बालोद जिले में नेशनल लोक अदालत के माध्यम से किया गया 25 हजार 739 प्रकरणों का निराकरण
बालोद। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार बालोद जिले के सभी न्यायालयों में आज नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिनमें राजीनामा योग्य प्रकरणों में पक्षकारों की आपसी सहमति व सुलह समझौता से निराकृत किये गये है। प्रकरणों के पक्षकारों की भौतिक तथा वर्चुअल दोनों ही माध्यमों से उनकी उपस्थिति में निराकृत किये जाने के अतिरिक्त स्पेशल सिटिंग के माध्यम से भी पेटी आफेंस के प्रकरणों को निराकृत किया गया। इस सिलसिले में माननीय न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा, चीफ जस्टिस, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर ने इस संपूर्ण लोक अदालत को सफल बनाये जाने हेतु निरंतर प्रयास करते हुए वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से भी लगातार अधिक से अधिक मामलों को निराकृत किये जाने हेतु प्रेरित किया। इसी तारतम्य में प्रधान जिला व सत्र न्यायालय बालोद एवं व्यवहार न्यायालय स्तर पर डौण्डीलोहारा, दल्लीराजहरा, गुण्डरदेही में तथा बालोद जिले के राजस्व न्यायालयों में भी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री श्याम लाल नवरत्न बालोद के निर्देशानुसार इस लोक अदालत के लिए न्यायालयों में कुल 09 खण्डपीठ का गठन किया गया। जिसमे कुल लंबित प्रकरण 2410 रखे गये थे, जिसमें कुल 2142 लंबित प्रकरणों का निराकरण नेशनल लोक अदालत के माध्यम से किया गया। इस लोक अदालत में, लंबित सिविल एवं दांडिक प्रकरण, प्री-लिटिगेशन के बैंक, विद्युत, जलकर, बीएसएनएल के तथा राजस्व न्यायालयों की खंडपीठ के समक्ष कुल 28912 प्रकरण रखा गया, जिसमें 25739 प्रकरणों का निराकरण नेशनल लोक अदालत के माध्यम से किया गया। इस नेशनल लोक अदालत में आपसी सहमति व सुलह समझौता करने वालों पक्षकारों को प्रोत्साहन स्वरूप पौधा वितरण भी किया गया। नेशनल लोक अदालत में जिला न्यायालय परिसर में आये पक्षकारों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इस नेशनल लोक अदालत में बालोद बाजार के द्वारा स्टॉल भी रखा गया, जिसमें गांव के महिला समूह के द्वारा घरेलू उद्योगों का प्रदर्शनी लगाया गया। इस अवसर पर बिहान समूह के द्वारा हाथ करघा कपड़े, आचार, पापड़ आदि का स्टाल लगाया गया था तथा विधि महाविद्यालय बालोद के छात्राओं को लोक अदालत का भ्रमण कराया गया।












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