बालोद जिले में ज्ञान भारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण का कार्य प्रारंभ
-सीईओ जिला पंचायत ने जिला स्तरीय पुरातत्व समिति के सदस्यों की बैठक लेकर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
-अभियान के क्रियान्वयन के संबंध में दिया गया प्रशिक्षण
बालोद। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार बालोद जिले में ज्ञान भातरम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के क्रियान्यवन का कार्य प्रारंभ हो गया है। बालोद जिले में इसका सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय पुरातत्व समिति का भी गठन किया गया। इसके साथ ही पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के कार्यों का सफल क्रियान्वयन हेतु जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी को नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा जनसंपर्क अधिकारी श्री चंद्रेश ठाकुर, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मधुलिका तिवारी, सहायक अधीक्षक श्री भूपेन्द्र तांडेकर एवं शासकीय नवीन काॅलेज घोटिया के सहायक प्राध्यापक श्री दीपक मेश्राम को समिति का सदस्य बनाया गया है। कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति के माध्यम से जिले में पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के सफल क्रियान्वयन के साथ-साथ पाण्डुलिपियों की पहचान एवं दस्तावेजी गतिविधियां संचालित की जाएगी। कलेक्टर एवं समिति के अध्यक्ष श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार सीईओ जिला पंचायत एवं समिति के नोडल अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने आज अपने कक्ष में जिला स्तरीय समिति के सदस्यों एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में पाण्डुलिपियों के सर्वेक्षण अभियान का सफल क्रियान्वयन तथा पाण्डुलिपियों की पहचान एवं दस्तोवजीकरण गतिविधियों को संपादित करने हेतु तैयार की गई रणनीति के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। बैठक में डिप्टी कलेक्टर एवं सहायक नोडल अधिकारी श्रीमती प्राची ठाकुर, जनसंपर्क अधिकारी एवं जिला स्तरीय समिति के सदस्य श्री चंद्रेश ठाकुर, सहायक प्राध्यापक श्री दीपक मेश्राम सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नोडल अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने कहा कि संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की पहल पर प्रारंभ ज्ञान भारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान भारत के अमूल्य पाण्डुलिपि विरासत के संरक्षण, संवर्धन और दस्तावेजीकरण के लिए प्रारंभ की गई एक राष्ट्रीय पहल है। उन्होंने कहा कि इन पाण्डुलिपियों में हमारी सभ्यता का ज्ञान, परंपरा, विज्ञान, दर्शन और सांस्कृतिक स्मृतियां सुरक्षित है। जिन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। इस अभियान के अंतर्गत ताड़ पत्र, दुर्लभ हस्तलिखित ग्रंभ, पाण्डुलिपियों तथा अन्य प्राचीन दस्तावेजों का चिन्हांकन एवं सूचीकरण किया जा रहा है। श्री चंद्रवंशी ने बताया कि नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पाडुलिपियों की पहचान एवं दस्तावेजीकरण के लिए सर्वेयर नियुक्त किए जाएंगे। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ग्राम पंचायत सचिवों एवं शहरी क्षेत्रों के लिए वार्ड मुहर्रिरों को सर्वेयर नियुक्त किया गया है। सर्वे का संपूर्ण कार्य ज्ञान भारतम् मोबाईल एप्प के माध्यम से किया जाएगा। इसके साथ ही इस अभियान से आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने गतिविधियां भी आयोजित की जाएगी। बैठक में उपस्थित अधिकारियों को आज ज्ञान भारतम् मोबाईल एप्प के माध्यम से पाण्डुलिपियों सर्वेक्षण अभियान के क्रियान्वयन के संबंध में प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। इस दौरान पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से ज्ञान भारतम् मोबाईल एप्प के माध्यम से सर्वेक्षण कार्य के विभिन्न प्रक्रियाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि विद्यालयों एवं महाविद्यालयों, शासकीय पुस्तकालयों, संग्रहालयों, शिक्षण एवं शोध संस्थानों, संस्कृत पाठ शालाएं, मठ, मंदिर, आश्रम, गुरूकुल एवं जिले में स्थित ट्रस्टों के अलावा संग्रह कर्ताओं, पुरोहितों, धर्माचार्यों, ज्योतिषाचार्यों, आयुर्वेदाचार्यों के साथ-साथ संस्कृत विद्वानों के पास भी पाण्डुलिपि की संग्रह होने की संभावना है। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को सर्वेक्षण कार्य को निर्धारित समयावधि में सफलतापूर्वक संपन्न करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण का कार्य संग्रहकर्ता एवं जिम्मेदार प्रभारी अधिकारी के सहमति से किया जाएगा।














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