गरियाबंद जिले में 45 लाख रुपये के इनामी नौ माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया
गरियाबंद। गरियाबंद जिले में सोमवार को कुल 45 लाख रुपये के इनामी नौ नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण किया। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। रायपुर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली सिनापाली और एसडीके (सोनाबेड़ा-धरमबांधा-खोलीबातर क्षेत्र) एरिया कमेटी के सदस्य हैं तथा उनमें छह महिलाएं हैं। मिश्रा के अनुसार उन्होंने माओवादी विचारधारा से निराशा होकर और जंगल के जीवन में कठिनाइयों का हवाला देते हुए यहां वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने कहा कि वे राज्य सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से भी प्रभावित हैं तथा उन्हें अखबारों और स्थानीय ग्रामीणों के माध्यम से पता चला कि उनके कई पूर्व सहयोगी स्वास्थ्य सुविधाओं, आवास और रोजगार के अवसरों के लाभ उठा रहे हैं। मिश्रा ने बताया कि नौ नक्सलियों में अंजू उर्फ कविता (40), बलदेव उर्फ वामनवट्टी, दमरू उर्फ महादेव (35) और सोनी उर्फ बुदरी (37) के सर पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम है। उन्होंने बताया कि एक अन्य प्रमुख कैडर, रंजीत उर्फ गोविंद पर पांच लाख रुपये का इनाम है।
अधिकारी ने बताया कि इन पांच नक्सलियों ने तीन एके -47 राइफल और दो ‘सिंगल लोडिंग राइफल (एसएलआर)' भी सुरक्षाबलों को सौंप दिया। उन्होंने बताया कि अन्य लोगों में पार्वती उर्फ सुक्की करम (37) पर पांच लाख रुपये का इनाम है तथा तीन अन्य कैडरों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम है। मिश्रा ने बताया कि 2004 से प्रतिबंधित संगठन से जुड़ी राज्य के सुकमा जिले की निवासी अंजू, गरियाबंद जिले में दर्ज 19 मामलों में वांछित थी, जबकि बस्तर जिले का बलदेव, गरियाबंद में 29 मामलों में वांछित था। उन्होंने बताया कि जिले में सभी सक्रिय माओवादी एरिया कमेटियों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने के लिए मनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस आत्मसमर्पण के साथ इस साल राज्य में अब तक 180 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।



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