ई-रिक्शा में निकले स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, बोले- “फॉर्च्यूनर और इसमें कोई अंतर नहीं
-दुर्ग शहर में दो स्थानों पर किया भूमिपूजन, PM मोदी की अपील का एक वर्ष तक पालन करने लिया संकल्प
दुर्ग । गजेंद्र यादव इन दिनों अपने अनोखे अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने और पर्यावरण संरक्षण की अपील का समर्थन करते हुए मंत्री गजेंद्र यादव ने सरकारी गाड़ियों और एसी वाहन छोड़कर ई-रिक्शा की सवारी शुरू कर दी है।
दुर्ग जिले में मंत्री का यह नया अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बुधवार को वे केवल एक PSO के साथ सामान्य नागरिक की तरह ई-रिक्शा में शहर का दौरा करते नजर आए। इस दौरान उन्होंने दो अलग-अलग स्थानों पर भूमि पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लिया और बाद में जनदर्शन के माध्यम से आम लोगों की समस्याएं भी सुनीं।
मंत्री के इस कदम को पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत के संदेश से जोड़कर देखा जा रहा है। खास बात यह रही कि आमतौर पर सुरक्षा और काफिले के बीच रहने वाले मंत्री बेहद सहज व साधारण तरीके से ई-रिक्शा में सफर करते दिखाई दिए।
मीडिया द्वारा जब उनसे भीषण गर्मी में एसी गाड़ियों को छोड़कर ई-रिक्शा में सफर करने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “आप खुद बैठकर देखिए, मुझे इसमें और फॉर्च्यूनर में कोई अंतर नहीं दिख रहा है। इसमें तो गर्मी का अहसास भी नहीं हो रहा। यह बिना पेट्रोल के बैटरी से चल रहा है, जो अपने आप में बड़ी बात है।”
गजेंद्र यादव के इस कदम को लोगों द्वारा सकारात्मक पहल बताया जा रहा है। कई लोगों ने इसे पर्यावरण संरक्षण और सादगी का संदेश देने वाला प्रयास माना है।





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