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 किसानों को उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु प्रशासन सजग

 दुर्ग, / जिले में खरीफ 2025 में कृषकों की मांग अनुसार उर्वरकों का प्राथमिक सहकारी समिति एवं निजी प्रतिष्ठानों में भण्डारण किया गया। गत वर्ष सहकारिता क्षेत्र में 42164 मि.टन उर्वरक वितरण हुआ था। जिले में इस वर्ष सहकारिता क्षेत्र में कुल 43886 मि.टन का भण्डारण किया गया जो कि गतवर्ष की वितरण की तुलना से 04 प्रतिशत अधिक है। वर्तमान में प्राथमिक सहकारी समितियों में 2956 मि.टन शेष है, जिसका उठाव कृषकों द्वारा आवश्यकतानुसार किया जा रहा है। 
उप संचालक कृषि से मिली जानकारी अनुसार वैश्विक समस्या के कारण जिले को गतवर्ष की तुलना में वर्तमान खरीफ 2025 हेतु उर्वरक डी.ए.पी. का लक्ष्य कम प्राप्त हुआ है जिसकी कमी की भरपाई हेतु इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा अनुशंसित वैकल्पिक उर्वरकों यथा-एस.एस.पी., एन.पी.के., संयुक्त उर्वरकों का उपयोग करने कृषकों के मध्य व्यापक प्रचार- प्रसार कर डी.ए.पी. की पूर्ति अन्य उर्वरकों के माध्यम से किया जा रहा है, साथ ही नवीन तरल उर्वरकों यथा-नैनो यूरिया, नैनो डी.ए.पी. का वैकल्पिक उर्वरकों के रूप में उपयोग हेतु कृषकों के मध्य व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। कृषकों से उक्त तरल नैनो उर्वरकों की मांग एकत्र कर सहकारी समितियों में तत्काल भण्डारण की कार्यवाही की जा रही है जिससे जिले में उर्वरकों की किसी प्रकार की कमी न हो यह सुनिश्चित किया जा रहा है।
कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा प्रोत्साहित किये जाने के फलस्वरूप कृषकों द्वारा अग्रिम उठाव किये जाकर उक्त लक्ष्यों की पूर्ति की जा सकी, तथा कृषकों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरकों का विक्रय किया जा रहा है। जिले के कृषकों को उच्च गुणवत्तायुक्त आदान सामग्री का निर्धारित मूल्य पर उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु कृषि विभाग द्वारा जिला स्तरीय निरीक्षण दल, उर्वरक निरीक्षकों एवं मैदानी स्तर पर मैदानी अमलों का ड्यूटी लगाकर सघन अभियान चलाते हुये मांग अनुरूप उर्वरकों की पूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। 
जिले के कृषकों को उच्च गुणवत्तायुक्त उर्वरक का वितरण हो इस हेतु गुण नियंत्रण अंतर्गत 230 लक्ष्य प्राप्त हुआ है जिसके विरूद्ध अद्यतन 201 की पूर्ति कर विश्लेषण हेतु प्रयोगशाला प्रेषित किया जाकर विश्लेषण परिणाम अनुसार 108 मानक 06 अमानक उर्वरकों पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के प्रावधानों के तहत संबंधित विक्रेता एवं निर्माता कंपनी के विरूद्ध कार्यवाही करते हुये कारण बताओं नोटिस जारी कर अमानक उर्वरकों पर विक्रय प्रतिबंध किया गया है, साथ ही कृषि विभाग द्वारा औचक निरीक्षण किये जाकर 162 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया, जिसमें से 49 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस, 01 प्रतिष्ठान का लायसेंस निरस्त, 01 प्रतिष्ठान का लायसेंस निलबंन, 09 प्रतिष्ठान का जब्ती एवं 10 प्रतिष्ठान का विक्रय प्रतिबंध किया गया है।
वर्तमान में 11 निजी प्रतिष्ठानों में 59.55 मि.टन डी.ए.पी. उपलब्ध है। कलेक्टर श्री सिंह द्वारा संबंधित प्रतिष्ठानों में कृषि विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर उनकी उपस्थिति में निर्धारित मूल्य पर विक्रय करने हेतु निर्देश दिया गया है, साथ ही सहकारी एवं निजी क्षेत्र में यूरिया 1127 मि.टन, एस.एस.पी. 1727 मि.टन, एम.ओ.पी. 753 मि.टन डी.ए.पी. 488 मि.टन अन्य 530 मि.टन इस प्रकार कुल 4624 मि.टन उपलब्ध है। उक्त केन्द्रों से संबंधित क्षेत्र के ग्रामीण ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी/कृषि विकास अधिकारी को आप-पास के ग्रामों में मुनादी कराकर कृषकों को सूचना देते हुए शत्-प्रतिशत डी.ए.पी. उर्वरक अपनी उपस्थिति में निर्धारित मूल्य पर विक्रय करने हेतु निर्देश दिया गया है। 
कलेक्टर श्री सिंह द्वारा कृषक भाईयो से अपील की गई है, उर्वरक की कालाबाजारी, मुनाफाखोरी, अधिक दर पर विक्रय, अन्य प्रयोजन में उपयोग इत्यादि की शिकायत प्राप्त होने पर कृषि विभाग के अधिकारी अथवा कृषि विभाग में स्थापित नियंत्रण कक्ष के मोबाईल नंबर-9907109662 पर शिकायत दर्ज कर सकते है। 

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