दादा साहब फाल्के पुरस्कार की घोषणा के बाद मोहनलाल ने मां से लिया आशीर्वाद, बोले- यह मलयालम सिनेमा का सम्मान है
नई दिल्ली। मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल को दादा साहब फाल्के पुरस्कार मिलने की घोषणा के बाद उनके फैंस और पूरे मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में खुशी की लहर दौड़ गई है। पुरस्कार की खबर मिलते ही मोहनलाल अपनी मां का आशीर्वाद लेने के लिए कोच्चि पहुंचे। कोच्चि एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करने के बाद वे सीधे अपने घर ‘श्री गणेश’ (राजीव नगर रोड, एलमक्कारा) पहुंचे और वहां अपनी मां शांताकुमारी अम्मा से मिले। इसके बाद वे कुंदनूर स्थित अपने फ्लैट गए।
हवाई अड्डे पर मोहनलाल ने कहा, “यह सम्मान सिर्फ मेरा नहीं है, बल्कि पूरे मलयालम सिनेमा का है। मैं इसे उस फिल्म इंडस्ट्री को समर्पित करता हूं, जिसने मुझे आकार दिया और उन सभी को, जिन्होंने मेरे 48 साल के लंबे सफर में मेरा साथ दिया।” इस दौरान वे भावुक हो गए और ईश्वर, अपने माता-पिता, प्रशंसकों, देश और उस समिति का आभार व्यक्त किया, जिसने उन्हें इस सम्मान के लिए चुना।
मोहनलाल ने आगे कहा, “यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी खुशी है। मैं ईश्वर, अपने माता-पिता, अपने देश और अपने सभी प्रशंसकों का शुक्रिया अदा करता हूं। यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों को बड़े सपने देखने और मेहनत करने की प्रेरणा देगा। मेरी कामना है कि मलयालम सिनेमा और भी ऊंचाइयां हासिल करे।”
मोहनलाल अब तक 400 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके हैं और मलयालम के अलावा तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और हिंदी फिल्मों में भी अपनी अदाकारी से दर्शकों का दिल जीत चुके हैं। उन्हें दो बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है। लगभग साढ़े चार दशक लंबे करियर में उनकी बहुमुखी प्रतिभा और समर्पण ने भारतीय सिनेमा में एक नई ऊंचाई स्थापित की है। मोहनलाल को दादा साहब फाल्के पुरस्कार 23 सितंबर को 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में प्रदान किया जाएगा। यह भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान है। -



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