‘आत्मा’ योजना के तहत फार्म स्कूल से किसानों को मिली नई दिशा
-अरहर की कतार बोनी से बढ़ी उपज
मुंगेली। जिले में कृषि के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने हेतु एक्सटेंशन रिफॉर्म्स ‘आत्मा’ योजना के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2025-26 में ग्राम चातरखार में फार्म स्कूल का संचालन किया गया। इस पहल ने किसानों को उन्नत तकनीकों से जोड़ते हुए उत्पादन और आय में वृद्धि का नया मार्ग प्रशस्त किया है। फार्म स्कूल के तहत प्रशिक्षक कृषक के रूप में दादुराम साहू (पिता श्री पिरिथ राम साहू) का चयन किया गया, जिनके साथ 25 अन्य कृषकों को प्रशिक्षणार्थी के रूप में जोड़ा गया। प्रशिक्षक कृषक के खेत में 01 हेक्टेयर क्षेत्र में अरहर की फसल को कतार बोनी पद्धति से लगाया गया। कृषि विभाग द्वारा बीज उपलब्ध कराए जाने के साथ ही बोवाई से लेकर कटाई तक कृषि वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में चार चरणों में प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस दौरान किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों, कतार बोनी विधि, आईपीएम किट के उपयोग तथा पौध संरक्षण के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
कृषि विभाग के उपसंचालक ने बताया कि कतार बोनी पद्धति से कीट एवं रोगों का नियंत्रण आसान हुआ और लागत में भी कमी आई। इसके साथ ही प्रशिक्षक कृषक के खेत में अरहर की उपज 20 से 22 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक प्राप्त हुई, जो पारंपरिक खेती की तुलना में बेहतर परिणाम है। फार्म स्कूल के माध्यम से अन्य किसानों ने भी इस तकनीक को नजदीक से देखा और समझा, जिससे उनके बीच कतार बोनी पद्धति अपनाने की रुचि बढ़ी है। ‘आत्मा’ योजना के तहत इस प्रकार के फार्म स्कूल किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने और व्यवहारिक ज्ञान प्रदान करने का प्रभावी माध्यम साबित हो रहे हैं। यह पहल न केवल उत्पादन बढ़ाने में सहायक है, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।










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