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- नयी दिल्ली । दिल्ली के चिड़िया घर में सात वर्षीय शेर की रविवार को मौत हो गई। वह लंबे समय से बीमार था। चिड़िया घर के निदेशक रमेश पांडे ने बताया कि अमन नाम के इस शेर की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। पोस्टमार्टम और विसरा के परीक्षण से मौत के सटीक कारण का पता चलेगा। इस शेर का जन्म जून 2014 में चंडीगढ़ के छतबीर चिड़ियाघर में हुआ था और उसे जून 2015 में दिल्ली के राष्ट्रीय प्राणि उद्यान लाया गया था। पांडे ने एक बयान में कहा, “ वह मार्च के शुरू से बीमार था और उसे 13 अप्रैल को चिड़िया घर के पशु अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शेर के नमूनों को बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान में पांच मई को कोविड की जांच के लिए भेजा गया था लेकिन जांच में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई। दिल्ली के चिड़िया घर में अब शेरों का एक जोड़ा रह गया है।-File photo
- कोटा। राजस्थान में कोविड-19 को नियंत्रित करने के लिए लागू लॉकडाउन का अनुपालन कराने के अभियान के तहत कोटा ग्रामीण जिले की पुलिस ने उन परिवारों से संपर्क किया जहां शादी होनी थी और एक दिन में ही 75 शादियां स्थगित कराई। पुलिस उपाधीक्षक और इटावा के सीओ विजयशंकर शर्मा ने बताया कि उप पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी) रविदत्त गौड़ के इलाके के दौरे के दौरान आश्रम दिगोड पुलिस थाने के दो बीट सिपाहियों और कैथुन पुलिस थाने के नवनीत ने बताया कि उन्होंने तीन परिवारों से संपर्क किया और इस महीने होने वाली शादी को स्थगित करने के लिए मनाया। उन्होंने बताया कि उक्त सिपाहियों को 1,100 रुपये का पुरस्कार दिया गया है।शर्मा ने बताया कि डीआईजी ने इसके बाद अधिकारियों को ग्राम पंचायत स्तर पर प्रभावशाली लोगों और जन प्रतिनिधियों की मौजूदगी में परिवारों के साथ बैठक करने और उनके यहां होने वाली शादी को स्थगित करने के लिए मनाने का निर्देश दिया। पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि कोटा ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक शरद चौधरी के मार्गदर्शन में शनिवार सुबह ग्राम पंचायत स्तर पर अभियान चलाया गया जिसमें बीट कांस्टेबल और थाना प्रभारियों ने परिवारों से संवाद किया और एक दिन में ही 75 शादियां स्थगित कराई। गौरतलब है कि राजस्थान मंत्रिमडल ने बृहस्पतिवार को 10 मई से 24 मई के बीच राज्य में सख्त लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है। इसके मुताबिक अधिकतम 11 लोगों की उपस्थिति में ही अदालत या घर में शादी समारोह आयोजित करने की अनुमति दी गई है।
- कोलकाता। कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर की वजह से कई लोग सांसों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, ऐसे में सेलिब्रिटी, धार्मिक नेता, स्वयंसेवक सहित समाज के सभी वर्गो के लोग जरूरतमंदों की मदद को आगे आए हैं। इनमें से कुछ चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने में मदद कर रहे हैं जबकि अन्य सोशल मीडिया पर अस्पतालों में बिस्तर और ऑक्सीजन की पल-पल की जानकारी साझा कर रहे हैं। बंगाल में फिल्मी हस्तियों के समूह ने एक अंतरिम राहत केंद्र की स्थापना की है जहां पर अस्पताल में भर्ती होने का इंतजार कर रहे कोविड-19 मरीजों को रखा जाता है। कुछ लोगों ने सोशल मीडिया मंच बनाया है जिसके जरिये वें समय से विभिन्न अस्पतालों में बिस्तर आदि की जानकारी दे रहे हैं। फेसबुक पर बने समूह जिसके सदस्य अभिनेता परमव्रत चटर्जी, ऋतोब्रोतो मुखर्जी, रिद्धि सेन, संगीतकार गायक अनुपम रॉय हैं ने हेल्पलाइन नंबर साझा किया है जो 24 घंटे काम करेगा। ‘जेनरेशन अमी' और ‘ओपन टी बायोस्कोप' जैसी फिल्मों में अपनी छाप छोड़ने वाले मुखर्जी ने कहा, ‘‘हम जरूरतमंदों को दवाएं एवं ऑक्सीजन मुहैया करा रहे हैं। हेल्पलाइन चालू है और सभी हमसे संपर्क करें।'' अन्य सदस्य पिया चक्रवर्ती ने कहा कि अंतरिम राहत केंद्र टीम ने कांडरपापुर वेल्फेयर सोसाइटी की मदद से कोलकाता के दक्षिण स्थित पुतुली इलाके में तैयार किया है जहां पर मरीजों को प्राथमिक देखभाल दी जाएगी और डॉक्टर समय-समय पर उनकी जांच करेंगे। उन्होंने कहा कि इस समय केंद्र में पांच बिस्तर है जिसे बढ़ाकर 10 करने का काम किया जा रहा है।चटर्जी नियमित रूप से अस्पतालों में बिस्तर और ऑक्सीजन संबंधी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ हम एक साथ आए हैं और महामारी से निपटने के लिए धन जुटा रहे हैं। चटर्जी ने कहा कि हमारी इच्छा भविष्य में और केंद्र स्थापित करने की है। बेहाला इलाके में स्थित गुरुद्वारे ने भी ऑक्सीजन युक्त बिस्तर की व्यवस्था मरीजों के लिए परिसर में की है। गुरुद्वारे के महासचिव सतनाम सिंह आहलुवालिया ने कहा कि डॉक्टर की पर्ची और आधार कार्ड दिखाकर मरीज इस सेवा का मुफ्त में लाभ ले सकते हैं। दक्षिण कोलकाता के एक स्कूल ने भी इस संकट में अपने दरवाजे खोल दिए हैं।
- जयपुर। राजस्थान के अलवर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र में शनिवार शाम को एक खड़े ट्रक में आग लगने से उसमें खेल रहे चार बच्चों की जलकर मौत हो गई। थानाधिकारी रामनिवास मीणा ने रविवार को बताया कि चौमा गांव में एक खड़े ट्रक के भीतर चार बच्चे खेल रहे थे। ट्रक में संभवत: शार्ट सर्किट के कारण आग लग गयी जिसमें चारों बच्चे बुरी तरह झुलस गये थे। तीन बच्चों की मौत शनिवार रात उपचार के दौरान हो गई थी जबकि एक ने रविवार सुबह उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि मृतक बच्चों की पहचान अमान (8), शाहरूख (8), अज्जी (5), फैजान (6) के रूप में की गई है। परिजनों के आग्रह पर चारों के शव बिना पोस्टमार्टम के परिजनों को सौंप दिये गये। फिलहाल इस संबंध में अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है।
- बिजनौर (उप्र)। बिजनौर के धौकलपुर गांव में हत्या के आरोपी चाचा एवं भतीजे की दिन दिहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गयी। पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह ने बताया कि धीर सिंह(50) और उसका भतीजे अंकुर(24) रविवार सुबह लगभग नौ बजे खेत से लौट रहे थे, तभी धौकलपुर गांव से कुछ दूरी पर तीन-चार हथियारबंद बदमाशों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि हत्या करने के बाद बदमाश घटनास्थल से फरार हो गये। पुलिस अधिकारियों ने अभियुक्तों की तलाश के लिए चार टीम गठित की हैं।-file photo
- नई दिल्ली। भारतीय सूचना सेवा के सेवानिवृत वरिष्ठ अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद उपाध्याय का आज सुबह कोरोना संक्रमण से निधन हो गया। वे 64 वर्ष के थे। श्री उपाध्याय ने कई वर्ष तक अफगानिस्तान में आकाशवाणी संवाददाता के रूप में कार्य किया। उन्होंने सूचना प्रसारण मंत्रालय की कई मीडिया इकाईयों में काम किया। उत्तराखण्ड के पिथौरागढ़ में जन्मे श्री उपाध्याय ने कुमाऊं विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की। श्री उपाध्याय डाक विभाग में कई वर्षों तक कार्य करने के बाद भारतीय सूचना सेवा से जुड़े। वे महान गांधीवादी विचारक, विभिन्न विषयों के विद्वान, विनम्र और मृदुभाषी स्वभाव के थे।
- - कोविड-19 महामारी को देखते हुए अनुदान अग्रिम रूप से जारी कियानई दिल्ली। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने कल ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) को अनुदान उपलब्ध कराने के लिए 25 राज्यों में पंचायतों को 8923.8 करोड़ रुपये की राशि जारी की। ये अनुदान पंचायती राज संस्थानों की सभी तीन श्रेणियों-गांव, प्रखंड और जिला के लिए हैं। पहली किस्त के रूप में छत्तीसगढ़ को 215 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।शनिवार को जारी राशि वर्ष 2021-22 के लिए मुक्त अनुदान की पहली किस्त है। इसका उपयोग आरएलबी द्वारा अन्य चीजों के अतिरिक्त, कोविड-19 महामारी से लडऩे के लिए आवश्यक विभिन्न रोकथाम संबंधी तथा राहत उपायों के लिए किया जा सकता है। इस प्रकार, यह इस महामारी से लडऩे के लिए पंचायतों की तीनों श्रेणियों के संसाधनों को बढ़ाएगा। जारी अनुदान की राज्य वार राशि संलग्न है।15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार, मुक्त अनुदान की पहली किस्त राज्यों को जून, 2021 में जारी की जानी थी। बहरहाल, वर्तमान में जारी कोविड-19 महामारी की स्थिति तथा पंचायती राज्य मंत्रालय की अनुशंसाओं को देखते हुए, वित्त मंत्रालय ने सामान्य कार्यक्रम से पहले ही अनुदान जारी करने का फैसला किया है।इसके अतिरिक्त, 15वें वित्त आयोग ने मुक्त अनुदान जारी करने के लिए कुछ शर्तें भी लगाई थीं। इन शर्तों में ग्रामीण स्थानीय निकायों के एक निश्चित प्रतिशत खातों की सार्वजनिक क्षेत्र में ऑनलाइन उपलब्धता शामिल है। लेकिन व्याप्त परिस्थितियों को देखते हुए, मुक्त अनुदान की पहली किस्त के जारी होने के लिए इस शर्त को छोड़ दिया गया है।
- नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में लागू लॉकडाउन को 17 मई तक एक और हफ्ते के लिए बढ़ाया जाएगा तथा इस दौरान मेट्रो ट्रेन की सेवाएं भी बंद रहेंगी।दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, अब शादियां केवल घर या अदालत में ही हो सकती हैं और इसमें 20 से ज्यादा लोग एकत्रित नहीं होंगे। इसमें कहा गया है, इस दौरान सार्वजनिक स्थानों, बैंक्वेट हॉल, होटलों और ऐसे ही अन्य स्थानों पर शादी समारोहों पर पूरी पाबंदी रहेगी। केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हालांकि कोविड-19 के मामलों में कमी आयी है लेकिन महामारी की मौजूदा लहर में किसी भी प्रकार की ढिलाई अब तक हासिल की गई कामयाबी को खत्म कर देगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार को कोविड-19 के मामलों में बेतहाशा वृद्धि के कारण 20 अप्रैल को लॉकडाउन लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा था। हालांकि मामलों में गिरावट आयी है और संक्रमण दर छह अप्रैल को सबसे अधिक 35 प्रतिशत थी और अब करीब 23 प्रतिशत पर आ गई है।लॉकडाउन सोमवार को सुबह पांच बजे खत्म होना था लेकिन अब उसे 17 मई की सुबह तक के लिए बढ़ा दिया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली में पिछले कुछ दिनों में ऑक्सीजन आपूर्ति में सुधार हुआ है। टीकाकरण भी तेजी से चल रहा है लेकिन अभी पर्याप्त मात्रा में टीके उपलब्ध नहीं हैं।
- गुवाहाटी। नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक एलायंस (एनईडीए) के संयोजक हिमंत बिस्व सरमा रविवार को सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल के नेता निर्वाचित हुए और उन्हें राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर सरकार बनाने के लिए जल्द ही आमंत्रित किया जाएगा।केंद्रीय पर्यवेक्षक और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने रविवार को यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सरमा के नाम का प्रस्ताव रखा और भाजपा के प्रदेश पार्टी अध्यक्ष रंजीत कुमार दास और हाफलांग से नव निर्वाचित विधायक नंदिता गार्लोसा ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। चूंकि और किसी के नाम का प्रस्ताव नहीं रखा गया तो सरमा को भाजपा विधायक दल का नेता सर्वसम्मति से चुन लिया गया है।तोमर ने कहा कि भाजपा, असम गण परिषद (एजीपी) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) के अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ जल्द ही बैठक करेगी। एजीपी विधायक दल ने भी रविवार को बैठक की। पार्टी ने घोषणा की कि वह भाजपा विधायक दल द्वारा निर्वाचित नेता का समर्थन करेगी। इससे पहले, असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने राज्यपाल जगदीश मुखी को अपना इस्तीफा दे दिया। परंपरा के अनुसार राज्यपाल ने अगली सरकार के गठन तक सोनोवाल से पद पर बने रहने को कहा।गौरतलब है कि असम के नए मुख्यमंत्री को लेकर लगाई जा रही अटकलों के बीच, राज्य में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं सोनोवाल और हिमंत बिस्व सरमा ने पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में शनिवार को मुलाकात की थी। भाजपा ने 126 सदस्यीय असम विधानसभा में 60 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि उसकी गठबंधन सहयोगी असम गण परिषद से नौ और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल ने छह सीटें जीतीं।
- कोच्चि। केरल में मनोरमा न्यूज के चीफ रिपोर्टर, टेलीविजन पत्रकार विपिन चंद की कोविड-19 संबंधित जटिलताओं से शनिवार देर रात मौत हो गई। उनके परिवार ने यह जानकारी दी।वह 42 वर्ष के थे और उनके परिवार में उनकी पत्नी और बच्चे हैं। वैश्विक महामारी की दूसरी लहर के दौरान भी रिपोर्टिंग में खूब सक्रिय रहे, चंद दो हफ्ते पहले कोरोना वायरस की जांच में संक्रमित पाए गए थे और घर में ही पृथक-वास में थे। बाद में, उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। निमोनिया के बाद जब उनक हालत बिगड़ गई थी तो उन्हें कोच्चि के बेहतर अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां देर रात दो बजे उनकी मौत हो गई।एर्नाकुलम जिले के अलंगाड़ के रहने वाले चंद ने 2005 में पत्रकारिता के करियर की शुरुआत की थी। वह 2012 में मातृभूमि न्यूज के साथ जुड़े। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री पिनारई विजयन और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नीथला ने चंद के निधन पर शोक प्रकट किया है। खान ने ट्वीट किया, "यह मलयालम पत्रकारिता के लिए बड़ा नुकसान है। शोकसंतप्त परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं।"
- इंदौर (मध्य प्रदेश। कोविड-19 से पति की मौत से दुखी एक महिला ने शनिवार देर शाम यहां एक निजी अस्पताल से कथित तौर पर कूदकर आत्महत्या कर ली। तुकोगंज पुलिस थाने के प्रभारी कमलेश शर्मा ने बताया कि नौ मंजिला शैल्बी अस्पताल की पांचवीं या इससे ऊपर की मंजिल से खुशबू जैन (37) ने छलांग लगा दी जिससे उनकी मौत हो गई।थाना प्रभारी कमलेश शर्मा ने बताया कि खुशबू के पति राहुल जैन (43) कोरोना वायरस संक्रमण के चलते इस निजी अस्पताल में 24 अप्रैल से भर्ती थे। उनकी शनिवार को मौत हो गई। उन्होंने कहा, "अपने पति की मौत की जानकारी मिलने पर खुशबू ने सदमे में अस्पताल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।" थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और महिला के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। file photo
- सीतापुर (उत्तर प्रदेश)। सीतापुर जिले में एक पति द्वारा अपनी पत्नी की हत्या करने के बाद फांसी लगाकर कथित तौर पर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार सीतापुर जिले के मछरेहटा थाना क्षेत्र के कैमा गांव में यह घटना शुक्रवार की रात हुई।सीतापुर के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) एनपी सिंह ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि घटना पति महेंद्र यादव (30) और पत्नी शांति यादव (25) के बीच विवाद के कारण हुई। एएसपी ने बताया कि यह मामला सामने आया कि महेंद्र ने शांति की धारदार हथियार से हत्या कर दी और खुद फांसी के फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। उन्होंने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। सिंह ने बताया कि परिवार के सदस्यों के साथ पूछताछ की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि अभी इस मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है और मामले की तह तक पहुंचने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
- नयी दिल्ली । केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कहा कि कोविड-19 के खिलाफ सामूहिक रूप से लड़ाई लड़ी जानी चाहिए क्योंकि जन-भागीदारी के बिना इष्टतम परिणाम प्राप्त नहीं हो सकते। उन्होंने जोर दिया कि सामाजिक चिंता के मुद्दों का समाधान मानवीय और संवेदनशील सोच के साथ किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री सिंह ने कहा कि उदाहरण के लिए यदि किसी मरीज को उसके लिए जरूरी ऑक्सीजन बिस्तर नहीं मिलता है तो इससे समाज में व्यापक निराशा और अफरातफरी उत्पन्न होगी तथा इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि उसी समय सैकड़ों अन्य मरीज ठीक हुए हैं और ठीक होकर घर जा चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कोविड के खिलाफ लड़ाई सामूहिक रूप से लड़ी जानी चाहिए क्योंकि समुदाय और जनता के प्रतिनिधियों की भागीदारी के बिना इष्टतम परिणाम प्राप्त नहीं किए जा सकते।'' सिंह ने यह बात अपने उधमपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में संबंधित जिला प्रशासन के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ कोविड प्रबंधन स्थिति की समीक्षा करते हुए कही। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुई इस बैठक में उनके लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के छह मुख्य जिलों-उधमपुर, कठुआ, रियासी, रामबन, डोडा और किश्तवाड़ के जिला उपायुक्त, निगम अध्यक्ष, डीडीसी अध्यक्ष, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और संबंधित सरकारी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य शामिल हुए।
- नयी दिल्ली । सरोवर होटल्स एंड रिजॉर्ट्स ने गुरुग्राम के फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट और बुजुर्गों के लिए काम करने वाली संस्था ईमोहा जैसे कुछ संगठनों के साथ मिलकर हरियाणा के गुरुग्राम में बुजुर्गों के लिए एक 60 बिस्तर का कोविड केयर सेंटर की शुरु करने की घोषणा की है। कोविड संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच बुजुर्गों की देखरेख के लिये एक निजी कोविड केयर सेंटर बनाया गया है। इस पहल में आईएम गुरुग्राम भी शामिल है। इन संस्थाओं की एक साझा विज्ञप्ति के मुताबिक इस पहल के तहत गुरुग्राम में सेक्टर 29 के गोल्डन टयूलिप होटल में बुजुर्गों के लिये 60 बिस्तरों की सुविधा वाला कोविड केयर केंद्र खोला गया है। इन संगठनों ने कंपनी के सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत यह शुरुआत की है।विज्ञप्ति के अनुसार इस देखभाल केंद्र में उन बुजुर्गों को देखभाल की सुविधा मिलेगी, जो खुद की देखभाल करने में अक्षम हैं और जिन्हें इस बीमारी में अलग रहने और लगातार निगरानी की आवश्यकता है। इस केन्द्र में बुजुर्गों को घर जैसी सुविधायें मिलेंगी। वे घर जैसे माहौल में जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन कंन्सट्रेटर, चिकित्सा एवं नर्सिंग सुविधायें और बेहतर निगरानी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। इस कोविड केयर सेंटर में कुछ कमरे गरीब मरीजों के लिए नि:शुल्क उपलब्ध होंगे।
- अहमदाबाद । प्रसिद्ध योग गुरू स्वामी आध्यात्मानंद का कोविड-19 के चलते शनिवार को यहां 77 वर्ष की आयु में निधन हो गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। आध्यात्मानंद अहमदाबाद स्थित शिवानंद आश्रम के प्रमुख थे।आश्रम के न्यासी अरुण ओझा ने कहा, ''स्वामीजी को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद 13 अप्रैल को शहर के एसीवीपी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार पूर्वाह्न करीब 11 बजकर 10 मिनट पर अस्पताल में उनका निधन हो गया।'' आश्रम की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि स्वामी आध्यात्मानंद ने दुनियाभर में 814 शिविरों का आयोजन कर योग, प्राणायाम और चिंतन को बढ़ावा दिया। विज्ञप्ति के अनुसार उन्होंने 1999 में न्यू मेक्सिको के चियापास में हुए विश्व शांति सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया और भारत कनाडा सांस्कृतिक एवं विरासत संघ की ओर से उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। मोदी ने ट्वीट किया, ''योग गुरू स्वामी आध्यात्मानंद जी के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ। उन्होंने अध्यात्म जैसे गहन विषय को सरल शैली में समझाया। मैं स्वामीजी को श्रद्धांजलि देता हूं, जिन्होंने योग सिखाने के अलावा, अहमदाबाद में शिवानंद आश्रम की विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से समाज की सेवा की। ओम शांति!'' शाह ने ट्वीट किया, '' अहमदाबाद के शिवानंद आश्रम के योग गुरु स्वामी आध्यात्मानंदजी महाराज के निधन की खबर से व्यथित हूं। स्वामीजी हमेशा योग, आध्यात्मिक और साथ ही विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से हर समाज के उत्थान के लिए सेवा करते रहे । ईश्वर आदरणीय स्वामीजी की दिव्य आत्मा को 'सद्गति' प्रदान करे।'' रूपाणी ने ट्वीट किया कि स्वामीजी के निधन से आध्यात्म तथा योग जगत को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को कहा कि सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के दायरे में आने वाले जामुन के पेड़ों को उखाड़ा नहीं गया है। साथ ही जोर दिया कि विरासत को दर्शाने वाली लैंप पोस्ट जैसी चीजों को दोबारा लगाया जाएगा। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री सिंह ने कहा कि परियोजना के तहत केवल कुछ ही पेड़ों का प्रत्योरोपण किया जाएगा और दावा किया कि कुल हरियाली क्षेत्र में भी इजाफा होगा। एक दिन पहले ही रपटों में दावा किया गया था कि सेंट्रल विस्टा परियोजना के चलते जामुन के कई पेड़ उखाड़े जा सकते हैं। पुरी ने ट्वीट किया, '' सेंट्रल विस्टा परियोजना को लेकर जारी कार्य के बारे में बेबुनियाद खबरों और फर्जी तस्वीरों पर भरोसा नहीं करें। जामुन का कोई पेड़ नहीं हटाया गया है। पूरी परियोजना के तहत केवल कुछ ही पेड़ों का प्रत्यारोपण किया जाएगा। कुल हरियाली क्षेत्र में भी इजाफा होगा।'' उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में गणतंत्र दिवस परेड की अगवानी के लिए इस परियोजना को समय पर पूरा कर लिया जाएगा। सेंट्रल विस्टा परियोजना में राजपथ और इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक निर्माण गतिविधि प्रस्तावित है। इस परियोजना के तहत एक नए संसद भवन, एक नए आवासीय परिसर के निर्माण की परिकल्पना की गई है जिसमें प्रधानमंत्री और उप-राष्ट्रपति के आवास के साथ-साथ कई नए कार्यालय भवन और मंत्रालय के कार्यालयों के लिए केंद्रीय सचिवालय का निर्माण किया जाना है।
- नयी दिल्ली । रेलवे ने शनिवार को कहा कि कोविड-19 के सामान्य मरीजों के उपचार के वास्ते उसके पृथक-वास डिब्बों को देश के सात राज्यों के 17 स्टेशनों पर तैनात किया गया है। उसने कहा कि फिलहाल विभिन्न राज्यों को 298 डिब्बे सौंपे गये हैं और उनमें 4700 से अधिक बिस्तर हैं।उसने कहा कि महाराष्ट्र में कुल 60 डिब्बे तैनात किये गये हैं और नंदुरबार में 116 मरीज भर्ती किय गये एवं ठीक होने पर राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों ने उन्हें छुट्टी दे दी, फिलहाल 23 मरीज उनका उपयोग कर रहे हैं। रेलवे ने यह भी कहा कि उसने 11 कोविड केयर डिब्बे राज्य के इनलैंड कंटेनर डिपो में तैनात किये हैं और उन्हें नागपुर नगर निगम को दिये हैं। वहां नौ मरीज भर्ती किये गये और पृथक वास के बाद उन्हे छुट्टी दे दी गयी। फिलहाल पालघर में 24 डिब्बे प्रदान किये गये और उन्हें उपयोग मे लाया जा रहा है। उसने बताया कि मध्यप्रदेश में 42 ऐसे डिब्बे तैनात किये गये हैं । पश्चिम रेलवे के रतलाम संभाग ने इंदौर के पास तिही स्टेशन पर 22 डिब्बे तैनात किये हैं जिनमें 320 बिस्तर हैं। वहां 21 मरीज भर्ती किये गये और सात को अबतक छुट्टी दी गयी है। भोपाल में 20 ऐसे डिब्बे तैनात किये गये हैं जिनमें 29 मरीज भर्ती किये गये और 11 को बाद में छुट्टी दे दी गयी। रेलवे ने बताया कि उसने असम के गुवाहाटी में 21 और सिलचर के समीप बदरपुर में 20 ऐसे डिब्बे तैनात किये। दिल्ली में उसने 75 ऐसे डिब्बे प्रदान किये जिनमें 1200 बेड हैं।
- नयी दिल्ली। वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने शनिवार को बताया कि सेवा के दौरान 229 कर अधिकारियों की कोविड-19 संबंधी जटिलताओं के कारण मौत हो चुकी है। उन्होंने इन अधिकारियों के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि देश हमेशा उनके प्रति आभारी रहेगा।ठाकुर ने कहा कि महामारी के दौरान केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर तथा सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के 110 अधिकारियों और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के 119 अधिकारियों की मौत हुई। उन्होंने कहा, ‘‘आप संकट की इस घड़ी में राष्ट्र की सेवा के लिए अपने जीवन को जोखिम में डाल रहे हैं और राष्ट्र आपकी सेवा के लिए आभारी है। आपकी सेवा की वजह से आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति, जैसे ऑक्सीजन सिलेंडर और अन्य उपकरणों की विभिन्न बंदरगाहों पर तेजी से निकासी हो रही है।'' मंत्री ने कहा, आपकी सेवा के कारण ही सरकारी तंत्र के पहिये कुशलता से चल रहे हैं।''ठाकुर ने कहा कि वित्त मंत्रालय महामारी के दौरान सर्वाधिक प्रभावित होने वाले मंत्रालयों में शामिल है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सीबीआईसी के 110 अधिकारियों और सीबीडीटी के 119 अधिकारियों को भी याद करना चाहता हूं, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाई है। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति हैं।'' साथ ही उन्होंने सभी से कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करने और टीका लगवाने की अपील भी की।
- ऋषिकेश । उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के 100 से अधिक चिकित्साकर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल ने बताया कि कुल 110 डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ कोरोना वायरस से संक्रमित मिले हैं। उन्होंने बताया कि इन सभी का टीकाकरण हो चुका था। थपलियाल ने कहा कि रोजाना कोविड-19 मरीजों के सीधे संपर्क में रहना इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों के संक्रमित होने की वजह हो सकती है। इस समर्पित कोविड-19 अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक विजयेश भारद्वाज भी कोरोना वायरस से संक्रमित मिले हैं।-file photo
- कोच्चि । भारतीय और इंडोनेशियाई नौसेना ने शनिवार को दक्षिण अरब सागर में ‘पैसेज एक्सरसाइज' (पैसेक्स) किया। नौसेना के दक्षिणी कमान ने यह जानकारी दी। पैसेक्स में नौसेनाएं युद्ध व मानवीय राहत कार्य के दौरान संवाद एवं सहयोग का अभ्यास करती हैं।दक्षिण कमान की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक भारतीय नौसेना की ओर से इस युद्धाभ्यास में आईएनएस शारदा, अपतटीय गश्ती पोत और उसपर मौजूदा चेतक हेलीकॉप्टर ने हिस्सा लिया जबकि इंडोनिशियाई नौसेना का प्रतिनिधित्व केआरआई सुल्तान हसानुदीन और 90एम कॉर्वेट्टे पोत ने लिया। बयान में कहा गया कि युद्धाभ्यास का उद्देश्य पारस्परिक सहयोग में सुधार करना और दोनों मित्रवत नौसेनाओं के बीच समझ को बढ़ाना था और भारतीय नौसेना नियमित रूप से मित्र देशों के साथ ऐसा युद्धाभ्यास करती है। गौरतबलब है कि आखिरी बार भारतीय और इंडोनेशियाई नौसेना के बीच पैसेक्स 13 मार्च को संपन्न हुआ था और उसमें आईएनएस कालपेनी, आईएन डोनियर और केआरआई सुल्तान इश्कंदर मुदा ने हिस्सा लिया था।
- नयी दिल्ली । भारत को अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ), स्विट्जरलैंड, पोलैंड, नीदरलैंड और इजराइल से मदद के रूप में शुक्रवार को 2,060 ऑक्सीजन सांद्रक, 30 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन की खुराक, 467 वेंटिलेटर और तीन ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र प्राप्त हुए। सरकार ने शनिवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया कि भारत को 27 अप्रैल 2021 से ही अलग-अलग देशों से अंतरराष्ट्रीय चंदा और कोविड-19 सहायता, चिकित्सा आपूर्ति और उपकरण प्राप्त हो रहे हैं। मंत्रालय ने बताया, ‘‘27 अप्रैल से सात मई 2021 तक भारत को 6608 ऑक्सीजन सांद्रक, 3856 ऑक्सीजन सिलेंडर, 14 ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र, 4330 वेंटिलेटर/बाई पैप और तीन लाख रेमडेसिविर इंजेक्शन की खुराक मिली है या यहां के लिए रवाना की गई है।'' विश्व समुदाय की समर्थन के लिए प्रशंसा करते हुए सरकार ने कहा, ‘‘ भारत के प्रति एकजुटता और सद्भावना प्रकट करते हुए विश्व समुदाय ने कोविड-19 के खिलाफ भारत की इस साझी लड़ाई में मदद का हाथ बढ़ाया।'' विज्ञप्ति में बताया गया कि सरकार ने प्रभावी तरीके से उपकरणों को आवंटित करने के लिए व्यवस्था बनाई है जिसकी नियमित निगरानी की जा रही है। मंत्रालय ने बताया कि 100 ऑक्सीजन सांद्रक शनिवार को दिल्ली से असम भेजे गए। जबकि जर्मन सचल ऑक्सीजन उत्पादन प्रणाली जो 93 प्रतिशत शुद्धता के साथ 360 लीटर ऑक्सीजन उत्पादन करने में सक्षम है, को आज सुबह रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के अस्पताल में पहुंचाया गया। इस प्रणाली में 420 लीटर ऑक्सीजन के भंडारण की व्यवस्था है। मंत्रालय के मुताबिक नीदरलैंड से प्राप्त वेंटिलेटर दिल्ली से तेलंगाना भेजे गए हैं।
- नई दिल्ली । कोविड -19 संक्रमण उपचार के इंजेक्शन रेमडेसिविर का विपणन करने वाली कंपिनयों को 21 अप्रैल से 16 मई के बीच राज्यों व केन्द्र शासित क्षेत्रों को 53 लाख शीशी यह दवा उपलब्ध कराने को कहा गया है।रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में यह जानकारी दी। उसने कहा, कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि आपूर्ति योजना के अनुसार सभी राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों को समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करें। मंत्रालय ने कहा कि राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को रेमेडिसविर के आवंटन की शुक्रवार को तय व्यवस्था के तहत भी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 21 अप्रैल से 16 मई की अवधि के लिए उन्हें प्रत्येक कंपनी की ओर से की जाने वाली आपूर्ति का विवरण भेज दिया गया है। इस योजना को विपणन कंपनियों के परामर्श के साथ तैयार किया गया है।केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री सदानंद गौड़ा ने शुक्रवार को कहा कि रेमेडिसविर की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दवा का आवंटन 16 मई तक किया गया है। केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने कहा कि आपूर्ति योजना के मुताबिक, जायडस कैडिला 21 अप्रैल से 16 मई तक की अवधि के दौरान राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को रेमडेसिविर की कुल 9,82,100 शीशियों की आपूर्ति और हेटेरो 17,17,050 शीशियों की आपूर्ति करेगी। इस अवधि में माइलान को 7,28,000 शीशी और सिप्ला को 7,32,300 शीशियों की आपूर्ति करनी है।बयान में कहा गया है कि इस दौरान राज्यों/केंद्र शासित क्षेत्रों को जुबिलेंट 4,45,700 शीशियों की, सिंजेन/ सन 3,73,000 शीशियों की और डॉ रेड्डीज 3,21,850 शीशियों की आपूर्ति करेगी। कोविड -19 संक्रमण बढ़ने से रेमडेसिविर की मांग कई गुना बढ़ गई है।सरकार ने रेमेडेसिविर बनाने में प्रयुक्त किए जाने वाली कई सामग्रियों पर सीमा शुल्क माफ कर दिया है। रेमेडिसविर की बढ़ती मांग के मद्देनजर, 11 अप्रैल को सरकार ने इस इंजेक्शन और इसमें प्रयुक्त औषधीय रसायनों के निर्यात पर पाबंदी लगा चुकी है।
- नयी दिल्ली । केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शनिवार को कहा कि देशभर में कोविड-19 के 1,70,841 मरीज वेंटिलेंटर पर हैं जबकि 9,02,291 मरीज ऑक्सीजन सहायता पर हैं। महामारी के हालात पर चर्चा के लिए हुई मंत्री समूह की 25वीं बैठक को ऑनलाइन संबोधित करते हुए हर्षवर्धन ने कहा कि कोविड-19 के मामलों में से 1.34 फीसदी आईसीयू में भर्ती हैं, 0.39 फीसदी वेंटिलेटर पर हैं जबकि 3.70 फीसदी मरीज ऑक्सीजन सहायता पर हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में कोविड-19 के 4,88,861 मरीज आईसीयू में भर्ती हैं जबकि 1,70,841 मरीज वेंटिलेंटर पर हैं और 9,02,291 मरीज ऑक्सीजन सहायता पर हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर, नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी, पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग राज्य मंत्री मनसुख मांडविया और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बैठक में हिस्सा लिया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे और नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। पॉल ने अधिकार प्राप्त समूह-1 के कार्यों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट पेश की और अस्पताल में भर्ती मरीजों के प्रभावी नैदानिक प्रबंधन के वास्ते अस्पताल के बुनियादी ढांचा विकास के लिए किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया। सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव गिरिधर अरामाने ने तरल मेडिकल ऑक्सीजन के उत्पादन, आवंटन एवं आपूर्ति के वर्तमान परिदृश्य से अवगत कराया। स्वास्थ्य मंत्रालय ने अरामाने के हवाले से बताया कि ऑक्सीजन के घरेलू उत्पादन में प्रतिदिन 9400 मीट्रिक टन से अधिक का इजाफा हुआ है। अरामाने ने ऑक्सीजन के आयात, पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र की स्थापना की स्थिति के अलावा टैंकर की उपलब्धता आदि के बारे में भी जानकारी दी।
- नई दिल्ली। देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर तरल चिकित्सा ऑक्सीजन की ढुलाई करने वाले सभी टैंकरों और कन्टेनरों का आवागमन टोल-फ्री कर दिया गया है। कोविड महामारी को देखते हुए पूरे देश में चिकित्सा ऑक्सीजन की मांग में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। अगले दो महीने या अगले आदेश तक ऑक्सीजन ले जा रहे कंटेनरों को एम्बुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों की श्रेणी में रखा जाएगा।भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण-एनएचएआई ने कहा है कि फास्टैग लागू होने के बाद टोल प्लाजा पर प्रतीक्षा का समय लगभग शून्य हो गया है। इसके अलावा चिकित्?सा ऑक्सीजन के वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्राधिकरण ने इस संबंध में सभी अधिकारियों और पक्षधारकों निर्देश जारी किए हैं।
- छतरपुर। मध्यप्रदेश में छतरपुर के बहुचर्चित मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. नीरज पाठक हत्याकांड का खुलासा हो गया है। हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी पत्नी ममता पाठक को गिरफ्तार किया है। आरोपी महाराजा कॉलेज की प्रोफेसर हैं।छतरपुर सिविल लाइन थाना प्रभारी जगतपाल सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने पति को खाने में नींद की गोलियां मिलाकर खिला दी। खाना खाने के बाद वह गहरी नींद में सो गए। इसके बाद एक्सटेंशन बोर्ड ले जाकर करंट लगाकर हत्या कर दी। मौत होने के बाद आरोपी पत्नी ने पति का शव दो दिन तक बेडरूम में ही रखा। 1 मई को पुलिस थाने पहुंचकर पति की मौत की खबर खुद ही पुलिस को दी।थाना प्रभारी जगतपाल सिंह ने बताया कि आरोपी ममता पाठक ने पूछताछ में कहा, कहीं एक वीडियो देखा था जिसमें बताया गया था कि खाने में जहर देने के बाद यदि दो दिन तक शव को रखा रहने दिया जाए तो पोस्टमार्टम में जहर सामने नहीं आता है। इसलिए 29 अप्रैल को डॉ. पाठक की हत्या कर शव को घर में रखा। ताकि नींद की गोलियां खिलाने के साक्ष्य न मिल पाएं।थाना प्रभारी जगतपाल सिंह ने बताया कि लोकनाथ पुरम निवासी डॉ. नीरज पाठक की हत्या के मामले में उनकी ही पत्नी आरोपी ममता पाठक को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पत्नी पर संदेह हुआ था। थाने लाकर पूछताछ की तो आरोपी ने अपना जुर्म कबूल लिया है। वहीं आरोपी के कब्जे से करंट लगाने में उपयोग किया गया एक्सटेंशन बोर्ड और बची हुई नींद की गोलियां बरामद कर ली गई है।डॉक्टर दंपती में 20 साल से चल रहा था विवादपुलिस ने बताया कि डॉक्टर नीरज पाठक और आरोपी ममता पाठक में पिछले 20 साल से विवाद चल रहा था। प्रोफेसर पत्नी को शक था कि उनके डॉक्टर पति के किसी अन्य महिला से संबंध हैं। इसलिए वे रात के समय उसे नींद का इंजेक्शन देकर सुला देते थे। जबकि डॉक्टर का तर्क था कि उसकी पत्नी की तबीयत खराब रहने से उसे नींद नहीं आती इसलिए इंजेक्शन देकर सुला देता हूं। इसी विवाद के चलते बीते कई सालों में आरोपी ममता पाठक ने संबंधित थाना, छतरपुर एसपी, सागर आईजी, भोपाल में डीजीपी तक से शिकायत करते हुए डॉ नीरज पाठक पर अन्य महिला से संबंध रखने का मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की शिकायत की। लेकिन जांच के दौरान मामला बेबुनियाद पाया गया था।पुलिस ने बताया कि जिला अस्पताल में मेडिसिन विशेषज्ञ के रूप में पदस्थ डॉ नीरज पाठक ने दो साल पहले वीआरएस ले लिया था। इसके बाद घर पर मरीजों को देख रहे थे। डॉ. पाठक ने 28 अप्रैल को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें उन्होंने पत्नी और बेटे पर मोबाइल छीनने का आरोप लगाया था।








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