गाँव की कक्षा से मंच तक: नन्हा वक्ता बना प्रेरणा की मिसाल
0- रायपुर के गुखेरा गाँव के छात्र टूकेश ने अपनी वाणी, संस्कार और आत्मविश्वास से समानता का संदेश पहुँचाया
0- प्रोजेक्ट “पढ़े रायपुर, लिखे रायपुर” बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने में निभा रही महत्वपूर्ण भूमिका
रायपुर. जिले के छोटे से गाँव गुखेरा जहाँ कक्षा तीसरी का एक छात्र अपनी प्रभावशाली वाणी और संस्कारों के जरिए लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। शासकीय प्राथमिक शाला का छात्र टूकेश सोनवानी आज अपनी सहज अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास के कारण एक उभरते बाल वक्ता के रूप में पहचान बना रहा है। कम उम्र में ही टूकेश ने कहानियों और प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से अपनी झिझक को दूर किया और आत्मविश्वास विकसित किया। वह पूज्य गुरु घासीदास बाबा के विचारों से प्रेरित होकर “मनखे-मनखे एक समान” जैसे संदेशों को सरल भाषा में प्रस्तुत करता है, जो सीधे लोगों के दिल तक पहुंचते हैं।
विद्यालय की प्रार्थना सभा हो, ग्रामीण सामाजिक आयोजन हों या शासकीय मंच हर जगह टूकेश की वाणी श्रोताओं को प्रभावित करती है। यह सकारात्मक बदलाव प्रोजेक्ट “पढ़े रायपुर, लिखे रायपुर” जैसी अभिनव पहल के माध्यम से संभव हुआ है। यह पहल मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सोच के अनुरूप, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में संचालित की जा रहा है।
इस पहल का उद्देश्य शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए उसे संस्कार, अभिव्यक्ति और व्यक्तित्व विकास से जोड़ना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के नवाचार ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने और बच्चों में आत्मविश्वास विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।













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