जीवन में बड़ी सफलता चाहिए तो बनाएं छोटे-छोटे लक्ष्यः काले
- महाराष्ट्र मंडल में शिवाजी महाराज की महाआरती में जुटे मराठा समाज के पदाधिकारी भी
रायपुर। जीवन में सफलता के लिए लक्ष्य को निर्धारित करना बेहद जरूरी है। अर्जुन ने तोते की आंख पर अपना लक्ष्य केंद्रित किया तभी महान धनुर्धर बना। छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन प्रसंग हमें इस बात की सीख देते हैं कि अगर जीवन में बड़ी सफलता चाहिए तो छोटे-छोटे लक्ष्य बनाए। यानी सफलता की एक-एक सीढ़ी चढ़ेंगे, तो आपके कदम मजबूती के साथ सफल पायदान पर होंगे और बड़ी सफलता भी मिलेगी।
उक्ताशय के विचार महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने सोमवार, 19 जनवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज की महाआरती के बाद कहे। छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन प्रसंग पर चर्चा करते हुए काले ने कहा कि सफलता की शुरुआत छोटे- छोटे संकल्पों से होती है। तभी बड़े संकल्पों को पूरा करने का आत्मविश्वास जागृत होता है। छोटा लक्ष्य प्राप्त करने पर बड़े लक्ष्य को पाने की ऊर्जा दोगुनी हो जाती है।
दिव्यांग बालिका विकास गृह के प्रभारी प्रसन्न निमोणकर ने अपने संबोधन में कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की विभिन्न क्षमताओं में से एक व्यक्ति का कौशल पहचानना और उसका स्वराज के कार्य के लिए यथोचित उपयोग करना उल्लेखनीय है। उन्हें अफजल खान से भेंट के समय उसके अंगरक्षक सैयद बंडा की 20 हाथ दूर तक तलवार का वार करने की शक्ति ज्ञात थी। सैयद बंडा के इस वार को निष्क्रिय करने के लिए उन्होंने जीवा म्हाला को अपने अंगरक्षक दल में शामिल किया। जीवा एक नट था, जो 20 हाथ दूर रखे नारियल पर लचीली तलवार से वार कर उसे दो भागों में ऐसे बांटता था कि नारियल के भीतर का जल भी दो बराबर भागों में बंटकर अलग होता था। जीवा का यह कौशल भेंट के दौरान विश्वासघात के समय सैयद बंडा के हाथ तलवार उठाने से पहले ही काटने का काम आया। यही वजह है कि आज भी मराठी में यह प्रचलित मान्यता है कि ‘होता जीवा म्हणून आहे शिवा’ अर्थात जीवा था इसलिए शिवा है।
इस अवसर पर मराठा समाज के अध्यक्ष लोकेश पवार, वरिष्ठ सभासद अनिल कालेले, मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, वरिष्ठ सदस्य कल्याण देशपांडे, संत ज्ञानेश्वर स्कूल प्रभारी पारितोष डोनगांवकर, महाराष्ट्र भवन प्रभारी निरंजन पंडित, शचिंद्र देशमुख, युवा समिति प्रमुख डा. शुचिता देशमुख, आचार्य रंजन मोड़क, अनुराग भवालकर, अधिवक्ता प्रशांत देशपांडे, युवा समिति के समन्वयक विनोद राखुंडे, सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी, शरद फड़ताड़े, गणेशा जाधव, नवीन देशमुख, अभय भागवतकर, शुभम पुराणिक, विनोद ऱाखुंडे, सोनल पेदे सहित अनेक सभासद उपस्थित थे।









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