लंबाई पहुंची 8 फीट से ऊपर, देखते ही शादी से इंकार कर देती हैं लड़कियां
प्रतापगढ़ । उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के रहने वाले धर्मेंद्र प्रताप सिंह के लिए उनकी लंबाई मुसीबत बन गई है। लंबाई की वजह से ही उनकी शादी नहीं हो पा रही हैं। वे 8 फीट 2 इंच के हो चुके हैं और उनकी लंबाई बढ़ती ही जा रही है। वे जहां जाते हैं, लोगों के लिए कौतूहल का विषय बन जाते हैं। उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है।
धर्मेंद्र 45 वर्ष के हो चुके हैं और अभी तक वह अविवाहित हैं। उन्होंने बताया कि कई रिश्तेदारों ने उनकी शादी करवानी चाही, लेकिन इसमें सफलता हासिल नहीं हुई। उन्होंने बताया कि मेरी लंबाई देखकर लड़कियां मुझसे शादी करने से इनकार कर देती हैं। अब उन्होंने शादी करने और अपना परिवार बसाने की उम्मीद छोड़ दी है। धर्मेंद्र प्रतापगढ़ के नरहरपुर कसियाही गांव में रहते हैं समाजवादी पार्टी से जुड़े हैं। चुनाव के दौरान वे पार्टी के लिए प्रचार करते हैं और एक प्रमुख प्रचारक के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। धर्मेंद ने मास्टर की डिग्री हासिल की है। धर्मेन्द्र बताते हैं कि वे जब भी दिल्ली के कनॉट प्लेस और मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया में जाते हैं, लोग उन्हें देखकर रोमांचित हो जाते हैं। कोई उन्हें उपहार दता है, तो कोई सेल्फी लेता है, तो कोई कुछ आर्थिक मदद कर देता है, लेकिन लॉकडाउन और कोरोना काल के कारण उन्होंने यात्राएं बंद कर दी हैं जिससे उनकी आय का ये साधन बंद हो गया है और उनके पास नौकरी भी नहीं है। धर्मेंद्र ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की अपील की है। उनका कहना है मैं भारत का सबसे लंबा व्यक्ति हूं ,इसलिए कोई ना शादी करने को तैयार है,और ना ही नौकरी देने के लिए, कोरोना काल में अब बाहर निकालना और भीड़ लगाना भी मुश्किल है। अगर योगी सरकार चाहे तो सरकार की योजनाओं के प्रचार -प्रचार में उनका उपयोग कर उनको रोजगार दे सकती है, जिससे उनकी आर्थिक हालत ठीक हो जाएगी।
कुछ समय पहले धर्मेंद्र को गठिया के दर्द के कारण चलने में परेशानी हो रही थी। जिसके बाद उन्होंने अहमदाबाद में एक बाइलेट्रल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी कराई। अस्पताल प्रशासन को धर्मेन्द्र की लंबाई के कारण उनके लिए अलग से व्यवस्था करनी पड़ी। बिस्तर से लेकर ऑपरेशन थियेटर की मेज तक सब कुछ उनकी लंबाई के अनुसार करना पड़ा। यहां तक धर्मेंद्र की सर्जरी के लिए जिन चीजों का इस्तेमाल किया गया, उन्हें विशेष रूप से चेन्नई से लाया गया, क्योंकि वे सामान्य आकार की नहीं थी।








.jpg)
.jpg)
Leave A Comment