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- नयी दिल्ली। टाटा मोटर्स ने अपनी प्रीमियम एसयूवी सफारी का डार्क संस्करण पेश किया है। इसकी दिल्ली शोरूम में कीमत 19.05 लाख रुपये से शुरू होती है। कंपनी ने सोमवार को यह जानकारी दी। कंपनी ने बयान में कहा कि सफारी के डार्क संस्करण की बुकिंग शुरू हो गई है। यह वाहन देश भर में कंपनी की डीलरशिप पर उपलब्ध है। बयान में कहा गया है कि यह वाहन एक्सटी+/एक्सटीए+/एक्सजेडए+/ संस्करणों में उपलब्ध है। इसके अलावा इस वाहन में वेंटिलेटेड सीट, एयर प्यूरीफायर के साथ वाई-फाई पर एंड्रॉयड ऑटो और एपल कार प्ले की खूबियां होंगी। टाटा मोटर्स पैसेंजर वेहिकल्स के उपाध्यक्ष (बिक्री, विपणन और उपभोक्ता सेवा) राजन अंबा ने कहा, ‘‘बहुत कम समय में डार्क श्रृंखला हमारी यात्री वाहनों की फॉरेवर श्रृंखला की प्रमुख गाड़ी बन गई है। सफारी डार्क संस्करण को पेश किए जाने के बाद इसकी स्थिति और मजबूत होगी।
- नयी दिल्ली। भारतीय सेब का निर्यात 2014 के बाद से करीब 82 प्रतिशत बढ़ा है। वहीं इसी अवधि में सेब के आयात में मामूली 3.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। निर्यात में वृद्धि से कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के उत्पादकों को दुनिया के विभिन्न हिस्सों में निर्यात की खेपों को बढ़ाने में मदद मिल रही है। आंकड़ों के अनुसार, मूल्य के संदर्भ में, निर्यात वर्ष 2020-21 में बढ़कर एक करोड़ 44.5 लाख डॉलर का हो गया, जो वर्ष 2014-15 में 86 लाख डॉलर का हुआ करता था। इस वित्त वर्ष में अप्रैल-नवंबर के दौरान सेब का निर्यात एक करोड़ 22.5 लाख डॉलर का रहा, जो पिछले कुछ वर्षों के मुकाबले काफी अधिक वृद्धि है। दूसरी ओर, आयात वर्ष 2020-21 में 3.8 प्रतिशत बढ़कर 24 करोड़ डॉलर का हो गया, जो वर्ष 2014-15 में 23.08 करोड़ डॉलर का था। भारत में आयात होने वाला लगभग 82 प्रतिशत सेब चिली, न्यूजीलैंड, तुर्की, इटली, ब्राजील और अमेरिका से आता है। भारत के आयात का एक-चौथाई हिस्सा चिली का है। इसके बाद न्यूजीलैंड (16.45 प्रतिशत), तुर्की (12.43 प्रतिशत) और इटली (10.8 प्रतिशत) का स्थान रहा। भारत को सेब के छोटे आपूर्तिकर्ताओं में अप्रैल-नवंबर 2021-22 के दौरान ईरान (7.73 प्रतिशत), यूएई (3.29 प्रतिशत) और अफगानिस्तान (0.43 प्रतिशत) शामिल हैं। सेब निर्यात को और आगे बढ़ाने के लिए सरकार विभिन्न कदम उठा रही है।
- नयी दिल्ली। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कंपनियों के लिए शेयरों के तरजीही आवंटन के जरिये धन जुटाने को आसान बनाते हुए मूल्य निर्धारण मानदंडों और लॉक-इन अनिवार्यताओं में ढील दी है। नियामक ने एक अधिसूचना जारी कर लॉक-इन अवधि के दौरान प्रवर्तक या प्रवर्तक समूह को तरजीही निर्गम के तहत आवंटित शेयरों को गिरवी रखने की अनुमति दी है। इसके अलावा सेबी ने कहा कि किसी भी तरजीही निर्गम के चलते नियंत्रण में बदलाव या पांच प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी आवंटन के लिए एक पंजीकृत मूल्यांकनकर्ता से रिपोर्ट लेनी होगी। सेबी ने यह भी कहा कि किसी तरजीही आवंटन के चलते नियंत्रण में बदलाव होने की स्थिति में स्वतंत्र निदेशकों की एक समिति की सिफारिश हासिल करनी होगी। इसके साथ ही समिति के मतदान के तरीके को भी सार्वजनिक करने की जरूरत होगी।
- मुंबई। यूरोपीय बाजारों के मजबूत रुझान के बीच बीएसई सेंसेक्स सोमवार को वाहन, आईटी, ऊर्जा एवं एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में जारी तेजी के दम पर 85 अंक की बढ़त हासिल करने में सफल रहा। काफी हद तक सीमित दायरे में रहे कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 85.88 अंक यानी 0.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 61,308.91 अंक पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 52.35 अंक यानी 0.29 प्रतिशत बढ़कर 18,308.10 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में अल्ट्राटेक सीमेंट करीब तीन प्रतिशत की तेजी के साथ सर्वाधिक लाभ में रही। महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, टीसीएस, एलएंडटी, एसबीआई और एचयूएल के शेयर भी लाभ में रहे। दूसरी तरफ एचसीएल टेक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, टेक महिंद्रा, पावरग्रिड और सन फार्मा के शेयरों में 5.89 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स फर्म के इक्विटी शोध प्रमुख नरेंद्र सोलंकी ने कहा, ‘‘भारतीय बाजार एशियाई बाजारों के मिश्रित रुख के बीच थोड़े सकारात्मक स्तर पर खुले। दोपहर के सत्र में बाजारों को इससे थोड़ी मजबूती मिली कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों का तीन महीने से जारी बिकवाली का रुझान हाल में बदला है। हालांकि वित्तीय, आईटी एवं स्वास्थ्य देखभाल कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन की वजह से लाभ एक दायरे तक ही सीमित रहा।'' अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया नौ पैसे की गिरावट के साथ 74.24 रुपये प्रति डॉलर (अस्थायी) भाव पर बंद हुआ। अन्य एशियाई बाजारों की बात करें तो शंघाई और तोक्यो में बाजार बढ़त के साथ बंद हुए जबकि हांगकांग और सियोल में ये नुकसान में रहे। यूरोपीय शेयर बाजार दोपहर के सत्र में लाभ के साथ कारोबार कर रहे थे। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.26 प्रतिशत की गिरावट 85.84 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर रहा। शेयर बाजारों के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 1,598.20 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
- नयी दिल्ली। बहुमूल्य धातुओं के अंतरराष्ट्रीय मूल्य में तेजी के अलावा रुपये में गिरावट आने से राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोमवार को सोना 176 रुपये बढ़कर 47,881 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 47,705 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।हालांकि, चांदी की कीमत 505 रुपये घटकर 61,005 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। पिछले कारोबारी सत्र में यह 61,510 रुपये प्रति किलोग्राम रही थी। विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया नौ पैसे की गिरावट के साथ 74.24 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर आ गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव लाभ के साथ 1,822 डॉलर प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी 23.03 डॉलर प्रति औंस पर लगभग अपरिवर्तित रही। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा, ‘‘न्यूयॉर्क स्थित जिंस एक्सचेंज कॉमेक्स में शुक्रवार को हाजिर सोने में 0.30 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,822 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार हो रहा था जिससे सोने की कीमतों में मजबूती रही।
- नयी दिल्ली। देश की सबसे बड़ी पेट्रोलियम कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने रविवार को कहा कि वह शहरी गैस वितरण (सीजीडी) नेटवर्क की स्थापना के लिए 7,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगी। कंपनी शहरी गैस वितरण के लिए बोली के ताजा दौर में हासिल किए गए लाइसेंस के तहत यह निवेश करेगी।आईओसी ने कहा कि हाल ही में संपन्न हुई सीजीडी बोली के 11वें दौर में कंपनी ने कुल मांग क्षमता का 33 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया है, जो जम्मू से मदुरै और हल्दिया तक फैला है। शहरी गैस वितरण बोली के 11वें दौर में आईओसी को वाहनों के लिए खुदरा सीएनजी और घरों में पाइप से रसोई गैस की आपूर्ति के लिए नौ लाइसेंस मिले। ये संख्या हालांकि मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के 15 लाइसेंस और अडाणी टोटल गैस लिमिटेड के 14 लाइसेंस से कम है, लेकिन मांग क्षमता के लिहाज से ये सबसे अधिक है। आईओसी को मिले भौगोलिक क्षेत्रों में जम्मू, पठानकोट, सीकर, जलगांव, गुंटूर (अमरावती), तूतीकोरिन, तिरुनेलवेली, कन्याकुमारी, मदुरै, धर्मपुरी और हल्दिया (पूर्वी मिदनापुर) जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। कंपनी ने बयान में कहा, ‘‘इंडियन ऑयल ने इन नई सीजीडी परियोजनाओं में 7,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने की योजना बनाई है। यह राशि पहले से प्रस्तावित सीजीडी खंड के लिए 20,000 करोड़ रुपये के निवेश के अतिरिक्त है।'' आईओसी के चेयरमैन श्रीकांत माधव वैद्य ने कहा, ‘‘देश में गैस कारोबार का विस्तार करने के हमारे ठोस प्रयास प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी को 15 प्रतिशत तक बढ़ाने के सरकार के लक्ष्य को हासिल करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।'' उन्होंने कहा कि आईओसी भारतीय सीजीडी बाजार में एक प्रमुख कंपनी के रूप में उभरने की ओर अग्रसर है।
- मुंबई। कोरोना वायरस महामारी के ओमीक्रोन स्वरूप के रूप मे आई तीसरी लहर के कारण हवाई उड़ानों के टिकट रद्द करने वाले एक-तिहाई से भी कम लोगों को रिफंड या टिकट का पैसा वापस मिल पाया है। एक ऑनलाइन सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है। ऑनलाइन कम्युनिटी मंच लोकलसर्किल्स के एक सर्वेक्षण में पता चला कि महामारी की तीसरी लहर के आने की वजह से जिन लोगों को होटलों की अपनी बुकिंग निरस्त करनी पड़ी उनमें से 34 प्रतिशत को ही पैसा वापस मिला। इस सर्वेक्षण में भारत के 332 जिलों से लोगों के 20,000 से अधिक जवाब आए।ओमीक्रोन स्वरूप के मामले तेजी से बढ़ने के कारण भारत में ऐसे अनेक लोगों को अपनी यात्राएं रद्द या स्थगित करनी पड़ी हैं जिन्होंने जनवरी से मार्च के बीच यात्रा कार्यक्रम बना रखा था। उनमें से कुछ ने एयरलाइंस और होटलों से बुकिंग के लिए जमा की गई राशि वापस मांगी है। सर्वेक्षण में हवाई यात्रा निरस्त होने के संबंध में पहला प्रश्न पूछा गया था जिसके जवाब में 29 प्रतिशत लोगों ने कहा, ‘‘ट्रैवल एजेंटों और एयरलाइन कंपनियों ने रद्दीकरण स्वीकार कर लिया और पूरा पैसा लौटा दिया, वहीं 14 प्रतिशत ने कहा कि उन्हें आंशिक राशि मिली है।'' वहीं, 29 प्रतिशत लोगों ने बहुत कम पैसा लौटाए जाने की भी बात कही। करीब 14 प्रतिशत लोगों के अनुसार उन्हें धनराशि नहीं लौटाई गई लेकिन बाद की तारीख के लिए उनका टिकट बुक कर दिया गया। लोकलसर्किल्स के संस्थापक सचिन तापड़िया ने कहा, ‘‘इस मंच पर लोग राय दे रहे हैं कि सरकार को कोविड महामारी जारी रहने तक यात्रा बुकिंग रद्द किए जाने पर, खासतौर पर एयरलाइंस और होटलों के लिए पैसा वापसी की विशेष नीति बनानी चाहिए।
- मुंबई। सनटेक रियल्टी अगले पांच से आठ साल के दौरान मुंबई महानगर क्षेत्र और इसके आसपास 22,000 करोड़ रुपये की राजस्व संभावनाओं वाली सात परियोजनाएं शुरू करेगी। इन परियोजनाओं से सनटेक रियल्टी कारोबार के लिहाज से देश की शीर्ष रियल एस्टेट कंपनियों में शामिल हो जाएगी। रियल एस्टेट कंपनी ने पिछले दशक के दौरान बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) के मुख्य वाणिज्यिक केंद्र में पहले उबर अपार्टमेंट टावर सिग्नेचर का निर्माण किया है। आज यहां उद्योग जगत के बड़े नामों मसलन गौतम अडाणी और उदय कोटक का निवास है। सनटेक रियल्टी के संस्थापक चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक कमल खेतान ने पीटीआई-भाषा से कहा कि कंपनी ने पिछले 18 महीनों के दौरान पांच बड़ी आवासीय परियोजनाओं के लिए वसई-पश्चिम, वासिंद, बोरिवली-पश्चिम, कल्याण के शाहाद और पेन-खोपोली में जमीनें खरीदी हैं। इन परियोजनाओं में 2.3 करोड़ वर्ग फुट क्षेत्र का विकास किया जा सकता है। इन परियोजनाओं से अगले सात से आठ साल में 20,000 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल होने की संभावना है। इसके अलावा कंपनी कुछ अन्य परियोजनाओं का अगला चरण भी शुरू करने जा रही है जिनसे अगले चार-पांच साल 2,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिल सकता है।
- नयी दिल्ली। आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की तैयारी में जुटी इंडिया1 पेमेंट्स लिमिटेड अर्द्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राहकों को नकदी उपलब्ध कराने के लिए अगले 4-5 साल में 20,000 एटीएम लगाएगी। कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के श्रीनिवास ने रविवार को यह जानकारी दी। कंपनी इस समय हर महीने 300-400 एटीएम लगा रही है।उन्होंने कहा, ‘‘रिजर्व बैंक द्वारा इंटरचेंज शुल्क में वृद्धि के साथ ही नकद निकासी में बढ़ोतरी जैसे विभिन्न संरचनात्मक कारकों के चलते देश में व्हाइट लेबल एटीएम लगाने में तेजी आएगी।'' ऐसी एटीएम मशीन, जिसे किसी गैर-बैंकिंग संस्था द्वारा लगाया एवं संचालित किया जाता है, उसे व्हाइट लेबल एटीएम (डब्ल्यूएलए) कहते हैं। बेंगलुरु स्थित कंपनी ‘इंडिया1 एटीएम' ब्रांड नाम के तहत इस समय 10,300 डब्ल्यूएलए का संचालन करती है। यह भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बाद अर्द्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में दूसरा सबसे बड़ा एटीएम ब्रांड है। श्रीनिवास ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘वर्ष 2021 में इंडिया1 ने 3,000 से अधिक एटीएम चालू किए हैं और अर्द्ध-शहरी तथा ग्रामीण भारत में एटीएम की कम पहुंच को देखते हुए अगले 4-5 वर्षों में इसी गति से वृद्धि जारी रहने की उम्मीद है। इस तरह इंडिया1 20,000 से अधिक एटीएम के साथ एक बड़ा एटीएम नेटवर्क बनने के लिए तैयार है।'' उन्होंने आगे कहा कि कंपनी उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगी, जहां एटीएम की उपलब्धता कम है। कंपनी खासतौर से ग्रामीण क्षेत्रों में एटीएम के जरिये नकदी की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करती है। श्रीनिवास ने कहा कि कंपनी अगले साल पूर्वोत्तर क्षेत्र में एटीएम लगाने पर विचार कर सकती है, जहां इस समय उसकी कोई उपस्थिति नहीं है। रिजर्व बैंक के सितंबर तक के आंकड़ों के मुताबिक, देश में 2.4 लाख एटीएम थे, जिनमें से करीब 28,000 व्हाइट लेबल एटीएम हैं।
- नयी दिल्ली। मर्सिडीज बेंज की अपनी पूर्ण इलेक्ट्रिक सेडान इक्यूएस को भारत में स्थानीय स्तर पर असेंबल करने की योजना है और यह लग्जरी कार विनिर्माता कंपनी देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में तेजी लाना चाहती है।मर्सिडीज बेंज इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) मार्टिन श्वेंक ने कहा, ''भारत में इलेक्ट्रिक वाहन रणनीति विकसित करने की दिशा में हम धीरे-धीरे कदम बढ़ा रहे हैं।'' कंपनी की 2022 की चौथी तिमाही तक पूरी तरह से स्थानीय स्तर पर तैयार इक्यूएस इलेक्ट्रिक सेडान लाने की योजना है। इसे महाराष्ट्र के चाकन में कंपनी के संयंत्र में असेंबल किया जाएगा। इसके अलावा पूर्ण इलेक्ट्रिक एसयूवी इक्यूसी पहले से बाजार में है जिसे पूर्ण रूप से आयातित इकाई के रूप में अक्टूबर, 2020 में लाया गया था। श्वेंक ने कहा, ''हमने भारत में इलेक्ट्रिक वाहन रणनीति बनाने के लिए कदम-दर-कदम रुख अपनाया है। ईक्यूसी भारत में पहले छह बाजारों में उपलब्ध कराई गई और धीरे-धीरे इसका विस्तार किया गया। आज हम ईक्यूसी के साथ 50 शहरों में हैं।'' यह पूछे जाने पर कि क्या ईक्यूएस की स्थानीय स्तर पर असेंबलिंग के बाद भारत में भविष्य के ईवी मॉडलों को भी असेंबल किया जा सकता है, उन्होंने कहा कि एक तरफ हम योजना बना रहे हैं और वहीं दूसरी ओर विकसित होते वातावरण के अनुरूप काम कर रहे हैं। हमें लगता है कि अब स्थानीय स्तर पर निर्मित ईक्यूएस को लाने का समय है।'' उन्होंने कहा कि ये ऐसी योजनाएं हैं जो बाजार परिस्थितियों और उपभोक्ताओं की आकांक्षाओं के आधार पर आगे बढ़ेंगी। ऐसे में हम बाजार के रुझान को देखेंगे।
- नयी दिल्ली। चालू वित्त वर्ष 2021-22 के पहले नौ महीनों में भारत का यात्री वाहनों (पीवी) का निर्यात 46 प्रतिशत बढ़ा है। इस दौरान 1.68 लाख इकाइयों के निर्यात के साथ मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) सबसे आगे रही है। सोसायटी ऑफ ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-दिसंबर 2021-22 में कुल यात्री वाहन निर्यात 4,24,037 इकाइयों का रहा, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में 2,91,170 वाहनों का निर्यात हुआ था। आंकड़ों से पता चलता है कि समीक्षाधीन अवधि के दौरान यात्री कारों का निर्यात 45 प्रतिशत बढ़कर 2,75,728 इकाई पर पहुंच गया। वहीं यूटिलिटी वाहनों का निर्यात 47 प्रतिशत बढ़कर 1,46,688 इकाई रहा। इस दौरान वैन का निर्यात लगभग दोगुना होकर 1,621 इकाई रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 877 इकाई रहा था। समीक्षाधीन अवधि में देश की प्रमुख कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने 1,67,964 यात्री वाहनों का निर्यात किया। यह इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 59,821 इकाइयों के आंकड़े का लगभग तीन गुना है। इसके साथ ही कंपनी ने वित्त वर्ष के पहले नौ माह में सुपर कैरी (एलसीवी) की 1,958 इकाइयों का निर्यात किया। मारुति के बाद निर्यात के मामले में हुंदै मोटर इंडिया और किआ इंडिया का स्थान रहा।मारुति के प्रमुख यात्री वाहन निर्यात बाजारों में लातिनी अमेरिका, आसियान, अफ्रीका, पश्चिम एशिया और पड़ोसी देश शामिल हैं। इसके शीर्ष पांच निर्यात मॉडल बलेनो, डिजायर, स्विफ्ट, एस-प्रेसो और ब्रेजा रहे। मारुति सुजुकी के कार्यकारी निदेशक (कॉरपोरेट मामले) राहुल भारती ने पीटीआई-भाषा से कहा कि लगभग दो साल पहले कंपनी ने निर्यात में भारी वृद्धि की दिशा में एक मजबूत प्रयास करने का फैसला किया था। ‘‘हमारी इस महत्वाकांक्षा के पीछे वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की स्थानीयकरण को बढ़ाने और मेक इन इंडिया के तहत निर्यात में वृद्धि की रणनीति भी है।'' भारती ने कहा कि इसके चलते हम अप्रैल-दिसंबर 2021-22 के दौरान 1,69,922 वाहनों (पीवी और एलसीवी) का निर्यात करने में सफल रहे, जो नौ महीने की अवधि में सबसे ऊंचा आंकड़ा है। उन्होंने कहा कि कैलेंडर वर्ष 2021 में मारुति सुजुकी ने 2,05,450 वाहनों का निर्यात किया, जो किसी एक कैलेंडर साल में सबसे अधिक है। चालू वित्त वर्ष के पहले नौ माह में हुंदै मोटर इंडिया का निर्यात 1,00,059 इकाई रहा। यह इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि से 35 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह किआ इंडिया ने समीक्षाधीन अवधि में वैश्विक बाजारों में 34,341 इकाइयों का निर्यात किया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में उसका निर्यात 28,538 इकाई का रहा था। अप्रैल-दिसंबर, 2021 में फॉक्सवैगन का निर्यात 29,796 इकाई रहा।चालू वित्त वर्ष की तीसरी अक्टूबर-दिसंबर की तिमाही में यात्री वाहनों का कुल निर्यात बढ़कर 1,39,363 इकाई पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 1,36,016 इकाई रहा था। हालांकि, दिसंबर, 2021 में यात्री वाहनों का निर्यात घटकर 54,846 इकाई रह गया। दिसंबर, 2020 में यह आंकड़ा 57,050 इकाई का रहा था।
- नयी दिल्ली। देश का सोने का आयात चालू वित्त वर्ष के पहले नौ माह (अप्रैल-दिसंबर, 2021) में दोगुना से अधिक होकर 38 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। मांग ऊंची रहने से सोने के आयात में बढ़ोतरी हुई है। सोने का आयात चालू खाते के घाटे (कैड) को प्रभावित करता है। अप्रैल-दिसंबर, 2020 में सोने का आयात 16.78 अरब डॉलर रहा था।आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर, 2021 में सोने का आयात बढ़कर 4.8 अरब डॉलर हो गया, जो एक साल पहले समान अवधि में 4.5 अरब डॉलर रहा था। वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में सोने के आयात में बढ़ोतरी से व्यापार घाटा भी बढ़कर 142.44 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 61.38 अरब डॉलर पर था। इसी तरह वित्त वर्ष के पहले नौ माह में चांदी का आयात भी बढ़कर दो अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 76.2 करोड़ डॉलर था। भारत दुनिया में चीन के बाद सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। सोने का आयात मुख्य रूप से आभूषण उद्योग की मांग को पूरा करने के लिए किया जाता है। चालू वित्त वर्ष के पहले नौ माह में रत्न एवं आभूषणों का निर्यात 71 प्रतिशत बढ़कर 2.9 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर तिमाही में देश का चालू खाते का घाटा 9.6 अरब डॉलर या सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 1.3 प्रतिशत रहा।
- नयी दिल्ली। आरबीएल बैंक ने अपने पूर्णकालिक एमडी और सीईओ की खोज के लिए गठित खोज समिति की मदद के लिए एनएआरसीएल के अध्यक्ष प्रदीप शाह को एक बाहरी विशेषज्ञ के रूप में शामिल किया है। इस कवायद में वैश्विक नियुक्ति फर्म इगॉनजेंडर को भी शामिल किया गया है।गौरतलब है कि इस पद से पिछले महीने विश्ववीर आहूजा को हटाया गया था। इस समय राजीव आहूजा अंतरिम एमडी और सीईओ के रूप में काम कर रहे हैं। आरबीएल बैंक ने शेयर बाजार को बताया कि उसके बोर्ड ने शनिवार को हुई एक बैठक में राष्ट्रीय परिसंपत्ति पुनर्गठन कंपनी (एनएआरसीएल) के अध्यक्ष प्रदीप शाह को खोज समिति की मदद के लिए बाहरी विशेषज्ञ के रूप में शामिल करने का फैसला किया है। बोर्ड ने खोज समिति की सिफारिश पर बैंक के प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद पर नियुक्ति में मदद के लिए इगॉनजेंडर को भी शामिल किया।
- एमेजॉन ने एक नया रोबोट पेश किया है जिसमें लोगों को देखने, सुनने और उनके साथ चलने की योग्यता है। एस्ट्रो नाम का यह रोबोट किसी टीवी सीरियल में दिखाए गए रोबोट जैसा नहीं है। यह खाना बनाने या सफाई करने जैसे काम नहीं कर सकता, लेकिन यह इतना काबिल है कि देख सकता है कि आप बाहर जाते वक्त गैस स्टोव ऑन तो नहीं छोड़ गए हैं। या फिर, कोई अनजान व्यक्ति घर में घुसा तो आपको चेतावनी भरा मैसेज भी भेज सकता है.एस्ट्रो में कैमरे, सेंसर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया गया है जो इसे बेहद सजग और चौकन्ना बनाते हैं। इसीलिए, यह दीवारों या कुत्तों से टकराता नहीं है। एमेजॉन का कहना है कि वक्त के साथ-साथ यह और स्मार्ट होता जाएगा। एस्ट्रो घर के कुछ काम कर सकता है जैसे आप इसकी पीठ पर स्नैक्स या सोडा कैन रख सकते हैं ,जिन्हें यह कमरे में ले जाएगा। अमेरिका में इस रोबोट की कीमत एक हजार डॉलर रखी गई है और कुछ ही हफ्तों में इसे खरीदारों को भेजा जाएगा।एमेजॉन ने एस्ट्रो के अलावा भी कई आधुनिक गैजेट्स पेश किए लेकिन एस्ट्रो ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचे रखा। एमेजॉन के एग्जेक्यूटिव डायरेक्टर डेविड लिंप ने ऑनलाइन दुनियाभर में दिखाए गए इवेंट के दौरान 17 इंच ऊंचे एस्ट्रो को आवाज देकर स्टेज पर बुलाया। उन्होंने उसे बीटबॉक्स करने को भी कहा। एस्ट्रो को इंसानों जैसा बनाने के लिए उसकी गोल आंखों पर पलकें लगाई गई हैं जिन्हें यह काम करते वक्त खोलता-बंद करता रहता है। कंपनी का कहना है कि सीमित संख्या में ही ये रोबोट बनाए गए हैं। हालांकि उन्होंने संख्या नहीं बताई.। घर के बाहर से भी एस्ट्रो को रिमोट से संचालित किया जा सकता है। यह घर के पालतू जानवरों को संभालने जैसे काम भी कर सकता है और घर की पहरेदारी तो पूरी मुस्तैदी से करता है। वह कुछ असामान्य दिखने पर चेतावनी भेजता है।एमेजॉन ने कहा कि यह सिर्फ पहियों वाली एलेक्सा नहीं है बल्कि इसे कई तरह की गतिविधियों के लिए प्रोग्राम किया गया है, जिनसे इसका अपना एक व्यक्तित्व बन गया है. कंपनी के मुताबिक यह उन जगहों पर भी जा सकता है, जो आमतौर पर रोबोट्स के लिए नहीं होतीं। इसके अलावा इसे 'डू नॉट डिस्टर्ब' मॉड पर भी लगाया जा सकता है। इसके अलावा इसके कैमरे और कान बंद करने का भी एक बटन है। हालांकि ऐसा होने पर यह चल फिर नहीं पाएगा।रोबोट के अलावा एमेजॉन ने फोटो फ्रेम जैसी दिखती एक स्क्रीन भी पेश की। इस स्क्रीन को दीवार पर टांगा जा सकता है। इसमें एलेक्सा भी पहले से फिट की गई है, जो एमेजॉन का वॉइस असिस्टेंट है। कंपनी को उम्मीद है कि इस स्क्रीन को लोग अपने रसोईघरों की दीवारों पर लगाएंगे, जहां से वे इसे रेसिपी देखने, अपना शेड्यूल जांचने या फिर खाना बनाते वक्त कोई शो देखने के लिए इस्तेमाल करेंगे। सिएटल स्थित इस कंपनी ने कहा है कि अगले साल एक और आधुनिक गैजेट एको बाजारा में उतारा जाएगा, जो डिज्नी के होटल के कमरों में लगाया जाएगा। इस गैजेट का प्रयोग ग्राहक रूम सर्विस के लिए कर सकेंगे।
- -इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग बुनियादी ढांचे के लिए संशोधित समेकित दिशानिर्देश जारी-राज्य सरकार सेवा शुल्क की सीमा तय करेगीनई दिल्ली। केन्द्र ने इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के बुनियादी ढांचे के लिए संशोधित व्यापक दिशा निर्देश और मापदंड जारी कर दिए हैं। इन दिशा निर्देशों में इलेक्ट्रिक वाहनों के व्यक्तिगत स्वामियों और सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों के लिए प्रावधान शामिल किए गए हैं।इलेक्ट्रिक वाहनों के स्वामी अपने वाहन चार्ज करने के लिए अपने घरों और कार्यालयों में मौजूदा बिजली कनेक्शनों का प्रयोग कर सकते हैं। दिशा निर्देशों के अनुसार कोई व्यक्ति या कोई संस्थान सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर सकता है। इसके लिए किसी लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे चार्जिंग स्टेशनों में बिजली मंत्रालय, ऊर्जा कुशलता ब्यूरो औऱ केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के तकनीकी, सुरक्षा और प्रदर्शन के मापदंड और तरीकों का पालन करना होगा।सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों के लिए भी व्यापक प्रावधान किए गए हैं। इनमें न केवल अंतर्राष्ट्रीय मानकों को शामिल किया गया है बल्कि नए भारतीय मानक भी जोड़े गए हैं। चार्जिंग स्टेशनों को वित्तीय रूप से अनुकूल बनाने के लिए भूमि के इस्तेमाल के आधार पर दर तय की गई है।बिजली मंत्रालय ने कहा है कि इन दिशा निर्देशों को भारत में तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए जारी किया गया है। इससे देश में सुरक्षित, विश्वसनीय, किफायती और सबकी पहुंच में आने वाला चार्जिंग बुनियादी ढांचा उपलब्ध होगा।राज्य सरकार सेवा शुल्क की सीमा तय करेंगी: चूंकि बिजली रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही है और इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि कई मामलों में पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए केंद्र/राज्य सरकारों द्वारा सब्सिडी प्रदान की जा रही है, राज्य सरकार ऐसे चार्जिंग स्टेशनों द्वारा लिए जाने वाले सेवा शुल्क की उच्चतम सीमा तय करेगी।
- नयी दिल्ली। डिबेंचर को इक्विटी में बदलने के बाद अमर चित्र कथा प्राइवेट लि. (एसीकेपीएल) में फ्यूचर समूह की हिस्सेदारी बढ़कर 68.72 प्रतिशत हो गई है। इसके साथ ही फ्यूचर कंज्यूमर लि. की एसीकेपीएल में बहुलांश हिस्सेदारी हो गई है। फ्यूचर कंज्यूमर ने शेयर बाजारों को यह जानकारी दी है। फ्यूचर कंज्यूमर लि. ने कहा, ‘‘इक्विटी शेयरों के आवंटन के बाद कंपनी के पास एसीकेपीएल की चुकता शेयर पूंजी की 68.72 प्रतिशत हिस्सेदारी हो गई है। एसीकेपीएल अब कंपनी की अनुषंगी बन गई है।'' एसीकेपीएल ने निर्गम की शर्तों के तहत अनिवार्य परिवर्तनीय डिबेंचर (सीसीडी) को इक्विटी में बदला है। फ्यूचर कंज्यूमर ने कहा कि उसे 14 जनवरी, 2022 को एक रुपये अंकित मूल्य के एसीकेपीएल के 3,20,159 इक्विटी शेयर 376 रुपये प्रति शेयर के प्रीमियम पर आवंटित किए गए हैं।-
- नयी दिल्ली। एचडीएफसी बैंक का दिसंबर, 2021 में समाप्त चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही का एकल शुद्ध लाभ 18.1 प्रतिशत बढ़कर 10,342.20 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। गैर-ब्याज आय बेहतर रहने और डूबे कर्ज के लिए प्रावधान घटने से बैंक का शुद्ध लाभ बढ़ा है।इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में बैंक ने 8,758.29 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।शेयर बाजारों को भेजी सूचना में निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक ने कहा कि समीक्षाधीन तिमाही में उसकी एकल आधार पर कुल आय बढ़कर 40,651.60 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 37,522.92 करोड़ रुपये थी। तिमाही के दौरान बैंक की गैर-ब्याज आय एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में करीब 10 प्रतिशत बढ़कर 8,183.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। बैंक के शुद्ध राजस्व में इसकी हिस्सेदारी करीब 31 प्रतिशत रही। तिमाही के दौरान बैंक की शुद्ध ब्याज आय 13 प्रतिशत बढ़कर 18,443.50 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो एक साल पहले समान अवधि में 16,317.60 करोड़ रुपये रही थी। बैंक ने कहा कि तिमाही के दौरान उसका ऋण 16.5 प्रतिशत बढ़कर नई ऊंचाई पर पहुंच गया। इसके अलावा जमा पर ध्यान देने से उसका तरलता कवरेज अनुपात 123 प्रतिशत रहा। हालांकि, तिमाही के दौरान बैंक की सकल गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) बढ़कर कुल ऋण का 1.26 प्रतिशत हो गईं, जो एक साल पहले समान अवधि में 0.81 प्रतिशत थीं। हालांकि, सितंबर, 2021 की तिमाही के 1.35 प्रतिशत की तुलना में बैंक का सकल एनपीए नीचे आया है। बैंक का शुद्ध एनपीए भी सालाना आधार पर 0.09 प्रतिशत से बढ़कर 0.37 प्रतिशत पर पहुंच गया। सितंबर, 2021 की तिमाही में यह 0.40 प्रतिशत था। डूबे कर्ज के अनुपात में वृद्धि के बावजूद तिमाही के दौरान बैंक का प्रावधान और अन्य आकस्मिक खर्च घटकर 2,994 करोड़ रुपये रह गया, जो दिसंबर, 2020 में 3,414.10 करोड़ रुपये था। तिमाही के दौरान बैंक की कुल जमा 13.8 प्रतिशत बढ़कर 14,45,918 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। इस दौरान बैंक का ऋण 16.5 प्रतिशत बढ़कर 12,60,863 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एकीकृत आधार पर तिमाही के दौरान बैंक का शुद्ध लाभ 21 प्रतिशत बढ़कर 10,591 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एक साल पहले समान तिमाही में यह 8,769 करोड़ रुपये था। तिमाही के दौरान बैंक की एकीकृत आय 39,839 करोड़ रुपये से बढ़कर 43,365 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।एचडीएफसी बैंक ने कहा, ‘‘पिछले 12 माह में हमने 294 नई शाखाएं खोली हैं और 16,852 नए लोगों को जोड़ा है।
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नयी दिल्ली। रेलवे ने शनिवार को बताया कि उसने नॉन-टेक्निकल पॉपुलर कैटगरी (एनटीपीसी) के 35,281 पदों के लिए सात लाख से अधिक अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। रेलवे की ओर से कहा गया कि प्रत्येक स्तर पर अभ्यर्थियों के चयन करने का काम अलग-अलग किया गया जो उनकी शैक्षिक योग्यता और विकल्पों पर आधारित है। प्रत्येक चरण के कंप्यूटर आधारित परीक्षण (सीबीटी) के लिए प्रत्येक आरआरबी (रेलवे भर्ती बोर्ड) की रिक्तियों के मुकाबले 20 गुना अधिक अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। यह भी बताया गया कि यदि कई अभ्यर्थियों ने कट-ऑफ पर समान अंक प्राप्त किए हैं, तो सभी को बुलाया गया है। दूसरे चरण की सीबीटी में प्राप्त मेरिट के आधार पर अभ्यर्थियों को तीसरे चरण की परीक्षा के लिए चुना जाएगा, जिसमें रिक्तियों की संख्या के मुकाबले आठ गुना अभ्यर्थी बुलाए जाएंगे। अंतिम परिणाम में 35,281 रिक्तियों की सूची होगी। रेलवे की ओर से बताया गया कि उच्च स्तर के पद के लिए चयनित उम्मीदवार को निचले स्तर के पद के दूसरे चरण के सीबीटी में उपस्थित होने से नहीं रोका जा सकता है। सीबीटी-2 परीक्षा इस साल 14 और 18 फरवरी को आयोजित की जाएगी। आरआरबी जनवरी 2022 के अंतिम सप्ताह तक सीबीटी-2 के लिए आरआरबी एनटीपीसी प्रवेश पत्र जारी कर सकता है।
- हैदराबाद। केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय ने शनिवार को भारत के पहले बीएचईएल (भेल) निर्मित ‘कोयले से मेथनॉल' (सीटीएम) प्रायोगिक (पायलट) संयंत्र को राष्ट्र को समर्पित किया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यहां 'आजादी का अमृत महोत्सव' समारोह के हिस्से के रूप सीटीएम संयंत्र का उद्धाटन किया गया। पांडेय ने भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) की हैदराबाद इकाई में आयोजित 'आत्मनिर्भर भारत के तहत विकसित उत्पाद' पर एक प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाना है। उन्होंने कहा, ‘‘इस दृष्टि को साकार करने में विनिर्माण क्षेत्र की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। सरकार पहले ही ‘मेक इन इंडिया' और ‘आत्मानिर्भर भारत' जैसी योजनाओं के माध्यम से विनिर्माण क्षेत्र के महत्व को उजागर कर चुकी है।'' पांडेय ने आगे कहा कि पूंजीगत सामान उद्योग विनिर्माण क्षेत्र की रीढ़ है क्योंकि यह उपयोगकर्ता-उद्योगों के व्यापक समूह को मशीनरी और उपकरण उपलब्ध कराता है। सीटीएम पायलट संयंत्र को भेल द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और स्थापित किया गया है, जिसकी 0.25 टीपीडी (टन प्रतिदिन) की उत्पादन क्षमता है। यह मौजूदा समय में उच्च राख वाले भारतीय कोयले से 99 प्रतिशत से अधिक शुद्धता के साथ मेथनॉल का उत्पादन कर रहा है।
- नयी दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) ने अपने विभिन्न मॉडलों के दाम 4.3 प्रतिशत तक बढ़ा दिए हैं। कंपनी ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि उत्पादन लागत में हुई वृद्धि के बोझ को आंशिक रूप से कम करने के लिए उसे यह कदम उठाना पड़ा है।कंपनी ने अपने विभिन्न मॉडलों की कीमतों में 0.1 से 4.3 प्रतिशत तक की वृद्धि की है।शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि दिल्ली शोरूम में विभिन्न मॉडलों की भारित औसत कीमत में 1.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। नए कीमतें आज से प्रभावी हो गई हैं।मारुति आल्टो से लेकर एस-क्रॉस मॉडल बेचती है। इनकी कीमत 3.15 लाख रुपये से 12.56 लाख रुपये है।पिछले साल मारुति ने अपनी कारों के दाम तीन बार बढ़ाए थे।पिछले साल जनवरी में मारुति ने कीमतों में 1.4 प्रतिशत, अप्रैल में 1.6 प्रतिशत और सितंबर में 1.9 प्रतिशत यानी कुल मिलाकर 4.9 प्रतिशत की वृद्धि की थी। कंपनी ने पिछले महीने कहा था कि आवश्यक जिंसों मसलन इस्पात, एल्युमीनियम, प्लास्टिक और बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में पिछले एक साल के दौरान आए उछाल की वजह से उसे अपने वाहनों के दाम बढ़ाने पडेंगे।
- नयी दिल्ली। दवा कंपनी सनोफी इंडिया ने गुरुवार को कहा कि उसके प्रबंध निदेशक राजाराम नारायणन ने इस्तीफा दे दिया है। सनोफी इंडिया ने एक बयान में कहा कि कंपनी के बोर्ड ने नारायणन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। यह 10 अप्रैल, 2022 को कारोबार की समाप्ति के समय से प्रभावी है। नारायणन ने सनोफी के बाहर अवसर तलाशने का फैसला किया है। दवा कंपनी ने कहा कि उनके उत्तराधिकारी की नियुक्ति उचित समय पर की जाएगी।
- नयी दिल्ली। उद्योगपति गौतम अडाणी की अगुवाई वाले अडाणी समूह ने इस्पात, नवीकरणीय ऊर्जा समेत अन्य क्षेत्रों में कारोबारी अवसर तलाशने के लिए दक्षिण कोरियाई कंपनी पॉस्को के साथ समझौता किया है। दोनों कंपनियों ने इस लिहाज से समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर दस्तखत किए।अडाणी समूह ने एक बयान में कहा कि एमओयू के तहत पांच अरब डॉलर तक का निवेश किया जा सकता है। समूह ने कहा कि उसने ‘‘गुजरात के मुंद्रा में हरित, पर्यावरण-अनुकूल एकीकृत इस्पात कारखाने की स्थापना और अन्य उद्यमों समेत व्यावसायिक सहयोग के अवसर तलाशने की सहमति जताई है।
- नयी दिल्ली। दोपहिया वाहन विनिर्माता कंपनी टीवीएस मोटर ने इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहन श्रेणी को मजबूत करने के लिए ऑनलाइन माध्यम से खाना आर्डर और डिलिवरी की सुविधा देने वाला मंच स्विगी के साथ समझौता किया है। टीवीएस मोटर ने गुरुवार को कहा कि यह साझेदारी इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस समझौते के तहत स्विगी खाना पहुंचाने और मांग के आधार पर सेवाओं के लिए प्रयोग के तौर पर टीवीएस मोटर के इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करेगी। टीवीएस मोटर ने एक बयान में कहा कि दोनों कंपनियां स्विगी के डिलिवरी भागीदारों के लिए स्थायी और व्यापक समाधानों के निर्माण की तलाश कर रही हैं।-
- नयी दिल्ली। भारत के स्टार्टअप ने वर्ष 2021 में 42 अरब डॉलर की राशि जुटाई जो एक साल पहले 11.5 अरब डॉलर रही थी। ओरियोस वेंचर पार्टनर्स ने गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा कि वर्ष 2021 में भारत में एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाले 46 स्टार्टअप यूनिकॉर्न (एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाले स्टार्टअप) का दर्जा पाने में सफल रहे। इसके साथ ही भारत में मौजूद कुल यूनिकार्न की संख्या दोगुनी से भी ज्यादा होकर 90 हो गई।पिछले साल में यूनिकॉर्न बनने वाले स्टार्टअप में शेयरचैट, क्रेड, मीशो, नजारा, मॉगलिक्स, एमपीएल, ग्रोफर्स (अब ब्लिंकइट), अपग्रेड, मामाअर्थ, ग्लोबलबीज, एको और स्पिनी शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत 90 यूनिकॉर्न की संख्या के साथ अमेरिका और चीन के बाद तीसरा बड़ा यूनिकॉर्न मौजूदगी वाला देश बन गया है। अमेरिका में 487 और चीन में 301 यूनिकॉर्न हैं और भारत अब ब्रिटेन (39) से आगे निकल चुका है। भारत करीब 60 हजार स्टार्टअप की संख्या के साथ तीसरा बड़ा स्टार्टअप परिवेश वाला देश बन गया है। रिपोर्ट कहती है कि ये स्टार्टअप न सिर्फ नवोन्मेषी समाधान एवं तकनीक लेकर आ रहे हैं बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार भी पैदा कर रहे हैं। आज के समय में दुनिया का हर 13वां यूनिकॉर्न भारत में पैदा हुआ है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलूरु में सबसे ज्यादा यूनिकॉर्न हैं। सबसे ज्यादा यूनिकॉर्न वित्त-प्रौद्योगिकी, ई-कॉमर्स एवं सॉफ्टवेयर सेवा से जुड़े हुए हैं। स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी, शिक्षा प्रौद्योगिकी, गेमिंग एवं क्रिप्टो भी उनकी गतिविधियों के केंद्र में हैं। रिपोर्ट कहती है कि फ्लिपकार्ट 37.6 अरब डॉलर के साथ सबसे मूल्यवान यूनिकॉर्न है जबकि मेन्सा ब्रांड्स सिर्फ छह महीनों के भीतर ही यूनिकॉर्न का दर्जा पाने में सफल रही है। वर्ष 2021 में चार कंपनियां- फ्लिपकार्ट, पेटीएम, बायजू और ओयो रूम्स 10 अरब डॉलर से भी अधिक मूल्यांकन के साथ डेकाकॉर्न (दस अरब डॉलर या उससे अधिक मूल्यांकन वाले स्टार्टअप) बन चुकी हैं।-
- नयी दिल्ली। आयकर विभाग ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस वित्त वर्ष में अब तक उसने 1.59 करोड़ करदाताओं को 1.54 लाख करोड़ रुपये से अधिक के रिफंड जारी किए हैं।आयकर विभाग ने ट्वीट किया, ‘‘केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक अप्रैल 2021 से 10 जनवरी 2022 के बीच 1.59 करोड़ से अधिक मतदाताओं को 1,54,302 करोड़ से अधिक के रिफंड जारी किए हैं।’’ इसमें आकलन वर्ष 2021-22 (31 मार्च, 2021 को समाप्त वित्तीय वर्ष) के 1.20 करोड़ रिफंड शामिल हैं, जो 23,406.28 करोड़ रुपये के हैं।





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