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 ‘ज्ञान भारतम्’ राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण: बालोद जिले में पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कार्य शुरू

0- सर्वेयरों के द्वारा निर्धारित स्थलों पर पहुँचकर किया जा रहा है सर्वे का कार्य
बालोद. भारत सरकार द्वारा संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत “ज्ञान भारतम्“ राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण कार्य को एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय योजना के रूप में प्रारंभ किया गया है। इस योजना का उद्देश्य देशभर के विद्यालयों, संग्रहालयों, पुस्तकालयों तथा निजी संग्रहों में सुरक्षित प्राचीन पांडुलिपियों (हस्तलिखित ग्रंथों) का अन्वेषण, संरक्षण एवं डिजिटलीकरण कर उन्हें व्यापक रूप से जनसुलभ बनाना है। यह पहल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने तथा भावी पीढ़ियों तक उसके ज्ञान को पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 
“ज्ञान भारतम मिशन“ द्वारा प्रारंभ किया गया यह महत्वपूर्ण कार्य भारत के अमूल्य पाण्डुलिपि विरासत के संरक्षण, संवर्धन और दस्तावेजीकरण के लिए प्रारंभ की गई एक राष्ट्रीय पहल है। जिससे देश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर विरासत को सुरक्षित रखा जा सके। उल्लेखनीय है कि इन पाण्डुलिपियों में हमारी सभ्यता का ज्ञान, परंपराए, विज्ञान, दर्शन और सांस्कृतिक स्मृतियां सुरक्षित है जिन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। बालोद जिले में इस कार्य की मूर्त रूप देने हेतु कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय पुरातत्व संघ का भी गठन किया गया है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी इसके नोडल एवं डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर को सहायक नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। 
बालोद जिले में 09 अप्रैल से पाण्डुलिपियों का सर्वेक्षण एवं दस्तावेजीकरण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इस कार्य हेतु ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ग्राम पंचायत सचिवों एवं शहरी क्षेत्रों के लिए वार्ड मुहर्रिरों को सर्वेयर नियुक्त किया गया है। सर्वे का संपूर्ण कार्य ’ज्ञान भारतम्’ मोबाईल एप्प के माध्यम से किया जाएगा। इस कार्य को सुचारू रूप से संपादित करने हेतु इस अभियान में शामिल सभी अधिकारी-कर्मचारियों को समुचित प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है। इस कार्य के अंतर्गत सर्वे कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा ताड़ पत्र, दुर्लभ हस्तलिखित ग्रंथ, पाण्डुलिपियों तथा अन्य प्राचीन दस्तावेजों का चिन्हांकन एवं सूचीकरण किया जाएगा। सर्वे टीम के द्वारा जिले के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों, शासकीय पुस्तकालयों, संग्रहालयों, शिक्षण एवं शोध संस्थानों, संस्कृत पाठ शालाएं, मठ, मंदिर, आश्रम, गुरूकुल एवं जिले में स्थित ट्रस्टों के अलावा संग्रह कर्ताओं, पुरोहितों, धर्माचार्यों, ज्योतिषाचार्यों, आयुर्वेदाचार्यों के साथ-साथ संस्कृत विद्वानों से संपर्क स्थापित कर पाण्डुलिपि का संग्रहण एवं दस्तावेजीकरण किया जाएगा। 
बालोद जिला प्रशासन द्वारा जिले के किसी भी व्यक्ति के पास प्राचीन पाण्डुलिपि, ताड़ पत्र या हस्तलिपि ग्रंथ उपलब्ध होने पर इसकी जानकारी तत्काल संबंधित जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकाय में देने का आग्रह किया गया है। इसके साथ ही जिला प्रशासन द्वारा जिले के पुरातत्व विदों एवं आम नागरिकों से “ज्ञान भारतम्” पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य के इस राष्ट्रीयव्यापी अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की गई है। 
 

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