मोदी सरकार के विकास कार्यों, संरचनात्मक सुधारों ने देश-दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा: जोशी
रायपुर. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के विकास कार्यों और संरचनात्मक सुधारों ने देश-दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। जोशी बुधवार को केंद्रीय बजट पर विस्तृत जानकारी देने के लिए राज्य की राजधानी रायपुर पहुंचे। उन्होंने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘केंद्रीय बजट विकसित भारत के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। यह ‘2047 विकसित भारत' की रूपरेखा है। आज हम विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और बहुत जल्द तीसरे स्थान पर पहुंच जाएंगे।'' केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘पिछले 10 वर्षों में मोदी सरकार के विकास कार्यों तथा संरचनात्मक सुधारों ने देश-दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। युवा, अन्नदाता, गरीब, महिला को ध्यान रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए कदम उठाए गए। मध्यम वर्गीय और नौकरीपेशा का सशक्तीकरण शुरू हो गया है। राष्ट्र के निर्माण में मध्यम वर्ग देश को ताकत प्रदान करता है।'' उन्होंने कहा कि नयी व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई कर नहीं देना होगा। वेतनभोगी वर्ग के लिए 12.75 लाख की वार्षिक आय पर कोई कर नहीं है। उन्होंने कहा कि इस कदम से 12 लाख रुपये की वार्षिक आय वाले करदाताओं को कर में 80 हजार रुपये का लाभ मिलेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश के 92 फीसदी करदाताओं की आयकर देनदारी शून्य हो गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘एक प्रकार से भारत लगभग आयकर मुक्त हो गया है। छत्तीसगढ़ के लगभग 12 लाख लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।'' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत कम उत्पादकता वाले क्षेत्रों को लाभ मिलेगा, जबकि किसान क्रेडिट कार्ड ऋण सीमा तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी गई है। इससे छत्तीसगढ़ के 27 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलेगा उन्होंने कहा कि सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए ऋण गारंटी कवर को पांच करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिससे पांच वर्षों में 1.5 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऋण उपलब्ध हो सकेगा। मंत्री ने कहा, ‘‘हमारे पास 2014 से पहले करीब 400 पेटेंट थे और अब ये एक लाख से भी ज्यादा हो गए हैं। मोदी सरकार शोध को बढ़ावा दे रही है। इस बार सिर्फ शोध के लिए 20,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।'' उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को केंद्रीय करों से अनुमानित 41,557 करोड़ रुपये प्राप्त होने थे, लेकिन अब उसे 43,409 करोड़ रुपये मिलेंगे जो अगले वर्ष बढ़कर 48,463 करोड़ रुपये हो जाएंगे। जोशी ने कहा कि आदिवासी बजट को 46 प्रतिशत बढ़ाकर 10,237.33 करोड़ रुपये से 14,925.81 करोड़ रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे छत्तीसगढ़ के करीब 75 लाख आदिवासी लाभान्वित होंगे।




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