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नई दिल्ली। ब्रिटेन के शोधकर्ताओं की एक टीम ने एक नया और उन्नत ब्लड टेस्ट विकसित किया है, जिससे फेफड़ों के कैंसर (लंग कैंसर) की पहचान और उसकी निगरानी रियल टाइम में की जा सकेगी। इससे बीमारी की पहचान में होने वाली देरी कम होगी और मरीजों के इलाज के नतीजे बेहतर हो सकेंगे।
शोधकर्ताओं ने फूरियर ट्रांसफॉर्म इंफ्रारेड (FT-IR) माइक्रोस्पेक्ट्रोस्कोपी तकनीक का उपयोग करते हुए मरीज के खून में मौजूद लंग कैंसर की एक अकेली कोशिका तक की पहचान कर ली।यह तकनीक उन्नत इंफ्रारेड स्कैनिंग तकनीक और कंप्यूटर विश्लेषण को मिलाकर काम करती है। इसमें कैंसर कोशिकाओं की खास रासायनिक पहचान (केमिकल फिंगरप्रिंट) पर ध्यान दिया जाता है। यह जानकारी यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल्स ऑफ नॉर्थ मिडलैंड्स NHS ट्रस्ट (UHNM), कील यूनिवर्सिटी और लफबरो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने दी।अध्ययन के प्रमुख लेखक और UHNM में ऑन्कोलॉजी के एसोसिएट स्पेशलिस्ट प्रोफेसर जोसेप सुले-सुसो ने कहा कि यह तरीका मरीजों को जल्दी जांच, व्यक्तिगत इलाज और कम इनवेसिव प्रक्रियाओं में मदद कर सकता है। भविष्य में इसे लंग कैंसर के अलावा अन्य कई प्रकार के कैंसर में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।शोध के अनुसार, सर्कुलेटिंग ट्यूमर सेल्स (CTCs) वे कैंसर कोशिकाएं होती हैं, जो ट्यूमर से अलग होकर खून के जरिए शरीर में घूमती हैं। ये कोशिकाएं यह समझने में मदद करती हैं कि बीमारी किस तरह आगे बढ़ रही है और इलाज कितना असरदार है। यही कोशिकाएं कैंसर के फैलने (मेटास्टेसिस) का कारण भी बन सकती हैं।वर्तमान में CTCs की पहचान के तरीके जटिल, महंगे और समय लेने वाले होते हैं। कई बार ये तरीके कैंसर कोशिकाओं को पहचानने में असफल भी हो जाते हैं, क्योंकि खून में घूमते समय ये कोशिकाएं अपनी विशेषताएं बदल लेती हैं।नई तकनीक में खून के सैंपल पर इंफ्रारेड किरणें डाली जाती हैं, जो टीवी रिमोट की रोशनी जैसी होती हैं, लेकिन कहीं ज्यादा शक्तिशाली होती हैं। अलग-अलग रसायन इंफ्रारेड रोशनी को अलग तरीके से अवशोषित करते हैं और CTCs का एक खास अवशोषण पैटर्न होता है, जिसे उनका केमिकल फिंगरप्रिंट कहा जाता है।कंप्यूटर के जरिए इस डेटा का विश्लेषण कर यह जल्दी पता लगाया जा सकता है कि खून में कैंसर कोशिकाएं मौजूद हैं या नहीं।Applied Spectroscopy जर्नल में प्रकाशित यह तकनीक मौजूदा तरीकों की तुलना में सरल और कम खर्चीली है। इसमें पैथोलॉजी लैब में पहले से इस्तेमाल होने वाली साधारण कांच की स्लाइड्स का उपयोग किया जाता है, जिससे इसे रोजमर्रा की चिकित्सा प्रक्रिया में अपनाना आसान हो जाता है।शोधकर्ता अब इस तकनीक को बड़े मरीज समूहों पर आजमाने की योजना बना रहे हैं। उनका लक्ष्य एक ऐसा तेज और ऑटोमेटेड ब्लड टेस्ट विकसित करना है, जिसे कैंसर के इलाज की प्रक्रिया में आसानी से शामिल किया जा सके। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को जॉर्डन की यात्रा पूरी करने के बाद इथियोपिया पहुंचे, जहां उन्होंने अपने तीन देशों के दौरे के दूसरे चरण की शुरुआत की। यह उनकी इथियोपिया की पहली राजकीय यात्रा है। विशेष सम्मान स्वरूप इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली ने स्वयं एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया।
यह स्वागत कई मायनों में खास रहा। प्रधानमंत्री अबी अहमद अली स्वयं प्रधानमंत्री मोदी को गाड़ी चलाकर होटल तक ले गए। इस दौरान उन्होंने मार्ग में साइंस म्यूजियम और फ्रेंडशिप पार्क भी दिखाए। यह भ्रमण आधिकारिक यात्रा कार्यक्रम (इटिनरेरी) का हिस्सा नहीं था, बल्कि प्रधानमंत्री अबी अहमद की व्यक्तिगत पहल पर कराया गया।प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “कुछ समय पहले अदीस अबाबा पहुंचा। एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री अबी अहमद अली द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत के लिए स्वयं को सम्मानित महसूस कर रहा हूं। इथियोपिया महान इतिहास और जीवंत संस्कृति वाला राष्ट्र है। भारत और इथियोपिया के बीच गहरे सभ्यतागत संबंध रहे हैं। मैं इथियोपियाई नेतृत्व के साथ विभिन्न क्षेत्रों में हमारी साझेदारी को और मजबूत करने के लिए संवाद को लेकर उत्सुक हूं।”यह यात्रा प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के निमंत्रण पर हो रही है और भारत-इथियोपिया संबंधों के बढ़ते रणनीतिक महत्व को दर्शाती है। दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के बीच द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर व्यापक चर्चा होगी। इनमें राजनीतिक सहयोग, विकासात्मक साझेदारी, व्यापार, निवेश और लोगों से लोगों के बीच संपर्क शामिल हैं। ग्लोबल साउथ के साझेदार होने के नाते, दोनों नेताओं से आपसी हितों के लिए मित्रता को और मजबूत करने तथा सहयोग के विस्तार की साझा प्रतिबद्धता दोहराने की उम्मीद है।मोदी इथियोपिया में भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे और इथियोपियाई संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे। उल्लेखनीय है कि यह वर्ष 2011 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इथियोपिया की पहली यात्रा है। प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में अदीस अबाबा को स्वागत होर्डिंग्स, पोस्टरों और भारतीय झंडों से सजाया गया है।इथियोपिया को अफ्रीका और ग्लोबल साउथ में भारत का एक महत्वपूर्ण और भरोसेमंद साझेदार माना जाता है। इस यात्रा से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की उम्मीद है।सोमवार को जारी अपने प्रस्थान वक्तव्य में प्रधानमंत्री मोदी ने अदीस अबाबा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह अफ्रीकी संघ का मुख्यालय है। उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान वर्ष 2023 में अफ्रीकी संघ को G20 का स्थायी सदस्य बनाया गया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ विस्तृत चर्चा, भारतीय समुदाय से मुलाकात और इथियोपियाई संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करने को लेकर उत्सुक हैं।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मैं ‘मदर ऑफ डेमोक्रेसी’ के रूप में भारत की यात्रा और ग्लोबल साउथ के लिए भारत-इथियोपिया साझेदारी के महत्व पर अपने विचार साझा करने के लिए उत्सुक हूं।”प्रधानमंत्री अबी अहमद अली इससे पहले ‘वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट’ के विभिन्न संस्करणों में प्रमुख भागीदारी निभा चुके हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा दक्षिण-दक्षिण सहयोग को गहरा करने और अफ्रीका के साथ भारत की साझेदारी को मजबूत करने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।इथियोपिया पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने जॉर्डन का दो दिवसीय दौरा पूरा किया, जहां उन्होंने किंग अब्दुल्ला द्वितीय और क्राउन प्रिंस अल-हुसैन बिन अब्दुल्ला द्वितीय से मुलाकात की, इंडिया-जॉर्डन बिजनेस फोरम को संबोधित किया और जॉर्डन संग्रहालय का दौरा किया। अम्मान पहुंचने पर उनका स्वागत जॉर्डन के प्रधानमंत्री जाफर हसन ने किया था।प्रधानमंत्री मोदी ने जॉर्डन यात्रा को “अत्यंत फलदायी” बताते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के लोगों के लिए प्रगति और समृद्धि के नए रास्ते खुलेंगे। -
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद नितिन नबीन ने बिहार सरकार में मंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया है। बताया जा रहा है कि पार्टी में ‘एक व्यक्ति, एक पद’ के सिद्धांत के तहत उन्होंने यह फैसला लिया। जानकारी के अनुसार, नितिन नबीन ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सौंप दिया है।
नितिन नबीन संभाल रहे थे पथ निर्माण विभाग तथा नगर विकास एवं आवास विभाग की जिम्मेदारीनितिन नबीन बिहार की नीतीश सरकार में पथ निर्माण विभाग तथा नगर विकास एवं आवास विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब यह देखना होगा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन विभागों की जिम्मेदारी किसे सौंपते हैं। फिलहाल, 14 जनवरी से पहले बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार की कोई संभावना नहीं जताई जा रही है।दो दिन पहले नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गयाउल्लेखनीय है कि दो दिन पहले नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह ने इसकी आधिकारिक घोषणा की थी। नियुक्ति पत्र में कहा गया कि भाजपा के संसदीय बोर्ड ने नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने का निर्णय लिया है।सोमवार को भाजपा मुख्यालय पहुंचकर अपना कार्यभार संभालानियुक्ति पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया कि यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। इस आदेश की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, सभी प्रदेश प्रभारियों, प्रदेश अध्यक्षों और संगठन महामंत्रियों को भेज दी गई है। नितिन नबीन ने सोमवार को भाजपा मुख्यालय पहुंचकर अपने पद का कार्यभार भी संभाल लिया।पार्टी का निर्णय संगठनात्मक दृष्टि से अहमपार्टी के इस निर्णय को संगठनात्मक दृष्टि से एक अहम कदम माना जा रहा है। नितिन नबीन की नियुक्ति से राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा संगठन को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।बिहार प्रदेश अध्यक्ष के पद में भी बदलाव, विधायक संजय सरावगी को नई जिम्मेदारीगौरतलब है कि भाजपा संगठन में लगातार बदलाव कर रही है। इसी क्रम में पार्टी ने बिहार प्रदेश अध्यक्ष के पद पर भी बदलाव करते हुए दिलीप जायसवाल के स्थान पर दरभंगा के विधायक संजय सरावगी को नई जिम्मेदारी सौंपी है। - मथुरा (उप्र) ) मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के सात बसों और तीन अन्य वाहनों के आपस में टकरा जाने के कारण कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई और लगभग 70 अन्य घायल हो गए। मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया, "दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में 13 लोगों की मृत्यु हुई है। लगभग 70 लोग घायल हैं। जिनका अलग-अलग अस्पताल में इलाज चल रहा है। सभी खतरे से बाहर हैं।" यह हादसा तड़के करीब साढ़े चार बजे यमुना एक्सप्रेसवे पर बलदेव थाना क्षेत्र में हुआ।मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने कहा, ‘‘ संभवत: कोहरा होने से कम दृश्यता के कारण यह हादसा हुआ।कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचीं और सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया।उन्होंने बताया कि यात्रियों को सरकारी वाहनों से उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हादसे के कारण अस्थायी तौर पर मार्ग परिवर्तन भी किया गया है।
- नयी दिल्ली. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मंगलवार को तीन राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों की मतदाता सूचियों का मसौदा प्रकाशित किया जाएगा। निर्वाचन आयोग ने बताया कि पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गोवा, पुडुचेरी और लक्षद्वीप की मतदाता सूचियों का मसौदा मंगलवार को प्रकाशित किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) और जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ मतदाता सूची के मसौदे की प्रति साझा करेंगे। मतदाता सूची सीईओ और डीईओ की वेबसाइटों पर भी अपलोड की जाएगी। अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत मतदाताओं की सूचियां भी सीईओ और डीईओ की वेबसाइटों पर अपलोड की जाएंगी। पिछले सप्ताह, निर्वाचन आयोग ने सीईओ के अनुरोधों के बाद पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में एसआईआर की समय सीमा बढ़ा दी थी। तमिलनाडु, गुजरात, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के लिए समय सीमा में संशोधन किया गया। इन छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गणना की अवधि पिछले बृहस्पतिवार को समाप्त होनी थी और मतदाता सूची का मसौदा 16 दिसंबर को प्रकाशित किया जाना था। बयान में कहा गया है कि तमिलनाडु और गुजरात के लिए गणना की अवधि 14 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है, जहां मतदाता सूची का मसौदा 19 दिसंबर को प्रकाशित किया जाएगा। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के लिए, गणना की अवधि 18 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है और मतदाता सूचियों का मसौदा 23 दिसंबर को प्रकाशित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में गणना की अवधि 26 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है और मतदाता सूची का मसौदा 31 दिसंबर को प्रकाशित किया जाएगा। गोवा, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में गणना की अवधि बृहस्पतिवार को समाप्त हो जाएगी और मतदाता सूची का मसौदा 16 दिसंबर को प्रकाशित किया जाएगा। केरल के लिए कार्यक्रम में पूर्व में संशोधन किया गया था। राज्य में गणना की अवधि 18 दिसंबर को समाप्त होगी और मतदाता सूची का मसौदा 23 दिसंबर को प्रकाशित किया जाएगा।
- नई दिल्ली। आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरपंथ का मुकाबला करने पर जॉर्डन और किंग अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल-हुसैन के मज़बूत रुख की तारीफ़ करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि अम्मान और नई दिल्ली आतंकवाद के खिलाफ एक जैसा, साफ़ रुख रखते हैं।प्रधानमंत्री मोदी ने किंग अब्दुल्ला के साथ आज प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक में अपनी बात रखते हुए कहा, “आतंकवाद के खिलाफ हमारा रुख एक जैसा और साफ है। आपके नेतृत्व में, जॉर्डन ने आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरपंथ के खिलाफ पूरी इंसानियत को एक मजबूत और रणनीतिक संदेश दिया है। हमारी सीमित बातचीत में, हमने इस मामले पर सहयोग को और बढ़ाने पर चर्चा की।”पीएम मोदी ने किंग अब्दुल्ला II बिन अल-हुसैन की संयम को बढ़ावा देने की कोशिशों की तारीफ़ की और 10 साल पहले नेता के साथ अपनी पहली मुलाकात को याद किया। उन्होंने कहा, “मुझे याद है कि हमारी पहली मुलाकात भी 2015 में UN के मौके पर हुई थी, एक ऐसे इवेंट में जो हिंसक उग्रवाद का मुकाबला करने पर केंद्रित था। तब भी आपने इस विषय पर प्रेरणादायक बातें कही थीं। संयम को बढ़ावा देने के आपके प्रयास न केवल क्षेत्रीय शांति के लिए बल्कि वैश्विक शांति के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। हम इस दिशा में मिलकर ठोस कदम उठाते रहेंगे। हम अपने आपसी सहयोग के सभी दूसरे पहलुओं को और मजबूत करेंगे।”पीएम मोदी ने किंग अब्दुल्ला II बिन अल-हुसैन के साथ अपनी मुलाकात के दौरान कहा, “मुझे और मेरे डेलिगेशन को मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं दिल से आभार व्यक्त करता हूं। आपने भारत-जॉर्डन संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए बहुत ही पॉजिटिव विचार शेयर किए हैं। मैं आपकी दोस्ती और भारत के प्रति आपकी गहरी प्रतिबद्धता के लिए आपको दिल से धन्यवाद देता हूं।”वहीं अपने संबोधन में, जॉर्डन के किंग ने जॉर्डन-भारत संबंधों को और आगे बढ़ाने और सहयोग के नए रास्ते खोलने के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि यह दौरा हमारे दोनों देशों के बीच दशकों की दोस्ती, आपसी सम्मान और प्रोडक्टिव सहयोग को दिखाता है। हमारे देशों के बीच एक मज़बूत साझेदारी है और हमारे लोगों के लिए समृद्धि को आगे बढ़ाने की साझा इच्छा है।उन्होंने कहा कि और पिछले कुछ सालों में, हमारा सहयोग कई सेक्टर्स में फैल गया है। आज आपकी यह यात्रा इंडस्ट्री, ICT, फार्मास्यूटिकल्स, एग्रीकल्चर, एनर्जी, और हमारे लोगों के लिए आपसी फायदे के कई और उम्मीद भरे क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग के नए रास्ते बनाने का एक महत्वपूर्ण मौका देती है।प्रधानमंत्री मोदी सोमवार दोपहर जॉर्डन पहुंचे, जहां से उन्होंने अपने तीन देशों के दौरे की शुरुआत की। यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी की भारत-जॉर्डन द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने, साझा विकास और समृद्धि के नए अवसर तलाशने तथा क्षेत्रीय शांति, समृद्धि, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराने का अवसर प्रस्तुत करती है।इस दौरे में इथियोपिया और ओमान सल्तनत भी शामिल हैं-ये सभी ऐसे देश हैं जिनके साथ भारत के पुराने सभ्यतागत संबंध हैं, साथ ही व्यापक समकालीन द्विपक्षीय संबंध भी हैं।वहीं, यात्रा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री मोदी इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. अबीय अहमद अली के निमंत्रण पर 16–17 दिसंबर, 2025 को इथियोपिया का दौरा करेंगे। यह पीएम मोदी की प्रथम इथियोपिया यात्रा होगी। प्रधानमंत्री मोदी, प्रधानमंत्री डॉ. अबीय अहमद अली के साथ भारत–इथियोपिया द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर व्यापक चर्चा करेंगे। ग्लोबल साउथ के साझेदारों के रूप में, यह यात्रा दोनों देशों की मित्रता एवं द्विपक्षीय सहयोग को और प्रगाढ़ बनाने की साझा प्रतिबद्धता को दोहराएगी।इसके बाद, यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के निमंत्रण पर 17–18 दिसंबर, 2025 को ओमान का दौरा करेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की ओमान की दूसरी यात्रा होगी ।
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नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन का उल्लेख करते हुए कहा कि वे मोदी सरकार की नीतियों और पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।
रविवार को नियुक्ति के बाद भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन सोमवार को दिल्ली पहुंचे। दिल्ली एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली सरकार के मंत्रियों, भाजपा सांसदों और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद वे नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पं. दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया।इसके उपरांत नितिन नबीन ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की उपस्थिति में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया।गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “नितिन नबीन को भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने पर हार्दिक बधाई। मुझे विश्वास है कि आपके नेतृत्व में संगठन का और विस्तार होगा तथा मोदी सरकार की नीतियों और पार्टी की विचारधारा को आप प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुंचाएंगे। ईश्वर से आपके सफल कार्यकाल की कामना करता हूं।”भाजपा के वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े ने भी ‘एक्स’ पर लिखा, “दिल्ली आगमन पर पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और कार्यकर्ताओं की ओर से आत्मीय स्वागत किया गया तथा शुभकामनाएं दी गईं।”वरिष्ठ नेता तरुण चुघ ने कहा कि नितिन नबीन एक मेहनती, अथक और जमीनी स्तर से जुड़े कार्यकर्ता हैं। उन्होंने दो पीढ़ियों तक संगठन की सेवा की है और संगठन व सरकार- दोनों स्तरों पर अपनी क्षमता साबित की है। एक साधारण कार्यकर्ता से नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने तक का उनका सफर भाजपा की मूल संस्कृति को दर्शाता है।वहीं, नितिन नबीन ने एक पोस्ट के माध्यम से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का आभार जताते हुए लिखा, “केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी का हृदय से धन्यवाद। आपके मार्गदर्शन में संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सुदृढ़ करने तथा भाजपा की विचारधारा को जन-जन तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के लिए हम सभी संकल्पबद्ध हैं।”उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का भी धन्यवाद करते हुए कहा कि आपके नेतृत्व और मार्गदर्शन में संगठनात्मक कार्य करने का अवसर मेरे लिए निरंतर सीख और प्रेरणा का स्रोत रहा है। -
नयी दिल्ली/प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 75वीं पुण्यतिथि पर सोमवार को उन्हें श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी 75वीं पुण्यतिथि पर मेरी हार्दिक श्रद्धांजलि। उन्होंने अपना जीवन देश को एकजुट करने में समर्पित कर दिया।'' मोदी ने कहा, ‘‘कृतज्ञ राष्ट्र एक अविभाजित और सशक्त भारतवर्ष के निर्माण में उनके अद्वितीय योगदान को कभी नहीं भूल सकता।'' गुजरात के नाडियाड में 1875 में जन्मे पटेल ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई थी। देश के पहले गृह मंत्री के रूप में उन्होंने स्वतंत्रता के बाद 560 से अधिक रियासतों का भारत संघ में विलय कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सरदार प्रटेल का निधन 1950 में हुआ था।
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नयी दिल्ली. सरकार ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि आंध्र प्रदेश में पेट्रोल और डीजल सबसे महंगे हैं, जिसका मुख्य कारण राज्य द्वारा लगाया जाने वाला सबसे अधिक मूल्य वर्द्धित कर (वैट) है, जबकि अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में ईंधन की कीमतें सबसे कम हैं। ईंधन कीमतों में असमानता से जुड़े एक सवाल के लिखित जवाब में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती में पेट्रोल की कीमत 109.74 रुपये प्रति लीटर है, जबकि अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में यही पेट्रोल 82.46 रुपये प्रति लीटर मिलता है। उन्होंने कहा, “पेट्रोल और डीजल की अंतिम कीमतों में केंद्र सरकार द्वारा तय उत्पाद शुल्क और संबंधित राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश सरकारों द्वारा तय वैट या कर शामिल होते हैं।” उन्होंने कहा कि देश भर में दरों में अंतर अलग-अलग मालभाड़ा दरों और वैट या स्थानीय करों के कारण होता है, जो विभिन्न राज्यों में एक समान नहीं होते हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासित आंध्र प्रदेश पेट्रोल पर सबसे अधिक 29.06 रुपये प्रति लीटर वैट वसूलता है, जबकि अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में यह केवल 0.82 रुपये प्रति लीटर है। यह वैट केंद्र सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क के रूप में लगाए गए 21.90 रुपये प्रति लीटर के ऊपर वसूला जाता है। इसी तरह, आंध्र प्रदेश में डीजल की कीमत 97.57 रुपये प्रति लीटर है, जिसमें 21.56 रुपये प्रति लीटर वैट है। अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में डीजल की कीमत 78.05 रुपये प्रति लीटर है, क्योंकि वहां वैट सबसे कम (0.77 रुपये प्रति लीटर) है। आंध्र प्रदेश के बाद वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) शासित केरल में पेट्रोल की कीमत 107.48 रुपये प्रति लीटर है। कांग्रेस-शासित तेलंगाना उससे कुछ ही पीछे है, जहां पेट्रोल 107.46 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। कई भाजपा-शासित राज्यों में भी पेट्रोल की कीमतें अधिक हैं, जिनमें मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 106.52 रुपये प्रति लीटर, पटना में 105.23 रुपये प्रति लीटर (जहां भाजपा एवं जद(यू) एवं कुछ अन्य दलों के गठबंधन का शासन है), राजस्थान के जयपुर में 104.72 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 103.54 रुपये प्रति लीटर शामिल हैं। तृणमूल कांग्रेस-शासित पश्चिम बंगाल में कोलकाता में पेट्रोल 105.41 रुपये प्रति लीटर है। महानगरों में दिल्ली में हमेशा ईंधन सस्ता रहा है, क्योंकि यहां कम कर लगाए जाते हैं। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर है, क्योंकि वहां 15.40 रुपये प्रति लीटर वैट लगाया जाता है। सरकार द्वारा दिये गये उत्तर के अनुसार, अन्य राज्य जहां पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर से अधिक है, उनमें ओडिशा (भुवनेश्वर में 101.11 रुपये प्रति लीटर), कर्नाटक (बेंगलुरु में 102.92 रुपये), तमिलनाडु (चेन्नई में 100.80 रुपये) और जम्मू-कश्मीर (श्रीनगर में 100.71 रुपये प्रति लीटर) शामिल हैं। इसके विपरीत, दमन में पेट्रोल 92.44 रुपये प्रति लीटर मिलता है। कम वैट दरों वाले छोटे राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों में भी पेट्रोल सस्ता है, जिनमें पणजी (96.43 रुपये) और चंडीगढ़ (94.30 रुपये) शामिल हैं। सरकार के जवाब के अनुसार डीजल की कीमतों में भी कमोबेश ऐसा ही रुझान देखने को मिलता है। आंध्र प्रदेश के अमरावती में डीजल 97.57 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, इसके बाद केरल के तिरुवनंतपुरम में 96.48 रुपये, हैदराबाद में 95.70 रुपये और रायपुर में 93.39 रुपये प्रति लीटर है। बिहार और भाजपा शासित ओडिशा में डीजल की कीमत 91 से 93 रुपये प्रति लीटर के दायरे में है। अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में डीजल सबसे सस्ता है, जहां इसकी कीमत 78.05 रुपये प्रति लीटर है। दिल्ली में डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर बिकता है, जबकि गोवा में इसकी कीमत 87.81 रुपये प्रति लीटर है। गोपी ने कहा कि केंद्र सरकार ने नवंबर 2021 और मई 2022 में दो चरणों में पेट्रोल पर कुल 13 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 16 रुपये प्रति लीटर तक उत्पाद शुल्क घटाया था, जिसका पूरा लाभ उपभोक्ताओं को दिया गया।
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नयी दिल्ली/पटना. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दरभंगा सदर सीट से विधायक और पूर्व मंत्री संजय सरावगी को सोमवार को पार्टी की बिहार इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई। इसमें कहा गया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने सरावगी को पार्टी की बिहार इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया है और यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। सरावगी (56) प्रदेश अध्यक्ष के रूप में दिलीप जायसवाल की जगह लेंगे। सरावगी लगातार पांच बार के विधायक हैं और राज्य सरकार में मंत्री भी रहे हैं। सरावगी को दरभंगा और मिथिला क्षेत्र में भाजपा का चर्चित एवं पुराना चेहरा माना जाता है।
जायसवाल ने ‘एक्स' पर पोस्ट कर सरावगी को बधाई दी तथा विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में संगठन को एक नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘लोकप्रिय विधायक संजय सरावगी को बिहार में भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि उनके सक्षम नेतृत्व में, संगठन को एक नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘वह बिहार में भारतीय जनता पार्टी को और अधिक सशक्त, अनुशासित एवं जनोन्मुखी बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। आपके यशस्वी कार्यकाल के लिए ढेरों मंगलकामनाएं।'' बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी सरावगी को बधाई दी।
उन्होंने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘संजय सरावगी को बिहार में भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त होने पर मैंने मिलकर हार्दिक बधाई एवं यशस्वी कार्यकाल की अनंत शुभकामनाएं दीं।'' उन्होंने कहा, ‘‘आपके नेतृत्व में बिहार भाजपा संगठन निश्चित ही एक नई ऊर्जा के साथ जनसेवा की भावना से ऐतिहासिक कार्य करेगी।'' इससे पहले रविवार को भाजपा ने बिहार सरकार में मंत्री नितिन नवीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया था। दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष नड्डा की मौजूदगी में उन्होंने सोमवार को भाजपा मुख्यालय में पदभार ग्रहण किया। हाल में संपन्न बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने शानदार जीत दर्ज की थी और भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी। नियुक्ति के बाद सरावगी ने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार जताते हुए कहा, “पार्टी मेरे लिए मां जैसी है। मैं पूरी ईमानदारी, निष्ठा और धैर्य के साथ पार्टी को सशक्त बनाने के लिए कार्य करूंगा।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को संगठन के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी। सरावगी ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की ताकत ही भाजपा की सबसे बड़ी पूंजी है और संगठनात्मक मजबूती के जरिए आगामी राजनीतिक चुनौतियों का सामना किया जाएगा। -
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने उच्च तकनीक वाले लिंके हॉफमैन बुश (एलएचबी) कोचों के उत्पादन में लगातार बेहतरी दिखाई है, जो यात्रियों के लिए बेहतर सुरक्षा, सुविधाजनक यात्रा और रेलवे के बेहतर कार्य प्रदर्शन को दर्शाते हैं। चालू वित्त वर्ष 2025-26 (नवंबर 2025 तक) के दौरान कुल 4,224 एलएचबी कोच बनाए गए हैं। यह पिछले साल की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक है, जब केवल 3,590 कोच बनाए गए थे। रविवार को रेल मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, उत्पादन में यह वृद्धि रेलवे के विभिन्न कारखानों की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और बेहतर उत्पादन योजना का परिणाम है।
इस अवधि में चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) ने 1,659 एलएचबी कोच बनाए, जबकि रायबरेली स्थित मॉडर्न कोच फैक्ट्री (एमसीएफ) ने 1,234 कोच और कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री (आरसीएफ) ने 1,331 कोच बनाए, जिससे कुल मिलाकर एलएचबी कोचों के उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है।दीर्घकालिक तुलना में पिछले कुछ वर्षों में काफी प्रगति हुई है। 2014 से 2025 तक भारतीय रेलवे ने 42,600 एलएचबी कोच बनाए, जो 2004 से 2014 के बीच बने 2,300 कोच से 18 गुना ज्यादा है। यह विस्तार सुरक्षा मानकों और कम रख-रखाव की विशेषताओं के कारण एलएचबी कोचों की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। -
नई दिल्ली। लक्षद्वीप में हाल ही में एक निवेशकों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें 500 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश के प्रस्ताव आए हैं। ये निवेश टूना और गहरे समुद्र की मछली पकड़ने, समुद्री शैवाल की खेती, सजावटी मछलियां और कचरा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में किए जाएंगे।
लक्षद्वीप में निवेश को आसान बनाने के लिए एक सिंगल-विंडो सिस्टम विकसित किया जा रहा है, ताकि परियोजनाओं को जल्दी मंजूरी मिल सके।22 निवेशक और प्रमुख उद्यमियों ने इस बैठक में भाग लिया, जिसका उद्देश्य लक्षद्वीप की ब्लू इकोनॉमी के विशाल संभावनाओं को खोलना था। यह पहली बार है जब केंद्र सरकार के मत्स्य पालन विभाग द्वारा यह बैठक शनिवार को लक्षद्वीप के बंगारम द्वीप में आयोजित की गई। बैठक में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन भी शामिल हुए।मत्स्य पालन विभाग ने निवेश के अवसरों पर चर्चा की, जिसमें टूना मछली पकड़ने, समुद्र तटीय शैवाल की खेती, हैचरी, ब्रीड बैंक, इंटीग्रेटेड यूनिट्स और ऑफशोर केज फार्मिंग शामिल हैं।लक्षद्वीप का विशाल क्षेत्र, जिसमें भारत का लगभग 20 प्रतिशत आर्थिक क्षेत्र शामिल है, इसे टूना और गहरे समुद्र की मछली पकड़ने के लिए आदर्श स्थान बनाता है। वर्तमान में लक्षद्वीप से 15,000 टन मछली का उत्पादन होता है, जबकि इसकी वास्तविक उत्पादन क्षमता लगभग 1 लाख टन है।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मॉडर्न वैल्यू चेन विकसित की जाए, जिसमें मछली पकड़ने, प्रमाणन, ब्रांडिंग और निर्यात शामिल हो, तो लक्षद्वीप टूना को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक मजबूत पहचान मिल सकती है।इसके अलावा, लक्षद्वीप का 4,200 वर्ग किलोमीटर से अधिक का जलक्षेत्र शैवाल की खेती के लिए आदर्श है। दुनिया भर में समुद्री शैवाल के उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है और इस क्षेत्र में कृषि प्रणालियां, नर्सरी, बायोमास प्रसंस्करण और बायोप्रोडक्ट निर्माण में निवेश के बड़े अवसर हैं।लक्षद्वीप में 300 से अधिक समुद्री मछलियों की प्रजातियां पाई जाती हैं, जो सजावटी मछली व्यापार के लिए उपयुक्त हैं। इन प्रजातियों को संरक्षित करने और निर्यात बढ़ाने के लिए हैचरी, ब्रूडस्टॉक डेवलपमेंट और इंटीग्रेटेड रियरिंग यूनिट्स की स्थापना की जा सकती है।इसके अलावा, लक्षद्वीप में ऑफशोर केज फार्मिंग का भी बड़ा अवसर है और इसका विशाल आर्थिक क्षेत्र इसे सतत समुद्री कृषि के लिए एक आदर्श स्थल बनाता है। देश के अन्य हिस्सों जैसे ओडिशा में सफल पायलट परियोजनाओं ने इसे संभव बना दिया है। -
नई दिल्ली। नितिन नबीन को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर बिहार में जश्न का माहौल है। राज्य सरकार में मंत्री नितिन नबीन को लगातार बधाई देने का सिलसिला जारी है। बिहार सरकार में सहयोगी मंत्री भी नितिन नबीन को बधाई दे रहे हैं। इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मंत्री दिलीप जायसवाल और श्रेयसी सिंह ने नितिन नबीन को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर खुशी जताई है।बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यह बिहार के लिए एक स्वागत योग्य क्षण है, क्योंकि पहली बार बिहार से नितिन नबीन राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बने हैं। यह राज्य के लिए गर्व का क्षण है।”
श्रेयसी सिंह ने नितिन नबीन को बधाई दी और भाजपा नेतृत्व को युवा को अवसर देने पर धन्यवाद कहादिलीप जायसवाल ने कहा, “पूरे बिहार के लिए सौभाग्य की बात है कि राज्य के एक युवा चेहरे नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।” बिहार सरकार में मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा, “मैं नितिन नबीन को दिल से बधाई देती हूं। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को भी धन्यवाद देती हूं कि एक युवा को मौका दिया गया है। पार्टी के फैसले से हम सभी लोग बहुत खुश हैं।”संजय कुमार सिंह ने कहा, “हम स्वागत करते हैं कि भाजपा ने बिहार के युवा नितिन नबीन को अवसर दिया और नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हैंमंत्री संजय कुमार सिंह ने कहा, “निश्चित रूप से, हम इसका स्वागत करते हैं और भारतीय जनता पार्टी ने बिहार के एक युवा चेहरे को मौका दिया है। हम भाजपा के पूरे टॉप नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हैं। बिहार का एक युवा, नया चेहरा सामने लाया गया है। उन्होंने संगठन में भी काम किया है और सभी के साथ अच्छे संबंध बनाए रखे हैं।”संजय कुमार सिंह ने नितिन नवीन को बधाई दी और उनके नेतृत्व में एनडीए की जीत पर भरोसा जतायानितिन नवीन को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए संजय कुमार सिंह ने कहा, “उनके सक्षम नेतृत्व में, आने वाले समय में जिस भी राज्य में चुनाव होंगे, हमें विश्वास है कि एनडीए गठबंधन जीतेगा।” लोजपा (रामविलास) के विधायक राजू तिवारी ने कहा, “यह निश्चित रूप से बिहार के लिए गर्व की बात है। यह दिखाता है कि एक समर्पित कार्यकर्ता को कैसे सम्मानित किया जाना चाहिए और उसे बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए। यह बिहार के लिए गर्व का पल है कि हमारे सम्मानित मंत्री को दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टियों में से एक भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।” -
नई दिल्ली। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र यानी बार्क (बीएआरसी) आंध्र प्रदेश में एक बड़ा रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आरएंडडी) कैंपस बनाने की योजना बना रहा है। यह परियोजना भारत के न्यूक्लियर साइंस और एडवांस रिएक्टर टेक्नोलॉजी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।
कहां बनेगा कैंपस ?यह प्रस्तावित कैंपस आंध्र प्रदेश के अनकापल्ली जिले में बनेगा और इसका क्षेत्रफल तकरीबन 3,000 एकड़ होगा। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा समीक्षा किए गए दस्तावेजों के अनुसार, बार्क ने इस परियोजना के लिए आंध्र प्रदेश सरकार से 148.15 हेक्टेयर जंगल की जमीन को उपयोग में लाने की अनुमति मांगी है।किसने की प्रस्ताव की समीक्षा ?मंत्रालय के एक्सपर्ट एप्रेजल कमेटी ने इस प्रस्ताव की समीक्षा की और इसको “सैद्धांतिक मंजूरी” देने की सिफारिश की, ताकि नई जमीन के पहले हिस्से को परियोजना के लिए दिया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि बार्क ने पहले ही 1,200 हेक्टेयर यानी लगभग 3,000 एकड़ राजस्व जमीन इस प्रोजेक्ट के लिए प्राप्त कर ली है। प्रस्तावित जंगल की जमीन उस क्षेत्र के पास स्थित है, जो पहले से ही प्राप्त की गई जमीन से जुड़ी हुई है और यह कैंपस के पूरे लेआउट के लिए महत्वपूर्ण है।स्वदेशी न्यूक्लियर इनोवेशन और क्लीन एनर्जी समाधानों पर जोरयह नया कैंपस बार्क की न्यूक्लियर रिसर्च, रिएक्टर डेवलपमेंट और एडवांस एनर्जी टेक्नोलॉजीज में बढ़ती भूमिका को सपोर्ट करेगा। यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है, जब सरकार स्वदेशी न्यूक्लियर इनोवेशन और क्लीन एनर्जी समाधानों पर जोर दे रही है।स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स का डिजाइन और विकास शुरूइस महीने की शुरुआत में सरकार ने संसद को बताया था कि बार्क ने पहले ही स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स का डिजाइन और विकास शुरू कर दिया है। इसमें 200 मेगावाट भारत स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर, 55 मेगावाट स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर और हाइड्रोजन जनरेशन के लिए हाई-टेम्परेचर गैस-कूल्ड रिएक्टर शामिल हैं। इन रिएक्टर्स को आधिकारिक परमाणु ऊर्जा विभाग के साइट्स पर टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन के लिए बनाया जाएगा और परियोजना की मंजूरी के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।केंद्र सरकार ने परमाणु क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया है। भारत के परमाणु ऊर्जा विभाग और रूस की रोसाटॉम के बीच बड़े और छोटे परमाणु पावर प्रोजेक्ट्स पर सहयोग की संभावनाओं पर बातचीत हुई है, जिसमें रूस द्वारा डिजाइन किए गए स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स को भारत में स्थापित करने और उपकरण निर्माण को स्थानीय स्तर पर बनाना शामिल है। -
नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया। भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड ने नबीन को इस पद के लिए चुना है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने एक बयान में कहा, "भाजपा के संसदीय बोर्ड ने बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन को तत्काल प्रभाव से भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है।
कायस्थ समुदाय से संबंध रखने वाले नबीन (45) के मौजूदा भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के उत्तराधिकारी बनने की संभावना है और पार्टी नेताओं के अनुसार, वह इस पद पर आसीन होने वाले सबसे युवा नेताओं में से एक हैं। नबीन पांच बार के विधायक हैं। वर्तमान में वह बिहार में पथ निर्माण मंत्री और पटना के बांकीपुर से विधायक हैं। वह पहले भी कई बार मंत्री रहे हैं। नड्डा को जनवरी 2020 में भाजपा अध्यक्ष नियुक्त किया गया था और वह अपना पूरा कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। नड्डा को 2024 के लोकसभा चुनावों तक पार्टी का नेतृत्व करने के लिए कार्यकाल विस्तार दिया गया था। नबीन को उनकी नियुक्ति पर बधाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि उन्होंने एक "मेहनती कार्यकर्ता" के रूप में अपनी विशिष्टता साबित की है और विश्वास व्यक्त किया कि उनकी ऊर्जा और समर्पण पार्टी को मजबूत करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा, "वह एक युवा और कर्मठ नेता हैं जिनके पास समृद्ध संगठनात्मक अनुभव है और बिहार में कई बार विधायक एवं मंत्री के रूप में उनका प्रभावशाली रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए लगन से काम किया है।" मोदी ने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘वह अपने विनम्र स्वभाव और व्यावहारिक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। मुझे विश्वास है कि उनकी ऊर्जा और समर्पण आने वाले समय में हमारी पार्टी को मजबूती प्रदान करेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने पर उन्हें हार्दिक बधाई।'' पार्टी नेताओं ने कहा कि नबीन युवा हैं और उन्हें शासन तथा जनता एवं संगठन के लिए काम करने का व्यापक अनुभव है। नबीन ने युवा मोर्चा के लिए भी व्यापक रूप से काम किया है और राज्य प्रभारी के रूप में भी उन्हें अनुभव प्राप्त है।
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गोरखपुर/लखनऊ (उप्र) . अपने परिवार और दोस्तों के बीच ‘पिंकी बाबू' के नाम से मशहूर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने अपने 36 वर्षों की राजनीति में गोरखपुर नगर निगम के पार्षद से लेकर देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष तक का शानदार सफर तय किया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को यहां राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित एक भव्य समारोह में सात बार के सांसद पंकज चौधरी के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की। चौधरी के करीबी लोगों ने बताया कि वह वर्ष 1989 में गोरखपुर नगर निगम में निर्दलीय पार्षद चुने गये थे और उन्होंने निगम के उप महापौर का पद हासिल किया था। इसके बाद वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और वर्ष 1991 में गोरखपुर से कुछ ही समय पहले विभाजित होकर नया जिला बने महराजगंज के संसदीय क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर सांसद निर्वाचित हुए। महराजगंज से सातवीं बार के निर्वाचित सांसद और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री चौधरी को पूर्वांचल में एक प्रमुख कुर्मी चेहरे के रूप में देखा जाता है। 15 नवंबर, 1964 को गोरखपुर के एक जाने-माने कारोबारी परिवार में जन्मे चौधरी पढ़ाई में होशियार थे और शुरू में राजनीति की बजाय समाज सेवा की ओर झुकाव रखते थे। एक जानकार ने बताया कि पंकज के बड़े भाई प्रदीप चौधरी ने उन्हें सार्वजनिक जीवन में आने के लिए मनाया, यह कहते हुए कि समाज की सेवा करने का सबसे प्रभावी तरीका राजनीति है। चौधरी ने सिर्फ 25 साल की उम्र में एक निगम पार्षद के रूप में अपना राजनीतिक करियर शुरू किया, और विकास कार्य करवाने के लिए अपनी पहचान बनाई। उनके सक्रिय रवैये ने उन्हें एक साल के भीतर उप महापौर बनने में मदद की। वह 1990 में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की सलाह पर औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हुए और 1991 में राम मंदिर लहर के बीच महराजगंज से अपना पहला लोकसभा चुनाव जीता। तब से, चौधरी एक प्रभावशाली और मिलनसार राजनीतिक हस्ती बने हुए हैं। उनके नरम स्वभाव और सभी पार्टियों के साथ अच्छे संबंधों के लिए उन्हें सराहा जाता है। बिना किसी विरोध के चुने जाने वाले चौधरी का उदय जमीनी राजनीति, संगठनात्मक वफादारी और स्थायी सार्वजनिक जुड़ाव का मिश्रण दिखाता है।
- मेहसाणा(गुजरात). गुजरात के मेहसाणा जिले के एक दंपती और उनकी तीन वर्षीय बेटी को कथित तौर पर लीबिया में दो करोड़ रुपये की फिरौती के लिए बंधक बना लिया गया। वे पुर्तगाल जाने का प्रयास कर रहे थे। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। मेहसाणा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) हिमांशु सोलंकी ने कहा कि किस्मत सिंह चावड़ा, उनकी पत्नी हीनाबेन और बेटी देवांशी का पुर्तगाल जाते समय भूमध्य सागर की सीमा से लगे उत्तरी अफ्रीकी देश में अपहरण कर लिया गया। पुर्तगाल में चावड़ा के भाई रहते हैं।उन्होंने बताया कि जिले के बादलपुरा गांव निवासी यह परिवार यूरोपीय देश में बसने की योजना के साथ पुर्तगाल स्थित एजेंट की मदद से यात्रा कर रहा था। अधिकारी ने कहा कि मेहसाणा जिलाधिकारी एस.के. प्रजापति को घटना के बारे में सूचित कर दिया गया है। सोलंकी ने बताया कि परिवार 29 नवंबर को अहमदाबाद से उड़ान के जरिए दुबई के लिए रवाना हुआ। वहां से उन्हें लीबिया के बेनगाजी शहर ले जाया गया, जहां उनका अपहरण कर लिया गया। अधिकारी ने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने मेहसाणा में परिवार के रिश्तेदारों से संपर्क कर दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी है। प्रजापति ने कहा कि चावड़ा के परिजनों ने शुक्रवार को उनसे संपर्क किया और उन्होंने राज्य सरकार तथा विदेश मंत्रालय को इस बारे में सूचित किया है।
- भोपाल. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के भोपाल आवास के आसपास शनिवार को सुरक्षा बढ़ा दी गई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सूत्रों का कहना है कि यह समय-समय पर होने वाली सुरक्षा की समीक्षा के बाद एक 'नियमित' प्रक्रिया है। आवास के मुख्य गेट के बाहर एक अस्थायी टेंट लगाया गया है और व्यस्त लिंक रोड पर कई अवरोधक लगाए गए हैं जबकि इलाके में अतिरिक्त पुलिसकर्मी भी देखे गए। घर के बाहर तैनात एक पुलिस निरीक्षक ने बताया कि चौहान शुक्रवार देर रात आवास पर पहुंचे और शनिवार अपराह्न दिल्ली के लिए रवाना हो गए। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा में अचानक बढ़ोतरी से स्थानीय राजनीतिक जगत में अटकलें लगाई जा रही हैं कि चौहान को जल्द ही भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है, लेकिन उनके एक करीबी ने कहा कि इस घटनाक्रम को बहुत ज़्यादा नहीं समझना चाहिए। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय, जो समय-समय पर महत्वपूर्ण नेताओं की सुरक्षा की समीक्षा करता है। गृह मंत्रालय ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव को भोपाल में चौहान की सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया है और इसी तरह के निर्देश दिल्ली सरकार को भी जारी किए गए हैं। संपर्क करने पर, भाजपा की प्रदेश इकाई के प्रवक्ता डॉ. हितेश बाजपेयी ने कहा कि केंद्र सरकार महत्वपूर्ण नेताओं की सुरक्षा की समीक्षा करती है और जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि यह एक 'नियमित' प्रक्रिया है। मप्र के मुख्य सचिव अनुराग जैन से टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं हो सका।
- मुंबई. एयरबीएनबी की एक रिपोर्ट के अनुसार लगभग 55 प्रतिशत भारतीयी हर साल सर्दियों में घूमने की योजना बनाते हैं और इस दौरान गोवा और केरल उनकी शीर्ष पसंद रहते हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि भारतीय सर्दियों में केवल छुट्टियां मनाने के लिए ही नहीं, बल्कि तनाव से दूर होकर आराम करने के लिए से भी यात्रा करते हैं। एयरबीएनबी के भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के 'कंट्री हेड' अमनप्रीत बजाज ने कहा, ''इस सर्दी के मौसम में गोवा, केरल, राजस्थान और हिमालयी राज्य घरेलू यात्रा में सबसे आगे हैं।'' उन्होंने एयरबीएनबी के आंतरिक आंकड़ों पर आधारित रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 55 प्रतिशत भारतीय हर साल सर्दियों में यात्रा की योजना बनाते हैं, जिससे यह पता चलता है कि अनुकूल मौसम तथा मनमोहक नजारों के कारण सर्दी भारत में घूमने के पसंदीदा मौसमों में से एक बन चुकी है। इन लोकप्रिय स्थलों के साथ ही लक्षद्वीप, गुवाहाटी, पंजाब के छोटे शहर और केरल के कम प्रसिद्ध तटीय कस्बे भी तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। एयरबीएनबी की यह रिपोर्ट अक्टूबर 2025 में फोकलडाटा द्वारा किए गए सर्वेक्षण पर आधारित है, जिसमें 2,155 भारतीय उत्तरदाताओं को शामिल किया गया था।
- नयी दिल्ली. एम्स के विभिन्न शहरों में किए गए एक सर्वेक्षण में पता चला है कि स्कूली बच्चे नशीले पदार्थों और धूम्रपान की आदतें अपना रहे हैं और शराब का सेवन कर रहे हैं। इन हानिकारक पदार्थों के सेवन की औसत आयु लगभग 13 वर्ष पाई गई है, जो प्राथमिक विद्यालय स्तर से ही शुरुआती हस्तक्षेप की आवश्यकता को दर्शाती है। अध्ययन के निष्कर्षों से यह भी पता चला कि छात्रों के उच्च कक्षाओं में जाने पर मादक पदार्थों का सेवन बढ़ जाता है, और कक्षा 11वीं/12वीं के छात्रों द्वारा नशीले पदार्थों के सेवन की रिपोर्ट करने की संभावना कक्षा आठवीं के छात्रों की तुलना में दोगुनी होती है। इससे माध्यमिक और उच्च विद्यालय स्तर पर निरंतर रोकथाम और हस्तक्षेप के महत्व पर बल मिलता है।दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के राष्ट्रीय नशा मुक्ति उपचार केंद्र की डॉ. अंजू धवन के नेतृत्व में किए गए इस अध्ययन को इस महीने ‘नेशनल मेडिकल जर्नल ऑफ इंडिया' में प्रकाशित किया गया है। इस अध्ययन में विभिन्न क्षेत्रों में किशोरों द्वारा मादक पदार्थों के सेवन का विश्लेषण किया गया है। इस सर्वेक्षण में बेंगलुरु, चंडीगढ़, दिल्ली, डिब्रूगढ़, हैदराबाद, इंफाल, जम्मू, लखनऊ, मुंबई और रांची सहित 10 शहरों के सरकारी, निजी और ग्रामीण विद्यालयों में कक्षा आठवीं, नौवीं, 11वीं और 12वीं के 5,920 छात्र शामिल थे। मई 2018 से जून 2019 के बीच ये आंकड़े एकत्र किए गए। किसी भी नशीले पदार्थ के सेवन की शुरुआत की औसत आयु 12.9 वर्ष थी। यह सूंघने वाले नशीले पदार्थों (11.3 वर्ष) के लिए सबसे कम थी, उसके बाद हेरोइन (12.3 वर्ष) और ओपिओइड फार्मास्यूटिकल्स (बिना डॉक्टर के पर्चे के; 12.5 वर्ष) का स्थान था। अध्ययन में पाया गया कि कुल मिलाकर, 15.1 प्रतिशत प्रतिभागियों ने हमेशा किसी भी नशीले पदार्थ के इस्तेमाल की सूचना दी, 10.3 प्रतिशत ने पिछले वर्ष इस्तेमाल की सूचना दी और 7.2 प्रतिशत ने पिछले महीने किसी भी नशीले पदार्थ के इस्तेमाल की सूचना दी। जब प्रत्येक पदार्थ श्रेणी के लिए अलग-अलग यह सवाल किया गया, 'क्या आपको लगता है कि यह पदार्थ आपकी उम्र के व्यक्ति के लिए आसानी से उपलब्ध है?', तो लगभग आधे छात्रों (46.3 प्रतिशत) ने तंबाकू उत्पादों का समर्थन किया और एक तिहाई से अधिक छात्रों (36.5 प्रतिशत) ने सहमति व्यक्त की कि उनकी उम्र का व्यक्ति आसानी से शराब उत्पाद प्राप्त कर सकता है।
- जम्मू. सेना ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के एक सीमावर्ती गांव में 105 फुट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज की आधारशिला रखी। अधिकारियों ने बताया कि यह ध्वज नियंत्रण रेखा (एलओसी) के निकटवर्ती क्षेत्रों में राष्ट्रीय गौरव, एकता और राष्ट्रीय भावना का प्रतीक होगा। एक रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, ऐस ऑफ स्पेड्स डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग, मेजर जनरल कौशिक मुखर्जी ने बांदीचेचियां गांव के बनवत व्यू पॉइंट पर इसकी आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि इस प्रस्तावित तिरंगे को राष्ट्रीय गौरव की मशाल और राष्ट्र की रक्षा में दिए गए बलिदानों को श्रद्धांजलि के रूप में देखा जा रहा है। प्रवक्ता ने बताया कि यह साहस और जुझारूपन का एक स्थायी प्रतीक भी बनेगा। इस ध्वज का उद्घाटन आगामी गणतंत्र दिवस पर करने की योजना है। इस समारोह में स्थानीय ग्रामीण और सेना के जवान शामिल हुए।
- जयपुर. राजस्थान के वाणिज्य कर विभाग राज्य भर में एक साथ 110 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सर्वेक्षण कार्रवाई करते हुए लगभग 200 करोड़ रुपये की कर चोरी का खुलासा किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। इसके अनुसार विभाग के 300 से अधिक अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने विभिन्न जिलों में एक साथ यह कार्रवाई की। इसके अनुसार विभाग को लंबे समय से सूचनाएं प्राप्त हो रही थी कि राज्य में प्लाईवुड, सेनेटरी आइटम, टाइल्स, खाद्य तेल, होटल, रियल एस्टेट सहित कई क्षेत्रों में कुछ व्यापारी कर चोरी में संलिप्त हैं। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर यह व्यापक अभियान चलाया गया। आधिकारिक बयान के अनुसार इस अभियान के दौरान कई स्थानों से कच्ची पर्चियां, फर्जी बिलिंग एवं अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। कई व्यापारियों ने कर चोरी की बात स्वीकार करते हुए स्वेच्छा से लगभग 10 करोड़ रुपये की राशि विभाग में जमा करवाई है। विभाग द्वारा जब्त दस्तावेजों के आधार पर अब विस्तृत जांच की जाएगी।
- नागपुर. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र में 2026 तक 1.50 लाख करोड़ रुपये की सड़क निर्माण को मंजूरी दे दी गई है। गडकरी ने विधानभवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि इन कार्यों की शुरुआत अगले तीन महीनों में हो जाएगी। वर्तमान में विधानसभा का सत्र इसी परिसर में चल रहा है। नागपुर के सांसद गडकरी विधान परिषद के शताब्दी समारोह में भाग लेने के लिए विधानभवन परिसर पहुंचे। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि महाराष्ट्राज्य अवसंरचना विकास निगम (एमएसआईडीसी) 16,318 करोड़ रुपये की लागत से एक नया पुणे-संभाजीनगर एक्सप्रेसवे बनाएगी और इसके लिए एक समझौता ज्ञापन पर कार्रवाई पूरी हो चुकी है।नए एक्सप्रेसवे के बनने से पुणे से छत्रपति संभाजीनगर तक की यात्रा का समय घटकर दो घंटे हो जाएगा, जबकि छत्रपति संभाजीनगर से नागपुर तक के लिये केवल ढाई घंटे लगेगा। गडकरी ने कहा कि 4,207 करोड़ रुपये की लागत से बन रही तलेगांव-चाकन-शिकरापुर एलिवेटेड रोड का 'भूमिपूजन' स्थानीय निकाय चुनाव के संपन्न होने के बाद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हडपसर-यावत एलिवेटेड रोड के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) प्रक्रिया जारी है और चुनाव के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पुणे क्षेत्र के लिए 50,000 करोड़ रुपये की सड़क निर्माण परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई है और इसका निर्माण अगले तीन महीनों में शुरू हो जाएगा। गडकरी ने बताया कि मौजूदा पुणे–मुंबई एक्सप्रेसवे के समानांतर बनने वाला नया एक्सप्रेसवे दोनों शहरों के बीच यात्रा के समय को घटाकर डेढ़ घंटे कर देगा। इस एक्सप्रेसवे की अनुमानित निर्माण लागत 15,000 करोड़ रुपये है। इसी के साथ मुंबई–पुणे–बेंगलुरु की यात्रा का समय साढ़े पांच घंटे होगा। महाराष्ट्र के लिए 1.50 लाख करोड़ रुपये की सड़क निर्माण परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई है। इन परियोजनाओं पर 2026 में कार्य शुरू होगा। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं में से 50,000 करोड़ रुपये का काम सार्वजनिक परिवहन विभाग (पीडब्ल्यूडी) को सौंपा गया है।
- नागपुर. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच हमेशा सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं, जो देश के कई अन्य राज्यों में देखने को नहीं मिलता। महाराष्ट्र विधान परिषद के शताब्दी समारोह के अवसर पर एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि राज्य में विचारधारा से परे राजनीतिक दलों के बीच उत्कृष्ट संबंधों की अनूठी परंपरा रही है। उन्होंने यशवंतराव चव्हाण, वसंतदादा पाटिल, शरद पवार, सुधाकरराव नाइक और मनोहर जोशी जैसे पूर्व मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उनके समय में विपक्ष और सत्तारूढ़ दलों के संबंध लोकतंत्र में काम करने वाले हर विधायक के लिए एक मिसाल थे। गडकरी ने कहा कि उस दौर में महाराष्ट्र द्वारा स्थापित यह परंपरा आज देश के कई राज्यों में नहीं मिलती। उन्होंने विधान परिषद के 100 साल के इतिहास पर आधारित पुस्तक की सराहना की।
- हैदराबाद. तेलंगाना के मेडक जिले में शनिवार शाम एक दोपहिया वाहन के ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराने पर बाइक सवार एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना पेद्दा शंकरमपेट मंडल में शाम करीब 7.30 बजे घटी, जब बाइक ट्रैक्टर-ट्रॉली के पिछले हिस्से से टकरा गई। पुलिस ने बताया कि इस टक्कर के कारण दोपहिया वाहन पर सवार चारों लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया कि कम दृश्यता के कारण दोपहिया वाहन चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली को देख नहीं पाया। परिवार रविवार को होने वाले ग्राम पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में मतदान करने के लिए हैदराबाद से अपने पैतृक गांव जा रहा था। पुलिस जांच जारी है।



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