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- नयी दिल्ली । उच्चतम न्यायालय ने केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) और राज्य सूचना आयोगों (एसआईसी) में रिक्त पदों को भरने का केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश देते हुए सोमवार को कहा कि ऐसा नहीं होने पर सूचना का अधिकार कानून ‘निष्प्रभावी’ हो जाएगा। प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला तथा न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को राज्य सूचना आयोगों में मंजूर पदों, रिक्तियों और वहां लंबित मामलों की कुल संख्या सहित कई पहलुओं पर सभी राज्यों से सूचना एकत्र करने को कहा।प्रधान न्यायाधीश ने झारखंड, त्रिपुरा और तेलंगाना जैसे राज्यों में राज्य सूचना आयोगों का कामकाज ठप्प पड़ जाने की दलील पर गौर करने के बाद कहा, ‘‘2005 का सूचना का अधिकार कानून निष्प्रभावी हो जाएगा।’’न्यायालय ने राज्यों और केंद्र को जानकारी उपलब्ध कराने के लिए तीन हफ्तों का वक्त दिया, और आरटीआई कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज द्वारा दायर याचिका उसके बाद सुनवाई के लिए मुल्तवी कर दी। भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि सीआईसी और राज्य सूचना आयोगों में रिक्तियों को समय पर भरने सहित अन्य संबद्ध मुद्दों पर शीर्ष न्यायालय का 2019 के फैसले का केंद्र और राज्यों द्वारा अनुपालन नहीं किया गया है।
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ठाणे. महाराष्ट्र के ठाणे शहर में एक व्यक्ति ने झगड़े के बाद एक करीबी रिश्तेदार की कथित तौर पर पीट-पीटकर कर हत्या कर दी और उसके 14 वर्ष के बेटे को घायल कर दिया। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने आरोपी संजू विलास लोखंडे (30) को आज तड़के भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 307 (हत्या के प्रयास) के तहत गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि आरोपी ने कोंकणी पाड़ा इलाके की चॉल में रहने वाली उसकी रिश्तेदार दुर्गा अनिल कुंते (40) पर शनिवार शाम को लोहे की छड़ से कथित तौर पर हमला कर दिया और उसके बेटे को भी घायल कर दिया। अधिकारी के अनुसार, पुणे के तालेगांव के रहनेवाले आरोपी का शुक्रवार को मामूली सी बात पर महिला के साथ झगड़ा हुआ था। महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है जबकि घायल लड़के को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। -
देवरिया (उप्र) .देवरिया जिला मुख्यालय की सदर कोतवाली थाना क्षेत्र में एक ग्राम प्रधान की एक वाहन से कुचलकर हुई मौत का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने दावा किया है कि सुपारी देकर ग्राम प्रधान की हत्या कराई गयी थी और इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने वाहन चालक आरोपी रुदल यादव समेत दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी चालक ने 40 हज़ार सुपारी लेकर ग्राम प्रधान को वाहन से कुचल कर हत्या करने की बात कथित रूप से कबूल की है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) संकल्प शर्मा ने रविवार को बताया कि खुखुंदू थानाक्षेत्र के परसिया मिश्र गांव के अशोक मिश्रा अपनी ग्राम सभा के प्रधान एवं प्रधान संघ के अध्यक्ष भी थे। उन्होंने बताया कि 11 अक्टूबर को वह मोटरसाइकिल से देवरिया आ रहे थे कि रास्ते मे सदर कोतवाली क्षेत्र के भरौली के पास एक वाहन ने उन्हें कुचल दिया और इस हादसे में उनकी मौत हो गयी थी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मृतक के पुत्र की तहरीर पर पुलिस ने पांच नामजद व्यक्तियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की और तब पता चला कि आरोपी आबिद ने हत्या की सुपारी दी थी। एसपी ने कहा कि जांच-पड़ताल में पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे का फुटेज खंगाला तो वाहन की पहचान हुई।
उन्होंने कहा कि शुक्रवार को सदर क्षेत्र के पुलिस क्षेत्राधिकारी श्रीयश त्रिपाठी और कोतवाली प्रभारी दिनेश मिश्रा ने आरोपी चालक रूदल यादव को सोनूघाट चौराहे से पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी चालक ने कबूला कि खुखुन्दू थानाक्षेत्र के सोन्हुला के निवासी आरोपी आबिद खान ने आपसी रंजिश के चलते प्रधान अशोक मिश्रा की हत्या के लिए 40 हजार रुपये की सुपारी दी थी। चालक ने यह भी माना कि घटना के दिन उसके साथ एक और व्यक्ति भी शामिल था। पुलिस ने इसके बाद आरोपी घूरा को भी गिरफतार कर लिया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी वाहन चालक रूदल यादव और आप घूरा को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस संबंध में आरोपी आबिद और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस प्रयास कर रही है और शीघ्र ही उनको भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। -
चाईबासा . झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में 60-वर्षीय बुजुर्ग मजदूर की उसके तीन पड़ोसियों ने कथित तौर पर पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, तीन पड़ोसियों में एक महिला भी शामिल है। पुलिस ने बताया कि नशे में धुत बुजुर्ग के व्यवहार को लेकर कहासुनी हुई, जिसके बाद पड़ोसियों ने इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि घटना शनिवार रात कराइकेला थाना क्षेत्र के अंतर्गत पोंगरा गांव की है, जहां तीन गांववालों ने बुजुर्ग की लोहे की छड़ों, डंडों और पत्थरों से पीटकर हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि रविवार को घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस का एक दल गांव पहुंचा और मृतक सुनिया करुआ के शव को बरामद कर लिया। अधिकारी के मुताबिक, पूछताछ के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुनिया एक दिहाड़ी मजदूर था और उसकी शराब पीने की आदत थी और वह अक्सर शराब पीकर गांव में हंगामा किया करता था। लोगों के मुताबिक, शनिवार रात को नशे में धुत सुनिया से आरोपियों ने ठीक तरीके से बर्ताव करने को कहा, जिसपर कहासुनी हो गयी। अधिकारी ने बताया कि थोड़ी ही देर में विवाद बढ़ गया और एक ही परिवार के तीनों आरोपियों ने सुनिया को डंडों, लोहे की छड़ों और पत्थरों से पीटना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि सुनिया को चक्रधरपुर में उपसंभागीय अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव को उसके परिवार के सदस्यों को सौंप दिया गया। उन्होंने बताया कि सभी आरोपियों को रविवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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नयी दिल्ली. पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत धन निकासी को अंशधारकों के लिए ‘पेनी ड्रॉप' सत्यापन अनिवार्य कर दिया है। इससे अंशधारकों के पैसे का समय पर हस्तांतरण सुनिश्चित होगा। ‘पेनी ड्रॉप' प्रक्रिया के तहत, रिकॉर्ड रखने वाली केंद्रीय एजेंसियां (सीआरए) बैंक बचत खाते की सक्रिय स्थिति देखती हैं और बैंक खाता संख्या और ‘प्राण' (स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या) या दाखिल किए गए दस्तावेजों में दिए गए नाम का मिलान करती हैं। ये प्रावधान एनपीएस, अटल पेंशन योजना (एपीवाई) और एनपीएस लाइट में सभी प्रकार की निकासियों के साथ-साथ ग्राहकों के बैंक खाता विवरणों में बदलाव के लिए लागू होंगे। लाभार्थी के बैंक खाते में एक छोटी राशि डालकर और पेनी ड्रॉप प्रतिक्रिया के आधार पर नाम का मिलान करके ‘परीक्षण लेनदेन' करके खाते की वैधता सत्यापित की जाती है। पीएफआरडीए की एक हालिया अधिसूचना के अनुसार, “नाम मिलान, निकास/निकासी आवेदनों को संसाधित करने और ग्राहक के बैंक खाते के विवरण को संशोधित करने के लिए पेनी ड्रॉप सत्यापन आवश्यक रूप से सफल होना चाहिए।
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ठाणे. महाराष्ट्र के नवी मुंबई में एक युवक ने मामूली कहासुनी के बाद अपनी 46 वर्षीय मां की शनिवार देर रात कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। तुर्भे पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि घटना कोपरी गांव के एक अपार्टमेंट में हुई और हत्या के आरोपी रूपचंद रहमान शेख (21) नामक युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है। अधिकारी के मुताबिक, सलमा उर्फ जहांआरा खातून अपार्टमेंट अपने आरोपी बेटे के साथ रहती थी और शेख की बेरोजगारी को लेकर दोनों के बीच अक्सर कहासुनी होती थी। उन्होंने बताया कि ऐसी ही एक कहासुनी के बाद आरोपी ने गुस्से में आकर देर रात करीब डेढ़ बजे अपनी मां की गला घोंटकर हत्या कर दी। अधिकारी के अनुसार, पुलिस को सतर्क कर दिया गया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि मृत महिला की बेटी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है।
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नयी दिल्ली. केंद्र सरकार ने कहा है कि राज्यों के पास किसी भी स्रोत - कोयला, जल, पवन या सौर से उत्पन्न बिजली पर कोई कर या शुल्क लगाने का अधिकार नहीं है और इस तरह का कोई भी शुल्क गैरकानूनी और असंवैधानिक है। केंद्रीय बिजली मंत्रालय ने 25 अक्टूबर को एक परिपत्र में कहा कि केंद्र के संज्ञान में आया है कि कुछ राज्य सरकारों ने विकास शुल्क/शुल्क/कोष की आड़ में विभिन्न स्रोतों से बिजली उत्पादन पर अतिरिक्त शुल्क लगाया है। इसमें कहा गया है, ‘‘बिजली उत्पादन पर किसी भी तरह के कर/शुल्क के रूप में इस तरह का अतिरिक्त शुल्क अवैध और असंवैधानिक है।'' संवैधानिक स्थिति पर स्पष्टीकरण देते हुए मंत्रालय ने कहा कि कर/शुल्क लगाने की शक्तियां विशेष रूप से सातवीं अनुसूची में बताई गई हैं। ‘‘सातवीं अनुसूची की सूची-दो प्रविष्टियां-45 से 63 में राज्यों द्वारा कर/शुल्क लगाने की शक्तियों को बताया गया है। कोई भी कर/शुल्क जिसका इस सूची में विशेष रूप से उल्लेख नहीं किया गया है, राज्य सरकारों द्वारा कोई भी ‘आड़' लेकर नहीं लगाया जा सकता है। इसका अधिकार केंद्र सरकार के पास है।'' सूची-दो (राज्य सूची) की प्रविष्टि-53 राज्यों को अपने अधिकार क्षेत्र में बिजली की खपत या बिक्री पर कर लगाने के लिए अधिकृत करती है। ‘‘इसमें बिजली उत्पादन पर कोई कर या शुल्क लगाने का अधिकार नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि एक राज्य के क्षेत्र के भीतर उत्पन्न बिजली का उपभोग दूसरे राज्यों में किया जा सकता है और किसी भी राज्य के पास दूसरे प्रदेश के लोगों पर कर/शुल्क लगाने का अधिकार नहीं है।'' मंत्रालय ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद-286 स्पष्ट रूप से राज्यों को उन वस्तुओं या सेवाओं की आपूर्ति या दोनों पर कोई कर/शुल्क लगाने से रोकता है, जहां आपूर्ति राज्य के बाहर होती है। साथ ही, अनुच्छेद-287 और 288 केंद्र सरकार द्वारा उपभोग की जाने वाली या सरकार या उसकी एजेंसियों द्वारा उपभोग के लिए केंद्र सरकार को बेची जाने वाली बिजली की खपत या बिक्री पर कर लगाने से रोकता है। इस आदेश में कहा गया है कि संवैधानिक प्रावधानों के मद्देनजर राज्य किसी भी स्रोत मसलन ताप, जल या नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन या उसकी अंतर-राज्य आपूर्ति पर अतिरिक्त शुल्क/कर नहीं लगा सकते हैं। केंद्र ने राज्यों से कहा है कि यदि उन्होंने इस तरह का कोई अतिरिक्त शुल्क लगाया है तो वे इसे तत्काल वापस लें। अप्रैल में मंत्रालय ने राज्यों से कहा था कि वे विशेषरूप से पनबिजली परियोजनाओं से उत्पादित बिजली पर किसी तरह का शुल्क या कर नहीं लगाएं।
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जयपुर. राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में मोगा राजमार्ग पर एक कार और ट्रक की आमने-सामने की भिड़ंत में एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गये। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि घटना शनिवार देर रात हनुमानगढ़ शहर थाना क्षेत्र की है।
थाना प्रभारी वेदपाल ने बताया कि मेगा राजमार्ग पर नोरंगदेसर के पास कार और ट्रक की आमने-सामने से भिड़ंत में कार सवार परमजीत कौर (60), खुशविन्द्र सिंह (25) उनकी पत्नी परमजीत कौर (22), बेटा मनजोत सिंह (पांच), रामपाल (36) उनकी पत्नी रीना (35), पुत्री रीत (12) की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि हादसे में गंभीर रूप से घायल रामपाल के बेटे आकाशदीप सिंह (14) और खुशविन्द्र सिंह की बेटी मनराज कौर (दो) को बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में रेफर किया गया है। उन्होंने बताया कि कार में सवार एक ही परिवार के नौ लोग एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद वापस घर लौट रहे थे। शवों को पोस्टमार्टम के लिए हनुमानगढ़ के जिला अस्पताल भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। -
जम्मू. जम्मू-कश्मीर में ग्रामीण महिलाओं का एक समूह पर्यावरण-अनुकूल दिवाली सुनिश्चित करने के लिए गाय के गोबर के दीये बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है। एक युवा सामाजिक कार्यकर्ता से उद्यमी बने रजत सालगोत्रा ने त्योहार के दौरान महिला सशक्तीकरण और प्लास्टिक से बने उत्पादों पर निर्भरता कम करने के दोहरे उद्देश्यों के साथ गाय के गोबर से दीये बनाने की यह पहल की है। रजत सालगोत्रा ने नवंबर 2021 में ‘समस्त इको-अल्टरनेटिव्स प्राइवेट लिमिटेड' नामक अपना स्टार्ट-अप शुरू किया था। उनकी कंपनी पिछले साल जम्मू के बाजारों में गाय के गोबर से बने दीये पेश करने वाली पहली कंपनी थी और उनकी इस साल 12 नवंबर को मनाए जाने वाले रोशनी के त्योहार दीपावली के लिए 20,000 से अधिक दीये उपलब्ध कराने की योजना है। गैर-सरकारी संगठन दिशा फाउंडेशन के सदस्य रजत सालगोत्रा ने यहां कहा, ‘‘हम प्राचीन काल से ही पूजा के लिए गाय के गोबर का उपयोग करते आ रहे हैं। हमारा उद्देश्य गांव की महिलाओं को सशक्त बनाना और मूर्तियों तथा गोबर के दीयों जैसे पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों का उत्पादन करके पर्यावरण की रक्षा करना है। पिछले साल, हमने गाय के गोबर से बने आठ हजार दीये बेचे थे।'' जम्मू से लगभग 20 किलोमीटर दूर जम्मू-अखनूर रोड पर मिश्रीवाला गांव में महिलाओं द्वारा दीये बनाने की प्रक्रिया का निरीक्षण कर रहे रजत ने कहा कि उनकी कंपनी ने ग्रामीण महिलाओं को इसके लिए प्रशिक्षित किया और उन्हें सादे एवं आकर्षक दीये बनाने के लिए स्थानीय रूप से उपलब्ध कच्चा माल उपलब्ध कराया है। रजत ने कहा, ‘‘गाय के गोबर से बने दीये मिट्टी के दीयों से अलग होते हैं। इसे पूरी तरह से जला दिया जाता है और राख या उत्पाद का उपयोग कीटनाशक अथवा उर्वरक के रूप में किया जा सकता है, जिससे कोई नुकसान नहीं होता है। उत्पाद को धूप में सुखाया जाता है और इन्हें रिसावरोधी बनाने के लिए किसी रसायन या कृत्रिम रंग का उपयोग नहीं किया जाता है।'' उन्होंने कहा कि विनिर्माण से लेकर निपटान तक की पूरी प्रक्रिया पर्यावरण के अनुकूल है और इससे गांव की महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। रजत ने कहा कि उनकी पहल लोगों को अपने अनुत्पादक मवेशियों को सड़कों पर नहीं छोड़ने के लिए भी प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने विभिन्न पर्यावरण समर्थक अभियानों और सम्मेलनों में जम्मू नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण समिति और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के समर्थन की सराहना भी की। गाय के गोबर से दीये बनाने के काम में जुटी लवली देवी नामक एक महिला ने कहा, ‘‘हम घर के कामकाज के बाद ज्यादातर खाली बैठे रहते हैं, लेकिन अब हम काम करने में सक्षम हैं और इसके जरिये पैसा भी कमा सकते हैं।
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नयी दिल्ली. दिल्ली में स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 'इंटीग्रेशन ऑफ नर्सिंग एजुकेशन एंड सर्विस' मॉडल लागू किए जाएगा। देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थान के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। भारतीय नर्सिंग परिषद ने चार अप्रैल 2019 की तिथि वाले अपने पत्र के माध्यम से 'इंटीग्रेशन ऑफ नर्सिंग एजुकेशन एंड सर्विस' को लागू किए जाने को मंजूरी प्रदान की थी। इस मॉडल का मकसद मरीजों को मुहैया कराई जाने वाली नर्सिंग की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के साथ-साथ नर्सिंग के विद्यार्थियों के नैदानिक कौशल को भी बेहतर बनाना है। अधिकारी ने बताया कि इस पहल के माध्यम से नर्सिंग के विद्यार्थियों का अकादमिक व नैदानिक दोनों रूपों में बेहतर तरीके से उपयोग होने की संभावना है। कॉलेज ऑफ नर्सिंग, सीएमसी वेल्लोर और बेंगलुरु के सेंट जॉन्स कॉलेज ऑफ नर्सिंग सहित कई संस्थान इस तरह के मॉडल को सफलतापूर्वक लागू कर चुके हैं। इस मॉडल में सिद्धांत और व्यवहार के बीच अंतर को पाटने, नर्सिंग के मानकों को ऊपर उठाने और नर्सिंग कर्मियों को स्वास्थ्य क्षेत्र के भीतर विभिन्न भूमिकाओं में प्रभावी रूप से उपयोग में लाने की क्षमता है। संस्थान के निदेशक डॉ. एम. श्रीनिवास ने कहा, ''कई कॉलेजों में सफलतापूर्वक लागू किए जाने के मद्देनजर एम्स-दिल्ली ने भी 'इंटीग्रेशन ऑफ नर्सिंग एजुकेशन एंड सर्विस' को लागू करने की संभावना को सक्रिय रूप से तलाशने का निर्णय लिया है। इसे लागू करने की व्यवहार्यता और तौर-तरीकों का आकलन करने के लिए अस्पताल प्रशासन ने प्रमुख हितधारकों वाली एक समर्पित समिति का गठन किया है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 31 अक्टूबर को लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर ‘मेरा युवा भारत' नामक एक संगठन की नींव रखे जाने की घोषणा की, जो राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न आयोजनों में देश के युवाओं को सक्रिय भागीदारी करने का अवसर देगा। आकाशवाणी पर रविवार को प्रसारित मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात' की 106वीं कड़ी में देशवासियों से अपने विचार साझा करते हुए मोदी ने पिछले कुछ वर्षों में खादी से जुड़े उत्पादों की बिक्री में हुए इजाफे का जिक्र किया। उन्होंने देशवासियों से एक बार फिर स्थानीय उत्पादों को अधिक से अधिक खरीदने की अपील की और ‘आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को पूरा करने का आह्वान किया। मोदी ने कहा कि वह ‘मन की बात' के जरिये देशवासियों, विशेषकर उन युवाओं के लिए एक खुशखबरी साझा कर रहे हैं, जिनके दिलों में भारत के लिए कुछ करने का जज़्बा, सपने और संकल्प हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह खुशखबरी देशवासियों के लिए तो है ही है, मेरे नौजवान साथियों आपके लिए विशेष है। दो दिन बाद ही 31 अक्टूबर को एक बहुत बड़े राष्ट्रव्यापी संगठन की नींव रखी जा रही है और वो भी सरदार साहब की जयंती के दिन। इस संगठन का नाम है ‘मेरा युवा भारत' यानी ‘माई भारत संगठन।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह संगठन भारत के युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर देगा। यह विकसित भारत के निर्माण में भारत की युवा शक्ति को एकजुट करने का एक अनोखा प्रयास है।'' मोदी ने इसके लिए ‘माई भारत डॉट जीओवी डॉट इन' नाम से एक वेबसाइट शुरु किए जाने की घोषणा करते हुए युवाओं से इस पर पंजीकरण कराने और विभिन्न कार्यक्रमों के लिए ‘साइन अप' करने की अपील की। प्रधानमंत्री ने इस महीने की शुरुआत में गांधी जयंती के अवसर पर दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित खादी भंडार में एक ही दिन में डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा की बिक्री का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘10 साल पहले देश में जहां खादी उत्पादों की बिक्री बड़ी मुश्किल से 30 हजार करोड़ रुपये से भी कम की थी, आज यह बढ़कर सवा लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गई है।'' उन्होंने कहा कि खादी की बिक्री बढ़ने का मतलब है कि इसका फायदा शहर से लेकर गांव तक में अलग-अलग लोगों तक पहुंचता है। मोदी ने कहा कि इस बिक्री का लाभ बुनकरों, हस्तशिल्प कारीगरों, किसानों, आयुर्वेदिक पौधे लगाने वालों और कुटीर उद्योगों को मिलता है। प्रधानमंत्री ने इसे ‘वोकल फोर लोकल' अभियान की ‘ताकत' बताते हुए देशवासियों से आग्रह किया कि वे जब भी पर्यटन या तीर्थटन पर जाएं, तो वहां के स्थानीय उत्पादों को जरूर खरीदें। उन्होंने लोगों से अपनी यात्रा के कुल बजट के कुछ हिस्से को स्थानीय उत्पादों की खरीदारी के लिए रखने का आग्रह किया। आगामी त्योहारों का उल्लेख करते हुए मोदी ने लोगों से अपनी खरीदारी में स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया और कहा कि दृष्टि केवल छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी से सामान लेने तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘आज भारत दुनिया में विनिर्माण का बड़ा केंद्र बन रहा है। कई बड़े ब्रांड यहीं पर अपने उत्पाद तैयार कर रहे हैं। अगर हम उन उत्पादों को अपनाते हैं, तो ‘मेक इन इंडिया' को बढ़ावा मिलता है और यह भी ‘लोकल' के लिए ‘वोकल' ही होना होता है।'' प्रधानमंत्री ने ऐसे उत्पादों को खरीदते समय डिजिटल लेन-देन का सहारा लेने का अनुरोध किया।
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मेरठ (उप्र). मेरठ में कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र के कासमपुर रेलवे क्रॉसिंग पर रविवार शाम रेलवे ट्रैक पार करते समय एक महिला एवं उसकी दो बेटियों की वहां से गुजर रही वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आ जाने से मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। उसने बताया कि कंकरखेड़ा क्षेत्र का नरेश अपनी पत्नी मोना (40) और दो बेटियों-- मनीषा (14) एवं चारू (सात) के साथ रेहड़े से कंकरखेड़ा के अशोकपुरी जा रहा था। नरेश रेहड़ा (ठेला) चला रहा था और पत्नी एवं दोनों बेटियां पीछे बैठी थीं। कासमपुर रेवले फाटक बंद होने पर वह नीचे से रेहड़ा निकालने लगा, तभी वंदेभारत ट्रेन आ गई। रेहड़े का पिछला हिस्सा ट्रेन से टकरा गया, जिससे रेहड़े में बैठी मोना और उसकी दोनों पुत्रियों की मौके पर मौत हो गई। अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिए। सिंह के अनुसार घटना के समय रेलवे फाटक बंद था।
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नयी दिल्ली. विज्ञापन संबंधी प्रतिबंध के बावजूद भारत, चीन, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन में एक सर्वेक्षण में शामिल लोगों में से कम से कम 85 प्रतिशत ने कहा कि वे विशेष रूप से सोशल मीडिया और दुकानों तथा अन्य खुदरा विक्रेताओं के इर्द-गिर्द ई-सिगरेट के विज्ञापनों के प्रभाव में हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) सभी प्रकार के ई-सिगरेट विज्ञापन, प्रचार और प्रायोजन पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश करता है। भारत ने इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम 2019 लागू किया है, जो ई-सिगरेट और इसी तरह के उपकरणों के निर्माण, बिक्री और विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाता है। जॉर्ज इंस्टिट्यूट ऑफ ग्लोबल हेल्थ द्वारा किए गए सर्वेक्षण में 15-30 वर्ष की आयु के चार हजार लोगों ने भाग लिया। शोधकर्ताओं का तर्क है कि ई-सिगरेट के विज्ञापन के संपर्क में आने से खतरे और जोखिम के बारे में लोगों की धारणा बदल सकती है तथा उनकी रुचि और बढ़ सकती है, जिससे उनके उपयोग की प्रवृत्ति में वृद्धि हो सकती है। सर्वेक्षण में जनसांख्यिकीय विशेषताओं, ई-सिगरेट और तंबाकू के उपयोग, दोस्तों और परिवार के सदस्यों की संख्या जो कि धूम्रपान करते हैं, और ई-सिगरेट विज्ञापन के कई स्वरूपों के संपर्क का आकलन किया गया। इनमें टेलीविज़न, प्रिंट, रेडियो और सोशल मीडिया जैसे विभिन्न तरीके शामिल थे। अध्ययन रिपोर्ट में कहा गया, उदाहरण के लिए, चीन के 50 प्रतिशत और ऑस्ट्रेलिया, भारत तथा ब्रिटेन के 39 प्रतिशत लोगों ने क्रमशः (सोशल मीडिया मंच) डॉयिन और इंस्टाग्राम पर ई-सिगरेट विज्ञापन देखने की बात बताई, जबकि 29 प्रतिशत ने इंटरनेट पर अन्य जगह ई-सिगरेट विज्ञापन देखा।'' शोध के निष्कर्ष ‘टोबैको इंड्यूस्ड डिजीज' पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं।
रिपोर्ट में कहा गया कि सभी चार देशों में विज्ञापन प्रतिबंधों के बावजूद, बड़ी संख्या में युवाओं ने ई-सिगरेट विज्ञापन के संपर्क में आने की बात बताई। -
जमशेदपुर. झारखंड में जमशेदपुर स्थित गोविंदपुर थाना क्षेत्र के खखरीपाड़ा इलाके में 30-वर्षीय एक व्यक्ति ने रविवार को अपने दो-वर्षीय बेटे को तालाब में डुबाकर मार डाला। पुलिस ने यह जानकारी दी। गोविंदपुर थाना प्रभारी राम कुमार वर्मा ने कहा कि अपनी पत्नी और बच्चे से तंग आकर आरोपी अजय नामता ने अपने दो-वर्षीय पुत्र को तालाब में डुबाकर मार डाला। वर्मा ने बताया कि पूछताछ के दौरान घाटशिला थानान्तर्गत गोपालपुर निवासी आरोपी नामता ने अपना अपराध कबूल कर लिया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी का किसी महिला के साथ संबंध था और वह अपनी पत्नी और बेटे के साथ नहीं रहना चाहता था।
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भावनगर. गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने रविवार को भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के एक अध्ययन का हवाला देते गुए कहा कि वे व्यक्ति, जो पूर्व में गंभीर रूप से कोविड-19 संक्रमण का शिकार हुए थे उन्हें दिल के दौरे से बचने के लिए एक या दो साल तक जरूरत से ज्यादा परिश्रम नहीं करना चाहिए। गुजरात में हाल ही में दिल संबंधी समस्याओं की वजह से बहुत से लोगों की मौत हुई है, जिसमें नवरात्रि महोत्सव के दौरान 'गरबा' खेलते वक्त हुई घटना भी शामिल है। इसके बाद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने 'कार्डियोलॉजिस्ट' सहित चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ एक बैठक की। पटेल ने विशेषज्ञों से कारणों और उपचार का पता लगाने के लिए मौत के आंकड़े जुटाने को कहा। उन्होंने संवाददाताओं को बताया, ''आईसीएमआर ने एक विस्तृत अध्ययन किया है। इस अध्ययन के मुताबिक, वे लोग, जो पूर्व में गंभीर रूप से कोविड-19 संक्रमण का शिकार हुए थे उन्हें जरूरत से ज्यादा परिश्रम नहीं करना चाहिए। उन्हें (पूर्व में संक्रमित हुए लोगों) दिल के दौरे से बचने के लिए एक या दो वर्ष तक कठोर अभ्यास, दौड़ और वर्कआउट से दूर रहना चाहिए।'' उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने हाल ही में राज्य के दौरे के दौरान इस मुद्दे पर चिंता जाहिर की थी।
- विशाखापत्तनम/नयी दिल्ली. आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में हावड़ा-चेन्नई लाइन पर रविवार शाम दो यात्री ट्रेन की टक्कर में कम से कम आठ यात्रियों की मौत हो गयी जबकि करीब 20 लोग घायल हो गए। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पूर्वी तटीय रेलवे क्षेत्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कांतकपल्ले में एक यात्री ट्रेन ने दूसरी यात्री ट्रेन को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे उसके तीन डिब्बे पटरी से उतर गए। इस बीच, रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस दुर्घटना में करीब 18-20 लोग घायल हुए हैं।उन्होंने कहा कि घायलों को विशाखापत्तनम और विजयनगरम के अस्पतालों में स्थानांतरित किया जा रहा है।मंडल रेल प्रबंधक सौरभ प्रसाद घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य जोरों पर है।सौरभ प्रसाद ने कहा, ‘‘ इस दुर्घटना में मृतकों की कुल संख्या आठ है, फिलहाल हमने सभी की पहचान कर ली है। हम सभी डिब्बों की जांच करने की प्रक्रिया में हैं। एक बार ऐसा हो जाने पर, हम सटीक संख्या पता करने में सक्षम होंगे। हमने 13 घायलों को सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्र भेजा है।'' उन्होंने कहा कि वे फंसे और उलझे हुए डिब्बों को अलग करने की प्रक्रिया में हैं और ऐसा होने पर तस्वीर साफ हो जाएगी। विजयनगरम के सरकारी अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. एस अप्पाला नायडू ने कहा, ‘‘ दुर्घटनास्थल पर एम्बुलेंस भेज दी गई हैं और अब तक हमें 20 घायल व्यक्ति मिले हैं, जिनमें से तीन की हालत गंभीर है। कई एम्बुलेंस रास्ते में हैं इसलिए घायल व्यक्तियों की संख्या बढ़ सकती है। अभी तक हमें अस्पताल में कोई शव नहीं मिला है। हालांकि, कुछ यात्रियों की मौत की भी खबर है। '' पूर्वी तटीय रेलवे क्षेत्र के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि यह दुर्घटना लगभग शाम सात बजे पूर्वी तटीय रेलवे क्षेत्र के वाल्टेयर उपखंड के विजयनगरम-कोत्तावलासा रेलवे सेक्शन में अलामंदा और कंटाकापल्ली के बीच हुई। अधिकारियों ने बताया कि विशाखापत्तनम-पलासा पैसेंजर (ट्रेन संख्या 08532), विशाखापत्तनम-रायगढ़ा पैसेंजर (ट्रेन संख्या 08504) से टकरा गई। एक अधिकारी के मुताबिक विशाखापत्तनम-पलासा पैसेंजर ट्रेन (ट्रेन संख्या 08532) के पीछे के दो डिब्बे और विशाखापत्तनम-रायगढ़ा पैसेंजर (ट्रेन संख्या 08504) का लोको डिब्बा पटरी से उतर गए। मौके पर डीआरएम/वाल्टेयर और उनकी टीम के साथ बचाव अभियान जारी है। अधिकारी ने कहा, दुर्घटना राहत ट्रेनें और अन्य बचाव उपकरण लगे हुए हैं। रेल दुर्घटना की जानकारी मिलने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बात की और स्थिति का जायजा लिया और कहा कि अधिकारी प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी एक पोस्ट में मोदी ने कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बात की और अलामांडा और कांतकपल्ले खंड के बीच दुर्भाग्यपूर्ण ट्रेन दुर्घटना के मद्देनजर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारी प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। '' रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि सभी यात्रियों को दुर्घटनास्थल से स्थानांतरित कर दिया गया है। अश्विनी वैष्णव ने पोस्ट में कहा, ‘‘बचाव कार्य जारी है। सभी यात्रियों को स्थानांतरित कर दिया गया है। नरेन्द्र मोदी जी ने स्थिति की समीक्षा की। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री से बात हुई है। राज्य सरकार और रेलवे की टीम निकट समन्वय में काम कर रही हैं। '' आंध्र प्रदेश के मंत्री बोत्चा सत्यनारायण भी मौके पर पहुंच गए हैं और बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। विजयनगरम जिले के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति का जायजा लेने और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए मौके पर पहुंच गए हैं। अंधेरे के कारण बचाव कार्य में बाधा आ रही है। इस बीच, पूर्वी तटीय रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। अधिकारियों ने कहा कि दुर्घटना की जानकारी स्थानीय प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को दी गयी और उनसे सहायता मांगी गई, जिसके बाद एम्बुलेंस और दुर्घटना राहत ट्रेनें घटनास्थल पर पहुंच गईं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने रेल दुर्घटना पर दुख व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को बचाव कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने घायलों को ले जाने के लिए पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस की व्यवस्था करने को कहा है।
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मुंबई. ‘रिलायंस इंडस्ट्रीज' के चेयरमैन मुकेश अंबानी को शनिवार को एक अज्ञात व्यक्ति का ईमेल मिला, जिसमें 200 करोड़ रुपये नहीं देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गयी है। मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। इससे पहले मुकेश अंबानी को एक ईमेल में 20 करोड़ रुपये नहीं देने पर गोली मारने की धमकी दी गयी थी।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि अंबानी के सुरक्षा प्रभारी की शिकायत के आधार पर गामदेवी थाने में एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘ पहला ईमेल शुक्रवार को प्राप्त हुआ, जिसमें 20 करोड़ रुपये की मांग की गयी थी और इस मांग के पूरी न होने पर उन्हें गोली मार देने की धमकी दी गई थी। इस अज्ञात शख्स ने शनिवार को धमकी भरा एक दूसरा ईमेल भेजकर 200 करोड़ रुपये की मांग की।'' उन्होंने बताया कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 387 (जबरन वसूली के लिए किसी व्यक्ति को जान से मारने या गंभीर चोट पहुंचाने का डर दिखाना) और 506 (2) (आपराधिक धमकी) के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। ईमेल भेजने वाले व्यक्ति को पकड़ने के लिए अभियान भी शुरू किया गया है। मुंबई पुलिस ने मुकेश अंबानी और उनके परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी भरा कॉल करने के आरोप में पिछले साल बिहार के दरभंगा से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। आरोपी ने मुंबई के ‘सर एच एन रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल' को भी बम से उड़ाने की धमकी दी थी। -
नयी दिल्ली. दक्षिणपूर्वी दिल्ली के जैतपुर इलाके में एक व्यक्ति ने 24 वर्षीय एक महिला की उसके घर पर मां और भाई के सामने कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि हमलावर ने पूजा यादव को चार गोली मारी जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि हमलावर आरोपी की पहचान हरियाणा के फरीदाबाद के रहनेवाले रॉकी के रूप में हुई है जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी रॉकी को प्रॉपर्टी डीलर का काम करने वाले अपने बड़े भाई कृष्ण प्रधान के यादव के साथ ‘‘अवैध'' संबंध से आपत्ति थी और उसने यादव की हत्या करने का फैसला किया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा,'' आरोपी रॉकी ने बताया कि उसका बड़ा भाई शादीशुदा है और उसके चार बच्चे हैं। यादव के साथ संबंध के चलते उसकी भाभी और मां अकसर प्रधान के साथ झगड़ा करती। इसके चलते उसने यादव को मार दिया।'' यादव फरीदाबाद के बसंतपुर गांव में प्रधान के कार्यालय पर काम करती थी और जैतपुर एक्सटेंशन की एकता विहार में अपने माता-पिता और छोटे भाई के साथ रहती थी। यादव ने ब्यूटी पार्लर का कोर्स किया था और सात महीने पहले प्रधान के परिवार के सदस्यों द्वारा उसके रिश्ते पर आपत्ति जताने के कारण उसने कार्यालय में नौकरी छोड़ दी थी। यादव के भाई मनोज ने कहा,'' उसकी बहन घर के बाहर बच्चों के साथ खेल रही थी और इसी दौरान हमलावर मोटरसाइकिल पर आया। मैं और मां घर के अंदर थे। जैसे ही पूजा घर में घुसी तो हमलावर ने उसपर गोली चला दी।'' यादव के 22 वर्षीय भाई ने हमलावर का पीछा भी किया लेकिन उसने उसपर भी बंदूक तानकर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद हमलावर बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल को छोड़कर पैदल भाग गया। पुलिस को इंजन नंबर की मदद से पता चला कि इसका मालिक नरेंदर है और उसने शुक्रवार को आरोपी रॉकी को मोटरसाइकिल दी थी। पुलिस ने फरीदाबाद में आरोपी रॉकी के घर छापा मारा लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद उसकी लोकेशन का पता लगाकर उसी इलाके से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। यादव अविवाहित थी। उसके पिता एक निजी कंपनी में चालक की नौकरी करते हैं और छोटा भाई नोएडा की एक निजी कंपनी में काम करता है। पुलिस जांच कर रही है कि प्रधान के परिवार को कोई अन्य सदस्य तो यादव की हत्या में शामिल नहीं है। -
नयी दिल्ली. कांग्रेस ने शनिवार को केंद्र सरकार पर महंगाई पर काबू करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया और कहा कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में महंगाई से परेशान जनता का गुस्सा स्पष्ट रूप से दिखेगा। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने प्याज और लहसुन के दाम में बढ़ोतरी की एक खबर सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर साझा करते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। आम और ग़रीब लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। मोदी सरकार महंगाई कम करने के वादे के साथ सत्ता में आई थी, लेकिन पिछले साढ़े नौ वर्षों में इसे क़ाबू करने में पूरी तरह से नाकाम रही है। अपनी इस नाकामी को छुपाने के लिए वह लोगों का ध्यान भटकने में लगी है।'' रमेश ने कहा, ‘‘लोग सब देख और समझ रहे हैं। महंगाई से परेशान जनता का गुस्सा आने वाले चुनावों के नतीजों में स्पष्ट रूप से दिखेगा।''
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नयी दिल्ली. आयरलैंड के संगीत समूह वेस्टलाइफ के गायक निकी बर्न ने कहा है कि वह भारत की यात्रा पर आ रहे हैं, जिस दौरान वह देश के तीन शहरों में कार्यक्रम करेंगे। बर्न, कियां इगन, शेन फिलान और मार्कस फीहिली वाला यह वैश्विक पॉप बैंड ‘द वाइल्ड ड्रीम्स' टूर के भारत चरण के तहत मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली में सजीव प्रस्तुति देगा। बर्न ने कहा कि संगीत समूह प्रशंसकों के समक्ष उन गीतों पर प्रस्तुति देगा जिसने उन्हें 1990 के दशक में लोकप्रिय बनाया था जिसमें ‘‘यू रेज मी अप'', ‘‘फ्लाइंग विदआउट विंग्स'', ‘‘इफ आई लेट यू गू'', ‘‘अपटाउन गर्ल'' और ‘‘माय लव'' जैसे गीत शामिल हैं। बर्न ने ‘ कहा, ‘‘हमारे 25 साल पूरे होने के करीब हैं लेकिन हमने इस टूर पर यह देखा है कि जब प्रशंसक कार्यक्रमों में आते हैं तो हम सभी कुछ गीतों के साथ अपनी किशोरावस्था के दिनों को याद कर लेते हैं।'' उन्होंने कहा, '‘‘जब हम मंच पर होते हैं लोग अपना पहला नृत्य या पहला प्रेमी या प्रेमिका, कई सारे अच्छे पल याद करते हैं। इसलिए जब हम मंच पर होते हैं तो पुरानी यादों को फिर से जीते हैं। हम अपने प्रशंसकों जितना ही आनंद उठाते हैं।'' वेस्टलाइफ का ‘टूर' 24 नवंबर को मुंबई में महालक्ष्मी रेसकोर्स में शुरू होगा। इसके बाद वेस्टलाइफ की ओर से 25 नवंबर को बेंगलुरु में एम्बेसी इंटरनेशनल राइडिंग स्कूल ग्राउंड और 26 नवंबर को नयी दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में समाप्त होगा।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह ने शनिवार को कहा कि 2014 के बाद से विभिन्न स्तरों पर सरकारी नौकरियों में महिलाओं की भर्ती दोगुनी हुई है। जितेन्द्र सिंह ने 10वें रोजगार मेले में कहा कि 2014 से पहले के वर्षों में सरकारी नौकरियों में लगभग 6-6.25 प्रतिशत महिलाओं की भर्तियों की तुलना में, पिछले नौ वर्षों में उनकी संख्या दोगुनी से अधिक होकर 12-13 प्रतिशत तक हो गई । उन्होंने कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिला आरक्षण अधिनियम बनाकर और सशस्त्र बलों में महिलाओं को कमीशन रैंक प्रदान करके नारी शक्ति को सशक्त बनाया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में महिलाओं को भी अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। '' उन्होंने कहा कि संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण तथा सरकारी नौकरियों में महिलाओं के बढ़ते प्रतिनिधित्व ने यह सुनिश्चित किया है कि अगले 24 वर्षों में 'अमृतकाल' के दौरान विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की ओर महिलाएं समान भागीदार के रूप में उभरें। जितेन्द्र सिंह ने कहा कि दसवें रोजगार मेले की एक अनूठी विशेषता यह है कि 50,000 से अधिक नयी नियुक्तियों में से 21 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व महिलाएं करती हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘ कुल मिलाकर, पिछले वर्ष के दौरान आयोजित 10 रोजगार मेलों में 6.48 लाख से अधिक नियुक्तियों में से 1.10 लाख से अधिक महिला कर्मचारी हैं, जो कुल नयी भर्ती का 17 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करती हैं।'' प्रधानमंत्री ने शनिवार को वर्चुअल माध्यम से 10वें रोजगार मेले में विभिन्न सरकारी विभागों में 51,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटे।
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गोरखपुर(उप्र). गीता प्रेस के न्यासी बैजनाथ अग्रवाल का शनिवार तड़के निधन हो गया। वह 90 वर्ष के थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अग्रवाल के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने उनके बेटे देवी दयाल अग्रवाल से बात की और अपनी संवेदना व्यक्त की। बैजनाथ अग्रवाल ने शनिवार सुबह करीब 2:30 बजे गोरखपुर के हरिओम नगर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली।
एक सरकारी बयान के मुताबिक शोक संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा है, ‘‘विगत 40 वर्षों से गीता प्रेस के न्यासी के रूप में बैजनाथ जी का जीवन सामाजिक जागरूकता और मानव कल्याण के लिए समर्पित रहा। वह ईश्वर के अनन्य भक्त थे।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि बैजनाथ जी के निधन से समाज को अपूरणीय क्षति हुई है।
बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिजनों से बात कर उन्हें ढांढस बंधाते हुए दिवंगत आत्मा की सद्गति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। बैजनाथ अग्रवाल 1950 में महज 17 साल की उम्र में गीता प्रेस से बतौर एक कर्मचारी जुड़े। चालीस साल बाद, 1983 में, वह गीता प्रेस के न्यासी बने। इस पद से पहले उन्होंने वहां प्रशासक की भूमिका भी निभाई थी। अग्रवाल ने करीब 70 सात तक गीता प्रेस में अपनी सेवाएं दीं और उन्होंने कभी भी किसी अन्य नौकरी या करियर के बारे में नहीं सोचा। उन्होंने अपना पूरा जीवन गीता प्रेस को समर्पित कर दिया। गीता प्रेस के प्रबंधक लाल मणि त्रिपाठी ने बताया कि गीता प्रेस के वरिष्ठ न्यासी बैजनाथ अग्रवाल का शनिवार तड़के निधन हो गया और यह दिन वाकई गीता प्रेस के लिए दुखद दिन है। वह 1950 से प्रेस से जुड़े थे और उन्होंने अपना पूरा जीवन गीता प्रेस को समर्पित कर दिया। -
कोलकाता. पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में अंतरिक्ष विज्ञान से संबंधित एक संग्रहालय में अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग के बालों से लेकर चंद्रमा और मंगल की चट्टानों के अलावा खगोल और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र से जुड़ी कई दुर्लभ चीजें उपलब्ध होंगी। यहां भारतीय अंतरिक्ष भौतिकी केंद्र (आईसीएसपी) के परिसर में 1,200 कलाकृतियों एक विशाल संग्रहालय स्थापित किया गया है। आईसीएसपी के निदेशक प्रोफेसर संदीप कुमार चक्रवर्ती ने कहा कि इस संग्रहालय में उपलब्ध चीजों में प्रख्यात वैज्ञानिकों और नोबेल पुरस्कार विजेताओं की हस्तलिखित डायरियां और नोट जैसे दुर्लभ दस्तावेज भी शामिल हैं। यह संग्रहालय सात हजार वर्ग फुट से अधिक के क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसका उद्घाटन शुक्रवार को भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा ने किया। प्रोफेसर चक्रवर्ती ने दावा किया, ‘‘यह अपनी तरह का एक अनूठा संग्रहालय है क्योंकि ऐसा संग्रह भारत के किसी भी अन्य संग्रहालय में नहीं है। देश में अंतरिक्ष विज्ञान को समर्पित कई संग्रहालय हैं, लेकिन किसी में भी इतनी अधिक खगोलीय सामग्री नहीं है।'' उन्होंने कहा, ‘‘इस संग्रहालय में आंगतुकों के देखने के लिए उपलब्ध चीजों में नील आर्मस्ट्रांग (चंद्रमा पर कदम रखने पहले व्यक्ति) के बाल, 370 करोड़ साल पुराना बैक्टीरिया जीवाश्म, अपोलो-11 मिशन के छोटे मॉडल और राइट बंधुओं के विमान के अलावा पिछले 200 वर्षों के कालक्रम के प्रख्यात अंतरिक्ष यात्रियों और वैज्ञानिकों के हस्तलिखित दस्तावेज, और हस्ताक्षर और साथ ही चंद्रमा, मंगल और विभिन्न उल्कापिंडों की चट्टानें उपलब्ध हैं।'' राकेश शर्मा ने इस संग्रहालय के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि यह संग्रहालय युवा पीढ़ी को उत्साहित करेगा और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति उनका मार्गदर्शन करेगा।
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मुंबई. पिछले महीने दिल्ली में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन के संदेश को फैलाने के लिए 14 दिवसीय ‘रेल यात्रा' शनिवार को मुंबई से शुरू हो गई। इसमें जी-20 देशों के 70 लोगों समेत कुल 450 लोग शामिल हैं। एक विज्ञप्ति के मुताबिक, रेल यात्रा करीब 8,000 किलोमीटर लंबी होगी और देशभर में भ्रमण के बाद 10 नवंबर को मुंबई में ही इसका समापन होगा। यात्रा के माध्यम से प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के बारे में जानकारी मिलेगी, समावेशी प्रथाओं और वैश्विक नेटवर्किंग की विस्तृत जानकारी मिलेगी। स्थानीय गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) जागृति सेवा संस्थान जी-20 के स्टार्टअप 20 के साथ मिलकर और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) एवं सिडबी के सहयोग से यह यात्रा आयोजित कर रहा है। यह यात्रा समावेशी उद्यम और महिला नेतृत्व वाले विकास के साथ-साथ दिल्ली घोषणा-पत्र के अन्य बिंदुओं पर केंद्रित होगी। विज्ञप्ति के अनुसार, यात्रा दिल्ली घोषणा-पत्र के पांच स्तंभों को बढ़ावा देगी जिनमें समावेशी विकास, हरित विकास, तकनीकी परिवर्तन और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा, महिला सशक्तिकरण और परिवर्तनकारी चालक के रूप में संस्कृति शामिल है।
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वाराणसी (उप्र). श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास यहां स्थित मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक 'ड्रेस कोड' (परिधान) लागू करने पर विचार कर रहा है। इसके लिए मंदिर न्यास की आगामी दिनों में होने वाली बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा। यह जानकारी न्याय के एक पदाधिकारी ने दी। काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष प्रोफेसर नागेंद्र पांडेय ने शनिवार को कहा कि न्यास की आगामी बैठक में मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक परिधान (ड्रेस) निर्धारित करने पर प्रस्ताव रखा जाएगा। हालांकि उन्होंने बैठक की तारीख नहीं बताई, सिर्फ इतना कहा कि बैठक नवंबर माह में होगी। पांडेय ने कहा कि फिलहाल विश्वनाथ धाम आने वाले दर्शनार्थी शालीन और मर्यादित वस्त्र धारण करके आयें। उन्होंने कहा कि ‘‘काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं को ऐसे मर्यादित वस्त्र पहनकर आना चाहिए जो देखने में अच्छा लगे।'' पांडेय ने यह भी बताया कि ‘‘पुरुषों के लिए धोती-कुर्ता और महिलाओं के लिए साड़ी पहन कर ही गर्भगृह में दर्शन पूजन करने को लेकर मंदिर न्यास की अगली बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा।'' उन्होंने कहा कि न्यास की बैठक में विचार-विमर्श के बाद ही इस पर फैसला लिया जाएगा। काशी विश्वनाथ मंदिर के जनसम्पर्क अधिकारी पीयूष तिवारी ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शनार्थियों के लिए अभी कोई 'ड्रेस कोड' लागू नहीं है। उन्होंने बताया कि मात्र अर्चकों के लिए दो सेट पोशाक न्यास की तरफ से देने का निर्णय लिया गया है, जिसे लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मंदिर में पुजारी अभी तक धोती पहनते हैं लेकिन अब उनके लिए जाड़े में चादर और गर्मी में दुपट्टा दिया जाएगा, इस पर न्यास का लोगो होगा, जो उनकी पहचान बताएगा। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ धाम के नये स्वरूप के निर्माण में लगभग पौने तीन वर्ष लगे और इस पर सात सौ करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। तेरह दिसंबर 2021 को मोदी ने श्री काशी विश्वनाथ धाम के नये स्वरूप का लोकार्पण किया था। आठ मार्च, 2019 को वाराणसी का कायाकल्प करने वाली 'श्री काशी विश्वनाथ धाम परियोजना' की आधारशिला मोदी ने ही रखी थी। एक सरकारी बयान के मुताबिक श्री काशी विश्वनाथ धाम परियोजना से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिला है। इसके अनुसार यह परियोजना पांच लाख वर्ग फुट में बनाई गई है और श्री काशी विश्वनाथ धाम मंदिर को गंगा के तट से जोड़ा गया है। बयान के मुताबिक इस परियोजना पर करीब 700 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

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