भारत-फ्रांस के छात्रों, विश्वविद्यालयों के बीच आदान प्रदान सहयोग का महत्वपूर्ण क्षेत्र : फ्रांसिसी राजदूत
नयी दिल्ली. भारत में फ्रांस के राजदूत इमैनुअल लेनेन ने दोनों देशों के बीच छात्रों की गतिशीलता और विश्वविद्यालयों के बीच आदान-प्रदान को मजबूत बनाने को सहयोग का अहम क्षेत्र बताया और कहा कि फ्रांस चाहता है कि वर्ष 2025 तक कम से कम 20 हजार भारतीय छात्र वहां के शैक्षणिक संस्थानों से जुड़ें । उन्होंने यहां बोन्जूर इंडिया महोत्सव को भारत की आजादी के 75 वर्ष को प्रतिबिंबित करने वाला बताया।
बोन्जूर इंडिया भारत के 19 शहरों में 14 मई तक आयोजित किया जा रहा है। इसके बाद भारतीय दूतवास द्वारा फ्रांस में ‘नमस्ते भारत' महोत्सव आयोजित किया जायेगा । लेनेन ने कहा कि हम एक दूसरे के यहां आवाजाही को बढ़ावा देने तथा स्वास्थ्य, युवाओं के व्यवसायिक एवं पेशेवर संबंधों को मजबूत बनाने और भारतीय छात्रों के साथ बहुविषयक शोध के परिवेश के निर्माण सहित द्विपक्षीय सहयोग को संरचनाबद्ध करने पर ध्यान केंद्रित करने जा रहे हैं । उन्होंने कहा, ‘‘ हमारा ध्यान दोनों देशों के बीच छात्रों की गतिशीलता और विश्वविद्यालयों के बीच आदान-प्रदान को मजबूत बनाने पर होगा । हम शिक्षा के लिये ज्यादा से ज्यादा भारतीय छात्रों को आमंत्रित करना चाहते हैं और चाहते हैं कि 2025 तक कम से कम 20,000 छात्र फ्रांस में आएं ।'' फ्रांस के राजदूत ने कहा कि हमारी साझेदारी के भविष्य के लिए किया जाने वाला यह सबसे अच्छा निवेश होगा। भारत की नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति की कई विशेषताएं हैं जो उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि इससे विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ दोहरी डिग्री के विकास में मदद मिलेगी तथा उच्च शिक्षा एवं शोध के बहुविधक एवं अंत:विषयक परिदृश्य से हाल ही में विकसित ‘वन हेल्थ' जैसे नये क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जा सकेगा। लेनेन ने कहा कि भारत और फ्रांस के विद्वान मिलकर लाइफ साइंस, चिकित्सा शोध, सामाजिक विज्ञान जैसे क्षेत्र में शोध के जरिये ज्ञान को समृद्ध बनायेंगे। उन्होंने कहा कि नयी शिक्षा नीति के क्रेडिट ट्रांसफर व्यवस्था के प्रावधान से भारतीय और विदेशी विश्वविद्यालयों के बीच शिक्षा एवं संयुक्त उपक्रमों के निर्माण की प्रक्रिया आसान हो जाएगी तथा छात्रों को कई नये विकल्प मिल जायेंगे । उन्होंने कहा कि फ्रांस शोध, उच्च शिक्षा एवं व्यवसाय कौशल विकास में इस प्रगति का हिस्सा बनना चाहता है। उन्होंने फ्रांस में पढ़ाई करने के लिए भारतीय छात्रों को अनेक तरह की छात्रवृत्ति प्रदान किये जाने का भी उल्लेख किया । उन्होंने कहा कि दोनों ही देश बेहतरीन फिल्म उद्योग के लिये जाने जाते हैं और हम फ्रांस को भारतीय फिल्मों की शूटिंग के लिये एक आकर्षक स्थल के रूप में विकसित करना चाहते हैं ।


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