राज्यसभा में एक निजी सदस्य विधेयक संविधान (संशोधन) विधेयक, 2022 को आज वापस ले लिया गया
नई दिल्ली। राज्यसभा में एक निजी सदस्य विधेयक संविधान (संशोधन) विधेयक, 2022 को आज वापस ले लिया गया। यह प्रस्ताव मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी नेता वी. सिवादासन ने राज्यपालों की नियुक्ति की वर्तमान प्रणाली में बदलाव की मांग करते हुए पेश किया था।
गृह राज्यमंत्री अजय कुमार भट्ट ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राज्यपाल राज्य के लिए एक अभिन्न भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने इस बात पर विस्तार से विचार किया कि राज्यपालों की नियुक्ति कैसे की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्यपालों को पार्टी लाइन से ऊपर उठकर बिना किसी पक्षपात के लोगों की भलाई के लिए काम करना होगा। श्री भट्ट ने कहा कि विधेयक में प्रस्तावित संशोधन देश के संघीय ढांचे के विरूद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ऐसे संशोधन लाने में विश्वास नहीं करती जिससे लोगों को फायदा न हो। उन्होंने कहा कि सरकार संविधान का सम्मान करने और जीवन में सुगमता के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में विश्वास करती है।चर्चा का उत्तर देते हुए डॉक्टर शिवदासन ने कहा कि राज्यपालों की नियुक्ति की वर्तमान प्रणाली को समाप्त किया जाना चाहिए। आज के विधायी कार्य संपन्न होने के बाद राज्यसभा दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।








.jpg)

Leave A Comment