तालपुरी की चहारदीवारी की रौनक खूबसूरत चित्रकारी से फिर लौटी
टी सहदेव
भिलाई नगर। तालपुरी बी ब्लॉक की चहारदीवारी पर अब सुंदर चित्रकारी दिखाई देगी। इस काम में मधु ग्रुप के आठ आर्टिस्ट लगे हुए हैं, फिलहाल ये लगभग तीन सौ मीटर लंबी चहारदीवारी पर चित्र उकेर रहे हैं। बाद में इसके अन्य हिस्से पर चित्रकारी होने की संभावना है। चित्रकारी का काम पूर्ण होने के बाद इस पर लाइटिंग भी होगी। चहारदीवारी पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति और विरासत को दर्शाने के साथ-साथ जल संरक्षण और पेड़ों को बचाने का संदेश भी दिया गया है। इसके अलावा इस पर कमल, बतख, फूलदार पौधे, हिरण, पक्षी, तितली, मोर, ऊंट तथा मॉडर्न आर्ट की बेहद खूबसूरत पेंटिंग बनाई गई है।
*रिसाली नगर निगम ने ली सुध*
रंग रोगन से पहले गोबर के ढेर होने के कारण चहारदीवारी पर बने छत्तीसगढ़ लोक संस्कृति की झलक दिखाने वाले भित्ति चित्र लुप्त हो गए थे, अब चहारदीवारी की रौनक फिर से लौट आई है। बता दें कि चहारदीवारी का कायाकल्प होने से पहले यह गोबर से सनी हुई थी। कई बार शिकायत करने के बाद रिसाली नगर निगम ने अब इसके सौदर्यीकरण की सुध ली। पंथी चौक से इस ब्लॉक के मैनगेट तक की चहारदीवारी के आसपास लगे गोबर के बड़े-बड़े ढेरों के उठाव के लिए पिछले पांच वर्षों से मांग की जा रही थी, जो अब जाकर पूरी हुई।
*कॉलोनीवासियों ने ली राहत की सांस*
मांग पूरी होने से गोबर की बदबू से परेशान कॉलोनीवासियों ने अब राहत की सांस ली है। मालूम रहे कि ऑर्किड मैदान में हाई मास्ट लाइट के उद्घाटन के अवसर पर विधायक ललित चंद्राकर ने गोबर की समस्या से निजात दिलाने का आश्वासन दिया था। विधायक की पहल तथा पार्षद सविता ढवस की सक्रियता से निगम ने देर से सही सौंदर्यीकरण को अमलीजामा पहनाया। गोबर को हटाकर पेवरब्लाक लगाने की मद के लिए 18 लाख 76 हजार रुपए स्वीकृत हुए थे, जो 15 वें वित्त आयोग से जुटाए गए ।
*लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ी तालपुरियों को*
गोबर से उठने वाली तेज बदबू से निजात पाने के लिए तालपुरीवासियों का लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ी। इस समस्या से मुक्ति पाने के लिए न केवल नगर निगम के अधिकरियों को शिकायत की गई, बल्कि स्थानीय समाचार पत्रों का ध्यान भी इस ओर खींचा गया। इसके अलावा कॉलोनीवासियों ने पिछली सरकार के दौरान भी कई बार समस्या को पुरजोर तरीके से उठाया गया, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बारिश के मौसम में गोबर से इतनी तेज बदबू उठती थी कि चहारदीवारी से सटे हुए मकानों के दरवाजे और खिड़कियां आमतौर पर बंद रखी जाती थीं।
*अब नहीं लगेंगे गोबर के ढेर*
पार्षद सविता ढवस ने सौंदर्यीकरण के लिए विधायक को धन्यवाद दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि पेवरब्लाक लगने से अब गोबर के ढेर नहीं लगेंगे। निगम की इस पहल को स्वच्छता की ओर एक बताते हुए उन्होंने कहा कि वार्ड का सौंदर्यीकरण, इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, उद्यानों का रखाव, सफाई तथा बुनियादी जरूरतें हमारी प्राथमिकताओं में हैं। दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए हाल ही में कॉलोनी के पहुंच मार्ग पर ब्रेकर भी बनाए गए हैं, जिससे यातायात सुगम हो गया है।










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