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- गांधीनगर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कहा कि आधुनिक युग में साइबर सुरक्षा, औद्योगिक सुरक्षा, डेटा सुरक्षा, तटीय सुरक्षा और कूटनीति राष्ट्रीय सुरक्षा के समान रूप से महत्वपूर्ण घटक बन गए हैं। मुर्मू गांधीनगर में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) के पांचवें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा, ''पहले सुरक्षा का संबंध केवल सैनिकों और पारंपरिक हथियारों से था। हालांकि, आज औद्योगिक सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, डेटा सुरक्षा, तटीय सुरक्षा और कूटनीति भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।'' राष्ट्रपति ने कहा कि डिजिटल खतरों में वृद्धि के साथ सुरक्षा परिदृश्य तेजी से जटिल होता जा रहा है।उन्होंने कहा, ''कुछ साल पहले, डिजिटल अरेस्ट, साइबर अपराध और फिशिंग हमलों जैसे शब्द व्यापक रूप से ज्ञात नहीं थे, लेकिन आज वे महत्वपूर्ण खतरों के रूप में उभरे हैं।'' उन्होंने कहा, ''राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों का महत्व और जिम्मेदारी बहुत बढ़ गई है। देश को ऐसे पुलिस अधिकारियों की आवश्यकता है, जो साइबर धोखाधड़ी के अपराधियों को पकड़ने और उन्हें सजा दिलाने में तकनीकी रूप से सक्षम और कुशल हों, ऐसे फॉरेंसिक विशेषज्ञों की आवश्यकता है, जो अदालतों की जांच में खरे उतर सकें, और साथ ही ऐसे सक्षम पेशेवरों की आवश्यकता है जो भू-राजनीति की बारीकियों को समझ सकें तथा वैश्विक मंच पर भारत के दृष्टिकोण को आत्मविश्वास और स्पष्टता के साथ व्यक्त कर सकें।'' मुर्मू ने न्यायिक मानकों को पूरा करने वाले विश्वसनीय डिजिटल साक्ष्य प्रदान करने में सक्षम फॉरेंसिक विशेषज्ञों के बढ़ते महत्व पर भी प्रकाश डाला। राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय शक्ति न केवल सैन्य कर्मियों और सुरक्षा बलों के साहस और शौर्य पर निर्भर करती है, बल्कि सुरक्षा के लिए आवश्यक हथियारों और गोला-बारूद के संबंध में गुणवत्ता, उत्पादन, प्रशिक्षण और तकनीकी आत्मनिर्भरता पर भी निर्भर करती है, और सरकार इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, ''स्वदेशी क्षमताओं और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देकर रक्षा क्षेत्र में आयात पर निर्भरता कम की जा रही है।'' उन्होंने भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के कार्यों की भी सराहना की और कहा कि इन पहल ने साइबर खतरों के प्रति देश की प्रतिक्रिया को मजबूत किया है और नागरिकों के लिए रिपोर्टिंग तंत्र में सुधार किया है। राष्ट्रपति ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी और साइबर सुरक्षा के साथ-साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसे उभरते क्षेत्र देशों की दिशा तय करने में तेजी से अहम भूमिका निभा रहे हैं, जिससे दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए तकनीकी रूप से तैयार रहना आवश्यक हो गया है।
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पटना. बिहार में मंगलवार को सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल का नेता चुना गया। इसके साथ ही स्पष्ट हो गया है कि बिहार में बनने वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की नयी सरकार में सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभालेंगे। पटना स्थित भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित बैठक के समापन के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि निवर्तमान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन निवर्तमान मंत्री दिलीप जायसवाल और मंगल पांडेय ने किया। विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त चौहान ने बताया कि इसके बाद उपस्थित सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से चौधरी को अपना नेता चुन लिया। अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन विधायक दल की बैठक होगी जिसमें चौधरी के नाम पर औपचारिक मुहर लगेगी।
तारापुर से भारतीय जनता पार्टी के विधायक चौधरी ने नेता चुने जाने पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। चौधरी ने एक बयान में कहा, "पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा मुझ पर विश्वास जताते हुए यह दायित्व सौंपने के लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। यह मेरे लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि बिहार की जनता की सेवा, उनके विश्वास और सपनों को साकार करने का एक पवित्र अवसर है।" उन्होंने कहा कि वह पूर्ण निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ जन-जन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प लेते हैं। चौधरी ने कहा, ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में तथा पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में मैं बिहार को विकास, सुशासन और समृद्धि के नए आयामों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयास करता रहूंगा।'' केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार के विकास के लिए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने राज्य को 'जंगलराज' से बाहर निकालकर विकास के पथ पर आगे बढ़ाया। उन्होंने विश्वास जताया कि सम्राट चौधरी उनके पदचिह्नों पर चलते हुए बिहार को आगे ले जाने का कार्य करेंगे। -
हरिद्वार. हरिद्वार में अगले साल होने वाले अर्धकुम्भ मेले में तीन अमृत (शाही) स्नान समेत कुल 10 प्रमुख स्नान पर्व होंगे। मेला प्रशासन ने मंगलवार को यह घोषणा की। मेला अधिकारी सोनिका सिंह ने अर्धकुम्भ स्नान की तिथियों का एलान करते हुए कहा कि जनवरी से अप्रैल 2027 तक चार महीने चलने वाले अर्धकुम्भ मेले में पहला स्नान पर्व 14 जनवरी को मकर संक्रांति, दूसरा छह फरवरी को मौनी अमावस्या, तीसरा 11 फरवरी को बसंत पंचमी, चौथा 20 फरवरी को माघ पूर्णिमा तथा पांचवा छह मार्च को महाशिवरात्रि पर होगा। सिंह ने कहा कि अर्ध कुम्भ में छठा स्नान पर्व आठ मार्च को फाल्गुन अमावस्या पर, सातवां स्नान पर्व सात अप्रैल को नव संवत्सर पर, 14 अप्रैल को मेष संक्रांति पर आठवां स्नान पर्व होगा, नौवां स्नान पर्व 15 अप्रैल को तथा अंतिम स्नान पर्व 20 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा पर होगा। सिंह ने कहा कि इनमें से छह मार्च को महाशिवरात्रि, आठ मार्च को फाल्गुन अमावस्या तथा 14 अप्रैल को मेष संक्रांति पर होने वाला स्नान अमृत स्नान होगा।
- नयी दिल्ली। रेलवे बोर्ड ने सभी जोन को निर्देश दिया है कि 1,228 फाटकों पर स्वचालित 'क्लोजर' प्रणाली लगाने के कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि जब तक सड़क यातायात के लिए गेट पूरी तरह बंद न हो, तब तक किसी ट्रेन को वहां से गुजरने की अनुमति नहीं मिल सके। यह स्वचालित प्रणाली समपार फाटकों के 'इंटरलॉकिंग' का हिस्सा है। इसके तहत ट्रेन के आने पर समपार फाटक सड़क यातायात के लिए स्वत: बंद हो जाता है या यदि गेट खुला रह जाए तो ट्रेन को ठहरने का सिग्नल दिया जाता है। यह कदम आठ जुलाई 2025 को तमिलनाडु के कुड्डालोर में एक यात्री ट्रेन और स्कूल वैन की टक्कर के बाद उठाया गया, जिसमें कथित रूप से गेटकीपर की लापरवाही के कारण तीन स्कूली बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उच्च यातायात घनत्व वाले समपार फाटकों पर 'इंटरलॉकिंग' प्रणाली लगाने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों के अनुसार रेलवे बोर्ड ने 16 जोन में उच्च यातायात घनत्व वाले 1,228 समपार फाटकों की पहचान कर वहां 'इंटरलॉकिंग' प्रणाली लगाने के निर्देश दिए हैं। हालिया निर्देश में बोर्ड ने सभी जोन से कार्य में तेजी लाने और कार्यान्वयन जल्द पूरा करने को कहा है।
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नयी दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को फोन करके पश्चिम एशिया संकट के बारे में जानकारी दी और होर्मुज जलडमरूमध्य को "खुला एवं सुरक्षित" रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस बीच, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि दोनों देशों के ऊर्जा सहित अन्य क्षेत्रों में जल्द कुछ "बड़े" सौदों पर दस्तखत करने की उम्मीद है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ावा मिलेगा। ट्रंप के साथ फोन पर हुई लगभग 40 मिनट की बातचीत के बाद मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने और अमेरिकी राष्ट्रपति ने द्विपक्षीय संबंधों में हुई "महत्वपूर्ण प्रगति" की समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों पक्ष "सभी क्षेत्रों" में भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ट्रंप और मोदी के बीच फोन पर यह बातचीत ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच हुई है। ऐसी खबरें हैं कि इस्लामाबाद में पहले दौर की शांति वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद वाशिंगटन और तेहरान दूसरे दौर की सीधी बातचीत कर सकते हैं। ट्रंप-मोदी की बातचीत के बाद अमेरिकी राजदूत ने कहा कि नयी दिल्ली और वाशिंगटन के बीच "आने वाले दिनों में" ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों में कुछ बड़े सौदे होने की उम्मीद है। हालांकि, उन्होंने इन सौदों के बारे में विस्तार से बताने से इनकार कर दिया। यह ट्रंप और मोदी के बीच इस साल फोन पर हुई तीसरी बातचीत थी। वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में हाल में हुई शांति वार्ता के बाद यह दोनों नेताओं की पहली बातचीत है।
ट्रंप और मोदी ने दो फरवरी को एक व्यापार समझौते में हुई प्रगति की घोषणा करने और 24 मार्च को पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा करने के लिए फोन पर बातचीत की थी। मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "मुझे मेरे मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आया था। हमने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में हासिल की गई महत्वपूर्ण प्रगति का जायजा लिया। हम सभी क्षेत्रों में अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" उन्होंने लिखा, "हमने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला एवं सुरक्षित रखने के महत्व पर जोर दिया।" गोर के मुताबिक, बातचीत के अंत में ट्रंप ने मोदी से कहा, "मैं बस आपको यह बताना चाहता हूं कि हम सब आपसे प्यार करते हैं।" अमेरिकी राजदूत ने कहा, "कुछ बड़े सौदे हैं, जिनकी घोषणा अगले कुछ दिनों या हफ्तों में की जाएगी। हमारे रिश्ते मजबूत स्थिति में हैं ...कुछ बहुत ही दिलचस्प और रोमांचक होगा।"
सूत्रों के अनुसार, भारत में ऊर्जा क्षेत्र की कुछ सरकारी कंपनियां आने वाले दिनों में अमेरिकी कंपनियों के साथ साझेदारी की घोषणा कर सकती हैं। मोदी-ट्रंप के बीच पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा को लेकर गोर ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री मोदी को क्षेत्र की समग्र स्थिति से वाकिफ कराना चाहते थे। उन्होंने कहा, "आपके पास एक ऐसा राष्ट्र है, जिसने पूरी दुनिया को बंधक बना रखा है। ये अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग हैं। यहां अंतरराष्ट्रीय संधियां हैं।" गोर ने यह टिप्पणी ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही को अवरुद्ध किए जाने के मद्देनजर की, जिससे वैश्विक स्तर पर तेल-गैस की कीमतों में भारी वृद्धि दर्ज की जा रही है। अमेरिकी राजदूत ने कहा, "तेल और गैस की कीमतों में वृद्धि का केवल एक ही कारण है और वह यह है कि कोई (ईरान) इस क्षेत्र को बंधक बनाए हुए है।" उन्होंने कहा, "तो जाहिर है कि अमेरिका इस जलमार्ग को खोलना चाहता है और इसलिए मुझे लगता है कि इससे भारत सहित पूरी दुनिया को फायदा होगा।" गोर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी पर भी चर्चा की। उन्होंने इस्लामाबाद में वार्ता विफल होने के बाद ईरान और अमेरिका के बीच नयी बातचीत की संभावनाओं से जुड़े सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "भविष्य में होने वाली किसी भी वार्ता की घोषणा करना मेरा काम नहीं है। उन्होंने नाकेबंदी और इसे (होर्मुज जलडमरूमध्य) जल्द से जल्द फिर से खोलने के महत्व पर चर्चा की। सच कहूं तो, इस वजह से पूरा क्षेत्र, पूरी दुनिया पीड़ित है।" उन्होंने कहा, "एक देश को दुनिया के किसी भी हिस्से की बत्तियां बुझाने का अधिकार क्यों होना चाहिए? यह अन्यायपूर्ण है। इसे रोकना होगा और अमेरिका इसे सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।" ट्रंप और मोदी के बीच फोन पर बातचीत विदेश सचिव विक्रम मिसरी के वाशिंगटन की अपनी तीन-दिवसीय यात्रा संपन्न करने के दो दिन बाद हुई है। दोनों देश अनिश्चितता और तनाव के लंबे दौर के बाद अपने संबंधों को स्थिर करने की दिशा में काम कर रहे हैं। ट्रंप के रूसी कच्चे तेल की खरीद के विरोध में भारतीय वस्तुओं के आयात पर भारी 'टैरिफ' लगाने और पिछले साल मई में भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष रुकवाने में वाशिंगटन की भूमिका को लेकर विवादित दावे करने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो अगले महीने भारत की यात्रा पर आएंगे। इस दौरान वह विदेश मंत्री एस जयशंकर और सरकार के अन्य पदाधिकारियों के साथ व्यापक वार्ता करेंगे। - -प्रत्येक मृतक के परिजन को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा कीनई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के सक्ती ज़िले में विद्युत संयंत्र में दुखद दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।प्रधानमंत्री ने उन लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की जिन्होंने इस दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खो दिया है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है।श्री नरेन्द्र मोदी ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के निकट परिजन को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।प्रधानमंत्री कार्यालय ने 'X' (ट्विटर) पर पोस्ट किया:“छत्तीसगढ़ के सक्ती ज़िले में विद्युत संयंत्र में दुर्घटना दुखद है। मैं उन लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूँ जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। ईश्वर करे कि घायल जल्द से जल्द स्वस्थ हों। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है।पीएमएनआरएफ से प्रत्येक मृतक के निकट परिजन को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे: PM @narendramodi”
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हापुड़ (उप्र). हापुड़ जिले के धौलाना क्षेत्र में सोमवार तड़के बारातियों से भरी एक बस और ट्रक के बीच हुई भीषण टक्कर में छह लोगों की मौत हो गई तथा सात अन्य जख्मी हो गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि गाजियाबाद के डासना निवासी यूनुस कुरैशी के बेटे की बारात बुलंदशहर के गुलावटी से 12-13 अप्रैल की रात लौट रही थी, तभी तड़के करीब तीन बजे धौलाना-गुलावटी मार्ग पर सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। उन्होंने बताया कि टक्कर इतनी भीषण थी कि बस पलट गई और उसका अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सूत्रों ने बताया कि स्थानीय लोगों ने पुलिस के साथ मिलकर घायलों को बस से बाहर निकाला लेकिन तब तक उनमें से दूल्हे के पिता यूनुस तथा पांच अन्य लोगों मुन्ना, यूसुफ, अख्तर, सोनू और बस चालक अशोक की मौत हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि इस हादसे में सात अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिन्हें हापुड़ के मेडिकल कॉलेज और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानन्जय सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार और रात के समय कम दृश्यता को माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने सोमवार को कहा कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' महिलाओं के सशक्तीकरण और लोकतंत्र में उनकी भागीदारी के लिए एक ''महान लोकतांत्रिक उपलब्धि'' और एक ''क्रांतिकारी बदलाव'' है। देवी ने यहां 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' को संबोधित करते हुए कहा, ''आज का कार्यक्रम राष्ट्र निर्माण के एक नये और प्रेरणादायी अध्याय का उत्सव है। यह ऐसा पवित्र क्षण है, जब संकल्प, समर्पण और सफलता हमारे सामने एक साथ खड़े हैं।'' इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष विजया रहाटकर और केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर समेत कई लोग मौजूद थे। देवी ने कहा कि यह कानून ''हमारी मातृशक्ति के वर्षों के संघर्ष और धैर्य से उपजी लोकतंत्र की बड़ी उपलब्धि'' है और ''ऐसा क्रांतिकारी बदलाव है, जो महिलाओं की क्षमता, स्वाभिमान और लोकतंत्र में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करता है।'' देवी ने इसका श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को देते हुए कहा कि पिछले तीन दशक में कई प्रयासों के बावजूद लंबित रहे इस सुधार को उनके ''दृढ़ संकल्प'' ने हकीकत में बदला। उन्होंने महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास पर जोर देते हुए कहा कि भारतीय महिलाएं ''विकास की ध्वजवाहक'' बन रही हैं और वैश्विक स्तर पर नयी पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा, ''यह कानून इस बदलाव की संवैधानिक घोषणा है। इस फैसले को और खास यह बात बनाती है कि पिछले तीन दशक में कई प्रयास हुए, लेकिन आपके (प्रधानमंत्री मोदी के) दृढ़ संकल्प ने ही इस बदलाव को हकीकत में बदला है।'' अन्नपूर्णा देवी ने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ', प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जैसी कल्याणकारी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों ने महिलाओं को लाभार्थियों से नेताओं में और निर्भर से आत्मनिर्भर में बदला। उन्होंने कहा, ''एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) में लड़कियों की बढ़ती भागीदारी, दुनिया में सबसे ज्यादा महिला पायलट और पंचायतों में लाखों निर्वाचित महिला प्रतिनिधि- बदलते भारत की गौरवपूर्ण तस्वीर पेश करती हैं।'' उन्होंने कहा कि यह कानून नीति निर्माण में महिलाओं की आवाज को शामिल करने में मदद करेगा, जिससे शासन अधिक समावेशी और संवेदनशील बनेगा। मंत्री ने कहा, ''पंचायत स्तर से शुरू हुआ महिला नेतृत्व अब विधानसभाओं और संसद तक पहुंचेगा, जिससे भारतीय लोकतंत्र और अधिक जीवंत, न्यायपूर्ण और सशक्त बनेगा।'' संसद का बजट सत्र बढ़ा दिया गया है और 16 अप्रैल से 18 अप्रैल तक तीन दिवसीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' में संशोधन पेश किए जाएंगे, ताकि इसे 2029 में लागू किया जा सके।
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ब्रह्मपुर (ओडिशा) . ओडिशा की ब्रह्मपुर जेल में बंद माओवादी नेता सव्यसाची पांडा ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) से समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर (एमए) की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि पांडा ने पिछले साल जून में पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इसके बाद उन्होंने दिसंबर-जनवरी में जेल के भीतर बनाए गए विशेष केंद्र से द्वितीय वर्ष की परीक्षा दी। हाल ही में इग्नू द्वारा जारी परिणामों में पांडा को पास घोषित किया गया है। एक जेल अधिकारी ने बताया कि पांडा के साथ एक अन्य दोषी ने भी द्वितीय वर्ष की परीक्षा दी थी। जहां पांडा ने सभी विषयों में सफलता हासिल की, वहीं दूसरा कैदी चार में से तीन पेपर ही पास कर सका। माओवादी नेता ने पिछले साल ओडिशा राज्य मुक्त विश्वविद्यालय (ओएसओयू) के तहत एम ए (लोक प्रशासन) में भी दाखिला लिया था। अधिकारी ने बताया कि उसने प्रथम वर्ष के कुछ पेपर पास कर लिए हैं और इस बार वह प्रथम वर्ष के बकाया पेपर के साथ द्वितीय वर्ष की परीक्षा देगा। जेल में रहते हुए ही पांडा ने दिसंबर 2022 में इग्नू से पत्राचार के माध्यम से स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी। अधिकारी के अनुसार, पांडा विभिन्न जिलों में माओवादियों से जुड़े 130 से अधिक मामलों में कथित तौर पर शामिल था। उसे 18 जुलाई 2014 को ब्रह्मपुर के बड़ा बाजार इलाके के एक घर से पुलिस दल ने गिरफ्तार किया था। तब से वह ब्रह्मपुर सर्कल जेल में बंद है। उन्होंने बताया कि हालांकि उसे कई मामलों में बरी कर दिया गया है, लेकिन एक स्थानीय अदालत ने उसे देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डी एन बारिक ने कहा कि पांडा ने जेल में उच्च शिक्षा के प्रति रुचि दिखाई और दो अलग-अलग विश्वविद्यालयों से दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से स्नातक शिक्षा पूरी करने के बाद एम ए में दाखिला लिया। उन्होंने बताया कि इग्नू और ओएसओयू ने सर्कल जेल में अपने केंद्र खोले हैं, जिससे पांडा और अन्य कैदियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिली है। नामांकन के बाद कैदियों ने स्व-अध्ययन के जरिए परीक्षा की तैयारी की, जबकि जेल प्रशासन ने उन्हें जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए। जेल शिक्षक सनातन खिल्लर ने बताया कि कुल 92 कैदियों ने राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के तहत कक्षा 10 (38 छात्र) और कक्षा 12 (58 छात्र) की परीक्षाओं के लिए नामांकन कराया है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि 2023 में जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया था, तब सभी राजनीतिक दलों ने मिलकर इसे सर्वसम्मति से पारित किया था। उस समय एक सुर में यह भी मांग उठी थी कि इस कानून को हर हाल में 2029 तक लागू किया जाए।
पीएम मोदी ने कहा कि इस बार भी सरकार की प्राथमिकता यही है कि सभी जरूरी फैसले संवाद, सहयोग और सहभागिता के जरिए लिए जाएं। उन्हें विश्वास है कि जिस तरह पहले इस अधिनियम ने संसद की गरिमा बढ़ाई थी, उसी तरह इस बार भी सामूहिक प्रयास से संसद नई ऊंचाइयों को छुएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने देश में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि आज भारत में राष्ट्रपति से लेकर वित्त मंत्री जैसे अहम पद महिलाओं के पास हैं और वे इन जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रही हैं। इससे देश का गौरव लगातार बढ़ रहा है।पीएम मोदी ने पंचायत स्तर पर महिलाओं की भागीदारी को भी एक बड़ा उदाहरण बताया और कहा कि आज देश में 14 लाख से अधिक महिलाएं लोकल गवर्नमेंट बॉडीज में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। करीब 21 राज्यों में पंचायतों में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि लाखों महिलाओं की यह सक्रियता दुनियाभर के बड़े नेताओं और राजनीतिक विशेषज्ञों को भी हैरान करती है। कई अध्ययनों में यह सामने आया है कि जब निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती है, तो सिस्टम अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनता है। जल जीवन मिशन की सफलता इसका एक उदाहरण है, जहां पंचायत स्तर पर महिलाओं की अहम भूमिका रही है।उन्होंने 2014 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय करोड़ों महिलाएं ऐसी थीं, जिन्होंने कभी बैंक का दरवाजा तक नहीं देखा था। बैंकिंग से जुड़ाव न होने के कारण उन्हें उसका लाभ नहीं मिल पाता था, लेकिन जनधन योजना के जरिए महिलाओं के 32 करोड़ से ज्यादा बैंक खाते खोले गए, जिससे उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ी।प्रधानमंत्री ने बताया कि आज देश की बेटियां नए-नए बिजनेस में अपनी पहचान बना रही हैं। मुद्रा योजना के तहत दिए गए कुल लोन में से 60 प्रतिशत से अधिक लोन महिलाओं ने लिए हैं। वहीं, देश के स्टार्टअप रिवोल्यूशन में भी महिलाएं आगे हैं। वर्तमान में 42 प्रतिशत से ज्यादा रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला डायरेक्टर है।महिलाओं के करियर को ध्यान में रखते हुए सरकार ने मैटरनिटी लीव को बढ़ाकर 26 हफ्ते कर दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के कई समृद्ध देशों में भी इतनी लंबी छुट्टी की सुविधा नहीं है, और जब वे इसके बारे में बताते हैं तो लोग आश्चर्यचकित रह जाते हैं।महिलाओं के जीवन के हर चरण को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई गईं।उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से सरकार ने महिलाओं के जीवन के हर चरण को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई हैं। जन्म से लेकर जीवन के अंतिम पड़ाव तक महिलाओं को सशक्त बनाने का प्रयास लगातार जारी है। स्किल इंडिया मिशन का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि कुछ साल पहले शुरू किए गए व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का असर अब दिखने लगा है। ड्रोन दीदी जैसी पहल के जरिए महिलाएं कृषि क्षेत्र में नई क्रांति ला रही हैं।प्रधानमंत्री मोदी ने एक दिलचस्प टिप्पणी करते हुए कहा कि शासन में आने के बाद उन्होंने बैंकों में ‘गरीबों की अमीरी और अमीरों की गरीबी’ दोनों देखी है। उन्होंने यह भी कहा कि आज देश की माताएं और बहनें ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान की ब्रांड एंबेसडर बन रही हैं। महिलाओं के नेतृत्व वाला विकास का विजन न केवल महिलाओं को आगे बढ़ा रहा है, बल्कि समाज की पुरानी सोच को भी चुनौती दे रहा है। आर्थिक सशक्तीकरण पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने बताया कि पहले ज्यादातर संपत्तियां पुरुषों के नाम पर होती थीं। इस स्थिति को बदलने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले घरों को महिलाओं के नाम पर रजिस्टर करने की पहल की गई। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि महिला आरक्षण अधिनियम को लागू करने का समय आ गया है और 2029 के लोकसभा चुनाव एवं विधानसभा चुनाव महिलाओं के लिए आरक्षण के साथ कराए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे एकजुट होकर महिला आरक्षण कानून में संशोधन पारित करें। संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र से पहले लोकसभा और राज्यसभा के सदन के नेताओं को लिखे पत्र में मोदी ने यह भी कहा कि कोई भी समाज तभी प्रगति करता है जब महिलाओं को प्रगति करने, निर्णय लेने और सबसे महत्वपूर्ण बात, नेतृत्व करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि भारत को एक विकसित राष्ट्र बनने के अपने सपने को साकार करने के लिए यह आवश्यक है कि महिलाएं इस यात्रा में अधिक सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा, ''विस्तृत विचार-विमर्श के बाद हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि अब नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश भर में उसके सच्चे स्वरूप में लागू करने का समय आ गया है।'' प्रधानमंत्री ने 11 अप्रैल को लिखे अपने पत्र में कहा, ''यह अनिवार्य है कि 2029 के लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव महिलाओं के लिए आरक्षण के साथ कराए जाएं।'' मोदी ने कहा कि 2029 में महिला आरक्षण अधिनियम के लागू होने से भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं में नयी ऊर्जा का संचार होगा और जनता का विश्वास मजबूत होगा, साथ ही शासन में अधिक भागीदारी और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा, ''मैं यह पत्र इसलिए लिख रहा हूं ताकि हम सभी एक साथ मिलकर इस संशोधन को पारित करने के लिए एकजुट हो सकें।'' नारी शक्ति वंदन अधिनियम को आमतौर पर महिला आरक्षण अधिनियम के रूप में जाना जाता है।
संसद के बजट सत्र की अवधि बढ़ा दी गई है और सदन का एक विशेष तीन दिवसीय सत्र 16 से 18 अप्रैल तक बुलाया गया है। महिला आरक्षण अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों के पारित हो जाने से लोकसभा में सीट की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी जिनमें से 273 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान 2023 में संविधान में संशोधन करके लाया गया था। हालांकि महिला आरक्षण 2027 की जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू हो पाता।
इसका मतलब यह था कि यदि वर्तमान कानून यथावत रहता है तो आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता।
इसे 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बदलाव की आवश्यकता थी; इसलिए सरकार कानून में संशोधन पारित करने के लिए एक विशेष सत्र आयोजित कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह यह पत्र इसलिए लिख रहे हैं ताकि सभी दल 16 अप्रैल से संसद में होने वाली ''ऐतिहासिक चर्चा'' के दौरान इस संशोधन को पारित करने के लिए एकमत होकर अपनी बात रखें। उन्होंने कहा, ''यह विशेष बैठक हमारे लोकतंत्र को और मजबूत करने का अवसर है। यह एक ऐसा क्षण भी है जब हम सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने की अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता को दोहरा सकते हैं।'' उन्होंने कहा, ''मैं इसी भावना और उद्देश्य के साथ आपको यह पत्र लिख रहा हूं।'' मोदी ने आज कहा कि सार्वजनिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी सभी के सामने है। उन्होंने कहा, ''अंतरिक्ष से लेकर खेल तक, सशस्त्र बलों से लेकर स्टार्टअप तक, भारत की बेटियां हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ रही हैं। अपनी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से वे अपनी क्षमताओं को साबित कर रही हैं।'' मोदी ने कहा कि संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण का मुद्दा दशकों से चर्चा में है और 2023 में सभी दलों के सांसद संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन करने के लिए एकजुट हुए थे। उन्होंने कहा, ''यह एक यादगार क्षण था जिसने हमारी एकता को दर्शाया। पूरी दुनिया ने देखा कि देश की महिलाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए सामूहिक रूप से एक महत्वपूर्ण निर्णय कैसे लिया गया।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाएं देश की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती हैं और यह राजनीतिक क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होंने कहा, ''मैं उस दिन को भारत की संसदीय यात्रा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक मील का पत्थर मानता हूं। कई सांसदों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर हुई चर्चा में योगदान दिया।'' मोदी ने कहा कि उन विचार-विमर्शों के दौरान इसके कार्यान्वयन के समय पर भी चर्चा हुई और इस बात पर व्यापक सहमति बनी कि इस ऐतिहासिक कानून के प्रावधान जल्द से जल्द प्रभावी होने चाहिए। उन्होंने कहा, ''कई दलों के नेताओं का यही मत था। हाल में हमने इस विषय पर विशेषज्ञों से परामर्श किया है। हमने संवैधानिक मामलों के जानकारों से सुझाव और मार्गदर्शन मांगा है। हमने राजनीतिक दलों के साथ भी संवाद किया है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बहुत अच्छा होगा यदि कई सांसद संसद में इस विषय पर अपने विचार व्यक्त करें और यह क्षण किसी एक पार्टी या व्यक्ति से ऊपर है। उन्होंने कहा, ''यह महिलाओं और हमारी भावी पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी प्रदर्शित करने का क्षण है। चूंकि सभी राजनीतिक दलों ने लंबे समय से राजनीति में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की है, इसलिए अब उस आकांक्षा को वास्तविकता में बदलने का सही समय है।'' मोदी ने कहा कि यह देश की नारी शक्ति और 140 करोड़ भारतीयों के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।
उन्होंने कहा, ''मुझे पूरा विश्वास है कि हम सब मिलकर संसद में इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करेंगे।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण लागू करने में योगदान देने वाले सांसद इस ऐतिहासिक प्रयास का हिस्सा होने पर हमेशा गर्व महसूस करेंगे। उन्होंने कहा, ''इसलिए, हमें इस अवसर को हाथ से जाने नहीं देना चाहिए। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने के लिए संशोधन को लेकर आपके समर्थन से हमारे देश की महिलाओं के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का निर्वहन होगा।'' उन्होंने कहा, ''आइए हम अपनी महान लोकतांत्रिक परंपराओं को और मजबूत करें और एक ऐतिहासिक परिवर्तन की दिशा में निर्णायक कदम उठाएं। -
सिलीगुड़ी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को आरोप लगाया कि ''टुकड़े-टुकड़े'' गिरोह ने पूर्वोत्तर को देश के शेष भाग से अलग करने के लिए रणनीतिक सिलीगुड़ी कॉरिडोर को काटने की धमकी दी थी, और तृणमूल कांग्रेस ने अपनी ''तुष्टिकरण की राजनीति'' के कारण सड़कों से लेकर संसद तक उन्हें समर्थन दिया। पश्चिम बंगाल के उत्तरी शहर सिलीगुड़ी के कावाखाली मैदान में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने तृणमूल कांग्रेस को ''आदिवासी विरोधी, महिला विरोधी और युवा विरोधी पार्टी" बताया, जिसकी तुष्टिकरण की राजनीति ने राज्य को बदहाल कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया, ''देश में 'टुकड़े-टुकड़े' गिरोह सक्रिय है, जिसने सिलीगुड़ी कॉरिडोर को काटने की धमकी दी। वे पूर्वोत्तर को देश से अलग करना चाहते हैं। तुष्टिकरण की राजनीति में लिप्त तृणमूल कांग्रेस, सड़कों से लेकर संसद तक ऐसे लोगों का समर्थन करती है। यही तृणमूल का असली चेहरा है।'' इसे "देश का रक्षा और समृद्धि का गलियारा" बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार इस क्षेत्र को बड़े पैमाने पर मजबूत और विकसित करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही है। उन्होंने सिक्किम को सिलीगुड़ी से जोड़ने वाली निर्माणाधीन सेवोक–रंगपो रेल लाइन का उदाहरण देते हुए इस विकास कार्य का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, ''यह परियोजना न केवल बंगाल और सिक्किम के बीच रेल संपर्क सुनिश्चित करेगी, बल्कि यह क्षेत्र में व्यापार और पर्यटन को भी मजबूत करेगी, जिसका सीधा लाभ दार्जिलिंग के युवाओं को मिलेगा।'' मोदी ने लोगों से 'डबल इंजन' सरकार के लिए वोट देने का आग्रह करते हुए कहा कि बंगाल में विकास की गति दोगुनी हो जाएगी। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि तृणमूल सरकार ने मदरसों के विकास के लिए 6,000 करोड़ रुपये आवंटित किए, लेकिन पूरे उत्तर बंगाल के लिए अपर्याप्त धनराशि आवंटित की गई। मोदी ने कहा, ''बंगाल की जनता अब तृणमूल से पिछले 15 वर्षों में सत्ता में बिताए हर पल का जवाब मांग रही है।'' उन्होंने कहा कि जब भाजपा सत्ता में आएगी, तो वह ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी को ''उसके कुकर्मों का हिसाब चुकाने'' के लिए मजबूर करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल ने अपने 15 साल के कार्यकाल में राज्य को बर्बाद कर दिया और केंद्र सरकार की योजनाओं का कार्यान्वयन रोक दिया, जिसके परिणामस्वरूप 25 प्रतिशत से भी कम काम पूरा हुआ है। ममता बनर्जी सरकार को निर्मम बताते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य की जनता तृणमूल के "भय के शासन" से तंग आ चुकी है। उन्होंने तृणमूल सरकार पर उत्तर बंगाल के चाय बागानों पर कहर बरपाने का आरोप लगाया। तृणमूल को ''उत्तर बंगाल विरोधी और चाय बागान विरोधी पार्टी'' बताते हुए, मोदी ने आरोप लगाया कि पार्टी की "तुष्टिकरण नीतियों" के कारण हो रहे अनियंत्रित अवैध प्रवेश से इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जनसांख्यिकीय परिवर्तन हो रहे हैं। उन्होंने भाजपा के चुनाव चिह्न का जिक्र करते हुए कहा, "अगर घुसपैठ के खतरे को तुरंत नहीं रोका गया, तो बहुत देर हो जाएगी। 'कमल खिलाओ, घुसपैठियों को भगाओ।'' मोदी ने कहा कि बंगाल की जनता में दिख रहे जोश ने उन्हें आश्वस्त कर दिया है कि आगामी चुनावों में तृणमूल की हार निश्चित है। राज्य में दो चरण में मतदान होगा। सिलीगुड़ी में पहले चरण में 23 अप्रैल को मतदान होगा। दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा और मतगणना चार मई को होगी।
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नयी दिल्ली. प्रख्यात गायिका आशा भोसले के निधन पर रविवार को विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, राजनीतिक नेताओं समेत कई लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''संगीत का वह सुनहरा सुर, जिसने पीढ़ियों को जोड़ा और भावनाओं को धुन में पिरोया, आज खामोश हो गया है।'' गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा, ''प्रसिद्ध गायिका 'सुर सम्राज्ञी' आशा भोसले जी का निधन अत्यंत दुखद है। अपनी ऊर्जावान और बहुमुखी गायकी से उन्होंने संगीत जगत को समृद्ध किया और अनगिनत अमर गीतों के माध्यम से पीढ़ियों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी।'' उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ''यह सिर्फ एक आवाज नहीं थी... यह एक युग था। हर गीत भावनाओं से भरा था, हर सुर जादू से ओतप्रोत था। आशा भोसले जी ने सिर्फ गीत नहीं गाये, बल्कि उसे जिया।'' केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने लिखा, ''संगीत जगत की मधुरता की महारानी, पूजनीय आशा भोसले जी के निधन की खबर अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है।'' छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को कहा कि दिग्गज गायिका आशा भोसले की मधुर और विशिष्ट आवाज ने दशकों तक भारतीय संगीत को समृद्ध किया तथा करोड़ों लोगों के दिलों में उन्हें एक अमिट स्थान दिलाया। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''दिग्गज गायिका आशा भोसले जी के निधन की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ। उनकी आवाज ने भारतीय संगीत के युगों को परिभाषित किया और अनगिनत लोगों के जीवन को छुआ। उनके सदाबहार गीतों के माध्यम से उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।'' केरल में कांग्रेस नेता वी. डी. सतीशन और भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख राजीव चंद्रशेखर भोसले के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भारत की सबसे बहुमुखी और चिरस्थायी संगीत हस्तियों में से एक बताया। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''भारत आशा भोसले जी के निधन पर शोक व्यक्त करता है। उनकी आवाज ने हमारी सांस्कृतिक विरासत को अतुलनीय रूप से समृद्ध किया। उनके गीत अमर रहेंगे। मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।'' कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, "भारतीय फिल्म उद्योग की प्रख्यात पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन से मैं अत्यंत दुखी हूं। संगीत जगत को उस मधुर गायिका के खोने से अपार क्षति पहुंची है।'' पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''प्रसिद्ध गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित आशा भोसले जी के निधन की खबर बेहद दुखद है। उनके देहांत से संगीत जगत के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है।'' कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) नेता बिक्रम सिंह मजीठिया, पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने भी शोक व्यक्त किया। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पोस्ट किया कि भारतीय संगीत जगत की एक प्रख्यात हस्ती - 'मधुरता की कोकिला' और पद्म विभूषण से सम्मानित आशा भोसले जी का निधन बेहद दुखद है। कांग्रेस नेता व हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और पार्टी की महासचिव एवं सिरसा से सांसद कुमारी शैलजा ने भी उनके निधन पर दुख जताया। तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने कहा, ''उनकी धुनें हमारे राष्ट्र के ताने-बाने में बुनी हुई हैं और उनकी विरासत लाखों लोगों के दिलों में हमेशा गूंजती रहेगी।'' तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि उनका निधन देश के सांस्कृतिक और कलात्मक जगत के लिए एक महत्वपूर्ण क्षति है। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने भी पोस्ट करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी एक बयान में कहा, "आने वाली पीढ़ियां आशा भोसले को भारतीय संस्कृति की एक ऐसी हस्ती के रूप में याद रखेंगी, जिनमें अपनी मधुर आवाज से लोगों को मंत्रमुग्ध करने की अनूठी क्षमता थी।'' बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा तथा राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी प्रख्यात गायिका के निधन पर दुख व्यक्त किया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''मैं आशा दीदी से कहना चाहता था...'अभी ना जाओ छोड़कर'...लेकिन आज उनकी आवाज खामोश हो गई है। -
नई दिल्ली। संगीत जगत की महान हस्ती आशा भोसले के निधन पर, केंद्रीय मंत्रियों ने दुख जताते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाई और उनके अमर गीत सदैव हमारे हृदय में गूंजते रहेंगे। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “भारतीय सिनेमा जगत की स्वर सम्राज्ञी, अद्वितीय एवं बहुमुखी प्रतिभा की धनी आशा भोसले जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है।”
केंद्रीय मंत्री ने आगे लिखा,”आठ दशकों से अधिक समय तक लगभग 12,000 से भी अधिक गीतों के माध्यम से अपने सुरों से पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध करने वाली आशा ताई ने भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाई। उनके अमर गीत सदैव हमारे हृदय में गूंजते रहेंगे। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिजनों और असंख्य प्रशंसकों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें। ओम शांति।”केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि आशा भोसले जी ने दशकों तक भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। यह क्षण उनके परिवार, कला जगत से जुड़े सभी लोगों और करोड़ों प्रशंसकों के लिए अत्यंत भावुक और अपूरणीय क्षति का है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मधुर वाणी और अद्वितीय गायकी की प्रतिमूर्ति दीदी आशा भोसले जी ने दशकों तक भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी आवाज केवल सुरों का संगम नहीं, बल्कि भावनाओं का ऐसा अनकहा रिश्ता है जिसे शब्दों में बांध पाना संभव नहीं है। एक ऐसा जुड़ाव जो हर दिल में सदा जीवित रहेगा। उनके गाए गीत आने वाली पीढ़ियों तक यूं ही गूंजते रहेंगे।”उन्होंने आगे लिखा कि यह क्षण उनके परिवार, कला जगत से जुड़े सभी लोगों और करोड़ों प्रशंसकों के लिए अत्यंत भावुक और अपूरणीय क्षति का है। मैं सभी के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। मां सरस्वती दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को इस दुःख को सहने की शक्ति दें।” केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि आशा भोसले जी के निधन से गहरा दुख हुआ। वे भारतीय सिनेमा की सबसे सफल, लोकप्रिय और प्रतिभाशाली गायिकाओं में से एक थीं, जिनकी मनमोहक धुनों ने संगीत प्रेमियों की कई पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मैं उनके परिवार और मित्रों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।( -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय संगीत जगत की दिग्गज गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित आशा भोसले के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर आशा जी के साथ अपनी पुरानी मुलाकातों की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि उन पलों की स्मृतियां वे हमेशा संजोकर रखेंगे।पीएम मोदी ने कहा कि आशा भोसले की असाधारण संगीत यात्रा ने न केवल भारत की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया, बल्कि दुनिया भर में अनगिनत दिलों को छुआ। उनकी आवाज में ऐसी अद्भुत विविधता थी, जिसमें दिल को छू लेने वाली मधुरता भी थी और जोश से भरी ऊर्जा भी।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”भारत की सबसे आइकॉनिक और बहुमुखी आवाजों में से एक आशा भोसले जी के निधन से मैं बहुत दुखी हूं। दशकों तक चली उनकी असाधारण संगीत यात्रा ने हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और दुनिया भर में अनगिनत दिलों को छुआ। चाहे उनकी दिल को छू लेने वाली धुनें हों या उनकी जोशीली रचनाएं, उनकी आवाज हमेशा बेमिसाल रही। उनके साथ हुई मुलाकातों की यादों को मैं हमेशा संजोकर रखूंगा। उनके परिवार, प्रशंसकों और सभी संगीत प्रेमियों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। वह आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेंगी और उनके गीत सदैव लोगों के जीवन में गूंजते रहेंगे।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आशा भोसले के निधन पर दुख जताते हुए एक्स पोस्ट में लिखा, ”आज हर भारतीय और विशेषकर मेरे जैसे हर संगीत प्रेमी के लिए दुखद दिन है, जब हम सबकी प्रिय आशा भोसले जी हमारे बीच नहीं रहीं। आशा ताई ने न सिर्फ अपनी मधुर आवाज और अद्वितीय प्रतिभा से एक अलग पहचान बनाई, बल्कि अपने सुरों से भारतीय संगीत को भी और अधिक समृद्ध किया। हर तरह के संगीत में ढल जाने की उनकी अनोखी प्रतिभा हर व्यक्ति का दिल जीत लेती थी। अपनी आवाज से करोड़ों दिलों को छूने वालीं आशा जी ने हिंदी, मराठी, बांग्ला, तमिल, गुजराती सहित अनेक भाषाओं के साथ-साथ लोकगीतों में भी अमिट छाप छोड़ी।”उन्होंने आगे लिखा, ”आशा ताई की आवाज में जितनी कोमलता थी, उनके व्यवहार में भी उतनी ही सादगी और आत्मीयता थी। उनसे जब भी मुलाकात होती थी, संगीत और कला जैसे अनेक विषयों पर लंबी बातें होती थीं। आज वे भले ही हमारे बीच नहीं हैं, पर अपनी आवाज से वे सदैव हमारे दिलों में रहेंगी। ईश्वर आशा जी को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। उनके परिजनों और असंख्य प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। - 92 साल की उम्र में ली अंतिम सांसमुंबई/ संगीत जगत को एक बड़ा झटका लगा है। सैकड़ों फिल्मों के गीतों को स्वरों से सजाने वाली और शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में भी खास मुकाम हासिल करने वालीं 92 साल की गायिका आशा भोसले ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। शनिवार को ही उन्हें ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। रविवार सुबह से ही उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी।आशा भोसले के निधन के बाद बॉलिवुड इंडस्ट्री में मातम पसर गया है। आशा भोसले को दादासाहेब फाल्के और देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। उनकी पोती जनाई भोसले ने बताया था, मेरी दादी आशा भोसले ज्यादा कमजोर होने की वजह से सीने के इन्फेक्शन से जूझ रही हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया था कि उनकी हालत गंभीर है।सोमवार को होगा अंतिम संस्कारजानकारी के मुताबिक सोमवार को उनका अंतिम संस्कार होगा। उनका पार्थिव शरीर सुबह 11 बजे लोअर परेल में उनके घर पर ही अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद शाम को 4 बजे दादर के शिवाजी पार्क में अंतिम संस्कार होगा। यहीं पर लता मंगेशकर का भी अंतिम संस्कार किया गया था।रिकॉर्ड किए 12 हजार से ज्यादा गानेभोसले, दिग्गज गायिका दिवंगत लता मंगेशकर की छोटी बहन हैं। उन्होंने विभिन्न भारतीय भाषाओं में 12,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए हैं और पद्मिनी एवं वैजयंतीमाला जैसी दक्षिण भारतीय अभिनेत्रियों से लेकर मीना कुमारी, मधुबाला, जीनत अमान, काजोल और उर्मिला मातोंडकर सहित कई प्रमुख अभिनेत्रियों को अपनी आवाज दी है।भोसले के कुछ लोकप्रिय गानों में 'चुरा लिया है तुमने जो दिल को', 'अभी ना जाओ छोड़कर', 'इंतहा हो गई इंतजार की' आदि शामिल हैं। उन्होंने 2023 में अपने जन्मदिन के उपलक्ष्य में दुबई में आयोजित एक विशेष संगीत कार्यक्रम 'आशा90: लाइव इन कॉन्सर्ट' में प्रस्तुति दी थी।ग्रैमी अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट पहली भारतीय सिंगरआशा भोसले ऐसी पहली भारतीय सिंगर थीं जो कि ग्रैमी अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट हुई थीं। उन्होंने 20 से ज्यादा भाषाओं में गीतों को अपनी आवाज दी। गायक कैलाश खेर और अदनान सामी ने उनके निधन पर दुख जताया है। इसके अलावा सायरा बानो ने कहा कि वे सभी लोग किस्मती थे जो कि आशा ताई से जुड़े थे।अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी ने उनके निधन पर दुख जताते हुए कहा कि उनका जाना पूरी बॉलिवुड इंडस्ट्री के लिए बहुत दुखद है। उन्होंने कहा कि लता मंगेशकर और आशा भोसले के साथ उनका बहुत अपनेपन का रिश्ता था।
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नयी दिल्ली । देश भर के राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा पर शनिवार से सभी शुल्क भुगतान विशेष रूप से फास्टैग या यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) जैसे डिजिटल माध्यमों से ही लिए जा रहे हैं। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। यह कदम टोल संग्रह में दक्षता और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बयान में कहा गया कि तमिलनाडु, केरल, असम और पश्चिम बंगाल के साथ ही केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में यह बदलाव अभी लागू नहीं किया गया है। इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में इस समय विधानसभा चुनावों के कारण आदर्श आचार संहिता लागू है, जिसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
- भोपाल । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में भारत में जन्मी मादा चीता द्वारा चार शावकों को जन्म देने पर खुशी जताई और कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि राज्य का पर्यावरण चीतों के लिये पूरी तरह अनुकूल है। उन्होंने केएनपी में भारत में जन्मी मादा चीता 'गामिनी' की बेटी 'केजीपी-12' द्वारा चार शावकों को जन्म देने पर उद्यान के प्रबंधकों और वन्य जीव चिकित्सकों को बधाई भी दी। मुख्यमंत्री ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को चीतों का घर बनाया, इससे प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा, "अब मध्यप्रदेश चीतों के 'पुनरुद्धार' के मुख्य केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।" उन्होंने कहा, "कूनो उद्यान में चार शावकों को जन्म देना इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश का पर्यावरण चीतों के संवर्धन के लिये पूरी तरह अनुकूल है।" यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में अब तक देश में जन्मे 37 चीतों समेत चीतों की कुल संख्या 57 हो गई है।उन्होंने कहा, "चीतों की बढ़ती संख्या प्रकृति और वन्य जीव संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।" इससे पहले, पर्यावरण, वन्य और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी साझा की कि केजीपी-12 ने चार शावकों को जन्म दिया है। उन्होंने इसे देश की चीता संरक्षण यात्रा में उपलब्धि करार दिया और कहा कि 2022 में चीता परियोजना के शुरू होने के बाद पहली बार जंगल में किसी मादा चीता ने शावकों को जन्म दिया है।
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नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्दवान के कटवा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में आगामी राजनीतिक बदलाव का दावा किया। उन्होंने कहा कि 4 मई के बाद पश्चिम बंगाल में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में उनकी रैलियों में जिस तरह का जनसमर्थन और भीड़ उमड़ रही है, वैसा अनुभव उन्होंने अपने गृह राज्य गुजरात में भी कभी नहीं देखा। उन्होंने कहा कि यह उत्साह आने वाले चुनावी परिणामों का संकेत है।
पीएम मोदी ने कहा कि यदि राज्य में भाजपा सरकार बनती है, तो पिछले 15 वर्षों के शासनकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार की जांच के लिए श्वेत पत्र जारी किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घिरी हुई है। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भाजपा सरकार बनने पर राज्य में आयुष्मान भारत योजना को लागू करने का प्रस्ताव पहली कैबिनेट बैठक में पारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। पीएम मोदी ने कहा कि नई सरकार घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी और उन लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी जिन्होंने फर्जी पहचान पत्र बनवाकर उन्हें राज्य में बसने में मदद की। बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। -
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा में आयोजित चुनावी रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य की सत्तारूढ़ सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में अवैध गतिविधियों और सिंडिकेट सिस्टम के खिलाफ सख्त कार्रवाई केवल भाजपा ही कर सकती है।
अमित शाह ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान कर उन्हें बाहर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिंडिकेट चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था फैली हुई है। उन्होंने तंज कसते हुए उन्हें ‘हीरक की रानी’ बताया और कहा कि चुनाव में जनता उन्हें हटाने का फैसला करेगी। अमित शाह ने आरोप लगाया कि बंगाल से ओडिशा और झारखंड में आलू की सप्लाई रोक दी गई है, जिससे किसानों और व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में आने पर इस सप्लाई को फिर से शुरू करेगी।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए विकास फंड का सही उपयोग नहीं हुआ और इसे सिंडिकेट के जरिए हड़प लिया गया। भाजपा सरकार बनने पर हर पैसे का हिसाब लिया जाएगा।अमित शाह ने कहा कि भाजपा सरकार में आदिवासी समाज को सम्मान मिला और इसी समाज की एक महिला द्रौपदी मुर्मु देश की राष्ट्रपति बनीं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया गया। उन्होंने घोषणा की कि भाजपा सरकार बनने पर बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपए की सहायता दी जाएगी। साथ ही राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की बात भी कही।गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार आने पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी, ताकि वे रात में भी सुरक्षित बाहर निकल सकें।अमित शाह ने दावा किया कि राज्य में बंद पड़ी फैक्ट्रियों को फिर से शुरू किया जाएगा और रवींद्रनाथ टैगोर के ‘सोनार बांग्ला’ के सपने को साकार किया जाएगा। - मथुरा (उप्र),। मथुरा जिले में यमुना नदी में नौका पलटने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। साथ ही, नाविक को गिरफ्तार कर लिया गया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग के त्वरित प्रतिक्रिया दल के प्रभारी भूदेव प्रसाद ने बताया कि एक शव दुर्घटना स्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर देवराहा बाबा घाट के पास से बरामद किया गया और मृतक की पहचान लुधियाना निवासी माणिक टंडन (42) के रूप में की गई है। पुलिस ने यह भी बताया कि नाविक पप्पू को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने भी एक और शव बरामद किए जाने की पुष्टि की है। हालांकि चार लोग अब भी लापता हैं। उन्होंने बताया कि लापता लोगों की तलाश फिलहाल यमुना नदी के 14 किलोमीटर के दायरे में केंद्रित है। नदी की धारा को देखते हुए ऐसा अंदेशा है कि लापता लोग काफी नीचे की ओर बह गए होंगे। सेना की 'स्ट्राइक वन कोर' और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के कर्मचारी 20 घंटे से अधिक समय से लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैंये सभी पर्यटक पंजाब के लुधियाना और मुक्तसर से वृंदावन आए लगभग 150 तीर्थयात्रियों के एक बड़े समूह का हिस्सा थे।
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नई दिल्ली। केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई), बेंगलुरु ने जैव रसायन एवं रुधिरविज्ञान क्षेत्र में आईएसओ 15189:2022 मान्यता प्राप्त कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि इसे केंद्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) का पहला संस्थान बनाती है जिसे यह वैश्विक मान्यता मिली है। संस्थान ने प्रतिवर्ष 1.5 लाख से अधिक परीक्षणों के साथ 50 मापदंडों के लिए राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड से मान्यता प्राप्त की है। एनएबीएल प्रमाणन के बाद प्रयोगशाला ने और सख्त आईएसओ 15189:2022 मानकों को पूरा करने में सफलता हासिल की है।
केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि यह वैश्विक मान्यता सटीक निदान सुनिश्चित करती है और आयुष को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल के मानक के रूप में स्थापित करती है। उन्होंने इसे प्रमाण-आधारित आयुर्वेदिक अनुसंधान के लिए एक मजबूत कदम बताया। आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि आईएसओ 15189:2022 मान्यता प्रमाण-आधारित अभ्यास और अनुसंधान को और मजबूत करती है। इससे आयुर्वेदिक उपचारों की वैज्ञानिक विश्वसनीयता बढ़ेगी। सीएआरआई बेंगलुरु न केवल निदान सेवाएं प्रदान करता है, बल्कि आयुर्वेद और आयुष आधारित उपचारों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह रोगियों की निगरानी और अनुसंधान परिणामों को बेहतर बनाने में मदद करता है। संस्थान 2021-22 में एनएबीएच और एनएबीएल दोनों प्रारंभिक प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाला पहला सीसीआरएएस संस्थान बन चुका है। यह बीआईएस आईएस/आईएसओ 9001:2015 प्रमाणन की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। संस्थान भविष्य में मान्यता प्राप्त परीक्षणों की संख्या बढ़ाने और अपनी निदान क्षमता को और मजबूत करने की योजना बना रहा है, ताकि आम जनता को अधिक सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी 200वीं जयंती समारोहों का शुभारंभ किया। उन्होंने फुले को एक दूरदर्शी समाज सुधारक बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना जीवन समानता, न्याय और शिक्षा के आदर्शों के लिए समर्पित किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि महात्मा फुले महिलाओं और वंचित वर्गों के अधिकारों के अग्रणी पक्षधर थे। उनके प्रयासों से शिक्षा सशक्तीकरण का एक प्रभावी माध्यम बनी और समाज के कमजोर वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर मिला। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक लेख लिखकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने महात्मा फुले को प्रेरणापुंज बताते हुए कहा कि उनके विचार आज भी अत्यंत प्रासंगिक हैं, खासकर शिक्षा, ज्ञान और जनकल्याण के क्षेत्र में। पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष महात्मा फुले की 200वीं जयंती के समारोहों का शुभारंभ किया जा रहा है। उन्होंने कामना की कि फुले के आदर्श समाज की प्रगति और समावेशी विकास के प्रयासों में मार्गदर्शन करते रहें।नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि महात्मा फुले ने समानता, न्याय और शिक्षा के मूल्यों के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने महिलाओं और उपेक्षित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और शिक्षा को सशक्तीकरण का सशक्त साधन बनाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि महात्मा ज्योतिराव फुले के विचार आज भी समाज को आगे बढ़ने और एक समतामूलक भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। -
नयी दिल्ली. 'योजना', 'कुरुक्षेत्र', 'आजकल', 'बाल भारती' और 'रोजगार समाचार' जैसी केंद्र सरकार की प्रमुख पत्रिकाएं प्रसार भारती के वेव्स ओटीटी मंच पर मुफ्त उपलब्ध कराई गई हैं। सूचना और प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) ने एक बयान में यह जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य देशभर के पाठकों के लिए विश्वसनीय, सूचनात्मक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध सामग्री तक पहुंच सुनिश्चित करना है। 'योजना', 'कुरुक्षेत्र', 'आजकल' और 'बाल भारती' जैसी मासिक पत्रिकाओं को सामाजिक-आर्थिक मुद्दों, ग्रामीण विकास, साहित्य और बच्चों की शिक्षा से जुड़े विषयों के गहन विश्लेषण के लिए जाना जाता है, जबकि साप्ताहिक 'रोजगार समाचार' नौकरी के इच्छुक लोगों के लिए रोजगार के अवसरों, भर्ती सूचनाओं, करियर मार्गदर्शन और कौशल विकास पर विश्वसनीय जानकारी प्रदान करता है। बयान के मुताबिक, "डिजिटल ज्ञान सामग्री तक पहुंच को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रकाशन विभाग ने अपनी प्रमुख पत्रिकाओं 'योजना', 'कुरुक्षेत्र', 'आजकल' और 'बाल भारती' के साथ-साथ साप्ताहिक 'रोजगार समाचार' को प्रसार भारती के वेव्स ओटीटी मंच पर मुफ्त में उपलब्ध कराया है, जिससे देशभर के पाठकों को इसके समृद्ध भंडार तक सीधी पहुंच हासिल हो गई है।" बयान के अनुसार, इन पत्रिकाओं के अलावा विभिन्न विधाओं की ई-पुस्तकों का एक व्यापक संग्रह भी वेव्स मंच पर मुफ्त में उपलब्ध कराया गया है, जिसमें प्रतिष्ठित 'भारत ईयर बुक' भी शामिल है, जो भारत के शासन, अर्थव्यवस्था और विकास पहल का आधिकारिक एवं विस्तृत विवरण प्रदान करने वाला एक प्रमुख प्रकाशन है। बयान में कहा गया है कि वेव्स मंच पर फिलहाल कुल 227 ई-पुस्तकें पाठकों के लिए मुफ्त में उपलब्ध हैं।
इसमें कहा गया है, "अपनी डिजिटल सेवाओं का और विस्तार करते हुए प्रकाशन विभाग अप्रैल के अंत तक वेव्स मंच पर लगभग 300 अतिरिक्त ई-पुस्तकें उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है। ज्ञान के प्रसार के विभाग के मिशन को जारी रखते हुए ये ई-पुस्तकें बेहद किफायती दरों पर उपलब्ध कराई जाएंगी।" बयान के मुताबिक, पाठकों की सुविधा और पहुंच को बेहतर बनाने के लिए प्रकाशन विभाग ने अपनी पुस्तकों को वेव्स मंच के जरिये खरीदने की सुविधा भी प्रदान कर दी है। इसमें कहा गया है कि यह सुविधा ओएनडीसी (ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स) ढांचे के तहत सीएससी ग्रामीण ई-स्टोर के माध्यम से प्रदान की जा रही है, जिससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों सहित देश भर के पाठकों को भौतिक प्रतियों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। बयान के अनुसार, मौजूदा समय में कुल 524 पुस्तकें खरीदारी के लिए उपलब्ध हैं।इसमें कहा गया है, "यह पहल अपने प्रकाशनों की पहुंच को व्यापक बनाने और पाठकों की बदलती प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए डिजिटल मंचों का लाभ उठाने की प्रकाशन विभाग की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।" बयान में कहा गया है कि मुफ्त डिजिटल सामग्री के साथ किफायती दरों पर किताबों की उपलब्धता सुनिश्चित करके प्रकाशन विभाग एक व्यापक और समावेशी पठन पारिस्थितिकी तंत्र बनाने का लक्ष्य रखता है। -
जम्मू, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने जम्मू-कश्मीर में झीलों के तेजी से हो रहे क्षरण पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा है कि केंद्र शासित प्रदेश की 697 प्राकृतिक झीलों में से 518 (74 प्रतिशत से अधिक) वर्ष 1967 के बाद या तो पूरी तरह समाप्त हो गई हैं या उनके आकार में कमी आई है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। कैग की रिपोर्ट के मुताबिक झीलों के तेजी से हो रहे इस क्षरण से पारिस्थितिक असंतुलन और जैव विविधता को भारी नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों ने बताया कि 31 मार्च 2024 को समाप्त वर्ष के लिए केंद्र शासित प्रदेश में झीलों के संरक्षण पर कैग की रिपोर्ट के अनुसार, कुल 28,990 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली 697 झीलों में से 315 झीलें (1,537.07 हेक्टेयर क्षेत्र) पूरी तरह समाप्त हो गई हैं, जबकि 203 झीलों का क्षेत्रफल 1,314.19 हेक्टेयर तक घट गया है। रिपोर्ट में कहा गया है, ''518 झीलों में कुल मिलाकर 2,851.26 हेक्टेयर क्षेत्र में कमी या समाप्ति दर्ज की गई है।'' कैग ने झीलों के प्रभावी संरक्षण और प्रबंधन के लिए ठोस, समयबद्ध और संरचित रणनीति अपनाने की जोरदार सिफारिश की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि झीलों के बड़े पैमाने पर सिकुड़ने से वनस्पति और जीव-जंतुओं की हानि, पारिस्थितिक तंत्र में व्यवधान और जल, खाद्य व जैव विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इसमें यह भी कहा गया है कि झीलों के क्षेत्र में कमी से जलवायु को लेकर असुरक्षा की भावना बढ़ी है और यह सितंबर 2014 में जम्मू-कश्मीर में आई विनाशकारी बाढ़ के कारणों में से एक रही, क्योंकि झीलें प्राकृतिक रूप से बाढ़ को नियंत्रित करने का काम करती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के 20 जिलों में फैली 697 प्राकृतिक झीलों का पारिस्थितिक और सामाजिक-आर्थिक महत्व अत्यधिक है। इनमें पांच हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल वाली 185 प्रमुख झीलें शामिल हैं, जैसे कि वुलर झील, जो मीठे पानी की भारत की सबसे बड़ी झील है। इसके अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण जलाशय भी हैं। कैग की रिपोर्ट में बताया गया कि 150 झीलों के क्षेत्रफल में 538.22 हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि 29 झीलों में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। हालांकि, संबंधित विभाग इन झीलों के क्षेत्रफल बढ़ने के कारणों का विश्लेषण या निगरानी नहीं कर पाए। कैग ने झीलों के सूखने और क्षरण के लिए मुख्य रूप से झीलों तथा उनके जलग्रहण क्षेत्रों में भूमि उपयोग में बदलाव, वनों की कटाई, जलवायु परिवर्तन एवं अनियंत्रित मानवीय गतिविधियों को जिम्मेदार ठहराया है।




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