भारतीय युद्धपोत ने अपहृत जहाज और चालक दल को सुरक्षित रिहा कराया
नयी दिल्ली। सोमालिया के पूर्वी तटीय क्षेत्र में तैनात एक भारतीय नौसैनिक युद्धपोत ने ईरान के झंडे वाले एक जहाज और उसके चालक दल के 17 सदस्यों को सुरक्षित रिहा कराया जिसका कुछ समुद्री लुटेरों ने अपहरण कर लिया था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय नौसेना ने कल रात जहाज से मिली अपहरण की सूचना पर फौरन कार्रवाई की।
नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने कहा, ‘‘सोमलिया के पूर्वी तटों और अदन की खाड़ी में जलदस्यु रोधी अभियानों के लिए तैनात आईएनएस सुमित्रा ने ईरान के ध्वजवाहक मछली पकड़ने वाले जहाज ईमान के अपहरण के संबंध में सूचना पर कार्रवाई की। जहाज पर जलदस्यु चढ़ गए थे और चालक दल को बंधक बना लिया गया था।'' उन्होंने बताया कि आईएनएस सुमित्रा ने जहाज को रोका और समुद्री लुटेरों को चालक दल तथा जलपोत की सुरक्षित रिहाई के लिए बाध्य करने के वास्ते स्थापित मानक चालक प्रक्रियाओं (एसओपी) के अनुरूप काम किया। मधवाल ने बताया कि जहाज पर चालक दल के सभी 17 सदस्यों और नौका को सफलतापूर्वक मुक्त कराया गया।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हिंद महासागर क्षेत्र में जलदस्यु रोधी और समुद्री सुरक्षा अभियानों में भारतीय नौसैनिक युद्धपोतों की तैनाती समुद्र में सभी जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के प्रति भारतीय नौसेना के दृढ़संकल्प को दर्शाती है।'' इससे दो दिन पहले भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस विशाखापत्तनम ने एक वाणिज्यिक तेल टैंकर जहाज पर लगी आग को बुझा दिया था जिस पर भारतीय चालक दल के 22 सदस्य सवार थे। इस पर अदन की खाड़ी में एक मिसाइल से हमला किया गया था।

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