बृहन्महाराष्ट्र मंडल से मिलता है बड़ा एक्सपोजर: शेखर
0- स्थापना दिवस समारोह में मुख्य राष्ट्रीय कार्यवाह अमीन व छत्तीसगढ़ कार्यवाह सुबोध टोले सम्मानित
रायपुर। बृहन्महाराष्ट्र मंडल एक ऐसी देशव्यापी संस्था है, जिसमें स्थानीय प्रतिभाओं को बड़ा एक्सपोजर मिलता है। यहां का सदस्य बनने के बाद आप अपनी जान पहचान लगभग हर प्रदेश से आने वाले महाराष्ट्र मंडल के प्रतिनिधियों के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर कर सकते हैं। ऐसे में यदि आप देशभर में कहीं भी, कभी भी किसी मुसीबत में फंस गए हैं, तो कम से कम आपके पास तत्काल सहायता पहुंचने के लिए आपका कोई अपना परिचित मिल जाता है। बृहन्महाराष्ट्र मंडल का सदस्य बनने से होने वाले लाभ पर चर्चा करते हुए मुख्य राष्ट्रीय कार्यवाह शेखर राव साहेब अमीन ने इस आशय की बात कही।
बृहन्महाराष्ट्र मंडल के शताब्दी स्थापना वर्ष के अवसर पर आयोजित विशेष समारोह में पूर्व छत्तीसगढ़ कार्यवाह अरविंद जोशी को विशेष अभिनंदन पत्र सौंपा गया। साथी नवनिर्वाचित मुख्य राष्ट्रीय कार्यवाह शेखर राव साहेब अमीन और छत्तीसगढ़ कार्यवाह सुबोध टोले को सूत माला, शाल श्रीफल और स्मृति चिन्ह से वरिष्ठ रंगसाधक अनिल, अपर्णा कालेले, मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने सम्मानित किया गया।
मुख्य राष्ट्रीय कार्यवाह अमीन ने कहा कि हर वर्ष अलग- अलग राज्यों के शहरों में आने वाले तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशनों के माध्यम से आपको पूरे देश भ्रमण का मौका मिलता रहता है। जब आपके बच्चों को बेंगलुरु, हैदराबाद, जयपुर, अहमदाबाद, लखनऊ जैसे शहरों में पढ़ाई या रोजगार के सिलसिले में जाना पड़ता है, जब यही जान पहचान और भी उपयोगी साबित होती है। अमीन ने सीख दी कि जब भी हम किसी संस्था से जुड़ते हैं तो हमारे विचार संस्था के माध्यम से लोगों की सेवा करने के होने चाहिए, न कि संस्था से फायदा उठाने के।
इस अवसर पर सुबोध टोले ने कहा कि उन्हें छत्तीसगढ़ के अलावा झारखंड, ओडिशा, बिहार और पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। अपने तीन वर्षीय कार्यकाल में उनकी पहली प्राथमिकता व्यापक पैमाने पर सदस्यता अभियान चलाकर बृहन्महाराष्ट्र मंडल को और भी बृहद करने की है। उन्होंने कहा कि गत माह देवास में हुए राष्ट्रीय अधिवेशन में महाराष्ट्र मंडल की विशेष से प्रशंसा की गई कि वहां बड़ी संख्या में युवाओं को मंडल से जोड़ा गया है। बाकी मंडलों में भी ऐसे ही प्रयास होने चाहिए।
उल्लेखनीय कार्यों की वजह से सम्मानित किए गए पूर्व छत्तीसगढ़ कार्यवाह अरविंद जनार्दन जोशी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बहुत सी मराठी संगठन व संस्थाएं बृहन्महाराष्ट्र मंडल से कट गईं हैं। उन्हें फिर से जोड़ना बृहन्महाराष्ट्र मंडल के पदाधिकारियों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। जोशी ने इस बात पर भी जोर दिया कि अब संस्था की अंदरुनी राजनीति के वजह से दूर हो चुके सदस्यों को मनाने और उन्हें सक्रिय करने की जिम्मेदारी भी हमें ही निभानी चाहिए।
अध्यक्षीय संबोधन में मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि शताब्दी वर्ष मना रहा बृहन्महाराष्ट्र मंडल और 90 वर्ष पूरे कर चुका महाराष्ट्र मंडल दो भाइयों की तरह बड़े और विकसित हुए हैं। बृहन्महाराष्ट्र मंडल ने धमतरी सहित अनेक महाराष्ट्र मंडलों को स्थापित करने व आगे बढ़ाने में आर्थिक मदद देकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी तरह नियमों से परे महाराष्ट्र मंडल को बृहन्महाराष्ट्र मंडल ने नई दिल्ली व मुंबई में आयोजित भव्य समारोह में सर्वश्रेष्ठ महाराष्ट्र मंडल का पुरस्कार भी दिया। मराठी भाषा और संस्कृति के संवर्धन और संरक्षण की दिशा में मंडल के कार्यों को बृहन्महाराष्ट्र मंडल का सहयोग हमेशा मिला है। उन्हें विश्वास है कि आगे भी और अधिक मिलेगा।
इस मौके पर सुबोध टोले और शेखर राव साहेब अमीन का सपत्नीक सम्मान वरिष्ठ रंगसाधक अनिल व अपर्णा कालेले व मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने किया। कार्यक्रम का संचालन टोले ने व मंडल की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने आभार प्रदर्शन किया।
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