गायत्री जयंती और गंगा दशहरा पर रायपुर के गायत्री पीठों में कल से दो दिवसीय आध्यात्मिक उत्सव, महायज्ञ और संस्कारों का होगा आयोजन
-समता कॉलोनी में सामुहिक सस्वर गायत्री मंत्र पाठ एवं दावड़ा कॉलोनी में 24 घंटे का होगा अखंड जप
रायपुर। गायत्री जयंती/गंगा दशहरा के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर के विभिन्न गायत्री पीठों में 23 और 24 जून को दो दिवसीय भव्य आध्यात्मिक व धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। गायत्री शक्ति पीठ समता कॉलोनी के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी श्री श्याम बैस एवं ट्रस्टी श्री सदाशिव हथमल ने बताया कि - समता कॉलोनी मंदिर परिसर में 23 जून की सांयकाल गोधूली बेला में सैकड़ों साधकों द्वारा सामूहिक रूप से सस्वर 108 गायत्री मंत्र एवं 24 महामृत्युंजय मंत्र का पाठ किया जाएगा। 24 जून प्रातः 09 से 01 बजे पांच कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन होगा। इस दौरान पुंसवन, नामकरण, अन्नप्राशन, कर्णक्षेदन, विद्यारंभ, यज्ञोपवीत सहित गुरुदीक्षा जैसे विभिन्न संस्कार संपन्न कराए जाएंगे। संस्कार करवाने के लिए पूर्व पंजीयन करवाना होगा। वहीं दावड़ा कॉलोनी स्थित गायत्री शक्ति पीठ के प्रमुख ट्रस्टी श्री सुखदेव देवांगन ने जानकारी दी कि दावड़ा कॉलोनी मंदिर में 23 जून की सुबह से 24 जून की सुबह तक 24 घंटे का अखंड जप आयोजित किया गया है। इसके बाद 24 जून को 5 कुण्डीय गायत्री यज्ञ और महाप्रसादी का वितरण किया जाएगा।
ज्ञान-गंगा और भागीरथी गंगा का अद्भुत संयोग
अखिल विश्व गायत्री परिवार छत्तीसगढ़ की जोन समन्वयक श्रीमती आदर्श वर्मा ने इस पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के दिन ही पुण्यसलिला भागीरथी गंगा का धराधाम पर अवतरण हुआ था, इसलिए इसे गंगा दशहरा कहते हैं। इसी पावन तिथि को हिंदू धर्म की आधारस्तंभ गायत्री महाशक्ति का भी अवतरण हुआ था, जिसे गायत्री जयंती के रूप में मनाया जाता है। जिस प्रकार भगीरथ ने तप करके गंगा को धरती पर उतारा, उसी प्रकार ऋषि विश्वामित्र ने प्रचंड साधना से गायत्री मंत्र को जन-साधारण के कल्याण के लिए सुलभ कराया। उन्होंने आगे बताया कि वर्ष 1990 में इसी पवित्र तिथि को गायत्री परिवार के संरक्षक वेदमूर्ति तपोनिष्ठ आचार्य पं. श्रीराम शर्मा जी अपने भौतिक शरीर को त्यागकर मां गायत्री की गोद में विलीन (महाप्रयाण) हुए थे। इस त्रिवेणी संयोग के कारण गायत्री परिवार के साधकों के लिए यह दिन अत्यंत अनूठा और सिद्धिदायक है।
गायत्री परिवार के मीडिया प्रभारी प्रज्ञा प्रकाश निगम ने बताया कि इस वर्ष का उत्सव गायत्री परिवार के लिए बेहद खास है, क्योंकि इसे संस्थापिका माता भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी वर्ष और शांतिकुंज में प्रज्ज्वलित अखंड ज्योति के 100 वर्ष पूर्ण होने पर ’’शताब्दी वर्ष’’ के रूप में मनाया जा रहा है। रायपुर के अन्य प्रज्ञा पीठों और प्रज्ञा मण्डलों जैसे संतोषी नगर, कुशालपुर, बोरियाखुर्द, टाटीबंध, खमतराई, राजतालाब और तेलीबांधा में भी 24 जून को एक कुण्डीय गायत्री यज्ञ का विशेष आयोजन रखा गया है।











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