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नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा सत्र का आज बुधवार को पहला दिन है। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले सीएम सुवेंदु अधिकारी के वीडियो ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। सुवेंदु अधिकारी जब बंगाल विधानसभा में मुख्यमंत्री के रूप में एंट्री कर रहे थे, तो पहले वह घुटनों के बल बैठे और सीढ़ियों पर दंडवत होकर विधानसभा को प्रणाम किया। इस दौरान वहां कई नेता और अधिकारी भी मौजूद रहे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अब सीएम सुवेंदु अधिकारी का यह वीडियो वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो पर अलग-अलग प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं। इतना ही नहीं कई लोग सीएम सुवेंदु अधिकारी के इस वीडियो को देख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस पल का जिक्र कर रहे है कि जब 2014 में प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार लोकसभा में एंट्री करने से पहले सीढ़ियों पर मत्था टेका था।पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के तौर पर पहली बार विधानसभा पहुंचने पर सुवेंदु अधिकारी को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ भी दिया गया। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को विधानसभा में विधायक के तौर पर शपथ ली। उनके अलावा राज्य मंत्री दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल ने भी विधायक के तौर पर शपथ ली।हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत हासिल की थी। कोलकाता में आयोजित भव्य समारोह में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने सुवेंदु अधिकारी और उनके साथ पांच अन्य मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई थी। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्री और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी शामिल हुए थे। 2026 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बड़ी जीत हासिल की। भाजपा ने 293 में से 207 सीट हासिल की, जबकि तृणमूल 80 सीटों तक ही सिमट कर रह गई। बंगाल में बहुमत का जादुई आंकड़ा छूने के लिए 148 सीट चाहिए थीं, लेकिन भाजपा ने 207 सीटों के साथ यह आंकड़ा भी पार कर लिया। ( -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने गुजरात में अहमदाबाद (सरखेज) से धोलेरा तक सेमी हाई-स्पीड डबल रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दे दी है। करीब 20,667 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह भारतीय रेलवे की पहली सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना होगी, जिसे स्वदेशी तकनीक के आधार पर विकसित किया जाएगा। परियोजना के तहत लगभग 134 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाई जाएगी, जिससे अहमदाबाद, धोलेरा SIR, आगामी धोलेरा एयरपोर्ट और लोथल राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (Lothal National Maritime Heritage Complex) के बीच तेज और बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।सरकार के अनुसार अहमदाबाद और धोलेरा के बीच यात्रा समय में काफी कमी आएगी, जिससे लोगों के लिए रोजाना आना-जाना और एक ही दिन में यात्रा पूरी करना आसान होगा। यह परियोजना देश में भविष्य में बनने वाली सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं के लिए मॉडल का काम करेगी।रेल मंत्रालय का कहना है कि यह परियोजना PM गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार की गई है, ताकि मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाया जा सके। इससे लोगों, सामान और सेवाओं की आवाजाही अधिक सुगम होगी।इस परियोजना से गुजरात के अहमदाबाद जिले के लगभग 284 गांवों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी, जिनकी कुल आबादी करीब 5 लाख है। सरकार का मानना है कि इससे क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और धोलेरा क्षेत्र के औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी।पर्यावरणीय दृष्टि से भी इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेलवे के मुताबिक इससे लगभग 0.48 करोड़ लीटर तेल की बचत होगी और करीब 2 करोड़ किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन कम होगा, जो लगभग 10 लाख पेड़ लगाने के बराबर प्रभाव माना गया है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए 37,500 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य भारत के कोल गैसीफिकेशन कार्यक्रम को तेज करना और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है।
यह योजना वर्ष 2030 तक 100 मिलियन टन कोयले के गैसीकरण के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगी। साथ ही LNG, यूरिया, अमोनिया और मेथनॉल जैसे उत्पादों के आयात पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य भी रखा गया है।सरकार ने “प्रोडक्शन ऑफ सिंगैस लीडिंग टू कोल गैसीफिकेशन” श्रेणी के तहत कोल लिंकज की अवधि बढ़ाकर 30 वर्ष कर दी है। इससे निवेशकों को लंबी अवधि की नीति स्थिरता मिलेगी और निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा।योजना की मुख्य विशेषताएंकुल 37,500 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन पैकेजलगभग 75 मिलियन टन कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण का लक्ष्यप्लांट और मशीनरी लागत का अधिकतम 20 प्रतिशत तक वित्तीय प्रोत्साहनप्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के जरिए परियोजनाओं का चयनप्रोत्साहन राशि चार चरणों में जारी होगीएक परियोजना के लिए अधिकतम 5,000 करोड़ रुपये की सहायताएक कंपनी समूह के लिए कुल सहायता सीमा 12,000 करोड़ रुपयेसरकार के अनुसार इस योजना से 2.5 लाख करोड़ से 3 लाख करोड़ रुपये तक निवेश आने की संभावना है। साथ ही कोयला उत्पादक क्षेत्रों में लगभग 50 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे।सरकार का अनुमान है कि 75 मिलियन टन कोयले के उपयोग से हर साल करीब 6,300 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो सकता है। इसके अलावा GST और अन्य करों से भी अतिरिक्त आय होगी।भारत के पास लगभग 401 अरब टन कोयले और 47 अरब टन लिग्नाइट का भंडार है। देश की ऊर्जा जरूरतों का 55 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अभी भी कोयले से पूरा होता है।कोल गैसीफिकेशन तकनीक के जरिए कोयले को “सिंथेसिस गैस” यानी सिंगैस में बदला जाता है, जिसका उपयोग ईंधन और रसायनों के निर्माण में किया जा सकता है। सरकार का मानना है कि इससे वैश्विक आपूर्ति संकट और कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर कम होगा।सरकारी आंकड़ों के मुताबिक FY2025 में LNG, यूरिया, अमोनिया, मेथनॉल और कोकिंग कोल जैसे उत्पादों के आयात पर भारत का खर्च लगभग 2.77 लाख करोड़ रुपये रहा। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) ने मार्केटिंग सीजन 2026-27 की 14 खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का ऐलान किया है। सरकार ने मार्केटिंग सीजन 2026-27 में सबसे अधिक सूरजमुखी के बीज के लिए एमएसपी को 622 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाकर 8,343 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है, यह 2025-26 में 7,721 रुपए प्रति क्विंटल थी।
कॉटन के लिए एमएसपी को 557 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाकर 8,267 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है, जो कि पिछले साल 7,710 रुपए थी। केंद्र ने धान के लिए एमएसपी को 2,369 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 2,441 रुपए प्रति क्विंटल, बाजरा के लिए 2,775 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 2,900 रुपए प्रति क्विंटल, और रागी के लिए एमएसपी को 4,886 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5,205 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है।सरकार ने अनाजों के साथ दालों के लिए भी एमएसपी में बढ़ोतरी की है। अरहर के लिए एमएसपी को 450 रुपए बढ़ाकर 8,450 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो कि पिछले साल 8,000 रुपए प्रति क्विंटल थी। उड़द के लिए एमएसपी को 400 रुपए बढ़ाकर 8,200 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो कि पिछले साल 7,800 रुपए प्रति क्विंटल थी। वहीं, मूंगफली के लिए एमएसपी को 7263 प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 7517 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है । मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए खरीफ फसलों के एमएसपी में वृद्धि केंद्रीय बजट 2018-19 में एमएसपी को अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना पर निर्धारित करने की घोषणा के अनुरूप है। इससे किसानों को उत्पादन लागत पर मिलने वाला अपेक्षित लाभ मूंग (61 प्रतिशत) में सबसे अधिक, इसके बाद बाजरा (56 प्रतिशत), मक्का (56 प्रतिशत) और अरहर (54 प्रतिशत) में होगा। शेष फसलों के लिए, किसानों को उत्पादन लागत पर मिलने वाला लाभ 50 प्रतिशत रहने का अनुमान है। -
नई दिल्ली। सीबीएसई 12वीं की बोर्ड परीक्षा में उपस्थित हुए छात्रों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बुधवार को इंटरमीडिएट (12वीं) बोर्ड की परीक्षाओं के परिणाम घोषित कर दिए हैं। ऐसे में जो छात्र-छात्राएं बोर्ड परिणाम जारी का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, वे अब बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के अलावा डिजीलॉकर पोर्टल और उमंग ऐप पर भी जाकर अपना रिजल्ट चेक करने के साथ स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।
सीबीएसई की ओर से जारी नतीजों के मुताबिक, इस वर्ष परीक्षा में कुल 85.20 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए हैं, जिसमें लड़कियों ने एक बार फिर बाजी मारते हुए लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया है। सीबीएसई 12वीं बोर्ड की परीक्षा में लड़कियों का कुल पास प्रतिशत 88.86 फीसदी और लड़कों का 82.13 फीसदी दर्ज किया गया है। सीबीएसई 12वीं रिजल्ट में 94,028 छात्रों ने 90 प्रतिशत और उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं जबकि 17,113 छात्रों ने 95 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त किए हैं।सीबीएसई 12वीं बोर्ड का परिणाम चेक करने के लिए उम्मीदवार सबसे पहले बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। होमपेज पर जाने के बाद ‘सीनियर स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा (कक्षा XII) परिणाम 2026’ लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद एक नया पेज खुलेगा; वहां अपना रोल नंबर, स्कूल नंबर, और एडमिट कार्ड आईडी दर्ज करें। फिर परिणाम आपके स्क्रीन पर खुल जाएगा। रिजल्ट को चेक करने के बाद मार्कशीट डाउनलोड कर लें। भविष्य के लिए मार्कशीट का प्रिंट आउट सुरक्षित निकाल कर रख लें। बता दें कि इस वर्ष सीबीएसई की ओर से 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं 17 फरवरी से 9 अप्रैल के बीच आयोजित की गई थीं। वहीं, कंपार्टमेंट वाले छात्रों के लिए सप्लीमेंट्री परीक्षा 15 जुलाई को केवल एक दिन आयोजित की जाएगी। इसके लिए एलओसी (उम्मीदवारों की सूची) जमा करने की प्रक्रिया 2 जून से ऑनलाइन माध्यम से शुरू हो जाएगी। -
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देशों के आधार पर महाराष्ट्र के मंत्रियों और अधिकारियों के पहले से मंजूर विदेश दौरों को स्थगित कर दिया गया है। अब अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े काम वर्चुअल प्लेटफॉर्म के जरिए किए जाएंगे, ताकि सरकारी खर्च कम हो सके और देश के ईंधन बचाने के अभियान को भी बढ़ावा मिले।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को राज्य के मंत्रियों और उच्च-रैंकिंग वाले सरकारी अधिकारियों के लिए पहले से तय विदेश दौरों को तुरंत रद्द करने का आदेश दिया। सरकारी सूत्रों ने बताया कि राज्य प्रशासन ने प्रशासनिक कामों या स्टडी टूर के लिए तय सभी आगामी अंतरराष्ट्रीय दौरों को रोकने के निर्देश जारी किए हैं। इस अचानक और सख्त कदम का मुख्य मकसद राज्य के खजाने पर पड़ने वाले बोझ को कम करना और जनता को वित्तीय अनुशासन व खर्चों में कटौती का एक मजबूत संदेश देना है।यह सुनिश्चित करने के लिए कि शासन-प्रशासन का काम बिना किसी रुकावट के चलता रहे, सरकार ने निर्देश दिया है कि सभी जरूरी अंतरराष्ट्रीय समझौते, बैठकें और विचार-विमर्श वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही किए जाएं। मुख्यमंत्री के आदेश का तुरंत प्रभाव से असर भी हुआ है। पर्यटन, खनन और महिला व बाल विकास मंत्री शंभूराज देसाई ने लंदन और पेरिस के अपने तय दौरे को रद्द कर दिया। बताया जा रहा है कि यह यात्रा तीन महीने पहले से ही एक निजी पारिवारिक छुट्टी के तौर पर तय की गई थी, लेकिन मंत्री देसाई ने इसे रद्द करने का फैसला किया, ताकि वे ईंधन बचाने और विदेशी मुद्रा बचाने की देशव्यापी भावना के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकें।वहीं, महाराष्ट्र विधानसभा में भी विधायकों के जापान के लिए तय स्टडी टूर को रद्द कर दिया गया। इस बात की पुष्टि विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने की।सरकार का यह कदम तब आया है, जब प्रधानमंत्री मोदी ने नेताओं और अधिकारियों से अपील की थी कि वे अनावश्यक विदेश यात्राओं और खर्चों से बचें, ताकि विदेशी मुद्रा की बचत हो सके। यह अपील ऐसे समय में की गई है, जब वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं और पश्चिम एशिया में चल रहा संकट ईंधन की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता पर असर डाल रहा है। - नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) 2026 पेपर लीक मामले की जांच अब आधिकारिक रूप से केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई है। सीबीआई की एक टीम मंगलवार देर शाम जयपुर में स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप मुख्यालय पहुंची। इसके बाद राजस्थान एसओजी ने मामले से जुड़े सभी दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अब तक गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी सीबीआई को सौंप दी। सीबीआई ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और अब जांच पूरी तरह उसके हाथ में है।एजेंसी ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी और सबूत नष्ट करने जैसे आरोप शामिल हैं। इसके साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और पब्लिक एग्जामिनेशन (अनफेयर मीन्स प्रिवेंशन) एक्ट 2024 की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के अनुसार, नीट परीक्षा 3 मई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद एनटीए को कई शिकायतें और खुफिया जानकारी मिली कि परीक्षा से पहले ही कुछ गोपनीय दस्तावेज अवैध रूप से प्रसारित किए गए थे।पिछले कुछ दिनों में एसओजी ने जयपुर, जमवारामगढ़, सीकर और अन्य जिलों में लगातार छापेमारी की और करीब 15 लोगों को गिरफ्तार किया। सूत्रों के अनुसार, आरोपियों को पूरे नेटवर्क की जांच के लिए दिल्ली ले जाया जा सकता है, जहां उनसे ‘गेस पेपर’ तैयार करने, उसके वितरण और छात्रों तक पहुंचने के पूरे नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जाएगी।जांच में सामने आया है कि सीकर और झुंझुनूं के कई छात्रों को परीक्षा से दो दिन पहले ही ‘गेस पेपर’ मिल गया था। दावा किया जा रहा है कि इसमें से 120 से अधिक प्रश्न असली परीक्षा में आए। एसओजी जांच मई 8 को शुरू हुई थी, जब सीकर और झुंझुनूं से शिकायतें सामने आई थीं।अधिकारियों के अनुसार, पेपर लीक नेटवर्क ने टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर प्रश्न पत्र फैलाया था। जांच में यह भी पता चला कि ‘गेस पेपर’ 1 मई को सीकर के छात्रों में पहली बार वितरित किया गया था। यह भी सामने आया है कि कुल 720 अंकों में से लगभग 600 अंकों के सवाल उस गेस पेपर में शामिल थे और 120–140 प्रश्न सीधे परीक्षा में पूछे गए।जांच में यह भी पता चला कि यह ‘गेस पेपर’ केरल में पढ़ाई कर रहे चुरू जिले के एक एमबीबीएस छात्र ने सीकर के एक दोस्त को भेजा था। वहां से यह पीजी आवास संचालक के जरिए छात्रों तक पहुंचा। जांच एजेंसियों ने बताया कि एक ही पीजी संचालक ने पहले खुद यह प्रश्न बैंक प्राप्त किया और बाद में उसे छात्रों व कोचिंग सलाहकारों को भेज दिया। पुलिस का मानना है कि गिरफ्तारी के डर से उसने बाद में खुद ही शिकायत दर्ज करा दी। कई छात्रों ने भी एनटीए को ईमेल के जरिए पेपर लीक की शिकायत भेजी है। जांच में कई कोचिंग सेंटर भी रडार पर हैं और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
- नई दिल्ली। भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील, पश्चिम बंगाल के नगर निगम भर्ती घोटाले में ईडी की कार्रवाई समेत विभिन्न मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन कक्षाओं और कारपूलिंग को बढ़ावा देने की अपील पर गौरव वल्लभ ने कहा, “भारत हर साल लगभग 12.5 लाख करोड़ रुपये का कच्चा तेल खरीदता है, जबकि करीब 6.5 लाख करोड़ रुपये का सोना आयात करता है। यानी इन दोनों पर ही कुल मिलाकर लगभग 18.5 लाख करोड़ रुपये खर्च होते हैं। यदि हम इसमें सिर्फ 10 प्रतिशत की कमी कर लें, तो करीब 2 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचाई जा सकती है।”पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बोस की ईडी द्वारा गिरफ्तारी पर गौरव वल्लभ ने कहा, “टीएमसी के 15 वर्षों के शासनकाल में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। घुसपैठियों को संरक्षण देने और उन्हें बढ़ावा देने का मॉडल ध्वस्त हो चुका है। अब बंगाल में बंगाल की जनता के लिए विकास का मॉडल लागू किया जाएगा।”असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह पर भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने कहा, “हमने असम में लगातार तीसरी बार सरकार बनाई है और हर बार पिछली बार की तुलना में हमारे विधायकों की संख्या बढ़ी है।” इसके पहले गौरव वल्लभ ने कहा था, “असदुद्दीन ओवैसी को अब ‘वंदे मातरम’ से भी दिक्कत होने लगी है, जो उनकी ‘बांटने वाली मानसिकता’ को दर्शाता है। भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास’ की नीति में विश्वास करती है और देश की एकता तथा राष्ट्रभावना को सर्वोपरि मानती है। ‘वंदे मातरम’ महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रीय गीत है और इसे लेकर किसी प्रकार की आपत्ति देश की भावनाओं के खिलाफ है। ‘भारत माता की जय‘ भी बोला जाएगा, ‘वंदे मातरम’ का गान भी होगा और ‘जन-गण-मन’ भी पूरे सम्मान के साथ गाया जाएगा।--
- सोनभद्र (उप्र) ।: रामपुर बरकोनिया थाना क्षेत्र में मंगलवार रात को हुए दर्दनाक सड़क हादसे से शादी की खुशिया मातम में बदल गईं.। बारातियों से भरी पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई.। हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई और नौ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।. तीन घायलों को गंभीर हालत में वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है. । वहीं दुर्घटना की सूचना मिलने पर डीएम समेत कई अधिकारी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल चाल जाना.।थानाध्यक्ष रामपुर बरकोनिया विनोद यादव ने बताया कि मिर्जापुर जिले के मड़िहान तहसील क्षेत्र के सेमरीबांध से बारात रामपुर बरकोनिया जा रही थी।. रामपुर बरकोनिया थाना क्षेत्र के कठार गांव के पास बारातियों से भरी पिकअप अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे पलट गई.। हादसा इतना भीषण था कि पिकअप में सवार लोग दूर जा गिरे और मौके पर अफरा-तफरी मच गई.। स्थानीय लोगों ने किसी तरह घायलों को बाहर निकाला और मेडिकल काॅलेज हॉस्पिटल सोनभद्र एम्बुलेंस की मदद से पहुंचाया.हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई है और नौ लोग घायल हैं.। इनमें तीन की हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया. । बाकी छह घायलों का इलाज मेडिकल हॉस्पिटल लोढ़ी सोनभद्र में जारी है।. दुर्घटना की सूचना मिलने डीएम चर्चित गौड़ समेत कई अधिकारी अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए।.थानाध्यक्ष रामपुर बरकोनिया विनोद यादव के अनुसार दुर्घटना में कुल 12 लोग घायल थे. जिन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज सोनभद्र भेजा गया. जहां तीन युवकों राजन गोंड़ (20), अजय गोंड़ (18) और विनोद गोंड़ (35) को मृत घोषित कर दिया गया. ।ये सभी मड़िहान मिर्जापुर के निवासी हैं।. तीन लोगों को गंभीर अवस्था में वाराणसी रेफर किया गया है.। 6 लोगों का इलाज मेडिकल कॉलेज सोनभद्र में चल रहा है।. पिकअप में कुल 16 लोग सवार थे. अन्य को हल्की फुल्की चोटें आई हैं.।
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नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नागरिकों से ईंधन की खपत कम करने की अपील के बाद देश भर के राजनीतिक नेताओं और सरकारों ने ईंधन बचाने के उपाय अपनाने शुरू कर दिए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद कई नेताओं ने ईंधन बचाने और ऊर्जा बचत प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए मेट्रो यात्रा, इलेक्ट्रिक वाहनों और काफिले का आकार घटाने जैसे विकल्पों को चुना। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बुधवार को प्रधानमंत्री के ईंधन उपयोग कम करने के आह्वान के अनुरूप अपने-अपने आवासों से काफी छोटे काफिले के साथ रवाना हुए।उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकों से ईंधन बचाने और ऊर्जा कुशल प्रथाओं को अपनाकर प्रधानमंत्री के संदेश का पालन करने का आग्रह किया। यूपी सरकार ने आधिकारिक काफिलों में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की संख्या में 50 प्रतिशत की कमी करने का निर्देश दिया और अधिकारियों को जहां भी संभव हो, घर से काम करने और वर्चुअल बैठकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री योगी ने लोगों से सार्वजनिक परिवहन, साइकिल और इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिक उपयोग करने की अपील की और साप्ताहिक “वाहन निषेध दिवस” मनाने के विचार को बढ़ावा दिया।इस बीच, पीएम मोदी की अपील के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने आधिकारिक काफिले में वाहनों की संख्या 13 से घटाकर 8 कर दी। मध्य प्रदेश सरकार ने वाहन रैलियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया है और मंत्रियों और अधिकारियों को वाहनों का कम से कम उपयोग करने और बड़े औपचारिक जुलूसों से बचने का निर्देश दिया है।दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी घोषणा की कि सरकार द्वारा आधिकारिक कार्यों के लिए कम से कम वाहनों का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह कैबिनेट मंत्रियों, भाजपा विधायकों, जन प्रतिनिधियों, दिल्ली सरकार के अधिकारियों और सभी विभागों के साथ मिलकर कारपूलिंग और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देंगी और आधिकारिक कार्यों के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहनों की संख्या कम करेंगी। इस घोषणा के बाद, दिल्ली के मंत्री आशीष सूद और कपिल मिश्रा दिल्ली मेट्रो का इस्तेमाल करते हुए अपने कार्यालयों तक गए।राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों को काफिले के वाहनों का कम से कम उपयोग करने और अनावश्यक वाहनों की तैनाती से बचने का निर्देश दिया, विशेषकर सुरक्षा व्यवस्था के लिए। उन्होंने मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को सभी विभागों में इसी तरह की प्रक्रियाओं को लागू करने का निर्देश दिया।महाराष्ट्र में, सरकार ने गैर-जरूरी हवाई यात्रा पर अंकुश लगाने के लिए सरकारी विमानों के उपयोग हेतु मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यालय से पूर्व अनुमति अनिवार्य कर दी है। भाजपा विधायक संजय उपाध्याय अपने साथियों के साथ मुंबई से चिपलुन तक ट्रेन से यात्रा की। भाजपा विधायक ने कहा कि राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए, वे पेट्रोल की खपत कम करने के लिए भविष्य में भी मुंबई में लोकल ट्रेनों से ही यात्रा करेंगे।गुजरात में, राज्यपाल ने घोषणा की कि ईंधन संरक्षण पहल के तहत वे राज्य के भीतर यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर और हवाई जहाज के बजाय ट्रेनों, राज्य परिवहन बसों और सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधनों का उपयोग करेंगे। राज्यपाल ने यह भी कहा कि सरकारी काफिलों का आकार कम किया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के काफिले में गाड़ियों की संख्या कम की गई और अब काफिले में सिर्फ़ 3 गाड़ियां रहेंगी। वहीं, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा कम करने और ईंधन बचाने की अपील के बाद अपनी अमेरिका यात्रा रद्द कर दी।बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन करते हुए इलेक्ट्रिक वाहन का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। बिहार के कई मंत्रियों और सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं ने भी ईंधन बचाने की इस पहल का समर्थन किया है। बिहार के उपमुख्यमंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने घोषणा की कि उन्होंने अपने वाहनों की संख्या आधी कर दी है और वे केवल आवश्यकता पड़ने पर ही आधिकारिक यात्रा करेंगे। बिहार के भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह ने भी इस पहल का समर्थन किया और विश्वास जताया कि बिहार भर के लोग प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन करेंगे।राजनीतिक नेताओं की यह राष्ट्रव्यापी प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने वैश्विक ईंधन आपूर्ति और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया है। -
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने बुधवार को मेट्रो से यात्रा की और कहा कि यह कदम वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच ईंधन की खपत कम करने और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की अपील को लागू करने के सरकारी प्रयासों का हिस्सा है।
दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी मेट्रो यात्रा का वीडियो साझा करते हुए उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और सभी मंत्रियों ने दृढ़ संकल्प के साथ इसका कार्यान्वयन शुरू कर दिया है। मैं सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करुंगा या केवल आवश्यकता पड़ने पर एक सरकारी वाहन का उपयोग करुंगा। आज सुबह दिल्ली मेट्रो की यात्रा।”मंत्री का यह बयान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा ईंधन के उपयोग को कम करने और मंत्रियों, विधायकों व सरकारी अधिकारियों के बीच सार्वजनिक परिवहन और कारपूलिंग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक व्यापक पहल की घोषणा के एक दिन बाद आया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार रात को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्तमान वैश्विक स्थिति को देखते हुए देश के नागरिकों से पेट्रोल-डीजल बचाने और ऊर्जा संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया है।”उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री की इस महत्वपूर्ण अपील को ध्यान में रखते हुए, विभागीय कार्यों के लिए वाहनों की संख्या सीमित करने का निर्णय लिया गया है। मैं, मेरे सभी मंत्रिमंडल सहयोगी, भारतीय जनता पार्टी के सभी विधायक, जन प्रतिनिधि, दिल्ली सरकार के अधिकारी और सभी विभाग आवश्यकतानुसार न्यूनतम वाहनों का उपयोग करेंगे और कार पूलिंग तथा सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देंगे।”ऊर्जा संरक्षण को राष्ट्रीय हित से जुड़ा मुद्दा बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ईंधन संरक्षण और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए “पूरी प्रतिबद्धता” के साथ काम कर रही है।रेखा गुप्ता ने कहा, “मैं दिल्ली के सभी निवासियों से आग्रह करता हूं कि वे प्रधानमंत्री के इस आह्वान का पालन करते हुए ऊर्जा संरक्षण के इस राष्ट्रीय प्रयास में शामिल हों।” ये अपीलें प्रधानमंत्री मोदी द्वारा रविवार को तेलंगाना के सिकंदराबाद के परेड ग्राउंड में भाजपा द्वारा आयोजित एक सार्वजनिक बैठक में दिए गए भाषण के बाद की गई हैं, जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव को देखते हुए नागरिकों से ईंधन बचाने के उपाय अपनाने का आग्रह किया था। - नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 1998 में इसी दिन भारत ने जो परमाणु परीक्षण किए थे, उनसे दुनिया को पता चला कि हमारे देश की इच्छाशक्ति कितनी अटल है! 11 मई के टेस्ट के बाद पूरी दुनिया का दबाव भारत पर था, लेकिन हमने दिखाया कि कोई भी ताकत भारत को झुका नहीं सकती।सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर अपने संदेश में पीएम मोदी ने एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया, “एवं परस्परापेक्षा शक्तिशक्तिमतोः स्थिता । न शिवेन विना शक्तिर्न शक्त्या विना शिवः।।”इसका अर्थ समझाते हुए उन्होंने कहा कि शक्ति और सामर्थ्य एक-दूसरे के पूरक होते हैं। केवल क्षमता होना पर्याप्त नहीं, उसे कार्यरूप देने वाली शक्ति भी आवश्यक है; और शक्ति भी तभी सार्थक होती है जब उसके पीछे समर्थ आधार हो। जैसे शिव और शक्ति का अस्तित्व परस्पर अविभाज्य माना गया है, वैसे ही सामर्थ्य और ऊर्जा के समन्वय से ही सृजन, प्रगति और सफलता संभव होती है।गौरतलब है कि 13 मई 1998 का दिन भारत के इतिहास में बहुत अहम माना जाता है। इस दिन राजस्थान के पोखरण में ‘ऑपरेशन शक्ति’ के तहत भारत ने दो और सफल परमाणु परीक्षण किए, जिन्हें शक्ति-IV और शक्ति-V नाम दिया गया। ये परीक्षण 11 मई 1998 को हुए पहले तीन परीक्षणों की शृंखला का ही आगे का हिस्सा थे।इन परीक्षणों का उद्देश्य भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता को और मजबूत करना था। यह भी बताया गया कि ये सभी परीक्षण भूमिगत तरीके से किए गए और पूरी तरह नियंत्रित थे, जिससे किसी तरह की रेडियोएक्टिविटी बाहर नहीं फैली। इन परीक्षणों से मिले आंकड़ों का इस्तेमाल कंप्यूटर सिमुलेशन और भविष्य की परमाणु तकनीक को बेहतर बनाने में किया गया।इस पूरे अभियान का नेतृत्व तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने किया था। इन सफल परीक्षणों के बाद भारत को दुनिया में एक परमाणु शक्ति संपन्न देश के रूप में पहचान मिली।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए शक्ति और सामर्थ्य के सामंजस्य का महत्व बताया। उन्होंने वर्ष 1998 में पोखरण में किए गए परमाणु परीक्षणों को भारत के अटूट संकल्प का प्रतीक भी बताया।
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा यह संदेशइस संबंध में प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा कि 11 मई 1998 को हुए परमाणु परीक्षणों ने दुनिया को भारत की इच्छाशक्ति का परिचय कराया था। परीक्षणों के बाद पूरी दुनिया ने भारत पर दबाव बनाया, लेकिन भारत ने दिखा दिया कि कोई भी ताकत उसे झुका नहीं सकती।पीएम मोदी ने संस्कृत सुभाषित किया साझाप्रधानमंत्री ने पोस्ट में संस्कृत सुभाषित भी साझा किया। इसमें कहा गया है कि शक्ति और शक्तिमान एक-दूसरे पर आश्रित हैं तथा शिव के बिना शक्ति और शक्ति के बिना शिव अधूरे हैं।प्रधानमंत्री ने लिखा:“एवं परस्परापेक्षा शक्तिशक्तिमतोः स्थिता ।न शिवेन विना शक्तिर्न शक्त्या विना शिवः।।”सुभाषित का अर्थइस सुभाषित का अर्थ है कि शक्ति और सामर्थ्य एक-दूसरे के पूरक हैं। जिस प्रकार शिव के बिना शक्ति अधूरी है और शक्ति के बिना शिव अधूरे हैं, उसी प्रकार किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए शक्ति और उसके सही उपयोग का संतुलन आवश्यक है। ( -
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट-यूजी-2026' को इसका प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के मद्देनजर मंगलवार को रद्द करने की घोषणा की तथा सरकार ने सीबीआई को इन 'अनियमितताओं' की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया। चिकित्सा महाविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए यह परीक्षा अब नए सिरे से आयोजित की जाएगी, जिसकी तिथियां अलग से अधिसूचित की जाएंगी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी एक बयान में कहा कि यह निर्णय पारदर्शिता बनाए रखने और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में विश्वास को बरकरार रखने के लिए लिया गया है। उसने कहा, ''केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर एनटीए द्वारा तथ्यों को परखे जाने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने तीन मई 2026 को आयोजित नीट (यूजी) 2026 परीक्षा को भारत सरकार की मंजूरी से रद्द करने और अलग से अधिसूचित तिथियों पर परीक्षा पुनः आयोजित करने का निर्णय लिया है।'' नीट यूजी 2026 परीक्षा तीन मई को भारत के 551 शहरों और अन्य देशों के 14 शहरों में आयोजित की गई थी। यह परीक्षा लगभग 23 लाख पंजीकृत परीक्षार्थियों के लिए आयोजित की गयी थी।
एजेंसी ने कहा कि प्राप्त सूचनाओं और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा साझा किए गए निष्कर्षों के आधार पर यह स्पष्ट हो गया है कि 'वर्तमान परीक्षा प्रक्रिया को जारी रखना उचित नहीं है।' उसने कहा, ''पुनः होने वाली परीक्षा की तिथियां और उनके लिए जारी किये जाने वाले प्रवेश पत्र की समय-सारणी अगले कुछ दिनों में एजेंसी के आधिकारिक माध्यमों से सूचित की जाएगी।'' एनटीए ने कहा कि सरकार ने परीक्षा से जुड़े आरोपों की व्यापक जांच के लिए मामले को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का फैसला किया है। उसने कहा, ''एनटीए सीबीआई को पूरा सहयोग देगी और जांच के लिए आवश्यक सभी सामग्री, रिकॉर्ड और सहायता प्रदान करेगी।'' एनटीए ने कहा, ''यह निर्णय विद्यार्थियों के हित में और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में भरोसे को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।'' एजेंसी ने स्वीकार किया कि परीक्षा को दोबारा आयोजित करने से परीक्षार्थियों और उनके परिवारों को 'वाकई बड़ी असुविधा' होगी। उसने कहा कि लेकिन परीक्षा प्रणाली में विश्वास को 'बड़ी और स्थायी क्षति' से बचाने के लिए यह निर्णय आवश्यक था। एनटीए के अनुसार, मई 2026 के सत्र में पंजीकृत उम्मीदवारों की जानकारी और चुने गए परीक्षा केंद्रों को पुनः आयोजित होने वाली परीक्षा में शामिल किया जाएगा। बयान में कहा गया है, ''नए पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी और कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा।'' बयान के अनुसार विद्यार्थियों द्वारा भुगतान की गई फीस वापस कर दी जाएगी और परीक्षा एनटीए के आंतरिक संसाधनों का उपयोग कर पुनः आयोजित की जाएगी। एजेंसी ने कहा कि परीक्षा की नयी तारीखें और संशोधित प्रवेश पत्र की समय सारणी की सूचना आने वाले दिनों में आधिकारिक चैनलों के माध्यम से दी जायेगी तथा परीक्षार्थियों एवं अभिभावकों को सलाह है कि वे केवल एजेंसी द्वारा जारी की गई सत्यापित जानकारी पर ही भरोसा करें। एनटीए ने रविवार को 'एक्स' पर पोस्ट किया था कि प्रश्न पत्रों को 'जीपीएस-ट्रैकिंग' वाले वाहनों में ले जाया गया था, जिन पर विशिष्ट, 'ट्रेस' करने योग्य 'वॉटरमार्क' लगे थे तथा परीक्षा केंद्रों की निगरानी एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से एआई-सहायता प्राप्त सीसीटीवी निगरानी के माध्यम से की गई थी। उसने कहा था, ''राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को नीट (यूजी) 2026 से संबंधित कथित अनियमितताओं के संबंध में राजस्थान विशेष अभियान समूह द्वारा शुरू की गई कार्रवाई की जानकारी है। तीन मई, 2026 को परीक्षा निर्धारित समय पर और पूर्ण सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत आयोजित की गई थी।'' एजेंसी के अनुसार, कथित कदाचार से संबंधित सूचनाएं परीक्षा के चार दिन बाद सात मई की शाम को प्राप्त हुईं जिसे आठ मई की सुबह 'स्वतंत्र सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई' के लिए केंद्रीय एजेंसियों को भेज दिया गया। राजस्थान पुलिस के 'एसओजी' के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) विशाल बंसल ने सोमवार को कहा था कि जांच फिलहाल उस 'अनुमानित प्रश्नपत्र' पर केंद्रित है, जिसे परीक्षा से पहले विद्यार्थियों के बीच कथित तौर पर वितरित किया गया था। बंसल ने कहा था, ''नीट परीक्षा को लेकर फैली विभिन्न गलतफहमियों के संबंध में, मैं एक बात स्पष्ट करना चाहता हूं: लगभग 410 प्रश्नों वाला एक अनुमानित प्रश्नपत्र (गेस पेपर) है। आरोप है कि इनमें से लगभग 120 प्रश्न रसायन विज्ञान के प्रश्नपत्र में शामिल थे।'' हालांकि परीक्षा में रसायन विज्ञान के प्रश्नपत्र में 45 प्रश्न थे एवं परीक्षा में प्रश्नपत्रों के चार सेट का उपयोग किया गया। उन्होंने कहा था, ''खबर है कि यह गेस पेपर विद्यार्थियों के बीच काफी पहले पहुंच गया था; यह वास्तविक परीक्षा से 15 दिन से लेकर एक महीने पहले तक उन तक पहुंचने लगा था। हम अनुमानित प्रश्नपत्र के आधार पर जांच कर रहे हैं और यह सार्वजनिक रूप से भी उपलब्ध है।''
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गुवाहाटी। पूर्वोत्तर में भाजपा के तेजी से बढ़ने का व्यापक श्रेय पाने वाले हिमंत विश्व शर्मा का लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेना, न केवल नेतृत्व की निरंतरता को दर्शाता है, बल्कि इस क्षेत्र में पार्टी की बढ़ती राजनीतिक पैठ का भी संकेत देता है। कांग्रेस की ओर से तीखी आलोचना होने और अपनी पत्नी के खिलाफ आरोपों की झड़ी लगने के बावजूद, शर्मा पूरे चुनाव में दृढ़ता से प्रचार करते रहे और असम में भाजपा को प्रभुत्व पाने में मदद की, जिससे क्षेत्र में सत्ताधारी राजग के पक्ष में राजनीतिक परिदृश्य को एक नया आकार मिला। राज्य की विकास यात्रा जारी रखने का संकल्प जताते हुए 57 वर्षीय नेता ने कहा है कि मुख्यमंत्री के रूप में उनका पहला कार्यकाल केवल 'ट्रेलर' था और दूसरे कार्यकाल में 'फिल्म' आएगी। हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में शर्मा ने जालुकबारी सीट पर 89,434 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल कर एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ साबित की। वर्ष 2015 में कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के बाद वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री बनने तक का शर्मा का सफर लंबे समय से उपयोग में लाई जा रही राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक कौशल का परिणाम माना जाता है। मुख्यमंत्री बनने के बाद 57 वर्षीय हिमंत शर्मा ने विकास कार्यों को गति देने, कल्याणकारी योजनाएं लागू करने और स्वदेशी समुदायों के भूमि अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया है। उनका कार्यकाल हालांकि कई विवादों से भी घिरा रहा है। विशेष रूप से बांग्लादेश मूल के बांग्ला भाषी मुसलमानों, जिन्हें राज्य में 'मियां' कहा जाता है, को लेकर शर्मा के बयानों और नीतियों ने व्यापक बहस को जन्म दिया है। अतिक्रमण हटाने के अभियान, बाल विवाह के खिलाफ सख्ती, बहुविवाह पर कार्रवाई, मवेशी संरक्षण कानून का पालन, सरकारी मदरसों को बंद या परिवर्तित करने जैसे उनके कदमों को विपक्ष ने सामाजिक ध्रुवीकरण बढ़ाने वाला बताया। विवादों के बावजूद शर्मा अपने रुख पर कायम रहे। इस बीच, उनकी पत्नी से जुड़े आरोपों को लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के साथ विवाद भी सुर्खियों में रहा, जिसका जिक्र उच्चतम न्यायालय के एक आदेश में भी हुआ। विपक्षी दलों विशेषकर कांग्रेस ने उनके कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए और उनकी पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा के कारोबारी लेन-देन पर सवाल उठाए, हालांकि मुख्यमंत्री ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया। कभी पूर्वोत्तर के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाने वाले शर्मा अब भाजपा के प्रमुख चुनावी रणनीतिकारों में शामिल हैं और विभिन्न राज्यों में पार्टी के एजेंडे को आक्रामक रूप से आगे बढ़ा रहे हैं। हालांकि, कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी भाषा और शैली एक संवैधानिक पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। वर्ष 1996 में अपने पहले चुनाव में हार के बाद शर्मा 2001 से लगातार जालुकबारी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और कांग्रेस तथा भाजपा दोनों के टिकट पर जीत दर्ज कर चुके हैं। वह 2001 से ही विभिन्न सरकारों में मंत्री रहे हैं और प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ राजनीतिक रणनीति के लिए जाने जाते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हितेश्वर सैकिया और तरुण गोगोई के मार्गदर्शन में उन्होंने कांग्रेस में तेजी से उभरते हुए महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया। लेकिन बाद में तरुण गोगोई के बेटे गौरव गोगोई के साथ मतभेद बढ़ने के कारण 2015 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने सर्बानंद सोनोवाल के साथ मिलकर 2016 में असम में पार्टी की पहली सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा और लोक निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभालते हुए उन्होंने 2021 में मुख्यमंत्री पद संभाला। जोरहाट में जन्मे हिमंत विश्व शर्मा प्रसिद्ध कवि और उपन्यासकार कैलाश नाथ शर्मा तथा साहित्यकार मृणालिनी देवी के पुत्र हैं। हिमंत ने 1992 में राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की और इस विषय में पीएचडी की उपाधि भी प्राप्त की। उन्होंने 1995 में कानून की डिग्री प्राप्त की। गुवाहाटी उच्च न्यायालय में पांच वर्ष तक वकालत करने के बाद उन्होंने 2001 में राजनीति में प्रवेश किया। राजनीतिक दृढ़ता, संगठनात्मक कौशल और विवादों के बीच अपनी पकड़ बनाए रखने की क्षमता ने हिमंत विश्व शर्मा को न केवल असम बल्कि पूरे पूर्वोत्तर की राजनीति में एक केंद्रीय चेहरा बना दिया है।
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गुवाहाटी। हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए असम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने गुवाहाटी के खानापारा क्षेत्र के वेटरनरी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में शर्मा को पद की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, सर्वानंद सोनोवाल, पबित्रा मारगेरिटा ने, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों तथा उप मुख्यमंत्रियों और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भाग लिया। शर्मा की मां मृणालिनी देवी, पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा, पुत्र नंदिल विश्व शर्मा और पुत्री सुकन्या शर्मा भी इस दौरान मौजूद थे। शर्मा (57) असम में लगातार दूसरी बार शपथ लेने वाले पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बन गए हैं। शर्मा के साथ शपथ लेने वाले चार विधायकों में भाजपा के अजंता नियोग और रामेश्वर तेली, जबकि उनके सहयोगी दल असम गण परिषद (अगप) के अतुल बोरा और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के चरण बोरो शामिल हैं।
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मुंबई. महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने सोमवार को घोषणा की कि वह देश के सामने मौजूद कठिन परिस्थिति के मद्देनजर राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देने और खर्च पर संयम बरतने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील पर अमल करते हुए इस साल फ्रांस में होने वाले कान फिल्म महोत्सव में शामिल नहीं होंगे। यहां जारी एक बयान में शेलार ने कहा कि चुनौतीपूर्ण समय में राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभागीय खर्च में बचत का निर्णय लिया गया है। राज्य के सांस्कृतिक मामलों, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) मंत्री ने कहा कि डिजिटल माध्यम से बैठकें आयोजित करने और संसाधनों का सीमित उपयोग सुनिश्चित करने पर अधिक जोर दिया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने कहा, ''राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की अपील के अनुरूप यह निर्णय लिया गया।'' शेलार ने कहा कि सरकारी तंत्र कान फिल्म महोत्सव में भाग लेने वाली मराठी फिल्मों के लिए आवश्यक समन्वय और समर्थन सुनिश्चित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम जारी रखेगा। मंत्री ने कहा कि मराठी सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए जहां भी आवश्यक होगा, वहां ऑनलाइन भाग लिया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अन्य उपायों के अलावा ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग, सोने की खरीद और विदेश यात्रा को स्थगित करने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र लोगों को पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रतिकूल प्रभाव से बचाने की कोशिश कर रहा है।
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गुवाहाटी. असम में मंगलवार को हिमंत विश्व शर्मा के लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की तैयारी पूरी हो चुकी है। इसके साथ ही राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार का लगातार तीसरा कार्यकाल शुरू होगा। खानापारा के पशु चिकित्सा महाविद्यालय मैदान में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ-साथ राजग शासित राज्यों के 40 से अधिक मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों के उपस्थित रहने की संभावना है। राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य पूर्वाह्न 11 बजकर 40 मिनट पर शर्मा और नयी मंत्रिपरिषद के सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। भाजपा नीत गठबंधन के 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के नेतृत्व में पहली बार सत्ता में आने के बाद से यह राज्य में राजग का लगातार तीसरा कार्यकाल होगा। राजग में भाजपा, असम गण परिषद (अगप) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) शामिल हैं। गठबंधन ने 126 सदस्यीय विधानसभा में रिकॉर्ड 102 सीट पर जीत दर्ज की। भाजपा ने अकेले 82 सीट जीतकर राज्य में पहली बार अपने दम पर बहुमत हासिल किया, जबकि अगप और बीपीएफ को 10-10 सीट मिलीं। शर्मा के साथ ही मंत्रिपरिषद के नए सदस्यों के शपथ ग्रहण करने की भी संभावना है, जिसमें सभी गठबंधन सहयोगियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। शपथ ग्रहण समारोह के बाद शर्मा द्वारा नयी सरकार के पहले 100 दिन की प्राथमिकताओं को प्रस्तुत करने की उम्मीद है। इनमें भूमि अधिकारों और अतिक्रमण हटाने के अभियानों से संबंधित प्रतिबद्धताएं भी शामिल होंगी। यह प्रचंड चुनावी जीत 'पहचान, भूमि और सुरक्षा' के मुद्दों को उठाते हुए चलाए गए प्रचार अभियान के बाद मिली है। शर्मा पहले ही कह चुके हैं कि नयी सरकार विकास कार्यों को आगे बढ़ाएगी और असम को प्रगति की दिशा में ले जाएगी। उन्होंने सोमवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट में इसी बात को दोहराते हुए लिखा, ''असम की भूमि, पहचान और भविष्य पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। 1.5 लाख बीघा भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के बाद, राजग असम के लोगों के लिए पांच लाख बीघा और भूमि वापस दिलाने के दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। क्योंकि हमारे लिए जाति, माटी, बेटी सर्वोपरि हैं।'' प्रदेश भाजपा के मीडिया संयोजक ध्रुवज्योति मारल ने बताया कि सभी 126 निर्वाचन क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं को एकजुट किया जा रहा है और इस कार्यक्रम में एक लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ''कार्यक्रम स्थल पर तीन मंच होंगे। शपथ ग्रहण समारोह मुख्य मंच पर होगा, जहां प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, राज्यपाल, नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री बैठेंगे। हमें उम्मीद है कि कम से कम छह केंद्रीय मंत्री, 20 मुख्यमंत्री और 23 उपमुख्यमंत्री उपस्थित हो सकते हैं।''
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चेन्नई. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को अपने पूर्ववर्ती एवं द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एम. के. स्टालिन से यहां अलवरपेट स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। विजय के नेतृत्व वाली सरकार को 13 मई तक सदन में विश्वास मत हासिल करना है, उससे कुछ दिन पहले दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात हुई है। विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने और मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद विजय ने पहली बार स्टालिन से मुलाकात की। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह एक ''शिष्टाचार भेंट'' थी।
स्टालिन और उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय का गर्मजोशी से स्वागत किया।
विजय द्वारा तमिलनाडु पर 10 लाख करोड़ रुपये का ऋण बोझ होने के लिए द्रमुक की पूर्ववर्ती सरकार की कड़ी आलोचना करने के एक दिन बाद यह बैठक हुई है। विजय ने 'सत्ता के अनेक केंद्र' होने के लिये परोक्ष रूप से द्रमुक पर निशाना साधते हुए कहा था कि वह अपनी सरकार में एकमात्र "सत्ता का केंद्र" होंगे। द्रमुक प्रमुख स्टालिन ने कर्ज के बोझ संबंधी विजय के बयान पर पलटवार किया था।
बाद में, विजय ने एमडीएमके संस्थापक वाइको से मुलाकात की।
विधानसभा चुनाव में तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य की 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीट पर जीत हासिल की थी। विजय ने रविवार को यहां एक समारोह में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और इसी के साथ ही इस राज्य में लगभग 60 साल में पहली बार द्रमुक और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) से इतर किसी दल की सरकार बनी है। टीवीके को समर्थन देने वाली कांग्रेस द्रमुक की पूर्व सहयोगी है। कांग्रेस के पांच विधायक हैं।
विजय के तिरुचिरापल्ली पूर्व सीट से इस्तीफे के बाद, टीवीके के पास विधानसभा में 107 सीट हैं और इसे कांग्रेस, वीसीके, आईयूएमएल और वाम दलों के 13 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने नयी सरकार को 13 मई तक विधानसभा में विश्वासमत हासिल करने का निर्देश दिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री विजय के आगमन पर उदयनिधि ने उनसे हाथ मिलाकर और गर्मजोशी से गले लगाकर उनका स्वागत किया। बाद में स्टालिन ने विजय को गले लगाया और उन्हें अपने घर के अंदर ले गये। विजय और स्टालिन ने एक-दूसरे को रेशमी शॉल और गुलदस्ता देकर सम्मानित किया।
बाद में विजय एमडीएमके संस्थापक वाइको के आवास पर गये और उनसे मुलाकात की। वाइको के बेटे दुरई वाइको ने विजय का स्वागत किया। वाइको ने विजय को सफेद रेशमी शॉल भेंट की। मुख्यमंत्री ने भी वाइको को शॉल भेंट करके सम्मानित किया। बाद में, दोनों नेताओं को थोड़ी देर के लिए बातचीत करते हुए देखा गया और वाइको के आवास पर मौजूद लोगों ने विजय का अभिवादन किया। इस मौके पर वाइको ने कहा कि चुनाव के बाद विजय एक बड़े नेता के रूप में उभरे हैं और चुनाव से यह साबित हुआ कि लोग बदलाव चाहते थे। -
गुवाहाटी. असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने निर्वाचित मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा को राज्य में अगली सरकार बनाने का रविवार को निमंत्रण दिया। एक बयान में यह जानकारी दी गई है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेताओं ने लोक भवन में आचार्य से मुलाकात की और शर्मा के नेतृत्व में सरकार गठन का दावा पेश किया। लोक भवन ने बयान में कहा, "राज्यपाल ने डॉ. हिमंत विश्व शर्मा को असम में नयी सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है।" बयान में यह भी कहा गया है कि आचार्य शर्मा को मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के सदस्यों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। शपथ ग्रहण समारोह 12 मई को आयोजित किए जाने की योजना है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हो सकते हैं। असम में राजग की यह लगातार तीसरी सरकार होगी। भाजपा के नेतृत्व वाले राजग ने पहली बार 2016 में सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में सरकार बनाई थी। पहली दफा 2021 में मुख्यमंत्री बने शर्मा लगातार दूसरी बार इस पद पर आसीन होने वाले राज्य के पहले गैर-कांग्रेसी नेता होंगे। हालिया विधानसभा चुनाव में राजग ने 126 सदस्यीय विधानसभा में रिकॉर्ड 102 सीट जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया। भाजपा ने 82 सीट जीतीं, जबकि सहयोगी दल असम गण परिषद (एजीपी) और (बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट) ने 10-10 सीट पर जीत हासिल की।
- नयी दिल्ली।वाइस एडमिरल संजय वात्सायन को पश्चिमी नौसेना कमान का अगला प्रमुख नियुक्त किया गया है। वात्सायन वर्तमान में नेवल स्टाफ के उप प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं और इस महत्वपूर्ण परिचालन कमान में वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन का स्थान लेंगे। शनिवार को स्वामीनाथन को अगला नौसेना प्रमुख नामित किया गया। वे वर्तमान नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी के 31 मई को सेवानिवृत्त होने के बाद शीर्ष पद का कार्यभार संभालेंगे। एक अधिकारी ने बताया कि वाइस एडमिरल संजय वात्सायन को पश्चिमी नौसेना कमान का फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ नियुक्त किया गया है। पश्चिमी नौसेना कमान का मुख्यालय मुंबई में है। पुणे स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र वाइस एडमिरल वात्सायन ने एक जनवरी, 1988 को भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त किया था। वह तोपखाना और मिसाइल प्रणालियों के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने तीन दशकों से अधिक लंबे अपने विशिष्ट करियर के दौरान विभिन्न पदों पर कार्य किया है।
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हैदराबाद। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर फिलहाल पेट्रोलियम उत्पादों का संयमित तरीके से उपयोग करना समय की मांग है। तेलंगाना में लगभग 9,400 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के डिजिटल माध्यम से शिलान्यास और उद्घाटन के मौके पर यहां हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आयातित पेट्रोलियम उत्पादों का उपयोग केवल आवश्यकता के अनुसार किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव को भी कम किया जा सकेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत सौर ऊर्जा के मामले में दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल हो गया है और पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुआ है। मोदी ने कहा कि पहले सरकार शत प्रतिशत एलपीजी कवरेज पर केंद्रित थी और अब इसका ध्यान पाइपलाइन के जरिये गैस की किफायती आपूर्ति पर है, साथ ही साथ संपीड़ित प्राकृतिक गैस (सीएनजी) के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि इन सभी प्रयासों के परिणामस्वरूप भारत दुनियाभर में जारी बड़े ऊर्जा संकट का प्रभावी ढंग से सामना कर रहा है। प्रधानमंत्री ने ऊर्जा संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए दोहराया कि आयातित ऊर्जा संसाधनों का उपयोग विवेकपूर्ण ढंग से और केवल आवश्यकता होने पर ही किया जाना चाहिए। मोदी ने वित्तीय और भूराजनीतिक लाभों का उल्लेख करते हुए कहा, "आज के समय में यह भी आवश्यक है कि पेट्रोल, गैस, डीजल और ऐसे अन्य उत्पादों का बड़े संयम के साथ उपयोग किया जाए। हमें आयातित पेट्रोलियम उत्पादों का उपयोग केवल आवश्यकता के अनुसार करना चाहिए। इससे न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव को भी कम किया जा सकेगा।" रेड्डी की इस टिप्पणी का जिक्र करते हुए कि विकास कार्यों में राजनीति नहीं होनी चाहिए, मोदी ने कहा कि वह भी राजनीति की बात नहीं करेंगे। तेलंगाना के प्रति केंद्र का समर्थन सुनिश्चित करते हुए, उन्होंने रेड्डी से विकास की यात्रा में उनके साथ जुड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "मैं रेवंत जी से कहना चाहता हूं। मैं आपको उतना ही देने के लिए तैयार हूं जितना गुजरात को 10 साल के दौरान केंद्र ने दिया। लेकिन, मेरी जानकारी के अनुसार, मैं आपको बताना चाहता हूं। जैसे ही मैं ऐसा करूंगा, जो आप पा रहे हैं वह आधा रह जाएगा। आप वहां नहीं पहुंच पाएंगे जहां आप पहुंचना चाहते हैं। इसलिए बेहतर है कि आप मेरे साथ जुड़ जाएं।" मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में अलग-अलग पार्टी की सरकार होना गलत नहीं है और राज्यों का विकास देश के विकास जितना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्यों के विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं है और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में तेजी से सुधार हो रहे हैं और आधुनिक बुनियादी ढांचा भी तैयार कर रहा है। उन्होंने तेलंगाना के हर परिवार को भरोसा दिलाया कि केंद्र उनके सपनों को साकार करने के लिए "और भी तेजी से काम करता रहेगा"। मोदी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में तेलंगाना में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क दोगुना हो गया है।
पिछली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि 2014 से पहले, अविभाजित आंध्र प्रदेश के लिए रेलवे बजट 1,000 करोड़ रुपये से कम था। लेकिन आज केवल तेलंगाना के लिए रेलवे बजट 5,500 करोड़ रुपये है। इससे पहले, अपने संबोधन में मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा कि केंद्र को राज्य के विकास प्रयासों का समर्थन करना चाहिए, जिसमें मेट्रो रेल नेटवर्क का विस्तार, फ्यूचर सिटी प्रोजेक्ट और मुसी नहर का पुनरुद्धार शामिल है। समारोह के दौरान मोदी ने हैदराबाद में एचआईसीसी में डिजिटल माध्यम से तेलंगाना में लगभग 9,400 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और उद्घाटन किया। इस अवसर पर तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी और कई अन्य नेता हैदराबाद अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (एचआईसीसी) में उपस्थित रहे। मोदी ने हैदराबाद के राष्ट्रीय और वैश्विक महत्व के केंद्र के रूप में बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि इस अवसर पर शुरू की गईं कई परियोजनाएं तेलंगाना को एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि इन परियोजनाओं से हजारों नौकरियां सृजित होंगी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत बनेगी। मोदी ने कई परियोजनाओं की आधारशिला रखीं जिसमें हैदराबाद-पणजी आर्थिक गलियारे पर गुडेबेल्लूर से महबूबनगर तक राष्ट्रीय राजमार्ग-167 को चार लेन बनाना शामिल है। उन्होंने रेलवे की काजीपेट-विजयवाड़ा मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना के विभिन्न खंडों, हैदराबाद में ग्रीनफील्ड पीओएल (पेट्रोलियम, तेल, लुब्रिकेंट्स) टर्मिनल, काजीपेट रेल अंडर रेल बाईपास और वारंगल में पीएम मित्र पार्क (काकतीय मेगा टेक्सटाइल पार्क) का उद्घाटन भी किया। लगभग 1,700 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित काकतीय मेगा टेक्सटाइल पार्क भारत का पहला पूरी तरह से कार्यशील पीएम मित्र पार्क है। जहीराबाद औद्योगिक क्षेत्र के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एक औद्योगिक स्मार्ट सिटी बनेगा। उन्होंने कहा कि इसमें विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर, विश्वसनीय बिजली आपूर्ति और उन्नत आईसीटी नेटवर्क होंगे, जो वैश्विक निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सरकार इन परियोजनाओं में हजारों करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जिससे तेलंगाना में युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। प्रधानमंत्री ने 'प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव' (पीएलआई) योजना के तहत लाभार्थियों की भागीदारी को रेखांकित करते हुए कहा, "यह टेक्सटाइल पार्क विशेष रूप से हमारी बहनों और बेटियों के लिए रोजगार सृजित करेगा।" -
नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि भारत में हर दिन मां को समर्पित है। शाह ने अपनी मां के चरणों को प्रतिदिन स्पर्श करने और निधन के बाद भी उनकी तस्वीर के सामने दीपक जलाने के अपने निजी अनुभव को याद करते हुए यह बात कही। शाह ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा लिखित दो पुस्तकों, 'द बेंच, द बार एंड द बिजार' और 'द लॉफुल एंड द ऑफुल' के विमोचन के अवसर पर एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ''मैं प्रतिदिन अपनी मां के चरणों को स्पर्श करता था और उनके निधन के बाद भी मैं प्रतिदिन उनकी तस्वीर के सामने दीपक जलाता हूं।'' उन्होंने कहा, ''हमारे देश में हर दिन मां को समर्पित है। ये पुस्तकें अपनी मां को समर्पित करने और इनका विमोचन 'मदर्स डे' पर करने के लिए अमित शाह ने तुषार मेहता की सराहना की। गृह मंत्री ने मेहता को न केवल भारत का सॉलिसिटर जनरल और एक ज्ञानी वकील बताया, बल्कि अपना मित्र भी बताया।
- हैदराबाद।. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार लोगों को युद्ध के प्रतिकूल प्रभावों से बचाने के लिए प्रयास कर रही है और उन्होंने नागरिकों से चुनौतियों से पार पाने और देश की मदद करने के लिये कदम उठाने का आह्वान किया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई द्वारा यहां आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पेट्रोल और डीजल का विवेकपूर्ण उपयोग करने, शहरों में मेट्रो रेल सेवाओं का उपयोग, कार पूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिकतम उपयोग, पार्सल भेजने के लिए रेल सेवाओं का उपयोग और घर से काम करने जैसे उपायों का सुझाव दिया। मोदी ने कहा कि युद्ध के कारण पेट्रोल और उर्वरक की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि जब आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव होता है, तो संकट से निपटने के विभिन्न उपायों के बावजूद मुश्किलें बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा, ''इसीलिए, वैश्विक संकट के दौरान, देश को सर्वोपरि रखते हुए, हमें संकल्प लेने होंगे।''उन्होंने कहा, ''इसीलिए, वैश्विक संकट के दौरान, देश को सर्वोपरि रखते हुए, हमें संकल्प लेने होंगे। उन्होंने कहा, ''हमने कोरोना काल में घर से काम करना, डिजिटल माध्यम से बैठक, वीडियो कॉन्फ्रेंस और कई अन्य तरीके विकसित किए हैं। हम इनके अभ्यस्त हो गए हैं। इस समय की आवश्यकता है कि हम इन तरीकों को फिर से शुरू करें।'' संकट के चलते विदेशी मुद्रा बचाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए मोदी ने एक वर्ष के लिए सोने की खरीद और विदेश यात्राओं को स्थगित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "हमें हर हाल में विदेशी मुद्रा बचानी होगी।" उन्होंने विदेशी मुद्रा बचाने और देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए खाद्य तेल की खपत कम करने, रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करने, प्राकृतिक खेती और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का भी आह्वान किया। पश्चिम बंगाल में भारी बहुमत से भाजपा सरकार बनने का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने तेलंगाना में बंगाल का उत्साह देखा। उन्होंने यह भी कहा कि तेलंगाना के लोग बदलाव चाहते हैं। उन्होंने कहा, ''पश्चिम बंगाल के लोगों ने तानाशाही मॉडल को पराजित किया।"जब उन्होंने 'अगली बार' का नारा लगाया, तो भीड़ ने 'भाजपा सरकार' कहकर जवाब दिया।तेलंगाना के शुरुआती योगदान को याद करते हुए मोदी ने कहा कि जब भाजपा के पास केवल दो सांसद थे, तब राज्य ने एक सांसद दिया था। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस की प्राथमिकता जनता की सेवा करना नहीं है, बल्कि यह विभाजनकारी और नफरत की राजनीति का अड्डा बन गई है। उन्होंने कहा, ''कांग्रेस वाम से भी अधिक वामपंथी हो गई है। यानी वह एक कट्टर माओवादी बन गई है। वह मुस्लिम लीग से भी अधिक 'मुस्लिम लीगी' हो गई है।'' मोदी ने दावा किया कि लोग अब कांग्रेस को 'एमएमसी – मुस्लिम लीग, माओवादी, कांग्रेस' कहते हैं।
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चेन्नई. तमिलनाडु में सी. जोसफ विजय के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कार्यक्रम में 'तमिल थाई वाझथु' (प्रार्थना) गीत को 'वंदे मातरम्' और 'जन गण मन' के बाद तीसरे स्थान पर गाया गया जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है। राज्य में सरकारी कार्यक्रमों के प्रारंभ में परंपरागत रूप से इस प्रार्थना गीत को गाया जाता है।
'तमिल थाई वाझथु' की तुलना में 'वंदे मातरम्' और 'जन गण मन' को दी गई प्राथमिकता ने राज्य में विवाद खड़ा कर दिया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्य सचिव एम. वीरपांडियन ने 'तमिल थाई वाझथु' को तीसरे स्थान पर रखने के फैसले की निंदा की है। वीरपांडियन की पार्टी ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), वीसीके (विदुथलाई चिरूथईगल काची) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के साथ मिलकर तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) को सरकार बनाने में समर्थन दिया है। उन्होंने राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगते हुए कहा कि तमिल प्रार्थना पारंपरिक रूप से सरकारी समारोहों की शुरुआत में गाई जाती रही है और इसे उचित महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी गलती नहीं दोहराई जानी चाहिए।
पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के संस्थापक डॉ. एस. रामदास ने एक बयान में राज्य सरकार से सभी आधिकारिक कार्यक्रमों और समारोहों में 'तमिल थाई वाझथु' को उचित महत्व देने का भी आह्वान किया। वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने भी इस घटना की निंदा की।
चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के शपथ ग्रहण समारोह में 'तमिल थाई वाझथु' से पहले 'वंदे मातरम्' और 'जन गण मन' गाया गया। तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने भव्य समारोह में विजय को पद की शपथ दिलाई।
इसी तरह, शोलावंदन विधानसभा क्षेत्र से चुने गए टीवीके विधायक एम.वी. करुपैया के कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में शपथ ग्रहण समारोह में भी 'तमिल थाई वाझथु' को तीसरे स्थान पर रखा गया।










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