बहुलवादी स्वास्थ्य प्रणाली स्थापित करने के लिए आयुष-स्वास्थ्य मंत्रालय करे सहयोग : संसदीय समिति
नयी दिल्ली. एक संसदीय समिति ने आयुष मंत्रालय को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ सहयोग करने की सिफारिश की है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्वास्थ्य कर्मी एकीकृत प्रणालियों के महत्व को समझ सकें। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय से संबंधित संसदीय स्थायी समिति ने शुक्रवार को संसद में प्रस्तुत अपनी रिपोर्ट ‘‘भारत में राष्ट्रीय आयुष मिशन की समीक्षा'' में कहा, सहयोग का उद्देश्य एक बहुलवादी स्वास्थ्य प्रणाली स्थापित करना है, जो आबादी की विविध आवश्यकताओं को पूरा करती है। समिति ने स्कूली पाठ्यक्रम में आयुष प्रणालियों के बारे में जागरूकता को शामिल करने का भी सुझाव दिया। समिति के मुताबिक, आयुष और आधुनिक चिकित्सा के बीच के अंतर को पाटने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा। समिति ने रिपोर्ट में कहा, ‘‘मरीजों के अनुकूल परिणाम के लिए विभिन्न प्रणालियों के स्वास्थ्य प्रदाताओं के बीच संवाद को सुविधाजनक बनाना अनिवार्य है। चिकित्सा छात्रों और चिकित्सकों में आधुनिक चिकित्सा एवं पारंपरिक चिकित्सा के एकीकरण का समर्थन करने वाला दृष्टिकोण पैदा करने के लिए भारतीय चिकित्सा शिक्षा में पर्याप्त सुधार आवश्यक है।'' समिति ने कहा कि चीन की तरह, 12,500 स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र (अब इसका नाम बदलकर आरोग्य मंदिर) स्थापित करने के आयुष मंत्रालय के प्रयास आयुष को एक औषधीय प्रणाली के रूप में स्थापित करने में एक लंबा रास्ता तय करते हैं, ताकि सार्वभौमिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के उद्देश्यों को पूरा करने की क्षमता विकसित की जा सके। उन्होंने कहा, ‘‘चीन की तरह ही भारत सरकार को भी सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए गरीबी उन्मूलन पहल के साथ आयुष प्रणाली को एकीकृत करने के तरीके ईजाद करने चाहिए।''








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