- Home
- खेल
- नई दिल्ली/भारत और श्रीलंका की मेजबानी में 7 फरवरी से 8 मार्च तक आयोजित होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम इंडिया का ऐलान हो गया है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में सिलेक्शन कमिटी ने 15 सदस्यीय टीम का चयन किया है। शुभमन गिल को टीम से बाहर कर दिया गया है, जबकि वाइस कैप्टन भी बदला गया है। शुभमन गिल पिछले कुछ समय से टी20 टीम के उपकप्तान थे, लेकिन अब अक्षर पटेल उपकप्तानी करेंगे। वे पहले भी उपकप्तान की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। यही टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ जनवरी में होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज में भी खेलेगी।गिल और जितेश बाहरएशिया कप 2025 से टी20 टीम के वाइस कैप्टन और ओपनर रहे शुभमन गिल को टीम से बाहर कर दिया गया है। इसके अलावा साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज खेलने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज जितेश शर्मा भी टीम का हिस्सा नहीं हैं। ईशान किशन को मौका दिया गया है, जो बैकअप विकेटकीपर और ओपनर होंगे। इसके अलावा फिनिशर रिंकू सिंह की भी वापसी टीम में हुई है, जो साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज का हिस्सा नहीं थे। यही दो बड़े बदलाव इस टीम में हुए हैं।टी20 विश्व कप के लिए भारत की टीमसूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल (उपकप्तान), रिंकू सिंह, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, हर्षित राणा, वॉशिंगटन सुंदर और ईशान किशन (विकेटकीपर)हालांकि, सात खिलाड़ी ऐसे हैं, जो टी20 वर्ल्ड कप 2024 में खेले थे और इस बार टीम का हिस्सा नहीं हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2024 की विनिंग स्क्वॉड का हिस्सा रहे कप्तान रोहित शर्मा, विराट कोहली, रविंद्र जडेजा, ऋषभ पंत, मोहम्मद सिराज, यशस्वी जायसवाल और युजवेंद्र चहल बाहर हैं। रोहित, विराट और जडेजा संन्यास ले चुके हैं, जबकि सिराज, जायसवाल, चहल और पंत को टी20 टीम में काफी समय से जगह नहीं मिले है। ऐसे में उनके सिलेक्शन की बात ही नहीं उठती। चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर और कप्तान सूर्यकुमार यादव ने मुंबई में बीसीसीआई के मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए टीम का ऐलान किया।
-
नई दिल्ली। आईसीसी एकेडमी ग्राउंड पर शुक्रवार को खेले गए सेमीफाइनल-1 में भारत ने श्रीलंका को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने एसीसी मेंस अंडर-19 एशिया कप 2025 के फाइनल में जगह बना ली है। खिताबी मुकाबले में रविवार को इसी मैदान पर भारत का सामना पाकिस्तान से होगा।
बारिश के कारण गीली आउटफील्ड के चलते मैच को घटाकर 30-30 ओवरों का कर दिया गया था। भारत ने टॉस जीतकर श्रीलंका को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। श्रीलंकाई टीम ने निर्धारित 30 ओवरों में 8 विकेट खोकर 138 रन बनाए।श्रीलंका की ओर से चामिका हीनातिगला ने 38 गेंदों में 42 रन बनाए, जबकि कप्तान विमथ दिनसारा ने 29 गेंदों में 32 रन की पारी खेली। इसके अलावा सेथ्मिका सेनेविरत्ने ने 30 रन का योगदान दिया।भारत की तरफ से हेनिल पटेल और कनिष्क चौहान ने 2-2 विकेट झटके, जबकि किशन कुमार सिंह, दीपेश देवेंद्रन और खिलन पटेल को 1-1 विकेट मिला।लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 18 ओवरों में 8 विकेट शेष रहते मैच जीत लिया। टीम इंडिया ने 25 रन के स्कोर पर सलामी बल्लेबाज का विकेट गंवाया। इसके बाद आरोन जॉर्ज (नाबाद 58) और विहान मल्होत्रा (नाबाद 61) ने तीसरे विकेट के लिए 87 गेंदों में 114 रन की अटूट साझेदारी कर भारत को आसान जीत दिलाई। श्रीलंका की ओर से दोनों विकेट रसिथ निमसारो ने लिए।दूसरी ओर, द सेवेंस स्टेडियम में खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने बांग्लादेश को 8 विकेट से हराया। बारिश से प्रभावित इस मुकाबले में ओवरों की संख्या घटाकर 23-23 कर दी गई थी। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेशी टीम 26.3 ओवरों में 121 रन पर सिमट गई। बांग्लादेश की ओर से समीउन बसीर रतुल ने सर्वाधिक 33 रन बनाए, जबकि कप्तान अजीजुल तमीम ने 20 रन का योगदान दिया। पाकिस्तान की ओर से अब्दुल सुभान ने 20 रन देकर 4 विकेट चटकाए, जबकि हुजैफा एहसान ने 2 विकेट लिए।इसके जवाब में पाकिस्तान ने 16.3 ओवरों में लक्ष्य हासिल कर लिया। पहले ही ओवर में विकेट गंवाने के बावजूद पाकिस्तान ने शानदार वापसी की। उस्मान खान ने समीर मिन्हास के साथ दूसरे विकेट के लिए 85 रन की साझेदारी कर टीम को मजबूती दी। उस्मान 27 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद समीर मिन्हास ने अहमद हुसैन के साथ तीसरे विकेट के लिए 36 रन की अटूट साझेदारी करते हुए पाकिस्तान को आसान जीत दिलाई। समीर मिन्हास 57 गेंदों में 8 चौकों की मदद से 69 रन बनाकर नाबाद रहे। -
नयी दिल्ली. भारतीय कुश्ती महासंघ ने नयी चयन नीति लागू की है जिसके तहत राष्ट्रीय चयन के लिये राष्ट्रीय शिविरों में भागीदारी अनिवार्य है हालांकि व्यक्तिगत अभ्यास कर रहे पहलवानों को इससे छूट रहेगी । इसके साथ ही ओलंपिक खेलों में कोटा जीतने वाले पहलवानों को एक दौर के अंतिम चयन ट्रायल में भाग लेना होगा । डब्ल्यूएफआई की आम परिषद की हाल ही में अहमदाबाद में हुई बैठक में इस नीति को मंजूरी दी गई । इसे फीडबैक और समीक्षा लिये भारतीय खेल प्राधिकरण को भी दिया गया है । नीति में कहा गया ,‘‘ राष्ट्रीय कोचिंग शिविरों में भागीदारी सभी पहलवानों के लिये अनिवार्य होगी जिसमे एलीट और दिग्गज पहलवान शामिल हैं । शिविर में भाग लेने के लिये राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में पदक जीतना जरूरी है ।'' इसमे कहा गया ,‘‘ एक बार चुने जाने पर पहलवानों को राष्ट्रीय शिविर में अभ्यास करना होगा । किसी को दूसरे किसी स्थान पर व्यक्तिगत अभ्यास की अनुमति नहीं होगी ।'' इसके मायने हैं कि हाल ही में संन्यास से वापसी का फैसला लेने वाली विनेश फोगाट को राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के लिये घरेलू स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करना होगा । नीति में स्पष्ट है कि शिविर में भाग नहीं लेने पर पहलवान चयन ट्रायल में भाग नहीं ले सकेंगे ।
नीति में रिजर्व पहलवान रखने का भी प्रावधान है जो चयनित पहलवान के चोटिल होने पर खेल सकेंगे । इसमे यह भी स्पष्ट किया गया है कि चयन ट्रायल में पिछला प्रदर्शन ध्यान नहीं रखा जायेगा । नीति में यह भी कहा गया है कि ओलंपिक, एशियाई खेलों, उपमहाद्वीपीय चैम्पियनशिप और विश्व चैम्पियनशिप जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिये ट्रायल अनिवार्य होंगे । -
अहमदाबाद. शुभमन गिल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांचवें और आखिरी टी20 मैच के लिये यहां पहुंच गए हैं हालांकि चौथे मैच से पहले लगी चोट के कारण उनका खेलना संदिग्ध माना जा रहा है । गिल का नेट्स पर लगी चोट के कारण लखनऊ में चौथे टी20 से बाहर होना तय था लेकिन खराब मौसम के कारण मैच ही रद्द हो गया । यह देखना होगा कि खराब फॉर्म से जूझ रहे गिल शुक्रवार को चौथे मैच के लिये उपलब्ध होंगे या नहीं या उनकी जगह संजू सैमसन को उतारा जायेगा । गिल इससे पहले गर्दन की चोट के कारण दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में भी अधिकांश समय बाहर रहे थे ।वह बाद में तीन मैचों की वनडे श्रृंखला भी नहीं खेल सके थे। भारत टी20 श्रृंखला में 2 . 1 से आगे है और शुक्रवार का मैच इस वर्ष का आखिरी मैच होगा । इसके बाद 11 जनवरी से भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन वनडे और पांच टी20 मैच खेलेगी ।
- बेंगलुरु. भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की हालिया नीति के तहत कर्नाटक ने बुधवार को लोकेश राहुल, देवदत्त पडिक्कल और प्रसिद्ध कृष्णा को विजय हजारे टूर्नामेंट के लिए अपनी टीम में शामिल किया। बीसीसीआई ने भारतीय क्रिकेटरों को विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने का निर्देश दिया है।एक न्यूज़ एजेंसी ने सोमवार को अपनी खबर में बताया था कि बीसीसीआई ने राष्ट्रीय टीम के सभी मौजूदा खिलाड़ियों के लिए कम से कम दो विजय हजारे ट्रॉफी मैच खेलना अनिवार्य कर दिया है। कर्नाटक को ग्रुप ए में झारखंड, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, त्रिपुरा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के साथ रखा गया हैं टीम अपने लीग मैच अहमदाबाद में खेलेगी। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के नॉकआउट में टीम के नहीं पहुंचने के बावजूद मयंक अग्रवाल को कप्तान बनाए रखा गया है। करुण नायर उप कप्तान हैं।टीम इस प्रकार है:मयंक अग्रवाल (कप्तान), देवदत्त पडिक्कल, करुण नायर, आर स्मरण, केएल श्रीजीत, अभिनव मनोहर, श्रेयस गोपाल, वैशाख विजयकुमार, एल मनवंत कुमार, श्रीशा एस अचार, अभिलाष शेट्टी, बीआर शरत, हर्षित धरमानी, ध्रुव प्रभाकर, लोकश राहुल और प्रसिद्ध कृष्णा।
-
दुबई. महिला विश्व कप के फाइनल में पिछले महीने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करने वाली भारतीय सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा को आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) का नवंबर महीने का ‘माह का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी' का पुरस्कार मिला है। प्रतिका रावल के चोटिल होने के बाद अपने विश्व कप अभियान को सेमीफाइनल में शुरू करने वाली शेफाली ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फाइनल में 78 गेंदों में 87 रन बनाए। यह महिला विश्व कप फाइनल में किसी भारतीय सलामी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा स्कोर है। भारत ने नवी मुंबई में खेले गये फाइनल में उनकी शानदार बल्लेबाजी के बूते से सात विकेट पर 298 रन बनाये। टीम ने इसके बाद 52 रन से मैच जीतकर पहली बार इस खिताब को अपने नाम किया। शेफाली ने पहले विकेट के लिए स्मृति मंधाना के साथ 104 रन की साझेदारी कर बड़े स्कोर की नींव रखी।
इस 21 साल की बल्लेबाज ने थाईलैंड की थीपैचा पुथावोंग और यूएई की ईशा ओझा को पछाड़ कर अपना पहला ‘महीने का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी' का पुरस्कार जीता। आईसीसी से जारी विज्ञप्ति में शेफाली ने कहा, ‘‘आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप में मेरा पहला अनुभव मेरी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा, लेकिन यह मेरी कल्पना और उम्मीदों से कहीं बेहतर तरीके से समाप्त हुआ।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैं आभारी हूं कि मैं फाइनल में टीम की सफलता में योगदान दे सकी और घरेलू दर्शकों के सामने पहली बार विश्व कप जीतने के इतिहास का हिस्सा बन सकी।'' शेफाली ने कहा, ‘‘मैं नवंबर माह के लिए सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी चुने जाने पर वास्तव में सम्मानित महसूस कर रही हूं। मैं यह पुरस्कार अपनी टीम के साथियों, अपने सभी कोच, परिवार और उन सभी को समर्पित करती हूं जिन्होंने अब तक मेरी यात्रा में मेरा साथ दिया है। हम एक टीम के रूप में जीतते और हारते हैं, यही बात इस पुरस्कार पर भी लागू होती है।'' दक्षिण अफ्रीका के स्पिनर साइमन हार्मर को भारत के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में शानदार गेंदबाजी के लिए पुरुष वर्ग का पुरस्कार मिला। हार्मर के शानदार प्रदर्शन से दक्षिण अफ्रीका भारत में 25 साल में पहली बार टेस्ट श्रृंखला जीतने में सफल रहा। हार्मर ने बांग्लादेश के तैजुल इस्लाम और पाकिस्तान के हरफनमौला मोहम्मद नवाज को पछाड़कर पहली बार महीने का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार अपने नाम किया। इस 36 साल के स्पिनर ने दो मैचों की श्रृंखला में 17 विकेट लिए जिससे उनकी टीम 2-0 से सूपड़ा साफ करने में सफल रही। उन्होंने कोलकाता में खेले गये पहले टेस्ट की दोनों पारियों में चार-चार जबकि गुवाहाटी में पहली पारी में तीन और दूसरी पारी में छह विकेट चटकाये थे। इस श्रृंखला में उनका औसत 8.94 और इकॉनमी 1.91 की रही। -
नयी दिल्ली. बीसीसीआई ने भारतीय टीम के मौजूदा खिलाड़ियों के लिये 24 दिसंबर से शुरू हो रही विजय हजारे ट्रॉफी में कम से कम दो वनडे मैच खेलना अनिवार्य कर दिया है । दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आखिरी टी20 मैच (19 दिसंबर) और न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे (11 जनवरी , 2026) के बीच तीन सप्ताह से अधिक का अंतर है और बोर्ड चाहता है कि सभी सीनियर खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट खेलें । अजित अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने सभी को यह निर्देश दे दिया है ।
इस साल की शुरूआत में आस्ट्रेलिया में टेस्ट श्रृंखला में हार के बाद यह सिफारिश की गई थी । इसमें हर प्रारूप में घरेलू क्रिकेट पर अधिक जोर देने के लिये कहा गया था । विराट कोहली और रोहित शर्मा टूर्नामेंट के लिये अपनी उपलब्धता की सूचना दे चुके हैं । वहीं सीनियर खिलाड़ी शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह, केएल राहुल, हार्दिक पंड्या और सूर्यकुमार यादव को अपनी अपनी टीमों के लिये कम से कम दो मैच खेलने के लिये कहा जा सकता है । बीसीसीआई के एक सीनियर अधिकारी ने कहा ,‘‘ विजय हजारे ट्रॉफी के छह दौर 24 दिसंबर से खेले जाने हैं । यह खिलाड़ियों और उनके प्रदेश संघों पर निर्भर करता है कि वे कौन से दो दौर खेलना चाहते हैं ।'' उन्होंने कहा ,‘‘किसी को छूट तभी दी जायेगी जब उत्कृष्टता केंद्र से किसी को अनफिट घोषित किया जाता है लेकिन अधिकारियों का मानना है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ श्रृंखला के बाद चोट से उबरने के लिये काफी समय होगा ।'' इस निर्देश से यह धारणा भी टूटेगी कि चयन समिति और मुख्य कोच गौतम गंभीर सिर्फ कोहली और रोहित का उदाहरण देना चाहते हैं जिन्हें किसी को कुछ साबित नहीं करना है । इस बीच जसप्रीत बुमराह को धर्मशाला में तीसरे टी20 से पहले निजी कारणों से घर लौटना पड़ा । विश्वस्त सूत्रों के अनुसार उनके करीबी परिजन को अस्पताल में भर्ती कराया गया है । सूत्र ने कहा ,‘‘ सब कुछ ठीक रहा तो वह चौथे या पांचवें मैच के लिये लौट सकते हैं ।'' -
मुंबई. महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने रविवार को अर्जेंटीना के फुटबॉल सुपरस्टार लियोनेल मेस्सी के मुंबई दौरे को शहर और देश के लिए एक सुनहरा पल बताया। तेंदुलकर ने इसी मैदान पर 2011 क्रिकेट विश्व कप की जीत की तुलना मेस्सी के दौरे से की जो अपने इंटर मियामी टीम के साथी लुइस सुआरेज और रोड्रिगो डि पॉल के साथ पहुंचे। तेंदुलकर ने भारत की वनडे विश्व कप जीत का जिक्र करते हुए यह बात कही जिसमें उन्होंने बड़ी भूमिका अदा की थी। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने यहां कुछ अविश्वसनीय पल बिताए हैं। जैसा कि हम कहते हैं, मुंबई सपनों का शहर है। और इस जगह पर कई सपने पूरे हुए हैं। और आपके समर्थन के बिना, हम 2011 में इस मैदान पर उन सुनहरे पलों को कभी नहीं देख पाते। '' उन्होंने कहा, ‘‘और आज, इन तीन महान हस्तियों का यहां होना वाकई मुंबई, मुंबईवासियों और भारत के लिए एक सुनहरा पल है। जिस तरह से आपने खेल के इन तीनों महान खिलाड़ियों का स्वागत किया है, वह सच में कमाल का है। '' मेस्सी के बारे में बात करते हुए तेंदुलकर ने कहा, ‘‘जहां तक ‘लियो' (मेस्सी) की बात है तो अगर मुझे उनके खेल के बारे में बात करनी है तो यह सही मंच नहीं होगा। और आप जानते हैं, उनके बारे में कोई क्या बात करे? उन्होंने सब कुछ हासिल कर लिया है। हम सच में उनकी लगन, दृढ़ संकल्प, प्रतिबद्धता की तारीफ करते हैं। '' उन्होंने कहा, ‘‘और सबसे बढ़कर उनकी विनम्रता की, वह जिस तरह के इंसान हैं। और मुंबईवासियों और भारतीयों की ओर से, मैं उन्हें और उनके परिवार को अच्छे स्वास्थ्य और आप सभी को खुशी की शुभकामनाएं देना चाहता हूं। यहां आने और युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए एक बार फिर धन्यवाद। '' तेंदुलकर ने यह भी उम्मीद जताई कि ‘भारत भी उस ऊंचाई तक पहुंचेगा जिसकी हम सभी (फुटबॉल में) ख्वाहिश रखते हैं।' तेंदुलकर ने मेस्सी को अपने हस्ताक्षर की हुई 10 नंबर की जर्सी भेंट की।
अर्जेंटीना के विश्व कप विजेता कप्तान मेस्सी ने बदले में एक फुटबॉल भेंट की। मेस्सी दोपहर विश्व कप स्तर की सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुंबई पहुंचे जो उनके चार शहरों के जीओएटी भारत दौरे 2025 का दूसरा दिन था। वह सोमवार को नयी दिल्ली में अपना दौरा खत्म करेंगे जहां वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलेंगे। - नयी दिल्ली. पेरिस ओलंपिक खेल चुकी रेइजा ढिल्लों ने राष्ट्रीय निशानेबाजी चैम्पियनशिप में महिलाओं के सीनियर और जूनियर दोनों वर्गों में स्कीट में स्वर्ण पदक जीता । 21 वर्ष की इस निशानेबाज ने महिलाओं के फाइनल में 56 स्कोर करके यशस्वी राठौड़ को हराया जिसने 55 अंक के साथ रजत पदक जीता ।ओलंपियन गनीमत सेखों को कांस्य पदक मिला । इससे पहले क्वालीफिकेशन में यशस्वी ने 118 अंक लेकर शीर्ष स्थान पाया था जबकि गनीमत और रेइजा के 116 अंक थे । शूटआफ में रेइजा दूसरे और गनीमत तीसरे स्थान पर रही । महिला टीम वर्ग में राजस्थान को स्वर्ण पदक मिला । यशस्वी दर्शना और ओलंपियन माहेश्वरी चौहान ने 343 अंक लेकर पहला स्थान हासिल किया । मध्यप्रदेश दूसरे और पंजाब तीसरे स्थान पर रहा । जूनियर वर्ग में रेइजा को स्वर्ण, वंशिका तिवारी को रजत और मानसी रघुवंशी को कांस्य पदक मिला ।जूनियर टीम वर्ग में मध्यप्रदेश पहले, राजस्थान दूसरे और पंजाब तीसरे स्थान पर रहा ।
-
नयी दिल्ली. पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने दक्षिण अफ्रीका से हाल में घरेलू मैदान पर टेस्ट श्रृंखला में मिली 0-2 की हार के बाद टीम के लिए अलग प्रारूप के अलग कोच रखने के विचार का समर्थन नहीं किया और कहा कि बीसीसीआई को कोचिंग का वही तरीका अपनाना चाहिए जो भारतीय क्रिकेट के लिए सबसे अच्छा हो। जब उनसे पूछा गया कि क्या भारतीय टीम के घरेलू मैदान पर टेस्ट में हार के सिलसिले को खत्म करने के लिए लाल गेंद और सफेद गेंद के प्रारूप के लिए अलग-अलग कोच कारगर हो सकते हैं तो कपिल ने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता। मैं इसका जवाब नहीं दे सकता। आपको सोचना होगा कि क्या होना चाहिए। जो भी क्रिकेट के लिए अच्छा हो, मुझे लगता है कि उन्हें वही करना चाहिए। '' भारतीय टीम को 1983 विश्व कप दिलाने वाले कप्तान कपिल ने इस बात को खारिज कर दिया कि सोशल मीडिया के जमाने में उनके खेलने के दिनों के मुकाबले एथलीट बनना ज्यादा मुश्किल है। उन्होंने कहा, ‘‘नहीं, यह हमेशा एक जैसा ही होता है। तब भी मुश्किल था, अब भी मुश्किल है। तब भी आसान था और अब भी आसान है। आपकी सोच ज्यादा जरूरी है। '' जब उनसे पूछा गया कि क्या टी20 लीग के बढ़ते वित्तीय आकर्षण ने राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व को पीछे छोड़ दिया है तो कपिल ने कहा कि हर खिलाड़ी अपनी प्राथमिकताओं को अलग तरह से देखता है। उन्होंने कहा, ‘‘हर किसी को पैसा पसंद है, लेकिन कुछ खिलाड़ियों को लगता है कि यह बहुत जरूरी है। मुझे अब भी लगता है कि इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने से ज्यादा जरूरी भारत के लिए खेलना है। लेकिन हर कोई अलग होता है, उनकी अपनी सोच है। उन्हें शुभकामनाएं। '' जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें कोई खास प्रारूप पसंद है तो कपिल ने कहा कि उन्हें खेल के सभी प्रारूपों में मजा आता है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बस क्रिकेट पसंद है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि दो गेंदों का क्रिकेट हो या 100 गेंदों का या 100 ओवर का या 10 ओवर का। क्रिकेट तो क्रिकेट है। गोल्फ तो गोल्फ है, आप कोई भी प्रारूप खेलें। आखिर में आप गोल्फ का मजा लेते हैं। '' पीजीटीआई अध्यक्ष ने विराट कोहली और रोहित शर्मा के प्रदर्शन के बारे में पूछने पर मजाकिया अंदाज में टिप्पणी की, उन्हें शुभकामनाएं, उन्हें गोल्फ भी खेलना चाहिए।
- कटक। भारत के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या का मानना है कि चोटिल होने के कारण बाहर हो जाने के बाद वह सकारात्मक मानसिकता से ही ‘दमदार और बेहतर वापसी' करने में सफल रहे। एशिया कप के दौरान चोटिल होने वाले इस 32 वर्षीय खिलाड़ी ने भारतीय टीम में शानदार वापसी करते हुए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 28 गेंद पर नाबाद 59 रन की तूफानी पारी खेली और फिर 16 रन देकर एक विकेट लिया। भारत ने इस मैच में 101 रन से बड़ी जीत हासिल की।हार्दिक ने बीसीसीआई टीवी पर जारी किए गए एक वीडियो में कहा, ‘‘मेरी सोच यह थी कि मैं पहले की तुलना में अधिक दमदार और बेहतर वापसी करूं। चोटें मानसिक रूप से आपकी परीक्षा लेती हैं और साथ ही कई तरह के संदेह भी पैदा करती हैं। इससे उबरने में अपने करीबी लोगों का भी बड़ा योगदान होता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैंने खुद को मजबूत बनाए रखा जिससे मुझे अधिक आत्मविश्वास मिला तथा खुद पर भरोसा करने और अपनी क्षमताओं पर पूरी तरह से विश्वास करने में मदद मिली है। मुझे एक खिलाड़ी के रूप में खुद पर पूरा भरोसा है। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि अगर आप खुद पर विश्वास नहीं करते हैं, तो दूसरे आप पर कैसे विश्वास करेंगे।'' टी20 विश्व कप में भारतीय अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी हार्दिक ने कहा कि वह ऐसे इंसान हैं जो आत्मविश्वास अपने भीतर से प्राप्त करता है और लोग क्या सोच रहे हैं इसकी ज्यादा परवाह नहीं करता है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मैं जीवन में बेहद ईमानदार और यथार्थवादी इंसान रहा हूं जिससे मुझे बहुत मदद मिली है। मुझे घुमा फिरा कर बात करना पसंद नहीं है। मैं इसकी परवाह नहीं करता कि अन्य लोग मेरे बारे में क्या सोच रहे हैं। मैं हमेशा इस पर ध्यान देता हूं कि मैं खुद के बारे में क्या सोच रहा हूं।'' हार्दिक ने कहा, ‘‘अब वो समय आ गया है जब हार्दिक पंड्या सिर्फ खेल खेलना चाहता है, मैदान पर हर पल का आनंद लेना चाहता है। अब बड़ा और बेहतर बनना ही मेरे जीवन का ध्येय है।'' पंड्या का कहना है कि दर्शकों के समर्थन से उन्हें नई ऊर्जा मिलती है, जो उन्हें उम्मीदों पर खरा उतरने में मदद करती है। उन्होंने कहा, ‘‘आपको एक रॉकस्टार होना चाहिए। आप आते हैं, 10 मिनट तक परफॉर्म करते हैं और भीड़ पागल हो जाती है, मुझे लगता है कि यही मेरे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा रही है। मैंने जिंदगी में कई मुश्किलों का सामना किया और उनसे सबक लिया। इसलिए जब भी मैं मैदान पर उतरता हूं तो मुझे लगता है कि दर्शक बस मेरा ही इंतजार कर रहे हैं। वे मुझे बल्लेबाजी करते हुए देखने के लिए ही इंतजार कर रहे हैं।
- नयी दिल्ली । भारतीय निशानेबाजी लीग (एसएलआई) के पहले सत्र का आयोजन अगले साल 16 से 26 फरवरी तक किया जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने बुधवार को यह जानकारी दी। बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से टकराव से बचने के लिए अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ(आईएसएसएफ) के 2026 कैलेंडर के हिसाब से तारीखें तय की गई हैं। लीग को इससे पहले 2026 की शुरुआत तक टाल दिया गया था। फ्रेंचाइजी आधारित इस लीग में कई शीर्ष भारतीय और अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज पिस्टल, राइफल और शॉटगन वर्ग में मिश्रित टीम प्रारूप में मुकाबला करेंगे। एनआरएआई अध्यक्ष कलिकेश नारायण सिंह देव ने विज्ञप्ति में कहा, ‘‘एसएलआई हमारे खेल के लिए एक मील का पत्थर है जो फ्रेंचाइजी आधारित, खिलाड़ियों को तरजीह देने वाला है और अधिक से अधिक प्रतिनिधित्व के लिए वैश्विक कैलेंडर के हिसाब से है।'' इस प्रतियोगिता में कई वर्ग में मिश्रित टीम स्पर्धाएं होंगी जिसमें पिस्टल (10 मीटर, 25 मीटर), राइफल (10 मीटर, 50 मीटर थ्री पोजीशन) और शॉटगन (ट्रैप और स्कीट) शामिल हैं। फ्रेंचाइजी आधारित टीम को लीग चरण के लिए दो पूल में बांटा जाएगा जिसके बाद नॉकआउट दौर होंगे।खिलाड़ियों को चार टियर में चुना जाता है जिसमें एलीट चैंपियंस, विश्व एलीट, राष्ट्रीय चैंपियंस, और जूनियर और युवा वर्ग शामिल हैं जिससे अंतरराष्ट्रीय स्टार, शीर्ष भारतीय निशानेबाजों और उभरते हुए प्रतिभावान खिलाड़ियों का मिश्रण सुनिश्चित होता है।
- नयी दिल्ली। अगले साल नौ से 14 मार्च तक भारत में होने वाली पहली राष्ट्रमंडल खो खो चैंपियनशिप में 24 से ज्यादा देश शिरकत करेंगे। हालांकि इसके लिए भारत में जगह अभी तय नहीं हुई है।राष्ट्रमंडल खेल (सीएस) की भारत में चैंपियनशिप के लिए मंजूरी मिलने के बाद भारतीय खो खो महासंघ जगह तय करने के लिए कई राज्यों से बात कर रहा है। इस टूर्नामेंट में पुरुषों की 16 और इतनी ही महिलाओं की टीम हिस्सा लेंगी। यह टूर्नामेंट इस साल जनवरी में दिल्ली में हुए पहले खो खो विश्व कप की तरह होगा जिसमें 23 देशों ने हिस्सा लिया था। अहमदाबाद को हाल में 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए मेजबान शहर के तौर पर आधिकारिक रूप से पुष्टि किए जाने के बाद यह भारत में पहला राष्ट्रमंडल खो खो टूर्नामेंट होगा। खो खो महासंघ के महासचिव उपकार सिंह विर्क ने कहा, ‘‘हम जगह को फाइनल करने के लिए कई राज्यों से बात कर रहे हैं। 2030 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों से पहले हमें उम्मीद है कि यह चैंपियनशिप खो खो को दोहा एशियाई खेलों (2030), राष्ट्रमंडल खेलों (2030) और ब्रिस्बेन ओलंपिक (2032) में शामिल करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी।
-
चेन्नई/जर्मनी ने बेहद रोमांचक फाइनल मुकाबले में बुधवार को स्पेन को शूटआउट में 3-2 से हराकर आठवीं बार जूनियर पुरूष हॉकी विश्व कप जीत लिया । सेमीफाइनल में भारत को हराने वाली जर्मनी के लिये बेनेडिक्ट गेयेर, एलेक वोन श्वेरिन और बेन हासबाश ने गोल किये जबकि स्पेन के लिये पाब्लो रोमन और जुआन प्राडो ही गोल कर सके । इससे पहले निर्धारित समय में जर्मनी के लिये 26वें मिनट में जस्टस वारवेग ने गोल किया जबकि स्पेन के लिये 54वें मिनट में जी कोरोमिनास ने बराबरी का गोल दागा । जर्मन टीम सात बार (1982, 1985, 1989, 1993, 2009, 2013, 2023) खिताब जीत चुकी है । वहीं स्पेन ने 2005 में रोटरडम और 2023 में भुवनेश्वर और राउरकेला में हुए टूर्नामेंट में कांस्य पदक जीता था । इससे पहले पांचवें और छठे स्थान के मुकाबले में बेल्जियम ने नीदरलैंड को शूटआउट में 4-3 से हराया ।
निर्धारित समय तक स्कोर 3-3 से बराबर रहने के बाद शूटआउट में बेल्जियम के लिये कप्तान लुकास बाल्थाजार, गुएरलेन हावाक्स, मैक्सिमिलन लैंगर और निकोलस बोगाएर्त्ज ने गोल किये जबकि नीदरलैंड के लिये जेल प्लांटेंगा, जान वान टीलैंउ और थिस बाकेर ही गोल कर सके । वहीं सातवें और आठवें स्थान के मुकाबले में फ्रांस ले न्यूजीलैंड को 4-1 से मात दी । -
दुबई. भारत के महान क्रिकेटर विराट कोहली सर्वश्रेष्ठ एकदिवसीय बल्लेबाज का स्थान फिर हासिल करने की कवायद में आगे बढ़ते हुए बुधवार को जारी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की नवीनतम एकदिवसीय बल्लेबाजी रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंच गए। कोहली अप्रैल 2021 में पाकिस्तान के बाबर आजम द्वारा शीर्ष से हटाए जाने के बाद से दोबारा एकदिवसीय बल्लेबाजों सूची में नंबर एक स्थान हासिल नहीं कर पाए हैं। हालांकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हाल में संपन्न तीन मैच की एकदिवसीय श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन की बदौलत दाएं हाथ का यह बल्लेबाज एक बार फिर शीर्ष स्थान हासिल करने के करीब पहुंच गया है। सैंतीस साल के कोहली को तीन मैच में 302 रन बनाने के लिए श्रृंखला का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया और वह नवीनतम रैंकिंग में दो स्थान के सुधार से टीम के अपने साथी रोहित शर्मा के बाद दूसरे स्थान पर आ गए। रोहित ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ श्रृंखला में 146 रन बनाकर रैंकिंग के शीर्ष पर अपनी जगह बरकरार रखी। कोहली विशाखापत्तनम में श्रृंखला के आखिरी मैच में नाबाद 65 रन की पारी की बदौलत रोहित से सिर्फ आठ रेटिंग अंक पीछे हैं। रोहित के 781 जबकि कोहली के 773 अंक हैं। शुभमन गिल चोट के कारण तीन मैच की श्रृंखला में नहीं खेल पाने के बावजूद पांचवें स्थान पर बने हुए हैं। उनकी गैरमौजूदगी में टीम की अगुआई करने वाले लोकेश राहुल दो स्थान के फायदे से 12वें पायदान पर हैं। बाएं हाथ के स्पिनर कुलदीप यादव गेंदबाजों की सूची में तीन स्थान के फायदे से तीसरे नंबर पर आ गए हैं। दक्षिण अफ्रीका के क्विंटन डिकॉक (तीन पायदान ऊपर 13वें स्थान पर), एडेन मारक्रम (चार पायदान ऊपर 25वें स्थान पर) और तेम्बा बावुमा (तीन पायदान ऊपर 37वें स्थान पर) को भी रैकिंग में फायदा हुआ है। टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में अक्षर पटेल (दो पायदान ऊपर 13वें स्थान पर), अर्शदीप सिंह (तीन पायदान ऊपर 20वें स्थान पर) और जसप्रीत बुमराह (छह पायदान ऊपर 25वें स्थान पर) की भारत की तिकड़ी ने कटक में पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 101 रन की जीत के बाद रैंकिंग में सुधार किया। यशस्वी जायसवाल टेस्ट रैंकिंग में आठवें स्थान के साथ शीर्ष भारतीय बल्लेबाज बने हुए हैं। गिल और ऋषभ पंत एक-एक पायदान आगे बढ़कर क्रमशः 11वें और 13वें स्थान पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क को टेस्ट गेंदबाजों की रैंकिंग में फायदा हुआ है। इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती दो एशेज टेस्ट में मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया बाएं हाथ का यह गेंदबाज तीन स्थान के फायदे से तीसरे स्थान पर है। स्टार्क ने दो मैच में 18 विकेट लिए हैं और इस वजह से वह अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ रेटिंग अंक और सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग पर पहुंच गए हैं। भारत के जसप्रीत बुमराह शीर्ष पर बरकरार हैं। मोहम्मद सिराज (12वें), रविंद्र जडेजा (13वें) और कुलदीप (14वें) की भारतीय तिकड़ी को एक-एक स्थान का फायदा हुआ है। मौजूदा एशेज श्रृंखला में प्रभावी प्रदर्शन करने में नाकाम रहे इंग्लैंड के हैरी ब्रूक बल्लेबाजों की सूची में दो पायदान नीचे चौथे स्थान पर खिसक गए जबकि केन विलियमसन (दूसरे) और स्टीव स्मिथ (तीसरे) को एक-एक स्थान का फायदा हुआ है। जो रूट शीर्ष पर हैं।
- नयी दिल्ली. फिडे सर्किट 2025 जीतकर अगले साल के कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में अपनी जगह पक्की करने वाले भारतीय स्टार आर. प्रज्ञानानंदा ने मंगलवार को कहा कि वह इस साल ‘कुछ अच्छे प्रदर्शन' के बाद अब प्रतिष्ठित स्पर्धा में बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए ‘काम कर रहे हैं'। गोवा में फिडे विश्व कप में निराशाजनक अभियान के बावजूद 20 साल के प्रज्ञानानंदा लंदन शतरंज क्लासिक में अपना स्थान पक्का कर लिया। वह अगले कैंडिडेट्स में एकमात्र भारतीय पुरुष प्रतिनिधि होंगे। प्रज्ञानानंदा ने ‘एक्स' पर एक वीडियो में कहा, ‘‘फिडे ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि मैंने फिडे सर्किट 2025 जीत लिया है और कैंडिडेट्स के लिए क्वालीफाई कर लिया है। मुझे यह सुनकर बहुत खुशी हुई और मैं पूरे साल अपने प्रदर्शन से कुल मिलाकर खुश हूं।'' उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मैंने इस साल बेहतर शतरंज खेला है और मैं इससे खुश हूं। मैं अपनी पूरी टीम को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने कुछ बुरे दौर और कुछ खराब टूर्नामेंट के दौरान भी हमेशा मुझ पर विश्वास रखा।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैं हमेशा मेरा और भारतीय शतरंज का समर्थन करने के लिए सभी प्रशंसकों को भी धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं आप सभी का वास्तव में आभारी हूं। अब कैंडिडेट्स की दिशा में काम करने का समय है।'' कैंडिडेट्स के लिए क्वालीफाई करके प्रज्ञानानंदा ने अगले विश्व चैम्पियनशिप खिताब के लिए अखिल भारतीय मुकाबले की उम्मीदों को जीवित रखा है। वह अगर कैंडिडेट्स्स जीतते हैं तो वह विश्व चैम्पियनशिप खिताब मैच में गत चैंपियन डी. गुकेश से भिड़ेंगे। कैंडिडेट्स 28 मार्च से 16 अप्रैल 2026 तक पाफोस (साइप्रस) के पास कैप सेंट जॉर्ज होटल एंड रिजॉर्ट में आयोजित किया जाएगा। प्रज्ञानानंदा कैंडिडेट्स के पुरुष वर्ग में एकमात्र भारतीय प्रतिनिधि होंगे जबकि महिला वर्ग में में दिव्या देशमुख, कोनेरू हंपी, और आर. वैशाली भारतीय चुनौती पेश करेंगी।
- जोहानिसबर्ग. भारत के पूर्व दिग्गज टी20 खिलाड़ी रोबिन उथप्पा, दक्षिण अफ्रीका के पूर्व महान तेज गेंदबाज डेल स्टेन और इंग्लैंड के पूर्व कप्तान इयोन मोर्गन एसए20 लीग के आगामी सत्र के लिए कमेंट्री टीम का हिस्सा होंगे। एसए20 का चौथा सत्र 26 दिसंबर से शुरू होगा जबकि फाइनल 25 जनवरी को खेला जाएगा। भारत में एसए20 का प्रसारण जियोहॉटस्टार और स्टार स्पोर्ट्स पर किया जाएगा।अपनी पीढ़ी के महानतम तेज गेंदबाजों में शामिल स्टेन और इंग्लैंड की 2019 एकदिवसीय विश्व कप विजेता टीम के कप्तान मोर्गन के जुड़ने से कमेंट्री टीम को और मजबूती मिली है। पिछले सत्र में भी इस लीग के कमेंट्री पैनल का हिस्सा रहे उथप्पा एसए20 लीग के साथ अपना जुड़़ाव जारी रखेंगे। मंगलवार को यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार कमेंट्री पैनल में शामिल अन्य सदस्य इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज केविन पीटरसन, पूर्व प्रथम श्रेणी कमेंटेटर और दिग्गज क्रिकेट विशेषज्ञ मार्क निकोलस, टी20 क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में शामिल एबी डिविलियर्स और दक्षिण अफ्रीका के उनके हमवतन जेपी डुमिनी, एश्वेल प्रिंस, क्रिस मौरिस तथा वनर्न फिलेंडर हैं। नताली जर्मानोस, एमपुमेलेलो म्बांगवा, कास नायडू, मार्क बूचर, निखिल उत्तमचंदानी, लेसेगो पू, मोत्शिदिसी मोहोनो और क्रिया गंगिया भी 34 मुकाबलों का विश्लेषण करते नजर आएंगे। दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित टी20 लीग में से एक एसए20 के मुकाबलों का आयोजन डरबन, जोहानिसबर्ग, केपटाउन, पार्ल, सेंचुरियन और गक्बेरहा में किया जाएगा।
- मुंबई. सचिन तेंदुलकर ने मंगलवार को पूर्व भारतीय खिलाड़ी गुरशरण सिंह के उस जज्बे को याद किया जिसमें वह 1989-90 में दिल्ली के खिलाफ ईरानी कप मैच में शेष भारत के लिए हाथ में फ्रैक्चर के बावजूद 11वें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आये ताकि मास्टर ब्लास्टर अपना शतक पूरा कर सके। वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दिल्ली ने शेष भारत को 309 रनों से हरा दिया था। इस मैच में टीम के लिए सिर्फ तेंदुलकर ही डट कर बल्लेबाजी कर सके। उन्होंने नाबाद 103 रन की पारी खेली जबकि भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज डब्ल्यूवी रमन 41 रनों के साथ दूसरे सर्वोच्च स्कोरर थे। शेष भारत की टीम ने 554 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 209 रनों पर नौ विकेट गंवा दिए थे। भारत, दिल्ली और पंजाब के पूर्व खिलाड़ी गुरशरण इसके बाद हाथ में फ्रैक्चर के बावजूद 11वें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे और तेंदुलकर का साथ दिया। दोनों ने अंतिम विकेट के लिए 36 रन जोड़े। तेंदुलकर का शतक पूरा होने के बाद गुरशरण रिटायर आउट हो गये। इस तरह शेष भारत की दूसरी पारी 245 रन पर सिमटी। तेंदुलकर ने यहां ‘एजियास फेडरल लाइफ इंश्योरेंस' के एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘जैसा कि कहा जाता है, वादे निभाने के लिए होते हैं। मुझे लगता है कि मैं एक कदम आगे जाकर कहूंगा कि वादे निभाने के लिए होते हैं, लेकिन उन्हें पूरा भी करना होता है... और यही हमारा ‘डीएनए' है।'' उन्होंने कहा, ‘‘मुझे एक घटना याद है। बहुत पहले 1989 में जब मैं ईरानी ट्रॉफी खेल रहा था। यह भारत के लिए चुने जाने से पहले एक ट्रायल मैच जैसा था। मैं 90 रन के आस पास बल्लेबाजी कर रहा था, और मेरे साथी गुरशरण सिंह को चोट लग गई थी । उनके हाथ में फ्रैक्चर था और उन्हें बल्लेबाजी नहीं करनी थी।'' तेंदुलकर ने कहा, ‘‘ चयन समिति के अध्यक्ष राज सिंह डूंगरपुर ने हालांकि उन्हें मैदान पर जाकर बल्लेबाजी करने और अपने साथी (तेंदुलकर) का साथ देने के लिए कहा। गुरशरण आए और उन्होंने मुझे शतक तक पहुंचने में मदद की और उसके बाद मैं भारत के लिए खेलने के लिए चुन लिया गया।'' उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद गुरशरण भी भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बने।''तेंदुलकर ने कहा कि भारत के लिए टेस्ट और वनडे में एक-एक मैच खेलने वाले गुरशरण का यह कदम उनके दिल को छू गया। तेंदुलकर ने कहा, ‘‘मैंने मैदान पर और ड्रेसिंग रूम में उनका बहुत-बहुत शुक्रिया अदा किया क्योंकि फ्रैक्चर हाथ के साथ मैदान पर उतरना उनके लिए बहुत बड़ी बात थी।''
- चेन्नई. मॉस्को ओलंपिक में 45 साल पहले भारतीय हॉकी टीम को आठवां और आखिरी स्वर्ण दिलाने वाले कप्तान वासुदेवन भास्करन का कहना है कि वह इस इंतजार को खत्म होते देखना चाहते हैं और 2036 में टीम फिर चैम्पियन बन सकती है बशर्ते सही समय पर नये खिलाड़ियों को मौका दिया जाये । भारत ने आखिरी बार 1980 में भास्करन की कप्तानी में ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता था । फिर 41 साल के इंतजार के बाद तोक्यो ओलंपिक 2020 में कांस्य पदक जीता और पिछले साल पेरिस में उस सफलता को दोहराया । भास्करन ने कहा ,‘‘मुझे यह सुनना बिल्कुल पसंद नहीं है कि मैं आखिरी ओलंपिक स्वर्ण जीतने वाली भारतीय टीम का कप्तान था । मैं चाहता हूं कि यह इंतजार खत्म हो और यह 2036 में हो सकता है । लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के बारे में नहीं कह सकता क्योंकि हमे पुरूष हॉकी टीम में अभी बदलाव की जरूरत है ।'' उन्होंने कहा ,‘‘ जैसे पी आर श्रीजेश के संन्यास के बाद टीम में खालीपन लग रहा है जिसे भरना होगा । ऐसे ही कम से कम चार या पांच खिलाड़ियों को जूनियर खिलाड़ियों के लिये जगह बनानी होगी । बदलाव सही समय पर और सही जगह पर होना जरूरी है ताकि नये खिलाड़ियों को तैयार होने का मौका मिल सके ।'' पहली बार 1997 में कोच रहते भारत को जूनियर विश्व कप फाइनल तक ले जाने वाले इस दिग्गज खिलाड़ी ने कहा ,‘‘ जैसे 2016 जूनियर विश्व कप के बाद हरमनप्रीत और रूपिंदर पाल जैसे खिलाड़ी मिले थे । जूनियर विश्व कप 1997 से हमे बलजीत सैनी, दिलीप टिर्की, समीर दाद, देवेश चौहान जैसे कई ओलंपियन मिले थे लिहाजा यह बदलाव की शुरूआत करने के लिये अच्छा मंच है ।'' राष्ट्रमंडल खेल 2030 की मेजबानी को युवा हॉकी खिलाड़ियों के लिये उत्साहजनक बताते हुए उन्होंने कहा ,‘‘ 2030 राष्ट्रमंडल खेलों में क्रिकेट और हॉकी दोनों होंगे लेकिन मुझे लगता है कि हॉकी की स्पर्धा अच्छी होगी क्योंकि राष्ट्रमंडल देशों में अच्छी हॉकी खेली जाती है और यह मिनी विश्व कप की तरह होगा । इन युवा खिलाड़ियों के लिये वह अच्छा प्लेटफॉर्म होगा।'' कोचों को टीम तैयार करने के लिये कम से कम चार साल का कार्यकाल देने की पैरवी करते हुए उन्होंने कहा कि बार बार कोच बदलने से प्रदर्शन पर असर पड़ता है । पद्मश्री से नवाजे जा चुके 75 वर्ष के भास्करन ने कहा ,‘‘मुझे लगता है कि टीम के साथ तीन कोच , सहयोगी स्टाफ, फिजियो, ट्रेनर होने चाहिये और उन्हें कम से कम चार साल तक का कार्यकाल दिया जाना जरूरी है । हम ओलंपिक से ओलंपिक या विश्व कप से विश्व कप तक की रणनीति बनाते हैं । सरकार और हॉकी इंडिया हॉकी पर इतना पैसा लगा रहे हैं तो यह भी जरूरी है कि कोच को एक टूर्नामेंट या श्रृंखला में खराब प्रदर्शन के बाद बदला नहीं जाये ।'' उन्होंने यह भी कहा कि अगले साल अगस्त में नीदरलैंड और बेल्जियम में होने वाले सीनियर विश्व कप और फिर एशियाई खेलों के बीच ज्यादा अंतर नहीं है लेकिन एशियाई खेलों के जरिये ओलंपिक का सीधा टिकट कटाने के लिये विश्व कप की अनदेखी करना सही नहीं होगा । एम्सटर्डम में 1973 विश्व कप रजत पदक विजेता टीम के सदस्य रहे भास्करन ने कहा ,‘‘ दोनों टूर्नामेंटों के बीच ज्यादा दिन का अंतर नहीं है लेकिन मुझे लगता है कि भारत को एशियाई खेलों को लेकर ज्यादा चिंतित होने की जरूरत नहीं है । हमने पचास साल से विश्व कप नहीं जीता है और इस बार चूके तो फिर चार साल इंतजार करना होगा । एशियाई खेलों में एक कठिन मैच कोरिया या जापान से होगा ।'' आखिरी बार 2006 विश्व कप में भारत के कोच रहे इस दिग्गज ने कहा ,‘‘ कोचों, ट्रेनर, वैज्ञानिक ट्रेनर को मिलकर तय करना होगा । विश्व कप में पूरी मजबूत टीम भेजी जानी चाहिये । एशियाई खेलों के जरिये ओलंपिक के लिये क्वालीफाई नहीं भी कर सके तो क्वालीफायर तो हैं ना । घबराने की क्या जरूरत है , टीम पर भरोसा होना चाहिये ।'' उन्होंने कहा ,‘‘ हमारे पास 35 खिलाड़ियों का कोर ग्रुप है । ट्रेनिंग पर इतना पैसा खर्च हो रहा है । विश्व कप में दो हफ्ते खेलकर पंद्रह दिन की रिकवरी के बाद एशियाई खेलों में उतर सकते हैं ।
- नई दिल्ली। भारतीय टीम ने स्क्वैश विश्व कप में अपने अभियान की शुरुआत जीत के साथ की है। ग्रुप बी के अपने पहले मैच में भारत ने स्विट्जरलैंड को 4-0 से हराया। एक्सप्रेस एवेन्यू मॉल में खेले गए मुकाबले में भारत के नेशनल चैंपियन और पुरुषों की स्क्वैश स्टैंडिंग में 45वें स्थान पर मौजूद वेलावन सेंथिलकुमार ने पहले मैच में दुनिया के 296वें नंबर के खिलाड़ी रॉबिन गडोला को 3-0 (7-6, 7-6, 7-5) से हराया।दूसरे मैच में, भारत की 17 साल की अनाहत सिंह ने सेलिन वाल्सर को 3-0 (7-1, 7-4, 7-2) से हराया। दूसरे सेट में वाल्सर ने वापसी की थी, लेकिन इसके बावजूद अनाहत ने दमदार वापसी करते हुए जीत हासिल की। अनाहत विश्व कप में सबसे कम उम्र की खिलाड़ी हैं। तीसरे मैच में, भारत के शीर्ष रैंक वाले पुरुष स्क्वैश खिलाड़ी अभय सिंह ने लुई हाफेज को 3-0 (7-0, 7-5, 7-3) से हराया। अभय सिंह ने शुरू में मैच पर नियंत्रण बनाया था।अनुभवी खिलाड़ी जोशना चिनप्पा ने स्टेला कॉफमैन को 3-1 (7-1, 5-7, 7-2, 7-0) से हराकर स्वीप पूरा किया। 39 साल की चिनप्पा ने दूसरा गेम हारने के बाद वापसी करते हुए मैच जीता।जीत के बाद भारतीय हरिंदर पाल संधू ने कहा, “पहली जीत हासिल करके अच्छा लग रहा है। पहला मैच हमेशा थोड़ा नर्वस करने वाला होता है। घरेलू दर्शकों के सामने खेलना उनके समर्थन के साथ खेलना हमेशा अच्छा होता है। आगे के मैचों में भी हम इसी तरह के समर्थन की उम्मीद कर रहे हैं। हम अपना प्रदर्शन भी बरकरार रखने की पूरी कोशिश करेंगे।”स्क्वैश विश्व कप में पिछले बार की चैंपियन इजिप्ट और उपविजेता मलेशिया सहित 12 देश हिस्सा ले रहे हैं। सभी देशों को तीन-तीन के चार ग्रुप में बांटा गया है। हर ग्रुप से टॉप दो टीमें क्वार्टर-फाइनल में पहुंचेंगी।
-
गुवाहाटी. राजस्थान के संस्कार सारस्वत ने रविवार को यहां गुवाहाटी मास्टर्स के पुरुष एकल फाइनल में मिथुन मंजूनाथ को तीन गेम में हराकर अपना पहला सुपर 100 खिताब जीता। जोधपुर के 19 वर्षीय खिलाड़ी ने स्मैश की बौछार करके पूर्व राष्ट्रीय चैंपियन मंजूनाथ को 21-11, 17-21, 21-13 से हराया। भारतीय खिलाड़ियों के बीच यह फाइनल 50 मिनट तक चला। हालांकि विश्व जूनियर चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता तन्वी शर्मा को महिला एकल फाइनल में चीनी ताइपे की तुंग सिउ-टोंग से 18-21 18-21 से हार का सामना करना पड़ा जिससे वह उप विजेता रहीं। पंजाब की 16 साल की खिलाड़ी पिछले हफ्ते सैयद मोदी इंटरनेशनल सुपर 300 के सेमीफाइनल में पहुंची थीं। वह पिछले साल ओडिशा मास्टर्स के फाइनल में पहुंची थीं जबकि इस साल के अमेरिकी ओपन सुपर 300 और विश्व जूनियर चैंपियनशिप में भी उप विजेता रही थीं। भारतीय पुरुष युगल जोड़ी पृथ्वी कृष्णमूर्ति रॉय और साई प्रतीक भी एकतरफा फाइनल में मलेशिया के कांग खाई जिंग और आरोन ताई की छठी वरीय जोड़ी से 13-21 18-21 से हारने के बाद दूसरे स्थान पर रहे। सारस्वत ने पिछले साल बेंगलुरु में अर्श मोहम्मद के साथ अपना पहला सीनियर राष्ट्रीय युगल खिताब जीता था और इससे पहले जूनियर एकल का खिताब भी जीता था। यह जोड़ी पिछले साल सितंबर में 31वें स्मिट कृष्णा खेतान मेमोरियल बैडमिंटन टूर्नामेंट में अंडर-19 इवेंट में उपविजेता भी रही थी। अपने दाहिने पैर पर टेप लगाकर खेलते हुए सारस्वत पहले गेम के शुरू में बढ़त बनाए थे। लेकिन मंजूनाथ ने 7-7 की बराबरी हासिल की। दोनों खिलाड़ियों ने एक-दूसरे की गलतियों का फायदा उठाया। सारस्वत ने ब्रेक तक 11-9 की मामूली बढ़त बनाई हुई थी लेकिन आक्रामक शॉट्स लगाकर इसे 14-10 तक बढ़ा दिया। मंजूनाथ अपने प्रतिद्वंद्वी के क्रॉस-कोर्ट और डाउन-द-लाइन स्मैश को समझने में संघर्ष कर रहे थे जिससे सारस्वत नौ गेम प्वाइंट तक पहुंच गए और आसानी से पहला गेम जीत लिया। दूसरे गेम में सारस्वत ने आक्रामक खेल जारी रखा और अपने तेज स्मैश से 8-2 की बढ़त बना ली जिससे मंजूनाथ दबाव में आ गए। हालांकि कर्नाटक के शटलर ने जोरदार वापसी की और लगातार पांच अंक जीतकर बराबरी की और ब्रेक तक 11-10 से आगे हो गए। मंजूनाथ ने हालांकि लय हासिल करते हुए पिछड़ने के बाद 18-16 की बढ़त हासिल कर ली। फिर सारस्वत की गलतियों ने उन्हें तीन गेम प्वाइंट दिए जिससे उन्हें निर्णायक गेम तक पहुंचने में मदद मिली। तीसरे गेम में सारस्वत आक्रामक इरादे से उतरे और 7-0 की बढ़त बना ली। मंजूनाथ कुछ समय के लिए अंतर कम करने में कामयाब रहे, लेकिन सारस्वत ने नियंत्रण बनाए रखा और ब्रेक तक 11-5 की बढ़त बना ली। फिर उन्होंने बढ़त को 14-6 तक बढ़ाया और आठ मैच प्वाइंट हासिल किए। सारस्वत ने अपने दूसरे मौके पर एक डीप रिटर्न के साथ मैच जीत लिया। सारस्वत अपने पिता राज की वजह से इस खेल में आए जो खुद एक राष्ट्रीय स्तर के एकल और युगल खिलाड़ी रह चुके हैं। वहीं महिला एकल में तन्वी और तुंग के बीच कुछ जोरदार रैलियां हुईं। भारतीय खिलाड़ी ने पहले गेम में ब्रेक तक 11-8 की बढ़त बनाई हुई थी। लेकिन ताइवान की शटलर धीरे-धीरे वापसी करती गई और 16-16 से बराबरी पर पहुंच गई। फिर वह 18-16 से आगे हो गई। तन्वी के दो गलत स्मैश से तुंग ने पहला गेम जीत लिया।
दूसरे गेम में दोनों खिलाड़ी 5-5 के बाद 6-6 पर बराबरी पर थीं। तन्वी ने ब्रेक तक एक बार फिर 11-8 की बढ़त बना ली जिसमें उन्हें प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी की गलतियों का फायदा मिला। लेकिन तन्वी जल्द ही लड़खड़ा गईं और कई गलतियां कर बैठीं जिसमें नेट में चार शॉट शामिल थे। इससे तुंग ने गेम 13-13 से बराबर कर दिया। हालांकि तन्वी ने कुछ शानदार क्रॉस-कोर्ट स्मैश लगाए लेकिन वह निरंतरता बनाए रखने में नाकाम रहीं जिससे तुंग 17-16 से आगे हो गईं। दो और गलतियों ने ताइवान की शटलर को तीन मैच प्वाइंट दिला दिए। तन्वी ने एक तेज क्रॉस-कोर्ट रिटर्न से एक प्वाइंट बचाया और एक और शॉट नेट से बाहर चला गया जिस वह उप विजेता रहीं। -
विशाखापत्तनम. भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ का मानना है कि विराट कोहली और रोहित शर्मा का पिछले कुछ वर्षों में प्रदर्शन को देखते हुए उनके साथ अलग तरह का व्यवहार किया जाना चाहिए और वनडे टीम में उनकी जगह को लेकर कभी भी बहस नहीं होनी चाहिए। राष्ट्रीय चयन समिति के सदस्य और मुख्य कोच गौतम गंभीर इस सीनियर जोड़ी के 2027 विश्व कप तक फॉर्म और फिटनेस बरकरार रखने को लेकर भले ही संशय में हो सकते हैं, लेकिन दोनों बल्लेबाजों ने पिछले छह वनडे मैचों में तीन शतक (कोहली के दो) और पांच अर्धशतक (रोहित के तीन) लगाकर बतला दिया है कि उनका कोई सानी नहीं है। बांगड़ ने जिओस्टार से कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि टीम में विराट कोहली और रोहित शर्मा की जगह को लेकर सवाल उठाए जाने चाहिए। उनके इतने वर्षों में टीम को दिए गए योगदान पर गौर करना चाहिए।'' कोहली और रोहित अब केवल वनडे प्रारूप में ही खेलते हैं। भारत पिछले कुछ समय से इस प्रारूप में बहुत कम मैच खेल रहा है और बांगड़ का मानना है कि उन्हें लय हासिल करने में कुछ समय लग सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘वे दो प्रारूपों से संन्यास ले चुके हैं, इसलिए ज़ाहिर है कि उन्हें लय हासिल करने में कुछ समय लग सकता है लेकिन वे ऐसा कई बार कर चुके हैं। उन्हें किसी युवा खिलाड़ी जितने मैच खेलने की ज़रूरत नहीं है।'' बांगड़ ने कहा, ‘‘एक बार वे जब अपनी लय हासिल कर लेते हैं और पूरी तरह फिट तथा रन बनाने के लिए भूखे हैं तो आप इस तरह के खिलाड़ियों को टीम में चाहते हैं। आपको उनके साथ अलग तरह से व्यवहार करना होगा और उन्हें अपना नैसर्गिक खेल खेलने की छूट देनी होगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘‘जब वे लय में होते हैं तो आपको अंतर साफ नजर आता है। उनकी उपस्थिति मात्र से ड्रेसिंग रूम का माहौल बदल जाता है। टेस्ट श्रृंखला में हार के बाद उन्होंने निश्चित तौर पर युवा खिलाड़ियों से बात की होगी। उन्होंने खिलाड़ियों को पुरानी बातों को पीछे छोड़कर स्वच्छंद होकर खेलने के लिए प्रेरित किया होगा जिससे पूरी टीम का आत्मविश्वास बढ़ा।''
- नयी दिल्ली. भारत की विश्व कप विजेता टीम के मुख्य कोच रहे गैरी कर्स्टन को नामीबिया की राष्ट्रीय पुरुष टीम का सलाहकार नियुक्त किया गया है और वह अगले साल होने वाले टी20 विश्व कप की तैयारियों में मुख्य कोच क्रेग विलियम्स के साथ काम करेंगे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) का यह टूर्नामेंट अगले साल फरवरी और मार्च में भारत और श्रीलंका में खेला जाएगा। कर्स्टन ने क्रिकेट नामीबिया के एक बयान में कहा, ‘‘क्रिकेट नामीबिया के साथ काम करना वास्तव में सौभाग्य की बात है।उनका नया अत्याधुनिक क्रिकेट स्टेडियम इस बात का प्रमाण है कि वे यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि उनकी राष्ट्रीय टीमें विश्व के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करें।'' उन्होंने कहा, ‘‘नामीबिया की सीनियर पुरुष राष्ट्रीय टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही है और मैं अगले साल फरवरी में होने वाले टी20 विश्व कप के लिए उनकी तैयारी में योगदान देने के लिए उत्सुक हूं।'' दक्षिण अफ्रीका के पूर्व सलामी बल्लेबाज कर्स्टन ने 2004 में संन्यास लेने के बाद कोचिंग की शुरुआत की और 2007 में उन्हें भारत का मुख्य कोच नियुक्त किया गया। उनके कार्यकाल में भारत ने 2011 का एकदिवसीय विश्व कप जीता था। बाद में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के मुख्य कोच और दुनिया भर की कई टी20 फ्रैंचाइज़ी लीग की टीमों के साथ काम किया। उन्होंने 2024 में पाकिस्तान की पुरुष टीम के मुख्य कोच के रूप में भी काम किया।
- फोर्ट लॉडरडेल. थॉमस मुलर ने लियोनेल मेस्सी के साथ लंबे समय से चली आ रही अपनी प्रतिद्वंद्विता में अक्सर बाजी मारी है लेकिन मेजर लीग सॉकर (एमएलएस) कप फुटबॉल प्रतियोगिता के शनिवार को खेले गए फाइनल में अर्जेंटीना की स्टार की तूती बोली। मुलर और मेस्सी के बीच हुए 10 मुकाबलों में से जर्मनी के स्टार ने सात में जीत हासिल की है। मुलर की मौजूदगी में जर्मन टीम ने विश्व कप में दो बार मेस्सी और अर्जेंटीना को बाहर किया है। लेकिन शनिवार को अर्जेन्टीना के सुपर स्टार ने इंटर मियामी को एमएलएस कप फाइनल में मुलर की वैंकूवर व्हाइटकैप्स पर 3-1 से जीत दिलाई।इस तरह से मेस्सी ने अपने करियर की 47वीं ट्रॉफी के साथ अपने तीसरे मेजर लीग सॉकर सत्र का समापन किया। मेस्सी ने मैच के बाद कहा, ‘‘तीन साल पहले मैंने एमएलएस में आने का फैसला किया और आज हम एमएलएस चैंपियन हैं। पिछले साल हम लीग में जल्दी बाहर हो गए थे लेकिन इस साल एमएलएस जीतना हमारा मुख्य लक्ष्य था।'' मेस्सी ने 72वें मिनट में रोड्रिगो डी पॉल को गेंद देकर गोल करने में मदद की। इसके बाद उन्होंने स्टॉपेज टाइम में एक और गोल करने में योगदान देकर इंटर मियामी को फ्रैंचाइजी इतिहास में पहली बार चैंपियनशिप दिलाई। मेसी और मुलर दोनों ही विश्व कप और चैंपियंस लीग विजेता हैं। दोनों क्लब विश्व कप विजेता भी हैं।
-
विशाखापत्तनम/कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा की अगुवाई में गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद यशस्वी जायसवाल (नाबाद 116) की शतकीय पारी के बूते भारतीय टीम ने तीसरे और निर्णायक वनडे में शनिवार को यहां दक्षिण अफ्रीका को 61 गेंद शेष रहते नौ विकेट से हराकर श्रृंखला 2-1 से जीत ली। कुलदीप (10 ओवर में 41 रन) और कृष्णा (9.5 ओवर में 66 रन) ने चार-चार विकेट लिए जिससे क्विंटन डिकॉक (106) की शतकीय पारी के बावजूद दक्षिण अफ्रीका की टीम 47.5 ओवर में 270 रन पर आउट हो गयी। भारत ने 39.5 ओवर में एक विकेट पर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस तरह उसने टेस्ट श्रृंखला में मिली 0-2 की हार की निराशा को कुछ हद तक कम किया। दोनों टीमें अब नौ दिसंबर से शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में भिड़ेंगी।
जायसवाल ने अपनी नाबाद शतकीय पारी के दौरान 121 गेंदों में 12 चौके और दो छक्के लगाने के अलावा रोहित शर्मा (75) के साथ पहले विकेट के लिए 155 और विराट कोहली (नाबाद 65) के साथ दूसरे विकेट के लिए 116 रन की अटूट साझेदारी कर टीम की जीत पक्की की। रोहित ने 73 गेंद की पारी में सात चौके और तीन छक्के जड़े जिसमें लुंगी एनगिडी के खिलाफ पुल शॉट पर लगाया छक्का दिलकश था। कोहली ने भी शानदार लय जारी रखते हुए 45 गेंद की नाबाद पारी में छह चौके और तीन छक्के जड़ें। दक्षिण अफ्रीका के लिए एकमात्र सफलता केशव महाराज (40 ओवर में 44 रन को मिली।
डिकॉक ने 89 गेंद की पारी में आठ चौके और छह छक्के की मदद से 106 रन बनाने के अलावा कप्तान तेम्बा बावुमा (48) के साथ दूसरे विकेट के लिए 113 और मैथ्यू ब्रीट्जके (24) के साथ तीसरे विकेट के लिए 54 रन की साझेदारी की। दक्षिण अफ्रीका 28वें ओवर तक दो विकेट पर 167 रन बनाकर बड़े स्कोर की तरफ बढ़ रहा था लेकिन कृष्णा ने 29वें ओवर में ब्रीट्जके और एडेन मारक्रम (एक) के रूप में दो विकेट लेकर भारत को वापसी कराने के बाद डिकॉक को भी चलता किया। इसके बाद कुलदीप ने डेवाल्ड ब्रेविस (29), मार्को यानसन (17) और कोर्बिन बोश (नौ) जैसे आक्रामक बल्लेबाजों को आउट कर मैच पर भारत का दबदबा बनाये रखा। लक्ष्य का बचाव करते हुए दूधिया रोशनी में दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज नयी गेंद से स्विंग हासिल कर रहे थे जिससे रोहित और जायसवाल ने शुरुआत में सतर्कता बरती। रोहित ने चौथे ओवर में एनगिडी के खिलाफ पारी का पहला चौका जड़ा तो वहीं जायसवाल ने यानसेन की गेंद पर चार रन बटोर कर हाथ खोले।। रोहित एक छोर से प्रवाहमय बल्लेबाजी कर रहे थे तो वही दूसरी ओवर से जायसवाल को तेज गेंदबाजों के खिलाफ परेशानी हो रही थी। कई बार गेंद उनके बल्ले के किनारे के पास से निकली। उन्होंने हालांकि लुंगी एनगिडी के खिलाफ छक्का जड़ दबाव कम करने की कोशिश की। रोहित ने भी आठवें ओवर में इस गेंदबाज की गेंद को दर्शकों के दर्शन कराये लेकिन टीम पावर प्ले (शुरुआती 10 ओवर) में 48 रन ही बना सकी जो 2023 के बाद टीम का सबसे कम स्कोर है। रोहित ने 11वें ओवर में ओर्टनील बार्टमैन का स्वागत शानदार चौके से किया लेकिन इस गेंदबाज ने अपने अगले ओवर में जायसवाल को तीन बार चकमा दिया और हर बार गेंद उनके बल्ले के करीब से निकलकर विकेटकीपर के पास पहुंची। रोहित ने 14 ओवर में महाराज के खिलाफ एक रन चुरा 27 रन के स्कोर पर पहुंचते ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (तीनों प्रारूपों को मिला) में 20,000 रन पूरे किये। वह महान सचिन तेंदुलकर (34357), विराट कोहली (27910) और राहुल द्रविड़ (24208) के बाद ऐसा करने वाले केवल चौथे भारतीय बल्लेबाज है। उन्होंने 20वें ओवर में महाराज के खिलाफ एक रन चुराकर वनडे में अपना 61वां अर्धशतक पूरा किया और फिर बोश के लगातार दो ओवरों में दो शानदार छक्के जड़ें। दूसरे छोर से जायसवाल ने भी 75 गेंद में अपना पहला अर्धशतक पूरा कर राहत की सांस ली। उन्होंने इसके बाद आक्रामक रूख अपनाते हुए एनगिडी और फिर बार्टमैन के खिलाफ लगातार दो चौके जड़े जिससे भारतीय टीम ने 25 ओवर में 150 रन के आंकड़े को पार कर लिया। महाराज के खिलाफ बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में रोहित ब्रीट्जके को कैच देकर पवेलियन लौटे जबकि जायसवाल ने मारक्रम का स्वागत चौके से किया। कोहली ने अपनी पारी की शुरुआत में दौड़कर रन चुराने के बाद यानसेन के खिलाफ 31वें ओवर में दो चौके लगाये। कोहली ने बोश के खिलाफ लगातार गेंदों पर चौका और छक्का लगाकर अपने शानदार लय को जारी रखा तो वहीं जायसवाल ने 36वें ओवर में इस गेंदबाज के खिलाफ एक रन के साथ वनडे में अपना पहला शतक पूरा किया। वह खेल के तीनों अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में शतक लगाने वाले छठे भारतीय बल्लेबाज बन गये। दूसरे छोर से कोहली पूरी तरह से हावी होते हुए चौके और छक्के की बारिश करने लगे। उन्होंने बोश और फिर बार्टमैने के ओवरों में चौके और छक्के लगाने के दौरान 40 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने एनगिडी पर लगातार चौके के साथ भारत को आसान जीत दिला दी।
इससे पहले भारत 20 वनडे मैचों के लंबे अंतराल के बाद टॉस जीतने में सफल रहा। अर्शदीप सिंह (36 रन पर एक विकेट) ने टीम में वापसी कर रहे रेयान रिकल्टन को खाता खोले बगैर चलता कर पहले ओवर में ही टीम को सफलता दिला दी। डिकॉक ने चौथे ओवर में हर्षित राणा (बिना किसी सफलता के 44 रन) के खिलाफ लगातार दो चौके जड़ आत्मविश्वास हासिल किया। भारतीय गेंदबाजों ने आठवें ओवर में डिकॉक और बावुमा के खिलाफ शिकंजा कसे रखा लेकिन इसके बाद गेंदबाजी के लिए आये कृष्णा के शुरुआती दो ओवरों डिकॉक ने तीन छक्के और एक चौका जड़ रन गति को बढ़ा दिया। कृष्णा ने अपने शुरुआती दो ओवरों में 27 रन लुटाये। शुरुआती दो वनडे में संघर्ष करने वाले डिकॉक ने रविंद्र जडेजा (50 रन पर एक विकेट) के खिलाफ छक्के के साथ 16वें ओवर में अपना अर्धशतक पूरा किया। दूसरे छोर से एकाग्रता के साथ बल्लेबाजी कर रहे तेम्बा बावुमा ने जडेजा के खिलाफ रिवर्स स्वीप पर शानदार चौका लगाने के बाद एक रन के साथ 19 ओवर में दक्षिण अफ्रीका के रनों का शतक पूरा किया। वह हालांकि इस गेंदबाज की धीमी गेंद से सामंजस्य बिठाने में नाकाम रहे और गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेकर कोहली के हाथों में चली गयी। डिकॉक ने जडेजा के खिलाफ लगातार गेंदों पर चौका और छक्का जड़ दिया तो वहीं क्रीज पर कुछ समय बिताने के बाद शानदार लय में चल रहे ब्रीट्जके ने तिलक वर्मा की लगातार गेंदों पर दो बड़े छक्के लगाये। कृष्णा ने अपने दूसरे स्पैल में शानदार वापसी की। उन्होंने पारी के 29वें ओवर में ब्रीट्जके को पगबाधा करने के बाद पिछले मैच के शतकवीर मारक्रम को एक रन पर चलता कर दो झटके दिये। इन दो झटकों से बेपरवाह डिकॉक ने राणा के खिलाफ छक्के के साथ 80 गेंद में अपना 23वां वनडे शतक पूरा किया। ब्रेविस ने इसी ओवर में चौके से अपना खाता खोलने के बाद अर्शदीप की गेंद को दर्शकों के पास पहुंचाया। कृष्णा ने डिकॉक को बोल्ड कर उनकी शतकीय पारी पर विराम लगाया। ब्रेविस और यानसन ने इसके बाद आक्रामक बल्लेबाजी से 35 रन की साझेदारी के दौरान भारतीय गेंदबाजों को परेशान करना जारी रखा लेकिन कुलदीप ने अपनी फिरकी पर दोनों को पवेलियन की राह दिखा दी। कुलदीप ने अपनी गेंद पर ही बोश (नौ) का कैच लपक कर दक्षिण अफ्रीका के बड़ा स्कोर खड़ा करने का सपना तोड़ दिया। उन्होंने इसके बाद लुंगी एनगिडी को पगबाधा किया जबकि कृष्णा ने ओर्टनील बार्टमैन को बोल्ड कर दक्षिण अफ्रीका की पारी समेटने की औपचारिकता पूरी की। केशव महाराज 20 रन पर नाबाद रहे।

.jpg)

.jpeg)























