श्री जगन्नाथ मंदिर विरासत गलियारा परियोजना का मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने उद्घाटन किया
पुरी । ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और पुरी के पूर्व राजा, गजपति दिव्यसिंघा देबा ने पुरी में श्रीमंदिर परिक्रमा परियोजना के उद्घाटन के लिए अनुष्ठान में भाग लिया।पुरी में बहुप्रतीक्षित 800 करोड़ रुपये की श्रीमंदिर परिक्रमा प्रकल्प या श्री जगन्नाथ मंदिर विरासत गलियारा परियोजना का आज मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने उद्घाटन किया। इस परियोजना में तीर्थयात्रियों के लिए पार्किंग क्षेत्र, श्री सेतु, श्री दंड या सड़क, तीर्थयात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए बडा दंड तक एक समानांतर मार्ग, तीर्थयात्री केंद्र, विश्राम सुविधाएं, सामान घर, प्रसाधन और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। इस ऐतिहासिक पावन अवसर पर समूचे तीर्थ शहर पुरी को फूलों, प्रकाश और भित्तिचित्रों से सजाया गया है।
क्यों खास है जगन्नाथ मंदिर कॉरिडोर
ओडिशा में पुरी जिले में स्थित जगन्नाथ धाम के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए यहां हेरिटेज कॉरिडोर विकसित किया गया है। इस परियोजना को श्रीमंदिर परिक्रमा प्रकल्प (एसपीपी) नाम भी दिया गया है। खास बात यह है कि इसके ठीक पांच दिन बाद अयोध्या के नवनिर्मित मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। जगन्नाथ मंदिर चार प्रमुख धामों में से एक है। महाप्रभु श्री जगन्नाथ, बहन देवी सुभद्रा और बड़े भाई महाप्रभु बलभद्र की पूजा पुरी में की जाती है। जगन्नाथ मंदिर की चारदीवारी के 75 मीटर के कॉरिडोर के भीतर के क्षेत्र को विकसित किया गया है।
अक्तूबर 2019 में परियोजना को ओडिशा कैबिनेट से हरी झंडी मिली थी। नवंबर 2019 में इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण किया गया, जबकि इसका काम पिछले महीने ही पूरा हुआ है। 3200 करोड़ की इस परियोजना को कई भागों में बांटा गया था। अकेले श्री जगन्नाथ हेरिटेज कॉरिडोर के लिए 800 करोड़ रुपये आबंटित किए गए। इसके अलावा परियोजना में श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन भवन का पुनर्विकास, 600 लोगों की क्षमता वाला श्री मंदिर स्वागत केंद्र, जगन्नाथ सांस्कृतिक केंद्र, बदडांडा हेरीटेज स्ट्रीट स्केप, समुद्र तट विकास, पुरी झील और मूसा नदी पुनरुद्धार योजना समेत कई काम शामिल हैं।
राज्य सरकार ने पुरी के अंदर यातायात की भीड़ से बचने के उद्देश्य से पर्यटकों को सीधी पहुंच प्रदान करने के लिए 200 करोड़ रुपये की लागत से 2.3 किमी लंबे 4-लेन श्री सेतु (ट्रम्पेट ब्रिज) का निर्माण कराया है। इसके अतिरिक्त, 90 करोड़ रुपये की लागत वाली 630 मीटर लंबी सड़क (श्री डांडा) भी बनाई गई है।
परियोजना में और क्या बनाया गया है?
7-मीटर ग्रीन बफर जोन
10-मीटर अंतर (आंतरिक) प्रदक्षिणा
14-मीटर लैंडस्केप जोन
8-मीटर बाह्य (बाहरी) प्रदक्षिणा
10 मीटर का सार्वजनिक सुविधा क्षेत्र
4.5 मीटर सर्विस लेन
हेरिटेज कॉरिडोर में तमाम सुख-सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कई निर्माण किए गए हैं, जैसे
मुख्य वस्त्र कक्ष
मिनी क्लोक रूम
सूचना सह दान कियोस्क
श्री जगन्नाथ रिसेप्शन सेंटर (एसजेआरसी)
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) कार्यालय
आश्रय मंडप
शौचालय
पुलिस सेवा केंद्र
एटीएम कियोस्क
विद्युत कक्ष
प्राथमिक चिकित्सा केंद्र
परियोजना से क्या बदलेगा?
श्रीमंदिर परिक्रमा प्रकल्प परियोजना के जरिए पुरी शहर को एक नया रूप दिया गया है। हेरिटेज कॉरिडोर को एक बड़े खुले स्थान में बनाया गया है, क्योंकि रथ यात्रा सहित मंदिर के कई त्योहार यहीं से शुरू होते हैं। इससे श्रद्धालुओं का बड़ा जमावड़ा सुरक्षित माहौल में हो सकेगा। 75 मीटर के श्री जगन्नाथ हेरिटेज कॉरिडोर (एसजेएचसी) के भीतर मौजूद मठ मंदिरों के पुनर्विकास कार्य किए गए हैं। इन मठ मंदिरों का पुनर्विकास संबंधित मठ की सामान्य और विशिष्ट परंपराओं में वास्तुकला की कलिंगन शैली को ध्यान में रखकर किया गया है।








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