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 प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से हितग्राहियों को संपत्ति कार्ड का किया वितरण

 -देश के लिए आर्थिक सुरक्षा की गारंटी है संपत्ति कार्ड- पीएम श्री मोदी
 -स्वामित्व कार्ड वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा
 -जिले के 10325 हितग्राहियों को संपत्ति कार्ड का किया गया वितरण
 दुर्ग, / प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को वर्चुअल माध्यम से भारतीय सर्वेक्षण विभाग, राज्य के राजस्व विभाग तथा पंचायत राज्य विभाग के सहयोग से गांव के घरों के मालिकों को अधिकारों का रिकार्ड प्रदान करने हितग्राहियों को स्वामित्व योजना अंतर्गत संपत्ति कार्ड वितरित किये। उक्त कार्यक्रम प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की मुख्य आतिथ्य में ऑडिटोरियम भिलाई प्रद्योगिकी संस्था (बीआईटी) दुर्ग में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में स्वामित्व योजना अंतर्गत ’’संपत्ति अधिकारों की ओर एक कदम’’ के तहत 10325 हितग्राहियों को संपत्ति कार्ड का वितरण किया गया। जिसमें दुर्ग जिले के तहसील दुर्ग के 05 ग्राम के कुल 1973 हितग्राही, तहसील धमधा के 09 ग्राम के कुल 1680 हितग्राही, तहसील पाटन के 13 ग्राम के 3065 हितग्राही, तहसील बोरी के 11 ग्राम के 2694 हितग्राही एवं तहसील अहिवारा के 02 ग्राम के 913 हितग्राही, इस प्रकार कुल 40 ग्रामों के कुल 10325 हितग्राहियों में से प्रतिकात्मक रूप से प्रत्येक ग्राम के 10-10 हितग्राही, इस प्रकार कुल 37 ग्रामों के 376 हितग्राही को मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं मंचासीन अतिथियों के कर कमलों से अधिकार अभिलेख (संपत्ति कार्ड) वितरित किया गया। जिसमें दुर्ग तहसील अंतर्गत ग्राम मालूद के श्री किशोर साहू एवं सुश्री मालती यादव, ग्राम बेलौदी की सुश्री सूकवारो पारकर एवं श्री मोहन देशमुख, ग्राम नगपुरा के श्री सुरेश निषाद, ग्राम चिरकुट के श्री तोरण निषाद, श्री गोवर्धन एवं सुश्री रूप बाई, ग्राम कातरो के श्री टहल एवं सुश्री शांतिबाई को, पाटन तहसील अंतर्गत ग्राम पुनईडीह की उमा बाई एवं अकल बाई, ग्राम परसाही के परशुराम एवं फकीर को, तहसील अहिवारा अंतर्गत श्री चोवा राम, शिव कुमार, नंद कुमार, मुक्तानंद, रामकुमार, पुरषोत्तम, ओमप्रकाश, प्रहलाद, लालदास, प्रेमलाल और धनेश्वर शामिल है। उक्त 40 ग्रामों के शेष 9949 हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख का वितरण पंचायत स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से किया गया। दुर्ग जिला अंतर्गत तहसील दुर्ग के 81 ग्राम, तहसील धमधा के 77 ग्राम, तहसील पाटन के 198 ग्राम, तहसील बोरी के 32 ग्राम एवं तहसील अहिवारा के 53 ग्राम सहित कुल 382 ग्रामों में स्वामित्व अंतर्गत सर्वेक्षण एवं रिकार्ड निर्माण का कार्य किया गया है। जिसमें 93201 हितग्राही लाभान्वित होंगे। इसके अलावा कार्यक्रम उपस्थित ग्रामीणों को स्वामित्व योजना के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें विशेष रूप से मेरी पंचायत एप का प्रशिक्षण दिया गया। ग्रामीणों को स्वच्छता एवं नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गयी। 
       प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कार्यक्रम में वर्चुअली सम्मिलित हुए। प्रधानमंत्री जी के संबोधन का लाईव प्रसारण किया गया। उन्होंने सभी हितग्राहियों को शुभकामनाएं प्रेषित की। उन्होंने कहा 21वीं सदी की इस दुनिया में क्लाइमेट चेंज, पानी की कमी स्वास्थ्य का संकट, महामारियां जैसी कितनी ही चुनौतियां है। लेकिन विश्व के सामने एक और बहुत बड़ी चुनौती रही है जो है प्रॉपर्टी राइट्स की। संयुक्त राष्ट्र के अध्ययन के अनुसार यह सामने आया कि दुनिया के कई लोगों के पास अपनी प्रॉपर्टी के पक्के कानूनी दस्तावेज है ही नहीं। सयुक्त राष्ट्र ने साफ तौर पर कहा कि यदि किसी देश की गरीबी कम करनी है तो जरूरी है कि उस देश के लोगों के पास उनकी प्रॉपर्टी राइट्स हो। दुनिया की इस बड़ी चुनौती से भारत भी अछूता नहीं था। देश के गांवों के लोगों के पास कई संपत्ति रहने के बावजूद उनके पास कानूनी दस्तावेज नहीं होते थे। इस समस्या के समाधान की लिए स्वामित्व योजना लाई गई। जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि की मालिकाना हक को रिकॉर्ड करना और भूमि के स्वामित्व का डिजिटल सत्यापन करना है। इसके तहत ग्राम पंचायतों में निवासियों को भूमि स्वामित्व कार्ड (प्रॉपर्टी कार्ड) दिए जा रहे है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अवगत कराया देश में 6 लाख से अधिक गांव है। इनमें से स्वामित्व योजना ने 3.17 लाख गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से ग्रामीण भूमि के दस्तावेजीकरण में प्रगति की है। अब तक 1.53 लाख गांवों के लिए संपत्ति कार्ड तैयार किए गए हैं और कुल 2.25 करोड़ संपत्ति कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश ने ड्रोन सर्वेक्षण में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया है, जबकि हरियाणा और उत्तराखंड ने 100 प्रतिशत संपत्ति कार्ड तैयार कर नई ऊंचाईयों को छुआ है। महाराष्ट्र और गुजरात ने भी 98 प्रतिशत से अधिक प्रगति के साथ बेहतर प्रदर्शन किया है। कानूनी दस्तावेज मिलने के बाद कई लाख युवकों ने अपने घर और संपत्ति के आधार पर बैंकों से लोन लिए और अपना छोटा-मोटा व्यापार शुरू किया। इनके लिए ये संपत्ति कार्ड इनकी आर्थिक सुरक्षा की गारंटी बनी। अवैध कब्जों से, प्रॉपर्टी के लंबे विवादों से हमारे गरीब पिछड़े और आदिवासी परिवार भी सबसे अधिक परेशान थे। अब प्रॉपर्टी के कानूनी प्रमाण मिलने से उनको इस संकट से मुक्ति मिल गई है। आकलन के अनुसार गांवों में प्रॉपर्टी कार्ड बनने के बाद 100 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की आर्थिक गतिविधियों का रास्ता खुल जाएगा। स्वामित्व योजना ग्रामीण भारत के लिए एक परिवर्तनकारी पहल है। 24 अप्रैल 2020 को शुरू की गई इस योजना ने भूमि प्रशासन को मजबूत किया है। कोविड-19 महामारी के दौरान भी, संपत्ति कार्ड वितरण की प्रक्रिया जारी रही। यह पहल ग्रामीण भारत में बुनियादी ढांचा विकास, वित्तीय स्थिरता, और सामाजिक सशक्तिकरण का प्रतीक है। स्वामित्व योजना ने न केवल भूमि विवादों का समाधान किया है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में मार्ग प्रशस्त किया है।
     प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने में सम्बोधन में कहा कि मैं सभी हितग्राहियों से मिलकर बहुत खुश हूं और सभी को स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्राप्त संपत्ति कार्ड मिलने की अग्रिम बधाई देता हूं। उन्होंने कहा गांवों को सशक्त बनाने सरकार पूर्ण प्रयासरत है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से केन्द्र व राज्य सरकार सबका साथ-सबका विकास ध्येय वाक्य को सफल बनाने कार्य कर रही है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत हमने एक साल के अन्दर-अन्दर पुराने रूके 1 लाख 80 हजार आवास का कार्य पूर्ण किया है। केन्द्र सरकार द्वारा 32 लाख 50 हजार ग्रामीण आवास आबंटन की व्यवस्था की गई है। जिसमें से 8 लाख 46 हजार 931 आवास छत्तीसगढ़ को मिले है, जो कि पूरे देश में आबंटित आवासों का 26 प्रतिशत है। इसके अलावा विगत दिनों जिले के ग्राम नगपुरा में आयोजित कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 3 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी है। इसके साथ-साथ प्रदेश में कृषक उन्नति योजना, जनमन योजना, महतारी वंदन योजना, विश्वकर्मा योजना इत्यादि योजनाओं के माध्यम में प्रदेश के कृषक, युवा, महिला व सभी वर्गों के सशक्तिकरण का प्रयास किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से भी चर्चा की और उन्हे शुभकामनाएं दी। उन्होंने महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं को आश्वासित किया कि सरकार यह प्रयास कर रही है कि आने वाले दिनों में हर ग्राम पंचायत में एक सीएससी सेंटर निर्मित किए जाए ताकि माताओं-बहनों को उनके बैंक खाते में प्राप्त योजना की राशि लेने बैंक न जाना पड़े। उन्होंने कहा मै प्रधानमंत्री श्री मोदी जी का आभारी हूं कि उन्होंने ग्रामीणों की संपत्ति की चिंता करते हुए स्वामित्व योजना के माध्यम से प्रदेश के हितग्राहियों को कानूनी दस्तावेज दिलाने की पहल की। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित स्वामित्व योजना के हितग्राहियों को भी शुभकामनाएं दी।
स्वामित्व योजना -
भारत सरकार पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत परिवारों के आबादी भूमि का जी.आई.एस. सर्वेक्षण कर अधिकार अभिलेख एवं नक्शा तैयार करने हेतु 24 अप्रैल 2020 (पंचायती राज दिवस) को स्वामित्व योजना प्रारंभ किया गया। इस योजना के तहत व्यक्तिगत ग्रामीण संपत्ति एवं सामुदायिक संपत्ति का सर्वेक्षण किया गया। स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीण नियोजन के लिए सटीक भूमि अभिलेखों का निर्माण और संपत्ति संबंधी विवादों को कम करना, ग्रामीण भारत में नागरिकों को ऋण और अन्य वित्तीय लाभ लेने के लिए वित्तीय संपत्ति के रूप में अपने संपत्ति का उपयोग करने में सक्षम बनाकर वित्तीय स्थिरता लाना, सर्वेक्षित बुनियादी ढ़ांचे और जी.आई.एस. मानचित्रों का निर्माण जो किसी भी विभाग द्वारा उपयोग किया जा सकता है। जी.आई.एस. मानचित्रों का उपयोग करके बेहतर गुणवत्ता वाली ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने में सहायता करना, सपंत्ति कर का निर्धारण (जिन राज्यों में ग्राम पंचायत को अधिकार है) जिससे राज्य के राजकोष में वृद्धि होगी।
स्वामित्व योजना से ग्रामीण नागरिकों को भूमि विवाद के मामलों में समाधान मिलेगा। सटीक मानचित्रों से सीमा संबंधी विवाद जल्दी सुलझ पायेंगे। प्रत्येक संपत्ति धारक को संपत्ति का प्रमाण पत्र एवं भूमि का स्वामित्व प्राप्त होगा। सार्वजनिक उपयोग के संपत्ति का संरक्षण होगा। रास्ते, ग्राम पंचायतो की खुली जगह, नाले, सरोवर, इसकी सीमांए निश्चित होगी। जिससे उनका उपयोग भी सुनिश्चत हो सकेगा। संपत्ति का प्रमाण पत्र होने से मकान पर बैंक से ऋण लेना आसान होगा। आबादी भूमि का भू-मापन पूर्णतः पारदर्शी होगा और हर एक संपत्ति धारक को उनका अधिकार अभिलेख प्राप्त होगा।
     कार्यक्रम में विधायक दुर्ग (ग्रामीण) श्री ललित चंद्राकर, विधायक दुर्ग (शहरी) श्री गजेन्द्र यादव ने भी उपस्थ्यित हितग्राहियों को संबोधित करते हुए शुभकामनाएं दी। उन्होंने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को आश्वासित किया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की गारंटी में और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में केंद्र व राज्य सरकार इसी प्रकार संयुक्त रूप से प्रदेश की उन्नति के लिए कार्य करती रहेगी। इस अवसर पर अहिवारा विधायक श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी, एसपी श्री जीतेन्द्र शुक्ला, एडीएम श्री अरविन्द कुमार एक्का, अपर कलेक्टर श्री मुकेश रावटे, एसडीएम श्री हरवंश मिरी, जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग दुबे, सहायक कलेक्टर श्री एम भार्गव, अध्यक्ष जिला पंचायत दुर्ग, अध्यक्ष जनपद दुर्ग एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा संबंधित विभाग के प्रमुख अधिकारीगण उपस्थित थे।

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