साइबर ठगी के तीन आरोपी दबोचे गए
- सोमनी पुलिस व साइबर टीम की की संयुक्त कार्रवाई
राजनांदगांव। सोमनी पुलिस और साइबर सेल की टीम ने तीन ठग को गिरफ्तार किया है, जिसमें एक नाबालिग भी है। आनलाइन ठगी के लिए आरोपित पहले रुपये का लालच देकर लोगों का बैंक खाता व एटीएम जुटाते थे। फिर इन्हीं बैंक खातों में ठगी की राशि जमाकर बाद में अपने साथियों को ट्रांसफर कर रहे थे। ऐसे तीन ठग को पुलिस ने पकड़ा है, जिनके पास से पुलिस ने 15 एटीएम कार्ड, आठ चेक बुक, पांच पासबुक व सात मोबाइल सिम के साथ पैन कार्ड और चार मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष में एसपी मोहित गर्ग ने साइबर ठगी के मामले को राजफाश किया। उन्होंने बताया कि आरोपितों के पास से ठगी के एक लाख चार हजार 910 रुपये जप्त किया गया है। आरोपितों ने कई राज्यों में लाखों रुपये की साइबर ठगी है। भिलाई में रहकर ठगी की रकम को एटीएम के माध्यम से निकालकर अपने साथियों के खातों में सीडीएम मशीन के माध्यम से ट्रांसफर करते थे। आरोपित पंजकी कानपुर हाल निवास शिवाजी नगर चंद्रमा चौक खुर्सीपार भिलाई निवासी दीपांशु श्रीवास्तव 24 वर्षीय और जगन्नाथ मांझागढ़ बिहार के पवन कुमार 19 वर्षीय को गिरफ्तार किया है। वहीं एक अपचारी बालक को भी अभिरक्षा में लिया गया है।
पुलिस अधीक्षक गर्ग ने बताया कि भिलाई शिवाजी नगर चंद्रमा चौक खुर्सीपार निवासी बेबी सिंह ने सोमनी थाना में साइबर ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रार्थी ने बताया कि उसके परिचित बिहार निवासी दीपांशु श्रीवास्तव जो करीब दस दिन पहले ग्राम मनगटा में मिलकर बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, रजिस्टर्ड सिम कार्ड, मांगकर उसके एवज में 15000 रुपये देने का प्रलोभन दिया। सूचना पर पुलिस ने मामले को विवेचना में लिया, जिसमें पता चला कि दिपांशु अपने साथियों के साथ मिलकर कई भोले भाले लोगों को रुपये का लालच देकर बैंक खातों, मोबाइल नंबर और एटीएम कार्ड को अपने पास रख कर उन खातों का फर्जी तरीके से उपयोग कर कई राज्यों में ठगी की रकम प्राप्त कर रहा है। जिस पर पुलिस ने तत्काल टीम बनाकर आरोपित दीपांशु सहित उसके साथी पवन कुमार व अपचारी बालक को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपितों ने ठगी करना स्वीकार किया। जिसके बाद आरोपितों को जेल भेजा गया है और अपचारी बालक को बाल संप्रेक्षण गृह दाखिल कराया है।





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