आईआईटी भिलाई के शोधकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय पॉलिमर विज्ञान सम्मेलन में मिला सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार
दुर्ग/ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि संस्थान के शोधकर्ताओं ने एसपीएसआई मैक्रो 2025– अठारहवें अंतरराष्ट्रीय पॉलिमर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार प्राप्त कर संस्थान का नाम रोशन किया है। यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन विगत 15 से 18 दिसंबर 2025 के दौरान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर द्वारा आयोजित किया गया। सम्मेलन का आयोजन स्थल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर अनुसंधान उद्यान, न्यू टाउन, कोलकाता रहा। इस सम्मेलन में पॉलिमर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम अनुसंधानों और तकनीकी विकासों पर विचार-विमर्श हेतु विश्वभर से प्रमुख वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों तथा औद्योगिक विशेषज्ञों ने भाग लिया। आईआईटी भिलाई के रसायन विज्ञान विभाग के तीन शोधार्थियों को, जो डॉ. संजीब बैनर्जी के मार्गदर्शन में शोध कार्य कर रहे हैं, उनकी उत्कृष्ट पोस्टर प्रस्तुतियों के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। शोधार्थी स्वरूप माईती को उनके शोध कार्य “समायोज्य कंपन अवशोषण और प्रभाव सहनशीलता वाले स्व-उपचारक इलास्टोमरों के लिए गतिशील गैर-सहसंयोजक नेटवर्क का विकास” विषय पर सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार प्रदान किया गया। यह शोध प्रभाव सुरक्षा एवं कंपन अवशोषण के लिए उन्नत इलास्टोमेरिक सामग्रियों पर केंद्रित है। निशिकांत को उनके पोस्टर “अत्यंत सूक्ष्म सल्फर-बिंदुओं द्वारा मध्यस्थित सरल प्रकाश-प्रेरित बहुलकीकरण के माध्यम से त्रि-आयामी मुद्रण हेतु स्मार्ट इंजेक्टेबल स्याही का निर्माण” विषय पर सम्मानित किया गया, जिसमें अगली पीढ़ी की योगात्मक विनिर्माण तकनीकों के लिए नवीन बहुलकीकरण रणनीतियाँ प्रस्तुत की गई हैं। वहीं सुदीप्त पॉल को उनके शोध कार्य “स्मार्ट खिड़की और सुरक्षा अनुप्रयोगों हेतु पराबैंगनी किरण अवरोधक ताप-संवेदी बहुक्रियात्मक पॉलिमरिक संरचना” के लिए सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार प्राप्त हुआ। यह शोध स्मार्ट एवं ऊर्जा-कुशल तकनीकों के लिए पॉलिमर आधारित समाधान प्रस्तुत करता है। यह उपलब्धि उन्नत पॉलिमरिक सामग्रियों एवं सतत प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में आईआईटी भिलाई की बढ़ती अनुसंधान पहचान को दर्शाती है तथा संस्थान में हो रहे उच्च-गुणवत्ता वाले शोध एवं नवाचार को रेखांकित करती है। इन शोध कार्यों में मौलिक रसायन विज्ञान और व्यावहारिक अनुप्रयोगोंजैसे स्मार्ट सामग्री, विनिर्माण प्रौद्योगिकी एवं ऊर्जा-कुशल प्रणालियों का सशक्त अंतर्विषयक समन्वय देखने को मिलता है। संस्थान के संकाय सदस्यों एवं शोधार्थियों ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियाँ आईआईटी भिलाई को उच्च प्रभाव वाले वैज्ञानिक अनुसंधान के एक उभरते केंद्र के रूप में और अधिक सुदृढ़ करती हैं।








.jpg)
.jpg)
.jpg)

Leave A Comment