सरकार ने प्रत्येक वित्त वर्ष में 50,000 टन तक जैविक चीनी के निर्यात की अनुमति दी
नयी दिल्ली. सरकार ने हर वित्त वर्ष में 50,000 टन तक जैविक चीनी के निर्यात की अनुमति दी है। एक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई। यह निर्यात एपीडा (कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात संवर्धन प्राधिकार) के नियमों पर निर्भर है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना में कहा, ‘‘जैविक चीनी के निर्यात... की अनुमति है, जो एपीडा द्वारा अलग से तय किए गए तरीकों के हिसाब से हर वित्त वर्ष में 50,000 टन की कुल मात्रा के तहत है।'' जैविक चीनी बिना कीटनाशक और उर्वरकों के उगाए गए गन्ने से बनती है। यह जैविक खेती और प्रसंस्करण मानकों का भी पालन करती है।


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