भारतीय नौसेना, अरब सागर और अदन की खाड़ी में डकैती तथा ड्रोन रोधी छह युद्धपोत तैनात करेगी
नई दिल्ली। नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि भारत ने अपनी समुद्री क्षमता बढ़ाने के लिए समुद्री डकैती (एंटी पायरेसी) रोकने और ड्रोन रोधी गतिविधियों में छह युद्धपोत तैनात किए हैं।
कल नई दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि इन कार्यों के लिए पोतों की संख्या बढाई जा सकती है। नौसेना प्रमुख ने बताया कि इससे संबंधित एक प्रस्ताव सरकार के पास भेजा गया है और इसकी जल्दी ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि यह तैनाती अरब सागर और अदन की खाड़ी में चुनौती से निपटने के लिए व्यापक पहल का हिस्सा है।
नौसेना की तैयारियों के बारे में उन्होंने कहा कि कुछ युद्धपोत ड्रोन रोधी क्षमताओं से लैस हैं और नौसेना अन्य युद्धपोतों में भी यह तकनीक लगाने के लिए काम कर रही है। ड्रोन रोधी गतिविधियों में जीपीएस जैमर्स, सतह से हवा में मार करने वाली प्रक्षेपास्त्र और लैजर उपकरण शामिल हैं।
हाल में अरब सागर में अपहृत पोत एम.वी.लिली नोरफोक में तैनात 15 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने से संबंधित समुद्री डकैती पर कार्रवाई करने के बारे में नौसेना प्रमुख ने कहा कि मुसीबत में पड़े नागरिकों की मदद करना हमारी राष्ट्रीय नीति है और सूडान तथा यूक्रेन में भी ऐसा ही किया गया था। उन्होंने कहा कि नौसेना अपने नागरिकों को कहीं से भी निकालने का चुनौतीपूर्ण कार्य करती है।
एडमिरल हरि कुमार ने कहा कि नौसेना अधिकारियों को किसी भी परिस्थिति में समुद्री डकैती रोकने के लिए कार्रवाई करने और हिंद महासागर क्षेत्र को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।








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