रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा - यदि सीमापार से आतंकवादी भारत को निशाना बनाते हैं तो भारतीय जवान सीमा पार करने में संकोच नहीं करेंगे
नई दिल्ली। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि यदि आतंकवादी बाहर से भारत पर हमला करते हैं तो वह सीमापार करने में नहीं हिचकिचाएगा। वे शनिवार को असम के गुवाहाटी में 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के नायकों को सम्मानित करने के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत-बांग्लादेश सीमाओं पर शांति के कारण पूर्वोत्तर के राज्य तेजी से विकास कर रहे हैं।
श्री सिंह ने कहा कि सशस्त्र बल, कभी भी किसी राज्य में सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम नहीं चाहते हैं, लेकिन परिस्थितियों के कारण ऐसा करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में जमीनी स्थिति में सुधार हुआ है वहां से यह अधिनियम हटाया जा रहा है।
रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि भारत पहले रक्षा उत्पादों का आयात करता था लेकिन अब वह विभिन्न देशों को इनका निर्यात कर रहा है। भारत रक्षा उत्पादों के निर्यात में 25वें स्थान पर है। 2024-25 तक 35 हजार करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादों के निर्यात का लक्ष्य रखा गया है। असम के मुख्यमंत्री डॉक्टर हिमंत बिस्वा सरमा ने इस अवसर पर कहा कि 1971 का यह युद्ध इस उपमहाद्वीप के इतिहास में एक ऐतिहासिक घटना है। उन्होंने कहा कि इस युद्ध में असम के लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने मुक्ति वाहिनी को सहायता दी और लोगों को आश्रय दिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कार्यवाही में जीवन का बलिदान देने वाले सशस्त्र बलों के जवानों के लिए अनुग्रह राशि 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी गई है और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का भी फैसला किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी नौकरियों में पूर्व सैनिकों को 2 प्रतिशत आरक्षण देने का भी निर्णय लिया गया है। असम सरकार ने बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान अपनी विशिष्ट सेवाओं और बलिदान के लिए असम के 105 युद्ध नायकों को सम्मानित किया। इस युद्ध के दौरान जो 9 कर्मी वीरगति को प्राप्त हुए थे, उनकी पत्नियों और बच्चों ने सम्मान ग्रहण किया। इस कार्यक्रम में सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल काजी सज्जाद अली ज़हीर भी उपस्थित थे, उन्हें बांग्लादेश सरकार ने सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार बीर प्रतीक और स्वतंत्रता पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्हें 2021 में भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्मश्री प्रदान किया गया था। इस अवसर पर राज्यपाल जगदीश मुखी और बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त विक्रम के. दोरईस्वामी तथा सशस्त्र बलों के वरिष्ठ कर्मी मौजूद थे। बाद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुवाहाटी में चल रहे सातवें भारत औद्योगिक मेले, 2022 का दौरा किया।

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