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नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में बढ़ते तापमान और लू की स्थिति को देखते हुए आयुष मंत्रालय ने जन स्वास्थ्य संबंधी व्यापक परामर्श जारी किया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के अंतर्गत आयुष वर्टिकल द्वारा जारी इस सलाह में गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचाव, पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धतियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया पर विशेष जोर दिया गया है।
परामर्श में आम जनता, संवेदनशील समूहों, नियोक्ताओं, श्रमिकों और बड़े सार्वजनिक एवं खेल आयोजनों में भाग लेने वाले लोगों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, दोपहर के समय सीधे सूर्य की रोशनी से बचने, हल्के सूती कपड़े पहनने और मौसमी फलों व इलेक्ट्रोलाइट से भरपूर तरल पदार्थों के सेवन की सलाह दी गई है। आयुष मंत्रालय ने कहा है कि शिशु, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग, खुले में काम करने वाले श्रमिक और हृदय रोग तथा उच्च रक्तचाप जैसी पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोग लू के दौरान अधिक संवेदनशील होते हैं। ऐसे लोगों के लिए अतिरिक्त देखभाल और निगरानी की आवश्यकता बताई गई है। परामर्श में कार्यस्थलों, सार्वजनिक आयोजनों और बाहरी गतिविधियों के लिए भी विशेष सावधानियां सुझाई गई हैं। इनमें छायादार विश्राम स्थलों की व्यवस्था, नियमित जलपान अवकाश, श्रमिकों के लिए अनुकूलन उपाय और गर्मी से होने वाले तनाव के लक्षणों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।आयुष मंत्रालय ने नागरिकों को चक्कर आना, सिरदर्द, मतली, मानसिक स्थिति में बदलाव, शरीर का अत्यधिक तापमान, निर्जलीकरण, दौरे पड़ना और बेहोशी जैसे लक्षणों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। परामर्श में हीटस्ट्रोक को चिकित्सा आपातस्थिति बताते हुए कहा गया है कि गंभीर स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर 108 और 102 आपातकालीन हेल्पलाइन पर संपर्क करने की सलाह दी गई है। DGHS के आयुष वर्टिकल द्वारा जारी परिशिष्ट में आयुर्वेद, सिद्ध, योग, यूनानी और होम्योपैथी जैसी विभिन्न आयुष पद्धतियों के पारंपरिक स्वास्थ्य और निवारक उपायों को भी शामिल किया गया है। आयुर्वेद विभाग ने मठ्ठा, नारियल पानी और नींबू आधारित पेयों के सेवन की सलाह दी है। साथ ही निम्बुकफला पनाका, आम्र प्रपनाका और चिंचा पनाका जैसे पारंपरिक पेयों का सेवन करने को कहा गया है, जिससे शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। सिद्ध और योग अनुभागों में शीतलता प्रदान करने वाले पेयों के साथ शीतली प्राणायाम और हल्के योग अभ्यास अपनाने की सलाह दी गई है, ताकि शरीर का संतुलन बना रहे और गर्मी के तनाव को कम किया जा सके। वहीं यूनानी पद्धति में धूप से झुलसने और डीहाइड्रेशन से बचाव के लिए पारंपरिक ठंडे पेय और हर्बल लेप की सलाह दी गई है। होम्योपैथी अनुभाग में भीषण गर्मी के दौरान एहतियाती उपाय अपनाने की सिफारिश की गई है।परामर्श में लोगों को खीरा, तरबूज, नींबू, खरबूजा, लौकी और टमाटर जैसे हाइड्रेटिंग एवं शीतलता देने वाले खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। साथ ही नागरिकों को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी मौसम संबंधी अपडेट पर नियमित नजर रखने और लू संबंधी चेतावनियों के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। -
मौसम विभाग का अनुमान
तिरूवनंतपुरम. मौसम विभाग ने सोमवार को कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के 26 मई को केरल पहुंचने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह भी कहा कि मानसून के आगमन की तारीख में चार दिन का अंतर देखने को मिल सकता है। आईएमडी ने कहा कि अगले पांच दिनों में केरल और माहे के कुछ हिस्सों में बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, ऐसा दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण के कारण हो सकता है, जिससे केरल, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और दक्षिण लक्षद्वीप से सटे दक्षिण-पूर्वी अरब सागर में निम्न वायु दाब का क्षेत्र बन गया है। आईएमडी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी मानसून दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के अधिकांश हिस्सों और कन्याकुमारी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, यह दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों, अंडमान सागर के अधिकांश भाग, अंडमान निकोबार द्वीप समूह और पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में भी आगे बढ़ चुका है। आईएमडी ने केरल के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना को लेकर दो जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' और 10 जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया, जबकि त्रिशूर और पलक्कड़ को छोड़कर 10 जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। मंगलवार के लिए, आईएमडी ने नौ जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है।
'ऑरेंज अलर्ट' 11 सेंटीमीटर से 20 सेमी तक की बहुत भारी बारिश को, जबकि 'येलो अलर्ट' 6 सेमी से 11 सेमी के बीच की भारी बारिश को दर्शाता है। -
कोलकाता. पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल ने एक जून से महिलाओं को 3,000 रुपये की मासिक सहायता प्रदान करने वाली 'अन्नपूर्णा' योजना को सोमवार को मंजूरी देने के साथ ही अगले महीने से महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की भी अनुमति दे दी। राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने राज्य सचिवालय नबान्न में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करने वाली और मतदाता सूचियों की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कवायद के मद्देनजर मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए न्यायाधिकरणों का रुख करने वाली महिलाओं को भी 'अन्नपूर्णा' योजना का लाभ मिलेगा। राज्य कैबिनेट की दूसरी बैठक के बाद मंत्री पॉल ने कहा, ''मंत्रिमंडल ने महिलाओं को एक जून से 3,000 रुपये की मासिक सहायता प्रदान करने वाली 'अन्नपूर्णा' योजना को मंजूरी दे दी है। साथ ही, मंत्रिमंडल ने अगले महीने से महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की अनुमति देने वाले प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।'' भाजपा ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान यह वादा किया था कि उसकी सरकार सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा सुनिश्चित करेगी तथा उन्हें प्रति माह 3,000 रुपये की सहायता प्रदान करेगी, जबकि राज्य की पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार की 'लक्ष्मीर भंडार' योजना के तहत 1,500 रुपये दिए जाते थे। उन्होंने बताया कि सरकार ने अपने कर्मचारियों, संबद्ध वैधानिक निकायों, शिक्षा बोर्ड और राज्य द्वारा संचालित शिक्षा संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए सातवें राज्य वेतन आयोग के गठन को भी मंजूरी दे दी है। यह पूछे जाने पर कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में क्या महंगाई भत्ते (डीए) का मुद्दा उठा, पॉल ने कहा, "आज डीए पर कोई चर्चा नहीं हुई। ऐसी चर्चा बाद में की जाएंगी।" पॉल ने कहा, "बंगाल मंत्रिमंडल ने धार्मिक वर्गीकरण के आधार पर समूहों को दी जाने वाली सरकारी सहायता जून से बंद करने का निर्णय लिया है। सरकार ने मौजूदा राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सूची भी कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले के तहत रद्द कर दी है और आरक्षण पात्रता निर्धारित करने के लिए एक जांच समिति का गठन करने का निर्णय किया।" उन्होंने कहा कि सूचना एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग तथा अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग द्वारा धार्मिक वर्गीकरण के आधार पर चलाई जा रही योजनाएं इस महीने के अंत तक जारी रहेंगी और जून से इन्हें बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी की जाएंगी। मंत्री ने कहा कि सरकार ने मानसून से पहले जल निकासी व्यवस्था में सुधार और नागरिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के कार्य को प्राथमिकता देने का भी निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शहरों और कस्बों में कचरा हटाने का काम तुरंत फिर से शुरू करने तथा पूरे राज्य में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट की शीघ्र मरम्मत का निर्देश दिया है। पॉल ने कहा कि सरकार ने कैबिनेट बैठक हर 15 दिन में आयोजित करने का निर्णय लिया है।
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तिरुवनंतपुरम. केरल के नामित मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने उनके मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले सदस्यों के नामों की घोषणा रविवार को की। सतीशन और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य सोमवार को शपथ ग्रहण करेंगे। उन्होंने कहा कि गठबंधन के नेताओं के साथ चर्चा के बाद मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप दिया गया है और इस दौरान गठबंधन के भीतर सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखा गया है। सतीशन ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं रमेश चेन्निथला, के मुरलीधरन और सनी जोसेफ को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। केरल की सत्ता पर 10 साल बाद काबिज होने जा रहे कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने वरिष्ठ विधायक थिरुवनचूर राधाकृष्णन को विधानसभा अध्यक्ष नामित करने का फैसला किया गया, जबकि शनिमोल उस्मान उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे। सतीशन ने कहा कि कांग्रेस को 63 सीटें मिलने के बावजूद कई योग्य नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल सकी। उन्होंने इसे राज्य में पार्टी की सबसे बड़ी जीत में से एक बताया। नामित मुख्यमंत्री ने कहा, ''सूची में शामिल और सूची से बाहर भी कई योग्य नेता हैं। लेकिन कांग्रेस जैसी पार्टी को ऐसे निर्णय लेते समय सामाजिक संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और कई अन्य कारकों पर विचार करना होता है।'' उन्होंने कहा कि गठबंधन सहयोगियों के बीच विभागों के आवंटन पर चर्चा लगभग पूरी हो चुकी है, केवल कुछ मामूली मामले लंबित है। अंतिम सूची औपचारिक रूप से राज्यपाल को प्रस्तुत की जाएगी और अनुमोदन के बाद आधिकारिक राजपत्र के माध्यम से अधिसूचित की जाएगी।
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गांधीनगर. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी) में डिजाइनरों को व्यावसायिक अवसरों से जोड़ने के लिए एक अलग विभाग बनाने की वकालत की और इसकी तुलना आईपीएल द्वारा क्रिकेट में लाए गए बदलाव से की। एनआईडी के गांधीनगर परिसर में 'इनक्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर' का उद्घाटन करने के बाद छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि भारत अपनी डिजाइन क्षमता का पूर्ण उपयोग तभी कर पाएगा जब डिजाइन को एक व्यवहार्य करियर विकल्प के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विभाग का ध्यान व्यावसायीकरण पर होना चाहिए क्योंकि एनआईडी जैसे संस्थानों में डिजाइन विशेषज्ञ तो पहले से ही मौजूद हैं, लेकिन रचनात्मकता को बाजार की आवश्यकताओं से जोड़ने के लिए तंत्र की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ''आपने 'इनक्यूबेशन और इनोवेशन सेंटर स्थापित करने में उत्कृष्ट कार्य किया है। लेकिन जो लोग इस क्षेत्र को करियर के रूप में चुनते हैं, उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं और वित्तीय अवसरों से जोड़ा जाना चाहिए।" शाह ने आगे कहा, "मुझे लगता है कि यह तभी संभव है जब आप इसके लिए एक अलग विभाग बनाएं, क्योंकि यहां के लोग डिजाइनर हैं, व्यावसायीकरण के विशेषज्ञ नहीं। एनआईडी को इन दोनों को एक साथ लाना होगा।" उन्होंने देश के प्रमुख डिजाइन स्कूल एनआईडी से आग्रह किया कि वह डिज़ाइन कौशल रखने वाले लोगों को सफल करियर से जोड़ने की दिशा में काम करे ताकि अधिक से अधिक युवा आत्मविश्वास के साथ इस क्षेत्र को पेशेवर रूप से अपना सकें। शाह ने कहा कि वित्तीय अवसरों और सामाजिक स्वीकृति की कमी के कारण कई प्रतिभाशाली व्यक्ति कला के क्षेत्र में पेशेवर रूप से आगे नहीं बढ़ पाते हैं। क्रिकेट से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि पिछली पीढ़ियों ने सीमित आय के कारण इस खेल को करियर के रूप में नहीं देखा, लेकिन व्यावसायिक अवसरों में वृद्धि के बाद सोच बदल गई। क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर के साथ अपनी मुलाकात को याद करते हुए शाह ने कहा कि एक समय था जब टेस्ट मैचों के लिए खिलाड़ियों को बहुत कम पारिश्रमिक मिलता था, जिससे परिवार अपने बच्चों को पेशेवर रूप से क्रिकेट खेलने की अनुमति देने से हिचकते थे। उन्होंने कहा, ''आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) के बाद, माता-पिता अब बच्चों को क्रिकेट खेलने के लिए कहते हैं क्योंकि वे इससे अपना भविष्य बना सकते हैं। उसी तरह, डिज़ाइन की व्यावसायिक क्षमता का भी पूरी तरह से पता लगाया जाना चाहिए।'' इससे पहले दिन में अहमदाबाद में एक अन्य कार्यक्रम में शाह ने कहा कि विनिर्माण, इंजीनियरिंग और हरित ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन करने के बाद गुजरात को अब सेवा क्षेत्र में शीर्ष स्थान पर पहुंचना होगा।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड के द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रवासी भारतीयों से ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से विकास और परिवर्तन के नए दौर से गुजर रहा है और दुनिया की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय के स्वागत से अभिभूत होकर कहा कि नीदरलैंड में बसे भारतीय मूल के लोग दोनों देशों के बीच मित्रता के जीवंत सेतु के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने डच समाज में भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना की। पीएम मोदी ने विशेष रूप से सूरीनामी-हिंदुस्तानी समुदाय का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका भारत से ऐतिहासिक और भावनात्मक जुड़ाव बेहद गहरा है। उन्होंने समुदाय द्वारा अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को पीढ़ियों तक सहेजकर रखने के प्रयासों की प्रशंसा की।प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीकी क्षेत्र में कार्यरत भारतीय पेशेवर और डच विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले भारतीय छात्र भारत-नीदरलैंड संबंधों को नई मजबूती दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्रिकेट और हॉकी जैसे खेलों के जरिए दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध और अधिक प्रगाढ़ हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत और नीदरलैंड के बीच द्विपक्षीय सहयोग लगातार विस्तार पा रहा है और प्रौद्योगिकी तथा नवाचार इसके प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं।पीएम मोदी ने कहा कि नीदरलैंड यूरोप में भारत के सबसे बड़े निर्यात गंतव्यों में शामिल है और भारत के प्रमुख निवेश साझेदारों में से एक है। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता दोनों पक्षों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत बुनियादी ढांचे, विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा और डिजिटल प्रणाली जैसे क्षेत्रों में तेज गति से परिवर्तन कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत आत्मविश्वास के साथ अपना भविष्य गढ़ रहा है और वैश्विक समृद्धि में भी योगदान दे रहा है।पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों को भरोसा दिलाया कि विदेश में रहने वाले प्रत्येक भारतीय के कल्याण के लिए भारत सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नीदरलैंड में रहने वाले भारतीय अपने अनुभव और विशेषज्ञता के जरिए ‘विकसित भारत’ अभियान को नई दिशा दे सकते हैं। उल्लेखनीय है कि नीदरलैंड मुख्यभूमि यूरोप में भारतीय मूल के लोगों की सबसे बड़ी आबादी वाला देश है। यहां लगभग दो लाख सूरीनामी-हिंदुस्तानी समुदाय के लोग रहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान सूरीनामी-हिंदुस्तानी समुदाय के लिए ओसीआई पात्रता को चौथी पीढ़ी से बढ़ाकर छठी पीढ़ी तक किए जाने का भी उल्लेख किया।
- नई दिल्ली। दिल्ली में सीएनजी फिर से महंगी हो गई है। रविवार को इसकी कीमतों में 1 रुपए प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई। सिर्फ दो दिनों में यह दूसरी बार बढ़ोतरी हुई है, जिससे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में यात्रियों पर ईंधन लागत का बोझ और बढ़ गया है। दिल्ली में सीएनजी की कीमत एक रुपए बढ़ने के बाद 80.09 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है। यह पहली बार है जब राजधानी में सीएनजी के दाम 80 रुपए प्रति किलोग्राम के आंकड़े को पार कर गए हैं। वहीं, नोएडा और गाजियाबाद में सीएनजी की कीमत अब 88.70 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है। इससे पहले शुक्रवार को सीएनजी की कीमतों में 2 रुपए प्रति किलोग्राम का इजाफा किया गया था।उस समय दिल्ली में सीएनजी की दर बढ़कर 79.09 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई थी। शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल की कीमतों में लगभग 3 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में लगभग 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी। इसके बाद दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपए प्रति लीटर और डीजल 90.67 रुपए प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। ईंधन की कीमतों में यह उछाल पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट की लगातार नाकेबंदी के बीच आया है। वैश्विक तेल और गैस व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है और आपूर्ति में रुकावटों के कारण अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है।ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर हो रही आलोचना पर केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के बावजूद भारत पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को सीमित रखने में सफल रहा है। किरण रिजिजू ने बताया कि कई देशों में ईंधन की कीमतों में 20% से लेकर लगभग 100% तक की बढ़ोतरी हुई, जबकि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः केवल 3.2% और 3.4% की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजारों में अस्थिरता के बावजूद सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने उपभोक्ताओं को महंगाई के बड़े असर से बचाने के लिए लंबे समय तक नुकसान उठाया।
- नई दिल्ली। देश की न्याय व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। राष्ट्रपति ने ‘सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन अध्यादेश, 2026’ जारी किया है, जिसके तहत अब सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 33 से बढ़ाकर 37 कर दी गई है। इसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश यानी चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया शामिल नहीं होंगे।इस फैसले का मुख्य उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के बढ़ते बोझ को कम करना और लोगों को तेजी से न्याय दिलाना है। माना जा रहा है कि जजों की संख्या बढ़ने से मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी और लंबे समय से लंबित केसों का निपटारा जल्दी हो सकेगा। केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने ‘सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) अधिनियम, 1956’ में संशोधन करते हुए जजों की संख्या बढ़ाने वाले अध्यादेश को मंजूरी दे दी है।यह अध्यादेश केंद्र सरकार के उस फैसले के कुछ ही दिनों बाद आया, जिसमें केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सुप्रीम कोर्ट में चार नए जजों के पद बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इससे पहले 5 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में ‘सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026’ को संसद में पेश करने का फैसला लिया गया था।सरकार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में लगातार बढ़ते कामकाज और लंबित मामलों की संख्या को देखते हुए यह कदम जरूरी हो गया था। नए जजों की नियुक्ति से अदालत की कार्यक्षमता बढ़ेगी और सुनवाई में हो रही देरी को कम करने में मदद मिलेगी।भारत में सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या बढ़ाने से जुड़ा पहला कानून वर्ष 1956 में बनाया गया था। इसके बाद समय-समय पर न्यायपालिका की बढ़ती जरूरतों के अनुसार जजों की संख्या में बदलाव किया जाता रहा है। इससे पहले वर्ष 2019 में सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या 30 से बढ़ाकर 33 की गई थी। अब नए अध्यादेश के बाद सुप्रीम कोर्ट में कुल स्वीकृत जजों की संख्या, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सहित, 38 हो जाएगी।
- नई दिल्ली। भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए एएसएमएल और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन की मौजूदगी में हुआ। दोनों नेताओं ने गुजरात के धोलेरा में स्थापित होने वाले भारत के पहले फ्रंट-एंड सेमीकंडक्टर फैब के लिए टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और एएसएमएल की साझेदारी का स्वागत किया। इस परियोजना को भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “भविष्य के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत किया जा रहा है। प्रधानमंत्री रॉब जेटन और मैंने भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने के लिए टाटा और एएसएमएल के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर होते देखे। एएसएमएल, गुजरात के धोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की आगामी सेमीकंडक्टर सुविधा की स्थापना और विस्तार में सहयोग करेगा।”क्रिस्टोफ़ फ़ूके ने कहा कि भारत के लिए सेमीकंडक्टर अब एक स्पष्ट प्राथमिकता बन चुका है और टाटा देश का पहला सेमीकंडक्टर फैब स्थापित करने जा रही कंपनी है। उन्होंने कहा कि इस एमओयू के तहत एएसएमएल, टाटा को उत्पाद, तकनीक और विशेषज्ञ मानव संसाधन के स्तर पर सहयोग देगा, ताकि पहले फैब के लिए सर्वश्रेष्ठ लिथोग्राफी समाधान उपलब्ध कराया जा सके।प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और नीदरलैंड के बीच बिजनेस-टू-बिजनेस संबंधों के मजबूत होने का स्वागत किया और भारतीय अर्थव्यवस्था में डच कंपनियों की बढ़ती रुचि की सराहना की। उन्होंने हालिया आर्थिक सुधारों और नीतिगत पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार कारोबार सुगमता बढ़ाने और स्थिर, पारदर्शी एवं भरोसेमंद नीति वातावरण तैयार करने के लिए लगातार काम कर रही है।पीएम मोदी ने डच कंपनियों को समुद्री क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे क्षेत्रों में भारत में निवेश के अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया। बैठक में दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को जल्द लागू करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।बैठक में ऊर्जा, बंदरगाह, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार और तकनीक समेत कई क्षेत्रों की प्रमुख डच कंपनियों के सीईओ भी शामिल हुए। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भारत सरकार के सुधार एजेंडे की सराहना करते हुए भारत में अपने विस्तार की योजनाएं साझा कीं।
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शुभेंदु अधिकारी के सहायक की हत्या का मामला
नयी दिल्ली. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रकांत रथ की हत्या के मामले में शनिवार को यहां कई स्थानों पर छापे मारे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान शुक्रवार देर रात शुरू हुआ, जो शनिवार तड़के तक जारी रहा।
सीबीआई ने राज्य सरकार के अनुरोध पर चंद्रकांत रथ हत्याकांड की जांच पश्चिम बंगाल पुलिस से अपने हाथ में ली है। अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी ने दिल्ली से विशेष अपराध शाखा के एक उप महानिरीक्षक (डीआईजी) के नेतृत्व में सात-सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, जिसमें एजेंसी की विभिन्न इकाइयों से चुने गए अनुभवी जांच अधिकारी शामिल हैं। यह टीम कोलकाता स्थित संयुक्त निदेशक को रिपोर्ट सौंपेगी।
शुभेंदु अधिकारी के कार्यकारी सहायक रथ की पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के दो दिन बाद छह मई को मध्यग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना मध्यग्राम क्षेत्र के दोहरिया इलाके में हुई थी। राज्य पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। दो आरोपियों- मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य- को बिहार के बक्सर से हिरासत में लिया गया, जबकि तीसरे आरोपी राज सिंह को उत्तर प्रदेश के बलिया से रविवार को पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, हत्या की साजिश रचने और उसे अंजाम देने में कम से कम आठ लोग शामिल थे। जांचकर्ताओं का मानना है कि हमलावरों ने रथ को निशाना बनाने से पहले विस्तृत रेकी की थी। -
नरसन्नापेटा (आंध्र प्रदेश).आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को राज्य में घटती जनसंख्या को रोकने के प्रयासों के तहत तीसरे बच्चे के जन्म पर 30,000 रुपये और चौथे बच्चे के जन्म पर 40,000 रुपये के प्रोत्साहन राशि की घोषणा की। श्रीकाकुलम जिले के नरसन्नापेटा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए नायडू ने कहा कि सरकार ने यह निर्णय लिया है और एक महीने के भीतर इसके बारे में विस्तृत जानकारी देगी। नायडू ने स्वर्ण आंध्र-स्वच्छ आंध्र स्वच्छता कार्यक्रम से इतर एक अन्य कार्यक्रम में कहा, ''मैंने एक नया निर्णय लिया है। हम तीसरे बच्चे के जन्म के तुरंत बाद 30,000 रुपये और चौथे बच्चे के जन्म पर 40,000 रुपये देंगे। क्या यह सही निर्णय नहीं है?'' हालांकि, उन्होंने पहले जनसंख्या नियंत्रण उपायों की वकालत की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि समाज जन्म दर बढ़ाने के लिए मिलकर काम करे। नायडू की यह नवीनतम घोषणा दूसरे बच्चे के जन्म पर 25,000 रुपये का प्रोत्साहन देने के पहले के प्रस्ताव के बाद आई है। पांच मार्च को मुख्यमंत्री ने विधानसभा को सूचित किया था कि राज्य सरकार दूसरे बच्चे के जन्म पर दंपतियों को 25,000 रुपये का प्रोत्साहन देने पर विचार कर रही है। नायडू के अनुसार, कुछ दंपति आय बढ़ने के कारण केवल एक ही संतान रखना पसंद कर रहे हैं, जबकि अन्य दंपति दूसरी संतान तभी चाहते हैं जब उनका पहला बच्चा लड़का न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि इसके परिणामस्वरूप राज्य की जनसंख्या वृद्धि दर घट रही है। उन्होंने प्रतिस्थापन स्तर को बरकरार रखने के महत्व पर जोर देते हुए कुल प्रजनन दर (टीएफआर) को 2.1 करने पर बल दिया। नायडू ने कहा कि जनसंख्या तभी स्थिर रहती है जब औसत प्रजनन दर प्रति महिला 2.1 बच्चे हो।
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गोरखपुर. केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर गुरु गोरखनाथ के दर्शन-पूजन किए और लोकमंगल की कामना की। मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। इसके बाद हरदीप सिंह पुरी ने गर्भगृह में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान मंदिर के मुख्य पुजारी योगी कमलनाथ ने मुख्यमंत्री की उपस्थिति में केंद्रीय मंत्री को सम्मानस्वरूप 'शिवगोरक्ष' अंगवस्त्र भेंट किया।
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नई दिल्ली। ऐतिहासिक और धर्म नगरी के रूप में चर्चित बिहार के राजगीर में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक मलमास मेला 2026 के शुभारंभ को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कल यानी रविवार को ब्रह्मकुंड परिसर स्थित यज्ञशाला में भव्य धार्मिक कार्यक्रमों के साथ मेले का आगाज होगा।
उद्घाटन समारोह में बिहार सरकार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी पहली बार राजगीर आ रहे हैं; उनके आगमन को लेकर व्यापक तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। मेला उद्घाटन स्थल को पूरी तरह से व्यवस्थित और सुसज्जित किया जा रहा है। मेला का उद्घाटन ध्वज स्थल के सटे यज्ञ स्थल के पास बड़े हॉल में आयोजित किया जाएगा।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आगमन को लेकर यहां के विभिन्न सड़कों की बैरिकेडिंग की जा रही है। मेला 17 मई से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा, इस दौरान पूरे राजगीर में धार्मिक वातावरण बना रहता है। प्रत्येक दिन लाखों श्रद्धालु और तीर्थयात्री यहां के विभिन्न कुंड में स्नान, ध्यान कर मंदिरों में पूजा-अर्चना और दान करते हैं। बताया गया कि मेला के प्रथम दिन, 17 मई को प्रातः 6:30 बजे से 9 बजे तक तीर्थ पूजन एवं आरती का आयोजन किया जाएगा।इसके बाद सुबह 9 बजे ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा ब्रह्मकुंड परिसर स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर एवं सप्तधारा परिसर में ध्वज पूजा की जाएगी। साथ ही सरस्वती कुंड परिसर में उद्घाटन समारोह एवं संध्या गंगा महाआरती का आयोजन होगा। ध्वजारोहण कार्यक्रम में स्वामी वासुदेवाचार्य, करपात्री अग्निहोत्री परमहंस स्वामी चिदात्मन जी महाराज सहित कई संत-महात्मा शामिल होंगे। कार्यक्रम में बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी एवं विजेन्द्र प्रसाद यादव, मंत्री श्रवण कुमार, सांसद कौशलेंद्र कुमार, विधायक कौशल किशोर, विधान परिषद सदस्य रीना यादव तथा नगर परिषद सभापति भी मौजूद रहेंगे। मलमास मेला के दौरान विभिन्न शुभ तिथियों पर मुख्य शाही स्नान का आयोजन किया जाएगा। पंडा समिति के अध्यक्ष विकास कुमार उपाध्याय ने बताया कि इसके अलावा सप्ताह में तीन दिन तथा मुख्य अवसरों पर विशेष महाआरती का आयोजन किया जाएगा। -
नयी दिल्ली. सीबीएसई ने एक जुलाई से कक्षा नौ के छात्रों के लिए कम से कम दो मूल भारतीय भाषाओं सहित तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य कर दिया है। सीबीएसई द्वारा जारी एक परिपत्र से यह जानकारी मिली। यह कदम केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा अपनी अध्ययन योजना को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और स्कूल शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या प्रारूप (एनसीएफ-एसई)-2023 के अनुरूप करने की प्रक्रिया का हिस्सा है। यह परिपपत्र 15 मई को जारी किया गया। परिपत्र के अनुसार विदेशी भाषा का चयन करने वाले छात्र दो भारतीय मूल भाषाओं का अध्ययन करने के बाद ही इसका तीसरी भाषा के रूप में या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में चयन कर सकते हैं। परिपत्र में कहा गया है, ''एक जुलाई, 2026 से कक्षा नौ के लिए तीन भाषाओं (आर1, आर2, आर3) का अध्ययन अनिवार्य होगा, जिनमें कम से कम दो मूल भारतीय भाषाएं होनी चाहिए।'' सीबीएसई ने कहा कि छात्रों पर अनावश्यक दबाव कम करने और सीखने पर ध्यान केंद्रित रखने के लिए कक्षा 10 में आर3 के लिए कोई बोर्ड परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। इसमें कहा गया है, ''आर3 के सभी मूल्यांकन पूरी तरह से विद्यालय-आधारित और आंतरिक होंगे। आर3 में छात्रों का प्रदर्शन सीबीएसई प्रमाणपत्र में विधिवत रूप से दर्शाया जाएगा। यह स्पष्ट किया जाता है कि आर3 के कारण किसी भी छात्र को कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जाएगा। आंतरिक मूल्यांकन के लिए नमूना प्रश्न पत्र और मानदंड बोर्ड द्वारा शीघ्र ही साझा किए जाएंगे।'' इसमें आगे कहा गया है। बोर्ड ने विद्यालयों से 30 जून तक ओएएसआईएस पोर्टल पर कक्षा छह से नौ तक के आर3 भाषा पाठ्यक्रमों को अद्यतन करने को भी कहा है। परिपत्र में कहा गया है कि मूल भारतीय भाषा के योग्य शिक्षकों की कमी का सामना कर रहे विद्यालय अंतरिम उपाय अपना सकते हैं, जैसे कि अंतर-विद्यालय संसाधन साझाकरण, वर्चुअल या मिश्रित शिक्षण सहायता, सेवानिवृत्त भाषा शिक्षकों और योग्य स्नातकोत्तर शिक्षकों की नियुक्ति। सीबीएसई ने कहा कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुसार विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएनएसएन) को छूट प्रदान की जाएगी, जबकि भारत लौटने वाले विदेशी छात्रों को दो मूल भारतीय भाषाओं के अध्ययन की आवश्यकता से मामले-दर-मामले के आधार पर छूट मिल सकती है।
- नयी दिल्ली.। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर, संपूर्ण निकोबार द्वीप समूह और श्री विजयपुरम सहित अंडमान द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। आईएमडी ने यह भी बताया कि अगले तीन-चार दिनों में मानसून के दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं। अंडमान द्वीप समूह और अंडमान सागर के शेष हिस्सों के साथ-साथ पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में भी इस दौरान मानसून का आगमन हो सकता है। आईएमडी ने कहा, ''क्षेत्र में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए सभी मानदंड पूरे हो रहे हैं।'' मौसम विभाग ने शुक्रवार को कहा था कि केरल में 26 मई की सुबह दक्षिण-पश्चिम मानसून के आने की संभावना है। केरल में मानसून की शुरुआत आमतौर पर एक जून को होती है, जो दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम (जून से सितंबर) का आरंभ होता है। इससे पहले, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा था कि इस वर्ष मानसून के मौसम में भारत में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। इसका कारण इस मौसम में अल नीनो की स्थिति का उत्पन्न होना हो सकता है, जिससे देश में कम वर्षा होती है।
- नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को मादक पदार्थों के खिलाफ एकजुट वैश्विक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर खतरा है।विदेशों से खुफिया जानकारी जुटाने और उसका विश्लेषण करने वाली भारत की प्रमुख एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) की वार्षिक व्याख्यान श्रृंखला में गृह मंत्री ने “मादक पदार्थ: एक सीमाहीन खतरा, एक सामूहिक जिम्मेदारी” विषय पर संबोधन दिया।अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वर्ष 2047 तक “नशामुक्त भारत” का राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने मादक पदार्थों के गिरोहों को समाप्त करने के लिए रोडमैप तैयार किया है और इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।गृह मंत्री ने कहा कि भारत मादक पदार्थों के प्रति “जीरो टॉलरेंस” नीति पर काम कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत यह सुनिश्चित करेगा कि एक ग्राम भी मादक पदार्थ देश में प्रवेश न कर सके और न ही भारत का उपयोग पारगमन मार्ग के रूप में किया जाए।अमित शाह ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी को केवल पुलिस या कानून-व्यवस्था का मामला मानना पर्याप्त नहीं है, क्योंकि इसका दीर्घकालिक असर समाज और आने वाली पीढ़ियों पर पड़ता है।उन्होंने कहा कि ड्रग्स से होने वाली कमाई का इस्तेमाल आतंकवाद और संगठित अपराध को बढ़ावा देने में किया जा रहा है, जबकि इसके मानव शरीर पर पड़ने वाले स्थायी दुष्प्रभावों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा।गृह मंत्री ने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में दुनिया के जिम्मेदार देशों को एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि अभी संयुक्त प्रयास नहीं किए गए तो आने वाले वर्षों में नुकसान की भरपाई करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।उन्होंने मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए एक समान वैश्विक कानूनी ढांचे की आवश्यकता पर बल दिया। उनके अनुसार, जब तक नियंत्रित पदार्थों की परिभाषा और तस्करी के लिए दंड मानकों पर वैश्विक सहमति नहीं बनेगी, तब तक ड्रग गिरोह विभिन्न देशों की नीतिगत कमजोरियों का फायदा उठाते रहेंगे।अमित शाह ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता रेखांकित करते हुए कहा कि ड्रग्स की खेप रोकने और तस्करों की गिरफ्तारी या प्रत्यर्पण के लिए रियल टाइम खुफिया जानकारी साझा करना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में भारत ने मित्र देशों के सहयोग से 40 से अधिक अंतरराष्ट्रीय अपराधियों को सफलतापूर्वक वापस देश लाने में सफलता हासिल की है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस दिशा में अभी और व्यापक प्रयास किए जाने की जरूरत है।
- नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार से पांच देशों के दौरे पर हैं। इस यात्रा के पहले चरण में वह संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे थे। वहीं दूसरे चरण में पीएम मोदी शनिवार को नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इसके अलावा, इस आधिकारिक दौरे के तहत प्रधानमंत्री की किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से भी मुलाकात होगी।पीएम मोदी 17 मई तक नीदरलैंड में रहेंगे। प्रधानमंत्री का नीदरलैंड का यह दूसरा दौरा है। इससे पहले उन्होंने 2017 में यहां का दौरा किया था। मौजूदा दौरा भारत-नीदरलैंड के आपसी संबंधों के एक अहम मोड़ पर हो रहा है और इससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग और मजबूत होने की उम्मीद है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूरोप में भारत की रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को बढ़ाने के लिए अपने कई देशों के कूटनीतिक दौरे के तहत शुक्रवार शाम को नीदरलैंड पहुंचे। प्रधानमंत्री के इस दौरे का ऐलान करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, “गुडडेवोंड नीदरलैंड! पीएम मोदी नीदरलैंड पहुंच गए हैं। यह दौरा भारत-नीदरलैंड की कई तरह की साझेदारी को और मजबूत करने और यूरोप के सबसे बड़े भारतीय समुदाय से जुड़ने का मौका देगा।”इससे पहले, प्रधानमंत्री के दौरे पर एक खास ब्रीफिंग के दौरान, विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा, “पिछले कुछ सालों में व्यापार, निवेश के पारंपरिक क्षेत्र और डब्ल्यूएएच के जरूरी क्षेत्र, पानी, खेती और स्वास्थ्य, के साथ-साथ लोगों के बीच संबंधों में हमारी साझेदारी काफी गहरी हुई है। हाल के सालों में, तकनीक, नवाचार, रक्षा, सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी, शिक्षा और समुद्री क्षेत्र जैसे रणनीतिक क्षेत्र में सहयोग और बढ़ा है।”लोगों के बीच संबंध भारत-नीदरलैंड के आपसी संबंध का एक अहम हिस्सा बने हुए हैं। नीदरलैंड में 90,000 से ज्यादा नॉन-रेजिडेंट भारतीय और भारतीय मूल के लोग रहते हैं, साथ ही सूरीनाम हिंदुस्तानी समुदाय के 200,000 से ज्यादा सदस्य भी रहते हैं। इसके अलावा, अभी देश भर की अलग-अलग यूनिवर्सिटी में करीब 3,500 भारतीय छात्र उच्च शिक्षा ले रहे हैं।पीएम मोदी के इस दौरे का एक बड़ा और अहम एजेंडा है। उम्मीद है कि इससे दोनों देशों की लगातार कोशिशों से बनी साझेदारी के नए रणनीतिक पहलुओं को मजबूती मिलेगी।--
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में 21 मई को मंत्रिपरिषद की बैठक हो सकती है। आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। इस बैठक में सभी केंद्रीय मंत्रियों, स्वतंत्र प्रभार वाले केंद्रीय राज्य मंत्रियों और अन्य केंद्रीय राज्य मंत्री शामिल हो सकते है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के साथ मंत्रालयों एवं विभागों के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। यह बैठक पश्चिम बंगाल और असम में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत और पुडुचेरी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार दोबारा बनने के बाद हो रही है। प्रधानमंत्री समय-समय पर प्रमुख नीतिगत और प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा के लिए मंत्रिपरिषद की बैठकें करते रहे हैं, लेकिन 21 मई की बैठक को हालिया विधानसभा चुनावों के बाद होने के कारण राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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भोपाल. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मितव्ययिता अपील के बावजूद 200 वाहनों की रैली निकालने को लेकर वृहस्पतिवार को राज्य पाठ्य पुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया। अधिकारियों ने बताया कि नोटिस का जवाब मिलने तक सिंह पर अपने कार्यालय में प्रवेश, सरकारी वाहनों और अन्य सुविधाओं का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी गयी है। उन्होंने बताया कि जांच पूरी होने तक उन्हें सौंपे गए सभी प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा,''मुख्यमंत्री कार्यालय ने मितव्ययिता उपायों के घोर उल्लंघन का संज्ञान लिया है और सरकार ने वाहन रैली को अनावश्यक और सरकार की सादगी की नीति के विपरीत माना है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि दिखावा और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।'' पश्चिम एशिया में संकट के बीच मोदी ने रविवार को पेट्रोल और डीजल की खपत को कम करने, शहरों में मेट्रो रेल सेवाओं का उपयोग करने, 'कारपूलिंग', इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ाने, पार्सल आवाजाही के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करने और विदेशी मुद्रा बचाने के लिए घर से काम करने का सुझाव दिया था। इससे पहले भिंड भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष सज्जन सिंह यादव को पार्टी ने सैकड़ों वाहनों के साथ एक रैली निकालने के लिए पद से हटा दिया था। उन्हें कुछ दिन पहले ही इस पद पर नियुक्त किया गया था।
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देहरादून. उत्तराखंड के उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में चल रही चारधाम यात्रा के शुरुआती तीन सप्ताह के दौरान स्वास्थ्य संबंधी कारणों से अब तक 38 तीर्थयात्रियों की मृत्यु दर्ज की गई है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने यह जानकारी दी। चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुई थी। केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को जबकि बदरीनाथ मंदिर के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। एसईओसी के अनुसार, 13 मई की शाम पांच बजे तक चारधाम यात्रा के दौरान 38 श्रद्धालुओं की मौत की सूचना मिली है। इनमें केदारनाथ में सबसे अधिक 21 मौतें दर्ज की गईं, जबकि बदरीनाथ में सात तथा गंगोत्री और यमुनोत्री में पांच-पांच श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई। अधिकारियों ने बताया कि ये मौतें विभिन्न स्वास्थ्य कारणों से हुई हैं, जिनमें ऊंचाई के कारण होने वाली स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां और दिल का दौरा प्रमुख हैं। यात्रा शुरू होने के बाद से चारों धामों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। बुधवार शाम सात बजे तक कुल 12.60 लाख से अधिक तीर्थयात्री मंदिरों में दर्शन कर चुके हैं।
- नई दिल्ली। आयुष मंत्रालय और डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (डीआईबीडी) के बीच गुरुवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस सहयोग का उद्देश्य एआई-संचालित भाषा प्रौद्योगिकी के जरिए आयुष सेवाओं और ज्ञान प्रणालियों को कई भारतीय भाषाओं में सुलभ बनाना है। “भाषिणी राजयम – एक भाषिणी सहयोगी कार्यक्रम” के तहत आयुष मंत्रालय के डिजिटल प्लेटफॉर्म और सेवाओं में भाषिणी प्लेटफॉर्म को एकीकृत किया जाएगा। इस पहल के जरिए आयुष ग्रिड के अंतर्गत विकसित पोर्टल, एप्लिकेशन और एआई-आधारित समाधान संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराने की योजना है।आयुष मंत्रालय स्वास्थ्य सेवा, अनुसंधान, औषधि प्रशासन और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में आयुष ग्रिड पहल के माध्यम से कार्य कर रहा है। समझौते के तहत भाषिणी की अनुवाद एपीआई, वाक् और ध्वनि तकनीकों को आयुष ग्रिड पोर्टल, एप्लिकेशन और एआई टूल्स में जोड़ा जाएगा, जिससे देशभर में डिजिटल पहुंच और नागरिक सहभागिता मजबूत होगी।इस सहयोग के तहत आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी से जुड़ी डोमेन-विशिष्ट बहुभाषी शब्दावली विकसित की जाएगी। साथ ही आयुष भाषा डेटासेट को मजबूत करने और भविष्य के लिए तैयार एआई मॉडल विकसित करने पर भी काम किया जाएगा।समझौता ज्ञापन पर आयुष मंत्रालय के निदेशक डॉ. सुबोध कुमार और डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के सीईओ अमिताभ नाग ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि आयुष प्रणालियों में भारत की सभ्यतागत और सांस्कृतिक विरासत समाहित है। उन्होंने कहा कि हर भारतीय भाषा में इस ज्ञान को उपलब्ध कराना समावेशी स्वास्थ्य सेवा के लिए आवश्यक है।आयुष मंत्रालय की संयुक्त सचिव डॉ. कविता जैन ने कहा कि बहुभाषी एआई समाधान जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत करेंगे। उन्होंने डॉक्टर-मरीज संवाद प्रणाली और एआई आधारित प्रिस्क्रिप्शन जनरेशन सिस्टम को स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में परिवर्तनकारी पहल बताया।बैठक के दौरान डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन ने कई नागरिक-केंद्रित एआई समाधानों का प्रदर्शन भी किया। इनमें बहुभाषी डॉक्टर-मरीज संवाद प्रणाली, तत्क्षण मीटिंग ट्रांसक्रिप्शन, आवाज आधारित सीवी निर्माण और प्राचीन पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण से जुड़े उपकरण शामिल थे। इसके अलावा मानकीकृत आयुष शब्दावलियों के लिए नमस्ते पोर्टल का उपयोग करने पर भी चर्चा हुई।यह सहयोग आयुष मंत्रालय की एक समावेशी, सुलभ और नागरिक-केंद्रित डिजिटल आयुष इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।--
- नई दिल्ली। देशभर में शुक्रवार से पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी किए गए। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 3.14 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 97.77 रुपये कर दी गई है, जबकि डीजल 3.11 रुपये महंगा होकर 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। इस बीच, मध्य पूर्व संकट के चलते तेल कंपनियों ने सीएनजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी की है। शुक्रवार से सीएनजी की कीमत में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि हुई है। दिल्ली में सीएनजी की नई दर 79.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। इसका सीधा असर भारतीय तेल कंपनियों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ा है। बढ़ती लागत और भारी नुकसान के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने आखिरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है।सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम का कहना है कि महंगे क्रूड ऑयल की वजह से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पहले ही संकेत दे चुके थे कि तेल कंपनियों को रोजाना 1000 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा हो रहा है। उनका कहना था कि यदि खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की गई तो एक तिमाही में कंपनियों का कुल नुकसान 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल के अनुसार, भारतीय बास्केट में कच्चे तेल की औसत कीमत पिछले तीन महीनों से 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई है। अप्रैल 2026 में यह औसत 114 डॉलर प्रति बैरल रही, जबकि मई में भी कीमत करीब 104 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई है।वहीं, इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते रविवार को संकट के मद्देनजर विदेशी मुद्रा बचाने के लिए ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग, सोने की खरीद और विदेश यात्राओं को स्थगित करने जैसे उपाय अपनाने की अपील की थी। इस बीच रुपये में भारी गिरावट दर्ज की गई है और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95 रुपये प्रति डॉलर के स्तर को पार कर गया है।अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी अस्थिरता के चलते आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक्साइज ड्यूटी, वैट, डीलर कमीशन और अन्य शुल्क जुड़ने के कारण उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। ऐसे में बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन की कीमतों में इजाफा आम लोगों की जेब पर सीधा असर डालने वाला साबित होगा।
- नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अबू धाबी के लिए रवाना हुए। पीएम मोदी के संयुक्त अरब अमीरात के आधिकारिक दौरे का मकसद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है। इस दौरे के दौरान पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा और लोगों के बीच संबंधों जैसे सहयोग के खास क्षेत्र पर बातचीत करेंगे। इस दौरे से भारत और यूएई के बीच रणनीतिक और आर्थिक जुड़ाव और गहरा होने की उम्मीद है, जो खाड़ी क्षेत्र में भारत के खास साझेदार में से एक है।विदेश मंत्रालय ने कहा, “यह दौरा दोनों देशों के बीच अहम व्यापार और निवेश जुड़ाव को बढ़ावा देगा।” आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी के दौरे के दौरान ऊर्जा सुरक्षा खास फोकस क्षेत्र में से एक होगा और एलपीजी और रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व के क्षेत्र में दो अहम एमओयू होने की उम्मीद है।विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यूएई पिछले 25 सालों में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापार साझेदार और कुल मिलाकर निवेश का सातवां सबसे बड़ा सोर्स रहा है। यूएई में 4.5 मिलियन से ज्यादा भारतीय रहते हैं, इसलिए यह दौरा उनके कल्याण के बारे में बात करने का भी एक मौका होगा।मीडिया को जानकारी देते हुए, विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम), सिबी जॉर्ज ने पहले बताया कि अपने दौरे के दूसरे हिस्से में, प्रधानमंत्री नीदरलैंड जाएंगे। 2017 के बाद से यह प्रधानमंत्री का नीदरलैंड का दूसरा दौरा होगा। इस दौरे के दौरान, वह किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से मिलेंगे और प्रधानमंत्री रॉब जेटन से बातचीत करेंगे।तीसरे चरण में, पीएम मोदी स्वीडन के गोथेनबर्ग जाएंगे और अपने स्वीडिश समकक्ष, उल्फ क्रिस्टरसन के साथ बातचीत करेंगे, ताकि दोनों देशों के संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की जा सके और दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने के लिए सहयोग के नए रास्ते तलाशे जा सकें।दोनों प्रधानमंत्री यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ इंडस्ट्री के लिए यूरोपीय राउंड टेबल को भी संबोधित करेंगे, जो पैन-यूरोपियन बिजनेस लीडर्स का एक बड़ा फोरम है। जॉर्ज ने आगे कहा कि अपनी यात्रा के चौथे हिस्से में, प्रधानमंत्री सोमवार को तीसरे भारत-नॉर्डिक समिट और दो-तरफा मीटिंग के लिए नॉर्वे पहुंचेंगे।अपने दौरे के आखिरी पड़ाव में प्रधानमंत्री मंगलवार को इटली में होंगे। इस दौरे के दौरान, पीएम मोदी राष्ट्रपति सर्जियो मटेरेला से मिलेंगे और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ बातचीत करेंगे।
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में बुधवार को अचानक बदले मौसम के बीच आए तेज आंधी-तूफान और बारिश से जुड़े हादसों में कम से कम 89 लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बेमौसम बारिश, आंधी और बिजली गिरने से हुए नुकसान का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को 24 घंटे के अंदर प्रभावितों को राहत देने के आदेश दिये हैं। राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा बृहस्पतिवार को 'एक्स' पर किये गये पोस्ट के अनुसार 13 मई को खराब मौसम के कारण आंधी-तूफान, बारिश, ओलावृष्टि तथा आकाशीय बिजली से प्रदेश में 89 लोगों की मौत हुई है। बयान के मुताबिक इन हादसों में 53 लोग घायल हुए, 87 मकान क्षतिग्रस्त हुए और 114 मवेशी मारे गए हैं।
बयान के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका संज्ञान लेते हुए सभी मण्डलायुक्तों तथा जिलाधिकारियों को आंधी तूफान के कारण हुए नुकसान का पूरी संवेदनशीलता के साथ सत्यापन कराते हुए 24 घंटे के अंदर प्रभावित परिवारों को सहायता धनराशि वितरित करने और प्रभावित परिवारों से सीधा संवाद स्थापित कर अन्य आवश्यक मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक प्रयागराज में 17, भदोही में 16, फतेहपुर में नौ, बदायूं में पांच, प्रतापगढ़ में चार, चंदौली और कुशीनगर में दो-दो तथा सोनभद्र जिले में एक व्यक्ति की मौत हो गई। प्रयागराज में जिला प्रशासन द्वारा जारी सूची के मुताबिक बुधवार को जिले में आए आंधी तूफान की वजह से कल 17 लोगों की मौत हुई है। हंडिया क्षेत्र में सात, फूलपुर में चार, सोरांव में तीन, मेजा में दो और सदर क्षेत्र में एक व्यक्ति की मौत हुई है। भदोही में जिला प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि जिले में बुधवार को आए आंधी-तूफान से जुड़ी दुर्घटनाओं में कम से कम 16 लोगों की मौत हुई है। अपर जिलाधिकारी कुंवर वीरेंद्र कुमार मौर्य ने कहा कि कई क्षेत्रों में आंधी-तूफान के कारण पेड़ तथा बिजली के खंभे उखड़ गए तथा कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। फतेहपुर से मिली रिपोर्ट के मुताबिक अपर जिलाधिकारी अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि फतेहपुर में तूफान जनित घटनाओं में नौ लोगों की मौत हो गई और 16 घायल हो गए। उन्होंने कहा, "खागा तहसील में पांच महिलाओं सहित आठ लोगों की मौत हुई है। वहीं, सदर तहसील में एक घर की दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गई। इसके अलावा 16 अन्य लोग घायल हो गए।" प्रतापगढ़ से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक जिले में बुधवार को अचानक मौसम के करवट बदलने के कारण उत्पन्न आंधी-तूफान और बारिश के बीच विभिन्न स्थानों पर सीमेंटेड शेड व दीवार गिरने और आकाशीय बिजली की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गयी। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बताया कि जिले में बुधवार को आंधी और बारिश के कारण लालगंज कोतवाली क्षेत्र के ओझा का पुरवा गांव में भीम यादव (25) नामक व्यक्ति की एक सीमेंट निर्मित शेड गिरने से मलबे में दब कर मौत हो गई। उन्होंने बताया कि इसके अलावा बाघ राय थाना क्षेत्र के सारी स्वामी गांव में भूषण पांडेय (56) नामक व्यक्ति की आंधी-तूफान के कारण गिरी दीवार के मलबे में दबने से मौत हो गई। भूकर ने बताया कि इसके अलावा आंधी-तूफान जनित दुर्घटनाओं में बाघ राय थाना क्षेत्र के नारंगपुर गांव में शांति देवी (46) और अंतू क्षेत्र के छतरपुर शिवाला रघना गांव निवासी लाल बहादुर (44) की मौत हो गई। कानपुर देहात से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक जिले में वर्षाजनित हादसों में दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रसूलबाद के भौथारी गांव में रुचि (19) नामक युवती की खराब मौसम के बीच गिरी बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। उन्होंने बताया कि रुचि तेज बारिश के दौरान बकरियों के साथ एक नीम के पेड़ के नीचे खड़ी थी तभी अचानक उस पर बिजली गिर गयी। बिजली की चपेट में आने से दर्जनों बकरियों की भी मौत हो गई। सूत्रों ने बताया कि घटनास्थल के पास खड़ा 60 साल का व्यक्ति भी घायल हो गया।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दुष्यंत कुमार ने बताया कि मौतों और पशुधन के नुकसान के बारे में स्थानीय अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है, और सरकारी नियमों के अनुसार आर्थिक मदद दी जाएगी। देवरिया से जिला प्रशासन के सूत्रों के हवाले से मिली रिपोर्ट के मुताबिक सदर कोतवाली क्षेत्र के भीमपुर गौरा निवासी कोमल यादव (62) की खराब मौसम के बीच गिरी बिजली की चपेट में आने से मृत्यु हो गई। इस दुर्घटना में दो अन्य लोग भी घायल हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार एक अन्य घटना में पथरदेवा क्षेत्र के नेरुआरी गांव निवासी रामनाथ प्रसाद (65) की भी बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। इसके अलावा सोनभद्र में भी बारिश के दौरान गिरे पेड़ के नीचे दबने से माधव सिंह (38) नामक व्यक्ति की मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बेमौसम बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से हुई जनहानि का संज्ञान लेते हुए 24 घंटे के अंदर पीड़ितों को मुआवजा देने का आदेश दिया है। उन्होंने संबंधित जिलाधिकारियों समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर पीड़ितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया है। आदित्यनाथ ने अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश देते हुए राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनी से नुकसान का सर्वे कराकर शासन को भी अवगत कराने का आदेश दिया है। -
भुवनेश्वर. ओडिशा में बृहस्पतिवार को पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं, जिनमें से कुछ पर ''भंडार समाप्त'' का बोर्ड लगा हुआ था। हालांकि, राज्य सरकार ने दावा किया कि राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं है और यह स्थिति कुछ लोगों द्वारा घबराहट में खरीदारी करने के कारण उत्पन्न हुई है। मुख्य सचिव अनु गर्ग ने यहां पत्रकारों से कहा, ''हमें इस मामले की जानकारी है। राज्य सरकार जल्द ही इस संबंध में निर्णय लेगी।'' राज्य की राजधानी भुवनेश्वर के अलावा कालाहांडी, केंद्रपाड़ा और अन्य स्थानों से भी पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारों की खबरें सामने आईं। हालांकि सभी पेट्रोल पंपों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अवरोधक लगाए, वहीं कुछ पेट्रोल पंप ने दोपहिया वाहनों को 200 रुपये तक और चार पहिया वाहनों को 2,000 रुपये तक ही ईंधन लेने की अनुमति देकर आपूर्ति को नियंत्रित किया। 'उत्कल पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन' के महासचिव संजय लाथ ने कहा कि यह एक अस्थायी दौर है जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लोगों से पेट्रोल तथा डीजल का उपभोग करते समय सतर्क रहने की अपील के बाद ईंधन की घबराहट भरी खरीदारी के कारण उत्पन्न हुआ है। उन्होंने कहा, ''लोगों ने प्रधानमंत्री के मितव्ययिता संबंधी संदेश को गलत समझा है। ओडिशा में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार है। यहां कोई कमी नहीं है और लोगों को अफवाहों पर विश्वास नहीं करना चाहिए।'' लाथ ने बताया कि राज्य में मौजूद 3,000 में से लगभग 100 पंप में पिछले दो-तीन दिनों में लोगों की घबराहट में अधिक खरीदारी के ईंधन भंडारण समाप्त हो गया हैं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों में पेट्रोल और डीजल की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।




























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