में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों के चेहरे का परीक्षा स्थल पर प्रमाणीकरण किया जाएगा।'' यूपीएससी सरकार की नौकरियों के लिए विभिन्न भर्ती परीक्षाएं आयोजित करता है, जिनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) परीक्षा भी शामिल हैं। यूपीएससी ने 14 सितंबर, 2025 को आयोजित एनडीए (राष्ट्रीय रक्षा अकादमी) और एनए (नौसेना अकादमी) द्वितीय परीक्षा, 2025 तथा सीडीएस (संयुक्त रक्षा सेवा) द्वितीय परीक्षा, 2025 के दौरान त्वरित और सुरक्षित अभ्यर्थी सत्यापन के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता-सक्षम चेहरा प्रमाणीकरण प्रौद्योगिकी का परीक्षण करने के लिए एक प्रायोगिक कार्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित किया था। यह कार्यक्रम गुरुग्राम के चयनित केंद्रों पर किया गया, जहां अभ्यर्थियों की चेहरों का उनके पंजीकरण प्रपत्रों में उपलब्ध कराई गई तस्वीरों से डिजिटल रूप से मिलान किया गया। -
मुंबई. संगीत कंपनी ‘टी-सीरीज' के मालिक गुलशन कुमार की हत्या मामले में महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित हरसुल जेल में बंद 60 वर्षीय दोषी की शनिवार को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पड़ोसी ठाणे जिले के मुंब्रा के अमृत नगर निवासी मोहम्मद रऊफ दाऊद मर्चेंट सनसनीखेज मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से 2002 से यहां से लगभग 350 किलोमीटर दूर हरसुल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। उन्होंने बताया, "आठ जनवरी की सुबह जेल की बैरक में नमाज पढ़ते समय मर्चेंट को सीने में तेज दर्द हुआ और वह बेहोश हो गया। उसे तुरंत सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण गंभीर दिल का दौरा बताया गया है। मुंब्रा में उसके परिजन उसी शाम उसका शव ले गए और अंतिम संस्कार किया।" अधिकारी ने बताया कि हरसुल थाने में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है।
मुंबई के पश्चिमी हिस्से में अंधेरी स्थित एक मंदिर के बाहर 12 अगस्त 1997 को तीन लोगों ने गुलशन कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 16 राउंड गोलियां चलाई गईं, जिनमें कुमार के चालक को भी गंभीर चोटें आईं। -
वेरावल (गुजरात). प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए शनिवार को प्रसिद्ध शहर पहुंचे और सोमनाथ को "हमारी सभ्यतागत साहस" का प्रतीक बताया। गुजरात की अपनी तीन दिवसीय यात्रा की शुरुआत करते हुए उन्होंने एक ड्रोन शो देखा और श्री सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में उसकी बैठक की अध्यक्षता की। प्रधानमंत्री ने यहां पहुंचने के बाद सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "सोमनाथ में आकर धन्य महसूस कर रहा हूं, जो हमारी सभ्यतागत साहस का गौरवशाली प्रतीक है। यह यात्रा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान हो रही है, जब पूरा देश 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले हमले के 1000 वर्ष पूरे होने पर एकजुट हुआ है। लोगों के गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभारी हूं।" उन्होंने बैठक के बाद एक अन्य पोस्ट में लिखा, "आज शाम सोमनाथ में मैंने श्री सोमनाथ ट्रस्ट की बैठक की अध्यक्षता की। हमने मंदिर परिसर में बुनियादी ढांचे के उन्नयन से संबंधित विभिन्न पहलुओं और सोमनाथ की तीर्थयात्रा को और भी यादगार बनाने के तरीकों की समीक्षा की।" गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी भी न्यासियों और अधिकारियों के साथ बैठक में उपस्थित थे। प्रधानमंत्री शाम में गिर सोमनाथ जिले के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के पास स्थित हेलीपैड पर उतरे। सर्किट हाउस की ओर जाते समय उनके काफिले को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़क के किनारे खड़े थे। राज्य सरकार द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, सर्किट हाउस में एक बैठक के बाद मोदी मंदिर की ओर रवाना हुए, जहां उन्होंने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के हिस्से के रूप में 'ओंकार मंत्र' के जाप में भाग लिया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में ड्रोन शो देखा। लगभग 3,000 ड्रोन ने अरब सागर के ऊपर आकाश में मंदिर से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं को दर्शाने वाली विभिन्न छवियां बनाईं। स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत आठ से 11 जनवरी तक कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित की जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी तीन-दिवसीय गुजरात यात्रा के दौरान यहां 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' एवं राजकोट में ‘वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन' सहित कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे। पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, रविवार को सुबह लगभग 9:45 बजे प्रधानमंत्री 'शौर्य यात्रा' में भाग लेंगे, जो सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति देने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आयोजित औपचारिक शोभा यात्रा है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि शौर्य यात्रा में 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस निकाला जाएगा, जो वीरता और बलिदान का प्रतीक होगा। इसके बाद, मोदी सुबह करीब 10:15 बजे सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे और फिर सुबह 11 बजे 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' पर आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेंगे। बयान के अनुसार ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' भारत के उन अनगिनत नागरिकों को याद करने के लिए मनाया जा रहा है, जिन्होंने मंदिर की रक्षा के लिए बलिदान दिया, जो आने वाली पीढ़ियों की सांस्कृतिक चेतना को प्रेरित करता रहेगा। महमूद गजनी ने 1026 ईस्वी में सोमनाथ मंदिर पर हमला किया था, जिसके एक हजार वर्ष पूरे होने की पृष्ठभूमि में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। बयान के अनुसार सोमनाथ मंदिर नष्ट करने के कई प्रयासों के बावजूद आज आस्था और राष्ट्रीय गौरव के एक शक्तिशाली प्रतीक के रूप में खड़ा है, यह सब मंदिर की प्राचीन महिमा को बहाल करने के सामूहिक संकल्प और प्रयासों के कारण संभव हुआ है। स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने मंदिर के जीर्णोद्धार का प्रयास किया। इस पुनरुद्धार यात्रा में सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक 1951 में हासिल हुई, जब तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद की उपस्थिति में जीर्णोद्धार किए गए सोमनाथ मंदिर को औपचारिक रूप से भक्तों के लिए खोल दिया गया। इस वर्ष ऐतिहासिक जीर्णोद्धार के 75 वर्ष पूरे होने से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का महत्व और भी बढ़ गया है। इस समारोह में देश भर से सैकड़ों संत भाग लेंगे और मंदिर परिसर में 72 घंटे तक लगातार 'ओम्' का जाप किया जाएगा। इसमें कहा गया है कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' में प्रधानमंत्री की भागीदारी भारत की सभ्यता की चिरस्थायी भावना को रेखांकित करती है और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण और उत्सव के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है। मोदी रविवार को राजकोट भी जाएंगे और कच्छ एवं सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए आयोजित ‘वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन' (वीजीआरसी) में भाग लेंगे। अपराह्न करीब 1:30 बजे वह सम्मेलन में ट्रेड शो और प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। राजकोट से मोदी अहमदाबाद के लिए रवाना होंगे। वह शाम करीब 5:15 बजे गांधीनगर के महात्मा मंदिर मेट्रो स्टेशन पर अहमदाबाद मेट्रो के दूसरे चरण के शेष हिस्से का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री सोमवार सुबह जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से मुलाकात करेंगे। दोनों साबरमती आश्रम पहुंचेंगे और साबरमती नदी तट पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में भाग लेंगे। इसके बाद गांधीनगर के महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में पूर्वाह्न 11:15 बजे से द्विपक्षीय बैठकें होंगी, जहां दोनों नेता भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे। इस साझेदारी के हाल ही में 25 वर्ष पूरे हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि शाम को मोदी महात्मा मंदिर में दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में शामिल होंगे, जिसके बाद एक संयुक्त बयान जारी किया जाएगा। -
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में जारी ठंड शनिवार को और बढ़ गई है। कोलकाता समेत कई जिलों में तापमान और नीचे चला गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक इसी तरह ठंड बनी रहने की संभावना है। कोलकाता के अलीपुर स्थित क्षेत्रीय मौसम केंद्र ने बताया कि उत्तर दिशा से ठंडी हवाएं लगातार राज्य में आ रही हैं। इसी वजह से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। कई इलाकों में घना कोहरा भी देखने को मिल रहा है।
शुक्रवार को कोलकाता का न्यूनतम तापमान थोड़ा बढ़कर 12.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, लेकिन शनिवार को यह फिर गिरकर 11.5 डिग्री सेल्सियस हो गया। यह सामान्य से 2.5 डिग्री कम है। शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.1 डिग्री कम था।राज्यभर में कोहरे को लेकर चेतावनी जारी की गई है। दक्षिण बंगाल के जिलों में सुबह के समय हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा छाने की आशंका है, जिससे विज़िबिलिटी 999-200 मीटर तक कम हो जाएगी। कुछ जिलों में दोपहर तक कोहरा बना रह सकता है। उत्तर बंगाल के लिए घने कोहरे की चेतावनी दी गई है। कोहरे के कारण दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और उत्तर दिनाजपुर जिले में विजिबिलिटी 199-50 मीटर तक कम हो सकती है। पूरे राज्य में मौसम शुष्क रहेगा।इस समय ठंड का असर ऐसा है कि दक्षिण बंगाल के कई जिलों में तापमान, उत्तर बंगाल के शहरों से भी नीचे चला गया है। दार्जिलिंग को छोड़ दें तो दक्षिण के इलाकों में ठंड उत्तर के सभी शहरों से ज्यादा महसूस की जा रही है। शनिवार को दार्जिलिंग का न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो पूरे राज्य में सबसे कम था।सके अलावा कई और जिलों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। कल्याणी में पारा 7.7 डिग्री, बांकुरा में 7.2 डिग्री, बर्दवान में 8.6 डिग्री, कलाईकुंडा में 8.6 डिग्री, आसनसोल में 8.8 डिग्री, बरहामपुर में 8.6 डिग्री, सूरी में 8.2 डिग्री, उलुबेरिया में 9 डिग्री, दीघा में 9 डिग्री, कोंटाई में 9 डिग्री, पानागढ़ में 9.4 डिग्री, 9.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है. पुरुलिया, बैरकपुर में 9.8 डिग्री, झाड़ग्राम में 9 डिग्री, कैनिंग में 10.4 डिग्री, कृष्णानगर में 10.2 डिग्री और डायमंड हार्बर में 10.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।उत्तर बंगाल की बात करें तो कालिम्पोंग में न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री सेल्सियस रहा। मालदा में 9.7 डिग्री, जलपाईगुड़ी और बालुरघाट में 9.4 डिग्री, अलीपुरद्वार और रायगंज में 9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। -
नई दिल्ली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने तमिलनाडु के चार जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले दो दिनों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। आईएमडी के अनुसार, चेन्नई, चेंगलपट्टू, तिरुवल्लूर और कांचीपुरम में शनिवार और उसके अगले दिन भारी बारिश होने की उम्मीद है, जिससे जलभराव, ट्रैफिक जाम और खासकर निचले और शहरी इलाकों में स्थानीय बाढ़ की संभावना है।लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की आधिकारिक सलाह मानने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के ऊपर बना गहरा दबाव आज बाद में त्रिंकोमाली और जाफना के बीच श्रीलंका के तट को पार कर सकता है। इस सिस्टम से तमिलनाडु और पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश के वितरण पर काफी असर पड़ने की उम्मीद है।परिणामस्वरूप तिरुवरूर, नागपट्टिनम, मायिलादुथुराई और कुड्डालोर जिलों के साथ-साथ पुडुचेरी और कराईकल में भारी बारिश का अनुमान है। आईएमडी ने विल्लुपुरम, कल्लाकुरिची, अरियालुर, तंजावुर, पुदुकोट्टई और रामनाथपुरम जिलों में भारी बारिश का अनुमान लगाया है। इस बीच, चेन्नई, चेंगलपट्टू, तिरुवल्लूर और कांचीपुरम में शनिवार और उसके अगले दिन भी बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली पूर्वी हवाओं के कारण भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि बारिश की तीव्रता जगह-जगह अलग-अलग हो सकती है, लेकिन इस महीने की 15 तारीख तक तमिलनाडु के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। अधिकारियों ने जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने, आपदा राहत टीमों की तैयारी सुनिश्चित करने और नदी के किनारे, जलाशयों और शहरी ड्रेनेज सिस्टम सहित संवेदनशील जगहों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे भारी बारिश के दौरान गैर-जरूरी यात्रा से बचें और आईएमडी के आधिकारिक बुलेटिन और स्थानीय सलाह के जरिए अपडेट रहें। - नई दिल्ली। श्रीनगर और जम्मू-कश्मीर की वादियों में शनिवार को तापमान फ्रीजिंग पॉइंट से कई डिग्री नीचे गिर गया। राजधानी श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 5.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पिछले दिन यह माइनस 6 डिग्री था।ठंड की वजह से यहां की मशहूर डल झील आंशिक रूप से जम गई है, जिससे नाविकों को अपनी नावें चलाने में काफी परेशानी हो रही है। इसके अलावा, पानी के नल, सड़क पर बने छोटे-छोटे गड्ढे और उथले जलाशय भी जम गए।श्रीनगर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच का अंतर भी कम हो गया है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान सिर्फ 10.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए ठंडी और शुष्क हवाओं की भविष्यवाणी की है और बताया कि 20 जनवरी तक बारिश या बर्फबारी की संभावना बहुत कम है, सिर्फ ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी हो सकती है।इस लगातार शुष्क मौसम ने जम्मू और कश्मीर में चिंता बढ़ा दी है। यहां के सभी जल स्रोत भारी हिमपात पर निर्भर करते हैं। ये कृषि, बागवानी और पीने के पानी की जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह हिमपात 40 दिन लंबी कठोर सर्दी की अवधि ‘चिल्लई कलां’ के दौरान होता है। इस महत्वपूर्ण अवधि का आधा समय पहले ही गुजर चुका है, लेकिन वादी के मैदानों में अभी तक इस मौसम की पहली बर्फबारी नहीं हुई है। चिल्लई कलां की अवधि 30 जनवरी को समाप्त होगी। इसके बाद फरवरी और मार्च में होने वाली बर्फ जल्दी पिघल जाती है और यह स्थायी जलाशयों को भरने में ज्यादा मदद नहीं करती।श्रीनगर के अलावा, गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान माइनस 6.8 डिग्री और पहलगाम में माइनस 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जम्मू शहर में रात का न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री, कटरा में 5.3 डिग्री, बाटोटे में 1.3 डिग्री, बानिहाल में माइनस 0.4 डिग्री और भद्रवाह में माइनस 2.8 डिग्री था।वहीं, कडाके की ठंड और शुष्क मौसम की वजह से फेफड़े और दिल संबंधी बीमारियों के मरीज अस्पताल और क्लीनिकों में भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को चेतावनी दी है कि अगर किसी को पहले से दिल या छाती की समस्या है तो उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे मौसम में गर्म कपड़े पहनना, शरीर को पूरी तरह से ढककर रखना और समय पर दवाओं का सेवन करना बेहद जरूरी है।(
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में हुए बस हादसे पर दुख व्यक्त किया और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। इसके साथ ही उन्होंने इस हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की।
पीएम मोदी के हवाले से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में बस हादसे में लोगों की मौत बहुत दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदनाएं। घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे।”केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक्स पोस्ट में लिखा, “हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के हरिपुरधार में बस हादसे में कई लोगों के हताहत होने का समाचार अत्यंत दुखद है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर को राहत एवं बचाव कार्यों पर नजर बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। मौके पर सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता घायलों की सहायता के लिए मौजूद हैं।”इसके साथ ही जेपी नड्डा ने कहा कि शोक-संतप्त परिजनों के प्रति मैं गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में आत्मबल प्रदान करें।वहीं, हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम और राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”सिरमौर जिले के हरिपुरधार क्षेत्र में निजी बस के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना बहुत दुखद है। इस भीषण हादसे में कई लोगों के हताहत होने की सूचना अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है।”यह हादसा सिरमौर जिले के हरिपुरधार के पास हुआ है। बस कुपवी से शिमला जा रही थी। इस दौरान बस हरिपुरधार के पास खाई में गिर गई। - नाहन.। हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर से बड़ा बस हादसा हुआ है. सिरमौर जिले के रेणुकाजी के हरिपुरधार में एक प्राइवेट बस गहरी 100 मीटर खाई में गिर गई और छह महीने की बच्ची, बस ड्राइवर समेत अब तक 14 लोगों की मौत हो गई. हादसे में 52 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें नाहन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है. घटना के बाद मौके पर हाहाकार मच गया और लोगों की भीड़ मौके की तरफ दौड़ी और घायलों को निकाला.अहम बात है कि कुल 39 सीटर इस बस में 66 लोग सवार थे. इसमें जिन 14 लोगों की मौत हुई है, उनमें सात महिलाएं शामिल हैं. सीएम सुक्खू, परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हादसे पर दुख जताया है. सिरमौर की डीसी प्रियंका सिंह ने मौतों की पुष्टि की है.जानकारी के अनुसार, बस में मालिक की बेटी और बेटा भी सवार थे, जो कि घायल हैं. इसके अलावा, कुछ घायलों को सोलन अस्पताल भी भेजा गया है. डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री भी नाहन मेडिकल कॉलेज पहुंचे हैं और घायलों का हाल जाना है. परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने 14 मौतों की पुष्टि की है.दरअसल, शिमला जिले के कुपवी के लिए यह बस जा रही थी. जैसे ही बस रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के हरिपुरधार के करीब पहुंची तो एक मोड़ से नीचे जा गिरी. “जीत कोच” नाम की बस करीब 100 मीटर नीचे गिरी और उसके परखच्चे उड़ गए. आनन फानन में घायलों को हरिपुरधार के स्थानीय अस्पताल से प्राथमिक उपचार दिया गया और फिर रेफर किया गया है. हालांकि, अस्पताल में जरूरी सुविधाएं ना होने पर लोगों ने नाराजगी भी जताई है. क्योंकि इस अस्पताल को ऊपरी अस्पताल का दर्जा दिया गया था, लेकिन सुक्खू सरकार ने इसे डिनोटिफाई कर दिया था.बताया जा रहा है कि हरिपुरधार बाजार से 100 मीटर पहले यह अनहोनी हुई. परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि निजी बस के गहरी खाई में गिरने से लोगों के दुःखद निधन एवं कई यात्रियों के घायल होने का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है. इस भीषण हादसे में दिवंगत आत्माओं को ईश्वर अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिवारों को यह अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें. ईश्वर से घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करतें हैं.
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नई दिल्ली। परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में शामिल होने के इच्छुक व्यक्तियों की संख्या चार करोड़ के पार पहुंच गई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अनुसार शुक्रवार 9 जनवरी तक 4 करोड़ 20 लाख 69,002 लोगों ने परीक्षा पे चर्चा का हिस्सा बनने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है।
देश-विदेश से करोड़ों की संख्या में छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ परीक्षा पे चर्चा करने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। न केवल छात्र बल्कि लाखों की संख्या में अभिभावक और शिक्षक भी प्रधानमंत्री के साथ चर्चा में शामिल होना चाहते हैं। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार देश के करोड़ों विद्यार्थियों के लिए ‘परीक्षा पे चर्चा’ एक बहुप्रतीक्षित संवाद कार्यक्रम है।इस विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विद्यार्थियों से सीधे संवाद करेंगे। खास बात यह है कि प्रधानमंत्री के संवाद में छात्रों के साथ-साथ उनके माता-पिता और शिक्षक भी शामिल हो सकते हैं। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक यहां होने वाले संवाद के जरिए अभिभावक व शिक्षक छात्रों को उनके सपनों और लक्ष्यों को पूरा करने में बेहतर सहयोग दे सकते हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस संवाद कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ का उद्देश्य परीक्षाओं से जुड़े तनाव को कम करना, विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाना और पढ़ाई को एक सकारात्मक अनुभव बनाना है। यह कार्यक्रम परीक्षा को डर नहीं, बल्कि सीखने और आत्मविकास का अवसर मानने की सोच को प्रोत्साहित करता है। एक विशेष प्रक्रिया के जरिए आवेदन करने वाले व्यक्तियों का चयन होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों में परीक्षा का तनाव दूर करने और उनके आत्मविश्वास को मजबूत बनाने के लिए यह विशेष संवाद करते हैं।यही कारण है कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ के इस संवाद में देश भर के छात्र शामिल हो रहे हैं। अब तक चार करोड़ बीस लाख से अधिक छात्रों, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने अपना पंजीकरण कराया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संवाद कार्यक्रम यानी परीक्षा पे चर्चा (पीपीसी) का यह 9वां संस्करण है। यह संवाद इसी महीने जनवरी में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान भारत समेत विश्व के कई देशों के छात्र, अभिभावक और शिक्षक इस संवाद कार्यक्रम से जुड़ेंगे।केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया कि परीक्षा पे चर्चा 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अभी भी चल रही है। देश के किसी भी हिस्से से क्लास 6 से 12 तक के छात्र इसमें शामिल होने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। शुक्रवार तक 4 करोड़ से अधिक लोगों ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें से 3 करोड़, 91 लाख, 50,348 रजिस्ट्रेशन देश-दुनिया के विभिन्न इलाकों में पढ़ रहे छात्रों द्वारा करवाए गए हैं।वहीं, 23 लाख 62 हजार 202 शिक्षक भी अभी इस संवाद कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। इनके अलावा अभी तक 5 लाख 56 हजार 452 अभिभावकों ने भी अपना पंजीकरण कराया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इस राष्ट्रीय अभियान से जुड़ने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्रों द्वारा पंजीकरण करवाया जा रहा है। शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि यह विशेष संवाद छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को एक साथ लाकर परीक्षाओं को सीखने के उत्सव में बदलने का प्रयास करता है। -
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र का 28 जनवरी से आगाज, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी मंजूरीसंसद का बजट सत्र 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक चलेगा। सत्र का पहला फेज 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा फेज 9 मार्च से 2 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के बजट सत्र को बुलाने की मंजूरी दे दी है।संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार की सिफारिश पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों को 2026 के बजट सत्र के लिए बुलाने की मंजूरी दे दी है। यह सत्र 28 जनवरी 2026 से शुरू होकर 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा।उन्होंने लिखा कि पहला चरण 13 फरवरी 2026 को समाप्त होगा और संसद 9 मार्च 2026 को पुनः एकत्रित होगी। यह सार्थक बहस और जन-केंद्रित शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वहीं, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आम बजट एक फरवरी को पेश किया जाएगा। इसके साथ ही टैक्सपेयर्स, नौकरीपेशा, किसान और उद्योग हर किसी की निगाहें अब बजट 2026 पर टिक गई हैं।केंद्र सरकार की ओर से 2017-18 से आम बजट को लगातार एक फरवरी को पेश किया जा रहा है। स्टॉक एक्सचेंज भी संकेत दे चुके हैं कि अगर बजट रविवार को पेश किया जाता है तो इस दिन एक स्पेशल ट्रेडिंग सेशन रखा जाएगा।यह केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला लगातार नौवां बजट होगा। उन्होंने लगातार सबसे अधिक बजट प्रस्तुत करने का रिकॉर्ड पहले ही बना लिया है। यदि वह एक और बजट भी प्रस्तुत करती हैं, तो वे दिवंगत मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगी, जिन्होंने दो कार्यकालों, 1959 से 1964 के बीच छह और 1967 से 1969 के बीच चार, में कुल 10 बजट प्रस्तुत किए थे।अन्य हालिया वित्त मंत्रियों में, पी. चिदंबरम ने नौ बजट प्रस्तुत किए थे, जबकि प्रणब मुखर्जी ने अलग-अलग प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में आठ बजट प्रस्तुत किए थे।
- नई दिल्ली। हाइपरसोनिक मिसाइल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। यह उपलब्धि डिफेन्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी (डीआरडीएल) की सहायता से हासिल की गई है।दरअसल, डीआरडीएल ने सक्रिय शीतलन युक्त पूर्ण-स्तरीय स्क्रैमजेट इंजन (फुल स्केल कंबस्टर) का दीर्घ-अवधि ग्राउंड परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न किया है। डीआरडीएल, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की हैदराबाद स्थित अग्रणी प्रयोगशाला है। इस सफल परीक्षण ने भारत को उन्नत एयरोस्पेस क्षमताओं की वैश्विक अग्रिम पंक्ति में स्थापित किया है। यह महत्वपूर्ण परीक्षण 09 जनवरी को डीआरडीएल की अत्याधुनिक स्क्रैमजेट कनेक्ट पाइप टेस्ट सुविधा में किया गया।रक्षा मंत्रालय के अनुसार इसने स्क्रैमजेट दहनकक्ष ने 12 मिनट से अधिक समय तक निरंतर और स्थिर संचालन प्रदर्शित किया। यह उपलब्धि भारत के हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकास कार्यक्रम के लिए एक निर्णायक और आधारभूत कदम मानी जा रही है।गौरतलब है कि हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल ध्वनि की गति से पांच गुना से अधिक, अर्थात 6,100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से लंबे समय तक उड़ान भरने में सक्षम होती है। यह असाधारण क्षमता अत्याधुनिक एयर-ब्रीदिंग स्क्रैमजेट इंजन के माध्यम से प्राप्त की जाती है।यह सुपरसोनिक दहन तकनीक का उपयोग कर दीर्घ-अवधि तक निरंतर प्रणोदन (मिसाइल को आगे बढ़ाने के लिए उत्पन्न की जाने वाली शक्ति) प्रदान करता है। स्क्रैमजेट कनेक्ट पाइप टेस्ट सुविधा में किए गए इन ग्राउंड परीक्षणों ने उन्नत स्क्रैमजेट दहनकक्ष के डिजाइन को सफलतापूर्वक प्रमाणित किया है।रक्षा मंत्रालय का कहना है कि शुक्रवार को मिली यह कामयाबी बीते साल 25 अप्रैल को किए गए दीर्घ-अवधि के सब-स्केल परीक्षण पर आधारित है। उस परीक्षण ने इस उन्नत प्रौद्योगिकी के क्रमिक और सुदृढ़ विकास को सुनिश्चित किया है। पूर्ण-स्तरीय स्क्रैमजेट दहनकक्ष और परीक्षण सुविधा का डिजाइन एवं विकास डीआरडीएल द्वारा किया गया।वहीं, इसके निर्माण और कार्यान्वयन में भारतीय उद्योग साझेदारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस उपलब्धि पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ, उद्योग साझेदारों और शैक्षणिक संस्थानों को बधाई दी।राजनाथ सिंह ने कहा कि यह कामयाबी भारत के हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकास कार्यक्रम के लिए एक मजबूत और ठोस आधार प्रदान करती है।उन्होंने बताया कि यह देश की सामरिक क्षमताओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। वहीं, डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने भी इस परीक्षण से जुड़े सभी वैज्ञानिकों, इंजीनियर्स और तकनीकी टीमों को उनके सराहनीय योगदान के लिए शुभकामनाएं दीं। इस सफल ग्राउंड परीक्षण के साथ भारत ने हाइपरसोनिक प्रणोदन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपनी आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को और अधिक सुदृढ़ कर लिया है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सोमनाथ धाम के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत महत्व पर प्रकाश डाला और इसे पीढ़ियों से भारतीयों के लिए आस्था, साहस और स्वाभिमान का एक शाश्वत स्रोत बताया।
पीएम मोदी ने एक्स (X) पर एक संदेश किया साझाइस संबंध में प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक संदेश साझा किया, जिसमें इस पवित्र स्थल की स्थायी विरासत पर जोर दिया गया। अपने पोस्ट में, पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि सोमनाथ धाम ने सदियों से लोगों की सामूहिक चेतना को जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जो अटूट आस्था और आंतरिक शक्ति का प्रतीक है।प्रधानमंत्री मोदी ने पोस्ट में लिखा…प्रधानमंत्री मोदी ने पोस्ट में लिखा “पावन-पुनीत सोमनाथ धाम की भव्य विरासत सदियों से जन-जन की चेतना को जागृत करती आ रही है। यहां से निकलने वाली दिव्य ऊर्जा युग-युगांतर तक आस्था, साहस और स्वाभिमान का दीप प्रज्वलित करती रहेगी।”पीएम मोदी ने सोमनाथ के आध्यात्मिक सार और भगवान शिव के साथ इसके जुड़ाव को दर्शाने वाला एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया। यह श्लोक सोमनाथ को एक पवित्र और अत्यंत शक्तिशाली क्षेत्र के रूप में उजागर करता है जहां आध्यात्मिक पूर्णता और मुक्ति प्राप्त होती है।आदिनाथेन शर्वेण सर्वप्राणिहिताय वै।आद्यतत्त्वान्यथानीयं क्षेत्रमेतन्महाप्रभम्।प्रभासितं महादेवि यत्र सिद्ध्यन्ति मानवाः॥श्लोक का अर्थइस श्लोक का अर्थ है “भगवान शिव ने, आदिनाथ के रूप में, सभी जीवों के कल्याण के लिए, अपने शाश्वत सिद्धांत के माध्यम से इस पवित्र और अत्यंत शक्तिशाली क्षेत्र (प्रभास खंड) को प्रकट किया। दिव्य आभा से नहाया हुआ, यह पवित्र स्थान वह है जहां मनुष्य आध्यात्मिक पूर्णता, सद्गुण और मुक्ति मोक्ष प्राप्त करते हैं।”इससे पहले गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर की अपनी पिछली यात्राओं की यादें साझा कीं, और मंदिर पर बार-बार हुए ऐतिहासिक हमलों के बावजूद आस्था की दृढ़ता पर रोशनी डाली।पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट में लिखा, जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले, जिसके बाद कई और हमले हुए, लोगों के आध्यात्मिक संकल्प को कमजोर करने में विफल रहे।”हज़ार साल पहले, जनवरी 1026 में, सोमनाथ मंदिर पर इतिहास का पहला हमला हुआ था। 1026 के हमले और उसके बाद हुए कई हमलों से भी हमारा अटूट विश्वास नहीं डिगा। इसके उलट, इसने भारत की सांस्कृतिक एकता की भावना को और मजबूत किया और सोमनाथ मंदिर को बार-बार फिर से बनाया गया। मैं सोमनाथ की अपनी पिछली यात्राओं की कुछ तस्वीरें शेयर कर रहा हूं। अगर आप भी सोमनाथ गए हैं, तो कृपया अपनी तस्वीरें #SomnathSwabhimanParv के साथ शेयर करें।”बताना चाहेंगे, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले बड़े हमले के 1,000 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित किया जा रहा है।



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