भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राज्यसभा सदस्य के रूप में संभाली नई जिम्मेदारी
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने गुरुवार को राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ ली। राज्यसभा में सदन की कार्रवाई प्रारंभ होने के कुछ देर बाद ही राज्यसभा में नए सदस्यों को शपथ दिलाई गई। शपथ लेने वालों में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के अलावा भाजपा के वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े, कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी, असम से प्रमोद बोरो व बिहार से उपेंद्र कुशवाहा शामिल रहे।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का बतौर सांसद यह पहला कार्यकाल है। वह बिहार से राज्यसभा के सांसद चुने गए हैं। बिहार से ही भाजपा के शिवेश कुमार ने भी राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ ली। बिहार से निर्वाचित जनता दल यूनाइटेड के रामनाथ ठाकुर ने भी सांसद के तौर पर शपथ ली। असम से भाजपा के तेराश गोवाला, जोगेन मोहन, यूपीपी (एल) के प्रमोद बोरो ने शपथ ली। हरियाणा से भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध ने राज्यसभा सदस्य की शपथ ली।
इसके अलावा, तेलंगाना से कांग्रेस के वेम नरेंद्र रेड्डी और अभिषेक मनु सिंघवी और हिमाचल प्रदेश से कांग्रेस के अनुराग शर्मा ने राज्यसभा की शपथ ली। महाराष्ट्र से भाजपा के विनोद तावड़े, ओडिशा से भाजपा के सुजीत कुमार, छत्तीसगढ़ से भाजपा की लक्ष्मी वर्मा व कांग्रेस की फूलोदेवी नेताम ने शपथ ली। गौरतलब है कि गुरुवार को संसद में देश की महान पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन का उल्लेख किया गया। सांसदों ने पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता मोहसिना किदवई के निधन पर भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन को बताया कि विख्यात गायिका आशा भोसले ने अपने आठ दशकों से अधिक लंबे करियर में हजारों गीतों को अपनी आवाज दी और भारतीय संगीत जगत में एक अलग पहचान बनाई। उन्हें पद्म भूषण, दादा साहेब फाल्के पुरस्कार और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया। आशा भोसले का 12 अप्रैल 2026 को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनका जन्म 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था।
सदन को यह भी बताया गया कि मोहसिना किदवई का 8 अप्रैल 2026 को 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह राज्यसभा की सदस्य रहीं और छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने राज्यसभा में दो कार्यकाल पूरे किए। उनका जन्म 1 जनवरी 1932 को उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में हुआ था। करीब छह दशकों लंबे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा और विधान परिषद के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों में सेवा दी। वह उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहीं और केंद्र सरकार में भी कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। उनके निधन को देश ने एक अनुभवी जननेता, कुशल प्रशासक और प्रतिष्ठित सांसद की क्षति बताया। सदन ने दोनों महान हस्तियों के निधन को देश की अपूरणीय क्षति बताया। अंत में सभी सदस्यों ने खड़े होकर दिवंगत आत्माओं की स्मृति में मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।









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